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शुक्र आज से होंगे वक्री, 42 दिन तक इन 4 राशियों को मिल सकता है धन और करियर में फायदा

ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, विवाह, सौंदर्य, सुख-सुविधा, कला और भौतिक सुखों का कारक ग्रह माना जाता है.  ऐसे में जब शुक्र अपनी चाल बदलकर वक्री अवस्था में आता है तो इन सभी क्षेत्रों से जुड़े मामलों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. साल 2026 में शुक्र आज यानी 3 अक्टूबर को वक्री हो रहे हैं और करीब 42 दिनों तक इसी अवस्था में रहेंगे.  ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कुछ राशियों के लिए पुराने मामलों की समीक्षा और रुके हुए कामों को दोबारा देखने का समय हो सकता है. 3 अक्टूबर से 14 नवंबर तक वक्री रहेंगे शुक्र पंचांग आधारित गणना के अनुसार, शुक्र 3 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:45 बजे वक्री होंगे.  इसके बाद 14 नवंबर 2026 को सुबह करीब 5:57 बजे मार्गी हो जाएंगे.  यानी शुक्र की वक्री अवस्था करीब 42 दिनों तक रहेगी. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शुक्र इस दौरान तुला राशि में वक्री गति शुरू करेंगे.  बाद में उनकी स्थिति में बदलाव होगा,14 नवंबर को वे कन्या राशि में मार्गी होंगे. वक्री शुक्र का क्या मतलब है? ज्योतिष में किसी ग्रह के वक्री होने का अर्थ उसकी दिखाई देने वाली गति का पीछे की ओर प्रतीत होना है.  इसे सामान्य तौर पर ग्रह से जुड़े विषयों की समीक्षा और पुराने मामलों पर दोबारा विचार करने से जोड़ा जाता है. शुक्र प्रेम और रिश्तों के साथ धन, लग्जरी, कला और व्यक्तिगत पसंद से भी जुड़े माने जाते हैं.  इसलिए शुक्र वक्री के दौरान पुराने रिश्तों, अधूरे भावनात्मक मामलों, खर्च करने की आदतों और आर्थिक फैसलों को लेकर व्यक्ति दोबारा सोच सकता है. इन 4 राशियों को मिल सकता है फायदा मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र वक्री की अवधि रचनात्मक काम और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े मामलों में नए विचार ला सकती है.  पुराने संपर्क दोबारा काम आ सकते हैं, पहले से अधूरे पड़े किसी प्रोजेक्ट को फिर से शुरू करने का मौका मिल सकता है.  निवेश या पैसे से जुड़े मामलों में जल्दबाजी के बजाय अच्छी तरह जांच करना बेहतर माना जाएगा. कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए घर-परिवार और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों पर ध्यान बढ़ सकता है.  घर की सजावट, प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़ी कोई पुरानी योजना दोबारा सामने आ सकती है.  हालांकि, बड़ी खरीदारी करने से पहले बजट और जरूरत दोनों पर विचार करना जरूरी होगा. धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र वक्री की अवधि आर्थिक मामलों में पुराने संपर्कों से फायदा दिला सकती है.  पहले अटकी हुई कोई पेमेंट या काम दोबारा चर्चा में आ सकता है.  करियर में भी पुराने अनुभवों का इस्तेमाल करके आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है. कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों के लिए यह समय उच्च शिक्षा, यात्रा, करियर और नए अनुभवों से जुड़े मामलों पर दोबारा विचार करने वाला हो सकता है.  किसी पुराने प्लान को नए तरीके से शुरू करने का अवसर मिल सकता है.  रिश्तों में भी बातचीत के जरिए पुरानी गलतफहमियां दूर करने का मौका मिल सकता है. शुक्र वक्री में किन बातों का रखें ध्यान? शुक्र वक्री के दौरान ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार प्रेम और रिश्तों से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है.  पुराने रिश्ते या भावनाएं दोबारा सामने आ सकती हैं, इसलिए भावनात्मक स्थिति को समझकर ही कोई बड़ा फैसला लेना बेहतर माना जाता है. आर्थिक मामलों में भी इस अवधि को समीक्षा का समय माना जाता है.  अनावश्यक शॉपिंग, महंगी चीजों की खरीदारी या बिना जांच-पड़ताल के बड़े निवेश से बचना उचित हो सकता है.  अपने बजट, खर्च और पुराने वित्तीय फैसलों की समीक्षा करना उपयोगी रहेगा. 19 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक खास अवधि 2026 में शुक्र की वक्री अवस्था के बीच 19 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक शुक्र के अस्त होने की अवधि भी बताई गई है.  इसके बाद 6 नवंबर को शुक्र वक्री अवस्था में कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, 14 नवंबर को मार्गी होंगे. ज्योतिषीय दृष्टि से इसलिए अक्टूबर के दूसरे हिस्से से नवंबर के मध्य तक का समय शुक्र से जुड़े मामलों में विशेष माना जा रहा है.  हालांकि किसी व्यक्ति की कुंडली में इसका प्रभाव उसकी जन्म राशि, लग्न और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग हो सकता है.

