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राम मंदिर परिसर में मिली वृद्धा की वन स्टॉप सेंटर ने कराई घर वापसी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा, राम मंदिर परिसर में मिली वृद्धा को वन स्टॉप सेंटर ने परिवार से मिलाया घरेलू हिंसा और पारिवारिक उपेक्षा से जूझ रही 65 वर्षीय महिला को मिला सहारा, काउंसलिंग के बाद सम्मान के साथ घर लौटी पति ने घर से निकाला तो राम मंदिर पहुंची वृद्धा, 181 हेल्पलाइन से मिली मदद वन स्टॉप सेंटर की पहल से परिवार में लौटा संवाद, महिला को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल अयोध्या  घर की चारदीवारी में अपनों के बीच रहने के बावजूद जब किसी बुजुर्ग महिला को अकेलेपन, घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो उसका दर्द सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार के बिखरने की कहानी बन जाता है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में महिला सुरक्षा और संकट में फंसी महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित व्यवस्था का अयोध्या में सकारात्मक उदाहरण सामने आया है,जब 65 वर्षीय महिला पारिवारिक उपेक्षा और घरेलू हिंसा के बाद राम मंदिर परिसर में असहाय अवस्था में मिलीं। मुश्किल की इस घड़ी में 181 महिला हेल्पलाइन उनके लिए मदद की पहली कड़ी बनी। सूचना मिलते ही सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित संरक्षण में लिया। इसके बाद काउंसलिंग और परिवार के सदस्यों से लगातार संवाद के जरिए परिवार में संवाद बहाल करने का प्रयास किया गया। आखिरकार महिला को उनकी इच्छा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सम्मानपूर्वक परिजनों के साथ भेज दिया गया। घर से निकाले जाने के बाद मंदिर परिसर में मिलीं महिला वन स्टॉप सेंटर के अनुसार कमलावती (काल्पनिक नाम) लंबे समय से पारिवारिक उपेक्षा, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का सामना कर रही थीं। पारिवारिक परिस्थितियां बिगड़ने पर उनके पति ने उन्हें घर से बाहर कर दिया था। इसके बाद वह असहाय अवस्था में राम मंदिर परिसर में बैठी मिलीं। 181 हेल्पलाइन के माध्यम से 13 मार्च को सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद ओएससी टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित स्थान पर ले गई। सुरक्षित माहौल के साथ भावनात्मक संबल देने पर जोर सखी वन स्टॉप सेंटर में महिला की काउंसलिंग की गई। टीम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और उनकी भावनात्मक स्थिति को समझने का प्रयास किया। महिला के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ उन्हें उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जानकारी भी दी गई। आवश्यकता के अनुसार उनके लिए अस्थायी आश्रय और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, ताकि वह खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और आगे की स्थिति पर सोच सकें। पति, पुत्र और बहू की काउंसलिंग से परिवार में लौटा संवाद महिला को परिवार से दोबारा जोड़ने के लिए स्थानीय थाना, ग्राम प्रधान और परिवार के सदस्यों से संपर्क किया गया। इसके बाद पति, पुत्र और बहू की फैमिली काउंसलिंग कराई गई। लगातार संवाद और समझाइश के बाद परिजनों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आया और उन्होंने महिला को अपने साथ रखने पर सहमति जताई। महिला की इच्छा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक परिवार के साथ भेज दिया गया। समन्वित प्रयासों से असहाय अवस्था से सुरक्षित घर तक पहुंची महिला जिला प्रोबेशन अधिकारी जय पाल वर्मा ने बताया कि महिला अब संतोषजनक और सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर रही हैं। उन्होंने सम्मान के साथ घर वापसी की है। इस पूरे प्रकरण में 181 महिला हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर, पुलिस, ग्राम प्रधान और परिवार के सदस्यों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से महिला को असहाय अवस्था से बाहर निकालकर सुरक्षित पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सका।महिला सुरक्षा से जुड़ी इस पहल में सहायता का उद्देश्य केवल तत्काल संरक्षण उपलब्ध कराना नहीं रहा, बल्कि परिवार के भीतर संवाद बहाल कर महिला को सम्मान और सुरक्षा के साथ उसके घर तक पहुंचाना भी रहा। वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग और विभिन्न स्तरों पर किए गए समन्वित प्रयासों से यह संभव हो सका।

