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राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले सरकार की तैयारी तेज, CM ने सरपंचों से योजनाओं पर की चर्चा

जयपुर राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले बीजेपी ने गांवों पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल स्थित तक्षशिला ऑडिटोरियम में पंचायती राज जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों से भी जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास, जनसेवा और पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सरपंचों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांव मजबूत होंगे तो विकसित भारत का संकल्प भी मजबूत होगा। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को ग्रामीण विकास और स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। नवाचार करने वाले सरपंचों का सम्मान कार्यक्रम में अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य और नवाचार करने वाले पंचायती राज जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। सरपंचों ने गांवों में किए जा रहे अलग-अलग प्रयोगों और विकास कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की। इनमें स्वच्छता, बालिका शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और सामुदायिक स्तर पर पारंपरिक त्योहारों के आयोजन जैसे प्रयास शामिल रहे। आदिवासी क्षेत्र के एक सरपंच ने बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हॉस्टल निर्माण और आसपास के गांवों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने की पहल बताई। वहीं झुंझुनूं जिले की एक सरपंच ने गांव में शुरू किए गए बर्तन बैंक के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ऐसे स्थानीय नवाचारों को ग्रामीण विकास में उपयोगी बताया। 'सरपंच साहब' वाली पहचान का किया जिक्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरपंचों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरपंच बनने के बाद यह पहचान लंबे समय तक लोगों के साथ जुड़ी रहती है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी जब वे अपने गांव जाते हैं तो वहां के लोग उन्हें मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि 'सरपंच साहब' कहकर बुलाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहचान बताती है कि पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों की गांव के लोगों के बीच कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कांग्रेस पर भी साधा निशाना पंचायत चुनाव के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है और सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त खर्च होता है। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने पंचायतों में विकास की निरंतरता बनाए रखने के लिए सरपंचों पर भरोसा किया और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया, जिससे गांवों के विकास कार्य बाधित न हों। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग होटल में बंद रहकर सरकार चलाते थे, वे आम लोगों की समस्याओं को कैसे समझेंगे। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार के काम का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अब तक 1 लाख 94 हजार युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर सीएम ने सरपंचों से कहा कि गांव में उनके आसपास रहने वाला कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने 'दिया तले अंधेरा नहीं होना चाहिए' का संदेश देते हुए जनप्रतिनिधियों से लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी समस्या के समाधान में सरकारी स्तर पर परेशानी आ रही हो तो उसकी जानकारी सरकार तक पहुंचाई जाए। कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य मंत्री ओटाराम देवासी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। पंचायत चुनाव से पहले हुए इस संवाद में सरकार ने ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रमुखता दी।

बिहार में अब पर्यटन स्थलों पर होगी ‘सुपर पेट्रोलिंग’, पुलिस अफसरों को मिले सख्त निर्देश

पटना राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर गुरुवार को गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने पुलिस मुख्यालय में वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान शुक्रवार से सोमवार तक अलग-अलग जिलों में भेजे गए एडीजी से लेकर आइजी-डीआइजी स्तर के 36 पुलिस अफसरों की रिपोर्ट भी साझा की गई। समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि सभी जिलों में संवेदनशील स्थलों को क्राइम स्पाट के रूप में चिह्नित कर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। प्रभारी डीजीपी ने सभी जिलों में पर्यटन स्थलों एवं सेल्फी प्वाइंट पर पुलिस की तैनाती बढ़ाते हुए प्रभावी निगरानी के लिए 'सुपर पेट्रोलिंग' की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। पुलिस महानिदेशक के स्तर से सभी नोडल पदाधिकारियों को थानों में जनसंवाद के लिए बैठक आयोजित करने का निदेश भी दिया गया। नारकोटिक्स तथा साइबर क्राइम की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सीसीटीएनएस, सीसीटीवी, पुलिस कंट्रोल रूम, जिला नियंत्रण कक्ष एवं वायरलेस सिस्टम को सक्रिय एवं प्रभावी रूप से संचालित रखने पर विशेष जोर दिया गया। भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों में नारकोटिक्स गतिविधियों के संबंध में विशेष जानकारी एकत्रित करने तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित इकाइयों एवं जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। किशनगंज पुलिस की गुड मार्निंग वॉक को मिली सराहना समीक्षा बैठक के दौरान अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था, नारकोटिक्स एवं साइबर क्राइम की रोकथाम से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। इस दौरान किशनगंज पुलिस की ओर से संचालित 'गुड मार्निंग वाक' पहल की सराहना की गई। इसमें वरीय पुलिस पदाधिकारियों की तरफ से आमजनों के साथ सुबह भ्रमण कर उनसे संवाद स्थापित किया जाता है। अन्य जिलों को भी स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के सकारात्मक पहल संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। गृह सचिव की चेतावनी- लापरवाही पर नपेंगे एसडीपीओ-इंस्पेक्टर गृह विभाग के प्रधान सचिव ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), अंचल पुलिस निरीक्षक एवं थाना अध्यक्ष (एसएचओ) को अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निर्देश दिया गया कि जिन जिलों से वरीय पदाधिकारियों को टैग किया गया है, वे संबंधित जिलों में रात्रि प्रवास (नाइट स्टे) सुनिश्चित करते हुए पुलिसिंग एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की नियमित समीक्षा करें। सभी दोपहिया एवं चारपहिया पुलिस वाहनों को डायल-112 से जोड़ने की दिशा में आवश्यक प्रयास करने का निर्देश दिया गया, ताकि आपातकालीन पुलिस सेवा एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में न्यायालय से प्राप्त किसी भी कुर्की आदेश को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने का निर्देश दिया गया।

