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झारखंड में बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत की जमीनी हकीकत जानेंगे मंत्री

 बूढ़ा पहाड़ झारखंड के वित्तमंत्री राधा कृष्ण किशोर आज 13 अप्रैल को गढ़वा जिले के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वे बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के गांवों में चल रही विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा करेंगे. बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के गांवों में विकास योजनाओं की लेंगे जानकारी झारखंड के वित्त, वाणिज्य-कर, योजना विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर आज गढ़वा जिले के सुदूरवर्ती और कभी नक्सलियों का गढ़ रहे बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के गांवों में चल रही विकास योजनाओं की हकीकत जानेंगे. जिला प्रशासन द्वारा जारी सूचना के मुताबिक मंत्री क्षेत्र में संचालित योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे. समाहरणालय में सुबह 11:30 बजे होगी समीक्षा बैठक मंत्री श्री किशोर पूर्वाह्न 11:30 बजे समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) स्थित सभागार में एक समीक्षा बैठक करेंगे. इस बैठक में बूढ़ा पहाड़ और टेहरी पंचायत के सभी गांवों में बुनियादी सुविधाओं जैसे- बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य की उपलब्धता की बिंदुवार समीक्षा की जाएगी. बैठक में जिले के आला अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है. दोपहर 1 बजे मीडिया से करेंगे प्रेस वार्ता तय कार्यक्रम के मुताबिक विकास कार्यों की समीक्षा के पश्चात अपराह्न 1:00 बजे मंत्री राधाकृष्ण किशोर स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेस वार्ता करेंगे. इस दौरान वे क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की भावी योजनाओं और समीक्षा बैठक के निष्कर्षों पर जानकारी साझा करेंगे.

तुरकौलिया कांड का मास्टरमाइंड गाजियाबाद से ऑपरेट कर रहा था फर्जी स्प्रिट नेटवर्क

मोतिहारी बिहार के मोतिहारी जिले के तुरकौलिया शराब कांड में एसआईटी ने जहरीली स्प्रिट की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी सतीश चंद्र चौधरी को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। वह गाजियाबाद में फर्जी स्प्रिट कंपनी संचालित कर अवैध तरीके से आपूर्ति करता था।पुलिस के अनुसार, सतीश ने ही 31 मार्च को 85 बाल्टी स्प्रिट सप्लाई की थी, जिसे शराब धंधेबाजों में बांटा गया। इस जहरीले पदार्थ के सेवन से तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। कई बीमारों की आंख की रोशनी भी चली गई थी। गाजियाबाद में फर्जी नाम से चलाता था सिंडिकेट एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार सतीश चंद्र चौधरी उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र स्थित सुक्रौली गांव का निवासी है। वह गाजियाबाद में एसएस नाम से स्प्रिट बनाने और सप्लाई करने वाली फर्जी कंपनी चलाता था। पूछताछ में सतीश ने स्वीकार किया है कि उसने बीते 31 मार्च को कोटवा थाना क्षेत्र के सोवईया गांव निवासी लवकुश यादव को 85 बाल्टी जहरीली स्प्रिट उपलब्ध कराई थी। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सतीश से स्प्रिट लेने के बाद लवकुश यादव ने इसे खलीफा यादव व कन्हैया यादव को बेचा। इसके बाद इन दोनों ने स्प्रिट की सप्लाई आगे नागा यादव, संजीत यादव, रुपेश यादव और जिम्बू बैंठा समेत अन्य शराब धंधेबाजों को की। इसी जहरीली स्प्रिट से बनी शराब के सेवन से रघुनाथपुर और तुरकौलिया में कोहराम मच गया। 10 की मौत, दो दर्जन बीमार, कइयों की गई आंखों की रोशनी इस कांड में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में चंदू कुमार, प्रमोद यादव, सम्पत साह, लड्डू साह, परीक्षण मांझी, योद्धा मांझी, आलियास मियां, हरिलाल भगत, लालकिशोर राय और विनोद साह शामिल हैं। करीब दो दर्जन से अधिक लोग बीमार हुए हैं, जिनमें से लौहा ठाकुर, राहुल पासवान, टुनटुन यादव, राजेश्वर राय, राहुल साह, रमेश यादव, श्यामाकांत साहनी, अशोक यादव और नीरज कुमार का इलाज चल रहा है। कई पीड़ितों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। वित्तीय लेनदेन के मिले अहम सुराग एसपी ने बताया कि सतीश चंद्र चौधरी से पूछताछ में वित्तीय लेनदेन के महत्वपूर्ण डिटेल मिले हैं। इस आधार पर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया गया है। मुख्य आरोपी सतीश को रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, एसआईटी की दो टीमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही हैं ताकि इस काले धंधे से जुड़े हर व्यक्ति को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

