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कैबिनेट बैठक में 14 प्रस्ताव मंजूर, मीट दुकानों का दोहरा लाइसेंस खत्म

चंडीगढ़  गांवों में 31 मार्च 2004 या उससे पहले शामलात देह भूमि में मकान बनाकर रह रहे लोगों को अब उपायुक्त भी मालिकाना हक दे सकेंगे। इसके अलावा मीट की दुकानों और बूचड़खानों के लिए दोहरे लाइसेंस नहीं लेने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 15 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 14 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अध्यादेश-2026 जारी करके पुराने नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। मौजूदा प्रविधानों के तहत विकास और पंचायत विभाग के निदेशक को पात्र आवेदकों को शामलात देह भूमि बेचने की मंजूरी देने का अधिकार है, जिन्होंने 31 मार्च 2004 या उससे पहले ऐसी जमीन पर अपने घर बनाए थे। हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी अभी बड़ी संख्या में आवेदन अलग-अलग स्तरों पर लंबित हैं और मंजूरी अपेक्षित हैं। ऐसे मामलों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने और योग्य आवेदकों को समय पर राहत देने के लिए स्वीकृति देने का अधिकार संबंधित जिला उपायुक्त को दिया गया है। इसके अलावा हरियाणा नगर पालिका संशोधन अध्यादेश-2026 और हरियाणा नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी दी है। उन प्रविधानों को हटाया गया है, जिनमें मीट की दुकानों और बूचड़खानों के लिए लाइसेंस की आवश्यकता है, क्योंकि इसी तरह के व्यवसायों को खाद्य और औषधि प्रशासन हरियाणा द्वारा भी विनियमित (रेगुलेटिड) किया जा रहा है। इन संशोधनों से दोहरे लाइसेंस समाप्त होंगे तथा आम जनता को नियमों की अनुपालना में राहत होगी। देना पड़ेगा दोगुणा मुआवजा नर्सरी संचालकों ने खराब क्वालिटी का बीज या पौधे बेचे तो देना पड़ेगा लागत का दोगुना मुआवजा नर्सरी संचालकों ने अब किसानों को खराब क्वालिटी का बीज या पौधे बेचे तो लागत का दोगुना मुआवजा देना पड़ेगा। हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम-2026 को मंजूरी दी गई है। यह नियम फलदार पौधों, सब्जियों, कंद, मसालों, सीजनिंग, फूलों, सजावटी पौधों, औषधीय और सुगंधित फसलों से संबंधित बागवानी नर्सरियों पर लागू होंगे। संशोधित नियमों में नर्सरियों के नियमित निरीक्षण, लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण सहित उल्लंघन के मामले में कार्रवाई और कीटों व बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए संक्रमित या अवैध रोपण स्टाक को अनिवार्य रूप से नष्ट करने का भी प्रावधान है। शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक समयबद्ध अपील प्रणाली का प्रस्ताव किया गया है जिला न्यायाधीशों का वेतनमान बढ़ेगा, पदोन्नति के अधिक अवसर मिलेंगे हरियाणा उच्चतर न्यायिक सेवा नियम-2007 में संशोधन किया जाएगा। उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों के लिए संशोधित वेतन संरचना लागू की जाएगी। इसमें प्रवेश स्तर (एंट्री लेवल), चयन ग्रेड (सेलेक्शन ग्रेड) और सुपर टाइम स्केल पर कार्यरत जिला न्यायाधीशों के वेतनमान और वार्षिक वेतन वृद्धि से संबंधित प्रविधान शामिल किए गए हैं। एक जनवरी 2020 से जिला न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों में से 35 प्रतिशत पद चयन ग्रेड के लिए निर्धारित होंगे। यह ग्रेड उन अधिकारियों को दिया जाएगा, जिन्होंने जिला न्यायाधीश संवर्ग में लगातार कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। चयन मेरिट और वरिष्ठता के आधार पर किया जाएगा। इसी प्रकार जिला न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पदों में से 15 प्रतिशत पद सुपर टाइम स्केल के लिए निर्धारित होंगे। यह लाभ उन अधिकारियों को मिलेगा, जिन्होंने चयन ग्रेड में लगातार कम से कम तीन वर्ष की सेवा पूरी कर ली हो। इसके लिए भी मेरिट और वरिष्ठता को आधार बनाया जाएगा। वार्षिक वेतन वृद्धि की गणना तीन प्रतिशत की दर से की जाएगी। प्रत्येक वर्ष की वेतन वृद्धि पिछले वर्ष के मूल वेतन के आधार पर जोड़ी जाएगी। हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर सरकारी सदस्य बढ़ेंगे हरियाणा राज्य महिला आयोग में गैर सरकारी सदस्यों की संख्या पांच से बढ़ाकर सात की जाएगी। इसके लिए हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम-2012 की धारा 3(2)(बी) में संशोधन को मंजूरी दी गई है। आयोग में सदस्यों की संख्या बढ़ने से घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर अपराध तथा महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों से संबंधित शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी।

