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मुंबईवासियों के लिए अलर्ट: 5 और 6 मई को बड़ी पानी कटौती, कई इलाके होंगे प्रभावित

मुंबई मुंबई नगर निगम (BMC) ने शहर के पानी सप्लाई सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अमर महल में तैयार नए वॉटर टनल को मुख्य लाइन से जोड़ने के काम के चलते 5 मई (मंगलवार) सुबह 10 बजे से 6 मई (बुधवार) दोपहर 4 बजे तक करीब 30 घंटे पानी सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। इस पानी कटौती का असर दक्षिण और मध्य मुंबई के छह वार्डों पर पड़ेगा। किन इलाकों में रहेगा पानी बंद 30 घंटे तक पानी की कटौती का असर मुंबई के माटुंगा, सायन, वडाला, परेल, शिवड़ी, कुर्ला, साकीनाका, गोवंडी, मानखुर्द, चेंबूर, घाटकोपर और विद्याविहार समेत कई इलाकों पर पड़ेगा। बीएमसी के अनुसार, यह कटौती एफ/नॉर्थ (माटुंगा, सायन, वडाला), एफ/साउथ (परेल, शिवडी), एल वार्ड (कुर्ला, साकी नाकी), एम/ईस्ट (गोवंडी, मानखुर्द), एम/वेस्ट (चेंबूर) और एन वार्ड (घाटकोपर, विद्याविहार) के कई इलाकों को प्रभावित करेगी। क्यों जरूरी है यह काम बीएमसी ने बताया कि अमर महल में तैयार नई वॉटर टनल अब मुख्य जल आपूर्ति नेटवर्क से जोड़ी जा रही है। इससे शहर के पूर्वी उपनगरों में पानी सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा और भविष्य में पानी की कमी जैसी समस्याओं को कम किया जा सकेगा। इस परियोजना के तहत 1,800 मिमी व्यास की एक सुरंग का निर्माण किया जाएगा, साथ ही उससे जुड़े अन्य सहायक कार्य भी किए जाएंगे। इस दौरान बीएमसी तुर्भे के हाई-लेवल और लो-लेवल जलाशयों से मौजूदा सुरंगों के जरिए होने वाली जल आपूर्ति बंद देगी। प्रभावित इलाकों की पूरी सूची- एफ/नॉर्थ वार्ड – प्रतीक्षा नगर, शास्त्री नगर, संजय गांधी नगर, शांति नगर, एच एम रोड, के डी गायकवाड़ नगर, वडाला ट्रक टर्मिनस, न्यू कफ परेड, आल्मेडा कॉम्प्लेक्स, सायन (पूर्व) और सायन (पश्चिम) । एफ/साउथ वार्ड- डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग, दिनशॉ पेटीट मार्ग, डॉ. आर. एस. अर्नेस्ट बोर्जेस मार्ग, परमार गुरुजी मार्ग, गोखले मार्ग, दादासाहेब फाल्के मार्ग, गोविंदजी केणी मार्ग, जेरबाई वाडिया मार्ग, बी. जे. देवरुखकर मार्ग, सेंट पॉल मार्ग, सेंट जेवियर मार्ग, खशाबा मार्ग, महादेव पालव मार्ग, जीजीभॉय लेन, आचार्य डोंडे मार्ग, विठ्ठल चव्हाण मार्ग, जगन्नाथ भातणकर मार्ग, बाटलीवाला गली, चामर बाग मार्ग, आई माई मेरवानजी मार्ग, शिरोडकर मार्ग, चिवड़ा गली, साने गुरुजी मार्ग, आनंद मालवणकर मार्ग, गैस कंपनी गली। एल वार्ड- साबले नगर, संतोषी माता नगर, क्रांतिनगर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, न्यू तिलक