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भूकंप से दहशत: डोडा के बाद महाराष्ट्र के हिंगोली तक महसूस हुए झटके

 डोडा जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में रविवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए.  रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई.  नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप सुबह 04:32 बजे आया. राहत की बात यह है कि अभी तक कहीं से भी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है. भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है. पुलिस और राहत टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं.  प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क जरूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दें. 1 मार्च को भी आया था भूकंप डोडा में भूकंप के झटके महसूस करना कोई नई बात नहीं है. इससे पहले 1 मार्च 2026 को भी यहां 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था. हालांकि उस समय भी कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन लोगों में दहशत फैल गई थी. महाराष्ट्र में भी महसूस हुए थे भूकंप के झटके महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र स्थित हिंगोली जिले के कुछ हिस्सों में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए.  रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई. इसके साथ ही पड़ोसी जिलों नांदेड़ और परभणी के भी कुछ हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. हिंगोली के जिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने बताया कि पांगरा शिंदे गांव के कुछ हिस्सों में भूकंप का असर देखने को मिला है.  यहां कुछ घरों और सामुदायिक केंद्रो की दीवारों में दरार देखने को मिली हैं.  हालांकि किसी प्रकार की जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. वहीं, नादेड़ जिला अधिकारी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई थी.  नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की एक रीडिंग का हवाला देते हुए कहा कि भूकंप शनिवार सुबह 8.45 बजे दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र हिंगोली जिले की वसमत तहसील के शिरली गांव में भूमि से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था.  

झुर्रियों से बचाव के लिए खाएं ये 5 सुपरफूड्स, त्वचा रहेगी जवान

बढ़ती उम्र के साथ त्वचा पर झुर्रियां और फाइन लाइंस आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है लेकिन हमारी खराब जीवनशैली और खान-पान इसे समय से पहले ही न्योता दे देते हैं. अगर आप भी महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट्स के बजाय प्राकृतिक तरीके से अपनी त्वचा को जवां और चमकदार बनाए रखना चाहते हैं तो इसका हल आपके किचन में ही छिपा है. समय से पहले आने लगा है बुढ़ापा? खाएं ये फूड्स सही पोषण न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि त्वचा के कोलेजन को बढ़ाकर झुर्रियों को दूर रखने में भी मदद करता है. यहां हम आपको ऐसे 5 सुपरफूड्स की जानकारी दे रहे हैं जो आपकी त्वचा को लंबे समय तक जवान बनाए रखने में मदद करते हैं. 1. पपीता पपीता एंटीऑक्सीडेंट्स और पपेन नामक एंजाइम से भरपूर होता है. यह मृत कोशिकाओं को हटाने और त्वचा में लचीलापन (Elasticity) लाने में मदद करता है. इसके नियमित सेवन से फाइन लाइंस कम होती हैं. 2. ब्लूबेरी और जामुन बेरीज विटामिन C और एंथोसायनिन का बेहतरीन स्रोत हैं. ये त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों और प्रदूषण से होने वाले डैमेज से बचाती हैं, जिससे त्वचा ढीली नहीं पड़ती. 3. नट्स और सीड्स बादाम, अखरोट और अलसी के बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन E पाया जाता है. ये तत्व त्वचा की नमी को बरकरार रखते हैं और प्राकृतिक चमक प्रदान करते हैं, जिससे झुर्रियां जल्दी नहीं आतीं. 4. पालक और हरी सब्जियां पालक में क्लोरोफिल, विटामिन C और आयरन भरपूर मात्रा में होता है. यह शरीर में कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है, जो त्वचा को टाइट रखने और झुर्रियों को रोकने के लिए सबसे जरूरी प्रोटीन है. 5. एवोकाडो एवोकाडो में हेल्दी फैट्स और विटामिन A होता है. यह त्वचा की गहराई से मरम्मत करता है और स्किन सेल्स को पोषण देता है जिससे चेहरा फ्रेश और यंग दिखता है.