मीट दुकानों और स्लाटर हाउस के लिए झारखंड में नए नियम लागू, हाईकोर्ट में याचिका निष्पादित

रांची झारखंड हाईकोर्ट में खुले में कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सकार की ओर से बताया गया कि झारखंड में मीट दुकानों और स्लाटर हाउस के संचालन को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने नया रूल एवं रेगुलेशन प्रकाशित किया है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने जनहित याचिका को निष्पादित कर दी। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि नगर विकास विभाग ने राज्य में संचालित मीट दुकानों और स्लाटर हाउस को रेगुलेट करने के लिए नया रेगुलेशन प्रकाशित किया है। इसके तहत सभी मीट दुकानों और स्लाटर हाउस को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन, 2011 तथा प्रिवेंशन आफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (स्लाटर हाउस) रूल्स, 2001 के प्रविधानों का पालन करना होगा। नगर निकाय से एनओसी लेना होगा अनिवार्य नए रेगुलेशन के तहत प्रत्येक मीट दुकान और स्लाटर हाउस के लिए संबंधित नगर निगम या नगर निकाय से एनओसी लेना अनिवार्य होगा। एनओसी जारी करने से पहले संबंधित नगर निगम या नगर निकाय की ओर से मीट दुकान और स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद निर्धारित मानकों का अनुपालन पाए जाने पर एनओसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। खुले में मीट बिक्री के खिलाफ दायर हुई थी याचिका राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में दुकानों के बाहर खुलेआम कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री किए जाने के खिलाफ प्रार्थी श्यामानंद पांडेय ने झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि रांची शहर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में मीट विक्रेता खुले में कटे हुए बकरे और चिकन को प्रदर्शित कर बिक्री करते हैं। प्रार्थी ने इसे खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के विपरीत बताया था। राज्य सरकार की ओर से नए रेगुलेशन की जानकारी दिए जाने के बाद अदालत ने याचिका को निष्पादित कर दिया।

टोंक रोड पर फिल्मी अंदाज में चोरी, चादरें लगाकर Rado शोरूम से लाखों की घड़ियां ले गए चोर

