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मध्यप्रदेश पुलिस की सामुदायिक पुलिसिंग ने रोका बाल विवाह, मिली सकारात्मक परिणाम

सामुदायिक पुलिसिंग से बाल विवाह रोकने में मिलीं मध्यप्रदेश पुलिस को सफलताएं प्रदेशभर में जागरूकता अभियान और त्वरित हस्तक्षेप से प्रदेश में रोके जा रहे बाल विवाह भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही हैं। पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से तथा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से विभिन्न जिलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अनेक स्‍थानों पर बाल विवाह रुकवाए। साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को कानूनी प्रावधानों, दुष्परिणामों तथा बच्चों के सुरक्षित भविष्य के प्रति सचेत किया जा रहा है। राजगढ़ अक्षय तृतीया के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के कंट्रोल रूम को प्राप्त शिकायतों पर जिला प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर बाल विवाह रुकवाए। खोईरी स्थित महादेव मंदिर में एक युवक की आयु 21 वर्ष से कम पाए जाने पर विवाह रुकवाया गया। वहीं जीरापुर में सामूहिक विवाह सम्मेलन हेतु प्राप्त आवेदनों की जांच में 6 जोड़ों की आयु कम मिलने पर आवेदन निरस्त किए गए है । इसी क्रम में थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुरा कॉलोनी में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, वन स्टॉप सेंटर तथा पुलिस टीम ने तत्काल संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रूकवाया। साथ ही आमजन से अपील की गई कि इस प्रकार की घटना की सूचना तत्काल पुलिस एवं संबंधित विभाग को दें, ताकि इस सामाजिक कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। देवास जिले में पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई बाल विवाह रुकवाए। ग्राम डिंगरोदा में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह रुकवाकर उसे सुरक्षा की दृष्टि से वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। ग्राम मानकुंड में 16 वर्षीय बालिका के बाल विवाह की सूचना पर डायल-112 ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाया तथा परिजनों को समझाइश दी। वहीं ग्राम अजीजखेड़ी में 16 एवं 17 वर्ष आयु की दो नाबालिग बालिकाओं के विवाह भी समय रहते रुकवाए गए। पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं प्रभावी हस्तक्षेप से सभी मामलों में बाल विवाह पर सफलतापूर्वक रोक लगाई गई। मुरैना थाना स्टेशन रोड पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने उत्तमपुरा स्थित मैरिज गार्डन में हो रहे बाल विवाह को रुकवाया। टीम द्वारा परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर समझाइश दी गई। उज्जैन उज्जैन जिले के ग्राम इंगोरिया एवं पातिया खेड़ी में बाल विवाह की सूचना मिलने पर पुलिस टीम, तहसीलदार एवं पटवारी की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक साथ दो बाल विवाह रुकवाए। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाइश दी। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना अथवा शामिल होना दंडनीय अपराध है। मंदसौर ग्राम अरनिया मीणा में बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग बालक का विवाह रुकवाया। जांच में बालक की आयु निर्धारित वैधानिक आयु से कम पाई गई। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों एवं दुष्परिणामों की जानकारी देकर विवाह स्थगित कराया। बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर अस्थायी रूप से ऑब्जर्वेशन होम में रखा गया। शिवपुरी ग्राम डबहारा में बाल विवाह होने की सूचना प्राप्त होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई की। टीम द्वारा बालिका के माता-पिता एवं परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों से अवगत कराते हुए समझाइश दी गई कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात ही किया जाना विधिसम्मत है। पुलिस की सक्रियता, सतर्कता एवं प्रभावी हस्तक्षेप से बाल विवाह को समय रहते रुकवाया गया, साथ ही परिवारजनों को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने हेतु समझाइश दी गई। रीवा थाना जवा अंतर्गत ग्राम गाढा भैंसो टोला में बाल विवाह आयोजित किए जाने की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर त्वरित जांच की। जांच के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों एवं शैक्षणिक अभिलेखों के आधार पर बालिका की आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। इसके उपरांत पुलिस एवं महिला बाल विकास विभाग द्वारा परिजनों को समझाइश दी गई कि बालिग होने से पूर्व विवाह कराना कानूनन अपराध है। पुलिस के हस्तक्षेप से परिजनों ने विवाह रोकने पर सहमति व्यक्त की, जिससे समय रहते बाल विवाह रुकवाया गया तथा भविष्य में बालिग होने के उपरांत ही विवाह संपन्न कराने की सलाह दी गई। नीमच ग्राम पोखरदा में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान बालक की आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई, जिस पर टीम द्वारा परिजनों को समझाइश दी गई और विवाह को तत्काल रुकवाया गया। मौके पर पंचनामा तैयार कर परिवार से लिखित आश्वासन लिया गया कि बालक के 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पश्चात ही विवाह संपन्न कराया जाएगा। साथ ही भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। छिंदवाड़ा थाना अमरवाड़ा अंतर्गत ग्राम पीपरपानी में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान दूल्हे के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच में उसकी आयु वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। इसके बाद पुलिस, महिला बाल विकास विभाग, ग्राम सरपंच, आशा कार्यकर्ता, कोटवार एवं ग्रामीणों के सहयोग से परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों एवं कानूनी दंड के संबंध में समझाइश दी गई। प्रभावी समझाइश एवं पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से विवाह रुकवाया गया तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। प्रदेश में पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग, सतर्क निगरानी, सक्रिय सूचना तंत्र, व्यापक जन-जागरूकता अभियान तथा प्राप्त शिकायतों पर … Read more

