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बीसीसीएल एरिया में तीसरी बार भू-धंसान, कई घर जमीन में समाए

 धनबाद  झारखंड के धनबाद जिला के बीसीसीएल के गोविंदपुर एरिया संख्या-तीन के सोनारडीह  टंडाबाड़ी बस्ती में  रात को एक बार फिर तीसरी बार भू-धंसान हुआ. इस बार जोरदार आवाज के साथ जमीन करीब 15 फीट तक धंस गई और 20 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. कई घरों के भीतर 15 से 20 फीट तक गोफ बन गए. भू धंसान के कारण अब पूरा टंडाबाड़ी बस्ती ही प्रभावित हो गई है. अंधेरे और धुएं के बीच मची भगदड़ अंधेरे और धुएं बीच अफरा-तफरी मची गई सभी लोग अपना जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे. क्षेत्र में तबाही का मंजर, देखने को मिला. एक घर में खड़ी मोटरसाइकिल और कैलाश हाड़ी की कार जमीन में समा गई. लोगों ने बोकारो राजगंज मुख्य मार्ग NH 32 सड़क को घंटों जाम कर दिया. घायलों का कराया जा रहा है इलाज बाघमारा की पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया के घर समेत कई घर जमीन में समा गए. कई लोग अपने घरों में फंस गए. कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को निकाला गया, जिससे कई लोग घायल हो गए हैं घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. ये लोग पहुंचे घटनास्थल पर सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, बीसीसीएल एरिया 3 के जीएम विमला विजय कुमार, सेफ्टी जीएम संजय सिंह ,बाघमारा एसडपीओ पुरुषोत्तम कुमार सिंह, बाघमारा सीओ गिरजानंद किस्कू घटनास्थल पर पहुंचे.  घटनास्थल पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया बेघर हुए प्रभावित लोगों से मिले. देर रात ओर अंधेरा होने के कारण राहत कार्य नहीं हो पाया. पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं ज्ञात हो कि 31 मार्च की शाम 6.30 बजे टंडाबाड़ी बस्ती में तीन घर जमींदोज हो गए थे. पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी. वहीं, 22 अप्रैल को हुई भू-धंसान में कई घर में दरार आई और घर क्षतिग्रस्त हो गए थे. लेकिन इस बार टंडाबाड़ी बस्ती में  भूधसान काफी भयावाह हुआ है  चारों तरफ तबाही का मंजर है.

बंगाल चुनाव: अमित शाह बोले “दीदी जाने वाली हैं, बीजेपी आने वाली है”

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में राज्य की 152 सीटों की वोटिंग होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान सामने आया है। कोलकाता में प्रेस कांफ्रेंस में अमित शाह 152 में बीजेपी को करीब 110 सीटें मिलने जा रह रही है। अमित शाह ने कहा कि बीजेपी दूसरे चरण के बाद बीजेपी अपने बूते पर सरकार ने बनाएगी। उन्हाेंने बंपर वोटिंग के बंगाल के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहाकि यह भय से भरोसे की तरफ की सफर है। उन्होंने कहा बंगाल के पहले चरणें में एक भी मौत नहीं हुई। यह अपने आप में एक अजूबा (अनूठी उपलब्धि) है। अमित शाह ने कहा कि मेरे पास जो फीडबैक है। उसके तहत बंगाल की जनता ने पहले चरण में सबकुछ तय कर दिया है। अमित शाह ने मोटेतौर पर पहले चरण में बीजेपी के लिए फायदा होने की बात कही। उन्होंने कहा कि दीदी जाने वाली है और बीजेपी आने वाली है। भय जाने वाला है और भरोसा आने वाला है। अमित शाह की बड़ी बातें:   दीदी जाने वाली हैं बीजेपी आने वाली है।     पहले चरण की 152 सीटों में 110 जीतेंगे।     लोगों ने परिवर्तन के लिए वोट दिया है।     पहले चरण के मतदान में सभी रिकॉर्ड टूटे।     बंगाल में सुशासन के नए युग की आहट।     बंगाली बोलने वाला ही बंगाल का सीएम बनेगा।     बंगाल के लोगों ने भय से भरोस की यात्रा की है।     असम की तर्ज पर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।     भय जाने वाला है, भरोसा आने वाला है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक अफवाह फैला रही हैं कि अगर बीजेपी जीती तो बाहर के लोग बंगाल चलाएंगे। दीदी मैं कहता हूं कि बंगाल का सीएम बंगाल में जन्म लेने वाला बंगाली बोलने वाला ही होगा। वह भाजपा का कार्यकर्ता होगा। हां, वह आपका भतीजा नहीं होगा। दूसरे चरण में भी बंपर बोटिंग की अपील अमित शाह ने कहा पश्चिम बंगाल में प्रथम चरण में ऐतिहासिक मतदान कर लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता के सभी रिकॉर्ड तोड़ने के लिए प्रदेश के मतदाताओं का अभिनंदन करता हूं।बंगाल के इतिहास के सबसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित मतदान के लिए चुनाव आयोग, सभी केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPFs) के बहादुर जवानों और हमारी पश्चिम बंगाल पुलिस का भी अभिनंदन करता हूं। अमित शाह ने आगे कहा कि मैं एक बार फिर दूसरे चरण के सभी मतदाताओं से कहना चाहता हूं कि भयमुक्त होकर अपनी इच्छा से मतदान कीजिए। मतदान में गड़बड़ी न हो, इसकी बहुत अच्छी व्यवस्था चुनाव आयोग ने की है। उन्होंने कहा कि पुराने चुनाव भूल जाइए, बंगाल के सुनहरे भविष्य के लिए मतदान करें और बीजेपी की सरकार बनाएं। पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण में 142 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे।

