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कोयला गैसीकरण परियोजनाओं से बिहार में बड़े निवेश की संभावना, केंद्र ने जताया भरोसा

पटना  कोयला गैसीकरण से संबंधित परियोजनाओं के माध्यम से बिहार में 8000 से 12000 करोड़ के निवेश की संभावना है। यह आकलन केंद्र सरकार का है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर केंद्रीय कोयला व खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे इस संदर्भ में विचार-विमर्श भी कर चुके हैं। आकलन है कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से बिहार में 2500 लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। देश में कोयले का प्रचुर भंडार है, लेकिन कच्चा तेल, एलपीजी, प्राकृतिक गैस, मेथनाल आदि के लिए आयात पर अत्यधिक निर्भरता है। वित्त वर्ष 2025 में मेथनाल, अमोनिया, अमोनियम नाइट्रेट और अन्य प्रतिस्थापन योग्य उत्पादों के लिए भारत का आयात बिल 2.77 लाख करोड़ रुपये रहा था। कोयला गैसीकरण सीधे तौर पर इस बिल को प्रभावित करेगा। ऐसे में सरकार यह मानकर चल रही कि अगले दशक में कोयला गैसीकरण भारत के सबसे उभरते क्षेत्रों में से एक होगा। कई प्रकार के उत्पाद देने वाली इस तकनीकी के जरिये तीन लाख करोड़ तक के आयात को प्रतिस्थापित करने की क्षमता है। इसीलिए सरकार ने भी खजाने का मुंह खोल दिया है। इस वर्ष 37500 करोड़ से पहले जनवरी, 2024 में 8500 करोड़ रुपये के पैकेज को स्वीकृति दी गई थी। बिहार से विशेष अपेक्षा दुबे ने बताया कि भारत में 2021 में राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन शुरू हुआ। 2030 तक प्रतिवर्ष 10 करोड़ टन कोयले के गैसीकरण का लक्ष्य निर्धारित है। बहरहाल परियोजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने आरएफपी को सार्वजनिक किया है और सभी हितधारकों से सुझाव मांगा है। इसी क्रम में बिहार से भी अपेक्षा है। जोखिम भी अधिक वर्ष 2024 में कोयला मंत्रालय ने झारखंड में भारत की पहली भूमिगत कोयला गैसीकरण पायलट परियोजना शुरू की थी। 2030 तक 25 परियोजनाओं की स्थापना का लक्ष्य है। इसका आशय यह नहीं कि सब कुछ सहजता से हो जाएगा। इसमें पूंजीगत लागत अधिक है, क्रियान्वयन का जोखिम वास्तविक है और नीतिगत समर्थन महत्वपूर्ण। कोयला गैसीकरण संयंत्रों का निर्माण एक लंबी प्रक्रिया है और बड़े पैमाने पर इन्हें स्थापित करने में 10 से 15 वर्ष लग सकते हैं। बहरहाल इस मिशन को गति देने और उद्योग जगत की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 18 जून को मुंबई में तीसरा रोड-शो भी हो चुका है। क्या है कोयला गैसीकरण इसमें कोयले को सीधे जलाने के बजाय उसे सिंथेटिक गैस (मुख्य रूप से कार्बन मोनोआक्साइड और हाइड्रोजन) में बदला जाता है। उस गैस का उपयोग ईंधन, उर्वरक और रसायन बनाने में होता है। जैसे कि मेथनाल, अमोनिया, यूरिया, हाइड्रोजन, तरल ईंधन आदि। संभावना कभी बिहार का अंश रहे झारखंड में भी कोयला के बड़े खदान हैं। ओडिशा भी निकटवर्ती है। बिहार तक कोयला आपूर्ति में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी, लिहाजा उत्पाद का मूल्य नियंत्रण में होगा। l कोयले के गैसीकरण में पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। बिहार जल संसाधन से समृद्ध है। कमी यहां पानी के संचयन की है। संरचना बनाकर बाढ़ का पानी संचय किया जा सकता है। समस्या 20 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता वाले संयंत्र की स्थापना पर 600 करोड़ से 2000 करोड़ रुपये के बीच लागत आती है। इतनी बड़ी पूंजी लगाने से पहले निवेशक औद्योगिक परिवेश का आकलन करेंगे। बड़े व्यावसायिक संयंत्र के लिए लगभग 250 से 500 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। बिहार की विपुल जनसंख्या और कृषि पर निर्भरता के कारण भूमि अधिग्रहण तनिक दुरुह है।  