यमुना हादसे में दो और शव मिले, सर्च ऑपरेशन जारी

 मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में 10 अप्रैल को हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। सोमवार को एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और शव बरामद किया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। पंजाब के यश भल्ला के रूप में हुई पहचान बरामद किए गए शव की पहचान पंजाब निवासी यश भल्ला उर्फ युवराज और महिला मोनिका के रूप में हुई है। वह उन 16 लोगों में शामिल थे, जो नाव पलटने के बाद यमुना के तेज बहाव में लापता हो गए थे।प्रशासन के अनुसार, यश भल्ला का शव केशीघाट के पास देवराह बाबा घाट के किनारे झाड़ियों में फंसा हुआ मिला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में था। अब तक 15 शव बरामद, एक की तलाश जारी सोमवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक दो शव बरामद किए गए हैं, जिनमें एक महिला मोनिका और दूसरा यश भल्ला का शव शामिल है। इस हादसे में कुल 16 लोग लापता हुए थे, जिनमें से अब तक 15 के शव मिल चुके हैं। हालांकि, एक व्यक्ति अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है। NDRF और जल पुलिस का संयुक्त अभियान एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार नावों और आधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद से यमुना नदी के हर हिस्से को खंगाल रही हैं। सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है ताकि अंतिम लापता व्यक्ति का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक आखिरी व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। इलाके में शोक, परिजनों का बुरा हाल इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है। खासकर पंजाब से आए मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। साथ ही नावों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।  

वास्तु टिप्स: सुबह की ये 6 आदतें बदल सकती हैं आपका पूरा दिन और किस्मत

 हम अक्सर सोचते हैं कि हमारा दिन कैसा बीतेगा, यह हमारी किस्मत पर निर्भर है.  लेकिन वास्तु शास्त्र यह मानता है कि हमारे दिन की सफलता इस बात पर टिकी होती है कि हम अपनी सुबह की शुरुआत कैसे करते हैं.  सुबह का समय पॉजिटिव एनर्जी से भरा होता है. यदि हम सुबह उठते ही कुछ छोटी-छोटी लेकिन प्रभावशाली आदतों को अपना लें, तो न केवल हमारा मन शांत रहता है, बल्कि घर में धन-धान्य और खुशहाली  भी बढ़ती है. 1. अपनी हथेलियों को देखें नींद खुलते ही सबसे पहले किसी भी अन्य वस्तु या व्यक्ति को देखने के बजाय अपनी दोनों हथेलियों को एक साथ जोड़कर देखना चाहिए.  शास्त्रों में कहा गया है कि हथेलियों के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल भाग में भगवान गोविंद (विष्णु) का वास होता है. सुबह-सुबह अपने हाथों को देखकर चेहरे पर फेरने शुभ होता है. सुबह-सुबह तेल के बर्तन, या सूई धागा ना देखें. 2. धरती को नमन बिस्तर से पैर नीचे उतारने से पहले धरती माता को हाथ से छूकर प्रणाम करना चाहिए.  अपने कुलदेवता का नाम लेना भी बहुत शुभ होता है. किसी भी ऐसे जानवर का नाम ना लें जो अपशकुन हो, जैसे बंदर, कुत्ता, या सूअर. 3. सूर्योदय से पहले उठने का लाभ वास्तु के अनुसार, सूर्योदय के बाद देर तक सोए रहने से घर में दरिद्रता आती है और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. सूरज की पहली किरण निकलने से पहले उठने वाले व्यक्ति को प्राकृतिक रूप से वाइटल एनर्जी (प्राण शक्ति) मिलती है.  इससे आलस्य दूर होता है.  बुद्धि तेज होती है. 4. मुख्य द्वार की पवित्रता घर की महिलाएं या बड़े बुजुर्ग यदि सुबह उठकर घर के मुख्य द्वार पर थोड़ा सा जल छिड़कते हैं, तो यह बहुत शुभ माना जाता है. साफ-सुथरा मुख्य द्वार देवी लक्ष्मी को आमंत्रित करता है.  ध्यान रहे कि घर की दहलीज के पास कचरा या गंदगी बिल्कुल न हो. 5. सूर्य देव को जल और योग स्नान के बाद तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देना आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है.  इसके साथ ही 10-15 मिनट का ध्यान या योग आपके शरीर को स्फूर्ति देता है.   6. तुलसी को जल तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना और उसकी परिक्रमा करना घर के कलह-क्लेश को शांत करता है.  सुबह के समय कभी भी किसी की बुराई न करें और न ही क्रोध करें.  अपनी वाणी में मधुरता रखें ताकि पूरा दिन खुशनुमा बना रहे.

