samacharsecretary.com

लाखों पेंशनर्स के लिए राहत! पुराने रिटायरमेंट वालों को भी मिलेगा नए नियमों का फायदा

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद लाखों केंद्रीय पेंशनभोगियों के मन में उपजी चिंताओं पर सरकार ने विराम लगा दिया है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर, 2025 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी नए वेतन आयोग के लाभों के दायरे में रखा जाएगा। वित्त मंत्रालय ने संसद में किया साफ केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के लाभार्थियों को लेकर चल रहे संशय को दूर कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने संसद में साफ किया है कि वेतन आयोग की सिफारिशें केवल मौजूदा कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि उन लाखों पेंशनभोगियों के लिए भी होंगी जो 31 दिसंबर, 2025 या उससे पहले सेवानिवृत्त (Retire) हो चुके हैं। लोकसभा में सरकार का स्पष्टीकरण पेंशन नियमों में बदलाव और पुराने बनाम नए पेंशनभोगियों के बीच संभावित भेदभाव की खबरों के बीच वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में स्थिति साफ की। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि 8वें वेतन आयोग को विशेष रूप से केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन (Pay), भत्ते (Allowances) और पेंशन (Pension) पर अपनी सिफारिशें देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।   पेंशनर्स के लिए क्यों था संशय? दरअसल, 'फाइनेंस एक्ट 2025' द्वारा मौजूदा पेंशन नियमों के वैधीकरण के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या नए रिवीजन का लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा जो 1 जनवरी 2026 के बाद रिटायर होंगे। हालांकि, सरकार के ताजा बयान ने यह साफ कर दिया है कि…     पेंशन में बदलाव केंद्र सरकार द्वारा जारी 'जनरल ऑर्डर्स' के माध्यम से किया जाता है।     8th CPC की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद, ये आदेश सभी पात्र पेंशनभोगियों पर लागू होंगे।     यह प्रक्रिया सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ (पेंशन) रूल्स, 2021 के तहत संचालित होती है।

16 फरवरी 2026 राशिफल: ग्रह-नक्षत्रों का असर, करियर-धन-प्रेम में क्या है खास

मेष :आज के दिन करियर तौर पर मोटिवेटेड और प्रोडक्टिव फील करेंगे। जो भी कार्य करेंगे, बेहद समझदारी से करेंगे। क्योंकि स्थिर और सोच-समझकर लेने से आपको कहीं अधिक टिकाऊ और मजबूत परिणाम मिलेंगे। आज आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत है। बाहर का खाना खाने से बचें। वहीं, लाइफ में रोमांस भी बना रहेगा। वृषभ: धन लाभ के योग बन रहे हैं। करियर में तरक्की के योग हैं। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें, जो भी काम करें जल्दबाजी में ना करें। सेहत अच्छी रहेगी लेकिन बाहर का खाना खाने से बचें। आपका दिन शानदार रहेगा। पुराने इन्वेस्टमेंट से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। मिथुन :आपका दिन फायदेमंद माना जा रहा है। करियर में आपको अपने बॉस का साथ मिलेगा। कुछ जरूरी जिम्मेदारियां भी मिलेंगी। आज पॉजिटिव रहने की सलाह दी जाती है। कर्क : कोई नया प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है, जिससे धन लाभ भी होगा। कॉन्फिडेंट रहेंगे आज। लव के मामले में पार्टनर को टाइम देना जरूरी है। आज जंक फूड को नो कहें। कोई गुड न्यूज भी मिल सकती है। सिंह : आज दिन खर्च की अधिकता भी रहेगी। ज्यादा तनाव न लें और काम का प्रेशर घर पर न लाएं। जंक फूड का ज्यादा सेवन न करें। आज का दिन आपके लिए लाभकारी साबित होगा। तुला : खर्च करते वक्त आपको सावधानी बरतनी जरूरी है। अपनी फाइनेंशियल सिचुएशन पर फोकस करें। आज का आपका दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और धन लाभ भी होगा। धनु : आज के दिन आपका दिन खास रहने वाला है। करियर लाइफ थोड़ी बिजी हो सकती है। शाम में अपने लवर के साथ अच्छा टाइम स्पेंड करेंगे। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें। मकर : किसी पुराने दोस्त से आकस्मिक मुलाकात संभावित प्रेम प्रस्ताव के द्वार खोल सकती है। किसी ऐसे रिश्ते में फिर से जाने की संभावना तलाशने के लिए तैयार रहें, जिसका आप इंतजार कर रहे थे। कुम्भ : जब तक रोमांटिक एनर्जी अधिक है, तब तक थोड़े तनाव वाले पारिवारिक मुद्दों से सावधान रहें। शांति के लिए पर्सनल और पारिवारिक मुद्दों के बीच संतुलन आवश्यक है। अपने प्रेम पथ में सुखद बदलाव से सरप्राइज होने के लिए तैयार हो जाइए। कन्या : जब आप दोस्तों या किसी स्पेशल व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो आनंद और आराम आपका इंतजार करते हैं। खुद को नई संगति की ओर ले जाने की अनुमति दें। वृश्चिक : छोटी-छोटी हरकतें इमोशनल कनेक्शन को बढ़ा सकती हैं। इसलिए प्यार को हर तरीके से दिखाना बेहतर है। शांति बनाए रखें और वह सब होगा जो होना चाहिए। सामाजिक इवेंट के आनंददायक मिश्रण का इंतजार करें। मीन : धैर्य और संयम को अपने रिश्तों को निर्देशित करने दें। अपने शब्दों में सावधानी बरतें और कंट्रोल रखें। बेवजह झगड़ा न करें, खुलकर बातचीत करें और एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने का प्रयास करें।

