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दुर्गापूजा-दीपावली-छठ पर बिहार जाने वालों की बढ़ी मुश्किल, ट्रेनों में सीटें फुल; ये हैं स्पेशल ट्रेनें

पटना  दुर्गापूजा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के आगमन के साथ ही दिल्ली से पटना और बिहार के अन्य शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी उछाल दर्ज किया जा रहा है। इस फेस्टिव सीजन के चलते नियमित ट्रेनों में सीटें तेजी से फुल हो चुकी हैं और अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग या 'नो रूम' जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। प्रमुख नियमित ट्रेनें और उनकी समय सारणी दिल्ली से पटना रूट पर रोजाना चलने वाली प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का शेड्यूल इस प्रकार है। सम्पूर्ण क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12394): नई दिल्ली (NDLS) से शाम 17:30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 06:50 बजे पटना जंक्शन पहुंचती है। विक्रमशिला एक्सप्रेस (12368): आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) से दोपहर 13:15 बजे खुलकर अगले दिन सुबह पटना जंक्शन पहुंचती है। श्रमजीवी एक्सप्रेस (12392): नई दिल्ली से दोपहर 13:10 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह पटना जंक्शन पहुंचती है। पूर्वा एक्सप्रेस (12304): नई दिल्ली से शाम 17:40 बजे खुलकर अगले दिन सुबह पटना पहुँचती है। मगध एक्सप्रेस (20802): नई दिल्ली से रात 21:05 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर में पटना जंक्शन पहुंचती है। अमृत भारत एक्सप्रेस (22362):नई दिल्ली से शाम 19:10 बजे चलकर अगले दिन सुबह 10:43 बजे पटना पहुँचती है। राजधानी एक्सप्रेस सेवाएं: इसके अतिरिक्त नई दिल्ली से पटना के रास्ते डिब्रूगढ़, अगरतला और राजेंद्र नगर के लिए तीन अलग-अलग राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनें भी संचालित होती हैं। त्योहारी भीड़ को देखते हुए पूजा स्पेशल ट्रेनें नियमित ट्रेनों में भारी वेटिंग को देखते हुए भारतीय रेलवे द्वारा लगातार विशेष फेरों के साथ पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। पाटलिपुत्र फेस्टिव स्पेशल (04096): आनंद विहार टर्मिनल से मध्यरात्रि रात 00:05 बजे प्रस्थान कर अगले दिन रात 23:00 बजे पाटलिपुत्र/पटना क्षेत्र पहुंचती है। अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें: चंडीगढ़ और अन्य समीपवर्ती राज्यों से भी पटना और दानापुर के लिए विशेष ट्रेनें घोषित की गई हैं। कंफर्म सीट पाने के उपाय यदि आपको नियमित ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है, तो इन विकल्पों पर विचार कर सकते हैं: तत्काल कोटा: यात्रा की तिथि से ठीक एक दिन पहले सुबह 10:00 बजे (AC) और 11:00 बजे (स्लीपर) तत्काल कोटे के तहत बुकिंग करें। पूजा स्पेशल ट्रेनें: रेलवे द्वारा घोषित की जाने वाली 0-सीरीज की स्पेशल ट्रेनों के खुलने की तारीखों पर नजर रखें, क्योंकि इनमें सीटें आसानी से मिल जाती हैं। सीटों की लाइव स्थिति और समय सारणी की सटीक जानकारी के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (irctc.co.in) या मोबाइल ऐप का उपयोग करें।

बिहार में सर्दी की रफ्तार धीमी, फरवरी तक दिखेगा अलनीनो का असर; जनवरी-फरवरी में बढ़ सकती है ठंड

