samacharsecretary.com

ज़करबर्ग का AI कदम: ‘Muse Spark’ के साथ गूगल और ओपनएआई को चुनौती

वाशिंगटन फेसबुक की पेरेंटल कंपनी मेटा ने बुधवार को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की इंडस्ट्री में बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने नए AI मॉडल को लॉन्च किया है, जिसका नाम म्यूज स्पार्क है. यह कंपनी के न्यू AI डिविजन का बनाया नया प्रोडक्ट है, जिसको लेकर कंपनी ने बीते करीब एक साल में बड़े स्तर पर इनवेस्टमेंट की है।  लॉन्चिंग से पहले इस प्रोजेक्ट को इंटरनल नाम दिया गया था, जो 'एवोकाडो' था. अब म्यूज स्पार्क को मेटा के स्टैंडअलोन AI ऐप पर लॉन्च कर दिया है. अब आने वाले दिनों में इसको को मेटा के ऐप के लिए जारी किया जाएगा, जिसमें वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और मेटा एआई स्मार्ट ग्लास के नाम शामिल हैं।  गूगल और ओपनएआई को देगा टक्कर  वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम में मिलने वाला मेटा एआई कई जगह पिछड़ने लगा था. अब म्यूज स्पार्क की मदद से कंपनी को बड़े फायदे की उम्मीद कर रही है. राइटिंग और रीजनिंग के मामले में म्यूज स्पार्क ने बेहतर रिजल्ट दिया है, जिसकी वजह से यह ओपनएआई, गूगल और एंथ्रोपिक के बेहतरीन मॉडल के लेवल के आसपास पहुंच चुका है।  रिपोर्ट्स में कोडिंग को लेकर बड़ा अंतर दिखाया गया है. मौजूदा समय में एआई रेस में कोडिंग काबिलियत एक जरूरी स्टैंडर्ड बन चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, कोडिंग के मामले में म्यूज स्पार्क अपने राइवल्स से थोड़ा पीछे रह गया है।  मार्क जकरबर्ग ने बीते साल बनाई AI टीम मार्क जकरबर्ग AI को लेकर बीते करीब एक साल से बड़ी इनवेस्टमेंट कर रहे हैं और इंडस्ट्री के कई बड़े टैलेंट को उन्होंने अपनी AI टीम में मोटी रकम देकर शामिल किया है. जकरबर्ग ने 29 साल के एलेक्जेंटर वांग को मोटी रकम देकर कंपनी में शामिल कर चुके हैं और उनको चीफ एआई ऑफिसर की पोस्ट दी, साथ ही कंपनी ने लामा-4 मॉडल पर काम करने वाली पुरानी टीम को बदल दिया. नए टीम में ओपनएआई, गूगल और अन्य राइवल्स कंपनियों से नए लोगों को मोटी रकम देकर मेटा में शामिल किया गया।  म्यूज स्पार्क को अभी बंद मॉडल रखा  मेटा ने म्यूज स्पार्क के साथ एक बड़ा बदलाव किया है और इसके कोड को मौजूदा समय में प्राइवेट रखा है. इसको क्लोज्ड मॉडल भी कह सकते हैं. बताते चलें कि मेटा अपने एआई मॉडल्स को ओपेन सोर्स करता था, जिसकी मदद से डेवलपर्स को कोड यूज करने की परमिशन मिलती थी।  मेटा का बड़ा इनवेस्टमेंट  जकरबर्ग ने एआई डेवलपमेंट के लिए बड़े इनवेस्टमेंट की तैयारी करके रखी है. एआई डेवलपमेंट के नए डेटा सेंटर पर 600 अरब डॉलर खर्च करने का प्लान बनाया हुआ है. साल 2026 में मेटा लगभग 135 अरब डॉलर तक खर्च करने का प्लान बनाया है, जो बीते साल की तुलना में लगभग दोगुना है. बीते साल कंपनी ने 72 अरब डॉलर की इनवेस्टमेंट की थी।  म्यूज स्पार्क को लेकर कंपनी ने बड़ा दांव लगाया है और इससे कंपनी अपने राइवल्स से आगे निकलना चाहती है. गूगल, ओपनएआई और एन्थ्रॉपिक जैसे नाम मेटा से काफी आगे निकल चुके थे. म्यूज स्पार्क कंपनी के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा। 

