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LPG संकट, राजस्थान में छोटे सिलेंडर के लिए चुकाने होंगे 123 रुपये प्रति किलो और उपभोक्ताओं पर भारी बोझ

जयपुर राजस्थान में लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) की किल्लत के बीच तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर को आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध तो कर दिया है, लेकिन इसकी कीमत ने उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। यह छोटा सिलेंडर अब प्रदेश में सबसे महंगा गैस विकल्प बनकर सामने आया है, जिसकी प्रति किलो दर घरेलू और कॉमर्शियल दोनों सिलेंडरों से अधिक है। छोटा सिलेंडर, भारी कीमत तेल कंपनियों के अनुसार 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए उपभोक्ताओं को 616 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। इस हिसाब से प्रति किलो LPG की कीमत करीब 123 रुपए बैठती है। यह दर न केवल घरेलू गैस सिलेंडर से लगभग दोगुनी है, बल्कि कॉमर्शियल सिलेंडर से भी अधिक है। घरेलू सिलेंडर से दोगुना महंगा वर्तमान में 14.2 किलोग्राम का घरेलू LPG सिलेंडर 916.50 रुपए में उपलब्ध है। इसके अनुसार प्रति किलो गैस की कीमत करीब 64.50 रुपए पड़ती है। तुलना करें तो 5KG सिलेंडर की गैस लगभग दोगुनी दर पर मिल रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर से भी आगे निकली कीमत औद्योगिक इकाइयों, होटलों और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाला 19 किलोग्राम का कॉमर्शियल सिलेंडर 2106 रुपए में मिल रहा है। इस हिसाब से इसकी प्रति किलो कीमत करीब 111 रुपए होती है। इसके मुकाबले 5KG सिलेंडर की गैस और भी महंगी साबित हो रही है। नया कनेक्शन आसान, लेकिन महंगा सौदा तेल कंपनियों ने 5 किलोग्राम सिलेंडर का नया कनेक्शन लेना बेहद आसान कर दिया है। केवल एक आईडी कार्ड के आधार पर 1490 रुपए में नया कनेक्शन दिया जा रहा है, जिसमें 5 किलो LPG से भरा सिलेंडर शामिल है। कंपनियों का दावा है कि यह सुविधा खासतौर पर मजदूरों और प्रवासी कामगारों को ध्यान में रखकर दी गई है, ताकि उन्हें गैस की कमी का सामना न करना पड़े। गैस की किल्लत और बदले नियम प्रदेश में LPG की कमी के चलते घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग पर 25 दिन का अंतराल तय कर दिया गया है। वहीं कॉमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता भी प्रभावित है और कुल मांग का करीब 70 प्रतिशत ही सप्लाई हो पा रही है। अनलिमिटेड रिफिलिंग की सुविधा इसके उलट 5 किलोग्राम सिलेंडर की उपलब्धता पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर अनलिमिटेड कर दी गई है। उपभोक्ता जब चाहें, बिना किसी निर्धारित समय सीमा के, इस छोटे सिलेंडर को रिफिल करवा सकते हैं। राहत या मजबूरी? हालांकि कंपनियां इसे राहत के तौर पर पेश कर रही हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह सुविधा मजबूरी में महंगा विकल्प बनती जा रही है। खासकर वे लोग, जिन्हें तत्काल गैस की जरूरत होती है, उन्हें मजबूरन इस महंगे सिलेंडर का सहारा लेना पड़ रहा है। राजस्थान में LPG की कमी के बीच 5KG सिलेंडर ने आम लोगों को सुविधा तो दी है, लेकिन इसकी ऊंची कीमत ने इसे सबसे महंगा विकल्प बना दिया है। ऐसे में राहत और महंगाई के बीच उपभोक्ता असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत, बाड़मेर रिफाइनरी के लोकार्पण की तारीख हुई तय