चंडीगढ़ में देशभर के मेयरों का जमावड़ा, 4 से 6 अक्टूबर तक चलेगा सम्मेलन

चंडीगढ़ देशभर के मेयरों का चंडीगढ़ में जमावड़ा होने जा रहा है। 4 से 6 अक्टूबर तक सेक्टर-10 स्थित होटल माउंटव्यू में ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर का 118वां महापौर सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें देशभर से महापौर और प्रतिनिधि शामिल होंगे। ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ मेयर की कार्यकारिणी के करीब 40-45 सदस्यों के सम्मेलन में पहुंचने की उम्मीद है। इनमें से 28 सदस्यों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 17 सदस्यों ने शामिल होने से मना कर दिया है। बाकी सदस्यों से बातचीत चल रही है। चंडीगढ़ इस बार सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। मेयरों के लिए क्या किए गए इंतजाम, जानिए…     गृह सचिव ने अधिकारियों के साथ की बैठक: सम्मेलन की तैयारियों को लेकर गृह सचिव एवं स्थानीय निकाय विभाग के सचिव मनदीप सिंह बराड़ ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें महापौर सौरभ जोशी, उपायुक्त निशांत कुमार यादव, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।     परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा: बैठक में बाहर से आने वाले महापौरों और प्रतिनिधियों के ठहरने, सुरक्षा, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। गृह सचिव ने संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारियां समय पर पूरी करने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।     5 को उद्घाटन और शहर भ्रमण: सम्मेलन की शुरुआत 4 अक्टूबर को अतिथियों के आगमन से होगी। 5 अक्टूबर को उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। इसी दिन परिषद की बैठक के साथ चंडीगढ़ नगर निगम की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों से महापौरों और प्रतिनिधियों को परिचित कराने के लिए शहर का भ्रमण कराया जाएगा। 6 अक्टूबर को समापन सत्र होगा।     होटल माउंटव्यू में कमरों की बुकिंग: सम्मेलन में शामिल होने वाले सदस्यों के लिए होटल माउंटव्यू में कमरों की बुकिंग की जा रही है। शहर भ्रमण के लिए सीटीयू की दो बसों का इंतजाम किया गया है। दोनों बसें दो दिन तक सदस्यों के साथ रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस को और ठहरने व अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सिटको को दी गई है।     25 लाख का बजट मंजूर: मेयर सम्मेलन के लिए नगर निगम आयुक्त की ओर से 25 लाख रुपए का बजट मंजूर किया जा चुका है। हालांकि नगर निगम के कई पार्षदों का कहना है कि उन्हें सम्मेलन के आयोजन की जानकारी तक नहीं है। पार्षदों का कहना है कि निगम का पैसा खर्च होना है, लेकिन इसके लिए निगम हाउस या किसी कमेटी से बजट मंजूर नहीं कराया गया।     सदस्यों की पूरी सूची भी अभी निगम के पास नहीं: वहीं, सम्मेलन में शामिल होने वाले कार्यकारिणी सदस्यों की पूरी सूची भी अभी निगम के पास नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों ने सूची मांगी थी। बताया गया है कि शनिवार को सूची कंफर्म होने के बाद इसे एसएसपी और एमडी सिटको को सौंपा जाएगा। इनका आना कंफर्म कार्यकारिणी की चेयरमैन रेनू बोला गुप्ता (मेयर, करनाल), नेशनल जनरल सेक्रेटरी आशुतोष वरशने (पूर्व मेयर, अलीगढ़), सीनियर वाइस चेयरमैन डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव (मेयर, गोरखपुर), वाइस चेयरमैन मरिगेन सारानिया (मेयर, गुवाहाटी), वाइस चेयरमैन पुष्यामित्रा भार्गव (मेयर, इंदौर), वाइस चेयरमैन मायाबेन धर्मेंद्राबाई मवानी (मेयर, सूरत) और सेक्रेटरी इंदरजीत कौर (मेयर, लुधियाना) का आना कंफर्म बताया गया है। इसके अलावा पूजा विडानी (बिलासपुर), शेरिंग पैडेन भूटिया (गंगटोक), मीनल चौबे (रायपुर), नीता राजेंद्रा ठाकरे (नागपुर), लिखा नारी तदार (इटानगर), जी उदयाकुमार (अवाडी), नेहल शुक्ला (राजकोट), राजीव जैन (सोनीपत), रूपरानी संग्राम सिंह निकल (कोल्हापुर), नंदलाल देवगन (बीरगांव), लक्ष्मी नारायण गुप्ता (छपरा), प्रवीण बतरा जोशी (फरीदाबाद), विनोद अग्रवाल (मुरादाबाद), कुरागायला उमा रानी (निजामाबाद), शंभु पासवान (ऋषिकेश), अनीता अग्रवाल (रूड़की), योगेश कुमार (सतना), विवेक नारायण (पूर्व मेयर, ग्वालियर), नवीन जैन (पूर्व मेयर, आगरा) और जगदीश राय पटेल (पूर्व मेयर, सूरत) के नाम भी शामिल हैं।