हर विधानसभा में एक खेल परिसर का निर्माण हमारा लक्ष्य : मंत्री सारंग

मंत्री विश्वास सारंग ने ली खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक हर विधानसभा में एक खेल परिसर का निर्माण हमारा लक्ष्य : मंत्री सारंग भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को टी.टी. नगर स्टेडियम, भोपाल स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक ली। मंत्री सारंग ने विभागीय योजनाओं, वर्तमान कार्यों की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में एक आधुनिक खेल परिसर के निर्माण के लक्ष्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करने की दिशा में विशेष ध्यान दें। इसके लिए पृथक एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने का आधार बनेगा। मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि इस वर्ष समर कैंप को विशेष एवं नवाचारपूर्ण रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में अधिक से अधिक नए बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा उनके अभिभावकों को भी खेल गतिविधियों में शामिल करने की योजना बनाई जाए। इससे समाज में खेल के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा तथा परिवार स्तर पर खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा। मंत्री सारंग ने प्रदेश में पूर्व से निर्मित खेल परिसरों के उन्नयन (अपग्रेडेशन) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि इन परिसरों में युवा केंद्रित गतिविधियों को भी जोड़ा जाए जिससे अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित हो सके और खेल के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास को भी बढ़ावा मिल सके। मंत्री सारंग ने खिलाड़ी प्रशिक्षण कल्याण समिति का पुनरावलोकन कर उसमें आवश्यक संशोधन करते हुए उसे और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समिति की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे खिलाड़ियों को अधिकतम लाभ मिल सके और उनके प्रशिक्षण एवं कल्याण से संबंधित आवश्यकताओं की समय पर पूर्ति सुनिश्चित हो सके। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण के प्रमुख सचिव मनीष सिंह, उप सचिव अजय श्रीवास्तव, संचालक अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने उद्यमियों को स्वावलंबी बनाया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लगभग 58 करोड़ मुद्रा ऋण के माध्यम से 40 लाख करोड़ से अधिक की राशि वितरित किए जाने पर हर्ष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को मुद्रा योजना की उपलब्धि के लिए धन्यवाद देते हुए आभार भी माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित इस योजना से प्रदेश और देश के गरीब नागरिकों के सपनों को उड़ान मिली है। देश के करोड़ों उद्यमियों, छोटे व्यापारियों और कारीगरों के आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त करते हुए यह योजना गरीबों के आर्थिक स्वावलंबन की ऋण व्यवस्था बन गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "आत्मनिर्भर भारत" को समर्पित इस अभूतपूर्व यात्रा के लिए प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।  

क्या ‘ग्लोबल पीस’ की वजह से खाली हैं पाकिस्तान के स्टेडियम, इस्लामाबाद यूनाइटेड के मालिक का चौंकाने वाला दावा

इस्लामाबाद PSL 2026 में खाली स्टेडियम को लेकर विवाद बढ़ गया है. इस्लामाबाद यूनाइटेड के मालिक अली नक़वी ने इसे पाकिस्तान की ग्लोबल पीस की कोशिशों से जोड़ा, जबकि PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने फ्यूल संकट को वजह बताया था. दोनों बयानों में विरोधाभास से आलोचना तेज हो गई है और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं. पाकिस्तान सुपर लीग (Pakistan Super League) 2026 में खाली स्टेडियम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. इस्लामाबाद यूनाइटेड (Islamabad United) के मालिक अली नकवी के बयान ने बहस को नया मोड़ दे दिया है, जिसमें उन्होंने दर्शकों की गैरमौजूदगी को पाकिस्तान की 'ग्लोबल पीस' में भूमिका से जोड़ दिया. अली नकवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि रावलपिंडी में मैच न कराना एक रणनीतिक फैसला था, क्योंकि इस दौरान इस्लामाबाद में संवेदनशील युद्धविराम से जुड़ी बातचीत हो रही थी. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को लेकर पूरी लचीलापन जरूरी था. नकवी ने यह भी जोड़ा कि अगर मनोरंजन और वैश्विक शांति में से चुनना पड़े, तो हर पाकिस्तानी यही फैसला करता. हालांकि, यह बयान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के आधिकारिक रुख से अलग है. बोर्ड के चेयरमैन मोहस‍िन नकवी ने पहले साफ कहा था कि दर्शकों की एंट्री पर रोक का कारण फ्यूल संकट है. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निर्देश पर लोगों की आवाजाही सीमित की गई थी, जिसके चलते मैच बिना दर्शकों के कराने का फैसला लिया गया.      इन दो अलग-अलग बयानों ने पूरे मामले को विवादास्पद बना दिया है. आलोचकों का कहना है कि एक साधारण प्रशासनिक समस्या जैसे ईंधन की कमी और लॉजिस्टिक्स को ‘ग्लोबल पीस’ जैसे बड़े नैरेटिव से जोड़ना वास्तविकता से दूर लगता है. PSL जैसे बड़े टूर्नामेंट में खाली स्टेडियम पहले ही चिंता का विषय थे, और अब इस पर विरोधाभासी बयान सामने आने से पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

