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प्रियदर्शन-अक्षय की जोड़ी की वापसी से हॉरर-कॉमेडी को लेकर बढ़ा दर्शकों का उत्साह

रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2: द रिवेंज' की ऐतिहासिक सफलता से बॉलीवुड गदगद है। 19 मार्च को यह फिल्‍म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और बीते करीब 1 महीने बाद ही एक नई फिल्‍म रिलीज हो रही है। अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' शुक्रवार, 17 मार्च को अपनी ग्रैंड रिलीज के लिए तैयार है। जबकि गुरुवार, 16 अप्रैल की देर शाम 9 बजे से इसे स्‍पेशल पेड प्रीव्‍यू शोज रखे गए हैं। 'भूत बंगला' की एडवांस बुकिंग दो दिनों पहले 14 अप्रैल को शुरू हुई, और शुरुआती ट्रेंड्स बताते हैं कि इस फिल्‍म को लेकर उम्‍मीदें अच्‍छी-खासी हैं। एक लंबे इंतजार के बाद सिनेमाघरों में हिंदी के दर्शकों के लिए नई फिल्‍म आई है। हालांकि, अद‍िवी शेष और मृणाल ठाकुर की 'डकैत' भी हिंदी डब वर्जन में रिलीज हुई, लेकिन इसका जोर नहीं दिखा। अब गुरुवार सुबह तक 'भूत बंगला' के लिए कुल 35802 टिकटों की एडवांस बुकिंग हुई है। अक्षय कुमार इस फिल्‍म से जहां हॉरर-कॉमेडी जॉनर में वापसी कर रहे हैं, वहीं 'जॉली LLB 3' के छह महीने बाद सिनेमाघरों में यह ख‍िलाड़ी कुमार की वापसी है। इस फिल्‍म की सबसे बड़ा सेलिंग पॉइंट, अक्षय और प्रियदर्शन की आइकॉनिक जोड़ी है, जो लंबे समय के बाद फिर से साथ आ रही है। साथ में परेश रावल, राजपाल यादव और दिवंगत असरानी जैसे दिग्‍गज कलाकार भी हैं। ऐसे में उम्‍मीदों का बंधना स्‍वभाविक है। लेकिन क्‍या ये 'धुरंधर 2' के तिल‍िस्‍म तो तोड़ पाएगी? आइए, समझते हैं 'भूत बंगला' की एडवांस बुकिंग Sacnilk के मुताबिक, ओपनिंग डे के लिए 'भूत बंगला' ने गुरुवार सुबह तक ₹95.72 लाख की ग्रॉस एडवांस बुकिंग की है। जबकि ब्‍लॉक सीटों को शामिल करने पर यह आंकड़ा बढ़कर ₹2.6 करोड़ हो जाता है। टिकटों की यह एडवांस बुकिंग मूल रूप से 14-15 अप्रैल की है। ऐसे में एग्जिबिटर्स को पहले दिन थ‍िएटर्स में अच्छी भीड़ की उम्मीद है। अभी तक इसके 7020 शोज लिस्‍ट किए हैं, जिनकी संख्‍या आख‍िरी घंटों में बढ़ेगी। टिकटों की औसत कीमत भी ₹226 रखी गई है, जो 'धुरंधर 2' के पहले दिन के ₹400-₹500 के मुकाबले आधी है। 'भूत बंगला' का ट्रेलर अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी, सबसे बड़ा सेलिंग पॉइंट अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को 'हेरा फेरी', 'भागम भाग' से लेकर 'भूल भुलैया' जैसी कई क्लासिक कॉमेडी फिल्में दी हैं। जहां तक 'भूत बंगला' फिल्म के बारे में अवेयरनेस की बात है, तो इसको लेकर दर्शकों में अच्‍छा बज़ है। नौ दिन पहले रिलीज हुए ट्रेलर को यूट्यूब पर 47M व्‍यूज मिल चुके हैं। गाने भी लोगों की जुबान पर हैं। ट्रेलर देखकर लोगों को 'भूल भुलैया' जैसी फिल्म का इशारा मिल रहा है। इसके अलावा कुछ फैक्टर्स ऐसे हैं, जो इसे फेवर करते दिख रहे हैं। खासकर ये क‍ि 'धुरंधर 2' अब एक थोड़ी धीमी पड़ गई है। हालांकि, यह अभी भी 'भूत बंगला' को नुकसान पहुंचाने का दम रखती है। 