जयपुर में ताजिया जुलूस को लेकर सुरक्षा कड़ी, ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग पर रोक

जयपुर जयपुर में मुहर्रम के अवसर पर निकलने वाले ताजिया जुलूसों को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक कड़ी कर दी गई है। शहर की संवेदनशीलता और लाखों लोगों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने ऐसा सुरक्षा घेरा तैयार किया है, जिसमें जमीन से लेकर आसमान तक हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। करीब तीन हजार पुलिसकर्मी पूरे शहर में तैनात रहेंगे, जबकि ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी नेटवर्क और सादा वर्दी में मौजूद इंटेलिजेंस टीम हर संदिग्ध गतिविधि पर निगरानी रखेगी। प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना भी है। आस्था और परंपरा का दिन मुहर्रम का दिन मुस्लिम समाज के लिए गहरी आस्था और शहादत की याद का प्रतीक माना जाता है। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की स्मृति में शहर के अलग-अलग इलाकों से ताजिए निकलेंगे और कर्बला तक पहुंचेंगे। इस दौरान हजारों लोग जुलूस में शामिल होंगे, वहीं बड़ी संख्या में लोग रास्तों के किनारे खड़े होकर इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बनेंगे। इसी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही विस्तृत योजना तैयार की है। परकोटे में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदलेगी परकोटा क्षेत्र में आज पूरे दिन यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी। संजय सर्किल, अजमेरी गेट, न्यू गेट, सांगानेरी गेट, घाट गेट, गलता गेट और रामगढ़ मोड़ से परकोटे में सभी प्रकार के वाहनों की एंट्री बंद रहेगी। जरूरत पड़ने पर अन्य मार्गों से आने वाले ट्रैफिक को भी वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक डायवर्जन की जानकारी लेकर ही घर से निकलें। भारी वाहनों पर भी रहेगा प्रतिबंध भारी मालवाहक वाहनों के लिए भी शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर रोक लगा दी गई है। रोड नंबर-14 वीकेआई, कालवाड़ पुलिया, सिरसी पुलिया, 200 फीट अजमेर रोड, न्यू सांगानेर मोड़, गोपालपुरा मोड़, ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा, धोबीघाट, रामगढ़ मोड़, गलता गेट चौराहा और आमेर तिराहे सहित कई स्थानों से भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इससे जुलूस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम रखने की कोशिश की जाएगी। इन बाजारों में पार्किंग पूरी तरह बंद ताजिया जुलूस के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में पार्किंग भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। चौड़ा रास्ता, बड़ी चौपड़, बापू बाजार, जौहरी बाजार, हवामहल बाजार, सुभाष चौक, रामगंज बाजार, घाट गेट बाजार, चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार, इंदिरा बाजार, किशनपोल बाजार, गोपीनाथ मार्ग, एमआई रोड और एमडी रोड सहित कई क्षेत्रों में वाहन खड़े करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सकेगा। कर्बला तक निकलेगा ताजिया जुलूस आज दोपहर बाद शहर के विभिन्न इलाकों से ताजिए बड़ी चौपड़ पहुंचेंगे। यहां से पारंपरिक मार्ग से होते हुए जुलूस हवामहल बाजार, चांदी की टकसाल, सुभाष चौक, जोरावर सिंह गेट और रामगढ़ मोड़ के रास्ते कर्बला पहुंचेगा। इस पूरे मार्ग पर दोपहर से देर रात तक यातायात प्रभावित रहेगा और पुलिस लगातार ट्रैफिक को नियंत्रित करती रहेगी। ड्रोन, सीसीटीवी और QRT रहेगी अलर्ट पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का भी व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। एडिशनल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर राजीव पचार के अनुसार शहर के भीतर और बाहरी इलाकों में करीब तीन हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ERT) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। संवेदनशील इलाकों में सादा वर्दी में पुलिस और इंटेलिजेंस के जवान भी तैनात रहेंगे। 17 ताजियों के लाइसेंस रद्द प्रशासन ने साफ कर दिया है कि केवल लाइसेंसधारी ताजियों को ही जुलूस निकालने की अनुमति होगी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 17 ताजियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है। जुलूस मार्ग पर बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को भी निर्देश जारी किए गए हैं अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए भी पुलिस विशेष सतर्क रहेगी। अभय कमांड सेंटर, शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों से पूरे आयोजन की लाइव निगरानी की जाएगी। साइबर सेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रखेगी और भ्रामक पोस्ट, अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आमजन से सहयोग की अपील यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर न जाएं, ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से पहले वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। प्रशासन का कहना है कि सभी के सहयोग से ही मुहर्रम का यह पारंपरिक और श्रद्धापूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सकेगा।