KKR बनाम LSG पिच रिपोर्ट और हेड-टू-हेड आंकड़े, जानें आज के मैच की संभावित प्लेइंग इलेवन

कोलकाता आईपीएल के 19वें सीजन का 15वां मुकाबला कोलकाता नाईट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स (Kolkata Knight Riders vs Lucknow Super Giants) के बीच कोलकाता के बहुचर्चित ईडन गार्डन्स क्रिकेट स्टेडियम (Eden Gardens Cricket Stadium Kolkata) में 9 अप्रैल 2026 दिन गुरूवार को खेला जाएगा। इस मुकाबले में कोलकाता नाईट राइडर्स की टीम अपने पहले तीन में से दो मुकाबले हारकर (एक मैच बारिश की वजह से बेनतीजा) उतरने वाली है, वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम अपने पहले दो में से एक मुकाबला हारकर और एक मुकाबला जीतकर यहां पहुंची है। इस मुकाबले में कोलकाता की कप्तानी जहां एक बार फिर आजिंक्य (Ajinkya Rahane) करेंगे। वहीं लखनऊ की कप्तानी ऋषभ पंत (Rishabh Pant) करते नजर आएंगे। आईपीएल 2026 में आज का मैच कोलकाता नाईट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच होने जा रहा है। जहां कोलकाता की टीम ने अब तक इस सीजन में खेले अपने शुरुआती तीन में से दो मुकाबले हारे हैं और उनका एक मुकाबला बारिश की वजह से बेनतीजा रहा है। वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने अब तक आईपीएल 2026 में अपने पहले दो मुकाबलों में से एक में जीत दर्ज की है, जबकि एक मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा है। ऐसी स्थिति में कोलकाता नाईट राइडर्स इस मैच को जीतकर चाहेगी कि इस सीजन में वह पहली जीत दर्ज करके अंक तालिका में थोड़ा आगे बढ़े। वहीं लखनऊ की टीम चाहेगी कि पिछले मैच की तरह ही इस मैच में भी वह अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखे। कोलकाता नाईट राइडर्स बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स आईपीएल 2026 में आज के मैच की पिच रिपोर्ट आज दोनों टीमों के बीच होने वाला मुकाबला कोलकाता के बहुचर्चित ईडन गार्डन्स क्रिकेट स्टेडियम में होने जा रहा है। ईडन गार्डन्स क्रिकेट स्टेडियम पर टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद करती है। इस स्टेडियम पर टी20 में पहली इनिंग का औसत स्कोर 163 रन रहा है। ईडन गार्डन स्टेडियम में काली मिट्‌टी की पिच बनाई गई है। यह पिच बल्लेबाजों को काफी रास आती है। हालांकि, खेल की शुरुआत में तेज गेंदबाजों को यहां थोड़ी मदद मिलती है। इसके बाद पिच पर स्पिनर्स हावी होने लगते हैं। अगर एक बार बल्लेबाज की निगाह यहां जम गई तो वह बड़ी आसानी से लंबे-लंबे शॉट्स लगा सकते हैं। कोलकाता नाईट राइडर्स बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स हेड-टू-हेड के आंकड़े कोलकाता नाईट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स की टीमें अब तक आईपीएल इतिहास में 6 बार आमने-सामने आ चुकी