samacharsecretary.com

रोजगार बढ़ाने की बड़ी पहल: उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, तय हुए कड़े मानक

लखनऊ प्रदेश में युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास व्यवस्था का विस्तार किया गया है। प्रदेश में 800 से अधिक प्रशिक्षण साझेदारों को जोड़ा गया है, जिनके माध्यम से युवाओं को नई तकनीक, आधुनिक उद्योगों और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण व्यवस्था में निजी संस्थानों के साथ बड़े औद्योगिक समूहों, सरकारी संस्थानों और स्टार्टअप को भी शामिल किया गया है। सभी श्रेणियों के प्रशिक्षण साझेदारों के लिए कड़े पात्रता मानक तय किए गए हैं, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार सुनिश्चित किया जा सके। नई तकनीक और भविष्य की जरूरतों वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के लिए न्यू एज ट्रेनिंग पार्टनर्स (एनटीपी) को शामिल किया गया है। इनके लिए कम से कम तीन वर्ष पुराना पंजीकरण, एक करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार, 500 प्रशिक्षित अभ्यर्थी, 50 प्रतिशत प्लेसमेंट और कम से कम दो संचालित प्रशिक्षण केंद्र होना अनिवार्य किया गया है। प्राइवेट ट्रेनिंग पार्टनर्स (पीटीपी) के तहत 500 से अधिक संस्थानों को पैनल में शामिल किया गया है। इनके लिए तीन वर्ष का अनुभव, पिछले तीन वर्षों में औसतन दो करोड़ रुपये का कारोबार, कम से कम 2,000 युवाओं को प्रशिक्षण और 1,000 को रोजगार दिलाने का अनुभव जरूरी है। इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग पार्टनर्स (आइटीपी) के रूप में 35 प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों को फ्लेक्सी एमओयू के माध्यम से जोड़ा गया है। इनमें रेमंड, काफी डे ग्लोबल लिमिटेड, मारुति इंडिया लिमिटेड और फ्यूचर शार्प स्किल्स लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनके लिए 100 करोड़ रुपये का औसत कारोबार, हर वर्ष कम से कम 500 युवाओं को प्रशिक्षण, न्यूनतम तीन वर्ष का अनुबंध और 80 प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इसके अलावा 300 से अधिक सरकारी ट्रेनिंग पार्टनर्स (जीटीपी) भी इस अभियान से जुड़े हैं। वहीं, स्टार्टअप ट्रेनिंग पार्टनर्स (एसटीपी) के माध्यम से नवाचार आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। इनके लिए वैध पंजीकरण, कम से कम 25 लाख रुपये का कारोबार, पर्याप्त प्रशिक्षण ढांचा, प्रशिक्षित प्रशिक्षक, ब्लैकलिस्ट न होने व राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित करने जैसी शर्तें निर्धारित की गई हैं।

पन्ना पुलिस की बड़ी सफलता, त्वरित कार्रवाई से अपहृत युवक सकुशल बरामद

पन्ना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहृत युवक सकुशल दस्तयाब 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग करने वाले आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश जारी पन्ना "देशभक्ति, जनसेवा" के मूल मंत्र के अनुरूप मध्यप्रदेश पुलिस ने पन्ना जिले में अपहरण के एक गंभीर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक को सकुशल दस्तयाब कर मानवीय संवेदनशीलता, तकनीकी दक्षता एवं प्रभावी पुलिसिंग का परिचय दिया है। विषम परिस्थितियों में पूरी रात चलाए गए सर्च ऑपरेशन के परिणामस्वरूप युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। 27 जून की रात्रि लगभग 8:00 बजे थाना पवई क्षेत्र से सूचना प्राप्त हुई कि स्थानीय कपड़ा व्यापारी श्री राजेश कुमार डेंगरे के 20 वर्षीय पुत्र अंशुल उर्फ कान्हा का अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अपहरण कर लिया गया है तथा उसकी रिहाई के लिए 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना पवई पुलिस ने मामले की गंभीरता से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। साथ ही तकनीकी विश्लेषण एवं डिजिटल इनपुट के लिए साइबर सेल को तत्काल सक्रिय किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की। रात्रि के दौरान लगातार वर्षा, घने जंगल एवं दुर्गम मार्ग जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद पुलिस बल ने कई किलोमीटर तक पैदल सर्च अभियान संचालित किया। लगातार प्रयासों एवं सुनियोजित रणनीति के परिणामस्वरूप पुलिस टीम ने हथकुरी के समीप जंगल क्षेत्र से अपहृत युवक अंशुल उर्फ कान्हा को सकुशल दस्तयाब कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिशें दी जा रही है। पुलिस द्वारा प्रकरण के सभी पहलुओं की गंभीरता एवं निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। मामले में संलिप्त आरोपियों की पहचान कर ली गई है तथा उनकी शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी गंभीर अपराध की सूचना पर त्वरित, प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सतत कार्यरत है।  

