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Gold ETF में बड़ा उछाल, दिसंबर में निवेश 211% बढ़कर ₹11,646 करोड़ का ऑल टाइम हाई, SIP से ₹31,000 करोड़ का इनफ्लो

मुंबई  भारत में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) में निवेश तेजी से बढ़ रहा है और इस महीने यह एक नए शिखर पर पहुंच गया है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 211 फीसदी बढ़कर 11,646 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो नवंबर के 3,742 करोड़ और अक्टूबर के 7,743 करोड़ की तुलना में कहीं ज्यादा है। इस कैटेगरी के लिए यह अब तक का सबसे ज्यादा मंथली इनफ्लो है। वैश्विक और घरेलू स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता और शेयर बाजारों में समय-समय पर जोखिम से बचने (रिस्क-ऑफ) का माहौल बनने के कारण गोल्ड ईटीएफ में यह मजबूत निवेश देखने को मिला।  म्युचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए ताबड़तोड़ निवेश जारी है। दिसंबर 2025 में एसआईपी ने नया रिकॉर्ड बनाया और पहली बार निवेश 31,000 करोड़ के पार चला गया। हालांकि, इ​क्विटी म्युचुअल फंड्स में इनफ्लो नवंबर के मुकाबले 6 फीसदी घटकर 28,054 करोड़ रुपये पर आ गया। इ​क्विटी फंड्स में फ्लेक्सी कैप फंड का दमदार प्रदर्शन जारी है। पिछले महीने इस कैटेगरी में 10 हजार करोड़ से ज्यादा का जबरदस्त इनफ्लो आया। एक्सपर्ट मानते हैं कि निवेशकों का भारत की ग्रोथ स्टोरी और लंबी अव​धि के नजरिए से बाजार पर भरोसा बना हुआ है। Gold ETFs में निवेश 4 गुना बढ़ा निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों (सेफ-हेवन एसेट्स) में भी एक बार फिर रुचि दिखाई। मिरे असेट में डिस्ट्रीब्यूटशन और स्ट्रैटेजिक एलायंस की हेड सुरंजना बोरठाकुर ने कहा, सोने के लिए यह साल बेहद शानदार रहा है और गोल्ड ईटीएफ में नेट इनफ्लो पिछले साल की तुलना में चार गुना बढ़ गया है। अब सोने को सिर्फ जोखिम से बचाव (हेज) के तौर पर ही नहीं, बल्कि निवेशकों के पोर्टफोलियो का एक रणनीतिक और दीर्घकालिक हिस्सा भी माना जा रहा है।” क्यों बढ़ी गोल्ड ईटीएफ की चमक? साल 2025 में सोने की कीमतों में आई जोरदार तेजी के दम पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। आनंद राठी वेल्थ के फिरोज अजीज ने कहा, “कैलेंडर वर्ष 2025 में सोने ने 70 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है, जिसके बाद गोल्ड ETFs में अब तक का सबसे अधिक निवेश दर्ज हुआ है। यह हालिया प्रदर्शन से प्रभावित निवेश व्यवहार (रेसेंसी बायस) की ओर भी इशारा करता है।” Gold ETFs पर क्यों लट्टू हो रहे निवेशक? सोने की कीमतों में तेजी के पीछे वैश्विक और घरेलू दोनों कारकों का योगदान है। इसके अलावा, सेंट्रल बैंक की खरीद और भू-राजनैतिक तनाव जैसे वैश्विक कारकों ने सोने को सुरक्षित निवेश (safe-haven asset) के रूप में पसंदीदा बना दिया है। विशेष रूप से गोल्ड ईटीएफ को तरजीह दी जा रही है क्योंकि ये लिक्विडिटी, किफायती लागत, पारदर्शिता और ट्रेडिंग में आसानी प्रदान करते हैं, जबकि फिजिकल सोने में स्टोरेज और शुद्धता संबंधी चिंताएं होती हैं। ICRA एनालिटिक्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड मार्केट डेटा, अश्विनी कुमार ने कहा, “दुनिया में बढ़ते तनाव और अनिश्चित माहौल के कारण लोग अब सोने को एक सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। निवेशक गोल्ड ईटीएफ को उनकी तरलता (लिक्विडिटी), पारदर्शिता, कम लागत और ट्रेडिंग की आसान प्रक्रिया के कारण पसंद करते हैं।” Gold ETF क्या है? गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) एक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड है, जो देश में सोने की कीमतों को ट्रैक करता है। यह एक पैसिव इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट है जो सोने की कीमतों (Gold Price) पर आधारित होता है और गोल्ड बुलियन (भौतिक सोने) में निवेश करता है। गोल्ड ईटीएफ की एक यूनिट 1 ग्राम सोने के बराबर होती है और इसे डीमैट (Demat) या पेपर फॉर्म में रखा जा सकता है। यह उच्च शुद्धता वाले फिजिकल गोल्ड से समर्थित होता है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने से निवेशकों को शेयर बाजार की तरह लचीलापन (Flexibility) मिलता है, साथ ही सोने में निवेश की सरलता भी बनी रहती है।