मौसम का बड़ा अपडेट: 3–4 दिन में यूपी पहुंचेगा मॉनसून, IMD ने जारी किया बारिश का पूर्वानुमान

लखनऊ उत्तर भारत के कुछ राज्यों में अब भी गर्मी का दौर जारी है। लोग बेसब्री से मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं। इस बार मॉनसून आने में काफी देरी हुई है। मौसम विभाग ने बताया है कि यूपी में अगले तीन से चार दिनों में मॉनसून की एंट्री हो जाएगी। इस हफ्ते पूर्वोत्तर भारत और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होी। साथ ही, 27 से 29 जून के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में कहीं कहीं बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में हीटवेव चलेगी। वहीं, एक से दो जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होगी। इसके अलावा, पश्चिमी यूपी में 29 जून से दो जुलाई के बीच बरसात का अलर्ट है। मॉनसून पर मौसम विभाग ने कहा, ''अगले तीन से चार दिनों में मॉनसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बाकी हिस्सों, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल हैं।'' वहीं, उत्तर भारत की बात करें तो यहां 26 से 30 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 26-29 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं या कुछ जगहों पर बारिश होने वाली है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान, 29 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 26 से 30 जून दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं या कुछ जगहों पर तेज बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, लद्दाख में भारी बारिश एक से दो जुलाई के दौरान हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 30 जून से दो जुलाई के दौरान उत्तराखंड में काफी ज्यादा व्यापक बारिश होने वाली है। वहीं, 26 जून और एक से दो जुलाई के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, 26-27 जून के दौरान उत्तराखंड में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना है। साथ ही, 28 से 29 जून के दौरान उत्तराखंड में तेज हवाओं के चलने की उम्मीद है। वहीं, 26-27 जून और एक से दो जुलाई के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, 30 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश, 26-27 जून के दौरान पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की संभावना है। साथ ही, 28 जून से दो जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाओं की संभावना है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान में भी ऐसी ही स्थिति रहेगी। एमपी, विदर्भ, छत्तीसगढ़ के लिए क्या अलर्ट मध्य भारत की बात करें तो 26 जून से दो जुलाई के दौरान पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, 26-27 जून और 30 जून से एक जुलाई के दौरान विदर्भ, 26 जून को छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं जगहों पर बारिश की संभावना है। 26-30 जून के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं आंधी तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अनुमान है। 26-30 जून के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं आंधी तूफान चलेगा और बिजली गिर सकती है। 28-29 जून के दौरान विदर्भ, 27-29 जून के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी। पूर्वोत्तर भारत में भी अगले एक हफ्ते तक बारिश का अलर्ट है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, 27 जून से दो जुलाई के दौरान असम, मेघालय में काफी भारी बारिश होने की संभावना है। 26 जून को असम, मेघालय में कहीं कहीं भारी बारिश होगी। 26-30 जून के दौरान अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में आंधी तूफान और बिजली गिरने वाली है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक में जोरदार होगी बारिश इसके अलावा, दक्षिण भारत की बात करें तो 26 जून से दो जुलाई के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, 30 जून से एक जुलाई के दौरान उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, 26-27 जून के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, 29 जून से दो जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 26 जून और 28 जून से दो जुलाई के दौरान रायलसीमा, एक और दो जुलाई के दौरान तेलंगाना में बारिश की संभावना है। 26 जून से दो जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, 26-29 जून और दो जुलाई को उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, 28 जून से दो जुलाई के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, 26-28 जून के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, 27 जून को रायलसीमा, 26-30 जून के दौरान तेलंगाना में काफी भारी से बहुत भारी बारिश होगी।

95% मैपिंग पूरी, अब BLO से बदसलूकी पर होगी कड़ी कार्रवाई; प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश

चंडीगढ़ पंजाब में एसआईआर शुरू हो चुका है। बीएलओ को फील्ड में किसी प्रकार की कोई परेशानी पेश न आए, इसके लिए सभी इलेक्टरोल रजिस्ट्रेशन अफसरों (एसडीएम व एडीसी) को हिदायतें जारी कर दी गई हैं। सभी ईआरओ रोजाना अपने-अपने क्षेत्रों के बीएलओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। इसके लिए मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से विशेष लिंक तैयार किया जा रहा है, जो सभी एआरओ को उपलब्ध करवाया जाएगा।  इसी लिंक के माध्यम से सभी बीएलओ की एक माह रोजाना वर्चुअल बैठकें होंगी और उनसे फीडबैक जुटाया जाएगा। दरअसल, प्री मैपिंग के दौरान फील्ड से बीएलओ की कई शिकायतें आई थीं, जिसमें उन्होंने अपने साथ लोगों द्वारा दुर्व्यवहार करने की बात कही थी। एसआईआर के दौरान ऐसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा खासी गंभीर हैं। मित्रा ने कहा, बीएलओ की सुरक्षा की जिम्मेदारी बहुत जरूरी है क्योंकि इस पूरी प्रक्रिया में बीएलओ की रीढ़ हैं। वे एसआईआर में एक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। लिहाजा सभी ईआरओ को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बीएलओ के साथ जुड़ेंगे। उनकी समस्याओं भी इसी दौरान चर्चा होगी। फील्ड से यदि किसी भी बीएलओ के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं तो सभी ईआरओ बनती कार्रवाई करने के लिए सक्षम होंगे।   मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 86.02 प्रतिशत प्री-मैपिंग हो गई है। कोशिश की जा रही है कि हाउस-टू-हाउस एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने के दौरान भी बीएलओ संबंधित क्षेत्र के बीएलएओ के साथ मिलकर अनमैप्ड लोगों की भी मैपिंग कर लें। यह प्रतिशत और बढ़ सकता है। मानसा में सबसे अधिक, मोहाली में सबसे कम मैपिंग मानसा जिले में सबसे अधिक 95.07 प्रतिशत मैपिंग हो चुकी है, जो सबसे ज्यादा है जबकि मोहाली जिले में सबसे कम 69.05 प्रतिशत मैपिंग हुई है। सीईओ अनिंदिता मित्रा बताती हैं कि दरअसल, साल 2003 (पंजाब में एसआईआर हुआ था) के बाद मोहाली में व्यापक स्तर पर बदलाव हुआ है। कई रिहायशी इलाके नए जुड़े हैं, कई हाईराइज भवन बने हैं, बहुत से लोग बाहर से आकर यहां बसे हैं, यह भी प्री-मैपिंग कम रहने की एक बड़ी वजह है लेकिन एसआईआर के दौरान यह सब कवर अप हो जाएगा। इसके अलावा लुधियाना में 77.17 प्रतिशत, जालंधर में 82.94, कपूरथला में 83.10, पटियाला में 85.05, फरीदकोट में 85.49, रूपनगर में 85.55, पठानकोट में 86.06, गुरदासपुर में 86.94, फिरोजपुर में 87.61, फतेहगढ़ साहिब में 88.16, फाजिल्का में 88.52, अमृतसर में 88.61, बठिंडा में 88.88, होशियारपुर में 89.69, संगरूर में 89.89, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) में 90.08, मोगा में 90.47, मलेरकोटला में 91.33, बरनाला में 92.24, श्री मुक्तसर साहिब में 92.79, तरनतारन में 93.03 व मानसा में 95.07 प्रतिशत प्री-मैपिंग हो चुकी है। पहले दिन 24,453 बीएलओ ने घरों में वितरित किए फॉर्म पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के तहत पहले दिन 24,453 बीएलओ ने घर-घर दौरे शुरू कर दिए हैं। 24 जुलाई तक यह दौरा जारी रहेगा, जिसके तहत पंजाब भर के 2,14,61,043 मतदाताओं तक पहुंच बनाई जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे गणना फॉर्म वितरित करने और भरने में सहायता के लिए अपने घरों का दौरा करने वाले बीएलओ का सहयोग करें।  उन्होंने लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी एक ताजा रंगीन फोटो तैयार रखें, फॉर्म भरकर, उस पर हस्ताक्षर करें और बीएलओ को सौंप दें व विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी होने तक दूसरी प्रति अपने पास सुरक्षित रखें।  मित्रा ने मतदाताओं को विश्वास दिलाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई घर बंद पाया जाता है तो बीएलओ फॉर्म को दरवाजे के नीचे से अंदर पहुंचा देगा और संबंधित घर के अगले दौरे की तारीख के बारे में दीवार पर स्टिकर चिपका दिया जाएगा। बीएलओ फॉर्म एकत्र करने के लिए तीन बार घर-घर जाएंगे। यदि मतदाता घर पर उपस्थित नहीं है, तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य, संबंधित व्यक्ति से अपना रिश्ता बताकर उसके फॉर्म पर हस्ताक्षर करके फॉर्म वापस बीएलओ को दे सकता है।   

