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अयोध्या राम मंदिर दान जांच: गृह विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट, दोषियों पर कार्रवाई की सिफारिश

अयोध्या अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। एसआईटी के प्रमुख सदस्य एवं लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। जांच में मंदिर ट्रस्ट के कई अधिकारी और कर्मचारी प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि शाम को प्रारंभिक रिपोर्ट को सीएम योगी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। अयोध्या में राम मंदिर दान के वित्तीय प्रबंधन में कथित हेराफेरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को अपर मुख्‍य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को अपनी प्रारंभिक प्रतिवेदन रिपोर्ट सौंप दी। जांच दल का नेतृत्व कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से संबंधित आरोपों की जांच के लिए 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। अधिकारियों ने बताया था कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई। यह दल तीर्थ क्षेत्र में दान पात्रों के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा। योगी ने किया था एसआईटी का गठन एसआईटी में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी तथा लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी व पुलिस महानिरीक्षक किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल गठित किए जाने का अनुरोध किया था।ट्रस्ट के अनुसार, अफवाहों पर रोक लगाने और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी गहन जांच आवश्यक है। यह तीर्थ क्षेत्र की छवि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाने की गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है। अयोध्या में क्या बोले थे योगी इस मामले की शुरुआत सात जून को हुई जब समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कुछ तथ्यों का हवाला देते हुए मंदिर के दान में गबन का मामला उठाया और इसमें न्यायिक संज्ञान लेने की अपील की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में अपनी अयोध्‍या यात्रा में यह दावा किया था कि इस जांच में एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी करेगी। उन्होंने राम भक्तों से कहा कि पांच सौ वर्षों तक इंतजार किया और 15 दिन और इंतजार करके देख लो।

अतीक-अशरफ से जुड़ी संपत्तियों पर शिकंजा, शिकायतों के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

प्रयागराज पी के संगमनगरी प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके करीबियों की कथित बेनामी संपत्तियों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। यह कार्रवाई अधिवक्ता केपी श्रीवास्तव की शिकायत के बाद की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अतीक अहमद और उसके परिजनों ने अपने करीबी मदन लाल भारतीया के नाम पर धूमनगंज क्षेत्र में कई संपत्तियां खरीदी थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने संपत्तियों की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसआईटी में पुलिस उपायुक्त नगर मनीष कुमार शांडिल्य, एडीएम सिटी सत्यम मिश्र, अपर नगर आयुक्त अरविंद राय, एआईजी स्टाम्प राकेश चंद्रा और पीडीए सचिव विनीत कुमार सिंह को शामिल किया गया है। टीम को संबंधित संपत्तियों के बारे में गोपनीय एवं प्रामाणिक जानकारी जुटाने, दस्तावेजों की जांच करने तथा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियां मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश के अनुसार एसआईटी को तीन दिन के भीतर जांच शुरू करनी होगी। साथ ही टीम को प्रत्येक सोमवार को संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अपर पुलिस आयुक्त को देनी होगी। माना जा रहा है कि अतीक अहमद से जुड़े आर्थिक नेटवर्क और बेनामी संपत्तियों के खिलाफ चल रहे अभियान में यह कार्रवाई महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हर दूसरी शिकायत में है नाम 15 अप्रैल 2023 की रात भले ही माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मौत हो चुकी हो, लेकिन आज भी शहर में लोग उसके नाम और कारनामों से परेशान हैं। माफिया ने अपने जीवन में इतनी जमीनों पर कब्जा किया कि आज भी हर दूसरी शिकायत में उसका नाम आता है। लोग कभी अतीक तो कभी अशरफ और कभी उसके गुर्गों से खुद के परेशान होने की शिकायत कर रहे हैं। अफसर इस बात को लेकर त्रस्त हैं कि इस माफिया के अपराध की जड़े कितनी गहरी थीं कि मौत के तीन साल बाद भी उसके निशान मिट नहीं रहे हैं। 100 में से 40 से 50 शिकायतें अतीक-अशरफ के नाम सबसे ज्यादा मामले सदर तहसील की जनसुनवाई में आते हैं। हर दिन आने वाली 100 शिकायतों में 40 से 50 जमीन, संपत्ति कब्जे की शिकायतों में माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ का नाम रहता है। विशेषकर करेली, करैलाबाग, कटुहला, गौसपुर, रसूलपुर समेत अन्य क्षेत्रों के हर मामले में ही उसका नाम रहता है। गंभीरता से होती है जांच जिन शिकायतों पर अतीक और अशरफ का नाम आता है, उसकी जांच भी बहुत अधिक गंभीरता से होती है। कई शिकायतों की जांच में बात में सच्चाई भी होती है। अफसरों का कहना है कि माफिया की मौत के बाद उससे परेशान लोग अब धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। अभी गौसपुर कटहुला में ही पांच बीघा जमीन पर माफिया के गुर्गों ने कब्जा किया था। ऐसे मामलों की सूची बन रही है।