जनजातीय छात्रावासों के विद्यार्थियों को बढ़ी शिष्यवृत्ति, सरकार ने जारी किए नए आदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने वर्ष 2026-27 में छात्रावास एवं आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति की दरों में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए सतत‍निर्णय ले रही है। इसी क्रम में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि अनुसूचित जनजाति के छात्रावास/आश्रमों में रहने वाले छात्र/छात्राओं की शिष्यवृत्ति की दरों को प्रत्येक वर्ष माह मार्च के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर निर्धारित कर माह जुलाई में छात्रावास / आश्रम प्रारंभ होने से प्रभावशील होगी। जारी आदेश के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वर्ष 2026-27 के लिए शिष्यवृत्ति की नई दरें निर्धारित की गई हैं। अब छात्रावास एवं आश्रमों में रहने वाले बालक विद्यार्थियों को 1,720 रुपये प्रतिमाह तथा बालिका विद्यार्थियों को 1,770 रुपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति प्रदान की जाएगी।  

ओबीसी छात्रों के लिए मुफ्त कंप्यूटर प्रशिक्षण, 10 जुलाई तक करें ऑनलाइन आवेदन

 लखनऊ   उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारपरक योजनाओं को नई दिशा मिली है। इसी क्रम में पिछड़ा वर्ग के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई ओ लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना युवाओं के लिए बड़ी सौगात बनकर सामने आई है। योगी सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दिया है। इच्छुक छात्र-छात्राएं 10 जुलाई 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट http://obccomputertraining.upsdc.gov.in पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 1 अगस्त 2026 से प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। नीलिट से मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है प्रशिक्षण पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित इस योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के युवक-युवतियों को 'ओ' लेवल और 'सीसीसी' कंप्यूटर प्रशिक्षण निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना का लाभ उन्हीं ओबीसी छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जिन्होंने इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया हो। साथ ही उनके माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय 1 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। इसके अलावा लाभार्थी किसी अन्य शिक्षण संस्थान से छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं कर रहा हो। विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण भारत सरकार की नीलिट से मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से कराया जाता है।  तीन महीने में पूरा होता है सीसीसी कोर्स 'ओ' लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण की अवधि एक वर्ष निर्धारित है,  जबकि 'सीसीसी' कोर्स तीन महीने में पूरा होता है। दोनों ही पाठ्यक्रम रोजगार की दृष्टि से बेहद उपयोगी माने जाते हैं। इस योजना के तहत 'ओ' लेवल प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 15,000 रुपये की राशि सरकार द्वारा वहन की जाती है। वहीं 'सीसीसी' प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 3,500 रुपये का भुगतान सीधे विभाग द्वारा किया जाता है। इससे छात्रों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता है और वे पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर पाते हैं। पिछले वर्ष हजारों छात्रों ने प्रशिक्षण किया प्राप्त वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के अंतर्गत कुल 29,191 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें 22,407 छात्रों ने 'ओ' लेवल और 6,784 छात्रों ने 'सीसीसी' कोर्स पूरा किया है। प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 299 संस्थाएं इस योजना के तहत चयनित हैं। इनमें 52 संस्थान केवल ओ लेवल, 43 संस्थान केवल सीसीसी और 204 संस्थान दोनों कोर्स संचालित कर रहे हैं।  पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने सभी पात्र छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे 10 जुलाई 2026 तक विभाग की ओर से जारी आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन जरूर करें। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल युवाओं को डिजिटल रूप से दक्ष बनाएगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए सक्षम बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संत कबीर महोत्सव में मुख्यमंत्री साय और राज्यपाल गहलोत ने किया वृक्षारोपण, सेवा और समरसता का दिया संदेश

