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MP में सनसनीखेज मर्डर: कोर्ट जाते वकील की गोली मारकर हत्या

शिवपुरी मध्य प्रदेश में कोर्ट जा रहे एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से सनसनी फैल गई। परिजनों ने जमीनी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या करने का शक जताया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मध्य प्रदेश में कोर्ट जा रहे एक वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घात लगाकर बैठे हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने जमीनी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या करने का शक जताया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब किले के पीछे आनंद सागर मंदिर के पास सिद्धन रोड पर करैरा कोर्ट जा रहे एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एकांत रास्ते पर घात लगाकर किए गए इस हमले के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक मृतक एडवोकेट का नाम संजय सक्सेना है, जो घिरियाली मोहल्ला पुराना बाजार के निवासी थे। वारदात करेरा इलाके के किले के पीछे स्थित आनंद सागर मंदिर के पास सिद्धन रोड पर हुई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमलावर पैदल आए थे या किसी गाड़ी से। बताया जा रहा है कि वारदात के कुछ देर बाद उसी सड़क से गुजर रहे एक अन्य वकील की नजर सड़क पर पड़े संजय सक्सेना पर पड़ी। उन्होंने तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस को बताया है कि संजय सक्सेना का कुछ लोगों से जमीनी विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते चार लोगों पर हत्या का शक जताया गया है। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद में आरोपियों ने मार डाला। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह वारदात सुनियोजित प्रतीत हो रही है।

हैंडशेक मुद्दे पर सलमान अली आगा बोले – फैसला भारत के हाथ में

कोलंबो भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर तमाम संशय के बादल छंट गए हैं। दोनों देशों के बीच कोलंबो में रविवार को मुकाबला होना है। मैच को लेकर करोड़ों क्रिकेट फैंस रोमांचित हैं। फैंस के मन में एक सवाल है कि क्या भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी मैच के बाद पहले की तरह एक दूसरे के साथ हाथ मिलाएंगे या एशिया कप वाली 'हाथ नहीं मिलाने' की नीति ही काम करेगी। शनिवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से पूछा गया कि क्या मैच के दौरान दोनों देशों के खिलाड़ी एक दूसरे से हाथ मिलाएंगे? इसके जवाब में आगा ने कहा, "यह भारत पर है कि वे सही भावना के साथ खेलना चाहते हैं या नहीं।" उन्होंने कहा, "क्रिकेट को भावना के साथ खेला जाना चाहिए। मेरी निजी राय शायद मायने न रखे, लेकिन क्रिकेट वैसे ही खेला जाना चाहिए जैसा हमेशा से खेला जाता रहा है। यह उन्हें तय करना है कि क्या करना है।" मैच को लेकर पाकिस्तान के कप्तान ने कहा, "भारत के खिलाफ हमारा रिकॉर्ड अच्छा नहीं है, लेकिन हम इतिहास नहीं बदल सकते। हर दिन एक नया दिन होता है।" अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के आपसी रिश्ते निचले स्तर पर हैं। इसका असर क्रिकेट पर भी पड़ा है। एशिया कप 2025 के दौरान हुए तीन मैचों में भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ मैच के बाद होने वाला पारंपरिक 'हैंड शेक' नहीं किया था। महिला क्रिकेट टीम और जूनियर टीमों ने भी ऐसा ही किया। विमेंस वर्ल्ड कप, अंडर-19 एशिया कप, अंडर-19 विश्व कप और राइजिंग स्टार्स एशिया कप में भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाया था। पाकिस्तान को हराकर एशिया कप का खिताब जीतने वाली भारतीय टीम ने एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भी इनकार कर दिया था। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड द्वारा टी20 विश्व कप से बाहर होने और उसकी जगह आईसीसी द्वारा स्कॉटलैंड को मौका दिए जाने के बाद पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के साथ 15 फरवरी वाला मैच खेलने से इनकार कर दिया था। आईसीसी की मध्यस्थता के बाद पाकिस्तान ने अपना फैसला बदला। रविवार को कोलंबो में मैच के अलावा दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच आपसी व्यवहार कैसा रहता है, इस पर भी फैंस की नजरें रहेंगी।

