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MI vs LSG: वानखेड़े में टकराव, दोनों टीमों को जीत की तलाश

मुंबई आईपीएल 2026 का 47वां मुकाबला मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. ये सीजन दोनों ही टीमों के लिए काफी निराशजनक रहा है. एमआई की टीम पॉइंट्स टेबल में 9वें स्थान पर है, जबकि एलएसजी 10वें स्थान पर है. दोनों ही टीमों ने 8-8 मैचों में से 2-2 मुकाबले जीते हैं. ऐसे में दोनों ही टीमों की जीत की तलाश है, जिससे एक रोमांचक मुकाबला खेला जा सकता है. इससे पहले जानते हैं कि वानखेड़े स्टेडियम की पिच रिपोर्ट कैसी है. मुंबई की पिच रिपोर्ट मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है. इस मैदान पर अब तक काफी हाई स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिले हैं. इस सीजन अब तक इस मैदान पर 5 मैच खेले गए हैं, जिसमें तीन मैच रनों का पीछा करने वाली टीम ने जीत हासिल की है. वहीं सिर्फ दो मैच डिफेंड करने वाली टीम ने अपने नाम किया है. पिछले मैच में हैदराबाद ने एमआई के खिलाफ 244 रनों का टारगेट चेज कर दिया था. MI vs LSG हेड टू हेड रिकॉर्ड आईपीएल के इतिहास में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच अब तक 8 मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें एलएसजी ने 6 मैच अपने नाम किए हैं, जबकि एमआई सिर्फ 2 बार जीती है. आंकड़ों के हिसाब से लखनऊ का पलड़ा एकतरफा भारी नजर आ रहा है. लेकिन इस सीजन दोनों ही टीमें अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी, जिसकी वजह से ये एक रोमांचक मुकाबला हो सकता है. दोनों टीमों का फुल स्क्वाड मुंबई- हार्दिक पांड्या (कप्तान), रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, रयान रिकलटन, रॉबिन मिंज, राज बावा, रघु शर्मा, मिचेल सेंटनर, कॉर्बिन बॉश, नमन धीर, जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट, अल्लाह गफनजर, अश्विनी कुमार, दीपक चाहर, विल जैक, शेरफेन रदरफोर्ड, मयंक मारकंडे, शार्दुल ठाकुर, क्विंटन डी कॉक, दानिश मालेवार, मोहम्मद इजहार, अथर्व अंकोलेकर और मयंक रावत. लखनऊ– ऋषभ पंत (कप्तान), अब्दुल समद, आयुष बडोनी, ऐडन मार्कराम, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, हिम्मत सिंह, निकोलस पूरन, मिचेल मार्श, शाहबाज अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, मयंक यादव, आवेश खान, मोहसिन खान, मणिमारन सिद्धार्थ, दिग्वेश राठी, प्रिंस यादव, आकाश सिंह, मोहम्मद शमी, अर्जुन तेंदुलकर, वानिंदु हसरंगा, एनरिक नॉर्खिया, मुकुल चौधरी, नमन तिवारी, अक्षत रघुवंशी और जोश इंग्लिश.

