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त्योहार में घर जाना होगा आसान! दिल्ली से कोलकाता रूट पर 26 स्पेशल ट्रेनें, पूरी लिस्ट देखें

नई दिल्ली होली के त्योहार पर घर जाने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। त्योहार के दौरान ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने विशेष प्रबंध किए हैं। यात्रियों की सुविधा और सुगम सफर सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने देश के विभिन्न प्रमुख रूटों पर 'होली स्पेशल' ट्रेनों के संचालन का आधिकारिक निर्णय लिया है। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार, कोलकाता, हावड़ा, नई दिल्ली और आनंद विहार जैसे बड़े स्टेशनों से बिहार और झारखंड के विभिन्न शहरों के लिए ये ट्रेनें चलाई जा रही हैं। हावड़ा और कोलकाता से बिहार के लिए विशेष ट्रेनें हावड़ा और रक्सौल के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए गाड़ी संख्या 03043 और 03044 का परिचालन किया जाएगा। यह ट्रेन 28 फरवरी से 15 मार्च के बीच हर शनिवार हावड़ा से और रविवार को रक्सौल से चलेगी। इसके अलावा एक और स्पेशल ट्रेन 03045 और 03046 भी इसी रूट पर मार्च के शुरुआती दिनों में उपलब्ध रहेगी। सीतामढ़ी, दरभंगा और समस्तीपुर के रास्ते चलने वाली इन ट्रेनों से उत्तर बिहार के यात्रियों को काफी सहूलियत होगी। इसी तरह सियालदह और मधुबनी के बीच भी विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा हुई है। गाड़ी संख्या 03183 सियालदह से 28 फरवरी और 7 मार्च को रवाना होगी, जबकि वापसी में 03184 मधुबनी से 1 और 8 मार्च को चलेगी। कोलकाता से मधुबनी के लिए भी अलग-अलग तिथियों पर गाड़ी संख्या 03185, 03187 और 03188 का परिचालन सुनिश्चित किया गया है ताकि मिथिलांचल जाने वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल सके। दिल्ली और आनंद विहार से चलने वाली स्पेशल ट्रेनें देश की राजधानी से बिहार के विभिन्न जिलों में लौटने वालों के लिए रेलवे ने आनंद विहार और नई दिल्ली से कई महत्वपूर्ण ट्रेनें जोड़ी हैं। आनंद विहार से शेखपुरा के लिए गाड़ी संख्या 04070 का संचालन 20 फरवरी से 6 मार्च के बीच विभिन्न तारीखों पर किया जाएगा। यह ट्रेन पटना और बिहारशरीफ होते हुए जाएगी। नई दिल्ली से बरौनी के बीच रोजाना चलने वाली स्पेशल ट्रेन 04054 और 04053 भी 20 फरवरी से 8 मार्च तक उपलब्ध रहेगी, जो गोरखपुर और हाजीपुर के रास्ते अपना सफर तय करेगी। सुपौल और सीतामढ़ी जाने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष प्रबंध हैं। नई दिल्ली-सुपौल स्पेशल ट्रेन (04060/04059) 20 फरवरी से रोजाना चलेगी। वहीं दिल्ली से सीतामढ़ी के लिए 26 फरवरी और 5 मार्च को विशेष ट्रेन संचालित होगी। सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए आनंद विहार से लौकहा बाजार के बीच भी गाड़ी संख्या 04014 और 04013 का संचालन फरवरी के अंत और मार्च के पहले हफ्ते में किया जाएगा। दक्षिण और अन्य राज्यों से जुड़ने वाले रूट झारखंड और छत्तीसगढ़ के रास्ते बिहार आने वाले यात्रियों के लिए दुर्ग-मधुबनी-दुर्ग स्पेशल ट्रेन (08753/08754) का ऐलान किया गया है। यह ट्रेन रांची, बोकारो और धनबाद होते हुए मधुबनी पहुंचेगी। राजस्थान की ओर जाने वालों के लिए हावड़ा से खातीपुरा (जयपुर) के बीच गया और डीडीयू के रास्ते विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। साथ ही, दिल्ली से ओडिशा जाने वाले यात्रियों के लिए आनंद विहार-खोरधा रोड स्पेशल ट्रेन का संचालन 27 फरवरी से 4 मार्च तक प्रतिदिन किया जाएगा, जिससे टाटानगर और भुवनेश्वर जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इन सभी ट्रेनों के चलने से न केवल नियमित ट्रेनों पर दबाव कम होगा, बल्कि यात्रियों को लंबी वेटिंग लिस्ट से भी छुटकारा मिल सकेगा। यात्री इन ट्रेनों के समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। जयपुर रूट पर भी विशेष सेवा हावड़ा से खातीपुरा (जयपुर) के बीच भी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। यह ट्रेन झाझा, किउल, नवादा, गया और डीडीयू जैसे स्टेशनों पर रुकते हुए यात्रियों को राजस्थान तक पहुंचाएगी। वापसी के लिए भी निर्धारित तारीखों पर सेवा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की तारीख और समय की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से जरूर जांच लें। होली के दौरान भीड़ अधिक रहने की संभावना है, इसलिए समय से पहले टिकट बुक कराना बेहतर रहेगा। होली के अवसर पर चलाई जा रही इन स्पेशल ट्रेनों से हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी और वे त्योहार अपने परिवार के साथ आराम से मना सकेंगे।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने 26/11 शहीदों को नमन किया, मुंबई में दिखी भावनात्मक झलक

