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इंदौर की रंगपंचमी गेर में रंगों का धमाल, टिकट से होगा छतों पर रंगों का नजारा, जानें कब निकलेगी

इंदौर इंदौर की रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर शहर का एक अनोखा और खास त्योहार है। इस दिन पुराने शहर के इलाकों में रंगों के शौकीन बड़ी संख्या में गेर में शामिल होते हैं और रास्ते में खड़े लोगों पर रंग बरसाते हुए आगे बढ़ते हैं। गेर के दौरान आसमान में दूर-दूर तक रंगों के बादल छा जाते हैं। इन खूबसूरत नजारों का आनंद लेने के लिए इस बार भी शहर के लोग गेर वाले मार्गों पर स्थित मकानों की छतें बुक कर सकेंगे और अपने परिवार के साथ इस आयोजन का मजा ले पाएंगे। प्रशासन ने पिछले साल भी यह व्यवस्था की थी, जो काफी सफल रही थी। शीतला माता बाजार से लेकर गौराकुंड और खजूरी मार्केट तक की छतों से लोग गेर की रौनक देख सकेंगे। हर साल इस आयोजन को देखने के लिए दूसरे शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग इंदौर पहुंचते हैं। जिनके घर गेर के मार्ग पर पड़ते हैं, वहां अब छोटी-छोटी पार्टियों का भी आयोजन होने लगा है, जहां लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को बुलाकर रंगपंचमी का उत्सव मनाते हैं। इस साल गेर के मार्ग पर स्थित आठ छतों पर 200 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इनकी बुकिंग बुक माय शो के माध्यम से की जाएगी, जिसके लिए लोगों को टिकट खरीदना होगा। इस बार 8 मार्च को रविवार होने के कारण प्रशासन ने अलग से छुट्टी घोषित नहीं की है। रविवार होने की वजह से इस बार गेर में और अधिक भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है। करीब चार किलोमीटर लंबे गेर मार्ग पर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बिजली के तार और केबल हटाए जा रहे हैं, साथ ही सड़कों की मरम्मत का काम भी किया जा रहा है। परंपरा के अनुसार इस बार भी चार गेर इस जुलूस का हिस्सा होंगी। लगभग 100 फीट तक रंग फेंकने वाली विशेष रंग मिसाइलें भी तैयार की जा रही हैं। इसके अलावा डीजे और भजन मंडलियां भी गेर में शामिल होंगी। नगर निगम की गेर भी इस जुलूस का हिस्सा रहेगी, हालांकि शहर में हाल ही में हुई कुछ घटनाओं के कारण मेयर पुष्यमित्र भार्गव इस बार गेर में शामिल नहीं होंगे।