दिल्ली में नशे के नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 48 घंटे में 256 आरोपी पकड़े; भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन कवच-15.0’ के तहत नशीले और मन:प्रभावी पदार्थों (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 214 मामले दर्ज कर एक नाबालिग समेत 256 अपराधियों को पकड़ा। 48 घंटों तक चला अभियान दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस के अनुसार, यह अभियान 24 सितंबर को शाम छह बजे से 26 सितंबर को शाम छह बजे तक 48 घंटे तक चलाया गया, जिसके बाद एक अक्टूबर को शाम छह बजे तक बाद की कार्रवाई की गई। इस दौरान दिल्ली ने 1,708 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की।पुलिस ने एक बयान में बताया कि अभियान में सभी जिला पुलिस इकाइयों के अलावा अपराध शाखा, स्वापक निरोधी कार्यबल (एएनटीएफ) और विशेष प्रकोष्ठ शामिल रहे। पुलिस ने ऑपरेशन में की ये बरामदगी पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान 111.748 किलोग्राम गांजा, 3.959 किलोग्राम स्मैक/हेरोइन, 107.43 ग्राम कोकीन, 684.22 ग्राम एमडीएमए, 1.057 किलोग्राम चरस, एम्फेटामाइन की 55 गोलियां, अल्प्राजोलम की गोलियां, बुप्रेनॉर्फिन की 162 गोलियां, ट्रामाडोल के 8,026 कैप्सूल व 104 ग्राम मॉर्फिन समेत विभिन्न मादक पदार्थ बरामद किए गए। 15 भगोड़े अपराधियों को किया गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान 15 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार या पकड़ा गया, जबकि एनडीपीएस मामलों में वांछित, फरार सात आरोपियों का भी पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस एक अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा बुरे चरित्र (बीसी) के 140 व्यक्तियों और हिस्ट्रीशीटर की जांच की गई तथा मादक पदार्थ गतिविधियों में संलिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। दो अफ्रीकी नागरिकों को भी पकड़ा उन्होंने ने बताया कि विभिन्न मामलों में विदेशी नागरिक भी पकड़े गए। इनमें तीन नाइजीरियाई नागरिकों को कोकीन और एमडीएमए की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य मामले में दो अफ्रीकी नागरिकों को भी पकड़ा गया। जब्त किए गए चार वाहन पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थों के अलावा विभिन्न मामलों में नकदी, वाहन और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान कुल 23.08 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके साथ ही तीन कार व एक एक स्कूटी समेत चार वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने वजन मापने की तीन इलेक्ट्रॉनिक मशीनें, एक नकदी गिनने की मशीन तथा मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अन्य सामान भी बरामद किए। क्या है ऑपरेशन कवच का उद्देश्य पुलिस ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला, वित्तीय नेटवर्क और उससे जुड़े लाभार्थियों की पहचान कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना भी है।

विदेशों में बसे हरियाणवियों के लिए बनेगा खास मंच, सरकार देगी पंजीकृत एसोसिएशन को बढ़ावा