पटना मानसून की विदाई के बाद मौसम अब ठंड की ओर बढ़ रहा है, पर इसकी गति धीमी रहने के आसार हैं। अक्टूबर से दिसंबर तक प्रदेश का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। ऐसे में कड़ाके की ठंड देर से पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के बाद ठंड पर अलनीनो का असर फरवरी तक बने रहने के आसार हैं। वहीं, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जनवरी-फरवरी में ठंड में वृद्धि के आसार हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ, कोहरा, हवा की दिशा और अचानक मौसम परिवर्तन से कुछ दिनों के लिए तापमान में गिरावट की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रदेश का अधिकतम तापमान 30-33 डिग्री सेल्सियस के बीच एवं न्यूनतम तापमान 22-24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर पूर्व भागों के एक या दो स्थानों पर हल्की वर्षा, मेघ गर्जन, वज्रपात की भी संभावना है। हवा की गति 30-40 किमी प्रतिघंटा हो सकती है मौसम में रहेगी गर्माहट दिन का तापमान अधिक रहने से सुबह-शाम की ठंडक के बावजूद मौसम में गर्माहट बने रहने के आसार हैं। मौसम में बदलाव आने के साथ रबी फसलों की बोआई और पैदावार पर भी इसका असर पड़ सकता है। अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क और सामान्य बना रहेगा। तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। मुंगेर में 33 किमी प्रतिघंटा हवा की रफ्तार दर्ज की गई। अगले 48 घंटे के दौरान बिहार-झारखंड, छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से दक्षिण पश्विम मानसून के विदा होने की अनुकूल परिस्थिति बनी हुई है। दक्षिण पूर्व उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इनके कारण कुछ भागों में बादलों की आवाजाही के साथ मौसम शुष्क और सामान्य बना रहेगा। पांच से सात अक्टूबर के दौरान उत्तर व दक्षिण भागों के कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा की संभावना जताई गई है। गुरुवार को पटना का अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस एवं 36.8 डिग्री सेल्सियस के साथ भभुआ में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में) शहर     अधिकतम     न्यूनतम पटना     33.0     25.7 गया     32.6     23.6 भागलपुर     32.7     24.7 मुजफ्फरपुर     32.0     25.7 पटना सहित कई शहरों में अधिक वर्षा सितंबर में पटना सहित गया, वाल्मीकि नगर एवं डेहरी में बीते वर्षों के दौरान इस बार झमाझम वर्षा दर्ज की गई। वर्ष        मान 1     मान 2     मान 3     मान 4 2026     277.0     270.1     542.9     285.2 2025     147.9     202.2     460.2     171.5 2024     201.9     69.5     493.2     242.4 2023     188.9     212.4     175.2     169.4 2022     169.8     117.3     508.8     174.0

मुख्यमंत्री योगी का बयान- ग्राम स्वराज में परिवारवाद के लिए कोई स्थान नहीं

हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   बिना नाम लिए कांग्रेस-सपा के परिवारवाद पर निशाना, बोले- गांवों को वोट बैंक समझने की राजनीति ने उन्हें पीछे रखा   2017 से पहले गांवों को मिले सिर्फ वादे, व्यवस्था में न पारदर्शिता थी न जवाबदेही   57,600 ग्राम सचिवालयों से गांव में मिल रहीं सुविधाएं, हर गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर   11,350 ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रहीं डिजिटल लाइब्रेरी    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती पर ग्राम स्वराज के मुद्दे पर बिना नाम लिए कांग्रेस और सपा के परिवारवाद को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि गांवों को केवल वोट बैंक समझने और उन्हें अराजकता व जातिवाद की आग में झोंकने वाली राजनीति ने गांवों को पीछे रखा। हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति हुई, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र के लिए भी ग्रामीणों को तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।   मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानती है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में व्यवस्था बदली है। आज 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही सुविधाएं मिल रही हैं। ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही आई है।   ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में पांच से सात रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वहीं 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम स्वराज उनके लिए कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सपनों के आत्मनिर्भर गांव का संकल्प है। सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है।

PM सूर्यघर योजना का लाभ लेने का मौका, महराजगंज में लगेगा 3 दिवसीय शिविर; रूफटॉप सोलर के लिए करें आवेदन

महराजगंज प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में तीन दिवसीय जन-जन तक सौर ऊर्जा, हर घर में उजाला सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। पांच से सात अक्टूबर 2026 तक विकास भवन परिसर में लगने वाले शिविर में लोगों को योजना की जानकारी देने के साथ ही उन्हें रूफटॉप सोलर लगवाने के लिए पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया में मार्गदर्शन दिया जाएगा। यूपीनेडा एवं डिस्काम की ओर से आयोजित इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के लाभों से अवगत कराया जाएगा। स्थानीय प्रशासनिक चैनलों, डिजिटल माध्यमों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता के जरिए अधिक से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ने का प्रयास होगा। शिविर में पहुंचकर लोग सौर ऊर्जा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के साथ योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को समझ सकेंगे। यूपीनेडा के परियोजना प्रभारी प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि शिविर का उद्देश्य योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।  

