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सीएम योगी ने पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों से सहजता से किया संवाद

सीएम योगी का सहज अंदाज, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों से किया सीधा संवाद “फोन चेक कर लीजिए, पैसा आ गया होगा” विभिन्न जिलों की महिलाओं से सीधे बातचीत कर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली सीएम योगी ने लखनऊ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों को पहली किस्त अंतरित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई जनपदों की लाभार्थियों के साथ वर्चुअल संवाद भी किया। यह संवाद सिर्फ औपचारिक बातचीत नहीं रहा, बल्कि इसमें सहज शैली के साथ किए गए सरल प्रश्नों के जरिए सीएम योगी ने यह भी सुनिश्चित किया कि योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। फतेहपुर की माया देवी से बातचीत में मुख्यमंत्री ने पूछा, “आज आपके खाते में पहली किस्त आ गई है, आपने फोन देखा?” जब माया देवी ने कहा कि अभी नहीं देखा, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “एक बार चेक कर लीजिए, पैसा आ गया होगा।” इस सहज संवाद ने कार्यक्रम में आत्मीयता का माहौल बना दिया। फतेहपुर की माया देवी ने बताया कि उन्हें राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल चुका है और पति मजदूरी कर बच्चों की पढ़ाई करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने की सलाह देते हुए कहा कि अब आवास, बिजली और पानी की सुविधा भी उन्हें मिलेगी। गोरखपुर की मेनका देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पहले कच्चे मकान में रहना पड़ता था, लेकिन अब आवास मिलने से बड़ी राहत मिली है। उन्हें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला गैस और पीएम स्वनिधि योजना का लाभ भी मिला है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के बारे में जानकारी ली और उन्हें नए घर के लिए बधाई दी। प्रयागराज की अर्चना ने बताया कि उन्हें बिजली, गैस और आयुष्मान कार्ड के साथ अब आवास का लाभ भी मिला है। पति मजदूरी करते हैं और वह स्वयं काम कर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करती हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की सलाह देते हुए कहा कि सभी जन प्रतिनिधि इसमें आपका सहयोग करेंगे। सहारनपुर की सुनीता ने आवास मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि वह जल्द ही अपना घर बनाएंगी। परिवार में पति बिजली का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि घर बनने के बाद सभी को गृह प्रवेश पर आमंत्रित करें और योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं। महराजगंज की गुंजा देवी ने बताया कि उन्हें पहली बार आवास का लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने की सलाह दी और बताया कि अब शहरी क्षेत्रों में आवास के लिए अधिक राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे बेहतर मकान बन सके। देवरिया की सरोज देवी ने बताया कि उन्हें उज्ज्वला गैस, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का भी लाभ मिला है। उन्होंने अपने परिवार में बुजुर्गों और बच्चों की जिम्मेदारी निभाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना महत्वपूर्ण है और सरकार हर संभव सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, राशन योजना और पेंशन योजनाओं के माध्यम से सरकार हर गरीब तक सुविधाएं पहुंचा रही है। उन्होंने लाभार्थियों को आवास निर्माण समय से पूरा करने, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने और सभी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ पहुंचे, जिससे उसका जीवन स्तर सुधरे और वह आत्मनिर्भर बन सके। सीएम से आवास स्वीकृति पत्र पाकर झलकी खुशी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इस दौरान कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला और जैसे-जैसे लाभार्थियों के नाम पुकारे गए, सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में सबसे पहले लखनऊ की सीमा को मुख्यमंत्री ने घर का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। इसके बाद लखनऊ की रूबी गुप्ता, आराधना श्रीवास्तव व अंजू, सीतापुर की रेनू वर्मा व संजीवनी सिंह, बाराबंकी की शबाना रिजवी, सरिता देवी व पिंकी वर्मा को भी मंच पर बुलाकर आवास स्वीकृति पत्र दिए गए। उन्नाव की मोनिका गौतम व अर्चना देवी को भी इस योजना का लाभ मिला। हरदोई की सोनी, दीप्ति कुमारी व रेनू मिश्रा और रायबरेली की चांदनी भट्ट, रेनू व सुनील कुमार को भी मुख्यमंत्री ने आवास स्वीकृति पत्र सौंपे। कार्यक्रम के दौरान जब लाभार्थी मंच पर पहुंचे तो उनके चेहरों पर अपने घर का सपना पूरा होने की खुशी साफ दिखाई दी। कई लाभार्थियों के साथ उनके बच्चे भी मौजूद थे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक दुलारा।

