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मासूम का जीवन और उसकी सुरक्षा सर्वाेपरि, उपचार के साथ मिले सुरक्षित वातावरण – राजेश अग्रवाल

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, उपचार और सुरक्षा के दिए निर्देश नवजात की खबर मिलते ही सीएचएमओ से फोन पर की चर्चा, स्वास्थ्य की ली जानकारी मासूम का जीवन और उसकी सुरक्षा सर्वाेपरि, उपचार के साथ मिले सुरक्षित वातावरण – राजेश अग्रवाल रायपुर सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में खुले खेत में असहाय अवस्था में मिली नवजात बच्ची की खबर सामने आने के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बच्ची के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर चर्चा कर नवजात को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा उसकी सुरक्षित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि इतनी छोटी बच्ची के उपचार और देखभाल में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बच्ची को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखते हुए आवश्यकता के अनुसार हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उसकी सुरक्षा और आगे के संरक्षण के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। घटना की जानकारी मिलने पर अग्रवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक नवजात बच्ची का इस तरह असहाय अवस्था में मिलना बेहद पीड़ादायक है। इस समय सबसे महत्वपूर्ण उसका जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा है। बच्ची को केवल बेहतर उपचार ही नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण और भविष्य के लिए आवश्यक संरक्षण भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्ची के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उसके आगे के संरक्षण और पालन-पोषण से संबंधित प्रक्रिया में भी संबंधित विभाग संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। दरिमा क्षेत्र में खेत के पास मिली नवजात बच्ची को ग्रामीणों की मदद से उपचार के लिए पहुंचाया गया था। बच्ची को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। अग्रवाल ने बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि यह नन्ही बच्ची जल्द स्वस्थ हो और उसके जीवन में खुशियों की नई सुबह आए। इस मासूम को उपचार के साथ सुरक्षा, संरक्षण और आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित वातावरण मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।

महेश्वर नगर परिषद का आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने जन्मतिथि मामले में दिया नया निर्देश