  जयपुर जयपुर में गुरुवार तड़के करीब साढ़े चार बजे जब शहर सो रहा था और टोंक रोड पर राडो लग्जरी घड़ियों के शोरूम में चोरी का पूरा 'ऑपरेशन' चल रहा था। छह-सात नकाबपोश आए, शटर के बाहर दो चादरें तानीं और फिर शुरू हुआ घड़ियां समेटने का सिलसिला। महज 36 मिनट में बदमाश 251 घड़ियां बैगों में भरकर निकल गए। चोरी गई घड़ियों की शुरुआती कीमत करीब 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पूरी वारदात शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। सूत्रों के मुताबिक, चोरी की गई घड़ियों की कीमत 90 हजार से लेकर सात लाख रुपए तक है। आधा घंटे तक अंदर…क्या पहले से था 'नक्शा'? पुलिस को आशंका है कि चोरों को शोरूम की अंदरूनी व्यवस्था और महंगी घड़ियों के डिस्प्ले की पहले से जानकारी थी। हालांकि, यह भी जांच की जा रही है कि घड़ियों का चयन पहले से तय था या मौके पर किया गया। बदमाशों ने पहले आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी। मौका देखकर शटर के बाहर कपड़े की दो चादरें आड़ी लगाईं, ताकि अंदर चल रही गतिविधियां सड़क से दिखाई न दें। घटना के बाद जांच करती पुलिस इसके बाद शटर तोड़कर उसे ऊपर उठाया और एक-एक कर अंदर दाखिल हो गए। अंदर पहुंचते ही उनका निशाना तय था। महंगी घड़ियों वाले शोकेस और काउंटरों तक पहुंचे और बैगों में घड़ियां भरने लगे। सीसीटीवी फुटेज में नकाब पहने बदमाश टॉर्च की रोशनी में लगातार घड़ियां समेटते नजर आ रहे हैं। कोई शोकेस खंगाल रहा था तो कोई बैग भरने में जुटा था। चार राज्यों में पहले भी इसी कंपनी के शोरूम बने निशाना शुरुआती जांच में सामने आया है कि देश के अन्य राज्यों में भी राडो घड़ियों के शोरूम चोरों के निशाने पर रहे हैं। जयपुर पुलिस अब इन पुरानी वारदातों के पैटर्न और आरोपियों के तौर-तरीकों का बारीकी से मिलान कर रही है। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस तेलंगाना में पकड़े गए उस अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में भी पता लगा रही है, जिसने 11 राज्यों में ऐसे शोरूम को निशाना बनाने की बात कबूल की थी। कुल 251 घड़ियां चोरी होना बताया गया है। सड़क पर लोग गुजरते रहे पुलिस को आशंका है कि बदमाश बाइक या चौपहिया वाहन से आए थे। वाहन शोरूम से कुछ दूरी पर खड़ा करने या किसी साथी के उन्हें नजदीक छोड़ने की भी संभावना है। वारदात के दौरान सुबह की सैर करने वाले लोग और वाहन वहां से गुजरते रहे, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ताल शुरू कर दी है। सुबह 8 बजे खुला चोरी का राज दुर्गापुरा की चंद्रकला कॉलोनी निवासी शोरूम मालिक ने बजाज नगर थाने में मामला दर्ज कराया। सुबह करीब 8 बजे पड़ोसी दुकानदार ने शटर ऊंचा देखा तो मालिक को सूचना दी। अंदर जाकर देखा तो शोरूम में घड़ियों का बड़ा स्टॉक गायब था। शुरुआती जांच में 251 घड़ियां चोरी होना सामने आया है। मॉडल, कीमत और स्टॉक रिकॉर्ड का मिलान जारी है। इसके बाद चोरी गए माल की अंतिम कीमत स्पष्ट होगी। कई लग्जरी मॉडल लाखों रुपए कीमत के हैं। कैमरे बंद मिलने और लाइव मॉनिटरिंग न होने से खुली पोल पॉश और व्यस्त सड़कों में शुमार टोंक रोड पर चोरों ने सुरक्षा तंत्र को ठेंगा दिखाते हुए सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने लग्जरी घड़ी के शोरूम को आधे घंटे से अधिक समय तक इत्मीनान से खंगाला और करोड़ों रुपए की घड़ियां समेटकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी वारदात हो गई, लेकिन किसी को इसकी भनक नहीं लगी। शोरूम में न तो कोई अलार्म सिस्टम था और न ही कोई ऐसा अलर्ट तंत्र, जो चोरी की भनक लगते ही मालिक या पुलिस को सतर्क कर सके। अगले दिन सुबह जब पड़ोस का दुकानदार शोरूम पर पहुंचा, तब चोरी का खुलासा हुआ और उसने शोरूम मालिक लितेश को इसकी सूचना दी। गश्त व्यवस्था पर सवाल जिस जगह पर यह चोरी हुई, वहां से बजाज नगर थाना महज सवा किलोमीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद बदमाशों का इतनी देर तक बेखौफ होकर शोरूम के भीतर रहना पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और खुफिया तंत्र पर सवाल खड़े करता है। यदि रात के वक्त पुलिस की चौकसी मजबूत होती, तो चोरों के लिए इस तरह आसानी से वारदात को अंजाम देना मुश्किल होता। सुरक्षा के दावे कागजी शहर में अभय कमांड सेंटर के जरिए हजारों कैमरों से पैनी नजर रखने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन इस घटना ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शोरूम के आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरे या तो बंद मिले या फिर उन पर किसी की नजर ही नहीं पड़ी। कैमरों के होने के बावजूद लाइव मॉनिटरिंग का फेल होना बड़ी नाकामी है। एडिशनल डीसीपी ईस्ट पारस जैन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शोरूम में सुरक्षा के नाम पर अलार्म और अलर्ट सिस्टम दोनों ही नदारद थे। ये सवाल ताकि शहर रहे सुरक्षित बजाज नगर थाना इलाके में करोड़ों के सामान वाले इस शोरूम में हुई चोरी ने शहर के अन्य महंगे आभूषण, घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक शोरूमों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस को ऐसे प्रतिष्ठानों एवं शहर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना भी जरूरी हो गया है। क्या जयपुर में सुरक्षा का मतलब सिर्फ वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालना रह गया है? टोंक रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर चोर आधे घंटे से ज्यादा सक्रिय रहे, तो पुलिस गश्त कहां थी? बजाज नगर थाने से महज सवा किलोमीटर दूर वारदात हुई, फिर पुलिस की मौजूदगी का असर क्यों नहीं दिखा? रात में बंद रहने वाले शोरूमों की सुरक्षा पुलिस गश्त में क्यों नहीं है? क्या हजारों कैमरों के होने के बावजूद लाइव मॉनिटरिंग फेल हो रही है? क्या कमांड सेंटर के पास कैमरों के बंद होने या तकनीकी खराबियों का कोई रियल-टाइम डैशबोर्ड है? सेंधमारी होने पर मालिक को तुरंत सूचना देने वाला ऑटोमैटिक अलार्म सिस्टम क्यों नहीं था? क्या ऐसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों के लिए यह अनिवार्य किया जाना चाहिए? अपराध रोकने के लिए पुलिस, कमांड सेंटर और व्यापारियों के बीच कोई एकीकृत सुरक्षा तंत्र काम कर … Read more