अब लाइसेंस और NOC के लिए नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर दिल्ली में

नई दिल्ली अब लाइसेंस, होटल रजिस्ट्रेशन, NOC, सीवर कनेक्शन जैसे कामों के लिए दिल्ली की जनता और कारोबारियों को महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। दिल्ली सरकार ने 23 सेवाओं को तय समय सीमा में उपलब्ध कराने के दायरे में कर दिया है। यानी अब आवेदन करने वालों को पहले से पता होगा कि उनका काम कितने दिनों में होगा और देरी होने पर जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।     दिल्ली सरकार ने 23 नई सेवाओं को दिल्ली राइट ऑफ सिटिजन टू टाइम बाउंड डिलिवरी ऑफ सर्विसेज एक्ट, 2011 के तहत शामिल किया है।     इसका मतलब है कि अब कई जरूरी सरकारी सेवाएं तय समय सीमा में देनी होंगी।     सरकार का कहना है कि इससे आम लोगों के साथ, कारोबारियों, होटल, पर्यटन, निर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।     मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का मकसद नागरिकों और कारोबारियों को सरकारी सेवाएं तय समय में उपलब्ध कराना है।     अब विभिन्न विभागों से मिलने वाली महत्वपूर्ण अनुमतियां, लाइसेंस, पंजीकरण और अनापत्ति प्रमाणपत्र निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी किए जाएंगे।     अनावश्यक देरी कम होगी और बार-बार दफ्तरों के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे। किस काम के लिए कितना समय लगेगा?     दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवरेज कनेक्शन 15 दिनों में उपलब्ध कराया जाएगा     पावर डिपार्टमेंट बिजली मीटर से संबंधित आवेदन और कनेक्शन समझौते की प्रक्रिया 60 दिनों में।     खाद्य व्यवसाय के लिए राज्य लाइसेंस के लिए स्थानीय निकाय का एनओसी 60 दिनों में मिलेगी।     होटल पंजीकरण या संचालन अनुमति 60 दिनों में और बूचड़खाना लाइसेंस 60 दिनों में जारी किया जाएगा।     मोबाइल टावर स्थापना की अनुमति 30 दिनों में

आगरा कोचिंग सेंटर में बेसमेंट की एमसीबी से धुआं, छात्र सुरक्षित बाहर निकाले गए, प्रशासन सतर्क

