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MP पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने चयनित 46 उम्मीदवारों को दी नौकरी की आधिकारिक मंजूरी

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने चयनित 46 अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश किए जारी भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा राज्य की विद्युत उत्पादन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सीधी भर्ती प्रक्रिया में चयनित 46 अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं। चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट https://www.mppgcl.mp.gov.in के कैरियर अनुभाग में अपलोड कर दिए गए हैं। राज्य की विद्युत कंपनियों में सीधी भर्ती के माध्यम से नियमित अंतराल पर रिक्त पदों की पूर्ति की जा रही है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा दिनांक 7 जुलाई 2025 को वर्ग-2, वर्ग-3 एवं वर्ग-4 के अंतर्गत 18 विभिन्न पदों की पूर्ति के लिये भर्ती विज्ञापन जारी किया गया था। इसके अंतर्गत कंप्यूटर आधारित परीक्षा का आयोजन 3 से 5 नवंबर 2025 के बीच राज्य के विभिन्न शहरों में स्थित परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। इसके पूर्व पिछले माह कंपनी द्वारा दस्तावेज सत्यापन तथा निर्धारित पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण उपरांत 180 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई थी। जारी नियुक्ति आदेशों के अनुसार वर्ग-2 के पदों के लिए चयनित 46 अभ्यर्थियों में सहायक अभियंता (यांत्रिकी) प्रशिक्षु 8, सहायक अभियंता (इलेक्ट्रिकल) प्रशिक्षु 5, सहायक अभियंता (इलेक्ट्रॉनिक्स) प्रशिक्षु 7, सहायक अभियंता (सिविल) प्रशिक्षु 16, पाली (शिफ्ट) रसायनज्ञ प्रशिक्षु 8 और कार्मिक अधिकारी प्रशिक्षु 2 अभ्यर्थी शामिल हैं। नियुक्ति आदेश पत्रों में अभ्यर्थियों के लिए पदस्थापना स्थल, रिपोर्टिंग की तिथि, समय-सीमा तथा आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। सभी चयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्देशों का अवलोकन कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करें। वर्ग-3 व वर्ग-4 के पद जिनमें कनिष्ठ अभियंता संयंत्र – अभियांत्रिकी, कनिष्ठ अभियंता संयंत्र–इलेक्ट्रिकल, कनिष्ठ अभियंता संयंत्र – इलेक्ट्रॉनिक्स, कनिष्ठ अभियंता सिविल, संयंत्र सहायक अभियांत्रिकी, संयंत्र सहायक इलेक्ट्रिकल, कार्यालय सहायक श्रेणी-3, भंडार सहायक, कनिष्ठ शीघ्रलेखक, अग्निशामक, सुरक्षा सैनिक, वार्ड बॉय शामिल हैं, के आदेश भी पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा शीघ्र जारी किए जाएंगे।  

कवि सम्मेलन का आयोजन 14 मार्च को भवानी चौक में, वीर रस, हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियां होंगी

भोपाल  होली और रंगपंचमी के उत्सव के बीच राजधानी में साहित्यिक रंग भी घुलेंगे। शहर के सोमवारा स्थित भवानी चौक में 14 मार्च शनिवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। रात 8 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न शहरों से आए कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को वीर रस, हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियां सुनाएंगे। कार्यक्रम का आयोजन हिंदू उत्सव समिति भोपाल द्वारा किया जा रहा है। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि होली और रंगपंचमी केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और साहित्यिक अभिव्यक्ति का भी उत्सव है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए हर वर्ष की तरह इस बार भी कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। ये कवि पहुंचेंगे भोपाल कवि सम्मेलन का संचालन सबरस कवि शशिकांत यादव ‘शशि’ (देवास) करेंगे। मंच पर कविता तिवारी (लखनऊ), राम भदावर (जयपुर) और सूर्यकांत चतुर्वेदी (भोपाल) वीर रस की रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। वहीं हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुति से दिनेश ‘देसी घी’ (शाजापुर), मुन्ना बैट्री (मंदसौर) और अमित शुक्ला (प्रयागराज) माहौल को हल्का और रोचक बनाएंगे। कार्यक्रम के संयोजक हिंदू उत्सव समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल चौधरी होंगे, जो आयोजन की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। समिति ने शहर के साहित्य प्रेमियों और नागरिकों से कार्यक्रम में शामिल होकर कवि सम्मेलन का आनंद लेने की अपील की है।