20 फरवरी डेडलाइन: दिल्ली विधानसभा ने पंजाब अधिकारियों को आखिरी चेतावनी दी

नई दिल्ली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी मार्लेना की टिप्पणी से जुड़े मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने पंजाब सरकार के अफसरों से अपना जवाब देने को 20 फरवरी तक अंतिम मौका दिया है।   दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता आतिशी मार्लेना की टिप्पणी से जुड़े मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने पंजाब सरकार के अफसरों से अपना जवाब देने को 20 फरवरी तक अंतिम मौका दिया है। कमेटी ने शिकायत की कॉपी, एफआईआर और फोरेंसिक रिपोर्ट भी तलब की है। किन-किन अफसरों कों भेजा पत्र दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार कमेटी ने पत्र लिखकर पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और जालंधर के पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि वे विपक्ष की नेता आतिशी से संबंधित कथित टिप्पणियों के मामले में अपना लिखित उत्तर 20 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। पत्र में कमेटी ने स्पष्ट किया है कि यह तिथि अंतिम अवसर के रूप में मानी जाएगी और इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। कमेटी ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पंजाब सरकार से इस प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मांगे हैं। इनमें शिकायत की कॉपी एवं उसके संलग्नक, जिनके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई, एफआईआर की कमेटी, पंजाब पुलिस के सोशल मीडिया विशेषज्ञ (टेक्निकल सेल) की रिपोर्ट तथा पंजाब की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट शामिल हैं। जानकारी नहीं देने को अवमानना माना जाएगा कमेटी ने निर्देश दिया है कि सभी जवाब और दस्तावेज निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के अनुसार उन पर विचार किया जा सके। समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में इसे विशेषाधिकार हनन एवं अवमानना के रूप में देखा जा सकता है। पंजाब सरकार ने क्या कहा था यह भी उल्लेखनीय है कि 12 फरवरी 2026 को पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 5 फरवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए पत्र से पूर्व इस मामले में कोई डायरेक्ट कम्युनिकेशन प्राप्त नहीं हुआ था। पत्र में यह भी बताया गया है कि डीजीपी पंजाब, पुलिस कमिश्नर जालंधर तथा डायरेक्टर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पंजाब की टिप्पणियां दिल्ली के संबंधित कार्यालयों को भेज दी गई हैं। साथ ही, एक विस्तृत और समेकित औपचारिक उत्तर तैयार किया जा रहा है, जिसे सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है। यह मामला सदन के पटल पर दिए गए वक्तव्यों तथा उसके पश्चात पंजाब पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के संदर्भ में विशेषाधिकार हनन और अवमानना की शिकायतों से संबंधित है। विशेषाधिकार कमेटी वर्तमान में इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है, जिसमें संबंधित अधिकारियों के आचरण तथा दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा मांगी गई सूचनाओं और पत्राचार के निपटान की प्रक्रिया भी शामिल है।  

