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सचिन की 664 रनों की साझेदारी, 100 शतक की कहानी

नई  दिल्ली क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर ने अपने जन्मदिन पर एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका जादू वक्त के साथ कम नहीं हुआ है. शुक्रवार (24 अप्रैल) को मुंबई स्थित उनके घर के बाहर फैन्स का हुजूम उमड़ पड़ा. इस खास मौके पर सचिन ने पत्नी अंजलि तेंदुलकर के साथ बाहर आकर प्रशंसकों का अभिवादन किया और एक ‘नन्हे फैन’ के साथ हल्के-फुल्के अंदाज में समय बिताया…एक ऐसा पल जिसने हर किसी का दिल जीत लिया. सचिन तेंदुलकर 53 साल के हो गए. उन्होंने महज 16 साल 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. 24 साल लंबे करियर में उन्होंने ऐसे-ऐसे कीर्तिमान गढ़े कि उन्हें ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाने लगा.      सचिन की प्रतिभा को पहली बार दुनिया ने गंभीरता से तब देखा, जब उन्होंने अपने दोस्त विनोद कांबली के साथ 1988 में हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में 664 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की. मुंबई के आजाद मैदान पर खेले गए इस मैच में सचिन 326 और कांबली 349 रन बनाकर नाबाद रहे. उस समय यह किसी भी स्तर पर क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी थी. एक अंपायर की वजह से दुनिया तक पहुंची कहानी दिलचस्प बात यह है कि यह रिकॉर्ड दुनिया के सामने आसानी से नहीं आया. क्रिकेट की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘विजडन’ ने इसे प्रकाशित नहीं किया था. लेकिन अंपायर मार्कस कुटो की मेहनत से यह ऐतिहासिक साझेदारी एक महीने बाद दुनिया के सामने आ सकी. स्कोरकार्ड की गड़बड़ी को सुधारते हुए उन्होंने आंकड़ों को व्यवस्थित किया, हालांकि सचिन आज भी मजाक में अपने ‘तीन रन’ कम होने की बात याद दिलाते रहते हैं. दरअसल, मार्कस कुटो के मुताबिक उस मैच के लिए 10 स्कोरर थे और स्कोरकार्ड में भी गड़बड़ी आ गई थी. ऐसे में स्कोर का मिलान करने के लिए माकर्स काउटो ने सचिन तेंदुलकर के 326 रनों के स्कोर में से तीन रन हटा दिए. सचिन अब भी मार्कस कुटो को वह बात याद दिलाना नहीं भूलते. सचिन का मानना है कि तीन रन अतिरिक्त (extras) में से कम करने चाहिए थे. आंकड़े जो आज भी बेजोड़ हैं सचिन तेंदुलकर का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों के लिहाज से भी अतुलनीय है- टेस्ट: 200 मैच, 15921 रन, 51 शतक वनडे: 463 मैच, 18426 रन, 49 शतक अंतरराष्ट्रीय शतक: 100 (दुनिया में अकेले) विकेट: 201 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वानखेड़े टेस्ट के साथ उन्होंने अपने सुनहरे करियर को अलविदा कहा, लेकिन उनकी विरासत आज भी हर क्रिकेटर के लिए प्रेरणा है. 53 की उम्र में भी सचिन का करिश्मा बरकरार है. जन्मदिन पर घर के बाहर उमड़ी भीड़ और एक छोटे फैन के साथ उनकी सहज मुस्कान इस बात का सबूत है कि सचिन सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक भावना हैं, जो हर पीढ़ी के दिल में बसती है.

