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यात्रियों के लिए राहत भरी खबर: इंदौर-मुंबई के बीच 4 मई से शुरू होगी स्पेशल ट्रेन

इंदौर गर्मी की छुट्टियों में इंदौर से मुंबई और मुंबई से इंदौर के लिए आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने मुंबई सेंट्रल और इंदौर जंक्शन के बीच एसी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन के शुरू होने से इंदौर-मुंबई अवंतिका एक्सप्रेस, इंदौर-दौंड एक्सप्रेस और सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन में यात्रियों का दबाव काफी कम हो जाएगा और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह विशेष ट्रेन चार मई से 29 जून 2026 तक संचालित रहेगी। दोनों दिशाओं में कुल दूरी तय 826 किमी तय करेगी। कुल 17-17 फेरे दोनों दिशाओं में लगाए जाएंगे। ट्रेन मुंबई सेंट्रल-इंदौर के बीच प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार को प्रस्थान रात 11:20 बजे होगी। इसी प्रकार इंदौर-मुंबई सेंट्रल के लिए प्रत्येक सोमवार एवं बुधवार को शाम 05:00 बजे प्रस्थान करेंगी। इंदौर-मुंबई के बीच प्रमुख ठहराव इंदौर से शाम 05:00 बजे चलकर उज्जैन, रतलाम, दाहोद, वडोदरा, सूरत, वापी, बोरीवली, मुंबई सेंट्रल सुबह 07:10 पर पहुंचेगी। इसी प्रकार मुंबई सेंट्रल से रात 11:20 बजे चलकर बोरीवली, वापी, सूरत, वडोदरा, रतलाम, उज्जैन, इंदौर अगले दिन दोपहर 01:00 बजे पहुंचेगी। पहले से चल रही सुपरफास्ट स्पेशल इंदौर से मुंबई के बीच पहले से ही एक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चल रही है। मुंबई सेंट्रल-इंदौर सुपरफास्ट स्पेशल 20 अप्रैल से 29 मई तक मुंबई सेंट्रल से प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को 11.20 बजे प्रस्थान करती है और अगले दिन दोपहर 01.00 बजे इंदौर पहुंचती है। इसी प्रकार इंदौर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट स्पेशल 21 अप्रैल से 30 मई तक इंदौर से प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को इंदौर से शाम 05.00 बजे प्रस्थान करती है और अगले दिन सुबह 07.10 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचती है।  

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला: चंदन की खेती से बढ़ेगा रोजगार और हरियाली

जयपुर  राजस्थान की धरती अब न केवल अपने शौर्य के लिए बल्कि चंदन की खुशबू के लिए भी जानी जाएगी. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के वनों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित वन एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को राज्य के तीन प्रमुख जिलों—बांसवाड़ा, सिरोही और उदयपुर में चंदन के वन विकसित करने के कड़े निर्देश दिए हैं. वैज्ञानिक पद्धति और सुरक्षा पर जोर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चंदन की खेती केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को वैज्ञानिक तरीके से मिट्टी का परीक्षण करने और केवल उच्च गुणवत्ता वाले पौधों का चयन करने के निर्देश दिए. चंदन की लकड़ी बहुमूल्य होती है, इसलिए इसकी सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है. सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि पौधों की निगरानी और सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर एक मजबूत तंत्र बनाया जाए ताकि चोरी या किसी भी प्रकार के नुकसान को रोका जा सके. पर्यावरण के साथ बढ़ेगा रोजगार इस योजना का दोहरा लाभ होगा. एक ओर जहां राज्य का हरित क्षेत्र (Green Cover) बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. चंदन के वन भविष्य में राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए 'ग्रीन गोल्ड' साबित हो सकते हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस परियोजना को मिशन मोड में लेने और दीर्घकालिक विजन के साथ काम करने को कहा है. पौधों के जीवन की गारंटी जरूरी बैठक में आगामी पौधारोपण अभियानों की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल लक्ष्य पूरा करने के लिए पौधे न लगाएं, बल्कि यह सुनिश्चित करें कि लगाए गए पौधे जीवित रहें और बड़े हों. इस दौरान वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े और विभागीय प्रगति की जानकारी दी.