टीम इंडिया का जलवा बरकरार, पाकिस्तान को 61 रन से हराकर सुपर-8 में एंट्री

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान की टीम कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में एक-दूसरे के सामने हैं। इस मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में दो बदलाव किए गए हैं। संजू सैमसन की जगह अभिषेक शर्मा की वापसी हुई है, जबकि अर्शदीप सिंह की जगह कुलदीप यादव को मौका मिला है। पाकिस्तान की टीम ने अपनी प्लेइंग 11 में कोई बदलाव नहीं किया है और उन्होंने वही टीम उतारी है, जो यूएसए के खिलाफ खेली थी। भारत की जीत टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ कोलंबो में खेले गए मुकाबले में भारत ने 61 रनों से जीत हासिल की है। इसी के साथ टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप में 8-1 का रिकॉर्ड बना लिया है। यानी इन दोनों टीमों के बीच कुल 9 मैच खेले गए हैं और भारत ने 8 मैचों में, जबकि पाकिस्तान ने 1 मैच में जीत हासिल की है। इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 175 रन बनाए थे, जिसका पीछा करते हुए पाकिस्तानी टीम 114 रनों पर ऑलआउट हो गई। भारत के लिए हार्दिक, बुमराह, अक्षर और चक्रवर्ती ने 2-2 विकेट अपने नाम किए और भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

शंकराचार्य मुद्दे पर सियासी घमासान, अखिलेश ने योगी सरकार को घेरा

लखनऊ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा सीएम योगी को लेकर दिए गए बयान से मैं सहमत हूं। राजधानी लखनऊ में पार्टी ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कोई मुख्यमंत्री, जो अपने आप को योगी कह रहे हों, पूजनीय शंकराचार्य को लेकर ऐसा कह सकते हैं क्या? इतना व्यवहार खराब हो सकता है? अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि हम शंकराचार्य से 100 प्रतिशत सहमत हैं। रविवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सिद्दीकी को सपा की सदस्यता ग्रहण कराई। उनके साथ उनकी पत्नी और 7 अन्य नेताओं ने भी रविवार को समाजवादी पार्टी का दामन थामा। नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। मायावती का साथ छोड़ने के बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की थी। पिछले महीने उन्होंने कांग्रेस से भी इस्तीफा दे दिया था। सिद्दीकी ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अलग-अलग दलों में रहते हुए भी हमेशा मुलायम सिंह यादव से प्रभावित रहा। इसी तरह मैंने हमेशा अखिलेश यादव को ही अपना नेता माना। पिछले महीने, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस्तीफा भेजकर पार्टी छोड़ने का कारण व्यक्तिगत बताया था। अपने लिखित इस्तीफा पत्र में सिद्दीकी ने कहा कि वे 'अपरिहार्य कारणों' से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का त्याग कर रहे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा से की और मायावती सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला।

