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गिरिडीह सीट पर भाजपा की नजर, निर्भय शाहाबादी से सुरेश साव तक कई नाम चर्चा में

रांची गिरिडीह विधानसभा में दुर्गापूजा समाप्त होते ही उपचुनाव का माहौल बन जाएगा। पूर्व मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन से गिरिडीह विधानसभा की सीट खाली हुई है। नवंबर में यहां चुनाव घोषित होने की संभावना है। दो बार से यहां हार का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी के लिए गिरिडीह सीट पर उपचुनाव के लिए एक योग्य प्रत्याशी की तलाश प्रारंभ हो गई है। प्रदेश के नेता गिरिडीह के कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रहे हैं। इसमें स्थानीय स्तर पर सक्रियता, जाातीय समीकरण और जीत की संभावना वाले नाम पर चर्चा हो रही है। इस विधानसभा में गिरिडीह सदर और पीरटांड़ दो प्रखंड हैं। गिरिडीह सदर के शहरी क्षेत्र में भाजपा का अच्छा आधार है लेकिन पीरटांड़ में पार्टी पिछड़ जाती है। प्रदेश नेतृत्व प्रत्याशी का नाम तय करते हुए पीरटांड़ क्षेत्र में उस नेता के प्रभाव का आकलन भी कर रहा है। निर्भय शाहाबादी और सुरेश साव का ओबीसी समाज में आधार गिरिडीह में पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे निर्भय शाहाबादी करीब 3500 वोटों से सुदिव्य कुमार से परिजित हुए थे।शाहाबादी वैश्य समुदाय से आते हैं और दूसरे ओबीसी समुदाय का भी उन्हें समर्थन मिलता रहा है। इसके अलावा शहरी मध्यवर्ग भाजपा का पारंपरिक वोटबैंक रहा है। लेकिन निर्भय शाहाबादी की उम्र ज्यादा होने की वजह से उनके टिकट पर संशय हो सकता है। सुरेश साव भाजपा के युवा नेता हैं। वैश्य समाज से ही आने वाले युवा नेता सुरेश साव पूर्व में धनबाद लोकसभा के प्रभारी रहे हैं और पार्टी को जीत दिला चुके हैं। शहरी मतदाताओं से उनका भी नियमित संपर्क है। पीरटांड़ के संताल बहुल क्षेत्र में सुरेश साव पिछले दस सालों से लगातार सक्रिय हैं। सुरेश साव ने पिछले दिनों बड़ी संख्या में संताल समाज के लोगों को भाजपा की सदस्यता भी दिलाई है। रवींद्र राय और चुन्नू कांत सामान्य जाति के बड़े नाम पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय भाजपा के बड़े नेता हैं। गिरिडीह जिले के ही निवासी रवींद्र राय पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र राजधनवार से पूर्व में विधायक भी रहे हैं। भूमिहार समाज से आने वाले रवींद्र राय झारखंड भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय हैं। गिरिडीह विधानसभा में ब्राह्मण और भूमिहार मतदाताओं की अच्छी संख्या भी है। इसके अलावा चुन्नु कांत भी भाजपा प्रत्याशी की रेस में कार्यकर्ताओं की पसंद बताए जा रहे हैं। चुन्नु कांत कायस्थ समाज से आते हैं जिसकी गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में अच्छी संख्या है। स्थानीय होने की वजह से चुन्नु कांत का आम मतदाताओं से लगातार मिलना जुलना भी है।

सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद बवाल, भीड़ ने ट्रक चालक को पकड़ा और केबिन फूंका