सुकेश चंद्रशेखर का नया खुलासा, वैलेंटाइन डे पर जैकलीन को दिया महंगा तोहफा

नई दिल्ली सुकेश चंद्रशेखर ने वैलेंटाइन डे पर जैकलीन फर्नांडीज को एक कस्टमाइज्ड प्राइवेट जेट गिफ्ट किया है। जेल में बंद सुकेश के दावे पर अब तक जैकलीन की तरफ से कोई रिएक्शन नहीं आया है। वैलेंटाइन डे पर ठग सुकेश चंद्रशेखर ने मंडोली जेल के अंदर से एक्टर जैकलीन फर्नांडीज को एक 'लव लेटर' लिखा है। इस बार सुकेश ने जैकलीन को अपने प्यार का इजहार करने के लिए एक तोहफा भी भेजा है। उसने उन्हें एक कस्टमाइज़्ड गल्फस्ट्रीम जेट (हेलीकॉप्टर) तोहफे में दिया है। उस दिन का इंतजार जब… सुकैश ने चिट्ठी की शुरुआत जैकलीन को अपना “वैलेंटाइन” बताते हुए की। उसने लिखा कि यह वैलेंटाइन डे उसके लिए खास है। वह उस दिन का इंतजार कर रहा है जब वे साथ में जिंदगी के बाकी वैलेंटाइन मना सकेंगे। चिट्ठी में उसने जैकलीन के प्रति अपने प्रेम का इजहार करते हुए लिखा- वह उन्हें “दुनिया की सबसे बेहतरीन वैलेंटाइन” मानता है। गल्फस्ट्रीम जैट देने का दावा अपने संदेश में सुकैश ने दावा किया कि उसने जैकलीन के लिए खास तौर पर एक गल्फस्ट्रीम जेट तैयार करवाया है। इस पर बाहर और अंदर दोनों जगह उनके नाम के शुरुआती अक्षर ‘JF’ बने हुए हैं। उसने यह भी कहा कि जेट का रजिस्ट्रेशन नंबर जैकलीन की जन्मतिथि और जन्म के महीने से जुड़ा हुआ है। इस कारण यह तोहफा और भी स्पेशल बन जाता है। सुकेश के दावे पर जैकलीन का नहीं आया रिएक्शन सुकैश के अनुसार, चूंकि जैकलीन अक्सर काम और शूटिंग के सिलसिले में ट्रैवल करती रहती हैं, इसलिए यह जेट उनके आने-जाने में काफी सुविधा प्रदान करेगा। गौरतलब है कि सुकैश चंद्रशेखर फिलहाल जेल में बंद है और पहले भी कई बार जैकलीन के नाम पत्र लिख चुका है। इस नए दावे को लेकर अब तक जैकलीन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जैट को पूरी तरह से कानूनी बना दूंगा लेटर में सुकैश ने यह भी दावा किया कि वह इस जेट को अपने इस साल के इनकम टैक्स रिटर्न में घोषित करेगा और इस पर लागू सभी गिफ्ट टैक्स अदा करेगा। उसने लिखा कि ऐसा कर वह इस उपहार को “पूरी तरह कानूनी” बना देगा और यह किसी कथित आपराधिक आय से जुड़ा नहीं होगा। अपनी चिट्ठी में उसने जैकलीन को “बोम्मा” कहकर बुलाया है और खुद को दुनिया का “सबसे खुशकिस्मत इंसान” बताया है। 2015 से जेल में बंद है सुकेश आपको बताते चलें कि सुकैश चंद्रशेखर 2015 से जेल में बंद है। उस पर करोड़ों रुपये की ठगी के गंभीर आरोप हैं। ईडी की जांच के दौरान उसका नाम बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के साथ जुड़ा। सुकैश ने दावा किया है कि वह जैकलीन को डेट कर रहा था। उसके इन दावों के बाद दोनों की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई थीं। सुकेश के दावों को जैकलीन ने नकारा हालांकि जैकलीन फर्नांडिस ने सुकैश के इन दावों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सुकैश ने खुद को एक वैध कारोबारी बताकर उन्हें गुमराह किया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सुकैश ने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की, जिससे वे मानसिक रूप से आहत और परेशान हुईं। मामले की जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है।

इंदौर में मौसम के उतार-चढ़ाव से स्वास्थ्य पर असर, एमवाय अस्पताल में मरीजों की भीड़