कुंभ राशि में चंद्रमा का गोचर, कर्क, कन्या और मीन राशि पर असर के संकेत

 ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. दरअसल, चंद्रमा के इस गोचर का प्रभाव सीधा व्यक्ति के मन और भावनाओं पर पड़ता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 12 अप्रैल की रात करीब 1 बजकर 19 मिनट पर चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश कर चुका है और लगभग ढाई दिन तक इसी राशि में रहेगा. कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं, जिन्हें चंद्रमा का शत्रु ग्रह माना जाता है. ऐसे में यह गोचर कुछ राशियों के लिए परेशानी भरा साबित हो सकता है. ज्योतिषियों के मुताबिक, इस दौरान थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में. कर्क राशि कर्क राशि के लिए यह गोचर आठवें भाव में हुआ, जो अचानक घटनाओं और परेशानियों से जुड़ा माना जाता है. इस समय आपको मानसिक तनाव, काम में रुकावट और निराशा का सामना करना पड़ सकता है. छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ सकता है, इसलिए खुद को शांत रखना जरूरी होगा. किसी भी जोखिम भरे काम से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा. कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए चंद्रमा का यह गोचर छठे भाव में पड़ेगा, जो विवाद, बीमारी और शत्रुओं का स्थान होता है. इस दौरान ऑफिस या परिवार में किसी से अनबन हो सकती है. यात्रा के दौरान अपने सामान का खास ध्यान रखें. बड़े फैसले लेने से बचें, क्योंकि इस समय गलत निर्णय लेने की संभावना ज्यादा रह सकती है. मीन राशि मीन राशि के लिए यह गोचर बारहवें भाव में हुआ, जिसे खर्च और नुकसान का भाव माना जाता है. इस दौरान पैसों से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं और खर्च ज्यादा हो सकता है. मानसिक रूप से भी आप थोड़ा परेशान महसूस कर सकते हैं. रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ने की संभावना है, इसलिए बातचीत में सावधानी रखें और किसी भी बात को समझदारी से सुलझाने की कोशिश करें.

