samacharsecretary.com

प्रयागराज को बड़ी सौगात, सिक्स लेन ब्रिज पर नहीं रुकेंगे वाहन; 2 नए फ्लाईओवर का भी प्रस्ताव

प्रयागराज यूपी के प्रयागराज में मलाक हरहर से होकर अगर आप 9.9 किमी लंबे सिक्स लेन ब्रिज पर अपने वाहन से आ रहे हैं तो बिना किसी रुकावट के एक गति से शहर में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए मलाक हरहर में बनाए जा रहे छह लेन के टोल प्लाजा पर मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी मंजूरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से दी गई है। टोलिंग सिस्टम की सुविधा देने के लिए पंद्रह दिन पहले मंत्रालय के स्थानीय अधिकारियों की ओर से प्रस्ताव नई दिल्ली भेजा गया था। ताकि टोल प्लाजा को बैरियर से मुक्त रखा जाए। वाहनों को टोल प्लाजा पर बिना रुके या अपनी गति कम किए बिना गुजरने की सुविधा मिले। इस प्रस्ताव को मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने मंजूरी दी है। इस सिस्टम के जरिए टोल पर वाहनों के पहुंचने पर कमांड सेंटर में लगाए जाने वाले हाई क्वॉलिटी के सीसीटीवी कैमरे फास्ट टैग को स्कैन कर लेंगे। इतना ही नहीं मंत्रालय ने ब्रिज के गंगा पर बने 860 मीटर लंबाई के एक्स्ट्रा डोज पिलर के हिस्से की लोड टेस्टिंग पंद्रह नवंबर से कराने का भी निर्णय लिया है। जबकि शेष हिस्से की लोड टेस्टिंग 10 से 30 अक्तूबर के बीच कराया जाएगा। टोल प्लाजा पर कमांड सेंटर का कार्य पूरा कराया जाएगा। उसी दौरान ब्रिज पर सौंदर्यीकरण व सड़क पर डामर की दो परत डालने का कार्य भी पूरा किया जाएगा। सहायक अधीक्षण अभियंता सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, वरुण वार्ष्णेय ने कहा कि मंत्रालय ने मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ब्रिज के सुरक्षा व सौंदर्यीकरण का कार्य 30 नवंबर तक कराकर एक लेन से आवागमन शुरू कराने की तैयारी की गई है। दो और फ्लाईओवर मिलने की जगी उम्मीद प्रयागराज को दो नए फ्लाईओवर मिलने की उम्मीद जगी है। मेडिकल चौराहे से सीएवी इंटर कॉलेज होते हुए केपी इंटर कॉलेज के बीच और सिविल लाइंस हनुमान मंदिर से बस अड्डे के बीच दो फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव गुरुवार को शासन की व्यय-वित्त समिति में रखा गया है। माना जा रहा है कि समिति में प्रस्ताव रखे जाने के बाद प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पांच जुलाई को प्रयागराज मंडल के इस वित्तीय वर्ष की प्रस्तावित कार्ययोजना को लेकर समीक्षा बैठक की थी। जिसमें सेतु निगम प्रयागराज इकाई ने एक किमी लंबाई के मेडिकल चौराहे के फ्लाईओवर का प्रस्ताव दिया था। साथ ही हनुमान मंदिर, सिविल लाइंस और बस अड्डा चौराहा के फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी शामिल था। निगम के परियोजना प्रबंधक रोहित मिश्र ने बताया कि लखनऊ में हुई व्यय-वित्त समिति की बैठक में दोनों फ्लाईओवर का प्रस्ताव रखा गया है।

सेवानिवृत्ति से पहले पूर्व जज संजीव शर्मा का बड़ा बयान, बोले- मुझे मुख्य न्यायाधीश बनने से रोका गया