रांची RSS ऑफिस अटैक केस में बड़ा खुलासा, दुबई और मुंबई तक जुड़े तार

 रांची  रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला मामले में एटीएस ने रविवार को रांची जिले के चुटिया में दर्ज कांड का प्रभार ले लिया है। इस केस को टेकओवर करते हुए एटीएस ने अपनी जांच शुरू कर दी है। जांच के क्रम में ही एटीएस के अधिकारियों की टीम सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची। घटना की रात आरएसएस कार्यालय में मौजूद लोगों, आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। अपराधियों के आने-जाने वाले मार्ग की भी जानकारी ली, ताकि अपराध की जांच की कड़ियों को जोड़ा जा सके। टीम ने पेट्रोल बम से हमले से जुड़े साक्ष्य को संकलित की है। एटीएस की जांच टीम ने आरएसएस कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला है। रांची पुलिस व एटीएस की जांच में गिरफ्तार तीनों ही आरोपितों का चार राज्यों से कनेक्शन जुड़ा है, जिनमें झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली व मुंबई शामिल है। जांच टीम आरोपितों के विदेश से आने-जाने, संदिग्धों से मुलाकात, संबंधित राज्यों के अन्य सहयोगियों से मुलाकात सहित उनकी ट्रेवेल हिस्ट्री को खंगाल रही है। जांच टीम को उम्मीद है कि आरोपितों की ट्रेवेल हिस्ट्री जांच की कड़ी को आगे बढ़ाएगी। अमन का जब्त हुआ है पासपोर्ट, इंटरनेट प्लेटफार्म को भी खंगाल रही एटीएस आरएसएस कार्यालय पर हमला मामले में रांची पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपितों में सैफ अंसारी, अमन अंसारी उर्फ गोलू व सायम सुजान शामिल हैं। तीनों ही मूल रूप से लोहरदगा के निवासी हैं। इन तीनों ही आरोपितों में एक आरोपित अमन अंसारी उर्फ गोलू का विदेश कनेक्शन सामने आया। पुलिस ने उसके पासपोर्ट को जब्त किया था। अमन का यह पासपोर्ट उसके पिता स्व. सनोफ अंसारी के निधन के बाद उसके सौतेले पिता नसीम खान ने 2022 में बनवाया था। अमन दुबई में काम करने गया था और वहीं पर उसके दिमाग में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की खौफनाक साजिश भरी गई। एटीएस सभी आरोपितों के इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म को भी खंगाल रही है, जिसके माध्यम से तीनों व उनके अन्य सहयोगी जुड़े थे। एटीएस इन तीनों ही आरोपितों से जुड़े अन्य सहयोगियों का डेटा भी खंगाल रही है। तीनों ही आरोपितों को एक बार फिर रिमांड पर लेकर एटीएस उनके संदिग्ध सहयोगियों का सत्यापन कराएगी। 16 जून की रात हुई थी घटना, तीन आरोपित हुए थे गिरफ्तार 16 जून की रात चुटिया के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला हुआ था। इस मामले में चुटिया थाने में 17 जून को कांड संख्या 85/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जांच के क्रम में पुलिस ने कोडरमा के पास गझंडी रेलवे स्टेशन के पास से सैफ अंसारी व अमन अंसारी उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया था। सैफ अंसारी लोहरदगा के बगरू मोड़, ईमली मोड़ के पास बड़ा तलाब का निवासी है, जबकि अमन अंसारी उर्फ गोलू भी लोहरदगा के न्यू आजाद बस्ती का रहने वाला है। दोनों ने पूछताछ में अपने तीसरे साथी सायम सुजान का नाम लिया, जिसकी गिरफ्तारी रांची से हुई थी। सायम सुजान भी लोहरदगा के पत्थलकुदवा स्थित फुलबगान का निवासी है। गिरफ्तार आरोपित सैफ अंसारी 18 जून को कोतवाली थाना परिसर से भाग गया था, जिससे चान्हो थाना क्षेत्र में पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद सैफ फिर से पकड़ा गया था। इस मामले में उसके विरुद्ध रांची के कोतवाली में हाजत से भागने व चान्हो में पुलिस का हथियार छिनने व मुठभेड़ मामले में भी अलग-अलग दो प्राथमिकियां दर्ज हैं। सैफ न्यायिक हिरासत में इलाजरत है, जबकि दो अन्य सहयोगी रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद हैं। दुबई के भट्ठी व राणा, मुंबई के जिशान व अमृतसर के बीर का भी सत्यापन इस पूरे प्रकरण में एटीएस जांच के क्रम में चार संदिग्धों का सत्यापन कर रही है। इनमें दुबई के शहबाज आलम उर्फ भट्टी व राणा हुसैन, मुंबई के ट्रेवेल एजेंट जिशान तथा अमृतसर के बीर शामिल हैं। जांच व आरोपितों से पूछताछ में इनके नाम सामने आए हैं गिरफ्तार आरोपित अमन एसी तकनीशियन के काम के सिलसिले में दुबई गया था और वहां उसकी मुलाकात शहबाज आलम उर्फ भट्टी व राणा हुसैन से हुई थी। दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आइएसआइ) व आतंकी संगठन तहरीक ए तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े थे। दोनों ने अमन अंसारी का ब्रेनवाश किया और हिंदुस्तान में आतंक फैलाने का टास्क सौंपा। जिशान मुंबई का ट्रेवेल एजेंट है, जिसके माध्यम से अमन ओमान व दुबई जा चुका है। जांच में अमृतसर के बीर का नाम आया है, जो आतंकियों के संपर्क में था। सभी इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर एक-दूसरे से जुड़े थे। उनकी योजनाओं से संबंधित जानकारी भी जांच टीम को मिली है, जिसका सत्यापन चल रहा है। आरएसएस कार्यालय पर हमला से संबंधित वीडियो दुबई के भट्टी को भेजे जाने संबंधित सबूत भी मिले हैं, जिसके बाद जांच की कड़ी विदेशी कनेक्शन पर आगे बढ़ी है।