महतारी वंदन योजना: रायपुर में महिलाओं को आर्थिक संबल से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर : महतारी वंदन योजना : आर्थिक संबल से आत्मनिर्भरता तक महिलाओं के सशक्तिकरण की कहानी रायपुर छत्तीसगढ़ में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और समाज में उनकी निर्णायक भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई महतारी वंदन योजना आज महिला सशक्तिकरण की एक प्रभावी और दूरगामी पहल के रूप में उभर रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हुए स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसरों से भी जोड़ रही है। आर्थिक संबल से आत्मनिर्भरता तक महिलाओं के सशक्तिकरण की कहानी     योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की निश्चित सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। अब तक राज्य की लाखों महिलाओं को 23 किश्तों में कुल 14,948 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। इस नियमित सहयोग से महिलाओं की घरेलू खर्चों की चिंता कम हुई है, आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभाने लगी हैं। स्वरोजगार की ओर बढ़ते कदम     महतारी वंदन योजना का सबसे सकारात्मक पहलू यह है कि महिलाएं इस सहायता राशि का सदुपयोग कर छोटे-छोटे व्यवसाय प्रारंभ कर रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के चांपा नगर के वार्ड क्रमांक 02 की निवासी श्रीमती उर्मिला यादव ने हर माह मिलने वाली राशि को बचाकर आर्टिफिशियल गहनों का व्यवसाय शुरू किया। आज वे घर से तथा साप्ताहिक हाट-बाजारों में गहनों का विक्रय कर प्रतिमाह लगभग 2,000 रुपये की अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।     इसी तरह चांपा की श्रीमती ज्योति कसेर ने योजना की सहायता से पापड़ व्यवसाय प्रारंभ किया, जिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 5,000 रुपये का लाभ हो रहा है। इससे वे अपने परिवार की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को सहजता से पूरा कर पा रही हैं। ग्राम सरहर की श्रीमती सुमित्रा कर्ष ने श्रृंगार सामग्री की दुकान शुरू कर लगभग 1,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आय अर्जित की, जबकि श्रीमती कुसुम देवी पाण्डेय ने अपनी श्रृंगार दुकान का विस्तार कर अब हर महीने 2,000 रुपये का मुनाफा प्राप्त कर रही हैं। गरीब परिवारों के जीवन में स्थायित्व     यह योजना मजदूरी और सीमित आय पर निर्भर परिवारों के लिए भी आर्थिक सुरक्षा का आधार बन रही है। कबीरधाम जिले के ग्राम मझगांव की निवासी श्रीमती सतरूपा गंधर्व, जो मजदूरी पर निर्भर परिवार से हैं, को अब तक योजना के तहत 23 किश्तों में 23,000 रुपये प्राप्त हो चुके हैं। वे बताती हैं कि इस राशि से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतें और व्यक्तिगत     आवश्यकताएं आसानी से पूरी हो पा रही हैं। नियमित सहायता से अब वे कुछ बचत भी कर पा रही हैं, जिससे आकस्मिक खर्चों की चिंता समाप्त हो गई है।बलरामपुर जिले के ग्राम रघुनाथनगर की साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली श्रीमती ओमलता भी इस योजना से लाभान्वित होकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ी हैं।   महिलाओं के सम्मान और भागीदारी में वृद्धि     महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में स्थायित्व, सम्मान और आत्मविश्वास लाने वाली पहल है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और आर्थिक निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।     महतारी वंदन योजना आज केवल एक आर्थिक सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के सपनों, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला बन चुकी है। यह योजना प्रदेश की महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है और छत्तीसगढ़ को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई पहचान दिला रही है।

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की परीक्षाओं में होगी कड़ी सुरक्षा: एंट्री से पहले आइरिस और फिंगरप्रिंट जांच, AI से बनेगा प्रश्नपत्र