जैसलमेर एयरपोर्ट पर ऐतिहासिक शुरुआत, जयपुर के लिए सीधी हवाई सेवा चालू

 जैसलमेर स्वर्ण नगरी जैसलमेर के लिए रविवार (3 मई) का दिन ऐतिहासिक बन गया. पहली बार समर शेड्यूल में हवाई सेवा का संचालन शुरू हुआ. इस फ्लाइट की मांग काफी समय से उठती रही है. अब लंबे इंतजार के बाद जैसलमेर के लोगों की मांग पूरी हुई है. जब एलाइंस एयर की उड़ान एयरपोर्ट पर पहुंची तो राजस्थानी लोक गीतों के साथ भव्य स्वागत किया गया. यात्रियों के पहुंचते ही पर्यटन व्यवसायियों और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला.  फ्लाइट सप्ताह में दो दिन रविवार और गुरुवार को संचालित होगी. इससे ऑफ-सीजन में भी शहर की कनेक्टिविटी बनी रहेगी. पहली उड़ान में जयपुर से 12 यात्री जैसलमेर पहुंचे, जिनमें जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, एसपी अभिषेक शिवहरे, पूर्व राजपरिवार की सदस्य राजेश्वरी राजलक्ष्मी और उद्योगपति मयंक भाटिया शामिल रहे. जैसलमेर से 4 यात्रियों ने जयपुर के लिए उड़ान भरी. करीब 9 घंटे का समय बचेगा दरअसल, भीषण गर्मी के चलते अप्रैल से सितंबर के बीच जैसलमेर में पर्यटन गतिविधियां धीमी पड़ जाती हैं. ऐसे में अब नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक स्थलों पर लाइटिंग, डेजर्ट सफारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही हैय जयपुर से सीधी हवाई सेवा जुड़ने से मेडिकल, व्यापार और प्रशासनिक कार्यों में भी सहूलियत मिलेगी. अब 10-12 घंटे का सफर महज 1 घंटा 45 मिनट में पूरा होगा, जिससे जैसलमेर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. गर्मियों में भी पर्यटकों को आकर्षित करने की कोशिश जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि जैसलमेर में पर्यटन को वर्षभर सक्रिय बनाने के लिए नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं. सर्दियों तक सीमित पर्यटन की धारणा को बदलते हुए अब गर्मियों में भी पर्यटकों को आकर्षित करने पर जोर दिया जा रहा है. इसके तहत ड्यून्स वॉक, प्लेजेंट ईवनिंग और स्टार गेजिंग जैसे नए अनुभव विकसित किए जा रहे हैं. उन्होंने हाई वैल्यू, लो वॉल्यूम टूरिज्म को बढ़ावा देने और कंटेंट क्रिएटर्स व एडवेंचर प्रेमियों को जोड़ने की बात कही. होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स की अहम भूमिका इस हवाई सेवा को शुरू करने में स्थानीय होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स की अहम भूमिका रही है. बिजनेसमेन मयंक भाटिया ने बताया कि इस सीजन में टूरिज्म को प्रमोट करने के उद्देश्य से आज जयपुर के लिए हवाई सेवा शुरु की गई. यह सेवाएं पब्लिक प्राइवेट पार्टनर के तहत किया गया नवाचार है. जैसलमेर के होटेलियर, बिजनेसमैन और कंपनियों के लोगों ने मिलकर 'वायबिलिटी गैप फंडिंग' के लिए कमीटमेंट किया.   क्षेत्र में वंदेभारत की भी है मांग जैसलमेर के पूर्व राजपरिवार की सदस्य राजेश्वरी राजलक्ष्मी ने सेना और वायुसेना के परिवारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए भी देश के अन्य हिस्सों से जुड़ना जरूरी है. उन्होंने वंदेभारत जैसी आधुनिक ट्रेनों की कमी पर चिंता जताई, लेकिन ग्रीष्मकाल में हवाई सेवाओं के विस्तार को एक सकारात्मक कदम बताया.