राजस्थान में शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास पर मंत्रिमंडलीय उप-समिति की अहम बैठक

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास, जन-सुविधाओं के विस्तार और संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है। इसी क्रम में मंगलवार को शासन सचिवालय में मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में सार्वजनिक हित, उच्च शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक कल्याण एवं औद्योगिक केंद्रों की स्थापना के लिए रियायती दरों पर भूमि आवंटन के विभिन्न प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।  उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत तथा  नगरीय विकास एवं आवासन राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  भूमि आवंटन प्रकरणों की हुई विस्तृत समीक्षा  बैठक में जनहित, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण एवं शहरी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से संबंधित बिंदुओं की समीक्षा की गई। समिति ने पात्र प्रकरणों में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शैक्षणिक एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े संस्थानों के भूमि आवंटन प्रकरणों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की गई।  स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर  बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, विशेषीकृत चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता तथा आमजन को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा की गई। समिति ने राज्य सरकार से लाभ प्राप्त संस्थाओं द्वारा  जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचाने तथा स्वास्थ्य संस्थानों में राज्य सरकार की विभिन्न चिकित्सा सहायता योजनाओं जैसे मा और आरजीएचएस के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।  शहरी विकास एवं नागरिक सुविधाओं पर निर्देश  समिति ने औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के भवन निर्माण में पेनल्टी पर छूट जैसे प्रकरणों पर एवं शेष प्रकरणों के समाधान के लिए प्रक्रियाओं में आवश्यक सरलीकरण, किश्तों में भुगतान की सुविधा तथा नियमानुसार ग्रेस पीरियड उपलब्ध कराने के सुझावों पर भी सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया।  शहरी विकास से जुड़े विषयों पर समिति ने शहरी सेवा अभियान के अंतर्गत पट्टों सहित विभिन्न लाभों के वितरण में तेजी लाने, लंबित प्रकरणों के अधिकाधिक निस्तारण तथा नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए उपलब्ध प्रावधानों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  पारदर्शी नगरीय कराधान व्यवस्था के निर्देश  समिति ने नगरीय कराधान एवं शुल्क निर्धारण से संबंधित विषयों की समीक्षा करते हुए पारदर्शी एवं व्यावहारिक व्यवस्था विकसित करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए तथा पात्रता के निर्धारित प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।  