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सुबह जल्दी उठने की सलाह: ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान और साधना के फायदे

आजकल के लोगों की सुबह की शुरुआत अलार्म की तेज आवाज और भागदौड़ के साथ शुरू होती है. लेकिन, सद्गुरु इस बारे में थोड़ा हटकर सोचते हैं. उनके अनुसार, सुबह उठने का सबसे सही समय करीब 3 बजकर 20 मिनट से लेकर 3 बजकर 40 मिनट के बीच होता है. इस समय को ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है. माना जाता है कि इस दौरान शरीर और प्रकृति की ऊर्जा एकदम संतुलन में होती है. इसी वजह से यह समय ध्यान, योग और दिन की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. क्या होता है ब्रह्म मुहूर्त? सद्गुरु के मुताबिक, ब्रह्म मुहूर्त सुबह सूरज निकलने से करीब डेढ़ घंटे पहले का समय होता है. पुराने समय में इसे पूजा-पाठ, ध्यान और साधना के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता था. इस समय आसपास का माहौल बहुत शांत होता है. शरीर भी इस समय ज्यादा एक्टिव रहता है. इसलिए इस दौरान ध्यान लगाने से मन जल्दी गहराई में जाता है और एक अलग तरह की शांति महसूस होती है. ब्रह्ममुहूर्त सुबह 3 बजकर 20 मिनट या 3 बजकर 40 मिनट के आसपास शुरू होता है. इसलिए इस समय उठना अच्छा माना जाता है क्योंकि इस दौरान शरीर सही तरीके से काम करता है, दिमाग ज्यादा साफ रहता है और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होती है. साथ ही मन और शरीर में संतुलन बना रहता है, जिससे दिन की शुरुआत अच्छी होती है. साधना के लिए है अच्छा समय सद्गुरु कहते हैं कि सुबह का यह वक्त यानी ब्रह्म मुहूर्त भगवान की साधना, ध्यान और प्राणायाम के लिए सबसे बढ़िया होता है. इस वक्त माहौल बहुत शांत होता है, इसलिए चीजों पर आसानी से ध्यान लगाया जा सकता है. दरअसल, सूरज निकलने से पहले आसपास शोर-शराबा बहुत कम होता है. ऐसे में जब आप उठते हैं, तो दिमाग ज्यादा सही से चलता है और आप अपने दिन की प्लानिंग अच्छे से कर सकते हैं. साथ ही, सुबह जल्दी उठने से पूरे दिन का मूड सेट हो जाता है. इससे आप दिनभर शांत रहते हैं और बिना जल्दबाजी या गुस्से के सही फैसले ले पाते हैं. ब्रह्म मुहूर्त में क्या करें? सद्गुरु के मुताबिक, सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इस समय नहाने से शरीर ही नहीं, मन भी साफ और हल्का महसूस करता है. इससे मन की नकारात्मकता दूर होती है और दिन की शुरुआत पॉजिटिव तरीके से होती है. यह स्नान शरीर को ताजगी देता है, ऊर्जा बढ़ाता है और मन को शांत करता है. नियमित रूप से ऐसा करने से इंसान शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनता है. इसके बाद पूजा-पाठ या मंत्र जाप करना भी अच्छा माना जाता है. पूजा के बाद तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है. साथ ही तुलसी में जल चढ़ाने से भी सकारात्मक परिणाम मिलते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और करियर में आने वाली रुकावटें भी दूर हो सकती हैं.