हैं। दोनों टीमों के बीच हुए इन मुकाबलों में 4 बार बाजी लखनऊ की टीम ने मारी है। वहीं कोलकाता नाईट राइडर्स की टीम ने 6 में से सिर्फ 2 मैच अपने नाम किये हैं। IPL 2025 में इन दोनों टीमों के बीच सिर्फ एक मुकाबला हुआ था। जिसमें LSG ने केकेआर को 4 रन हराकर मैच अपने नाम किया था। वहीं IPL 2024 में दोनों टीमों के बीच दो मुकाबले खेले गए थे और दोनों मैच KKR ने जीते थे। आज के मुकाबले में कोलकाता और लखनऊ के किन खिलाड़ियों पर होंगी निगाहें? आईपीएल 2026 में जब आज तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाईट राइडर्स का सामना लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा तो पिच रिपोर्ट को देखते हुए कई ऐसे खिलाड़ी होंगे जो अकेले दम पर इस टी20 मैच की दिशा और दशा तय कर सकते हैं। कोलकाता को अपने कप्तान आजिंक्य रहाणे से एक अदद ओपनिंग पारी की उम्मीद होगी। इसके अलावा उप-कप्तान रिंकू सिंह, फिन एलेन, कैमरन ग्रीन, सुनील नरेन से भी अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में बात करें तो केकेआर को सुनील नरेन, वैभव अरोड़ा, ब्लेसिंग मुजरबानी से उम्मीद रहेगी। वहीं दूसरी तरफ लखनऊ की टीम को कप्तान ऋषभ पंत, एडेन मार्करम, निकोलस पूरन से अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद होगी। जबकि गेंदबाजी में मोहम्मद शमी अच्छी बॉलिंग कर रहे हैं। उनके अलावा आवेश खान, मयंक यादव, दिग्वेश राठी और मोहसिन खान से अच्छी गेंदबाजी की उम्मीद होगी। कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स की आईपीएल 2026 में टीमें कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल 2026 की टीम (Kolkata Knight Riders Full Squads)- अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह (उपकप्तान), फिन एलेन, तेजस्वी दहिया, मनीष पांडे, रोवमैन पावेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, सार्थक रंजन, टिम सीफर्ट, राहुल त्रिपाठी, दक्ष कामरा, कैमरन ग्रीन, सुनील नरेन, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, उमरान मलिक, रचिन रविंद्र, वरुण चक्रवर्ती, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, सौरभ दुबे, कार्तिक त्यागी और ब्लेसिंग मुजरबानी। लखनऊ सुपर जायंट्स की आईपीएल 2026 की टीम (Lucknow Super Giants Full Squads)- ऋषभ पंत (कप्तान), आयुष बडोनी, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, एडेन मार्करम, निकोलस पूरन, अर्शिन कुलकर्णी, मिचेल मार्श, शाहबाज़ अहमद, आकाश महाराज सिंह, अवेश खान, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव, दिग्वेश सिंह राठी, अर्जुन सचिन तेंदुलकर, मयंक प्रभु यादव, वानिंदु हसरंगा, एनरिक नोर्किया, जोश इंग्लिस, अब्दुल समद, हिम्मत सिंह, नमन तिवारी, अक्षत रघुवंशी, मोहसिन खान, मणिमारन सिद्धार्थ, मुकुल चौधरी।