आरक्षित दरों से छूट के प्रकरणों पर विचार  बैठक में विभिन्न संस्थागत, शैक्षणिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक उपयोग के भूमि आवंटन प्रकरणों में आरक्षित दरों से छूट के मामलों पर भी विचार किया गया। समिति ने जनहित एवं लोककल्याण की भावना को ध्यान में रखते हुए पात्र प्रकरणों को प्राथमिकता से निस्तारित करने पर सहमति व्यक्त की।  उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास तथा शहरी आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थागत एवं जनोपयोगी परियोजनाओं के माध्यम से आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक निर्णय समयबद्ध रूप से लिए जा रहे हैं।

शतक के बाद ड्रॉप हुए जायसवाल, शशि थरूर बोले- वही हाल जो संजू सैमसन का हुआ था

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए स्टार सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को इंग्लैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड में जगह नहीं मिली है। सीनियर खिलाड़ियों की टीम में वापसी के चलते जायसवाल को टीम से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। चयनकर्ताओं का यह फैसला फैंस और क्रिकेट दिग्गजों के गले नहीं उतर रहा है, क्योंकि जायसवाल ने अपने पिछले ही वनडे मैच में शानदार शतक जड़ा था। जायसवाल को ड्रॉप किए जाने पर अब कांग्रेस सांसद और क्रिकेट प्रेमी शशि थरूर का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर चयनकर्ताओं के इस फैसले पर तीखा तंज कसा है और जायसवाल की स्थिति की तुलना संजू सैमसन से की है। शशि थरूर ने क्या कहा? शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जायसवाल के समर्थन में पोस्ट करते हुए लिखा, 'भारत में इस समय टॉप-ऑर्डर का बल्लेबाज होना कितना कठिन काम है! जायसवाल ठीक उसी दौर और अनुभव से गुजर रहे हैं जिससे 2024-25 में संजू सैमसन गुजरे थे— यानी ठीक एक मैच पहले शतक बनाने के बाद अगले ही वनडे मैच से ड्रॉप कर दिया जाना। यह उतना ही बुरा है जितना 1960 के दशक में एक विश्व स्तरीय स्पिनर होना था (जब भारतीय टीम में स्पिनरों की भारी भरकम जगह के कारण कई दिग्गजों को मौका नहीं मिलता था)!' पिछले मैच में ठोका था 110 रनों का दमदार शतक यशस्वी जायसवाल को टीम से बाहर करना इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई वनडे सीरीज के तीसरे और आखिरी मुकाबले में 110 रनों की विस्फोटक शतकीय पारी खेली थी। अपनी इस पारी से उन्होंने साबित किया था कि वह वनडे फॉर्मेट में भी टीम के लिए कितने बड़े मैच विनर बन सकते हैं। हालांकि, इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज के लिए जैसे ही सीनियर खिलाड़ियों की स्क्वाड में वापसी हुई, युवाओं में सबसे पहला गाज जायसवाल पर गिरा। संजू सैमसन के पुराने जख्म हुए ताजा शशि थरूर ने अपने पोस्ट के जरिए केरल के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के साथ हुए पुराने वाकये को याद दिलाया। साल 2024-25 के दौरान संजू सैमसन ने भी वनडे क्रिकेट में शानदार शतक जड़ा था, लेकिन उसके ठीक बाद सीनियर खिलाड़ियों की वापसी या टीम कॉम्बिनेशन के नाम पर उन्हें अगले ही मैच की टीम से बाहर कर दिया गया था। अब ठीक वैसा ही बर्ताव 24 वर्षीय यशस्वी जायसवाल के साथ दोहराया गया है। हालांकि संजू सैमसन लंबे समय से भारतीय टी20 टीम का हिस्सा हैं और उन्होंने भारत के लिए दो टी20 वर्ल्ड कप भी जीत लिए हैं।  