किसान, श्रमिक, महिला और युवाओं तक पहुंचेगी योजनाएं, ‘सरकार आपके द्वार’ शिविरों पर जोर

सरकार आपके द्वार शिविरों में किसान, श्रमिक, महिला और युवा सहित सभी वर्गों पर फोकस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ भोपाल सेवा सेतु अभियान- ''सरकार आपके द्वार'' कार्यक्रम के तहत विकासखंड और नगरीय क्षेत्रों में 3 और 4 अक्टूबर को आयोजित होने वाले शिविरों में हितग्राहियों को विभागवार योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ देने के लिए निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश अनुसार ''सरकार आपके द्वार'' कार्यक्रम में राजस्व विभाग की स्वामित्व योजना – स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026, सभी पात्र किसानों की फार्मर आई.डी. निर्माण, अविवादित नामांतरण/ बंटवारा/ सीमांकन, समाधान एक दिवसीय योजना – आय प्रमाण पत्र/ स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र/ खसरा/ नक्शा आदि, बी.पी.एल, C.M. Helpline अंतर्गत शिकायतों का मौके पर निराकरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना एवं मुख्यमंत्री किसान सम्मान योजना का लाभ दिया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), रोजगार पंजीकरण / जॉब कार्ड और रोजगार की मांग एवं प्रधानमंत्री पोषण अभियान शामिल है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन होगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) – रेहड़ी-पटरी वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) के लिए ऋण/आवेदन में सहायता एवं अन्य योजनायें भी लाभ शामिल है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) – राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी/ई-केवाईसी/स्थिति से संबंधित सहायता एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शामिल है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ भी शामिल है। कृषि और किसान कल्याण विभाग की पीएम प्रणाम (PM PRANAM), नैनो उर्वरक एवं किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना का लाभ शामिल है। मत्स्य पालन विभाग की किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) शामिल है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जल जीवन मिशन (मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना / नल-जल योजना) शामिल है वित्त विभाग की जन धन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना का लाभ शामिल है। शिविरों में श्रम विभाग की ई-श्रम-यूएएन (UAN) / ई-श्रम कार्ड पंजीकरण, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) – पेंशन पंजीकरण, संबल योजना एवं भवन संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के हितग्राहियों का सत्यापन एवं पंजीयन शामिल है। कौशल विकास और उद्यमिता विभाग की पीएमकेवीवाई (PMKVY) / स्किल इंडिया- कौशल प्रशिक्षण के लिए स्वैच्छिक पंजीकरण एवं नेशनल करियर सर्विस (NCS) जॉब सीकर पंजीकरण / जॉब मैचिंग शामिल है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एवं उर्जा विभाग/उर्जा विकास निगम की पीएम सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना आवेदन में सहायता शामिल है। महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) एवं सी.एम. हेल्पलाइन शामिल है। सामाजिक न्याय विभाग की मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन, कल्याणी पेंशन, दिव्यांग पेंशन एवं दिव्यांग प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नशामुक्ति अभियान एवं अन्य योजनाऐं शामिल है। स्कूल शिक्षा विभाग की मुख्यमंत्री स्कूटी योजना (फ्री ई-स्कूटी योजना), विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाएं एवं अन्य योजनाऐं शामिल है। उच्च शिक्षा विभाग की गांव की बेटी योजना, सहकारिता विभाग की KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) शामिल है। आदिवासी जिलों के लिए अतिरिक्त फोकस योजनाएं अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में नामांकन, छात्रवृत्ति योजनाएं, वन अधिकार स्वामित्वः व्यक्तिगत और सामुदायिक भूमि एवं वन धन विकास केंद्र : स्व-सहायता समूहों का संगठन का लाभ शामिल है।  

यूपी में जैन पर्यटन को रफ्तार, फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर का 80% काम पूरा