इंडिया ए की मजबूत पकड़, जुरेल 141; श्रीलंका ए ने 17 रन पर गंवाया पहला विकेट*

गाले  इंडिया ए वर्सेस श्रीलंका ए दो मैच की अनौपचारिक टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गाले में खेला जा रहा है। भारत ए बनाम श्रीलंका ए लाइव स्कोर नीचे देखें। दूसरे दिन की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। शेख राशीद 63 रन बनाकर आउट हुए। बारिश से प्रभावित दूसरे दिन कप्तान ध्रुव जुरेल ने शतक लगाया है। साई सुदर्शन और जुरेल के शतकों की बदौलत इंडिया ए ने पहली पारी में 111.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 452 रन बनाकर पारी घोषित की। ध्रुव जुरेल 215 गेंद में 141 रन बनाकर नाबाद लौटे। श्रीलंका ने निरोशन डिकवेल का विकेट गंवा दिया है। उन्होंने 13 गेंद में 10 रन बनाए। मैच के पहले दिन भारत ने टॉस जीतकर बैटिंग करते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 333 रन बनाए। साई सुदर्शन ने पारी का आगाज करते हुए शानदार शतक जड़ा। उन्होंने 19 चौकों की मदद से 132 रनों की शानदार पारी खेली। देवदत्त पडिक्कल (12) और रुतुराज गायकवाड़ (22) के फेल होने पर एक समय पर भारतीय पारी लड़खड़ाती हुई नजर आई थी। मगर फिर कप्तान ध्रुव जुरेल ने शेख रशीद के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाज फिफ्टी जड़ी और पांचवें विकेट के लिए उनके बीच 116 रनों की पार्टरनशिप भी की। भारत की नजरें मैच के दूसरे दिन स्कोर को 500 के पार पहुंचाने पर होगी। वहीं ध्रुव जुरेल भी शतक जड़ना चाहेंगे। टीम इंडिया इस अनौपचारिक टेस्ट सीरीज से पहले ट्रॉई सीरीज जीतकर आ रही है। यह ट्राई सीरीज भारत, श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच हुई थी। भारत और श्रीलंका की टीम फाइनल तक पहुंची थी, जहां वैभव सूर्यवंशी की 29 गेंदों पर 94 रनों की धुआंधार पारी के दम पर टीम इंडिया ने जीत दर्ज की थी। इस टेस्ट सीरीज में जरूर इंडिया ए को वैभव सूर्यवंशी की कमी खेलेगी क्योंकि वह इस समय सीनियर टीम के साथ आयरलैंड दौरे पर है। आज आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 में उनके डेब्यू की उम्मीद है। इंडिया ए वर्सेस श्रीलंका ए अनौपचारिक टेस्ट सीरीज का लाइव प्रसारण भारत में नहीं हो रहा है। IND A vs SL A लाइव स्कोर के लिए लाइवहिंदुस्तान के साथ बने रहें। इंडिया ए वर्सेस श्रीलंका ए प्लेइंग XI- इंडिया ए- साई सुदर्शन, आयुष पांडे, देवदत्त पडिक्कल, ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल (कप्तान) (विकेट कीपर), शेख रशीद, हर्ष दुबे, सारांश जैन, अंशुल कंबोज, यश ठाकुर, औकिब नबी डार श्रीलंका ए- पवनथा वीरसिंघे, निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), नुवानिदु फर्नांडो, एशेन बंडारा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविन्दु फर्नांडो, अंजला बंडारा, कविन्दु पथिरत्ने, दुलाज समुदिता, चमिका गुणसेकरा, दिलुम सुदीरा

मानसून हेल्थ अलर्ट: बारिश में बढ़ते संक्रमण से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