हनुमान कथा में नीतीश भारद्वाज का संबोधन, कहा– “आज भी चल रही है महाभारत”

प्रयागराज संगम नगरी प्रयागराज में बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से आयोजित तीन दिवसीय हनुमान कथा में आध्यात्म, संस्कृति और समकालीन मुद्दों का संगम देखने को मिला। इस अवसर पर टीवी धारावाहिक महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले अभिनेता नीतीश भारद्वाज भी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा, सनातन धर्म, समाज की एकता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर विस्तार से बात की। साथ ही उनके बयान ने कार्यक्रम में खास चर्चा बटोरी, जिसमें उन्होंने कहा, 'प्रेम उसी को देंगे जो हमसे प्रेम करेगा, और जो तलवार लेकर सामने खड़ा होगा, उसके सामने अहिंसा परमो धर्म: नहीं कहेंगे। बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, आज भी महाभारत चल रही है और हिंदू धर्म को अलग-थलग करने के लिए कई शक्तियां पीछे लगी हैं। गुरु-शिष्य परंपरा से की शुरुआत नीतीश भारद्वाज ने अपने उद्बोधन की शुरुआत 'सदाशिवसमारम्भां शंकराचार्यमध्यमाम्…' श्लोक के साथ की और कहा कि भारत की संस्कृति गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित है। उन्होंने प्रयागराज की पावन धरती को ऋषि परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि यह स्थान सदियों से ज्ञान और आध्यात्म का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान पहली बार प्रयाग आने का अवसर मिला था और अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आमंत्रण पर दोबारा यहां आने का सौभाग्य मिला है। 'आज भी चल रही है महाभारत' उन्होंने वर्तमान समय को महाभारत काल से जोड़ते हुए कहा कि आज भी समाज एक प्रकार के संघर्ष से गुजर रहा है। उनके अनुसार, जैसे द्वापर युग में धर्म की रक्षा की आवश्यकता थी, उसी प्रकार आज कलयुग में भी धर्म और मूल्यों की रक्षा जरूरी हो गई है। आज के समय को देखते हुए कह सकता हूं कि आज भी महाभारत चल रही है, एक अलग तरह की महाभारत। धर्म की रक्षा की आवश्यकता फिर से आन पड़ी है। आज हिंदू धर्म को अलग-थलग करने के लिए कई शक्तियां पीछे लगी हैं। गीता के श्लोक से दिया प्रेरणा संदेश नीतीश भारद्वाज ने गीता का श्लोक 'कुतस्त्वा कश्मलमिदं…' उद्धृत करते हुए कहा कि कठिन और विपरीत परिस्थितियों में निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में कई तरह की शक्तियां सक्रिय हैं, लेकिन ऐसे समय में धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। 'सनातन ही मूल आधार' उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही इस देश की मूल पहचान है और इसकी सहिष्णुता के कारण ही अन्य धर्म यहां फल-फूल सके। उन्होंने यह भी कहा कि आज इसी सहिष्णुता का कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे हैं और सनातन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। समाज में एकता की जरूरत अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज को लंबे समय तक जातियों और वर्गों में बांटा गया, लेकिन अब समय है कि सभी लोग एकजुट हों। उन्होंने गीता के 'चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टम्…' श्लोक का उल्लेख करते हुए बताया कि समाज का संतुलन सभी वर्गों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) के समन्वय से ही संभव है और किसी एक हिस्से के कमजोर होने से पूरा ढांचा प्रभावित होता है। 'प्रेम का उत्तर प्रेम, लेकिन आक्रमण का जवाब भी' अपने संबोधन के अंत में नीतीश भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि प्रेम का उत्तर प्रेम से दिया जाएगा, लेकिन अगर कोई आक्रमण करेगा तो उसका जवाब भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले हैं, लेकिन यदि कोई तलवार लेकर सामने खड़ा होगा तो हमें छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज बनना भी आता है।' उन्होंने इसे धर्म की रक्षा का कर्तव्य बताते हुए कहा कि समय के अनुसार आचरण करना ही सच्चा धर्म है।