जल गंगा संवर्धन अभियान-2026: प्रदेश में जल संरक्षण को मिल रही नई दिशा

जल गंगा संवर्धन अभियान-2026: प्रदेश में जल संरक्षण को मिल रही नई गति अभियान में 6242 करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे 2 लाख 44 हजार से अधिक कार्य भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पानी की प्रत्येक बूंद को सहेजने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश में बड़ी संख्या में खेत तालाब, अमृत सरोवर, रैन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और सूखे कुँओं को नया जीवन देने का कार्य किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा समूचे अभियान की निरंतर निगरानी रखी जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा अभियान के तहत पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के 2 लाख 44 हजार से अधिक कार्य किए जा रहे हैं, जिसकी लागत 6242 करोड़ रुपये हैं। इस वर्ष के जल गंगा संवर्धन अभियान में पूर्व के कार्य की पूर्णता पर विशेष जोर दिया गया है। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त अवि प्रसाद ने बताया कि इस साल जल गंगा संवर्धन अभियान: 2025 के लंबित कार्यों तथा महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत चल रहे पानी से संबंधित कार्यों की पूर्णता लक्षित की गई है। लक्ष्य के अनुक्रम में 84 हजार से अधिक कार्य पूरे प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान: 2026 की प्रगति भी दिखाई देने लगी है। 19 मार्च से शुरू हुए अभियान के तीसरे चरण को महज 20 दिन ही पूरे हुए और 84 हजार से अधिक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। ये वे कार्य हैं जो पिछले वर्ष अधूरे रह गए थे। जल गंगा संवर्धन अभियान में टॉप 5 जिले जल गंगा संवर्धन अभियान में खंडवा, उज्जैन, खरगोन, डिंडौरी और बालाघाट टॉप 5 जिलों में शामिल हैं।  

मंजू जायसवाल का अनोखा तरीका: चित्रों के जरिए गणित सिखाकर जबलपुर में बच्चों का 95% रिजल्ट

जबलपुर  शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर रेगवा नाम का एक बड़ा गांव है. इस गांव में सरकारी माध्यमिक शाला स्कूल है, इसमें छठवीं से लेकर आठवीं तक की पढ़ाई होती है. कुल मिलाकर तीन क्लासों में 120 से ज्यादा बच्चों का एडमिशन है. इसी स्कूल में मंजू जायसवाल गणित की शिक्षिका है. मंजू जायसवाल का पढ़ाई का तरीका बिलकुल अलग है. दरअसल उन्होंने मैथ्स की पढ़ाने के लिए एक अनोखा प्रयोग किया है. बच्चों के मन से गणित का निकाला डर मंजू जायसवाल का कहना है कि, ''उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के दौरान पाया कि बच्चों को गणित बहुत कठिन लगती है और गणित की वजह से कई बार बच्चे स्कूल तक नहीं आते हैं. इन बच्चों को घर में भी कोई पढ़ाने वाला नहीं होता ना ही ये ट्यूशन पढ़ते हैं. ऐसी स्थिति में इनकी गणित बहुत कमजोरी रहती है. इसलिए हमने एक नया प्रयोग शुरू किया और गणित को रंगों और चित्रों के माध्यम से पढ़ाना शुरू किया.'' बच्चों की पढ़ाई में हुआ सुधार  मंजू जायसवाल का कहना है कि, ''पढ़ने में बच्चा कितना भी कमजोर हो लेकिन चित्रों और रंगों के प्रति बच्चों का आकर्षण रहता है. इसलिए जैसे ही हमने यह प्रयोग शुरू किया तो बच्चों ने गणित में भी इंटरेस्ट लेना शुरू कर दिया.हमारी टीम जब स्कूल में पहुंची तो उस समय स्कूल में 15 बच्चे थे. दरअसल अभी नए साल की क्लास शुरू हुई है, इसलिए स्कूल में उपस्थिति की संख्या कम है और ज्यादातर बच्चे नए हैं. लेकिन इसके बावजूद मंजू जायसवाल ने बच्चों को एक चित्र बनाने के लिए कहां और उन्होंने बच्चों से पूल बनवाया. 95 प्रतिशत हुआ स्कूल का रिजल्ट बच्चों ने तुरंत फूल बनाना शुरू कर दिया फिर स्कूल के भीतर उन्होंने गणित की संख्या रखी और बच्चों से भी कहा कि इस गणित की संख्या से जुड़े हुए सवाल को हल करें. लगभग सभी बच्चों ने इसकी कोशिश की, कुछ बच्चे इसमें सफल भी रहे. मंजू जायसवाल ने बताया कि, पिछले सालों में हमारे स्कूल का रिजल्ट लगभग 95% रहा है जिसमें गणित विषय में सभी को फर्स्ट डिवीजन के मार्क्स मिले हैं. बच्चों का लग रहा पढ़ाई में मन राधिका इसी स्कूल में 2 सालों से पढ़ रही है. उनका कहना है, ''उसका मन भी शुरू में गणित में नहीं लगता था लेकिन चित्रों के जरिए जब से गणित पढ़ना शुरू किया है तब से उनकी गणित अच्छी हो गई है और अब भी चित्रों के माध्यम से ही गणित को समझती हैं.'' स्कूल के प्रधानाध्यापक शैलेंद्र दुबे का कहना है कि ''हमारी कोशिश होती है कि हम ज्यादातर सामान्य शिक्षा को रुचि कर बनाकर पेश करें. पहले चित्रों का उपयोग केवल सामाजिक विज्ञान पर्यावरण जैसे विषयों में ही होता था लेकिन हमने गणित में भी इसका प्रयोग शुरू किया तो अच्छे परिणाम मिले.'' सरकारी स्कूलों के शिक्षक शिक्षा को नौकरी की तरह करते हैं बहुत हद तक उनकी कोशिश बच्चों को सिखाने की नहीं होती. यदि सरकारी माध्यम के स्कूलों में शिक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ छात्रों को पढ़ाना शुरू करें तो सरकारी स्कूल से भी होनहार बच्चे निकल सकते हैं. मंजू जायसवाल की कोशिश कुछ ऐसी ही है.