नई दिल्ली फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और प्रथम महिला Brigitte Macron ने सोमवार को मुंबई पहुंचते ही 2008 के 26/11 आतंकी हमलों के पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति मैक्रों ने पुष्पांजलि अर्पित कर आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा संकल्प को रेखांकित किया। 26/11 के नाम से कुख्यात इस आतंकी हमले में 10 आतंकवादियों ने समुद्री रास्ते से मुंबई में घुसपैठ कर चार दिनों तक दहशत फैलाई थी। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी और 300 से अधिक घायल हुए थे, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। फ्रांसीसी राष्ट्रपति की यह भारत की चौथी यात्रा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उनके स्वागत में कहा कि यह दौरा भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। सोशल मीडिया पर पीएम मोदी ने लिखा कि दोनों देशों की बातचीत से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और वैश्विक प्रगति को मजबूती मिलेगी। मुंबई हवाईअड्डे पर राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, इस यात्रा के दौरान दोनों नेता ‘Year of Innovation 2026’ की औपचारिक शुरुआत करेंगे, जिससे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिलेगा।   राष्ट्रपति मैक्रों और पीएम मोदी के बीच रक्षा, व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग पर विस्तृत बातचीत प्रस्तावित है। खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों पर दोनों देशों का फोकस रहेगा। इसके बाद दोनों नेता दिल्ली रवाना होंगे, जहां वे India AI Impact Summit 2026 में भाग लेंगे। 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित यह सम्मेलन ‘People, Planet और Progress’ के तीन सूत्रों पर आधारित है और ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन है। यह दौरा फरवरी 2025 में पेरिस में आयोजित AI Action Summit की निरंतरता माना जा रहा है, जहां भारत और फ्रांस ने वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में अपनी संयुक्त भूमिका को मजबूत किया था।  

समुद्री ताकत का प्रदर्शन: विशाखापत्तनम में इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू देखेंगी राष्ट्रपति मुर्मू

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार से आंध्र प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी और 18 फरवरी को यहां आयोजित होने वाले 'अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा' (आईएफआर) का अवलोकन करेंगी। राष्ट्रपति का आज शाम यहां पहुंचने का कार्यक्रम है। पीआईबी द्वारा सोमवार को जारी की एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, "भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 और 18 फरवरी को आंध्र प्रदेश का दौरा करेंगी तथा 18 फरवरी को विशाखापत्तनम में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम 'अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा' का अवलोकन करेंगी।" इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के भी शामिल होने की संभावना है। भारतीय नौसेना द्वारा 15 से 25 फरवरी तक विशाखापत्तनम में आईएफआर की मेजबानी की जा रही है। यह पहली बार है जब भारत इसकी मेजबानी 'मिलन अभ्यास' और 'आयन्स कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स' के साथ कर रहा है। इसका उद्देश्य सामूहिक समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक सहयोग को सुदृढ़ करना है। विशाखापत्तनम शहर दूसरी बार आईएफआर की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले यह यहां 2016 में किया गया था। इस समुद्री सम्मेलन में 100 से अधिक देश अपने जहाजों, पनडुब्बियों, विमानों और प्रतिनिधिमंडलों के साथ भाग लेंगे, जो वैश्विक नौसैनिक शक्ति, सहयोग और भारत के विस्तारित समुद्री दृष्टिकोण को प्रदर्शित करेंगे। 