उदयपुर राजस्थान के उदयपुर शहर में सोमवार सुबह सड़क हादसे में स्कूटी सवार महिला की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और आसपास के लोगों ने ट्रक चालक को पकड़ लिया और ट्रक के केबिन में आग लगा दी। इसके बाद लोगों ने सड़क प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही सवीना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने समझाइश कर मामला शांत करवाया और ट्रक चालक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। सवीना थाना पुलिस के मुताबिक उदयपुर शहर में तीतरड़ी गुप्तेश्वर रोड पर सुबह करीब 8 बजे हादसा हुआ। तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार महिला को कुचल दिया। हादसे में निर्मला साहू (48) पत्नी कन्हैयालाल साहू निवासी तीतरड़ी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रक तीतरड़ी गांव की तरफ आ रहा था और स्कूटी सवार महिला अपने घर की ओर लौट रही थी। जिस जगह हादसा हुआ, वहां से कुछ ही दूरी पर महिला का घर था। ऐसे में हादसे की खबर मिलते ही परिवार के लोग और आसपास रहने वाले लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ ने ट्रक में लगाई आग महिला की मौत से गुस्साए लोगों ने ट्रक चालक को मौके पर पकड़ लिया। साथ ही लोगों ने ट्रक के केबिन में आग लगा दी। सड़क पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने पुलिस के मौके पर पहुंचने में देरी का आरोप भी लगाया। पुलिस के अनुसार जिस परिवार ने ट्रक चालक को संरक्षण देने की कोशिश की, उसके खिलाफ भी लोगों ने आक्रोश जताया और हमला करने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया और चालक को भीड़ से छुड़ाकर सुरक्षित थाने पहुंचाया। पुलिस ने शांत करवाया मामला हादसे के बाद मौके पर तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने मृतका के परिजनों और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने ट्रक चालक पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग शांत हुए। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, ट्रक चालक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर पुलिस थाने लाई, जहां पर उससे पूछताछ की जा रही है।

अलीगढ़ में बस स्टेशनों के नाम बदलने की तैयारी, शासन को भेजे गए 8 प्रस्ताव

अलीगढ़ यूपी के अलीगढ़ के आठ प्रमुख बस स्टेशनों को अब नई पहचान मिलने जा रही है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शहीदों और महापुरुषों के नाम पर बस स्टेशनों के नामकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। चार साल बाद एक बार फिर बस स्टेशनों के नाम बदलने की कवायद तेज हुई है। क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) रोडवेज की ओर से आठ बस स्टेशनों के नए नामों की संस्तुति शासन को भेज दी गई है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन बस स्टेशनों की पहचान उनके नए नाम से होगी। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय इतिहास के उन नायकों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, जिनका योगदान महत्वपूर्ण होने के बावजूद समय के साथ लोगों की स्मृतियों से दूर होता गया। बस स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों के नामकरण के माध्यम से इनके संघर्ष और योगदान को आम लोगों के बीच पहुंचाने की योजना है। इससे रोजाना हजारों यात्रियों को इन महापुरुषों और शहीदों के नामों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। प्रस्ताव के मुताबिक इगलास बस स्टेशन का नाम राजा अमानी जी बस स्टेशन रखा जाएगा। इसी तरह अकराबाद बस स्टेशन का नाम अमर शहीद ठाकुर मंगल सिंह-महताब सिंह बस स्टेशन करने की संस्तुति की गई है। मसूदाबाद बस स्टेशन का नाम नारायण पंडित जी बस स्टेशन प्रस्तावित है। शहर के महत्वपूर्ण सैटेलाइट बस स्टेशन, सूतमील चौराहा का नाम मोहनलाल गौतम बस स्टेशन रखने का प्रस्ताव है। वहीं गभाना बस स्टेशन का नाम छोटे लाल गौतम बस स्टेशन किया जाना प्रस्तावित है। शहर के गांधीपार्क बस स्टेशन को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी बस स्टेशन के नाम से पहचान देने की संस्तुति भेजी गई है। इसी क्रम में खैर बस स्टेशन का नाम ठाकुर टोडर सिंह बस स्टेशन और अतरौली बस स्टेशन का नाम बनारसी दास बस स्टेशन किए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इन नामों के जरिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को सार्वजनिक पहचान देने का प्रयास किया गया है। चार साल बाद फिर बदलेगी पहचान बस स्टेशनों के नाम बदलने की प्रक्रिया जिले में करीब चार साल बाद फिर सामने आई है। प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे जाने के बाद अब निगाहें स्वीकृति पर टिकी हैं। शासन की मंजूरी मिलने के बाद रोडवेज स्तर पर नए नामों को रिकॉर्ड, साइन बोर्ड और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं में दर्ज किया जाएगा। यात्रियों के साथ नई पीढ़ी को भी मिलेगा संदेश बस स्टेशनों पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते हैं। ऐसे में इन स्थानों का नाम महापुरुष व शहीदों के नाम पर रखने से उनके योगदान की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। खासतौर पर स्थानीय इतिहास से जुड़े व्यक्तित्वों को सार्वजनिक स्थलों के माध्यम से पहचान मिलने से नई पीढ़ी में उनके बारे में जानने की रुचि बढ़ सकती है। शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अलीगढ़ के आठ बस स्टेशनों की पहचान उनके नए नामों के साथ इतिहास व वर्तमान को जोड़ने वाली नजर आएगी।