बाड़मेर  एक तरफ जहां वैश्विक स्तर पर ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण कच्चे तेल की सप्लाई और रिफाइनरियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, वहीं राजस्थान अपने औद्योगिक इतिहास का सबसे सुनहरा पन्ना लिखने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 21 अप्रैल को बाड़मेर के पचपदरा में स्थित राजस्थान रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। दुबई की तर्ज पर यहां क्रूड ऑयल स्टोरेज और रिफाइनिंग की क्षमता इसे उत्तर भारत का 'एनर्जी गेटवे' बना देगी। जब यहां उत्पादित पेट्रोल-डीजल और गैस राजस्थान के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक सप्लाई होगी, तो राजस्व का बड़ा हिस्सा बाड़मेर और आसपास के विकास पर खर्च होगा। 72 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस ऐतिहासिक घड़ी की पुष्टि करते हुए बताया कि पीएम मोदी 21 अप्रैल को इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 72 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना यह प्रोजेक्ट न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे उत्तर भारत के औद्योगिक परिदृश्य को बदलकर रख देगा। बाड़मेर-जैसलमेर में बनेगा 'इंडस्ट्रियल क्लस्टर' पचपदरा रिफाइनरी महज एक तेल शोधन इकाई नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी राजस्थान के लिए आर्थिक इंजन साबित होगी। सीएम ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के चालू होने से बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में एक विशाल इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित होगा।     सहायक उद्योग: पेट्रोकेमिकल्स पर आधारित सैकड़ों सहायक उद्योगों के लिए रास्ते खुलेंगे।     इंफ्रास्ट्रक्चर: क्षेत्र में सड़कों, लॉजिस्टिक्स हब और बिजली के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश होगा।     रोजगार: स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। वैश्विक युद्ध के बीच भारत की 'ऊर्जा सुरक्षा' दिलचस्प बात यह है कि यह लोकार्पण ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया युद्ध की आग में झुलस रहा है और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार अस्थिर है। ऐसे में पचपदरा रिफाइनरी का शुरू होना भारत की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह रिफाइनरी उच्च गुणवत्ता वाले BS-VI मानक के ईंधन का उत्पादन करेगी, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी। प्रोजेक्ट की खासियतें लागत: ₹72,000 करोड़ से अधिक। क्षमता: 9 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA)। साझेदारी: यह HPCL और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है। उत्पाद: पेट्रोल-डीजल के अलावा पेट्रोकेमिकल उत्पादों जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीथीन का भी उत्पादन होगा। पीएम मोदी का पिछला राजस्थान दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा बेहद खास है। इससे पहले पीएम मोदी इसी साल 28 फरवरी को राजस्थान के अजमेर आए थे। अजमेर के कायड़ विश्रामस्थली में उन्होंने एक बड़ी सभा को संबोधित किया था, जहां उन्होंने प्रदेश के विकास और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को गिनाया था। अब करीब दो महीने के भीतर ही वे पचपदरा रिफाइनरी के रूप में राजस्थान को एक बड़ी सौगात देने दोबारा मरूधरा की धरती पर कदम रखेंगे।  

तपती गर्मी के बीच बिहार में झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने इन 19 जिलों के लिए जारी किया अलर्ट