इंदौर  मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। दिन में तेज धूप और गर्मी बढ़ी जबकि रात में ठंडक के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। इसका सीधा असर वायरल फीवर के रूप में सामने आ रहा है। एमवाय अस्पताल में ही एक दिन में करीब एक हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। शहर के शासकीय और निजी अस्पतालों में बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय मौसम का उतार-चढ़ाव संक्रमण के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। दिन में पसीना और रात में ठंडी हवा चलने से लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। खासतौर पर वे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, जो देर रात तक बाहर रहते हैं या ठंड-गर्मी के बीच लापरवाही बरतते हैं। शादियों का सीजन भी बढ़ा रहा खतरा इन दिनों शादी समारोह का सीजन चल रहा है। देर रात तक कार्यक्रमों में शामिल होना, ठंडी चीजें खाना, नींद पूरी न होना और भीड़भाड़ में समय बिताने से भी वायरल संक्रमण फैलने की बड़ी वजह सामने आई है। डाक्टरों के अनुसार कई लोग हल्का बुखार या सर्दी होने के बाद भी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो रही है। संक्रमण परिवार के अन्य लोगों तक भी फैल रहा है। गंभीर बीमारियों वाले मरीजों के लिए ज्यादा जोखिम शुगर, बीपी, कैंसर, ह्दय रोग, लिवर, अस्थमा, गर्भवती महिलाओं और किडनी से संबंधित बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह मौसम ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। वायरल फीवर होने पर इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों की रिकवरी धीमी हो जाती है। कई बार उनकी स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ रहा है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण संक्रमण का असर ज्यादा समय तक बना रहता है। बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर डॉक्टरों के अनुसार छोटे बच्चों और बुजुर्गों में भी वायरल फीवर के मामले बढ़ रहे हैं। तापमान में अचानक बदलाव से उनकी इम्युनिटी जल्दी प्रभावित होती है, जिससे बुखार और खांसी लंबे समय तक बनी रहती है। ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बचाव ही सबसे बड़ा इलाज इस मौसम में हल्के गर्म कपड़े साथ रखना, ठंडी चीजों से परहेज करना और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतना जरूरी है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, फल-सब्जियां और भरपूर नींद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। रोजाना वायरल के एक हजार मरीज     वायरल फीवर, शरीर एवं जोड़ों का दर्द, भूख कम होना। इसमें सामान्य मरीज जो जल्दी ठीक हो जाते हैं, लेकिन बीपी, किडनी, कैंसर, ह्दय रोग, शुगर, गर्भवती महिलाओं, अस्थमा मरीजों को इंफेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। ये हाई रिस्क मरीज हैं। शादी समारोह के कारण इन दिनों वायरल फीवर ज्यादा बढ़ रहा है। एमवाय के मेडिसिन विभाग में रोजाना 400, चाचा नेहरू अस्पताल में 400 बच्चे और एमटीएच में 200 गर्भवती महिलाएं वायरल फीवर के इलाज के लिए आ रही हैं। इस तरह करीब एक हजार मरीज रोजाना आ रहे हैं।- डॉ. धर्मेंद्र झंवर, प्रो. मेडिसिन विभाग, एमजीएम मेडिकल कॉलेज  

मिडनाइट मैसेज के बाद IAS ट्रांसफर में बड़ा फेरबदल, मनीष सिंह और वर्णवाल की बढ़ी शक्ति, CM गंभीर

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए। इसमें 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परफॉर्मेंस और 2026 के रोडमैप को ध्यान में रखते हुए ये फैसले लिए। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से प्रमुख सचिव  संदीप सिंह और मंत्री राजेंद्र शुक्ला के बीच तालमेल ठीक नहीं बैठ रहा था, यही वजह है कि संदीप सिंह को ट्रांसफर किया गया। अब स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को दी गई है। संदीप सिंह को वन विभाग को प्रुख सचिव बनाया गया है।   वहीं, जनसंपर्क विभाग के कामकाज से भी मुख्यमंत्री नाखुश थे। यहीं वजह है कि वर्तमान जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना को अब आबकारी आयुक्त बनाया गया है। वहीं, मनीष सिंह को फिर से जनसंपर्क आयुक्त नियुक्त किया गया है और उनके पास परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। वहीं, आबकारी आयुक्त को लंबे समय से बदलने की अटकलें चल रही थी। अब करीब दो साल तक आबकारी आयुक्त रहे अभिजीत अग्रवाल अब प्रबंध संचालक, राज्य सहकारी विपणन संघ बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह दीपक सक्सेना को आबकारी आयुक्त बनाया गया है।   वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने 2026 को कृषि वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसमें सरकार किसानों की आय बढ़ाने से लेकर उत्पादकता की आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। बताया जा रहा है कि कृषि विभाग के डायरेक्टर अजय सिंह के अब तक के कामकाज मुख्यमंत्री की उम्मीदों के अनुसार नहीं रहा। अब उनको हटा कर जबलपुर विद्युत कंपनी में प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी दी गई है।  ट्रांसफर आदेश के अनुसार 2011 बैच के IAS उमाशंकर भार्गव को राजभवन से किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग का संचालक बनाया गया। जिला स्तर पर कई CEO और मुख्य कार्यपालन अधिकारी बदले गए। इनमें भिंड जिला पंचायत के CEO सुनील दुबे को राज्यपाल का उप सचिव बनाया गया।, संघमित्रा गौतम को आलीराजपुर जिला पंचायत CEO, नंदा भलावे कुशरे को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में अपर परियोजना संचालक और कमल सोलंकी को राससेन जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी दी गई है।  