 चंडीगढ़  हरियाणा की पहचान अब केवल दिल्ली की सीमाओं से लगे एक राज्य तक सीमित नहीं है। खेतों, खलिहानों, खेल के मैदानों, फौजी परंपरा और उद्यमिता से निकली हरियाणा की प्रतिभा पिछले कई दशकों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंची है। किसी ने यूरोप में कारोबार खड़ा किया, किसी ने अफ्रीका में अपनी पहचान बनाई, तो कोई नई पीढ़ी के साथ अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया या खाड़ी देशों में बस गया। ये लोग भले ही हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन अपनी जड़ों से उनका रिश्ता अब भी उतना ही गहरा है। इसी रिश्ते को संस्थागत रूप देने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक नई पहल आरंभ की है। सरकार विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के लोगों को एक मंच पर लाकर पंजीकृत ‘हरियाणवी’ एसोसिएशन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। क्या है मकसद? मकसद सिर्फ एक सामाजिक संगठन खड़ा करना नहीं, बल्कि विदेश में बसे हरियाणवियों के लिए ऐसा नेटवर्क तैयार करना है जो जरूरत के समय सहयोगी, नई पीढ़ी के लिए संस्कृति का वाहक और हरियाणा के लिए दुनिया से जुड़ने का एक मजबूत सेतु बन सके। मजबूत कम्युनिटी सपोर्ट मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस पहल के तहत विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के प्रमुख लोगों, उद्योगपतियों, कारोबारियों, पेशेवरों और आम लोगों को एक साथ जोड़ने की परिकल्पना की गई है। विदेश सहयोग विभाग इन संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है, जो विदेश में रहने वाले हरियाणवियों से जुड़े मामलों में सहयोग का माध्यम बनेगा। निवेश और बिजनेस नेटवर्क विदेश में नया जीवन शुरू करना हमेशा आसान नहीं होता। भाषा, स्थानीय कानून, रोजगार, कारोबार, दस्तावेज, शिक्षा और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां प्रवासी भारतीयों के सामने समय-समय पर आती रहती हैं। लोगों का संगठित नेटवर्क चुनौतियों से पार लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में यही एसोसिएशन स्थानीय स्तर पर एक तरह के ‘सपोर्ट सिस्टम’ के रूप में काम करेगी। विदेश में पहुंचने वाले किसी हरियाणवी युवा को रोजगार की तलाश हो, किसी कारोबारी को संपर्कों की जरूरत हो या किसी व्यक्ति को किसी मुश्किल परिस्थिति में सामुदायिक सहयोग चाहिए।

किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता, मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर; सचिवों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

मुख्यमंत्री योगी की मंशा को धरातल पर उतारने में जुटा मंडी परिषद, किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता  निदेशक कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने नवनियुक्त मंडी सचिवों से किया संवाद     गांधी जी एवं शास्त्री जी की जयंती पर उनके चित्रों पर किया माल्यार्पण   नवनियुक्त मंडी सचिवों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता पर दिया जोर लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी सरकार की किसान हितैषी नीतियों और मंशा के अनुरूप राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा मंडी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं किसान केंद्रित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। यह जानकारी निदेशक मंडी परिषद जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया।    इस अवसर पर निदेशक राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया, वहीं लाल बहादुर शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और देशभक्ति की मिसाल कायम की। दोनों महान विभूतियों का जीवन और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर उन्होंने नवनियुक्त मंडी सचिवों से संवाद किया और मंडी व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ही किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।      निदेशक ने बताया कि प्रदेश में मंडी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से नवनियुक्त मंडी सचिवों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान मंडी सचिवों को मंडी संचालन, विभागीय कार्यप्रणाली, किसानों से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान, राजस्व एवं अन्य प्रक्रियाओं के साथ-साथ मंडी व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन की जानकारी दी जाएगी। मंडी सचिवों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।           निदेशक ने कहा कि मंडियां किसानों के लिए केवल कृषि उपज की बिक्री का केंद्र नहीं हैं, बल्कि किसानों को बेहतर सुविधाएं और उचित वातावरण उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने मंडी सचिवों को निर्देशित किया कि मंडियों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने किसानों की शिकायतों और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण करने तथा मंडी व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।      जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंडी सचिवों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों और आढ़तियों से नियमित संवाद स्थापित करें। मंडी व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेकर उनका समयबद्ध समाधान कराया जाए। कृषि उपज की खरीद-बिक्री से संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।          उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का जोर किसान हितों की रक्षा के साथ-साथ सरकारी व्यवस्थाओं को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने पर है। मंडी सचिव इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उन्हें अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता से निभाना होगा। प्रशिक्षण में विशेष रूप से ऐसे किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए मंडी सचिवों को तैयार किया जाएगा, जो किसी कारणवश आर्थिक अथवा अन्य कठिनाइयों से प्रभावित हैं। किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।    निदेशक विपणन टी.के. शीबू ने बताया कि प्रदेश में मंडी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी सचिवों की भूमिका किसानों और मंडी प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में है। इस अवसर पर मंडी परिषद के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हरियाणा में बारिश का दौर थमा, कुरुक्षेत्र में साफ रहेगा मौसम; 35 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