नगर, कुरेशी नगर (कसाईवाड़ा), हिल मार्ग, ताड़ी पेठ, मुक्तादेवी मार्ग, गावदेवी मंडल, डोंगर क्षेत्र, पाटिल गली, गुलमोहर गली, पंचशील नगर, नेहरू नगर, शिव सृष्टि मार्ग, नाइक नगर, मदर डेयरी मार्ग, एस. जी. बर्वे मार्ग (कुर्ला पूर्व), केदारनाथ मंदिर रोड, नवरे बाग, कामगार नगर, हनुमान नगर, पुलिस कॉलोनी, कुर्ला कारशेड, रेलवे कॉलोनी, टैक्सिला नगर, चाफे गली, राहुल नगर, एवरार्ड नगर, पान बाजार, त्रिमूर्ति मार्ग, वी. एन. पुरव मार्ग, उमरवाड़ी मार्ग, अली दादा स्ट्रीट, स्वदेशी मिल चाल, चुनाभट्टी फाटक, म्हाडा कॉलोनी, समर्थ नगर। एम/ईस्ट वार्ड- लल्लुभाई कॉम्प्लेक्स, कमला रमण नगर, रमण मामा नगर, शिवाजी नगर, लोटस कॉलोनी, गौतम नगर, गायकवाड़ नगर, अयोध्या नगर, वाशी नाका, मानखुर्द, बैंगनवाड़ी, भारत नगर, म्हाडा बिल्डिंग्स, चिता कैंप, साठे नगर, जाकिर हुसैन नगर, देवनार गांव, देवनार वसाहत, न्यू भारत नगर, हशु अडवाणी नगर, नटवर पारेख कॉम्प्लेक्स, सह्याद्री नगर, वडवली गांव, बार्क वसाहत, डंपिंग सप्लाई, रफीक नगर, मंडाला गांव, न्यू मंडाला, पद्मा नगर, विष्णु नगर, एल. यू. गडकरी, आर. एन. ए. पार्क, कुकरेजा बिल्डिंग्स, महाराष्ट्र नगर, इंडियन ऑयल नगर, पाटिल मार्ग स्थित बी. डी. रिफाइनरी विभाग, एचपीसीएल और बीपीसीएल। एम/वेस्ट वार्ड- मैत्री पार्क, घाटला, चेंबूर गांव, सुभाष नगर, लालडोंगर, सिद्धार्थ वसाहत, स्वास्तिक पार्क, पोस्टल वसाहत, डब्ल्यू. टी. पटेल मार्ग, मुक्ति नगर, काशीनाथ पाटिल वाड़ी, संतोष नगर, केलकर वाड़ी, डायमंड गार्डन, सेंट्रल एवेन्यू मार्ग, एन. बी. पाटिल मार्ग, जनार्दन पाटिल मार्ग, घाटला गांव, सेंट एंथनी मार्ग, चंद्रोदय सोसायटी, एस. जी. बर्वे मार्ग, चराई गांव, बोरला सोसायटी। इसके अलावा, एम. एस. बिल्डिंग नंबर 1-32, चेंबूर कैंप, सिंधी कैंप, विजय विहार, सुमन नगर, भक्ति भवन, चिखल वाड़ी, समर्थ नगर, बसंत पार्क, गांधी बाजार, जनता बाजार, इंदिरा नगर, नवजीवन सोसायटी, गोल्फ क्लब, राम टेकड़ी, तोलाराम टावर, चेंबूर वसाहत, कोंकण नगर, गणेश नगर, विजय नगर, अशोक नगर, अन्नाभाऊ साठे मार्ग, सिंधी सोसायटी, कलेक्टरेट वसाहत, मरावली चर्च, आर. सी. रूट, महुल गांव, अंबापाड़ा गांव, मैसूर कॉलोनी, वाशी गांव, डीवाई बी रियल्टी बिल्डिंग, वडवली, शरद नगर, लक्ष्मी नगर, जनता नगर, वाशी नाका, जीजामाता नगर और भक्ति पार्क की सभी इमारतें। साथ ही तिलक नगर, सहकार नगर, वत्सलाताई नाइक नगर, श्रमजीवी नगर, पी. एल. लोखंडे मार्ग, एकता मित्र मंडल, मालेकर वाड़ी, पी. वाई. थोरात मार्ग, रमाबाई वसाहत, आमिर बाग, जनता नगर, मोतीलाल रेजिडेंशियल एसोसिएशन, कादरिया नगर, महात्मा फुले नगर, अजंता वसाहत, साहदीप वसाहत, मुकुंद नगर, पंजाबी चाल, नागे वाड़ी, छेड़ा नगर।  