 देश के कई हिस्सों में मानसून की एंट्री के साथ लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने लगी है. बारिश का मौसम जहां ठंडक और सुकून लेकर आता है, वहीं यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है. मौसम में अचानक बदलाव होने पर वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम, बुखार, एलर्जी और पेट से जुड़ी परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान बढ़ी हुई नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में खानपान और साफ-सफाई को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है. साफ पानी पीना है सबसे जरूरी बारिश के मौसम में पानी दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पीना चाहिए. इससे पेट के संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा कम हो सकता है. बाहर का खाना खाने से बचें मानसून में खुले में रखी खाने की चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं. कटे हुए फल, चाट-पकौड़ी और अन्य स्ट्रीट फूड संक्रमण का कारण बन सकते हैं. घर का ताजा और स्वच्छ भोजन बेहतर विकल्प माना जाता है. हाथों की सफाई पर दें ध्यान खाना खाने से पहले और बाहर से घर लौटने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए. यह आदत कई प्रकार के संक्रमण से बचाने में मदद करती है. भीगने के बाद तुरंत बदलें कपड़े बारिश में भीगने के बाद लंबे समय तक गीले कपड़े पहनकर रहने से सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए घर पहुंचते ही सूखे कपड़े पहन लेना चाहिए. इम्यूनिटी मजबूत रखें मौसमी फल, हरी सब्जियां, विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थ और ड्राई फ्रूट्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. इसके अलावा पर्याप्त नींद और नियमित पानी पीना भी जरूरी है. मच्छरों से करें बचाव बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है. डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचने के लिए मच्छरदानी, रिपेलेंट और पूरे कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए. छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप मानसून के मौसम में खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं.

आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को नालों की जांच की जिम्मेदारी, हरियाणा में जलभराव रोकने की तैयारी

चंडीगढ़  हरियाणा में मानसून की तैयारियों तथा जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को नालों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में चल रहे नालों के सफाई कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन के भीतर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने क्षेत्रों में जल निकासी अवसंरचना का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। विशेष निगरानी अभियान के तहत प्रत्येक आईएएस और एचसीएस अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में कम से कम पांच किलोमीटर लंबाई के नालों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ तथा स्थलीय अवलोकन सहित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून की तैयारियां केवल कार्यालय में बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर डी-सिल्टिंग कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन करना होगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान करनी होगी। कमियों का पता लगाना होगा तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाले का निरीक्षण सुनिश्चित कर सभी रुकावटें दूर की जाएं। लंबित कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग ने भी अपनी बात रखी।

जमशेदपुर-कोलकाता फ्लाइट सेवा स्थगित, वीजीएफ खत्म और ईंधन महंगा होने से फैसला

  जमशेदपुर जमशेदपुर और कोलकाता के बीच संचालित होने वाली इंडिया वन एयर की सीधी उड़ान सेवाएं वर्तमान में अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गयी हैं. इससे गुरुवार को जमशेदपुर और कोलकाता के बीच हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा झटका लगा. इंडिया वन एयर ने इस फैसले के पीछे मुख्य कारणों के तौर पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’(वीजीएफ) सपोर्ट खत्म होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का हवाला दिया. इससे गुरुवार को यात्रियों को भारी परेशानी हुई. वीजीएफ सपोर्ट खत्म एयरलाइंस के मुताबिक, ये रूट केंद्र सरकार की उड़ान-आरसीएस स्कीम के तहत चल रहा था. इस स्कीम में 3 साल तक चुने हुए रूट्स पर वित्तीय मदद मिलती है. तीन साल पूरे होने के बाद एयरलाइन को बिना मदद के चलाना था. वेस्ट बंगाल सरकार ने वीजीएफ को आगे नहीं बढ़ाया, जिससे रूट चलाना मुश्किल हो गया. इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) महंगा हो गया. कम यात्रियों वाले रीजनल रूट पर ये खर्च उठाना एयरलाइन के लिए संभव नहीं रहा. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें किसे होगा नुकसान बताया जाता है कि इस सीधी फ्लाइट पर बिजनेस ट्रैवलर्स, स्टूडेंट्स, मरीज और टूरिस्ट सबसे ज्यादा निर्भर थे. ये सर्विस झारखंड के इंडस्ट्रियल शहर जमशेदपुर को पूर्वी भारत के बड़े कमर्शियल हब कोलकाता से जोड़ती थी. इस रोजाना चलने वाली फ्लाइट को फरवरी 2023 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने शुरू किया था. इसे झारखंड के एविएशन मैप के लिए बड़ा कदम माना गया था.