रक्षा व तकनीकी गठजोड़ से भारत-जापान संबंध हुए और मजबूत, रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान और भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत रिश्ते अब एक नए और गतिशील दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इन संबंधों में अब सुरक्षा सहयोग और उन्नत तकनीकों में साझेदारी पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। जापान फॉरवर्ड की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच वर्षों से मजबूत होते आ रहे द्विपक्षीय संबंधों को अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों और लोगों के बीच बढ़ते संपर्क से नई ऊर्जा मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, भारत में जापानी निवेश में बढ़ोतरी और नवाचार व मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग से रिश्तों को नई गति मिली है। दोनों देश वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एक स्वतंत्र, खुला और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करने की समान दृष्टिकोण रखते हैं। अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान, उस समय के जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने पिछले दशक में द्विपक्षीय संबंधों में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "जापान और भारत, जो समान मूल्यों को साझा करते हैं, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में कानून के शासन पर आधारित एक स्वतंत्र और खुले अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने और मजबूत करने की जिम्मेदारी साझा करते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात अनिश्चित होते जा रहे हैं, ऐसे में दोनों देशों को क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। दोनों पक्षों ने 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप' को और ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता दोहराई। जापान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता एक-दूसरे की ताकत का उपयोग करते हुए भविष्य में पूरक संबंध विकसित करेंगे और आने वाली पीढ़ियों की चुनौतियों का समाधान करने के लिए सामाजिक और आर्थिक मूल्यों का निर्माण करेंगे। दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। जापान-भारत मानव संसाधन आदान-प्रदान और सहयोग एक्शन प्लान के तहत दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में 5 लाख लोगों के दोतरफा आदान-प्रदान का लक्ष्य रखा है। इससे सांस्कृतिक, शैक्षणिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमने आने वाले वर्षों के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें निवेश, नवाचार, पर्यावरण, तकनीक, स्वास्थ्य, मोबिलिटी, लोगों के बीच संपर्क और राज्य-प्रांत साझेदारी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।" हाल के घटनाक्रम इन प्रतिबद्धताओं को जमीनी स्तर पर दर्शाते हैं। भारत में जापान नेशनल टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित 'जापान ट्रैवल फेयर 2026' का उद्देश्य सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को मजबूत करना है। एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने जापान-भारत स्ट्रैटेजिक डायलॉग के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को जापान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की। नई दिल्ली स्थित जापानी दूतावास के मंत्री नोरियाकी आबे ने कहा कि क्रिकेट, जो भारत के सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा है, अब दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु बनकर उभर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 21 अरब डॉलर था, जो 2026 में बढ़कर 25.17 अरब डॉलर हो गया। पिछले 25 वर्षों में जापान भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रमुख स्रोत रहा है और इस दौरान लगभग 43 अरब डॉलर का निवेश किया गया है। रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है कि जापान-भारत संबंध पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर अब सुरक्षा, तकनीक और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित एक व्यापक साझेदारी के रूप में विकसित हो रहे हैं।

DU विवाद में मेघा ने तोड़ी चुप्पी, कहा- यह व्यक्तिगत समर्थन था, किसी संगठन से संबंध नहीं

