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घर पर वापसी के इरादे से उतरेगी बेंगलुरु, गुजरात देगा चुनौती

बेंगलुरु  रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और गुजरात टाइटंस (जीटी) के बीच 24 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 34वां मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शुक्रवार को आयोजित होगा। मौजूदा चैंपियन आरसीबी ने अपने शुरुआती दो मुकाबलों में सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ जीत दर्ज की। इसके बाद उसे राजस्थान रॉयल्स के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। अगले दो मुकाबले मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के विरुद्ध जीतने के बाद इस टीम को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। घर पर वापसी करना चाहेगी RCB इस सीजन में अपने घर पर पहली हार का सामना करने के बावजूद आरसीबी आईपीएल 2026 की बेहतरीन टीमों में से एक रही है। यह टीम एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में अपने आखिरी घरेलू मैच में जोरदार वापसी करने का लक्ष्य रखेगी। इस मैच के बाद, उन्हें अपने लीग-चरण के बाकी दो घरेलू मैच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेलने हैं। कैसा है GT का हाल दूसरी ओर, पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ लगातार दो मुकाबले गंवाने के बाद जीटी ने दिल्ली कैपिटल्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले जीते। इसके बाद उसे मुंबई इंडियंस के विरुद्ध 99 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के साथ उनकी लगातार तीन जीत का सिलसिला टूट गया। यह टीम जल्द से जल्द वापसी करने के लिए बेताब होगी। हालांकि, आईपीएल के सबसे चुनौतीपूर्ण मैदानों में से एक पर जीत हासिल करना उनके लिए एक बड़ी परीक्षा होगी। कैस रहा हेड टू हेड रिकॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अब तक का आमने-सामने का रिकॉर्ड बराबरी का रहा है। अब तक खेले गए 6 मुकाबलों में, दोनों टीमों ने तीन-तीन मैच जीते हैं। उनकी पहली भिड़ंत 30 अप्रैल 2022 को हुई थी, जिसे गुजरात टाइटंस ने जीता था। 2 अप्रैल 2025 को हुए सबसे हालिया मुकाबले में भी उन्हीं की जीत हुई थी। दोनों टीमों का आईपीएल स्क्वाड गुजरात टाइटंस की टीम: शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कगिसो रबाडा, रविश्रीनिवासन साई किशोर, जयंत यादव, ईशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, राहुल तेवतिया, अरशद खान, अनुज रावत, कुलवंत खेजरोलिया, गुरनूर बरार और शाहरुख खान। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम: फिलिप साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, जॉर्डन कॉक्स, कनिष्क चौहान, मंगेश यादव, जैकब डफी, स्वप्निल सिंह, नुवान तुषारा, जैकब बेथेल, विकी ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा, अभिनंदन सिंह और सात्विक देसवाल। ऋषिकेश कुमार सिंह

अवधपुरी में 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन, 3.36 करोड़ की लागत से होगा निर्माण राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से 4 लेन सीसी सड़क का भूमिपूजन

अवधपुरी में 3.36 करोड़ की लागत से बनेगी 4 लेन सीसी सड़क, राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने किया भूमिपूजन भोपाल अवधपुरी क्षेत्र के रहवासियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लंबे समय से प्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्य अब जल्द ही शुरू होगा।  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने SBI ब्रांच से क्रिस्टल आइडल सिटी गेट तक बनने वाली 4 लेन सीसी सड़क का विधिवत भूमिपूजन किया। करीब 3 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के आवागमन को सुगम बनाएगी। विशेष बात यह है कि इस परियोजना में सेंटर ब्रिज और स्ट्रीट लाइट का निर्माण भी शामिल है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और अधिक सुचारु हो सकेगी। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि क्षेत्र के विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह सड़क बनने से अवधपुरी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में काफी राहत मिलेगी। स्थानीय रहवासियों ने लंबे समय से इस सड़क की मांग की थी, जो अब पूरी होने जा रही है। भूमिपूजन कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष श्री सुरेंद्र धोटे,  श्री संजय शिवनानी , श्री वी शक्तिराव सहित  क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मौसम बारिश से जूझते गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार से मिली बड़ी राहत