विद्युत कर्मियों का प्रदेशव्यापी आंदोलन, 15 अप्रैल से जन-जागरण अभियान शुरू

 लखनऊ उत्पीड़न की कार्यवाहियां वापस न होने पर गर्मियों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी शीर्ष प्रबंधन की होगी। यह चेतावनी विद्युत कर्मियों ने रविवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में दी है। समिति ने 15 अप्रैल से 21 मई तक प्रदेशव्यापी जन-जागरण अभियान चलाने का ऐलान किया है। सभी डिस्कॉम मुख्यालय पर प्रदर्शन होंगे। उत्पीड़न होने पर सीधी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। लखनऊ में हुई बैठक में प्रदेशभर से लगभग 1000 से अधिक बिजली कर्मचारी एवं अभियंता पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि आंदोलन के फलस्वरूप बिजली कर्मियों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तत्काल वापस नहीं ली गईं तो आने वाली भीषण गर्मियों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन की होगी। चेतावनी दी गई है कि यदि प्रबंधन अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए किसी भी कर्मचारी या अभियंता पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करता है, तो बिजली कर्मी कार्यस्थल पर काम छोड़कर बाहर आने को बाध्य होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इन तिथियों में होगा डिस्कॉम मुख्यालयों पर प्रदर्शन जनजागरण अभियान के तहत 24 अप्रैल को मेरठ डिस्कॉम, 2 मई को केस्को, 6 मई को आगरा, 14 मई को लखनऊ और 21 मई को वाराणसी डिस्कॉम पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अभियान के तहत केंद्रीय पदाधिकारी पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे और प्रत्येक जनपद में बिजली उपभोक्ताओं एवं किसानों के साथ संयुक्त सभाएं आयोजित की जाएंगी। बैठक में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा गया कि एक ओर बिजली कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। जिससे तकनीकी कार्यों में बाधा आ रही है। यदि यही स्थिति रही तो मेंटेनेंस के अभाव में ट्रांसफार्मर जलने और लाइनों में फॉल्ट की समस्याएं बढ़ेंगी, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ेगा। प्रबंधन की इसी 'हठधर्मी' नीति के विरोध में अब कर्मचारी सड़क पर उतरने को तैयार हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल कर्मचारियों की मांगों की लड़ाई नहीं है, बल्कि विभाग को बचाने की मुहिम है। बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे, राहुल बाबू कटियार, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, पीके दीक्षित, सुहेल आबिद, अंकुर पांडेय, चन्द्र भूषण उपाध्याय, मोहम्मद वसीम, बिमल चन्द्र पाण्डेय, मोहम्मद इलियास, प्रेम नाथ राय, श्रीचंद, सरजू त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।

जयपुर-बीकानेर में सुरक्षा अलर्ट, विधानसभा और न्यायालयों की हुई सघन तलाशी

जयपुर राजस्थान में पिछले कुछ समय से सरकारी संस्थानों और न्यायिक परिसरों को निशाना बनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह प्रदेश की 'लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत' यानी राजस्थान विधानसभा और जयपुर-बीकानेर के जिला व सत्र न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया। सुरक्षा एजेंसियां घंटों तक हलकान रहीं, हालांकि सघन तलाशी के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला विधानसभा को RDX से उड़ाने की धमकी दहशत की शुरुआत सोमवार सुबह उस वक्त हुई जब जयपुर स्थित विधानसभा सचिवालय के आधिकारिक ईमेल पर एक संदेश प्राप्त हुआ। इस ईमेल में दावा किया गया कि अगले 3 घंटे में विधानसभा भवन को आरडीएक्स से उड़ा दिया जाएगा। इस सूचना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया और आनन-फानन में कर्मचारियों को भवन से बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने चप्पे-चप्पे को खंगाला, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई विस्फोटक नहीं मिला। जयपुर सेशन कोर्ट: सुनवाई के बीच मची भगदड़ जयपुर जिला एवं सत्र न्यायालय को भी उनके ऑफिशियल आईडी पर इसी तरह का धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। गौरतलब है कि सोमवार से ही अदालतों का समय बदलकर सुबह 7:30 से दोपहर 1:00 बजे तक का हुआ है। ऐसे में जिस वक्त धमकी मिली, कोर्ट परिसर अधिवक्ताओं और परिवादियों से खचाखच भरा हुआ था। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और पूरे परिसर को खाली कराया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। सर्च के दौरान हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया, जिससे न्यायिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। बीकानेर में फिर लौटी दहशत राजधानी के साथ-साथ बीकानेर के जिला एवं सत्र न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। बीकानेर में यह सूचना मिलते ही न्यायिक और प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की सूचना पर बार एसोसिएशन ने तत्काल अलर्ट जारी किया। यहां भी सुरक्षा एजेंसियों ने एडवोकेट चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के कक्ष और कोर्ट रूम की बारीकी से जांच की। कई घंटों की मशक्कत के बाद जब कुछ नहीं मिला, तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली। जांच के घेरे में 'डिजिटल टेरर' सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये सभी धमकियां ईमेल के जरिए भेजी गई थीं। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से इन ईमेल्स के आईपी एड्रेस को ट्रेस करने में जुटी है। प्राथमिक तौर पर इसे शरारत माना जा रहा है, लेकिन बार-बार महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को इस तरह निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