सरायकेला-खरसावां मैट्रिक रिजल्ट: 95.36% के साथ लड़कियों ने मारी बाजी

रांची झारखंड अधिविध परीक्षा समिति द्वारा मैट्रिक का परीक्षाफल प्रकाशित कर दिया गया है. जिला का परीक्षा परिणाम 95.36 प्रतिशत रहा है. परीणाम में लड़कियों ने बाजी मारते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है. जिला में जहां लड़कियां 95.96 प्रतिशत सफलता हासिल किया है, वहीं लड़कों ने 94.70 प्रतिशत सफलता हासिल किया है. जिला में कुल मैट्रिक की परीक्षा में 11652 परिक्षार्थी शामिल हुए थे,  जिसमें से 11112 बच्चे पास हुए हैं बाकि 530 परीक्षार्थी मार्जिनल हुए हैं. परीक्षा में कुल लड़कियां 6095 शामिल हुई थी जिसमें से 3476 प्रथम श्रेणी, 2151 द्वितिय श्रेणी व 222 तृतिय श्रेणी में पास हुई है. वहीं लड़कों में 5557 परीक्षार्थी शामिल हुए थे जिसमें से प्रथम श्रेणी में 2810 परीक्षार्थी पास हुए. द्वितिय श्रेणी में 2192 और तृतिय श्रेणी में 261 परीक्षार्थी पास हुए हैं. दो वर्षो में बेहतर रहा जिला का परीक्षा परिणाम, दस स्थान उपर लगाया छलांग सरायकेला खरसावां जिला में विगत दो वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष परीक्षा फल बेहतर रहा है. विगत दो वर्षो के आकड़ो को देखे तो जिला में मैट्रिक का परीक्षा फल 2025 में 85.03 प्रतिशत था. वहीं वर्ष 2024 में 89.6 प्रतिशत रिजल्ट रहा था जबकि इस वर्ष दस प्रतिशत अधिक रिजल्ट 95.36 प्रतिशत हुआ है और पूरे राज्य में सरायकेला खरसावां जिला का स्थान 12 वें स्थान में रहा है. रिजल्ट पर संतोष जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष के खराब रिजल्ट से सबक लेते हुए बेहतर करने का प्रयास किया गया और रिजल्ट में यह दिखा आगे और बेहतर करने का प्रयास रहेगा. जैक बोर्ड की परीक्षा में सरस्वती शिशु मंदिर का रहा शतप्रतिशत परिणाम सरायकेला के सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय का जैक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में शत प्रतिशत परिणाम रहा है. परीक्षा में शामिल विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं ने सफलता हासिल किया है. जानकारी देते हुए विद्यालय के प्राचार्य पार्थ सारथी आचार्य ने बताया कि जैक बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में विद्यालय के 113 छात्र छात्राएं शामिल हुईं थी, जिनमें सभी ने सफलता हासिल किया है. उन्होंने बताया कि विद्यालय के 22 छात्र छात्राएं परीक्षा में 90 से 100 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किया है, 67 छात्र छात्राओं ने 80 से 90 प्रतिशत में अपना जगह बनाया है,वहीं बाकी के सभी छात्र छात्राएं 60 से 70 प्रतिशत अंक को सूची में शामिल हैं. प्राचार्य ने सभी छात्र छात्राओं को उनकी सफलता पर अपनी शुभकामनाएं दी है. अरुण कुमार महतो बने स्कूल टॉपर विद्यालय के दसवीं के छात्र अरुण कुमार महतो 95.20% अंक प्राप्त कर स्कूल टॉपर बनने में सफलता पाई है. वहीं 94.80 % अंक के साथ अनिमा मुंडरी द्वितीय स्थान पर रही. तृतीय स्थान पर रुद्र कुमार सिंह 94.20%, चतुर्थ स्थान पर शिवम कुमार महतो 94%, पांचवे स्थान पर सुशील सोय 93.80%,छठवें स्थान पर अभिजीत महतो 93.60%, सातवें स्थान पर पृथ्वीराज रविदास 93.40%, आठवें स्थान पर ऋतु प्रामाणिक 93.20%, नौवें स्थान पर रंजीत महतो 93% और 92.40% अंक के साथ ऋषिकेश कुमार और कुलदीप कामिल विद्यालय के टॉप टेन में दसवें स्थान पर रहे हैं. बीते चार वर्षो का रिजल्ट प्रतिशत     वर्ष 2023: कुल 97.04 प्रतिशत     वर्ष 2024:कुल 95.35 प्रतिशत     वर्ष 2025:कुल 85.03 प्रतिशत     वर्ष 2026:कुल 95.36 प्रतिशत जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा ने मैट्रिक परीक्षा परिणाम पर संतोष जताते हुए कहा कि बीते दो वर्षों की तुलना में इस वर्ष जिले का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में जिले को 12वां स्थान प्राप्त हुआ है. आगे भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करते हुए परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे.