पहले से शादीशुदा महिला बनी कुंवारी, दूल्हे को ठगकर फरार, 4 गिरफ्तार

महाराजगंज  उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में पहले से शादीशुदा और एक बच्चे की मां बन चुकी महिला ने खुद को कुंवारी बताकर एक शख्स से शादी का स्वांग रचाया। महिला के साथ पूरा गैंग इसमें शामिल था। महिला ने अपने गैंग संग मिलकर शादी की रस्मों के दौरान ही दूल्हे संग कांड कर डाला। हालांकि सूचना मिलते ही पुलिस ऐक्टिव हुई और उसे पूरे गैंग संग गिरफ्तार कर लिया। इसी के साथ महराजगंज पुलिस शादी के नाम पर ठगी करने वाले लुटेरी दुल्हन गिरोह का पर्दाफाश करने में कामयाब रही। पुलिस ने चिउटहा बाजार के पास से गिरोह की चार महिला आरोपितों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 39 हजार 500 रुपये नकद, चांदी की पायल और मंगलसूत्र बरामद हुआ है। पुलिस कार्यालय के सभागार में एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने लुटेरी दुल्हन गैंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एटा के रहने वाले रंजीत चौहान ने सिंदुरिया थाने में तहरीर देकर बताया था कि जितेन्द्र नामक व्यक्ति और चार महिलाओं ने सुनियोजित तरीके से उनकी शादी अंजलिका से तय कराई थी। अंजलिका को अविवाहित बताया गया था, जबकि वह पहले से शादीशुदा और एक बच्चे की मां है। सिन्दुरिया के एक मंदिर में शादी की रस्मों के दौरान आरोपितों ने रंजीत से शादी के खर्च और जेवर के नाम पर करीब एक लाख रुपये और गहने ठग लिए। रस्मों के बीच ही आरोपित मारपीट और गाली-गलौज कर भागने लगे। मुख्य आरोपित जितेन्द्र दुल्हन बनी अंजलिका को लेकर फरार हो गया था। थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि विवेचना के दौरान रविवार को पुलिस टीम ने चिउटहा-सिन्दुरिया रोड से चार महिला आरोपितों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों में लालती, सुमित्रा, काजल और अंजलिका शामिल हैं। दुल्हन की मां की भूमिका निभाती थी सुमित्रा पूछताछ में सामने आया कि गिरोह की लालती मुख्य साजिशकर्ता है, जबकि सुमित्रा ने अंजलिका की मां बनकर गूंगी-बहरी होने का नाटक किया था ताकि पीड़ित पक्ष को भावुक किया जा सके। पुलिस के अनुसार लालती का पुराना आपराधिक इतिहास भी है। गिरोह के फरार सदस्य जितेन्द्र की तलाश की जा रही है। आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है। क्या बोले एसपी महाराजगंज के एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि शादी के नाम पर ठगी करने वाली लुटेरी दुल्हन को गिरोह की चार महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से ठगी के रुपये और जेवर बरामद हुए हैं। फरार एक अन्य आरोपित की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

चेंबर ऑफ कॉमर्स की पहल पर पुलिस और व्यापारियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर

 रांची  चेंबर आफ कामर्स की पहल पर शनिवार को सुखदेवनगर थाने में पुलिस–व्यवसायी समिति की बैठक की गई। थाना क्षेत्र के व्यवसायियों एवं पुलिस प्रशासन के बीच विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आपसी समन्वय बढ़ाने तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान को लेकर बात की गई। थाना प्रभारी सुनील कुशवाहा ने थाना क्षेत्र में नशाखोरी पर नियंत्रण एवं विधि-व्यवस्था में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि नशाखोरी पर अंकुश लगाने में पुलिस का सहयोग करें। बैठक में बढ़ती नशाखोरी, क्षेत्र के प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने तथा सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। थाना प्रभारी ने बताया कि वर्तमान में सुखदेवनगर थाना में 1 पीसीआर एवं 4 टाइगर मोबाइल कार्यरत हैं। थाना स्तर पर समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में विधि-व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हुआ है। चेंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि थाना में आम लोगों के साथ शालीन व्यवहार सुनिश्चित किया जाए ताकि लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने में संकोच न करें। ला एंड आर्डर उप समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल ने प्रमुख बाजारों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में पुलिस गश्ती बढ़ाने, असामाजिक तत्वों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा समय-समय पर व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। सह सचिव नवजोत अलंग एवं सह सचिव रोहित पोद्दार ने थाना स्तर पर पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री ने पुलिस एवं व्यापारियों के बीच मित्रवत वातावरण बनाने पर जोर दिया। सदस्य बिंदल वर्मा एवं शशांक भारद्वाज ने भी क्षेत्र की विधि-व्यवस्था में सुधार हेतु अपने विचार साझा किये। भविष्य में भी इस प्रकार की समन्वय बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी। बैठक में उप समिति के चेयरमैन मुकेश अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री, सदस्य शशांक भारद्वाज, राजेश पोद्दार, रंजीत कुमार, बिंदुल वर्मा सहित क्षेत्र के कई व्यापारी शामिल थे।