‘सरकार आपके द्वार’ शिविर में मिली नए घर की चाबी, चेहरे पर छलकी वर्षों के इंतजार की खुशी

मिट्टी की दीवारों से पक्के आशियाने तक: राजा राम के वर्षों पुराने सपने को प्रधानमंत्री आवास योजना ने दिया आकार ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर में मिली नए घर की चाबी, चेहरे पर छलकी वर्षों के इंतजार की खुशी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर गरीब को पक्का आवास’ के संकल्प को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मिल रही जमीनी मजबूती रायपुर,  कभी मिट्टी की दीवारों वाला घर ही राजा राम पोर्ते और उनके परिवार की मजबूरी था। बारिश के दिनों में घर की चिंता, ठंड में मुश्किलें और मौसम की मार के बीच परिवार की सुरक्षा की फिक्र हमेशा बनी रहती थी। मन में एक सपना जरूर था कि कभी उनका भी अपना पक्का घर होगा, जिसकी मजबूत छत के नीचे परिवार सुरक्षित और सुकून से रह सकेगा। लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना वर्षों तक सपना ही बना रहा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ग्राम पंचायत बस्ती के निवासी राजा राम पोर्ते के जीवन में बदलाव की शुरुआत तब हुई, जब उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में शामिल हुआ। वर्षों से मन में संजोए पक्के आशियाने के सपने को पूरा करने का रास्ता खुला तो राजा राम और उनके परिवार की उम्मीदों को जैसे नए पंख मिल गए। योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने बिना समय गंवाए पूरी लगन और मेहनत के साथ अपने आवास का निर्माण शुरू किया। कुछ ही महीनों में उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। जो कभी सपना था, आज वही परिवार की खुशियों का ठिकाना आज राजा राम का पक्का घर केवल ईंट, सीमेंट और छत से बना एक ढांचा नहीं है, बल्कि उनके परिवार के लिए वर्षों के संघर्ष के बाद मिली सुरक्षा, सम्मान और सुकून की नई पहचान है। मिट्टी के पुराने घर में बारिश, ठंड और बदलते मौसम के दौरान परिवार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पक्का आवास बनने के बाद इन चिंताओं से काफी हद तक मुक्ति मिली है। अब परिवार एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण में जीवन बिता रहा है। राजा राम के लिए अपने पक्के घर की सबसे बड़ी खुशी यह है कि अब परिवार को मौसम बदलने के साथ घर की मजबूती की चिंता नहीं करनी पड़ती। जिस छत का सपना उन्होंने वर्षों तक देखा था, आज उसी छत के नीचे परिवार के साथ उनका नया जीवन शुरू हो चुका है। हाथों में आई चाबी तो आंखों के सामने साकार हुआ वर्षों पुराना सपना इस खुशी को और यादगार बनाया सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर ने। ग्राम बस्ती में आयोजित शिविर के दौरान राजा राम पोर्ते को उनके नए आवास की चाबी सौंपी गई। हाथों में नए घर की चाबी आते ही वर्षों से मन में संजोया सपना जैसे एक पल में आंखों के सामने