 कुरुक्षेत्र पिछले दिनों सोमवार को हुई बूंदाबांदी के बाद अब मौसम के मिजाज में सुधार के आसार हैं। अगले एक सप्ताह तक मौसम सामान्यत साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। हालांकि, तापमान में एक-दो डिग्री सेल्सियस तक उतार-चढ़ाव हो सकता है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अक्टूबर के शुरुआती दिनों में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 21 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने के संकेत हैं। मौसम साफ रहने का सबसे अधिक फायदा धान कटाई के काम को मिलेगा। खेतों में खड़ी फसल की कटाई और मंडियों तक फसल पहुंचाने का काम तेजी से किया जा सकेगा। किसान भी मौसम को देखते हुए कटाई का काम जल्द पूरा करने की तैयारी में जुट गए हैं। खेतों में नमी कम होने से कंबाइन मशीनों से कटाई भी तेजी पकड़ेगी। 28 सितंबर की बूंदाबांदी ने बढ़ाई सुबह-शाम की ठंडक सोमवार को दिनभर हुई बूंदाबांदी के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई थी। मंगलवार से बारिश का दौर थमने के बाद दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जबकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस हो रही है। रात के तापमान में भी गिरावट से मौसम सुहावना बना हुआ है। सप्ताह भर साफ रहेगा आसमान कृषि विशेषज्ञ डॉ. दर्शन ने बताया कि आगामी दिनों में अधिकांश समय आसमान साफ या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि कुछ दिनों में हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है। अगर मौसम इसी तरह साफ रहा तो धान कटाई का काम तेज होगा और मंडियों में आवक भी बढ़ सकती है। साफ मौसम से कटाई के बाद फसल को सुखाने में भी किसानों को सुविधा मिलेगी।

रबी फसल पर किसानों को राहत, झारखंड में सिर्फ 1 रुपये में मिलेगा फसल बीमा योजना का लाभ

रांची  बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन की फसल के लिए बीमा के निबंधन का कार्य प्रारंभ हो गया है। इस बार भी किसानों को मात्र एक रुपये में फसल बीमा का लाभ दिया जाए रहा है। राज्य में करीब 18 लाख किसान हैं। सबसे ज्यादा खरीफ सीजन की फसल का बीमा होता है। इस वर्ष खरीफ सीजन के दौरान कुल 17.54 लाख किसानों ने फसल बीमा कराया है। उनकी ओर से मात्र एक रुपये के हिसाब से बीमा का प्रीमियम 17.54 लाख रुपये दिया गया है। जबकि सरकार की ओर से 225.76 करोड़ और केंद्र की ओर से 58.48 करोड़ दिए गए हैं। इसी तरह पिछले वर्ष रबी की फसल बीमा में किसानों की भागीदारी की बात करें तो मात्र 2.65 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। इस वर्ष सरकार ने 49.12 करोड़ रुपये और केंद्र की ओर से 21.09 करोड़ रुपये प्रीमियम दिया गया था। इस बार एक माह पहले शुरू हुआ अभियान कृषि विभाग के सहकारिता विभाग की ओर से इस बार पहली अक्टूबर से ही बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। पहले यह नवंबर माह से शुरू होता था। जिसके चलते कई बार पंजीयन की तिथि बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को बार-बार पत्र लिखना पड़ता था। इस परेशानी से बचने के लिए सहकारिता विभाग की ओर से इस बार अक्टूबर से किसानों का पंजीयन प्रारंभ कर दिया गया है। सहकारी समितियों के निबंधक शशि रंजन ने बताया कि इस बार रबी फसल बीमा में पंजीयन कराने वाले किसानों की संख्या में वृद्धि करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। इन फसलों का कराया जाएगा बीमा बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन की फसल गेहूं, चना, राई-सरसों एवं आलू फसलों को अधिसूचित किया गया है। अधिक से अधिक पात्र किसानों को इस योजना से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता की गतिविधियां संचालित की जा रही है। इस बार विभाग की ओर से विशेष रूप से राज्य के गैर-ऋणी किसानों तक योजना की जानकारी पहुंचाने तथा उन्हें फसल बीमा के दायरे में लाने पर जोर दिया जा रहा है। डिजिटल क्राप सर्वे में तेजी लाने का निर्देश, 15 अक्टूबर तक बढ़ी तिथि राज्य में खरीफ सीजन का अभी तक मात्र 21.97 फीसदी ही डिजिटल क्राप का सर्वे हुआ है। जिसको देखते हुे विभाग ने सभी जिलों उपायुक्तों को इस अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया है। 15 अगस्त से शुरू हुए सर्वे में अब तक राज्य में सर्वे के लिए चिह्नित 2.61 करोड़ प्लाट में से करीब 57.29 लाख प्लाट का ही सर्वे पूरा हो पाया है। जिसमें से 25.48 लाख प्लाट का सर्वे स्वीकृत हुआ है। सर्वे की धीमी प्रगति को देखते हुए कृषि विभाग ने सभी उपायुक्तों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार के आग्रह के बाद डिजिटल क्राप सर्वे की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दी गई है। गांवों में होना है डिजिटल क्राप सर्वे कृषि विभाग की 30 सितंबर की जिला वार रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 32,739 गांवों को डिजिटल क्राप सर्वे के लिए चिह्नित किया गया है। राज्य के 263 प्रखंडों में कुल 2,60,75,447 प्लाट का सर्वे होना है। इसके लिए 26,943 सर्वेयर पंजीकृत किए गए हैं। इनमें 20,901 सर्वेयर पंजीकृत होकर काम कर रहे हैं, जबकि 6,042 सीएससी सर्वेयर भी पंजीकृत हैं। सचिव ने सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में डिजिटल क्राप सर्वे की नियमित निगरानी करने को कहा है। इसके अलावा कृषि विभाग, सीएससी कर्मियों और फील्ड स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है। क्या है डिजिटल क्राप सर्वे डिजिटल क्राप सर्वे खेतों में लगाई जा रही फसल का डिजिटल रिकार्ड तैयार करने की व्यवस्था है। तकनीक की मदद से खेत की लोकेशन, क्षेत्रफल और उसमें लगाई फसल की जानकारी दर्ज की जाती है। इससे सरकार को फसल क्षेत्र और उत्पादन से जुड़े आंकड़े समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। इन आंकड़ों का इस्तेमाल फसल बीमा, कृषि योजनाओं, आपदा राहत, इनपुट वितरण और किसानों को लक्षित सरकारी सहायता जैसी व्यवस्थाओं में किया जा सकता है।