सख्त चेतावनी, काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं और मंत्री ने दिए जीरो टॉलरेंस के निर्देश

 रांची झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता और उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बुधवार को रांची स्थित नेपाल हाउस में विभागीय कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय में हड़कंप मच गया. मंत्री ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और कार्यालयीन अनुशासन का बारीकी से जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विशेष रूप से लंबित फाइलों की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने पाया कि कई फाइलें बिना किसी ठोस कारण के लंबित पड़ी हैं, जिससे आम जनता के कार्य प्रभावित हो रहे हैं. इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जनता के कामों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सख्त लहजे में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनता को मिलने वाली मूलभूत सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने को कहा. समयबद्ध उपस्थिति और शिकायतों के समाधान पर जोर मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें और अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें. इसके साथ ही उन्होंने आम लोगों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि शिकायतों को नजरअंदाज करना या अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी. गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश आगामी गर्मी को देखते हुए मंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हर हाल में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए. खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत युद्धस्तर पर की जाए और जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दो टूक शब्दों में कहा कि काम में ढिलाई, जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति और लापरवाही अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी. दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय होगी. ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम करने का निर्देश उन्होंने विभाग को जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य करने का निर्देश दिया. मंत्री ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि जनता की सेवा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसमें किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं होगी. उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जो भी इस जिम्मेदारी को निभाने में असफल रहेगा, उसके लिए विभाग में कोई जगह नहीं होगी.

चुनावी रोड शो, श्रीरामपुर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में उतरे नायब सैनी और उमड़ा जनसैलाब

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पश्चिम बंगाल के चुनावी समर में 'हरियाणा मॉडल' की धमक दिखाई है। मंगलवार को श्रीरामपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी के नामांकन के अवसर पर आयोजित एक विशाल रोड शो के दौरान सैनी ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी सरकार को जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हरियाणा की भाजपा सरकार ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं से गरीबों के जीवन में बदलाव लाया है, वही बदलाव अब बंगाल की जनता चाहती है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बंगाल की गलियों में इस समय परिवर्तन की स्पष्ट लहर है और जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की नई इबारत लिखने को तैयार है। ममता सरकार पर योजनाओं को रोकने का आरोप मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने राजनीतिक द्वेष के चलते राज्य के गरीबों का हक मारा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि जैसी केंद्र की अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाओं को बंगाल में केवल इसलिए लागू नहीं किया गया क्योंकि वे प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई थीं। इसका खामियाजा बंगाल की जनता गरीबी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के रूप में भुगत रही है। सैनी ने कहा कि लगातार शोषण और अत्याचार से त्रस्त होकर अब लोग इस सरकार से निजात पाना चाहते हैं। हरियाणा की तर्ज पर बंगाल के लिए वादों की झड़ी रोड शो में उमड़े भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए नायब सैनी ने हरियाणा सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गरीब महिलाओं को मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है और 'लाडली सुरक्षा योजना' के तहत 2100 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे पात्रों तक पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में अब तक 27 लाख लोगों ने आयुष्मान योजना के तहत 4000 करोड़ रुपये का स्वास्थ्य लाभ लिया है। मुख्यमंत्री ने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही हरियाणा की तर्ज पर सभी जनहितैषी नीतियां लागू की जाएंगी, जिससे गरीबों को पक्के मकान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी। भ्रष्टाचार और पलायन पर कड़ा प्रहार मुख्यमंत्री ने बंगाल की मौजूदा कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिति पर भी कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ममता सरकार ने घुसपैठियों को संरक्षण देकर राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल से उद्योगों का तेजी से पलायन हुआ है, जिसके कारण यहाँ का युवा दूसरे राज्यों में भटकने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और भय के माहौल ने बंगाल को पीछे धकेल दिया है। केंद्र की भाजपा सरकार ने देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और अब विकसित भारत के साथ विकसित बंगाल का संकल्प पूरा करने का समय आ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को छत मिल रही है और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। श्रीरामपुर में मुख्यमंत्री के इस रोड शो ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।