अरुण जेटली में फिर दिखेगा हाई-स्कोरिंग मुकाबला?

 नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स वर्सेस पंजाब किंग्स आईपीएल 2026 का 35वां मैच आज यानी शनिवार, 25 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है। डीसी वर्सेस पीबीकेएस मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -अक्षर पटेल और श्रेयस अय्यर- आधा घंटा पहले मैदान पर उतरेगी। दिल्ली की नजरें पंजाब का विजयरथ रोककर पॉइंट्स टेबल में टॉप-4 की तरफ कदम बढ़ाने पर होगी। पंजाब ने अभी तक इस सीजन 6 मैच खेले हैं और वह एकमात्र ऐसी टीम रही है जिसने हार का मुंह नहीं देखा है। पंजाब ने 5 मैच जीते हैं वहीं केकेआर के खिलाफ एक मैच बारिश की भेंट चढ़ा था। आईए एक नजर डीसी वर्सेस पीबीकेएस पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- DC vs PBKS पिच रिपोर्ट दिल्ली की तपती गर्मी में दोनों टीमों के खिलाड़ियों को जमकर पसीना बहाना होगा। मैच दिन का है तो तापमान 40 डिग्री के आसपास होगा, जो बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। दिल्ली वर्सेस पंजाब मैच अरुण जेटली स्टेडियम की पिच नंबर 6 पर खेला जाएगा, बाउंड्री का साइज थोड़ा अलग होगा, लेकिन फिर भी हाई-स्कोरिंग गेम होने की उम्मीद है। अरुण जेटली स्टेडियम में अभी तक दो मैच खेले गए हैं, दिल्ली ने एक मैच यहां चेज करते हुए जीता था, वहीं गुजरात के खिलाफ टीम मात्र एक रन से हारी थी। आज के मैच में टॉस जीतने वाले कप्तान की नजरें पहले बैटिंग करने पर हो सकती है, ताकि उनके खिलाड़ी धूप से ज्यादातर समय बचे रहें। अरुण जेटली स्टेडियम IPL रिकॉर्ड मैच- 99 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 48 (48.48%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 50 (50.51%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 50 (50.51%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 48 (48.48%) बिना रिज़ल्ट वाले मैच- 1 (1.01%) हाईएस्ट स्कोर- 278/3 लोएस्ट स्कोर- 66 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 205/0 एवरेज रन पर विकेट- 27.92 एवरेज रन पर ओवर- 8.63 एवरेज स्कोर पहले बैटिंग करते हुए- 170.34 DC vs PBKS हेड टू हेड दिल्ली कैपिटल्स वर्सेस पंजाब किंग्स के हेड टू हेड में कांटे की टक्कर रही है। दोनों टीमों की आईपीएल के इतिहास में कुल 34 बार भिड़ंत हुई है, जिसमें दिल्ली और पंजाब दोनों ने 17-17 बार बाजी मारी है। आज देखना होगा कि कौन सी टीम बढ़त बनाने में कामयाब रहती है। DC vs PBKS स्क्वॉड दिल्ली कैपिटल्स स्क्वॉड: पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेट कीपर), नीतीश राणा, समीर रिजवी, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, आशुतोष शर्मा, अक्षर पटेल (कप्तान), कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, मुकेश कुमार, टी नटराजन, करुण नायर, दुष्मंथा चमीरा, त्रिपुराना विजय, औकिब नबी डार, मिशेल स्टार्क, काइल जैमीसन, रेहान अहमद, अजय जादव मंडल, पृथ्वी शॉ, अभिषेक पोरेल, साहिल पारख, विप्रज निगम, माधव तिवारी पंजाब किंग्स स्क्वॉड: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), मार्कस स्टोइनिस, नेहाल वढेरा, शशांक सिंह, मार्को जेनसेन, जेवियर बार्टलेट, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, विजयकुमार वैशक, हरप्रीत बराड़, सूर्यांश शेडगे, यश ठाकुर, विष्णु विनोद, बेन द्वारशुइस, लॉकी फर्ग्यूसन, अज़मतुल्लाह उमरज़ई, मिशेल ओवेन, हरनूर सिंह, मुशीर खान, पायला अविनाश, विशाल निषाद, प्रवीण दुबे