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और कर्नाटक के राज्यपाल  थावरचंद गहलोत आज राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल  थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल  थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है।

प्रदेशभर में धर्मकांटों की जांच अभियान, 18 जब्त, अनियमितताओं पर चार लाख रुपये के करीब जुर्माना

जयपुर उपभोक्ता मामलात मंत्री श्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार राज्य में निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा उपभोक्ताओं के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा 23 से 25 जून तक प्रदेशभर में धर्मकांटों (वे-ब्रिज) का विशेष सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया।  अभियान के दौरान कुल 311 धर्मकांटों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में 179 संस्थानों पर विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए 3 लाख 99 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं गंभीर अनियमितताओं के मामलों में 18 धर्मकांटे भी जब्त किए गए।  निरीक्षण में 116 मामलों में बिना सत्यापन के धर्मकांटे संचालित पाए गए। इसके अलावा 98 मामलों में सत्यापन प्रमाण-पत्र प्रदर्शित नहीं किया गया, 48 मामलों में मानक बाट सत्यापित नहीं मिले, जबकि 27 संस्थानों पर अनिवार्य एक टन मानक भार उपलब्ध नहीं था। वहीं 2 मामलों में निर्धारित अधिकतम स्वीकार्य त्रुटि से अधिक वजन पाया गया, जिससे व्यापारिक लेन-देन की पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित होने की आशंका है।  जिला स्तर पर ब्यावर में सर्वाधिक 34 हजार 500, चूरू में 30 हजार, हनुमानगढ़ में 26 हजार, अलवर में 22 हजार 500 तथा अजमेर में 18 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। साथ ही अलवर जिले में सर्वाधिक 9 धर्मकांटे जब्त किए गए। विभाग की ओर से बताया कि व्यापारिक लेन-देन में उपयोग होने वाले सभी धर्मकांटों का समय पर सत्यापन कराना, सत्यापन प्रमाण-पत्र का सार्वजनिक प्रदर्शन करना तथा निर्धारित मानक भार उपलब्ध रखना अनिवार्य है। इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिक माप विज्ञान अधिनियम एवं नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी धर्मकांटा संचालकों से अपील की है कि वे अपने उपकरणों का समय पर सत्यापन कराएं, आवश्यक मानक भार उपलब्ध रखें तथा सभी वैधानिक प्रावधानों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। विभाग द्वारा भविष्य में भी प्रदेशभर में ऐसे विशेष निरीक्षण अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे, ताकि व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और उपभोक्ताओं का विश्वास कायम रखा जा सके।

इन्फ्लुएंसर मीट से चमकेगा छत्तीसगढ़ पर्यटन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दुनिया देखेगी प्रदेश की खूबसूरती

इन्फ्लुएंसर मीट से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक पहचान, डिजिटल मंचों पर गूंजेंगी प्रदेश की खूबसूरती पाँच दिवसीय फेम टूर में मैनपाट, सतरेंगा और रामगढ़ महोत्सव का अनुभव ले रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, करोड़ों दर्शकों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय वैभव रायपुर डिजिटल माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड द्वारा 26 से 30 जून 2026 तक पाँच दिवसीय "इन्फ्लुएंसर मीट एवं फेमिलराइजेशन (फेम) टूर" का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि उनके माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार देश और दुनिया तक पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन मैनपाट, प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण सतरेंगा तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के रामगढ़ महोत्सव का भ्रमण कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान इन्फ्लुएंसर्स प्राकृतिक छटा, जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक लोककलाओं, पर्यटन सुविधाओं और सांस्कृतिक आयोजनों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही वे विभिन्न डिजिटल मंचों के लिए आकर्षक फोटो, वीडियो और रचनात्मक सामग्री तैयार कर रहे हैं, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की विशेषताएं लाखों दर्शकों तक पहुंचेंगी। मैनपाट अपनी मनोहारी वादियों, तिब्बती संस्कृति, झरनों और प्राकृतिक आकर्षणों के कारण प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विशेष स्थान रखता है। वहीं सतरेंगा इको-टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ गंतव्य है, जहां विशाल जलाशय, प्राकृतिक वातावरण और रोमांचक गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इसके साथ ही रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से प्रतिभागी छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं और ऐतिहासिक विरासत से भी रूबरू हो रहे हैं। यह आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा के नेतृत्व, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य के सक्षम संचालन तथा उपमहाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा के निर्देशन में छत्तीसगढ़ टूरिज़्म बोर्ड की टीम द्वारा सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। आयोजन का अंतिम दिन 30 जून को निर्धारित है। डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर्यटन प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। ऐसे में इस इन्फ्लुएंसर मीट के माध्यम से तैयार की जा रही डिजिटल सामग्री छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के करोड़ों लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता और दृश्यता बढ़ेगी, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, हस्तशिल्प, लोककला, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।  इस प्रकार के नवाचार आधारित प्रचार अभियान राज्य को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आगामी समय में भी पर्यटन के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे अभिनव प्रयास निरंतर किए जाते रहेंगे।

ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी, पुरुष और महिला वर्ग में छह-छह टीमें खेलेंगी

नई दिल्ल  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) ने सोमवार को लास एंजिलिस-2028 ओलंपिक के क्वालिफिकेशन की घोषणा कर दी है। इन खेलों के साथ ही क्रिकेट की ओलंपिक में लंबे अंतराल बाद वापसी हो रही है। इसके लिए पहली बार आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर का आयोजन किया जाएगा। आईसीसी ने बयान जारी कर बताया है कि पुरुष और महिला दोनों वर्ग में छह-छह देश हिस्सा लेंगे। इसमें अफ्रीका, एशिया, यूरोप और ओसनिया को निश्चित तौर पर जगह मिलेगी। ऐसा होगा क्वालिफिकेशन हर इवेंट के लिए पांच क्वालिफिकेशन जगह आईसीसी के मौजूदा टूर्नामेंट्स और टी20 रैंकिंग के आधार पर तय की जाएंगी और ये मौजूदा एफटीपी के हिसाब से होगा जो पहले से ही मंजूर किया जा चुका है। वहीं छठे और आखिरी स्थान का फैसला नए आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर से होगा जो 2027 में होगा। इस समय खेले जा रहा आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप-2026 से एक स्थान पक्का हो गया है। ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन (इंग्लैंड), भारत और साउथ अफ्रीका ने एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ओसनिया से उच्च रैंकिंग के आधार पर क्वालिफाई कर लिया है। ये जगह एक उपमहाद्वीप के आधार पर तय हुई हैं। वेस्टइंडीज को नहीं मिलेगा मौका इन खेलों में वेस्टइंडीज की टीम दिखाई नहीं देगी और न ही उसे कोटा मिलेगा क्योंकि वह एक ऐसा आईसीसी सदस्य है जिसमें कई कैरिबियन देश हैं जो आईओसी से नेशनल ओलंपिक कमेटी (एनओसी) के तौर पर मान्यता प्राप्त नहीं हैं। अगर उनकी पुरुष और महिला टीम 31 दिसंबर 2026 तक रैंकिंग में शीर्ष आठ टीमों में शामिल रहती है तो इसके लिए अलग से एक कैरिबियन क्वालिफायर इवेंट कराया जाएगा जिससे ये तय होगा कि कौनसी एनओसी आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर में हिस्सा लेगी। जहां तक अमेरिका की बात है तो वह बतौर मेजबान के तौर पर क्वालिफाई करेगा और पुरुष तथा महिला इवेंट दोनों में खेलेगा। अगर अमेरिका महिला टीम सभी पैमानों पर खरी नहीं उतरती है तो फिर ये जगह क्वालिफाई नहीं कर पाए देशो में एक मार्च 2027 तक सबसे ऊंची रैंकिंग रखने वाली टीम को दी जाएगी। अमेरिका की पुरुष टीम के साथ भी यही होगा बस रैंकिंग की तारीख एक मार्च की जगह 31 दिसंबर 2026 होगी। पुरुष वर्ग में बाकी की जगह आईसीसी टी20 रैंकिंग के हिसाब से तय होंगी। दोनों वर्गों में आखिरी स्थान आईसीसी ओलंपिक क्वालिफायर 2027 से तय होगा जिसमें आठ देश हिस्सा लेगे। इस टूर्नामेंट की तारीखें जल्दी ही सामने आएंगी। ऐसा होगा फॉर्मेट आईसीसी ने बताया है कि जो देश ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेंगे उनको तीन-तीन टीमों के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। हर टीम एक-दूसरे के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी। वहीं दो मैच दूसरे ग्रुप की उन टीमों से खेलेगी जो समान स्थान पर नहीं होंगी। टॉप-2 टीमें गोल्ड और सिल्वर के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। वहीं तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलेंगी। पुरुष और महिला वर्ग में मिलाकर कुल 28 मैच खेले जाएंगे। ये सभी मैच पोमोना में क्रिकेट के लिए बनाए गए खास स्टेडियम में होंगे।