महेश्वर  प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचते हुए वायरल वीडियो से चर्चा में आई युवती को जन्मतिथि विवाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। इंदौर बेंच ने महेश्वर नगर पालिका के सीएमओ की ओर से जन्मतिथि बदलने का आदेश रद्द करते हुए मामले पर युवती को सुनवाई का अवसर देकर नए सिरे से फैसला करने के निर्देश दिए हैं। क्या है पूरा मामला? महेश्वर की युवती मोनालिसा और उसके पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नगर पालिका की ओर से उसके मूल जन्म प्रमाण पत्र में की गई कार्रवाई को चुनौती दी थी। याचिका के मुताबिक युवती ने मार्च 2026 में केरलम के एक मंदिर में शादी की थी। इसके बाद उसके परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया और युवती के मूल जन्म प्रमाण पत्र को रद्द कर उसकी जन्मतिथि बदलने की प्रक्रिया शुरू की। युवती का दावा है कि उसके जन्म प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज थी। यही तारीख उसके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी दर्ज होने की बात याचिका में कही गई। CMO ने क्यों बदली जन्मतिथि? मामले में युवती के पिता की ओर से जन्मतिथि में सुधार के लिए आवेदन दिया गया था। उनका कहना था कि महेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मातृत्व रजिस्टर में युवती की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है। उनके मुताबिक इस रिकॉर्ड से युवती की शादी के समय नाबालिग होने की बात सामने आती है। यह भी दलील दी गई कि पहले जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र माता-पिता के कथित शपथ पत्र के आधार पर बना था और बाद में अस्पताल के रिकॉर्ड मिलने पर नियमों के तहत उसमें संशोधन किया गया। इसके बाद महेश्वर नगर पालिका के सीएमओ ने 31 मार्च 2026 को आदेश जारी कर पहले दर्ज जन्मतिथि को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने क्या कहा? जस्टिस गजेंद्र सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि युवती को उसके पिता की ओर से जन्मतिथि में बदलाव के लिए दिए गए आवेदन की जानकारी नहीं दी गई और न ही उसे अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। कोर्ट ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन माना और सीएमओ द्वारा जारी आदेश रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि युवती के पिता के आवेदन पर कानून के अनुसार दोबारा फैसला किया जाए और इससे पहले युवती को प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए। जन्म प्रमाणपत्र में बदलाव से पहले उसका पक्ष नहीं सुना गया जन्म प्रमाण-पत्र में किए गए इस बदलाव को चुनौती देते हुए युवती और उसके पति ने हाई कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की थी। इसमें कहा कि वर्ष 2015 में जारी आधार कार्ड में युवती की जन्मतिथि एक जनवरी 2008 ही दर्ज है। पैन कार्ड भी इसी जन्मतिथि के हिसाब से जारी हुआ था। युवती का कहना था कि जन्म प्रमाणपत्र में बदलाव से पहले उसका पक्ष भी नहीं सुना गया। मप्र हाई कोर्ट की युगलपीठ ने याचिका स्वीकारते हुए कहा कि बगैर किसी को सुने उसके प्रमाण पत्र में बदलाव नहीं किया जा सकता। यह प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है। कोर्ट ने महेश्वर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा 31 मार्च 2026 को जारी आदेश निरस्त करते हुए कहा कि युवती के पिता द्वारा जन्मतिथि में सुधार के लिए दिए गए आवेदन पर युवती को सुनवाई का अवसर देकर कानून के प्रविधानों के अनुसार नए सिरे से निर्णय लें। जन्मतिथि विवाद के बाद पति पर एफआईआर याचिका के अनुसार जन्मतिथि विवाद के बाद युवती के पति के खिलाफ महेश्वर थाने में एफआईआर भी दर्ज हुई। इसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और SC/ST एक्ट की धाराएं लगाए जाने की बात कही गई है। याचिका में आरोप लगाया गया कि बदले हुए रिकॉर्ड के आधार पर पति के खिलाफ कार्रवाई की गई और दोनों की अंतरधार्मिक शादी को लव जिहाद से जोड़कर देखा गया, जिससे उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। वहीं राज्य सरकार और युवती के पिता की ओर से इन दलीलों का विरोध किया गया और जन्मतिथि को लेकर अस्पताल के रिकॉर्ड को आधार बताया गया।  महाकुंभ में वायरल हुआ था वीडियो गौरतलब है कि मोनालिसा 2025 के प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा में आई थी। मेले में रुद्राक्ष की मालाएं बेचते हुए उसका वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद वह रातोंरात सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो गई थी। मामले में युवती और उसके पति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने पैरवी की। हाईकोर्ट के ताजा आदेश से फिलहाल युवती को जन्मतिथि बदलने के नगर पालिका के आदेश पर राहत मिली है, जबकि जन्मतिथि का अंतिम निर्धारण अब युवती की सुनवाई के बाद होगा।

पंजाब कांग्रेस में बड़ा बदलाव, राजा वड़िंग का इस्तीफा; नए अध्यक्ष की रेस में सिंगला