बुद्ध पूर्णिमा पर स्पीकर का फैसला, सभी स्तरों पर प्रमोशन

जयपुर राजस्थान विधानसभा में इस बार बुद्ध पूर्णिमा का अवसर दोहरी खुशी लेकर आया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए विधानसभा सचिवालय के 52 अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं. डॉ. देवनानी का यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है. उप सचिव से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक इस पदोन्नति सूची की खास बात यह है कि इसमें पदानुक्रम के हर स्तर का ध्यान रखा गया है. आदेश के अनुसार, 6 उप सचिव, 7 सहायक सचिव और 8 अनुभाग अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है. इनके साथ ही सहायक अनुभाग अधिकारी, क्लर्क ग्रेड प्रथम व द्वितीय के पदों पर भी नियुक्तियां दी गई हैं. विशेष तकनीकी और शैक्षणिक पदों जैसे संपादक, पुस्तकालयाधिकारी और विधि रचना अधिकारी को भी इस सूची में स्थान मिला है. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिला सबसे ज्यादा लाभ डॉ. देवनानी ने इस बार उन कर्मचारियों की सुध ली है जिनकी पदोन्नति लंबे समय से अटकी हुई थी. कुल 52 कर्मियों में से 20 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और 12 जमादार शामिल हैं. विधानसभा के इतिहास में संभवतः यह पहला मौका है जब मई माह के शुरुआती दौर में ही इतनी बड़ी संख्या में प्रमोशन प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है. चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने इस त्वरित निर्णय के लिए स्पीकर का आभार व्यक्त किया है. दो वर्षों में 121 प्रमोशन बना रिकॉर्ड डॉ. वासुदेव देवनानी के कार्यकाल में पदोन्नति की यह तीसरी बड़ी लहर है. इससे पहले 15 अगस्त 2024 को 47 और दीपावली 2025 पर 22 कर्मियों को प्रमोशन दिया गया था. पिछले दो सालों के भीतर कुल 121 कर्मियों को तरक्की मिल चुकी है. स्पीकर ने स्पष्ट किया कि पदोन्नति केवल ओहदे में वृद्धि नहीं है बल्कि यह जिम्मेदारी और जनसेवा के प्रति नए संकल्प का प्रतीक है.

