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मैदान पर नहीं होगी स्लेजिंग! सूर्यकुमार यादव ने खिलाड़ियों को दी चेतावनी, BCCI वीडियो में बड़ा खुलासा

दुबई भारतीय टीम ने रविवार को टी20 विश्व कप मुकाबले में पाकिस्तान को 61 रनों से धूल चटाई। एक बार फिर फैंस को कांटे की टक्कर का मुकाबला देखने को नहीं मिला क्योंकि भारतीय टीम ने एकतरफा इस मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा था और अंत तक पाकिस्तान पर हावी रहा। मैच के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खिलाड़ियों से कहा था कि किसी से कुछ बोलना नहीं है। टीम हडल में खिलाड़ियों को निर्देश दिया कि पाकिस्तानी बल्लेबाजों से कोई बात या स्लेजिंग न करें, बल्कि सिर्फ अपने खेल पर फोकस करें। बीसीसीआई ने सोमवार को सोशल मीडिया पर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच के दौरान का एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव टीम हडल में खिलाड़ियों को पाकिस्तानी बल्लेबाजों को स्लेजिंग न करने के लिए कह रहे हैं। सूर्यकुमार यादव ने वीडियो में कहा, ''बीच के ओवरों में दौड़ते रहो। किसी को कुछ भी मत कहो। हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है। हम अच्छे स्किल के दम पर ये मैच जीतेंगे।'' कोलंबो में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम पूरी तरह से पाकिस्तान पर हावी रही। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही भारत के खिलाफ मैच को बहिष्कार करने का फैसला किया था। हालांकि आईसीसी और बांग्लादेश से बातचीत के बाद पीसीबी ने यूटर्न लिया और मैच खेलने के तैयार हो गया। हालांकि टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है। स्पिनरों से भरी पाकिस्तान की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए 20 ओवर में 175 रन दिए। वहीं बल्लेबाजों का प्रदर्शन भी खराब रहा। पाकिस्तान के सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। पाकिस्तान की टीम पूरे ओवर भी नहीं खेल सकी और 18 ओवर में 114 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान पर 61 रनों से जीत दर्ज करने के बाद सूर्यकुमार ने कहा, " यह जीत के लिए भारत के लिए है। लेकिन हम इसी तरह की क्रिकेट खेलना चाहते हैं और टॉस के दौरान जैसा कि मैंने कहा था कि हम पहले बल्लेबाजी ही करना चाहते थे। शुरुआत में हमने विकेट गंवा दिया था लेकिन किशन ने बढ़िया बल्लेबाजी की। 155 का स्कोर मुकाबले को करीबी बना सकता था लेकिन 175 पार स्कोर था। तिलक, रिंकू, शिवम सबने बढ़िया बल्लेबाजी की और गेंदबाजी में सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया। "  

रिपुन बोरा ने छोड़ी कांग्रेस, हिमंता बिस्वा सरमा बोले—अब क्या बचा पार्टी में?