राजस्थान बनाम हैदराबाद,पिच रिपोर्ट और हेड टू हेड विश्लेषण

जयपुर आईपीएल के 19वें सीजन के छत्तीसवें मुकाबले में पहले सीजन की चैंपियन राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच भिड़ंत होने जा रही है। यह मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम (Sawai Mansingh Stadium, Jaipur) में खेला जाएगा। आरआर की कप्तानी जहां रियान पराग (Riyan Parag) संभाल रहे हैं वहीं सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी एक बार फिर ईशान किशन (Ishan Kishan) के हाथों में होगी। आईपीएल 2026 का 35वां मुकाबला शाम 7:30 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। राजस्थान रॉयल्स की टीम इंडियन प्रीमियर लीग मुकाबले में शनिवार को जब सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैदान पर उतरेगी, तो उसकी कोशिश अपने घरेलू मैदान पर दबदबा कायम रखने के साथ-साथ दोनों टीमों के बीच हुए पिछले मुकाबले का हिसाब बराबर करने की भी होगी। यह मुकाबला आईपीएल के इस चरण में बेहद अहम माना जा रहा है, जहां दोनों टीमें जरूरी अंक हासिल करने की कोशिश में होंगी। सनराइजर्स ने प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी के बूते दोनों टीमों के बीच 13 अप्रैल को खेले गए पहले चरण के मुकाबले को 57 रन से जीता था। रॉयल्स ने हालांकि उस हार से उबरते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 40 रन की जीत से अच्छी वापसी की है। अंक तालिका में जहां राजस्थान रॉयल्स दूसरे स्थान पर है। वहीं सनराइजर्स हैदराबाद इस सीजन में उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए चौथे स्थान पर काबिज है। राजस्थान रॉयल्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद हेड टू हेड राजस्थान रॉयल्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच आईपीएल के इतिहास में अबतक कुल 22 मैच खेले गए हैं। इन मैचों में हैदराबाद का पलड़ा भारी रहा है। इन 21 मुकाबलों में जहां हैदराबाद ने 13 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं राजस्थान ने 9 मैचों में जीत हासिल की है। राजस्थान रॉयल्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद आज की पिच रिपोर्ट आईपीएल 2026 का 36वां मैच जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला जाएगा, जो आमतौर पर हाई स्कोरिंग ग्राउंड माना जाता है। पिछले सीजन यहां 7 मैच हुए थे, जिनमें से 4 मैच चेज करने वाली टीम ने जीते थे। इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है।अगर कोई टीम पहले बल्लेबाजी करती है, तो उसे जीत के लिए करीब 200 रन या उससे ज्यादा बनाना जरूरी होगा। यहां की पिच बैलेंस रहती है, यानी बल्लेबाजों और गेंदबाजों (खासकर स्पिनर्स) दोनों को मदद मिलती है। पिच पर अच्छा बाउंस और स्पीड होती है, जिससे रन बनाना थोड़ा आसान हो जाता है। हालांकि, दूसरी पारी में ओस पड़ने की वजह से चेज करने वाली टीम को फायदा मिलता है और ज्यादातर मैचों में वही टीम जीतती है।

रोज़गार की दिशा में एक और कदम: डॉ. बलजीत कौर ने ITI छात्रों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के लिए किया प्रेरित