ब्रेन डेड महिला के परिवार का बड़ा फैसला, एक जिंदगी ने पाई नई धड़कन

नई दिल्ली शोक की गहरी छाया के बीच जब उम्मीद की एक किरण जन्म लेती है, तो वह इंसानियत की सबसे सुंदर तस्वीर बन जाती है। चंडीमंदिर स्थित कमांड हॉस्पिटल में 2 मई 2026 को कुछ ऐसा ही हुआ, जब एक 41 साल की महिला को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उसके परिवार ने अपने दर्द को परे रखकर अंगदान का निर्णय लिया। एक ओर जहां परिवार अपूरणीय क्षति के दुख में डूबा था, वहीं दूसरी ओर उसी फैसले ने एक 14 साल के बच्चे की धड़कनों को नया जीवन दे दिया। यह कहानी सिर्फ एक ट्रांसप्लांट की नहीं, बल्कि साहस, संवेदना और मानवता के मोती को एक साथ पिरोया, जिसने कई जिंदगियों में उम्मीद की रोशनी भर दी। कैसे अंजाम दिया मिशन ब्रेन डेथ के बाद महिला का दिल इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल को भेजा गया। समय की संवेदनशीलता को देखते हुए अपोलो अस्पताल की एक स्पेशल टीम ने तुरंत एक चार्टर्ड प्राइवेट जेट की व्यवस्था की और चंडीगढ़ पहुंचकर दिल को सुरक्षित तरीके से दिल्ली लाया गया। तय समय-सीमा के भीतर इस हार्ट ट्रांसप्लांट को अंजाम दिया गया, जिससे एंड-स्टेज हार्ट फेल्योर से जूझ रहे 14 वर्षीय बच्चे को नई जिंदगी मिल गई। फिलहाल बच्चा आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में स्थिर है। कमांड हॉस्पिटल की जमकर तारीफ इस जटिल और समयबद्ध ऑपरेशन को सफल बनाने में कई एजेंसियों का अहम योगदान रहा। कमांड हॉस्पिटल के कर्नल अनुराग गर्ग के प्रयास की खूब तारीफ की गई। वहीं इस काम के लिए हरियाणा ट्रैफिक पुलिस, पंजाब ट्रैफिक पुलिस ने चार्टर्ड फ्लाइट के लिए बिना देर किए व्यवस्था की और इस मिशन को अंजाम दिया गया। दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस ने बदरपुर ट्रैफिक इंचार्ज एसआई अनिल कुमार की निगरानी में एयरपोर्ट से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया, जिससे दिल को महज 20 मिनट में अस्पताल पहुंचा दिया गया। इस पूरे मिशन में प्राइवेट जेट टीम ने भी अहम भूमिका निभाई। अपोलो अस्पताल ने डोनर परिवार की इस असाधारण उदारता को नमन करते हुए भारतीय सेना, कमांड हॉस्पिटल, नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) और सभी संबंधित एजेंसियों का आभार जताया। क्या बोले डॉक्टर अस्पताल ने कहा कि यह घटना अंगदान के महत्व और सामूहिक प्रयास की ताकत का एक मजबूत उदाहरण है। अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मुकेश गोयल ने बताया कि बच्चा पिछले एक साल से गंभीर हृदय रोग से जूझ रहा था और हर महीने उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि हार्ट ट्रांसप्लांट ही उसके जीवन को बचाने का एकमात्र विकल्प था। दो महीने पहले ही उसे नोट्टो (NOTTO) में रजिस्टर किया गया था, लेकिन पिछले हफ्ते उसकी हालत फिर बिगड़ गई थी। डॉ. गोयल के मुताबिक, 2 मई को कमांड हॉस्पिटल चंडीमंदिर में एक उपयुक्त डोनर हार्ट उपलब्ध हुआ। महिला को दो हफ्ते पहले ब्रेन हेमरेज हुआ था और वह ब्रेन डेड हो गई थीं। उनके परिवार ने अंगदान का फैसला लेकर कई जिंदगियां बचा लीं। डॉक्टर के मुताबिक हार्ट ट्रांसप्लांट में समय बेहद अहम होता है और चार घंटे के भीतर दिल को प्रत्यारोपित कर रक्त संचार बहाल करना जरूरी होता है। डॉक्टरों की टीम दोपहर 1:30 बजे चार्टर्ड फ्लाइट से चंडीगढ़ रवाना हुई और शाम 7:30 बजे दिल्ली लौट आई। ग्रीन कॉरिडोर की मदद से दिल को आधे घंटे में अस्पताल पहुंचाया गया और आधी रात तक सफल ट्रांसप्लांट पूरा कर लिया गया। मरीज को अब कार्डियक सर्जरी आईसीयू में रखा गया है।

यूपी में मौसम का कहर: 5 दिन तक बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट, IMD ने दी चेतावनी