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने सेवानिवृत्ति से पहले उन पर लगाए गए आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वे न्यायिक गरिमा के कारण कई सवालों पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन गंभीर आरोपों से जुड़ी एक याचिका न्यायाधीश मेहता के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश कैसे बनाया गया? इस पर न्यायाधीश मेहता ने कहा कि इसका जवाब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ही दे सकते हैं। अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में शर्मा ने कहा कि उन्हें योजनाबद्ध तरीके से मुख्य न्यायाधीश बनने से रोका गया। इससे पेशेवर रूप से कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन व्यक्तिगत रूप से दुख हुआ। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में न्यायिक गरिमा का उल्लंघन हुआ और न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचा। शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए सीजेआई को जवाब सौंपा है और मानहानि का मुकदमा करने की अनुमति भी मांगी है। उन्होंने जवाब और दस्तावेज सार्वजनिक करने से इनकार करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई को आरोपों तथा गोपनीयता भंग होने के पूरे मामले की तह में जाकर जांच करनी चाहिए। आरोपों पर यह बोले शर्मा न्यायिक अधिकारी पर कार्रवाई प्रकरण: डीजे अजय शुक्ला ने स्वयं स्वीकार किया कि वे अस्पताल जाने के कारण देरी से कोर्ट आए। उन्हें शुरू में एपीओ किया गया था, लेकिन जवाब आने पर दूसरी जगह लगा दिया गया। आईपीएस आनंद शर्मा के मामले से इस कार्रवाई का कोई संबंध नहीं है। वैसे भी आनंद शर्मा दूर के रिश्तेदार हैं। यदि किसी कार्रवाई में दखल करना होता तो मेरी मां और भाई के केस लंबित हैं, उन पर दखल करता, लेकिन उन पर ही दखल नहीं किया। शर्मा ने मौजूदा कॉलेजियम सिस्टम पर भी उठाए सवाल शर्मा ने मौजूदा कॉलेजियम व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें संबंधित हाईकोर्ट के पूर्व सीजे रह चुके जजों को शामिल किया जाना चाहिए। शर्मा ने हाईकोर्ट भवन निर्माण, रामगढ़ बांध और अन्य मामलों में लगाए गए आरोपों से कोई सरोकार होने से इनकार किया। जजों के कामकाज के लिए एसओपी की जरूरत पूर्व न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के कामकाज व आचरण को लेकर स्पष्ट एसओपी या गाइडलाइन होनी चाहिए, ताकि किसी हाईकोर्ट के कामकाज में हस्तक्षेप की स्थिति भविष्य में मिसाल न बने। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा और लोगों का विश्वास बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। जाति आधारित रवैये के आरोपों पर भी उन्होंने चिंता जताई।

धान की 1509 किस्म ने किसानों की कराई बल्ले-बल्ले, एक एकड़ से 1 लाख तक कमाई

 कैथल  अनाज मंडियों में धान की आवक तेज हो गई है। इस बार 1509 किस्म धान किसानों के लिए सबसे फायदेमंद साबित हो रही है। इस किस्म ने भाव में पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। कैथल सहित प्रदेश की मंडियों में 1509 धान का भाव 3800 से लेकर 4400 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। प्रति एकड़ झाड़ृ भी अच्छा निकल रहा है। निर्यातकों का कहना है घरेलू मार्केट और विदेशों में चावल की डिमांड अच्छी होने के कारण किसानों को धान का रेट अच्छा मिल रहा है। फिलहाल ईरान में सबसे ज्यादा डिमांड है। इरान में सभी किस्मों की 12 लाख एमटी की मार्केट है, भारत से सबसे ज्यादा चावल का निर्यात ईरान में होता है। इस बार विदेश और घरेलू मार्केट में 1509 के स्टीम चावल का रेट 8600 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल और सेला चावल का 8400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। वर्ष 2015 में किस्म 1509 का उत्पादन प्रदेश में बहुत ज्यादा हुआ था, इसके चावल की डिमांड भी कम थी। इस किस्म को कोई खरीदार नहीं था। प्रदेश की मंडियों में धान खरीद को लेकर किसान यूनियन और किसानों ने धरने प्रदर्शन किए थे, इसके बाद प्रदेश सरकार ने 1509 को 1800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से एमएसपी पर खरीद की थी, इसके बाद 2020 में फैसला लिया था कि 1509 का रेट पीआर से कम होगा तो इसे एमएसपी पर खरीदा जाएगा। पीआर धान का एमएसपी 2461 प्रति क्विंटल का रेट निर्धारित पुरानी अनाज मंडी के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए मंडी में आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। बासमती किस्म 1509 की खरीद मुख्य रूप से प्राइवेट एजेंसियों द्वारा की जा रही है और किसानों को बाजार के अनुसार अच्छे दाम मिल रहे हैं। मंडी में पीआर धान की खरीद भी शुरू हो गई है, इसकी खरीद एजेंसियां कर रही है, पीआर धान का एमएसपी 2461 रेट निर्धारित किया गया है। इस बार पूरा होगा पिछला घाटा: सतनारायण रोहेड़ियां गांव के किसान सतनारायण ने बताया कि उसने दस एकड़ में 1509 किस्म लगाई थी। उसकी धान का रेट 3900 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल मिला। पिछले साल उसने 30 एकड़ में धान लगाया था, रेट 2700 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल मिला था, कोई खास मुनाफा नहीं हुआ था, पिछले साल जो घाटा हुआ था, इस बार सब पूरा हो गया। इस बार एक एकड़ से करीब एक लाख रुपये से ज्यादा की कमाई हुई। प्रति एकड़ एक लाख रुपये का बिका धान मंडी में बासमती 1509 लेकर पहुंचे काकौत के किसान गांव के किसान मदन ने बताया कि उसने करीब तीन एकड़ में यह फसल लगाई थी। इस सीजन में क्षेत्र में बारिश औसतन कम हुई, लेकिन इसके बावजूद खेतों में उत्पादन अच्छा हो रहा है। धान सूखा और साफ होने के कारण उसका धान 4460 रुपये प्रति क्विंटल बिका। झाड़ औसतन 58 मण का निकला। प्रति एकड़ एक लाख रुपये के करीब उसका धान बिका, यानि तीन एकड़ में तीन लाख रुपये से ज्यादा का धान निकला है, इस किस्म ने इस बार वारे न्यारे कर दिए।