सूखी तुलसी भी बदल सकती है किस्मत, वास्तु के 3 चमत्कारी उपाय

 पारा 40 डिग्री के पार है, लू के थपेड़े और चिलचिलाती धूप ने न सिर्फ इंसानों का बुरा हाल कर रखा है, बल्कि घर के आंगन में लगी तुलसी भी इस तपिश को झेल नहीं पा रही है. लाख जतन के बाद भी अगर इस भीषण गर्मी में तुलसी सूख गई है, तो निराश होकर उसे फेंकने की गलती बिल्कुल न करें. वास्तु शास्त्र में माना गया है कि जो तुलसी चिलचिलाती धूप में सूख जाती है, उसकी सूखी लकड़ियों में भी चमत्कारिक शक्तियां होती हैं. ये सूखी लकड़ियां न केवल आपके घर की नकारात्मकता को सोख सकती हैं, बल्कि आर्थिक तंगी और वास्तु दोष जैसी समस्याओं के लिए रामबाण इलाज साबित हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि इस भीषण गर्मी में सूखी हुई तुलसी की लकड़ियों के वो 3 अचूक उपाय, जो आपके जीवन में खुशहाली की ठंडी बयार ला सकते हैं. 1. मुख्य द्वार पर बांधें लकड़ी वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर घर में आए दिन क्लेश होता है या आपको लगता है कि घर को किसी की नजर लग गई है, तो सूखी तुलसी की छोटी सी लकड़ी उठाएं. इसे एक साफ लाल कपड़े में लपेटकर कलावा की मदद से घर के मुख्य द्वार पर बीचों-बीच लटका दें. माना जाता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. 2. तिजोरी में रखें एक टुकड़ा: खिंची चली आएंगी लक्ष्मी अगर कड़ी मेहनत के बाद भी पैसा हाथ में नहीं टिक रहा या फिजूलखर्ची बढ़ गई है, तो सूखी तुलसी की लकड़ी या उसकी जड़ का एक छोटा सा टुकड़ा लें.  इसे गंगाजल से पवित्र करके पीले कपड़े में बांध कर अपनी तिजोरी या धन रखने वाली अलमारी में रख दें.  मान्यता है कि यह उपाय धन को आकर्षित करता है . इससे कंगाली दूर होती है. 3. तुलसी दीप से प्रसन्न होंगे भगवान विष्णु धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है. किसी भी शुभ तिथि या एकादशी के दिन जब आप घी का दीपक जलाएं, तो उसमें सूखी तुलसी की एक छोटी सी लकड़ी डाल दें. इसे तुलसी दीप कहा जाता है. ऐसा करने से घर के वास्तु दोषों का नाश होता है, रुके हुए काम बनने लगते हैं. भूलकर भी न करें ये गलती     तुलसी को हिंदू धर्म में पूजनीय माना गया है, इसलिए पौधा सूखने के बाद भी उसकी लकड़ियों का अपमान न करें.     इन्हें कभी भी गंदे हाथों से न छुएं.     लकड़ियों को इधर-उधर कचरे या नाली में न फेंकें.     उपाय करने के बाद बची हुई लकड़ियों को गमले की मिट्टी में ही दबा दें या पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें.  