जमीन-जायदाद से जुड़े काम क्यों अटकते हैं, जानें ज्योतिषीय कारण और उपाय

कई लोग ऐसे होते हैं जो सालों से एक ही परेशानी में फंसे रहते हैं-प्रॉपर्टी लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई रुकावट आ जाती है. कभी पैसा अटक जाता है, कभी डील टूट जाती है, तो कभी कानूनी झंझट सामने आ जाता है, अगर आप भी इसी दौर से गुजर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है. ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं में ऐसे कई आसान उपाय बताए गए हैं, जो जिंदगी में अटके कामों को आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. खासकर प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में कुछ छोटे-छोटे टोटके भी असर दिखा सकते हैं. हाल ही में एक ऐसा ही आसान उपाय चर्चा में है, जिसे लोग अपनाकर फायदा मिलने का दावा कर रहे हैं. क्यों अटकती है प्रॉपर्टी की डील? प्रॉपर्टी से जुड़ी परेशानियां सिर्फ पैसों की वजह से नहीं होतीं. कई बार ग्रह-नक्षत्र भी इसमें भूमिका निभाते हैं. खासकर मंगल ग्रह को जमीन-जायदाद का कारक माना जाता है, अगर आपकी कुंडली में मंगल कमजोर है या दोषपूर्ण स्थिति में है, तो प्रॉपर्टी से जुड़े काम बार-बार अटक सकते हैं. कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि सब कुछ तय होने के बाद भी आखिरी समय में डील रुक जाती है. जैसे भोपाल के रहने वाले एक व्यक्ति बताते हैं कि उन्होंने तीन बार घर खरीदने की कोशिश की, लेकिन हर बार कोई न कोई समस्या आ गई-कभी बैंक लोन रुका, कभी कागजों में दिक्कत. आसान उपाय जो बदल सकता है स्थिति शनिवार की रात करें ये खास उपाय ज्योतिष के अनुसार, एक बेहद सरल उपाय अपनाकर इस समस्या को कम किया जा सकता है. इसके लिए आपको “मोलश्री” के फूल लेने हैं. ये फूल शांति और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़े माने जाते हैं. शनिवार की रात सोते समय इन फूलों को अपने तकिए के नीचे रख लें. ऐसा खासतौर पर शनिवार को करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस दिन का संबंध शनि और कर्म से होता है. कैसे करता है असर? माना जाता है कि ये उपाय आपके जीवन में चल रही नकारात्मक ऊर्जा को कम करता है. खासकर मंगल से जुड़े दोषों को शांत करने में मदद मिलती है. जब मंगल संतुलित होता है, तो जमीन-जायदाद से जुड़े काम धीरे-धीरे बनने लगते हैं. लोगों के अनुभव क्या कहते हैं? हालांकि ये पूरी तरह आस्था पर आधारित उपाय है, लेकिन कई लोग इसे अपनाकर सकारात्मक बदलाव महसूस करने की बात कहते हैं. कुछ लोगों का कहना है कि लंबे समय से रुकी डील अचानक आगे बढ़ गई, तो कुछ को नई प्रॉपर्टी के मौके मिलने लगे. इंदौर की एक महिला बताती हैं कि उन्होंने यह उपाय लगातार 3 शनिवार तक किया, जिसके बाद उनकी रुकी हुई प्लॉट की रजिस्ट्री पूरी हो गई. उनके मुताबिक, पहले जहां हर बार कोई बाधा आ जाती थी, वहीं इस बार सब कुछ आसानी से हो गया. ध्यान रखने वाली बातें सिर्फ उपाय पर निर्भर न रहें यह समझना जरूरी है कि ये उपाय आपकी कोशिशों का विकल्प नहीं है, अगर आप प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं, तो सही प्लानिंग, कागजी जांच और फाइनेंशियल तैयारी बेहद जरूरी है. सकारात्मक सोच भी जरूरी उपाय के साथ-साथ आपका नजरिया भी मायने रखता है, अगर आप लगातार नकारात्मक सोचेंगे, तो उसका असर आपके फैसलों पर भी पड़ेगा. क्या सच में काम करता है ये उपाय? इस सवाल का कोई वैज्ञानिक जवाब नहीं है, लेकिन आस्था और विश्वास का असर कई बार मानसिक रूप से मजबूत बनाता है. जब आप किसी उपाय को पूरे विश्वास के साथ करते हैं, तो आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और आप बेहतर फैसले ले पाते हैं. प्रॉपर्टी से जुड़ी परेशानियां आम हैं, लेकिन अगर बार-बार रुकावट आ रही है, तो थोड़ा अलग सोचने में हर्ज नहीं है. मोलश्री के फूल वाला यह आसान उपाय न सिर्फ करने में सरल है, बल्कि कई लोगों के अनुभव इसे आजमाने लायक बनाते हैं. हालांकि, इसे अपनाने के साथ अपनी मेहनत और समझदारी को भी साथ रखना जरूरी है.