छत्तीसगढ़ के 813 हज यात्रियों की सफल वापसी, राज्य हज कमेटी ने किया भव्य स्वागत

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य से हज कमेटी के माध्यम से हज यात्रा पर गए सभी हज यात्री हज की इबादत सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकुशल स्वदेश लौट आए हैं । राज्य के हाजियों का अंतिम जत्था आज मुंबई पहुंचा । मुंबई में एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्जा एजाज़ बेग ने अगवानी करते हुए समस्त हाजियों की गुलपोशी की । छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि, हज 2026 के लिए राज्य गठन उपरांत से अब तक की सर्वाधिक संख्या में राज्य के 29 जिलों से हज यात्री प्रस्थान किये  कुल 813 हज यात्रियों की स्वदेश वापसी पूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि, इस वर्ष राज्य से 417 पुरुष एवं 396 महिला हज यात्रियों ने हज 2026 की सआदत  हासिल की। राज्य के हज यात्रियों द्वारा चुने गये विकल्प अनुसार मुम्बई ईम्बारकेशन प्वाइंट से 451, नागपुर से 290, दिल्ली से 14, अहमदाबाद से 02, बैंगलोर से 06, हैदराबाद से 42, जयपुर से 01, लखनऊ से 05 एवं कोलकाता से 02 हाजियों की सकुशल स्वदेश वापसी संपन्न हुई। राज्य के हज यात्रियों का मुंबई एम्बार्केशन प्वाइंट पर आज अंतिम जत्था दिनांक 29/06/2026 को मुंबई एम्बार्केशन प्वाइंट पहुंचा। हज यात्रियों की वापसी के अवसर पर राज्य हज कमेटी द्वारा हाजियों का एयरपोर्ट में गुलपोशी से इस्तकबाल किया गया एवं लगेज उपरांत प्रत्येक हाजी को पवित्र जल ज़म ज़म उपलब्ध कराया गया।  सभी हाजियो ने राज्य हज कमेटी के द्वारा की गई बेहतरीन व्यवस्था के लिए देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी,प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी, डॉ. श्याम बिहारी जायसवाल कैबिनेट मंत्री छ.ग.शासन का आभार व्यक्त किया। हज कमेटी के चेयरमैन बेग ने बताया कि, हज यात्रियों की सुविधाओं में वृद्धि करते हुए हज कमेटी द्वारा हज 2026 के हज यात्रियों को, 20 दिवस शाॅर्ट हज पैकेज, ऑनलाइन डाक्यूमेंट अपलोडिंग, पासपोर्ट जमा नहीं करने की सुविधा, प्रत्येक जिले में स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण की सुविधा, संभाग स्तरीय विशेष हज प्रशिक्षण की सुविधा,  हज के दौरान बुलेट एवं मेट्रो ट्रेन से यात्रा की सुविधा, मीना में प्रत्येक हाजी का नाम एवं कवर नंबर युक्त सोफा कम बेड की सुविधा  उपलब्ध कराई गई जिससे हज यात्रियों की यात्रा  आरामदायक रही। राज्य के  हज यात्रियों के मुंबई एम्बार्केशन प्वाइंट के अंतिम जत्थे की वापसी के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग, हज कमेटी के सदस्य मौलाना अमीर बेग, कार्यपालन अधिकारी/सचिव डॉ. खुशबू उस्मान उपस्थित रहें।

Akanksha Chamola News: विवादों के बाद क्या ‘लॉक-अप’ में दिखेंगी आकांक्षा चमोला? जानें पूरी कहानी