27 अप्रैल को सूर्य के भरणी नक्षत्र में प्रवेश से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही उनका नक्षत्र परिवर्तन भी मायने रखता है. 27 अप्रैल 2026 को ग्रहों के राजा सूर्य देव अश्विनी नक्षत्र से निकलकर भरणी नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. शुक्र के आधिपत्य वाले इस नक्षत्र में सूर्य का आगमन आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद प्रभावशाली माना जाता है. सूर्य का यह गोचर कुछ खास राशि वालों के लिए गोल्डन पीरियड की शुरुआत करने वाला है. आइए जानते हैं किन 4 राशियों की किस्मत चमकने वाली है और किसे मिलेगा बंपर धन लाभ. मेष राशि: करियर में ऊंची उड़ान मेष राशि वालों के लिए सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन वरदान की तरह है. आपकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी. कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी.  अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. अगर आप नया स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, तो यह सही समय है. मिथुन राशि: आय के नए स्रोत मिथुन राशि के जातकों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे. सूर्य और शुक्र का यह नक्षत्र संबंध आपकी सुख-सुविधाओं में विस्तार करेगा. शेयर बाजार या प्रॉपर्टी में किया गया पुराना निवेश अब मुनाफा देना शुरू करेगा. प्रभावशाली लोगों से मेलजोल बढ़ेगा, जो भविष्य में बड़े कॉन्ट्रैक्ट दिला सकता है. सिंह राशि: मान-सम्मान और पदोन्नति चूँकि सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए भरणी नक्षत्र में उनका जाना आपके व्यक्तित्व में निखार लाएगा. समाज और दफ्तर में आपका दबदबा बढ़ेगा. सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकता है. पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद आपके पक्ष में सुलझ सकते हैं. धनु राशि: भाग्य का पूरा साथ धनु राशि वालों के लिए यह समय बंपर ग्रोथ वाला साबित होगा. आपकी निर्णय लेने की क्षमता आपको दूसरों से आगे रखेगी. व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं धनवर्षा का कारण बनेंगी. फिजूलखर्ची पर लगाम लगेगी, आपकी बैंक बैलेंस में इजाफा होगा.

स्वास्थ्य विभाग का अल्टीमेटम: 5 दिन में अनुपस्थित डॉक्टरों पर कार्रवाई रिपोर्ट

जयपुर राजस्थान में सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा एक्शन लिया है. जिसमें राज्य सरकार ने उन 697 'लापता' डॉक्टरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो कागजों में तो तैनात हैं लेकिन सालों से अस्पताल की चौखट तक नहीं पहुंचे. स्वास्थ्य विभाग अब इन 'घोस्ट डॉक्टर्स' (Ghost Doctors) की सेवाएं स्थायी रूप से समाप्त करने की तैयारी में है. 5 दिन का अल्टीमेटम, CMHO को सख्त निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को कड़ा फरमान जारी किया है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे आगामी 5 दिनों के भीतर गायब डॉक्टरों के खिलाफ अलग-अलग अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर भेजें. यह पूरी प्रक्रिया CCA नियमों के तहत अमल में लाई जाएगी ताकि लापरवाह सिस्टम को सुधारा जा सके. कोई 15 साल से गायब तो कोई 22 साल से 'लापता' रिकॉर्ड खंगालने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. कुछ डॉक्टर तो ऐसे हैं जिन्होंने पिछली दो दशकों से अस्पताल का चेहरा नहीं देखा. उदयपुर में एक बाल रोग विशेषज्ञ जुलाई 2004 से और एक स्त्री रोग विशेषज्ञ 2013 से ड्यूटी से नदारद हैं. वहीं अजमेर के जेएलएन अस्पताल में सर्जरी विशेषज्ञ 2007 से गायब हैं. अजमेर जिला इस सूची में 41 गायब डॉक्टरों के साथ सबसे ऊपर है जबकि राजधानी जयपुर में भी 29 डॉक्टर वर्षों से गायब हैं. लापरवाही मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई इस मामले को लेकर चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि विभागीय जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि बड़ी संख्या में डॉक्टर बिना सूचना के अनुपस्थित हैं. इस पूरे मामले पर सीएमएचओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अनुपस्थित चिकित्सकों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जाए. इसमें पांच दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अनुपस्थिति के पीछे क्या कारण हैं. रिपोर्ट आने के बाद जो भी कारण सामने आएंगे उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. यदि लापरवाही या अनुशासनहीनता पाई जाती है तो संबंधित चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. मरीजों के हक पर डाका और नई भर्तियों में अड़ंगा इन डॉक्टरों की इस हरकत ने दोहरा नुकसान किया है. पहली बात तो यह कि स्त्री रोग, सर्जरी और रेडियोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञों की कमी हो गई है और दूसरी यह कि कागजों में पद भरे होने के कारण सरकार नई भर्तियां नहीं कर पा रही थी. कई डॉक्टर पीजी करने के बाद विदेश चले गए या निजी प्रैक्टिस में मशगूल हो गए लेकिन सरकारी इस्तीफा नहीं दिया. बांड राशि की वसूली और सेवा समाप्ति सरकार अब सिर्फ नौकरी से नहीं निकालेगी बल्कि रिकवरी भी करेगी. जिन डॉक्टरों ने सरकारी कोटे से पीजी की पढ़ाई की और बांड की शर्तें पूरी नहीं की उनसे करोड़ों रुपये की बांड राशि वसूली जाएगी. विभाग ने साफ किया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और ड्यूटी से भागने वालों पर सख्त एक्शन लेकर नए डॉक्टरों के लिए रास्ते खोले जाएंगे.