SRH और PBKS के बीच टक्कर, प्लेऑफ रेस तेज

हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 49वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का मुकाबला पंजाब किंग्स (PBKS) से 6 मई को होगा। इस सीजन में SRH ने अपने 10 में से 6 मैच जीते हैं और 4 में हार झेली है। वहीं, PBKS ने अपने 9 में से 6 मुकाबले जीते हैं और 3 में शिकस्त का सामना किया है। ऐसे में आइए मैच से जुड़ी जरूरी बातों पर एक नजर डालते हैं। SRH का पलड़ा रहा है भारी IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच अब तक 25 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान SRH ने 17 मैच जीते हैं। PBKS की टीम सिर्फ 8 मैच जीतने में सफल हो पाई है। IPL 2026 की पहली भिड़ंत में PBKS ने SRH को 6 विकेट से हराया था। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच 1 मैच हुआ था, जिसे SRH ने 8 विकेट से अपने नाम किया था। ऐसी हो सकती है PBKS की प्लेइंग इलेवन PBKS को अपने आखिरी मैच में गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ हार मिली थी। उस मैच में PBKS की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 163/9 का स्कोर भी बना सकी थी और फिर लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी थी। अब अगले मैच में PBKS की टीम अपने बल्लेबाजों से अच्छा प्रदर्शन चाहेगी। संभावित एकादश: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्या, कूपर कॉनॉली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, नेहाल वढेरा, मार्को यानसन, जेवियर बार्टलेट, अर्शदीप सिंह, और युजवेंद्र चहल। इस संयोजन के साथ उतर सकती है SRH SRH को अपने पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ हार मिली थी। उस मैच में SRH की पारी 165 रन पर सिमट गई थी। SRH की टीम अभिषेक और हेड की सलामी जोड़ी से अच्छी शुरुआत की उम्मीद करेगी। बता दें कि अभिषेक जोरदार फॉर्म में चल रहे हैं। संभावित एकादश: अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, अनिकेत वर्मा, नितीश रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, हर्षल पटेल, और ईशान मलिंगा। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर SRH: प्रफुल्ल हिंगे, हर्ष दुबे, लियाम लिविंगस्टोन, साकिब हुसैन, और जीशान अंसारी। PBKS: शशांक सिंह, विष्णु विनोद, प्रवीण दुबे, लॉकी फर्ग्यूसन और हरप्रीत बरार। कैसी होगी पिच की स्थिति? राजीव गांधी क्रिकेट स्‍टेडियम की पिच पर गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिलती है। हालांकि, तेज गेंदबाजों की तुलना में स्पिन गेंदबाज थोड़े असरदार साबित होते हैं। तेज गेंदबाजों को विकेट चटकाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। एक बार बल्लेबाजों की यहां नजरें जम जाती है तो आसानी से बड़े-बड़े शॉट लगते हैं। हाउस्टेट के मुताबिक, यहां पहली पारी का औसत स्कोर 164 रन है। यहां सर्वोच्च स्कोर SRH (286/6 बनाम RR, 2025) ने ही बनाया है। कैसा रहेगा मौसम? एक्यूवेदर के मुताबिक, 6 मई को हैदराबाद में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने की उम्मीद है। मैच के दौरान बारिश की कुछ खास संभावना नहीं है। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होंगी नजरें SRH के अभिषेक ने 10 पारियों में 48.88 की औसत और 206.57 की स्ट्राइक रेट के साथ 440 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक शामिल है। प्रभसिमरन ने 8 पारियों में 51.57 की औसत और 174.39 की स्ट्राइक रेट से 361 रन अपने नाम किए हैं, जिसमें 4 अर्धशतक शामिल है। गेंदबाजी में SRH के ईशान मलिंगा ने 10 मुकाबलों में 21.73 की औसत के साथ 15 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? SRH और PBKS के बीच यह मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला: आवासीय और औद्योगिक जमीन की कीमतों में इजाफा