यूपी मंत्री ओपी राजभर का अजीब बयान! महंगाई पर कही ऐसी बात कि छिड़ी नई बहस

लखनऊ यूपी कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक हैरान कर देने वाला बयान दिया है। उन्होंने बढ़ती महंगाई को लेकर कहा है कि बाइक हर गांव में आ गई। यहां तक कि लगभग हर गांव में 20 फीसदी तक फोर व्हीलर गाड़ियां तक आ गईं हैं। जबकि शहरों में 70 से 80 प्रतिशत चार पहिया वाहन हो गए हैं। ओपी राजभर का ये बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ओम प्रकाश राजभर अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं। अब उन्होंने महंगाई को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है जो चौंकाने वाला है। मीडिया से बात करते हुए सुभासपा प्रमुख ने कहा कि हर गांव में 25-50 मोटरसाइकिल आ गई। महंगाई बढ़ने से हर गांव में 20 परसेंट फोर व्हीलर गाड़ी आ गई। शहरों में 70 से 80 प्रतिशत फोर व्हीलर हो गए। वहीं, एक पत्रकार ने पूछा कि क्या महंगाई और अधिक हो जाए तो लोग हेलिकॉप्टर भी ले लेंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'हम यह थोड़ा कह रहे हैं। जो लोग कह रहे हैं कि महंगाई है तो इतना तगड़ा मोटरसाइकिल क्यों खरीद रहे हैं?' ओपी राजभर ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल और गैस का दाम बढ़ता है तो यहां भी बढ़ता है। ये कोई नई बात नहीं है। पश्चिम बंगाल के रिजल्ट के बाद उम्मीद है कि डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे? इस सवाल के जवाब में ओपी राजभर ने कहा कि वह वहां के कैबिनेट में नहीं हैं। जिससे उन्हें कोई जानकारी हो। जब तेल के रेट बढ़ेंगे तो वह सबको पता चल जाएगा। मोदी ने झालमुड़ी खरीदी तो पेट में दर्द होने लगा इससे पहले पंओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को विधान सभा में महिला आरक्षण के मसले पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर तीखी टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा था कि पहले तो प्रधानमंत्री के लिए कहते थे कि ये बेच दिया, वो बेच दिया। अभी जब उन्होंने दस रुपये की झालमुड़ी खरीदी तो इनके पेट में दर्द होने लगा है। राजभर ने कहा कि हमने देखा कि विपक्ष के साथी आरक्षण की तख्तियां लिए खड़े थे यानी ये बताना चाहते हैं कि ये आरक्षण चाहते हैं। हालांकि, बड़ा सवाल यही है कि अगर आरक्षण चाहते हैं तो जब सरकार में थे तो क्यों नहीं पास किया था? मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण की बात करते हैं। यह हमारे संविधान में नहीं है। गाजीपुर के मसले पर सपा के लोग बहुत हंगामा करते हैं। कहते हैं कि रेप हुआ। गलत बात है। पोस्टमॉर्टम में पुष्टि नहीं हुई है। मंत्री के इतना कहते ही सपा सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनके बयान का विरोध किया। इस पर मंत्री ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बाराबंकी और देवरिया जैसी जगहों पर जहां इनके सजातीय लोग आरोपियों में शामिल थे, वहां सपा का प्रतिनिधिमंडल नहीं गया। ये महिलाओं के सशक्तीकरण का दावा करते हैं, लेकिन बसपा के समय में महिलाओं के नाम पर बने जिले कानपुर और हाथरस का नाम बदल दिया।