रायगढ़ में 50 लाख के सामुदायिक भवन का लोकार्पण, नई सुविधा से क्षेत्रवासियों को मिलेगा लाभ

रायपुर : 50 लाख की लागत से बने सामुदायिक भवन का लोकार्पण, रायगढ़ को मिली नई सौगात सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा भवन : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी नालंदा परिसर और नव गुरुकुल जैसी योजनाओं से शिक्षा व युवा सशक्तिकरण को मिल रही नई दिशा रायपुर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने  रायगढ़ नगर निगम के वार्ड क्रमांक 6 में 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित आधुनिक सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनकर स्थानीय समुदाय को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दिए गए विश्वास और समर्थन को विकास कार्यों के माध्यम से लौटाना उनका दायित्व है। शहर में अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो सके। वित्त मंत्री चौधरी ने बताया कि रायगढ़ में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है। कला महाविद्यालय, उद्यानिकी महाविद्यालय, फिजियोथेरेपी कॉलेज, प्रयास विद्यालय, स्विमिंग पूल, विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजोन, सड़कों एवं पुल-पुलियों का निर्माण तथा गजमार पहाड़ी और बाल समुंद तालाब का सौंदर्यीकरण जैसे कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही विभिन्न वार्डों में सीसी रोड, आरसीसी नाली और बीटी सड़कों का निर्माण भी जारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए 22 स्थानों पर नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें रायगढ़ का नालंदा परिसर लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन है। इसके अलावा बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘नव गुरुकुल’ पहल के माध्यम से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ के समग्र विकास के लिए शासन, प्रशासन और नागरिकों के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। इस अवसर पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्री लाल साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

वॉशिंगटन सुंदर के छक्के से खत्म हुआ मैच, गुजरात ने दिलाई सांस रोक देने वाली जीत

अहमदाबाद  आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच रोमांचक मैच खेला गया, जिसमें आखिरी ओवर में गुजरात की टीम ने 4 विकेट से जीत दर्ज की। इस मैच में भले ही पंजाब की टीम ने सिर्फ 163 रन बोर्ड पर लगाए। लेकिन गुजरात को जीत हासिल करने में आखिरी ओवर तक जोर लगाना पड़ा। आखिरी ओवर में गुजरात की टीम को जीत के लिए 11 रन की जरूरत थी और मार्कस स्टोइनिस की 5वीं गेंद पर वाशिंगटन सुंदर ने छक्का लगाकर मैच खत्म कर दिया। गुजरात ने आखिरी ओवर में जीता मुकाबला गुजरात के लिए इस मैच में ओपनिंग करने आए साई सुदर्शन ने 41 गेंद पर 57 रन की पारी खेली। वहीं नाबाद 40 रन की पारी खेलकर वाशिंगटन सुंदर ने अपनी टीम की जीत को तय किया। इसके अलावा 26 रन जोस बटलर और 15 रन की पारी निशांत सिद्धू ने खेली। वहीं पंजाब के लिए अर्शदीप सिंह और विजयकुमार वैशाख ने 2-2 विकेट हासिल किए। पंजाब का टॉप ऑर्डर फेल पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ जीत के लिए 164 रन का टारगेट रखा था। टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स ने 9 विकेट खोकर 163 रन बनाए। इस टीम को पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर प्रियांश आर्य (2) और तीसरी गेंद पर कूपर कोनोली (0) के रूप में लगातार दो झटके लगे। किंग्स ने महज 2 रन तक अपने 2 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद प्रभसिमरन सिंह ने मोर्चा संभालने की कोशिश की। टिक नहीं पाए पंजाब के बल्लेबाज प्रभसिमरन ने कप्तान श्रेयस अय्यर (19) के साथ दूसरे विकेट के लिए 29 गेंदों में 33 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 35 के स्कोर तक पहुंचाया। प्रभसिमरन 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद टीम ने 47 के स्कोर तक अपने 5 विकेट खो दिए। यहां से मार्कस स्टोइनिस ने सूर्यांश शेडगे के साथ 44 गेंदों में 79 रन जुटाकर टीम को 126 के स्कोर तक पहुंचाया। सूर्यांश ने ठोकी फिफ्टी सूर्यांश 29 गेंदों में 5 छक्कों और 3 चौकों के साथ 57 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि स्टोइनिस ने 31 गेंदों में 6 बाउंड्री के साथ 40 रन की पारी खेली। इस पारी में मार्को यानसेन ने 20 रन का योगदान दिया। विपक्षी खेमे से जेसन होल्डर ने 24 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा ने 2-2 विकेट निकाले। राशिद खान ने 1 विकेट हासिल किया।