एयरस्ट्राइक के बाद अफगान सरकार का कड़ा संदेश: ‘पाकिस्तान से डिप्लोमेसी का समय अब खत्म’

काबुल पाकिस्तान और अफगान-तालिबान के बीच पिछले 10 दिनों से भीषण युद्ध जारी है . कल रात 9 बजे पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन गजब लिल हक' के तहत काबुल में अब तक की सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक की, जिसमें एक अस्पताल को भी निशाना बनाया गया. अफगान अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 400 बेकसूर नागरिकों की मौत हो गई है और करीब 250 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तान सरकार ने इस हमले का फुटेज जारी करते हुए इसे सैन्य ठिकानों पर की गई कार्रवाई बताया है। इस हमले के बाद इस्लामिक एमिरेट्स ऑफ अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने टोलो न्यूज़ से कहा कि अब पाकिस्तान के साथ बातचीत या कूटनीति का समय खत्म हो गया है, अफगानिस्तान इसका बदला लेगा. डूरंड लाइन पर दोनों देशों की सेनाएं लगातार आमने-सामने हैं और तनाव चरम पर है। निशाने पर इस्लामाबाद जंग की शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और सैन्य कार्रवाई तेज थी. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर काबुल पर हमला हुआ, तो निशाना इस्लामाबाद होगा. जवाब में तालिबान ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद, क्वेटा और रावलपिंडी में पाक आर्मी के ठिकानों पर हमले का दावा किया था. तालिबान ने दावा किया था कि उन्होंने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण 'नूर खान एयरबेस' को निशाना बनाया है। पाकिस्तान का 'ऑपरेशन गजब लिल हक' पाकिस्तान ने काबुल और नंगरहार में किए गए इन हमलों को अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने हाल ही में बयान दिया था कि अफगान-तालिबान ने पाकिस्तान में नागरिकों को निशाना बनाकर 'रेड लाइन' क्रॉस की है. इसी बयान के बाद कल रात काबुल पर भारी बमबारी की गई. पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले उन सैन्य प्रतिष्ठानों पर थे, जो पाकिस्तान में हमलों को प्रायोजित कर रहे थे। डूरंड लाइन पर भीषण झड़पें दोनों देशों के बीच सीमा पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है. डूरंड लाइन पर दोनों तरफ की सेनाएं लगातार एक-दूसरे पर भारी गोलाबारी कर रही हैं. पाकिस्तान द्वारा काबुल के अस्पताल पर किए गए हमले और उसके फुटेज जारी करने के बाद अफगानिस्तान में भारी आक्रोश है. तालिबान ने कहा है कि वे इस सैन्य हमले का करारा जवाब देंगे, जिससे पूरे इलाके में बड़ी जंग का खतरा मंडराने लगा है। ।.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में उत्तर प्रदेश के आठ डाटा सेंटर पार्क होंगे अहम कड़ी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में आठ डाटा सेंटर पार्क उत्तर प्रदेश को बढ़ाएंगे आगे नोएडा से वाराणसी तक आठ शहरों में विकसित होंगे डेटा सेंटर पार्क लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव, कई बड़ी कंपनियां दिखा रहीं रुचि 900 मेगावाट बिजली आपूर्ति और नई नीति से डेटा सेंटर उद्योग को मिलेगा बल लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश को देश का प्रमुख डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी रणनीति के अंतर्गत प्रदेश में 8 डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाने की योजना तैयार की गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रोद्योगिकी विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा सेंटर पार्कों के विकास से उत्तर प्रदेश देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही आने वाले समय में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के लिए यह एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। सरकार की योजना के अनुसार इन डेटा सेंटर पार्कों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में विकसित किया जाएगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में जमीन की पहचान और आवंटन की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। कुछ कंपनियों को जमीन आवंटित भी की जा चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर भूमि चिन्हांकन और मास्टर प्लान तैयार करने का काम जारी है। डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने रुचि दिखाई है। एचसीएल, अडानी ग्रुप, एनटीटी डेटा, योट्टा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टर्लाइट टेक्नोलॉजीज और सिफी टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां प्रदेश में निवेश की दिशा में आगे आईं हैं। इन कंपनियों की ओर से कुल मिलाकर करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें से कई परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं और कुछ परियोजनाएं निर्माण की दिशा में अग्रसर हो रहीं हैं। डेटा सेंटर के संचालन के लिए बड़े पैमाने पर बिजली की आवश्यकता होती है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने लगभग 900 मेगावाट बिजली की मांग को पूरा करने की योजना बनाई है। इसके लिए नए सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा और डेटा सेंटर पार्कों को समर्पित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि डेटा सेंटर संचालन को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए डेटा सेंटर नीति के अंतर्गत कई प्रोत्साहन भी तय किए हैं। इसमें पूंजीगत सब्सिडी, बिजली शुल्क में रियायत, स्टांप ड्यूटी में छूट और बुनियादी ढांचे के विकास में सरकारी सहयोग शामिल है। इसके अलावा निवेशकों को तेज और पारदर्शी अनुमति प्रक्रिया देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू किया गया है। इन 8 डेटा सेंटर पार्कों के विकसित होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे। लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष रोजगार और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। अनुमान है कि परियोजनाओं के अधिकांश चरण अगले 3 से 5 वर्षों के भीतर पूरे हो जाएंगे।