झारखंड के 100 नए CM स्कूलों में Smart Class से Vocational Lab तक, CBSE संबद्धता पर जोर

रांची  रांची में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) की ओर से धुर्वा स्थित प्रेक्षागृह में नव चयनित 100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (सीएम-एसओई) के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों के लिए राज्यस्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इन स्कूलों में अगले सत्र से पढ़ाई शुरू होगी. कार्यक्रम में आदर्श विद्यालय योजना के विजन और मिशन को लागू करने, स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की प्रक्रिया, शैक्षणिक व भौतिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और पहले से चल रहे सीएम स्कूलों के अनुभवों पर चर्चा हुई. विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर अपनाएं शिक्षण पद्धति जेईपीसी के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर (एसपीडी) शशि रंजन ने सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करने की रणनीति की जानकारी दी. उन्होंने नये 100 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों से नेतृत्व की जिम्मेदारी लेने, विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर शिक्षण पद्धति अपनाने और सीबीएसई संबद्धता के लिए निर्धारित समय सीमा के अनुसार कार्य करने पर जोर दिया. CBSE संबद्धता के लिए 90 दिन का एक्शन प्लान जेईपीसी के विशेषज्ञों ने स्कूलों के संचालन और विकास से जुड़े विषयों पर कार्ययोजना प्रस्तुत की. पीएमयू के प्रोग्राम स्पेशलिस्ट डॉ मनोहर लाल ने सीबीएसई संबद्धता के लिए जरूरी मानकों, दस्तावेजों और शैक्षणिक मापदंडों की जानकारी दी. उन्होंने तीन माह की कार्ययोजना के तहत चरणबद्ध तरीके से आवश्यक तैयारियां पूरी करने की जानकारी दी. मजबूत होगी स्कूलों की आधारभूत संरचना सिविल वर्क मैनेजर किरण सिन्हा ने कक्षा-कक्षों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा मानकों, चारदीवारी और अन्य संरचनात्मक सुधारों की जानकारी दी. सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के निर्धारित मानकों के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करने पर जोर दिया गया. स्मार्ट क्लास और ICT पर जोर एसीपी संजीव कुमार गुप्ता ने स्कूलों में डिजिटल संसाधनों के उपयोग और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था की जानकारी दी. स्मार्ट क्लास, ICT लैब, डिजिटल कंटेंट और तकनीक आधारित शिक्षण पद्धति को प्रभावी तरीके से लागू करने की रणनीति बतायी गयी. व्यावसायिक शिक्षा और लैब विकसित करने की योजना व्यावसायिक शिक्षा के नोडल पदाधिकारी अमित कुमार ने स्कूलों में विशेष व्यावसायिक लैब स्थापित करने और रोजगारोन्मुखी कौशल पाठ्यक्रम शुरू करने की जानकारी दी. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है. पुराने सीएम स्कूलों के प्राचार्यों ने साझा किये अनुभव कार्यक्रम में पहले से संचालित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रधानाध्यापकों ने अपने अनुभव साझा किये. उन्होंने स्कूल के विकास के दौरान सामने आयी चुनौतियों, समुदाय की भागीदारी और संस्थागत बदलाव से जुड़े अनुभव नये स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ साझा किये. जेसी बोस सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, गिरिडीह के प्रधानाध्यापक मुन्ना प्रसाद कुशवाहा, बीपीएम सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बर्मामाइंस, जमशेदपुर की प्रधानाध्यापिका रंजिता गांधी और जिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, लातेहार की प्रधानाध्यापिका तृप्ति भारती ने अपने अनुभव बताये. 100 प्रधानाध्यापकों ने पूछे सवाल कार्यक्रम के दौरान 100 नये सीएम स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया. इसमें सीबीएसई संबद्धता में आने वाली समस्याओं, प्रशासनिक प्रबंधन, आधारभूत संरचना और कार्यों की समय सीमा से जुड़े सवालों का समाधान किया गया. कार्यक्रम के समापन पर जेईपीसी के डिप्टी डायरेक्टर सह सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के नोडल पदाधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने संबोधन किया और धन्यवाद ज्ञापन दिया. उन्होंने आदर्श विद्यालय योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने को मुख्य उद्देश्य बताते हुए सभी प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों से स्कूलों को बेहतर बनाने की दिशा में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया.