उप्र में जैन पर्यटन को रफ्तार, फिरोजाबाद के छदामी लाल जैन मंदिर का 80 फीसदी काम पूरा जैन विरासत को संवार रही योगी सरकार, अक्टूबर में जैन मंदिर का विकास कार्य पूरा होने की उम्मीद  1.28 करोड़ से संवर रहा छदामी लाल जैन मंदिर, बहुउद्देश्यीय सभागार और डॉरमेट्री का काम अंतिम चरण में  जैन विरासत को संवारकर पर्यटन से जोड़ रही योगी सरकार- संस्कृति/पर्यटन मंत्री  लखनऊ/फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश में जैन पर्यटन सर्किट को विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में फिरोजाबाद के ऐतिहासिक छदामी लाल जैन मंदिर में पर्यटन सुविधाओं के विकास का काम तेजी से चल रहा है। 1.28 करोड़ रुपये की परियोजना का करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। परियोजना अक्टूबर में पूरी होने की उम्मीद है। परियोजना के तहत मंदिर परिसर में बहुउद्देश्यीय सभागार, डॉरमेट्री और म्यूरल वॉल समेत अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सभागार और डॉरमेट्री का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि म्यूरल वॉल का काम 60 फीसद तक पहुंच गया है। इससे श्रद्धालुओं/ पर्यटकों के ठहरने, आयोजन तथा अन्य गतिविधियों की सुविधाएं बढ़ेंगी। 42 फीट ऊंची बाहुबली प्रतिमा आकर्षण का केंद्र फिरोजाबाद के मुख्य जैन चौराहे पर स्थित छदामी लाल जैन मंदिर भव्य स्थापत्य कला और आध्यात्मिक महत्व के लिए देशभर में पहचान रखता है। मंदिर में भगवान बाहुबली की 42 फुट ऊंची विशाल पत्थर की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। इसे उत्तर भारत की प्रमुख बाहुबली प्रतिमाओं में शुमार किया जाता है। मंदिर की इसी खासियत को देखने के लिए कई राज्यों से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।  64 पहाड़ियां पार कर पहुंची बाहुबली प्रतिमा कर्नाटक के कारकल से 42 फुट ऊंची बाहुबली प्रतिमा को फिरोजाबाद लाने की कहानी भी खास है। सेठ छदामी लाल ने विशेष ट्रॉली के जरिए प्रतिमा को तीन महीने में फिरोजाबाद पहुंचवाया था। इस दौरान ट्रॉली ने 64 पहाड़ियों का सफर तय किया। मंदिर के निर्माण में करीब 10 वर्ष लगे और इसे संगमरमर के पत्थरों से तैयार किया गया। वर्ष 1947 में सेठ छदामी लाल ने मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की। इसके साथ ही मंदिर के संरक्षण और देखरेख के लिए व्यवस्थित व्यवस्था की नींव पड़ी। 'जैन विरासत को संवार रही योगी सरकार' पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि योगी सरकार प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। जैन तीर्थ और विरासत स्थल प्रदेश के पर्यटन सर्किट का अहम हिस्सा है। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के साथ उनकी धार्मिक परंपराओं और स्थापत्य विरासत को सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि देशभर से आने वाले पर्यटक यहां सहजता से पहुंचकर जैन संस्कृति और विरासत से रूबरू हो सकें।' जैन पर्यटन सर्किट को मिल रहा विस्तार अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि 'फिरोजाबाद का छदामी लाल जैन मंदिर प्रदेश की समृद्ध जैन विरासत का अहम केंद्र है। मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। साथ ही इसे प्रदेश के जैन पर्यटन सर्किट से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।

मुरादाबाद में ‘UP Rise 2026’ का महामंच, ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने जीता ₹25 हजार का पुरस्कार

