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देश के सबसे ऊंचे रावण के पुतलों की तैयारी, दिल्ली-पंचकूला में 221 फीट और देहरादून में 181 फीट ऊंचाई

अंबाला देश के सबसे ऊंचे रावण के पुतले का रिकार्ड कायम करने वाले अंबाला के बराड़ा ब्लॉक से तेजेंद्र चौहान इस बार देश की राजधानी दिल्ली समेत पंचकूला और देहरादून में रावण के पुतले तैयार कर रहे हैं। हालांकि इस बार राजस्थान के कोटा में चौहान अपने कारीगरों के साथ नहीं पहुंचे हैं, जबकि उक्त तीनों स्थानों पर साढ़े तीन माह से रावण के पुतलों को तैयार किया जा रहा है। इन तीनों पुतलों पर स्थानीय रामलीला कमेटियों द्वारा कुल एक करोड़ दस लाख रुपये का खर्च होगा। इन में ही इन दिनों तेजेंद्र चौहान जुटे हैं और दशहरे से पहले इन रावण के पुतलों को खड़ा कर दिया जाएगा। बता दें कि बराड़ा से शुरु हुआ यह सफर साल 2017 में खत्म हो गया था जब चौहान ने यहां पर 210 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया था। जगह कम होने के कारण इसे पंचकूला शिफ्ट कर दिया गया था जहां पर 221 फीट का पुतला तैयार किया गया था। अब इसी ऊंचाई का पुतला दिल्ली और पंचकूला में तैयार होगा, जबकि देहरादून में इसकी ऊंचाई 181 फीट रखी गई है। तीनों पुतलों पर 20.5 टन लोहा लगेगा चौहान ने बताया कि तीनों स्थानों पर बनने वाले रावण के पुतलों में 20.50 टन लोहे का इस्तेमाल किया जाएगा। ऊचाई के हिसाब से यह तय होता है। दिल्ली और पंचकूला में जो रावण के पुतले तैयार किए जा रहे हैं, उनमें प्रति पुतले में सात टन लोहा इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी तरह देहरनादून में बनने वाले रावण के पुतले में साढ़े छह टन लोहा इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा प्रति पुतले में दो लाख रुपये की आतिशबाजी भी लगाई जाएगी, जो ईको फ्रेंडली होगी। बराड़ा के कारीगर जुटे हैं निर्माण इन तीनों पुतलों को बनाने में अंबाला के ही कारीगर जुटे हैं। बराड़ा से चौहान अपनी टीम लेकर चलते हैं। एक पुतला बनाने में चालीस करीगरों की टीम लगती है यानी तीनों पुतले बनाने में कुल 120 कारीगर जुटे हैं। खास है कि इन पुतलों को बनाने के बाद खड़ा करने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ता है। यह पुतले भी टुकड़ों में बनते हैं। पुतले का हर हिस्सा अलग तैयार किया जाता है और बाद में इनको जोड़ा जाता है। यह पुतले कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगते हैं। देश में बनने वाले रावण के यह सबसे बड़े पुतले हैं। इस तरह से है ऊंचाई  रावण के जो पुतले 221 फीट ऊंचे बनाए जा रहे हैं। उनमें हर हिस्से की अलग ऊंचाई है। इसके तहत रावण के सिर पर 58 फीट का मुकुट, चेहरा 25 फीट, गर्दन 8 फीट और धड़ 90 फीट, पैरों की ऊंचाई 40 फीट, जूतियों की ऊंचाई दस फीट, रावण के हाथ में तलवार 50 फीट, जूते की लंबाई 40 फीट है। इसी तरह रावण का जो पुतला 181 फीट का है, उसमें मुकुट 45 फीट, चेहरा 20 फीट, गर्दन 6 फीट, धड़ 80 फीट, पैर 32 फीट, जूते की ऊंचाई छह फीट तथा लंबाई 36 फीट तथा रावण की तलवार र35 फीट की है।

नोएडा-गाजियाबाद के डूब क्षेत्र में बदलेगा नियम, हजारों घरों को वैध बिजली कनेक्शन देने की तैयारी