बेमौसम बारिश से परेशान गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार ने दी बड़ी सुविधा रबी विपणन वर्ष 2026-27 प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं बिना कटौती सरकारी क्रय केन्द्रों पर खरीदा जायेगा सभी 18 मंडल के लिए शासन ने नामित किये नोडल अधिकारी   टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर समस्या बता सकते हैं किसान लखनऊ  मौसम की मार से परेशान किसानों को डबल इंजन सरकार ने बड़ी राहत दी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश के किसानों का अधिक से अधिक गेहूं एमएसपी पर खरीदा जाए तथा किसानों को लाभकारी मूल्य प्राप्त हो।  बता दें कि प्रदेश में बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता में कमी आई है। चमकविहीन होने के साथ गेहूं के दानों में सिकुड़न आ गयी है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार के अनुरोध पर किसानों के हित में भारत सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की है। अब किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं सरकारी क्रय केन्द्रों पर बिना किसी कटौती के खरीदा जायेगा। जिन किसानों का नहीं हुआ सत्यापन, उनसे भी होगी खरीद किसानों के पंजीकरण में दर्ज विवरण का सत्यापन राजस्व एवं चकबन्दी विभाग द्वारा किया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अन्तर्गत जिन किसानों का उक्त विभागों द्वारा सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, उन किसानों का गेहूं भी क्रय केन्द्र प्रभारियों द्वारा किसानों के राजस्व/चकबन्दी अभिलेखों का मिलान करते हुए क्रय किया जायेगा।। 15 जून तक जारी रहेगी गेहूं की खरीद समस्त जनपदों के क्रय केन्द्रों पर 15 जून तक अनवरत रूप से गेहूं खरीद जारी रहेगी। किसानों के समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित कराई जायेगी। भीड़ अधिक होने पर किसान अपनी सुविधानुसार क्रय केंद्र प्रभारी से टोकन प्राप्त कर लें और टोकन में दर्ज तिथि पर क्रय केंद्र लाकर गेहूं बिक्री करें। किसी भी असुविधा पर किसान  टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर सम्पर्क कर सकते हैं। सभी 18 मंडल के लिए नोडल अधिकारी नामित शासन ने प्रदेश के सभी 18 मंडल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है। नामित अधिकारी अपने सम्भाग का भ्रमण करते हुए किसानों से क्रय किए जा रहे गेहूं की व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करेंगे। साथ ही बैठक करके गेहूं खरीद को सुचारु रूप से सम्पन्न कराएंगे।

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का उद्घाटन, तीन दिवसीय आयोजन रहेगा दिनकर को समर्पित

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ, दिनकर को समर्पित होगा तीन दिवसीय आयोजन राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की स्मृति में 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन   आयोजन में साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा   लखनऊ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर लखनऊ में तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का आयोजन किया जा रहा है। 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले इस भव्य साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृतियों को समर्पित होगा, जिसमें साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 24 को होगा राष्ट्रीय परिसंवाद और रश्मिरथी नाटक 24 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के साथ रश्मिरथी संवाद स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित होगा, जिसमें विद्वान दिनकर के साहित्य, राष्ट्रवाद और समकालीन प्रासंगिकता पर विचार रखेंगे। शाम को रश्मिरथी पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा। 25 को होगा विवेकानंद के विचारों पर मंथन 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर परिसंवाद होगा। इसमें युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी। 26 को दी जाएगी अटल और तिलक को श्रद्धांजलि 26 अप्रैल को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देगा। रश्मिरथी पर्व के जरिए उत्तर प्रदेश एक बार फिर विकास के साथ विरासत के सम्मान का संदेश देगा।

ब्यावरा में 21 मीटर चौड़ी फोरलेन सड़क का निर्माण, खाटू श्याम मंदिर पहुंचना होगा आसान