मुरादाबाद में ‘यूपी राइज 2026’ का महामंच: 100 टीमों की जंग में टीएमयू के 3 युवा स्टार्टअप्स ने मारी बाजी  विजेता ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ को मिला 25,000 रुपये का चेक 3 चरणों की स्क्रीनिंग के बाद फाइनल में पहुंची थीं 15 टीमें  आत्मनिर्भर यूपी के विजन से युवाओं को नौकरी मांगने के बजाय देने वाला बनने की मिली प्रेरणा डेंटल कॉलेज ने झटके पहले दो स्थान, तीसरे पर कंप्यूटर साइंस मुरादाबाद,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को धरातल पर उतारने और युवाओं को नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) में यूपी राइज 2026 सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। प्रदेश सरकार और टाइम्स नेटवर्क की सहभागिता में संवाद, संकल्प, सफलता थीम पर आयोजित इस मंच पर विद्यार्थियों ने अपने नए-नए स्टार्टअप्स और व्यावसायिक मॉडलों से मेंटर्स को प्रभावित किया।  पहले चरण में पंजीकृत 100 टीमों से शुरू हुआ यह मुकाबला दूसरे दौर में 35 और तीसरे चरण के फाइनल राउंड तक 15 शीर्ष टीमों के बीच पहुंचा। कड़े तकनीकी मूल्यांकन के बाद तीन सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया, जिसमें प्रथम स्थान हासिल करने वाली टीम को 25,000 रुपये के चेक से पुरस्कृत किया गया। सम्मेलन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि बदलते दौर में युवाओं को सिर्फ नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि नवाचार के जरिए दूसरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने हैं। पहला पुरस्कार: पानी के दबाव से जीभ साफ कर सांसों की बदबू दूर करेगा ‘ओरल केयर’, मिला ₹25,000 का चेक प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए डेंटल कॉलेज की टीम ‘ओरल केयर इनोवेटर्स’ ने ₹25,000 का चेक अपने नाम किया। टीम सदस्यों ने बताया कि लोग दांतों की सफाई तो कर लेते हैं, लेकिन जीभ की अनदेखी से 'हैलिटोसिस' (मुंह की दुर्गंध) और 'कैंडिडिआसिस' जैसी फंगल दिक्कतों का शिकार होते हैं। टीम पिछले एक साल से एक विशेष प्रोटोटाइप पर काम कर रही थी, जिसमें वाटर प्रेशर (पानी के नियंत्रित दबाव) की मदद से जीभ पर जमी मैल की परत को पूरी तरह साफ किया जा सकेगा। यह आधुनिक तकनीक पारंपरिक टंग क्लीनर से कहीं अधिक सुरक्षित, प्रभावी और आसान सिद्ध होगी। दूसरा पुरस्कार: दांत उखाड़ने के दर्द से मुक्ति दिलाएगी ‘सॉकेट सेवर्स’ की नई सूई उपविजेता का खिताब डेंटल कॉलेज की समर्पिता गाबा और आशिका जैन की टीम ‘सॉकेट सेवर्स’ ने अपने नाम किया। टीम ने दंत चिकित्सा के सबसे संवेदनशील दर्द का समाधान पेश किया है। छात्राओं का कहना है कि वर्ष 2026 में भी डॉक्टर दांत निकालने के लिए पुराने औजारों और यांत्रिक खिंचाव (मैकेनिकल फोर्स) का सहारा लेते हैं, जिससे एनेस्थीसिया उतरते ही मरीज असहनीय दर्द से जूझता है। टीम ने लोकल एनेस्थीसिया के साथ एक विशेष इंजेक्शन तकनीक ईजाद की है, जिससे बिना भारी खिंचाव के दांत आसानी से निकल सकेगा। टीम का लक्ष्य जल्द क्लिनिकल ट्रायल पूरे कर स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके। तीसरा पुरस्कार: बेहोशी में भी डॉक्टर को मरीज का इतिहास बताएगा ‘टीम वास्तव’ का एसओएस सिस्टम कॉलेज ऑफ कंप्यूटिंग साइंसेज के छात्र तन्मय, विनीत, कार्तिक और नमन की ‘टीम वास्तव’ तीसरे स्थान पर रही। उन्होंने सड़क हादसों में त्वरित जान बचाने वाला आपातकालीन मेडिकल डेटा सिस्टम विकसित किया है। सड़क दुर्घटना में मरीज अक्सर बेहोश हो जाता है और डॉक्टर उसकी मेडिकल हिस्ट्री (एलर्जी, एंग्जाइटी, पुरानी बीमारियां) नहीं जान पाते, जिससे गलत दवा से मरीज के कोमा में जाने का खतरा रहता है। टीम के एसओएस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते ही संबंधित अस्पताल को मरीज का ब्लड ग्रुप, उम्र और पूरी मेडिकल हिस्ट्री का समराइज्ड डेटा तुरंत मिल जाएगा। टीम जल्द ही इसका व्यापक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। 16 हजार विद्यार्थियों वाले वेस्ट यूपी के सबसे बड़े केंद्र पर मंथन टीएमयू के कुलपति डॉ. वी.के. जैन ने बताया कि मुरादाबाद मंडल ही नहीं, बल्कि समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में टीएमयू सबसे बड़ा उच्च शिक्षण संस्थान है, जहां 16 हजार से अधिक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों के बीच अध्ययनरत हैं। इसी व्यापक आधारिक संरचना के चलते शासन ने इसे ‘यूपी राइज’ के आयोजन का मुख्य केंद्र चुना। उन्होंने बताया कि नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमिता के व्यावहारिक प्रशिक्षण के जरिए विद्यार्थियों को तैयार किया गया। जजों के पैनल में खुद कई सफल स्टार्टअप्स के संचालक शामिल रहे, जिन्होंने छात्र-छात्राओं के आइडिया की उपयोगिता, सामाजिक प्रभाव और व्यावसायिक संभावनाओं को परखकर विजेताओं का चयन किया। ‘शक्ति क्षेत्र’ में साझा किए विचार, प्रतियोगिताओं में भी दिखाई प्रतिभा परिसर में विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए विशेष ‘शक्ति क्षेत्र’ स्थापित किया गया था, जहां छात्र-छात्राओं ने विकसित व आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण को लेकर अपने विचार और सपने साझा किए। आयोजन के दौरान युवाओं के उत्साहवर्धन के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनमें सक्रिय भागीदारी करने वाले विद्यार्थियों को किट, उपहार व प्रमाणपत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