साकार हो गया। वह चाबी केवल एक मकान का दरवाजा खोलने वाली चाबी नहीं थी, बल्कि राजा राम और उनके परिवार के लिए बेहतर भविष्य, सुरक्षा और सम्मान के नए जीवन का द्वार खोलने वाली चाबी बन गई। राजा राम कहते हैं कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच इतनी बड़ी राशि जुटा पाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने उनके इस अधूरे सपने को पूरा करने का अवसर दिया। गरीब परिवारों के पक्के आवास के सपने को मिल रहा आधार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार भी पात्र परिवारों तक आवास योजना का लाभ पहुंचाने को प्राथमिकता दे रही है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से राजा राम पोर्ते जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्का घर केवल एक आकांक्षा नहीं रह गया है, बल्कि वास्तविकता में बदल रहा है। शासन की योजना जब जरूरतमंद परिवार तक पहुंचती है तो उसका असर केवल मकान के निर्माण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह परिवार को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भरोसा भी देती है। ‘सरकार आपके द्वार’ से योजनाओं को मिल रही अंतिम छोर तक पहुंच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा सेतु अभियान के तहत ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर इसी उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन-प्रशासन ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और जरूरतों से रूबरू होने के साथ पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कर रहा है। ग्राम बस्ती में राजा राम को नए आवास की चाबी सौंपा जाना इसी प्रयास की एक सुखद तस्वीर है। यह उस भरोसे को मजबूत करता है कि शासन की योजनाएं जब अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वे उसके जीवन में वास्तविक बदलाव का माध्यम बनती हैं। मिट्टी के घर की चिंता पीछे छूटी, अब भविष्य की नई उम्मीद नए घर में प्रवेश के साथ राजा राम और उनके परिवार के जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। मिट्टी की कमजोर दीवारों और मौसम की चिंताओं से जुड़ी पुरानी यादें अब पीछे छूट रही हैं। उनकी जगह पक्की दीवारों की सुरक्षा, अपने घर का सुकून और बेहतर भविष्य का विश्वास ले रहा है। अपने परिवार के साथ पक्के घर में खुशहाल जीवन की शुरुआत करने वाले राजा राम पोर्ते ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। एक पक्का घर किसी गरीब परिवार के लिए केवल चार दीवारें और एक छत नहीं होता। वह उसकी वर्षों की मेहनत और उम्मीदों का ठिकाना, परिवार की सुरक्षा का भरोसा और सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार होता है। कभी मिट्टी की दीवारों के बीच देखा गया राजा राम का सपना आज पक्के आशियाने में बदल चुका है और इस आशियाने की नई छत के नीचे अब उनका परिवार भविष्य के नए सपने देख रहा है।  