रोहित-हार्दिक पर जिम्मेदारी, पाटीदार-कोहली से टक्कर,आज होगा हाई-वोल्टेज मुकाबला

मुंबई  इंडियन प्रीमियर लीग में अपने अभियान की धीमी शुरुआत के बाद मुंबई इंडियंस रविवार को वानखेड़े स्टेडियम पर गत चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू से खेलेगी तो उसका लक्ष्य अपने गढ में जीत की राह पर लौटने का होगा। तेरह सत्र में पहली बार मुंबई ने आईपीएल में जीत के साथ शुरुआत करते हुए दो सप्ताह पहले यहां कोलकाता नाइट राइडर्स को छह विकेट से हराया। पांच बार की चैम्पियन टीम हालांकि उसके बाद लय कायम नहीं रख सके और दूसरे मैदान पर दोनों मैच बड़े अंतर से हारने के बाद अब खराब रन रेट के साथ आठवें स्थान पर है। पहले मैच के बाद रोहित नहीं चले रोहित शर्मा को कुछ समय के लिये आरेंज कैप भी मिली लेकिन बल्लेबाजी मुंबई की चिंता का सबब है और आरसीबी जैसे दमदार प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक ईकाई के रूप में उसे अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी। मैच टाइम कम रहने के बावजूद रोहित ने अब तक मुंबई के लिये सर्वाधिक रन बनाये हैं लेकिन मध्यक्रम में तिलक वर्मा और सूर्यकुमार यादव नहीं चल पा रहे। सूर्यकुमार ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अर्धशतक बनाया लेकिन राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अगले मैच में नाकाम रहे। कप्तान हार्दिक पंड्या का बल्ला अभी तक चला नहीं है।गुवाहाटी में बल्लेबाजों की मददगार पिच पर मुंबई के बल्लेबाज लय को तरसते रहे जबकि रॉयल्स के यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक पारियां खेली। जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज की भी उन्होंने धुनाई कर दी और पावरप्ले के 3.2 ओवर में ही 59 रन जोड़ दिये। मुंबई के पास एक और विकल्प बायें हाथ के स्पिनर मिचेल सेंटनेर को लाने का है जबकि इंग्लैंड के हरफनमौला विल जैक्स अभी पहुंचे नहीं हैं। मुंबई को बखूबी पता है कि पिछला मैच हारने के बाद आरसीबी वापसी की पूरी कोशिश करेगी। सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल की बेहतरीन पारियों के दम पर रॉयल्स ने उसे छह विकेट से हराया है। बल्लेबाजों की मददगार पिच पर आरसीबी के पास कई बेहतरीन बल्लेबाज हैं। कप्तान रजत पाटीदार (142), विराट कोहली (129) और देवदत्त पडिक्कल (125) ने अच्छी पारियां खेली है जबकि टिम डेविड (99), रोमारियो शेफर्ड और वेंकटेश अय्यर फिनिशर की भूमिका निभा सकते हैं। जोश हेजलवुड की वापसी से गेंदबाजी मजबूत हुई है जो भुवनेश्वर कुमार के साथ नयी गेंद संभालेंगे। इस प्रकार हैं दोनों टीमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, फिल साल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जैकब डफी, जोश हेज़लवुड, रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, मंगेश यादव, विहान मल्होत्रा, विक्की ओस्तवाल, अभिनंदन सिंह, जैकब बेथेल, जॉर्डन कॉक्स, स्वप्निल सिंह, कनिष्क चौहान, सात्विक देसवाल मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), शेरफेन रदरफोर्ड, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, अथर्व अंकोलेकर, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, नमन धीर, मिचेल सेंटनर, शार्दुल ठाकुर, तिलक वर्मा, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, एएम गजनफर, मयंक मार्कंडेय, मोहम्मद इज़हार, रघु शर्मा। मैच शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