लखनऊ  यमुना-हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में रहने वालों को अब मजबूरी में अवैध बिजली कनेक्शन के भरोसे नहीं रहना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन (राज्य परिवर्तन आयोग) ने डूब क्षेत्र के हजारों निवासियों को अस्थायी नियमित बिजली कनेक्शन देने का रास्ता निकाला है। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी करने की तैयारी है। दरअसल, 16 वर्ष पुराने तत्कालीन मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता के एक शासनादेश के कारण पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने गौतमबुद्धनगर के नोएडा और गाजियाबाद के छिजारसी, चोटपुर, शिव विहार, कनावटी आदि यमुना-हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में वर्ष 2010 से बिजली कनेक्शन देने पर रोक लगा रखी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन ने वैध कनेक्शन देने का निकाला रास्ता वैसे तो इस क्षेत्र में निर्माण ही नहीं हो सकता है लेकिन हजारों घर अवैध तरीके से बन चुके हैं। जांच में डूब क्षेत्र के 13 हजार से अधिक घरों (संपत्तियों) में अवैध कनेक्शन के जरिए बड़े पैमाने पर बिजली की चोरी हो रही है। प्रति वर्ष 16 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिजली चोरी का मामला हाल ही में मुख्यमंत्री के समक्ष आयोग के सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) मनोज कुमार सिंह ने उठाते हुए कहा था कि निजी व्यक्तियों के माध्यम से पूरे क्षेत्र में अवैध तरीके से बिजली आपूर्ति कर 11 रुपये यूनिट तक की वसूली की जा रही है। विद्युत वितरण निगम के कार्मिकों की मिलीभगत से हो रही वसूली का एक भी पैसा कॉरपोरेशन को नहीं मिल रहा है। योगी ने इस पर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर नाराजगी जताते हुए डूब क्षेत्र के निवासियों को वैध कनेक्शन देने का रास्ता निकालने के निर्देश दिए थे। सिंह ने बताया चूंकि बिजली मूलभूत आवश्यकता है इसलिए न्यायालय व प्रशासनिक आदेश के साथ ही ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट आदि पर सभी पहलुओं से विचार-विमर्श करते हुए सशर्त कनेक्शन देने का रास्ता निकाला गया है। इस पर मुख्यमंत्री की सहमति मिलते ही आदेश जारी कर दिया जाएगा। सिंह ने बताया कि जब तक डूब क्षेत्र के अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्यवाही नहीं की जाती है तब तक वहां के निवासियों को अंतरिम रूप से अस्थाई नियमित बिजली कनेक्शन बाकायदा कैंप लगाकर दिए जाएंगे। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम व नोएडा पावर कंपनी अपने-अपने डूब क्षेत्र में कनेक्शन देने का पूरा डाटा अलग रखेगा। संपत्ति के निवासियों/कब्जाधारियों द्वारा बिजली के नेटवर्क के विकास और कनेक्शन लागत का खर्च उठाने पर कनेक्शन इस शर्त के साथ दिया जाएगा कि कनेक्शन को कभी निवास का कोई वैधानिक अधिकार/स्वामित्व का प्रमाण पत्र नहीं माना जाएगा। कोर्ट आदि के आदेश पर परिसर/संपत्तियों को खाली करना होगा। प्रशासन द्वारा निर्माण हटाए जाने की स्थिति में कनेक्शन काटने के लिए उपभोक्ता से पूछने की आवश्यकता नहीं होगी। बाढ़ आने पर मुआवजा नहीं मांगा जा सकेगा। पर्यावरणीय क्षति मुआवजे आदि का भुगतान उपभोक्ता को ही करना होगा। सिंह का मानना है कि नेटवर्क विकसित कर कनेक्शन देने से विद्युत दुर्घटनाएं रुकने के साथ ही बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा। उपभोक्ताओं को भी बिजली के लिए ज्यादा बिल नहीं देना पड़ेगा।

जन-गण-मन बजा तो सावधान खड़े रहे पाकिस्तानी खिलाड़ी, मोहसिन नकवी के अरमान हुए चकनाचूर