वंदना की कहानी: सीएम युवा योजना के जरिए ऑयल मिल से हासिल की आजीविका

सीएम युवा योजना से बदली वंदना की किस्मत, ऑयल मिल शुरू कर बनीं आत्मनिर्भर  स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर, आसपास के गांवों में हो रही उत्पाद की आपूर्ति योजना के पहले चरण में पात्र युवाओं को दिया जाता है 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण  लखनऊ उत्तर प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के माध्यम से योगी आदित्यनाथ सरकार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस योजना का लाभ उठाकर कई महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहीं हैं। ऐसी ही एक मिसाल है यूपी की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज की वंदना यादव की, जिन्होंने इस योजना के तहत ऋण लेकर अपनी ऑयल मिल स्थापित की और आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं हैं। सीएम युवा योजना से मिली वित्तीय सहायता, शुरु की ऑयल मिल  वंदना यादव बताती हैं कि उन्होंने राज्य सरकार की सीएम युवा योजना के तहत ऋण प्राप्त कर अपने उद्यम की शुरुआत की। उन्हें इस योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता के साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी मिला। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया से ऋण लेकर अपने पति के साथ मिलकर ऑयल मिल की स्थापना की। यहां सरसों के शुद्ध तेल का उत्पादन किया जा रहा है और उन्होंने अपने उत्पाद का एक ब्रांड भी लॉन्च किया है। मोहनलालगंज के गांव मजरा खुजेहटा में वंदना ने ऑयल मिल लगाई और वर्तमान में इससे तैयार सरसों का तेल आसपास के कई गांवों और जिलों में पहुंच रहा है। इस उद्यम के जरिए उन्होंने न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं। उनके इस प्रयास से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है। योगी सरकार की योजनाओं से महिला उद्यमिता को मिल रही नई पहचान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के पहले चरण में पात्र युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है। समय पर ऋण चुकाने पर दूसरे चरण में 10 लाख रुपये तक के ऋण की व्यवस्था भी की गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य हर वर्ष एक लाख नए उद्यमी तैयार करना है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला फेज: एक रनवे के साथ होगी शुरुआत

पहले चरण में एक रनवे के साथ संचालित होगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सालाना 1.20 करोड़ यात्रियों की क्षमता होगी, पहले चरण में प्रतिदिन औसतन 150 उड़ानें संचालित होंगी  लखनऊ गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तेजी से अपने संचालन की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में पहले चरण का करीब 95 प्रतिशत निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। शेष कार्य 10 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। पहले चरण में एयरपोर्ट एक रनवे के साथ संचालित होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। औसतन प्रतिदिन करीब 150 उड़ानों के संचालन का अनुमान लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही यात्रियों की संख्या एक करोड़ को पार करेगी, एयरपोर्ट पर दूसरे रनवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दो रनवे के साथ यह एयरपोर्ट करीब 7 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा। जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग 3,300 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे हिस्से का लोकार्पण किया जाएगा। परियोजना के लिए कुल 6,700 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष 5,100 एकड़ भूमि अगले तीन महीनों में अधिग्रहित किए जाने की योजना है। एयरपोर्ट के लिए भूमि खरीद पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य पर करीब 7000 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। जेवर एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना के पूर्ण होने पर इस एयरपोर्ट पर कुल पांच रनवे होंगे और इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 11,750 एकड़ तक पहुंच जाएगा। अंतिम रूप से तैयार होने के बाद एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता 30 करोड़ यात्रियों तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल हो सकता है। परियोजना के साथ क्षेत्र में व्यापक आर्थिक और औद्योगिक विकास की भी उम्मीद जताई जा रही है। एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। प्रदेश सरकार का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में उभरेगा। इसके संचालन से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा। विशेषज्ञों के अनुसार जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा। साथ ही यह परियोजना उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और व्यापार के नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

दिल्ली सरकार के कामकाज पर सीएम रेखा गुप्ता बोलीं – तरनजीत सिंह संधू के नेतृत्व में आगे बढ़ेंगे