ट्रेन टिकट बुकिंग में नहीं होगी देरी, IRCTC का Master List और पेमेंट वाला ये तरीका आएगा काम

पटना IRCTC Booking Tips: कंफर्म ट्रेन टिकट की बुकिंग कई बार रफ्तार का खेल बन जाती है। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में सीटें तेजी से भरती हैं। ऐसे में यात्रियों के पास तेज इंटरनेट होने के बावजूद टिकट वेटिंग में चली जाती है। इसकी एक बड़ी वजह बुकिंग के दौरान जानकारी भरने और पेमेंट में लगने वाला अतिरिक्त समय भी है। अगर आप अक्सर IRCTC से टिकट बुक करते हैं तो बुकिंग शुरू होने से पहले थोड़ी तैयारी आपके काम को काफी आसान बना सकती है। IRCTC Ticket Booking यात्रियों की जानकारी पहले से सेव रखने और पेमेंट का विकल्प तैयार रखने से बुकिंग प्रक्रिया तेज हो सकती है। आइए जानते हैं वे दो काम, जिन्हें पहले कर लेना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। पहला काम: पहले से तैयार रखें पैसेंजर की डिटेल IRCTC पर टिकट बुक करते समय यात्रियों की जानकारी भरने में काफी समय लग सकता है। नाम, उम्र, जेंडर, पहचान संबंधी जानकारी और बर्थ प्रेफरेंस जैसी डिटेल दर्ज करते-करते कई बार बुकिंग की रफ्तार धीमी हो जाती है। इसी दौरान उपलब्ध सीटें तेजी से कम हो सकती हैं। इस परेशानी से बचने के लिए यात्री पहले से Master List तैयार रख सकते हैं। IRCTC अकाउंट के प्रोफाइल सेक्शन में उपलब्ध इस सुविधा के जरिए उन यात्रियों की जानकारी सेव की जा सकती है, जिनके लिए आप अक्सर टिकट बुक करते हैं। Master List से बचेगा बुकिंग का समय IRCTC Ticket Booking एक बार यात्रियों की जानकारी सेव हो जाने के बाद टिकट बुक करते समय हर डिटेल दोबारा टाइप करने की जरूरत कम हो जाती है। संबंधित यात्री को सूची से चुनकर बुकिंग प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। इससे खासकर एक से अधिक यात्रियों की टिकट बुक करते समय सुविधा मिलती है। कंफर्म टिकट की बुकिंग में समय काफी अहम होता है। इसलिए बुकिंग खुलने से पहले Master List तैयार रखना एक छोटी लेकिन काम की तैयारी हो सकती है। इससे टिकट बुकिंग के दौरान अनावश्यक टाइपिंग में समय नहीं जाता। दूसरा काम: पेमेंट के लिए पहले से रहें तैयार टिकट बुकिंग का आखिरी और सबसे अहम चरण पेमेंट होता है। कई बार यात्री ट्रेन और सीट चुनने के बाद पेमेंट स्टेज पर पहुंचते हैं, लेकिन बैंकिंग प्रक्रिया, ओटीपी या पेमेंट विकल्प चुनने में अतिरिक्त समय लग जाता है। इस दौरान बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका पसंदीदा और भरोसेमंद पेमेंट विकल्प आसानी से उपलब्ध हो। IRCTC पर उपलब्ध सेव किए गए पेमेंट विकल्प का इस्तेमाल करने से हर बार भुगतान संबंधी जानकारी दोबारा दर्ज करने की जरूरत कम हो सकती है। बुकिंग से पहले ये तैयारी रखें पूरी कंफर्म टिकट के लिए सिर्फ तेज इंटरनेट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। बुकिंग शुरू होने से पहले यात्री की जानकारी, यात्रा की तारीख, ट्रेन, क्लास और बर्थ संबंधी पसंद तय रखें। साथ ही लॉगिन पहले से कर लेना भी बुकिंग प्रक्रिया को आसान बना सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि टिकट बुकिंग के समय बार-बार जानकारी खोजने या टाइप करने में समय न गंवाएं। Master List और तैयार पेमेंट विकल्प इसी तैयारी का हिस्सा हैं, जिससे बुकिंग प्रक्रिया ज्यादा तेज और व्यवस्थित हो सकती है। त्योहारों में और बढ़ जाती है तैयारी की जरूरत त्योहारों, छुट्टियों और गर्मी की छुट्टियों के दौरान ट्रेनों में टिकट की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा रहती है। ऐसे समय में उपलब्ध सीटें तेजी से भर सकती हैं। इसलिए बुकिंग शुरू होने से पहले पूरी तैयारी रखना और प्रक्रिया को समझ लेना यात्रियों के लिए खास तौर पर उपयोगी है। हालांकि कोई भी तरीका कंफर्म टिकट की गारंटी नहीं देता। सीट की उपलब्धता ट्रेन, तारीख, कोटा और मांग जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। लेकिन पहले से जानकारी तैयार रखने और पेमेंट प्रक्रिया को आसान बनाने से बुकिंग के दौरान होने वाली देरी को जरूर कम किया जा सकता है।