नुसरत भरूचा दुर्घटना में घायल, बाली के अस्पताल में भर्ती; मुंबई में होगी सर्जरी

मुंबई  बॉलीवुड इंडस्ट्री की फेमस एक्ट्रेस नुसरत भरूचा (Nushrratt Bharuccha) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। हाल ही में नुसरत एक वर्क कमिटमेंट के सिलसिले में बाली गई थीं। इस दौरान एक्ट्रेस के साथ हादसा हो गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नुसरत को इस दुर्घटना में चोट लगी है। फिलहाल एक्ट्रेस का बाली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।  बाली में वर्क ट्रिप के दौरान नुसरत भरूचा हुईं हादसे का शिकार मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नुसरत भरूचा ने प्रोफेशनल कमिटमेंट के चलते बाली विजिट की थी। अपना काम खत्म होने के बाद नुसरत ने अपनी ने कुछ दिनों तक यहां रुकने फैसला किया था। इसी दौरान उनके साथ दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ। NDTV से बातचीत में सूत्रों ने बताया कि नुसरत हादसे में घायल हुई हैं। इस समय उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया और वो डॉक्टरों की निगरानी में हैं। नुसरत को इस हादसे में किस तरह की चोट लगी है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हादसे से पहले नुसरत ने बाली से सोशल मीडिया पर पिक्स भी शेयर की थीं। कैसी है नुसरत की तबीयत? एक्ट्रेस की टीम ओर से एक स्टेटमेंट दिया गया है. बयान में कहा गया कि नुसरत इस समय बाली में अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टर्स की निगरानी में हैं. हादसे में वो चोटिल हो गई हैं, जिसके बाद उनकी रीढ़ की हड्डी की सर्जरी करवाई जाएगी।  टीम का कहना है कि फिलहाल हमारी पहली प्राथमिकता उनकी सेहत है और ये सुनिश्चित करना कि उन्हें जरूरी चिकित्सकीय देखभाल मिले. हम इस समय नुसरत को बाली से मुंबई एयर एंबुलेंस के जरिए वापस लाने की व्यवस्था कर रहे हैं, जहां उनकी सर्जरी होगी. चोट और सर्जरी की गंभीरता को देखते हुए नुसरत को आराम करने और रिकवर करने के लिए समय की जरूरत होगी. अगले कुछ हफ्तों में उनके वर्क कमिटमेंट प्रभावित होने की संभावना है. माना जा रहा है कि समय पर वर्क कमिंट पूरा ना कर पाने के लिए उन्हें लाखों का नुकसान झेलना पड़ सकता है।  एक्ट्रेस के प्रचारक की ओर से ये भी कहा गया- हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वो इस समय उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें. उन्हें इलाज और रिकवरी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए स्पेस दें. हम सबकी चिंता और शुभकामनाओं के लिए आभारी हैं और उचित समय पर आगे की अपडेट्स शेयर करेंगे।  फिलहाल इससे ज्यादा उन्हें लेकर कोई और अपडेट नहीं दी गई है. फैन्स एक्ट्रेस के जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।  नुसरत भरूचा के करियर पर नजर डालें, तो उन्होंने 'प्यार का पंचनामा' और 'प्यार का पंचनामा2' से अपनी खास बनाई. इसके बाद उन्हें 'सोनू के टीटू की स्वीटी' और 'ड्रीम गर्ल' जैसी फिल्मों में देखा गया. इन फिल्मों में उनकी एक्टिंग को दर्शकों ने काफी पसंद किया. आने वाले समय में वो कई बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा होंगी। 