संगीत नाटक अकादमी ने पुरस्कारों की घोषणा की, विभिन्न कला विधाओं के कलाकार होंगे सम्मानित

संगीत नाटक अकादमी के पुरस्कारों की घोषणा, विभिन्न विधाओं के कलाकार होंगे सम्मानित वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक के अकादमी पुरस्कारों के लिए कलाकारों के नामों की घोषणा अकादमी पुरस्कार के साथ सफदर हाशमी एवं बी.एम.शाह पुरस्कारों के लिए कलाकारों के नामों का हुआ चयन  लखनऊ  राज्य में संगीत, नृत्य, नाटक एवं लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के लिए समर्पित संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की गई। इस अवसर पर अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने बताया कि संगीत नाटक अकादमी उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने एवं उसके संवर्धन में योगदान देने वाले कलाकारों को अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित करती है। इसी क्रम में अकादमी की ओर से वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक के चार वर्षों के अकादमी पुरस्कार के साथ नाटक एवं रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कलाकारों को बी.एम. शाह पुरस्कार और सफदर हाशमी पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।    संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से वर्ष 2021 के अकादमी पुरस्कार के लिए शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में पं. दीनानाथ मिश्रा,  लोक गायन के लिए श्रीकांत वैश्य, नक्कारा वादन के लिए कानपुर के प्रभु दयाल और शहनाई वादन के लिए वाराणसी के जवाहर लाल के नामों की घोषणा की गई। इस क्रम में रंगमंच निर्देशन के लिए भूमिकेश्वर सिंह, रंगमंच तकनीकी-प्रकाशन के लिए जगमोहन रावत, नौटंकी निर्देशन के लिए राजकुमार श्रीवास्तव एवं नाट्य लेखन के लिए विजय पंडित को सम्मानित किया जाएगा।  कला उन्नयन के लिए मथुरा के मोहन स्वरूप भाटिया और वाराणसी की माला होम्बल के नामों का चयन किया गया है। जबकि नृत्य विधा में मथुरा,वृदांवन की भरतनाट्यम नृत्यांगना प्रतिभा शर्मा को पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2021 के सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए रीवा के मनोज कुमार मिश्रा एवं बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए दिल्ली के सतीश आनन्द पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। इसी क्रम में वर्ष 2022 के अकादमी पुरस्कार के लिए शास्त्रीय गायन एवं लोक गायन के लिए मथुरा के आनन्द कुमार मलिक व माधुरी शर्मा, जबकि कथक नृत्य के लिए लखनऊ के पं. अनुज मिश्रा, पखावज वादन के लिए शशिकांत पाठक और तबला वादन के लिए प्रयागराज के पंकज कुमार श्रीवास्तव के नामों की घोषणा की गई है। वहीं गिटार वादन के लिए सुनील पावगी, बांसुरी वादन के लिए मोहन लाल कुंवर, रंगमंच अभिनय के लिए मंजू कौशल तथा रंगमंच तकनीक-कठपुतली के लिए मेराज आलम को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।  नाट्य लेखन,संगीत, नृत्य एवं रंगमंच के लिए वाराणसी के विजय शंकर मिश्रा एवं कला समीक्षा के लिए सीतापुर के पद्मकांत शर्मा को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। जबकि वर्ष 2022 के सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए नई दिल्ली के राजेश सिंह एवं बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए भोपाल के कमल जैन के नामों का चयन किया गया है।  संगीत नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2023 के लिए शास्त्रीय गायन की श्रेणी में डॉ. रामशंकर, सुगम गायन के लिए मनोज गुप्ता एवं लोक गायन के लिए राकेश श्रीवास्तव को सम्मानित करने की घोषणा की गई। जबकि कथक नृत्य के लिए लखनऊ की डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव, तबला वादन के लिए अनूप बनर्जी और बांसुरी वादन के लिए चेतन कुमार जोशी के नामों का चयन किया गया है। वहीं नाटक एवं रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन के लिए राजकुमार उपाध्याय, अभिनय के लिए संजय देगलुरकर, लेखन-संगीत एवं नृत्य के लिए उमा त्रिगुणायत, कला उन्नयन के लिए डॉ. ओमेन्द्र कुमार एवं कला समीक्षा के लिए अर्जुनदास केसरी को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए गाजियाबाद के अजय कुमार और बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए गोरखपुर के रविशंकर खरे के नाम का चयन किया गया है।  इसी क्रम में वर्ष 2024 के अकादमी पुरस्कार में शास्त्रीय गायन के लिए रीतेश-रजनीश मिश्रा, सुगम गायन के लिए मुक्ता चटर्जी और लोकगायन (आल्हा) के लिए रामस्थ पाण्डेय को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। वहीं लोक नृत्य के लिए सुगम सिंह शेखावत, दुक्कड़ वादन के लिए मंगल प्रसाद, वायलिन वादन के लिए सुखदेव मिश्रा एवं सितार वादन के लिए वाराणसी के राजेश शाह को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। जबकि रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन के लिए सुषमा शर्मा, अभिनय क्षेत्र में रविकांत शुक्ला ‘शिब्बू’, कला उन्नयन के लिए राजेश पंडित एवं कला समीक्षा के लिए शशिप्रभा तिवारी को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2024 के लिए सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए लखनऊ के शुभदीप राहा और बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए भोपाल के संजय मेहता के नामों का चयन किया गया है। अध्यक्ष प्रो. जयंत ने बताया कि अकादमी की ओर से जल्द ही विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर इन सभी कलाकारों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