धीमी ओवर गति पड़ी भारी, भारत पर 20 और वेस्टइंडीज पर 10 फीसदी मैच फीस का जुर्माना

नई दिल्ली भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले में पांच विकेट से हार झेलनी पड़ी थी. 3 सितंबर (शनिवार) को मुल्लांपुर में आयोजित इस मुकाबले में भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज के सामने 352 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे मेहमान टीम ने कप्तान शाई होप के नाबाद 162 रनों की बदौलत 10 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया. भारतीय टीम शुरुआती दो मुकाबले जीत सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी थी. हालांकि आखिरी मैच में हार के चलते भारतीय टीम वेस्टइंडीज का सूपड़ा साफ नहीं कर सकी. अब वनडे सीरीज के आखिरी मुकाबले के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने दोनों टीमों पर तगड़ा एक्शन लिया है. भारत और वेस्टइंडीज दोनों टीमों पर धीमी ओवर गति को लेकर कार्रवाई हुई है. आईसीसी ने भारतीय टीम पर मैच फीस का 20 प्रतिशत, जबकि वेस्टइंडीज की टीम पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है. भारत निर्धारित समय में चार ओवर पीछे रह गया, जबकि वेस्टइंडीज की टीम दो ओवर कम कर पाई. समय से जुड़ी रियायतों को शामिल करने के बाद दोनों टीमों को न्यूनतम ओवर रेट के नियम का दोषी पाया गया. आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के प्रकाश भट्ट ने दोनों टीमों पर यह जुर्माना लगाया. भारत ने चार ओवर कम फेंके आईसीसी की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के मुताबिक निर्धारित समय में कम फेंके गए प्रत्येक ओवर के लिए खिलाड़ियों की मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है. इसी नियम के तहत भारत पर चार ओवर कम होने के कारण 20 प्रतिशत और वेस्टइंडीज पर दो ओवर कम होने के चलते 10 प्रतिशत जुर्माना लगा. भारत और वेस्टइंडीज के कप्तानों ने धीमी ओवर गति के आरोपों को स्वीकार कर लिया और आईसीसी की ओर से प्रस्तावित सजा पर भी सहमति जताई. साथ ही दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया, इसलिए मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी. इस मामले में मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और सैम नोगाज्स्की के साथ थर्ड अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद और फोर्थ अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने आरोप लगाए थे. इस तरह सीरीज के आखिरी वनडे के बाद दोनों टीमों को मैदान पर प्रदर्शन के अलावा धीमी ओवर गति की कीमत भी चुकानी पड़ी.

PDS में सरसों तेल के पैकिंग नियम बदले, 21 अक्टूबर से लाभार्थियों को मिलेगा तेल

चंडीगढ़ हरियाणा में गरीब परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सरसों का तेल उपलब्ध कराने के पैकिंग प्रारूप में बदलाव किया गया है। अब इन परिवारों को पहले से निर्धारित पैक के स्थान पर 500 एमएल और एक लीटर के पैक में सरसों का तेल उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में करीब 39.89 लाख बीपीएल/एएवाई परिवारों के लिए यह तेल वितरित किया जाना है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय की ओर से हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन लिमिटेड (एचएआइसी) के प्रबंध निदेशक को जारी पत्र में अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के लिए सरसों तेल की आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया तय की गई है। सप्लाई के 15 दिनों के भीतर एचएआइसी को भुगतान 174 रुपये प्रति लीटर की दर से किया जाएगा। इसके बाद रूटीन चक्र में भुगतान 15 दिन के बाद 180 रुपये प्रति लीटर की दर से होगा। 15 से 20 अक्टूबर तक तेल की डिलीवरी डिपुओं तक होगी विभाग के अनुसार अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में करीब 39.89 लाख बीपीएल/एएवाई परिवारों को सरसों तेल वितरित किया जाना है। अगस्त में 30 लाख लीटर, जबकि सितंबर और अक्टूबर में 37-37 लाख लीटर सरसों तेल की आवश्यकता बताई गई है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि 10 से 15 अक्टूबर तक अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के लिए सभी जिलों में करीब 104 लाख लीटर सरसों तेल कानफेड के सभी फोकल प्वाइंट्स पर उपलब्ध करा दिया जाए। इसके बाद परिवहन ठेकेदार 15 से 20 अक्टूबर तक तेल की डिलीवरी डिपुओं तक करेंगे और 21 अक्टूबर 2026 से लाभार्थियों को इसका वितरण शुरू कराया जा सकेगा। विभाग ने आगे की व्यवस्था भी स्पष्ट की है। प्रत्येक महीने अगले माह के लिए सरसों तेल की मांग पिछले माह की 20 से 25 तारीख तक जिलों के कानफेड फोकल प्वाइंट पर भेजी जाएगी। परिवहन ठेकेदार 25 से 30 तारीख तक इसकी डिलीवरी डिपुओं तक कराएंगे और अगले महीने की एक तारीख से लाभार्थियों को वितरण शुरू कराया जा सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सप्लाई के समय कोई भी बोतल खुली नहीं होनी चाहिए। इतनी बोतलों की होगी जरूरत माह -सरसों तेल की मात्रा -बोतलों की मात्रा अगस्त -30 लाख लीटर -करीब 8 लाख 500 एमएल व 26 लाख एक लीटर बोतल सितंबर -37 लाख लीटर -करीब 10 लाख 500 एमएल व 32 लाख एक लीटर बोतल अक्टूबर -37 लाख लीटर -करीब 10 लाख 500 एमएल व 32 लाख एक लीटर बोतल  