धमतरी के 498 केंद्रों में सजी पोषण और खुशियों की चौपाल, बच्चों-महिलाओं को मिल रहा लाभ

धमतरी में 'आंगन मिलन सेवा' से संवर रहा बच्चों और महिलाओं का भविष्य 498 केंद्रों में सज रही पोषण और खुशियों की चौपाल ​रायपुर ​        धमतरी जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित 'आंगन मिलन सेवा' कार्यक्रम से आंगनबाड़ी केंद्र खुशियों, खेल-कूद और पोषण जागरूकता के जीवंत सामुदायिक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। जिले के कुल 1,164 आंगनबाड़ी केंद्रों में से अब तक 498 केंद्रों में 30 सितंबर तक इस विशेष आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा चुका है। 25 सितंबर से शुरू हुआ यह अभियान आगामी 6 अक्टूबर तक निरंतर जारी रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। ​पोषण, स्वास्थ्य और संस्कृति का अनोखा संगम         ​'आंगन मिलन सेवा' के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रमों में ‘मेरी पौष्टिक थाली’ एवं पौष्टिक व्यंजन प्रदर्शनी, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, चित्रकला, मनोरंजक खेल और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं। नन्हें-मुन्नों की मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को बेहद खास बना दिया है।          ​महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राहियों के लिए रंगोली एवं मेहंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही फुगड़ी, रस्साकशी, मटकी फोड़ और कुर्सी दौड़ जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी खेलों ने महिलाओं में एक नया उत्साह भर दिया है। ​'न्योता भोज' और 'घर-घर मुनगा' से मजबूत हो रही पोषण की नींव            ​कार्यक्रम के दौरान संतुलित आहार और स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व पर विशेषज्ञों द्वारा जागरूक किया जा रहा है। सामुदायिक सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए ‘न्योता भोज’ का आयोजन कर आंगनबाड़ी के बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन कराया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर अत्यधिक पोषक माने जाने वाले मुनगा को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए ‘घर-घर मुनगा, हर घर मुनगा’ अभियान चलाकर परिवारों को प्रेरित किया जा रहा है। ​जन-भागीदारी से बना सामुदायिक उत्सव        ​अभियान को मिल रहे अपार जनसमर्थन के आंकड़े इसकी सफलता की कहानी खुद बयां करते हैं। अब तक आयोजित कार्यक्रमों में 2,171 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों की सक्रिय भूमिका रही है। वहीं 6,543 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और 4,379 से अधिक महिलाओं ने प्रतियोगिताओं में अपनी जीवंत सहभागिता निभाई। इतना ही नहीं, 6,033 से अधिक पुरुषों ने भी आगे बढ़कर इस पहल का समर्थन किया, जिससे यह विभागीय कार्यक्रम महज एक औपचारिक आयोजन न रहकर एक व्यापक और उमंग भरे सामुदायिक उत्सव में बदल गया। 'खिलौना दान करें, बच्चे के सर्वांगीण विकास में भागीदार बनें'          ​महिला एवं बाल विकास विभाग ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्धजनों से अपील करते हुए खिलौना बैंक में योगदान देने का आह्वान किया है। लोग अपने घरों में रखे पुराने या नए, सुरक्षित एवं उपयोगी खिलौनों को निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र में दान कर सकते हैं।        ​विभाग का मानना है कि खिलौने केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और बौद्धिक क्षमता विकसित करने के सशक्त माध्यम हैं।जनभागीदारी के इस पावन प्रयास से आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक समृद्ध बनाकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जा रही है।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी झाड़ू-बेलचा, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश

सेवा संकल्प अभियान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने थामी बेलचा और झाड़ू, श्रमदान कर दिया स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना के साथ ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार और तालाब किनारे चलाया स्वच्छता अभियान आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों के शासकीय कार्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी हुई स्वच्छता गतिविधियां रायपुर,  सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को साकार करते हुए सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में बुधवार को ‘स्वच्छता ही सेवा‘ कार्यक्रम के तहत व्यापक स्तर पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम पंचायत तराजू में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता अभियान में सहभागिता निभाई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों के साथ साप्ताहिक बाजार स्थल एवं तालाब के आसपास साफ-सफाई कर स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश दिया। अभियान के दौरान अग्रवाल ने स्वयं झाड़ू लगाकर सार्वजनिक स्थल की सफाई की और ग्रामीणों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता स्वस्थ और विकसित समाज की आधारशिला है। गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। स्वच्छता किसी एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना होगा। अग्रवाल ने ग्रामीणों से अपने घर और परिसर के साथ ही बाजार, तालाब, सड़क तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता का भी ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छता का उद्देश्य वास्तविक रूप में साकार होगा। उन्होंने ओडीएफ प्लस के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी ग्रामीणों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। ग्राम तराजू में साप्ताहिक बाजार स्थल और तालाब किनारे आयोजित सामूहिक श्रमदान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वच्छताग्राहियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के साथ लोगों को कचरा निर्धारित स्थान पर डालने, जलस्रोतों एवं उनके आसपास गंदगी नहीं फैलाने और गांव की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में सहयोग करने का संदेश दिया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वच्छता गतिविधियां केवल ग्राम तराजू तक सीमित नहीं रहीं। आकांक्षी विकासखंड लखनपुर की सभी ग्राम पंचायतों में स्थित शासकीय कार्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। अधिकारी-कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्वच्छताग्राहियों ने श्रमदान करते हुए कार्यालय एवं आंगनबाड़ी परिसरों की साफ-सफाई की। इसके माध्यम से ‘सेवा मेरा योगदान‘ की भावना को जन-जन तक पहुंचाते हुए ग्रामीणों को अपने गांव और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। ग्राम तराजू में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शशिकला सिंह, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष कामेश्वर राजवाड़े, राकेश अग्रवाल, राकेश साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि राजेंद्र जायसवाल, दिनेश बारी, दिनेश साहू, जनपद सदस्य श्रीमती रजनी पैंकरा सहित ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छताग्राही एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

योगी सरकार का बड़ा कदम, यूपी के 586 PM श्री स्कूलों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ को मिलेगी रफ्तार