ब्यावरा  नेशनल हाईवे का संगम कहे जाने वाले ब्यावरा शहर को अब नई रफ्तार मिलने जा रही है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक और हादसों के चलते अब आधुनिक ग्रेड सेपरेटेड फोरलेन बायपास बनने जा रहा है, जो न सिर्फ ट्रैफिक को व्यवस्थित करेगा बल्कि सुरक्षित सफर भी संभव बनाएंगा। करीब 66 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले उक्त प्रोजेक्ट का काम भी शुरू हो चुका है। खास बात यह है कि इस बार पुराने अनुभवों से सीख लेकर डिजाइन तैयार किया गया है, ताकि हाईवे और लोकल ट्रैफिक पूरी तरह अलग रह सके। बायपास पर हाईवे का ट्रैफिक पूरी तरह सेपरेट रहेगा, यानी फोरलेन बायपास में एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। वहीं लोकल के ट्रैफिक के लिए दोनों तरफ सर्विस रोड बनेगा। जिससे आए दिन होने वाले सड़क हादसों से राहत मिलेगी।  दो हिस्सों में काम, मार्च-2027 डेडलाइन उक्त प्रोजेक्ट को अक्टूबर-2025 में स्वीकृति मिली। जिसकी शुरूआत में लागत 96 करोड़ रुपए थी, लेकिन बाद में 66.37 करोड़ रुपए हो गई। प्रोजेक्ट का काम अब शुरू हो चुका है। दो हिस्सो में इसका काम होना है। जिसमें पहला हिस्सा खाटू श्याम मंदिर से गुना बायपास और दूसरा हिस्सा, राजगढ़ बायपास से भोपाल बायपास शामिल है। जिसकी कुल लंबाई करीब करीब 3.5 किमी है। डेढ़ साल में इसका काम पूरा करना है। यानी मार्च-2027 तक बायपास पूरी तरह तैयार हो जाए। 21 मीटर चौड़ा होगा मुख्य फोरलेन खाटू श्याम मंदिर से लेकर भोपाल बायपास तक सेपरेटेड बायपास बनने जा रहा है। जिसमें वर्तमान प्रोजेक्ट में मुख्य सड़क की चौड़ाई करीब 10.5 मीटर होगी, ऐसे में मुख्य फोरलेन करीब 21 मीटर चौड़ा होगा। इनके बीच में 2.5 मीटर चौड़ा डिवाइडर रहेगा। साथ ही पैब्ड शोल्डर भी रहेंगे। फोरलेन के दोनों ओर 7-7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड तैयार की जाएगी। सर्विस रोड के बगल दोनों तरफ 1.5 मीटर की नालियां भी बनेगी। अरनिया और फूंदा बाजार के पास दो अंडरपास हाईवे से लोकल के ट्रैफिक को सीधे मिलने से रोकने के लिए दो जगह अंडरपास निर्माण किया जा रहा है। जिसमें पहला बहुप्रतीक्षित अरनिया जोड़ का शामिल है। वहीं दूसरा अंडरपास फूंदा बाजार और राजगढ़ बायपास के बीच रेलवे अंडरपास के पास बनने जा रहा है। दोनों अंडरपास करीब 12 मीटर चौड़े और 5.5 मीटर ऊंचे होंगे। ऐसे में करीब 250 मीटर तक दोनों अंडरपास के आसपास एलिवेडेट जैसा मार्ग होगा। खाटू श्याम मंदिर तक अलग से बनेगा पूरा मार्ग दरअसल पहले हाईवे पर खाटू श्याम मंदिर नहीं होने से उसी हिसाब से प्रोजेक्ट डिजाइन किया गया था। खाटू श्याम मंदिर तक जाने के लिए अलग मार्ग भी नहीं है। हाईवे से ही मंदिर जाना पड़ता है। भीड़ अधिक होने से हाईवे पर हादसों का डर रहता है। ऐसे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग और कलेक्टर के निर्देश पर अब खाटू श्याम मंदिर तक भी फोरलेन से साइड में अलग से रोड बनाने को योजना बनाई गई है। प्रोजेक्ट लागत बढ़ाकर मंदिर तक सेपरेट रोड बनाया जाएगा। एक नजर में प्रोजेक्ट की स्थिति-     66.37 करोड़ कुल लागत     3.5 किमी लंबाई     10.5 मीटर फोरलेन (एकतरफा)     7-7 मीटर सर्विस रोड     50 मीटर चौड़ाई कुल     02 अंडरपास     मार्च-2027 तक पूरा करना काम (नोट- दो हिस्सो में बन रहा बायपास- अरनिया जोड़ से गुना बायपास और राजगढ़ बायपास से भोपाल बायपास।) बायपास का निर्माण शुरू बायपास निर्माण का काम शुरू करा दिया गया है। जिसमें दो अंडरपास और सर्विस रोड सहित नालियों का काम होना है। फोरलेन बायपास में कई तकनीकी सुधार किए गए है। हाईवे का ट्रैफिक पूरी तरह अलग किया जाएगा।- देवांश नुअल, रीजनल मैनेजर, एनएचएआई, भोपाल दो हिस्सों में होगा काम प्रोजेक्ट का काम दो हिस्सों में होना है। दोनों जगह काम शुरू कर दिए है। मार्च-2027 तक काम पूरा करना है। अभी नालियों का काम कर रहे है, सर्विस रोड के लिए जगह बनाकर मुख्य हिस्से का काम कराएंगे।- निरंजन ठाकुर, प्रोजेक्ट मैनेजर, गोर्डेक निर्माण एजेंसी