 पटना    बिहार में पिछले दिनों से पड़ रही तपती गर्मी के बाद एक बार फिर मौसम सुहावना हो गया है. आज सुबह से ही बिहार के कई जिलों में मौसम बदल गया है. कुछ जिलों में झमाझम बारिश तो कुछ जिलों में दिनभर बादल छाए हुए हैं. इस बीच मौसम विभाग ने 9 अप्रैल तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई है. 9 अप्रैल को इन जिलों में येलो अलर्ट जारी मौस विभाग के मुताबिक, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई जिले में येलो अलर्ट है. इन जिलों में तेज बारिश, ठनका गिरने के साथ-साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना जताई है. गयाजी और नालंदा में अलर्ट जारी मौसम विभाग ने गयाजी और नालंदा जिले में अगले एक से तीन घंटे में बारिश की चेतावनी जारी की है. इस दौरान तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. इसके साथ ही ठनका गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है. मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है. खासकर किसानों से बिगड़े मौसम में खेतों में नहीं रहने की अपील की है. मौसम में अचानक बदलाव की वजह बिहार में बदलते मौसम को लेकर मौसम वैज्ञानिकों की ओर से बताया गया कि कई कारणों से मौसम पर प्रभाव पड़ रहा है. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं आ रही हैं. इन दोनों सिस्टम की वजह से नमी बढ़ गई है. इसके अलावा एक चक्रवाती परिसंचरण के एक्टिव होने से भी बादल बन रहे, बारिश की स्थिति बन रही और ठनका गिरने की भी संभावना जताई गई. 24 घंटे में कैसा रहा मौसम? बीते 24 घंटों में बिहार के मौसम ने लोगों को बुरी तरह उलझा कर रखा. मंगलवार को जहां तीखी धूप ने पसीने छुड़ा दिए और कैमूर जैसे जिलों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया, जबकि रात होते-होते ठंडी हवाओं और बादलों ने दस्तक दे दी. पटना में भी गर्मी ने बेहाल किया. लेकिन अब दक्षिण बिहार के जिलों जैसे गया, औरंगाबाद और रोहतास में भी तेज हवाओं का असर दिखने की संभावना है, जिससे गर्मी से अस्थायी राहत मिल सकती है.

नई सरकार की तैयारी, 15 अप्रैल को बिहार को मिल सकता है नया मुख्यमंत्री और दिल्ली में भाजपा की अहम बैठक

 पटना    बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होता दिख रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही पद छोड़ सकते हैं और राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इसे लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है और दिल्ली से लेकर पटना तक बैठकों का दौर जारी है. मंत्री विजय चौधरी के मुताबिक, नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दोपहर 3:20 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली रवाना होंगे. 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद 12 अप्रैल को उनके पटना लौटने की संभावना है. 14 अप्रैल को इस्तीफा, 15 को नई सरकार? सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल को नीतीश कैबिनेट की आखिरी बैठक हो सकती है. इसके अगले दिन यानी 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है. इसके बाद 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन हो सकता है. नए CM के नाम पर सस्पेंस बरकरार बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. हालांकि मंत्री विजय चौधरी ने संकेत दिए हैं कि वही नाम आगे बढ़ेगा, जिसकी चर्चा मीडिया में चल रही है. फिलहाल सबसे आगे सम्राट चौधरी का नाम बताया जा रहा है. लेकिन, बीजेपी कई राज्यों में सीएम को लेकर चौंकाते आई है. दिल्ली में BJP की अहम बैठक 10 अप्रैल को दिल्ली में बिहार भाजपा की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है. इस बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति बनाई जाएगी. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की भी संभावना है. NDA विधायकों की बैठक होगी निर्णायक नीतीश कुमार के पटना लौटने के बाद एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुलाई जा सकती है. इस बैठक में वे अपने इस्तीफे की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं. इसके बाद एनडीए के सभी घटक दल अपने-अपने विधायक दल की बैठक कर नेता का चयन करेंगे. फिर संयुक्त बैठक में एनडीए के नेता का ऐलान होगा, जो राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. इस्तीफे से पहले बड़े फैसलों की तैयारी चर्चा है कि इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं. यह बैठक मौजूदा सरकार की आखिरी बैठक मानी जा रही है. नीतीश कुमार पहले ही 30 मार्च को विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा दे चुके हैं. करीब 20 साल तक सदन में रहने के बाद उन्होंने बेहद कम शब्दों में अपना इस्तीफा सौंपा था.

