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प्रणवी उर्स का ऐतिहासिक गोल्ड, एशियन गेम्स में पहली बार भारतीय महिला ने गोल्फ में जीता स्वर्ण

नई दिल्ली भारत के लिए आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स-2026 काफी ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं। आज यानी शनिवार को भी भारत के हिस्से कुछ ऐतिहासिक उपलब्धियां आई हैं जिनमें से एक है गोल्फ में महिला खिलाड़ी प्रणवी उर्स का गोल्ड मेडल। प्रणवी एशियन गेम्स में गोल्फ में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। प्रणवी के इस प्रदर्शन से भारतीय टीम भी सिल्वर मेडल अपने नाम करने में सफल रही। प्रणवी ने कुल 15 अंडर 265 के स्कोर के साथ गोल्ड पर कब्जा जमाया। चीन की यिन रुओनिंग के हिस्से सिल्वर आया तो वहीं सिंगापुर की शैनन टन ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। मेरा नाम होगा पहला इस जीत के बाद प्रणवी खुशी से फूली नहीं समा रही हैं और उन्हें अपने आप पर इस बात का गर्व है कि वह एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक गोल्ड जीतने के बाद उन्होंने कहा, "मुझे कोई भी काम सबसे पहले करना पसंद है। लोग आगे और भी बहुत कुछ करेंगे, लेकिन मेरा नाम हमेशा पहला ही रहेगा।" प्रणवी के अलावा सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय टीम में अदिति अशोक (फाइनल राउंड में 67) और दीक्षा डागर (फाइनल राउंड में 77) शामिल थीं। अदिति ने पिछले एशियाई खेलों में सिल्वर जीता था। इस बार वह टू-ओवर 282 के कुल स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 14वें स्थान पर रहीं। वहीं दीक्षा 12-ओवर के कुल स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 23वें स्थान पर रहीं। टीम मेडल का फैसला इस बात से लिया जाता है कि लीडरबोर्ड पर दो सर्वश्रेष्ठ स्कोरर कौन हैं। ऐसी स्थिति में भारत का कुल स्कोर 14-अंडर 546 का रहा। चीन के पास गोल्ड गया। उसका स्कोर 22-अंडर 538 रहा। 2002 के बाद पहला मेडल प्रणवी ने इस मेडल के साथ ही लंबा सूखा खत्म किया है। उनका यह मेडल 2002 में शिव कपूर के पुरुषों के व्यक्तिगत इवेंट में गोल्ड जीतने के बाद भारत का पहला गोल्फ गोल्ड मेडल है। यह 1982 के दिल्ली एशियाई खेलों के बाद भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन भी था। उसी साल गोल्फ को इन खेलों में शामिल किया गया था।  

भारत-पाकिस्तान फाइनल में हाई-वोल्टेज ड्रामा, वैभव के आउट होने पर अयूब का जश्न; अगली गेंदों पर अभिषेक का पलटवार

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में भारत और पाकिस्तान के बीच जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला। भारतीय बल्लेबाजी के दौरान तीसरे ओवर में पाकिस्तानी गेंदबाज सैम अयूब ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को आउट करने के बाद उनके सामने विवादित बेबी सेलिब्रेशन किया। हालांकि, सैम अयूब की यह आक्रामकता उन पर ही भारी पड़ गई क्योंकि अगली ही गेंद पर क्रीज पर मौजूद आक्रामक ओपनिंग बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने बल्ले से ऐसा पलटवार किया कि सैम अयूब के पसीने छूट गए। सैम अयूब का विवादास्पद जश्न पारी के तीसरे ओवर की पहली ही गेंद पर सैम अयूब ने वैभव सूर्यवंशी (15 रन, 9 गेंद) को अपने जाल में फंसाया। वैभव रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश में विकेटकीपर उस्मान खान को कैच दे बैठे। उस्मान खान ने कैच लपकने के दौरान थोड़ी ढील दी और गेंद उनकी छाती से टकराकर कई बार जगल हुई लेकिन अंत में उन्होंने कैच पूरा कर लिया। 14 साल के युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव का विकेट लेने के बाद सैम अयूब ने उकसाने वाले अंदाज में बेबी सेलिब्रेशन किया, जिसे देखकर क्रिकेट फैंस काफी नाराज नजर आए। अभिषेक शर्मा का करारा प्रहार सैम अयूब की इस हरकत का जवाब भारत के स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने बल्ले से दिया। ओवर की चौथी गेंद पर सैम अयूब ने थोड़ी शॉर्ट गेंद डाली, जिस पर अभिषेक ने करारा पुल शॉट जड़ते हुए गेंद को वाइल्ड लॉन्ग-ऑन के ऊपर से सीधे 6 रनों के लिए भेज दिया। अगली ही गेंद पर अयूब ने फिर लंबाई में गलती की और अभिषेक ने इस बार फिर बैकफुट पर जाकर गेंदबाज के सिर के ऊपर से मिड-ऑन को पार करते हुए शानदार चौका बटोर लिया। सैम अयूब के एक ही ओवर में लुटाए 15 रन इसके बाद भी अभिषेक का कहर नहीं रुका। ओवर की आखिरी गेंद पर सैम अयूब की ओर से कोई खास छोटी गेंद नहीं फेंकी गई थी, लेकिन अभिषेक ने क्रीज की गहराई का फायदा उठाते हुए ऐसा गगनचुंबी सीधा शॉट जड़ा और एक और चौका बटोरा।  

