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रहस्यमयी हालात में दो मौतें: एक खेत में, दूसरा घर में मिला शव, गांव में मचा हड़कंप

सीतापुर   उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां महोली के एक गांव में तीन बच्चों की मां की लाश खेत में मिली। पुलिस अभी जांच-पड़ताल कर ही रही थी कि पता चला कि एक पुरुष का शव उसके घर में फंदे से लटक रहा है। एक ही दिन दो-दो मौतों से गांव में हर कोई स्तब्ध रह गया। इन मौतों को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। उधर, पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। घटना के बारे में महिला के परिवार वालों का आरोप है कि मरने वाले पुरुष ने पहले महिला की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। इसके बाद उसने खुद फांसी लगाकर जान दे दी। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी थ्योरी की पुष्टि नहीं की है। पुलिस, दोनों की मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाने की कोशिशों में जुटी हे। मारी गई 40 वर्षीय महिला की 20 साल पहले शादी हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। काफी समय से वह अपने पति से अलग मायके में रह रही थी। पुलिस के मुताबिक गांव के ही 41 वर्षीय शख्स और महिला के बीच नजदीकियां थीं। हालांकि वह शख्स भी पहले से शादीशुदा था। उसकी पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका था। महिला के परिवार वालों के मुताबिक वह सोमवार की शाम को घर से निकली थी। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। महिला का शव मंगलवार सुबह गांव के पास खेत में पड़ा मिला। उसकी आंख के पास और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के निशान मिले हैं। सूचना पर कुछ ही देर में महोली सीओ नागेन्द्र चौबे टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस टीम जांच पड़ताल कर ही रही थी कि तभी गांव में ही एक दूसरी मौत की खबर आई। महिला के करीब रहे एक पुरुष का शव उसके घर में फंदे से लटकता मिला। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों के बीच बीते चार साल से नजदीकियां थीं। सीओ नागेन्द्र चौबे के मुताबिक महिला के परिवारवालों का आरोप है कि मरने वाले शख्स ने पहले महिला की हत्या की इसके बाद घर आकर फांसी लगा कर अपनी जान दे दी। सीओ के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

चंडीगढ़ में नया बिजनेस हब: सेक्टर-17 ओवरब्रिज के नीचे मिलेंगे 39 किराये के बूथ

चंडीगढ़ नगर निगम ने सेक्टर-17 स्थित नए ओवरब्रिज के नीचे बने 39 बूथों को मासिक किराये के आधार पर देने के लिए ई-नीलामी की घोषणा की है। निगम ने इसके लिए विस्तृत समय-सारिणी और शर्तें जारी कर दी हैं। निगम के अनुसार ई-नीलामी की प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो चुकी है। इच्छुक आवेदक 17 मार्च से पांच अप्रैल तक सुबह 10 से शाम पांच बजे तक अपने दस्तावेज और निर्धारित शुल्क जमा कर सकते हैं। दस्तावेजों की जांच और अनुमोदन की प्रक्रिया छह से 14 अप्रैल तक सुबह नौ से शाम छह बजे तक की जाएगी। इसके बाद 15 अप्रैल को सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक आनलाइन बोली लगाई जाएगी। निगम की ओर से जारी विवरण के अनुसार अलग-अलग आकार के बूथों के लिए अलग-अलग मासिक किराया तय किया गया है। करीब 18.061 वर्ग गज क्षेत्रफल वाले बूथों का मासिक किराया 24,744 रुपये रखा गया है। वहीं, 12.179 वर्ग गज वाले बूथों का किराया 15,201 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 20.844 वर्ग गज के बूथों का मासिक किराया 29,422 रुपये तथा 14.05 वर्ग गज क्षेत्र वाले बूथों का किराया 18,072 रुपये प्रति माह तय किया गया है। नीलामी में जो सबसे अधिक किराया कोट करेगा उसे बूथ मिलेगा। वेबसाइट पर ईएमडी की जानकारी नगर निगम ने बताया कि ई-नीलामी से संबंधित विस्तृत नियम, पात्रता और ईएमडी जमा करने की जानकारी ई-आक्शन पोर्टल eauction.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक लोग वेबसाइट से पूरी जानकारी डाउनलोड कर सकते हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार इस पहल से शहर में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और निगम को भी राजस्व प्राप्त होगा। अधिक जानकारी के लिए निगम के हेल्पलाइन नंबर- 0172-5021521 पर संपर्क किया जा सकता है। वर्षों से खाली हैं बूथ यह बूथ वर्षों से खाली हैं। इससे निगम को राजस्व का भी बड़ा नुकसान हुआ है। अब इन बूथ को नीलाम किया जाएगा। निगम ने निर्णय लिया है कि अब जो प्रापर्टी तीन बार में नीलाम नहीं होगी उसका किराया 25 प्रतिशत तक कम किया जाएगा। अगर यह बूथ नीलाम हो जाते हैं तो इससे निगम का राजस्व तो बढ़ेगा ही साथ में प्लाजा के इस हिस्से में रौनक भी लौटेगी। अभी प्लाजा का यह हिस्सा अनदेखी का शिकार है। यहां अव्यवस्थाओं की भरमार है।  