उतर प्रदेश उत्तर भारत में कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। उत्तराखंड समेत तमाम राज्यों में तेज बारिश से मौसम बदला हुआ नजर आ रहा। उत्तर प्रदेश में पांच दिनों तक यानी कि तीन से सात मई और दिल्ली में तीन से पांच मई तक बारिश, आंधी, बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि तीन से पांच मई के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत में गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाओं जिनकी स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है के साथ काफी भारी बारिश होने वाली है। इसमें से कुछ जगहों पर बहुत भारी बरसात होगी। इसके अलावा, तीन से पांच मई के दौरान उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में छिटपुट से बिखरी हुई गरज, बारिश, बिजली कड़कने और 60 की स्पीड से हवाएं, व ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। इस हफ्ते के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे में छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में तीन और चार मई को, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में तीन से पांच मई के दौरान, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। इसके अलावा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में पांच से सात मई के दौरान, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में छह मई को बिजली गिरने की चेतावनी है। यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हर जगह होगी बारिश उत्तर भारत के लिए मौसम विभाग ने कहा, 'तीन से पांच मई के दौरान, जम्मू कश्मीर में, तीन से सात मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, तीन से आठ मई के दौरान उत्तराखंड में गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी होने वाली है। तीन से छह मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। इसके अलावा, 50 की स्पीड से हवाएं भी चलेंगी। तीन से सात मई के दौरान उत्तर प्रदेश में, तीन मई और पांच से सात मई के दौरान राजस्थान में गरज, बिजली कड़कने और आंधी के साथ मध्यम स्तर की बारिश होगी। चार मई को राजस्थान में, चार और पांच मई को पंजाब हरियाणा, चंडीगढ़ में गरज के साथ तेज हवाओं जिनकी स्पीड 70 किमी तक हो सकती है, की संभावना है। तीन और चार मई को जम्मू कश्मीर, तीन से पांच मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में, तीन और चार मई को उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं ओले गिरने वाले हैं। बिहार-झारखंड में भी बारिश का अलर्ट चार मई को राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना है। इसके अलावा, चार मई को उत्तराखंड में भारी बारिश होगी। पूर्वी भारत के लिए IMD के अनुसार, छह और सात मई को पश्चिम बंगाल, सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। छह से नौ मई के दौरान बिहार, ओडिशा, तीन, छह और सात मई को झारखंड में गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। तीन से पांच मई के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में, चार और पांच मई को झारखंड में तूफानी हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना है।  

झारखंड में ट्रेन देरी पर सियासत गरम: हेमंत सोरेन ने रेल मंत्री को घेरा

 सरायकेला सरायकेला-खरसावां के चांडिल-टाटा रेल सेक्शन में ट्रेनों की लगातार हो रही लेट-लतीफी के मुद्दे को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उठाया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर सीधे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित करते हुए इस स्थिति को पूरी तरह ‘अस्वीकार्य’ बताया है. मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि पिछले दो वर्षों से इस महत्वपूर्ण रेल खंड पर यात्री ट्रेनें घंटों विलंब से चल रही हैं, जिससे आम जनता का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के बीच भेदभाव का आरोप मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रेलवे की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए लिखा कि एक ही ट्रैक पर यात्री ट्रेनों को घंटों रोक कर रखा जाता है, जबकि मालगाड़ियों की आवाजाही बिना किसी बाधा के निर्बाध रूप से जारी रहती है. उन्होंने तीखा सवाल पूछते हुए एक्स पर लिखा कि क्या रेलवे के हिसाब से झारखंड के लोगों का समय भी उतना ही मूल्यवान है, जितना देश की अर्थव्यवस्था के लिए माल परिवहन?” आम जनता और श्रमिकों पर पड़ रहा बुरा असर ट्रेनों के समय पर न चलने के कारण सबसे अधिक परेशानी उन श्रमिकों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को हो रही है जो प्रतिदिन रोजगार और शिक्षा के लिए इस रेल खंड का उपयोग करते हैं. सीएम ने कहा कि यह केवल परिचालन से जुड़ा एक तकनीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के नागरिकों की सुविधा और उनकी गरिमा से जुड़ा प्रश्न है. हजारों यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनके काम के घंटे और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं. रेल मंत्री से तत्काल समाधान का आग्रह हेमंत सोरेन ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग की है कि चांडिल-टाटा सेक्शन में यात्री ट्रेनों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में लंबित रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है. सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड के नागरिकों की सुविधा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और रेलवे को ट्रेन लेट होने की समस्या का तत्काल स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए.