स्कूल खेल प्रतियोगिताओं की नई तारीखें जारी, 4-6 और 9-11 अक्टूबर को होंगे मुकाबले

 चंडीगढ़ माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 59वें राज्य स्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिताओं के शेड्यूल में बदलाव किया है। जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों के अनुरोध के बाद विभाग ने नया शेड्यूल जारी कर दिया है। पहले चरण की प्रतियोगिताएं चार से छह अक्टूबर तथा दूसरे चरण की प्रतियोगिताएं नौ से 11 अक्टूबर तक होंगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक की ओर से जिला उपायुक्तों तथा जिला खेल अधिकारियों व परिवहन विभाग के महाप्रबंधकों को भी पत्र भेजा गया है। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि दूसरे जिलों से आने-जाने वाले खिलाडिय़ों के लिए आवश्यकतानुसार बसों की निर्बाध सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी इन खेल प्रतियोगिताओं के संचालन और खिलाडिय़ों के खान-पान व ठहरने का खर्च अपने स्वयं के तय बजट व स्कीम से ही जारी करेंगे। अकादमिक सेल को भी निर्देश दिए गए हैं कि इस नए टाइम टेबल को टीचर्स डायरी में अपडेट करें ताकि स्कूलों की नियमित पढ़ाई और परीक्षाओं पर इसका असर न पड़े