जगदलपुर: बस्तर की बेटियों के लिए सुरक्षा कवच, एचपीवी टीकाकरण अभियान का भव्य आगाज

जगदलपुर : बस्तर की बेटियों के लिए सुरक्षा कवच : जगदलपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान का भव्य आगाज़ ​जगदलपुर बस्तर जिले की बेटियों को भविष्य की गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक और आधुनिक अध्याय जुड़ गया। जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। शहर के प्रथम नागरिक और महापौर  संजय पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अभियान की शुरुआत की, जहाँ कलेक्टर  आकाश छिकारा के कुशल मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने इस मिशन को धरातल पर क्रियान्वयन शुरू किया। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि तकनीकी रूप से भी बेहद उन्नत है, क्योंकि इसमें यू-विन पोर्टल का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। ​इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह और किशोरियों को संबोधित करते हुए महापौर  संजय पांडेय ने कहा कि यह दिन बस्तर की बेटियों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव का यह टीका बाजार में महंगा है, इसके बावजूद बेटियों के अनमोल स्वास्थ्य की रक्षा हेतु शासन द्वारा इसे पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह टीका हमारी बेटियों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच है क्योंकि सरकार और प्रशासन का लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी को जड़ से रोकना है। महापौर ने सभी अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष की बेटियों का टीकाकरण अवश्य कराएं, क्योंकि यह न केवल एक स्वास्थ्य अभियान है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक डिजिटल क्रांति भी है, जहाँ टीकाकरण के तुरंत बाद उन्हें ई-सर्टिफिकेट प्राप्त हो रहा है। उन्होंने शासन के इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी घर-घर तक उपलब्ध कराने पर जोर दिया।          ​शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान किशोरियों का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया, जिसमें पूरी प्रक्रिया का डिजिटल प्रबंधन यू-विन पोर्टल के माध्यम से किया गया। पंजीकरण से लेकर टीकाकरण के पश्चात डिजिटल ई-सर्टिफिकेट प्रदान करने तक की पारदर्शी व्यवस्था ने इस अभियान को और भी प्रभावी बना दिया है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस मिशन की गंभीरता को और पुख्ता किया। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति  खेमसिंह देवांगन, महापौर परिषद के सदस्य  निर्मल पाणीग्राही, पार्षद स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक सु रीना लक्ष्मी, शहरी स्वास्थ्य मिशन के पीडी बस्तिया मौजूद रहे। साथ ही अन्य समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की देखरेख में टीकाकरण प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई। प्रशासन का अब यह साझा संकल्प है कि जिले की हर पात्र किशोरी तक इस जीवन रक्षक और बहुमूल्य टीके को पहुँचाकर बस्तर की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाया जाए।

17 मार्च 2026 राशिफल: भाग्य का साथ किसे मिलेगा, किसे रखना होगा सतर्क – जानें अपनी राशि का हाल