वॉर्मअप मुकाबलों से नेमार बाहर, वर्ल्ड कप से पहले ब्राजील की बढ़ी चिंता

रियो डी जनेरियो दुनिया के सबसे मशहूर फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक नेमार को सोमवार को फ्रांस और क्रोएशिया के खिलाफ फ्रेंडली मुकाबलों के लिए ब्राजील की टीम में जगह नहीं दी गई। यह मैनेजर कार्लो एंसेलोटी के लिए इस साल के फीफा वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम को फाइनल करने से पहले खिलाड़ियों को परखने का आखिरी मौका है। नेमार रविवार को अपनी हालिया चोट से उबरने के बाद मैदान पर लौटे। वह ब्राजील के सीरी ए में 90 मिनट तक मैदान पर खेले और उन्होंने कोरिंथियंस के साथ सैंटोस के 1-1 के घरेलू ड्रॉ में एक असिस्ट भी किया। सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 27 लोगों की लिस्ट में नेमार के न होने के बावजूद एंसेलोटी ने 34 साल के खिलाड़ी के संयुक्त राज्य अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होने वाले वर्ल्ड कप में खेलने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया। एंसेलोटी ने कहा, “मैंने इस बार उन्हें टीम में क्यों नहीं रखा, क्योंकि वह 100 प्रतिशत फिट नहीं है और हमें ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो 100 प्रतिशत फिट हों। नेमार अगर पूरी तरह से फिट हो जाते हैं, तो वह अभी वर्ल्ड कप की टीम में शामिल हो सकते हैं।” ब्राजील 26 मार्च को बोस्टन में फ्रांस से और पांच दिन बाद ऑरलैंडो में क्रोएशिया से खेलेगा। साउथ अमेरिकन टीम अपना वर्ल्ड कप कैंपेन 13 जून को मोरक्को के खिलाफ शुरू करेगी। इसके बाद 19 जून को हैती और 24 जून को ग्रुप सी में स्कॉटलैंड से ब्राजील का सामना होगा। एंसेलोटी ने कहा कि नेमार को तकनीकी स्तर पर कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है। नेमार को बाहर रखने का फैसला उनके बैकरूम स्टाफ के साथ मिलकर लिया गया था। रियल मैड्रिड के पूर्व बॉस ने कहा, “यह एक शारीरिक मूल्यांकन है, तकनीकी नहीं। बॉल के साथ वह बहुत अच्छे हैं, लेकिन उन्हें शारीरिक तौर पर सुधार करने की जरूरत है, क्योंकि कोचिंग स्टाफ और मेरे लिए वह अपनी काबिलियत के हिसाब से 100 प्रतिशत फिट नहीं हैं। यही वजह है कि उन्हें अपनी क्षमता के 100 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए काम करना होगा। यह मेरी और स्टाफ में हर उस व्यक्ति की राय है जो उनके गेम देखते हैं।” ब्राजील की टीम में फ्लैमेंगो के सेंटर-बैक लियो परेरा, गैलाटसराय के मिडफील्डर गैब्रियल सारा, ब्रेंटफोर्ड के स्ट्राइकर इगोर थियागो और बोर्नमाउथ के फॉरवर्ड रेयान के रूप में 4 नए खिलाड़ियों को जगह दी गई है। ल्योन की तरफ से खेलते हुए शानदार फॉर्म में चल रहे युवा खिलाड़ी एंड्रिक को भी टीम में रखा गया है। ब्राजील टीम का स्क्वॉड गोलकीपर: एलिसन (लिवरपूल), बेंटो (अल-नासर), एडरसन (फेनरबाचे) डिफेंडर: वेस्ली (एएस रोमा), एलेक्स सैंड्रो (फ्लेमेंगो), डगलस सैंटोस (जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग), मार्क्विनहोस (पेरिस सेंट जर्मेन), गेब्रियल मैगलहेस (आर्सेनल), ब्रेमर (जुवेंटस), डैनिलो (फ्लेमेंगो), इबानेज (अल-अहली), लियो परेरा (फ्लेमेंगो) मिडफील्डर: एंड्री सैंटोस (चेल्सी), कैसेमिरो (मैनचेस्टर यूनाइटेड), डैनिलो (बोटाफोगो), फैबिन्हो (अल-इत्तिहाद), गेब्रियल सारा (गैलाटासराय) फॉरवर्ड: एंड्रिक (ओलंपिक लियोनिस), इगोर थियागो (ब्रेंटफोर्ड), लुइज हेनरिक (जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग), रेयान (बोर्नमाउथ), जोआओ पेड्रो (चेल्सी), गेब्रियल मार्टिनेली (आर्सेनल), माथियस कुन्हा (मैनचेस्टर यूनाइटेड), राफिन्हा (बार्सिलोना), विनीसियस जूनियर (रियल मैड्रिड)।  