भोपाल मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) की इस साल होने वाली परीक्षाओं में सुरक्षा के काफी प्रबंध रहेंगे। सभी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की पहचान का सत्यापन आधार आधारित फेस (चेहरे), आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन और फिंगर (अंगुलियों की छाप) प्रणाली से किया जाएगा। इससे ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जो दूसरे के नाम पर परीक्षा देने बैठते हैं। इसके लिए ईएसबी परीक्षा केंद्रों पर आइरिस स्कैन और फेस रिकोग्निशन मशीनें लगाएगा। परीक्षा केंद्रों पर अधिक संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। नकल रोकने के लिए जैमर भी लगाए जाएंगे। इस संबंध में ईएसबी ने दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इस बार ईएसबी प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा केंद्रों के चयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भी सहायता लेगा। इस वर्ष विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 15 हजार पदों के लिए 16 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। ये भर्तियां पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य अहम विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए की जाएंगी। बता दें, कि ये कदम वर्ष 2023 की आरक्षक भर्ती परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बाद उठाया गया है, जब अभ्यर्थियों ने आधार के बायोमेट्रिक पहचान में धोखाधड़ी कर परीक्षा पास कर ली थी। शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान ऐसे कुछ अभ्यर्थी पकड़े गए थे। फर्जी अभ्यर्थी की पहचान हो सकेगी अधिकारियों ने बताया कि आइरिस स्कैन को अंगुलियों के निशान से कहीं अधिक सुरक्षित माना जाता है। यह एक ऐसी बायोमेट्रिक तकनीक है जो सटीक होती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हर व्यक्ति की आंख की पुतली का पैटर्न बेहद अनोखा और जटिल होता है, जिसे बदला नहीं जा सकता है। इसी तरह फेस रिकोग्निशन भी सुरक्षित माना जा रहा है। तीन एजेंसियां करेंगी काम एआई के माध्यम से पुलिस भर्ती परीक्षा को संपन्न कराया जाएगा। इसमें केंद्र के निर्धारण से लेकर प्रश्नपत्र तैयार करने, परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और परीक्षार्थियों की जांच सब कुछ एआई के माध्यम से होगा। एआई चार प्रकार से डाटा विश्लेषण कर ईएसबी को भेजेगा। इसमें परीक्षार्थियों द्वारा हल किए गए सवालों पर साफ्टवेयर के माध्यम से नजर रखी जाएगी कि एक विद्यार्थी एक प्रश्न कितने देर में हल कर रहा है। परीक्षार्थी किस प्रश्न पर कितनी देर रुका, प्रश्नों को हल करने में कितना समय लगा, कितनी देर वह खाली बैठा रहा। इसके आधार पर संदिग्ध की पहचान हो सकेगी। अगर अभ्यर्थी सिर्फ 15 से 20 मिनट में जवाब दे देता है तो एआइ मंडल को रेड अलर्ट भेजेगा। तीन एजेंसियां मिलकर परीक्षा संपन्न कराएंगी।

मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट-2026 की शुरुआत रविवार से, रवीन्द्र भवन में होगा आयोजन