रेलवे अपडेट, 23 से 25 मई तक जोधपुर रूट की 17 ट्रेनों के मार्ग बदले और कई गाड़ियां रेगुलेट

जोधपुर अगर आप आगामी 23 से 25 मई के बीच ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के मेड़ता रोड स्टेशन यार्ड में रेलवे अंडर ब्रिज निर्माण के चलते इस रूट पर रेल यातायात बड़े पैमाने पर प्रभावित रहने वाला है। जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेस सहित कुल 4 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रेलवे की ओर से मेड़ता रोड यार्ड की क्रॉसिंग संख्या 100 पर आरयूबी निर्माण के लिए विशेष ब्लॉक लिया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि इस तकनीकी कार्य के कारण जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेस सहित कुल 4 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, जबकि 17 अन्य ट्रेनों के रूट और समय में बदलाव किया गया है। इन 4 ट्रेनों पर गिरेगी गाज सफर पर निकलने से पहले इन ट्रेनों की तारीख नोट कर लें, क्योंकि ये पटरी पर नहीं उतरेंगी।     जोधपुर-हिसार एक्सप्रेस (14891): 24 मई को रद्द।     हिसार-जोधपुर एक्सप्रेस (14892): 25 मई को रद्द।     जयपुर-जोधपुर एक्सप्रेस (22977): 24 मई को रद्द।     जोधपुर-जयपुर एक्सप्रेस (22978): 24 मई को रद्द। इन ट्रेनों के बीच रास्ते थमेंगे पहिए कई ट्रेनें अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाएंगी और बीच के स्टेशनों से ही वापस लौट जाएंगी।     जोधपुर-दिल्ली सराय (22422) व जोधपुर-बठिंडा (14721): 24 मई को ये जोधपुर के बजाय डेगाना और बीकानेर से शुरू होंगी।     अबोहर-जोधपुर (14722) व दिल्ली सराय-जोधपुर (22421): 23 और 24 मई को ये ट्रेनें केवल बीकानेर और डेगाना तक ही आएंगी। बदले हुए रास्तों से दौड़ेंगी ये ट्रेनें ब्लॉक के कारण 8 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। इनमें जोधपुर-भोपाल एक्सप्रेस, बाड़मेर-ऋषिकेश और दिल्ली-जैसलमेर जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। ये ट्रेनें अब फुलेरा-अजमेर-मारवाड़ जंक्शन और लूनी के रास्ते चलाई जाएंगी। मार्ग परिवर्तन के कारण ये ट्रेनें अब पाली, अजमेर और फलौदी जैसे स्टेशनों पर भी रुकेंगी, जिससे उन क्षेत्रों के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी, लेकिन सफर का समय बढ़ सकता है। यात्री ध्यान दें, रेगुलेट होंगी ये गाड़ियां निर्माण कार्य के दौरान ट्रैक क्लियरेंस न मिलने के कारण इंदौर-जोधपुर, जयपुर-जैसलमेर और कामाख्या-भगत की कोठी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को मार्ग में 20 मिनट से लेकर 2 घंटे तक रोककर (रेगुलेट) चलाया जाएगा।