देविशा बनीं सूर्यकुमार यादव की ताकत, बोले—उन्होंने मेरी जिंदगी को नई दिशा दी

नई दिल्ली टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी जिंदगी और करियर में पत्नी देविशा शेट्टी की भूमिका पर खुलकर बात की है। इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कैसे करीब 8 साल पहले पत्नी से एक बहुत ही छोटी सी बातचीत ने उनकी जिंदगी बदल दी, करियर को लेकर नजरिया बदल दिया। उनकी पत्नी के सीधे सरल सवाल ने ही उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने को प्रेरित किया और अब जबकि सूर्यकुमार यादव विश्व कप विजेता कप्तान बन चुके हैं, तो वे अपनी 'बेहद निश्छल' पत्नी देविशा की जितनी भी प्रशंसा करें वह कम है क्योंकि उन्होंने ही उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह साल 2018 की बात है जब देविशा शेट्टी ने सूर्यकुमार से एक सरल सवाल पूछा, ‘अगर आप भारत के लिए खेलना चाहते हैं, तो आपकी क्या योजना है?’ उस ‘बेहद सादगीपूर्ण बातचीत’ के आठ साल बाद सूर्यकुमार की अगुवाई में भारत ने टी20 विश्व कप में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। सूर्यकुमार ने 'पीटीआई वीडियो' के साथ एक पॉडकास्ट साक्षात्कार के दौरान उस बातचीत को याद करते हुए कहा, ‘हमारी शादी 2016 में हुई थी जब मैं केकेआर के लिए खेल रहा था। सब कुछ बहुत सहजता से आगे बढ़ रहा था। मैं अच्छा खेल रहा था, खेल का आनंद ले रहा था। जब मैं 2018 में मुंबई इंडियंस में शामिल हुआ तो वह तब तक के मेरे सफर और दिनचर्या को देखती रही। मुझे लगता है कि इसके बाद हमने चीजों को थोड़ा अलग तरीके से करना शुरू कर दिया था।’ उन्होंने कहा, 'उसने (सूर्यकुमार की पत्नी) मुझसे कहा कि आपके साथ आयु वर्ग में खेलने वाले सभी खिलाड़ी अब भारत के लिए खेल रहे हैं। आपके मन में क्या है? मैंने कहा, 'मुझे भी भारत के लिए खेलना है।' उसने पूछा, ‘कैसे खेलोगे?’ इस 35 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी पत्नी के साथ उनके करियर को बदलने वाली बातचीत के बारे में कहा, ‘वह संक्षिप्त सी बातचीत थी। वह किसी तरह की बहस नहीं बल्कि संक्षिप्त चर्चा थी। लेकिन निश्चित तौर पर यह इस बारे में चर्चा थी कि आप अपने लक्ष्य की ओर एक कदम आगे कैसे बढ़ा सकते हैं। अगर मैं भारत के लिए खेलना चाहता हूं और भारत को जीत दिलाना चाहता हूं, तो मैं यह कैसे कर सकता हूं?’ एक बार जब अंतिम लक्ष्य हासिल करने की दिशा में अतिरिक्त प्रयास करने का फैसला कर लिया गया तो उनकी जिंदगी में कुछ चुनौतियां भी सामने आई लेकिन सूर्यकुमार और देविशा ने एक जोड़े के रूप में उस रास्ते पर चलना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमें कई चीजों में कटौती करनी पड़ी। इनमें खान-पान से लेकर सप्ताहांत में दोस्तों से मिलना, शनिवार-रविवार को आराम, सोमवार से शुक्रवार तक के कार्यक्रम शामिल थे। हमने इस तरह से शुरुआत की और 2018 में आईपीएल में मेरा प्रदर्शन (512 रन) बहुत अच्छा रहा। मैंने घरेलू क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया।’ सूर्यकुमार ने कहा, ‘उस साल मुझे मुंबई इंडियंस की तरफ से पारी की शुरुआत करने का भी मौका मिला और मैंने रन भी बनाए। हमने 2019 और 2020 में भी यही सिलसिला जारी रखा और मैं एक अलग ही मूड में था। उसने देखा कि वह चीजों का अधिक आनंद लेने लगा है। मेरे लिए 2020 (आईपीएल में फिनिशर के तौर पर 480 रन) और भी बेहतर रहा और फिर 2021 में मुझे भारतीय टीम में चुना गया।’ बेहद मिलनसार कप्तान ने कहा कि देविशा पर्दे के पीछे रहकर उनकी ताकत बनी रहीं। उन्होंने कहा, ‘उसने सच्ची बातें बताकर नेपथ्य में रहते हुए मुझ पर बहुत प्रभाव डाला है। अगर वह आपकी अर्धांगिनी है तो वह हमेशा आपके प्रति ईमानदार रहेगी क्योंकि वह सिर्फ आपकी तरक्की चाहती हैं। अगर आप साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपके बीच बातचीत में निश्छलता होना जरूरी है।’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘कई बार ऐसा करना मुश्किल भी रहा लेकिन कुल मिलाकर यह अच्छा रहा। अगर आज मैं इस मुकाम पर खड़ा हूं तो इसमें उन बातचीत का बहुत बड़ा योगदान रहा है।’ देविशा ने कभी भी उनकी क्रिकेट को लेकर हस्तक्षेप नहीं किया क्योंकि वह उनका क्षेत्र नहीं था, लेकिन उन्होंने उन्हें क्रिकेट से परे जीवन के बारे में सलाह दी। सूर्यकुमार ने कहा, ‘मैं उसे इसका पूरा श्रेय देता हूं क्योंकि उसने मुझे सिर्फ क्रिकेट में मेरे करियर को लेकर सलाह ही नहीं दी, बल्कि जीवन से जुड़ी कई बातें बताईं। मुझे क्या करना चाहिए? किसी खास परिस्थिति से कैसे निपटना चाहिए? मुझे खुद को कैसे पेश करना चाहिए?’ और सबसे महत्वपूर्ण उन्होंने घर में प्रवेश करने से पहले क्रिकेट को दरवाजे पर छोड़ने के लिए कहा। घर पर वह सुपरस्टार सूर्यकुमार यादव नहीं बल्कि सिर्फ सूर्या हैं। उन्होंने कहा, 'उसने मुझसे कहा कि क्रिकेट को घर के अंदर लेकर मत आना। यह सब महत्वपूर्ण बातें थी जो मैंने सीखी। आपको अपनी उपलब्धियों के बावजूद विनम्र और जमीन से जुड़े रहना चाहिए। घर पर आप सूर्यकुमार यादव नहीं हैं इसलिए सहज व्यवहार करें। खाना खाने के बाद प्लेट को बर्तन धोने वाले स्थान पर रख दें। यह छोटी-छोटी बातें आपके जीवन में बहुत महत्व रखती हैं।'  