इतिहास रचा प्रमोद भगत ने, पैरा बैडमिंटन में छठी बार बने वर्ल्ड चैंपियन

नई दिल्ली 37 वर्षीय भगत ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग के फाइनल में इंडोनेशिया के मोहम्मद अल इमरान को 21-12, 21-18 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उनके करियर का लगातार चौथा विश्व चैंपियनशिप एकल स्वर्ण और कुल मिलाकर छठा विश्व खिताब है। एसएल3 वर्ग में वे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिनके निचले अंगों में गंभीर विकलांगता होती है। पांच साल की उम्र में पोलियो से प्रभावित होने के बावजूद भगत ने अपने खेल से दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने इससे पहले 2009, 2015, 2019, 2022 और 2024 में भी विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत के साथ वह विश्व चैंपियनशिप इतिहास में सबसे सफल एकल खिलाड़ी बन गए हैं। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में वे डोपिंग रोधी नियमों के ‘वेयरअबाउट्स’ उल्लंघन के कारण 18 महीने के निलंबन का सामना कर चुके थे, जिसकी वजह से वह 2024 पेरिस पैरालंपिक में हिस्सा नहीं ले पाए थे। लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए एक बार फिर अपना दबदबा साबित किया।  

मुख्यमंत्री बोले, सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना

तुष्टीकरण से संतुष्टीकरण की ओर बढ़ा प्रदेश, निराश्रितों और श्रमिकों के लिए नई योजना की तैयारीः  सीएम योगी  मुख्यमंत्री बोले, सरकार का उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना  जीरो पॉवर्टी की दिशा में हुआ वृहद कार्य, 60 लाख गरीबों को आवास दिये गये, 6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर हुए लखनऊ  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जीरो पॉवर्टी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में गरीबों, निराश्रित महिलाओं, श्रमिकों और वंचित वर्गों के लिए चलाई गई योजनाओं ने उत्तर प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर बदली है। सरकार ने तुष्टीकरण की राजनीति से ऊपर उठकर “संतुष्टीकरण” के मॉडल पर कार्य किया है, जिसका उद्देश्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि निराश्रित महिलाओं को पेंशन, जरूरतमंदों को जॉब कार्ड और राशन कार्ड, जिनके पास आवास नहीं था उन्हें आवास तथा जिनके पास भूमि का स्वामित्व नहीं था उन्हें आवासीय पट्टा देने की कार्रवाई व्यापक स्तर पर की गई है। उन्होंने कहा कि अब तक 60 लाख गरीब परिवारों को एक-एक आवास उपलब्ध कराया गया है। पूर्ववर्ती योजनाओं पर उठाए सवाल मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गरीबों को इंदिरा आवास योजना के तहत मात्र ₹20,000 दिए जाते थे, जो पर्याप्त नहीं थे और न ही आवास समय पर पूरे हो पाते थे। उस दौरान योजनाओं का लाभ सीमित वर्ग तक ही पहुंचता था। इसके विपरीत वर्तमान डबल इंजन सरकार नगरीय क्षेत्रों में ₹2.5 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹1.20 लाख आवास निर्माण के लिए उपलब्ध करा रही है। इसके अतिरिक्त शौचालय निर्माण के लिए ₹12 से 15 हजार की अतिरिक्त सहायता दी जाती है। साथ ही मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी के बराबर मानदेय भी लाभार्थी को प्रदान किया जाता है, जिससे घर निर्माण में आर्थिक सहयोग सुनिश्चित हो सके। बहुआयामी गरीबी में आई उल्लेखनीय कमी मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं और समग्र विकास के प्रयासों के परिणामस्वरूप 6 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे सरकार की परिणाम-आधारित कार्यशैली का प्रमाण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई कर्मियों और निर्माण श्रमिकों जैसे शेष जरूरतमंद वर्गों के लिए आवास के लिए एक नई योजना लाई जा रही है। इसकी घोषणा आगामी बजट भाषण में की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास केवल आवास या आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के समन्वित विस्तार के माध्यम से समग्र विकास सुनिश्चित करना है। “हर गरीब को छत, हर निराश्रित को सम्मान और हर जरूरतमंद को अधिकार” इसी भावना के साथ प्रदेश जीरो पॉवर्टी की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दोहराया कि यह धन जनता का है और उसका उपयोग जनता के हित में ही किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ बिना भेदभाव हर वर्ग तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित करे।