भारत-पाकिस्तान फाइनल में रोमांच चरम पर, अभिषेक ने ठोका 61 रन; तिलक वर्मा 51 पर नाबाद

 नई दिल्ली आज भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट स्पर्धा का फाइनल खेला जा रहा। दोनों टीमों की निशिन सिटी के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में टक्कर हो रही है। भारत ने पाकिस्तान के सामने 212 रनों का टारगेट रखा है। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट पर 211 रन जुटाए। यह भारत का T20I में पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ा स्कोर है। भारत की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। वैभव सर्यवंशी 9 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें दो सिक्स हैं। उन्हें तीसरे ओवर में सईम अयूब ने पवेलियन भेजा। सूर्यवंशी ने अभिषेक शर्मा के साथ 28 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप की। संजू सैमसन (4 गेंदों में 2) भी सस्ते में लौटे। उन्हें अहमद दानियाल ने चौथे ओवर में आउट किया। अभिषेक और तिलक ने लगाई तूफानी फिफ्टी सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने तूफानी अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 28 गेंदों में तीन चौकों और सात छक्कों की मदद से 61 रन बनाए। उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 42 रनों की साझेदारी की। अभिषेक को अराफात मिन्हास ने आठवें ओवर में स्टंप आउट कराया। अराफात ने 14वें ओवर में ईशान किशान (18 गेंदों में 20, तीन चौके) का शिकार किए। ईशान ने अय्यर के साथ चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़े। भारत को पांचवां झटका अय्यर के रूप में लगा। उन्होंने 24 गेंदों में दो चौकों के जरिए 21 रन बटोरे। उन्हें अबरार अहम ने 15वें ओवर में अपना शिकार बनाया। अय्यर जब लौटे, तब भारत का स्कोर 133 था। इसके बाद, शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने तूफानी बैटिंग की। दोनों ने छठे विकेट लिए 30 गेंदों में 62 रन जोड़े। दानियाल ने 20वें ओवर की पहली गेंद पर दुबे को आउट किया। उन्होंने 15 गेंदों में दो चौकों और दो छक्कों की बदौलत 27 रन की पारी खेली। उपकप्तान तिलक 22 गेंदों में 51 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने तीन चौके और चार छक्के ठोके। भारत ने आखिरी चार ओवर में 69 रन बटोरे। भारत की प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह। पाकिस्तान की प्लेइंग XI: साहिबजादा फरहान (कप्तान), माज सदाकत, उस्मान खान (विकेटकीपर), सईम अयूब, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, साद मसूद, अबरार अहमद, सुफियान मुकीम। भारत ने दिया 212 का टारगेट भारत ने पाकिस्तान को 212 रनों का बड़ा टारगेट दिया है। भारत ने आखिरी ओवर में 16 रन जुटाए और शिवम दुबे (27) का विकेट गंवाया। तिलक वर्मा 51 और अक्षर पटेल 1 रन बनाकर नाबाद रहे।  

भोपाल पहुंचे केंद्रीय मंत्री अमित शाह, देर रात स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