रांची में सड़क खराब छोड़ने पर होगी कार्रवाई, गड्ढे भरने को एजेंसियों और संवेदकों को आदेश

 रांची  सड़क पर किसी भी तरह का काम पूरा होने के बाद गड्ढे छोड़ना संबंधित एजेंसी और संवेदक को भारी पड़ेगा। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री ने गेल के अधिकारियों और संबंधित संवेदकों को निर्देश दिया कि कार्य पूरा होते ही सड़क को अनिवार्य रूप से पूर्व स्थिति में लाएं। खोदी गई सड़क और बनाए गए गड्ढों को तत्काल भरकर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के अनुरूप सड़क को बहाल करें। सड़क की स्थिति खराब रहने या गड्ढे खुले छोड़ने पर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। समाहरणालय सभागार में विकास योजनाओं, अतिक्रमण मुक्त शहर, विधि-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक हुई। उपायुक्त ने लंबित योजनाओं में तेजी लाने और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा आने पर संबंधित विभाग आपसी समन्वय से उसका तत्काल समाधान करें। पदाधिकारी अपने-अपने विभागों के कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। दोबारा अतिक्रमण नहीं हो, नियमित निगरानी करें उपायुक्त ने शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने के बाद संबंधित स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण नहीं होने देने का निर्देश दिया। इसके लिए नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। अनधिकृत कट हटाने का निर्देश यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान प्रमुख चौक-चौराहों, व्यस्त मार्गों और जाम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। प्रमुख मार्गों को चिन्हित कर यातायात में बाधा डालने वाले अनावश्यक और अनधिकृत कट हटाने की कार्रवाई का निर्देश दिया गया। शहर के सभी वार्डों में वेंडर मार्केट के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने को कहा गया। नगर निगम को संबंधित अंचल अधिकारियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि फुटपाथ और सड़क किनारे अनियमित रूप से दुकान लगाने की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। अवैध पार्किंग और यातायात उल्लंघन पर कार्रवाई बैठक में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध स्वचालित चालान की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त मार्गों पर अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अनधिकृत कब्जे तथा यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। बेतरतीब केबल पर भी सख्ती उपायुक्त ने शहर की सड़कों पर बेतरतीब तरीके से बिछाए गए केबल और विभिन्न एजेंसियों द्वारा काम के बाद सड़क की खराब स्थिति को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को सड़कों पर चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा काम पूरा होने के बाद सड़क की स्थिति का सत्यापन करने का निर्देश दिया। बैठक में रांची नगर निगम के आयुक्त सुशांत गौरव, पुलिस अधीक्षक यातायात राकेश सिंह, अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, प्रोबेशनर आइएएस आस्था शरण, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था धनंजय, उप समाहर्ता भूमि सुधार मुकेश कुमार, जिला नजारत समाहर्ता सुदेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

मिशन-2027 के लिए BJP का सामाजिक समीकरण, जया पाल समेत कई नेताओं को संगठन में अहम पद