असम असम में कांग्रेस इकाई के चीफ रहे रिपुन बोरा के इस्तीफे के बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के आखिरी हिंदू नेता ने भी पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे व्यक्ति थे जो कि बिना परिवारवाद के राजनीति में आए थे। असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर करारा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि भूपेन बोरा कांग्रेस के ऐसे आखिरी हिंदू नेता थे जो कि किसी के दम पर राजनीति में नहीं आए थे। उन्होंने कहा कि बोरा के इस्तीफे का संदेश यही है कि कांग्रेस किसी सामान्य व्यक्ति को फलते-फूलते नहीं देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल तुष्टीकरण कि राजनीति करना जानती है। सरमा ने कहा कि भूपेन ने बीजेपी जॉइन करने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। सरमा ने कहा कि मंगलवार की शाम को वह बोरा के घर जाएंगे। अगर वह चाहेंगे तो बीजेपी उन्हें स्वीकार करेगी और सुरक्षित सीट भी देगी। सरमा ने कहा, असम में कांग्रेस की स्थिति खराब है। कांग्रेस के कई कार्यालयों में मीटिंग भी एक खास समुदाय की प्रार्थना के साथ शुरू होती है। असम में कांग्रेस बहुत तेजी से बदल रही है। लोग इसे देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई बीजेपी में आना चाहता है तो उसके लिए पार्टी के अंदर चर्चा करनी पड़ेगी क्योंकि यहां कोई वैकेंसी नहीं है। बता दें कि बोरा जुलाई 2021 से प्रदेश में पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस के बड़े नेताओं जिनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल हैं, को भेज दिया है। उन्होंने 2006 से 2016 तक असम विधानसभा में बिहपुरिया सीट का प्रतिनिधित्व किया था। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद बोरा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से अपना नाम भी हटा दिया। बोरा का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब असम में कांग्रेस ने राज्य भर के लोगों की ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए 'बदलाव की यात्रा' शुरू की थी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रोंगानोडी सीट से कांग्रेस टिकट के एक बड़े दावेदार भी थे, वह प्रदेश पार्टी अध्यक्ष गौरव गोगोई के साथ परिवर्तन यात्रा में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे थे। बोरा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, " मैंने अपना इस्तीफ़ा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया है, और मैंने अपने कारण विस्तृत में बताये हैं। मैंने अपनी ज़िंदगी के 32 साल पार्टी को दिये हैं, और ज़ाहिर है, मैंने राजनीति से रिटायरमेंट लेने के लिए इस्तीफ़ा नहीं दिया है। " उन्होंने कहा कि इस पुरानी पार्टी के भविष्य को लेकर कुछ कारण हैं और उन्होंने पार्टी हाईकमान को अपने इस्तीफ़े के कारण बता दिए हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह भाजपा में शामिल होंगे, श्री बोरा ने कहा कि उन्होंने अभी अपने भविष्य के कदम के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा, " मैंने आपको वह सब कुछ बता दिया है, जो मैं बता सकता था। हालांकि, अभी तक किसी भी पार्टी ने मुझे कुछ भी ऑफ़र नहीं किया है। मैं जो भी फ़ैसला लूंगा, मैं असम के लोगों को सही समय पर बता दूंगा। " पार्टी के अदंरूनी लोगों ने इशारा किया कि पार्टी के आम कार्यकर्ता के बीच राय में मतभेद हैं। हाल ही में पार्टी हाईकमान ने हालांकि श्री बोरा को दूसरी क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों के साथ गठबंधन से जुड़े मामलों को देखने के लिए कहा था, लेकिन श्री गौरव गोगोई के करीबी कुछ दूसरे पार्टी नेताओं के दखल से उन्हें नुकसान हुआ है।  

हादसे में खो दी नन्ही जान, लेकिन माता-पिता ने अंगदान कर पेश की मिसाल

तिरुवनंतपुरम केरल से एक बेहद भावुक करने वाली कहानी सामने आई है। यहां पर हादसे में 10 महीने की एक बच्ची बुरी तरह से घायल हो गई। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद उसके पैरेंट्स ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसके मुरीद प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत तमाम सेलेब्स भी हो गए हैं।   केरल से एक बेहद भावुक करने वाली कहानी सामने आई है। यहां पर हादसे में 10 महीने की एक बच्ची बुरी तरह से घायल हो गई। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद उसके पैरेंट्स ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसके मुरीद प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत तमाम सेलेब्स भी हो गए हैं। बच्ची के माता-पिता ने उसका अंगदान करने का फैसला किया। उनके इस फैसले की बदौलत पांच लोगों को नई जिंदगी मिली है। इस बच्ची का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी भी मौजूद रहे। कौन थी आलिन शेरिन जिस बच्ची का अंगदान किया गया, उसका नाम आलिन शेरिन है। उसके माता-पिता का नाम अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन है। यह लोग केरल के पाथनमथिट्टा जिले के रहने वाले हैं। पांच फरवरी को आलिन अपनी मां और दादा-दादी के साथ यात्रा कर रही थी। इसी दौरान गलत दिशा से आ रही कार ने उनके वाहन में टक्कर मार दी। इस हादसे में आलिन को बेहद गंभीर चोटें आईं। वहीं, उसकी मां और दादा-दादी भी गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआत में आलिन को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए कोच्चि ले जाया गया। बहुत कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और डॉक्टरों ने 12 फरवरी को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। बताया गया ग्रीन कॉरिडोर महज दस महीने की बेटी को खोकर आलिन के माता-पिता गहरे दुख में थे। लेकिन इसी दौरान उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जो नजीर बन गया। दोनों ने तय किया कि वह अपनी बच्ची का अंगदान करेंगे। इसके बाद हेल्थकेयर सिस्टम, पुलिस और आम लोगों ने गजब का तालमेल दिखाया। चूंकि सिविल एविएशन रूल्स के चलते रात में हेलिकॉप्टर ट्रांसफर संभव नहीं था। इसलिए केरल सरकार ने एंबुलेंस के जरिए अंगों को भेजने का फैसला किया। आनन-फानन में कोच्चि से तिरुवनंतपुरम के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। किसे दिए गए अंग इसके लिए कड़े ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए। पूरे रास्ते में मैनुअल सिग्नलिंग की व्यवस्था की गई। इसके जरिए 230 किलोमीटर की दूरी मात्र 3 घंटे और 20 मिनट में तय हुई। इसके बाद सुरक्षित तरीके सभी अंग गंतव्य तक पहुंचे। यहां पर एक निजी अस्पताल में छह साल की बच्ची को लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं, किडनी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक 10 साल के बच्चे को लगाया गया। हार्ट वॉल्व तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज कैंपस को ट्रांसफर किया गया, जबकि कॉर्निया एक निजी अस्पताल के आई बैंक को डोनेट कर दिया गया। सबने की तारीफ महज 10 महीने की उम्र में बच्ची की दु:खद मौत और उसके माता-पिता द्वारा अंगदान के फैसले की केरल समेत तमाम जगहों पर तारीफ हुई। केरल के राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने कहाकि वह बच्ची के माता-पिता के इस फैसले बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे दूसरों को जीवन मिला है। अभिनेता कमल हासन ने भी पैरेंट्स को संबोधित एक भावुक संदेश लिखा। इस संदेश में उन्होंने लिखा कि बेबी आलिन पांच बच्चों को जिंदगी देकर गई है। अभिनेता मोहनलाल ने भी आलिन को लिटिल एंजेल कहा।  