चंडीगढ़/श्री मुक्तसर साहिब. अनुसूचित जाति के युवाओं को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के मौके देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, पंजाब सरकार ने अलग-अलग जिलों के 351 ITI स्टूडेंट्स को टूल किट बांटे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार अनुसूचित जाति के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए कमिटेड है, ताकि वे अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकें और अपने परिवार का गुज़ारा कर सकें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए कमिटेड है और अनुसूचित जाति के लोगों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट बनाने के लिए लगातार असरदार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग वेलफेयर स्कीमों का मकसद लोगों को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट के काबिल बनाना है। उन्होंने कहा कि ये टूल किट मलोट में डॉ. बीआर अंबेडकर जी की 136वीं जयंती के मौके पर डिस्ट्रिक्ट सोशल जस्टिस एंड एम्पावरमेंट डिपार्टमेंट की तरफ से आयोजित फंक्शन के दौरान बांटी गईं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमें बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर की सोच को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने न सिर्फ अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा की, बल्कि महिलाओं का जीवन स्तर ऊपर उठाने और उन्हें पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। इसी वजह से आज महिलाएं हर फील्ड में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम सब उनके दिखाए रास्ते पर चलें। उन्होंने कहा कि ये टूल किट श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का जिलों की 9 ITI में बांटी गईं। अलग-अलग ट्रेड में ट्रेनिंग ले चुके 351 सीखने वालों को बांटी जा चुकी हैं। बिजली, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनिंग और प्लंबर ट्रेड से जुड़े ये टूल किट ज़िला श्री मुक्तसर साहिब के 82, बठिंडा के 64, फरीदकोट के 67, फाजिल्का के 87 और फिरोजपुर के 51 स्टूडेंट्स को दिए गए हैं, ताकि वे अपना खुद का रोज़गार शुरू कर सकें। इस मौके पर उन्होंने स्कूली लड़कियों को लैपटॉप और ज़रूरतमंदों को सिलाई मशीनें भी बांटीं। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि जल्द ही अनुसूचित जाति के लोगों को अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए लोन बांटने का कार्यक्रम रखा जाएगा। इस बीच, कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने मलोट में नए बने वॉलीबॉल ग्राउंड का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि शहरों और गांवों को सुंदर और सेहतमंद बनाने के लिए स्पोर्ट्स ग्राउंड और मिनी पार्क बनाए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को खेलों की तरफ़ प्रेरणा मिलेगी और वे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहकर सेहतमंद ज़िंदगी जी सकेंगे। उन्होंने कहा कि हलके के 24 गांवों में स्पोर्ट्स स्टेडियम भी बनाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मलोट में बना यह वॉलीबॉल ग्राउंड कैबिनेट मंत्री ने अपने पर्सनल फंड से पंचायती राज डिपार्टमेंट के ज़रिए 10 लाख रुपये की लागत से तैयार करवाया है। इस मौके पर, दूसरों के अलावा, मार्केट कमेटी मलोट के चेयरमैन जशन बराड़, जगमोहन सिंह मान, गुरमीत सिंह बराड़, डिस्ट्रिक्ट सोशल जस्टिस, एम्पावरमेंट और माइनॉरिटी ऑफिसर और इलाके के दूसरे गणमान्य लोग भी मौजूद थे।

25, 26 और 27 अप्रैल को अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुरक्षा निर्देश: सीएम योगी ने किए कड़े इंतजाम