इंदौर की किसान दीदी ने 600 बीघा खेत बचाए, पराली न जलाने की अलख जागृत की

सफलता की कहानी इंदौर की किसान दीदी ने जगाई पराली नहीं जलाने की अलख, 600 बीघा खेत बचाए भोपाल  उत्तर भारत में फसल कटाई के बाद पराली जलाने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है लेकिन मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के धुलेट गांव में एक महिला किसान ने इस प्रवृति को बदलने की दिशा में मिसाल पेश की है। गांव की रहने वाली श्रीमती पपीता रावत ने न केवल किसानों को जागरूक किया, बल्कि वैकल्पिक समाधान देकर पराली जलाने पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयं सहायता समूह से शुरू हुआ सफर श्रीमती पपीता रावत, जो एक स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष है ने अपनी यात्रा आजीविका मिशन से जुड़कर शुरू की। शुरुआती आर्थिक तंगी के बीच उन्होंने सिलाई कार्य से शुरुआत की। कृषि गतिविधियों में रूचि के चलते बाद में स्व-सहायता समूह और बैंक से ऋण लेकर स्ट्रा रीपर मशीन खरीदी। इसके बाद उन्होंने गांव और आसपास के किसानों को पराली जलाने के नुकसान और उससे भूसा बनाने के फायदे समझाए। 600 बीघा खेत में पराली जलाने से बचाया जिले के धुलेट गांव के आसपास दूर-दूर तक कोई भी किसान अब अपने खेत में पराली (गेहूं कटाई के बाद बचे हुए ठूंठ,अवशेष) नहीं जलाता। इसका कारण महिला किसान श्रीमती पपीता रावत है। पपीता रावत बताती है -"शुरुआती दिनों में मैं घर ही रहती और मेरे पति महेश मजदूरी करने जाते थे। घर में तंगी बनी रहती। एक दिन गांव में आजीविका मिशन के अधिकारी आए। द्वारकाधीश सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाया। सिलाई मशीन ली और काम शुरू किया। इसके बाद मैंने लोन लेकर 'स्ट्रा रीपर मशीन' खरीद ली। गांव सहित आसपास के किसान परिवारों को पराली जलाने के नुकसान और भूसा तैयार करने के फायदे बताए। देखते ही देखते इस साल हमने 600 बीघा से ज्यादा खेत में फसल कटने के बाद पराली जलने से बचा लिया। इस बार पराली से भूसा तैयार कर किसानों को लाभ पहुंचाया। वे इसका उपयोग मवेशियों के 'केटल फीड' के रूप में कर रहे है। डे आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक गायत्री राठौड़ बताती है-"इस समूह को विलेज ऑर्गेनाइज़ेशन के साथ आस्था संकुल संगठन खुड़ैल से जोड़ा गया। किसान दीदी के रूप में पपीता रावत बेहतर काम कर रही ही है। पशु पालन से जुड़कर भी चार मवेशियों के माध्यम से दूध उत्पादन का व्यवसाय भी कर रही है।" पराली जलाने से यह होता है नुकासान कृषि वैज्ञानिकों का कहना है किसानों द्वारा पराली जलाने की मानसिकता बनी हुई है। प्रदेश में ही सैकड़ों एकड़ खेत में पराली जलाने से उनकी उपजाऊ क्षमता दांव पर लगी हुई है। वैज्ञानिकों के अनुसार "पराली जलाने से जहां अगले सीज़न में फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है वहीं पराली (सूखी फसल अवशेष या STUBBLE) जलाने से CO2 (कॉर्बन डाय ऑक्साइड), नाइट्रोजन ऑक्साइड सहित हानिकारक गैस बनती है जिससे ग्लोबल वॉर्मिंग प्रभावित होती है। मिट्टी उर्वरता (सॉइल फर्टिलिटी) के साथ सूक्ष्मजीव और बैक्टीरिया नष्ट हो जाते है।" जिला प्रशासन और कृषि विभाग पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक कर रहा है। यहां तक कि पराली जलाने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। प्रशासन भी कर रहा प्रोत्साहित जिला पंचायत इंदौर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि जिला प्रशासन और कृषि विभाग पराली नहीं जलाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहे है और नियमों के तहत जुर्माने का प्रावधान भी है। अधिकारियों का कहना है कि श्रीमती रावत जैसी किसान दीदियां न केवल खुद आत्मनिर्भर बन रही है, बल्कि समाज और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। धुलेट गांव की यह पहल दिखाती है कि जागरूकता, नवाचार और सामूहिक प्रयास से पराली जताने जैसी गंभीर समस्या का समाधान संभव है। आने वाले समय में ऐसी पहलें कृषि सुधार और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकती है।  