केसी त्यागी ने छोड़ी जदयू, भविष्य को लेकर बताए बड़े प्लान

नई दिल्ली पिछले कुछ दिनों से अपनी ही पार्टी के खिलाफ बोल कर चर्चा में रहने वाले केसी त्यागी ने जनता दल यूनाइटेड से इस्तीफा दे दिया है। केसी त्यागी ने अपना इस्तीफा पत्र सोशल मीडिया पर शेयर कर साफ किया है कि वो जदयू की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं और आगे सदस्यता नहीं लेंगे। JDU को भेजे गए इस्तीफे में केसी त्यागी ने अपने भविष्य का प्लान भी बताया है। केसी त्यागी ने लिखा है कि 22 मार्च को वो अपने समर्थकों के साथ बैठक करेंगे। केसी त्यागी ने लिखा, '30 अक्तूबर, 2003 को जदयू अस्तित्व में आया और समता पार्टी तथा जनता दल का विलय हुआ। उस वक्त जॉर्ज फर्नांडिस ने अध्यक्ष और मैंने महासचिव के तौर पर एक साथ काम किय। मैंने शरद यादव और नीतीश कुमार की अध्यक्षता में भी काम किया। मैं पार्टी का मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार भी रह। अब पार्टी का सदस्यता अभियान खत्म हो गया है और मैंने दोबारा पार्टी की सदस्यता नहीं ली है। नीतीश कुमार के प्रति मेरा सम्मान कभी नहीं बदलेगा।' केसी त्यागी ने बताया है भविष्य का प्लान केसी त्यागी ने आगे लिखा, 'मेरे कुछ राजनीतिक साथी, समर्थक और वर्करों ने 22 मार्च को एक बैठक आयोजित की है। इस बैठक में देश के राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी। मैं जल्द ही आगे की रणनीति पर फैसला लूंगा। बता दें कि केसी त्यागी मूल रूप से उत्तर प्रदेश से आते हैं। पश्चिमी यूपी में उनके काफी समर्थक भी हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि केसी त्यागी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति का रूख भी कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि केसी त्यागी की इच्छा अब यूपी की राजनीति करने की है। केसी त्यागी की गिनती जदयू के पुराने और दिग्गज नेताओं के तौर पर होती थी। केसी त्यागी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी भी माने जाते थे। वो जदयू के पक्ष में हर मंच पर मजबूती से अपनी बात भी रखते थे। इसी साल केसी त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग भी उठाई थी और पीएम मोदी को खत लिखा था। हालांकि, लंबे समय से जदयू ने केसी त्यागी से दूरी बना रखी थी। इस मुद्दे पर भी जदयू ने खुद को उनसे अलग कर लिया था। केसी त्यागी ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को हटाने के फैसला का विरोध किया था। इसके अलावा फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी वो भारत सरकार के स्टैंड से अलग खड़े नजर आए थे। पिछले काफी समय से पार्टी केसी त्यागी को तवज्जो नहीं दे रही थी जिससे इस बात का इशारा मिल रहा था कि अब वो पार्टी में नहीं है। हालांकि, अब केसी त्यागी ने खुद जदयू से इस्तीफे का ऐलान किया है।  