लखनऊ लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र की एक चार मंजिला इमारत में सोमवार को लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में ज्यादातर छात्र और युवा थे। इस हादसे ने प्रदेश भर में लोगों को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे की जांच के लिए एसआईटी बनाई है जिसने अपनी जांच शुरू कर दी है। इस बीच मंगलवार को आगरा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब अचानक एक बिल्डिंग के बेसमेंट में लगी एमसीबी से धुआं उठने की खबर आई। इस बिल्डिंग में एक प्रतिष्ठित कोचिंग भी चलती है। धुआं उठने की सूचना मिलते ही दहशत के मारे विद्यार्थी कोचिंग से बाहर भाग निकल गए। कोचिंग में नीट और जेईई दोनों की तैयारी कराई जाती है। जिस वक्त एमसीबी से धुआं उठा उस वक्त अच्छी-खासी संख्या में छात्र-छात्राएं वहां मौजूद थे। मिली जानकारी के अनुसार यह कोचिंग तुलसी टॉकीज के पास जिस बिल्डिंग में स्थित है उसके बेसमेंट में एमसीबी लगी है। मंगलवार की सुबह लगभग 10:30 बजे एमसीबी से अचानक धुंआ उठने लगा। धुआं उठने की सूचना पर छात्र-छात्राएं बाहर ओर दौड़े। कोचिंग के स्टॉफ ने भी आनन फानन में छात्रों को फायर सेफ्टी के तहत बनाए गए निकास द्वार से बाहर निकाला। वहीं इस कोचिंग के स्टॉफ ने फायर सुरक्षा के उपकरणों से एमसीबी में उठे धुएं को शांत किया। इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। सूचना पर विद्युत विभाग की टीम भी आ गई और क्षेत्र की पावर सप्लाई को बंद कर दिया गया। जांच के बाद लगभग एक घंटे के बाद विद्युत आपूर्ति को शुरू किया गया। धुआं उठते ही बजा सायरन बिल्डिंग के बेसमेंट में एमसीबी से धुआं उठते ही सायरन बज गया। सायरन की आवाज सुनते ही छात्र कोचिंग से बाहर निकलने लगे। पता चला कि एमसीबी बॉक्स में आग लगी थी जिससे धुआं उठा था। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। कोचिंग सेंटरों पर लगे ताले उधर, लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेश भर में पुलिस और अग्निशमन विभाग अलर्ट पर है। आगरा में भी जांच-पड़ताल के चलते कई कोचिंग सेंटरों पर ताले लटके हुए हैं। पुलिस ने कोचिंग सेंटर हब भगवान टॉकीज के आसपास चेकिंग अभियान चलाया। इस बीच आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने पैनिक क्रिएट करने वाले लोगों को सख्त हिदायत भी दी है। पुलिस ने कहा है कि छात्रों के जीवन से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता। कोचिंग सेंटर नियम और शर्तों के हिसाब से ही संचालित होंगे। नियमों को तोड़ने या लापरवाही की छूट किसी को नहीं दी जाएगी।

अमेरिका-भारत समझौते के खिलाफ किसानों का ऐलान, पंजाब में कल फूंके जाएंगे मोदी-ट्रंप के पुतले

चंडीगढ़  किसान मजदूर मोर्चा (चैप्टर पंजाब) ने अमेरिका-भारत समझौते के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि 24 जून को पूरे पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य कार्यालयों और प्रमुख नेताओं के आवासों के बाहर प्रदर्शन करेंगे।  इस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि अमेरिका-भारत समझौता देश के कृषि क्षेत्र और विभिन्न आर्थिक ढांचों को कॉर्पोरेट हाथों में सौंपने जैसा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और मजदूरों के हितों से खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। कृषि और अर्थव्यवस्था पर गंभीर खतरे का आरोप घोषणा के दौरान किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि यह समझौता सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र और देश की आर्थिक संप्रभुता पर हमला है। उनके अनुसार, इससे भारतीय किसानों और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में कल पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन स्थलों की विस्तृत सूची (21 जिले) किसान मजदूर मोर्चा द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, पंजाब के सभी प्रमुख जिलों में निम्नलिखित तय स्थानों पर प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा पुलिस प्रशासन अलर्ट पर एक ही दिन में पंजाब के 21 जिलों में भाजपा कार्यालयों और वीआईपी नेताओं कैप्टन अमरिंदर सिंह और अश्विनी शर्मा के घरों के घेराव तथा पुतला दहन की घोषणा के बाद पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी प्रदर्शन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। किसान मजदूर मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि उनका यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन इसमें बड़ी संख्या में किसान व मजदूर शामिल होंगे, जो सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएंगे।

भारत को बड़ी राहत: कोहली ने बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस क्लीयरेंस हासिल किया