हज यात्रियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी,निजी स्तर पर कुर्बानी और खाना बनाने पर रोक, ‘नुसुक मसार’ पोर्टल हुआ अनिवार्य

रांची   मुकद्दस हज यात्रा पर जाने वाले जायरीनों के लिए इस बार सफर की राह काफी अलग और हाइटेक नजर आएगी. 20-21 अप्रैल से विधिवत शुरू होने वाली इस यात्रा के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मदरसा फैजुल उलूम से हज यात्रा पर जाने वाले आजमीन ए हज की उड़ान 20-21 को होगी. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, विशेषकर ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव को देखते हुए भारत सरकार ने “हज यात्रा 2026” को पूरी तरह डिजिटल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने का निर्णय लिया है. इस बार पूरी व्यवस्था को सेंट्रलाइज्ड कर दिया गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर पल-पल की नजर रखी जा सके. हज कमेटी ने सभी को निर्देश दिया है कि वे अपने स्मार्ट बैंड को हमेशा चार्ज रखें और यात्रा के दौरान इसे अनिवार्य रूप से पहनें. एआइ बैंड: यात्रियों के लिए बनेगा सुरक्षा कवच इस बार हज यात्रियों को पारंपरिक सुविधाओं के साथ-साथ अत्याधुनिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से लैस “स्मार्ट बैंड” दिया जाएगा. यह डिवाइस प्रत्येक यात्री के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी. इस बैंड में एक विशेष ‘इमरजेंसी बटन’ दिया गया है. यदि कोई यात्री भीड़ में खो जाता है या अचानक उसकी तबीयत खराब होती है, तो इस बटन को दबाते ही कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा. इससे रिस्पॉन्स टीम बेहद कम समय में जायरीन तक पहुंच सकेगी. लोकेशन और हेल्थ मॉनिटरिंग की सुविधा यह स्मार्ट बैंड यात्रियों की रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक करेगा. हज के दौरान भारी भीड़ में अक्सर लोग अपने समूह से बिछड़ जाते हैं, जिसे अब इस तकनीक की मदद से तुरंत ढूंढा जा सकेगा. साथ ही यह डिवाइस यात्रियों के ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और ऑक्सीजन लेवल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की भी निगरानी करेगा. तबीयत बिगड़ने की स्थिति में मेडिकल टीम को पहले ही सूचना मिल जाएगी, जिससे समय रहते उपचार शुरू किया जा सके. निजी स्तर पर कुर्बानी और खाना बनाने पर रोक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव कुर्बानी को लेकर किया गया है. अब कोई भी हाजी निजी स्तर पर बाजार से जानवर खरीदकर कुर्बानी नहीं दे सकेगा. सऊदी अरब सरकार ने ‘फोटो वाली ठगी’ और गंदगी को रोकने के लिए ‘नुसुक मसार पोर्टल’ अनिवार्य कर दिया है. अब केवल आधिकारिक ‘अदाही प्रोजेक्ट’ के माध्यम से ही ऑनलाइन बुकिंग होगी. इसके अलावा, कैंपों में आग लगने के खतरे को देखते हुए खुद खाना बनाने पर पाबंदी लगा दी गई है. यात्रियों को अपने साथ कम से कम 3000 सऊदी रियाल रखना अनिवार्य होगा, जो उनके भोजन और अन्य निजी खर्चों के लिए तय किया गया है. किस्त जमा करने की डेडलाइन समाप्त हज मास्टर ट्रेनर हाजी युसूफ के अनुसार, तीसरी और अंतिम किस्त (17,290 रुपये) जमा करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल 2026 थी, जो अब समाप्त हो चुकी है. हज यात्रा का कुल खर्च लगभग 3.52 लाख रुपये निर्धारित है. जिन यात्रियों ने समय पर भुगतान पूरा कर लिया है, उन्हीं का फ्लाइट कन्फर्मेशन बहाल रहेगा. एम्बारकेशन प्वाइंट पर 24 घंटे पूर्व रिपोर्टिंग अनिवार्य झारखंड राज्य हज समिति ने हज 2026 के चयनित जायरीनों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. हज कमेटी ऑफ इंडिया के सर्कुलर नंबर 34 के आलोक में जारी इन निर्देशों के अनुसार, इस बार यात्रियों को अपना मूल पासपोर्ट किसी कार्यालय में जमा करने के बजाय स्वयं अपने पास सुरक्षित रखना होगा. एम्बारकेशन प्वाइंट (प्रस्थान स्थल) पर रिपोर्टिंग के समय मूल पासपोर्ट प्रस्तुत करने पर ही यात्रा दस्तावेज जारी किए जाएंगे. पासपोर्ट की वैधता 31 दिसंबर 2026 तक होनी चाहिए और उसमें कम से कम दो खाली पेज होने अनिवार्य हैं. स्मार्ट वॉच और हज किट के लिए नियम तय सभी हज यात्रियों को एम्बारकेशन प्वाइंट से ही ‘हज किट’ प्रदान की जाएगी, जिसमें आईडी कार्ड, वीजा और एआई तकनीक से लैस स्मार्ट वॉच शामिल होगी. कवर हेड अपनी टीम के सभी सदस्यों की किट प्राप्त कर सकता है. यदि कोई अन्य व्यक्ति किट लेने जाता है, तो उसे अपना मूल आधार कार्ड और हस्ताक्षरित प्राधिकरण पत्र (अनेक्सचर-1) दिखाना होगा. यात्रियों को अपनी फ्लाइट बुकिंग की पुष्टि ‘हज सुविधा ऐप’ या पोर्टल के माध्यम से करनी होगी और उसकी रसीद सुरक्षित रखनी होगी. हज सुविधा ऐप इंस्टॉल करना अनिवार्य कार्यपालक पदाधिकारी आफताब अहमद ने बताया कि सभी यात्रियों के लिए मोबाइल में ‘हज सुविधा ऐप’ इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया गया है. जिला खादिमुल हुज्जाज और ट्रेनर्स को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिलों के यात्रियों को यह ऐप डाउनलोड कराएं और इसकी सूची राज्य समिति को उपलब्ध कराएं. प्रस्थान स्थल पर यात्रियों को कम से कम 24 घंटे पहले रिपोर्ट करना होगा, जबकि सीधे एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को 6 घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य होगा. आधिकारिक ‘नुसुक मसार’ पोर्टल के माध्यम से ही अदाई प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना होगा. यात्रियों को चेक लिस्ट के अनुसार मूल पासपोर्ट, स्वास्थ्य कार्ड, टीकाकरण प्रमाण पत्र, भुगतान रसीद और हस्ताक्षरित फ्लाइट कन्फर्मेशन रसीद अपने साथ रखनी होगी. किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर यात्री तुरंत राज्य हज समिति से संपर्क कर सकते हैं.