दो दिवसीय मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट-2026 रविवार से रवीन्द्र भवन में देश और प्रदेश का टेलेंट देगा विकसित भारत का संदेश, दो दिन होंगे अनेक सत्र प्रदर्शनी में दिखेगी मौजूदा और भविष्य के म.प्र. की उत्कृष्ट उद्यमशीलता की झांकी भोपाल  मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट 2026 का आयोजन 11 एवं 12 जनवरी 2026 को रवींद्र भवन, भोपाल में होगा। यह दो दिवसीय स्टार्टअप समिट शिखर सम्मेलन देशभर के स्टार्टअप्स, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, एफपीओ, एमएसएमई एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े साझेदारों को एक साझा मंच पर लाएगा। समिट के माध्यम से राज्य के तेज़ी से विकसित होते स्टार्टअप इकोसिस्टम, नीति-आधारित सुधारों, निवेश अवसरों एवं प्रेरक सफलता कहानियों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही नेटवर्किंग, सीखने एवं सहयोग के लिए उच्च प्रभाव वाला मंच प्रदान किया जाएगा। प्रथम दिवस : क्षमता निर्माण, एफपीओ एवं स्टार्टअप पिचिंग सत्र समिट के पहले दिन का फोकस ज्ञान-साझाकरण एवं स्टार्टअप सहभागिता के माध्यम से स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने पर रहेगा। सत्र की दिन की शुरुआत “इन्क्यूबेटर सस्टेनेबिलिटी” पर इन्क्यूबेटर मास्टर क्लास से होगी, जिसमें NSRCEL–IIM बैंगलोर, ISBA, IIM इंदौर तथा देश के अग्रणी इन्क्यूबेटर्स के विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। इसके बाद एग्री एफपीओ को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने एवं वैल्यू चेन परिवर्तन विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की जाएगी, जिसमें नवाचार, इम्पैक्ट फंडिंग एवं स्केलेबल एग्री-उद्यमिता मॉडल्स पर विचार विमर्श होगा। दोपहर पश्चात स्टार्टअप पिचिंग सत्र (क्वालिफायर राउंड) आयोजित किया जाएगा, जिसमें चयनित स्टार्टअप्स निवेशकों एवं मेंटर्स के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। द्वितीय दिवस : पिचिंग फाइनल्स, उद्घाटन सत्र एवं सेक्टोरल संवाद सत्र समिट के दूसरे दिन की शुरुआत स्टार्टअप पिचिंग फाइनल्स से होगी, जिसमें उच्च संभावनाओं वाले स्टार्टअप्स का चयन किया जाएगा। इस दिन यानि 12 जनवरी सोमवार को उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। साथ ही देश के प्रतिष्ठित उद्यमियों एवं निवेशकों —अमन गुप्ता (को-फाउंडर बोट), अंकित अग्रवाल (फाउंडर एवं सीईओ इशयोरेंस देखो) एवं विनीत राय (फाउंडर आविष्कार ग्रुप) का संबोधन भी होगा। इस अवसर पर प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। इस अवसर पर स्टार्टअप अवॉर्ड्स, एमपी स्टार्टअप इंस्पायरिंग स्टोरीज़ संकलन का विमोचन, सिंगल-क्लिक इंसेंटिव पहल तथा राष्ट्रीय संस्थानों के साथ रणनीतिक एमओयू भी संपादित किए जाएंगे। दोपहर बाद सेक्टोरल सत्रों एवं फायरसाइड चैट्स के माध्यम से रियल ग्रोथ मैट्रिक्स, महिला उद्यमिता, स्टार्टअप्स एवं ओडीओपी एमएसएमई के लिए सोशल मीडिया व इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, तथा वैश्विक विस्तार रणनीतियों जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए इच्छुक प्रतिभागी लिंक https://startup.mp.gov.in/event/ पर पंजीकरण कर सकते हैं।  

महाकाल की नगरी में 14-18 जनवरी तक होगा सांस्कृतिक समागम, शिव-भक्ति और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की मौजूदगी

उज्जैन  बाबा महाकाल की नगरी में 14 से 18 जनवरी तक सांस्कृतिक समागम, शिव-भक्ति और वैश्विक कलाकारों के संगम का केंद्र बनेगी। श्रीमहाकाल महोत्सव देश और दुनिया में उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा और लोक एवं शास्त्रीय कला के बीच अनूठा संवाद स्थापित करेगा। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। पहले दिन पार्श्व गायक शंकर महादेवन (Singer Shankar Mahadevan) अपने बेटों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ प्रस्तुति देंगे। मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार और वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि महाकाल की नगरी में आयोजित महोत्सव देश-दुनिया के सांस्कृतिक मानचित्र पर उज्जैन को नई ऊंचाई देगा। महोत्सव की विशेषता यह है कि इसमें शास्त्रीय और लोक, परंपरा और आधुनिकता, देशज और वैश्विक सभी धाराएं एक साथ प्रवाहित होंगी। महोत्सव में 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के आने की संभावना है। सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) के साथ उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, आंध्रप्रदेश के चंद्रबाबू नायडू, महाराष्ट्र के देवेन्द्र फडणवीस, गुजरात के भूपेन्द्र पटेल, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, झारखंड के हेमंत सोरेन और तमिलनाडु के एमके स्टालिन को आमंत्रित किया गया है।  अंतरराष्ट्रीय सहभागिता महोत्सव की विशेषता यह रहेगी कि इंडोनेशिया और श्रीलंका के नाट्य दल सहभागिता करेंगे। इससे भारत की प्राचीन सांस्कृतिक कड़ियों का पुनस्मरण होगा और यह सिद्ध होगा कि भारत की सभ्यता केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक भूभाग में सांस्कृतिक सेतु निर्मित किए हैं। संगीत और प्रस्तुति पार्श्व गायक शंकर महादेवन अपने बेटों सिद्धार्थ और शिवम् की त्रयी शिव-भक्ति और भारतीय संगीत की ऊंचाइयों को स्वर देगी। सोना महापात्रा की भावपूर्ण प्रस्तुति, द ग्रेट इंडियन क्वायर, विपिन अनेजा और श्रेयस शुक्ला जैसे कलाकार महोत्सव को समकालीन सृजन का सशक्त स्वर देंगे। लोक कला का महत्वपूर्ण आयाम तिवारी ने बताया कि महोत्सव का विशेष आयाम है जनजातीय लोक कला। प्रतिदिन उज्जैन के विभिन्न स्थलों से कला यात्राएं निकलेंगी, जो रंगों, वाद्यों और नृत्य की लय के साथ श्रीमहाकाल महालोक परिसर तक पहुंचेगी। यह केवल मार्ग की यात्रा नहीं, बल्कि पीढ़ियों से संचित परंपराओं को वर्तमान से जोड़ने का माध्यम होगी। महोत्सव वीर भारत न्यास, श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति, संस्कृति संचालनालय, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, त्रिवेणी संग्रहालय, कृषि उद्योग विकास परिषद, उज्जैन विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन और नगर निगम की सहभागिता में आयोजित किया जा रहा है।