लुधियाना पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने राजा वड़िंग को फोन किया। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की।. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने राजा वड़िंग से कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनानी है, तो उन्हें प्रधान पद से इस्तीफा देना होगा। इसके बाद वड़िंग इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए। पार्टी जल्द ही पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला को नया प्रधान घोषित कर सकती है। हालांकि, प्रधान पद की दौड़ में सिंगला के अलावा परगट सिंह, सुख सरकारिया, राणा गुरजीत, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान विजयइंदर सिंगला को दिल्ली बुलाकर उनके साथ बैठक कर चुका है। उन्हें 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी का पूरा प्लान भी समझाया गया है। दो अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन नए प्रधान के नाम का ऐलान हो सकता है। इसी प्लान के तहत सचिन पायलट ने यूथ और पार्टी प्रधानों को दिल्ली बुलाया था। उन्होंने साफ कहा था कि गुटबाजी में शामिल पाए जाने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वड़िंग से इस्तीफा लेने का फैसला किया गया, ताकि नेतृत्व परिवर्तन के दौरान पार्टी में दोबारा गुटबाजी न बढ़े। वहीं, चरणजीत सिंह चन्नी गुट राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाने की मांग पर अड़ा हुआ। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि अब नाराजगी दूर हो चुकी है, सब मिलकर काम करेंगे। किसे कब, कहां पर नियुक्त करना है, हाईकमान तय करेगा। पंजाब लिए क्या सचिन पायलट का प्लान….     सेंट्रल पावर सिस्टम: पंजाब कांग्रेस में अब तक नेता दो प्रमुख धड़ों चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच बंटे हुए थे। पायलट ने सबसे पहले इस भ्रम को दूर किया कि पंजाब में फैसला लेने का अधिकार किसी गुट के पास है। उन्होंने राज्य के सभी वरिष्ठ नेताओं, जिला अध्यक्षों और यूथ विंग के प्रभारियों को साफ संदेश दिया कि पंजाब कांग्रेस की पूरी पावर और निर्णय क्षमता अब सीधे केंद्रीय प्रभारी यानी सचिन पायलट के पास है।     चन्नी-वड़िंग से पावर छीनकर सीधे कार्यकर्ताओं से जुड़ाव: पायलट ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को चन्नी या वड़िंग को रिपोर्ट करने के बजाय सीधे उनके संपर्क में रहने का निर्देश दिया। इसके नतीजे तुरंत दिखने लगे; पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अपने आकाओं के चक्कर काटने छोड़कर सीधे पायलट की कोर टीम और दिल्ली दरबार में अपनी रिपोर्टिंग शुरू कर दी है। इससे स्थानीय क्षत्रपों का एकाधिकार और दबाव बनाने की राजनीति पूरी तरह धराशायी हो गई।     ‘सिफारिश कल्चर’ खत्म और 'मेरिट बेस्ड' टिकट: गुटबाजी का सबसे बड़ा कारण चुनाव के समय अपने चहेतों को टिकट दिलाना होता था। सचिन पायलट ने चन्नी और वड़िंग दोनों गुटों से जुड़े नेताओं को कड़ा संदेश दिया कि आने वाले चुनावों में किसी भी बड़े नेता की 'सिफारिश' पर टिकट नहीं बांटी जाएगी। टिकट आवंटन का एकमात्र पैमाना 'मेरिट', सर्वे रिपोर्ट और धरातल पर नेता की छवि होगी। इस घोषणा ने गुटबाजी के सरगनाओं के पर काट दिए हैं।     प्रधान और यूथ नेताओं को दिल्ली तलब: संगठनात्मक रीस्ट्रक्चरिंग के तहत सचिन पायलट ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के नेताओं, जिला प्रधानों और यूथ कांग्रेस के शीर्ष पदाधिकारियों को दिल्ली तलब किया। बंद कमरे में हुई बैठकों में पायलट ने पंजाब के हालात पर सख्त रुख अपनाया और साफ कर दिया कि संगठन में अनुशासनहीनता और गुटबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।     वड़िंग को अध्यक्ष पद से हटाने का बेस बनाया: सचिन पायलट का मानना है कि किसी भी एक गुट का व्यक्ति यदि संगठन के शीर्ष पद पर रहेगा, तो दूसरा धड़ा हमेशा खुद को उपेक्षित महसूस करेगा। यही कारण है कि राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाकर एक निष्पक्ष, सर्वस्वीकार्य और नए चेहरे को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपने का खाका तैयार कर लिया गया है। इस संबंध में पायलट ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दी है।

महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर CM योगी बोले- निश्छल भाव से करें समाज सेवा

गोरखपुर गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने उनके जीवन और आदर्शों को याद किया।  आयोजित समारोह में सीएम योगी ने कहा कि जिस महापुरुष या आराध्य का हम गुणगान करते हैं, उसके आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने का प्रयास भी करना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का उदाहरण देते हुए कहा कि विषम और सम परिस्थितियों में खुद को एक समान रखते हुए निश्छल भाव से समाज और लोक कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने विषम परिस्थितियों में विष को अपने कंठ में धारण किया, इसलिए उन्हें नीलकंठ कहा जाता है। शिवत्व का अर्थ समाज और लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना सीएम योगी ने कहा कि समाज की विसंगतियों को अपने भीतर समाहित कर समाज और लोक कल्याण के लिए आदर्श स्थापित करना ही शिवत्व है। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, व्यक्ति को अपने लक्ष्य और कर्तव्य के प्रति स्थिर रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज और महंत अवेद्यनाथ महाराज की पुण्यस्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि दोनों संतों के जीवन से स्थिरता और संकल्प की प्रेरणा मिलती है।  महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ के जीवन से मिलती है प्रेरणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में सिद्धि का सबसे बड़ा मंत्र स्थिरता है। स्थिरता का भाव व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि दोनों संतों के जीवन चरित्र का अध्ययन करने पर समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने महंत अवेद्यनाथ के जीवन को उनके गुरु महंत दिग्विजयनाथ के आदर्शों और मूल्यों का विस्तार बताया। साथ ही कहा कि समाज में जब विसंगतियां पैदा होती हैं तो उनका परिमार्जन करने का सामर्थ्य समाज में होना चाहिए। गोरक्षपीठ में सात दिवसीय श्रद्धांजलि समारोह का समापन गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 24 से 30 सितंबर तक साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। इसके अंतिम दिन महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा हुई। कार्यक्रम में देशभर से संत-धर्माचार्यों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भी सहभागिता की। समारोह के दौरान महंतद्वय के सामाजिक, धार्मिक और लोक कल्याण से जुड़े कार्यों को याद किया गया।