वृषभ राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के योग रहेंगे। व्यापार-धंधे में आर्थिक लाभ की स्थिति रहेगी। सामाजिक कार्यों में भाग लेंगे, जिससे समाज में सम्मान बढ़ेगा। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। मांगलिक आयोजन हो सकते हैं, जिससे आनंद दोगुना हो जाएगा। नए कार्य का शुभारंभ लाभकारी रहेगा। संतान के साथ मेल-जोल अच्छा रहेगा। आय बढ़ेगी। प्रवास का आयोजन हो सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। मिथुन राशि :- आपका आज का दिन शुभ फलदायी है। व्यावसायिक क्षेत्र में सफलता मिलेगी और सभी कार्य आसानी से पूरे होंगे। नौकरी में तरक्की के योग रहेंगे। कार्यक्षेत्र में शुभ समाचार मिलेंगे। कार्यों में सफलता से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। दिया धन वापस हो सकता है। लेन-देन से बचें। बड़े भाई एवं पिता की ओर से लाभ होगा। पारिवारिक आनंद से आप आनंदित रहेंगे। परिवार के साथ भी अच्छा समय व्यतीत होगा। स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहने सी आवश्यकता है। कर्क राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कारोबार मध्यम चलेगा और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र पर कामकाज की अधिकता रहेगी, जिससे थकान का अनुभव करेंगे। सहकर्मियों को किसी बात की ठेस न पहुंचे, इसका ध्यान रखें। क्रोध पर नियंत्रण एवं वाणी पर संयम रखें, अन्यथा काम बिगड़ सकते हैं। धार्मिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा। मांगलिक आयोजन में शामिल हो सकते हैं। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। सिंह राशि :- आज का दिन सामान्य रहेगा। व्यापार-धंधा अच्छा चलेगा। कारोबार विस्तार की योजनाएं बना सकते हैं, जो लाभकारी सिद्ध होंगी। कार्यभार की अधिकता रहेगी और पूरा दिन भागदौड़ में बीतेगा। शारीरिक तथा मानसिक रूप से अस्वस्थता का अनुभव कर सकते हैं। खान-पान में सतर्कता बरतें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा पर जाने से बचें। परिवार का माहौल आपके अनुकूल रहेगा और परिजनों-मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। ध्यान से मानसिक शांति मिलेगी। कन्या राशि :- आज का दिन अच्छा रहेगा। व्यापार-धंधे में आर्थिक लाभ और नौकरी में तरक्की के योग रहेंगे। कार्यों में सफलता मिलेगी। आकस्मिक धनलाभ की भी संभावना रहेगी। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा और मित्रों-परिजनों के साथ मौज-मस्ती में दिन बिता पाएंगे। दाम्पत्य जीवन में सुख मिलेगा। धार्मिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा। सामाजिक कार्यों में भाग लेंगे, जिससे समाज में सम्मान प्राप्त होगा। विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। तुला राशि :– आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में अनुकूल वातावरण रहेगा और कार्यों में सफलता मिलेगा। कारोबार अच्छा चलेगा और धनलाभ की स्थिति रहेगी, लेकिन कार्यभार की भी अधिकता रहेगा। परिजनों के साथ समय सुखपूर्वक बीतेगा। अनावश्यक खर्च अधिक होने की संभावना