अयोध्या में राम मंदिर के 15 किमी दायरे में मांस बिक्री पर रोक, नॉन-वेज डिलीवरी पर भी लगी पाबंदी

अयोध्या  यूपी की राम नगरी अयोध्या में अब 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. धार्मिक मर्यादाओं के पालन को सख्ती से लागू करते हुए जिला प्रशासन ने यह बड़ा फैसला लिया है.  न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासन ने राम मंदिर के 15 किलोमीटर के दायरे में गैर-शाकाहारी भोजन की होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. यह निर्णय ‘पंचकोसी परिक्रमा’ क्षेत्र में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के जरिए नॉन-वेज भोजन की आपूर्ति को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है. 15 किमी दायरे में नॉन-वेज डिलीवरी पर रोक  प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, हाल के महीनों में यह सामने आया था कि ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियां प्रतिबंधित क्षेत्र में भी पर्यटकों और स्थानीय लोगों तक नॉन-वेज भोजन पहुंचा रही थीं. इसके अलावा कुछ होटल और होमस्टे द्वारा मेहमानों को न सिर्फ मांसाहारी भोजन बल्कि शराब परोसने की शिकायतें भी मिली थीं. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को सख्त चेतावनी जारी की है. मई 2025 में अयोध्या नगर निगम ने अयोध्या और फैजाबाद को जोड़ने वाले 14 किलोमीटर लंबे राम पथ पर मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था. हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते नौ महीनों में शराब बिक्री पर रोक का प्रभावी ढंग से पालन नहीं हो पाया. राम पथ पर अब भी दो दर्जन से अधिक शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं. इस देरी पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि राम पथ और फैजाबाद क्षेत्र में मांस की दुकानों को हटा दिया गया है, लेकिन शराब की दुकानों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक होती है. इसी वजह से शराब बिक्री पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाई है. विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि अयोध्या में यह फैसला बहुत अच्छा है. पहले से भी तीर्थ स्थलों पर इस तरह की पाबंदी लगाई गई है, जिसमें हरिद्वार, तिरुपति भी शामिल है. यहां पर मांस और शराब की बिक्री बंद है. अयोध्या वैसा ही पवित्र शहर है, इसलिए यहां पर शाकाहारी लोग रहें, यही उचित है. पर्यटन नहीं, धार्मिक नगरी है अयोध्या विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि अयोध्या एक पवित्र धार्मिक नगरी है और विश्व की सांस्कृतिक राजधानी है. मुझे लगता है कि इस धार्मिक नगरी में लोग पर्यटन की दृष्टि से नहीं आते हैं, बल्कि धार्मिकता की दृष्टि से आते हैं. अयोध्या में अनेक मठ मंदिर हैं. सभी मठ-मंदिरों में श्रद्धालु बड़े श्रद्धा भाव से दर्शन करते हैं. इस भाव और श्रद्धा को जब दुख पहुंचाया जाता है, तो बहुत गलत बात है. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जो यह कदम उठाया है, इस कदम का हम स्वागत करते हैं. अयोध्या को मांस और मदिरा रहित करना चाहिए. इसका निर्णय पूर्व में ही लेना चाहिए, लेकिन पूर्व की सरकारें नहीं ले पाई. अयोध्या को धार्मिकता के आधार पर ही देखना चाहिए, ना कि पर्यटन की दृष्टि से देखना चाहिए. हम सब पहले भी मांग करते थे कि धार्मिक नगरी में इस तरह के कार्य को बंद किया जाए. बिक्री वालों को डालें जेल के अंदर संत विष्णु दास ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम की नगरी अयोध्या में मांस पर प्रतिबंध लगाया गया है, यह बहुत अच्छी बात है. यहां पर जितने भी श्रद्धालु प्रभु राम और बजरंगबली के दर्शन कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में जो रोक लगाया गया है, यह बहुत अच्छा फैसला है. साथ ही सभी तीर्थ स्थलों में मांस की बिक्री बंद होनी चाहिए. अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया गया, तो उसको जेल की सलाखों के पीछे बंद कर देना चाहिए. अयोध्या मर्यादा और संस्कृति की नगरी संत देवेशाचार्य ने बताया कि यह बहुत अच्छी बात है. अयोध्या के अंदर मांस पर प्रतिबंध करना बहुत अच्छी पहल है. अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम की नगरी है. यहां पर संपूर्ण विश्व से श्रद्धालु आते हैं, उनको इस तरीके का दृश्य देखने को मिलता था, तो उनके हृदय को भी पीड़ा होती थी. यह मर्यादा की नगरी है, संस्कृति की नगरी है. अब यहां पर प्रतिबंध लगाया गया है, तो शासन-प्रशासन को बहुत बड़ा साधुवाद है, क्योंकि हम लोग बहुत दिनों से इसके लिए प्रयास भी करते थे. पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म्स पर शिकंजा इस बीच सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन माध्यम से नॉन-वेज फूड डिलीवरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं. उन्होंने कहा, 'शिकायतों के बाद ऑनलाइन नॉन-वेज फूड डिलीवरी पर प्रतिबंध लगाया गया है. सभी होटल, दुकानदारों और डिलीवरी कंपनियों को इसकी सूचना दे दी गई है. नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी.' प्रशासन का कहना है कि अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए इस तरह के कदम जरूरी हैं. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.  