अब टायर में न हवा की जरूरत, न पंचर का डर! Airfree Tyres ने दी नई तकनीक

नई दिल्ली Bridgestone AirFree Tyres: सड़क पर गाड़ी चलाते वक्त टायर पंचर हो जाए, तो सबसे पहले मन में यही ख्याल आता है कि आज तो दिन खराब हो गया. हवा निकली, गाड़ी रुकी, और सफर अटक गया. लेकिन अब टायर की दुनिया में एक ऐसी तकनीक सामने आ रही है, जो इस झंझट को बीते वक्त की बात बना सकती है. जापान की मशहूर टायर कंपनी Bridgestone ने ऐसा टायर पेश किया है, जिसमें हवा की ही जरूरत नहीं है. यानी न हवा भरने की टेंशन, न पंचर का डर, और न ही बीच सड़क पर रुकने की मजबूरी.  Bridgestone ने अपने एयरलेस टायर की थर्ड जेनरेशन मॉडल से पर्दा उठा दिया है. इस नए Airfree Tyre में पहले के मुकाबले कई अहम सुधार किए गए हैं, जाकि इसे और बेहतर बनाया जा सके. कंपनी इसे कॉन्सेप्ट स्टेज से आगे ले जाकर अब रियल वर्ल्ड यानी प्रोडक्शन रेडी लेवल पर पहुंचा दिया है. कंपनी इस एयर फ्री टायर को लेकर धीमें-धीमें सोशल इम्प्लीमेंटेशन की दिशा में आगे बढ़ रही है. अब तक भविष्य का टायर कहे जाने वाला एयरलेस टायर जल्द ही सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों में नज़र आएंगे. AirFree Tyre की तकनीक ब्रिजस्टोन के इस थर्ड जेनरेशन एयरफ्री टायर में एडवांस सिमुलेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. इसके साथ ही मजबूत और फ्लेक्सिबल मटेरियल से बना स्ट्रक्चर तैयार किया गया है. कंपनी का कहना है कि, ऐसा इसलिए किया गया है ताकि ये एयरफ्री टायर अलग अलग मौसम और सड़क की स्थितियों के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर सके. इसका मकसद टायर को ज्यादा भरोसेमंद और लंबे समय तक चलने वाला बनाना है. AI बेस्ड डायनामिक स्ट्रक्चर इस टायर की एक ख़ास बात ये भी है कि, इसमें डायनामिक स्ट्रक्चरल डिजाइन दिया गया है. यह सेकंड जेनरेशन के राइड कंफर्ट वाले फोकस से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बेस्ड ऑटोमेटेड लर्निंग सिस्टम का इस्तेमाल करता है. यह सिस्टम टायर के आकार और उस पर पड़ने वाले दबाव को अलग अलग परिस्थितियों के हिसाब से खुद एडजस्ट करता है. इससे टायर का इस्तेमाल कई तरह के वाहनों में आसानी से किया जा सकता है. ब्लू स्पोक्स से बढ़ी सेफ्टी कंपनी ने इन टायरों के निर्माण में ब्लू स्पोक्स (नीले रंग के स्पोक व्हील्स) जैसे स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया है. आम भाषा में समझें तो टायर के अंदर नीले रंग के स्पोक्स लगाए गए हैं, जो कम रोशनी और शाम के समय साफ नजर आते हैं. इसका मकसद लोकल कम्युनिटी मोबिलिटी में सेफ्टी को और बेहतर बनाना है. इनमें हवा की जगह रिसाइकल होने वाली थर्मोप्लास्टिक रेजिन से बने स्पोक्स लगाए गए हैं, जो गाड़ी का पूरा वजन आसानी से उठा सकते हैं. ब्रिजस्टोन का यह भी दावा है कि, ये स्पोक्स सड़क के झटकों को भी कम करते हैं. इन टायरों का डेमो टेस्ट मार्च 2024 में जापान के कोडाइरा सिटी, टोक्यो में शुरू किया गया था, जो लगातार जारी है. यह टेस्ट ग्रीन स्लो मोबिलिटी सॉल्यूशंस के लिए इन टायरों की उपयोगिता को परखने के लिए किया जा रहा था. हालांकि आम पैसेंजर कार इस्तेमाल करने वालों को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है. इस समय ब्रिजस्टोन इन एयरफ्री टायरों को कमर्शियल ट्रकों और अल्ट्रा कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक वाहनों पर टेस्ट कर रही है. कंपनी का मानना है कि प्रोफेशनल फ्लीट वाहनों में मेंटेनेंस की जरूरत ज्यादा होती है, इसलिए वहां यह तकनीक ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है.

₹38 करोड़ की ठगी हर 24 घंटे, सरकार ने उठाया बड़ा कदम—AI की मदद से ठगी रोकने की तैयारी