महादेव की भक्ति में निकले राइडर, देशभर के ज्योतिर्लिंगों तक पहुंचेगा सफर

जमशेदपुर कहते हैं जब महादेव बुलाते हैं, तो रास्ते अपने आप बन जाते हैं. इसी आस्था और हिम्मत के साथ जमशेदपुर के राहरगोड़ा निवासी युवा राइडर आशीष झा ने अपने साथी विष्णु शर्मा के साथ 12 ज्योतिर्लिंगों की 50 दिन की यात्रा शुरू की है. रविवार को जब वे जमशेदपुर से निकले, तो उनके चेहरे पर भगवान शिव के प्रति गहरी श्रद्धा और भरोसा साफ दिख रहा था. राहरगोड़ा स्थित उनके आवास और रवानगी स्थल पर परिवार, दोस्त और शुभचिंतकों ने उन्हें माला पहनाकर और तिलक लगाकर शुभ यात्रा की शुभकामनाएं दी. 12 हजार से अधिक किलोमीटर की दूरी तय होने का अनुमान यह 50 दिन की यात्रा होगी, जिसमें लगभग 12 हजार किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की जाएगी. इस दौरान आशीष देश के अलग-अलग राज्यों में स्थित शिवधामों में जाकर मत्था टेकेंगे. इस यात्रा में वे मुश्किल रास्तों से गुजरेंगे और साथ ही पूरे देश में सनातन संस्कृति और साहसिक जीवनशैली का संदेश भी देंगे. सनातन संस्कृति और पर्यटन का संदेश आशीष झा ने बताया कि इस यात्रा के जरिए वे भारत की अलग-अलग जगहों की भौगोलिक विविधता और सांस्कृतिक एकता को करीब से देखना चाहते हैं. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक एडवेंचर ट्रिप नहीं है, बल्कि इसका मकसद युवाओं को भारतीय संस्कृति, धार्मिक पर्यटन और साहसिक जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है. उनके इस कदम की पूरे शहर में तारीफ हो रही है. खासकर राहरगोड़ा के लोग इसे गर्व की बात मान रहे हैं. राहरगोड़ा से केदारनाथ तक, कुछ इस तरह तय होगी 12 ज्योतिर्लिंगों की दूरी जमशेदपुर के राइडर आशीष झा और उनके साथी विष्णु शर्मा की 50 दिन की बाइक यात्रा किसी कठिन तपस्या से कम नहीं है. इस यात्रा की शुरुआत झारखंड के देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक से होगी. इसके बाद वे उत्तर प्रदेश जाएंगे और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे. मध्य भारत की परिक्रमा: इसके बाद यह सफर मध्य प्रदेश के हृदय स्थल की ओर मुड़ेगा. शिप्रा नदी के तट पर स्थित महाकालेश्वर (उज्जैन) और नर्मदा किनारे बसे ओंकारेश्वर में मत्था टेकने के बाद महाराष्ट्र की ओर प्रस्थान करेंगे. महाराष्ट्र के तीन पड़ाव: पश्चिम भारत में प्रवेश करते ही सबसे पहले भीमाशंकर की पहाड़ियों को नापा जाएगा. जिसके बाद नासिक स्थित त्रयंबकेश्वर और फिर एलोरा के समीप घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की बारी आएगी. दक्षिण की ओर बढ़ते कदम: महाराष्ट्र की यह यात्रा सह्याद्री पर्वत श्रृंखलाओं के बीच रोमांच से भरी होगी. महाराष्ट्र से आशीष दक्षिण भारत का रुख करेंगे. कृष्णा नदी के तट पर बसे मल्लिकार्जुन (आंध्र प्रदेश) का दर्शन करने के बाद यह सफर देश के अंतिम छोर तमिलनाडु स्थित रामेश्वरम पहुंचेगा. यहां समुद्र तट पर पूजा-अर्चना के बाद यह यात्रा पश्चिम की ओर मुड़ेगी. पश्चिम से हिमालय की ऊंचाई तक: गुजरात के समुद्र तट पर बसे प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ और द्वारका स्थित नागेश्वर का आशीर्वाद लेने के बाद आशीष सीधे हिमालय की वादियों की ओर करेंगे. इस 50 दिवसीय महायात्रा का समापन उत्तराखंड की दुर्गम पहाड़ियों में स्थित केदारनाथ के कपाट पर होगा. जहां जलाभिषेक के साथ इस संकल्प की पूर्णाहूति होगी.