झांसी की महिला को पन्ना की खदान में एक साथ मिले 4 हीरे, कुल वजन 5 कैरेट से ज्यादा

  मध्य प्रदेश के पन्ना की धरती एक बार फिर बेशकीमती हीरों को लेकर सुर्खियों में है। यहां उत्तर प्रदेश की रहने वाली एक महिला की किस्मत उस वक्त चमक उठी, जब उसे एक ही खदान से एक साथ चार हीरे मिले। चारों हीरों का कुल वजन पांच कैरेट से अधिक बताया जा रहा है। इन हीरों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी जा रही है। महिला ने सभी हीरों को पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिया है। जानकारी के अनुसार, पन्ना के सरकोहा क्षेत्र में स्थित निजी खदान में उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली गुड्डी श्रीवास ने हीरा तलाशने के लिए खदान लगाई थी। लंबे समय से मेहनत कर रही गुड्डी श्रीवास को आखिरकार वह सफलता मिल गई, जिसका इंतजार हीरा खदान में काम करने वाले हर व्यक्ति को रहता है। खदान में काम के दौरान गुड्डी श्रीवास को एक साथ चार हीरे मिले। चारों हीरों का कुल वजन 5 कैरेट से अधिक बताया जा रहा है। जैसे ही हीरे मिलने की जानकारी सामने आई, महिला और उसके परिवार में खुशी का माहौल बन गया। गुड्डी श्रीवास ने हीरों को अपने पास रखने के बजाय नियमानुसार पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा कराया है। अब इन हीरों को आगामी नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी के बाद इनकी वास्तविक कीमत सामने आएगी। फिलहाल इन चारों हीरों की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। झांसी से आकर पन्ना में लगाई खदान गुड्डी श्रीवास का कहना है कि वह झांसी की रहने वाली हैं और पन्ना में रहकर हीरा खदान में काम कर रही थीं। एक साथ चार हीरे मिलने से वह बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि हीरों की नीलामी से मिलने वाली राशि का उपयोग वह अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर-गृहस्थी की जरूरतों को पूरा करने में करेंगी। रातों-रात बनी लखपति पन्ना की धरती कब किसकी किस्मत बदल दे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। सरकोहा की निजी खदान में गुड्डी श्रीवास को मिले चार हीरे भी इसी उम्मीद की कहानी बयां कर रहे हैं। अब सभी की नजर इन हीरों की नीलामी पर है, जहां इनकी वास्तविक कीमत तय होगी।  

देशी घी के भाव में फिर आया उछाल, दूध की कीमतों ने बढ़ाई गर्मी; गाय का घी भी ₹30 महंगा