रेगिस्तान में फूलों की बहार! अल-नीनो की बारिश से अटाकामा बना रंग-बिरंगा

सेंटियागो चिली के अटाकामा रेगिस्तान में इन दिनों लाखों फूल खिल गए हैं. दुनिया के सबसे सूखे इलाकों में शामिल इस रेगिस्तान में हुई तेज बारिश के बाद जमीन के अंदर पड़े बीज और बल्ब सक्रिय हो गए. अल नीनो से जुड़ी इस बारिश के बाद अटाकामा के कई हिस्सों में बैंगनी और सफेद फूल दिखाई दे रहे हैं. चिली की नेशनल फॉरेस्ट कॉरपोरेशन यानी CONAF के मुताबिक, अक्टूबर में इस फूलों का नजारा अपने चरम पर पहुंच सकता है और करीब 15 हजार हेक्टेयर इलाके में फूल खिलने का अनुमान है। अटाकामा रेगिस्तान चिली के उत्तर में है और राजधानी सैंटियागो से करीब 800 किलोमीटर दूर है. यहां आमतौर पर बारिश बहुत कम होती है. इसी वजह से यहां कई पौधों के बीज और बल्ब जमीन के अंदर लंबे समय तक पड़े रहते हैं. जब उन्हें पर्याप्त पानी मिलता है तो वे दोबारा उगने लगते हैं. इस बार कुछ इलाकों में 180 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जो वहां के लिए बेहद ज्यादा है. इस पानी का एक बड़ा हिस्सा रेत के अंदर गहराई तक पहुंचा और इससे जमीन में छिपे पौधों को बढ़ने का मौका मिला।      जमीन के अंदर छिपे थे लाखों बीज… अटाकामा में फूलों का यह नजारा अचानक नहीं बना है. यहां करीब 200 प्रजातियों के पौधों के बीज और बल्ब जमीन के अंदर मौजूद रहते हैं. सूखे मौसम में ये पौधे एक तरह से रुके हुए रहते हैं. जैसे ही सही मात्रा में बारिश और नमी मिलती है, ये फिर से सक्रिय हो जाते हैं। चिली की CONAF के अनुसार, 'फ्लावरिंग डेजर्ट' में 200 से ज्यादा तरह के पौधे दिखाई दे सकते हैं. इनमें ऐसे पौधे भी शामिल हैं जो रेगिस्तान की बहुत कम नमी वाली जमीन में रहने के लिए तैयार हो चुके हैं. इनके कुछ हिस्से जमीन के अंदर सुरक्षित रहते हैं और सही मौसम आने पर ऊपर आकर फूल और पत्तियां बनाते हैं। कुछ इलाकों में 180 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश… इस बार अटाकामा के कुछ हिस्सों में बारिश 180 मिलीमीटर से ज्यादा दर्ज की गई. CONAF के अटाकामा जैव विविधता एक्सपर्ट सीजर पिजारो ने बताया कि कुछ जगहों पर इतनी ज्यादा बारिश पहले दर्ज नहीं की गई थी. सामान्य से ज्यादा पानी जमीन में गहराई तक पहुंचा, जिससे पौधों को लंबे समय तक नमी मिली। इसी बारिश के बाद अब रेगिस्तान में बैंगनी और सफेद फूलों के बड़े हिस्से दिखाई दे रहे हैं. इस घटना को चिली में 'फ्लावरिंग डेजर्ट' यानी 'फूलों वाला रेगिस्तान' कहा जाता है. यह घटना हर साल एक जैसी नहीं होती. इसके लिए सही समय पर पर्याप्त बारिश और मिट्टी में जरूरी नमी होना जरूरी है। अक्टूबर में सबसे ज्यादा फूल दिखेंगे… CONAF के अनुमान के मुताबिक, इस साल अटाकामा में फूलों का यह नजारा अक्टूबर में सबसे ज्यादा दिखाई दे सकता है. करीब 15 हजार हेक्टेयर इलाके में फूल खिलने का अनुमान है. बारिश के बाद सिर्फ पौधे ही सक्रिय नहीं होते, बल्कि इस पूरे इलाके में कीड़े, मधुमक्खियां, पक्षी और दूसरे छोटे जीव भी ज्यादा दिखाई देने लगते हैं।  फूलों से मिलने वाला पराग इन जीवों के लिए भी जरूरी होता है. इस नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंच रहे हैं. कई लोग सड़क के किनारे रुककर फूलों की तस्वीरें ले रहे हैं. लेकिन अधिकारियों ने लोगों से पौधों को नुकसान न पहुंचाने और तय रास्तों पर ही चलने की अपील की है। अल-नीनो की बारिश बनी बड़ी वजह… इस बार अटाकामा में फूल खिलने के पीछे अल नीनो से जुड़ी बारिश को बड़ी वजह माना जा रहा है. अल-नीनो के दौरान प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों की सतह का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. इससे हवा और बारिश के पैटर्न में बदलाव आ सकता है. इस बार इसका असर चिली के उत्तरी हिस्से में भी देखने को मिला।   हालांकि, अल-नीनो से हुई बारिश का असर सिर्फ फूलों तक सीमित नहीं रहा।      जुलाई में चिली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश से नुकसान भी हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान कम से कम 13 लोगों की मौत हुई और करीब 4 हजार घरों को नुकसान पहुंचा या वे पूरी तरह बर्बाद हो गए. यानी जिस बारिश ने अटाकामा में पौधों को जीवन दिया, उसी मौसम ने देश के कुछ हिस्सों में परेशानी भी पैदा की।        बारिश कम होने और जमीन सूखने के बाद फूलों का यह नजारा धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा. लेकिन कई पौधों के बीज और जमीन के अंदर मौजूद हिस्से फिर सुरक्षित रहेंगे. अगली बार जब उन्हें सही मात्रा में बारिश मिलेगी, तो अटाकामा फिर फूलों से भर सकता है। 