राजद की सीट बचाने की चुनौती, एनडीए 8–9 सीटों पर बढ़त के दावे में

पटना राज्य में होने वाले 9 विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) के चुनाव में क्या महागठबंधन तोड़फोड़ के जरिए नया गुल खिलाएगा? क्या कुछ समीकरण ऐसा बनेगा जिसके सहारे महागठबंधन के विधायक राजद के दो एमएलसी की पारी खत्म होने के बरक्स दो एमएलसी की सीटें हासिल कर सकें? क्या कुछ गणित बनने की संभावना है? क्या विपक्ष के बचे 16 विधायक अपने वोट का बलिदान करेंगे या फिर समीकरण की जद में कोई खेल रच पाएंगे? ऐसे कई सवाल एमएलसी की 9 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के संदर्भ में उठने लगे हैं। राजद के लिए खोने का चुनाव ! जून 2026 में होने वाले बिहार विधान परिषद के आगामी चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल के मौजूदा 2 एमएलसी मोहम्मद फारुक और सुनील कुमार सिंह का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। 9 सीटों के होने वाले चुनाव के संदर्भ में माना जा रहा है कि एक सीट के लिए 25 विधायक की जरूरत होगी। वैसे में राजद के हिस्से में केवल एक सीट बचाने की क्षमता है। ऐसा इसलिए कि राजद के पास एक्यूरेट 25 विधायक हैं। लेकिन इन 25 विधायकों के अलावा विपक्ष के 16 विधायक शेष रह जाएंगे। अब सवाल उठता है कि राजद का हाल कहीं राज्यसभा चुनाव वाला न हो जाए? 41 विधायकों के रहते राजद के एडी सिंह चुनाव हार गए और एनडीए राज्यसभा की सभी पांचों सीटें जीत गई। एनडीए के निशाने पर 9 MLC सीटें? तोड़फोड़ के जरिए जीत के आदी हो चुके एनडीए के रणनीतिकार क्या कुछ राज्यसभा वाला गेम खेलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं? वैसे अभी तक के गणित के अनुसार एनडीए आठ सीटों पर जीत के प्रति आश्वस्त है। एनडीए सूत्रों के अनुसार विधायकों की संख्या के अनुरूप वह विधान परिषद की रिक्त हो रही आठ सीटों का हकदार है। एक एमएलसी के लिए लगभग 25 विधायकों के वोट की जरूरत पड़ेगी। इस जोड़ से 8 एमएलसी की सीटें जीतने के लिए 200 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। एनडीए के पास फिर भी 2 शेष रह जाएंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन-तीन एमएलसी सीटें जदयू और बीजेपी के हिस्से आएंगी। एक सीट लोजपा और एक सीट रालोमो के हिस्से में जाने की बात कही जा रही है। क्या 9 वीं सीट को लेकर मचेगा धमाल? राज्यसभा चुनाव में सेंधमारी करने में सफल एनडीए के रणनीतिकार क्या कोई गुल खिला सकते हैं। राजद की बात करें तो राज्यसभा चुनाव में एक विधायक बागी हो गए थे। कांग्रेस के तीन विधायकों ने भी अलग राह पकड़ी थी। क्या एआईएमआईएम के 5, कांग्रेस के छह, वाम दल के तीन बसपा के एक और आईपी गुप्ता कुल 16 विधायकों की भूमिका में कुछ उलट पुलट की संभावना है? या एनडीए किसी धनपशु के बहाने 9 वीं सीट के लिए कोई बाजी खेल जाए? क्या राजद को समर्थन देने वाले एआईएमआईएम को वादे के अनुसार एमएलसी की एक सीट देगी या फिर दूसरी सीट का गणित उलझाने के लिए एआईएमआईएम कोई उम्मीदवार खड़ा करेगा? ऐसे कई अनुत्तरित सवाल हैं। राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं कब कौन किसका साथ दे, कौन साथ छोड़ दे, कोई नहीं कह सकता है!  