 जयपुर  देशी घी की कीमतों में इन दिनों निरंतर तेजी का रुख देखा जा रहा है। त्योहारी डिमांड एवं डेयरियों के पास स्टॉक नगण्य होने से देशी घी के भावों में फिलहाल मंदी का रुख समाप्त हो गया है। 2 सप्ताह के अंतराल में ही देशी घी 15 रुपए प्रति किलो महंगा हो गया है। दूध के भाव लगातार उछलने से भी घी के भावों को मजबूती मिली है। स्थानीय राजधानी जयपुर मंडी कूकरखेड़ा स्थित ब्रोकर आर. मूंदड़ा एंड कंपनी के रामनिवास मूंदड़ा ने बताया कि ब्याह शादी होने एवं फैस्टिव डिमांड के चलते देशी घी में आगे भी तेजी ही बनी रहेगी। उधर साउथ में दूध की कमी होने के कारण गाय का घी काफी महंगा हो गया है। इसमें 30 रुपए प्रति किलो की मजबूती दर्ज की गई है। मूंदड़ा ने बताया कि सोनई एवं तिरूमाला ब्रांड गाय का घी वर्तमान में 725 रुपए प्रति किलो होलसेल में बिकने लगा है। बता दें देश में घी और बटर की घरेलू मांग बहुत अधिक है। लगभग 73 फीसदी घी का उपयोग घरेलू स्तर पर होता है। त्योहारी सीजन और सर्दियों के महीनों के दौरान देशी घी निर्माताओं द्वारा बटर का बड़ा स्टॉक खपा दिया जाता है। जबकि गर्मियों में स्टॉक कम हो जाता है। भारत में कुल बटर का उत्पादन बढ़कर लगभग 7.44 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है। जयपुर- स्थानीय मंडियों में खाद्य जिंसों के थोक बाजार भाव इस प्रकार रहे:- अनाज-दालें गेहूं दड़ा मिल डिलीवरी नैट 2800, सरसों 42 प्रतिशत तेल कंडीशन 8650, ग्वार गम जयपुर डिलीवरी 13100, ग्वार जयपुर डिलीवरी 6450 से 6500, मूंग साबुत 8000, मूंग मोगर 10600, चना मिल डिलीवरी 7050 रुपए प्रति क्विंटल। ब्रांडेड देशी घी- नंद कृष्णा 9200, कृष्णा 9750, बिलौना 9350, डेयरी फ्रैश 9200, महान 9980, श्रीसरस 9175, श्रद्धा ब्रांड 9150, गोकुल 9150 रुपए प्रति 15 किलो। स्किम्ड मिल्क पाउडर- बंगाल टाइगर 380, अमूल 335, सागर 340 रुपए प्रति किलो। वनस्पति घी- अशोका 2165 रुपए जीएसटी पेड। सरसों तेल (कच्ची घाणी, एगमार्क ग्रेड-1)- अशोका 3000, ज्योति किरण 2990, कबीरा 3010, नेताजी 3015, कबीरा ब्रांड कोल्ड प्रैस्ड् सरसों तेल 3025 रुपए प्रति 15 किलो जीएसटी पेड। सोयाबीन रिफाइंड तेल– नेताजी 2470, दीपज्योति 2460, चंबल 2500 रुपए प्रति 15 किलो जीएसटी पेड। मूंगफली रिफाइंड तेल- गोल्ड मैजिक 2800, नेताजी 2900, कबीरा 2925 रुपए प्रति 15 लीटर जीएसटी पेड। मूंगफली फिल्टर तेल- गोल्ड मैजिक 3000, नेताजी 2975, स्वदेशी 2970, अग्रसेन 2960, कबीरा 2900 रुपए प्रति 15 किलो जीएसटी पेड। तिल्ली तेल- कबीरा 3750 रुपए प्रति 15 किलो जीएसटी पेड। किराना मेवा- सौंफ डायमंड 200, मधुबाला अजवायन 185, मधुबाला पोस्तदाना 1800, पोहा लाल गणेश 55, पोहा मधुबाला 57 रुपए प्रति किलो। कैटलफीड- ग्वाला डायमंड 3000, ग्वाला सुपर फैट प्रो 3400, महाराजा सुपर 2975, महाराजा मोहनभोग 2925, महाराजा राजभोग 2875, आशीर्वाद गोल्ड 2925, एस्सार मिल्क स्पेशल 3175 रुपए। भैंस ब्रांड बिनौला खल 5400 रुपए प्रति क्विंटल। भैंस पशु आहार 1135 रुपए प्रति बैग। सरिया प्रति टन जीएसटी पेड। कृष्णा 8 एमएम 61200, 10 एमएम 59100, 12 एमएम 57600 रुपए। प्रीमियर 8 एमएम 61100, 10 एमएम 59000, 12 एमएम 57500 रुपए। जैमिनी 8 एमएम 61000, 10 एमएम 58800, 12 एमएम 57300 रुपए। शर्मा 8 एमएम 61000, 10 एमएम 58800, 12 एमएम 57200 रुपए। शर्मा गर्डर 125 से 150 एमएम 59500 रुपए। बिरला टीएमटी सरिया 8 एमएम 411, 10 एमएम 628, 12 एमएम 887, 16 एमएम 1578, 20 एमएम 2466, 25 एमएम 3844 रुपए प्रति नग।