Negligence Rises During Boating at Jharkhand’s Dams; Failure to Wear Life Jackets Emerges as a Leading Cause of Accidents

 रांची  डैम और जलाशयों में बोटिंग के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी लगातार गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के बाद भी लोग सबक लेने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन और बोट संचालकों द्वारा लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है, लेकिन पर्यटक बीच पानी में पहुंचते ही सेल्फी लेने के लिए जैकेट उतार देते हैं। यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। रांची में भी ऐसे हादसों का इतिहास रहा है। करीब 12 वर्ष पहले बाड़ा तालाब में नाव डूबने से दो लोगों की मौत हो गई थी, जहां कई लोग लाइफ जैकेट नहीं पहने हुए थे। इसी तरह धुर्वा डैम में भी वर्षों पहले लोग डूबे थे, हालांकि उस घटना में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। इन घटनाओं के बावजूद लोग अब भी लापरवाही बरत रहे हैं। 17 जुलाई 2022 को पंचखेरो डैम में नाव पलटने से एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई थी। कई पर्यटक केवल दिखावे के लिए जैकेट पहनते हैं या उसे ठीक से बांधते भी नहीं हैं, जिससे दुर्घटना के समय वह बेकार साबित हो सकती है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। लाइफ जैकेट की गुणवत्ता और जांच पर भी सवाल डैमों पर उपलब्ध लाइफ जैकेट की नियमित जांच नहीं होती। यह भी सुनिश्चित नहीं किया जाता कि किस व्यक्ति के वजन के अनुसार कौन-सी जैकेट दी जानी चाहिए। कई जैकेट खराब हालत में हैं, लेकिन उनकी समय पर जांच और रखरखाव नहीं हो रहा है। लोगों को सही तरीके से जैकेट पहनने की जानकारी भी नहीं दी जाती, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। बरगी हादसे के बाद पलामू में सख्ती, सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन बरगी डैम हादसे के बाद पलामू जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भीम बैराज डैम, काशी सोत डैम और मुरमा मलय डैम पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अब बिना लाइफ जैकेट किसी भी पर्यटक को बोटिंग की अनुमति नहीं दी जा रही। बोट संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करें। कोडरमा में 8 मौतों के बाद भी ढिलाई, नियमों की उड़ रही धज्जियां जबलपुर हादसे के बाद कोडरमा जिले के तिलैया और पंचखेरो डैम में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। 17 जुलाई 2022 को पंचखेरो डैम में नाव पलटने से एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे में भी किसी ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। आज भी आम दिनों में लाइफ जैकेट का उपयोग बेहद कम देखने को मिलता है। निरीक्षण के दौरान ही नियमों का पालन होता है, जबकि सामान्य दिनों में लापरवाही जारी रहती है। पतरातू डैम में सख्त नियम, बिना लाइफ जैकेट नहीं मिलेगी एंट्री रांची के पास स्थित पतरातू डैम में सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। नाविक संघ की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि बिना लाइफ जैकेट किसी भी पर्यटक को बोटिंग नहीं कराई जाएगी। नाविकों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें गोताखोरी और लाइफ सेविंग तकनीक शामिल है। टिकट काउंटर से लेकर बोट तक हर जगह लाइफ जैकेट के उपयोग को लेकर जागरूकता संदेश लगाए गए हैं। डैम और जलाशयों में सुरक्षा के लिए नियम तो बनाए जा रहे हैं, लेकिन उनका पालन तभी संभव है जब पर्यटक खुद जिम्मेदारी दिखाएं।

रांची होटल कारोबार पर महंगाई की मार, गैस सिलेंडर महंगा होने से मेन्यू तक हुआ महंगा