रहेगी। मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं, जिनसे बचना होगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और नये कार्यों की शुरुआत करने से बचें। क्रोध पर नियंत्रण रखें। वृश्चिक राशि :– आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। कार्यक्षेत्र में परिश्रम की अधिकता रहेगी, लेकिन अपने प्रयासों से सभी कार्यों में सफलता प्राप्त करेंगे, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सृजनात्मक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ेगा। पुराने मित्रों से मुलाकात होगी। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। संतान-पक्ष से शुभ समाचार मिलेंगे। धार्मिक-परोपकार के कार्य कर सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहेगा। आशातीत परिणाम मिलेंगे। धनु राशि :- आज का दिन मिला-जुला रहेगा। व्यावसायिक क्षेत्र में छोटी-छोटी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, मेहनत से कार्यों में सफलता मिलेगी और आर्थिक लाभ की स्थिति रहेगी, लेकिन भागदौड़ अधिक करनी पड़ेगी। कई बातों को लेकर चिंतित हो सकते हैं, जिससे शारीरिक तथा मानसिक रूप से अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। परिवार के सदस्यों के साथ अनबन हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतें। अनावश्यक धन खर्च के योग हैं। मकर राशि :– आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। व्यापार-धंधा अच्छा चलेगा और आकस्मिक धनलाभ के योग रहेंगे। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी और सभी कार्य सफल होंगे। नौकरी में पदोन्नति भी मिल सकती है। परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। किसी धार्मिक यात्रा का आयोजन हो सकता है। नए कार्य शुरू कर सकते हैं। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढकऱ हिस्सा लेंगे और परिवार के साथ समय व्यतीत कर सकेंगे। कुम्भ राशि :– आज का दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में काम की अधिकता रहेगी और कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। कार्यों में सफलता मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन अनावश्यक खर्च की भी अधिकता रहेगी। शारीरिक और मानसिक रूप से थकान का अनुभव कर सकते हैं। क्रोध की अधिकता रहेगी। वाणी पर संयम रखने से परिवार में सुख-शांति बना पाएंगे। विचारों पर नकारात्मकता हावी न होने दें। धार्मिक कार्यों में व्यय हो सकता है। विद्यार्थियों को अधिक मेहनत करनी होगी। मीन राशि :– आज का दिन शुभ फलदायी रहेगा। कारोबार अच्छा चलेगा और धनलाभ की स्थिति रहेगी। नौकरी में तरक्की के योग हैं। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों की मदद से सभी कार्यों में सफलता मिलेगी और निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण होंगे। आकस्मिक धनलाभ होने की संभावना रहेगी। शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। किसी यात्रा स्थल पर प्रवास की संभावना रहेगी। स्वजनों के मिलने से मन आनंदित रहेगा। परिवार के साथ समय बीतेगा और दाम्पत्य जीवन खुशहाल रहेगा।