भारत-वेस्टइंडीज तीसरा वनडे आज, बेंच स्ट्रेंथ को परखने के साथ गेंदबाजी पर भी नजर

नई दिल्ली तीन मैचों की सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी भारतीय टीम नजर शनिवार को महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में क्लीन स्वीप के साथ बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मौका देने पर होगी। भारत ने सीरीज में दबदबा बनाए रखा है, लेकिन उनके प्रदर्शन के बजाय चर्चा पिच के बल्लेबाजी के अनुकूल होने पर केंद्रित रही है, क्योंकि पिछले वनडे में 800 से अधिक रन बने थे। इन परिस्थितियों की आलोचना करने वालों में भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी शामिल हैं, जो बल्ले और गेंद के बीच संतुलन देखना चाहते हैं। बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे में आठ विकेट से जीत के साथ भारत ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। उस मैच में कप्तान शुभमन गिल ने नाबाद 223 और रोहित शर्मा ने 101 रन बनाए थे। इस नतीजे ने टीम मैनेजमेंट को तुरंत मिलने वाले परिणाम से आगे देखने और उन खिलाड़ियों को परखने का मौका दिया है जिन्हें सीरीज में कम खेलने का मौका मिला है। इसलिए, कल अपराह्न होने वाला तीसरा वनडे भारत की बेंच स्ट्रेंथ (रिजर्व खिलाड़ियों) के लिए एक अहम मौका साबित हो सकता है। टॉप ऑर्डर ने दोनों मैचों में बनाए रन ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज और स्क्वाड में शामिल अन्य खिलाड़ियों पर विचार किया जा सकता है, क्योंकि भारत जीत का कॉम्बिनेशन बनाए रखते हुए खिलाड़ियों को खेलने का समय देना चाहता है। शुरुआती दोनों मैचों में रोहित-गिल और कोहली ने रन बनाए हैं। भारत की मूल वनडे टीम में 15 खिलाड़ी शामिल थे, जिनमें कप्तान गिल के अलावा रोहित, विराट कोहली, गायकवाड़, राहुल, ध्रुव जुरेल, नीतीश, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, सिराज, आकिब नबी, यशस्वी जायसवाल और नमन धीर शामिल थे। हालांकि, दूसरे वनडे के दौरान बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट लगने के कारण प्रसिद्ध निर्णायक मैच से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है। गेंदबाजों ने बढ़ाई टेंशन भारत को बीच के ओवरों में भी विकेट लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कुलदीप यादव को अन्य गेंदबाजों से ज्यादा सहयोग नहीं मिल रहा है। जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पिछले आठ मैचों में सिर्फ तीन विकेट लिए हैं। भारत के लिए सबसे बड़ी समस्या गेंदबाजी आक्रमण है। प्रसिद्ध कृष्णा बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग (मांसपेशियों में खिंचाव) में चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है। मोहम्मद सिराज को पहले दो मैच में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन वह इस मैच में वापसी कर सकते हैं। हैदराबाद के इस तेज गेंदबाज ने श्रीलंका दौरे के बाद से अपनी सर्वश्रेष्ठ लय नहीं पकड़ी है। वह हालांकि सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी छाप छोड़ने के लिए उत्सुक होंगे। भारत के वनडे तेज गेंदबाजी आक्रमण में जगह पाने की होड़ लगातार बढ़ती जा रही है। गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध और आकिब नबी जैसे खिलाड़ी भी दावेदारों में शामिल हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह की जगह पक्की बनी हुई है। इसलिए युवा तेज गेंदबाजों के लिए यह आखिरी वनडे मैच इस साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की सीरीज से पहले अपनी दावेदारी मजबूत करने का एक और मौका होगा। वेस्टइंडीज के पास आखिरी मौका मुल्लांपुर में पहली बार पुरुषों का वनडे मैच खेला जा रहा है, ऐसे में गेंदबाजों को उम्मीद होगी कि यहां की पिच तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी की पिचों की तुलना में अधिक मददगार साबित होगी। वेस्टइंडीज भले ही सीरीज हार चुका है लेकिन उसके बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। वेस्टइंडीज के लिए आखिरी वनडे सीरीज से कुछ हासिल करने का मौका है, क्योंकि दो हार के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में काफी सुधार दिखा है। गुवाहाटी में उनके 405/7 के स्कोर में जॉन कैंपबेल, शाई होप और अमीर जांगू के शतक शामिल थे। मेहमान टीम के इतने बड़े स्कोर ने दूसरे वनडे को हाई-स्कोरिंग मुकाबला बना दिया, हालांकि आखिर में भारत की जीत ने उनके प्रयास को फीका कर दिया।

भारत ने एशियन गेम्स में रचा इतिहास, महिला रिकर्व टीम का गोल्ड; कुल मेडल की संख्या पहुंची 72