खंडपीठ का बड़ा फैसला: आरती डोगरा के खिलाफ जांच कार्यवाही स्थगित

जयपुर राजस्थान कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी आरती डोगरा को राजस्थान हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाई कोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश को स्थगित कर दिया है, जिसमें आरती डोगरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से जांच कराने के निर्देश दिए गए थे. खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश पर लगाई रोक मामले में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शोभा मेहता की खंडपीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. कोर्ट ने न केवल एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाई बल्कि उस आदेश से जुड़ी सभी प्रोसीडिंग्स (कार्यवाहियों) को भी आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है. जानें क्या था मामला दरअसल, इससे पहले एकल पीठ ने विभागीय जांच में हो रही अत्यधिक देरी और डीपीसी (DPC) से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए आईएएस आरती डोगरा के खिलाफ एसीबी जांच के आदेश दिए थे. इसी आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी गई थी. सीनियर एडवोकेट आर.एन. माथुर ने रखी दलीलें आरती डोगरा और डिस्कॉम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. माथुर ने कोर्ट में पैरवी की. उन्होंने बेंच को बताया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ पहले से ही तीन विभागीय जांचें लंबित हैं और उन पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा. वकील ने स्पष्ट किया कि यह मामला भ्रष्टाचार की श्रेणी में नहीं आता है. कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश पर रोक लगा दी है. कौन है IAS आरती डोगरा आरती डोगरा वैसे तो उत्तराखंड के देहरादून की रहने वाली है. लेकिन वह राजस्थान कैडर की 2006 बैच की IAS अधिकारी है. वह राजस्थान में विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुकी है जिसकी काफी चर्चा रही हैं. डोगरा ने कई जिलों में कलेक्टर पद की कमान संभाली और बदलाव के कई नए मॉडल पेश किये. आरती डोगरा बूंदी, अजमेर और बीकानेर की कलेक्टर की रहीं हैं. कई जिलों में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रहीं हैं. बीकानेर जिला कलेक्टर रहते हुए उन्होंने खुले में शौच के खिलाफ शानदार अभियान चलाया था. 'बंको बिकाणों' के नाम से मशहूर इस अभियान ने देश भर में मिसाल कायम की थी. अशोक गहलोत जब तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने आरती डोगरा को अपना सचिव बनाया था.