नई दिल्ली डीयू में हुए विवादित घटनाक्रम के बाद वायरल वीडियो को लेकर यूट्यूबर मेघा ने अपना पक्ष रखा है। मेघा ने कहा कि उन्होंने 'ब्रह्मणवाद जिंदाबाद' का नारा अपनी पत्रकार मित्र रुचि तिवारी के समर्थन में लगाया था, जिसे निशाना बनाया गया। मेघा ने स्पष्ट किया कि उनका किसी छात्र संगठन से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने जातियों से ऊपर उठकर हिंदू एकता बनाए रखने की अपील की। मेघा के अनुसार पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पेशे से पत्रकार उनकी मित्र रुचि तिवारी डीयू इलाके में मौजूद थीं। उसी दौरान जेएनयू के कुछ छात्र वहां यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंचे। मेघा ने कहा कि प्रदर्शन करना किसी का अधिकार है, लेकिन आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी मित्र से उनका सरनेम, जाति और गोत्र पूछे और ब्राह्मण होने के कारण उन्हें निशाना बनाया। मेघा का दावा है कि उनकी मित्र के साथ सड़क पर बदसलूकी की गई, जिसके बाद वे लोग मॉरिस नगर थाने पहुंचे। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया, लेकिन मेघा का कहना है कि सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान उनके समूह पर भी दबाव बनाया गया और उन्हें किनारे करने की कोशिश की गई। मेघा ने कहा कि इसी स्थिति में उन्होंने ब्राह्मण समुदाय के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने बताया कि वे स्वयं ब्राह्मण नहीं हैं, लेकिन किसी भी समुदाय के साथ अन्याय होने पर उसके समर्थन में खड़े होना जरूरी है। मेघा ने लोगों से जाति के आधार पर विभाजन से बचने और धर्म के आधार पर एकजुट रहने की अपील की। मेघा ने अपने बयान में एबीवीपी और डीयू से किसी भी प्रकार के संबंध से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ यह प्रचार कर रहे हैं कि वे एबीवीपी से जुड़ी हैं या डीयू की छात्रा हैं, जबकि वे एक स्वतंत्र रिपोर्टर हैं और चाहें तो अपना प्रेस कार्ड दिखा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आइसा के कुछ नेताओं द्वारा उनके खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है। मेघा ने आरोप लगाया कि देश में जातियों के आधार पर समाज को बांटने का एक बड़ा एजेंडा चल रहा है। पिछले वर्षों में जो हिंदू एकता बनी थी, उसे तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने ब्राह्मण, क्षत्रिय, शूद्र और वैश्य को 'चार भाई' बताते हुए एकजुट रहने का आह्वान किया। मेघा ने जेएनयू की विचारधारा पर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि कुछ नारे और गतिविधियां देशविरोधी मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी सोच देश के लिए हानिकारक है और समाज में विभाजन पैदा करती है। यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए मेघा ने कहा कि यदि नई व्यवस्था लागू होती है तो जातिवाद बढ़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि सामाजिक विभाजन बढ़ने से समाज कमजोर होगा और बाहरी चुनौतियां मजबूत होंगी। मेघा ने सरकार से अन्य मुद्दों, जैसे जनसंख्या नियंत्रण, एंटी-कन्वर्जन कानून और अन्य नीतिगत मामलों पर भी ध्यान देने की बात कही। मेघा ने कहा कि लोगों को जाति के आधार पर नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचे के रूप में एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी संगठन का समर्थन करना नहीं, बल्कि अपने मित्र के समर्थन में खड़ा होना और समाज में एकता का संदेश देना था।

पश्चिम बंगाल के टॉलीगंज में हाई-प्रोफाइल बिल्डिंग में आग, सेलेब्रिटीज़ को घर छोड़ना पड़ा