नागोया नागोया में एशियन गेम्स 2026 के पोडियम पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने करोड़ों भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया, जबकि पाकिस्तानी खेमे की सारी हेकड़ी निकालकर रख दी। भारत ने फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। जीत के बाद जब विक्ट्री सेरेमनी में भारत का तिरंगा झंडा सबसे ऊपर लहराया और स्टेडियम में 'जन-गण-मन' की गूंज हुई, तो रजत पदक जीतने वाली पूरी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को मजबूरी में सिर झुकाकर भारतीय राष्ट्रगान के सम्मान में सावधान मुद्रा में खड़ा होना पड़ा। नकवी की चालबाजी और पाकिस्तान के सपने चकनाचूर इस शर्मनाक पल से पहले पाकिस्तानी मीडिया और पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी कई तरह के हवा-हवाई सपने देख रहे थे। चर्चाएं थीं कि नकवी मेडल सेरेमनी के दौरान गोल्ड मेडल बांटने की फिराक में थे ताकि अगर भारतीय टीम इसे लेने से इनकार करे तो भारत पर गाज गिरे। साथ ही पाकिस्तान यह मानकर बैठा था कि वे भारत को हराकर अपना राष्ट्रगान बजवाएंगे और भारतीय खिलाड़ियों को उसके सम्मान में खड़ा होना पड़ेगा। लेकिन भारतीय जांबाज खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी विस्फोटक परफॉर्मेंस से पाकिस्तान के इन तमाम मंसूबों और गंदे मंसूबों को पलक झपकते ही चकनाचूर कर दिया। 2022 से जारी है भारतीय क्रिकेट की बेजोड़ बादशाहत पोडियम पर महिला टीम की ही तरह पुरुष टीम का भी स्वर्णिम परचम लहराना यह साफ दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट अब पाकिस्तान से मील आगे निकल चुका है। साल 2022 के टी20 वर्ल्ड कप (मेलबर्न), 2023 के वनडे वर्ल्ड कप (अहमदाबाद), एशिया कप और अब 2026 एशियन गेम्स तक चाहे पुरुष टीम हो या महिला टीम, भारत ने हर मंच पर पाकिस्तान को बुरी तरह रौंदा है। पाकिस्तान का भारत को हराने का सपना एक बार फिर नागोया की सरजमीं पर हमेशा-हमेशा के लिए दफन हो गया।  

नीरू ढांडा का बड़ा सम्मान, एशियन गेम्स के समापन समारोह में भारत की ध्वजवाहक बनीं

 नागोया  ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा रविवार को एशियाई खेलों के समापन समारोह में भारत की ध्वजवाहक होंगी। नीरू ने एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक और एक टीम रजत पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। 27 वर्षीय नीरू एशियाई खेलों में अपना तीसरा पदक जीतने के एक दिन बाद भारत लौट गई थीं। अब वह समापन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करने के लिए शनिवार सुबह नागोया वापस जाएंगी। खेलों भारतीय अभियान की उप प्रमुख अंजलि भागवत ने शुक्रवार को बताया कि नीरू समापन समारोह में महिला ध्वजवाहक होगी। वह कल सुबह नागोया लौट रही हैं। पुरुष ध्वजवाहक के बारे में फैसला कल किया जाएगा। नीरू ने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मनीषा कीर और आशिमा अहलावत के साथ मिलकर महिलाओं की टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। इसके बाद उन्होंने काइनन चेनाई के साथ जोड़ी बनाकर ट्रैप मिक्स्ड टीम में स्वर्ण पदक जीता।

बिहार में मत्स्य पालन को बढ़ावा, 9,685 किसानों को निशुल्क ट्रेनिंग; आधुनिक तकनीक का मिलेगा ज्ञान