ट्रांसजेंडर के लिए खुशखबरी! दिल्ली की बसों में अब मिलेगा मुफ्त सफर

नई दिल्ली समावेशी और संवेदनशील शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और परिवहन विभाग द्वारा संचालित सभी बस मार्गों में ट्रांसजेंडर यात्रियों को मुफ्त यात्रा योजना में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत दिल्ली में निवास करने वाले पात्र ट्रांसजेंडर व्यक्ति अब डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगे, ठीक उसी प्रकार जैसे वर्तमान में दिल्ली की बसों में महिला यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान की जाती है। यह पहल रेखा गुप्ता सरकार की सामाजिक समावेशन, गरिमा और सभी वर्गों के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस निर्णय का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को बिना किसी आर्थिक बाधा के शहर में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, यह सुविधा दिल्ली की बसों में महिलाओं के लिए लागू मुफ्त यात्रा योजना के समान ही व्यवस्था और तंत्र के तहत लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार एक अधिक समावेशी, न्यायसंगत और संवेदनशील दिल्ली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां हर नागरिक को सम्मान के साथ अवसरों और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच मिल सके। यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी में सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने और समावेशी शहरी परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली सरकार का एक और महत्वपूर्ण कदम है।

ईरान हालात पर अलर्ट: भारतीय दूतावास ने नागरिकों से कहा- बिना सूचना बॉर्डर पार न करें

तेहरान तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सैन्य संघर्ष में फंसे अपने नागरिकों को साफ कहा है कि बिना दूतावास से कोआर्डिनेट किए सीमा पार न करें। दूतावास ने एक्स पर एडवाइजरी पोस्ट की है, जिसमें स्पष्ट कहा है कि 9 मार्च की एडवाइजरी को जारी रखते हुए/दोहराते हुए, ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को सख्ती से सलाह दी जाती है कि वे आगे की यात्रा के लिए ईरान की किसी भी जमीनी सीमा के पास न जाएं और न ही उसे पार करने की कोशिश करें, जब तक कि उन्होंने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ पहले से और साफ तौर पर संपर्क न किया हो।  इसमें आगे लिखा है कि दूतावास भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है, और जरूरत के मुताबिक इंतजाम किए जा रहे हैं। जमीनी सीमाओं की ओर बिना दूतावास के सहयोग के जाने से सख्ती से मना किया जाता है। अंदेशा जताया है कि जो भारतीय नागरिक दूतावास की जानकारी और मार्गदर्शन के बिना जमीनी सीमाओं के रास्ते ईरान छोड़ने की कोशिश करेंगे, उन्हें गंभीर लॉजिस्टिकल और इमिग्रेशन संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। एम्बेसी ने अपील करते हुए अपने निर्देशों को पालन करने की वजह और अपनी सीमा का जिक्र किया है। कहा है कि एक बार जब लोग बिना कोआर्डिनेशन के ईरानी सीमा से बाहर चले जाएंगे, तो दूतावास उनकी मदद करने की स्थिति में नहीं होगा। इसलिए, ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे दूतावास की एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें, आधिकारिक माध्यमों से संपर्क में रहें, और कोई भी यात्रा शुरू करने से पहले उनसे सलाह लें। इसके साथ ही आपात स्थितियों के लिए, कुछ नंबर भी सुझाए हैं। एम्बेसी ने हेल्पलाइन नंबर +98-9128109115, +98-9128109102, +98-9128109109 और +98-9932179359 शेयर किए हैं, साथ ही कॉन्सुलर सपोर्ट के लिए ईमेल एड्रेस सीओएनएसडॉटतेहरानएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन भी है।

भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते पर अभी मुहर नहीं, सरकार ने कहा– बातचीत जारी