नई दिल्ली आयरलैंड में टी-20 सीरीज शुरु होने से पहले  भारत टीम को बड़ी खुशखबरी मिली है.  विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं, क्योंकि उन्होंने बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में अपना फिटनेस टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया है और वो जल्दी ही वनडे सीरीज के लिए लंदन रवाना होंगे. पूर्व भारतीय कप्तान को अगले महीने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया था, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर एक शर्त जुड़ी हुई थी. कोहली आईपीएल 2026 के फाइनल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेलते हुए हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हो गए थे, जिसके कारण उनकी उपलब्धता मेडिकल क्लीयरेंस पर निर्भर थी. विराट को मिली हरी झंडी अब कोहली ने खुद ही सारी चिंताओं को खत्म कर दिया है. सूत्रों  के मुताबिक, कोहली ने जरूरी फिटनेस टेस्ट पूरा कर लिया और जल्द ही बीसीसीआई की मेडिकल टीम से औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है.  अगर कोई अप्रत्याशित समस्या नहीं आती, तो 37 वर्षीय कोहली 14 जुलाई से शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए उपलब्ध रहेंगे. कोहली की वापसी भारत के लिए बिल्कुल सही समय पर हो रही है.  2027 वनडे वर्ल्ड कप, जो दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है, धीरे-धीरे करीब आ रहा है.  ऐसे में हर वनडे सीरीज बेहद अहम हो जाती है, खासकर इसलिए क्योंकि भारत अब इस फॉर्मेट में ज्यादा मैच नहीं खेलता.  इंग्लैंड की परिस्थितियां भी आने वाले बड़े टूर्नामेंट जैसी ही होंगी, जिससे यह सीरीज और महत्वपूर्ण बन जाती है. भारतीय बल्लेबाजों का फॉर्म शानदार हाल ही में भारत ने अफगानिस्तान को 3-0 से हराया, लेकिन कोहली इस सीरीज में नहीं खेले.  उनकी गैरमौजूदगी में यशस्वी जायसवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चेन्नई में शतक जड़ा.  वहीं शुभमन गिल और ईशान किशन ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी की.  रोहित शर्मा ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, हालांकि वह दूसरे वनडे में अर्धशतक और तीसरे में शतक से चूक गए. युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद, विराट कोहली जैसा खिलाड़ी टीम में कोई नहीं है. उन्हें वनडे क्रिकेट का सबसे महान बल्लेबाज माना जाता है.  37 साल की उम्र में भी उनका प्रदर्शन लगातार शानदार बना हुआ है. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नितीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़। 2024 से वनडे में कोहली का जलवा 2024 की शुरुआत से अब तक, वनडे में रोहित शर्मा के अलावा किसी ने कोहली से ज्यादा रन नहीं बनाए हैं.  कोहली ने 19 पारियों में 949 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 59.31 रहा है. इस दौरान उन्होंने चार शतक और पांच अर्धशतक लगाए हैं.  हालांकि रोहित शर्मा ने चार पारियां ज्यादा खेलते हुए 1011 रन बनाए हैं. कोहली ने आखिरी बार जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे खेला था, जहां उन्होंने 240 रन बनाकर भारत के सबसे सफल बल्लेबाज रहे थे. इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज का कार्यक्रम: पहला वनडे – 14 जुलाई 2026, एजबेस्टन, बर्मिंघम – दोपहर 3:30 बजे दूसरा वनडे – 16 जुलाई 2026, सोफिया गार्डन्स, कार्डिफ – शाम 5:30 बजे तीसरा वनडे – 19 जुलाई 2026, लॉर्ड्स, लंदन – दोपहर 3:30 बजे आईपीएल 2026 में कोहली शानदार फॉर्म में थे और उन्होंने फाइनल में नाबाद 75 रन बनाकर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को लगातार दूसरा खिताब जिताया.  हालांकि उसी मैच के दौरान उन्हें हैमस्ट्रिंग चोट लगी, जिसके कारण वह अफगानिस्तान सीरीज से बाहर हो गए थे लेकिन अब उनकी रिकवरी पूरी तरह सफल रही है.  पिछले हफ्ते से ही रिपोर्ट्स आ रही थीं कि कोहली रिहैब के दौरान अच्छी प्रगति कर रहे हैं और मेडिकल टीम उनकी फिटनेस से संतुष्ट है.  सोमवार को हुआ फिटनेस टेस्ट उसी का प्रमाण है. अब सबकी नजरें उनकी वापसी पर होंगी, जहां वह एक बार फिर भारतीय टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ बनकर सामने आएंगे.  