विशेषज्ञों ने सराहा यूपी बजट: साफ रणनीति और विकास की सकारात्मक सोच

उत्तर प्रदेश के बजट पर विशेषज्ञों की राय  ——————————————— स्पष्ट नीतियों से सकारात्मक सोच योगी सरकार ने प्रदेश के विकास को लेकर अपनी समग्र दृष्टि पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं को एकीकृत रूप से देखें तो सरकार का मंतव्य भी सामने आ जाएगा। पहला तो राज्य सरकार की ओर से पहली बार प्रस्तुत किया गया आर्थिक सर्वेक्षण, दूसरा सदन में रख गए बजट के बिंदु और तीसरा राज्यपाल के अभिभाषण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से की गई चर्चा। इन तीनों का ही सार यह है कि प्रदेश सरकार के एजेंडे में लोक लुभावन बजट नहीं, प्रदेश को अब क्षमता वृद्धि की राह पर ले जाना है और इसीलिए दीर्घकालिक सोच को प्रधानता दी गई है। चूंकि यूपी की अर्थव्यवस्था मजबूत है इसलिए पूंजीगत व्यय पर अधिक जोर दिया जाना अब स्वाभाविक है और अच्छी बात यह है कि इसके लिए नीतियां बिलकुल स्पष्ट हैं। राज्य की आर्थिक स्थिरता ने ही निवेशकों को आकर्षित किया है। इसमें उस बुनियादी ढांचे का विशेष स्थान है, जो सहज साधन के रूप में विकसित हुआ। एक्सप्रेसवे का नेटवर्क, नए हवाई अड्डे, लाजिस्टिक पार्क और औद्योगिक कारिडोर की वजह से निवेशक आने वाले दिनों में और आकर्षित होंगे। मेरी दृष्टि में यह बजट सकारात्मक सोच वाला है जिसमें विकास का एक बड़ा आधार दिखाई देता है।  डा. शरद कोहली, आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ बिजनेस स्टेबिलिटी को बढ़ावा आर्थिक सर्वेक्षण और 2026-27 के बजट दोनों को देखें तो यह स्पष्ट है कि सरकार राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास दर को स्थिर बनाए रखना चाहती है। यह दृष्टिकोण इस बात का परिचायक है कि सामाजिक क्षेत्र को भी उत्पादकता से जोड़ा जा रहा है। पूंजीगत व्यय पर स्पष्ट फोकस की सोच भी स्पष्ट है कि संरचनात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ा जाए। यह एक तरह से संदेश है कि सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर का अपना एजेंडा बरकरार रखा है जिससे आगे चलकर प्रदेश में स्थायी विकास होता दिखाई देगा। सड़क, एक्सप्रेस-वे, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक कॉरिडोर, सिंचाई और ऊर्जा पर बड़े आवंटन यह दर्शाते हैं कि सरकार निजी निवेश को लेकर आधारभूत ढांचा मजबूत करना चाहती है। इससे राज्य में आर्थिक स्थिरता आएगी और निवेशक ऐसा ही माहौल चाहते हैं। आधारभूत ढांचा मजबूत होने से औद्योगिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। फियरलेस गवर्नेंस और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस स्टेबिलिटी को बढ़ावा देती हैं। मेरे विचार में यूपी सरकार ने एक ऐसा बजट प्रस्तुत किया है, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिरता के साथ ही निवेश संकेतकों को लेकर भी सकारात्मक संदेश उभरता है।  