रांची में OMCs का दावा: राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति नियंत्रण में

रांची झारखंड में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इसकी आपूर्ति पूरी तरह से नियंत्रण में है। इस बात की जानकारी गुरुवार को पीआईबी रांची और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसीज़) की ओर से एक प्रेस वार्ता में दी गई। पेट्रोलियम कंपनियों के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. प्रदीप पॉल और पत्र सूचना कार्यालय के कार्यालय प्रमुख राजेश सिन्हा ने बताया कि राज्य भर में पेट्रोलियम उत्पादों निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में उपलब्ध सुदृढ़ बुनियादी ढांचे, सतत निगरानी व्यवस्था और प्रभावी समन्वय तंत्र के माध्यम से पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है। पेट्रोल और डीजल का 12 दिनों का स्टॉक उपलब्ध राज्य में वर्तमान में कुल 2084 रिटेल आउटलेट (ओएमसी: 1981 एवं निजी: 103) तथा 5 सप्लाई लोकेशन-डिपो संचालित हैं। औसतन प्रतिदिन 1750 KL पेट्रोल (MS) एवं 3450 KL डीजल (HSD) उपलब्ध करवाया जा रहा है। वर्तमान में पेट्रोल का 12 दिन तथा डीजल का 12 दिन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सभी रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्यरत हैं तथा बिक्री पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। जनवरी–मार्च 2026 की सामान्य खपत के अनुरूप नोज़ल सेल हो रही है, जो मांग की स्थिरता को दर्शाती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराहट में खरीदारी से बचें। एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह स्थिर, 67.5 लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा एलपीजी आपूर्ति की बात करें तो राज्य में 591 वितरकों और 5 बॉटलिंग प्लांट के माध्यम से लगभग 67.5 लाख उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। औसतन प्रतिदिन 80 हजार रिफिल की डिलीवरी की जा रही है। जबकि लगभग 5.0 दिन का बैकलॉग निर्धारित बुकिंग सूची के अनुसार पूरा किया जा रहा है। आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वर्तमान में व्यावसायिक एलपीजी 70 प्रतिशत आवंटन स्तर बनाए रखा गया है। अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, रक्षा, रेलवे, सरकारी प्रतिष्ठान, होटल- रेस्टोरेंट, औद्योगिक कैंटीन और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है। 5 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यम से एलपीजी सेवाओं में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देते हुए 95 प्रतिशत बुकिंग डिजिटल माध्यम से की जा रही है जो कि दो माह पहले सिर्फ 70 प्रतिशत थी। 90 प्रतिशत मामलों में डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है जो कि दो माह पहले सिर्फ 40 प्रतिशत थी। राज्य में 41 हज़ार पीएनजी कनेक्शन पीएनजी के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य में लगभग 41 हजार पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं। पिछले एक माह में लगभग 4000 नए कनेक्शन जोड़े गए हैं। सरकार की ओर से त्वरित अनुमतियां, पाइपलाइन बिछाने के लिए फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस एवं स्थानीय प्राधिकरणों के साथ समन्वय के माध्यम से नेटवर्क विस्तार को गति दी जा रही है। इससे शहरी क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता में कमी आएगी।  