रसोई गैस किल्लत से स्ट्रीट फूड महंगा, रेट में 10–12% तक बढ़ोतरी

पटना  बिहार की राजधानी पटना में होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। मार्च महीने की शुरुआत से ही व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर अब शहर की रसोई पर दिखने लगा है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की मुश्किलें बढ़ गई है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में बढ़ने से कोयला-लकड़ी के सहारे रेस्टोरेंट होटल होने लगे हैं। जो होटल, रेस्टोरेंट ईरान-अमेरिका जंग शुरू होने के पहले से व्यावसायिक गैस सिलेंडर का उठाव कर रहे थे। इनको भी उनके पूर्व की मांग का 70% ही आपूर्ति की जा रही है। मतलब 30% सिलेंडर के बदले उन्हें वैकल्पिक ऊर्जा साधनों लकड़ी- कोयला भट्टी, इंडक्शन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पॉकेट पर सीधा वार, खानपान की नई कीमतें गैस की कीमत बढ़ने से 5 रुपए की रोटी 7 रुपए की हो गई है। छोटी दुकानों में 10 रुपए का समोसा अब 15 से 20 रुपए पीस मिल रहा है। एलपीजी की कीमत बढ़ने और नहीं मिलने से स्ट्रीट वेंडरों पर दोहरी मार पड़ी है। चाय की कीमतों में इजाफा हुआ है। चाउमीन वाले 5 से 10 कीमत बढ़ा दिए हैं। इनका कहना है कि ब्लैक में खरीदना नहीं चाहते और गैस खत्म होने के बाद नया सिलेंडर मिलने तक दुकान बंद करनी पड़ती है।     रोटी: पहले 5 रुपए में मिलने वाली रोटी अब 7 रुपए की     समोसा: 10 रुपए वाला समोसा अब बाजार में 15-20 रुपए की     चाय: 10 रुपए से बढ़कर 15-20 रुपए तक पहुंच गई     चाउमीन: दाम में 5-10 रुपए तक का इजाफा देखा जा रहाकु     खाने-पीने की चीजों में औसतन 10-12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी छोटे कारोबारियों की हालत को और भी खराब इस क्राइसिस से छोटे कारोबारियों की हालत तो और भी खराब है। एक चाय विक्रेता ने बताया कि चाय की कीमत पहले ही दस रुपए से बढ़कर 15 रुपए की गई। कुछ दुकानदार 20 रुपए भी कर रहे हैं। लेकिन इससे ग्राहकों की संख्या में कमी आने लगी है। अगर ग्राहकों की संख्या में कमी आई तो कारोबार समेटने या कोई दूसरा रोजगार करने पर विचार करेंगे। इससे खाने-पीने के सामानों की कीमतों में कम से कम 10 से 12 प्रतिशत तक इजाफा तय है। मिठाइयों से लेकर रेस्टोरेंटों के मैन्यू की कीमतों, हॉस्टल के मेस के मैन्यू से लेकर स्ट्रीट फूड तक सब कुछ महंगा लग रहा है। कोयले की मांग बढ़ने से कीमत में इजाफा एलपीजी किल्लत से कोयले की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। 18 से 20 रुपए किलो बिकने वाला कोयला की कीमत 30 से 40 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। अच्छे और गुणवत्ता वाले कोयले की कीमत इससे भी अधिक लगाई जा रही है। कोयले को लेकर दुकानदार कोयले के थोक व्यापारियों के यहां एडवांस बुकिंग तक करने लगे है। लकड़ी के कोयले की कीमत 40 से 50 रुपए किलो के बीच पहुंच गई है। स्ट्रीट वेंडरों के रोजी-रोजगार पर असर पटना के ढाबों और स्ट्रीट वेंडरों के पास पांच किलोग्राम के छोटा गैर सब्सिडी प्राप्त गैस सिलेंडरों के साथ-साथ घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर है। स्ट्रीट वेंडरों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करना अवैध है। लेकिन, पटना की छोटी दुकानों में सड़कों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। कंकड़बाग में चाउमिन विक्रेता ने बताया कि छोटा गैस सिलेंडर महंगा भी पड़ता है। इसमें वैसा ताव नहीं मिलता है जैसा ताव 14.2 किलोग्राम गैस सिलेंडर में मिलता है। इसलिए हम मजबूरी में घरेलू गैस सिलेंडर का ही उपयोग ठेला पर कर रहे है। ईरान-अमेरिका युद्ध के पहले पटना में लगभग 5 हजार व्यावसायिक गैस सिलेंडर की खपत थी। ये फिलहाल 3000-3500 के बीच रह गई है। ईरान-अमेरिका युद्ध का साइड इफेक्ट बिहार एलपीजी वितरक संघ के महासचिव रामनरेश सिन्हा के मुताबिक ईरान-अमेरिका युद्ध के पहले पटना में लगभग 5 हजार व्यावसायिक गैस सिलेंडर की खपत थी। ये फिलहाल 3000-3500 के बीच रह गई है। पटना के होटलों- रेस्टोरेंटों में एक बार फिर से लकड़ी, कोयला की खपत में इजाफा हो गया है। पटना के रेस्टोरेंट कोयले और लकड़ी का इस्तेमाल करने लगे हैं।  