कोलकाता दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज इलाके में रविवार दोपहर को एक आलीशान घर में आग लग गई, जिससे वहां रहने वाले बंगाल फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े लोग नीचे सड़क पर आ गए। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, जिससे मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग काले धुएं से ढक गई। आग डायमंड सिटी रेजिडेंस के टावर 2 में लगी, जहां फिल्म कपल यश और नुसरत, एक्ट्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक सायंतिका बनर्जी समेत कई स्टार्स के फ्लैट हैं। पता चला है कि यश और नुसरत घबराकर अपने बच्चों के साथ नीचे आ गए। वहां रहने वालों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। खबर मिलने के बाद फायर की चार गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आग पांचवीं मंजिल पर लगी थी। हालांकि, जिस कमरे में आग लगी, वहां कोई नहीं था। शुरुआती अंदाजे से लगता है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड को तुरंत इन्फॉर्म किया गया और हालात पर काबू पा लिया गया। हालांकि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन प्रॉपर्टी के बड़े नुकसान का डर है। डर है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह फैल सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना से लोकल लोगों में दहशत फैल गई है। जब बनर्जी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा, "मैंने रेजिडेंशियल बिल्डिंग में आग लगने के बारे में सुना। हालांकि, मैं उस समय वहां नहीं था। मैं बारानगर में कैंप में आ गया हूं। मैं ठीक हूं।" डायरेक्टर शुभ्राजीत मित्रा, जो उसी बिल्डिंग में रहते हैं, ने घटना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, "मैंने सुना कि पांचवीं मंजिल पर रहने वाले एक व्यक्ति के मंदिर में शिवरात्रि की पूजा हो रही थी। उन्होंने एक दीया जलाया और आरती की। दीया बुझाए बिना, वे यह कहकर नीचे आ गए कि वे घर के मंदिर में शिव पूजा करेंगे। उनकी गैरमौजूदगी में, शायद घर में रखे दीये से आग लग गई।" मित्रा ने आगे कहा, "मैं 18वीं मंजिल पर रहता हूं। मेरी मां घर पर बीमार हैं। मुझे उनके साथ नीचे आने में थोड़ा समय लगा क्योंकि लिफ्ट बंद थी। उस समय, मैंने बिल्डिंग के बाकी लोगों को सीढ़ियों से नीचे भागते देखा।" एक्टर कपल यश और नुसरत का फ्लैट उस फ्लोर से ऊपर है जहां आग लगी थी। अपनी जान को खतरा महसूस करते हुए, वे तुरंत अपने दो बच्चों के साथ नीचे आ गए। दो दिन पहले, साल्ट लेक सेक्टर फाइव में ग्लोबसाइन क्रिस्टल बिल्डिंग में आग लग गई थी। एक मल्टीनेशनल कंपनी की महिला कर्मचारी धुएं के कारण बीमार पड़ गई। उसे बचाया गया और अस्पताल भेजा गया।

मामूली विवाद से मर्डर तक: रोहिणी में टोपी को लेकर युवक की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा

नई दिल्ली मुख्य आरोपी ने इस दौरान दूसरे लड़के से कहा कि वह पीड़ित को पकड़कर रखने के लिए कहा और चाकू से गोद दिया। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया कि वह इसबारे में अपने परिवारवालों को कुछ न बताए। उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी इलाके में टोपी को लेकर हुए झगड़े के दौरान एक लड़के को कथित तौर पर चाकू मारा दिया गया। अस्पताल में ईलाज के दौरान दो दिन बाह ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य आरोपी परिवार संग फरार है। आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया था कि वह अपने ऊपर हमले के बारे में किसी को न बताए। दरअसल मामला 11 फरवरी का जब तीनों छत पर बैठे थे। इस दौरान एक लड़के ने पीड़ित की टोपी छीन ली और साथ ही उसे वापस करने से भी इनकार किया जिससे बहस शुरू हो गई। इस दौरान बहस ने हिंसक रूप ले लिया। मुख्य आरोपी ने इस दौरान दूसरे लड़के से कहा कि वह पीड़ित को पकड़कर रखने के लिए कहा और चाकू से गोद दिया। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को धमकाया कि वह इसबारे में अपने परिवारवालों को कुछ न बताए और यह कहे कि लोहे की रॉड पर गिरने से उसे चोट लगी है। उन्होंने उसे इलाज कराने का आश्वासन भी दिया। डर के मारे पीड़ित ने शुरू में अपने परिवार से यही झूठ बोला। पीड़ित और मुख्य आरोपी परिवार संग विजय विहार में एक ही बिल्डिंग में रहते हैं। पीड़ित को धमकाया था कि वह अपने ऊपर हमले के बारे में किसी को न बताए। पोस्टमार्टम में ऐसे खुली पोल पुलिस के मुताबिक पीड़ित बेहद डर गया था। यह मामला तब सामने आया जब घायल लड़के को 11 फरवरी को बीएसए अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआत में उसने डॉक्टरों को बताया कि वह अपने घर की छत से लोहे की रॉड पर गिर गया था। इसके बाद 13 जनवरी को ईलाज के दौरान पीड़ित ने दम तोड़ दिया। 14 फरवरी को पोस्टमार्टम किया गया तो सामने आया कि घाव किसी धारदार हथियार से किया गया है। मुख्य आरोपी अब भी फरार हत्या की आशंका होने पर विजय विहार थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया तो मुख्य आरोपी अब भी फरार है जिसकी तलाश जारी है। क्राइम और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत इकट्ठा कर लिए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।  