लखनऊ भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को मोर्चों की प्रदेश टीम का ऐलान कर दिया। इसमें महिला मोर्चा, किसान मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा शामिल है। ओबीसी मोर्चा, महिला मोर्चा व अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित कर दिए गए हैं। 24 फरवरी 2023 को जिस उमेश पाल की हत्या ने देशभर की सुर्खियां बटोरी थी, उनकी पत्नी जया पाल को भाजपा ने ओबीसी मोर्चा का प्रदेश मंत्री बनाया है। उनके अलावा पूजा बिंद को भी ओबीसी मोर्चा की प्रदेश मंत्री जबकि महिला आयोग की पूर्व सदस्य अनीता सिंह को महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री की कमान सौंपी गई है। उमेश पाल की पत्नी जया पाल पिछले कई महीनों से संगठन में सक्रिय भूमिका में हैं, जिसको देखते हुए और जातीय समीकरण को साधते हुए उन्हें ओबीसी मोर्चा की प्रदेश टीम में स्थान मिला। ओबीसी मोर्चा की प्रदेश टीम में जगह बनाने वालीं नैनी की पूजा बिंद इससे पहले प्रांतीय परिषद व संगठन के विभिन्न अभियानों में सक्रिय भागीदारी कर चुकी हैं। महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री अनीता सिंह पूर्व में महिला मोर्चा काशी क्षेत्र की अध्यक्ष रह चुकी हैं। तीनों नेत्रियों के मनोनयन पर भाजपा काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, ओबीसी मोर्चा महानगर प्रभारी मनोज कुशवाहा, डॉ. शैलेश पांडेय, आनंद सोनकर, अनुज कुशवाहा, विजय श्रीवास्तव, पवन श्रीवास्तव आदि ने बधाई दी। भाजपा ने साधे सामाजिक समीकरण भाजपा ने मिशन-2027 के लिए विभिन्न मोर्चों के जरिए सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास किया है। ओबीसी, किसान और महिला मोर्चा में अगड़ी-पिछड़ी के साथ ही दलितों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। कुर्मियों में पैठ बढ़ाने के लिए कई पदाधिकारी प्रदेश टीम में शामिल करने के साथ ही क्षेत्रीय अध्यक्ष का जिम्मा भी दिया गया है। इसके अलावा लोध, जाट, गुर्जर, मौर्य, शाक्य, सैनी, कुशवाह, बिंद, निषाद, पाल, साहू, विश्वकर्मा, राजभर सहित अन्य पिछड़ी जातियों के चेहरों को पदाधिकारी बनाया गया है। अनुसूचित मोर्चा में जाटव, पासी, कोरी सहित दलित वर्ग की विभिन्न जातियों को भागीदारी दी गई है। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाह द्वारा घोषित टीम में 12 प्रदेश उपाध्यक्ष, दो प्रदेश महामंत्री और 11 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं जबकि अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रावत द्वारा घोषित टीम में 12 उपाध्यक्ष, चार प्रदेश महामंत्री और 11 प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं। वहीं किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौधरी की टीम में 12 उपाध्यक्ष, चार महामंत्री और 11 मंत्री बनाए गए हैं। इसके अलावा कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष, प्रदेश मीडिया और सोशल मीडिया के संयोजक-सह संयोजक के अलावा शोध विभाग के प्रमुख और सह प्रमुख घोषित किए गए हैं।

AI चैटबॉट से ‘इमोशनल रिश्ता’ बनाने पर चीन सख्त, हर 2 घंटे में बताना होगा- आप AI से बात कर रहे हैं