28 दिन बाद 'धुरंधर 2' का हाल, 'धुरंधर पार्ट 1' के मुकाबले सुस्‍त जहां तक आदित्‍य धर के डायरेक्‍शन में बनी 'धुरंधर 2' का सवाल है, तो इस फिल्‍म ने 28 दिनों में देश में ₹1,099.72 करोड़ का नेट कलेक्‍शन कर लिया है। यह रिकॉर्डतोड़ कमाई है और 28 दिन में ही 'धुरंधर पार्ट 1' की ₹739.00 करोड़ की कमाई से 48.81% अध‍िक है। लेकिन गौर करने वाली बात ये भी है कि पिछली फिल्‍म ने 28वें दिन देश में ₹15.75 करोड़ का नेट कलेक्‍शन किया था, वो भी सिर्फ हिंदी रिलीज होकर। जबकि 'धुरंधर: द रिवेंज' ने 28वें दिन ₹4.05 करोड़ का नेट बिजनस किया है। रणवीर सिंह की सीक्‍वल फिल्‍म की कमाई दूसरे हफ्ते के बाद तेजी से गिरी है। 'धुरंधर 2' के सामने राह आसान नहीं, पर मौका जरूर है 'भूत बंगला' के पास अपनी जमीन बनाने के लिए एक मौका तो जरूर है। दर्शकों में नई फिल्‍म की चाह और 'धुरंधर 2' की धीमी हो रही रफ्तार, अक्षय की फिल्‍म को फलने-फुलने का मौका दे सकती हैं। बशर्ते यह दर्शकों को पसंद आए। खासकर, ये कि इसे फैमिली के साथ देखा जा सकता है। जबकि 'धुरंधर 2' एडल्‍ट सिर्टफिकेट वाली फिल्‍म है। 'भूत बंगला' बॉक्‍स ऑफिस प्रेड‍िक्‍शन: पहले दिन की कमाई का अनुमान अक्षय-प्रियदर्शन की जोड़ी, हॉरर-कॉमेडी जॉनर, फैमिली ऑडियंस, एडवांस बुकिंग और 'धुरंधर 2' से टक्‍कर, इन सारे फैक्टर्स को ध्यान में रखते हुए, अक्षय कुमार स्टारर 'भूत बंगला' के पहले दिन भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई के संकेत हैं। उम्‍मीद यही है कि यह 16 अप्रैल को होने वाले पेड प्रीव्यू से ₹3-4 करोड़ का नेट कलेक्‍शन और 17 अप्रैल को ओपनिंग डे पर ₹12- ₹14 करोड़ की नेट कमाई कर सकती है। COVID के बाद अक्षय की फिल्‍में और उनकी ओपनिंग कोविड महामारी के बाद अक्षय कुमार की फिल्‍मों पर नजर दौड़ाएं, तो 'भूत बंगला' के पास पेड-प्रीव्‍यू मिलाकर पहले दिन टॉप-3 में एंट्री करने की उम्‍मीद है। कोरोना महामारी के बाद अक्षय कुमार की 'सूर्यवंशी' ने पहले दिन ₹26.29 करोड़ कमाए थे। इसके बाद 'हाउसफुल 5' का नंबर है, जिसने ओपनिंग डे पर ₹24.00 करोड़ का कारोबार किया। जबकि अभी तीसरे नंबर पर 'बड़े मियां छोटे मियां' है, जिसने पहले दिन ₹15.50 करोड़ कमाए थे। COVID के बाद देश में अक्षय कुमार की टॉप ओपनिंग फिल्‍में     सूर्यवंशी – ₹26.29 करोड़     हाउसफुल 5 – ₹24.00 करोड़     बड़े मियां छोटे मियां – ₹15.50 करोड़     राम सेतु – ₹15.20 करोड़     स्काई फोर्स – ₹12.25 करोड़ 'भूत बंगला' का बजट और कास्‍ट प्रियदर्शन के डायरेक्‍शन में बनी 'भूत बंगला' को अक्षय कुमार और एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया है। फिल्‍म का बजट 120 करोड़ रुपये बताया जाता है। कास्‍ट में अक्षय कुमार के अलावा, परेश रावल, राजपाल यादव, वामिका गब्बी, तब्‍बू, असरानी, मनोज जोशी, मिथिला पालकर, जिशु सेनगुप्ता, राजेश शर्मा, मनु मेनन, पेरिन माल्दे और पुनीत हैं।  

कंगना रनौत ने चिराग पासवान संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- “सिर्फ दोस्त हैं”