चुनाव आयोग सख्ती: खर्च विवरण नहीं देने पर 115 प्रत्याशी अयोग्य

चंडीगढ़ हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई करते हुए 115 उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ये सभी उम्मीदवार अगले पांच वर्षों तक कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। यह कदम उन प्रत्याशियों के खिलाफ उठाया गया है जिन्होंने चुनाव खर्च का अनिवार्य विवरण समय पर जमा नहीं कराया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खर्च का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और निष्पक्ष बनाना है। नियमों के अनुसार प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के 30 दिनों के भीतर अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण जमा कराना अनिवार्य होता है। तय समय सीमा में यह जानकारी उपलब्ध न कराने पर उम्मीदवार को आगामी चुनावों के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इसी क्रम में राज्य चुनाव आयोग ने हाल ही में अयोग्य उम्मीदवारों की सूची अपडेट करते हुए 115 प्रत्याशियों को पांच वर्ष के लिए चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार भी नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जाएगी। उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्च का विधिवत रजिस्टर बनाए रखने और हर विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर वे इस संबंध में पर्यवेक्षकों से मार्गदर्शन भी ले सकते हैं, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके। निकाय उम्मीदवार कितना पैसा खर्च कर सकते हैं आयोग समय-समय पर उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा तय करता आया है। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते। नगर निगम महापौर के लिए उम्मीदवार अधिकतम 30 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं। निगम में पार्षद के उम्मीदवार साढ़े 7 लाख रुपए खर्च कर सकते हैं। वहीं नगर काउंसिल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार 20 लाख रुपये, नगर काउंसिल के मेंबर की खर्च सीमा चार लाख रुपये तय की गई है। पंचायती राज में सरपंच के लिए यह सीमा 2 लाख रुपये और जिला परिषद सदस्य के लिए 6 लाख रुपये रखी गई है। चुनाव परिणाम आने के 30 दिनों के भीतर यदि उम्मीदवार खर्च का ब्योरा जमा नहीं करते हैं तो जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किया जाता है। उसके बाद भी खर्च का ब्यौरा नहीं देते हैं तो जिला अधिकारी उन्हें अयोग्य घोषित कर देते हैं और इसकी जानकारी राज्य चुनाव आयोग को भिजवाई जाती है। कहां कितने उम्मीदवार अयोग्य घोषित किए गए चुनाव आयोग के मुताबिक सोनीपत नगर निगम के 18 उम्मीदवार, नगर परिषद झज्जर के 5, नूंह नगर परिषद के 14, पुन्हाना नगर पालिका के 17, नगर पालिका फिरोजपुर झिरका के पांच, नगर परिषद नारनौल के 41, नगर पालिका राजौंद के 13, नगर पालिका टोहाना के एक उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया गया है।  