राज्यसभा चुनाव में बगावत पड़ी भारी: कांग्रेस के तीन नेताओं पर गिरी गाज, विधायकी खतरे में

ओडिशा ओडिशा में क्रॉस वोटिंग के चलते राज्यसभा चुनाव में हारने वाली कांग्रेस ने अब बागी विधायकों पर ऐक्शन लेना शुरू कर दिया है। पार्टी ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप रे के लिए वोट डालने वाले तीन विधायकों को निलंबित कर दिया है। ये विधायक हैं सनाखेमुंडी रमेश चंद्र जेना, मोहाना के दसरथी गोमांगो और कटक से विधायक सोफिया फिरदौस। इन लोगों ने सोमवार को हुए राज्यसभा चुनाव में पार्टी की हिदायत के बाद भी दिलीप रे के समर्थन में वोट दिया था। इन लोगों के निलंबन की जानकारी देते हुए ओडिशा कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कांग्रेस को धोखा देने वालों ने देश के साथ विश्वासघात किया है।' ओडिशा कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रभारी अरबिंद दास ने कहा कि यह निर्णय पूरी प्रक्रिया की समीक्षा करने के बाद लिया गया है। इन लोगों ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के हितों के खिलाफ काम किया। वह भी तब जबकि सभी विधायकों को पहले से ही हिदायत दी गई थी। उन्होंने कहा कि अब इन लोगों की विधानसभा की सदस्यता ही खत्म कराई जाएगी। इसके लिए हम स्पीकर को जल्दी ही नोटिस देने वाले हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि इन लोगों से ऐसी उम्मीद नहीं थी। इन विधायकों ने पार्टी के साथ गद्दारी की है। हम तय करेंगे कि कैसे संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत इन लोगों को विधानसभा से बाहर कराया जाए। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस ऐक्शन की हाईकमान ने भी सराहना की है। लीडरशिप मानती है कि इन लोगों के खिलाफ ऐक्शन लिया जाना जरूरी था। इन कांग्रेस विधायकों के अलावा मुख्य विपक्षी दल बीजेडी के भी 8 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। इसी के चलते विपक्ष के साझा उम्मीदवार दत्तेश्वर होता की हार हो गई। होता को बीजेडी ने उतारा था, लेकिन कांग्रेस ने भी उनके समर्थन का ऐलान किया था। माना जा रहा है कि कांग्रेस ऐसा ही ऐक्शन बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों में भी ले सकती है। बिहार में भी विपक्षी कैंडिडेट को हार मिली है, जबकि वह एक उम्मीदवार जिताने की स्थिति में आसानी से था। हरियाणा में किसी तरह जीत पाई कांग्रेस, 9 वोट थे ज्यादा हरियाणा में किसी तरह कांग्रेस के कैंडिडेट कर्मवीर सिंह बौद्ध को जीत मिल गई। फिर भी भाजपा की रणनीति के आगे पार्टी हांफती नजर आई। यहां भी 5 विधायकों ने पार्टी से अलग रुख अपनाया और क्रॉस वोटिंग कर दी। इसके अलावा 4 वोट अवैध करार दिए गए। इस तरह 37 सीटों वाली कांग्रेस के कैंडिडेट को महज 28 वोट ही मिले। ऐसी स्थिति में कांग्रेस यह पड़ताल करने में जुटी है कि आखिर हरियाणा और बिहार में किन नेताओं ने उसके ही कैंडिडेट को वोट नहीं दिया।