प्वाइंट्स टेबल के निचले पायदान की भिड़ंत, हार का सिलसिला तोड़ने उतरी MI और LSG

मुंबई  मुंबई इंडियंस (एमआई) और लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के बीच सोमवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 47वां मुकाबला वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों ही टीमें प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी धूमिल होती उम्मीदों को फिर से जगाने के लिए बेताब हैं। यह मुकाबला सीजन की सबसे निचले पायदान पर मौजूद टीमों के बीच है। आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स 8 में से 6 मकाबले गंवाकर प्वाइंट्स टेबल में 10वें स्थान पर मौजूद है। ये टीम लगातार पांच हार से जूझ रही हैं। उनकी सबसे ताजा शिकस्त कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ सुपर ओवर में मिली दिल तोड़ने वाली हार है। लखनऊ सुपर जायंट्स का हाल बेहाल ऋषभ पंत की कप्तानी वाली एलएसजी टीम को मुख्य रूप से बल्लेबाजी में बार-बार मिल रही असफलताओं के कारण संघर्ष करना पड़ा है, जबकि उनके गेंदबाजों ने सराहनीय प्रयास किए हैं। अपने पिछले मुकाबले में, मोहसिन खान की शानदार गेंदबाजी बेकार चली गई, जबकि निकोलस पूरण से जुड़ा एक विवादास्पद सुपर ओवर का फैसला टीम को भारी पड़ा। मुंबई ने गंवाए 7 मैच मुंबई इंडियंस ने 9 में से 7 मैच गंवा दिए हैं। यह टीम 9वें पायदान पर है। एमआई इस मुकाबले में लगातार तीन हार के बाद उतरेगी, जिसमें हाल ही में खेले गए मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के हाथों 8 विकेट की करारी हार भी शामिल है। मुंबई का अभियान प्रमुख खिलाड़ियों जैसे जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और कप्तान हार्दिक पंड्या के लगातार बदलते प्रदर्शन के कारण प्रभावित हुआ है। हार्दिक की कप्तानी भी अब सवालों के घेरे में आ गई है। हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी से टीम कमजोर पड़ती नजर आ रही है, जिससे अब टीम के पास आगे बढ़ने के लिए गलतियों की गुंजाइश बहुत कम बची है। लखनऊ का रिकॉर्ड अच्छा दोनों टीमों के बीच आईपीएल इतिहास में अब तक कुल 8 मैच खेले गए हैं, इनमें 6 मैच एलएसजी ने जीते, जिसमें वानखेड़े स्टेडियम में मिली दो जीत भी शामिल हैं। मुंबई इंडियंस की टीम: हार्दिक पंड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रॉबिन मिंज, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), श्रीजीत कृष्णन (विकेटकीपर), बेवोन जैकब्स, तिलक वर्मा, नमन धीर, विल जैक्स, केशव महाराज, राज अंगद बावा, विग्नेश पुथुर, कॉर्बिन बॉश, ट्रेंट बोल्ट, कर्ण शर्मा, दीपक चाहर, अश्विनी कुमार, रीस टॉपले, वीएस पेनमेत्सा, अर्जुन तेंदुलकर, मुजीब उर रहमान, जसप्रीत बुमराह। लखनऊ सुपर जाइंट्स की टीम: ऋषभ पंत (कप्तान/विकेटकीपर), एडेन मार्करम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीत्जके, मुकुल चौधरी, अक्षत रघुवंशी, जोश इंग्लिस, मिशेल मार्श, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, वानिंदु हसरंगा, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, एम. सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, अर्जुन तेंदुलकर, एनरिक नॉर्त्जे, नमन तिवारी, मयंक यादव और मोहसिन खान।