नई दिल्ली Cyber Fraud Prevention India: भारत में साइबर फ्रॉड की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं और इसके आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं. हर 24 घंटे में करीब 38 करोड़ रुपये साइबर अपराधी लोगों के बैंक खातों से उड़ा ले जाते हैं. यह पैसा आम लोगों की मेहनत की कमाई होती है, जो ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट या अन्य डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करते समय ठगी का शिकार हो जाते हैं. हैरानी की बात यह है कि इस बड़ी रकम में से सिर्फ लगभग 8 करोड़ रुपये ही बचाए जा पाते हैं. बाकी पैसा साइबर अपराधियों के खातों में पहुंच जाता है. यह आंकड़ा बताता है कि साइबर अपराधियों का नेटवर्क कितना मजबूत हो चुका है और वे लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हर दिन हजारों शिकायतें  साइबर ठगी के मामलों को लेकर हर दिन हजारों लोग शिकायत दर्ज करा रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े साइबर सिस्टम के मुताबिक, हर 24 घंटे में 7000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज होती हैं. इनमें से करीब 6000 शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाती है. जांच में सामने आया है कि इन मामलों में रोजाना करीब 38 करोड़ रुपये की ठगी हो रही है. हालांकि एजेंसियां लगातार पैसा बचाने की कोशिश करती हैं, लेकिन औसतन सिर्फ 8 करोड़ रुपये ही रिकवर हो पाते हैं. इसका मतलब यह है कि ठगों का नेटवर्क बेहद तेज और संगठित तरीके से काम कर रहा है। साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर साइबर ठगी से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने एक विशेष साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (Cyber Fraud Mitigation Centre) बनाया है. यह सेंटर 24 घंटे काम करता है और यहां अलग-अलग एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं. इस सेंटर का उद्देश्य जैसे ही किसी साइबर फ्रॉड की जानकारी मिले, तुरंत कार्रवाई करना है. यहां पुलिस, बैंक और टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधि मिलकर काम करते हैं. जब किसी फ्रॉड का अलर्ट मिलता है, तो पूरा सिस्टम एक साथ सक्रिय हो जाता है. इस समन्वय के जरिए ठगी की रकम को ट्रांसफर होने से रोकने की कोशिश की जाती है। 24×7 कंट्रोल रूम साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर में एक हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है. यहां 24×7 निगरानी रखी जाती है. जैसे ही किसी खाते से संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी मिलती है, तुरंत सायरन बजता है और संबंधित एजेंसियां अलर्ट हो जाती हैं. इसके बाद बैंक और पुलिस मिलकर उस ट्रांजैक्शन को रोकने की कोशिश करते हैं. कई मामलों में खाते को तुरंत फ्रीज कर दिया जाता है. हालांकि ठगों की तेजी के कारण कई बार पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर हो जाता है, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है. पांच साल में 55 हजार करोड़ की ठगी गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में साइबर ठगों ने लोगों के खातों से 55 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है. यह आंकड़ा 2021 से 2025 के बीच का है. इन पांच वर्षों में कुल 6 करोड़ 58 लाख से ज्यादा शिकायतें साइबर फ्रॉड को लेकर दर्ज की गईं. यह संख्या बताती है कि देश में डिजिटल सेवाओं के बढ़ने के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़े हैं. हालांकि सरकार और एजेंसियां लगातार इन्हें रोकने की कोशिश कर रही हैं. 2025 में सबसे ज्यादा शिकायतें रिपोर्ट के मुताबिक अकेले 2025 में ही साइबर फ्रॉड के 24 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए. यह पिछले सभी वर्षों के मुकाबले सबसे ज्यादा है. हालांकि इस साल ठगी की रकम थोड़ी कम रही, लेकिन मामलों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई. इससे यह साफ होता है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के कारण ठगों के लिए नए अवसर भी बन रहे हैं. 2021 से 2025 तक शिकायतों का ग्राफ अगर पिछले पांच साल के आंकड़ों को देखें तो साइबर फ्रॉड की शिकायतों में लगातार वृद्धि हुई है- 2021 में 2,62,846 शिकायतें दर्ज हुई थीं. 2022 में यह संख्या बढ़कर 6,94,446 हो गई. 2023 में 13,10,357 शिकायतें दर्ज हुईं. 2024 में यह संख्या 19,18,835 पहुंच गई. 2025 में शिकायतों का आंकड़ा बढ़कर 24,02,579 हो गया. यह आंकड़े बताते हैं कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है. ठगी की रकम में भी बड़ा उछाल साइबर ठगी की रकम भी हर साल तेजी से बढ़ी है- 2021 में लगभग 551 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी. 2022 में यह रकम बढ़कर 2290 करोड़ रुपये हो गई.  2023 में 7465 करोड़ रुपये की ठगी दर्ज की गई. 2024 में यह आंकड़ा 22,848 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.  हालांकि 2025 में यह थोड़ा घटकर 22,495 करोड़ रुपये रहा.  इसके बावजूद यह बेहद बड़ी रकम है, जो साइबर अपराधियों की ताकत को दिखाती है. 2025 में बचाए गए हजारों करोड़ हालांकि एजेंसियों की कोशिशों से कुछ सफलता भी मिली है. I4C सिस्टम के जरिए 2025 में करीब 8189 करोड़ रुपये की ठगी होने से बचाई गई. यह रकम तब बचाई गई जब लोगों ने तुरंत शिकायत दर्ज कराई और बैंक तथा पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की. इससे यह साबित होता है कि समय पर शिकायत करने से कई बार पैसा वापस मिल सकता है. डिजिटल इंडिया के साथ बढ़ा खतरा भारत में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है. आज देश के अधिकांश घरों में इंटरनेट पहुंच चुका है. लोग ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल भुगतान का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे लोगों को सुविधा जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ गया है. साइबर ठग इसी डिजिटल सिस्टम का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. म्यूल अकाउंट बना बड़ा हथियार साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक बड़ा तरीका म्यूल अकाउंट है. इसमें ठग दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं. इन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती है और फिर उसे कई अन्य खातों में बांट दिया जाता है. इससे पैसे का ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है. एजेंसियां अब इन म्यूल खातों की पहचान करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं. AI के जरिए ठगी … Read more

राशिफल 06 मार्च 2026: जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए क्या है खास, किसे मिलेगा फायदा