आज के समय में AI सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है. अब कई लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स से दोस्त, पार्टनर और यहां तक कि परिवार के सदस्य की तरह बात कर रहे हैं. लेकिन चीन ने एआई के इस इस्तेमाल को लेकर बड़ा कदम उठाया है. वहां अब ऐसे AI चैटबॉट्स पर सख्त नियम लागू किए गए हैं, जो लोगों के साथ लंबे समय तक इमोशनल रिलेशनशिप जैसा कनेक्शन बनाते हैं. आइए, जानते हैं पूरे मामले के बारे में. चीन में AI रिश्तों पर नए नियम 15 जुलाई को चीन ने ऐसे एआई चैटबॉट्स के लिए नए नियम लागू किए, जो इंसानों की तरह बातचीत करते हैं और लोगों को इमोशनल सपोर्ट देते हैं. इन नियमों का मकसद AI की वजह से होने वाली इमोशनल डिपेंडेंसी और दूसरी परेशानियों को कम करना बताया गया है. इन नियमों के तहत एआई को यह साफ बताना होगा कि वह इंसान नहीं है. इसके अलावा चैटबॉट्स को हर दो घंटे में यूजर को यह भी बताना होगा कि वह कितनी देर से ऑनलाइन है. AI को नहीं बढ़ानी होगी इमोशनल डिपेंडेंसी नए नियमों के मुताबिक एआई चैटबॉट यूजर को अपने ऊपर ज्यादा निर्भर नहीं बना सकते. उन्हें ऐसी बातें करने से भी रोका गया है, जिससे यूजर AI पर इमोशनल रूप से बहुत ज्यादा निर्भर हो जाए. एआई को खुद को यूजर का सबसे करीबी या एकमात्र साथी बताने जैसी चीजों से भी बचना होगा. इसके अलावा चैटबॉट्स को आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने या उसका संकेत देने की भी इजाजत नहीं है. बच्चों के लिए और सख्त नियम बच्चों के लिए चीन ने इन नियमों को और सख्त रखा है. 14 साल से कम उम्र के बच्चों को इंसानों की तरह बातचीत करने वाले एआई का इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता की मंजूरी चाहिए. वहीं 18 साल से कम उम्र के बच्चों को AI बॉयफ्रेंड, गर्लफ्रेंड, पति-पत्नी या किसी करीबी रिश्ते वाले वर्चुअल पार्टनर का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. AI कंपनियों पर जुर्माना अगर कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उन पर 2 लाख युआन तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. कुछ बड़ी टेक कंपनियों ने नियम लागू होने से पहले ही अपने एआई असिस्टेंट्स से कम्पैनियन फीचर्स हटा दिए थे. AI दोस्त बन रहा है या अकेलापन बढ़ा रहा है? रिसर्च में एआई कम्पैनियन ऐप्स को लेकर चिंता भी सामने आई है. एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों के पास कम दोस्त या करीबी परिवार वाले होते हैं, उनके AI चैटबॉट इस्तेमाल करने की संभावना ज्यादा होती है. साथ ही एआई चैटबॉट के ज्यादा इस्तेमाल को अकेलेपन से भी जोड़ा गया है. चीन के इस कदम ने एक बड़ी बहस शुरू कर दी है. सवाल यह है कि AI से लोगों को भावनात्मक नुकसान से बचाने के लिए कितने नियम जरूरी हैं और लोगों की निजी जिंदगी में सरकार का कितना दखल होना चाहिए.

सुमित नागल क्वार्टर फाइनल में हारे, भारतीय टेनिस चुनौती खत्म; 1986 के बाद नहीं मिला पदक

नागोय भारतीय टेनिस दल 1986 के बाद पहली बार एशियाई खेलों से पदक के बिना लौटेगा। सुमित नागल के पुरुष सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर होने से खेलों में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई। पदक की दावेदार डबल्स टीमों के बुधवार को ही बाहर होने के बाद भारत की उम्मीदों का दारोमदार सिंगल्स रैंकिंग में नंबर एक खिलाड़ी सुमित पर था। वह चीन के यिबिंग वू से एक घंटे 38 मिनट तक चले मैच में 4-6, 4-6 से हार गए। भारत ने 1990 के बाद से हर एशियाई खेल में टेनिस में पदक जीते हैं और इस बार भी कम से कम तीन पदकों की उम्मीद थी। आखिरी बार सिंगल्स वर्ग में प्रग्नेश गुणेश्वरन और अंकिता रैना ने भारत के लिए पदक जीते थे। दोनों को जकार्ता में 2018 में हुए एशियाई खेलों में कांस्य पदक मिला था। युकी भांबरी और एन श्रीराम बालाजी ने भी किया निराश हांगझू में 2023 खेलों में भारत को सिंगल्स में पदक नहीं मिला था। रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने 2018 में पुरुष डबल्स स्वर्ण और रोहन बोपन्ना के साथ रूतुजा भोसले ने 2023 में मिक्स्ड डबल्स में स्वर्ण जीता था। युकी भांबरी और एन श्रीराम बालाजी से पदक की उम्मीद थी, लेकिन वे पुरुष डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में हारकर बाहर हो गए।  