कोर्ट में AI का खेल उजागर: वकीलों ने गढ़ दिए नकली केस, CJI सूर्यकांत नाराज

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत समेत शीर्ष न्यायालय के कई जजों ने कहा है कि कई वकील ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एआई की मदद ले रहे हैं। इस दौरान न्यायाधीशों ने कहा कि ड्राफ्ट में ऐसे उदाहरण दिए जा रहे हैं, जिनका अस्तित्व ही नहीं है। जानकारों का कहना है कि एआई जजों की जगह नहीं ले सकता, बल्कि सहायक की भूमिका निभा सकता है। बार एंड बेंच के अनुसार, याचिकाएं तैयार करने के लिए AI के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए हैं। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'हमें हैरान करने वाले बात बताई गई है कि कुछ वकीलों ने ड्राफ्टिंग के लिए एआई का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।' जस्टिस बीवी नागरत्न ने कहा, 'एक केस था मर्सी बनाम मैनकाइंड, जो वजूद में ही नहीं था।' सीजेआई ने कहा, 'जस्टिस दीपांकर दत्ता के साथ भी ऐसा कुछ हुआ है। बताए गए सभी उदारहण कभी थे ही नहीं।' जस्टिस नागरत्न ने कहा, 'कुछ सुप्रीम कोर्ट के असली केसों के हवाला दे रहे थे, लेकिन उनके कुछ बताए गए हिस्से फैसले में थे ही नहीं।' एआई जज की जगह नहीं ले सकता, पूर्व जज बोले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस दिनेश माहेश्वरी ने हाल ही में कहा कि AI न्यायिक प्रणाली में जज की जगह नहीं ले सकता है। उन्होंने कहा कि एआई सिर्फ न्याय प्रणाली में सहायक की भूमिका निभा सकता है। जस्टिस माहेश्वरी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में ‘भारतीय न्याय प्रणाली को बदलने के लिए एआई का इस्तेमाल’ परिचर्चा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ज्ञान को बढ़ाने और काम में मदद करने का एक सहायक उपकरण है, लेकिन यह इंसानी समझ की जगह नहीं ले सकता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई में स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता नहीं होती और न ही इसमें मानवीय संवेदना या परिस्थितियों की भावनात्मक समझ है, जो न्याय के लिए जरूरी है। एआई सिर्फ सहायक टूल के तौर पर काम करे परिचर्चा के अंत में वक्ताओं ने माना कि मुकदमों के बोझ कम करने और मामलों के त्वरित निपटारे में एआई के इस्तेमाल के तरीकों पर जोर दिया। साथ ही न्यायिक आजादी और कानून के राज में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए। बातचीत में यह आम सहमति दिखी कि एआई को न्यायिक तर्क के विकल्प के बजाय एक सहायक टूल के तौर पर काम करना चाहिए।