पटना  सरकार मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्य के 10 हजार किसान मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी है। मत्स्य पालकों को यह प्रशिक्षण न सिर्फ राज्य में, बल्कि देश के प्रसिद्ध संस्थानों में दिलाया जाएगा। मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना का उद्देश्य राज्य के मत्स्य किसानों को नवीनतम मात्स्यिकी तकनीकों एवं मत्स्य पालन की आधुनिक विधियों में प्रशिक्षित करना है, जिससे मछली उत्पादन के साथ-साथ उनकी वार्षिक आय में वृद्धि हो सके। यह प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क है। निबंधन शुल्क के अलावा लाभार्थियों से कोई अन्य राशि नहीं ली जाती है। इस प्रशिक्षण से यह लाभ हो रहा है कि राज्य के मत्स्य उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। व्यवसाय से जुड़े किसानों की जिंदगी में आर्थिक समृद्धि आ रही है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 9,685 (लगभग 10 हजार) किसानों को मछली पालन का निशुल्क प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस कार्यक्रम के तहत राज्य के अंदर और बाहर स्थित प्रतिष्ठित मात्स्यिकी संस्थानों में कुल 332 बैचों में दस हजार मत्स्य कृषकों/मछुआरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। 70 हजार से अधिक को दिया गया प्रशिक्षण मछली उत्पादन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य में अब तक 70,221 मछली पालकों को राज्य के भीतर एवं बाहर स्थित मत्स्य संस्थानों में निशुल्क आधुनिक प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें 52,485 मछली पालकों को राज्य के भीतर तथा 17,726 मछली पालकों को राज्य के बाहर के संस्थानों में प्रशिक्षित किया जा चुका है। भ्रमण-दर्शन कार्यक्रम के तहत अब तक 47,409 से अधिक मछली पालकों को राज्य में विकसित आर्द्रभूमि एवं बायोफ्लाक इकाइयों की निर्माण प्रक्रिया से अवगत कराने के लिए निशुल्क कराया गया है। राज्य ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में पाई बड़ी सफलता बिहार में मछली उत्पादन में लगातार वृद्धि हो रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य का कुल मछली उत्पादन 9.69 लाख टन था, जो 2025-26 में बढ़कर 10.28 लाख टन हो गया। सरकार के प्रयासों से 8,262 हेक्टेयर में नए जल क्षेत्र का सृजन, 4,305 हेक्टर में नया तालाब का निर्माण, 2,380 हेक्टेयर चौर भूमि में आधुनिक तालाबों का निर्माण और 5,301 ट्यूबवेल का अधिष्ठापन किया गया है।

फटे और रूखे होंठों से मिलेगा छुटकारा, घर पर ऐसे बनाएं चुकंदर का नेचुरल लिप बाम

होंठ हमारे चेहरे का एक ऐसा हिस्सा हैं, जिनकी खूबसूरती पूरे चेहरे की रंगत को निखार देती है. लेकिन बदलते मौसम में होंठों का खास ख्याल रखना जरूरी हो जाता है. ठंडी और सूखी हवा, तेज धूप, कम पानी पीना या होंठों को बार-बार चाटने की आदत की वजह से होंठ रूखे और बेजान नजर आने लगते हैं. कई बार इनमें दरारें भी पड़ जाती हैं और होंठों से पपड़ी निकलने लगती है. ऐसे में होंठों को मुलायम और मॉइश्चराइज रखने के लिए लोग लिप बाम का इस्तेमाल करते हैं. मार्केट में अलग-अलग तरह के लिप बाम आसानी से मिल जाते हैं लेकिन आप नेचुरल तरीके से अपने होंठों का ख्याल रखना चाहते हैं तो घर पर चुकंदर की मदद से आसानी से लिप बाम बना सकते हैं. यह न सिर्फ होंठों को गहराई से मॉइश्चराइज रखता है, बल्कि उन्हें नेचुरल गुलाबी रंग भी देता है. तो आइए जानते हैं घर पर आसानी से चुकंदर का लिप बाम कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होगी.   इंग्रेडिएंट्स (Ingredients) 1 मीडियम साइज चुकंदर 1 चम्मच नारियल तेल 1 चम्मच बादाम का तेल 1 चम्मच कद्दूकस किया हुआ बी वैक्स (मधुमोम) या वैसलीन 1-2 बूंद विटामिन E ऑयल (ऑप्शनल) चुकंदर का लिप बाम घर पर कैसे बनाएं?     लिप बाम बनाने के लिए सबसे पहले चुकंदर को अच्छी तरह धोकर उबाल लें. जब चुकंदर नरम हो जाए तो इसे निकालकर ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद चुकंदर को छीलकर अच्छी तरह पीस लें.     अब एक छोटे बर्तन में पिसा हुआ चुकंदर, नारियल तेल, बादाम का तेल, बी वैक्स और विटामिन E ऑयल डालें. अगर बी वैक्स उपलब्ध नहीं है तो इसकी जगह थोड़ी वैसलीन इस्तेमाल कर सकते हैं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं और धीमी आंच पर गर्म करें. मिश्रण को तब तक गर्म करें, जब तक सभी चीजें अच्छी तरह मिलकर एकसार न हो जाएं.     अब गैस बंद कर दें और तैयार मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद इसे किसी साफ और छोटे कंटेनर में डालकर फ्रिज में रख दें. ठंडा होने के बाद आपका होममेड चुकंदर लिप बाम तैयार है. इसे जरूरत के अनुसार होंठों पर लगा सकते हैं. चुकंदर से बने लिप बाम के फायदे चुकंदर होंठों को हल्का नेचुरल टिंट देने में मदद कर सकता है. वहीं, नारियल और बादाम का तेल होंठों की ड्राइनेस कम करने और उन्हें मुलायम रखने में मदद करते हैं. बी वैक्स या वैसलीन होंठों पर एक परत बनाने में मदद करता है, जिससे नमी लंबे समय तक बनी रह सकती है. इन बातों का रखें ध्यान इस लिप बाम को इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें. अगर लगाने के बाद जलन, खुजली या किसी तरह की एलर्जी महसूस हो तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें. आप चाहें तो ताजे साबुत चुकंदर की जगह चुकंदर पाउडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. होममेड लिप बाम में प्रिजर्वेटिव नहीं होते, इसलिए इसे कम मात्रा में बनाएं और साफ, सूखे कंटेनर में रखें. लंबे समय तक स्टोर करने के बजाय इसे थोड़े समय में इस्तेमाल कर लेना बेहतर है.