पांचना बांध जल विवाद पर सियासत तेज, 10 पुलिस अधिकारी तैनात

 जयपुर राजस्थान के पांचना बांध का मुद्दा गरमाता जा रहा है. इसे लेकर अब सियासत भी शुरू हो गई है. जिसके बाद विवाद बढ़ता जा रहा है. विवाद को देखते हुए अब सरकार भी सावधानी बरत रही है. पांचना बांध जल विवाद को लेकर प्रस्तावित धरना, प्रदर्शन और रेल रोको आंदोलन के मद्देनज़र पुलिस मुख्यालय अलर्ट मोड पर आ गया है. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 10 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है. अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून-व्यवस्था) की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को 23 जून 2026 को दोपहर तक आईजी भरतपुर रेंज को रिपोर्ट करना होगा. ड्यूटी के दौरान अधिकारियों को सरकारी वाहन के उपयोग की भी अनुमति दी गई है. जयपुर-जोधपुर रेंज के कई बड़े अधिकारी तैनात ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारियों में जयपुर पुलिस मुख्यालय, जयपुर कमिश्नरेट, कोटा शहर और जोधपुर रेंज में तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी शामिल हैं. पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे विवाद और प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है, ताकि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो. कई गांव दो पक्षों में बंटे बता दें, पिछले एक महीने से पांचना बांध पर कई गांव के लोग पहरा देकर पानी रोकने पर अड़े हुए हैं. जबकि कई गांव के किसान कोर्ट के आदेश का हवाला देकर पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं. दो पक्षों के बीच अब यह विवाद गहराता जा रहा है. इस मामले में इसी साल मई महीने में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि बांध का पानी जल्द ही कमांड एरिया में छोड़ा जाए. लेकिन इसके बावजूद आदेश पर काम नहीं हुआ है. पांचना बांध पर सियासत भी तेज दूसरी ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों आमने सामने खड़े हैं. पांचना बांध को लेकर गहलोत सरकार पर निशाना साध रहे हैं. जबकि बीजेपी की ओर से मदन दिलावर पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रहे हैं और कह रहे हैं कि जब गहलोत की 5 साल की सरकार थी तो उन्होंने इस विवाद को क्यों नहीं सुलझाया. लेकिन बीजेपी सरकार इसका स्थायी समाधान निकालेगी.