बिहार में खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ा मौका, राज्य खेल सम्मान की प्रक्रिया शुरू

पटना   बिहार के खेल जगत और प्रतिभावान खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSSA) ने 'बिहार राज्य खेल सम्मान 2026' के लिए आधिकारिक तौर पर नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इस सम्मान के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले प्रतिभावान खिलाड़ियों, अनुभवी कोचों, खेल संघों और खेल अधिकारियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सरकार के इस कदम से बिहार के खेल गलियारे में भारी उत्साह का माहौल है। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाएगा जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा से खेल के मैदान में बिहार का गौरव बढ़ाया है। 24 जून से शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा जारी की गई सूचना के मुताबिक, इस खेल सम्मान के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया कल यानी 24 जून से पूरी तरह शुरू होने जा रही है। इच्छुक और योग्य दावेदार घर बैठे ही इंटरनेट के माध्यम से अपना फॉर्म भर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 तय की गई है। सभी आवेदकों को 15 जुलाई की शाम 5 बजे से पहले अपना फॉर्म और उससे जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। तय समय सीमा के बाद मिलने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने जारी किया विशेष QR कोड इस बार पूरी आवेदन प्रक्रिया को बेहद डिजिटल और आसान बनाया गया है ताकि खिलाड़ियों को फॉर्म भरने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने आवेदन के लिए एक विशेष QR कोड भी जारी किया है, जिसे स्कैन करके खिलाड़ी सीधे मुख्य एप्लीकेशन पेज पर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, यदि किसी खिलाड़ी या कोच को फॉर्म भरने या दस्तावेज अपलोड करने में कोई दिक्कत आती है, तो उसकी सहायता के लिए विभाग ने एक विशेष हेल्पलाइन नंबर 9031045384 भी जारी किया है। इस नंबर पर कॉल करके खेल सम्मान से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या या नियम की जानकारी तुरंत हासिल की जा सकती है।