BJP की बड़ी बैठक में मिशन-2027 का रोडमैप तैयार, 11 MLC सीटों पर भी फोकस

लखनऊ भाजपा प्रदेश कार्यालय पर हलचल के बीच गुरुवार दोपहर जिस मनोभाव के साथ प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े कक्ष में पहुंचे, तभी साफ हो गया था कि यह सिर्फ संगठन की बैठक नहीं है। रणनीतिकार आश्वस्त थे कि तावड़े समेत चारों सह-प्रभारियों की प्रदेश इकाई के साथ बैठक में एमएलसी चुनाव एवं मिशन-2027 की तैयारियों की रूपरेखा बनेगी। शीर्ष पदाधिकारियों ने पहले बंद कमरे में बैठक की। फिर क्षेत्रीय अध्यक्षों-प्रभारियों एवं प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक की। 2024 लोकसभा चुनाव में हारे 40 हजार बूथों को जीतने का लक्ष्य दिया गया। शाम तक मोर्चों की प्रदेश टीम एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित कर दिए गए। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद तावड़े एवं सह प्रभारी जगदीश ईश्वर पटेल दो बार लखनऊ पहुंच चुके हैं, जबकि 23 सितंबर को सह प्रभारी बनाए गए अनंत ओझा, प्रदीप वर्मा एवं मेधा कुलकर्णी पहली बार प्रदेश के दौरे पर आए। पहली बैठक बंद कमरे में हुई, जिसमें तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह एवं चारों सह-प्रभारी बैठे। बूथ प्रबंधन के साथ ही यूजीसी, जेनजी, आरक्षण, पीडीए, विधायकों के प्रति आक्रोश, एसआइआर, नए नैरेटिव एवं राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे कई विषयों का चुनावी प्रभाव आंका गया। कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने की बात हुई। इस बैठक से प्रदेश पदाधिकारियों को दूर रखा गया। दूसरे सत्र में तावड़े एवं उनकी टीम ने प्रदेश महामंत्रियों दिलीप पटेल, शंकर लोधी, अभिजात मिश्रा, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, राजेश चौधरी, राम प्रताप सिंह एवं संजय राय के अलावा मोर्चों के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी, रोहित मिश्रा, अशोक रावत, सरोज कुशवाहा, प्रकाश पाल एवं विद्याभूषण गोंड एवं सभी छह प्रभारियों की बैठक ली। उन्हें पिछले लोकसभा चुनाव में हारी विधान सभा सीटों एवं जीती सीटों पर हारे बूथों को लेकर विशेष रणनीति बनाने के लिए कहा गया। पदाधिकारियों को स्नातक एवं शिक्षक खंड के 11 एमएलसी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कहा। बैठक में संकेत दे दिया था कि शाम तक मोर्चों की प्रदेश इकाइयां घोषित कर दी जाएंगी। तावड़े का सबसे ज्यादा फोकस 2027 विधान सभा चुनाव को लेकर रहा, जिसमें एनडीए के घटक दलों से बूथ स्तर तक समन्वय बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने एवं ज्यादा से ज्यादा वोटों को मतदान बूथ तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। सात अक्टूबर को वाराणसी में वडनगर से आने वाली जलकलश यात्रा को लेकर भी जानकारी दी गई।  

चूल्हे-चौके से नेतृत्व तक, ‘जीविका’ के 20 साल में बदली बिहार की ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