नई दिल्ली दिल्ली के नए उपराज्यपाल के तौर पर बुधवार को तरनजीत सिंह संधू ने पदभार ग्रहण किया। इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार उपराज्यपाल के नेतृत्व में काम करेगी। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं दिल्ली के विकास को तेज करने में मदद करने के लिए आपका दिल्ली में स्वागत करती हूं। हमें पूरा भरोसा है कि आपकी मौजूदगी से दिल्ली की तरक्की और तेज़ होगी, शहर की समस्याओं का बेहतर समाधान मिलेगा और दिल्ली सरकार आपके मार्गदर्शन और दिशा में काम करेगी। हम आपका आशीर्वाद चाहते हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा कि दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई। उनके शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित हुई। दिल्ली हम सबकी साझा विरासत है। इसकी प्रगति और समावेशी समृद्धि के लिए हम सभी मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके व्यापक और दीर्घ प्रशासनिक अनुभव से दिल्ली में चल रहे विकास कार्यों को नई गति और ऊंचाइयां प्राप्त होंगी। आपके सफल और यशस्वी कार्यकाल के लिए हार्दिक मंगलकामनाएं। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक्स पोस्ट में लिखा कि सीएम रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने सरदार तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई। इसी के साथ उपराज्यपाल के रूप में तरनजीत सिंह संधू ने पदभार ग्रहण किया। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके अनुभव, दूरदृष्टि और कुशल मार्गदर्शन में दिल्ली के विकास और सुशासन को नई दिशा और गति मिलेगी। मैं पुन उन्हें उनके आगामी कार्यकाल के लिए बहुत-बहुत बधाईयां देता हूं। मंत्री प्रवेश वर्मा ने एक्स पोस्ट में लिखा कि दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को पदभार ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई। मुझे विश्वास है कि आपके समृद्ध प्रशासनिक अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व में दिल्ली के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी तथा राजधानी प्रगति नए आयाम स्थापित करेगी। आपके सफल एवं जनसेवा से परिपूर्ण कार्यकाल के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।