सचिन के आखिरी टेस्ट में 10 विकेट लेने वाले प्रज्ञान ओझा अब संभालेंगे सिलेक्शन की कमान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की चयन समिति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद कथित तौर पर अंतरिम इंटरीम चीफ सिलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेल चुके ओझा अब टीम इंडिया के आगामी दौरों के लिए स्क्वाड चुनने की अहम प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रज्ञान ओझा को मिली जिम्मेदारी हाल ही में गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले से ठीक पहले प्रज्ञान ओझा ने चयन समिति के अन्य सदस्यों शिव सुंदर दास, अजय रात्रा और आरपी सिंह के साथ मिलकर मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ एक लंबी बैठक की। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत के आगामी न्यूजीलैंड दौरे और बहुप्रतीक्षित टीम के चयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। न्यूजीलैंड सीरीज पर ध्यान सेलेक्टर्स की इस बैठक का मुख्य ध्यान न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी पांच मैचों की टी20आई और वनडे सीरीज के साथ-साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम को अंतिम रूप देना था। इसके अतिरिक्त, न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाली इंडिया ए टीम के तीन टेस्ट मैचों के लिए भी खिलाड़ियों के चयन पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सचिन और रोहित से खास कनेक्शन पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा का अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद शानदार रहा है। वे सचिन तेंदुलकर के ऐतिहासिक 200वें और अपने करियर के आखिरी टेस्ट मैच के हीरो रहे थे जिसमें उन्होंने 10 विकेट झटकर मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता था। इसके अलावा, आईपीएल में वह रोहित शर्मा की कप्तानी में डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस जैसी टीमों के लिए भी खेल चुके हैं। मैदान पर अपने बेहतरीन प्रदर्शन के बाद अब वे भारतीय चयन समिति में इस नई भूमिका को बखूबी संभाल रहे हैं।  

सबालेंका को 34वीं रैंक की बार्तुनकोवा ने हराया, उधर अलकराज ने जापान ओपन में बनाई सेमीफाइनल में जगह

 बीजिंग  विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर काबिज एरिना सबालेंका को रविवार को चीन ओपन के तीसरे दौर में चेक गणराज्य की निकोला बार्तुनकोवा ने सीधे सेटों में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। विश्व रैंकिंग में 34वें स्थान पर काबिज बार्तुनकोवा ने चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन सबालेंका को करीब डेढ़ घंटे में 6-4, 6-3 से मात दी। इसके साथ ही टूर्नामेंट के पहले ही सप्ताह में दोनों शीर्ष वरीय खिलाड़ी बाहर हो गईं। हाल ही में विश्व की नंबर एक खिलाड़ी बनीं एलेना रिबाकिना शनिवार को ही टूर्नामेंट से बाहर हो गई थीं और अब सबालेंका के बाहर होने के साथ बीजिंग में जारी डब्ल्यूटीए-1000 प्रतियोगिता से दोनों शीर्ष वरीय खिलाड़ियों की विदाई हो गई है। पि छले महीने यूएस ओपन में रिबाकिना के हाथों खिताब की हैटट्रिक से चूकने वाली सबालेंका ने पहले सेट में पांच ब्रेक पाइंट गंवाए। बीजिंग में उनका संघर्ष जारी रहा। 28 वर्षीय बेलारूसी खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में कभी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ सकी हैं। अब बार्तुनकोवा का सामना आस्ट्रिया की 24 वर्षीय सिंजा क्राउस से होगा, जिन्होंने इससे पहले दयाना यास्त्रेम्स्का को 6-1, 6-4 से हराया। अलकराज सेमीफाइनल में पहुंचे शीर्ष वरीयता प्राप्त कार्लोस अलकराज ने रविवार को जापान ओपन के सेमीफाइनल में जगह बना ली। चार महीने तक कलाई की चोट के कारण कोर्ट से दूर रहने के बाद उनकी शानदार वापसी जारी है। अलकराज ने अंतिम चार में जगह बनाई, क्योंकि उनके क्वार्टर फाइनल प्रतिद्वंद्वी डेनिस शापोवालोव को कूल्हे की चोट के कारण मुकाबले के दौरान रिटायर होना पड़ा। गत चैंपियन अलकराज 82 मिनट के खेल के बाद 7-6 (4), 2-1 से आगे थे, तभी कनाडाई खिलाड़ी ने मुकाबले से हटने का फैसला किया। अलकराज ने पिछले सप्ताह लेवर कप में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने सिंगल्स मुकाबले में टेलर फ्रिट्ज को हराकर यूरोप को खिताब दिलाने में मदद की थी। शापोवालोव ने पहले सेट में कड़ा मुकाबला किया और 5-4 के स्कोर पर सेट पाइंट भी हासिल किया। अलकराज ने शानदार ड्राप शाट लगाकर इस खतरे को टाला और इसके बाद प्रभावशाली टाईब्रेक जीतकर सेट अपने नाम कर लिया। सेमीफाइनल में अलकराज का सामना हमवतन जाउमे मुनार से होगा।