मेष राशि– आज आपका आपको पॉजिटिव व शांत रहना होगा। क्योंकि आज आपके अंदर थोड़ा गुस्सा या नकारात्मक ऊर्जा जमा हो सकती है। इसे निकालने के लिए थोड़ी वॉक करें या हल्की एक्सरसाइज करें। इससे आपका मन हल्का होगा और आप अच्छा महसूस करेंगे। गुस्सा अंदर मत रखें, खुद को काम में व्यस्त रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले आज कोई बड़ी चीज खरीदने से पहले अलग-अलग जगह के दाम जरूर देख लें। जल्दबाजी में महंगी चीज न खरीदें। थोड़ा रिसर्च करेंगे तो आपके पैसे की अच्छी बचत होगी। परिवार की सलाह लें और उन्हें थोड़ा वक्त दें। बाहरी खाना ना खाएं। मिथुन राशि– आज अगर किसी बात को लेकर शक या गलतफहमी है तो सीधे पूछ लें। खुलकर बात करने से रिश्ते अच्छे रहते हैं। बिना समझे कोई धारणा न बनाएं, वरना झगड़ा हो सकता है। योग स दिन की शुरुआत करें। ऑयली फूड ऑवाइड करें। कर्क राशि- आज आपको बेकार के झगड़ों और ड्रामे से दूर रहना चाहिए। जो बातें आपसे जुड़ी नहीं हैं, उनमें न पड़ें। अपने मन की शांति पर ध्यान देंगे तो दिन अच्छा गुजरेगा। सेहत का ध्यान रखें। सुबह वाली धूप सेंके। सिंह राशि- आज सिंह राशि वालों का दिन शुभ होगा। हर चीज में दूसरों से टक्कर लेने की जरूरत नहीं है। अगर टीम के साथ काम करेंगे तो काम जल्दी होगा। दूसरों की मदद करेंगे तो आपकी लीडरशिप दिखेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज काम करते समय परफेक्ट बनने से ज्यादा जरूरी है काम समय पर खत्म करना। छोटी-छोटी बातों में ज्यादा समय मत लगाइए। समय पर काम पूरा करना ज्यादा जरूरी है। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज अगर आपको किसी बात में न्याय या बराबरी चाहिए, तो सीधे बोलिए। लोग आपके मन की बात खुद नहीं समझ सकते। साफ और विनम्र तरीके से अपनी बात कहें। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वाले आज अपनी योजनाओं और आइडिया को ज्यादा लोगों को न बताएं। सही समय आने पर ही कदम उठाएं। चुपचाप योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। धनु राशि- धनु राशि वाले आज अपने रूट या निकलने के समय में थोड़ा बदलाव करें। अगर 5 मिनट पहले निकलेंगे तो ट्रैफिक से बच सकते हैं। छोटी-छोटी बदलाव से दिन आसान हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें। बाहरी खाने को अवॉइड करें। परिवार के साथ संग बिताएं। मकर राशि- आज चाहे कितनी भी परेशानी आए, अपनी दिनचर्या (रूटीन) पर टिके रहें। आपकी अनुशासन से आप अपने काम पूरे कर पाएंगे। परिवार की मदद लें। शाम तक अच्छी खबर मिल सकती है। कुंभ राशि- मकर राशि वाले आज किसी पुरानी समस्या का नया और अलग तरीका आजमाएं। रचनात्मक सोच से आपको अच्छा समाधान मिल सकता है। काम के बीच में ब्रेक लें। संगीत व लेखन जैसे क्रिएटिव कामों में मन लगा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पिएं। मीन राशि- मीन राशि वाले आज थोड़ी देर अकेले समय बिताएं या टहल लें। इससे आपका दिमाग शांत होगा और आप अपने काम बेहतर तरीके से कर पाएंगे। कोई भी बात हो सच्चाई के साथ रखें।

पिंक बॉल की जंग: हरमनप्रीत कौर की टीम लगातार 3 जीत के साथ मजबूत, क्या हीली बदलेंगी आखिरी मुकाबले की कहानी?