बिहार में बाढ़ से हाहाकार! गंडक समेत कई नदियां उफान पर, 20 की मौत; 19 टीमें राहत-बचाव में जुटीं

पटना बिहार में बाढ़ की स्थिति और भयानक होती जा रही है। गंडक, गंगा, बागमती और घाघरा समेत अन्य नदियों के रौद्र रूप से छह जिलों पूर्वी-पश्चिम चंपारण के अलावा सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है। विशेषकर गंडक अब भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस कारण तटबंधों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि नदियों के जलस्तर में कमी हो रही है, लेकिन इसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि बाढ़ पीड़ितों को जल्द राहत मिलने की गुंजाइश कम है। उधर, राज्य में बाढ़ के पानी में डूबने से 20 लोगों की मौत हो गई। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, सारण के पानापुर और मकेर प्रखंड में क्षतिग्रस्‍त तटबंधों से फैला हुआ पानी पानापुर, करचौलिया, अमनौर, जगदीशपुर, मकेर, परसा से होते हुए आगे बढ़ रहा है, जो दरियापुर प्रखंड के हरदिया चौर में जमा होगा। ⁠हरदिया चौर से अतिरिक्त जल मुगल कैनाल के रास्‍ते गंगा नदी तथा नेऊरा और काकरा नाले से गंडक नदी में प्रवाहित होगा। ⁠वर्तमान में संभावित अतिरिक्त जलप्‍लावन क्षेत्र 22617 हेक्‍टेयर है। प्रभावित तटबंधों की सुरक्षा के लिए विभाग की ओर से रात में विशेष पेट्रोलिंग शुरू की गई है। गोपालगंज को पूर्वी चंपारण, गोपालगंज एवं सारण जिलों को जोड़ने वाली राम-जानकी पथ पर शुक्रवार को तीन फीट से अधिक बाढ़ का पानी बह रहा है। फैजुल्लाहपुर से शीतलपुर जमींदारी बांध तक करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क डूबी हुई है। इसी तरह, पश्चिम चंपारण के गोलाघाट में टूटे चंपारण तटबंध से गंडक का पानी हरपुरवा होकर चंद्रावत में गिरने से बेतिया, बैरिया और नौतन में पानी फैल रहा है। शुक्रवार को पइन काटने के बाद तेज बहाव में बघमम्बरपुर के नीमुईया कुंड के पास पुलिया ध्वस्त हो गई, जिससे पुजहा-बेतिया मार्ग और करीब 50 गांवों का संपर्क कट गया। बैरिया-नौतन में सैकड़ों एकड़ फसल डूबी है और फुलियाखांड़ के सामने करीब 20 हजार लोग प्रभावित हैं। पूर्वी चंपारण के नवादा में दो फीट तथा केसरिया के मझरिया, कढान समेत तीन गांवों में पांच फीट पानी है। मुजफ्फरपुर में गंडक रेवा घाट पर 56 सेमी ऊपर, जबकि बूढ़ी गंडक कांटी में खतरे के निशान से 1.05 मीटर ऊपर है। समस्तीपुर में गंगा सरारी में 45.50 मीटर के खतरे के निशान से 1.40 मीटर ऊपर है और मोहिउद्दीननगर के कई गांवों व विद्यालयों में पानी पहुंच गया है सारण में एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की 19 टीमें तैनात आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ प्रभावित सारण जिले में अतिरिक्त एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें भेजी जा रही हैं। सारण में पहले से एनडीआरएफ की पांच तथा एसडीआरएफ की तीन टीम तैनात हैं। स्थिति की भयावहता को देखते हुए बेतिया से एनडीआरएफ की तीन, गोपालगंज से दो, भागलपुर से दो और सुपौल से एक अतिरिक्त टीम सारण भेजी जा रही है। मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण से एसडीआरएफ की चार टीमें सारण भेजी गई हैं। इस प्रकार सारण में एनडीआरएफ की कुल 12 तथा एसडीआरएफ की सात टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी है। वायुसेना जवान पहुंचा रहे सूखा राशन सारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वायुसेना के हेलिकॉप्टर से अब तक 3000 से अधिक राशन पैकेट गिराए जा चुके हैं। शाम तक 5000 और राशन पैकेट गिराए गए। पटना से 10 हजार, सीवान से 15 हजार, भोजपुर-बक्सर और वैशाली से पांच-पांच हजार पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस प्रकार विभिन्न जिलों से कुल 40000 राशन पैकेट सारण भेजे जा रहे हैं। विभिन्न जिलों से कुल 75000 पॉलिथीन शीट सारण भेजी जा रही हैं। विभाग ने आपातकालीन स्थिति मे राज्य के आपातकालीन संचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर सम्पर्क करने को कहा है। बिहार में डूबने से दो सगी बहनों समेत 20 की मौत बिहार के आठ जिलों में बाढ़ के पानी में डूबने से शुक्रवार को दो सगी बहनों समेत 20 लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक पूर्वी चंपारण जिले में आठ की जान चली गई। सारण में बाढ़ के पानी में डूबकर चार की मौत हो गई, जबकि सात लोग लापता हैं। सीतामढ़ी भी दो बच्चों ने जान गंवा दी। बक्सर के सिमरी प्रखंड में एक किशोर और एक किशोरी की गंगा में डूबने से मौत हो गई। वहीं, गोपालगंज के रामनगर में बाढ़ के पानी में डूबने से बच्चे की मौत हो गई। वहीं, इसी तरह नालंदा के मानपुर गांव में सकरी नदी में डूबने से बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा मधुबनी-समस्तीपुर में भी एक-एक की मौत हो गई। गोपालगंज में शीतलपुर में बांध टूटने पर तीन अभियंता हटाए गए गोपालगंज जिले में शीतलपुर तटबंध टूटने के बाद जल संसाधन विभाग ने कार्यपालक अभियंता समेत तीन अभियंताओं को हटा दिया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल गोपालगंज के कार्यपालक अभियंता मो. साजिद इकबाल और सहायक अभियंता जावेद अंसारी को पटना मुख्यालय में प्रतिनियुक्त किया गया है। उनकी जगह नए अभियंताओं की तैनाती की गई है। विभाग के अनुसार प्रमोद कुमार को नया कार्यपालक अभियंता और रमण रणधीर वर्मा को सहायक अभियंता बनाया गया है।

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर बढ़ी चिंता, किशोर के बाद युवती और 10 साल का बच्चा भी लापता