एक्ट्रेस से पॉलिटिशियन बनीं कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार चर्चा उनके और कंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के रिश्ते को लेकर है, जिस पर उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी है. दोनों संसद या पार्टी के काम से जब भी मिलते हैं उनकी तस्वीरें वायरल हो जाती हैं. कभी दोनों एक दूसरे को ताली देते हुए हंसते दिखते हैं, तो कभी आवाज लगाकर बुलाते और गले मिलते. काफी समय से दोनों के बीच अफेयर की खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन अब कंगना ने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है. उन्होंने साफ कहा कि चिराग पासवान उनके सिर्फ अच्छे दोस्त हैं, इससे ज्यादा कुछ नहीं. चिरांग संग क्या है रिश्ता? मीडिया से बातचीत में रोमांटिक एंगल के सवाल पर कंगना ने मुस्कुराते हुए कहा- नहीं, चिराग सिर्फ दोस्त हैं. मैं जब भी उनके बारे में सोचती हूं, मुझे एक दोस्त ही नजर आते हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके बीच कभी रोमांस रहा है, तो उन्होंने बेहद साफ अंदाज में जवाब दिया- कोई रोमांस नहीं है. हम एक-दूसरे को कई सालों से जानते हैं. उन्होंने आगे मजाकिया लहजे में कहा- हम दोनों ने करीब 10 साल पहले एक फिल्म साथ में की थी. अगर हमारे बीच कुछ होता, तो अब तक हमारे बच्चे होते. अगर रोमांस होना होता, तो अब तक हो चुका होता. कंगना के इस बयान के बाद एक बार फिर ये साफ हो गया है कि दोनों के बीच सिर्फ दोस्ती का रिश्ता है, ना कि कोई रोमांटिक कनेक्शन. उनके इस बेबाक और मजेदार अंदाज ने फैंस का ध्यान जरूर खींच लिया है. कंगना संग किया था डेब्यू कंगना और चिराग पासवान ने साल 2011 में फिल्म मिले न मिले हम में साथ काम किया था. इसी फिल्म से चिराग ने बॉलीवुड में कदम रखा था. फिल्म को तनवीर खान ने डायरेक्ट किया था. वहीं इसमें कंगना-चिराग के अलावा नीरू बाजवा और सागरिका घाटगे भी थीं. हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं कर पाई, लेकिन दोनों की दोस्ती वहीं से शुरू हुई, जो आज तक कायम है. कंगना की आखिरी रिलीज फिल्म इमरजेंसी थी. इसे उन्होंने डायरेक्ट भी किया था, और फिल्म में इंदिरा गांधी का किरदार भी अदा किया था. कंगना जल्द ही क्वीन 2 और तनु और वेड्स मनु 3 में नजर आएंगी.

कनाडा में पंजाबी लेडी रेडियो होस्ट को मिली सजा, ₹83 करोड़ की ड्रग्स के साथ गिरफ्तार, गिरोह से जुड़े राज का खुलासा

अमृतसर कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाबी रेडियो होस्ट सुखविंदर कौर संघा (47) को नशा तस्करी के मामले में साढ़े पांच साल की सजा सुनाई है। संघा को 108 किलोग्राम मेथामफेटामाइन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसकी बाजार कीमत करीब 83 करोड़ रुपए आंकी गई। मूल रूप से पंजाब के जालंधर जिले के नकोदर से संबंध रखने वाली संघा कनाडा के प्रिंस जॉर्ज में जन्मी थीं और पिछले एक दशक में पंजाबी मीडिया जगत में एक चर्चित चेहरा बन चुकी थीं। सीमा पर रोकने पर भागने की कोशिश अक्टूबर 2021 में संघा फ्लोरिडा नंबर प्लेट वाली एक रेंटल कार में अमेरिका से कनाडा में प्रवेश कर रही थीं। सरे स्थित सीमा चौकी पर जब कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने उन्हें सेकेंडरी जांच के लिए रोका, तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय कार तेज गति से भगा ली। इस घटना के बाद मामला और गंभीर हो गया। पुलिस ने पीछा कर किया गिरफ्तार संघा की कार का पीछा करते हुए पुलिस ने उन्हें सरे की 16वीं एवेन्यू पर पकड़ लिया। जब कार की तलाशी ली गई, तो उसमें चार डफल बैग बरामद हुए, जिनमें 108 किलोग्राम मेथामफेटामाइन भरी हुई थी। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया और यह मामला बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना गया। कोर्ट में बचाव के दावे खारिज अदालत में सुनवाई के दौरान संघा ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह अपनी मौसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाशिंगटन गई थीं और वहां उन्हें धमकाकर इस काम के लिए मजबूर किया गया। हालांकि जस्टिस जॉन गिब-कार्सले ने उनके इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य उनके बयान से मेल नहीं खाते। मोबाइल मैसेज बने अहम सबूत जांच के दौरान संघा के मोबाइल फोन से मिले टेक्स्ट मैसेज इस मामले में निर्णायक साबित हुए। इन मैसेज से स्पष्ट हुआ कि वह तस्करी में अपनी मर्जी से शामिल थीं और गिरोह की एक भरोसेमंद सदस्य के रूप में काम कर रही थीं। कोर्ट ने यह भी माना कि वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रह चुकी थीं। कोर्ट की सख्त टिप्पणी न्यू वेस्टमिंस्टर की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नशीले पदार्थों का कारोबार समाज के लिए बेहद खतरनाक है और इसके गंभीर परिणाम होते हैं। जज ने उम्मीद जताई कि संघा जेल में बिताए समय का उपयोग आत्मचिंतन के लिए करेंगी। यह मामला ब्रिटिश कोलंबिया के पंजाबी समुदाय के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि संघा अपने शो में अक्सर अपराध के खिलाफ आवाज उठाती थीं।