 रांची  कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में लगातार हो रही भारी वृद्धि ने रांची के होटल और रेस्टूरेंट कारोबार को संकट में डाल दिया है। बढ़ती लागत के कारण संचालकों ने अब गैस की जगह कोयले का सहारा लेना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि गैस सिलिंडर का उपयोग अब केवल छौंक लगाने तक सीमित रह गया है। शहर में 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत (Commercial Gas Cylinder Price) बढ़कर 3250.50 रुपये पहुंच गई है। एक मई को केंद्र सरकार द्वारा कीमत में 994 रुपये की भारी बढ़ोतरी (LPG Price Hike May 2026) की गई, जिससे होटल व्यवसायियों की चिंता और बढ़ गई। जनवरी 2026 में यह कीमत 1733 रुपये थी, जो महज चार महीनों में दोगुनी हो गई है। कमर्शियल गैस सिलिंडर की बढ़ती कीमतों ने होटल उद्योग की कमर तोड़ दी है। यदि जल्द राहत नहीं मिली, तो इसका असर न सिर्फ कारोबार, बल्कि आम ग्राहकों की जेब पर भी लगातार पड़ता रहेगा। वहीं कुछ होटल व रेस्टूरेंट संचालकों ने बताया कि स्थिति में अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो होटल व रेस्टूरेंट बंद करना भी पड़ सकता है। हर महीने बढ़ती रहीं कीमतें गैस सिलिंडर की कीमतों में हर महीने इजाफा हुआ है। जनवरी और फरवरी में 111.50 रुपये, मार्च में 144 रुपये, अप्रैल में 218.50 रुपये और मई में अचानक 994 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह 47.5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत भी बढ़कर 8120 रुपये हो गई है। कोयले पर बढ़ी निर्भरता गैस की बढ़ती कीमतों के चलते होटल संचालकों ने अब कोयले का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। रांची के बाजार में 20 किलो कोयले की बोरी 260 से 300 रुपये (Coal Price in Ranchi) में मिल रही है। रेस्टूरेंट व होटल संचालकों ने बताया कि एक सप्ताह में लगभग 1500 रुपये और महीने में 4000 से 5000 रुपये तक का कोयला जलाया जा रहा है। मेन्यू महंगा, ग्राहकों पर बोझ बढ़ती लागत का असर सीधे ग्राहकों पर पड़ रहा है। होटल और रेस्टूरेंट संचालकों ने खाने के हर आइटम पर 20 से 30 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। उनका कहना है कि लागत बढ़ने के कारण यह कदम उठाना मजबूरी बन गया है। होटल संचालकों का आरोप है कि पहले से ही कमर्शियल गैस सिलिंडर की उपलब्धता एक बड़ी समस्या थी। कई बार उन्हें ब्लैक में महंगे दाम पर सिलेंडर खरीदना पड़ता था। अब कीमतों में बढ़ोतरी के बाद यह समस्या और गंभीर हो गई है। बड़े होटल अभी कर रहे मंथन शहर के बड़े होटलों ने फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला नहीं लिया है। उनका कहना है कि उनके पास अभी पुराना स्टाक मौजूद है। स्टाक खत्म होने के बाद ही मेन्यू की कीमतों में बदलाव पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं, कई शहर के बड़े होटल संचालकों ने बताया कि उनके पास पीएनजी की सर्विस है, जिसके कारण उन्हें एजपीजी गैस सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।     गैस सिलिंडर महंगा होने के बाद लोग कोयला पर निर्भर हो गए है। लेकिन अगर कोयला की कीमत में भी इजाफा हुआ तो लोग दुकान बंद करने पर मजबूर होंगे। मध्य दर्जे के रेस्टूरेंट गैस सिलिंडर की संकट से जूझ रहे हैं। – प्रसंजीत मंडल, मैनेजर, बिरियानी बाय ब्रोस, बहुबाजार  