पुराने लखनऊ को राहत: 7 नए सबस्टेशन और 100 फीडर से खत्म होगी बिजली समस्या

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। पुराने लखनऊ के लोगों की समस्याएं दूर होंगी। पुराने लखनऊ की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 550 करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया गया है। आरडीएसएस योजना के तहत वर्ष 2031 तक की बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 07 नए उपकेंद्र व 01 नया पावर ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनाया जाएगा। इसके अलावा 100 नये फीडर बनेंगे। इससे लगभग 10 लाख आबादी को बिजली कटौती व लो-वोल्टेज से निजात मिलेगी। 20-20 एमवीए लोड के बिजली उपकेंद्र बनेंगे लेसा के लखनऊ सेंट्रल जोन के राजाजीपुरम, अपट्रॉन, ऐशबाग, ठाकुरगंज, चौक, रेजीडेंसी, राजभवन, हुसैनगंज, अमीनाबाद क्षेत्र में बेहतर बिजली सप्लाई के लिए सात नये उपकेंद्रों का निर्माण होगा। इसमें तालकटोरा में दो उपकेंद्र बनेंगे। इसके अलावा ऐशबाग, मलपुर (राजाजीपुरम), राजेन्द्र नगर, अर्जुनगंज, बालागंज में एक-एक उपकेंद्र बनेंगे। सभी 20-20 एमवीए लोड के बिजली उपकेंद्र बनेंगे। पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता में वृद्धि पुराने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए क्षेत्र के 11 मौजूदा उपकेंद्रों के पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से हरिहरपुर, अर्जुनगंज, जवाहर भवन, हनुमान सेतु, यूपीआईएल, नूरबाड़ी, अपट्रॉन, आरडीएसओ, ऐशबाग, विधानसभा मार्ग और बालाघाट शामिल हैं। इसके अलावा 33 केवी और 11 केवी की नई लाइन बिछाई जाएगी। नई एलटी लाइन निर्माण में इंसुलेटेड कंडक्टर लगाई जाएगी। 100 नए फीडर से सुधरेगी सप्लाई ओवरलोडिंग की समस्या को खत्म करने के लिए कुल 100 नए फीडर बनाए जाएंगे। मुख्य अभियंता के अनुसार, 07 नए उपकेंद्रों के बनने से 70 नए फीडर तैयार होंगे, जबकि पुराने उपकेंद्रों में 30 अतिरिक्त फीडर जोड़े जाएंगे। इसके अलावा, तालकटोरा में बनने वाले ट्रांसमिशन सबस्टेशन से 14 उपकेंद्रों के लिए नई बिजली लाइनें भी बिछाई जाएंगी। ऐसा होने इलाके बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल जाएगी। इलाके की बिजली व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। दरअलस, लो वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या से उपभोक्ता जूझ रहे। बिजली व्यवस्था बेहतर होने से लोगों को समस्याओं से निजात मिल जाएगी। इलाके के लोगों को भरपूर बिजली मिलने लगेगी। लो-वोल्टेज की समस्या भी खत्म हो जाएगी। ओवरलोडिंग की समस्या भी खत्म हो जाएगी। मध्यांचल निगम को जल्द प्रस्ताव भेजा जाएगा लखनऊ सेंट्रल मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने बताया कि आरडीएसएस योजना के तहत वर्ष 2031 तक बेहतर बिजली सप्लाई के लिए पुराने लखनऊ में 07 बिजली उपकेंद्रों का निर्माण होगा। इसके अलावा 11 उपकेंद्रों में पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि होगी। साथ ही 100 नये फीडर बनेंगे। मध्यांचल निगम को जल्द प्रस्ताव भेजा जाएगा।

बाल भवन करनाल में ग्रीष्मकालीन शिविर: 200 बच्चों ने कराया रजिस्ट्रेशन

करनाल हरियाणा के करनाल जिले में बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों को मजेदार और सिखाने वाला बनाने के लिए जिला बाल कल्याण परिषद ने एक बेहतरीन पहल की है। स्थानीय बाल भवन में आगामी 30 जून तक एक शानदार ग्रीष्मकालीन शिविर यानी समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। उपायुक्त और परिषद के अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में चल रहे इस कैंप में बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने का काम किया जा रहा है। इस खास कैंप को लेकर बच्चों और अभिभावकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। अबेकस और योगा के साथ महिलाएं सीख रहीं ब्यूटी केयर जिला बाल कल्याण अधिकारी मंजू चौधरी ने बताया कि इस समर कैंप में 5 से 14 साल तक के बच्चों को एक्सपर्ट टीचर्स द्वारा कई तरह की एक्टिविटीज सिखाई जा रही हैं। कैंप में बच्चे मुकेश शर्मा से आर्ट एंड क्राफ्ट, गुंजन से योगा, रायना से डांस और गरिमा भारद्वाज से अबेकस सीख रहे हैं। अबेकस असल में गणित के सवालों को तेजी से हल करने का एक पुराना और मजेदार तरीका है, जिससे बच्चों का दिमाग तेज होता है। इस साल बच्चों के साथ-साथ लड़कियों और महिलाओं के लिए फैशन डिजाइनिंग और ब्यूटी केयर की क्लास भी जोड़ी गई है, जिसमें वे बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। इस कैंप की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लगभग 200 बच्चों ने अपना रजिस्ट्रेशन यानी दाखिला करवा लिया है। यह क्लासेज रोज सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बाल भवन में लगती हैं। आज भी कैंप में 155 से ज्यादा बच्चे पहुंचे। खास बात यह है कि निजी स्कूलों के बच्चों के साथ-साथ सरकारी स्कूल, बाल गृह और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब बच्चों को भी इसमें अपनी प्रतिभा निखारने का पूरा मौका दिया जा रहा है। कैंप में आने वाले बच्चों के लिए ठंडे शरबत की छबील लगाई गई है और हर दिन हल्का नाश्ता भी दिया जाता है। डीसी ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को इस कैंप में भेजने की अपील की है।