मुंबई वनडे श्रृंखला में करारी हार के बाद भारतीय महिला टीम पिछले लगभग पांच साल में पहली बार जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाले एकमात्र दिन रात्रि टेस्ट क्रिकेट मैच में उतरेगी तो जीत हासिल करने के लिए उसकी सीनियर खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वनडे श्रृंखला में करारी हार के बाद भारतीय महिला टीम पिछले लगभग पांच साल में पहली बार जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार से शुरू होने वाले एकमात्र दिन रात्रि टेस्ट क्रिकेट मैच में उतरेगी तो जीत हासिल करने के लिए उसकी सीनियर खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इस मैच के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बहु प्रारूप वाली श्रृंखला का भी समापन होगा जिसमें भारत ने टी20 श्रृंखला 2-1 से जबकि आस्ट्रेलिया ने वनडे श्रृंखला 3-0 से जीती थी। पिछले पांच टेस्ट मैचों में अजेय रहने के बाद भारत का आत्मविश्वास चरम पर होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने दिसंबर 2023 से जुलाई 2024 के बीच लगातार तीन टेस्ट मैच जीते, जिनमें इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को घरेलू मैदान पर हराना शामिल है। भारत ने इससे पहले विदेश में खेले गए पिछले दो टेस्ट मैच 2021 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रॉ कराए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसने उस साल सितंबर अक्टूबर में दिन रात्रि टेस्ट मैच खेला था जिसमें स्मृति मंधाना ने शतक जमाया था। इस बहु प्रारूप वाली श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया अभी 8-4 से आगे है। टी20 श्रृंखला में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम 2-4 से पिछड़ रही थी, लेकिन इसके बाद उसने शानदार वापसी करके तीनों वनडे मैच जीत लिए। जहां टी20 और वनडे दोनों मैचों में जीत हासिल करने पर दो-दो अंक दांव पर थे, वहीं टेस्ट मैच के विजेता को चार अंक मिलेंगे। भारत अगर जीत हासिल करता है तो वह कम से कम इस श्रृंखला को ड्रॉ करा सकता है। भारतीय टीम इस बात से आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगी कि उसने दिसंबर 2023 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच आठ विकेट से जीतकर इतिहास रच दिया था। यह पहला अवसर था जबकि भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट मैच में हराया था। भारतीय बल्लेबाजी का दारोमदार हरमनप्रीत, उप-कप्तान मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा पर होगा। सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल के प्रदर्शन पर शनि की निगाह टिकी रहेगी जो शुक्रवार को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर सकती हैं। रावल भारतीय टीम में शामिल उन सात भारतीय खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेला है। अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेलने वाली भारतीय खिलाड़ियों में बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, सायली सतघरे और काशवी गौतम भी शामिल हैं। भारतीय टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है। भारत की वनडे विश्व कप विजेता टीम की सदस्य रही क्रांति गौड़ और अमनजोत कौर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर सकती हैं। भारतीय टीम को हालांकि अनुभवी तेज गेंदबाज रेणुका सिंह की कमी खलेगी जो चोटिल होने के कारण टेस्ट टीम से बाहर हो गई। उनकी जगह युवा तेज गेंदबाज काशवी गौतम को टीम में शामिल किया गया है। दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया अपनी कप्तान एलिसा हीली को शानदार विदाई देने के लिए प्रतिबद्ध होगा जो अपना 299वां और अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगी। ऑस्ट्रेलिया ने भी किम गार्थ और एलिसे पेरी की जांघ की चोटों और सोफी मोलिनी की पीठ की समस्या के बाद राहेल ट्रेनामन और मैटलान ब्राउन सहित कुछ ऐसे खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया है जिन्होंने अभी तक टेस्ट मैच नहीं खेले हैं। गार्थ और मोलिनी दोनों ही मैच से बाहर हो गई हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को उम्मीद है कि पेरी समय पर ठीक हो जाएगी। वाका की उछाल वाली पिच पर होने वाले इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को निश्चित रूप से भारत पर बढ़त हासिल होगी, क्योंकि उसने अपने पिछले दो टेस्ट मैच आसानी से जीते हैं। उसने जनवरी 2025 में एमसीजी में इंग्लैंड को फरवरी 2024 में इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका को हराया था। टीम इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, काशवी गौतम, स्नेह राणा, अमनजोत कौर, उमा छेत्री (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, हरलीन देयोल, क्रांति गौड़, वैष्णवी शर्मा, सयाली सतघरे। ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान एवं विकेटकीपर), डार्सी ब्राउन, मैटलान ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फीबी लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, राहेल ट्रेनामन, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। समय: मैच सुबह 10:50 बजे शुरू होगा।  

सात नए मेडिकल कॉलेजों के साथ पंजाब में स्वास्थ्य व्यवस्था का विस्तार, युवाओं को विदेश जाने की जरूरत नहीं

होशियारपुर पंजाब सरकार राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि राज्य में सात नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिससे मेडिकल सीटों में बड़ा इजाफा होगा और विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए यूक्रेन, ईरान और चीन नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 20 मार्च से होशियारपुर में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत की जा रही है। यहां 100 एमबीबीएस सीटों के साथ 300 बेड का अस्पताल भी बनाया जा रहा है। इस परियोजना का काम 19 मार्च 2028 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय इस प्रोजेक्ट का बजट 550 करोड़ रुपये तय किया गया था, लेकिन कई बार टेंडर फेल हो गए। अब इंजीनियरिंग रिपोर्ट के आधार पर लागत घटाकर करीब 274 करोड़ रुपये कर दी गई है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि कपूरथला अस्पताल का टेंडर जारी हो चुका है, जबकि संगरूर और शहीद भगत सिंह नगर में मेडिकल कॉलेज के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा मलेरकोटला में मुस्लिम माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज और लहरागागा में भी मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब में मेडिकल सीटें करीब 1900 थीं, लेकिन सरकार ने इसमें 300 नई सीटें जोड़ दी हैं और आने वाले समय में 600 सीटें और बढ़ाई जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट में पोस्ट ग्रेजुएट स्पेशलिटी अस्पताल बनाए जाएंगे, जहां मरीजों को पीजीआई) जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही मोहाली में मेडिकल छात्रों के लिए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं और नए कॉलेज भी विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टर समिट में कॉर्पोरेट अस्पतालों के साथ भी साझेदारी की जाएगी, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। लुधियाना में एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी बन रहा है। 

दुनियाभर में TVS का दबदबा, टू-व्हीलर मार्केट में यामाहा को पछाड़ा और बनाई तीसरी पोजीशन