स्लो ओवर रेट पड़ा भारी, कप्तान गायकवाड़ पर BCCI की कार्रवाई

चेन्नई एमए चिदंबरम स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। जीत के जश्न के बीच कप्तान रुतुराज गायकवाड़ पर आईपीएल की आचार संहिता के उल्लंघन के लिए भारी जुर्माना लगाया गया है। शनिवार को हुए इस मैच में चेन्नई की टीम निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने कोटे के ओवर पूरे करने में नाकाम रही जिसके कारण बीसीसीआई ने यह कड़ा कदम उठाया। रुतुराज गायकवाड़ पर जुर्माना आईपीएल की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच नंबर 18 के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स ने स्लो ओवर रेट बनाए रखा। आचार संहिता के अनुच्छेद 2.22 के तहत यह इस सीजन में चेन्नई की टीम का पहला अपराध था। नियमों के अनुसार मैच के दौरान फील्डिंग टीम को तय समय में ओवर खत्म करने होते हैं जिसमें गायकवाड़ की कप्तानी वाली टीम चूक गई। 12 लाख का जुर्माना लगा चूंकि यह सीजन का उनका पहला अपराध था इसलिए आईपीएल के न्यूनतम ओवर-रेट नियमों के तहत कप्तान रुतुराज गायकवाड़ पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आईपीएल में समय की पाबंदी को लेकर नियम काफी सख्त हैं और पहली बार गलती होने पर कप्तान पर आर्थिक दंड का प्रावधान है। यदि टीम आगे भी यही गलती दोहराती है तो जुर्माने की राशि बढ़ सकती है और कप्तान पर मैच निलंबन का खतरा भी मंडरा सकता है। सीएसके को मिली पहली जीत सीएसके की टीम को इस सीजन की अपनी पहली जीत दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली है। सीएसके की टीम ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 23 रन से जीत हासिल की। पहले बल्लेबाजी करते हुए सीएसके ने संजू सैमसन की शतकीय पारी के दम पर 212 रन का स्कोर बोर्ड पर लगाया। जवाब में दिल्ली की टीम सिर्फ 189 रन पर ऑलआउट हो गई।  

6000+ आपत्तिजनक लिंक हटाए, सोशल मीडिया पर बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ इंटरनेट मीडिया पर बंदूक संस्कृति (गन कल्चर) और अशोभनीय एवं भ्रामक कंटेंट परोसने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने चेतावनी दी है कि आपत्तिजनक कंटेंट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इंटरनेट मीडिया पर इस साल 10 अप्रैल तक आपत्तिजनक, भ्रामक और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कुल 6083 यूआरएल/कंटेंट/एप/वेबसाइट को हटवाया गया है। मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप) से जुड़े 4278, यू ट्यूब से 1172, एक्स (पूर्व में ट्विटर) से 372, अन्य प्लेटफार्म से 167, टेलीग्राम से 53, रेडिट से 36 तथा स्नैपचैट से पांच आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया गया है। डीजीपी ने कहा कि हथियारों का महिमामंडन, हिंसा को बढ़ावा, महिलाओं का अश्लील प्रदर्शन, बच्चों और लड़कियों के अभद्र व अशोभनीय चित्रण तथा हरियाणा और हरियाणवी समाज की गलत छवि प्रस्तुत करने वाले फर्जी कंटेंट पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सामाजिक मूल्यों को आहत करती हैं, बल्कि प्रदेश की शांति और सौहार्द्र को भी प्रभावित करती हैं। इस तरह की असामाजिक और भ्रामक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का दुष्प्रचार या भ्रामक प्रस्तुति, जो प्रदेश की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंचाए, उसे सख्ती से रोका जाएगा। डीजीपी ने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे जिम्मेदारी के साथ इंटरनेट मीडिया का उपयोग करें और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में योगदान दें। साथ ही चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समाज में अशांति फैलाने, गलत संदेश देने या सांस्कृतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने वाली किसी भी गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

3.03 करोड़ की ठगी केस में आरोपी को राहत, जांच पूरी होने पर कोर्ट का फैसला

 चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक 'डिजिटल अरेस्ट' साइबर ठगी मामले में अहम टिप्पणी करते हुए आरोपित को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपों की गंभीरता के बावजूद आरोपित की भूमिका सीमित होने और जांच पूरी हो जाने के मद्देनजर उसे निरंतर हिरासत में रखना उचित नहीं है। जस्टिस मनीषा बत्रा की एकल पीठ आरोपित विक्रम सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह मामला उस साइबर ठगी से जुड़ा है, जिसमें एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल को वीडियो काल और फोन के जरिए 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर करीब 3.03 करोड़ रुपये ठग लिए गए थे। मामले के अनुसार, 3 जनवरी 2025 को पीड़िता को कुछ लोगों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर फोन किया। उसे गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी गई और लगातार वीडियो काल के जरिए निगरानी में रखा गया। उसे घर से बाहर न निकलने, किसी से संपर्क न करने और निर्देशों का पालन करने को मजबूर किया गया। इस तरह उसे मानसिक रूप से ‘वर्चुअल कैद’ में रखकर भारी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाई गई। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को कई खातों के जरिए घुमाया गया। आरोपित विक्रम सिंह पर आरोप है कि उसने ठगी की रकम में से 4.26 लाख रुपये प्राप्त कर उसे क्रिप्टो करेंसी में बदलने में मदद की और इसके बदले कमीशन भी लिया अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपित 18 फरवरी 2025 से हिरासत में है, जांच पूरी हो चुकी है और मुकदमे के लंबा चलने की संभावना है। ऐसे में उसकी निरंतर कैद उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपी का पीड़िता से सीधे संपर्क या धमकी देने में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं पाई गई। हालांकि, राज्य पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए इसे एक संगठित साइबर अपराध करार दिया और कहा कि पैसे के लेन-देन में शामिल हर कड़ी इस अपराध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।  

एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी स्वास्थ्य सेवाएं, मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

 बहराइच यूपी के बहराइच मेडिकल कॉलेज में पांच मंजिला ओपीडी काम्पलेंस बनाया जाएगा। एक ही छत के नीचे सभी विभागों की ओपीडी संचालित होगी। दवा व पर्चा काउंटर भी अलग-अलग होने से मरीजों को सहूलियत मिलेगी। संबंद्ध जिला अस्पताल परिसर में खाली पड़ी जमीन पर भवन निर्माण की औपचारिकता पूरी हो गई है। भवन निर्माण के प्रस्ताव संग शासन ने 28 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर कर दिया है। शासन के इस कदम से मरीजों को सुविधा मिलेगी। मेडिकल कॉलेज में साल दर साल मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान समय में संचालित आठ विभागों की ओपीडी में औसतन हर रोज 2000 से 2500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में ओपीडी के बाहर व अंदर मरीजों की भारी भीड़ न केवल चिकित्सक बल्कि मरीजों के स्वयं के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओपीडी को लेकर कक्षों की व्यवस्था नहीं है। कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी विभागों की ओपीडी संग पर्चा व दवा काउंटर को एक ही छत के नीचे संचालित करने का प्रस्ताव तैयार किया था। डीएम अक्षय त्रिपाठी व कॉलेज प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ संजय खत्री की ओर से पिछले दिनों शासन में इसको रखा गया था। जिसके बाद पांच मंजिला ओपीडी काम्पलेक्स निर्माण को मंजूरी दी गई है। प्रिंसिपल ने बताया कि सरकार के इस फैसले से अब प्रमुख विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी ओपीडी संचालित करने में मदद मिलेगी। मरीज एक ही छत के नीचे सभी तरह की सुविधा आसानी से पा सकेंगे। इस पसर निर्माण के लिए 28 करोड़ का बजट भी मंजूर किया गया है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इस जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। परामर्श संग मरीजों के बैठने की होगी सुविधा:पांच मंजिला भवन में हर ओपीडी के सामने मरीजों के बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था होगी। ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। मरीज परामर्श लेने के बाद संबंधित काउंटर पर जाकर आसानी से दवा भी ले सकेंगे,जबकि वर्तमान समय में जगह की कमी के चलते मरीजों को थोड़ी समस्या हो रही है। पहली मंजिल पर आर्थोपैडिक विभाग संचालित होगा विभागवार निर्धारित की गई ओपीडी :प्रिंसिपल ने बताया कि बेसमेंट फ्लोर में पार्किंग सुविधा होगी। ग्राउंड फ्लोर पर पंजीयन, दवा काउंटर, रिकार्ड रूम व इंक्वारी काउंटर होगा। पहली मंजिल पर आर्थोपैडिक विभाग संचालित होगा। इसमें माइनर ओटी, प्लास्टर रूम, ओपीडी संग फिजियोथेरेपी संग दवा काउंटर होगा। इसी में स्किन व पीडियाट्रिक्स विभाग की भी ओपीडी रहेगी। दूसरी मंजिल पर ईएनटी विभाग की ओटी, आडियो रूम व ओपीडी, डेंटल विभाग की ओपीडी रहेगी। तीसरी मंजिल पर पल्मोनरी विभाग, चौथे पर मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी विभाग, पांचवे मंजिल पर सर्जरी, कॉर्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी संग प्लॉस्टिक सर्जरी विभाग की ओपीडी व ओटी संचालित की जाएगी। 28 करोड़ से यह कार्य कराया जाएगा प्रोफेसर डॉ संजय खत्री, प्रिंसिपल, मेडिकल कॉलेज बहराइच ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में पांच मंजिला ओपीडी काम्लेक्स के निर्माण की मंजूरी मिली है। 28 करोड़ से यह कार्य कराया जाएगा। इससे कई मुख्य विभागों की ओपीडी संचालित करने में मदद मिलेगी। इसकी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।