भिवाड़ी में मजदूरों का बड़ा आंदोलन, हजारों श्रमिक सड़कों पर उतरे

भिवाड़ी राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक हब भिवाड़ी (Bhiwadi) में मजदूरों का असंतोष गहराता जा रहा है. मदरसन कंपनी में प्रदर्शन खत्म होने के बाद अब गुरुवार सुबह दो और बड़ी कंपनियों (रिलैक्सो इंडिया और निफोन) के श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया है. हजारों की संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. रिलैक्सो चौक पर चक्का जाम और नारेबाजी भिवाड़ी के व्यस्त रिलैक्सो चौक पर सुबह से ही श्रमिकों ने काम बंद कर दिया और सड़क पर जाम लगा दिया है. प्रदर्शनकारी श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें दी जाने वाली मजदूरी बेहद कम है और काम का बोझ अधिक है. प्रदर्शनकारी 'कंपनी प्रशासन मुर्दाबाद' के नारे लगाते हुए न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये करने की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रशासनिक अमला मौके पर, भारी पुलिस बल तैनात हजारों मजदूरों के सड़क पर आने की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं. हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए रिलैक्सो चौक और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. अधिकारियों ने श्रमिकों के प्रतिनिधियों से बातचीत का दौर शुरू कर दिया है ताकि औद्योगिक शांति बनी रहे और जाम खुलवाया जा सके. मदरसन कंपनी जैसा ही विवाद बता दें कि पिछले कुछ दिनों से भिवाड़ी में श्रमिकों के बीच वेतन को लेकर भारी नाराजगी है. श्रमिकों का कहना है कि जिस तरह मदरसन कंपनी में वेतन विसंगतियों को लेकर मांगें उठी थीं, वैसी ही समस्या रिलैक्सो और निफोन कंपनी में भी है. फिलहाल, बातचीत जारी है लेकिन श्रमिक अपनी मांग पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

हरियाणा कांग्रेस का बड़ा एक्शन, क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायक सस्पेंड

चंडीगढ़ हरियाणा कांग्रेस में अनुशासन को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है. पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले पांच विधायकों को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई है. इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है. हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया. उन्होंने बताया कि पांच विधायकों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. यह फैसला संगठनात्मक अनुशासन के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए लिया गया है. राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिश के आधार पर की गई है. साथ ही इस निर्णय को लागू करने से पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति भी ली गई. इससे यह साफ हो गया है कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है. क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस का बड़ा फैसला जिन विधायकों को निलंबित किया गया है उनमें शैली चौधरी, रेणु बाला, मोहम्मद इलियास पुनहाना, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह शामिल हैं. ये सभी विधायक नारायणगढ़, सढौरा, रतिया, पुनहाना और हथीन विधानसभा क्षेत्रों से निर्वाचित हैं. पार्टी ने इन सभी पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है. प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन विधायकों ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मतदान किया था. इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना गया. पार्टी का कहना है कि इस तरह का कदम संगठन की मर्यादाओं के खिलाफ है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता. राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और हर नेता और कार्यकर्ता को इसका पालन करना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि पार्टी के सामूहिक निर्णयों और अधिकृत रुख के खिलाफ जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी. मल्लिकार्जुन खड़गे की स्वीकृति के बाद हुई कार्रवाई इस फैसले के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस के इस कदम को अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. आने वाले समय में इसका असर पार्टी की आंतरिक राजनीति और रणनीति पर भी पड़ सकता है.