पुतिन की मिसाइल से यूक्रेन में हड़कंप, 4000 डिग्री सेल्सियस के हमले में 4 की मौत, 24 लोग घायल

कीव  रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर विनाशकारी मोड़ ले लिया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को पुष्टि की है कि उसने अपनी सबसे आधुनिक और घातक 'ओरेश्निक' (Oreshnik) मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) से यूक्रेन पर हमला किया है। रूस का दावा है कि यह हमला दिसंबर में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले का बदला है। इस ताजा मिसाइल हमले ने यूक्रेन के बुनियादी ढांचे और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के अनुसार, इस हमले में 4 नागरिकों की मौत हो गई और 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हमले के कारण कई इलाकों में पानी और हीटिंग की सप्लाई ठप हो गई है। कितनी घातक है ओरेश्निक मिसाइल? ओरेश्निक कोई साधारण मिसाइल नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक हथियारों के साथ भी परमाणु जैसी तबाही मचाने में सक्षम है। इसकी रेंज करीब 1,000 से 5,500 किलोमीटर के बीच है और यह महज 15 मिनट में अपने लक्ष्य को भेद सकती है। इतनी तेज स्पीड के कारण दुनिया का कोई भी वर्तमान एयर डिफेंस सिस्टम इसे रोक नहीं सकता। पुतिन के अनुसार, हमले के वक्त इसका तापमान 4,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जो सूरज की सतह के करीब है। यह अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को राख बना देती है। यूक्रेन ने इसे रूस की "बर्बरता और आतंक" करार देते हुए कहा है कि पुतिन बमबारी के जरिए उन्हें अपनी शर्तें मानने पर मजबूर नहीं कर सकते। हालांकि, ओरेश्निक का दोबारा इस्तेमाल यह संकेत देता है कि रूस अब युद्ध को और अधिक आक्रामक स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।  