सरिस्का टाइगर रिजर्व, बाघों की सुरक्षा के लिए बनेगा नया STR-2 प्रभाग और बढ़ेगा दायरा

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर और इसके आसपास के जंगलों की तस्वीर अब बदलने वाली है। वन्यजीवों की सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने और प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने के लिए वन विभाग ने एक व्यापक पुनर्गठन योजना तैयार की है। इस मास्टरप्लान के तहत जयपुर के मशहूर वन्यजीव पर्यटन स्थलों को मिलाकर एक स्वतंत्र वन प्रभाग बनाने का प्रस्ताव है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि लेपर्ड और अन्य वन्यजीवों की निगरानी भी अधिक विशेषज्ञता के साथ हो सकेगी। झालाना और नाहरगढ़ का नया 'प्रशासनिक अवतार' प्रस्ताव के अनुसार, जयपुर के गौरव झालाना लेपर्ड रिजर्व, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, नाहरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य और हाथी गांव को एक साथ जोड़कर एक स्वतंत्र वन प्रभाग बनाया जाएगा। इस प्रभाग की कमान भारतीय वन सेवा के एक समर्पित अधिकारी के हाथों में होगी। 200 वर्ग किलोमीटर से अधिक फैले इस क्षेत्र में वन्यजीव प्रबंधन, रेस्क्यू ऑपरेशन और पर्यटन प्रशासन की जिम्मेदारी इसी प्रभाग की होगी। झालाना और हाथी गांव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन के नक्शे पर आ चुके हैं। एक अलग प्रभाग होने से यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और लेपर्ड के आवास की सुरक्षा अधिक वैज्ञानिक तरीके से हो पाएगी। सरिस्का टाइगर रिजर्व का होगा विस्तार एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव सरिस्का टाइगर रिजर्व को लेकर है। बाघों की बढ़ती संख्या और उनके मूवमेंट को देखते हुए बीलवाड़ी, विराट नगर, थानागाजी और अजबगढ़ के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक नया STR-2 प्रभाग बनाने की तैयारी है। अधिकारियों के मुताबिक, सरिस्का के बाघ अक्सर इन क्षेत्रों में निकल आते हैं। इन्हें एक समर्पित यूनिट के तहत लाने से बाघों की ट्रैकिंग आसान होगी और यह क्षेत्र सरिस्का के लिए एक मजबूत 'बफर जोन' का काम करेगा। अवैध खनन पर लगेगी लगाम योजना के तहत दौसा, बांदीकुई, जमवारामगढ़ और रायसर रेंजों को जयपुर वन्यजीव प्रभाग से अलग कर एक नई प्रशासनिक इकाई बनाने का भी सुझाव है। इन क्षेत्रों में पहले अवैध खनन की शिकायतें आती रही हैं। नई इकाई बनने से वन विभाग की टीम अधिक केंद्रित होकर निगरानी कर सकेगी और त्वरित कार्रवाई संभव होगी। 12 से अधिक नई वन रेंज पुनर्गठन की इस लहर में नए प्रस्तावित जिलों में एक दर्जन से अधिक नई वन रेंज बनाने की भी परिकल्पना की गई है। प्रत्येक रेंज की जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित होंगे। यह योजना काफी हद तक पूरी हो चुकी है और अब केवल औपचारिक सरकारी मंज़ूरी का इंतजार है।  

जयपुर मेट्रो, प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक बनेगा 41 KM लंबा कॉरिडोर और बनेंगे 36 नए स्टेशन

जयपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण (Phase-2) को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। जयपुर मेट्रों के दूसरे चरण में 13037.66 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यह परियोजना उत्तर से दक्षिण जयपुर को आपस में जोड़ते हुए शहर की तस्वीर बदल देगी।जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण में प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर बनेगा। इस रूट पर कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे, जो शहर के सबसे व्यस्त इलाकों को कवर करेंगे। इस परियोजना को केंद्र और राजस्थान सरकार के फिफटी-फिफटी भागीदारी वाले संयुक्त उद्यम के रूप में राजस्थान मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (RMRCL) पूरा करेगी। जयपुर मेट्रो फेज-2 : इन इलाकों को कवर करेगा कैबिनेट के एक बयान के अनुसार, जयपुर मेट्रो फेज-2 में मेट्रो प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक दौड़ेगी। फेज-2 में बनने वाला कॉरिडोर सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, वीकेआईए, जयपुर हवाई अड्डा, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल और स्टेडियम, अंबाबारी और विद्याधर नगर जैसे व्यस्त इलाकों को जोड़ेगा। यहां 36 स्टेशन बनेंगे। इसमें एयरपोर्ट के क्षेत्र में अंडरग्राउंड स्टेशन भी शामिल हैं। यहां इंटरचेंज की भी सुविधा होगी। इसे पहले से चल रहे फेज-1 मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इससे पूरे शहर में एक एकीकृत और निरंतर मेट्रो नेटवर्क सुनिश्चित होगा। जयपुर मेट्रो पहले फेज में कहां से कहां तक चलती है? जयपुर में पहले चरण के तहत मेट्रो मानसरोवर से बड़ी चौपर तक, पूर्व-पश्चिम गलियारे पर 11.64 किमी की दूरी तय करती है। इसमें 11 स्टेशन हैं। यह प्रणाली जयपुर के महत्वपूर्ण आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को केंद्रीय व्यापारिक जिले से जोड़ती है, जो हेरिटेज वॉल सिटी का हिस्सा है। उत्तर-दक्षिण अक्ष पर नियोजित जयपुर मेट्रो का दूसरा चरण मौजूदा गलियारे का पूरक होगा और पूरे शहर में मेट्रो कनेक्टिविटी हो जाएगी। इससे शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम में काफी कमी आएगी। और शहरी में आवागमन में सुधार होगा। जयपुर मेट्रो में हर दिन लगभग 60 हजार यात्री करते हैं सफर वर्तमान में, जयपुर मेट्रो के पहले चरण में प्रतिदिन औसतन लगभग 60 हजार यात्री यात्रा करते हैं। जयपुर मेट्रो पहले चरण में 11.64 किमी के छोटा रूट पर दौड़ रही है। दूसरे चरण के चालू होने के साथ, मेट्रो नेटवर्क में यात्रियों की संख्या में कई गुना वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे जयपुर में सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। मेट्रो का काम सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य कैबिनेट के बयान के अनुसार, मेट्रो रेल नीति, 2017 के अनुसार, केंद्र और राजस्थान सरकार से इक्विटी समर्थन, ऋण और बहुपक्षीय वित्तपोषण के माध्यम से वित्तपोषण की संरचना की गई है। परियोजना का वित्तपोषण मेट्रो रेल नीति-2017 के तहत केंद्र और राज्य सरकार की इक्विटी, ऋण और बहुपक्षीय फंडिंग के माध्यम से किया जाएगा। सरकार ने इसे सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