वायदों से लेकर विकास तक—AAP ने 4 साल में निभाई हर गारंटी : मुख्यमंत्री

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने ‘काम की राजनीति’ के रास्ते लोगों को दी गई सभी गारंटियां पूरी कर दी हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा को ठुकराकर हम पर उम्मीदें लगाई थी और हमने लोगों का भरोसा नहीं टूटने दिया। मुख्यमंत्री ने मुख्य उपलब्धियों का जिक्र किया, जिनमें मुफ्त बिजली, किसानों के लिए दिन में बिजली, 78 प्रतिशत खेतों को नहरी पानी, 65,000 सरकारी नौकरियां और 5.5 लाख रोजगार के नए मौके, आम आदमी क्लिनिकों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’, 1.55 लाख करोड़ रुपए का रिकॉर्ड निवेश और सड़क सुरक्षा फोर्स के साथ सरकार के इरादे स्पष्ट हैं कि पंजाब के पुनर्निर्माण पर ध्यान दिया जा रहा है। विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां कांग्रेस, अकाली और भाजपा सत्ता की चिंता कर रहे हैं, वहीं 'आप' सरकार पंजाब को बचाने के लिए फिक्रमंद है और राज्य में फूट डालो राजनीति को सफल नहीं होने देगी। 'आप' सरकार के चार साल पूरे होने पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब सरकार ने चार सालों में सभी वादे पूरे करके राजनीति में नई परंपरा कायम की है, जबकि पारंपरिक पार्टियां पांच सालों में भी ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं।" उन्होंने आगे कहा, “साल 2022 में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पैतृक गांव में पदभार संभालने के बाद, पंजाब सरकार ने कई लोक-हितैषी फैसले लिए।” पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मेरे साथ, लाखों पंजाबियों ने राज्य की पुरानी शान बहाल करने की शपथ ली थी।” ‘आप’ सरकार के चार साल पूरे, अब पंजाब को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार सालों में, पंजाब सरकार ने लोगों की भलाई के लिए अथक मेहनत और समर्पण भावना से प्रयास किए हैं और उनके साथ किए वादे पूरे कर दिए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आने वाला साल पंजाब को विकास और खुशहाली के एक नए शिखर पर ले जाने के लिए समर्पित होगा।” शिक्षा क्रांति ने पंजाब के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी शिक्षा क्षेत्र में बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भारत सरकार के सर्वेक्षण के अनुसार पंजाब के सरकारी स्कूल अब पढ़ाई में देश में पहले स्थान पर हैं।” उन्होंने आगे कहा, “सरकारी स्कूलों में अब कोई भी बच्चा फर्श पर नहीं बैठता क्योंकि एक लाख से अधिक डेस्क दिए गए हैं ताकि हर विद्यार्थी सम्मान से पढ़ सके।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “सरकारी स्कूलों में डिजिटल क्रांति के तहत 9,000 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम और 5,000 कंप्यूटर लैब खोले गए हैं, जिससे पूरे पंजाब के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा मिल रही है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार ठेके पर रखे शिक्षकों को नियमित नौकरियां दी गई हैं और सरकारी स्कूलों को मजबूत करने के लिए 15,000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल और शिक्षक फिनलैंड, सिंगापुर और आई.आई.एम. अहमदाबाद में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिससे पंजाब में बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा मिल रही है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के युवाओं को नौकरी ढूंढने वाले नहीं बल्कि नौकरियां पैदा करने वाले बनने के लिए तैयार किया जा रहा है और हर साल लगभग 1.5 लाख कॉलेज विद्यार्थी उद्यमिता और कौशल सीख रहे हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “सरकारी स्कूल अब प्राइवेट स्कूलों से मुकाबला कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, "सिर्फ साल 2026 में सरकारी स्कूलों के 305 विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन्स और 845 ने नीट पास की।" मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना और आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार स्वास्थ्य क्षेत्र की बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को बड़े प्राइवेट अस्पतालों में 10 लाख रुपए तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा।” उन्होंने आगे कहा, “यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “जब पिछली सरकारों ने 75 सालों में पंजाब में सिर्फ 400 क्लीनिक बनाए थे, वहीं पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इन क्लीनिकों की ओ.पी.डी. में इलाज के लिए आने वालों की संख्या पांच करोड़ से अधिक हो गई है।” बिजली क्षेत्र के सुधारों से घरों को राहत मिली मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत घरों को अब जीरो बिजली बिल आता है, जिससे परिवारों को बड़ी राहत मिली है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार बिजली की दरें घटाई गई हैं, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 1.5 रुपए, वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए 79 पैसे और उद्योगों के लिए 74 पैसे की कटौती की गई है।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार ने 540 मेगावाट क्षमता वाला जी.वी.के. प्राइवेट पावर प्लांट खरीदा है, जिससे बिजली उत्पादन की लागत कम करने में मदद मिली है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पी.एस.पी.सी.एल., जो पहले घाटे में चल रहा था, अब लगातार तीन साल से मुनाफे में है और भारत सरकार से सबसे ऊंचा ए+ रेटिंग प्राप्त किया है।” उन्होंने यह भी कहा, “पछवाड़ा कोयला खदान से सस्ता कोयला खरीदकर सरकारी खजाने में 1,000 करोड़ रुपए की बचत की गई है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “‘रोशन पंजाब’ पहल के तहत बिजली ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने तथा 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 5,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है।” रोजगार क्रांति और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर रोजगार सृजन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने राज्य में रोजगार क्रांति शुरू की है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले चार सालों में युवाओं को सिफारिश या रिश्वत के बिना … Read more