नोएडा नोएडा ने जमीन खरीदना अब और महंगा होने जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय, संस्थागत, औद्योगिक आदि संपत्तियों की आवंटन दरें 11 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया है। नई दरें एक-दो दिन में लागू हो जाएंगी। बीते वर्षों में आवासीय आदि संपत्तियों में करीब पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी होते आ रही थी। इस बार सबसे अधिक वृद्धि करने की तैयारी है। नोएडा में हर साल संपत्ति महंगी होती जा रही है। शहर में मध्यम वर्ग के लोगों के लिए संपत्ति खरीदना सपने जैसा होता जा रहा है। मांग अधिक होने की वजह से प्राधिकरण भी आवंटन दरें हर वर्ष बढ़ा रहा है। इसी क्रम में अब आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत, ग्रुप हाउसिंग आदि संपत्ति की आवंटन दरों में 11 प्रतिशत बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। नई दरों को लेकर कार्यालय आदेश इसी सप्ताह जारी हो जाएगा। ऐसे में कुछ दिन बाद से प्राधिकरण संपत्तियों का आवंटन नई दरों के हिसाब से करेगा। आवंटन रेट बढ़ने का असर प्राधिकरण में हस्तांतरण होने वाली संपत्ति के शुल्क पर भी पड़ेगा। यह शुल्क भी महंगा हो जाएगा। गौरतलब है कि इस महीने ग्रेटर नोएडा ने भी संपत्ति की दरों में करीब साढ़े तीन प्रतिशत बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण की ओर से कराए कराने वाले काम पर खर्च यानि कोस्टिंग चार्ज अधिक आने की वजह से इस बार अधिक प्रतिशत में संपत्ति की दरें बढ़ाने का निर्णय गया है। औद्योगिक संपत्तियों में भी 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। फेज-1 में चार हजार वर्ग मीटर तक के औद्योगिक भूखंड का आवंटन रेट 55,880 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। फेज-2 में 60 हजार वर्ग मीटर से बड़े भूखंड का शुल्क 20 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर रखा गया है। व्यावसायिक संपत्तियों के दाम नहीं बढ़ेंगे प्राधिकरण की हर श्रेणी की संपत्ति बिक रही है। खरीदार आरक्षित मूल्य से कई गुना अधिक बोली लगाकर उसको प्राप्त कर रहे हैं। इन सबके बीच व्यावासयिक संपत्ति खरीदने के लिए खरीदार आगे नहीं आ रहे। इस वजह से प्राधिकरण ने इस बार भी व्यावसायिक संपत्ति की दरों में कोई इजाफा नहीं करने का निर्णय लिया है। आवासीय श्रेणी की आवंटन दरें श्रेणी    वर्तमान दरें    प्रस्तावित दरें ए प्लस    175000    175000 ए    132860                  147480 बी    92620                  102810 सी    67440                   74860 डी    56370                   62570 ई    51000                  56610         नोट- दरें रुपये प्रतिवर्ग मीटर आवासीय श्रेणी के हिसाब से सेक्टर ● सी: 42, 43,45,63ए, 104, 107, 110,118,119, 120,121, 128, 129,130, 131,133,134, 135,137, 143,143बी,144,151,168 ● डी: 86,112,113, 116,117 ● ई: 102,115,158,162 ● ए प्लस: सेक्टर-14ए, 15ए 44 (ब्लॉक ए और बी) ● ए: 14,17,19,30,35,36,39, 44,47,50,51,52,93,93ए,93बी ● बी: 11,12,15,20,21,22,23, 25 से 29,31,33,34,37,40,41, 46, 48, 49,53,55,56,61,62, 70,78,82,92,96 से 100,105, 108,122

सवाई माधोपुर में खौफ का माहौल: गांवों तक पहुंचा केपी-2 चीता

रणथंभौर सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व इन दिनों खौफनाक स्थिति का गवाह बन गया है. एक साथ तीन खूंखार 'शिकारी' बाघ, तेंदुआ और चीता घूमते नजर आ रहे हैं. करीब 20 दिन पहले मध्यप्रदेश के कुनो से भटककर आया केपी-2 चीता अब गांवों में भी भटकता दिख रहा है. इससे रणथंभौर से सटे गांवों में दहशत है. जोन 8, 9 और 10 में चीते का मूवमेंट नजर आने के साथ ही आबादी क्षेत्रों में भी दस्तक है. जानकारी के अनुसार, यह चीता सबसे पहले रणथंभौर की पालीघाट रेंज के पास देखा गया था. इसके बाद यह अलग-अलग जोन और गांवों के आसपास घूमता रहा है. फिलहाल इसका मूवमेंट जोन 10 और आसपास के इलाकों में बना हुआ है. खेती-किसानी प्रभावित, फसलें सूखने लगी जिले के कैलाशपुरी, दुमोदा और मोजीपुरा गांवों में इस चीते की मौजूदगी ने ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है. यहां अमरूदों के बगीचे में पिछले कई दिनों से चीते की आवाजाही बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि वे अपने खेतों और बगीचों में जाने से डर रहे हैं. खेती-किसानी का काम पूरी तरह प्रभावित हो चुका है. गर्मी की फसलें सूखने लगी हैं, क्योंकि सिंचाई और देखभाल नहीं हो पा रही है. बच्चों को लेकर परिवार चिंतित चीता पालतू पशुओं का भी शिकार कर चुका है. इससे कई गांव में डर और गहरा हो गया है. किसी अनहोनी की आशंका से दहशत में रह रहे लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं. किसानों की चिंता बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा है. जिन रास्तों से बच्चे स्कूल जाते हैं, उन्हीं इलाकों में चीते का मूवमेंट बना हुआ है. ऐसे में कई बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं और परिवारों ने उन्हें घरों में ही रहने की हिदायत दी है. ग्रामीण बोले- मॉनिटरिंग काफी नहीं वन विभाग की टीमें लगातार चीते की निगरानी कर रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ निगरानी से समस्या का समाधान नहीं होगा. उन्होंने वन अधिकारियों से चीते को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मांग की है.