अभूतपूर्व सुरक्षा में होगी होमगार्ड लिखित परीक्षा सीएम योगी ने दिए कड़े सुरक्षा इंतजाम के निर्देश, 25, 26 व 27 अप्रैल को 1053 केंद्रों पर 25 लाख से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल 41,424 पदों के लिए जुटेंगे लाखों अभ्यर्थी, हर 240 परीक्षार्थियों पर एक निरीक्षक/उप निरीक्षक की तैनाती सभी केंद्रों व स्ट्रॉन्ग रूम में सीसीटीवी से निरंतर निगरानी, घड़ी, मोबाइल, ब्लूटूथ समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित लखनऊ  योगी सरकार की “पारदर्शी एवं नकलविहीन भर्ती” की प्रतिबद्धता के तहत होमगार्ड एनरॉलमेंट 2025 की लिखित परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अभूतपूर्व सुरक्षा का खाका तैयार किया है। 41,424 पदों के लिए आयोजित होने वाली इस परीक्षा में 25.32 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा 25, 26 व 27 अप्रैल को प्रदेश भर के 1053 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी। योगी सरकार के निर्देशन में व्यापक एवं बहुस्तरीय व्यवस्था न केवल परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करेगी, बल्कि प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी मजबूती से स्थापित करेगी। हर स्तर पर कड़ी निगरानी, पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एस.बी. शिरडकर ने बताया कि परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक जिले में अपर पुलिस अधीक्षक/अपर पुलिस उपायुक्त स्तर के नोडल ऑफिसर बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर प्रति 240 परीक्षार्थियों पर एक निरीक्षक/उप निरीक्षक की तैनाती की गई है। प्रवेश द्वार पर हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से सभी अभ्यर्थियों की सघन चेकिंग होगी। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला पुलिसकर्मियों द्वारा बंद परिसर में कराई जाएगी। प्रश्नपत्र सुरक्षा के लिए ‘डबल लॉक’ सिस्टम, सख्त प्रोटोकॉल प्रश्नपत्रों को कोषागार में डबल लॉक व्यवस्था में रखा गया है, जिसकी चाबियां अलग-अलग अधिकारियों के पास रहेंगी। स्ट्रॉन्ग रूम में 24 घंटे बिजली, इंटरनेट और अग्निशमन व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रश्नपत्रों को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए रूट मैप बनाकर सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) किया गया है। परिवहन के दौरान किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। परीक्षा केंद्रों का सैनिटाइजेशन, सीसीटीवी से होगी निगरानी सभी परीक्षा केंद्रों का गहन सैनिटाइजेशन कराया गया है और छत, गैलरी, मैदान और वॉशरूम तक की सघन जांच की गई है, ताकि किसी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या आपत्तिजनक सामग्री छिपी न रह जाए। सभी केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम में सीसीटीवी कैमरों से निरंतर निगरानी की जाएगी। साथ ही पेयजल, क्लॉक रूम और समय की सूचना के लिए बेल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। अभ्यर्थियों के लिए सख्त गाइडलाइन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित अभ्यर्थियों को केवल प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और काला/नीला पेन लाने की अनुमति होगी। किसी भी प्रकार की घड़ी, मोबाइल, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीटिंग व्यवस्था और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। रेलवे स्टेशन से परीक्षा केंद्र तक सुरक्षा, यूपी-112 और एम्बुलेंस तैनात परीक्षा के दौरान रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास यूपी-112 की गाड़ियां और एम्बुलेंस तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, जिससे अफवाहों पर रोक लगाई जा सके। आधार आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना होगा डीजी शिरडकर ने बताया कि नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पूर्व आधार आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके साथ ही केंद्रों पर आइरिस बायोमेट्रिक डेस्क स्थापित की जाएंगी, जहां अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इस व्यवस्था के माध्यम से इंपर्सनेशन (दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने) जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगेगी और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

रायपुर: राज्यपाल ने कोसा वस्त्रों के नवाचार और बुनकरों के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा साड़ी, शाल और गमछा का अवलोकन किया तथा राज्य के हाथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए नवाचार, डिज़ाइन विकास और मूल्य संवर्धन पर विशेष बल दिया। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कोसा साड़ी एवं शाल में डॉबी और जैकार्ड तकनीक का उपयोग कर आधुनिक डिज़ाइन विकसित किए जाएं। साथ ही विभिन्न आयु वर्ग की पसंद को ध्यान में रखते हुए उत्पादों को आकर्षक एवं किफायती बनाया जाए, ताकि इनकी बाजार में मांग बढ़ सके। उन्होंने उत्तर-पूर्व के प्रसिद्ध रेशम क्षेत्र असम के सुवालकुची, विजयनगर और डेमाजी क्षेत्रों के सफल मॉडल का अध्ययन कर वहां के लोकप्रिय डिज़ाइनों को छत्तीसगढ़ के कोसा वस्त्रों में समाहित करने का सुझाव दिया। राज्यपाल ने कहा कि इससे राज्य के बुनकरों को नई पहचान मिलेगी तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। राज्यपाल ने कोसा साड़ी को अधिक किफायती बनाने के लिए साड़ी की बॉडी और बॉर्डर को पृथक रूप से तैयार कर नई शैली की साड़ियों के निर्माण का सुझाव भी दिया। उन्होंने विशेष रंगों एवं धागोंकृएक्रेलिक, स्पन और टू-प्लाई यार्न का उपयोग कर आकर्षक मोटिफ और डिज़ाइन विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने आगामी एक माह में इस दिशा में हुई प्रगति की जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामोद्योग विभाग  को राज्य की किसी एक बुनकर सहकारी समिति को गोद लेकर उसके समग्र विकास हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्याम धावड़े, राज्य हाथकरघा संघ के सचिव एम. एम. जोशी, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार बुनकर सेवा केंद्र रायगढ के उपनिदेशक विजय सावनेरकर सहित तकनीकी विशेषज्ञों तथा डिज़ाइनर उपस्थित रहे।