भोपाल  .केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार रात 12 बजे भोपाल पहुंचे। स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डीजीपी कैलाश मकवाना, भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार और भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने उनका स्वागत किया। दिल्ली में व्यस्तता के चलते शाह करीब ढाई घंटे की देरी से भोपाल के लिए रवाना हुए। इसके चलते मंत्रियों और विधायकों को स्टेट हैंगर से वापस घर भेज दिया गया था। गोपालक सम्मेलन में 35 हजार लोग शामिल होंगे भोपाल में आयोजित गोपालक सम्मेलन में 35 हजार से अधिक गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य शामिल होंगे। इसमें भोपाल के अलावा सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन और नर्मदापुरम सहित कई जिलों से प्रतिभागियों के पहुंचने की जानकारी है। सम्मेलन में अमित शाह को प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष के तहत किए गए कार्यों और बलराम कृषि महोत्सव की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए गृह, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभाग अपने-अपने कार्यों और योजनाओं का प्रस्तुतीकरण करेंगे। पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को मदद कार्यक्रम में शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरित करेंगे। गौशालाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। डेयरी क्षेत्र में भी कई घोषणाएं दौरे के दौरान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और डेयरी प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात भी प्रस्तावित है। इनमें उज्जैन में 255 करोड़ रुपए का डेयरी प्लांट और भोपाल में फॉर्म्युलेटेड/फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट से जुड़ी सुविधा शामिल है। भोपाल दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट पर 16.80 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इससे दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने की योजना है। किसान फोकस क्यों? मध्यप्रदेश विधानसभा में 2026 में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश में 1,11,88,295 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी थी। सरकार ने विधानसभा में कहा कि जिलावार फार्मर आईडी की जानकारी परिशिष्ट में दी गई है और शेष किसानों की आईडी बनाने की प्रक्रिया जारी है। यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि फार्मर आईडी की संख्या को किसान वोटरों की संख्या नहीं माना जा सकता। मतदाता सूची में मतदाताओं को किसान या गैर-किसान के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जाता। इसलिए किसी जिले में कितने किसान मतदाता हैं, इसका अलग आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक के आंकड़ों में भी मध्यप्रदेश में 1.04 करोड़ से अधिक किसान आईडी बनने की जानकारी दी गई थी। जून तक राज्य सरकार का आंकड़ा बढ़कर 1.11 करोड़ से अधिक हो गया।