नया सिलेबस, गुरुग्राम के स्कूलों में अब एनसीईआरटी की किताबों से होगी पढ़ाई

गुरुग्राम  हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (एचबीएसई) ने कक्षा दसवीं से बारहवीं तक कई विषयों की पाठ्यपुस्तकें बदल दी है। इस फैसले के बाद गुरुग्राम के सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश जारी दिए गए हैं कि वे नए सत्र से तय की गई किताबों को ही लागू करें। बोर्ड का मानना है कि इससे बच्चों को एक समान और बेहतर शिक्षा सामग्री मिल सकेगी और पढ़ाई का स्तर भी सुधरेगा। बोर्ड का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रों को एक समान, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी पढ़ाई का स्तर बेहतर हो सके और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। बदलाव के तहत पंजाबी विषय में नई किताबें जोड़ी गई हैं, जबकि शारीरिक शिक्षा हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन और ललित कला फाइन आर्ट्स के लिए एनसीईआरटी की किताबों को लागू किया गया है। इससे छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ने का मौका मिलेगा। वहीं 11वीं और 12वीं के सैन्य विज्ञान विषय में भी बदलाव किया गया है। वर्जन पाठ्यपुस्तकों में बदलाव छात्रों को बेहतर और अपडेटेड कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए किया गया है। इससे न केवल पढ़ाई का स्तर सुधरेगा, बल्कि सभी स्कूलों में एकरूपता भी आएगी।- इंदू बोकन, जिला शिक्षा अधिकारी  