जिस अस्पताल में भर्ती हैं CM भगवंत मान, वहां बम की धमकी से मचा अलर्ट, जांच तेज

 मोहाली पंजाब के मोहाली में स्कूल और फोर्टिस हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की फिर धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। धमकी भरा संदेश मिलने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बता दें कि इसी अस्पातल में सीएम भगवंत मान भी अपना इलाज करवा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, एहतियातन स्कूल परिसर और अस्पताल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड द्वारा गहन जांच की जा रही है। संदिग्ध वस्तुओं की तलाश में पूरे क्षेत्र की सघन तलाशी ली जा रही है। इसी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं भगवंत मान गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले दो दिनों से मोहाली स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हैं। इसे देखते हुए प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरत रहा है। अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है और आने-जाने वालों की सख्ती से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और मामले की गंभीरता से जांच जारी है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गयी है। इससे पहले भी पंजाब, मोहाली और नजदीक चंडीगढ़ में कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हर बार पुलिस का कहना रहा है कि जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होने की संभावना है। लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण लोगों में कहीं न कहीं डर और भय का माहौल है। भगवंत मान को सोमवार को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से छुट्टी दे दी गई था। शाम को हालत बिगड़ने पर उन्हें फिर भर्ती करना पड़ा। उन्हें थकान महसूस होने पर एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार को थकान महसूस होने पर मान को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में जांच के लिए भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा था कि मान की हालत स्थिर है।रविवार को तबीयत खराब होने के बाद मान को संगरूर से मोहाली लाया गया था। महाशिवरात्रि के अवसर पर केजरीवाल के साथ मान प्रार्थना करने संगरूर के धूरी में श्री रणकेश्वर महादेव शिव मंदिर गए थे। इससे पहले गुजरात के अहमदाबाद और वडोदरा के 34 स्कूलों को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिले थे। जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि ये ईमेल फर्जी निकले हैं, क्योंकि अहमदाबाद और वडोदरा के 17-17 स्कूलों में से किसी में भी कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया, जिन्हें खालिस्तान समर्थक होने का दावा करने वाले व्यक्तियों से बम की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिलते ही बम का पता लगाने और उसे निष्क्रिय करने वाले दस्तों (बीडीडीएस) को शामिल करते हुए तलाशी अभियान शुरू किया गया। इससे पहले 23 जनवरी को अहमदाबाद के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी वाले इसी तरह के ईमेल मिले, जो बाद में फर्जी पाए गए थे।  

SC में अनोखी टिप्पणी: ‘ये तो कैलासा जैसा है’, असली देश पर सवाल, कोर्टरूम में छाया हल्का माहौल

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में एक जमानत याचिका के दौरान अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब जस्टिस संदीप मेहता ने वानुअतु देश के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए उसकी तुलना भगोड़े नित्यानंद के 'कैलासा' से कर दी। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों खारिज हुई आरोपी की जमानत। मंगलवार को भारत के सुप्रीम कोर्ट में एक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बेहद हैरान करने वाला वाकया सामने आया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक वास्तविक देश वानुअतु के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिया। क्या है पूरा मामला? यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी) और 406 (विश्वासघात) के तहत आरोपी एक विदेशी नागरिक की जमानत याचिका से जुड़ा था। आरोपी खुद को वानुअतु का नागरिक बता रहा था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जब आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट को बताया कि उनका मुवक्किल वानुअतु का रहने वाला है, तो जस्टिस मेहता ने आश्चर्य जताते हुए उनसे पूछा कि क्या वह कभी वहां गए हैं? कैलासा से की गई तुलना जस्टिस मेहता ने टिप्पणी करते हुए कहा- क्या आप वहां कभी गए हैं? ऐसा कोई देश नहीं है… यह देश 'कैलासा' जैसा है। गौरतलब है कि 'कैलासा' एक स्वयंभू हिंदू राष्ट्र है जिसे भगोड़े भारतीय गुरु नित्यानंद ने 2019 में बसाने का दावा किया था। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं है। वहीं, इसके विपरीत वानुअतु एक वास्तविक संप्रभु राष्ट्र है, जो संयुक्त राष्ट्र (UN) और कॉमनवेल्थ का सदस्य है। भौगोलिक भ्रम और कोर्ट की टिप्पणी बहस के दौरान जब वकील सिद्धार्थ दवे से पूछा गया कि यह देश कहां है, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह कैरिबियन में कहीं है। हालांकि, भौगोलिक रूप से यह जानकारी भी गलत थी, क्योंकि वानुअतु दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित है, न कि कैरिबियन में। कोर्ट को जब यह जानकारी दी गई कि आरोपी ने अलग-अलग समय पर कई पहचानों का इस्तेमाल किया है, तो जस्टिस मेहता ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा- हमें इस व्यक्ति पर शोध करने पर विचार करना चाहिए। अंततः आरोपी की जमानत याचिका पर कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए इसे वापस ले लिया गया और कोर्ट ने भी इसे खारिज कर दिया।  