मुंबई  भारतीय कंपनियों की वैश्विक रफ्तार भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां अब सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूती से अपनी पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में TVS Motor Company ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिक्री के आंकड़ों के आधार पर कंपनी ने जापान की दिग्गज Yamaha Motor Company को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी का स्थान हासिल कर लिया है। सेल्स के आंकड़ों में TVS की बड़ी छलांग साल 2025 में TVS मोटर ने कुल 54.6 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जबकि यामाहा की वैश्विक बिक्री करीब 50 लाख यूनिट्स पर सिमट गई। TVS के लिए यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि 2024 के मुकाबले कंपनी की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखने को मिली है। वहीं यामाहा की ग्रोथ इस अवधि में बेहद सीमित रही, जिससे रैंकिंग में बड़ा बदलाव हुआ। हीरो और होंडा के बीच TVS की मजबूत मौजूदगी TVS मोटर अब Hero MotoCorp के बाद टॉप-3 में जगह बनाने वाली दूसरी भारतीय कंपनी बन गई है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर सबसे आगे अब भी Honda Motor Company बनी हुई है, जिसने 2025 में 1.64 करोड़ से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री की। इस तुलना से साफ है कि होंडा की पकड़ इतनी मजबूत है कि उसे चुनौती देने के लिए बाकी कंपनियों को सामूहिक रूप से भी कड़ी मेहनत करनी होगी। EV सेगमेंट से मिली रफ्तार TVS की तेजी के पीछे उसका व्यापक टू-व्हीलर पोर्टफोलियो और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में मजबूत पकड़ अहम कारण रही है। कंपनी के इलेक्ट्रिक स्कूटर ने बाजार में भरोसा बनाया है, वहीं पारंपरिक सेगमेंट में भी इसके मोटरसाइकिल मॉडल लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। खास तौर पर अपाचे सीरीज ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में बिक्री को मजबूती दी है। स्कूटर सेगमेंट में भी TVS की मौजूदगी लगातार मजबूत होती जा रही है। एक्सपोर्ट मार्केट में बढ़ता प्रभाव TVS मोटर का निर्यात कारोबार भी तेजी से बढ़ा है। अफ्रीकी बाजारों में कंपनी पहले से ही मजबूत स्थिति में है और अब उसका फोकस लैटिन अमेरिका जैसे उभरते बाजारों पर भी बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में अब तक Bajaj Auto की मजबूत पकड़ रही है, लेकिन TVS अपनी स्पोर्ट्स बाइक रेंज के दम पर वहां विस्तार की रणनीति पर काम कर रही है। TVS और यामाहा के लिए आगे की चुनौती आने वाले समय में यामाहा के लिए तीसरा स्थान वापस पाना आसान नहीं होगा। इसके लिए उसे भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे हाई-वॉल्यूम बाजारों में बिक्री बढ़ानी होगी, साथ ही इलेक्ट्रिक सेगमेंट में भी मजबूत उपस्थिति बनानी होगी। दूसरी ओर, TVS की रणनीति घरेलू बाजार को और मजबूत करने के साथ-साथ निर्यात बढ़ाकर अपनी तीसरी पोजिशन को सुरक्षित रखने की है। TVS मोटर की यह उपलब्धि भारतीय ऑटो उद्योग के लिए एक बड़ा संकेत है कि देसी कंपनियां अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ी हैं। बढ़ती बिक्री, मजबूत EV रणनीति और एक्सपोर्ट पर फोकस ने TVS को दुनिया के टॉप टू-व्हीलर निर्माताओं की कतार में मजबूती से ला खड़ा किया है।

महादेव की होली सीहोर में धूमधाम से, पंडित मिश्रा ने नबाव के बंद करने की बात बताई और शांति की कामना की

सीहोर  सीहोर में महादेव की होली गुरुवार को शुरू हो चुकी है। काशी, मथुरा और बरसाना की तर्ज पर यहां पर फूल-गुलाल से होली खेली जाएगी। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि पहले सीवन नदी किनारे होली खेली जाती थी। नबाव साहब ने इसे बंद करा दिया था, अब हमने फिर से शुरू किया।  उन्होंने कहा भगवान शिव के स्वरूप को सब जानें कि उनकी भक्ति का रंग अजर-अमर है। इजराइल-अमेरिका, ईरान में चल रहे युद्ध पर भी कथावाचक ने कहा कि किसी न किसी कारण से देश बर्बाद हो रहे हैं। सारे राष्ट्र में अब शांति हो यह युद्ध अब समाप्त होना चाहिए। सब पर बाबा देवाधिदेव महादेव की कृपा बनी रहे। भारत का एक-एक नागरिक प्रार्थना करता है कि सभी जगह पर शांति हो। फूल-गुलाल से खेली जाती है होली इस होली की खास बात यह है कि इसमें केवल गुलाल और फूलों का उपयोग किया जाता है। पानी या पानी में घुले रंगों का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है। इसका उद्देश्य यह है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को वापस घर लौटते समय किसी तरह की असुविधा न हो। पांच शिव मंदिरों में खेली जाती है होली महादेव की होली शहर के छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर विभिन्न शिव मंदिरों से होती हुई आगे बढ़ती है। इसके बाद यह गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर और नर्मदेश्वर महादेव मंदिर होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचती है। यहां विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन किया जाता है। शिव और गुरु के साथ होली का संदेश पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार यह होली शिव और गुरु के साथ खेली जाती है, जो यह संदेश देती है कि बड़ों के सानिध्य में जीवन खुशियों के रंगों से भर जाता है। उनका कहना है कि शिव ही ऐसे हैं जिनका रंग एक बार चढ़ जाए तो जीवन भर नहीं उतरता। देशभर के श्रद्धालुओं को किया आह्वान पंडित मिश्रा ने देशवासियों से अपने-अपने शिव मंदिरों में भगवान शिव को चंदन युक्त जल अर्पित करने का आह्वान किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि महादेव की होली उत्साह के साथ लेकिन पूरी शांति और अनुशासन के साथ मनाएं।