विद्युत विभाग को झटका, बस्ती उपभोक्ता आयोग ने 3 दिन में कनेक्शन जोड़ने का दिया आदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक उपभोक्ता को उपभोक्ता आयोग से बड़ी राहत मिली है। बस्ती जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश अमरजीत वर्मा, सदस्य अजय प्रकाश सिंह की पीठ ने विद्युत विभाग के एक मामले में आदेश देते हुए कहा है कि बिना उपभोक्ता की सहमति से स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जा सकता है। न्यायाधीश ने मैनेजिंग डायरेक्टर उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन को पत्र लिख कर उपभोक्ता आयोग में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने को कहा है। न्यायालय के समक्ष रामगोपाल बनाम उपखंड अधिकारी विद्युत का मामला सुनवाई के लिए प्रस्तुत हुआ। इस मामले में परिवाद दाखिल करते समय ही रामगोपाल की तरफ से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 38 उप धारा 8 के तहत स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया था। आयोग ने अपने शक्तियों का प्रयोग कर स्थगन आदेश जारी किया था। दौरान मुकदमा उपभोक्ता का कनेक्शन न काटे जाने का भी आदेश दिया गया था। परंतु 27 मार्च को मनमाने तरीके से कनेक्शन काट दिया गया। अदालत में उपस्थित होकर विद्युत विभाग की तरफ से कहा गया कि परिवादी के घर पर स्मार्ट मीटर लगाया गया था। बैलेंस नहीं होने पर स्मार्ट मीटर में बिजली स्वतः कट जाती है। तीन दिनों में कनेक्शन जोड़कर कोर्ट को सूचित करने का आदेश न्यायालय ने दोनों पक्ष की सुनने के बाद कहा कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47 की उप धारा 5 में जो व्यवस्था दी गई है। उसके अनुसार उपभोक्ता की सहमति के बिना उसके परिसर में स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जा सकता है। आयोग ने तीन दिनों में विद्युत कनेक्शन जोड़कर अदालत को सूचित करने का आदेश दिया है। सोमवार को नियामक ने प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं का जारी किया था गाइडलाइन बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष ने सोमवार को कानपुर में महत्वपूर्ण गाइडलाइन की है। नियामक आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य है, लेकिन मीटर को प्रीपेड करने से पहले उपभोक्ता की सहमति जरूरी है। आयोग ने यह भी कहा है कि अगर उपभोक्ता प्रीपेड मीटर नहीं लगवाना चाहता है तो उसका स्मार्ट मीटर पोस्टपेड ही रहने दिया जाए। इसके लिए उन्होंने भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के मीटरिंग रेग्युलेशन में एक अप्रैल 2026 को हुए संशोधन का हवाला दिया। नियामक आयोग सोमवार को बृजेंद्र स्वरूप पार्क स्थित द स्पोर्ट्स हब (टीएसएच) में बिजली कंपनियों की टैरिफ दरों में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर जनसुनवाई कर रहा था। आयोग ने कहा कि सभी डिस्कॉम की जनसुनवाई पूरी होने के बाद दरों में बदलाव के प्रस्ताव पर फैसला लिया जाएगा।  

द डेविल वियर्स प्राडा 2, मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे की जोड़ी ने 20 साल बाद की वापसी

हॉलीवुड फिल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' का फाइनल ट्रेलर रिलीज हो चुका है। दूसरे पार्ट में भी कई पुराने किरदारों नजर आ रहे हैं, जो पहली फिल्म का पार्ट थे। मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे 20 साल बाद इस फिल्म में साथ नजर आएंगी। जानिए, फिल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' के ट्रेलर से जुड़ी खास बातें। ट्रेलर में मिला कहानी का हिंट? मेरिल स्ट्रीप का किरदार इस बार भी नामी फैशन मैगजीन से जुड़ी हैं, लेकिन उनके किरदार को एक स्कैंडल का शिकार हो गया है। इस मुश्किल में ऐनी हैथवे का किरदार उनकी मदद के लिए आगे आता है। बता दें कि पहले पार्ट में एनी और मेरिल के किरदारों के बीच तीखी नोक-झाेंक दिखी थी, जो इस बार भी देखने को मिल रही है। फिल्म में नजर आए ये एक्टर्स फिल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' में मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे के अलावा एमिली ब्लंट, स्टेनली टुकी, ट्रेसी थॉमस और टिबोर फेल्डमैन भी वापसी कर रहे हैं। ये सभी एक्टर्स पहली पार्ट में भी थे। वहीं फिल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' में कुछ नए एक्टर्स भी शामिल हुए हैं। इसमें केनेथ ब्रानघ, पैट्रिक ब्रामल, सिमोन एशले, लूसी लियू, बीजे नोवाक, जस्टिन थेरॉक्स, लेडी गागा और पॉलीन चालमेट के नाम शामिल हैं। सिमोन एशले के किरदार को मेरिल स्ट्रीप की अस्सिटेंट के तौर पर दिखाया गया है। कब रिलीज होगी यह फिल्म? इन दिनों मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे अपनी अपकमिंग फिल्म का प्रमोशन जमकर कर रहे हैं। यह फिल्म अगले महीने रिलीज होगी। मेकर्स ने ट्रेलर के ट्रेलर के साथ फिल्म की तारीख भी शेयर की है। यह फिल्म 1 मई  2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।