नए सत्र के लिए बेसिक शिक्षा विभाग तैयार, 220 दिन की पढ़ाई और निपुण अभियान का होगा विस्तार

लखनऊ  ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 25 जून से नियमित पठन-पाठन शुरू होगा। नए शैक्षिक सत्र में केवल विद्यालय खोलने की औपचारिकता नहीं, बल्कि हर बच्चे के सीखने के स्तर में सुधार, उसकी व्यक्तिगत जरूरतों की पहचान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मंगलवार को यूट्यूब संवाद के माध्यम से शिक्षकों, बेसिक शिक्षा अधिकारियों और राज्य व जिला स्तरीय रिसोर्स पर्सन को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए सुबह 10 बजे के बाद बच्चों की आउटडोर गतिविधियां नहीं कराई जाएं। विद्यालयों में ऐसा मित्रवत माहौल बनाया जाए, जहां बच्चे खुलकर अपनी बात रख सकें और शिक्षक उनके मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं। स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण भी शुरू किया जाएगा। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तीन वर्ष के बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें बाल वाटिका से जोड़ेंगी, जबकि छह वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। शिक्षकों को कक्षा पांच से छह में बच्चों के सुचारु प्रवेश और संक्रमण काल को सहज बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार पढ़ाई होगी। जो बच्चे अपेक्षित सीखने के स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं, उनके लिए कैच-अप ट्रेनिंग चलाकर विशेष सहयोग दिया जाएगा। शिक्षकों को बच्चों का लगातार आकलन कर नियमित फीडबैक देने और बेहतर कक्षा शिक्षण पद्धतियां अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में पढ़ने की संस्कृति विकसित करने के लिए बच्चों को पुस्तकालय से पुस्तकें जारी की जाएंगी और प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे पठन गतिविधि कराई जाएगी। बच्चों को लेखन, कला और संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी के अवसर भी दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 22 जून से विद्यालय प्रशासनिक कार्यों के लिए खुल चुके हैं, जबकि 25 जून से नियमित शिक्षण शुरू होगा। यह व्यवस्था आगामी वर्षों में भी लागू रहेगी। वर्ष में कम से कम 220 दिन पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि वास्तविक शिक्षण कितने घंटे हुआ। निपुण अभियान का विस्तार अब कक्षा एक और दो से आगे बढ़ाकर कक्षा एक से पांच तक किया जाएगा। बच्चों के भाषा और गणित के बुनियादी कौशल विकसित करने के लिए हिंदी, अंग्रेजी और गणित के सरल निपुण लक्ष्य तय किए जा रहे हैं। राज्य स्तरीय रिसोर्स पर्सन (एसआरपी) का प्रशिक्षण छह जुलाई से शुरू होगा, जबकि नवंबर-दिसंबर में निपुण आकलन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआरपी, एसआरजी और मेंटर शिक्षक केवल निरीक्षण या चेकलिस्ट भरने तक सीमित न रहें, बल्कि शिक्षकों के साथ संवाद कर उनकी शैक्षणिक कमियों को दूर करने में सहयोग करें। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के अनुभवों को शिक्षा संकुलों में साझा किया जाएगा। शिक्षक दीक्षा पोर्टल, आइ-गाट प्लेटफार्म और ‘द टीचर ऐप’ के माध्यम से प्रशिक्षण सामग्री, लेसन प्लान और एनसीईआरटी की गाइडलाइन का अध्ययन कर अपने शिक्षण को बेहतर बना सकते हैं। साथ ही अभिभावकों और समुदाय से संवाद मजबूत करें। उन्होंने शिक्षकों से स्वयं पढ़ने की आदत विकसित करने, समय प्रबंधन सीखने और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की अपील की। मुंशी प्रेमचंद का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और सकारात्मक सोच के साथ हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।  