WhatsApp ला रहा नया Notification Bubble फीचर, बिना ऐप खोले कर सकेंगे चैट

वॉट्सऐप पर एक नया फीचर आया है, जिसका नाम नोटिफिकेशन बबल है. इसकी मदद से यूजर्स आसानी से नए मैसेज देख सकेंगे और रिप्लाई कर सकेंगे. इसके लिए बार-बार वॉट्सऐप ऐप को ओपन करने की जरूरत नहीं होगी. लेटेस्ट अपडेट की जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है. रिपोर्ट में बताया है कि न्यू फीचर का नाम नोटिफिकेशन बबल है. अभी यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज है औ बीटा वर्जन में टेस्टिंग की जा रही है. यह अपडेट अपने आप में बेहद खास है.   WhatsApp डिजाइन को लेकर बदलाव कर रहा है, जिसमें एक न्यू टूल है. इस न्यू टूल की मदद से यूजर्स के मैसेजिंग एक्सपीरियंस को बेहतर करना है. इसकी मदद से यूजर्स मैसेज को जल्दी पढ़ सकेंगे और रिप्लाई भी कर सकेंगे. वॉट्सऐप चैटिंग के दौरान दूसरे ऐप को बंद करने की जरूरत नहीं होगी. Wabetainfo ने किया पोस्ट Wabetainfo की रिपोर्ट में एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है, जिसमें न्यू फीचर को दिखाया गया है कि कैसे ये काम करता है. यह स्क्रीन फर फ्लोट होता हुआ नजर आता है. जरूरी मैसेज नहीं होंगे नजरअंदाज बबल इंटरफेस की मदद से मैसेज को जल्दी देखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर रिप्लाई भी किया जा सकता है. बबल फीचर सिर्फ मौजूदा चैटिंग को सपोर्ट करता है.   WhatsApp का नया फीचर, उदाहरण में समझें उदाहरण के तौर पर समझे तो अगर आप किसी ऐप पर जरूरी काम कर रहे हैं. अगर बीच में कोई जरूरी वॉट्सऐप मैसेज आ जाता है तो दूसरे ऐप को बंद किए बिना मैसेज पढ़ा जा सकता है और उसका रिप्लाई किया जा सकता है. WhatsApp का बबल नोटिफिकेशन कैसे काम करेगा? वॉट्सऐप पर जैसे ही कोई नया मैसेज ग्रुप या पर्सनल चैट पर आएगा, उसके तुरंत बाद एंड्रॉयड स्क्रीन पर वॉट्सऐप आइकन फ्लोट होने लगेगा. उस बबल नोटिफिकेशन पर क्लिक करके यूजर्स आसानी से चैट आदि कर सकेंगे.

भू-माफिया का खेल उजागर: फर्जी दस्तावेजों से बेचे गए प्लॉट, लोग परेशान

जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में इन दिनों एक बड़ा सवाल हर आम आदमी के सामने खड़ा है- क्या सपनों का घर भी कभी अचानक “अवैध” घोषित हो सकता है? शहर के बाहरी इलाकों में लगातार चल रही कार्रवाई और जयपुर विकास प्राधिकरण के बुलडोजर ने हजारों परिवारों की नींद उड़ा दी है. दरअसल, इसी महीने 17 अप्रैल को हाउसिंग बोर्ड की टीम ने बीटू बाइपास से द्रव्यवती नदी तक फैली करीब 42 बीघा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी. इस जमीन का अधिग्रहण साल 1989 में हाउसिंग बोर्ड ने कर लिया था, लेकिन बावजूद इसके यहां भू-माफियाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यहां कॉलोनी विकसित कर दी और प्लॉट बेच दिए. खरीददारों का कहना है कि जमीन के कागज देखकर भुगतान किया और जमीन का सौदा किया, हमारी क्या गलती. वहीं, प्रशासन की सलाह है कि खरीददारों को जमीन सौदे के वक्त लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. इस मामले में NDTV ने खरीददार, एक्सपर्ट्स और प्रशासन से बात की और हकीकत जानी. साथ ही जाना कि घर खरीदते वक्त क्या सावधानियां रखी जाएं. लोगों का दर्द- अब हम कहां जाएं? असल कहानी सिर्फ अवैध कॉलोनियों की नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम की है, जहां कई स्तरों पर चूक दिखाई देती है. जयपुर के आसपास तेजी से बस रही कॉलोनियां किसी एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि भू-माफिया, प्रॉपर्टी डीलर्स और प्रशासनिक ढील का नतीजा है. नियमों के मुताबिक, जमीन का उपयोग बदलने के लिए 90-A के तहत भू-रूपांतरण जरूरी होता है. ऐसे में भू-माफिया बिना किसी दस्तावेज के प्लॉटिंग कर देते हैं तो प्रशासन पर भी सवाल खड़े होते हैं.     प्रेम और पार्वती जैसे कई लोगों की परेशानी यह है, "वो अपनी आंखों के सामने आशियान उजड़ता देख रही है. उन्होंने कहा कि कई पीढ़ियों से हम रह रहे हैं और जेडीए नोटिस चस्पा कर घरों को तोड़ने की तैयारी कर रहा है. अब हम कहां जाएं?"   प्रशासन की सलाह भी जान लीजिए वहीं, इस पूरे मामले की जानकारी हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर अरविंद पोसवाल ने भी दी. उन्होंने कहा कि वहीं रजिस्ट्री को वैध मान लेता है, इसके लिए पहले जो लैंड कन्वर्जन हो रखा है या नहीं, ये संबंधित विभाग में जाकर चेक करे. जेडीए या हाउसिंग बोर्ड से उस भूमि की जानकारी लेने के बाद जमीन का सौदा करे. क्या कहते हैं एक्सपर्ट? जमीन से संबंधित मामलों के जानकार और अधिकक्ता कुलदीप शर्मा ने बताया कि कोई भी प्रॉपर्टी या घर लेने से पहले जेडीए या RERA की वेबसाइट पर चेक करें. वेबसाइट पर जानकारी चेक करने के साथ ही उसके वैध डॉक्यूमेंट संबंधित ऑथोरिटी के मास्टरप्लान से वैरिफाई करवाएं.