आईटी निर्यात में रिकॉर्ड की ओर कर्नाटक, 5.50 लाख करोड़ का आंकड़ा पार होने की उम्मीद: प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य का आईटी निर्यात इस वर्ष 5.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है। भाजपा विधायक वेदव्यास कामत के सवाल का जवाब देते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा, “कर्नाटक में आईटी-बीटी की संभावनाओं की बात करें तो 2022-23 में हमारा आईटी-बीटी निर्यात 3.55 लाख करोड़ रुपये था। 2023-24 में यह बढ़कर 4.09 लाख करोड़ रुपये हो गया और पिछले वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 4.58 लाख करोड़ रुपये हो गया। इस वर्ष 31 मार्च को समापन तिथि है। मुझे 100 प्रतिशत भरोसा है कि इस साल हम 5.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएंगे।” उन्होंने कहा, “इस 5.50 लाख करोड़ रुपये में से मैसूरु शहर से लगभग 3,000 करोड़ रुपये का आईटी निर्यात होता है, जबकि मैंगलुरु और तटीय क्षेत्र से लगभग 3,500 करोड़ रुपये का योगदान है। बेलगावी और हुब्बली मिलकर 2,000 करोड़ से 2,500 करोड़ रुपये के बीच आईटी निर्यात करते हैं। बाकी हिस्सा बेंगलुरु शहर से आता है।” खड़गे ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि मैंगलुरु में संभावनाएं नहीं हैं। उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। अगर स्थानीय नेता अनुकूल माहौल बनाते हैं तो हम स्थानीय अर्थव्यवस्था को तेज कर सकते हैं। मैं विधायक के ध्यान में लाना चाहता हूं कि बेंगलुरु जिले का जीडीपी लगभग 39.9 प्रतिशत, यानी करीब 40 प्रतिशत है। इसके बाद मैंगलुरु 5.4 प्रतिशत के साथ है और तीसरा 3.4 प्रतिशत है। अंतर साफ देखा जा सकता है।” उन्होंने कहा, “कहां 40 प्रतिशत और कहां 5.4 प्रतिशत? मैं ईमानदारी से कहता हूं कि अगर उस क्षेत्र में पूंजी निवेश के लिए उपयुक्त माहौल बनाया जाए तो अगले तीन वर्षों में यह लगभग तीन प्रतिशत वृद्धि हासिल कर सकता है। मैंने यही कहा था और मैं अपनी बात पर कायम हूं।” मैंगलुरु क्षेत्र को अक्सर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील माना जाता है और अतीत में यहां सांप्रदायिक झड़पों, विरोध प्रदर्शनों और बदले की हत्याओं की घटनाएं हुई हैं। खड़गे ने ऐसे मुद्दों पर अक्सर सांप्रदायिक ताकतों और भाजपा की आलोचना की है। उन्होंने कहा, “विकास सुनिश्चित करना केवल आपकी जिम्मेदारी नहीं है, यह मेरी भी जिम्मेदारी है।” खड़गे ने कहा, “राज्यभर में हमने आईटी और संबंधित कंपनियों के साथ 380 एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। तटीय क्षेत्र में हम मणिपाल, उडुपी और मैंगलुरु को एक क्लस्टर के रूप में लेकर उन्हें इकोनॉमिक एक्सेलेरेटर प्रोग्राम के तहत ला रहे हैं। हमारी ओर से एक टेक्नोलॉजी कन्वेंशन आयोजित किया जा रहा है और बियॉन्ड बेंगलुरु क्लस्टर पहल के तहत 25 करोड़ रुपये का सीड फंड जारी किया गया है। कर्नाटक एक्सेलेरेशन प्रोग्राम के तहत शाइन प्रोग्राम के माध्यम से गठजोड़ बनाए गए हैं और स्टार्टअप्स को सहायता दी जा रही है।” खड़गे ने कहा कि तटीय क्षेत्र में आईटी पार्क स्थापित करने के मानदंडों को सरल बनाने की मांग भी उठी है। उन्होंने कहा, “एक सप्ताह के भीतर स्थानीय विधायकों की मांग के अनुसार मानदंडों को सरल बनाया जाएगा। हम ओशन फार्मिंग नीति लाने की भी कोशिश कर रहे हैं। डेटा सेंटरों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यह क्लस्टर केवल राज्य ही नहीं बल्कि देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। संभावनाएं बहुत हैं, लेकिन हमें अनुकूल माहौल बनाना होगा।” भाजपा के कामत ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद तटीय क्षेत्र विकास के मामले में बेंगलुरु के बाद दूसरे स्थान पर है। उन्होंने मंत्री से कम जीडीपी वाले जिलों जैसे कलबुर्गी के लिए योजनाओं को स्पष्ट करने को कहा। बता दें कि प्रियांक खड़गे स्वयं कलबुर्गी से आते हैं, जिसे राज्य के सबसे पिछड़े जिलों में से एक माना जाता है। जवाब में खड़गे ने कहा कि विकास भौगोलिक और जनसांख्यिकीय लाभों पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “तटीय कर्नाटक को जो लाभ उपलब्ध हैं, वे कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में नहीं हैं। जो फायदे हमारे पास हैं, वे आपके पास नहीं हैं। आपके पास समुद्र है, जिससे समुद्री खेती की संभावना है, जबकि हम तूर दाल उगाते हैं। जीडीपी योगदान के मामले में कलाबुरगी 1.9 प्रतिशत का योगदान देता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बेंगलुरु ग्रामीण भी जीडीपी में 1.9 प्रतिशत का योगदान देता है। हम इन क्षेत्रों में विकास तेज करने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। राज्य विकास को केवल मैंगलुरु या बेंगलुरु तक सीमित नहीं रख रहा है। जहां भी राज्य में संभावनाएं हैं, वहां जीडीपी सुधारने के लिए हम हस्तक्षेप कर रहे हैं।”

कुलदीप यादव की वेडिंग सेलिब्रेशन मसूरी में, विराट कोहली-जय शाह सहित कई खास मेहमान पहुंचेंगे