मई 2026 में बनेंगे तीन राजयोग, धन और करियर में बड़े बदलाव के संकेत

मई 2026 सिर्फ एक सामान्य महीना नहीं है, बल्कि यह समय ज्योतिष के अनुसार बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है. इस महीने गजलक्ष्मी राजयोग, मालव्य राजयोग और लाभ दृष्टि राजयोग जैसे तीन शक्तिशाली योग बन रहे हैं. खास बात यह है कि ये योग अलग-अलग तारीखों पर बनते हुए पूरे महीने को एक पॉजिटिव फ्लो देते हैं, जिससे धन, करियर और जीवन में लगातार ग्रोथ के संकेत मिलते हैं. 2 मई से लाभ दृष्टि राजयोग महीने की शुरुआत ही एक मजबूत योग से होती है. 2 मई को शनि और शुक्र की खास स्थिति से लाभ दृष्टि राजयोग बनता है. यह योग बताता है कि जो मेहनत आप लंबे समय से कर रहे थे, उसका फल अब मिलने लगेगा. रुके हुए काम आगे बढ़ेंगें, करियर या बिजनेस में स्थिरता आएगी. यह समय धैर्य रखने वालों के लिए खास लाभ देने वाला हो सकता है. किन राशियों को फायदा? मेष राशि: रुका हुआ काम पूरा होगा, करियर में स्थिरता आएगी वृषभ राशि: आर्थिक स्थिति सुधरेगी, नियमित आय के स्रोत बनेंगे कन्या राशि: नौकरी में सुधार और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं मकर राशि: मेहनत का पूरा फल मिलेगा, प्रमोशन के योग 14 मई से गजलक्ष्मी राजयोग जैसे-जैसे महीना आगे बढ़ता है, 14 मई से गुरु और शुक्र की युति गजलक्ष्मी राजयोग बनाती है, जो 8 जून तक प्रभावी रहेगा. यह वह समय है जब आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिलते हैं. अचानक धन लाभ, निवेश से फायदा और लाइफस्टाइल में सुधार देखने को मिल सकता है. जो लोग लंबे समय से किसी बड़े मौके का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह समय दरवाजे खोल सकता है. किन राशियों को फायदा? मिथुन राशि: सबसे ज्यादा लाभ, आय में बढ़ोतरी और नए मौके कर्क राशि: धन संचय के योग, परिवार में सुख-समृद्धि सिंह राशि: प्रतिष्ठा के साथ आर्थिक लाभ तुला राशि: लग्जरी लाइफस्टाइल और सुख-सुविधाओं में इजाफा धनु राशि: निवेश से अच्छा रिटर्न और भाग्य का साथ पूरे महीने बना रहेगा मालव्य राजयोग का असर इन दोनों योगों के बीच शुक्र की मजबूत स्थिति के कारण पूरे मई में मालव्य राजयोग का प्रभाव भी बना रहता है. यह योग जीवन में सुख-सुविधाएं, आकर्षण और करियर में ग्रोथ लेकर आता है. खासकर जो लोग क्रिएटिव या पब्लिक डीलिंग वाले काम में हैं, उन्हें इसका फायदा ज्यादा मिल सकता है. किन राशियों को फायदा? वृषभ राशि: पर्सनालिटी में निखार, धन और सुख में वृद्धि मिथुन राशि: करियर में ग्रोथ और नई पहचान तुला राशि: रिश्तों में मजबूती और जीवन में संतुलन कुंभ राशि: क्रिएटिव फील्ड में सफलता और नए अवसर मीन राशि: मानसिक शांति और आर्थिक सुधार

बिहार विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट, सम्राट सरकार बहुमत के करीब

पटना बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का पहला टेस्ट है. बिहार में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को विधानसभा में बहुमत साबित करना है. इसके लिए विधायक बिहार विधानसभा पहुंचने लगे हैं. जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक श्याम रजक ने दावा किया है कि सम्राट सरकार को बहुमत हासिल है औरा सदन में केवल औपचारिकता पूरी होनी है. श्याम रजक का दावा आधारहीन भी नहीं. बिहार विधानसभा का नंबर गेम सम्राट सरकार के पक्ष में है. 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 201 विधायकों का संख्याबल है, जो बहुमत के लिए जरूरी 122 के आंकड़े से कहीं ज्यादा है. पार्टियों के हिसाब से देखें तो बीजेपी के 88, जेडीयू के 85, इन दो प्रमुख दलों के ही 173 विधायक हैं. चिराग पासवान की अगुवाई वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के पांच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के चार विधायक हैं. एनडीए के पास बिहार विधानसभा में 202 विधायकों का संख्याबल था. नितिन नवीन बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद अब राज्यसभा जा चुके हैं. नितिन नवीन ने राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद बिहार विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. विपक्ष की बात करें, तो बिहार विधानसभा में विपक्षी दलों के 41 विधायक हैं, जिनमें 35 विधायक महागठबंधन के हैं. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) 25 विधायकों के साथ सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है. कांग्रेस के छह, भाकपा माले के दो, माकपा और आईईपी के एक-एक विधायक हैं. असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस -ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पांच और मायावती की बहुजन समाज पार्टी के भी एक विधायक हैं. महज औपचारिकता माने जा रहे इस विश्वासमत के लिए सत्तापक्ष के साथ ही विपक्ष ने भी व्हिप जारी किया है. गौरतलब है कि बिहार विधानसभा में सरकार की ओर से सीएम सम्राट चौधरी एक लाइन का विश्वास प्रस्ताव पेश किया है.