मुंबई  एक्टर गौरव खन्ना की पत्नी और टीवी एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने लॉक अप सीजन 2 की शुरुआत में ही सबको अपने तलाक की खबर से चौंका दिया. लेकिन इसी के साथ उन्होंने ये भी बताया वो एक साल से अलग रह रहे हैं. साथ ही गौरव और उनके बीच कोई तल्खी नहीं है. दोनों दोस्त की तरह हैं।  आकांक्षा ने बिना कोई गिल्ट शो किए अपने ऊपर लगे उन आरोपों का भी जिक्र किया,  जिन वजहों से वो अक्सर ट्रोल होती हैं. एक्ट्रेस ने बताया कि उन्हें किसी भी चीज का कोई मलाल नहीं है, लोग जिस वजह से उनसे नफरत कर रहे हैं, शो के बाद उसी वजह से वो उनसे प्यार भी करेंगे।       आरोपों की डिटेल देते हुए आकांक्षा ने कहा कि लोगों को मुझसे बहुत सारे इशूज हैं. लोग मुझे बोलते हैं कि मैं बहुत बड़ी अटेंशन सीकर हूं, मैं फेम की भूखी हूं. मैं पति के फेम का फायदा उठा कर आगे बढ़ रही हूं. मैं मां नहीं बनना चाहती. मैंने भाभी पोर्न किया है। आकांक्षा की बातें सुनकर फराह ने कहा कि 192 देशों की अनडिवाइडेड जनता और यहां के सारे कैमराज सिर्फ तुम्हें ही देखेंगे और जानना चाहेंगे कि तुम अपने ऊपर लगे इन आरोपों को कैसे साफ करती हो. एक्ट्रेस ने बताया कि वो एक डीवा हैं, गौरव खन्ना की पत्नी होना एक अलग पार्ट है मेरी लाइफ का।  आकांक्षा ने जिन आरोपों का जिक्र किया वो उनसे अक्सर जुड़े रहे हैं. एक्ट्रेस हमेशा से अपने पब्लिकली शेयर किए डांस वीडियोज को लेकर सुर्खियों में आ जाती हैं. यूजर्स इन्हें अश्लील तक करार देते हैं. इनपर कई बार विवाद हो चुका है। वहीं कई बार आकांक्षा को इस बात के लिए खरी खोटी सुननी पड़ी है कि वो जब पति गौरव के साथ होती हैं तो कुछ ऐसा कर जाती हैं जिससे सारी लाइमलाइट उनपर आ जाती है. कुछ वक्त पहले ही एक पैप वीडियो वायरल हुआ था जहां वो अपनी गर्ल फ्रेंड्स के साथ अचानक कैमरा के आगे डांस करने लगी थीं. इस पर एक्ट्रेस को भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।    आकांक्षा तब भी चर्चा में आई थीं जब एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान वो अपने को-एक्टर्स के साथ ज्यादा ही इंटीमेट तरीके से डांस करते हुए दिखी थीं. इस वीडियो ने सबका ध्यान खींच लिया था. हालांकि आकांक्षा ने जो सफाई दी वो और भी हैरान कर देने वाला था।           आकांक्षा ने कहा था कि वो उस दौरान बहुत असहज हो गई थीं, उन्होंने जो कपड़े पहने थे वो तो अनकम्फर्टेबल थे ही. साथ ही उनके को-एक्टर्स भी डांस करते हुए ज्यादा ही एक्साइटेड हो गए थे. उनके इस स्टेटमेंट से दोनों ही को-एक्टर्स काफी नाराज हुए थे।जनवरी 2026 में आकांक्षा ने एक क्रिप्टिक पोस्ट से शादी में अनबन का हिंट दिया था. उन्होंने लिखा था कि जिस रिश्ते की बुनियाद में सिर्फ जरूरतें हो, वहां दिल हमेशा कुर्बान होता है. हालांकि इस पोस्ट को करने के बाद उन्होंने तलाक की बातों को खारिज कर इसे सीरीज से जोड़ दिया था।  कपल के बीच तकरार की खबरें तब भी आई थीं, जब गौरव ने बिग बॉस में कहा था कि वो पिता बनना चाहते हैं लेकिन पत्नी बच्चा नहीं चाहतीं. इसलिए उन्होंने अपनी खुशी को ताक पर रख पत्नी की मर्जी से चलने का फैसला लिया है. आकांक्षा हो या गौरव दोनों ने ही अपने आप को हैप्पी कपल की कैटेगरी में डाला।  हालांकि आकांक्षा और गौरव के तलाक की खबर ने फैंस का दिल तोड़ दिया है. लेकिन लॉकअप शो की अभी शुरुआत हुई है, माना जा रहा है कि एक्ट्रेस अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़े कई और खुलासे कर सकती हैं. कपल ने 2016 में शादी की थी, इनके रिश्ते को 10 साल हो चुके हैं।