मसूरी उत्तराखंड की खूबसूरत पहाड़ियों में बसा मसूरी एक हाई-प्रोफाइल शादी के कारण चर्चा में है। भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिन जादूगर कुलदीप यादव अपनी बचपन की दोस्त वंशिका के साथ मसूरी में 14 मार्च को शादी करने जा रहे हैं। मेहंदी और शादी की सभी रस्में मसूरी के ऐतिहासिक सेवॉय होटल में होंगे। इस शादी को लेकर होटल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। शादी में विराट कोहली, आईसीसी अध्यक्ष जय शाह समेत कई राजनीतिक, फिल्मी और खेल जगह की हस्तियां पहुंच सकती हैं। सेवॉय होटल में कर्मचारियों से होटल की तैयारियों को लेकर बातचीत की। कर्मचारियों ने हालांकि कार्यक्रम गोपनीय रखने का हवाला देते हुए ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन बताया कि वे इस हाई प्रोफाइल शादी को लेकर काफी उत्साहित हैं। मसूरी में स्थानीय लोग भी अपने चहेते क्रिकेटरों को देखने के लिए उत्सुक हैं। सूत्रों का कहना है कि समारोह में भारतीय क्रिकेट जगत, राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां शामिल हो सकती हैं। मेहमानों की लंबी फेहरिस्त मेहमानों की सूची में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और टीम इंडिया के कई क्रिकेटर्स आ सकते हैं। होटल के एक स्टाफ ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि शादी में शरीक होने के लिए आईसीसी अध्यक्ष जय शाह भी पहुंच सकते हैं। इतना ही नहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कई राजनीतिक हस्तियां मेहमान के तौर पर नव दंपत्ति को आशीर्वाद देने पहुंच सकते हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, 13 को मेहंदी और 14 को शादी के सभी कार्यक्रम सेवॉय होटल में ही होंगे। शादी समारोह के लिए मसूरी में खास इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक कई वीआईपी मेहमानों को कैंम्प्टी फॉल रोड स्थित जेडी ब्लू मेरिट होटल में ठहराने की व्यवस्था की गई है। यहां सुरक्षा, खानपान और आवागमन को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि मेहमानों को किसी तरह की असुविधा न हो। ब्रिटिश वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध सेवॉय होटल वहीं, शादी समारोह के मुख्य कार्यक्रम ऐतिहासिक सेवॉय होटल में आयोजित होंगे। ब्रिटिशकालीन वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध यह होटल पहले भी कई राजघरानों, राजनेताओं और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मेजबानी कर चुका है। अब कुलदीप यादव की शादी के कारण एक बार फिर यह होटल सुर्खियों में है। मसूरी में उत्साह शादी को लेकर मसूरी के पर्यटन कारोबार में भी हलचल बढ़ गई है। होटल, टैक्सी और स्थानीय कारोबारियों को उम्मीद है कि इस हाई-प्रोफाइल समारोह से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन की ओर से ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है, क्योंकि समारोह में बड़ी संख्या में वीआईपी मेहमानों के आने की संभावना है।

टिकट न मिलने पर शिवम दुबे का अनोखा सफर, फ्लाइट छोड़ थर्ड एसी से छिपते-छिपाते पहुंचे घर