वरुण-नरेन की फिरकी और रघुवंशी-रहाणे की बल्लेबाजी से KKR की तीसरी लगातार जीत

कोलकाता  कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल 2026 की प्लेऑफ की रेस में खुद को मजबूती से बनाए रखते हुए सनराइजर्स हैदराबाद को उनके घर में 7 विकेट से करारी शिकस्त दी है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स की शुरुआत ट्रेविस हेड के दम पर बेहद तूफानी रही थी, लेकिन केकेआर के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में जबरदस्त वापसी की। हैदराबाद की पूरी टीम 19 ओवरों में महज 165 रनों पर ही ढेर हो गई, जो इस सपाट पिच पर एक औसत स्कोर से भी कम था। वरुण और नरेन की फिरकी में उलझी सनराइजर्स सनराइजर्स को कम स्कोर पर रोकने का पूरा श्रेय केकेआर के गेंदबाजों को जाता है, जिसमें वरुण चक्रवर्ती एक बार फिर सबसे बड़े हीरो साबित हुए। वरुण ने 36 रन देकर तीन मुख्य विकेट चटकाए, जबकि दिग्गज सुनील नरेन और कार्तिक त्यागी ने दो-दो विकेट लेकर हैदराबाद के मिडिल ऑर्डर की कमर तोड़ दी। ट्रेविस हेड ने हालांकि 28 गेंदों में 61 रनों की पारी खेली, लेकिन उनके आउट होते ही बाकी बल्लेबाज टिक नहीं पाए। कप्तान रहाणे ने मैच के बाद अपनी बॉलिंग यूनिट और कोच ड्वेन ब्रावो की रणनीतियों की जमकर तारीफ की। रघुवंशी और रहाणे ने आसान की जीत की राह 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर ने शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। युवा बल्लेबाज अंगकृष रघुवंशी ने मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा और अनुभवी अजिंक्य रहाणे के साथ दूसरे विकेट के लिए 84 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। रहाणे ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और 43 रनों की सधी हुई पारी खेलकर यह सुनिश्चित किया कि टीम कहीं भी दबाव में न आए। इन दोनों की बल्लेबाजी के दम पर केकेआर ने मात्र 18.2 ओवर में ही 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। प्लेऑफ की रेस में केकेआर की जोरदार वापसी लगातार तीसरी जीत के साथ केकेआर ने अब प्लेऑफ की रेस को बेहद रोमांचक बना दिया है। 9 मैचों में 7 अंकों के साथ टीम अभी भी टॉप-4 में जगह बनाने की दावेदार बनी हुई है। हालांकि उन्हें अगले दौर में जाने के लिए अपने बाकी बचे सभी मैच जीतने होंगे, लेकिन इस समय टीम का जो फॉर्म और ड्रेसिंग रूम का माहौल है, उससे वापसी की पूरी उम्मीद दिख रही है। कप्तान रहाणे ने साफ किया कि शुरुआती 5 मैच हारने के बाद भी टीम का हौसला नहीं टूटा था और अब वे इसी लय को अंत तक बरकरार रखना चाहते हैं।  

6 साल बाद सक्रिय हुआ महिला आयोग: रेखा यादव को मिली कमान, शिकायतों के निपटारे में तेजी की उम्मीद

भोपाल  मध्यप्रदेश में लंबे समय से खाली चल रहे राज्य महिला आयोग को आखिरकार नया नेतृत्व मिल गया है। सरकार ने रेखा यादव को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही साधना स्थापक को आयोग का सदस्य बनाया गया है। दोनों की नियुक्ति 3 साल की अवधि के लिए की गई है। बताया जा रहा है कि नियुक्तियों के बाद जल्द ही आयोग का कामकाज पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। दरअसल, राज्य महिला आयोग में पिछले करीब 6 साल से अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली पड़े थे। इस वजह से महिलाओं से जुड़े कई मामलों में सुनवाई और कार्रवाई प्रभावित हो रही थी। कई शिकायतें लंबित थीं, जिनके निराकरण में देरी हो रही थी। प्रदेश में इन दिनों निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं। अब तक करीब कई पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं और बाकी संस्थाओं में भी प्रक्रिया जारी है। सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तेजी से ये फैसले ले रही है महिला आयोग में नई नियुक्तियों को इसी कड़ी में अहम माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि अब महिलाओं से जुड़े मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया तेज होगी और लंबित शिकायतों का जल्द निराकरण किया जा सकेगा।