बिहार प्रशासन में हलचल, ब्यूरोक्रेसी का चेहरा बदलने की तैयारी तेज

पटना बिहार में बहुत जल्द ब्यूरोक्रेसी का मूड-मिजाज और चेहरा बदल जाएगा। नेतृत्व बदलते ही ब्यूरोक्रेसी का मन बदलने लगा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सचिवालय में पदभार संभालने के साथ ही विभागों के प्रमुख अधिकारी अलर्ट मोड में आ गए। अधिकारी नई सरकार के संकेतों पर नजर टिकाए बैठे हैं। साथ ही विभागीय प्रस्तुतीकरण को लेकर रोडमैप तैयार करने में जुट गए हैं। खास कर सरदार पटेल भवन में, जहां सम्राट करीब पांच महीने उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री बन कर रहे। यहां पर गृह विभाग से लेकर पुलिस मुख्यालय के प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में नई सरकार के रोडमैप को लेकर चर्चाएं होती दिख रही। बिहार में बदल जाएगी ब्यूरोक्रेसी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सचिवालय में पदभार संभालने के साथ ही विभागों के अधिकारी अलर्ट मोड में हैं। पुलिस मुख्यालय में नई सरकार के रोडमैप को लेकर चर्चाएं होती रहीं कई जिलों में प्रशासन का प्रमुख चेहरा बदलने की भी पूरी संभावना है। प्रशासनिक महकमे में भी फेरबदल के आसार हैं। राज्य में नई सरकार बनते ही ब्यूरोक्रेसी के प्रमुख चेहरों के बदलने की चर्चाएं भी शुरू हुई हैं। लंबे समय तक सरकार का चेहरा बने कई अधिकारी केंद्र सरकार में इम्पैनल हो चुके हैं। कई कतार में हैं। ऐसे में उनके विरमित होने पर नए अधिकारियों की तैनाती होगी। नए नेतृत्व की एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री सचिवालय सहित प्रमुख विभागों में नए चेहरे दिख सकते हैं। कई जिलों में प्रशासन का प्रमुख चेहरा बदलने की भी पूरी संभावना है। अपराधियों पर सख्ती रहगी जारी सम्राट चौधरी ने चुनावी भाषण से लेकर बतौर उपमुख्यमंत्री कई बार अपराधियों को बिहार छोड़ देने की चेतावनी दी थी। ऐसे में अब उनके मुख्यमंत्री बनने पर पुलिस अधिकारी महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ने मुख्यालय सहित सभी क्षेत्रीय उत्साहित हैं कि अपराधियों पर कड़े प्रहार जारी रखे जाएंगे। महिला सुरक्षा भी सरकार का फोकस रहेगा। सम्राट चौधरी ने ही अपराध और विशेष महिला पुलिस दस्ता 'अभया बिग्रेड' बनाने की घोषणा की थी। बुधवार की साप्ताहिक बैठक में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने मुख्यालय सहित क्षेत्रीय पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षकों को नए सिरे से सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया और सख्ती से अनुपालन के निर्देश दिए। गृह विभाग से लेकर पुलिस मुख्यालय के प्रमुख अधिकारियों के कक्ष में नई सरकार के रोडमैप को लेकर चर्चाएं होती दिख रही। चौक-चौराहों पर सम्राट-नीतीश में तुलना सचिवालय के गलियारों से लेकर चौक-चौराहों पर नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी खूब तुलना हो रही है। युवा मुख्यमंत्री से लोगों को उम्मीदें तो हैं, मगर कुछ चिंताएं भी हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सम्राट चौधरी के पास सरकार का लंबा अनुभव है, ऐसे में उनको ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। जबकि, कुछ लोगों को भरोसा है कि उनको केंद्र सरकार का भी सहयोग मिलेगा। नीतीश सरकार की तरह सांप्रदायिक शक्तियों और भ्रष्टाचारियों पर कड़ी चोट जारी रहनी चाहिए। थानों और अंचल कार्यालयों की कार्य संस्कृति में सुधार लाना चाहिए। शराब पर लगे प्रतिबंध को लेकर भी अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय दिखी। कुछ दिन में नई सरकार के परफॉर्मेंस का भी आकलन होने लगेगा।