Yamaha R15M पर मंडरा रहा बंद होने का खतरा, R2 की लॉन्चिंग के बाद लिया जा सकता है फैसला

नई दिल्ली यामाहा अपनी पॉपुलर बाइक को बंद कर सकती है. स्पोर्ट्स बाइक पसंद करने वालों के लिए यामाहा आर15 काफी खास है. कंपनी आर15 सीरीज में कई बाइक्स बेचती है. रिपोर्ट्स की मानें, तो यामाहा आर2 (Yamaha R2) की लॉन्चिंग के बाद कंपनी अपनी मोटरसाइकिलों की पोजिशनिंग में बदलाव कर सकती है।  इस क्रम में कंपनी यामाहा आर15 एम (Yamaha R15M) को बंद कर सकती है. इससे यामाहा आर15 वी4 (Yamaha R15 V4) और यामाहा आर2 के बीच एक बड़ा गैप क्रिएट किया जा सकेगा. हालांकि, इस पूरे मामले में यामाहा ने आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है. फिलहाल आर15 एम यामाहा आर15 वी4 और आर2 के बीच में आती है।  क्या हो सकती है वजह? ये बाइक कंपनी के 155सीसी वाले इंजन के साथ आती है, लेकिन इसमें आर15 वी4 के मुकाबले ज्यादा फीचर्स और प्रीमियम फिनिश मिलती है. इस बाइक के डिस्कंटीन्यू होने से यामाहा आर सीरीज का लाइन-अप ज्यादा सिंपल हो जाएगा. जिसमें यामाहा आर15 वी4 ज्यादा एक्सेसबल और आर2 नेक्स्ट स्टेप वाली बाइक बन जाएगी।  अगर किसी को कम कीमत में एक स्पोर्ट्स बाइक वाला फील चाहिए, तो वो आर15 वी4 के लिए जा सकता है, जबकि प्रीमियम फीचर और ज्यादा परफॉर्मेंस चाहने वालों के लिए आर2 होगी।  कितनी है कीमत?  यामाहा की इन बाइक्स की कीमतों पर नजर डालें, तो यामाहा आर15 एस की कीमत 1.59 लाख रुपये है. जबकि यामाहा आर15 वी4 की कीमत 1.75 लाख रुपये से 1.79 लाख रुपये है. वहीं यामाहा आर15 एम की कीमत 1.90 लाख से 2 लाख रुपये है. जबकि हाल में लॉन्च हुई यामाहा आर2 की कीमत 2.3 लाख से 2.4 लाख रुपये और यामाहा आर2 एम की कीमत 2.53 लाख रुपये है।  अगर यामाहा आर15 एम को डिस्कंटीन्यू कर देती है, तो आर2 और आर15 सीरीज के बीच प्राइस गैप 51 हजार रुपये का हो जाएगा. फिलहाल ये गैप 30 हजार रुपये का है. अगस्त महीने में आर15 बाइक्स की 7,691 यूनिट्स बिकी हैं. इस वित्तवर्ष वर्ष में अगस्त महीने में आर15 की सेल्स सबसे कम हुई है। 