सदन में तकरार: भाषणबाजी पर नाराज हुए ओम बिरला, मंत्री को लगाई फटकार

नई दिल्ली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल में सदस्यों से संक्षिप्त प्रश्न पूछने और मंत्रियों से छोटे जवाब देने का अपना आग्रह दोहराते हुए मंगलवार को कहा कि क्या मंत्री 'संक्षिप्त जवाब देने की कोशिश नहीं कर सकते।' प्रश्नकाल में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा तेलुगुदेशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्य जीएम हरीश बालयोगी के पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। इस दौरान बिरला ने उन्हें टोकते हुए कहा, 'आप भाषण क्यों दे रहे हैं। आप तो जवाब दो।' इसके बाद जब वर्मा दूसरे पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे तो अध्यक्ष ने कहा, 'आप लोग संक्षिप्त जवाब देने की कोशिश नहीं कर सकते। मैंने कितनी बार सदन में यह आग्रह किया है। हर बार विस्तृत जवाब देते हो आप। जितना (सदस्य) पूछें आप उतना जवाब दे दो।' इससे पहले प्रश्नकाल शुरू होने के दौरान भी बिरला ने सदस्यों से संक्षिप्त प्रश्न पूछने और मंत्रियों से उनके संक्षिप्त जवाब देने का अपना आग्रह दोहराया। उन्होंने कहा, 'मेरा प्रयास है कि प्रश्नकाल में सूचीबद्ध सभी 20 पूरक प्रश्न आ जाएं।' उन्होंने दोपहर 12 बजे प्रश्नकाल समाप्त होने से पहले एक सदस्य को आज का अंतिम पूरक प्रश्न पूछने का निर्देश देते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा, 'समय कम है, मत्रीजी को लंबा जवाब देना है।' विपक्ष के आठ लोकसभा सदस्यों का निलंबन रद्द लोकसभा ने मंगलवार को उन आठ विपक्षी सदस्यों का निलंबन रद्द कर दिया जिन्हें संसद के बजट सत्र के पहले चरण में सदन की अवमानना के मामले में निलंबित किया गया था। बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें आठ विपक्षी सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी थी। सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश ने आसन से निलंबन रद्द करने का अनुरोध किया और विपक्षी सदस्यों के आचरण पर खेद भी जताया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने निलंबन खत्म करने का प्रस्ताव सदन में रखा जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। क्यों हुआ था निलंबन बजट सत्र के पहले चरण के दौरान तीन फरवरी को आसन की ओर कागज फेंकने के बाद, सदन की अवमानना के मामले में विपक्ष के आठ सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एस. वेंकटेशन शामिल हैं। निलंबन के बाद से ये सांसद कार्यवाही वाले दिन संसद के मकर द्वार पर धरना दे रहे थे।  