कृषि मंत्री कंषाना ने कहा- नरवाई जलाना खेत और सेहत दोनों के लिए नुकसानदायक

नरवाई जलाना खेत और सेहत दोनों के लिए हानिकारक : कृषि मंत्री कंषाना कृषि चौपाल के माध्यम से प्रदेशभर में किसान जागरूकता अभियान भोपाल  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि प्रदेश में नरवाई जलाने के नुकसान और नहीं जलाने के फायदों को लेकर कृषि विभाग द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप ‘कृषि चौपाल’ के माध्यम से हर विकासखंड के गांवों में किसानों को नरवाई प्रबंधन की वैज्ञानिक जानकारी दी जा रही है। कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि रबी कटाई के बाद अप्रैल-मई में यह अभियान तेज कर दिया गया है। वर्तमान में मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, महाकौशल, चंबल और विंध्य क्षेत्र के सभी 313 विकासखंडों में ‘कृषि चौपाल’ आयोजित की जा रही हैं। बड़े स्तर पर नरवाई प्रबंधन पर चर्चा हो रही है। कृषि विज्ञान केंद्र, आत्मा परियोजना और कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से लाइव प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। मंत्री कंषाना ने कहा कि नरवाई जलाने के कई दुष्परिणाम हैं। इसे जलाने से मिट्टी की उर्वरता नष्ट होती है। लगभग 1 टन नरवाई जलाने से 5.5 किलो नाइट्रोजन, 2.3 किलो फॉस्फोरस, 25 किलो पोटाश व 400 किलो कार्बनिक पदार्थ जल जाते हैं, जिससे मित्र कीट मर जाते हैं। पर्यावरण व स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। धुएं से जहरीली गैसें बढ़ती हैं, जिससे सांस व आंखों के रोग होते हैं। दृश्यता घटने से सड़क हादसे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देश पर नरवाई जलाना दंडनीय अपराध है और जुर्माने का प्रावधान है। मंत्री कंषाना ने कहा कि नरवाई नहीं जलाने के फायदे हैं। इसे खेतों में मिलाने से भूमि की सेहत सुधरती है। हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, मल्चर से नरवाई खेत में मिलाने पर जैविक कार्बन बढ़ता है, पानी रोकने की क्षमता 30 प्रतिशत बढ़ती है। किसानों को अतिरिक्त आय भी होती है। स्ट्रॉ बेलर से गट्ठर बनाकर गोशाला, पेपर मिल, बायो-सीएनजी प्लांट को बेचा जा सकता है। पराली को खेत में मिलाने से अगली फसल में 20 प्रतिशत यूरिया कम लगती है। प्रदेश में नरवाई प्रबंधन यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। कृषि मंत्री कंषाना ने अपील की है कि किसान ‘कृषि चौपाल’ में अवश्य भाग लें और ‘ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल’ से मशीनों के लिए आवेदन करें। उन्होंने कहा कि “नरवाई खेत का सोना है, इसे जलाएं नहीं, अपनाएं।” अधिक जानकारी के लिए किसान कॉल सेंटर या ‘एमपी किसान ऐप’ पर संपर्क कर सकते हैं।  

छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर सुधार को लेकर झारखंड हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