किसानों के लिए जरूरी खबर, सोयाबीन बेचने के लिए 3 से 17 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन

सोयाबीन उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक भोपाल  भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2026 (विपणन वर्ष 2026-27) में सोयाबीन फसल के लिए प्रदेश के किसानों का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। किसान सोयाबीन के पंजीयन के लिए ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन करा सकेंगे। इसके लिए जिले में निर्धारित पंजीयन केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी हैं। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकॉर्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता किसान द्वारा विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिये पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जायेगा। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

शुभमन गिल के दोहरे शतक के दम पर भारतीय टीम ने किया ऐतिहासिक रन चेज

नई दिल्ली भारतीय कप्तान शुभमन गिल के दोहरे शतक के दम पर भारतीय टीम ने ऐतिहासिक रन चेज किया है। भारत ने पहली बार अपने वनडे क्रिकेट के इतिहास में 400+ रन चेज किया है। इससे पहले साउथ अफ्रीका ही एकमात्र टीम थी, जिन्होंने वनडे में 400 रनों का स्कोर चेज किया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 405 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था। भारत ने इस लक्ष्य को 2 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। टीम इंडिया ने इस रन चेज को 43.3 ओवरों में पूरा किया। भारत के गेंदबाजों ने पहले निराश किया लेकिन फिर गिल ने दोहरा शतक और रोहित शर्मा ने शतक लगाकर टीम इंडिया को 8 विकेट से जीत दिलाई।   वेस्टइंडीज ने पहली बार बनाया 400+ स्कोर गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में बुधवार को कैरेबियाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजी की जमकर बखियां उधेड़ी और पहली बार उसने भारत के विरुद्ध वनडे में 400 से ज्यादा का स्कोर खड़ा कर डाला। जॉन कैंपबेल (101), कप्तान शाई होप (104) और आमिर जांगू (114) ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़े और वेस्टइंडीज ने बुधवार को सात विकेट पर 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस दौरान भारतीय टीम का अनुभवहीन तेज गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेअसर नजर आया। कैरेबियाई टीम ने अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ वनडे स्कोर 389 रन को भी पीछे छोड़ दिया, जो उसने 2019 में इंग्लैंड के विरुद्ध बनाया था। जॉन कैंपबेल ने ठोका तूफानी शतक टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज को कैंपबेल ने आक्रामक शुरुआत दिलाई। क्रिस गेल के खुद को प्रशंसक बताने वाले कैंपबेल ने ‘यूनिवर्स बॉस’ की शैली में भारतीय गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने केवल 65 गेंदों में शतक पूरा किया और 68 गेंदों में 101 रन की पारी खेली। उनकी पारी में नौ चौके और पांच छक्के शामिल रहे। इसके बाद कप्तान होप और जांगू ने पारी को संभाला और बीच के तथा अंतिम ओवरों में रन गति करीब आठ रन प्रति ओवर बनाए रखी। होप ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन 27 रन पर विराट कोहली से शार्ट मिडविकेट पर कैच छूटने के बाद उन्होंने रफ्तार बढ़ा दी। उन्होंने 94 गेंदों में 104 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और तीन छक्के शामिल थे। आमिर जांगू ने की भारतीय गेंदबाजों की कुटाई जांगू ने होप का शानदार साथ देते हुए आक्रामकता और सूझबूझ का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। उन्होंने महज 69 गेंदों में अपना दूसरा वनडे शतक पूरा किया। इसके साथ ही वेस्टइंडीज ने पहली बार एक वनडे पारी में तीन शतक लगाने का कारनामा किया। युवा पेसरों ने बढ़ाई चिंता जसप्रीत बुमराह एशियाई खेलों की ड्यूटी पर हैं, जबकि मोहम्मद सिराज भी टीम से बाहर हैं। ऐसे में भारत 2027 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए युवा गेंदबाजों को आजमा रहा है, लेकिन दूसरे वनडे में भी तेज गेंदबाजी आक्रमण ने ज्यादा सवाल खड़े किए। जम्मू-कश्मीर से भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले तीसरे क्रिकेटर बने आकिब नबी का पदार्पण निराशाजनक रहा। उन्होंने 8.5 ओवर में 84 रन खर्च किए। भारतीय गेंदबाजी में राहत सिर्फ स्पिनरों से मिली। कुलदीप यादव ने 65 रन देकर दो विकेट लिए और वनडे में 200 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों के क्लब में शामिल हो गए। रवींद्र जडेजा ने भी दो विकेट हासिल किए, लेकिन उन्होंने 75 रन खर्च किए। रोहित शर्मा ने पूरे किए 12 हजार रन रोहित वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके थे। हालांकि, दूसरे मैच में हिटमैन ने 32 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा। इस दौरान उन्होंने वनडे में 12 हजार रन भी पूरे कर लिए। रोहित ऐसा कारनामा करने वाले मात्र तीसरे भारतीय बल्लेबाज बने। उन्होंने 282 पारियों में 12 हजार रन पूरे किए। सचिन ने 300 पारियों में 12,000 रन पूरा किया था। रोहित शर्मा ने जड़ा शतक वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए रोहित ने शतक जड़ा। उन्होंने 72 गेंदों पर सेंचुरी जड़ी लेकिन 101 रन बनाकर आउट हो गए। उनका वनडे करियर का ये 35वां शतक है। रोहित ने गिल के साथ मिलकर 255 रनों की साझेदारी की। ये भारत के लिए वनडे क्रिकेट में दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है। पहले स्थान पर सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली मौजूद हैं, जिन्होंने 258 रनों की साझेदारी की थी। शुभमन गिल का दोहरा शतक गिल ने 406 रनों के चेज में सबसे अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपना आक्रामक रवैया शुरुआत से ही जारी रखा। गिल ने पहले 62 गेंदों पर शतक पूरा किया। इसके बाद 117 गेंदों पर दोहरा शतक ठोक दिया। गिल द्वारा लगाई ये वनडे क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज डबल सेंचुरी है। उन्होंने ईशान किशन के 126 गेंदों पर का रिकॉर्ड तोड़ा। गिल ने 133 गेंदों पर नाबाद 223 रनों की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 26 चौके और 8 छक्के निकले। भारत ने किया ऐतिहासिक रन चेज वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरा वनडे मैच भारत ने आठ विकेट से अपने नाम कर लिया। विंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए सात विकेट के नुकसान पर 405 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम इंडिया ने इस लक्ष्य को 43.3 ओवरों में हासिल कर लिया। भारत ने पहली बार वनडे क्रिकेट में 400 रनों का चेज किया है। इसके अलावा ये वनडे क्रिकेट के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज किया है। साउथ अफ्रीका के नाम सबसे बड़ा स्कोर वनडे में चेज करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रनों का चेज किया था। इसी के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।  