रेखा सरकार की योजना फेल? ‘पिंक सहेली कार्ड’ से महिलाओं ने बनाई दूरी

नई दिल्ली दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना फिलहाल उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में करीब 5.56 लाख कार्ड जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इनमें से केवल 5 से 6 प्रतिशत यानी करीब 6,000 से 8,000 महिलाएं ही इनका इस्तेमाल कर रही हैं। पुरानी व्यवस्था से नए सिस्टम में बदलाव बना चुनौती इस योजना की शुरुआत 2 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की थी। इसका उद्देश्य पिछली आप सरकार द्वारा 2019 में शुरू किए गए पिंक टिकट सिस्टम को खत्म कर केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ (NCMC) प्रणाली लागू करना था। इसके जरिए यह सुनिश्चित करना भी मकसद था कि केवल दिल्ली में रहने वाली 12 साल से ऊपर की महिलाएं ही मुफ्त यात्रा का लाभ ले सकें। हालांकि, ज़मीनी स्तर पर अब भी बड़ी संख्या में महिलाएं पुराने पिंक टिकट का ही इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे नई व्यवस्था का प्रभाव सीमित रह गया है। रोजाना 6-7 लाख महिला यात्री, फिर भी कार्ड का कम उपयोग दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) के अनुसार, राजधानी में रोजाना करीब 23 लाख लोग बसों में सफर करते हैं, जिनमें 6 से 7 लाख महिलाएं शामिल होती हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इनमें से आधी से भी कम महिलाएं पिंक स्मार्ट कार्ड का उपयोग कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में महिलाएं अभी भी टिकट सिस्टम पर निर्भर हैं, जिससे योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा। अब होगा सर्वे और फिर सख्ती DTC अब इस कम उपयोग के पीछे के कारणों को समझने के लिए सर्वे कराने की तैयारी में है। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि क्या महिलाओं के पास कार्ड नहीं है, क्या वे अन्य राज्यों से हैं या फिर बस कंडक्टर कार्ड इस्तेमाल के लिए प्रेरित नहीं कर रहे है। इसके अलावा, बसों में औचक निरीक्षण भी की जाएगी, ताकि यह देखा जा सके कि कार्ड का इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा। जुलाई से अनिवार्य हो सकता है कार्ड अधिकारियों के मुताबिक, जुलाई से पिंक सहेली कार्ड को अनिवार्य किया जा सकता है, और धीरे-धीरे पिंक टिकट पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। इससे पहले मई-जून में बसों के अंदर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। 450 करोड़ का है बजट महिलाओं की मुफ्त यात्रा योजना पहली बार 2019 में लागू की गई थी, जिसके तहत अब तक 150 करोड़ से ज्यादा पिंक टिकट जारी किए जा चुके हैं। वहीं, मौजूदा सरकार ने इस योजना को जारी रखते हुए 2026-27 बजट में 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे यह साफ है कि सरकार इस सुविधा को और मजबूत करना चाहती है। कैसे बनता है पिंक सहेली कार्ड? फिलहाल यह कार्ड दिल्ली के 58 केंद्रों पर जारी किया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली का आधार कार्ड जरूरी है, आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए, 12 साल या उससे अधिक उम्र की कोई भी महिला आवेदन कर सकती है।