रांची  झारखंड हाईकोर्ट ने रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं को लेकर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी बरसात से पहले भैरवी नदी के डेंजर जोन में बैरिकेडिंग का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि हादसों को रोका जा सके. बैरिकेडिंग से हादसों पर लगेगा ब्रेक कोर्ट ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि भैरवी नदी के किनारे चिन्हित खतरनाक क्षेत्रों में मजबूत बैरिकेडिंग लगाई जाए. यह कदम इसलिए जरूरी माना गया है क्योंकि हर साल यहां कई श्रद्धालु और पर्यटक दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं. सरकार की ओर से बताया गया कि करीब 50 लाख रुपये की लागत से इस परियोजना का डीपीआर तैयार कर लिया गया है और जल्द ही काम शुरू होगा. विस्थापित दुकानदारों के लिए स्थायी व्यवस्था का आदेश खंडपीठ ने मंदिर परिसर से हटाए गए दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर भी अहम निर्देश दिए. कोर्ट ने कहा कि सभी प्रभावित दुकानदारों के लिए स्थायी दुकानें बनाकर दी जाएं और उनसे नियमानुसार किराया वसूला जाए. इससे न केवल दुकानदारों को स्थायित्व मिलेगा, बल्कि सरकार को भी राजस्व प्राप्त होगा. 254 दुकानदारों के पुनर्वास की तैयारी पूरी रामगढ़ के उपायुक्त ने अदालत को जानकारी दी कि कुल 254 दुकानदारों को पुनर्वासित करने की योजना बनाई गई है. इसके लिए मंदिर के पास ही उपयुक्त स्थान चिन्हित कर लिया गया है. प्रशासन का दावा है कि जल्द ही इन दुकानों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे प्रभावित लोगों को राहत मिल सकेगी. श्रद्धालुओं के लिए अस्पताल बनाने का सुझाव कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) को अपने सीएसआर फंड के तहत मंदिर परिसर के पास एक अस्पताल बनाने पर विचार करने का निर्देश दिया है. इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी. फिलहाल इस प्रस्ताव पर कंपनी को निर्णय लेना है. मंदिर सौंदर्यीकरण और सुविधाओं पर भी जोर हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर के व्यापक विकास के लिए कई अहम बिंदुओं पर जोर दिया है. इनमें सौंदर्यीकरण, स्थायी स्नान घाटों का निर्माण, कपड़े बदलने के कक्ष, स्वच्छ शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं. साथ ही अतिक्रमण हटाने और भैरवी नदी के चौड़ीकरण की भी योजना पर काम करने को कहा गया है. डीपीआर तैयार, विशेषज्ञ एजेंसी कर रही काम राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मंदिर के पुनर्निर्माण और विकास के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है. यह कार्य चड्ढा एंड एसोसिएट नामक एजेंसी को सौंपा गया है. सरकार ने भरोसा दिलाया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएंगे. 11 मई को अगली सुनवाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख निर्धारित की है. साथ ही रामगढ़ के उपायुक्त को अगली सुनवाई में फिर से उपस्थित रहने और कार्यों की प्रगति पर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. इससे यह स्पष्ट है कि कोर्ट इस मामले की निगरानी गंभीरता से कर रहा है. जनहित याचिका के आदेश के अनुपालन पर जोर यह मामला पहले दायर जनहित याचिका से जुड़ा हुआ है, जिसमें 11 अगस्त 2023 को हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर के विकास और सुरक्षा को लेकर कई निर्देश दिए थे. अवमानना याचिका के माध्यम से उन आदेशों के अनुपालन की मांग की गई थी. सुरक्षा और पर्यटन विकास का संतुलन जरूरी रजरप्पा मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में सुरक्षा और सुविधाओं का अभाव गंभीर चिंता का विषय रहा है. हाईकोर्ट के ताजा निर्देशों से उम्मीद है कि न केवल दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव भी मिलेगा.

मां नर्मदा को प्रदूषणमुक्त रखने के संकल्प के साथ आटे के दीपक का व्यवसाय शुरू किया

सफलता की कहानी मां नर्मदा को प्रदूषण मुक्‍त रखने के संकल्‍प के साथ आटे के दीपक का शुरू किया व्‍यवसाय महिला स्‍व-सहायता समूह की सराहनीय पहल भोपाल प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं उनकी आय में वृद्धि के उद्देश्य से स्‍व-सहायता समूह बनाकर उनको  रोजगार के अवसर प्रदान किये जा रहे है। प्रदेश में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत गठित स्‍व-सहायता समूह स्‍थानीय आवश्‍यकताओं के अनुरूप रोजगार के साधन अपना रहे हैं। ओंकारेश्‍वर के एक स्‍व-सहायता समूह ने इसी दिशा में एक अच्‍छा कार्य आरंभ किया है।  पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनूठी पहल: आटे के दीपक निर्माण से आत्मनिर्भरता की ओर कदम खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर के समीप स्थित ग्राम मोरटक्का निवासी श्रीमती विजया जोशी ने “मां नर्मदा आजीविका स्वयं सहायता समूह” का गठन कर एक अनूठी पहल की। उन्होंने “आटे के दीपक” निर्माण का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। उनका मानना था कि प्लास्टिक के दोने में दीपदान करने से नदी में प्रदूषण बढ़ता है, जिससे मां नर्मदा में रहने वाले जलीय जीव-जंतुओं को भी नुकसान होता है। इसी सोच के साथ समूह की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए “आटे के दीपक” बनाने का कार्य शुरू किया। सरकारी सहयोग और बाज़ार उपलब्धता से महिलाओं को मिली नई पहचान महिलाओं ने स्‍व-सहायता समूह के माध्यम से डेढ़ लाख रुपये का ऋण लेकर दीपक निर्माण की मशीन खरीदी। ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक आनंद शर्मा ने बताया कि मिशन द्वारा महिलाओं को पैकेजिंग, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग के क्षेत्र में आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जा रहा है। समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए आटे के दीपक मोरटक्का के खेड़ीघाट स्थित फूलमाला एवं किराना दुकानों पर विक्रय के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। इससे ओंकारेश्वर और मोरटक्का क्षेत्र में मां नर्मदा में दीपदान करने वाले श्रद्धालुओं को उचित मूल्य पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प मिल रहा है। समूह की अध्यक्ष श्रीमती विजया जोशी ने बताया कि इस पहल से दो प्रमुख लाभ हुए हैं। पहला, प्लास्टिक के दोने से होने वाला प्रदूषण कम हुआ है। दूसरा, दीपक में उपयोग किया गया आटा नदी में मछलियों के भोजन के रूप में उपयोग हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शास्त्रों में दीपदान का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रीय विधि से आटे के दीपक में दीपदान करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता भी है।