हर पंचायत में होगा खेल मैदान, गांवों में बनेंगे अटल ज्ञान केंद्र; CM भजनलाल का बड़ा ऐलान

बाड़मेर बाड़मेर जिले के बाछड़ाऊ में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को 2 हजार 824 करोड़ रुपए के 1 हजार 013 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। सभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राजस्थान की हालत टूटे-फूटे मकान जैसी कर दी थी। कांग्रेस नेताओं को स्वार्थी बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग किसी के नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांवों के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि हर गांव में पक्की सड़क हो। उन्होंने कहा कि राजस्थान अब बिजली लेने वाला नहीं, बल्कि बिजली देने वाला राज्य बन गया है। पेपर लीक को लेकर कांग्रेस पर निशाना सीएम ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय युवा परेशान थे और लगातार पेपर लीक के मामले सामने आते थे। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से पूछा कि अब पेपर लीक होता है क्या? इस पर लोगों ने नहीं में जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जन-जन के लिए काम कर रही है और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हर पंचायत में खेल मैदान और गांवों में अटल ज्ञान केंद्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ऐसी कोई पंचायत नहीं होगी, जहां खेल मैदान नहीं हो। उन्होंने राजस्थान के गांवों में अटल ज्ञान केंद्र बनाए जाने की भी घोषणा की। सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ शिक्षा, खेल और अन्य सुविधाओं को मजबूत करना है 2,824 करोड़ के 1,013 कामों का शिलान्यास-लोकार्पण बाछड़ाऊ पहुंचने पर मुख्यमंत्री का मंत्री केके विश्नोई, विधायक आदूराम मेघवाल, बाड़मेर विधायक प्रियंका चौधरी, सिवाना विधायक हमीर सिंह, जैसलमेर विधायक छोटूसिंह, पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी और किसान आयोग अध्यक्ष सीआर चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया। जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल और पुलिस अधीक्षक चुनाराम ने भी सीएम की अगवानी की। पारंपरिक गैर नृत्य के जरिए मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान 2,824 करोड़ रुपए की लागत के 1,013 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इसके अलावा जोधपुर संभाग के आठ जिलों के लिए करीब 2,700 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात देने की बात भी कही गई। मुख्यमंत्री का बाड़मेर दौरा पंचायती राज चुनाव से पहले राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा। कार्यक्रम में उन्होंने बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर चर्चा की।