नई दिल्ली एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन भारत का दमदार प्रदर्शन जारी है। दिन की शुरुआत तीरंदाजी में गोल्ड मेडल के साथ हुई। भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने कॉन्टिनेंटल इवेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में इतिहास रचा। रोमांचक फाइनल में खिताब की प्रबल दावेदार दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराया। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय टीम ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को मात दी। इसके बाद तीरंदाजी में ही भारत को दिन का दूसरा मेडल सिल्वर के रूप में मिला। कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा की जोड़ी फाइनल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसके बाद सेलिंग में भारत को नेत्रा कुमानन ने ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। मुक्केबाजी में लवलीना चमकी, जन्मदिन के खास मौके पर उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। तीरंदाजी में पुरुषों के रिकर्व टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। सेपकटकराव में भारतीय मेंस टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 65 किलो स्पर्धा में चीनी ताइपै की नियेन चिन चेन को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पहलवान सुजीत कलकल ने ओलंपिक चैंपियन कोटारा कियूका को 3-3 से हराकर एशियाई खेलों में पुरुषों के 65kg वर्ग के फाइनल में जगह बनाई। उनका गोल्ड मेडल मैच 2.46 से शुरू होगा। परवीन हुड्डा ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड परवीन हुड्डा ने शानदार प्रदर्शन के साथ महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में खिताबी मुकाबला जीता। भारतीय मुक्केबाज परवीन हूडा ने एशियन गेम्स में महिला 65 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने चीनी ताइपे की निएन-चिन चेन को 3-2 से हराया। सेपकटकराव: भारत ने पुरुषों के क्वाड्रंट में ब्रॉन्ज जीता भारत के अरुण, बॉबी कुमार, लोखोन सिंह, मालेमंगंबा सिंह, राम कुमार शर्मा और आकाश युमनन ने जापान के खिलाफ सेमीफाइनल हारने के बाद ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। आर्चरी: धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान ने जीता सिल्वर भारत ने पुरुषों के रिकर्व टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता, साउथ कोरिया ने आखिरी फेज में 2-0 से सेट जीतकर गोल्ड मेडल जीता, जिससे कुल मिलाकर 5-1 की जीत हुई। भारत के धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान ने सिल्वर मेडल के साथ मैच खत्म किया। बॉक्सिंग में लवलीना ने जीता गोल्ड मेडल लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75kg बॉक्सिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है, उन्होंने चीन की बाओ जियाई को 5-0 के एकमत फैसले से हराया। यह उनका एशियन गेम्स में पहला गोल्ड है।महिला बॉक्सिंग में यह भारत का सिर्फ दूसरा गोल्ड मेडल है। 2014 में मैरी कॉम के मेडल के बाद यह पहला गोल्ड मेडल है। लवलीना ने महिलाओं की 75kg का फाइनल एकमत फैसले से जीता। सेलिंग में नेत्रा कुमानन ने जीता ब्रॉन्ज मेडल नेत्रा कुमानन ने महिलाओं की डिंगी में 14 नेट पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता और फाइनल रेस में पहला स्थान हासिल करके मेडल पक्का किया। रेस से पहले वह चौथे स्थान पर थीं। वह हांगकांग चीन की ओलंपियन स्टेफ़नी नॉर्टन के बराबर पॉइंट्स पर रहीं, लेकिन बेहतर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की वजह से ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह इन एशियन गेम्स में भारत का तीसरा सेलिंग मेडल है, इससे पहले कल पुरुषों और महिलाओं के स्किफ़ इवेंट्स में क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज़ मेडल जीते थे। आर्चरी: दिहराज और कुमकुम ने रिकर्व मिक्स्ड टीम में सिल्वर जीता कुमकुम मोहोद और धीरज बोम्मादेवरा गोल्ड मेडल मैच में चीन से हार गए और सिल्वर मेडल अपने नाम किया। आर्चरी: अंकिता, कीर्ति, कुमकुम ने रिकर्व आर्चरी महिला टीम में गोल्ड जीता अंकिता भक्त, कीर्ति और कुमकुम मोहोद की भारतीय महिला टीम ने हैवीवेट साउथ कोरिया को हराकर महिला टीम रिकर्व आर्चरी में ऐतिहासिक गोल्ड जीता।  

जयपुर में उचित मूल्य दुकानों के लिए फिर शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया, 116 दुकानें खाली