एससी-एसटी छात्रों की स्कॉलरशिप में देरी, केंद्रांश अगले महीने खाते में आने की संभावना

लखनऊ  प्रदेश में छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को केंद्रांश की राशि अगले माह मिलने की संभावना है। पांच लाख से ज्यादा छात्रों के खातों में अब तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है। इससे छात्रों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है प्रदेश में ढाई लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले एससी-एसटी परिवारों के विद्यार्थियों को शुल्क की भरपाई के साथ छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाता है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को होने वाले भुगतान का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और शेष 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के खातों में 40 फीसदी हिस्सा भेज दिया है, लेकिन अभी काफी विद्यार्थी बचे हैं, जिनके खातों में केंद्रांश नहीं पहुंचा है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में जिन विद्यार्थियों के खातों में अभी तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है, वो 15 मई तक पहुंचने की उम्मीद है। जब राज्य सरकार भुगतान करती है, तो वही डाटा ऑटो फेच होकर केंद्र के पोर्टल पर चला जाता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने में थोड़ा वक्त लगता है। इसलिए विद्यार्थी परेशान न हों, शीघ्र ही उनके खातों में शेष राशि भी पहुंच जाएगी।  

अक्षय तृतीया 2026 पर बन रहा खास संयोग, चंद्र गोचर से बदलेगा कई राशियों का भाग्य

 साल 2026 की अक्षय तृतीया ज्योतिषीय गणना के अनुसार बेहद शुभ रहने वाली है. इस पावन अवसर पर मन के कारक चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे. 19 अप्रैल को दोपहर 12:32 बजे होने वाला यह गोचर ब्रह्मांड में एक ऐसी सकारात्मक ऊर्जा पैदा करेगा, जो कई राशियों के लिए बंद किस्मत के ताले खोल सकता है. विशेष रूप से तीन राशियों के लिए यह समय आर्थिक उन्नति और करियर में बड़ी छलांग लगाने का है. आइए जानते हैं उन भाग्यशाली राशियों और खरीदारी के शुभ विकल्पों के बारे में. इन 3 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन चंद्रमा की उच्च स्थिति का सबसे ज्यादा सकारात्मक प्रभाव इन जातकों पर पड़ने वाला है. वृषभ राशि: चंद्रमा आपकी ही राशि के लग्न भाव में गोचर करेंगे. इससे आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. रुके हुए धन की प्राप्ति के प्रबल योग हैं. कर्क राशि: आपकी राशि के स्वामी का उच्च का होना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति की खुशखबरी मिल सकती है और मानसिक शांति का अनुभव होगा. कन्या राशि: आपके भाग्य स्थान में चंद्रमा की मौजूदगी निवेश से मोटा मुनाफा दिला सकती है. पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझेंगे.  नई योजनाओं में सफलता मिलेगी. राशि के अनुसार करें ये खरीदारी, घर आएगी बरकत अक्षय तृतीया पर अपनी राशि के अनुसार शुभ धातु या वस्तु घर लाना सौभाग्य बढ़ाता है. सोना और तांबा: मेष और सिंह राशि के जातकों के लिए इस दिन स्वर्ण आभूषण या तांबे के बर्तन खरीदना ऊर्जा का संचार करेगा. चांदी और सफेद वस्तुएं: वृषभ और कर्क राशि वाले यदि चांदी का सिक्का या मोती खरीदते हैं, तो उन्हें मानसिक और आर्थिक स्थिरता मिलेगी. कांसा और पन्ना: मिथुन और कन्या राशि के लिए कांसे के पात्र या हरे रंग की कीमती धातु व्यापार में उन्नति के द्वार खोलेगी. गैजेट्स और आभूषण: तुला और वृश्चिक राशि के लोग कोई भी नया इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या चांदी का गहना खरीद सकते हैं.

UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव संभव, 10 हजार से ऊपर ट्रांजैक्शन में लग सकती है 1 घंटे की देरी

भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) डिजिटल पेमेंट्स की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. इंस्टैंट पेमेंट्स की वजह से UPI को मनी ट्रांसफर और किराने की दुकान तक पर यूज किया जा रहा है. अब इसी खूबी को कुछ समय के लिए बदला जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसको लेकर चर्चा पत्र जारी किया है, जिसमें डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए ट्रांजैक्शन पर कुछ घंटे की देरी का नियम लाने का प्रस्ताव दिया है. पेमेंट्स में करीब 1 घंटे तक की देरी होगी. RBI का यह प्रपोजल कुछ पेमेंट्स के प्रोसेस के तरीकों को बदलने के लिए है. अगर ये नियम लागू होता है तो 10 हजार रुपये से अधिक रुपये वाली पेमेंट्स तुरंत कंप्लीट नहीं होगी. इस पेमेंट्स को कंप्लीट होने में कुछ समय लगेगा. रुपये भेजने वाले के बैंक खाते से रकम तुरंत कट जाएंगी लेकिन जिसके बैंक खाते में रुपये पहुंचने हैं, उसको 1 घंटे के बाद रिसीव होंगे. यह बदलाव सुरक्षा के मद्देनजर लाया जा रहा है. इस दौरान सेंडर्स चाहें तो पेमेंट्स को 1 घंटे के अंदर कैंसिल भी कर सकते हैं. 1 घंटे देरी का नियम P2P ट्रांसफर पर लागू होगा ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नियम सिर्फ पर्सन टू पर्सन (P2P) ट्रांसफर पर लागू होगा. दुकान पर QR कोड के जरिए होने वाले पेमेंट्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. साइबर ठगी पर नकेल कसने की तैयारी   RBI इस लिए ये बदलाव लाना चाहता है ताकि का साइबर ठगी पर नकेल कसी जा सके. साइबर ठगी के केस में रुपये कुछ मिनट के अंदर ना जाने कितने सारे अकाउंट से होकर गुजर जाते हैं और कैश के रूप में निकाल लिए जाते हैं. इसके बाद रिकवरी में परेशानी आती है. 1 घंटे की देरी का फॉर्मुला कैसे आएगा काम?    RBI की सलाह है कि 1 घंटे की देरी मददगार साबित होगी. रिजर्व बैंक इस देरी को गोल्डन आवर के रूप में मानता है, जहां यूजर्स को खुद सोचने का समय मिलेगा और इससे ठगी से बाहर निकलने का मौका मिलेगा. खाता धारक चाहे तो ट्रांजैक्शन को 1 घंटे के अंदर कैंसिल भी कर सकेंगे.   यहां गौर करने वाली बात यह है कि डेली पेमेंट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ऑटो डेबिट और सब्सक्रिप्शन वाली पेमेंट्स पर कोई असर नहीं दिखाई देगा. अगर शख्स किसी अनजान व्यक्ति को रुपये ट्रांसफर करते हैं, तो उसको ज्यादा सेफ्टी मिलेगी.