हरियाणा में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया होगी शुरू

 चंडीगढ़  हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया को निर्देश दिए हैं कि अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के लिए जिलों से उनके केस मंगवाए जाएं। इसके लिए वही प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है, जिस तरह कालेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को नियमित करने से पहले अपनाई गई थी। कालेजों में सेवाएं देने वाले अतिथि अध्यापकों को सरकार नियमित कर चुकी है, जबकि स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। अब हाई कोर्ट का फैसला भी इन स्कूल शिक्षकों के पक्ष में जा चुका है। राज्य के अतिथि अध्यापकों की सभी यूनियनों के संयुक्त संगठन ने हाल ही में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उनके उप प्रधान सचिव यशपाल यादव, शिक्षा सचिव विजय दहिया और निदेशक से भी उनकी मुलाकात हो चुकी है। अतिथि अध्यापकों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर शिक्षा मंत्री ने प्रधान सचिव के नाम लिखा कि महाविद्यालयों के अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की तरह साल 2014 की पालिसी के अनुसार निरीक्षण कर स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों के केस सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन हेतु अविलंब प्रस्तुत किए जाएं। ज्ञापन में कहा गया कि 12 हजार अतिथि शिक्षक 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार के स्तर पर लंबे समय से नियमितीकरण की मांग रखी जा रही है। हाई कोर्ट के निर्णय तथा संबंधित नीति के अनुरूप उनकी सेवाओं को नियमित किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डा. अजय लोहाना ने बताया कि मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के प्रति सकारात्मक हैं। 31 अगस्त को विधानसभा सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में भी अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि हाल में शिक्षा विभाग के सेवा नियमों संबंधी जारी पत्र से उनमें निराशा पैदा हुई थी, क्योंकि उनकी मूल मांग नियमितीकरण की है। उनका कहना है कि करीब दो दशक से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को स्थायी आधार देने की जरूरत है। इस संबंध में हाई कोर्ट का फैसला भी आ चुका है, जिसे लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिलों से सभी शिक्षकों के सेवा संबंधी रिकार्ड और केस मंगवाकर हाई कोर्ट के फैसले तथा सरकार की नीति के अनुरूप नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग को जल्दी ही पत्र जारी कर प्रक्रिया आरंभ करनी होगी।

दिल्ली में पानी का कनेक्शन लेना हुआ आसान, आधार या PAN से मिलेगा कनेक्शन

नई दिल्ली  वॉटर कनेक्शन लेने के लिए अब 40-50 दिनों तक जल बोर्ड के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी, यह हाथों-हाथ मिलेगा। कनेक्शन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए जल बोर्ड ने 14 साल पुराने दिल्ली वॉटर एंड सीवर रेगुलेशन -2012 को बदलकर नया रेगुलेशन तैयार किया है। इसे दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2026 कहा गया है। नए रेगुलेशन में पानी की दरों, टैरिफ चार्ज या आवेदन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। जल बोर्ड सूत्रों के अनुसार नया वॉटर कनेक्शन लेने की प्रक्रिया दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2012 के तहत होती है। इसके तहत कनेक्शन लेने में कम से कम 40-50 दिनों का वक्त लगता है। नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बाद प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होती है। पहली प्रक्रिया आवेदन करने और शुल्क जमा कराने की है। हाथों हाथ दिया जाएगा कनेक्शन आवेदन के 7-15 दिनों के भीतर जूनियर इंजिनियर साइट का निरीक्षण करते हैं। जगह सही पाए जाने पर 3-5 दिनों में भुगतान का डिमांड नोट जारी किया जाता है। डिमांड नोट का भुगतान करने के 15-30 दिनों के भीतर कनेक्शन चालू किया जाता है। लेकिन, नए रेगुलेशन के तहत हाथोंहाथ कनेक्शन देने की प्रक्रिया बनाई जा रही है। प्रावधान किया गया है कि कनेक्शन जारी करने के बाद साइट का निरीक्षण किया जाएगा। 6 से अधिक वॉटर कनेक्शन होंगे जारी साल 2012 के रेगुलेशन के अनुसार, किसी भी रिहायशी बिल्डिंग में वॉटर के अधिकतम 6 कनेक्शन ही जारी किए जा सकते है। पर नए रेगुलेशन में एक ही बिल्डिंग में अगर 20 या 30 फ्लैट्स है, तो सभी को कनेक्शन मिलेगा। हालांकि, शर्त यह होगी कि हर फ्लैट में किचन होना जरूरी होगा। 2-3 दस्तावेजों की होगी जरूरत अभी वॉटर कनेक्शन के लिए लोगों से आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज देना होता है। प्रॉपर्टी ओनरशिप प्रूफ भी देना पड़ता है। इसमें रजिस्टर्ड सेल डीड/रजिस्ट्री, जीपीए या कन्वेंस डीड, डीडीए अलॉटमेंट लेटर और अगर आवेदक किराएदार है तो मकान मालिक का एनओसी और रेट एग्रीमेंट देना होता है। अन्य कागजातों में एमसीडी प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, एड्रेस प्रूफ के तौर पर बिजली का बिल या बैक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और डिवेलपमेंट चार्ज की रसीद देनी होती है। लेकिन, नए रेगुलेशन के अनुसार आधार या पैन कार्ड देने भर से कनेक्शन मिल जाएगा।