IPL में अनुशासन तोड़ने वालों पर गिरेगी गाज, BCCI कड़े नियम लाने के मूड में

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) सचिव देवजीत सैकिया ने शनिवार को कहा कि खिलाड़ियों और अधिकारियों को आइपीएल की छवि बनाए रखने के लिए तय अनुशासन का पालन करना चाहिए और संचालन संस्था नियमों का उल्लंघन करने वाली पक्षों पर लगाम कसने के लिए और भी कड़े उपायों पर विचार कर रही है। सैकिया की यह टिप्पणी राजस्थान रायल्स के कप्तान रियान पराग और टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर चल रहे आईपीएल के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं के लिए जुर्माना लगाए जाने के ठीक बाद आई है। बीसीसीआई मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए सैकिया ने कहा कि हमने बहुत साफ तौर पर कहा है कि हम उन टीमों पर लगाम कसने के लिए कुछ अन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं जो नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम कुछ कार्रवाई करेंगे और हम आईपीएल के विभिन्न नियमों और शर्तों और प्रोटोकाल पर विचार कर रहे हैं कि टीमों को कैसा व्यवहार करना चाहिए। टीमों पर लगाम कसने की तैयारी में बीसीसीआई सैकिया ने कहा कि यह सिर्फ उनके खिलाड़ी या कोई अधिकारी ही नहीं हैं। एक टीम के तौर पर उन्हें एक निश्चित अनुशासन बनाए रखना होगा ताकि आइपीएल की छवि पर कभी भी बुरा असर नहीं पड़े। यह सुनिश्चित करने के लिए हमें कोई फैसला लेना होगा और हम कुछ कार्रवाई करेंगे। पराग के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा करने वाले अपने ईमेल में बोर्ड ने कहा था कि बीसीसीआइ नियमों का उल्लंघन करने वाली टीम, उसके अधिकारियों और खिलाड़ियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई शुरू करने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है ताकि आइपीएल की प्रतिष्ठा बनी रहे। जब उनसे पूछा गया कि क्या पंजाब पुलिस ने बीसीसीआई से संपर्क किया है क्योंकि देश में इलेक्ट्रानिक सिगरेट निषेध अधिनियम 2019 के तहत वेपिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है तो सैकिया ने कहा कि नहीं। ऐसी कोई स्थिति नहीं है। सैकिया ने कहा कि बीसीसीआइ दो दिनों के भीतर आइपीएल प्लेआफ के स्थानों की घोषणा कर देगा। उन्होंने कहा कि हम दो दिनों में स्थल की घोषणा करने जा रहे हैं। हम इस पर काम कर रहे हैं कि आइपीएल प्लेआफ और फाइनल के लिए कौन-कौन से स्थल हमारे लिए सही रहेंगे। इसलिए हमें दो दिन का और समय लगेगा।