वेलकम 3 vs कॉकटेल 2: बॉक्स ऑफिस पर आज से बड़ा क्लैश, टिकट ऑफर से बढ़ी टक्कर

बॉक्स ऑफिस पर आज से एक बहुत बड़ा और दिलचस्प मुकाबला शुरू हो चुका है. अक्षय कुमार की मच-अवेटीड और भारी-भरकम स्टारकास्ट वाली कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' (वेलकम 3) आज यानी 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. लेकिन, अक्षय कुमार की इस मल्टी-स्टारर फिल्म की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है, क्योंकि थियेटर्स में पहले से ही शाहिद कपूर की फिल्म 'कॉकटेल 2' मजबूती से पैर जमाए बैठी है. दरअसल अब 'वेलकम 3' के क्रेज को टक्कर देने और अपनी फिल्म की रफ्तार बनाए रखने के लिए 'कॉकटेल 2' के मेकर्स ने एक ऐसा तगड़ा और हैरान करने वाला प्लान बनाया है, जो पहले ही दिन अक्षय की फिल्म का खेल बिगाड़ सकता है. एक टिकट पर दो लोगों के मजे अक्षय कुमार की बड़ी फिल्म के पहले दिन के कलेक्शन में सेंध लगाने के लिए 'कॉकटेल 2' के मेकर्स ने 26 जून यानी आज के लिए एक बेहद आकर्षक ऑफर का ऐलान कर दिया है. मेकर्स ने अपनी फिल्म पर 'बाय 1 गेट 1 फ्री' (Buy 1 Get 1 Free) का टिकट ऑफर लॉन्च किया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप सिनेमाघर जाकर 'कॉकटेल 2' की एक टिकट खरीदते हैं, तो दूसरी टिकट आपको बिल्कुल मुफ्त मिलेगी. यानी सिर्फ एक टिकट की कीमत पर दो लोग आराम से फिल्म का लुत्फ उठा सकते हैं. हालांकि, मेकर्स ने साफ किया है कि यह धमाकेदार ऑफर सिर्फ आज (शुक्रवार) के लिए ही लागू रहेगा. क्या 'वेलकम टू द जंगल' को पहले ही दिन होगा नुकसान? फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि अगर दर्शकों ने शाहिद कपूर की फिल्म के इस 'एक पर एक फ्री' वाले ऑफर का फायदा उठाना शुरू किया, तो इसका सीधा और बड़ा नुकसान अपने पहले ही दिन 'वेलकम टू द जंगल' को उठाना पड़ सकता है. वीकेंड की शुरुआत में लोग अक्सर कम बजट में मनोरंजन तलाशते हैं और ऐसे में यह ऑफर दर्शकों को 'वेलकम 3' के बजाय 'कॉकटेल 2' की तरफ खींच सकता है. अगर ऐसा हुआ, तो 'वेलकम टू द जंगल' की ओपनिंग डे की कमाई पर इसका सीधा असर पड़ेगा. अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि आज ऑडियंस इन दोनों फिल्मों में से किसे ज्यादा भाव देती है. 'कॉकटेल 2' का रिपोर्ट कार्ड अगर 'कॉकटेल 2' के अब तक के प्रदर्शन की बात करें, तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा कारोबार कर रही है. बॉक्स ऑफिस ट्रैकर वेबसाइट सैक्लनिक के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने अपने सातवें दिन यानी गुरुवार को 4.90 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस किया. इसी के साथ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की पहले हफ्ते की कुल कमाई 70 करोड़ रुपये (नेट) के आंकड़े तक पहुंच गई है. क्या 100 करोड़ के क्लब में शामिल हो पाएंगे शाहिद कपूर? ट्रेड एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि 'कॉकटेल 2' अपने दूसरे वीकेंड के खत्म होने तक आसानी से 75 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लेगी. लेकिन सबसे बड़ा सवाल इसके आगे के सफर को लेकर है. अब पूरी फिल्म इंडस्ट्री की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 'बाय 1 गेट 1 फ्री' जैसे ऑफर्स और बाहरी मदद मिलने के बाद भी शाहिद कपूर की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये (नेट) का जादुई और प्रतिष्ठित आंकड़ा छू पाती है या नहीं?