फर्जी डॉक्टर बनकर बुजुर्ग से 4.39 लाख की ठगी, तीन आरोपी भोपाल से दबोचे गए

अजमेर अजमेर शहर में यूनानी थेरेपी के नाम पर बुजुर्ग से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी और ठगी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है। बुजुर्ग को जाल में फंसाया एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पीड़ित 62 वर्षीय हरीराम किशनचंद मूलचंदानी ने शिकायत दर्ज कराई थी। 26 मार्च को एक व्यक्ति ने उनके घुटनों के दर्द को देखकर सहानुभूति जताई और ‘डॉ. समीर जरीवाला’ नाम के कथित डॉक्टर से इलाज कराने का झांसा दिया। इसके बाद गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से बुजुर्ग को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया गया फर्जी डॉक्टर घर पहुंचा और ‘सिंघी’ जैसे उपकरण से घुटने से मवाद निकालने का नाटक किया। आरोपियों ने 73 बार मवाद निकालने का दावा कर पीड़ित से कुल 4 लाख 39 हजार रुपये वसूल लिए और फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी हिमांशु जांगिड़ और डिप्टी एसपी शिवम जोशी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने अभय कमांड सेंटर सहित 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें गिरोह की लाल रंग की स्विफ्ट कार ट्रेस हुई। तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपियों को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया गया, जहां वे एक और वारदात की फिराक में थे। गिरफ्तार आरोपियों में दीन मोहम्मद (38), निवासी अंता बारां, मोहम्मद कादिर (28), निवासी अंता बारां (फर्जी डॉक्टर), और मोहम्मद आसिफ (35) निवासी विज्ञान नगर कोटा शामिल हैं। पुलिस ने नकदी, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया पुलिस ने आरोपियों के पास से 33,800 रुपये नकद, इलाज में उपयोग किए जाने वाले उपकरण, दवाइयां, स्प्रे, 12 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड जब्त किए हैं। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में गाड़ियों पर रेडियम टेप लगाने के बहाने घूमते थे। इस दौरान वे चलने-फिरने में असमर्थ या संपन्न बुजुर्गों को पहचानते और उनसे संपर्क कर ‘मददगार’ बनते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी डॉक्टर के पास भेजकर ठगी को अंजाम दिया जाता था। वारदात के बाद आरोपी सिम कार्ड नष्ट कर शहर छोड़ देते थे।  

यूपी में 49 विभागों की समीक्षा, सीएम डैशबोर्ड से तय हो रही जिलों की रैंकिंग

लखनऊ बीते नौ वर्षों में प्रदेश में जहां बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है, वहीं समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया में सीएम डैशबोर्ड एक अहम टूल के रूप में उभरा है, जिसके जरिए जनसुनवाई, जनकल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से हर महीने प्रदेश के सभी जिलों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की जाती है। इसमें 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों को विभिन्न मानकों पर परखा जाता है, जिसके आधार पर जिलों की रैंकिंग तय होती है। मार्च माह की जारी रिपोर्ट में हमीरपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर रहे। सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में हमीरपुर टॉप पर रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों की प्रगति और राजस्व प्रबंधन के आधार पर तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा रहा है, जिससे रामपुर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमीरपुर को 10 में से 9.55 अंक, बरेली को 9.54 और रामपुर को 9.51 अंक प्राप्त हुए हैं। वहीं टॉप-5 जिलों में मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवें स्थान पर रहे। इसके अलावा टॉप-10 जिलों में शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी ने भी अपनी जगह बनाई है। 49 विभागों के 110 सरकारी कार्यक्रमों की महीनेवार समीक्षा सीएम डैशबोर्ड की यह रैंकिंग न सिर्फ जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सीएम डैशबोर्ड पर 49 विभागों के 110 सरकारी कार्यक्रमों की महीनेवार समीक्षा की जाती है। इसमें जनसुनवाई, जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, राजस्व प्रबंधन, विकास कार्यों की प्रगति, और कानून-व्यवस्था जैसे बिंदु शामिल हैं। प्रत्येक जिले को विभिन्न मापदंडों पर अंक दिए जाते हैं। अधिकतम अंक पाने वाले जिले उच्च रैंक प्राप्त करते हैं । यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता, विकास योजनाओं के स्थायी परिणाम, योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन और जनसुनवाई में बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करती है। वहीं आज मुख्यमंत्री योगी ने आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से आए 331 हिंदू परिवारों और थारु जनजाति के परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 1300 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का शिलान्यास भी किया।