शास्त्रीनगर में तनाव: दुकानों को बचाने महिलाएं, पुलिस तैनात

मेरठ मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में दुकानों और मकानों को बचाने के लिए महिलाओं का चल रहा धरना शुक्रवार को 15वें दिन भी जारी है। गुरुवार को हालांकि शासन के उच्चाधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलनकारियों के तेवर कुछ नरम पड़ते नजर आए। महिलाओं ने सरकार पर भरोसा जताते हुए राहत की उम्मीद जताई है सात टीमों ने शुरू की नोटिस की कार्रवाई शुक्रवार सुबह आवास विकास परिषद की सात अलग-अलग टीमों ने सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले आरटीओ रोड क्षेत्र की कई दुकानों को नोटिस दिए गए। कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए सेक्टर-2 में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के चलते बाजार क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। 14वें दिन भी जारी रहा महिलाओं का धरना सेंट्रल मार्केट में अपनी दुकानों और घरों को बचाने के लिए महिलाएं पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठी हुई हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास एवं विकास परिषद के चेयरमैन पी. गुरु प्रसाद और आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। अधिकारियों ने व्यापारियों से जरूरी दस्तावेज भी एकत्र किए और समाधान का आश्वासन दिया। इसी के बाद धरना स्थल पर आंदोलनकारियों का रुख कुछ नरम दिखाई दिया। वहीं आज सुबह से महिलाएं फिर से धरने पर पहुंच गईं। सांसद अरुण गोविल के पहुंचने की चर्चा नोटिस की कार्रवाई और पुलिस तैनाती के बीच इलाके में अरुण गोविल के मौके पर पहुंचने की चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बाजार क्षेत्र में लोग सांसद के आने की संभावना को लेकर चर्चा कर रहे हैं।  

3 लाख के लालच में टारगेट किलिंग की साजिश, नोएडा से दो आरोपी गिरफ्तार

 नोएडा उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान बागपत निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह और दिल्ली के समीर खान को हिरासत में लिया है. इन दोनों युवकों को पाकिस्तानी हैंडलर्स और गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी बनाया था. गुरुवार को हुई इस गिरफ्तारी का मुख्य उद्देश्य राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ना और प्रभावशाली लोगों की हत्या करना था. आरोपियों ने पैसों के लालच में आकर संवेदनशील स्थानों की रेकी शुरू कर दी थी. पुलिस ने इनके पास से पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद कर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है. सोशल मीडिया पर बुना गया मौत का जाल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के मुताबिक, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे थे. तुषार चौहान ने भट्टी का भरोसा जीतने के लिए कई आईडी बनाईं और सीधे संपर्क स्थापित किया. इन पाकिस्तानी हैंडलर्स ने युवाओं को उन लोगों को निशाना बनाने के लिए उकसाया जिन्होंने इस्लाम छोड़ दिया था. आरोपियों को आधुनिक हथियार मुहैया कराने और काम पूरा होने के बाद दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का भी वादा किया गया था. 3 लाख का लालच और ग्रेनेड अटैक की तैयारी जांच में खुलासा हुआ कि शहजाद भट्टी ने तुषार को टारगेट किलिंग के लिए 3 लाख रुपये का लालच दिया था, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस तय थे. आरोपियों को हैंड ग्रेनेड से हमला करने का निर्देश मिला था। गिरफ्तार समीर खान को दीवारों पर 'TTH' यानी 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' लिखने और नए लड़कों को भर्ती करने की जिम्मेदारी दी गई थी. इन लोगों ने पिछले कुछ महीनों में कई लोगों को फोन पर जान से मारने की धमकी दी, जिसमें पाकिस्तानी हैंडलर भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़ते थे. यूपी के कई चर्चित चेहरे थे निशाने पर एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि इनके निशाने पर यूपी के कई चर्चित लोग थे. पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट इन्हें टारगेट देने वाले थे. पकड़े गए आरोपियों से अब गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके. पुलिस अब इनकी रिमांड लेकर यह जानने की कोशिश करेगी कि इन्हें हथियारों की सप्लाई कहां से होने वाली थी और इनके अगले निशाने कौन थे. पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI के सीधे संपर्क में थे आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई के सीधे संपर्क में थे. तुषार ने भट्टी से प्रभावित होकर इस्लाम कबूला और इंस्टाग्राम के जरिए उससे जुड़ा. उसे संवेदनशील स्थानों की रेकी और प्रभावशाली लोगों पर ग्रेनेड हमले का टास्क मिला था. आरोपी PTT (पुश टू टॉक) और कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से बात करते थे. इनके पास से बरामद पिस्टल और कारतूस भी पाकिस्तान से ही भेजे गए थे.  आरोपियों ने नेटवर्क विस्तार के लिए अन्य लड़कों को भी जोड़ा था.