पेंग्विन पर मंडराया बड़ा संकट, पेरू में 3,000 से घटकर 500 रह गई संख्या

लीमा पेरू के पुंटा सैन जुआन इलाके में हम्बोल्ट पेंग्विन की संख्या तेजी से कम हो रही है. यहां कभी करीब 3,000 पेंग्विन रहते थे, लेकिन 2025 तक इनकी संख्या 500 से भी कम रह गई. अब समुद्र का बढ़ता तापमान और संभावित 'सुपर अल-नीनो' इन पेंग्विन के लिए नई परेशानी बन रहा है. इससे पहले बर्ड फ्लू और अल-नीनो की वजह से भी इनकी संख्या में बड़ी गिरावट आई है।  पुंटा सैन जुआन पेरू के दक्षिणी तट पर मौजूद करीब 133 एकड़ का समुद्री रिजर्व है. यह जगह हम्बोल्ट पेंग्विन और कई दूसरे समुद्री पक्षियों के लिए अहम है. लेकिन पिछले कुछ सालों में यहां हालात तेजी से बदले हैं. 2022 और 2023 में फैले एवियन फ्लू से बड़ी संख्या में समुद्री पक्षी प्रभावित हुए. इसके बाद अल-नीनो आया और समुद्र का पानी गर्म हो गया. इससे पेंग्विन के लिए खाना ढूंढना मुश्किल हो गया।  समुद्र गर्म हुआ तो खाना दूर चला गया हम्बोल्ट पेंग्विन पेरू और चिली के सूखे तटीय इलाकों में रहते हैं. इनका मुख्य खाना एंकोवी मछली है. पेरू के तट के पास हम्बोल्ट करंट नाम की ठंडी समुद्री धारा बहती है. यह पानी पोषक तत्वों से भरपूर होता है, इसलिए यहां काफी मछलियां मिलती हैं।  अल-नीनो के समय समुद्र का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इसका असर समुद्र की धाराओं और मछलियों पर भी पड़ता है. एंकोवी मछलियां ज्यादा गहराई में या तट से दूर चली जाती हैं. ऐसे में पेंग्विन को खाना ढूंढने के लिए ज्यादा दूर जाना पड़ता है. खाना कम मिलने पर पेंग्विन अपने अंडों और घोंसलों को छोड़ सकते हैं. कुछ पेंग्विन दूसरे इलाकों में भी चले जाते हैं. कई बार खाना ढूंढते हुए उनकी मौत तक हो जाती है।  हजारों से सिमटकर कुछ सौ रह गए 2012 में पुंटा सैन जुआन में करीब 3,000 हम्बोल्ट पेंग्विन थे. 2025 तक यह संख्या 500 से भी कम रह गई. वैज्ञानिकों की निगरानी में यहां खाली घोंसले और अंडे भी देखे गए हैं. पूरे पेरू के तट पर भी पेंग्विन की संख्या घटी है. 2022 में अलग-अलग द्वीपों और तटीय इलाकों में करीब 15,663 हम्बोल्ट पेंग्विन गिने गए थे. 2025 में यह संख्या करीब 5,400 रह गई।  बर्ड फ्लू ने भी पहुंचाया नुकसान पेंग्विन की संख्या कम होने की एक बड़ी वजह एवियन फ्लू भी है. 2022 और 2023 में यह बीमारी पेरू के समुद्री इलाकों में तेजी से फैली थी. इससे समुद्री पक्षियों के साथ समुद्री शेर और सील जैसे जानवर भी प्रभावित हुए. इसके बाद अल-नीनो ने पेंग्विन के खाने की समस्या बढ़ा दी।  इसके अलावा इंडस्ट्रियल फिशिंग यानी बड़े स्तर पर मछली पकड़ने से भी एंकोवी जैसी मछलियों पर दबाव बढ़ता है. इससे पेंग्विन के लिए खाना और कम हो सकता है. वैज्ञानिक मछली पकड़ने के कोटे को कम करने की मांग कर रहे हैं. इससे पहले 2006 में एंकोवी फिशिंग का कोटा घटाया गया था. इसके बाद पेंग्विन की संख्या को संभलने में मदद मिली थी।  पेंग्विन को बचाने के लिए चल रहा काम पुंटा सैन जुआन में वैज्ञानिक और वॉलंटियर्स लगातार पेंग्विन की निगरानी कर रहे हैं. वे पेंग्विन की संख्या, उनके खाने और प्रजनन से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड करते हैं. छोटे पेंग्विन को सुरक्षित रखने के लिए आर्टिफिशियल नेस्ट भी बनाए गए हैं।  टीम फॉक्स और रैट जैसे जानवरों को भी हटाने का काम कर रही है, जो छोटे पक्षियों का शिकार करते हैं. रिमोट कैमरों से पेंग्विन के घोंसलों और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. इस डेटा को जल्दी समझने के लिए एआई टूल्स की भी मदद ली जा रही है।  वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगर समुद्र का तापमान सामान्य हुआ और एंकोवी मछलियां वापस आईं, तो पेंग्विन भी अपने पुराने इलाकों में लौट सकते हैं. लेकिन संभावित सुपर अल-नीनो इस पूरी कोशिश के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। 

करोड़ों किसानों के लिए जरूरी खबर, PM Kisan की 24वीं किस्त से पहले हुए 4 बदलाव

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 24वीं किस्त की डेट अभी तय नहीं है। यह 30 नवंबर से पहले कभी मिल सकती है। पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर आज की सबसे बड़ी खबर करोड़ों किसानों के लिए है। पीएम किसान पोर्टल पर 4 नए बदलाव हुए हैं। क्या-क्या बदलाव हुए हैं, यह जानने से पहले बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मोदी सरकार किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता 2000-2000 रुपये के 3 किस्तों में देती है। अब तक 23 किस्तों में 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफार (DBT) के माध्यम से पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। ये हैं पीएम किसान पोर्टल पर 4 जरूरी बदलाव     कुछ छूट गया हो तो यहां ठीक करें पीएम किसान पोर्टल पर दाएं तरफ ढेर सारे चौकोर खाने बने हुए हैं। इनमें पहली लाइन में चौथे नंबर पर लिखा होगा Update Missing Information, यह सुविधा उन किसानों के लिए है, जिन्होंने पोर्टल पर अपनी जानकारी अधूरी छोड़ी है। इसके लिए इस चौकोर खाने को टैप करें। एक नया पेज खुलेगा। इसमें दो खाने दिए होंगे। पहले में आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। दूसरे में कैप्चा कोड भरें और सर्च पर टैप करें। आपको मिसिंग इन्फार्मेशन पता चल जाएगा और इसे आप यहीं से अपडेट करके सबमिट कर दें। 2. पीएम किसान पोर्टल पर अपडेट करें मोबाइल नंबर अगर आपने हाल फिलहाल अपना मोबाइल नंबर बदला है या फिर आधार में नया नंबर जुड़वाया है तो इस बदलाव के बारे में आपको जानना बेहद जरूरी है। आप दूसरी लाइन में दूसरे चौकोर खाने पर टैप करें। यहां भी आप रजिस्ट्रेशन या आधार नंबर भरें। कैप्चा डालें और सर्च पर टैप करें। इसके बाद अपना आधार से लिंक्ड नंबर को डालकर अपडेट करें। 3. अगर अपात्र हैं तो ऑन लाइन रिफंड करें अगर आप अपात्र होते हुए भी पीएम किसान की किस्त उठा रहे हैं तो आप ऑनलाइन रिफंड वाले खाने पर क्लिक करें । यहां भी रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर डालें। कैप्चा कोड डालकर Get OTP पर क्लिक करें। इसके बाद दिए गए निर्देशों को पूरा करें और अब तक गलत तरीके से मिले पीएम किसान के पैसे को रिफंड कर दें। 4. अपनी समस्यों के समाधान के लिए अधिकारियों का नंबर यहां पाएं आप पीएम किसान पोर्टल के होम पेज पर जाएं और दाएं साइड बने बॉक्स में से Search your Point of Contact (POC) पर क्लिक करें। यहां एक पेज खुलेगा, जिसमें लिखा होगा State Nodal Contact Detail, अगर स्टेट नोडल का का नाम पता और नंबर चाहिए तो सर्च स्टेट नोडल पर क्लिक करें और जिले के अधिकारियों से संपर्क करना हो तो Search district Nodal पर। इस टैब में आप अपना स्टेट सलेक्ट करें और इसके बाद डिस्ट्रिक्ट। सबमिट करें और आपके सामने नोडल अधिकारियों का नंबर और मेल आईडी होगी। उनसे संपर्क कर आप हेल्प ले सकते हैं।