नई जल नीति से गांवों को ताकत, पंचायतें संभालेंगी पानी सप्लाई और बिलिंग

फतेहाबाद  ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिले की 233 ग्राम पंचायतों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की नई आपरेशन एंड मेंटेनेंस नीति-2026 के तहत अब पंचायतें खुद पानी के बिल की वसूली, जल आपूर्ति प्रबंधन और रख-रखाव का काम संभालेंगी। खास बात यह है कि पंचायत जितना राजस्व बिल के रूप में एकत्रित करेगी, सरकार भी उतनी ही अतिरिक्त राशि पंचायत के खाते में देगी। इससे पंचायतों को जल सुविधाओं के सुधार और विस्तार के लिए पर्याप्त संसाधन मिलेंगे। जिले में 258 पंचायतें है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन पंचायतों को भी शामिल किया जाएगा। इस योजना के तहत चयनित पंचायतों के बैंक खाते खोले जा रहे हैं, जिन्हें मुख्यालय स्तर के सिंगल खाते से जोड़ा जाएगा। पंचायतों द्वारा एकत्रित राजस्व पहले मुख्य खाते में जमा होगा, जिसके बाद सरकार उसी राशि को जोड़कर दोगुनी रकम पंचायत को वापस देगी। इस राशि का उपयोग जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। यह वीडियो भी देखें पंचायतों को मिली व्यापक जिम्मेदारी नई नीति के तहत पंचायतें अब पानी के कनेक्शन जारी करने, बिल वसूली, शिकायत निवारण, मीटरिंग और जल गुणवत्ता की निगरानी तक की जिम्मेदारी निभाएंगी। इसके अलावा पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, पंप और अन्य संसाधनों की मरम्मत व रख-रखाव भी पंचायतों के जिम्मे होगा। अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई और जल हानि को कम करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। पानी के बिलों की वसूली में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं को जोड़ा गया है। उपभोक्ताओं से प्राप्त जल शुल्क का 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में इन समूहों को दिया जाएगा। इससे न केवल वसूली प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी मजबूत होगी। पंचायतें बिस्वास पोर्टल के माध्यम से नए कनेक्शन जारी करने, कनेक्शन काटने, मीटर लगाने और शिकायतों का आनलाइन समाधान कर सकेंगी। इसके साथ ही बिल वितरण, भुगतान की निगरानी और उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए सूचना देने की जिम्मेदारी भी पंचायतों को दी गई है। इससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी। योजना के तहत प्रत्येक उपभोक्ता को 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जल गुणवत्ता की नियमित जांच फील्ड टेस्ट किट से की जाएगी और वितरण के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करेगा। विभाग द्वारा जल आपूर्ति योजनाओं को अपग्रेड कर 24 घंटे जल उपलब्धता के लक्ष्य को भी हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। इस व्यवस्था से ग्रामीण जल आपूर्ति अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। साथ ही पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए जल प्रबंधन में स्थानीय भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में जिले की सभी पंचायतों को इस योजना के दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है।

CSK से हार के बाद MI की प्लेऑफ में पहुंचने की राह कठिन, हार्दिक पंड्या ब्रिगेड का क्या होगा हाल?

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में मुंबई इंडियंस (MI) का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. पांच बार की आईपीएल चैम्पियन टीम एमआई ने 9 में से सिर्फ 2 मुकाबले जीते हैं, जबकि 7 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा. 2 मई (शनिवार) को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मुकाबले में मुंबई इंडियंस की बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग प्रभावहीन रही. मुंबई इंडियंस इस मैच में 7 विकेट पर 159 रनों का स्कोर ही बना सकी. मुश्किल हालात में नमन धीर ने 57 रनों की जुझारू पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास साथ नहीं मिला।  159 जैसे औसत लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स ने मैच को एकतरफा बना दिया. कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने नाबाद 67 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को 18.1 ओवर में ही जीत दिला दी. सीएसके ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीतकर अपनी प्लेऑफ की उम्मीदों को पूरी तरह जिंदा रखा. दूसरी ओर सीएसके के खिलाफ एक और हार के साथ मुंबई इंडियंस की स्थिति और गंभीर हो गई है. मुंबई इंडियंस 4 अंकों के साथ अंकतालिका में नौवें स्थान पर है और उसका नेट रनरेट -0.803 है।  मुंबई इंडियंस के लिए इस सीजन की सबसे बड़ी समस्या उनकी मिडिल ओवरों में बल्लेबाजी रही है. टीम अच्छी शुरुआत के बाद विकेट गंवाकर दबाव में आ जाती है. सीएसके के खिलाफ भी यही देखने को मिला, जहां मजबूत स्थिति के बावजूद टीम अचानक बैकफुट पर आ गई. गेंदबाजी में भी टीम पूरी तरह प्रभावी नहीं रही है. कम स्कोर के कारण गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव रहता है, जिसका फायदा विपक्षी टीम आसानी से उठा रही है।  14 अंक भी नहीं होंगे पर्याप्त? मुंबई इंडियंस यदि अपने बाकी के पांच मैच जीतती है, तो भी वो 14 अंकों तक पहुंच पाएगी. अब मुंबई इंडियंस के लिए आगे का रास्ता बेहद कठिन हो गया है. टीम को अपने बचे सभी मैच तो जीतने ही होंगे, साथ ही नेट रनरेट में भी बड़ा सुधार करना होगा. इसके अलावा, उन्हें अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा. यदि मुंबई एक भी मैच हारी, तो वो लगभग टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी. गणितीय रूप से भले ही मुंबई अभी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई हो, लेकिन मौजूदा फॉर्म और लगातार हो रही गलतियों को देखते हुए प्लेऑफ में पहुंचना उनके लिए लगभग असंभव नजर आ रहा है।  मुंबई इंडियंस के बचे मुकाबले 4 मई: बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स, मुंबई 10 मई: बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, रायपुर 14 मई: बनाम पंजाब किंग्स, धर्मशाला 20 मई: बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स, कोलकाता 24 मई: बनाम राजस्थान रॉयल्स, मुंबई आईपीएल 2026 में एक और करारी हार के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या का दर्द छलक पड़ा. हार्दिक ने मान लिया कि इस सीजन उनकी टीम कभी ट्रैक पर आई ही नहीं. मैच के बाद हार्दिक पांड्या ने साफ शब्दों में कहा, "यह हमारा सीजन नहीं है. सीएसके हर विभाग में बेहतर रही. उन्होंने बेहतर गेंदबाजी की, बेहतर बल्लेबाजी की और फील्डिंग भी शानदार रही।  हार्दिक पंड्या ने यह भी स्वीकार किया कि अगर उनकी टीम 180-190 रन तक पहुंच पाती, तो मुकाबला अलग हो सकता था. लेकिन मुंबई की बल्लेबाजी कभी लय में नहीं आई और टीम पूरे मैच में दबाव में दिखी. गेंदबाजी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि टीम के पास जो विकल्प थे, उसी के साथ उन्हें उतरना पड़ा. हार्दिक कहते हैं, "हमें शायद कुछ अलग करना पड़ता, लेकिन सच कहूं तो हमें बल्लेबाजों को आउट करने के लिए 'फायरबॉल' की जरूरत थी।  कुल मिलाकर मुंबई इंडियंस के लिए यह सीजन एक ऐसी कहानी बन गया है, जहां हर मैच में वही गलती दोहराई जा रही है. अगर तुरंत बदलाव नहीं हुआ, तो पांच बार की आईपीएल चैम्पियन टीम इस बार प्लेऑफ से बाहर होती नजर आ रही है। 