घर पर वापसी के इरादे से उतरेगी बेंगलुरु, गुजरात देगा चुनौती

बेंगलुरु  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और गुजरात टाइटंस (जीटी) के बीच 24 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 34वां मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शुक्रवार को आयोजित होगा। मौजूदा चैंपियन आरसीबी ने अपने शुरुआती दो मुकाबलों में सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ जीत दर्ज की। इसके बाद उसे राजस्थान रॉयल्स के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। अगले दो मुकाबले मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के विरुद्ध जीतने के बाद इस टीम को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। घर पर वापसी करना चाहेगी RCB इस सीजन में अपने घर पर पहली हार का सामना करने के बावजूद आरसीबी आईपीएल 2026 की बेहतरीन टीमों में से एक रही है। यह टीम एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में अपने आखिरी घरेलू मैच में जोरदार वापसी करने का लक्ष्य रखेगी। इस मैच के बाद, उन्हें अपने लीग-चरण के बाकी दो घरेलू मैच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेलने हैं। कैसा है GT का हाल दूसरी ओर, पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ लगातार दो मुकाबले गंवाने के बाद जीटी ने दिल्ली कैपिटल्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले जीते। इसके बाद उसे मुंबई इंडियंस के विरुद्ध 99 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के साथ उनकी लगातार तीन जीत का सिलसिला टूट गया। यह टीम जल्द से जल्द वापसी करने के लिए बेताब होगी। हालांकि, आईपीएल के सबसे चुनौतीपूर्ण मैदानों में से एक पर जीत हासिल करना उनके लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। कैस रहा हेड टू हेड रिकॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अब तक का आमने-सामने का रिकॉर्ड बराबरी का रहा है। अब तक खेले गए 6 मुकाबलों में, दोनों टीमों ने तीन-तीन मैच जीते हैं। उनकी पहली भिड़ंत 30 अप्रैल 2022 को हुई थी, जिसे गुजरात टाइटंस ने जीता था। 2 अप्रैल 2025 को हुए सबसे हालिया मुकाबले में भी उन्हीं की जीत हुई थी। दोनों टीमों का आईपीएल स्क्वाड गुजरात टाइटंस की टीम: शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कगिसो रबाडा, रविश्रीनिवासन साई किशोर, जयंत यादव, ईशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, राहुल तेवतिया, अरशद खान, अनुज रावत, कुलवंत खेजरोलिया, गुरनूर बरार और शाहरुख खान। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम: फिलिप साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, जॉर्डन कॉक्स, कनिष्क चौहान, मंगेश यादव, जैकब डफी, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, जैकब बेथेल, विकी ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा, अभिनंदन सिंह और सात्विक देसवाल। ऋषिकेश कुमार सिंह