मथुरा प्रेमानंद महाराज का आश्रम विवादों में घिरता जा रहा है। एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद अब आश्रम आया एक किशोर गायब हो गया है। 17 वर्षीय अनुज चौधरी के परिजन संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज के सामने धरने पर बैठ गए। अपने बेटे की सकुशल बरामदगी की मांग पर बैठे परिजनों ने आश्रम के शिष्यों पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों और परिजनों द्वारा धरना देने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रेमानंद महाराज ऐसे संत हैं जो बहुत ही तेजी से सुर्खियों में आए। वर्ष 2023 के जनवरी महीने में जब विराट कोहली और अनुष्का शर्मा अपनी बेटी के साथ प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे, तब और कहीं तो दूर वृंदावन के अधिकांश लोग भी नहीं जानते थे कि प्रेमानंद महाराज कौन हैं और कहां रहते हैं। प्रेमानंद महाराज का हाईटेक तरीका सोशल मीडिया के दौर में उन्हें तेजी से प्रसिद्धि की ओर ले गया। रात में की जाने वाली उनकी पदयात्रा में लोग जुटने लगे। कई नामचीन शख्सियतों के आने से प्रसिद्धि और बढ़ने लगी। हालांकि पिछले कई महीने से रात में निकलने वाली उनकी पदयात्रा बंद है। इस बीच खबर है कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम के लिए नोएडा से आई एक युवती भी गायब है। उसके पिता उसे खोजते हुए यहां आये हैं। वहीं आश्रम के बाहर ढाबे पर कार्य करने वाली एक महिला का 10 साल का बच्चा भी गायब हो गया है। काफी समय से नहीं आ रहा ताजा वीडियो प्रेमानंद महाराज का काफी समय से उनके यूट्यूब चैनल पर सत्संग का वीडियो नहीं आ रहा है। कुछ समय पूर्व तक पुराने वीडियो दिखाए जा रहे थे लेकिन अब वह भी बंद हैं। जबकि इससे पहले उनके सत्संग के वीडियो लगातार आ रहे थे। उन्हें देखने वालों की संख्या भी बहुत थी। क्या सब कुछ सही चल रहा है? प्रेमानंद महाराज के आश्रम में सब कुछ सही चल रहा है या नहीं, इस बात को हवा तब लगी जब प्रेमानंद महाराज यमुना पार आश्रम बनवाने लगे और वहां चले गए। हालांकि इस पर कोई कुछ बोल नहीं रहा था लेकिन इसे लेकर चर्चा चल निकली थीं। जितने मुंह उतनी बातें लेकिन आश्रम की ओर से कुछ ऐसा नहीं कहा गया, जिससे ऐसा लगे कि कुछ सही नहीं चल रहा। रसिक की मौत ने खड़े किए सवाल पिछले दिनों प्रेमानंद महाराज के शिष्य मूल रूप से जबलपुर निवासी दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए। गौरतलब है कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज के समीप ही बने भवन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रहते हैं। इनमें से ही एक शिष्य चौथे माले से कूद पड़ा। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां पता लगा कि उसका प्राइवेट पार्ट कटा मिला। प्रेमानंद के आश्रम आई युवती और आश्रम के बाहर से बच्चा गायब प्रेमानंद महाराज के आश्रम के लिए नोएडा से आयी एक युवती भी गायब है। उसके पिता उसे खोजते हुए यहां आये हैं। वहीं आश्रम के बाहर ढाबे पर कार्य करने वाली एक महिला का 10 वर्षीय बच्चा भी गायब हो गया है। जिस समय अनुज के परिजन धरना दे रहे थे, उसी समय नजफगढ़ की रहने वाली अनीता वहां पहुंची। अनीता ने अपने 10 वर्षीय बेटे वंश के गायब होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वो अपने बेटे के साथ आश्रम के बाहर स्थित एक ढाबे में खाना बनाने का काम करती है। छह दिन पहले वह किसी काम से गांव गई थीं और अपने बेटे को ढाबे पर छोड़ गई थीं। पहले भी वह बेटे को ढाबे पर ढाबा मालिक के पास छोड़ जाती थीं। इस बार जब लौटीं तो उसका बेटा गायब था। उधर नोएडा के सेक्टर 56 के रहने वाले उमेश सिन्हा अपनी 38 साल की बेटी विभा को आश्रम के बाहर तलाशते नजर आए। उनका कहना था कि उनकी बेटी विभा 15 अगस्त को घर से संत प्रेमानंद आश्रम के लिए निकली थी। उनकी बेटी महाराज जी से दीक्षा लेना चाहती थी। लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं लग सका है। इसकी शिकायत नोएडा पुलिस में दर्ज करा दी थी। बेटी को खोजने वह यहां आये हैं लेकिन यहां उसका पता नहीं चल रहा है। पूरा परिवार विभा के न मिलने से परेशान है।