सिर्फ 60 रुपये में पैंक्रियाज कैंसर की जांच करेगा ‘यूरोस्मार्ट’ उपकरण

अंबाला बब्याल के रहने वाले एवं आइआइटी दिल्ली के छात्र शिवम ने शोध कर पैंक्रियाज कैंसर की बीमारी की जांच के लिए उपकरण यूरोस्मार्ट बनाया है। शिवम का दावा है कि इससे यूरिन (पेशाब) के सैंपल से शरीर में पैंक्रियाज कैंसर का पता चल जाएगा। कुछ लोगों पर इसका टेस्ट भी किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिवम ने इस उपकरण के पेटेंट के लिए आवेदन किया है। इससे सिर्फ 60 रुपये में जांच हो सकेगी। उम्मीद है कि जल्द ही यह बाजार में उपलब्ध होगा, जिसके लिए एक प्रक्रिया से गुजरना होगा। वर्ष 2024 में शिवम कुमार बग्गन, कुशाग्र जैन, खालिद भट्ट और प्रो. नवीन की टीम ने शोध शुरू किया था। यह एक साइंस जर्नल में प्रकाशित भी हो चुका है। ऐसे काम करता उपकरण शिवम ने बताया कि यूरोस्मार्ट उपकरण सेंसर पर काम करता है। इस में पोटेंशियो स्टेट सेंसर लगाया है, जो मोबाइल से जुड़ा होता है। मरीज का यूरिन सैंपल इस उपकरण में लिया जाता है। इस पर एक बटन लगाया गया है, जिसे दबाना होता और यूरिन की एक बूंद सेंसर पर पहुंच जाती है। इसके बाद सारा काम सेंसर करता है। करीब 15 मिनट का समय लगता है और रिपोर्ट मोबाइल पर आ जाती है और स्पष्ट हो जाता है कि मरीज को पैंक्रियाज कैंसर है या नहीं। यह जांच ब्लड से होती है, जिसमें काफी समय लगता है। जिसे पैंक्रियाज कैंसर होगा, उसका शरीर बायोमार्कर सीए 19.9 रिलीज करता है। यह ब्लड और यूरिन दोनों में पाया जाता है। अभी इसका ट्रायल प्रथम चरण में है। उम्मीद है कि जल्द ही यह उपकरण बाजार में उपलब्ध होगा यह है पैंक्रियाज कैंसर पैंक्रियाज कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो पैंक्रियाज में कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बढ़ने के कारण होता है। यह पाचन एंजाइम और इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि को प्रभावित करता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होता और देरी से पता चलने के कारण यह और घातक हो जाता है। यही कारण है कि इस तरह का कैंसर काफी घातक हो जाता है, जबकि उपचार काफी महंगा है। आइआइटी दिल्ली के प्रो. एवं शोध टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि सुबह का पहला यूरिन जांच के लिए बेहतर होता है, क्योंकि इसमें इन्फार्मेशन अधिक होती है। इस टेस्ट में यदि रीडिंग 37 यूनिट प्रति एमएल से नीचे आती है तो पैंक्रियाज कैंसर नहीं मान सकते, जबकि इससे अधिक यह जितना अधिक जाएगा उतना कैंसर माना जाता है। अब इस उपकरण को लेकर एम्स में जा रहे हैं, जहां आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उपचार की निगरानी में इस्तेमाल हो सकता: डॉ. यशपाल कैंसर विशेषज्ञ एवं अटल कैंसर केयर सेंटर के निदेशक डा. यशपाल वर्मा का कहना है कि सीए 19-9 एक गैर-विशिष्ट परीक्षण है, इसलिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इसे एक स्वतंत्र नैदानिक उपकरण के रूप में उपयोग करने के बजाय, उपचार की निगरानी और पुनरावृत्ति का पता लगाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। पित्त की पथरी और अग्नाशयशोथ जैसी सामान्य स्थितियों में भी इसका स्तर अधिक हो सकता है।  