बिहार में एक साथ 23 आईएएस अफसरों के तबादले, नई जिम्मेदारी का आदेश जारी

पटना  बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने 23 आईएएस अफसरों का स्थानांतरण (IAS Transfer) किया है। इनमें से एक को एडिशनल चार्ज सौंपा गया है। पूर्णिया, बाढ़, महुआ (वैशाली), पालीगंज, नौगछिया और बगहा (पश्चिम चंपारण) के अनुमण्डल पदाधिकारी बदले गए हैं। इसके अलावा उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी और नगर आयुक्त समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव हुआ है। तबादले और नियुक्ति से संबंधित आदेश 9 जनवरी 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी कर दिया है। आईएएस अधिकारी समीर सौरव उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद पटना को स्थानांतरित करके प्रबंध निदेशक कम्फेड पटना के पद पर भेजा गया है। दीपक कुमार मिश्रा नगर आयुक्त नालंदा को संयुक्त सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा उन्हें अपर निदेशक, मिशन निदेशक का कार्यकाल, बिहार विकास मिशन पटना का एडिशनल चार्ज भी सौंपा गया है। इन आईएएस अफसरों का हुआ तबादला      अभिषेक पलासिया, उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद खगड़िया को नगर आयुक्त, गया नगर निगम, गयाजी के पद पर पदस्थ किया गया है।     कुमार निशांत विवेक, उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद गोपालगंज को नगर आयुक्त बिहार शरीफ नगर निगम नालंदा के पद की जिम्मेदारी दी गई है।     श्रीकांत कुण्डलिक खांडेकर उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद नालंदा को उप विकास आयुक्त -सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद पटना पद का प्रभार सौंपा गया है।     शुभम कुमार, नगर आयुक्त भागलपुर नगर निगम को विकास उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद नालंदा के पद पर पदस्थ किया गया है।     शिवाक्षी दीक्षित नगर आयुक्त मुंगेर नगर निगम को अगले आदेश तक नगर आयुक्त बेतिया नगर निगम पश्चिम चंपारण पद पर भेजा गया है।     पार्थ गुप्ता अनुमंडल पदाधिकारी पूर्णिया को नगर आयुक्त मुंगेर नगर निगम मुंगेर के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।     सूर्य प्रताप सिंह उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद के कैमूर, भभुआ को उपविकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद समस्तीपुर के पद पर भेजा गया है।     लक्ष्मण तिवारी, नगर आयुक्त, बेतिया नगर निगम पश्चिम चंपारण को उप विकास आयुक्त -सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद सारण, छपरा के पद की जिम्मेदारी मिली है।     आशीष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी बाढ़ पटना को नगर आयुक्त मोतिहारी नगर निगम मोतिहारी पद पर भेजा गया है।     किसलय कुशवाहा अनुमंडल पदाधिकारी, महुआ, वैशाली को नगर आयुक्त भागलपुर नगर निगम पद की जिम्मेदारी दी गई है।     गौरव कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी बगहा पश्चिमी चंपारण को उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद गोपालगंज के पद पर पदस्थ किया गया है।     श्वेता भारती को उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद, खगड़िया पद पर भेजा गया है।     दिव्या शक्ति को उप विकास आयुक्त-सह- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, सहरसा पद की जिम्मेदारी दी गई है। 11 बीएएस अफसरों को भी मिली नई जिम्मेदारी  राज्य सरकार ने शुक्रवार को कई बिहार प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। अनुमंडल पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी और सचिव समेत कई पदों के प्रभार में बदलाव किया गया है। पदस्थापना के प्रतीक्षा कर रहे चंदन कुमार को पालीगंज पटना का अनुमण्डल पदाधिकारी बनाया गया है।  ज्योत्सना कृष्ण को विशेष कार्य पदाधिकारी सामान्य प्रशासन विभाग पद पर नियुक्त किया गया है। बिहार कर्मचारी चयन आयोग का नया सचिव संजय कुमार निराला को बनाया गया है। आशीष नारायण अनुमंडल पदाधिकारी राजगीर नालंदा को विशेष कार्य पदाधिकारी मुख्यमंत्री सचिवालय पद की जिम्मेदारी दी गई है। अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी जमुई पद पर कार्यरत अनिल कुमार को अनुमंडल पदाधिकारी गया सदर पद पर भेजा गया है। उप सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय पद पर कार्यरत राजीव रंजन कुमार सिंह को अपर समहर्त्ता- सह- अपर जिला दंडाधिकारी नालंदा पद की जिम्मेदारी दी गई है।

नए भारत की झलक: प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र से सामने आई नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र से झलकी नए भारत की तस्वीर लखीमपुर खीरी रसोई में गैस सिलेंडर खत्म हो जाना कभी पूरे दिन की परेशानी बन जाया करता था, लेकिन आज वही स्थिति कुछ ही मिनटों में सुलझ जाती है। ऐसा ही एक भावनात्मक अनुभव एक उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की साधारण गृहिणी अरुणा श्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे अपने पत्र में साझा किया है, जो बदलते भारत की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है। लगभग 42 वर्षीय अरुणा श्री, जिनका विवाह वर्ष 2004 में हुआ, एक सामान्य परिवार से आती हैं। अपने पत्र में उन्होंने 2014 से पहले के समय को याद करते हुए लिखा कि उस दौर में एलपीजी गैस कनेक्शन मिलना आसान नहीं था। वर्षों इंतजार, सिफारिशें, गैस बुकिंग के लिए लंबी कतारें और भरा सिलेंडर पाने के लिए एजेंसी के चक्कर आम बात थी। कई बार मजबूरी में ब्लैक में गैस खरीदनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव दोनों बढ़ जाते थे। उन्होंने हाल की एक छोटी-सी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया। एक दिन भोजन बनाते समय अचानक गैस खत्म हो गई। पहले ऐसे हालात में पूरा काम ठप हो जाता, लेकिन अब उनके पति के एक फोन पर मात्र 15 मिनट के भीतर भरा हुआ सिलेंडर घर पहुँच गया और भोजन समय पर तैयार हो सका। अरुणा जी के अनुसार, यह भले ही छोटी घटना लगे, लेकिन इसमें आज और 2004 के भारत के बीच का बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है। अपने पत्र में उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, मोबाइल से बुकिंग, घर पर सिलेंडर डिलीवरी और सब्सिडी के सीधे बैंक खाते में आने जैसी व्यवस्थाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि इन छोटे-छोटे सुधारों ने आम महिलाओं के जीवन को कहीं अधिक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने उत्तर में कहा कि ऐसे आत्मीय पत्र उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने बिजली, पानी, शौचालय, पक्का मकान, उज्ज्वला योजना, बैंकिंग सुविधा और मुद्रा योजना जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से देश की महिलाएँ सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। उन्होंने महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ते भारत पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। अरुणा श्री का प्रधानमंत्री को लिखा यह पत्र बताता है कि जब नीतियाँ ज़मीन पर उतरती हैं, तो वे सिर्फ योजनाएँ नहीं रह जातीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में भरोसे और सुकून का रूप ले लेती हैं—और यही विकसित भारत की असली पहचान है।