24 अप्रैल का राशिफल: कुछ राशियों के लिए रहेगा शुभ, कुछ को होगी नई चुनौतियों का सामना

मेष राशि- निर्णय लेने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ढेर सारे अवसर पाने के लिए आपको विनम्र और ईमानदार रहना चाहिए। अंत में आप देखेंगे कि आपकी प्रतिभा आपके काम आएगी और आप आसानी से सफल हो जाएंगे। अपने साथी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करें। खर्च पर कंट्रोल करें। वृषभ राशि- आपको अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए किसी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। सब कुछ भगवान की इच्छा के अनुसार होगा. बेहतर भविष्य के लिए रचनात्मक योजनाएं बनाएं ताकि आप अपना ख्याल रख सकें। ये दिन आपके जीवन में खुशियां और संतुष्टि लेकर आने वाला है। मिथुन राशि- आपकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। नए प्रोजेक्ट के बारे में सोचना आपके लिए फायदेमंद होगा। आप जो कुछ भी चाहते हैं, उसे प्राप्त करना हमेशा संभव नहीं होता है, विशेषकर विलासिता की वस्तुएं। आपको अपने साथी के साथ बात करने में आसानी होगी। कर्क राशि- आपको अपने परिवार के साथ कुछ वक्त बिताना चाहिए। अगर आप अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं, तो आपको कमाई के अन्य स्रोतों के बारे में भी सोचना चाहिए। आपका प्रेम जीवन समृद्ध रहेगा। सिंह राशि- जल्द ही आप आगे की यात्रा के लिए अपने जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव करने में सक्षम होंगे। स्थिति में सुधार के लिए आपको कुछ वित्तीय विचारों के साथ प्रयोग करने की आवश्यकता है। कन्या राशि- 24 अप्रैल के दिन आपके करियर और आय के स्तर में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। शादीशुदा लोगों को कुछ गलतफहमियों का सामना भी करना पड़ सकता है। दिन आपको अपने बारे में और अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बहुत कुछ सीखने में मदद करेगा। तुला राशि- आपको अपने परिवार और दोस्तों से समर्थन मिलेगा, जो आपको अच्छे भविष्य के बारे में पॉजिटिव सोचने में मदद करेगा। आपको अपने करियर और नौकरी के अवसरों पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि आप महत्वपूर्ण अवसर न चूकें। वृश्चिक राशि- 24 अप्रैल के दिन आपके काम में असंतुलन पैदा हो सकता है। जल्द ही आपको कोई दिलचस्प प्रोजेक्ट मिल सकता है। धैर्य रखने की कोशिश करें। छोटी बचत से शुरुआत करें और देखें कि आपका प्रदर्शन कैसा रहता है। धनु राशि- 24 अप्रैल के दिन आप अभी कोई बड़ी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं हैं। बेहतर रहेगा कि अब आप अपने पार्टनर के संग क्वालिटी टाइम स्पेन्ड करें। ये दिन आपको जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कराने वाला है। मकर राशि- 24 अप्रैल के दिन सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिलेंगे। आप दोनों के बीच विश्वास और अंडर्स्टैंडिंग होनी चाहिए। अगर आप शादी के बारे में सोच रहे हैं तो इसे फिलहाल टाल देना ही बेहतर है। कुंभ राशि- 24 अप्रैल के दिन आध्यात्मिक बनने का प्रयास करें ताकि आप खुश और संतुष्ट रह सकें। आपको लोगों से मदद और सपोर्ट मिलेगा। अपने परिवार या रिश्तेदारों से सलाह लें, जो खराब वक्त में आपका साथ दें। आपके प्रेम संबंध मधुर बने रहेंगे। मीन राशि- 24 अप्रैल के दिन आपकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। अभी आपको केवल एक ही काम पर ध्यान देने की जरूरत है और वह है आपका करियर और लोगों के साथ व्यवहार बनाना। आपको अपनी आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