‘पिंक कार्ड घर भूल आए…’ दिल्ली में मुफ्त बस यात्रा के नियम से महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें

नई दिल्ली 'भैया, हमारे पास दिल्ली का आधार कार्ड नहीं है, फ्री टिकट दे दो ना…', 'दो स्टॉप पर ही जाना है, पिंक कार्ड घर पर भूल आए', 'आधे पैसों में टिकट दे दो भैया', दिन के करीब 11:45 पर मधु बिहार से महरौली जा रही क्लस्टर बस में रविवार को कुछ इसी तरह की आवाजें सुनाई दीं। महिलाओं के मुफ्त सफर को लेकर नए नियमों के बीच टिकट लेने के दौरान महिला यात्री और कंडक्टर आमने-सामने नजर आए। कोई मुफ्त यात्रा के लिए दस्तावेज दिखाने की बात कर रहा था तो कोई पिंक कार्ड घर पर छूट जाने का हवाला दे रही थी। बस में चढ़ते ही महिलाओं की ओर से मुफ्त सफर को लेकर सवाल शुरू हो गए। कंडक्टर एक-एक यात्री को समझाने और टिकट काटने में उलझे रहे थे। कई बार एक महिला को समझाने में इतना समय लग रहा था कि पीछे खड़े यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। कंडक्टर का कहना था कि सिर्फ उन्हें ही मुफ्त टिकट मिलेगा जिने पास पिंक कार्ड है। एनबीटी रिपोर्टर से कंडक्टर ने कहा कि उन्हें पहले यह देखना पड़ रहा है कि महिला यात्री मुफ्त सफर की पात्रता पूरी करती है या नहीं, इसके बाद ही टिकट जारी किया जा रहा है।     यह आदेश जारी हो चुके हैं। इस बीच बस कुछ पुरुष यात्रियों की टिप्पणी से महिलाओं में नाराजगी दिखी। दूसरे राज्य की महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत नई व्यवस्था से सबसे अधिक परेशानी उन महिलाओं को हो रही है जो दूसरे राज्यों से हैं और दिल्ली में रहती हैं या काम करती हैं। महिलाओं ने बताया कि वे दिल्ली में लंबे समय से रह रही हैं, लेकिन उनके पास दिल्ली का आधार कार्ड या मांगे जा रहे दस्तावेज नहीं है। ऐसे में उन्हें मुफ्त यात्रा का लाभ लेने में दिक्कत आ रही है। एनसीआर के शहरों से दिल्ली आकर रहने वाले लोगों की भी यही शिकायत थी। एक महिला यात्री ने कहा कि हम कई साल से दिल्ली में रह रहे हैं। अगर किसी दस्तावेज की जरूरत है तो इसकी जानकारी पहले से साफ तौर पर मिलनी चाहिए।