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक डील को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सोमवार को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि भारत और अमेरिका के बीच हुई डील पर अभी मुहर नहीं लगी है। यह डील तब अपने मूर्त रूप में आएगी, जब अमेरिका में नए टैरिफ ढांचे लागू हो जाएंगे। बता दें, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के टैरिफ फैसलों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद कई देशों ने अमेरिका के साथ हुई अपनी डील को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। सोमवार को व्यापारिक आंकड़ों पर ब्रीफिंग देते समय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि नई डील पर हस्ताक्षर नए टैरिफ ढांचे के लागू हो जाने के बाद ही होंगे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक अग्रवाल ने कहा कि कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन इस समय व्यापार समझौते के विवरणों पर बातचीत कर रहे हैं। क्या है मामला? दरअसल, लंबी बातचीत और तमाम उठापटक के बाद भारत और अमेरिका के बीच में एक व्यापारिक डील पर सहमति बनी थी। इस पर दोनों ही पक्षों ने अपने-अपने दावे किए थे। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही अमेरिकी सुप्रीम कोकर्ट ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए ट्रंप प्रशासन द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित करके रद्द कर दिया। हालांकि, इसके कुछ घंटो बाद ही ट्रंप प्रशासन ने एक कार्यकारी आदेश जारी करते हुए अमेरिका में आने वाले सामान पर सार्वभौमिक रूप से 10 फीसदी टैरिफ की घोषणा कर दी। बाद में उन्होंने इसे 15 फीसदी तक बढ़ा दिया। लेकिन इसके साथ समस्या यह है कि यह टैरिफ एक निश्चित समय के लिए ही लागू होगा। इस वजह से भारत जैसे देशों ने अमेरिका के साथ हुई अपनी डील को अभी फाइनल करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करना ज्यादा सही समझा। हालांकि, ट्रंप प्रशासन इन देशों पर दबाव बनाने के लिए कई कदम उठाने की कोशिश भी की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लगे झटके के बाद ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ दबाव फिर से बनाने की कोशिश की। हाल ही में उन्होंने भारत और 15 अन्य देशों के खिलाफ "अनफेयर मैन्यूफैक्चरिंग प्रैक्टिस" की जांच करने की घोषणा की है। यह कदम ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301 के तहत की जाने वाली जांच कहलाता है। अमेरिकी संविधान के मुताबिक अगर कोई देश अनुचित व्यापार प्रथाओं में लिप्त पाया जाता है, तो अमेरिकी सरकार उन पर नए टैरिफ लगाने, आयात रोकने और व्यापार समझौते में दी गई रियायतों को निलंबति करने की शक्ति हासिल कर लेती है।  

दिव्यांग बच्चों के पारिवारिक पुनर्वास पर मंगलवार को मंथन

भोपाल केंद्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए-कारा), महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से दिव्यांग बच्चों के पारिवारिक पुनर्वास और दत्तक-ग्रहण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन 17 मार्च मंगलवार को भोपाल में किया जाएगा। कार्यशाला की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया करेंगी। यह कार्यशाला सीएआरए के दत्तक ग्रहण जागरूकता अभियान 2025-26 की थीम “विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) के गैर-संस्थागत पुनर्वास को बढ़ावा देना” के अनुरूप की जा रही है। इसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय पारिवारिक वातावरण, स्नेह, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल करना है। मध्य क्षेत्र में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड राज्य शामिल हैं। जिलों की संख्या के लिहाज से यह देश का सबसे बड़ा क्षेत्र है। कार्यशाला में 170 से अधिक जिलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित है। अभियान में आयोजित होने वाली यह सबसे व्यापक क्षेत्रीय परामर्श बैठकों में से एक होगी। कार्यशाला में राज्य दत्तक संसाधन एजेंसियों (एसएआरए-सारा), विशेष दत्तक ग्रहण अभिकरणों, बाल देखभाल संस्थानों, जिला बाल संरक्षण इकाइयों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा बाल संरक्षण से जुड़े अन्य प्रमुख हितधारकों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक ग्रहण की राज्यवार स्थिति, उत्कृष्ट प्रथाओं, सफल दत्तक-ग्रहण के प्रेरणादायक अनुभवों और साक्ष्य-आधारित हस्तक्षेपों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही समूह चर्चाओं के माध्यम से क्रियान्वयन योग्य और समयबद्ध अनुशंसाएँ तैयार की जाएंगी। चिकित्सा, विधिक, वित्तीय और शिकायत निवारण से जुड़ी चुनौतियों पर भी विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे। इस अवसर पर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सफल दत्तक ग्रहण पर आधारित एक लघु फिल्म की भी लाँचिंग की जाएगी, जो परिवार आधारित देखभाल की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करेगी। परामर्श कार्यशाला से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने, प्रणालीगत कमियों की पहचान करने और नीति स्तर पर ठोस सुझाव तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण और पुनर्वास को अधिक प्रभावी, समावेशी और बाल-केंद्रित बनाया जा सके।