यात्रियों के लिए राहत भरी खबर: इंदौर-मुंबई के बीच 4 मई से शुरू होगी स्पेशल ट्रेन

इंदौर गर्मी की छुट्टियों में इंदौर से मुंबई और मुंबई से इंदौर के लिए आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने मुंबई सेंट्रल और इंदौर जंक्शन के बीच एसी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन के शुरू होने से इंदौर-मुंबई अवंतिका एक्सप्रेस, इंदौर-दौंड एक्सप्रेस और सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन में यात्रियों का दबाव काफी कम हो जाएगा और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह विशेष ट्रेन चार मई से 29 जून 2026 तक संचालित रहेगी। दोनों दिशाओं में कुल दूरी तय 826 किमी तय करेगी। कुल 17-17 फेरे दोनों दिशाओं में लगाए जाएंगे। ट्रेन मुंबई सेंट्रल-इंदौर के बीच प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार को प्रस्थान रात 11:20 बजे होगी। इसी प्रकार इंदौर-मुंबई सेंट्रल के लिए प्रत्येक सोमवार एवं बुधवार को शाम 05:00 बजे प्रस्थान करेंगी। इंदौर-मुंबई के बीच प्रमुख ठहराव इंदौर से शाम 05:00 बजे चलकर उज्जैन, रतलाम, दाहोद, वडोदरा, सूरत, वापी, बोरीवली, मुंबई सेंट्रल सुबह 07:10 पर पहुंचेगी। इसी प्रकार मुंबई सेंट्रल से रात 11:20 बजे चलकर बोरीवली, वापी, सूरत, वडोदरा, रतलाम, उज्जैन, इंदौर अगले दिन दोपहर 01:00 बजे पहुंचेगी। पहले से चल रही सुपरफास्ट स्पेशल इंदौर से मुंबई के बीच पहले से ही एक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चल रही है। मुंबई सेंट्रल-इंदौर सुपरफास्ट स्पेशल 20 अप्रैल से 29 मई तक मुंबई सेंट्रल से प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को 11.20 बजे प्रस्थान करती है और अगले दिन दोपहर 01.00 बजे इंदौर पहुंचती है। इसी प्रकार इंदौर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट स्पेशल 21 अप्रैल से 30 मई तक इंदौर से प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को इंदौर से शाम 05.00 बजे प्रस्थान करती है और अगले दिन सुबह 07.10 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचती है।