विराट कोहली का 41वां डक, जेडन सील्स की जादुई गेंद ने चंडीगढ़ वनडे में पहली ही गेंद पर किया आउट

न्यू चंडीगढ़ न्यू चंडीगढ़ के पीसीए स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे तीसरे और अंतिम वनडे मुकाबले में कैरेबियाई तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने एक जादुई गेंद पर भारतीय दिग्गज विराट कोहली को गोल्डन डक पर पवेलियन भेज दिया। शानदार फॉर्म में चल रहे विराट कोहली का इस तरह पहली ही गेंद पर आउट होना भारतीय फैंस के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था। विराट कोहली काफी अच्छे फॉर्म में हैं, लेकिन किसी ने उम्मीद नहीं की होगी कि विराट कोहली की पारी का अंत कुछ ऐसा होगा। बता दें कि विराट कोहली अपने इंटरनेशनल करियर में 41वीं बार डक पर आउट हुए हैं। 2025 ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद पहला डक! शुभमन गिल के आउट होने के बाद विराट कोहली जल्दी ही क्रीज पर उतरे थे। जेडन सील्स ने मिडिल स्टंप की लाइन पर फुल लेंथ गेंद फेंकी, जो टप्पा खाने के बाद सीधी रही। विराट ने इसे फ्लिक करने का प्रयास किया, लेकिन पूरी तरह बीट हो गए और गेंद सीधे जाकर उनके मिडिल स्टंप से टकराई। यह देर 2025 में हुए ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद पहली बार है जब विराट कोहली वनडे में डक पर आउट हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया में विराट लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट हुए थे। शुभमन गिल ने जीता टॉस, अंशुल कंबोज का डेब्यू सीरीज के इस अंतिम मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। शुरुआती दोनों वनडे मुकाबलों को 8-8 विकेट से जीतकर सीरीज पर पहले ही 2-0 से कब्जा जमा चुकी भारतीय टीम ने तीसरे मैच के लिए अपनी प्लेइंग-11 में तीन बड़े बदलाव किए। अंशुल कंबोज को वनडे में डेब्यू करने का मौका मिला है। वहीं नितीश कुमार रेड्डी की प्लेइंग-11 में वापसी हुई है। इसके अलावा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को टीम में शामिल किया गया है। वेस्टइंडीज की शर्मनाक क्लीन स्वीप से बचने की कोशिश सीरीज पहले ही जेब में होने के बावजूद, वेस्टइंडीज ने जेडन सील्स की इस तूफानी गेंद से भारतीय टॉप-ऑर्डर को शुरुआती झटके देकर मैच में रोमांच बरकरार रखा है। वेस्टइंडीज की टीम इस मुकाबले को किसी भी हाल में अपने नाम करना चाहेगी, ताकि वे क्लीन स्वीप के शर्म से बच सके। पिछले वनडे में 400 से ज्यादा रन बनाने के बाद भी वेस्टइंडीज को हार का सामना करना पड़ा था।  

बिहार में सोलर एनर्जी पर जोर, 5,500 करोड़ रुपये से कृषि फीडरों का होगा सोलराइजेशन