महिला सुरक्षा में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, जयपुर पुलिस में सर्जरी

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर इलाके में बीते दिनों एक गर्भवती महिला के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले में अब पुलिस महकमे के भीतर बड़ी कार्रवाई हुई है. पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सख्त रुख अपनाते हुए जवाहर सर्किल थाना प्रभारी (CI) आशुतोष कुमार को तुरंत प्रभाव से पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है. इस मामले में पहले ही दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है, लेकिन अब मंगलवार (05 मई, 2026) को गाज थाना प्रभारी पर भी गिरी है. क्यों हुई यह कार्रवाई? यह पूरा मामला 16 अप्रैल को सामने आया था, जब राहुल गुर्जर नाम के आरोपी ने एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह गलत हरकत की थी. इस घटना से पूरे शहर के लोगों में गुस्सा था. आरोप था कि शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में ढिलाई बरती और आरोपी को पकड़ने के बावजूद छोड़ दिया गया था. मामले की गंभीरता और जनता के आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने अब थाना स्तर पर यह बड़ी सर्जरी की है. आरोपी राहुल गुर्जर फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है. जयपुर पुलिस में 5 CI के तबादले पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केवल जवाहर सर्किल ही नहीं, बल्कि कुल 5 पुलिस निरीक्षकों (Inspectors) के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं. जवाहर सर्किल थाने की कमान अब महेश चंद गुर्जर को सौंपी गई है, जो इससे पहले जवाहर नगर थाना प्रभारी थे. उनकी जगह सरला यादव को जवाहर नगर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है. वहीं, जितेन्द्र कुमार वर्मा को बजाज नगर थाने की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, बजाज नगर की थाना प्रभारी पूनम चौधरी को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है. लापरवाही बर्दाश्त नहीं पुलिस कमिश्नरेट की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जहां आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें एमपी के बीहड़ों तक पहुंच गई थीं, वहीं थाने के भीतर हुई शुरुआती लापरवाही ने विभाग की छवि पर सवाल खड़े किए थे. अब नए प्रभारियों की नियुक्ति के साथ लोगों ने उम्मीद जताई जा रही है कि इलाके में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली में सुधार होगा.