दिव्यांगजनों के लिये तहसील स्तर पर शिविर, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अंत्येष्टि सहायता राशि बढ़ाने का प्रस्ताव

सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न भोपाल दिव्यांगजनों के चिन्हांकन के लिये तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अंत्येष्टि सहायता योजना की राशि बढ़ाये जाने का प्रस्ताव सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई परामर्शदात्री समिति की बैठक में पारित किया गया। बैठक में समिति सदस्य विधायक सर्वश्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह, प्रीतम लोधी और भैरो सिंह बापू उपस्थित रहे। मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सामाजिक रूप से कमजोर और दिव्यांगजनों के कल्याण के लिये अनेक योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिये विधायकगणों को परामर्शदात्री समिति के सदस्य के रूप में शामिल किया जाता है। इनके महत्वपूर्ण सुझाव और अनुभवों के माध्यम से सामाजिक न्याय विभाग जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचा सकेगा। उन्होंने कहा कि जन-प्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में भागीदारी के लिये आमजन को प्रेरित किया जाना आसान होता है। उन्होंने समिति सदस्यों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों और जिलों में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के नये प्रावधानों अनुसार आयोजित कराने की अपेक्षा की। नये प्रावधानों के तहत सामूहिक विवाह/निकाह योजना में न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों को शामिल कर आयोजन किया जा सकता है। चालू वित्त वर्ष में इस योजना के अंतर्गत 54 हजार से अधिक जोड़ों का विवाह/निकाह करावाएं जा चुके हैं। बैठक में सदस्यों ने दिव्यांगजनों के चिन्हांकन के लिये तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि बढ़ाने तथा अंत्येष्टि सहायता योजना की राशि बढ़ाए जाने का सुझाव दिया। समिति द्वारा उक्त प्रस्ताव राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की कार्य-प्रणाली और प्रगति के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह योजना के अंतर्गत 551 हितग्राहियों को 11 करोड़ 2 लाख रुपये, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना में 736 हितग्राहियों को 13 करोड़ 38 लाख रुपये, दिव्यांग व्यक्तियों को सहायक उपकरण वितरण में 17 हजार 503 हितग्राहियों को 8 करोड 75 लाख रुपये के उपकरण प्रदान किये गये हैं। विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 53 लाख से अधिक हितग्राहियों को 325 करोड़ रुपये की राशि प्रतिमाह उनके खातों में अंतरित की जा रही है। साथ ही विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं।  

सादगी ने जीता दिल: Virat Kohli और Anushka Sharma ने Premanand Maharaj संग बिताया आध्यात्मिक समय