‘मैं राहुलवादी नहीं’—मणिशंकर अय्यर का तीखा हमला, कांग्रेस में मचा घमासान

नई दिल्ली कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने खुलकर कहा है कि वह राहुलवादी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हैं, लेकिन राहुलवादी नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसा कि वह तो भूल गए कि अय्यर पार्टी के सदस्य हैं। अय्यर ने केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा पर भी निशाना साधा।   कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चित रहे हैं, लेकिन सोमवार को उनकी बातों ने पार्टी को ही असहज कर दिया। एक तरफ उन्होंने केरल में पिनराई विजयन के फिर से मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी कर दी तो वहीं राहुल गांधी को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हैं, लेकिन राहुलवादी नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसा कि वह तो भूल गए कि अय्यर पार्टी के सदस्य हैं। अय्यर ने डॉ. अंबेडकर की जीवनी का हवाला भी दिया। आज केसी वेणुगोपाल को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली हुई है। पवन खेड़ा जैसे आदमी को पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता बना रखा है। आखिर पार्टी इतनी बड़ी मूर्खता कैसे कर सकती है, वह तो एक कठपुतली हैं। अय्यर ने कहा, 'मिस्टर राहुल गांधी भूल गए हैं कि मैं कांग्रेस में हूं। इसलिए मैं नेहरू वादी, राजीववादी हूं, लेकिन राहुलवादी नहीं हूं। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कांग्रेस की हालत क्या है। केसी वेणुगोपाल जैसे शख्स को वह जिम्मेदारी दी गई है, जो कभी सरदार पटेल के पास थी।' केरल विधानसभा चुनाव से पहले कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के फिर से सत्ता में लौटने की भविष्य़वाणी कर दी। उन्होंने कहा कि मैं एक कांग्रेसी नेता के तौर पर चाहूंगा कि यूडीएफ की जीत हो और सत्ता मिले। लेकिन एक गांधीवादी के तौर पर कहूंगा कि पिनराई विजयन फिर से सत्ता में लौट सकते हैं। उनके काम को केरल के लोग पसंद कर रहे हैं। मैं झूठ नहीं बोलना चाहता। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसे दल को कौन वोट देना चाहेगा, जिसमें नेता आपस में लड़ रहे हैं। एक-दूसरे के गले काटने को तैयार हैं। क्या ये चीजें जनता को नहीं पता हैं। मणिशंकर अय्यर ने कहा कि एक समय पर वह कांग्रेस भी थी, जब किसी फैसले को माना जाता था। नेहरू पीएम बने तो सबने स्वीकार किया। यदि सुभाष चंद्र बोस की विमान हादसे में मौत नहीं होती तो वह शायद राष्ट्रपति बनते। ‘पवन खेड़ा प्रवक्ता हैं, इससे समझिए कांग्रेस की हालत क्या है’ उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा जैसे नेता आज कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ता हैं। इससे समझा जा सकता है कि इन दिनों कांग्रेस की हालत क्या है। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा से पूछना चाहिए कि आखिर पिनराई विजयन से यहां केरल में दुश्मनी है और दिल्ली में दोस्ती है। पूर्व सांसद ने कहा कि पवन खेड़ा तो सिर्फ एक कठपुतली हैं। वह वही बात कहते हैं, जो उन्हें जयराम रमेश बता देते हैं। वह कोई प्रवक्ता नहीं हैं बल्कि तोता हैं। पवन खेड़ा पर बोले- निकल जाऊंगा बाहर और पीछे से लगाऊंगा मार इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के नेता एमके स्टालिन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्टालिन ने सूट-बूट की सरकार या फिर वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे नहीं दिए। उन्होंने जरूरी मुद्दे उठाए और सरकार बनाई। यही नहीं अय्यर ने कहा कि INDIA ब्लॉक का अध्यक्ष यदि किसी नेता को बनना चाहिए तो वह एमके स्टालिन ही हो सकते हैं। तंज कसते हुए अय्यर ने कहा कि यदि पवन खेड़ा ही मुझे कांग्रेस से बाहर करेंगे तो मैं खुद ही बाहर निकल जाऊंगा और उसे पीछे से लात मारूंगा।  