स्कूलों की छुट्टी के लिए शिक्षा विभाग का प्रस्ताव, एमपी में गर्मी से बीमार हो रहे बच्चों को मिली राहत की उम्मीद

भोपाल  मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। इससे बच्चों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। जबर्दस्त गर्मी के कारण बच्चों की सेहत पर पड़ते बुरे असर की शिकायतें बढ़ गई हैं। राजधानी भोपाल में ही स्कूलों में अनेक विद्यार्थी बीमार हुए हैं। ऐसे में अभिभावकों ने स्कूलों की छुट्टी घोषित करने की मांग की है। मामले में कलेक्टर से शिकायत करते हुए उन्हें पत्र सौंपा गया है। इस बीच कई प्राइवेट स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। इधर तेज गर्मी को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने स्कूलों में अवकाश घोषित करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। कलेक्टर की मंजूरी मिलते ही आदेश लागू कर दिया जाएगा। दोपहर में वैन और बस से वापसी ज्यादा भारी पड़ रही अभिभावकों ने बताया कि दोपहर में वैन और बस से वापसी ज्यादा भारी पड़ रही है। गर्मी में ये गर्म चैंबर की तरह प्रतीत हो रही है। इनमें दो से तीन घंटे का सफर तय कर बच्चे घर पहुंचते हैं। पैरेंट्स वॉइस एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक सिंह बताते हैं कि बढ़ते तापमान के बीच स्कूलों में बच्चों की दोपहर में आवाजाही सबसे ज्यादा पैरेंट्स वॉइस एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक सिंह बताते हैं कि बढ़ते तापमान के बीच स्कूलों में बच्चों की दोपहर में आवाजाही सबसे ज्यादा है। शहर में अधिकांश स्कूल बाहरी क्षेत्रों में हैं। यहां तक आने-जाने में लगने वाला समय ही तीन से चार घंंटे है। 12 बजे छुट्टी के बाद डेढ़ से दो बजे बच्चे घर पहुंचते हैं। यही हाल सुबह है। आधा दर्जन स्कूलों ने नर्सरी व प्राइमरी कक्षाओं का समय बदला, अभिभावकों को मैसेज से जानकारी दी: राजधानी के आधा दर्जन स्कूलों ने नर्सरी व प्राइमरी कक्षाओं का समय बदला है। अपने स्तर पर निर्णय लेते हुए कक्षा का समय 10.30 बजे किया गया। अभिभावकों को मैसेज से यह जानकारी दी गई। बाकी का समय पहले की ही तरह है। जिला शिक्षा अधिकारी नरेन्द्र अहिरवार ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत के आधार पर मामले में प्रस्ताव तैयार किया भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी नरेन्द्र अहिरवार ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत के आधार पर मामले में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह प्रस्ताव कलेक्टर को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उनकी अनुमति मिलते ही स्कूलों में अवकाश की घोषणा कर दी जाएगी। 2000 स्कूलों के बच्चे गर्मी के कारण आने जाने में परेशान राजधानी के 2000 स्कूलों के बच्चे गर्मी के कारण आने जाने में परेशान हैं। अब नजरें कलेक्टर के अगले आदेश पर टिकी हैं।