वृंदावन (मथुरा) भारतीय क्रिकेटर व‍िराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक बार फिर आध्यात्मिक मार्ग की ओर कदम बढ़ाते हुए संत प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन के लिए मंगलवार (17 फरवरी) को वृंदावन पहुंचे. जहां उन्होंने बेहद सादगी से जमीन पर बैठकर प्रवचन सुना और भक्ति भाव में लीन नजर आए. मथुरा के वृंदावन में भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा प्रेमानंद महाराज से एकांतिक वार्ता और दर्शन करने पहुंचे. सुबह लगभग 5:30 बजे केली कुंज आश्रम वृंदावन पहुंचे जहां लगभग 1 घंटे तक रहे और प्रेमानंद महाराज जी से वार्ता की. इस दौरान स्टार कपल ने बेहद सादगी भरे अंदाज में प्रेमानंद महाराज का सत्संग सुना.  वहीं  दर्शन करने के बाद उनकी गाड़ी केलीकुंज आश्रम के बाहर जाम में फंस गई और प्रशंसक भी उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़े. काली गाड़ी में बैठकर आए विराट कोहली अनुष्का शर्मा पहले भी कई बार प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन करने आ चुके हैं. भारत ने वर्ल्ड कप में USA को हराकर बनाया 'महारिकॉर्ड', सूर्या ने कोहली को पछाड़ा रिपोर्टों के अनुसार- फरवरी 2026 के मध्य तक की विराट कोहली लंदन में समय बिताने के बाद भारत (मुंबई) लौटे थे. अब वे आगामी IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से खेलते हुए नजर आएंगे, जो इस बार अपने खिताब ड‍िफेंड करने के लिए तैयार है. कोहली हाल ही में भारत और न्यूलीलैंड के बीच हुई सीरीज में खेलते दिखे थे. यहां उन्होंने 3 मैचों में 240 रन  80 के एवरेज और 105.26 के स्ट्राइक रेट से बनाए थे.      प‍िछले साल 2025 में विराट और अनुष्का ने तीन बार  वृंदावन का दौरा किया था. इससे पहले जनवरी में भी विराट, अनुष्का और उनके बच्चे बच्चे प्रेमानंद जी महाराज का आशीर्वाद लेने वृंदावन पहुंचे थे. वहीं, मई महीने में विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के ठीक एक दिन बाद भी दोनों ने महाराज जी से मुलाकात की थी. इसके बाद वो द‍िसंबर में भी पहुंचे थे. इन मुलाकातों में मुख्य रूप से स्टार कपल ने आशीर्वाद ल‍िया. पहली मुलाकात में दोनों ने सफलता के मंत्र पूछे. तीनों मुलाकातों में विराट और अनुष्का काफी भावुक और भक्ति भाव में देखे गए.

पथिराना की चोट ने बढ़ाई श्रीलंका की टेंशन, सुपर-8 से पहले संकट

नई दिल्ली श्रीलंका के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 विश्व कप के ग्रुप स्टेज मुकाबले के दौरान चोटिल हो गए हैं। वह पहले ही ओवर में गेंदबाजी करने के दौरान चोटिल हो गए। हालांकि श्रीलंका ने पथुम निसंका की शतकीय पारी की मदद से ऑस्ट्रेलिया को 12 गेंदे शेष रहते आठ विकेट से शिकस्त दी। इस जीत के साथ श्रीलंका क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरण के लिए क्वालीफाई कर लिया। पल्लेकेले इंटरनेशनल स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया को 181 रन पर आउट करने के बाद श्रीलंका ने 18 ओवर में दो विकेट पर 184 रन बनाकर शानदार जीत दर्ज की। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया को ट्रेविस हेड और मिचेल मार्श ने दमदार शुरुआत दिलाई थी। हालांकि ऑस्ट्रेलिया की पारी के तीसरे ओवर में मथीशा पथिराना बॉलिंग करने के दौरान रुक गए और काफी दर्द में दिखे। उन्होंने अपना बायां पैर पकड़ा हुआ था। पथिराना ने अपना पहला ओवर पूरा किए बिना लंगड़ाते हुए मैदान छोड़ दिया। उन्होंने अपनी चार गेंदों में सिर्फ तीन रन दिए थे, जिसके बाद कप्तान दसुन शनाका ने उनका ओवर पूरा किया और दो गेंदें डाली, जिसमें एक पर हेड ने चौका जड़ा। पथिराना शायद हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैच से बाहर हुए। हालांकि श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। इससे पहले वानिंदु हसरंगा हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गए हैं। स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर दुशान हेमंथा को मौजूदा टी20 विश्व कप के लिए चोटिल वानिंदु हसरंगा की जगह श्रीलंका की टीम में शामिल किया गया है। श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज हसरंगा आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच के दौरान चोटिल हो गए थे जिसके कारण वह टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। तीन मैच में दूसरी हार साथ ही ऑस्ट्रेलिया के लिए सुपर आठ में पहुंचने की राह मुश्किल हो गयी।श्रीलंका के लिए सलामी बल्लेबाज निसांका ने 52 गेंद में नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेली। कुसल मेंडिस ने 38 गेंद में 51 रन का योगदान दिया।  