हालैंड के गोल से सिटी की जीत, आर्सेनल को पीछे छोड़ा

 लंदन  स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के गोल की मदद से मैनचेस्टर सिटी ने बर्नले को 1-0 से हराकर इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) फुटबॉल टूर्नामेंट में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इस तरह सिटी ने लीग में आर्सेनल के 200 दिनों से पहले स्थान पर चल रहे दबदबे को समाप्त कर दिया। वहीं यह हार बर्नले के लिए एक करारा झटका रही, क्योंकि इससे वह दूसरे डिवीजन में खिसक गया। हालैंड ने खेल के पांचवें मिनट में ही जेरेमी डोकु के पास पर लीग का अपना 24वां गोल दागा। इस जीत से सिटी खिताब का प्रबल दावेदार बन गया है। अब सिटी और आर्सेनल के 33 मैच में समान 70 अंक हो गए हैं और उनका गोल अंतर भी (37) बराबर है। हालांकि, सिटी ने आर्सेनल के 63 गोल की तुलना में 66 गोल किए हैं, जिससे वह पहले स्थान पर पहुंच गया है। बुधवार को खेले गए लीग के एक अन्य मैच में लीड्स ने स्टापेज टाइम के सातवें मिनट में गोल करके बोर्नमाउथ के साथ 2-2 से ड्रॉ खेला। यह वीडियो भी देखें बार्सिलोना की जीत में गोल कर चोटिल हुए यमाल युवा फुटबॉलर लामिने यमाल स्पेनिश लीग फुटबॉल टूर्नामेंट के मैच में बार्सिलोना के लिए विजयी गोल करने के बाद चोटिल हो गए। बार्सिलोना ने इस मैच में यमाल के एकमात्र गोल से सेल्टा विगो 1-0 से हराया। यमाल के चोटिल होने से उनकी विश्व कप में खेलने को लेकर आशंका बन गई है। बार्सिलोना ने इस जीत से लीग में दूसरे स्थान पर चल रहे रीयल मैड्रिड पर नौ अंक की मजबूत बढ़त बना ली। यमाल ने 40वें मिनट में पेनल्टी पर गोल किया। जैसे ही उनके साथी खिलाड़ी जश्न मनाने के लिए पहुंचे, वह जमीन पर गिर पड़े और फिर अपने बाएं पैर के पिछले हिस्से को पकड़ते हुए दिखाई दिए। वह मुकाबले में आगे नहीं खेल पाए। बार्सिलोना बना चैंपियन बार्सिलोना ने एस्पेनयोल को 4-1 से हराकर लगातार सातवीं बार महिला स्पेनिश लीग फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब जीता। इस जीत से बार्सिलोना दूसरे स्थान पर मौजूद रीयल मैड्रिड से 16 अंक आगे हो गया है। यह खिताब जीतने के लिए पर्याप्त हैं। बार्सिलोना का यह 11वां लीग खिताब है। बार्सिलोना ने इस साल के टूर्नामेंट में अपने 26 मैचों में से 25 मैच जीते हैं। पिछले साल नवंबर में उसे रीयल सोसिदाद के हाथों 1-0 से हार का सामना करना पड़ा था, जो उसकी एकमात्र हार थी। बार्सिलोना की महिला टीम ने लीग में अब तक 116 गोल किए हैं और सात गोल खाए हैं। इस तरह से उसका गोल अंतर 109 है। रीयल मैड्रिड का गोल अंतर 38 है।