रांची में नई पहल: NEP 2020 के तहत झारखंड का इंटरनेशनल एजुकेशन हब बनाने की तैयारी

रांची  झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य में 'ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स' (Office of International Affairs) की स्थापना का निर्णय लिया है। यह कार्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 के प्रावधानों के तहत कार्य करेगा। उच्च शिक्षा के वैश्वीकरण के लिए एक 'सिंगल विंडो' सुविधा प्रदान करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य झारखंड के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मानकों से जोड़ना और विदेशी संस्थानों तक उनकी पहुंच को सुलभ बनाना है। एक्सचेंज प्रोग्राम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग यह कार्यालय प्रमुख रूप से एक्सचेंज प्रोग्राम संचालित करेगा, जिससे झारखंड के विद्यार्थी विदेशों में जाकर उच्च शिक्षा और शोध (Research) कर सकेंगे। इसके साथ ही, विदेशी छात्रों को भी झारखंड के शिक्षण संस्थानों में अध्ययन और शोध के अवसर दिए जाएंगे। कार्यालय की मुख्य भूमिकाएं         नामांकन में सहायता: विदेशी विश्वविद्यालयों में चलने वाले कोर्सेज और उनकी जटिल नामांकन प्रक्रिया की जानकारी विद्यार्थियों को यहां उपलब्ध होगी।         कार्यशालाओं का आयोजन: शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में कार्यशालाएं होंगी, जहां विदेशी संस्थानों के प्रतिनिधि छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे।         झारखंड की ब्रांडिंग: विदेशों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर झारखंड के संस्थानों की शोध क्षमताओं और अवसरों से दुनिया को अवगत कराया जाएगा।         वित्तीय योजनाओं का संचालन: भविष्य में उच्च शिक्षा के लिए स्वीकृत होने वाली आर्थिक सहायता योजनाओं का क्रियान्वयन भी इसी कार्यालय के माध्यम से होगा।   मरांगगोके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना को मिलेगा बल झारखंड सरकार वर्तमान में 'मरांगगोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना' के माध्यम से राज्य के प्रतिभाशाली बच्चों को विदेश भेज रही है। हाल ही में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 25 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है।   इस योजना के तहत एसटी, एससी और ओबीसी श्रेणी के छात्रों को यूनाइटेड किंगडम और उत्तरी आयरलैंड के विश्वविद्यालयों में मास्टर और एमफिल करने के लिए 100% वित्तीय सहायता दी जाती है। 'ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स' के गठन के बाद इस योजना का संचालन और भी अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होने की संभावना है।   राज्य सरकार के इस कदम से न केवल झारखंड के मेधावी छात्र वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे, बल्कि झारखंड भी उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूती से उभरेगा।

राजस्थान साइबर पुलिस का एक्शन, 17 आरोपियों की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश

जयपुर राजस्थान पुलिस की साइबर यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने महज एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए एक कंपनी को 5 करोड़ 30 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने प्रदेश के पांच अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. DP लगाकर दिया झांसा, खातों में ट्रांसफर कराए करोड़ों पुलिस उपमहानिरीक्षक (साइबर अपराध) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि यह ठगी 24 अप्रैल 2026 को हुई थी. ठगों ने कंपनी के चेयरमैन की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया और अकाउंटेंट दीपेंद्र सिंह को संदेश भेजा. अकाउंटेंट को लगा कि निर्देश सीधे मालिक की ओर से आए हैं, जिसके बाद उसने बताए गए बैंक खातों में 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में हकीकत सामने आने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई. तकनीकी जांच और हवाला कनेक्शन पुलिस अधीक्षक (साइबर अपराध) सुमित मेहरडा की निगरानी में गठित विशेष टीमों ने जब ट्रांजेक्शन की जांच की, तो परतें खुलती चली गईं। ठगी की राशि को दर्जनों खातों में घुमाया गया और बाद में उसे 'यूएसडीटी' (USDT) और हवाला के जरिए ठिकाने लगाया गया. चाय की थड़ियों पर होती थी डील, वकालत का छात्र भी शामिल हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए 17 आरोपियों में कानून (वकालत) का एक छात्र, सैलून कर्मी और स्पेयर पार्ट्स बेचने वाला दुकानदार भी शामिल है, ये लोग किसी को शक न हो, इसलिए कमीशन के बंटवारे और पासबुक-चेकबुक के लेन-देन के लिए चाय की थड़ियों पर मिलते थे, इन जिलों से हुई गिरफ्तारियां पुलिस ने कोटा ग्रामीण, पाली, बांसवाड़ा, जोधपुर और बाड़मेर पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. गिरफ्तार आरोपियों में सोहेल खान, मोहम्मद राशिद, समीर, तोहिद, नवीन सिंह (कोटा), अविनाश जैन, प्रवीण, अमित, भव्य, मुकेश (बांसवाड़ा), घनश्याम, राहुल, कमलेश (जोधपुर), दीपेंद्र, वीरेंद्र, हरीश (पाली) और सदराम (बाड़मेर) शामिल हैं. पुलिस की चेतावनी पुलिस ने आम जनता और संस्थानों से अपील की है कि व्हाट्सएप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले वित्तीय निर्देशों की पुष्टि सीधे फोन कॉल के जरिए जरूर करें. गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन को लेकर जांच जारी है.