लो ब्लड प्रेशर के लक्षण और फर्स्ट एड: चक्कर आने पर तुरंत राहत कैसे पाएं

लो ब्लड प्रेशर या फिर हाइपोटेंशन एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें आपके शरीर का ब्लड प्रेशर नॉर्मल लेवल यानी कि 120/80 mmHg से काफी कम हो जाता है. जब शरीर में बीपी अचानक कम हो जाता है, तो इसकी वजह से आपको चक्कर आने लगते हैं, आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है, कमजोरी महसूस होने लगती है, या फिर कई बार घबराहट और बेहोशी जैसे लक्षण भी दिखाई देने लगते हैं. अगर आपके या फिर आपके किसी करीबी के साथ अचानक ऐसा हो जाए, तो घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. आप अगर चाहें, तो घर पर ही कुछ आसान और असरदार उपाय अपनाकर अपने लो ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल में कर सकते हैं. तो चलिए, इन उपायों के बारे में जानते हैं, ताकि आप जरूरत के समय खुद को और अपने परिवार वालों को सुरक्षित रख सकें. नमक और पानी के घोल का सेवन अगर बीपी अचानक कम हो जाए तो इसे कंट्रोल करने का सबसे पहला और सबसे इंस्टेंट उपाय है नमक का पानी. अगर आपको नहीं पता तो बता दें नमक में सोडियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को इंस्टेंट बढ़ाने का काम करता है. लो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए एक ग्लास पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर धीरे-धीरे पिएं. इस बात का ख्याल रखें कि नमक का पानी केवल इमरजेंसी कंडीशन में ही लें, और अगर व्यक्ति को पहले से दिल या किडनी की कोई बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना ज्यादा नमक न दें. इलेक्ट्रोल, ग्लूकोज या ओआरएस का करें सेवन आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने पर भी बीपी अचानक गिर जाता है. ऐसा होने पर आपको अपने शरीर को जितनी जल्दी हो सके हाइड्रेट करने की कोशिश करनी चाहिए. शरीर को हाइड्रेशन देने के लिए आप पानी में ग्लूकोज या ओआरएस का घोल मिलाकर पी सकते हैं. अगर ये घर पर मौजूद न हों, तो पानी में नींबू, थोड़ी चीनी और एक चुटकी नमक मिलाकर नींबू पानी बना लें. इससे शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है और बीपी नॉर्मल होने लगता है. तुरंत कॉफी या चाय पिलाना भी फायदेमंद अगर आपका या फिर आपके घर पर किसी का भी बीपी अचानक ही बहुत कम हो गया है और व्यक्ति को तेज चक्कर आ रहे हैं, तो कैफीन का सेवन एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. जिसका ब्लड प्रेशर लो है उसे एक कप कड़क ब्लैक कॉफी या कड़क चाय पिलाएं. कैफीन दिल की धड़कन को थोड़ा फ़ास्ट कर देता है और ब्लड वेसल्स को सिकोड़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर तुरंत बढ़ जाता है. हालांकि, इसे अपनी रोज की आदत न बनाएं, क्योंकि कैफीन का बहुत ही ज्यादा सेवन सेहत के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं है. पैरों को ऊपर उठाकर लिटाएं अगर बीपी लो होने के कारण व्यक्ति को चक्कर आ रहे हैं या वह बेहोश होने की कंडीशन में है, तो बैठने या खड़े रहने के बजाय उसे तुरंत सीधे लिटा देना चाहिए. इसके लिए सबसे पहले व्यक्ति को पीठ के बल सीधा लेटा दें और उनके पैरों के नीचे दो-तीन तकिए लगा दें, ताकि व्यक्ति का पैर सिर के लेवल से ऊपर हो जाएं. ऐसा करने से पैरों की तरफ बहने वाला खून तुरंत दिमाग और दिल की तरफ पहुंचने लगता है, जिससे चक्कर आना बंद हो जाता है और मरीज को राहत मिलती है. कुछ मीठा या किशमिश खाएं शरीर में ब्लड शुगर का लेवल कम होने से भी बीपी लो हो सकता है. आयुर्वेद में किशमिश को लो बीपी के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है. अचानक बीपी गिरने पर आप मुट्ठी भर किशमिश चबाकर खा सकते हैं, या फिर घर में रखी कोई मिठाई, चॉकलेट या खजूर का सेवन भी कर सकते हैं. यह शरीर को तुरंत ग्लूकोज देता है, जिससे कमजोरी दूर होती है. ये सभी उपाय केवल इमरजेंसी कंडीशन में इंस्टेंट राहत पाने के लिए हैं. अगर इन उपायों को करने के बाद भी बीपी नॉर्मल नहीं होता है, या व्यक्ति को बार-बार लो बीपी की प्रॉब्लम होती है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें और तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से कॉन्टैक्ट करें.