इस बात का प्रयास दिखाई देता है कि वेलफेयर की आधारशिला पर क्षमता निर्माण और पूंजी निवेश की इमारत खड़ी की जाए।  प्रो. मेनका सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय   उत्तर प्रदेश का 2026-2027 का बजट सकारात्मक संदेशों से भरा हुआ है। यह साफ करता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार लोक लुभावन राजनीति के बजाय प्रदेश की लॉन्ग टर्म आर्थिक मजबूती पर काम कर रही है। इस बजट की सबसे बड़ी खासियत है इंफ्रास्ट्रक्चर और पूंजीगत निवेश पर स्पष्ट फोकस। प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना और 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर दिखाती है कि विकास केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर उतर रहा है। प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये तक पहुंचना और आगे 1,20,000 रुपये का अनुमान इस दिशा को और मजबूत करता है। लगभग 06 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना और बेरोजगारी दर का 2.24 प्रतिशत तक आना यह बताता है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर स्थित हर व्यक्ति तक पहुंच रहा है। साथ ही, 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का क्रियान्वयन यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश आधारित, स्थिर और भविष्य उन्मुख अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। प्रो. हिमांशु, अर्थ शास्त्री, जेएनयू मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। यूपी का बजट 2026-27 यह स्पष्ट करता है कि योगी सरकार तात्कालिक लाभ से आगे बढ़कर प्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है। 9,12,696.35 करोड़ रुपये के इस बजट में 19.5 प्रतिशत पूंजीगत व्यय रखा जाना इस बात का संकेत है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थायी विकास सरकार के एजेंडे के केंद्र में हैं। राजकोषीय घाटे को 3 प्रतिशत की सीमा में रखना और ऋण-जीएसडीपी अनुपात को 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य यह दर्शाता है कि आर्थिक अनुशासन और वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का इसे चरणबद्ध तरीके से 20 प्रतिशत से नीचे लाने का संकल्प भविष्य की आर्थिक मजबूती तो सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्धता का संकेत है। शिक्षा, चिकित्सा और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों में संतुलित आवंटन यह दिखाता है कि विकास केवल ढांचागत ही नहीं, बल्कि समावेशी भी है। यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश अब मजबूत, स्थिर और दीर्घकालिक विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है। प्रो. शिरीष मिश्र, केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी

फरार आरोपी को कोलार से किया गिरफ्तार, अड़ीबाजी के मामले में इनाम घोषित था

कोलार में अड़ीबाजी के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, घोषित किया गया था पांच हजार का इनाम भोपाल कोलार पुलिस ने मारपीट और अड़ीबाजी के मामले में तीन महीने से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।  जानकारी के अनुसार फरियादी दौलत सिंह धाकड़ (22) पिछले साल नवंबर महीने में सुबह करीब चार बजे अपने एक दोस्त को छोडऩे के लिए प्रियंका नगर कोलार रोड गया था। वापस लौटते समय वंश मेहरा और उसके दो साथियों ने रोक लिया और पूछने लगे कि यहां क्यों आए थे। दौलत ने बताया कि वह अपने दोस्त को छोडऩे आया था। इसके बाद उन्होंने शराब पीने के लिए पांच सौ रुपये की मांग की। दौलत ने जब उन्हें रुपये देने से मना किया तो उन्होंने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ बेल्ट से मारपीट कर दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मारपीट और अड़ीबाजी का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी वंश मेहरा को उसी समय गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दो आरोपी भाग निकले थे। आरोपियों की गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसके बाद से एक विशेष टीम आरोपियों की तलाश में लगाई गई थी। शुक्रवार को पुलिस ने फरार आरोपी राज पथरोड़ निवासी प्रियंका नगर और शैलेंद्र सेन निवासी गरीब नगर कोलार रोड को गिरफ्तार कर लिया है।  पत्थर से हमला कर मोबाइल लूटने वाले शातिर बदमाश गिरफ्तार,आधी रात को गणेश मंदिर बस स्टाप पर हुई वारदात  पुलिस ने चंद घंटों के भीतर 2 आरोपियों को दबोचा  भोपाल। हबीबगंज इलाके में एक युवक पर पत्थर से हमला कर मोबाइल फोन लूटने वाले 2 शातिर बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना आधी रात को गणेश मंदिर बस स्टॉप पर उस वक्त हुई, जब फरियादी बाइक से उतरकर पैदल अपने घर लौट थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के बाद आरोपियों को दबोच लिया। जानकारी के अनुसार अशोक कुमार तिवारी (41) ई-2 अरेरा कॉलोनी में रहते हैं। गुरुवार की रात वह अपने दोस्त और होटल मालिक अखंड मिश्रा के साथ उनकी बाइक पर बैठकर ग्यारह मील मिसरोद से अपने घर लौट रहे थे। रात करीब बारह बजे अंखड ने उन्हें गणेश मंदिर बस स्टॉप पर उतारा और अपने घर से लिए निकल गए।बाइक से उतरने के बाद अशोक कुमार पैदल-पैदल अपने घर के लिए जाने लगे। इसी दौरान दो लड़के उनके पास पहुंचे और बगैर किसी बात के गाली-गलौज करने लगे। अशोक उनकी बातों को अनसुना करते हुए आगे बढ़े, तभी एक युवक ने झपट्टा मारकर उनके हाथ से मोबाइल फोन छीनने लगा।अशोक ने जब इसका विरोद किया तो उसके साथी ने पत्थर उठाकर उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। उसके बाद दोनों बदमाश मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मारपीट और लूटपाट का मामला दर्ज किया था।सीसीटीवी कैमरों से मिला सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश में पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने इलाके में लगे करीब 100 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और बदमाशों की पहचान के प्रयास किए। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि रात को समय मोबाइल लूटने वाले दो संदेही गणेश मंदिर के पास देखा गया है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें दबोच लिया। पूछताछ करने पर दोनों ने अपने नाम गोलू सनी एंथोनी (33) निवासी मद्रासी कालोनी टीटी नगर और राज विशेष उर्फ बिट्टू (24) निवासी रोहित नगर बावडिय़ा कला शाहपुरा बताया। आरोपी गोलू के खिलाफ टीटी नगर में आठ और राज के खिलाफ मिसरोद थाने में तीन अपराध पहले से दर्ज हैं।  पैसों की चाहत के चलते दिया वारदात को अंजाम  पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि दोनों रात के समय तफरी करने के लिए निकले थे। इसी दौरान उनके मन में पैसे कमाने की लालसा हुई तो उन्होंने पैदल जा रहे व्यक्ति के साथ मारपीट कर मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात को बाद बदमाशों ने लूटा गया मोबाइल रेलवे पटरी के पास लोहे के पाइप के अंदर छिपा दिया और उसके बाद अपने घर चले गए। पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। इनकी रही सराहनीय भूमिका लूटपाट की घटना का खुलासा और आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी संजय चौकसे, एसआई अजय दुबे, अखिलेश त्रिपाठी, शिवभानु सिंह, हेड कांस्टेबल राघवेन्द्र भास्कर, राजकुमार साहू, आरक्षक रामनरेश किरार, कंचन यादव, राकेश भारद्वाज, अरविन्द यादव, नीमेश लोट, अभिषेक मालवीय, पुष्पेन्द्र भदौरिया और शिवशंकर की सराहनीय भूमिका रही है।