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप के स्टार शिवम दुबे अहमदाबाद से अपने घर मुंबई फ्लाइट से नहीं, बल्कि ट्रेन से गए। वो भी फर्स्ट क्लास में नहीं बल्कि थर्ड एसी में। उन्हें डर भी लग रहा था कि कोई उन्हें पहचान न ले। टीसी ने जब शिवम दुबे नाम पुकारा और पूछा कि वो क्रिकेटर तब उनकी पत्नी ने मामला संभाला। टी20 विश्व कप के हीरो शिवम दुबे फाइनल में भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद कुछ ऐसा किया जिसकी अब खूब चर्चा हो रही है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार रात को दुबे ने अपनी बल्लेबाजी का कुछ ऐसा जलवा बिखेरा कि पूरा स्टेडियम दुबे-दुबे के शोर से गुंजायमान हो गया। आखिरी ओवर में उन्होंने 24 रन ठोककर भारत को ढाई सौ के पार पहुंचाया था। आखिरकार भारत तीसरी बार टी20 विश्व कप का सिरमौर बना। स्टेडियम ही नहीं पूरा देश जश्न में डूब गया। देर रात तक जश्न मनता रहा। इस बीच सूरज निकलने से पहले ही विश्व कप का ये हीरो अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर था और सयाजी एक्सप्रेस की थर्ड एसी में छिपते-छिपाते सफर करके मुंबई पहुंचा। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक शिवम दुबे ने ये फैसला तब किया जब सोमवार को अहमदाबाद से मुंबई जाने वाली सभी फ्लाइटें पूरी तरह बुक थीं। दुबे को घर पहुंचने की जल्दी थी। वह अपने चार साल के बेटे अयान और दो साल की बेटी महविश के पास जल्द से जल्द पहुंचना चाहते थे जो मुंबई में उनके घर पर थे। आखिरकार उन्होंने पत्नी अंजुम के साथ ट्रेन से जाने का फैसला किया। दुबे अच्छी तरह जानते थे कि ट्रेन से जाना उनके लिए कितना जोखिमभरा होगा। वर्ल्ड कप स्टार को देखने, मिलने, उसके साथ फोटो खिंचाने के लिए लोगों की भीड़ टूट ही जाती। लेकिन दुबे ने इसका रास्ता निकाला। दुबे ने बताया, 'कोई फ्लाइट उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मैंने सुबह-सुबह अहमदाबाद से मुंबई के लिए ट्रेन पकड़ने का फैसला किया। हम सड़क मार्ग से भी जा सकते थे लेकिन ट्रेन जल्दी पहुंचाती।' दुबे ने आगे बताया कि कैसे उनके ट्रेन से जाने की योजना के बारे में जानने के बाद परिवार वाले और दोस्त चिंतित थे। उन्होंने बताया, ‘मैं, मेरी पत्नी और एक दोस्त ने ट्रेन से जाने का फैसला किया। थर्ड एसी के टिकट उपलब्ध थे इसलिए हमने उसे बुक करने का फैसला किया। परिवार और दोस्तों में जिस किसी से भी हमने बात की वो सभी चिंता में थे। क्या होगा अगर कोई मुझे स्टेशन पर या ट्रेन में पहचान ले?’ समस्या गंभीर थी। दुबे ने रास्ता निकाला। तय हुआ कि चेहरा ढ़ककर जाएंगे। मास्क लगाया। टोपी पहनी। पूरी बांह की टी-शर्ट पहनी और भोर में कार से स्टेशन के लिए रवाना हो गए। सोचा था कि ट्रेन सुबह-सुबह 5 बजकर 10 मिनट की है तो उस वक्त स्टेशन पर भीड़ नहीं होगी। लेकिन ऐसा नहीं था। वहां क्रिकेट फैंस का हुजूम था। कुछ तिरंगे के रंग में रंगे हुए थे। दुबे ने बताया, ‘मैंने अपनी पत्नी को कहा कि मैं अपनी कार में ही इंतजार करता हूं और ट्रेन के निकलने से 5 मिनट पहले निकलूंगा। उसके बाद मैं तेजी से ट्रेन में चढ़ जाऊंगा।’ हुआ भी ऐसा। दुबे को थर्ड एसी में एक टॉप बर्थ मिली हुई थी। सफर के दौरान भी डर था कि कहीं कोई सहयात्री न पहचान ले। एक बार तो उनकी पहचान उजागर होते-होते बची। दरअसल जब टिकट चेकर आया तो उसने बोला- शिवम दुबे? वो कौन है, क्रिकेटर? उस वक्त शिवम दुबे की पत्नी अंजुम ने तत्काल सूझबूझ दिखाई। उन्होंने तपाक से कहा, 'नहीं, नहीं। वो कहां से आएगा।' उसके बाद टीसी चला गया। रात में शिवम दुबे वॉशरूम जाने के लिए अपनी बर्थ से उतरे लेकिन आने-जाने के दौरान कोई सहयात्री उन्हें पहचान नहीं पाया। ट्रेन में तो कोई दिक्कत नहीं हुई लेकिन दुबे को डर था कि जब वह दिन में बोरिवली उतरेंगे तब लोगों की निगाह से शायद ही बच पाएंगे। आखिरकार उन्होंने पुलिस को फोन करके मदद मांगी। पुलिस वालों को पहले लगा कि वह एयरपोर्ट पर आ रहे हैं लेकिन जब उन्हें पता चला कि दुबे तो ट्रेन से आ रहे हैं तब वे हैरान रह गए। इस तरह भीड़ से बचते-बचाते दुबे किसी तरह अपने घर पहुंचे।  

‘जलेबी की फैक्ट्री’ वाले बयान से संसद में गर्मागर्मी, राहुल गांधी पर सत्ता पक्ष का पलटवार