AI के दौर में टेक नौकरियों पर संकट: भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग हायरिंग में तेज गिरावट

भारत में टेक्नोलॉजी सेक्टर में नौकरियों की हायरिंग की रफ्तार धीमी होती नजर आ रही है. इसका सबसे ज्यादा असर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों पर पड़ता दिखाई दे रहा है क्योंकि कंपनियां AI और ऑटोमेशन को ज्यादा अपनाने लगी है. एक नए अध्ययन के मुताबिक, कुल मिलाकर नौकरी के अवसर कम हुए हैं लेकिन टेक सेक्टर में नौकरियों की संख्या पिछले कुछ महीनों में और तेजी से घटी है. लोकप्रिय जॉब पोर्टल इंडीड के अनुसार, मई 2026 में प्लेटफॉर्म पर भारतीय नौकरियों के एड 0.7 प्रतिशत कम हुए, जिनमें से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की नौकरियों में पिछले तीन महीनों में 12.3 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस एंड सपोर्ट, आईटी सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस और डेटा एंड एनालिटिक्स जैसी अन्य तकनीकी नौकरियों में भी 10.2, 9.3 और 6.7 प्रतिशत की गिरावट आई है.  इंडीड के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि तकनीकी कंपनियां कर्मचारियों को ऑफिस लौटने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही हैं. क्या कहते हैं आंकड़े? आंकड़े बताते हैं कि इस समय टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े बदलाव हो रहे हैं. कंपनियों की हायरिंग और कामकाज अब इस बात पर निर्भर करता है कि वे AI को कितनी अच्छी तरह इस्तेमाल कर पा रही हैं. हालांकि, यह साफ नहीं है कि टेक नौकरियों के एड क्यों कम हुए हैं, लेकिन AI इसका एक बड़ा कारण माना जा रहा है. कई कंपनियां AI से जुड़े नए स्किल वाले कर्मचारियों को हायर कर रहे हैं, जबकि कुछ कंपनियां क्लाउड और ChatGPT जैसे AI टूल्स की मदद से कम कर्मचारियों के साथ ही ज्यादा काम कर रही हैं. छंटनी का बढ़ रहा है खतरा वहीं, तकनीकी क्षेत्र में छंटनी धीरे-धीरे बढ़ रही है, जबकि पहले यह बहुत कम होती थी. उदाहरण के लिए अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच अमेजन ने लगभग 30,000 कॉर्पोरेट और तकनीकी पदों पर छंटनी की. इस अप्रैल में, मेटा ने 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की. उसी महीने माइक्रोसॉफ्ट ने लगभग 8,750 अमेरिकी कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की घोषणा की. इसकी लिस्ट काफी लंबी है, लेकिन मुख्य बात यह है कि तकनीकी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और इंडीड के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि तकनीकी नौकरियां एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही हैं, जिसमें कुछ पद पूरी तरह से समाप्त हो सकते हैं और फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर (एफडीई) जैसे नए पद सामने आ सकते हैं. कम कर रही है वर्क फ्रॉम होम की सुविधा कई कंपनियां अब वर्क फ्रॉम होम की सुविधा को कम कर रही है या पूरी तरह खत्म कर रही है. इंडीड के आंकड़ों के अनुसार, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशंस और सपोर्ट जैसी नौकरियों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है. इन क्षेत्रों में रिमोट वर्क के अवसर 4.4% तक कम हुए हैं. इसे लेकर इंडीड का कहना है कि रिमोट वर्क में कमी से यह पता चलता है कि कंपनियों का रुख बदल रहा है और वह अपने कर्मचारियों से ऑफिस में काम करने की उम्मीद कर रही है. खासकर टेक कंपनियों में यह बदलाव हाल के समय में साफ दिखाई दे रहा है. साथ ही कंपनियां ज्यादा उम्मीदवारों को आकर्षित करने के लिए अपनी हायरिंग प्लानिंग में बदलाव कर रही है. इन नौकरियां में हो रही बढ़त दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर टेक सेक्टर में नौकरियां कम हो रही हैं, वहीं कई दूसरे क्षेत्रों में हायरिंग तेजी से बढ़ रही है. देशभर में खेल, ब्यूटी और हेल्थ, पर्सनल केयर तथा घरेलू सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में सबसे ज्यादा नई नौकरियां निकली हैं. पिछले तीन महीनों में खेल क्षेत्र में नौकरियां 41%, ब्यूटी और हेल्थ में 36% और पर्सनल केयर और घरेलू स्वास्थ्य सेवाओं में 34% बढ़ी हैं.