सोनपुर, भागलपुर और मुंगेर में एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीद प्रक्रिया तेज, 22 अक्टूबर तक मांगे प्रस्ताव

पटना  बिहार में प्रस्तावित तीन ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया अब तेज होगी। सोनपुर (सारण), भागलपुर और मुंगेर में एयरपोर्ट के लिए जमीन की संयुक्त मापी, स्वामित्व की जांच और सीधे खरीद की प्रक्रिया में सहयोग के लिए सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे। नागरिक विमानन विभाग ने इसके लिए योग्य और अनुभवी कंसल्टेंसी फर्मों से प्रस्ताव मांगे हैं। सलाहकार जमीन के रिकॉर्ड से लेकर निबंधन और दाखिल-खारिज तक की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। जमीन की खरीद से डिजिटल लैंड बैंक तक होगा काम चयनित कंसल्टेंसी फर्म को केवल जमीन की पहचान तक सीमित नहीं रहना होगा। वह जमीन के रिकॉर्ड की जांच, स्वामित्व सत्यापन, सीधे जमीन खरीद में सहयोग, निबंधन और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में भी मदद करेगी। इसके साथ ही तीनों प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए डिजिटल लैंड बैंक तैयार करने की जिम्मेदारी भी सलाहकार की होगी। गुणवत्ता और लागत के आधार पर होगा कंसल्टेंट का चयन नागरिक विमानन विभाग के अनुसार कंसल्टेंट का चयन गुणवत्ता एवं लागत आधारित चयन पद्धति से किया जाएगा। इसमें तकनीकी प्रस्ताव को 70 प्रतिशत और वित्तीय प्रस्ताव को 30 प्रतिशत अंक दिए जाएंगे। निविदा में भाग लेने की प्रक्रिया 30 सितंबर से शुरू हो चुकी है। इच्छुक एजेंसियां 22 अक्टूबर तक अपना प्रस्ताव जमा कर सकेंगी। 15 अक्टूबर को होगी प्री-बिड बैठक विभाग की ओर से 15 अक्टूबर को प्री-बिड बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें इच्छुक कंसल्टेंसी फर्म निविदा से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी ले सकेंगी। तकनीकी प्रस्ताव 23 अक्टूबर को नागरिक विमानन विभाग के कार्यालय में खोले जाएंगे। तकनीकी रूप से योग्य पाए जाने वाले कंसल्टेंटों के वित्तीय प्रस्ताव बाद में खोले जाएंगे। जमीन के कागजात से खरीद तक निगरानी चयनित कंसल्टेंट को जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करनी होगी। स्वामित्व स्पष्ट करने के बाद जमीन की खरीद और निबंधन की प्रक्रिया में सहयोग किया जाएगा। इसके बाद दाखिल-खारिज समेत अन्य जरूरी राजस्व प्रक्रियाओं को पूरा कराने में भी कंसल्टेंसी फर्म मदद करेगी। तीन शहरों में एयरपोर्ट की जमीन पर फोकस सोनपुर, भागलपुर और मुंगेर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए जमीन जुटाना इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य लक्ष्य है। विभाग की ओर से जमीन की मापी से लेकर डिजिटल लैंड बैंक तैयार करने तक की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की तैयारी की जा रही है। कंसल्टेंट की नियुक्ति के बाद तीनों परियोजनाओं के लिए जमीन संबंधी काम को गति मिलने की उम्मीद है।  