चार राज्यों की जीत के बाद BJP का फोकस अब झारखंड पर

 दुमका  देश के 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अब भाजपा की नजर झारखंड पर है। आने वाले समय में भाजपा अन्य राज्यों की तरह यहां भी सरकार बनाने का प्रयास करेगी। यह बात भाजपा के सारठ से पूर्व विधायक रणधीर सिंह ने सोमवार को अदालत से बरी होने के बाद कही। उन्होंने कहा कि असम में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा तीसरी बार सत्ता संभालने जा रही है। पांडिचेरी में वापसी की है। ओडिशा में भाजपा सत्ता में आ गई। बंगाल में 15 साल के बाद भाजपा सत्ता में आई है। बिहार में तो पहले ही सरकार अब बन गई। इन विधानसभा चुनाव के नतीजे तो केवल झांकी है, झारखंड अब बाकी है। उन्होंने कहा कि बंगाल में 2021 में ही भाजपा सत्ता में आ जाती। आज केंद्रीय बल ने जिस तरह से जनता को भय मुक्त होकर मतदान का माहौल दिया, अगर पांच साल पहले ऐसा माहौल मिल जाता तो दूसरी बार भाजपा की सरकार बनती। लोगों ने भय मुक्त होकर वोटिंग की और घरों से बाहर निकलने का साहस किया। वहां के मतदाताओं का ही प्रयास है कि पहली बार भाजपा सरकार सत्ता में आई है। अब बंगाल का विकास होगा और बांग्ला देशी से लगने वाली सीमाओं की घेराबंदी की जाएगी। यह वीडियो भी देखें बांग्लादेशी घुसपैठिया को बाहर का रास्ता दिखाकर सभी धर्म के लोगों के साथ मिलकर इसे विकसित राज्य बनाया जाएगा। पश्चिम बंगाल की गिनती अब विकसित राज्यों की श्रेणी में होगी। राज्य में SIR पर रहेगी नजर : प्रदीप कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने बंगाल की जीत पर तंज कसते हुए कहा कि अगर प्रशासन किसी पार्टी के एजेंट के रूप में काम करता है तो वहां न्याय बहुत मुश्किल है। हमने जिनके हाथ में न्याय की बागडोर दी है, अगर वहीं एकतरफा होकर काम करने लगे तो हमें यहां आकर सोचना, लगता है कि पागलपन है। कांग्रेस राज्य के SIR पर कमर कसे हुए है। हम हर बूथ पर अपने एजेंट देंगे। प्रयास करेंगे कि किसी का नाम कटे और छटे नहीं। चार राज्यों में भाजपा को मिली जीत का असर झारखंड में नहीं पड़ेगा, लेकिन यह तो वक्त बताएगा। एक सवाल पर कहा कि अगर भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता में आती तो बधाई क्या मिठाई तक खिला देते। लोकतंत्र की हत्या करने वालों को बधाई देने का मतलब है कि उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है। यह तो मानव हिंसा से बड़ी हिंसा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिस तरह से लोकतंत्र व संविधान बचाने का प्रयास कर रहे हैं, उससे लगता है कि यहां की जनता उनका साथ देगी। हम सत्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। सत्य की जीत होकर रहेगी।

काशी विश्वनाथ धाम बना वैश्विक आस्था केंद्र, योगी सरकार के प्रयासों से बढ़ा पर्यटन

 लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का असर धरातल पर दिखने लगा है। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अकेले मार्च के महीने में लगभग 65 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। यह आंकड़ा न केवल उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की नई ऊंचाई को दर्शाता है, बल्कि योगी सरकार द्वारा सुधारी गई सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था पर मुहर भी लगाता है। संकरी गलियों से भव्य कॉरिडोर तक का सफर कभी तंग गलियों और भारी भीड़ के बीच घंटों इंतजार के लिए जानी जाने वाली काशी आज अपने नए और दिव्य स्वरूप 'काशी विश्वनाथ धाम' के कारण दुनिया भर के पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है। योगी सरकार ने कॉरिडोर के माध्यम से मंदिर का गंगा से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित किया है, जिससे श्रद्धालुओं को अब एक ही परिसर में आध्यात्म और सुकून का अनुभव होता है। व्यवस्थाओं में आए प्रमुख बदलाव     स्मार्ट कतार प्रबंधन: डिजिटल निगरानी और सुव्यवस्थित क्यू (Queue) सिस्टम के कारण अब लाखों की भीड़ होने पर भी दर्शन सहजता से हो रहे हैं।     बुनियादी सुविधाएं: परिसर में आधुनिक पेयजल केंद्र, स्वच्छ शौचालय, विश्रामालय और बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।     गंगा क्रूज और कनेक्टिविटी: घाटों का सौंदर्यीकरण और गंगा में क्रूज संचालन ने पर्यटकों के लिए काशी दर्शन को और भी रोमांचक बना दिया है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला 'बूस्टर डोज' श्रद्धालुओं की इस रिकॉर्ड संख्या ने वाराणसी की स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक दी है। होटलों की बुकिंग से लेकर हस्तशिल्प, बनारसी साड़ी उद्योग और नाविकों तक, हर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से काशी आज आस्था और आधुनिकता का वैश्विक केंद्र बन गई है। रोप-वे परियोजना और स्मार्ट सिटी के कार्यों ने काशी की भव्यता में चार चांद लगा दिए हैं। यह वीडियो भी देखें सुरक्षा और स्वच्छता का नया मानक योगी सरकार ने मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा किया है, जिससे विदेशी पर्यटक भी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। साथ ही, 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत घाटों और मंदिर परिसर की नियमित सफाई ने काशी की वैश्विक छवि को निखारा है।  