सहजन के छिलकों से बनाएं सुपरफूड मोरिंगा टी, जानें तरीका और फायदे

 आजकल सुपरफूड को लेकर जब भी चर्चा होती है, मोरिंगा का नाम सबसे पहले आता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहजन को एक सुपरफूड बताया था और यह भी कहा है कि वे अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हफ्ते में दो बार सहजन की पत्तियों से बने परांठे खाते हैं. मोरिंगा को आमतौर पर लोग सहजन भी कहते हैं और यह पोषण का पावरहाउस भी कहलाता है. इसका कई तरीके से यूज किया जाता है. कोई इसकी सब्जी बनाता है तो कोई इसका अचार भी डालता है. हालांकि लोग सहजन के छिलकों को लोग बेकार समझकर निकालकर कचरे में फेंक देते हैं, लेकिन अधिकतर लोग इस बात से अनजान है कि सहजन का छिलका भी बहुत काम की चीज है, क्योंकि उससे आप अपने काफी पैसे बचा सकते हैं. सहजन के छिलका भी पोषण तत्वों से भरा होता है और इसलिए इसका यूज आप मोरिंगा टी बनाने में कर सकते हैं. मोरिंगा के छिलकों से बनाएं चाय     मोरिंगा के छिलकों को आप छीलने के बाद एक प्लेट में फैलाकर अलग रख लीजिए और इसे धूप में सुखाने के लिए रख दीजिए. जब मोरिंगा के छिलके ड्राई हो जाएं तो आप इनको मिक्सर जार में डालकर बारीक पीस लें और इनका पाउडर बना लें. मोरिंगा के छिलकों को पीसते समय आप उनके साथ ही दालचीनी और इलायची  के साथ पीसना है. इस तरह आप घर पर ही सुपर हेल्दी मोरिंगा टी तैयार कर सकते हैं और फिर इस पाउडर को आप गर्म पानी में मिलाकर पिएं. इतने समय तक कर सकते हैं स्टोर इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि आपको इसे घर पर बनाकर लगभग 2 महीने के लिए स्टोर भी कर सकते हैं. पाउडर को स्टोर करने के लिए आप एक एयरटाइट कंटेनर में रखें, ताकि इसमें बिल्कुल भी नमी ना आए. इस तरह हर दो महीने के लिए पहले से ही मोरिंगा का छिलकों को सुखाकर घर पर ही मोरिंगा टी तैयार कर सकते हैं. मोरिंगा टी पीने से क्या फायदे मिलते हैं? मोरिंगा से बनी मोरिंगा टी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि इसमें विटामिन C, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं. यह मेटाबॉलिज्म को तेज कर वजन घटाने में मददगार भी होती है और ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में भी काम आती है, खासकर टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए.  मोरिंगा टी डाइजेशन को सुधारती है, शरीर को डिटॉक्स करती है और स्किन के साथ बालों को भी हेल्दी और शाइनी बनाती है, नियमित सीमित मात्रा में सेवन करने से एनर्जी बढ़ती है और थकान कम होती है.