PM आवास योजना लाभुकों को मिली राहत की उम्मीद, विधायक ने दिया पूरा साथ

जमशेदपुर  जमशेदपुर के बिरसानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (PRAW) के सैकड़ों लाभुक रविवार सुबह जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित आवास पर जमा हुए. लाभुकों ने व्यथा सुनाते हुए कहा कि पूरा पैसा जमा करने के बावजूद उन्हें पिछले 6 साल से चाबी नहीं मिल रही है. थक-हारकर लाभुकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे आगामी 6 मई को शुभ मुहूर्त में अपने-अपने घरों में सामूहिक गृह प्रवेश पूजा करेंगे. विधायक सरयू राय ने इस फैसले का न केवल समर्थन किया, बल्कि पूजा सामग्री और पंडाल की व्यवस्था स्वयं करने का एलान किया. दोहरी आर्थिक मार और बदतर हालात लाभुकों ने बताया कि वे वर्तमान में ‘दोहरी मार’ झेल रहे हैं. एक तरफ बैंकों से लिए गए लोन की EMI कट रही है, तो दूसरी तरफ घर न मिलने के कारण वे 4,000 से 6,000 रुपये तक प्रति माह किराया देने को मजबूर हैं. कई परिवारों की माली हालत इतनी खराब हो गई है कि उनके पास खाने तक के लाले पड़ रहे हैं. योजना के तहत ब्लॉक नंबर 8 और 23 में 95% काम पूरा होने के बावजूद बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का काम अब भी अधूरा है. भ्रष्टाचार और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल विधायक सरयू राय ने निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. उन्होंने बताया कि 21 ब्लॉक में से मात्र 2 ब्लॉक ही तैयार हो सके हैं. लाभुकों ने विधायक को ऐसी तस्वीरें और वीडियो दिखाए, जिनमें नवनिर्मित मकानों की दीवारों में दरारें और प्लास्टर गिरते हुए स्पष्ट दिख रहे हैं. राय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि घर मिलने से पहले ही आशियाने टूटने लगे हैं. सरकार और जुडको के बीच पिस रही जनता परियोजना का जिम्मा जुडको (JUIDCO) को दिया गया था, जिसने छह अलग-अलग कंपनियों को काम सौंपा है. जिस योजना को मार्च 2021 तक पूरा होना था, वह मई 2026 तक भी फिनिशिंग स्टेज में ही अटकी हुई है. सरयू राय ने कहा कि वे सोमवार को मुख्यमंत्री और विभागीय सचिव से मिलकर इस समस्या के समाधान का अंतिम प्रयास करेंगे ताकि लाभुकों को आधिकारिक रूप से चाबी मिल सके. परियोजना एक नजर में     कुल फ्लैट्स (संशोधित): 7372 (24 ब्लॉक में)     कुल लागत: 653 करोड़ रुपये     प्रति फ्लैट लागत: 6.81 लाख रुपये     लाभुकों का अंशदान: 4.31 लाख रुपये     कारपेट एरिया: 313 वर्ग फीट     संरचना: G+8 (ग्रुप हाउसिंग)     सुविधाएं: जलापूर्ति, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज, पार्क और पार्किंग