जयपुर जिले में उचित मूल्य की दुकान लेने के इच्छुक लोगों के लिए बड़ा मौका है। जिला कलक्टर (रसद) कार्यालय ने 29 सितंबर को जारी विज्ञप्ति को निरस्त करते हुए 116 रिक्त उचित मूल्य दुकानों के आवंटन के लिए संशोधित विज्ञप्ति जारी की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान के दिशा-निर्देशों और आरक्षण व्यवस्था के तहत जिला रसद अधिकारी, जयपुर द्वितीय के क्षेत्राधिकार में आने वाली इन दुकानों के प्राधिकार पत्र जारी करने के लिए पात्र एवं इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। जिला कलक्टर (रसद) संदेश नायक ने बताया कि वर्ष 2023 की पुरानी विज्ञप्ति भी समाप्त कर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की गई है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। सामान्य श्रेणी में इन क्षेत्रों की दुकानें सामान्य श्रेणी में बस्सी तहसील की नगर पालिका बस्सी के वार्ड संख्या 9, 12, 21, मनोहरपुरा, दूधली, पडासोली, टहटडा टहटडा (दौपुर) तथा लालगढ़ शामिल हैं। तुंगा तहसील में खतेपुरा एवं बराला, फागी तहसील में मण्डोर, रोटवाड़ा, चकवाड़ा, नारेड़ा (छापरी), कंवरपुरा, माधोराजपुरा में भांकरोटा एवं रेनवाल मांजी तथा हीरापुर शामिल हैं। जॉबनेर तहसील में जोरपुरा जॉबनेर, आसलपुर, आईदान का बास, भैंसावा तथा नगर पालिका जोबनेर के वार्ड संख्या 3, 9 एवं 10 शामिल हैं। किशनगढ़-रेनवाल तहसील में मुंडियागढ़, लुनियावास, सुण्डो का बास, रामजीपुरा कलां, जुनसिया, काबरो का बास, मलिकपुर, बाघावास, भैंसलाना तथा नगर पालिका किशनगढ़-रेनवाल के वार्ड संख्या 20 एवं 3 शामिल हैं। फुलेरा तहसील में चैनपुरा (पीथावास), चैनपुरा (भावसा), सुरसिंहपुरा, आकोदा, रोजड़ी, श्रीरामपुरा तथा नगर पालिका सांभर के वार्ड संख्या 1, 4, 18, 1, 8 एवं नगर पालिका फुलेरा के वार्ड संख्या 10, 14 शामिल हैं। आंधी तहसील में महंगी, डांगरवाड़ा, थली एवं फूटोलाव, आमेर तहसील में रूण्डल तथा जालसू तहसील में चतरपुरा, नांगल सिरस एवं रामपुरा डाबड़ी शामिल हैं। सांगानेर तहसील में देहमीकलां (देहमीखुर्द), कपूरावाला, भम्भोरिया, वाटिका तथा नगर पालिका बगरू के वार्ड संख्या 1 एवं 2 शामिल हैं। दूदू तहसील में उरसेवा, बींगोलाव (हटुपुरा), साखून (जाखड़ों की ढाणी) एवं नानण तथा मौजमाबाद तहसील में गाडोता एवं धमाणा शामिल हैं। जयपुर ग्रामीण तहसील में मुण्डिया रामसर, मण्डाभोपावास एवं चकरामसर, शाहपुरा तहसील में छापड़ा खुर्द, नायन (त्रिलोकपुरा), नवलपुरा तथा नगर पालिका शाहपुरा के वार्ड संख्या 11, 13 एवं 14 शामिल हैं। चौमूं तहसील में गोविन्दगढ़ (कालू का बास), हस्तैड़ा, कालाडेरा, गोविन्दगढ़ तथा नगर पालिका चौमूं के वार्ड संख्या 12 एवं 9 शामिल हैं। चाकसू तहसील में नगर पालिका चाकसू के वार्ड संख्या 17 (पुराना), 15 एवं 5 (पुराना) तथा कादेड़ा शामिल हैं। सामान्य महिला श्रेणी सामान्य महिला श्रेणी में बस्सी तहसील में रामरतनपुरा, माधोराजपुरा में मोहब्बतपुरा एवं झाड़ला, जॉबनेर तहसील में डेहरा, बस्सी झाझड़ा एवं करणसर (खिजूरियां) शामिल हैं। किशनगढ़-रेनवाल तहसील में नगर पालिका किशनगढ़-रेनवाल का वार्ड संख्या 5, बासड़ी खुर्द, भांदवा (डोगी वालों का बास), डूंगरसी का बास एवं हरसोली शामिल हैं। फुलेरा तहसील में सिनोदिया, हिरनोदा, तेज्या का बास तथा नगर पालिका नरेना का वार्ड संख्या 10 शामिल है। जमवारामगढ़ तहसील में नायला (रामजीपुरा) एवं ताला तथा आमेर तहसील में लखेर शामिल हैं। जालसू तहसील में रायथल (विजयपुरा), सांगानेर तहसील में पवालिया (टिलावाला) एवं देवलियां तथा जयपुर ग्रामीण तहसील में फतेहपुरा एवं निमेड़ा शामिल हैं। शाहपुरा तहसील में नगर पालिका शाहपुरा के वार्ड संख्या 4, 12 एवं 17 शामिल हैं। चौमूं तहसील में गुडलिया (कीरत सिंह का बास), खेजरोली, इटावा भोपजी तथा नगर पालिका चौमूं के वार्ड संख्या 19, 23, 24 एवं 20 शामिल हैं। चाकसू तहसील में सवाई माधोसिंहपुरा, कोटखावदा एवं काठावाला शामिल हैं।

बिहार में सड़क परियोजनाओं पर खर्च होंगे सवा 3 लाख करोड़, गडकरी ने दिए तेजी से काम के निर्देश