कोसी की बाढ़ ने मचाई तबाही, आलमनगर-चौसा में 6564 हेक्टेयर धान की फसल बर्बाद

मधेपुरा कोसी नदी के मुहाने पर बसे जिले के आलमनगर एवं चौसा प्रखंड में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। दोनों प्रखंडों की 16 पंचायतों के किसानों की खेतों में लगी फसलें पूरी तरह डूब गईं। आलमनगर की नौ पंचायतों में 2745 हेक्टेयर और चौसा प्रखंड की सात पंचायतों में 3819 हेक्टेयर में धान की फसल बर्बाद हुई है। 17 हजार प्रति हेक्टेयर की दर से किए गए आकलन के अनुसार चौसा प्रखंड में छह करोड़ 49 लाख 23 हजार रुपये और आलमनगर प्रखंड में चार करोड़ 66 लाख 65 हजार रुपये का नुकसान है। कृषि विभाग के सर्वे के अनुसार कुल मिलाकर 11 कराेड़ 15 लाख 88 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा 33 प्रतिशत से अधिक बर्बाद हुए फसलों की है। जबकि किसानों का कहना है कि क्षति इससे अधिक की है। मुआवजा की प्रक्रिया शुरू, 29 सितंबर तक लिया गया आवेदन कृषि विभाग के अनुसार मुख्यालय को फसल क्षति का आकलन रिपोर्ट भेज दिया गया है। मुआवजा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 23 सितंबर से 29 सितंबर तक किसानों से आवेदन लिया गया। 29 सितंबर की शाम पांच बजे तक कुल 21667 किसानों के द्वारा आनलाइन आवेदन किया गया है। इसके बाद तीन-चार स्तरों पर सत्यापन की प्रक्रिया के उपरांत मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। महाजन से कर्ज लेकर खेती की, अब जीविका पर संकट रतवारा गांव के किसान सुमन शर्मा बताते हैं कि धान रोपनी के समय बारिश नहीं होने के कारण मजबूरन पंपसेट सिंचाई कर मजदूरों की मदद से खेती की। जिस कारण लागत भी बढ़ गई। बाढ़ के कारण फसल बर्बाद होने से अब भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कृषि ही एकमात्र जीविका का साधन है। गंगापुर पंचायत के कोलवारा टोला निवासी किसान अवधेश कुमार मंडल ने कहा कि हम जैसे छोटे किसान महाजन के कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। कर्ज लेकर खेती की वह भी बाढ़ में डूब गया। खेतों में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई है। सरकार 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर ही मुआवजा देती है। पंचायत स्तर पर सर्वे करवाकर मुख्यालय को फसल क्षति का रिपोर्ट भेज दिया गया है। 29 सितंबर तक किसानों से आवेदन लिए गए हैं। 30 सितंबर से आवेदन की सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद संबंधित किसानों के खाते में मुआवजे की राशि अंतरित की जाएगी। – रितेश रंजन, जिला कृषि पदाधिकारी। पंचायतवार आंकड़े क्रमांक     पंचायत                    फसल क्षति (हेक्टेयर में) 1            आलमनगर पूर्वी              130 2            आलमनगर दक्षिणी          165 3            बरगांव                          250 4            बसनवाड़ा                       210 5            गंगापुर                          450 6            इटहरी                            310 7            खापुर                            360 8             रतवारा                           490 9             कुंजौरी                             380 कुल क्षति (आलमनगर)                      2745