मिडिल ईस्ट तनाव से एयर ट्रैवल प्रभावित, 180 उड़ानें कैंसिल; सरकार ने जारी की सलाह

 नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई का असर फ्लाइट पर भी दिख रहा है. दोनों तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे साफ है कि यह संकट अभी जल्द खत्म होता नहीं दिख रहा. हालात सुधरने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं. इस टकराव का असर कई देशों पर पड़ रहा है, खासकर अरब के मुस्लिम देशों के नागरिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. लगातार हो रहे हमलों में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।  रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में मरने वालों की संख्या 1,000 से ज्यादा हो गई है. लेबनान में करीब 60 और इजरायल में लगभग एक दर्जन लोगों की मौत हुई है. इस संघर्ष में अमेरिका के 6 सैनिकों के मारे जाने की भी खबर है. बढ़ते तनाव का असर हवाई यात्रा पर भी पड़ा है. सुरक्षा कारणों से कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जबकि कई फ्लाइट्स का रूट बदला गया है. कुछ एयरपोर्ट्स पर सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है. कतर की राजधानी दोहा में भारतीय दूतावास ने अहम सूचना जारी की है. दूतावास के मुताबिक, कतर के एयरस्पेस बंद होने की वजह से हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें फिलहाल अस्थायी रूप से निलंबित हैं. कतर एयरवेज समेत अन्य एयरलाइंस की फ्लाइट्स भी कैंसिल है. यात्रियों से कहा गया है कि वे अपनी यात्रा को दोबारा तय करने के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क में रहें. दूतावास ने यह भी बताया कि वह कतर प्रशासन और भारतीय समुदाय के नेताओं के साथ मिलकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. वहीं, स्काई न्यूज के अनुसार मिडिल ईस्ट संकट के बीच ब्रिटेन सरकार की पहली चार्टर्ड फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाई।  एयर इंडिया की कई फ्लाइट कैंसिल एयर इंडिया ने जानकारी दी है कि मिडिल ईस्ट के लिए उसकी ज्यादातर उड़ानें 5 मार्च 2026 की रात 11:59 बजे (IST) तक निलंबित रहेंगी. हालांकि जेद्दा के लिए कुछ तय उड़ानें 5 मार्च से दोबारा शुरू की जाएगी. इनमें दिल्ली-जेद्दा-दिल्ली और मुंबई-जेद्दा-मुंबई रूट शामिल हैं. इसके अलावा एयर इंडिया 5 मार्च की सुबह मुंबई-दुबई-दिल्ली रूट पर एक अतिरिक्त फ्लाइट (AI909D/996D) चलाने की योजना बना रही है, ताकि फंसे हुए यात्रियों को वापस लाया जा सके. यह उड़ान बड़े B777 विमान से संचालित होगी, जिसमें ज्यादा यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है।  भारत के कई शहरों से करीब 180 उड़ानें रद्द सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण 4 मार्च को मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के एयरपोर्ट से लगभग 180 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. मुंबई एयरपोर्ट पर 48 प्रस्थान और 45 आगमन समेत कुल 93 उड़ानें रद्द हुईं. दिल्ली एयरपोर्ट पर 25 प्रस्थान और 27 आगमन मिलाकर 52 उड़ानें रद्द हुईं. बेंगलुरु एयरपोर्ट पर अलग-अलग एयरलाइनों की 34 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें 18 आगमन उड़ानें थीं।  फंसे यात्रियों को लाने के लिए चलाई गई विशेष फ्लाइट मुंबई एयरपोर्ट से 4 मार्च को कुछ विशेष फ्लाइट भी चलाई गईं. स्पाइसजेट ने फुजैराह से मुंबई के लिए दो विशेष उड़ानें संचालित की, जबकि एयर इंडिया ने दुबई से मुंबई के लिए एक फ्लाइट चलाई. इसके अलावा अमीरात ने दुबई से मुंबई के लिए तीन फ्लाइट संचालित की. गल्फ एयर और रॉयल जॉर्डन ने भी अम्मान (जॉर्डन) और दम्माम (सऊदी अरब) से मुंबई के लिए एक-एक फ्लाइट चलाई।  कोलकाता एयरपोर्ट पर भी कई फ्लाइट कैंसिल कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी पश्चिम एशिया के लिए कई उड़ानें प्रभावित हुईं. दोहा, दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों के लिए कम से कम पांच फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं. इनमें कतर एयरवेज और अमीरात की उड़ानें भी शामिल थीं. देश की बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने बताया कि एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच पश्चिम एशिया और अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उसकी 500 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ीं।  कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाई गईं हालांकि यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए कुछ एयरलाइनों ने अन्य अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर अतिरिक्त उड़ानें शुरू की हैं. एयर इंडिया ने दिल्ली से टोरंटो, फ्रैंकफर्ट और पेरिस के लिए अतिरिक्त फ्लाइट जोड़ने का फैसला किया है. वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मस्कट, दिल्ली और मुंबई के बीच अतिरिक्त सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है।  विदेशी नागरिकों को निकालने की तैयारी अमेरिका के विदेश विभाग ने भी बताया कि मिडिल ईस्ट में फंसे अमेरिकी नागरिकों को निकालने के लिए विशेष चार्टर्ड फ्लाइट चलाई गई है और आगे भी ऐसी उड़ानें भेजी जाएंगी।  यूएई में ओवरस्टे जुर्माना माफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी बड़ा फैसला लेते हुए उन यात्रियों का ओवरस्टे जुर्माना माफ कर दिया है जो फ्लाइट रद्द होने या एयरस्पेस बंद होने की वजह से समय पर देश नहीं छोड़ पाए. कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब पूरी दुनिया की हवाई यात्रा पर पड़ रहा है. एयरलाइंस लगातार अपनी उड़ानें कैंसिल या बदल रही हैं और यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले एयरलाइन से जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है।  लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर एतिहाद एयरवेज का चेक-इन काउंटर बंद है और वहां उड़ानों में देरी और रद्द होने की सूचना लगाई गई है. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद कई फ्लाइट्स प्रभावित हो गई हैं। 

खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी: एमपी में सिंथेटिक टर्फ हॉकी स्टेडियम को मिली मंजूरी, तय समय सीमा में होगा निर्माण

रायसेन औद्योगिक शहर मंडीदीप सहित सम्पूर्ण रायसेन जिले के हॉकी के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने मंडीदीप के हॉकी फीडर सेंटर की उपलब्धियों को देखते हुए 13.71 करोड़ रुपए स्वीकृत की है। यहां एक आधुनिक सिंथेटिक टर्फ वाला हॉकी स्टेडियम बनाया जाएगा, जो ढाई साल में तैयार होगा। हॉकी की नर्सरी माना जाता है मंडीदीप मंडीदीप को "हॉकी की नर्सरी" के रूप में जाना जाता है, जहां के खिलाड़ी वर्षों से प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। खिलाड़ियों की लगातार मांग पर अब यह सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ही अंतरराष्ट्रीय मानकों का अभ्यास संभव हो सकेगा। इस योजना के साथ प्रदेश में सिंथेटिक टर्फ की कुल संख्या 17 हो जाएगी।   अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताएं अब केवल सिंथेटिक टर्फ पर ही खेली जाती है। फिलहाल मंडीदीप के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए भोपाल, नर्मदापुरम या ग्वालियर जाना पड़ता है। नए स्टेडियम के बनने से शहर में ही बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे खिलाडियों का प्रदर्शन और बेहतर होगा। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे। ढाई साल में बनकर होगा तैयार सरकार द्वारा राशि स्वीकृत होने के बाद अगले दो महीनों में निर्माण एजेंसी तय कर टेंडर निकाले जाएंगे। टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड की प्रक्रिया पूरी होने में करीब डेढ़ महीना लगेगा। इसी माह में विभिन्न टीमों की ओर से स्टेडियम के लिए जरूरी अन्य प्रक्रियाओं को पूरा किया जाएगा। इसके बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें डेढ़ से दो साल का समय लगेगा। इस प्रकार कुल ढाई साल में स्टेडियम तैयार हो जाएगा।   उपलब्ध होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं मंडीदीप के नयापुरा गांव में सिंथेटिक टर्फ का लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण होगा। इसके साथ ही टर्फ पर वाटरिंग के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया जाएगा। शुरुआत में 300 दर्शकों की क्षमता वाली दर्शक दीर्घा (स्टैंड) बनेगी, बाद में इसे और बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा यहां खिलाड़ियों के लिए 5 ड्रेसिंग रूम, एक बड़ा स्टोर और हॉल, जिसमें फिटनेस सेंटर होगा। वहीं एक इलेक्ट्रिक रूम भी बनाया जाएगा। कई खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के करीब मंडीदीप हॉकी फीडर सेंटर के कई खिलाड़ी, खासकर लड़कियां, राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटा रहे हैं। लगभग 10 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। यह पहल खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में मदद करेगी।