एमपी में कर्मचारियों को मिलेगा भत्ता और वेतन वृद्धि, हाईकोर्ट ने सरकार की अपील खारिज की

भोपाल  मध्यप्रदेश में लाखों संविदा व आउटसोर्स कर्मियों के भत्तों व वेतन वृद्धि की राह खुल गई है। कर्मचारियों के नियमितीकरण मामले में मप्र हाईकोर्ट ने सरकार की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने राज्य सरकार की उस अपील पर स्थगन देने से इनकार कर दिया, जिसमें सिंगल बेंच द्वारा संविदा कर्मियों के पक्ष में दिए गए निर्णय को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि यह बड़े वर्ग के भविष्य से जुड़ा मसला है, इसलिए इस पर स्थगन नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान देने का हाईकोर्ट द्वारा दिया गया आदेश प्रभावी बना रहेगा। इस संबंध में कोर्ट ने सरकार को सिंगल बेंच के निर्णय का पालन करने के निर्देश दिए हैं। सिंगल बेंच ने 9 अप्रेल को कहा था कि 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके संविदा कर्मचारियों को सामान्य प्रशासन विभाग की 7 अक्टूबर 2016 की नीति का लाभ दिया जाए हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की सिंगल बेंच ने 9 अप्रेल को कहा था कि 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके संविदा कर्मचारियों को सामान्य प्रशासन विभाग की 7 अक्टूबर 2016 की नीति का लाभ दिया जाए। जिस प्रकार दैनिक वेतन भोगियों को विनियमित किया गया और उन्हें वेतनमान, भत्ते व वार्षिक वेतन वृद्धि दी गई, वही लाभ अब संविदा कर्मियों को भी दिया जाएगा। जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ राज्य सरकार ने अपील की थी। अधिवकता ओपी द्विवेदी ने बताया कि कोर्ट ने 9 अप्रेल को उनके मामले में दिए गए निर्णय को उचित ठहराते हुए प्रदेश सरकार की अपील निरस्त कर दी। जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने पुराने आदेश पर स्थगन देने से साफ इंकार कर दिया जिसमें संविदा कर्मचारियों को स्थायी कर्मी के रूप में वर्गीकृत किया गया था। इसी के साथ 5 लाख से ज्यादा संविदा और आउटसोर्स, अंशकालिक कर्मियों को  वार्षिक वेतन वृद्धि के लाभ के लिए रास्ता क्लियर हाईकोर्ट में मप्र सरकार की अपील खारिज हो जाने से मप्र के संविदा कर्मियों को खासी राहत मिली है। इसी के साथ 5 लाख से ज्यादा संविदा और आउटसोर्स, अंशकालिक कर्मियों को वार्षिक वेतन वृद्धि के लाभ के लिए रास्ता क्लियर हुआ है। हालांकि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सिंगल बेंच के समक्ष नए दस्तावेज पेश करने की छूट दी है लेकिन तब तक संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और न्यूनतम वेतनमान के संबंध में दिया गया पुराना आदेश प्रभावी रहेगा।

भारत गौरव यात्रा ट्रेन जालंधर से होकर जाएगी पुरी और अयोध्या, पठानकोट से होगी शुरुआत