 पटना  शहर का कचरा अब सिर्फ सफाई की चुनौती नहीं, कमाई का जरिया भी बनेगा। खेतों के फीडर सूरज की ऊर्जा से चलेंगे। गांधी जयंती पर बापू टावर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास, पर्यावरण और शिक्षा से जुड़े लक्ष्यों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि पटना के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से करीब 50 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य है। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी बनाई गई है और कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि फीडरों के लिए सरकार 5,500 करोड़ रुपये का अनुदान दे रही है।सोलराइजेशन से किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी खर्च कम करने में मदद मिलेगी। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि बिहार के सभी 38 इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 10 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 700 मॉडल स्कूलों में करीब 3.5 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। विद्यार्थी साथी एप के माध्यम से इन विद्यार्थियों को 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा मिल रही है। शिक्षा के साथ विरासत पर काम मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार शिक्षा के साथ संस्कृति और विरासत के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालयों के लिए बिहार के विशेषज्ञों और सलाहकारों की सेवाएं ली जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने पद्मश्री से सम्मानित ब्रह्मदेव पंडित द्वारा निर्मित गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। वहीं, ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली शुरू करने के साथ सत्याग्रह पत्रिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, सेवा और स्वच्छता जैसे गांधीवादी मूल्यों को विकास योजनाओं से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने बापू टावर को गांधी के जीवन, विचारों और संघर्षों को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर नमन करते हुए कहा कि गांधीजी और शास्त्रीजी का जीवन सादगी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। समारोह में भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, गांधीवादी विचारक रामजी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और बापू टावर के निदेशक विनय कुमार समेत अन्य मौजूद रहे। परिवर्तन समूह के कलाकारों ने गांधी भजन और लोकगीतों को पेश कर कार्यक्रम को यादगार बनाया।  

फोकस भटका तो तुरंत करेगा अलर्ट! Naurable One में लगे हैं 12 EEG सेंसर

आज के समय में बहुत से लोग हैं, जो अपना कॉन्सेंट्रेट बढ़ाने के लिए अलग-अलग ट्रिक का इस्तेमाल करते हैं. अब एक न्यूराबेल नाम की कंपनी ने एक नया हेडफोन लॉन्च किया है. न्यू हेडफोन फोकस को बेहतर करने का काम करेगा. यह ध्यान भटकने पर तुरंत अलर्ट देगा. इस न्यू हेडफोन का नाम Naurable One है. Naurable One को खासतौर से स्टूडेंट और रिसर्च करने वाले स्टूडेंट के लिए तैयार किया गया है. कंपनी ने बताया है कि यह पहला एक ऐसा ब्रेन स्कैनिंग हेडफोन है. इसके अंदर 12 इलेक्ट्रोनएनसेफलॉग्रफी (EEG) सेंसर को नायलन इयरकपस के अंदर इंस्टॉल किया है. ये सेंसर ब्रेन का स्कैनिंग का काम करते हैं. Naurable One हेडफोन की कीमत 499 अमेरिकी डॉलर है और इस महीने से इसकी सेल अमेरिका में शुरू होगी. अन्य देशों में कब तक लॉन्च होगा, उसको लेकर अभी जानकारी शेयर नहीं की है. ब्रेन स्कैनिंग से होगा खुलासा   हेडफोन स्कैनिंग के जरिए जांच पाता है कि ब्रेन कब फोकस होकर काम कर रहा है और कब उसका ध्यान भटक रहा है. ध्यान भटकने पर हेडफोन तुरंत फोकस करने में मदद करता है.   उदाहरण के तौर पर समझें तो एक स्टूडेंट फोकस होकर पढ़ रहा है और उसके बाद अगर उसका ध्यान भटकता है तो हेडफोन उसका अलर्ट देगा, जिसके बाद स्टूडेंट तुरंत अपना फोकस पढ़ाई पर लगा सकेगा. मेडिटेशन में भी मददगार है ये हेडफोन Naurable One, की अन्य खूबी यह है कि इसको मेडिटेशन में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. जब डिवाइस को महसूस होगा कि यूजर फ्लो स्टेट में है और उनका पूरी तरह ध्यान केंद्रित रहा है. इसके बाद जैसे ही यूजर का ध्यान भटकने लगेगा, तो यह दोबारा शुरू हो जाएगा. कंपनी एक न्यू मोबाइल ऐप भी लॉन्च करने जा रही है, जो दिमाग से जुड़े 8 मेट्रिक्स को ट्रैक कर सकता है. इनमें ब्रेन एज, चार्ज, स्पीड, फोकस, वर्कलोड, स्ट्रेस और स्लीपीनेस और अल्फा पीक फ्रीक्वेंसी शामिल है. EEG सेंसर को ऑफ करने का भी फीचर कंपनी ने बताया है कि अगर यूजर चाहे तो EEG सेंसर को ऑफ करके Naurable One हेडफोन को एक सामान्य हेडफोन की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इन हेडफोन के अंदर 40mm बेरिलियम ड्राइवर्स और 6 माइक्रोफोन का इस्तेमाल किया गया है. मिलते हैं कई कमाल के फीचर्स हेडफोन के अंदर ए्क्टिव नॉय कैंसिलेशन (ANC) और ट्रांसपेरेंसी मोड का सपोर्ट मिलता है. बैटरी बैकअप को लेकर कंपनी का दावा है कि EEG ऑन होने पर 12 घंटे तक इसको इस्तेमाल किया जा सकेगा. डेटा को लेकर कंपनी बता चुकी है कि यूजर के डेटा सेफ रहेगा और उसको किसी थर्ड पार्टी को सेल नहीं किया जाएगा.