कांके में आयुष और योग आधारित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की होगी स्थापना

 रांची राज्य सरकार ने देसी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना का निर्णय किया है। इस हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना कांके में होगी। इसके लिए रिनपास परिसर में जमीन चिह्नित की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए न केवल प्रस्ताव तैयार किया है, बल्कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में राशि का भी प्रविधान किया है। इस सेंटर की स्थापना का उद्देश्य आयुष चिकित्सा पद्धति के साथ-साथ देसी चिकित्सा से जुड़ी अन्य पद्धतियों को बढ़ावा देना है, जिनमें योगा भी प्रमुख है। प्रस्ताव के अनुसार, इस राज्य स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में देसी चिकित्सा पद्धतियों से उपचार के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने के लिए काउंसिलिंग की भी व्यवस्था होगी। बदलते लाइफ स्टाइल में बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के तरीकों से भी लोगों को अवगत कराया जाएगा। यहां मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर आदि की जांच की भी व्यवस्था होगी। बताते चलें कि केंद्र के सहयोग से राज्य के चयनित स्वास्थ्य उपकेंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) के रूप में अपग्रेड किया गया है। पहली बार राज्य एवं जिला स्तर पर इसके व्यापक स्वरूप में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना राज्य बजट से होगी। 23 जिलों में हेल्थ काटेज की भी स्थापना यह सेंटर एक माडल के रूप में काम करेगा। इसी की तर्ज पर रांची को छोड़कर शेष 23 जिलों में हेल्थ काटेज की भी स्थापना की जाएगी। यह राज्य स्तरीय हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का छोटा रूप होगा। बजट में इसके लिए भी राशि का प्रविधान किया गया है।  

10 हजार की पहली किस्त मिली, लेकिन 20 हजार के लिए नहीं मिल रहीं पात्र महिलाएं

 आरा भोजपुर जिले में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार की पहली किस्त हासिल करने वाली महिला लाभार्थियों की संख्या चार लाख सत्रह सौ साठ थी। इसके बावजूद जिले में करीब 22 हजार महिलाओं को राशि विलंब से आवेदन करने के कारण नहीं मिल सकी। उन्हें आज भी इस राशि का इंतजार है। वहीं, दूसरी किस्त के लिए योग्य महिला उद्यमी नहीं मिल रही हैं। जिनको 20-20 हजार रुपए दिए जाने हैं। मई माह में राज्य सरकार ने दूसरी किस्त जारी करने का निश्चय किया है। सभी जिले को पत्र देकर दूसरी किस्त के योग्य महिला उद्यमी की सूची सौंपनी है। भोजपुर जिले में भी सूची तैयार हो रही है। इसमें चौंकाने वाली रिपोर्ट आ रही है। सूची तैयार करने की जिम्मेदारी ग्राम संगठनों की है। जिले में 1582 ग्राम संगठन हैं। ग्राम संगठन मानक के अनुसार दूसरी किस्त के लिए योग्य जीविका दीदी को चयन कर रहे हैं। इन्हें मानक के अनुसार कुल लाभार्थी के पांच से छह प्रतिशत महिला उद्यमी मिले हैं। जिला जीविका दीदी के पदाधिकारी मनीष ने बताया कि जिले में पहली किस्त प्राप्त करने वाले अधिकांश महिला उद्यमी अभी अपना रोजगार शुरू नहीं की है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में दूसरी किस्त के लिए करीब 24 हजार महिला उद्यमी को मानक के अनुसार योग्य पाया गया है। दूसरी किस्त के लिए तैयार हो रहा आंकड़ा विगत फरवरी माह से जिले में महिला उद्यमियों को चयन करने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें महिला उद्यमी से 10 हजार रुपए की राशि, क्या रोजगार में शुरू किया, की जानकारी मांगी जाती है। इस बाबत ग्राम संगठनों ने सात प्रश्न सुनिश्चित किया है। जो महिला उद्यमी उसको पूरा करती हैं, उसी को 20-20 हजार रुपए की किस्त मिलेगी। इनका डेटा पोर्टल पर अपलोड हो रहा है। मुख्यालय भेजने के लिए आज मंगलवार तक अंतिम तिथि निर्धारित थी। आरा सदर प्रखंड में 1 प्रतिशत भी कम योग्य लाभार्थी भोजपुर जिले के सबसे अधिक शहरी इलाका आरा सदर प्रखंड में है। यहां पर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहली किस्त हासिल करने वाली महिलाओं की संख्या करीब 26 हजार रही है। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपए की राशि प्राप्त की है। इस प्रखंड में 120 ग्राम संगठन है। दूसरी किस्त के लिए सर्वे के बाद 234 जीविका दीदी को दूसरी किस्त के लायक पाया गया। यह संख्या कुल लाभार्थियों के एक प्रतिशत से भी कम है।