चंडीगढ़  पंजाब से भारत दर्शन के लिए स्पेशन ट्रेन रवाना होगी। इसकी जानकारी जालंधर में रेलवे अधिकारी ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि ये ट्रेन पठानकोट से चलेगी और पुरी-अयोध्या होते हुए कई धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाएगी। नेगी ने बताया कि रेलवे का टूरिज्म विभाग इस बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए खान-पान और ठहरने से लेकर घुमाने तक की सुविधा रेलवे की तरफ से होगी। ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि तीर्थ यात्रा 23 मई 2026 को पठानकोट कैंट स्टेशन से रवाना होगी और 2 जून 2026 को वापसी के साथ संपन्न होगी। इसके लिए रेलवे ने अमृतसर, जालंधर सिटी, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र, पानीपत और हजरत निजामुद्दीन सहित कई बोर्डिंग और डिबोर्डिंग पॉइंट बनाए हैं। इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बनाए गए बोर्डिंग पॉइंट रेलवे अधिकारी ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम ने भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से आध्यात्मिक रूप से समृद्ध पुरी, गंगासागर और अयोध्या धाम यात्रा की घोषणा की है। 10 रातें और 11 दिनों के दौरान पुरी, कोलकाता, गया, वाराणसी और अयोध्या धाम जैसे देश के पवित्र स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इस यात्रा के लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न स्टेशनों पर बोर्डिंग और डिबोर्डिंग पॉइंट बनाए गए हैं। चाय-नाश्ता, दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था IRCTC ने इस यात्रा को 2 श्रेणियों में बांटा है, जिसमें स्टैंडर्ड क्लास का किराया 28,270 और कम्फर्ट क्लास का किराया 32,440 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। इस पैकेज में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। 3AC कन्फर्म ट्रेन टिकट, चाय-नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन, ठहरने के लिए आरामदायक आवास और स्थानीय दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए बसों की सुविधा शामिल है। टूर के दौरान ट्रेन में मौजूद रहेगी मेडिकल टीम ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान टूर एस्कॉर्ट, हाउसकीपिंग, सुरक्षा और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भी मौजूद रहेगी। IRCTC ने जानकारी दी है कि इस लोकप्रिय पैकेज में अब केवल कुछ ही सीटें शेष बची हैं, ऐसे में इच्छुक यात्री आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 0172-4645795, 7888831633 पर संपर्क कर अपनी बुकिंग कर सकते हैं।

पंजाब में खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, हवा हुई जहरीली, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI गंभीर

पंजाब में फिर धधके खेत, गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI खराब पंजाब में खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, हवा हुई जहरीली, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI गंभीर पंजाब में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले, हवा की गुणवत्ता हुई खराब, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI खतरनाक स्तर पर अमृतसर  पंजाब सरकार के दावों के विपरीत सूबे में एक बार फिर से खेत धधकने लगे हैं। इस सीजन में अब तक गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज हो चुके हैं। अगली फसल के लिए खेतों को तैयार करने के लिए किसान अवशेष जला रहे हैं जिससे सूबे में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार को मंडी गोबिंदगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 202 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में रहा। वहीं पटियाला, बठिंडा व अमृतसर का एक्यूआई यलो जोन में दर्ज किया गया। बठिंडा का एक्यूआई 155, अमृतसर का 135 और पटियाला का एक्यूआई 106 दर्ज हुआ।  पीपीसीबी के अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न विभागों के कर्मचारी व अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों को लगातार फसल अवशेष जलाने के नुकसान बता रहे हैं। सख्ती बरतते हुए कार्रवाई भी की जा रही है। अब निगरानी को और सख्त किया जाएगा। खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के मामलों की सेटेलाइट के जरिये 1 अप्रैल से निगरानी शुरू की गई है, जो 30 मई तक चलेगी। सोमवार को इससे संबंधित 14 मामले दर्ज हुए।  एसबीएस नगर में ही आठ, मुक्तसर में छह, फिरोजपुर व कपूरथला में पांच-पांच, बरनाला, गुरदासपुर व पटियाला में तीन-तीन, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, होशियारपुर, मानसा, संगरूर और मालेरकोटला में एक-एक और जालंधर व लुधियाना में दो-दो मामले सामने आए हैं। साल 2025 में इस समय अवधि के दौरान 87 और 2024 में 49 मामले आए थे। यहां गौरतलब है कि पंजाब में तकरीबन 34 लाख हेक्टेयर रकबे पर गेहूं की बुवाई की गई है और इससे करीब 205 लाख टन भूसा निकलता है। चार मामलों में 20 हजार रुपये जुर्माना पंजाब में खेतों में आग लगाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए पीपीसीबी एक्शन में आ गया है। पीपीसीबी ने अब तक चार मामलों में 20 हजार रुपये का जुर्माना किया है, जबकि एक मामले में सेक्शन 223 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। तीन मामलों में रेड एंट्री की गई हैं। रेड एंट्री का मतलब है कि संबंधित किसान अपनी जमीन न तो बेच पाएंगे और न ही गिरवी रख पाएंगे। बीते दो साल में हाॅट स्पाॅट रहे जिले  जिला            2024       2025 अमृतसर        1015       1102 गुरदासपुर       1335        856 लुधियाना        841         640 फिरोजपुर        919         743 मोगा             788         863 बठिंडा           651         651 तरनतारन        589         700 कपूरथला       514          529