पटना से सोनपुर तक गंगा पर बनेगा रोपवे, 5 महीने में शुरू हो सकता है निर्माण; जानें पूरी योजना

पटना पटना से सोनपुर तक गंगा के ऊपर रोपवे बनाने की तैयारी तेज हो गई है। करीब सात किलोमीटर लंबे प्रस्तावित रोपवे का निर्माण कार्य अगले पांच महीने में शुरू होने की बात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कही है। यह रोपवे पटना को सीधे सोनपुर स्थित प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर से जोड़ेगा। परियोजना के पूरा होने के बाद लोग गंगा नदी के ऊपर से रोपवे के जरिए पटना से सोनपुर तक पहुंच सकेंगे। मरीन ड्राइव से हरिहरनाथ तक जुड़ेगा रोपवे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के ताज होटल में आयोजित बिहार इन्वेस्टर मीट में इस परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। पटना-सोनपुर रोपवे इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना होगी। बताया गया है कि रोपवे पटना के मरीन ड्राइव क्षेत्र से शुरू होकर सोनपुर के हरिहरनाथ तक जाएगा। पीपीपी मॉडल पर तैयार होगी परियोजना इस रोपवे का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री इससे पहले श्रावणी मेले के उद्घाटन के दौरान भी पटना और सोनपुर के बीच रोपवे बनाने की घोषणा कर चुके हैं। प्रस्तावित रोपवे की लंबाई करीब सात किलोमीटर बताई जा रही है। गंगा के ऊपर से गुजरने वाला यह रोपवे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाने के साथ यात्रा का एक अलग अनुभव भी देगा। पर्यटन को मिलेगा नया आधार सरकार का फोकस बिहार में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर भी है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को अलग-अलग स्थानों पर रोपवे विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि ऐसे प्रोजेक्ट से राज्य में पर्यटन को मजबूती मिलेगी। पटना-सोनपुर रोपवे के जरिए हरिहरनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों को भी वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिल सकेगी। भागलपुर में भी गंगा पर प्रस्तावित है रोपवे बिहार के भागलपुर जिले में भी गंगा नदी पर एक रोपवे बनाने की योजना है। प्रस्तावित रोपवे सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम को अगुवानी गंगा घाट से जोड़ेगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गंगा के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचने का नया माध्यम मिलेगा। मुख्यमंत्री पहले ही इस परियोजना की घोषणा कर चुके हैं। निवेशकों को सुविधाएं देने का भरोसा बिहार इन्वेस्टर मीट में मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने उद्यमियों से बिहार में निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उद्योगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। साथ ही निवेशकों को पूरी सुरक्षा देने का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे। बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध पर जोर मुख्यमंत्री ने गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी बिहार की ओर आता है। इस साल गंगा के जलस्तर ने पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं। बाढ़ से बचाव के लिए सरकार गंगा नदी के दोनों किनारों पर तटबंध बनाने की दिशा में काम कर रही है।