सुप्रीम कोर्ट में SIR पर तीखी टिप्पणी, CJI सूर्यकांत बोले- यह तय करना अदालत का काम नहीं

कोलकाता पश्चिम बंगाल SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इस बार याचिका दाखिल कर SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने जमकर नाराजगी जताई है। खास बात है कि SIR के मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार और ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग में तकरार जारी है। बार एंड बेंच के अनुसार, मोहम्मद जिमफरहाद नोवाज ने याचिका दाखिल की थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट के इस्तेमाल को चुनौती दी है। इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, 'आर्टिकल 32 में आप चाहते हैं कि हम यह तय करें कि आपके पिता, माता और आदि कौन हैं। यह आर्टिकल 32 याचिका का मजाक है।' 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची होगी प्रकाशित पीटीआई भाषा के अनुसार, शनिवार को एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। अधिकारी ने बताया कि नामों की वर्तनी में हुई गलती और विसंगतियों से संबंधित सुनवाई 27 दिसंबर को शुरू हुई और पूरे राज्य में विद्यालयों, क्लब कक्षों और प्रशासनिक भवनों में स्थापित शिविरों में जारी रही। उन्होंने बताया, 'चुनाव अधिकारी अब 21 फरवरी तक दस्तावेजों की जांच करेंगे। अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जानी है।' अधिकारी ने बताया कि सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के पास लंबित कोई भी दस्तावेज सोमवार तक अपलोड किए जाने चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान करीब 58 लाख नाम (मृत/दोहराव /स्थानांतरित मतदाता) ऐसे पाए गए, जिन्हें सूची से हटाना उचित समझा गया और दिसंबर में प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से बाहर रखा गया। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की अंतिम तिथि 14 फरवरी थी, जिसे बाद में निर्वाचन आयोग ने बढ़ाकर 28 फरवरी कर दिया था। ECI का 7 अधिकारियों पर ऐक्शन निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में सात अधिकारियों को गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और एसआईआर से जुड़े अधिकारी के के दुरुपयोग के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग के लिए सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। आदेशों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने विभाग के जरिए इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें और इसकी जानकारी आयोग को दें। मंगलवार तक का समय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव को 17 फरवरी तक उसके निर्देशों का पालन करने को कहा है, जिसमें बीएलओ को बढ़ा हुआ मानदेय देना और जारी एसआईआर के दौरान जानबूझकर नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना शामिल है।  