OBC क्रीमीलेयर नियम पर हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी, प्रमोशन और वेतन आधार नहीं

 ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने ओबीसी प्रमाण पत्र को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि माता-पिता के वेतनमान और पदोन्नति के आधार पर ही संतान को क्रीमीलेयर में नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ओबीसी प्रमाण पत्र का आवेदन खारिज करने के आदेश को रद कर दिया और मामले पर नियमों के अनुसार दोबारा विचार करने के निर्देश दिए। 2020 में खारिज हुआ था आवेदन मामला रागिनी राठौर से जुड़ा है। उनके ओबीसी प्रमाण पत्र के आवेदन को अनुविभागीय अधिकारी ने 23 अक्टूबर 2020 को खारिज कर दिया था। इसके बाद रागिनी ने अपर कलेक्टर के समक्ष अपील की, लेकिन 29 नवंबर 2022 को वहां भी एसडीओ के आदेश को बरकरार रखा गया। इसके बाद रागिनी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दोनों आदेशों को चुनौती दी। पिता की सरकारी नौकरी और वेतन को बनाया था आधार याचिका में बताया गया कि अधिकारियों ने रागिनी के पिता की आय को केवल वेतन के आधार पर देखते हुए उन्हें क्रीमीलेयर की श्रेणी में माना और इसी आधार पर ओबीसी प्रमाण पत्र का आवेदन खारिज कर दिया। रागिनी के पिता की प्रारंभिक नियुक्ति सिविल जज वर्ग-दो के पद पर हुई थी। इसके बाद 16 जून 2008 को 40 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद उन्हें सिविल जज वर्ग-एक के पद पर पदोन्नति मिली। याचिका के अनुसार, उनके पिता की आय का स्रोत केवल वेतन था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी दिया हवाला हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के यूनियन ऑफ इंडिया बनाम रोहित नाथन मामले में 11 मार्च 2026 को दिए गए फैसले का भी उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि क्रीमीलेयर का निर्धारण करते समय केवल माता-पिता के वेतन, वेतनमान या पदोन्नति को आधार बनाकर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। खंडपीठ ने प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश रद करते हुए कहा कि मामले के सभी प्रासंगिक पहलुओं की जांच सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जानी चाहिए। OBC प्रमाण पत्र जारी करने पर कोर्ट ने नहीं दिया अंतिम आदेश हालांकि, हाई कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि उसके आदेश का मतलब रागिनी राठौर को स्वतः ओबीसी प्रमाण पत्र जारी करना नहीं है। कोर्ट ने उनके दावे पर कोई अंतिम राय नहीं दी है। प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा या नहीं, इसका निर्णय सक्षम अधिकारी को लागू नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नए सिरे से करना होगा। यानी हाई कोर्ट ने सिर्फ प्रशासनिक आदेशों को रद कर मामले पर नियमानुसार पुनर्विचार का रास्ता साफ किया है।  

यूपी राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल, अब्बास अंसारी-जगदीश राय को लेकर राजभर का बड़ा बयान