ईरान का अमेरिका को बड़ा ऑफर: न्यूक्लियर समझौते पर हामी, अब गेंद ट्रंप के पाले में

ईरान ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौते का रास्ता खोल दिया है। तेहरान का हना है कि वह अमेरिका के साथ समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार है। हालांकि इसके लिए उसने शर्त भी रखा है। उसका कहना है कि समझौता केवल तभी जब वाशिंगटन प्रतिबंध हटाने के लिए तैयार हो। बीबीसी से बात करते हुए ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि समझौता करने की इच्छा साबित करने की जिम्मेदारी अमेरिका पर है। उन्होंने कहा कि अगर वे ईमानदार हैं, तो मुझे यकीन है कि हम समझौते की ओर बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर प्रतिबंधों में राहत का प्रस्ताव रखा जाता है, तो तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाने पर चर्चा करने को तैयार है। यूरेनियम संवर्धन विवादास्पद मुद्दा दरअसल, यूरेनियम संवर्धन एक प्रमुख विवादास्पद मुद्दा बना हुआ है। वाशिंगटन ने पहले ईरान से संवर्धन पूरी तरह बंद करने की मांग की थी। इस पर तख्त-रवांची ने कहा कि शून्य संवर्धन अब कोई मुद्दा नहीं है और ईरान के नजरिए से यह अब चर्चा का विषय नहीं है। यह ट्रंप के हालिया बयान के विपरीत है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम किसी भी प्रकार का संवर्धन नहीं चाहते। दूसरी ओर ईरान परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत अपने अधिकारों के उल्लंघन के रूप में पूर्ण रोक को देखता है। तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम वार्ता का हिस्सा नहीं होगा, भले ही इजरायल की ओर से दबाव हो और रुबियो सहित अमेरिकी अधिकारियों द्वारा समझौते के दायरे को व्यापक बनाने की मांग की जा रही हो। तख्त-रवांची ने कहा कि जब इजरायलियों और अमेरिकियों ने हम पर हमला किया, तो हमारी मिसाइलों ने हमारी रक्षा की, तो हम अपनी रक्षात्मक क्षमताओं से खुद को वंचित कैसे कर सकते हैं? ओमान दौर की वार्ता के बाद बातचीत फिर शुरू अमेरिका और ईरान ने फरवरी की शुरुआत में ओमान में अप्रत्यक्ष वार्ता की थी। तख्त-रवांची ने पुष्टि की कि वार्ता का दूसरा दौर मंगलवार को जिनेवा में होगा। उन्होंने कहा कि शुरुआती बातचीत कमोबेश सकारात्मक दिशा में थी, लेकिन अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। ट्रंप ने भी ओमान वार्ता को सकारात्मक बताया है। तेहरान ने अपने 60 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम भंडार को कम करने के प्रस्ताव को लचीलेपन के प्रमाण के रूप में पेश किया है। इस स्तर पर संवर्धित यूरेनियम हथियार-ग्रेड के करीब है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संदेह बढ़ा है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि ईरान इसे लगातार नकारता रहा है। तख्त-रवांची ने कहा कि अगर अमेरिका प्रतिबंधों पर चर्चा करने को तैयार है, तो हम अपने कार्यक्रम से जुड़े इस और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार हैं। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ईरान सभी प्रतिबंध हटाने पर जोर देगा या आंशिक राहत स्वीकार करेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान 2015 के समझौते की तरह 400 किलोग्राम से अधिक उच्च संवर्धित यूरेनियम का भंडार बाहर भेजेगा, तो उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान क्या होगा, यह कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। ईरान से समझौता करना बहुत मुश्किल यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी अधिकारी लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान लंबे समय से चल रही वार्ता में प्रगति में बाधा डाल रहा है। शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समझौते को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन ईरान के साथ समझौता करना 'बहुत मुश्किल' है। ट्रंप कई बार दे चुके हैं हमले की धमकी पहली बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी थी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो परिणाम 'बेहद गंभीर और दर्दनाक' होंगे। ट्रंप ने कई बार धमकी दी है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने पर राजी नहीं हुआ तो बल प्रयोग किया जाएगा। ईरान ने भी जवाबी हमले की चेतावनी दी है। ट्रंप ने हाल में ईरान में प्रदर्शनों पर की गई कड़ी कार्रवाई को लेकर भी धमकी दी थी।  