सचिन की 664 रनों की साझेदारी, 100 शतक की कहानी

नई  दिल्ली क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर ने अपने जन्मदिन पर एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका जादू वक्त के साथ कम नहीं हुआ है. शुक्रवार (24 अप्रैल) को मुंबई स्थित उनके घर के बाहर फैन्स का हुजूम उमड़ पड़ा. इस खास मौके पर सचिन ने पत्नी अंजलि तेंदुलकर के साथ बाहर आकर प्रशंसकों का अभिवादन किया और एक ‘नन्हे फैन’ के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में समय बिताया…एक ऐसा पल जिसने हर किसी का दिल जीत लिया. सचिन तेंदुलकर 53 साल के हो गए. उन्होंने महज 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. 24 साल लंबे करियर में उन्होंने ऐसे-ऐसे कीर्तिमान गढ़े कि उन्हें ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाने लगा.      सचिन की प्रतिभा को पहली बार दुनिया ने गंभीरता से तब देखा, जब उन्होंने अपने दोस्त विनोद कांबली के साथ 1988 में हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में 664 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की. मुंबई के आजाद मैदान पर खेले गए इस मैच में सचिन 326 और कांबली 349 रन बनाकर नाबाद रहे. उस समय यह किसी भी स्तर पर क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी थी. एक अंपायर की वजह से दुनिया तक पहुंची कहानी दिलचस्प बात यह है कि यह रिकॉर्ड दुनिया के सामने आसानी से नहीं आया. क्रिकेट की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘विजडन’ ने इसे प्रकाशित नहीं किया था. लेकिन अंपायर मार्कस कुटो की मेहनत से यह ऐतिहासिक साझेदारी एक महीने बाद दुनिया के सामने आ सकी. स्कोरकार्ड की गड़बड़ी को सुधारते हुए उन्होंने आंकड़ों को व्यवस्थित किया, हालांकि सचिन आज भी मजाक में अपने ‘तीन रन’ कम होने की बात याद दिलाते रहते हैं. दरअसल, मार्कस कुटो के मुताबिक उस मैच के लिए 10 स्कोरर थे और स्कोरकार्ड में भी गड़बड़ी आ गई थी. ऐसे में स्कोर का मिलान करने के लिए माकर्स काउटो ने सचिन तेंदुलकर के 326 रनों के स्कोर में से तीन रन हटा दिए. सचिन अब भी मार्कस कुटो को वह बात याद दिलाना नहीं भूलते. सचिन का मानना है कि तीन रन अतिरिक्त (extras) में से कम करने चाहिए थे. आंकड़े जो आज भी बेजोड़ हैं सचिन तेंदुलकर का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों के लिहाज से भी अतुलनीय है- टेस्ट: 200 मैच, 15921 रन, 51 शतक वनडे: 463 मैच, 18426 रन, 49 शतक अंतरराष्ट्रीय शतक: 100 (दुनिया में अकेले) विकेट: 201 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वानखेड़े टेस्ट के साथ उन्होंने अपने सुनहरे करियर को अलविदा कहा, लेकिन उनकी विरासत आज भी हर क्रिकेटर के लिए प्रेरणा है. 53 की उम्र में भी सचिन का करिश्मा बरकरार है. जन्मदिन पर घर के बाहर उमड़ी भीड़ और एक छोटे फैन के साथ उनकी सहज मुस्कान इस बात का सबूत है कि सचिन सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक भावना हैं, जो हर पीढ़ी के दिल में बसती है.