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपनी ही पार्टी के दो विधायकों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि  अब्बास अंसारी और जौनपुर की जफराबाद सीट से विधायक जगदीश नारायण राय सुभासपा के चुनाव चिह्न पर जीतकर विधानसभा पहुंचे, लेकिन दोनों शुरू से ही समाजवादी पार्टी के साथ रहे हैं. राजभर के मुताबिक, ये विधायक सपा का झंडा और टोपी लगाकर घूमते हैं और उनका राजनीतिक झुकाव भी समाजवादी पार्टी की ओर है. उन्होंने कहा कि ये दोनों सपा के लिए वोट कर सकते हैं।  ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अब्बास अंसारी  और जगदीश नारायण राय को लेकर कहा कि ये दोनों विधायकों का व्यवहार चुनाव बाद से ही सुभासपा से अलग रहा है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी के जिन 12 प्रत्याशियों को सुभासपा ने चुनाव में उतारा था, उनमें से कई का झुकाव सपा की ओर था. उनके मुताबिक, जो चुनाव हार गए, वे भी अलग हो गए और जीतने वाले विधायक भी सुभासपा के साथ सक्रिय नहीं रहे. राजभर ने कहा कि उन्हें इन विधायकों के जाने से कोई खास चिंता नहीं है और वह चुनाव का इंतजार कर रहे हैं।  धनराज नथवानी की उम्मीदवारी पर भी उठाए सवाल राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की ओर से धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने पर भी ओमप्रकाश राजभर ने सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की ओर से जिस उद्योगपति को उम्मीदवार बनाया गया है, उनके परिवार का भाजपा से भी राजनीतिक जुड़ाव रहा है. राजभर ने इसे भाजपा और सपा के बीच कथित तालमेल से जोड़ने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि जो सपा के लोग बोलते हैं कि बसपा भाजपा की B टीम है. ओवैसी, भाजपा की B टीम है तो अब तो यह खुद ही बीजेपी की B टीम हो गए हैं. दरअसल, उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है. सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है. तीसरी सीट को लेकर भी सियासी चर्चाएं जारी हैं।  'पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' ओमप्रकाश राजभर ने आजतक से बातचीत में अखिलेश यादव के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वाले राजनीतिक नारे पर भी निशाना साधा. उन्होंने तंज कसते हुए पीडीए का अर्थ 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' बताया. राजभर का आरोप था कि समाजवादी पार्टी की राजनीति में परिवार और आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है. उन्होंने सपा की ओर से राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को अपने पीडीए के दावे और उम्मीदवारों के चयन के बीच तालमेल स्पष्ट करना चाहिए. राजभर ने अपने बयान में धनराज नथवानी और रामगोपाल यादव का उल्लेख करते हुए सपा नेतृत्व पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया।  47 से 125 सीटों तक पहुंचने का श्रेय लेने पर सपा को घेरा इंटरव्यू के दौरान राजभर ने 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन और अपने दल की भूमिका पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि 2017 में भाजपा के साथ रहते हुए वह खुद चुनाव जीते थे. इसके बाद सपा ने उन्हें अपने गठबंधन में शामिल किया और 2022 के चुनाव में सहयोगियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा. राजभर ने दावा किया कि 2022 में सपा गठबंधन की सीटें बढ़ने में सुभासपा की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी. उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के कई जिलों में उनके समर्थन से सपा को फायदा हुआ. राजभर ने गाजीपुर, मऊ, बलिया, आजमगढ़ और आंबेडकर नगर जैसे जिलों का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव से पूछा कि गठबंधन में सुभासपा के योगदान को क्यों भुलाया जा रहा है।  उन्होंने सपा नेताओं के उन बयानों पर भी नाराजगी जताई, जिनमें सपा की जीत को केवल अपनी पार्टी की ताकत से जोड़कर देखा जाता है. राजभर ने कहा कि गठबंधन में दोनों दलों का योगदान था और किसी एक दल को पूरी सफलता का श्रेय देना उचित नहीं है।  कांग्रेस के साथ गठबंधन पर बोले- दोनों साथ मिलकर लड़ेंगे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि दोनों दलों के बीच राजनीतिक जरूरत का रिश्ता है. उन्होंने दावा किया कि सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान के बावजूद दोनों पार्टियां अंततः मिलकर चुनाव लड़ेंगी. राजभर ने कांग्रेस की ओर से सीटों की मांग को लेकर भी कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कम सीटों की मांग करने के बजाय ज्यादा सीटें मांगनी चाहिए. उन्होंने अपने इंटरव्यू में मध्य प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति का भी उल्लेख किया. राजभर ने अखिलेश यादव और कांग्रेस के संबंधों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अलग-अलग राज्यों में विपक्षी दलों के नेताओं के बयान उनके गठबंधन की एकजुटता पर प्रश्न खड़े करते हैं।  चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों को लेकर भी साधा निशाना चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले सवालों पर भी ओमप्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पुराने शासन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल अपने कार्यकाल में चुनावी व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाते थे, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हैं. राजभर ने कहा कि चुनाव में जनता का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होता है. उनके मुताबिक, जनता सरकार के कामकाज और राजनीतिक दलों के प्रदर्शन के आधार पर अपना निर्णय लेती है। 

3 अक्टूबर का राशिफल: इन राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, कुछ को रहना होगा सावधान