राम चरण बोले- अच्छी कहानियां आज भी दर्शकों को थिएटर तक खींच लाती हैं, ‘धुरंधर’ की जमकर तारीफ

 साउथ सुपरस्टार राम चरण ने अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘पेड्डी’ और आदित्य धर और रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता पर बात की. उन्होंने दावा किया कि इन फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर मिली जबरदस्त कामयाबी इस बात का सबूत है कि अच्छी कहानियों ने पूरे देश के दर्शकों को एकजुट किया है. अभिनेता ने आगे कहा कि कोविड-19 के बाद सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या कम होने के बावजूद, ‘केजीएफ’ और ‘पुष्पा’ जैसी अच्छी फिल्मों सुपरहिट रही. राम चरण बोले- अच्छी फिल्में आज भी दर्शकों को थिएटर तक खींच लाती हैं रिपब्लिक पत्रिका के शिखर सम्मेलन में राम चरण से पूछा गया कि लोग सिनेमाघरों में आना क्यों बंद कर चुके हैं. उन्होंने कहा, ”जब केजीएफ, पुष्पा 2, धुरंधर, कांतारा, आरआरआर जैसी बेहतरीन फिल्में आती हैं, तो लोग सिनेमाघरों में वापस आने लगते हैं. कोविड के बाद, हम सभी थोड़े डरे हुए थे कि क्या वे वापस आएंगे. भारत में आज भी सिनेमा सबसे किफायती एंटरटेनमेंट ऑप्शन है. पूरा परिवार साथ में फिल्म देखने जाता है और फिल्म खत्म होने के बाद भी उसी की बातें करता रहता है. यह सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने वाला एक शानदार एक्सपीरियंस भी है. हां, अगर पॉपकॉर्न के दाम थोड़े कम हो जाएं तो बात और भी बेहतर हो जाएगी.”  धुरंधर की तारीफ करते हुए क्या बोले राम चरण धुरंधर की तारीफ करते हुए राम चरण ने कहा, “मुझे यह फिल्म बेहद शानदार लगी. हाल ही में मैंने इसे OTT पर देखा और फिल्म का हर पहलू बिल्कुल सही तरीके से काम करता है. इसकी कहानी, ट्रीटमेंट और गति सब कुछ शानदार था. इस फिल्म ने लोगों को एकजुट किया है. यही वजह है कि इसने 1800 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया. बॉक्स ऑफिस का आंकड़ा सिर्फ कमाई नहीं दिखाता, बल्कि यह बताता है कि कितने लोगों ने फिल्म को पसंद किया.  धुरंधर और धुरंधर- द रिवेंच के बारे में आदित्य की फिल्म ‘धुरंधर’ दिसंबर 2025 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसने दुनिया भर में 1300 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की. ‘धुरंधर: द रिवेंज’ इसी साल मार्च में रिलीज हुई और इसने दुनिया भर में 1800 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन किया. ये दोनों फिल्में जबरदस्त हिट रहीं और इनमें हमजा उर्फ ​​जसकिरत सिंह रंगी (रणवीर) की कहानी दिखाई गई है, जिसे आतंकी शिविरों में घुसपैठ करने के लिए पाकिस्तान के लयारी भेजा जाता है. पेड्डी का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बुची बाबू सना की फिल्म ‘पेड्डी’, जिसमें राम चरण और जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं, 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई. ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, फिल्म ने भारत में 235 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया और रिलीज के 19 दिनों में दुनिया भर में 331 करोड़ रुपये का कुल कलेक्शन किया.