IPL की सबसे बड़ी डील: पंत- कुलदीप का ब्लॉकबस्टर ट्रेड, बदली टीमों की तस्वीर

नई दिल्ली आईपीएल 2027 से पहले ऋषभ पंत और कुलदीप यादव की टीमें बदल चुकी है। दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जाएंटस के बीच सबसे बड़ा ट्रेड हो चुका है। लंबे समय से इसकी खबरें क्रिकेट के गलियारों में टहल रही थी। आज यानि 23 जून को आईपीएल की ओर से इस पर आधिकारिक मुहर लगा दी गई है। पंत दिल्ली में 15 करोड़ में वापसी करेंगे तो वहीं कुलदीप को एलएसजी ने 13.5 करोड़ की कीमत पर साइन किया है। ऋषभ पंत और कुलदीप यादव की अदला-बदली 2 साल लखनऊ सुपर जाएंट्स का हिस्सा रहने के बाद ऋषभ पंत की एक बार फिर अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में वापसी हो चुकी है। डीसी के साथ उन्होंने 2016 में अपने करियर की शुरुआत की थी। तो वहीं साल 2022 से दिल्ली के लिए खेल रहे कुलदीप यादव लखनऊ के लिए खेलेंगे। आईपीएल 2027 से पहले यह लीग की सबसे बड़ी ट्रेड डील मानी जा सकती है। क्योंकि दोनों ही खिलाड़ी आईपीएल के साथ ही भारतीय क्रिकेट के भी स्टार खिलाड़ियों में से एक हैं।

राजस्थान सरकार का बड़ा कदम, समान नागरिक संहिता का प्रारूप होगा तैयार

जयपुर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से समान नागरिक संहिता (यूनिफार्म सिविल कोड) की ओर अग्रसर है। इसमें सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून होंगे। राज्य सरकार ने विधेयक का प्रारूप तैयार करने हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। पटेल ने बताया कि संवैधानिक भावना को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में 14 अप्रैल, 2026 को राज्य में इस विषय पर सार्थक कार्यवाही करने का निर्णय लिया था। इसके अंतर्गत आदिवासी समुदाय के रीति-रिवाज को सुरक्षित रखा जाएगा और उन्हें संवैधानिक सुरक्षा मिलेगी। इससे प्रदेश को नई दशा और दिशा मिलेगी।   उन्होंने बताया कि संविधान के भाग 4 में वर्णित राज्य की नीति के निर्देशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 44 के प्रावधानों के मद्देनजर राज्य सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। अनुच्छेद 44 में उल्लेख है कि राज्य, भारत के समस्त राज्य क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान सिविल संहिता (Uniform Civil Code-UCC) प्राप्त कराने का प्रयास करेगा। बेढम ने बताया कि ‘राजस्थान समान नागरिक संहिता, 2026’ (The Rajasthan Uniform Civil Code, 2026) के विधेयक का प्रारूप तैयार करने हेतु उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति के अन्य सदस्य सेवानिवृत्त आई.ए.एस. शत्रुघ्न सिंह, राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबा, राजकीय विधि महाविद्यालय, श्रीगंगानगर के सेवानिवृत्त प्राचार्य रामस्वरूप अग्रवाल और डॉ. शुचि चौहान बनाये गये हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के विधेयक के प्रारूप को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए समिति संभाग स्तर पर जन-संवाद को प्राथमिकता देगी। वेबसाइट के माध्यम से राज्य के आम नागरिक अपने बहुमूल्य सुझाव सीधे समिति तक पहुंचा सकेंगे। समान नागरिक संहिता में विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण, बहुविवाह पर पूर्ण रोक समान नागरिक संहिता का प्रमुख ध्येय देश या राज्य में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू करना है, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के हों। वर्तमान में शादी, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों का पालन होता है। यूसीसी लागू होने से ये विसंगतियां समाप्त होंगी। इसका मुख्य उद्देश्य अलग-अलग पर्सनल लॉ में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त कर उन्हें लैंगिक समानता और पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाना है। इसके तहत विवाह और तलाक का अनिवार्य पंजीकरण, बहुविवाह पर पूर्ण रोक, लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन तथा पैतृक संपत्ति में बेटा-बेटी दोनों को समान अधिकार जैसे प्रमुख बदलाव शामिल हैं। राज्य सरकार समिति के माध्यम से राज्य की आवश्यकताओं और सामाजिक ताने-बाने के अनुरूप एक आदर्श और प्रगतिशील कानून का प्रारूप तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।