मेष राशि– दिन पॉजिटिव रहेगा। आर्थिक मामलों में लाभ होगा। रिश्तों में भावनाएं गहरी होंगी, पर अति संवेदनशीलता से बचें। सेहत को लेकर ध्यान रखें। खासकर खानपान में संतुलन जरूरी है। शाम का समय रिलैक्स करने वाला रहेगा। वृषभ राशि- भावनाएं गहरी रहेंगी। किसी पुराने रिश्ते या याद से मन विचलित हो सकता है, लेकिन काम में ध्यान रखें। ऑफिस या बिजनेस में मेहनत का फल जल्द ही दिखाई देगा। सेहत ठीक रहेगी। दिन के दूसरे भाग में कोई अप्रत्याशित खुशखबरी मिल सकती है। मिथुन राशि- दिन मेहनत और व्यस्तता से भरा रहेगा, लेकिन नतीजे उम्मीद से बेहतर रहेंगे। टीमवर्क से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात हो सकती है जो मन को हल्का कर देगी। सेहत अच्छी रहेगी। आज जरूरत है खुद को थोड़ा वक्त देने की।संगीत, पढ़ाई या शांति में समय बिताना मानसिक आराम देगा। कर्क राशि- भाग्य का साथ मिलेगा। जो लोग विदेश या किसी बड़ी परीक्षा से जुड़े हैं, उन्हें सफलता के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। कोई पुराना विवाद खत्म हो सकता है। सेहत अच्छी रहेगी। ध्यान और मेडिटेशन करने से मन शांत रहेगा। सिंह राशि- करियर में प्रगति के मजबूत संकेत हैं। बॉस से तारीफ मिल सकती है। मेहनत के बल पर नए अवसर बनेंगे। परिवार और काम के बीच संतुलन बनाए रखें। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन नींद की कमी असर डाल सकती है। रिश्तों में विश्वास बनाए रखें। कन्या राशि- काम में संतुलन रहेगा, लेकिन किसी सहयोगी के साथ गलतफहमी से बचें। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। प्रेम जीवन में समझ और संवेदनशीलता बढ़ेगी। हेल्थ में सुधार के संकेत हैं, पर नींद का ख्याल रखें। जो लोग स्टूडेंट हैं, उनके लिए पढ़ाई में फोकस बढ़ेगा। तुला राशि- दोस्तों और सहकर्मियों से जुड़ाव मजबूत होगा। आज का दिन नेटवर्किंग और नए अवसरों का है। जो लोग मीडिया, पब्लिक रिलेशन या ट्रैवल से जुड़े हैं, उन्हें लाभ मिलेगा। प्रेम जीवन स्थिर रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। बस जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। वृश्चिक राशि- दिन जिम्मेदारियों से भरा रहेगा, लेकिन मन में आत्मविश्वास रहेगा। कामकाज में सकारात्मक नतीजे मिलेंगे। जो लोग नौकरी बदलना चाहते हैं, उन्हें अच्छी खबर मिल सकती है। रिश्तों में सच्चाई और भरोसा बनाए रखें। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, लेकिन तनाव से दूरी रखें। परिवार के साथ वक्त बिताना मानसिक सुकून देगा। धनु राशि- सूर्य का प्रभाव आपको आत्मविश्वासी बनाए हुए है। आज किसी बड़े निर्णय का दिन है। बिजनेस या करियर से जुड़ी नई दिशा मिल सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रेम जीवन में नजदीकियां बढ़ेंगी। आर्थिक रूप से स्थिति मजबूत होगी। यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो लाभकारी साबित होंगे। मकर राशि- काम के साथ-साथ रिश्तों पर भी ध्यान देना होगा। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। बॉस या सीनियर आपकी मेहनत से प्रभावित होंगे। प्यार में किसी पुरानी गलतफहमी का अंत होगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। हेल्थ में पेट या डाइजेशन से जुड़ी तकलीफ आ सकती है, सतर्क रहें। कुंभ राशि- दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। किसी अधूरे काम को पूरा करने का सही समय है। निजी जीवन में प्यार और अपनापन बढ़ेगा। परिवार से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर व्यस्तता बढ़ेगी, लेकिन सब संतुलित रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। शाम का समय आत्ममंथन या ध्यान के लिए अच्छा है। मीन राशि- दिन वित्तीय रूप से लाभदायक रहेगा। निवेश या किसी पुराने सौदे से फायदा हो सकता है। ऑफिस में सीनियर का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा। रिश्तों में पारदर्शिता बढ़ेगी। जो लोग कला, मीडिया या डिजाइन से जुड़े हैं, उनके लिए दिन रचनात्मकता से भरपूर रहेगा। शाम का समय मनोरंजन और खुशी लेकर आएगा।