T-पॉइंट पर घर क्यों माना जाता है अशुभ? जानें वास्तु शास्त्र के प्रभाव और उपाय

टी-पॉइंट पर घर होना वास्तुशास्त्र के अनुसार सही नहीं माना जाता है। यह घर और परिवार के सदस्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। जिसके चलते वहां अशांति बनी रह सकती है। वास्तु में भूमि की दिशा, स्थान, आकार, प्रकार के शुभ-अशुभ प्रभावों का वर्णन किया गया है। इनका ख्याल रखकर मकान बनवाने से वहां शुभता बनी रहती है। लेकिन अगर घर वास्तु अनुसार न हो तो इससे वास्तु दोष लगने की आशंका रहती है। वास्तु गुरु मान्या कहती हैं कि T-Point पर घर होना अशांति और गृह क्लेश का कारण बन सकता है। अगर पहले से घर टी-पॉइंट पर हो तो इसके लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। आइए विस्तार से जानें टी-पॉइंट पर घर होने के प्रभाव और इससे बचाव के उपाय। टी पॉइंट पर घर होना चाहिए या नहीं? वास्तु शास्त्र में घर के आकार, प्रकार दिशा आदि के बारे में कई नियम बताए गए हैं, जिनका ख्याल रखने से वास्तु दोष नहीं लगता है। वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, अगर मकान टी पॉइंट पर बना हो तो इसे वास्तु के हिसाब से सही नहीं माना जाता है क्योंकि, सड़क से आने वाली ऊर्जा सीधा वहां मौजूद घर को प्रभावित करती है। इस ऊर्जा प्रवाह लगातार बना रहता है, जिसके चलते घर के माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके चलते घर और परिवार की शांति में बाधा उत्पन्न होने लगती है। साथ ही, यह गृह क्लेश और अशांति का बड़ा कारण भी बन सकता है। टी-पॉइंट वाला घर शांति को करता है प्रभावित अगर घर टी-पॉइंट पर बना हो तो इसका प्रभाव परिवार के सदस्यों और वहां के माहौल पर भी पड़ता है। सबसे ज्यादा इसका प्रभाव घर की शांति पर पड़ता है। इससे परिवार में छोटी-छोटी बातों पर बहस या अनबन बनी रह सकती है। घर में भी मन शांत महसूस नहीं करता जिसके चलते चिड़चिड़ापन बना रह सकता है। ऐसे में छोटी बातों पर अधिक सोचने लगते हैं जो गृह क्लेश और अशांति का कारण बन सकता है। इसके प्रभाव से बाहर से घर पहुंचने पर भी वहां शांति और सुख महसूस नहीं होता है। टी-पॉइंट पर घर होने से इसका असर नींद पर भी पड़ सकता है, जिससे ठीक से आराम नहीं मिल पाता है। क्योंकि वहां लगातार वाहनों का आना-जाना लगा रहता है और ऊर्जा बहुत अधिक रहती है। बहार के शोर का प्रतिकूल प्रभाव घर के माहौल पर भी पड़ता है, जिससे वहां का माहौल शांतिपूर्ण महसूस नहीं हो पाता है। टी-पॉइंट घर का भावनाओं पर भी दिखता है प्रभाव वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, घर टी-पॉइंट पर हो तो इसका प्रभाव वहां रह रहे लोगों की भावनाओं पर भी देखने को मिल सकता है। घर में पहुंचने के बाद भी मन को सुकून महसूस नहीं होता है। अपने ही घर में सुरक्षित न महसूस करने जैसी भावना भी आ सकती है। साथ ही, वहां की ऊर्जा के चलते बार-बार घर से कहीं बाहर जाने का मन कर सकता है और परिवार के बीच तालमेल बनाए रखने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। टी-पॉइंट पर घर हो तो क्या करें?  अगर आपका घर टी-पॉइंट पर है तो इसके लिए घर की मुख्य द्वार के सामने बड़े और घने पौधे लगा सकते हैं। इससे बाहर की ऊर्जा घर में सीधा प्रवेश नहीं करेगी। आप घर के बाहर एक कॉन्वेक्स मिरर यानी उत्तल दर्पण भी लगा सकते हैं। ऐसा करने से ऊर्जा के प्रवाह को बदला जा सकता है जिससे परिवार का माहौल सकारात्मक बना रहता है। घर का मुख्य द्वार अगर उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में हो तो वहां आप वॉटर फाउंटेन लगा सकते हैं। इससे आसपास का माहौल सकारात्मक बना रहता है।

मिड-रेंज सेगमेंट में आया नया Vivo T5 Pro 5G, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