झारखंड आबकारी नीति विवाद: अनिल टुटेजा पर क्या हैं आरोप?

रांची  झारखंड के शराब घोटाला मामले में IAS अनिल टुटेजा को जमानत मिल गई है। उन पर झारखंड के अधिकारियों के साथ मिलकर आबकारी नीति में बदलाव करवाकर अपने पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने और करोड़ों रुपये का कमीशन कमाने का आरोप है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो साल्वेंट जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि कोर्ट ने ये शर्त रखी है कि अगर IAS ने जांच में किसी भी तरह की बाधा डाली, तो EOW अग्रिम जमानत के आदेश को रद कराने वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में टुटेजा को जांच में सहयोग करने व गवाहों को प्रभावित न करने की सख्त हिदायत भी दी है। अभी जेल से निकलना मुश्किल बता दें कि करीब एक सप्ताह पहले छत्तीसगढ़ के चर्चित डीएमएफ घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे अनिल टुटेजा की जमानत याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। ऐसे में उनका जेल से बाहर आना फिलहाल मुश्किल है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने अनिल टुटेजा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और आईपीसी की धारा 420, 120बी के तहत मामला दर्ज किया है। कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई नीति आरोप है कि टुटेजा और अन्य आरोपितों ने झारखंड में छत्तीसगढ़ के आबकारी मॉडल की तर्ज पर अवैध शराब का कारोबार चलाने के लिए सिंडिकेट बनाया था। सिंडिकेट ने झारखंड की आबकारी नीति में बदलाव करवाकर अपने पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया और करोड़ों रुपये का अवैध कमीशन कमाया। अपनी याचिका में टुटेजा ने ये लगाए आरोप वहीं, अनिल टुटेजा ने कोर्ट को बताया कि यह उसे हमेशा जेल में रखने की साजिश का मामला है। जब भी एक मामले में जमानत मिलने वाली होती है तो जेल में रखने के लिए एक नई FIR दर्ज कर दी जाती है। झारखंड पुलिस ने इसी मामले में अलग से एफआइआर दर्ज की है, लेकिन टुटेजा को आरोपित तक नहीं बनाया गया है। छापेमारी में नहीं मिली कोई अवैध संपत्ति याचिका में कहा है कि बीते पांच साल में पांच अलग-अलग एजेंसियों ने छापेमारी की, लेकिन उनके के पास से एक भी रुपए की बेहिसाब संपत्ति नहीं मिली। जांच एजेंसी के पास कोई डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड या वित्तीय लेनदेन का प्रमाण भी नहीं है, जो उसे झारखंड के अधिकारियों से जोड़ता हो। राज्य सरकार टुटेजा को बताया मास्टरमाइंड छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा, अनिल टुटेजा चावल मिलिंग, डीएमएफ, कोयला और शराब जैसे कई घोटालों का मास्टरमाइंड है। राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि टुटेजा ने रायपुर में बैठकें कर झारखंड के अधिकारियों के साथ साजिश रची, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। सिंडिकेट माडल के जरिए बेहिसाब संपत्ति अर्जित की गई।