राशिद खान का धमाका, T20 में 700 विकेट का ऐतिहासिक आंकड़ा किया पार

अफगानिस्तान अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान टी-20 क्रिकेट में 700 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बन गए हैं। राशिद ने सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ टी-20 विश्व कप मैच में मोहम्मद अरफ़ान को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। मैच से पहले राशिद के नाम 699 विकेट थे। उन्होंने यूएई की पारी के 16वें ओवर में अरफान को हिट विकेट कराकर अपना ऐतिहासिक 700वां विकेट लिया। अफगानिस्तान ने टी20 विश्व कप के 28वें मुकाबले में यूएई की टीम को 5 विकेट से हराया। अफगानिस्तान की टूर्नामेंट में ये पहली जीत है। टीम ने अपने शुरुआती दोनों मुकाबले गंवाए हैं। अफगानिस्तान के कप्तान को इस मील के पत्थर तक पहुंचने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ा। पिछले सप्ताह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 698वां और 699वां विकेट लिया था, लेकिन इस मैच में शुरुआती 3.2 ओवर उनके बिना सफलता के गए। उन्होंने पहले 20 गेंदों में 17 रन दिए। फिर अरफान रिवर्स स्वीप खेलने के लिए घूमे, लेकिन शॉट को मिस किया और फिर बैलेंस होने के चक्कर में स्टंप को टच कर बैठे। इस मामले में संन्यास ले चुके ड्वेन ब्रावो 631 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। सक्रिय खिलाड़ियों में सुनील नारायण 613 विकेट के साथ राशिद से पीछे और ब्रावो के बाद तीसरे स्थान पर हैं। अफगानिस्तान ने आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप डी मैच में सोमवार को यूएई को पांच विकेट से हराकर सुपर आठ में जगह बनाने की अपनी धुंधली उम्मीदों को जीवंत रखा। यूएई के 161 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अफगानिस्तान ने जादरान (53 रन, 41 गेंद, छह चौके, एक छक्का), दारविश रसूली (23 गेंद में 33 रन) और अजमतुल्लाह (21 गेंद में नाबाद 40 रन, तीन छक्के, दो चौके) की पारियों से 19.2 ओवर में पांच विकेट पर 162 रन बनाकर जीत दर्ज की। पहले दो मैच में शिकस्त झेलने वाले अफगानिस्तान के ग्रुप में अब दो अंक हैं। यूएई के भी दो अंक हैं। दक्षिण अफ्रीका छह अंक के साथ सुपर आठ के लिए क्वालीफाई कर चुका है जबकि न्यूजीलैंड के चार अंक हैं। इन सभी टीम ने तीन-तीन मैच खेले हैं।  

जाति विवाद के बीच भाजपा सांसद का बड़ा कदम, दलित महिला के सम्मान में किया ऐसा काम कि लोग कर रहे तारीफ

भुवनेश्वर भाजपा सांसद बैजयंत पांडा ने महिला और उसके परिवार से मुलाकात की। उनका हालचाल लिया और साथ में फोटो खिंचवाई। इस मामले की तारीफ हो रही है और कहा जा रहा है कि शांति से किसी विवाद को निपटाने का इससे बेहतर तरीका कोई दूसरा नहीं हो सकता। देश में अकसर ऐसे मामले सामने आते हैं, जब समाज में भेदभाव की शिकायत होती है। इस तरह की घटनाओं में आमतौर पर विवाद को बयानबाजी करके और बढ़ा दिया जाता है। लेकिन ओडिशा के भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की तारीफ की जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने एक दलित महिला के हाथ का बना खाना खुद जाकर खाया। ऐसा कदम उन्होंने तब उठाया, जब दलित महिला के हाथ का बना खाने को लेकर विवाद था और कुछ लोग खाने में ऐतराज कर रहे थे। ऐसे में विवाद ना बढ़े और समाज में वैमनस्य को रोका जा सके। इस इरादे से पांडा उस आंगनवाड़ी केंद्र पहुंच गए, जहां महिला काम करती है। उनके साथ तमाम समर्थक और गांव के लोग भी थे। उन्होंने महिला और उसकी बहन के हाथों का बना खाना खाया। पांडा ने महिला और उसके परिवार से मुलाकात की। उनका हालचाल लिया और साथ में फोटो खिंचवाई। इस मामले की तारीफ हो रही है और कहा जा रहा है कि शांति से किसी विवाद को निपटाने का इससे बेहतर तरीका कोई दूसरा नहीं हो सकता। यह मामला राजनगर के गड़ियामल ग्राम पंचायत के नुआगांव आंगनवाड़ी केंद्र का है। यहां आंगनवाड़ी में काम करने वाली दलित महिला के हाथों का खाना बच्चों को दिए जाने पर कुछ ग्रामीणों ने ऐतराज जताया था। इसे लेकर विवाद बढ़ रहा था। ऐसी स्थिति में बैजयंत पांडा खुद ही आंगनवाड़ी पहुंचे और खाना खाया। भाजपा सांसद अपने साथ कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंचे थे। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुट गए थे। उनके इस कदम को एकता और सौहार्द्र के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। यही नहीं उनके इस कदम के बाद गांव के लोगों के व्यवहार में भी सुधार आया है। सोमवार को बच्चे आंगनवाड़ी पहुंचे तो उसी दलित महिला के हाथ का बना खान खाया, जिसे लेकर विवाद था। इसकी तस्वीरें भी बैजयंत पांडा ने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। आंगनवाड़ी वर्कर शर्मिष्ठा सेठी ने कहा कि सांसद ने चावल, दाल, खट्टा और सब्जियां खाईं। इस खाने को मैंने और मेरी बहन ने ही तैयार किया था। सांसद ने खाने की तारीफ भी की। बैजयंत पांडा ओडिशा की केंद्रपाड़ा सीट से लोकसभा के सांसद हैं। वह जब आंगनवाड़ी केंद्र में खाने के लिए बैठे तो उनके साथ शशांक सेठी, संजय राठ, किशोर पांडा जैसे नेता भी खाने के लिए पहुंचे। सांसद के इस व्यवहार की आसपास के लोग तारीफ कर रहे हैं कि कैसे उन्होंने एक विवाद को टाल दिया और समाज में भी एकता का संदेश दिया।  