JJM घोटाला: राजस्थान में ACB ने मारा ताबड़तोड़ छापा, 15 संदिग्धों की पहचान

जयपुर  राजस्थान में बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार सुबह बड़ा एक्शन लिया। एसीबी की टीमों ने राजस्थान सहित कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 15 आरोपियों के ठिकानों पर सर्च अभियान शुरू किया। कार्रवाई की जद में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल भी शामिल हैं। एसीबी सूत्रों के अनुसार, जयपुर, बाड़मेर, जालोर, सीकर के अलावा बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित कुल 15 स्थानों पर तड़के दबिश दी गई। छापेमारी के दौरान आधा दर्जन से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। टीमों ने दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। बाड़मेर रेलवे स्टेशन से एक्सईएन हिरासत में कार्रवाई के तहत पीएचईडी जोधपुर में तैनात एक्सईएन विशाल सक्सेना को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे बाड़मेर रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया गया। जानकारी के मुताबिक, सक्सेना विरात्रा माता मंदिर में दर्शन के लिए ट्रेन से बाड़मेर पहुंचे थे। एसीबी की टीम पहले से स्टेशन पर मौजूद थी। जैसे ही वे ट्रेन से उतरे, टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर जयपुर रवाना कर दिया। सूत्रों का कहना है कि विशाल सक्सेना की भूमिका टेंडर प्रक्रिया और फर्जी सर्टिफिकेट मामले में संदिग्ध पाई गई है। उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। SIT चार अहम मामलों की जांच में जुटी जल जीवन मिशन से जुड़े इस कथित घोटाले में एसीबी द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) चार प्रमुख मामलों की जांच कर रहा है। करीब 20 हजार करोड़ रुपए के स्पेशल प्रोजेक्ट से जुड़े टेंडर्स में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। आरोप है कि टेंडर शर्तों में बदलाव कर बड़ी फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया है कि टेंडर प्रक्रिया में साइट इंस्पेक्शन की विशेष शर्त जोड़ी गई थी, जिससे यह पहले से पता चल सके कि कौन-कौन सी फर्म भाग ले रही हैं। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। हालांकि बाद में वित्त विभाग ने इन टेंडर्स को निरस्त कर दिया था। अब एसीबी उन इंजीनियर्स की भूमिका की पड़ताल कर रही है, जिन्होंने यह शर्तें जोड़ी थीं। 55 करोड़ का फर्जी भुगतान जांच में यह भी सामने आया है कि श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को बिना कार्य किए 55 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में कुल 139 इंजीनियर जांच के दायरे में हैं। इनमें 15 एक्सईएन, 40 एईएन और 50 जेईएन शामिल बताए जा रहे हैं। एसीबी इस बात की भी जांच कर रही है कि भुगतान किस स्तर पर और किन अधिकारियों की अनुमति से किया गया। प्रारंभिक जांच में कई स्तरों पर लापरवाही और मिलीभगत की आशंका जताई गई है। इरकॉन के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट मामले का एक बड़ा पहलू इरकॉन कंपनी के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर करीब 900 करोड़ रुपए के टेंडर जारी करने से जुड़ा है। ये टेंडर कथित तौर पर श्रीश्याम और गणपति ट्यूबवेल फर्म को दिए गए। जांच में यह भी आरोप है कि जब मामला उजागर हुआ तो एक्सईएन स्तर पर जांच के नाम पर केरल जाकर एक रिपोर्ट पेश की गई, जिसे अब झूठा बताया जा रहा है। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि इरकॉन के नाम का दुरुपयोग कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने में किन-किन इंजीनियरों और अधिकारियों की भूमिका रही। कई राज्यों में समन्वित कार्रवाई एसीबी की इस कार्रवाई को समन्वित ऑपरेशन माना जा रहा है, जिसमें राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी टीमों ने एक साथ दबिश दी। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही गुप्त जांच के बाद की गई है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं। जांच एजेंसी पूरे प्रकरण में वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है, ताकि घोटाले की पूरी साजिश और नेटवर्क का खुलासा हो सके। जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एसीबी की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासों का आधार बन सकती है।