पटना केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क निर्माण में नदी की गाद (सिल्ट) के उपयोग को लेकर बिहार सरकार द्वारा बनाई गई नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार की यह नीति पूरे देश के लिए एक मॉडल साबित हो सकती है। इस नीति से सड़क निर्माण में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और निर्माण कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोक सेवक आवास में बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। परियोजनाओं की प्रभावी निगरानी के लिए एआई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले संवेदकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क परियोजनाओं को समय सीमा के अंदर तेजी से पूरा करें। बैठक में राज्य में पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेनिंग, डुमरिया घाट पुल, दरभंगा-सुपौल हाई-वे, खगड़िया-पूर्णिया, मुजफ्फरपुर- सोनबर्षा, एनएच-22 और एनएच- 31 के अनीसाबाद-दीदारगंज खंड में सर्विस रोड के साथ छह लेन एलिवेटेड रोड, दानापुर-बिहटा कॉरिडोर,छह लेन ग्रिनफिल्ड वाराणसी-रांची-कोलकाता हाईवे, पटना रिंग रोड सहित प्रमुख परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, आदि मौजूद थे। इस दौरान औरंगाबाद एवं अंबा बाईपास के साथ एनएच-139 को फोरलेन बनाने तथा एनएच-333 के बरियारपुर-गंगटा जमुई को फोरलेन करने के लिये डीपीआर बनाने का निर्देश दिया गया। सुरक्षित सड़क नेटवर्क के लिए सरकार प्रतबद्ध : मुख्यमंत्री बैठक में सीएम ने कहा कि निर्माणाधीन और स्वीकृत सड़क परियोजनाओं के पूरा होने पर संबंधित क्षेत्रों में सड़क संपर्क, आवागमन एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। बिहार सरकार राज्य में आधुनिक, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में आवागमन सुगम होगा तथा व्यापार, पर्यटन, उद्योग और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बिहार में केंद्र सरकार की परियोजनाओं को तेजी गति से पूरा कराने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया। गुरुवार को पटना आए थे गडकरी नितिन गडकरी गुरुवार को पटना के एक होटल में बिहार इन्वेस्टर मीट 2026 में बोल रहे थे। गडकरी ने कहा कि आने वाले समय में बिहार की सड़क परियोजनाओं पर केंद्र सरकार सवा तीन लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। 440 किलोमीटर लंबी रामजानकी पथ का निर्माण तेजी से चल रहा है, जो नवंबर 2028 में पूरा होगा। 45 हजार 190 करोड़ की लागत से रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 400 किलोमीटर का हिस्सा बिहार में है। वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे का निर्माण चल रहा है।

अंकुश पंघल ने जीता एशियन गेम्स गोल्ड, साउथ कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराया

 नई दिल्ली एशियन गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग का अभियान गोल्डन अंदाज में खत्म हुआ. 80 किग्रा वर्ग में अंकुश पंघल ने फाइनल में शुक्रवार (2 अक्टूबर) को साउथ कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. अंकुश की जीत के साथ भारत ने बॉक्सिंग में एक ही दिन तीसरा गोल्ड जीत लिया. फाइनल में दिखा अंकुश का दम अंकुश ने मुकाबले में अपनी रफ्तार, मूवमेंट और काउंटर-पंचिंग का अच्छा इस्तेमाल किया. आखिर में जजों ने 4-0 के सर्वसम्मत फैसले से भारतीय बॉक्सर को विजेता घोषित किया. यह अंकुश का 2026 एशियन गेम्स में शानदार अभियान का आखिरी पड़ाव रहा.     2026 CWG- गोल्ड      2026 बॉक्सम कप- सिल्वर      2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल- सिल्वर      2026 एलीट नेशनल बॉक्सिंग चैम्प‍ियनश‍िप – गोल्ड      2025 U-22 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप- ब्रॉन्ज बॉक्सिंग में भारत का सबसे सफल गोल्ड अभियान अंकुश के गोल्ड के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत ने बॉक्सिंग में कुल 6 पदक जीते, जिसमें 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं. गोल्ड की संख्या के लिहाज से यह भारत का एशियन गेम्स में बॉक्सिंग का सबसे सफल अभियान रहा. 2022 में भारत ने 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत 4 पदक जीते थे, जबकि 2010 में 9 पदक आए थे, जिनमें 2 गोल्ड, 3 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल थे. बॉक्स‍िंग में एश‍ियन गेम्स 2026 में भारत के लिए मेडल जीतने वाले बॉक्सर  खिलाड़ी                               वर्ग              मेडल लवलीना बोरगोहेन      विमेंस 75 किग्रा      गोल्ड परवीन हुड्डा             विमेंस 65 किग्रा       गोल्ड अंकुश पंघल                मेन्स 80 किग्रा      गोल्ड प्रिया घंघस                विमेंस 60 किग्रा      ब्रॉन्ज कपिल पोखरिया        मेन्स 90 किग्रा         ब्रॉन्ज नरेंद्र बेरवाल             मेन्स 90+ किग्रा       ब्रॉन्ज