मोगा रैली के बाद सियासी हलचल, भगवंत मान सरकार में दो डिप्टी CM के ऐलान की चर्चा

चंडीगढ़ पंजाब के मोगा में आम आदमी पार्टी की आज बड़ी रैली है। इस रैली से ठीक पहले रविवार को भगवंत मान बीमार हो गए थे और उन्हें चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया गया था। चर्चा थी कि शायद वह मोगा की मेगा रैली में शामिल नहीं हो पाएंगे और उसमें अरविंद केजरीवाल ही चीफ गेस्ट के नाते मौजूद रहेंगे। इसके अलावा फाइनेंस मिनिस्टर हरपाल चीमा के शामिल होने के ही कयास थे। इस बीच भगवंत मान ने खुद पुष्टि की है कि वह मोगा रैली में रहेंगे। उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और वह कार्यक्रम में रहेंगे। आम आदमी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि इस रैली में करीब 50 हजार लोग मौजूद रह सकते हैं। यह रैली ऐसे समय में हो रही है, जब राज्य सरकार की कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मोगा रैली के बाद पार्टी ने एक बड़ी मीटिंग बुलाई है और इसी में दो डिप्टी सीएम बनाए जाने का भी ऐलान हो सकता है। इस बैठक में सभी AAP विधायकों और हलका प्रभारियों को भी बुलाया गया है। खासतौर पर हाल ही में बनाई गईं विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्य भी रहेंगे। इस बैठक को मनीष सिसोदिया संबोधित कर सकते हैं। चर्चाएं तेज हैं कि रैली के बाद इसी बैठक में कोई बड़ा फैसला हो सकता है। संभावना है कि इसका ऐलान भी कर दिया जाए। हाई ब्लड प्रेशर से बढ़ी परेशानी, कराना पड़ा अस्पताल में एडमिट आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ रविवार को सीएम भगवंत मान कई आयोजनों में शामिल हुए थे। इसी दौरान उन्हें बेचैनी महसूस हुई और फिर तुरंत चंडीगढ़ ले जाया गया। अब तक मिली जानकारी के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर के चलते उन्हें ये दिक्कतें आईं। अस्पताल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार भगवंत मान की सेहत में कोई ज्यादा समस्या नहीं है। उनकी हालत स्थिर है और ज्यादात टेस्ट सामान्य आए हैं। भगवंत मान संगरूर में महाशिवरात्रि से जुड़े आयोजनों में शामिल हो रहे थे। कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा, चुनाव में बचा है बस एक साल इस दौरान अरविंद केजरीवाल भी साथ थे। तभी उनकी तबीयत खराब हुई और वह बेचैनी महसूस करने लगे। भगवंत मान की सेहत ऐसे समय में खराब हुई, जब राज्य में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। कयास हैं कि मोगा रैली के बाद कुछ ऐलान होगा। इसके अलावा कैबिनेट फेरबदल में भी कुछ बदलाव दिख सकते हैं। चर्चा है कि किसी ऐसे नेता को भी डिप्टी के तौर पर जिम्मेदारी मिल सकती है, जो फिलहाल भगवंत मान सरकार का हिस्सा भी नहीं है।  