वीवो ने भारत में नया स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम Vivo T5 Pro 5G है. यह एक मिड रेंज स्मार्टफोन है और कंपनी का दावा है कि 9020mAh बैटरी वाला यह सबसे स्लिम हैंडसेट है. इसमें और भी कमाल के फीचर्स हैं. वीवो के इस हैंडसेट में 144Hz का रिफ्रेश रेट्स दिया है, जो गेमिंग एक्सपीरियंस को बेहतर करता है. स्मूद परफॉर्मेंस के लिए अमेरिकी चिपसेट कंपनी क्वालकॉम का Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर यूज किया है. Vivo T5 Pro 5G की शुरुआती कीमत 29,999 रुपये है, जिसमें 8GB + 128GB स्टोरेज मिलती है. वहीं, 8GB + 256GB मॉडल की कीमत 33,999 रुपये है. इसके टॉप एंड वेरिएंट की कीमत 39,999 रुपये है. 21 अप्रैल से Vivo T5 Pro 5G की सेल शुरू होगी. इसको ईकॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट, वीवो इंडिया ई स्टोर और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा. लॉन्च ऑफर के तहत  3 हजार रुपये का इंस्टैंट कैशबैक मिलेगा. Vivo T5 Pro 5G के स्पेसिफिकेशन्स Vivo T5 Pro 5G में 6.83-inch का 1.5K (1.5 हजार रेजोल्युशन) AMOLED डिस्प्ले मिलता है. इसमें 144Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा, जिसमें 5 हजार निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी. Vivo T5 Pro 5G का प्रोसेसर Vivo T5 Pro 5G  में Snapdragon 7s Gen 4 (4nm) चिपसेट का यूज किया गया है. ग्राफिक्स के लिए Adreno 810 GPU का यूज किया है. इसमें डुअल सिम सपोर्ट और एंड्रॉयड 16 बेस्ड OriginOS 6 का यूज किया है. सिक्योरिटी के लिए इन डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है. Vivo T5 Pro 5G का कैमरा सेटअप Vivo T5 Pro 5G में डुअल कैमरा लेंस सेटअप है, जिसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर है और 2MP का डेप्थ सेंसर दिया गया है. इसमें 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. इस हैंडसेट से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है. Vivo T5 Pro 5G  की बैटरी Vivo T5 Pro 5G में 9020mAh की बैटरी और 90W का फास्ट चार्जिंग मिलता है. कंपनी पहले ही दावा कर चुकी है कि 9020mAh बैटरी

कोयला सिंडिकेट पर ईडी की चार्जशीट, गुंडा टैक्स से चल रहा था 650 करोड़ का खेल

रांची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमाओं के बीच चल रही कोयला तस्करी और मनी लाउंड्रिंग के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ईडी ने इस मामले में विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की है, जिसमें 650 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लाउंड्रिंग का जिक्र किया है। यह काली कमाई पिछले पांच वर्षों में जबरन वसूली और गुंडा टैक्स से की गई है। ईडी की जांच में यह बात प्रमुखता से सामने आई है कि इस सिंडिकेट का जाल झारखंड तक फैला हुआ था। ईडी के अनुसार, सिंडिकेट न केवल बंगाल के दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र में सक्रिय था, बल्कि झारखंड से पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से लाए गए कोयले के कारोबार में भी संलिप्त था। झारखंड से होने वाली इस अवैध तस्करी को संरक्षण देने के लिए सिंडिकेट ने कई सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक रसूखदारों को घूस के रूप में मोटी रकम पहुंचाई थी। सिंडिकेट वैध डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) धारकों, ट्रांसपोर्टरों और खरीदारों से जबरन वसूली करता था। इसे जीटी (गुंडा टैक्स) या रंगदारी टैक्स कहा जाता था। जीटी नहीं देने पर उठाव व परिवहन रोक दिया जाता था ईडी ने पाया है कि यह वसूली ₹275 प्रति टन से लेकर ₹1,500 प्रति टन तक की जाती थी। यह कोयले के वास्तविक मूल्य का लगभग 20-25 प्रतिशत हिस्सा था। जो व्यापारी यह टैक्स नहीं देते थे, उन्हें कोयला उठाने और परिवहन करने से रोक दिया जाता था। इस दबाव के कारण भारी मात्रा में कोयला खदानों में ही पड़ा रहा, जिससे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) को भी भारी वित्तीय नुकसान हुआ। उगाही की गई रकम को कई प्रोप्राइटरशिप फर्मों और मुखौटा कंपनियों के जरिए घुमाया जाता था, ताकि कमाई को वैध दिखाया जा सके। लाला पैड के जरिए होती थी वसूली ईडी ने जांच में पाया था कि गुंडा टैक्स व अवैध कोयला संचालन के लिए लाला पैड का इस्तेमाल किया जाता था। आप सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ईडी के छापे जालंधर/चंडीगढ़। ईडी ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों पर छापेमारी की। ईडी ने यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत इन शैक्षणिक संस्थानों के कुछ विदेशी वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की। अधिकारियों ने बताया कि जालंधर, उसके आसपास के इलाकों और गुरुग्राम में लगभग 10 स्थानों पर तलाशी ली गई। इसमें फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर और गुरुग्राम में स्थित टेट्र कॉलेज ऑफ बिजनेस तथा मास्टर्स यूनियन कॉलेज ऑफ बिजनेस नामक दो शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। आप ने हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उपनेता नियुक्त किया था। वह फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति भी हैं। उनके बेटे प्रथम मित्तल ने गुरुग्राम स्थित शिक्षण संस्थानों की स्थापना की।