योगी सरकार में 586 पीएम श्री स्कूलों में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ को मिलेगी नई गति – ₹2.34 करोड़ से उपलब्ध कराई जाएगी कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल सामग्री, बच्चों को गतिविधि आधारित सीखने के मिलेंगे अधिक अवसर – वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 586 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट पीएम श्री विद्यालयों को मिलेगा लाभ – प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए ₹40 हजार की धनराशि, सीखने को प्रयोग और गतिविधियों से जोड़ने पर जोर – कक्षा-कक्ष में ‘करके सीखने’ की अवधारणा को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक मैटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा – विद्यालय स्तर पर सामग्री के उपयोग, गतिविधियों के अनुश्रवण और अभिलेखीकरण पर रहेगा जोर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों में पढ़ाई को किताबों की सीमाओं से आगे ले जाकर प्रयोग, गतिविधि और अनुभव से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 586 उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट पीएम श्री विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए ₹2.34 करोड़ की धनराशि से कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल क्रय किया जाएगा तथा प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए ₹40 हजार की धनराशि की सीमा निर्धारित की गई है। इससे 586 पीएम श्री विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे और बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ प्रयोग एवं अनुभव के माध्यम से सीखने के अधिक अवसर मिलेंगे। ‘करके सीखने’ से मजबूत होगी अवधारणात्मक समझ लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से विद्यार्थियों को विषयवस्तु को केवल पढ़ने के बजाय गतिविधियों, प्रयोगों और प्रत्यक्ष अनुभवों के जरिए समझने के अवसर मिलेंगे। उपलब्ध कराई जाने वाली कंज्यूमेबल्स/रॉ मैटेरियल सामग्री का उपयोग विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा, जिससे बच्चे सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बन सकें। 586 पीएम श्री विद्यालयों तक पहुंचेगा संसाधन महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी के निर्देशानुसार चयनित 586 विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग के लिए आवश्यक कंज्यूमेबल्स/ रॉ मैटेरियल क्रय किया जाएगा। इसके लिए कुल ₹2,34,40,000 का प्रावधान किया गया है, जिससे विद्यालयों में गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे। गतिविधि, प्रयोग और अनुभव से सीखेंगे बच्चे इस पहल का उद्देश्य कक्षा-कक्ष में सीखने की प्रक्रिया को अधिक सक्रिय और अनुभवपरक बनाना है। विद्यार्थी विषयवस्तु को देखकर, प्रयोग करके और गतिविधियों में भाग लेकर समझ सकेंगे, जिससे पुस्तकीय ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में मदद मिलेगी और उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज एवं रोचक बनेगी। उपयोग और अनुश्रवण पर रहेगा जोर विद्यालयों को उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री का उचित एवं उद्देश्यपरक उपयोग सुनिश्चित करने के साथ गतिविधियों के संचालन और अभिलेखीकरण का अनुश्रवण किया जाएगा। पूर्व में संचालित लर्निंग बाय डूइंग गतिविधियों के अनुभवों को भी आगे की गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया है। कोट: “लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से बच्चों को प्रयोग और अनुभव से सीखने के अवसर मिलेंगे। हमारा प्रयास है कि सीखने की प्रक्रिया रोचक, सहभागितापूर्ण और बच्चों की जिज्ञासा के अनुरूप बने।” संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

MSP पर धान-ज्वार-बाजरा खरीदी के लिए 1 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन

समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये एक लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत 10 अक्टूबर तक होगा पंजीयन भोपाल खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये पंजीयन प्रक्रिया जारी है। अभी तक एक लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। जबलपुर संभाग में 5 लाख 40 हजार 79, नर्मदापुरम में 9 हजार 436, भोपाल में 4 हजार 244, रीवा में 26 हजार 730, शहडोल में 9 हजार 710 और सागर संभाग में 4 हजार 766 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। उपार्जित फसल के भुगतान के लिये बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके।  इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिये पंजीयन के दौरान ही एक रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

मासूम का जीवन और उसकी सुरक्षा सर्वाेपरि, उपचार के साथ मिले सुरक्षित वातावरण – राजेश अग्रवाल

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, उपचार और सुरक्षा के दिए निर्देश नवजात की खबर मिलते ही सीएचएमओ से फोन पर की चर्चा, स्वास्थ्य की ली जानकारी मासूम का जीवन और उसकी सुरक्षा सर्वाेपरि, उपचार के साथ मिले सुरक्षित वातावरण – राजेश अग्रवाल रायपुर सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में खुले खेत में असहाय अवस्था में मिली नवजात बच्ची की खबर सामने आने के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बच्ची के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर चर्चा कर नवजात को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा उसकी सुरक्षित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि इतनी छोटी बच्ची के उपचार और देखभाल में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बच्ची को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखते हुए आवश्यकता के अनुसार हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उसकी सुरक्षा और आगे के संरक्षण के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। घटना की जानकारी मिलने पर अग्रवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक नवजात बच्ची का इस तरह असहाय अवस्था में मिलना बेहद पीड़ादायक है। इस समय सबसे महत्वपूर्ण उसका जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा है। बच्ची को केवल बेहतर उपचार ही नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण और भविष्य के लिए आवश्यक संरक्षण भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्ची के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उसके आगे के संरक्षण और पालन-पोषण से संबंधित प्रक्रिया में भी संबंधित विभाग संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। दरिमा क्षेत्र में खेत के पास मिली नवजात बच्ची को ग्रामीणों की मदद से उपचार के लिए पहुंचाया गया था। बच्ची को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। अग्रवाल ने बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि यह नन्ही बच्ची जल्द स्वस्थ हो और उसके जीवन में खुशियों की नई सुबह आए। इस मासूम को उपचार के साथ सुरक्षा, संरक्षण और आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित वातावरण मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।