नशे के खिलाफ मोगा में बड़ी रैली, भगवंत मान के पहुंचने की संभावना; समर्थकों से की अपील

चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मोगा में आयोजित 'एंटी-ड्रग' मेगा रैली में शामिल हो सकते हैं। रविवार शाम को थकान महसूस होने के बाद उनको मोहाली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। पंजाब सरकार के 'युद्ध नशे विरुद्ध' कैंपेन के तहत होने वाली 'एंटी-ड्रग रैली' में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और भगवान मान सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री मौजूद रहेंगे। अस्पताल में भर्ती होने के कारण मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की चर्चाएं थीं। हालांकि, कार्यक्रम से पहले सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "आम आदमी पार्टी आज मोगा के पास किल्ली चहलां गांव में एक बड़ी रैली कर रही है, मिलते हैं दोस्तों।" इससे पहले, मुख्यमंत्री का ब्लड प्रेशर बढ़ने पर उन्हें धुरी शहर से फोर्टिस हॉस्पिटल ले जाया गया। फोर्टिस हॉस्पिटल की ओर से रविवार को जारी एक बयान में कहा गया, "मुख्यमंत्री भगवंत मान 15 फरवरी को रूटीन मेडिकल जांच के लिए मोहाली अस्पताल गए। उनका पूरा क्लिनिकल असेसमेंट और स्टैंडर्ड डायग्नोस्टिक जांच हुई। सभी जरूरी पैरामीटर स्थिर हैं और नॉर्मल लिमिट में हैं। उन्हें अभी थकान महसूस हो रही है और उन्हें ऑब्जर्वेशन और सपोर्टिव केयर के लिए भर्ती कराया गया है। उनकी हालत स्थिर है और वे एक मल्टीडिसिप्लिनरी मेडिकल टीम की देखरेख में हैं।" पंजाब सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ कई महीनों पहले अभियान शुरू किया था। पंजाब 'आप' ने 'युद्ध नशे विरुद्ध' को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पंजाब की नशा मुक्ति की जंग 'युद्ध नशे विरुद्ध' ने न सिर्फ कई घरों को बर्बाद होने से बचाया है, बल्कि ड्रग डीलरों के खिलाफ अच्छी कार्रवाई करके नशे के काले धंधे को भी रोका है। मान सरकार की यह जंग पंजाब से ड्रग्स के पूरी तरह खत्म होने तक ऐसे ही जारी रहेगी।"

क्षेत्र को मिली विकास की सौगात: 18.38 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रहीं उपस्थित

18.38 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन भटगांव में अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण को मिली गति रायपुर, प्रदेश में संतुलित एवं समावेशी विकास को गति देने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के कार्य निरंतर जारी हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री तथा भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लगभग 18.38 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन एवं प्रारंभ पूजन किया। ग्राम शिवनंदनपुर में 3.41 करोड़ रुपए के अधोसंरचना कार्यों का शुभारंभ मंत्री राजवाड़े ने ग्राम शिवनंदनपुर स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में अधोसंरचना मद अंतर्गत 3.41 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें नकना तालाब घाट निर्माण, फुटपाथ निर्माण, अटल परिसर निर्माण, आर.सी.सी. नाली निर्माण तथा बी.टी. रोड निर्माण कार्य शामिल हैं। 14.97 करोड़ रुपए से दो प्रमुख सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एक अन्य भूमिपूजन एवं प्रारंभ पूजन कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुईं, जिसमें लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 14.97 करोड़ रुपए (लगभग 15 करोड़ रुपए) की लागत से दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य शामिल हैं। इनमें भटगांव से अनरगवा मार्ग (6.00 किमी) के चौड़ीकरण एवं निर्माण हेतु 878.50 लाख रुपए तथा पकनी से चेन्द्रा मार्ग (5.60 किमी) के चौड़ीकरण एवं निर्माण हेतु 618.63 लाख रुपए की स्वीकृति सम्मिलित है। इन सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा व्यापारिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्राम स्तर पर आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण होगा और स्थानीय नागरिकों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम अधोसंरचना उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शासन का उद्देश्य नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना तथा विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में वन विकास निगम अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।