पोगो पर इतिहास रचने आ रहा है ‘ओमी नंबर ओवन’, भारतीय एनीमेशन को मिला नया सुपरस्टार!

पोगो पर इतिहास रचने आ रहा है ‘ओमी नंबर ओवन’ – भारतीय एनीमेशन को मिला नया सुपरस्टार! धनबाद  भारतीय बच्चों के मनोरंजन जगत में एक नया, ताज़ा और बेहद आकर्षक अध्याय जुड़ चुका है। वेककीटुंस  स्टूडियो की बहुप्रतीक्षित ओरिजिनल एनिमेटेड सीरीज़ ‘ओमि नंबर1’ ने 15 दिसंबर 2025 को पोगो चैनल पर शानदार शुरुआत की है। यह शो केवल हँसी-मज़ाक तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए एक ऐसी रंगीन और भरोसेमंद दुनिया रचता है, जिससे वे खुद को जोड़ सकें। सीईओ निलॉय कांती बिस्वास का विज़न वैक्कीटूंस स्टूडियो के सीईओ निलॉय कांती बिस्वास ने बताया कि ‘ओमि नंबर1’ को एक साधारण कॉमेडी शो की तरह नहीं, बल्कि एक मजबूत कहानी और किरदारों से भरी सीरीज़ के रूप में गढ़ा गया है। इसका मकसद बच्चों को केवल हँसाना ही नहीं, बल्कि उन्हें प्रेरित करना और उनकी कल्पनाओं को नई उड़ान देना है। सालों की मेहनत, जुनून और टीमवर्क का नतीजा इस सीरीज़ के दो पूरे सीज़न तैयार करने में कई वर्षों की अथक मेहनत लगी। दिन-रात की कड़ी मेहनत, बार-बार किए गए बदलाव और पूरी स्टूडियो टीम की निरंतर लगन ने इस सपने को हकीकत में बदला। बिस्वास ने कहा कि शो का ऑन-एयर होना क्रिएटर्स के लिए एक भावनात्मक और गर्व का क्षण है, क्योंकि अब यह रचना सीधे दर्शकों के दिलों तक पहुंचेगी। इंडस्ट्री दिग्गजों का मजबूत सहयोग उन्होंने वार्नर ब्रॉस. डिस्कवरी के अर्जुन नोहरवार और साई अभिषेक का विशेष धन्यवाद किया, जिनके सहयोग से यह सीरीज़ पोगो तक पहुंची। साथ ही सोनी के अंबेश तिवारी, रोनोजॉय चक्रवर्ती और अक्षिता खुल्लर की भूमिका को भी सराहा, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने और स्टूडियो के साथ मिलकर काम करने में अहम योगदान दिया। कब देखें ‘ओमि नंबर 1? अब बच्चों की शाम और भी मज़ेदार होने वाली है, क्योंकि ‘ओमि नंबर 1 ' हर सोमवार से शुक्रवार पोगो चैनल पर प्रसारित होगा। क्यों खास है ‘ओमि नंबर 1’? भारतीय सोच और संस्कृति से जुड़ी कहानी बच्चों से तुरंत जुड़ने वाले मज़ेदार किरदार हास्य के साथ सकारात्मक संदेश भारतीय एनीमेशन इंडस्ट्री का नया मील का पत्थर   'ओमि नंबर 1’ केवल एक कार्टून नहीं, बल्कि भारतीय एनीमेशन की बढ़ती ताकत, रचनात्मकता और वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम है। आने वाले दिनों में यह शो बच्चों का नया फेवरेट बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। अजय मुखोपाध्याय/ धनबाद