नई दिल्ली लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर डिबेट चल रही है। इस दौरान कांग्रेस ने प्रस्ताव को लेकर कहा कि ओम बिरला ने नेता विपक्ष को समय ही नहीं दिया। उन्हें 20 बार बोलने से रोका दिया गया। इस मामले पर अब सरकार ने जवाब दिया है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को ना बोलने की शिकायत की जाती है, लेकिन सवाल है कि वे आखिर बोलते क्या हैं। उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा में चुनाव प्रचार में गया था तो किसी ने बताया कि राहुल गांधी ने कहा कि जलेबी की फैक्ट्री लगाएंगे। मुझे यकीन नहीं हुआ तो वीडियो दिखाया गया। भाजपा नेता ने कहा कि मैं हैरान रह गया कि आखिर ऐसा कैसे कहा जा सकता है। देश के गांव-गांव में जलेबी छनती है। इसे फैक्ट्री में नहीं बनाया जाता। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत से यह भी कह दिया कि भारत में इस्लामिक कट्टरपंथ से ज्यादा चिंता की बात हिंदू रैडिकल हैं। उन्होंने कहा कि इन्होंने क्या-क्या बोला, सब कुछ मेरे पास है। यहां बताऊंगा तो लंबी लिस्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि स्पीकर के खिलाफ जो अविश्वास प्रस्ताव है, वह किसी के अहंकार की संतुष्टि का प्रयास है। 'इंदिरा गांधी के पोते के ज्ञान पर मैं तो सन्न रह गया' रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी आरोप लगाते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया। आखिर वह बोलते क्या हैं। इनका कहना है कि तपस्या से गर्मी आती है। मैं तो सन्न रह गया कि आत्मा से परमात्मा का मिलन है तपस्या। आखिर इंदिरा जी के पोते का इस पर क्या ज्ञान है। इस पर मुझे हैरानी हुई। प्रधानमंत्री जी की कुर्सी के पास जिस तरह से विपक्ष के लोग आए थे, वह सबने देखा था। राहुल गांधी इस सदन को अराजकता में बदल देना चाहते हैं। यह संसद सर्वोच्च है और इसकी गरिमा बनी रहनी चाहिए। यदि स्पीकर के खिलाफ बेबुनियाद प्रस्ताव लाया गया है तो हम उसका विरोध करते हैं। बीच में बोलने लगे राहुल गांधी, नियमों का दिया गया हवाला इस दौरान राहुल गांधी ने बीच में बोलने का भी प्रयास किया, जिस पर रविशंकर प्रसाद ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आप बाद में बोल सकते हैं। इस डिबेट में सपा सांसद आनंद भदौरिया ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ओम बिरला भले आदमी हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार ने उनसे जबरदस्ती ऐसा व्यवहार कराया। यह दुख की बात है कि उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है। गौरतलब है कि लोकसभा स्पीकर के खिलाफ आए प्रस्ताव पर आज होम मिनिस्टर अमित शाह भी स्पीच देंगे।  

NSA के खिलाफ अमृतपाल की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई खत्म, अब फैसले का इंतजार

चंडीगढ़ खडूर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के आगामी बजट सत्र में भाग लेने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने सत्र की अवधि के लिए पैरोल देने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है। असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद व खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की तरफ से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के खिलाफ पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने अमृतपाल सिंह पर लगाए तीसरे एनएसए के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका पर सांसद अमृतपाल सिंह, पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की दलीलें सुनी गई। वहीं संसद के बजट सत्र में शामिल होने की मांग को लेकर अमृतपाल सिंह की तरफ से जो याचिका दायर की गई है, उस पर अब बहस शुरू हो गई है। याचिका में अमृतपाल की तरफ से कहा गया है कि संसद का बजट सत्र दो चरणों में प्रस्तावित है। पहला चरण 28 जनवरी, 2026 से 13 फरवरी 2026 तक और दूसरा चरण 9 मार्च, 2026 से 2 अप्रैल, 2026 तक चलेगा। अमृतपाल सिंह ने इस पूरी अवधि में संसद में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने की अनुमति देने की मांग की है। याची का कहना है कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं और क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों को सदन में उठाना उनका संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने मादक पदार्थों के बढ़ते दुरुपयोग, बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य जनहित के विषयों का उल्लेख किया है, जिन्हें वह अब तक संसद में नहीं उठा सके हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि इससे पहले शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी गई थी, लेकिन उस पर सुनवाई पूरी होने से पहले ही सत्र समाप्त हो गया था। ऐसे में अब हाईकोर्ट से सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है।