लंबे समय तक सहमति से संबंध के बाद शादी से मुकरना अपराध नहीं: हाई कोर्ट

उत्तराखंड उत्तराखंड हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि सहमति से लंबे समय तक संबंध बनाने के बाद शादी का वादा तोड़ना रेप नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि जब दो व्यस्कों के बीच सहमति से संबंध नते हैं तो रेप केस के लिए यह साबित करना जरूरी है कि शादी का वादा शुरू से ही झूठा था। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड हाई कोर्ट ने कहा है कि जब दो वयस्क आपसी सहमति से लंबे समय तक संबंध में हों तो शादी के वादे को पूरा न करना आईपीसी की धारा 376 के तहत बलात्कार नहीं माना जा सकता, जब तक कि यह साबित न हो जाए कि वादा शुरू से ही झूठा था। इस मामले में मसूरी की एक महिला ने सूरज बोरा नामक आदमी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया। बोरा ने 45 दिनों के भीतर शादी का आश्वासन देने के बाद बाद में इनकार कर दिया। जांच के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया जिसे बोरा ने हाई कोर्ट में चुनौती दी। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों पक्ष वयस्क थे और लंबे समय से आपसी सहमति से संबंध बनाए हुए थे। एफआईआर में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि रिश्ते की शुरुआत में आरोपी का इरादा कपटपूर्ण था। यह केवल एक असफल रिश्ता था और आपराधिक कार्यवाही शुरू करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। दूसरी ओर, राज्य सरकार और पीड़िता का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि पीड़िता की सहमति पूरी तरह से शादी के आश्वासन पर आधारित थी, जिसे आरोपी बाद में पूरा करने में विफल रहा। उन्होंने आगे कहा कि क्या वादा शुरू से ही झूठा था, यह केवल मुकदमे के दौरान सबूतों के आधार पर ही निर्धारित किया जा सकता है। इसलिए, कार्यवाही को रद्द नहीं किया जाना चाहिए। जस्टिस आशीष नैथानी ने सुनवाई के दौरान कहा कि किसी वयस्क महिला द्वारा दी गई सहमति मात्र इसलिए अमान्य नहीं हो जाती क्योंकि संबंध शादी में नहीं बदला। इसे धारा 376 के तहत अपराध मानने के लिए यह सिद्ध करना आवश्यक है कि शादी का वादा केवल संबंध बनाने के लए सहमति पाने का एक साधन था और आरोपी का शादी करने का कोई इरादा नहीं था। कोर्ट ने पाया कि दोनों पक्ष लंबे समय से रिश्ते में थे और उनके बीच बार-बार शारीरिक संबंध बने थे, जिससे प्रारंभिक धोखाधड़ी के बजाय आपसी सहमति का संकेत मिलता है। हाई कोर्ट ने यह निर्धारित किया कि ठोस आधार के अभाव में आपराधिक कार्यवाही जारी रखना आरोपी का उत्पीड़न होगा। हाई कोर्ट ने देहरादून के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित आपराधिक मामला और सूरज बोरा के खिलाफ 22 जुलाई 2023 की चार्जशीट को पूरी तरह रद्द कर दिया।