भारत-वेस्टइंडीज तीसरा वनडे आज: गिल की टीम की नजर सीरीज में 3-0 पर, प्लेइंग XI में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली  भारतीय वनडे टीम शनिवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज क्लीन स्वीप करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। भारतीय टीम ने शुरुआती दोनों वनडे में धमाकेदार प्रदर्शन किया है और बड़े अंतर से वेस्टइंडीज को मात दी है। तीसरे और आखिरी वनडे में शुभमन गिल के नेतृत्व वाली भारतीय टीम प्लेइंग इलेवन में बदलाव के साथ उतरेगी। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह अंशुल कंबोज को मौका मिला है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा वनडे न्यू चंडीगढ़ में दोपहर दो बजे से शुरू होगा। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जस्टिन ग्रीव्स के शतक की बदौलत 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 295 रन बनाए। भारत ने ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में शुभमन गिल (110) और विराट कोहली (139) के शतकों की बदौलत 41.1 ओवर में 2 विकेट पर 300 रन बनाकर मैच अपने नाम किया। दूसरा वनडे में भारत ने मारी बाजी गुवाहाटी में खेला गया दूसरा वनडे हाईस्कोरिंग रहा। वेस्टइंडीज के तीन बल्लेबाज जॉन कैम्पबैल (101), शाई होप (104) और आमिर जंगू (114) ने शतक ठोका। इन शतकीय पारियों की मदद से वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 405 रन बनाए। जोकि वनडे में वेस्टइंडीज का हाईएस्ट स्कोर है। इसके जवाब में भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने शतक (101) लगाया। वहीं भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने दोहरा शतक लगाते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। गिल ने 133 गेंद में नाबाद 223 रन बनाए। भारत ने 43.3 ओवर में 2 विकेट पर 406 रन बनाकर मैच जीता। भारत बनाम वेस्टइंडीज तीसरा वनडे IND vs WI Live Socre: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मैच शनिवार को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। मैच दोपहर दो बजे शुरू होगा और टॉस डेढ़ बजे होगा।

शूट-ऑफ में परफेक्ट 10 लगाकर कुमकुम मोहद ने जीता गोल्ड, महिला रिकर्व में भारत का पहला स्वर्ण

नई दिल्ली  एशियन गेम्स 2026 में भारत की 17 वर्षीय युवा तीरंदाज कुमकुम मोहद ने इतिहास रच दिया है। महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा के बेहद उतार-चढ़ाव और रोमांच से भरे फाइनल मुकाबले में कुमकुम ने दक्षिण कोरिया की दिग्गज तीरंदाज ओह येजिन को शूट-ऑफ में पछाड़कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में गोल्ड मेडल जीता है। इसके साथ ही मौजूदा एशियाई खेलों में कुमकुम का यह दूसरा स्वर्ण पदक है जबकि भारतीय तीरंदाजों का इस साल यह 5वां गोल्ड रहा। शुरुआती सेट में पिछड़ने के बाद की शानदार वापसी गोल्ड मेडल मुकाबले की शुरुआत भारतीय तीरंदाज के लिए आसान नहीं रही। दक्षिण कोरिया की ओह येजिन ने पहला सेट 29-27 से जीतकर बढ़त बनाई। इसके बाद दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और सेट 29-29 से बराबर रहा जिससे कुमकुम 1-3 से पिछड़ गईं। हालांकि, दबाव के बावजूद 17 साल की कुमकुम ने हिम्मत नहीं हारी और तीसरे सेट में लगातार तीन परफेक्ट 10 लगाकर शानदार वापसी की और मुकाबले को 3-3 से बराबर कर दिया। सांस रोक देने वाले मोड़ पर पहुंचा मुकाबला चौथे सेट में एक 8 के स्कोर के कारण कुमकुम को सेट गंवाना पड़ा और वह 3-5 से पीछे हो गईं। अब पांचवां सेट कुमकुम के लिए करो या मरो का बन चुका था। यहां भारतीय सनसनी ने अपने अदम्य साहस और सटीक निशानेबाज़ी का मुजाहिरा करते हुए पांचवां सेट जीता और मुकाबले का स्कोर 5-5 से बराबर कर लाइव मैच को शूट-ऑफ में धकेल दिया। शूट-ऑफ में परफेक्ट 10 से रचा इतिहास शूट-ऑफ में गोल्ड मेडल का फैसला केवल एक-एक तीर से होना था। दबाव के इस पल में दक्षिण कोरिया की ओह येजिन चूक गईं और केवल 8 का स्कोर ही कर सकीं। इसके ठीक बाद कुमकुम मोहद ने बिना किसी झिझक के सटीक निशाना साधते हुए परफेक्ट 10 जड़ा और भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिला दिया। पहले ही लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का टिकट पक्का कर चुकीं कुमकुम की इस अविश्वसनीय खिताबी जीत से पूरे देश में खुशी की लहर है।