पटना वर्ष 2006 में गांधी जयंती पर शुरू हुई ‘जीविका’-बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (बीआरएलपीएस) की पहल शुक्रवार को 20 साल पूरे कर रही है। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने जीविका समूह से जुड़कर स्वावलंबन की नई कहानी लिखी। दो दशक की इस निरंतर यात्रा ने बिहार के गांवों की तस्वीर बदल दी है। घर की चहारदीवारी एवं चूल्हे-चौके तक जो महिलाएं सीमित थीं, वे आज न सिर्फ वित्तीय रूप से सक्षम हुई हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव एवं स्थानीय नेतृत्व की धुरी भी बन चुकी हैं राज्य में लगभग 11.85 लाख स्वयं सहायता समूह विश्व बैंक की सहायता से कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ यह अभियान आज पूरे राज्य में वटवृक्ष बन चुका है। वर्तमान में राज्य में लगभग 11.85 लाख स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) संचालित हैं, जिनसे करीब 1.81 करोड़ परिवार जुड़े हैं। इसमें भी अनुसूचित जाति व जनजाति के 72 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को सम्मिलित किया गया है। सबसे खास बात यह है कि इन समूहों में 35 प्रतिशत महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। साप्ताहिक बचत आज करीब 2,693 करोड़ रुपये महिलाओं की आर्थिक मजबूती के आंकड़े बेहद प्रभावकारी हैं। जीविका दीदियों की साप्ताहिक बचत आज करीब 2,693 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। बैंकों से 69,000 करोड़ रुपये से अधिक का संस्थागत ऋण समूहों को उपलब्ध कराया गया है, जिसकी वापसी दर 99 प्रतिशत के आसपास है। इस संस्थागत व्यवस्था ने ग्रामीण इलाकों में साहूकारों और महाजनों के शोषणकारी चक्र को ध्वस्त कर दिया है। जीविका ने महिलाओं को कृषि और उद्यमिता के नये आयामों से जोड़ा है। लगभग 42 लाख महिला किसान आधुनिक खेती से जुड़ी हैं और 61 महिला किसान उत्पादक कंपनियां (एफपीसी) करोड़ों का कारोबार कर रही हैं। लखपति दीदी अभियान के तहत लाखों महिलाएं सालाना एक लाख से अधिक कमा रही हैं। इतना ही नहीं, महिलाएं पारंपरिक बंधनों को तोड़कर राज मिस्त्री की तर्ज पर रानी मिस्त्री की प्रसिद्धि बटोर रहीं हैं।

भारत-पाकिस्तान गोल्ड मेडल मुकाबले में नहीं दिखेंगे मोहसिन नकवी, ACC ने की पुष्टि

आइची-नागोया आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत-पाकिस्तान के बीच गोल्ड मेडल मुकाबला 3 अक्टूबर (शनिवार) को निशिन के स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा. इस गोल्ड मेडल मुकाबले से पहले मोहसिन नकवी को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है. एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने पुष्टि की है कि उसके अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी फाइनल के दिन जापान में मौजूद नहीं रहेंगे. एशियन क्रिकेट काउंसिल ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर बताया कि मोहसिन नकवी पूर्व निर्धारित प्रतिबद्धताओं के कारण एशियन गेम्स के फाइनल डे में शामिल नहीं हो पाएंगे. उन्होंने गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबलों में उतरने वाली चारों टीमों को शुभकामनाएं दी हैं. नकवी ने अपने बयान में कहा कि उनकी प्रतिबद्धताएं उन्हें नागोया से दूर रखेंगी, लेकिन वह एशियन गेम्स के मुकाबलों को देखने के लिए उत्सुक हैं. भारत और पाकिस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियन गेम्स के मेन्स क्रिकेट फाइनल में जगह बनाई है. भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रनों से हराया, जबकि पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित मुकाबले में बांग्लादेश को मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया. भारत पिछली बार हांगझोउ में खेले गए एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीत चुका है. एशिया कप में हुआ था प्रेजेंटेशन विवाद मोहसिन नकवी की फाइनल में मौजूदगी को लेकर चर्चा सिर्फ इसलिए नहीं थी कि वह एशियन क्रिकेट काउंसिल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) दोनों के प्रमुख हैं. पिछले दो एशिया कप के दौरान भारतीय टीमों की ट्रॉफी प्रेजेंटेशन से जुड़े घटनाक्रम के बाद यह सवाल उठ रहा था कि अगर नकवी एशियन गेम्स में मेडल सेरेमनी का हिस्सा बने तो क्या स्थिति होगी. मेन्स एशिया कप 2025 में खिताबी जीत के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी. इसके बाद विमेंस एशिया कप 2026 में भी भारतीय टीम ने ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था. इन घटनाओं के बाद भारत-पाकिस्तान के किसी बड़े मुकाबले में नकवी की मौजूदगी पर स्वाभाविक रूप से नजर रही है. एशियन गेम्स फाइनल में दोनों टीमों के आमने-सामने आने के बाद यह सवाल और अहम हो गया था. मोहिसन नकवी के फाइनल डे पर मौजूद नहीं होने की पुष्टि के बाद मेडल सेरेमनी को लेकर उठ रहे सवालों की एक अहम कड़ी साफ हो गई है. अब एशियन गेम्स के आयोजकों, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया और भारतीय ओलंपिक संघ के सामने प्रेजेंटेशन को लेकर नकवी की मौजूदगी से जुड़ी स्थिति नहीं होगी.