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या में भव्य तैयारियां, 250 कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में सजेगी राम नगरी, एयरपोर्ट से राम मंदिर तक 20 सांस्कृतिक मंच सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या में भव्य तैयारियां, 250 कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राम नगरी में राष्ट्रपति का पारंपरिक स्वागत, अवधी लोकनृत्य और भजन से गूंजेगा अयोध्या मार्ग -राष्ट्रपति के दौरे को लेकर अयोध्या में सांस्कृतिक उत्सव, रामायण आधारित कार्यक्रमों से होगा अभिनंदन अयोध्या राम नगरी अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 19 मार्च के प्रस्तावित दौरे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन, संस्कृति विभाग और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से पूरे शहर को भव्य और सांस्कृतिक स्वरूप में सजाया जा रहा है, ताकि राष्ट्रपति का पारंपरिक और गरिमामय स्वागत किया जा सके। एयरपोर्ट से राम मंदिर तक होगा भव्य स्वागत सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग के प्रयास से एयरपोर्ट से राम मंदिर गेट तक भव्य स्वागत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शहर की सड़कों पर करीब 20 सांस्कृतिक मंच सजाए जाएंगे, जहां लगभग ढाई सौ कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 250 कलाकार देंगे रामायण आधारित प्रस्तुतियां उन्होंने बताया कि इन मंचों पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकार रामायण आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रमों में स्वागत गीत, भजन, बधावा, अवधी लोकगायन, लोकनृत्य और राम भक्ति से जुड़े पारंपरिक कार्यक्रम शामिल होंगे। राष्ट्रपति के स्वागत मार्ग पर रोड के दोनों ओर इन मंचों को स्थापित किया जाएगा, जिससे पूरा रास्ता भक्ति और संस्कृति की ध्वनि से गूंज उठेगा। अयोध्या की परंपरागत संस्कृति की झलक अयोध्या की परंपरागत संस्कृति को दर्शाने के लिए रामलीला अंश प्रस्तुति, अवधी लोकनृत्य, झांकी, ढोल-नगाड़ा, शंखनाद, वेदपाठ और भजन संकीर्तन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से अयोध्या की प्राचीन धार्मिक, वैदिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई जाएगी। शहर के प्रमुख स्थानों पर सजेंगे मंच प्रमुख स्थानों पर मंच लगाए जाएंगे, जिनमें एयरपोर्ट रोड, नाका, देवकाली, चूड़ामणि चौराहा, निषाद राज चौराहा, बृहस्पति कुंड के पास और राम मंदिर गेट के निकट के क्षेत्र शामिल हैं। छोटे मंचों पर लगभग 7 कलाकारों की टीम प्रस्तुति देगी, जबकि बड़े मंचों पर करीब 15 कलाकारों की टीम सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी। अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा वैश्विक मंच सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि सभी टीमें राम भक्ति, अवधी संस्कृति और वैदिक परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। इस भव्य आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रपति का पारंपरिक और हृदयस्पर्शी स्वागत करना है, जिससे अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को देश और विश्व पटल पर और मजबूती से स्थापित किया जा सके।

किसानों से लेकर सोलर योजना तक, हर मोर्चे पर तेजी के निर्देश : संजय अग्रवाल

वित्तीय वर्ष की अंतिम दौड़ : 15 दिन में लक्ष्य पूरा करने कलेक्टर के सख्त निर्देश किसानों से लेकर सोलर योजना तक, हर मोर्चे पर तेजी के निर्देश : संजय अग्रवाल टीएल बैठक में सख्त संदेश: समय पर काम, तभी बेहतर एसीआर : कलेक्टर बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित टीएल (समय-सीमा) बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के शेष लक्ष्य पूर्ति  की विभागवार गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन में अब मात्र दो सप्ताह शेष हैं, ऐसे में सभी विभाग युद्धस्तर पर कार्य करते हुए लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) कार्य प्रदर्शन और लक्ष्य पूर्ति के आधार पर ही लिखी जाएगी।            बैठक में वन भूमि अधिकार के तहत लगभग 3 हजार तैयार पट्टों के शीघ्र वितरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल मिलने वाली 6 हजार रुपये की सहायता को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी पात्र किसानों का ई-केवाईसी पूर्ण कराने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि मृत किसानों के वारिसों को भी योजना का लाभ दिलाने हेतु उनका नाम रिकॉर्ड दर्ज किया जाए। वर्तमान में जिले के 25 से 30 हजार किसान अभी भी सम्मान निधि योजना से वंचित हैं।        कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गर्मी धान का रकबा कम हुआ है। इस क्षेत्र में वैकल्पिक एवं लाभकारी फसलों को बढ़ावा देने, किसानों को आदान सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में अब तक 2,692 सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जबकि 7 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजना को गति देने के लिए कलेक्टर ने संबंधित विभागों और हाउसिंग सोसाइटियों की संयुक्त बैठक बुधवार को आयोजित करने के निर्देश दिए।         शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी स्कूलों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां यह सुविधा नहीं है, वहां सर्वे कर नए निर्माण के प्रस्ताव भेजे जाएं तथा पुराने जर्जर शौचालयों की मरम्मत कराई जाए। पीएचई विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि 635 हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया है, जिनमें राइजिंग पाइप बढ़ाने का कार्य जारी है। कलेक्टर ने निर्माण विभागों को सूखे तालाबों की गहराई बढ़ाने हेतु मिट्टी-मुरूम निकालने के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि जल संग्रहण क्षमता बढ़ाई जा सके।      इसके साथ ही निर्माण एजेंसियों को स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने, सड़कों का निर्माण  चौड़ाई में करने तथा अर्जित भूमि का 15 दिनों के भीतर शासन के पक्ष में नाम पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि माननीय हाई कोर्ट के निर्देशों और निर्णयों का समय-सीमा में पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अवमानना की स्थिति उत्पन्न न हो। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम की घोषणा, पीएम पोर्टल, विभिन्न आयोगों और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त पत्रों के निराकरण की समीक्षा की गई। बैठक में निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।