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हरियाणा में सर्दी का असर बढ़ा, 5 जिलों में बारिश और 17 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, 7 जिलों में तापमान 5 डिग्री तक गिरा

हिसार  हरियाणा में पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं के चलते ठंड का असर और तेज हो गया है। शुक्रवार सुबह फरीदाबाद और गुरुग्राम में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट आई है। बारिश के कारण कोहरे से कुछ राहत मिली है, लेकिन ठंड और बढ़ गई है। राजस्थान से सटे जिलों और मध्य हरियाणा में कोल्ड वेव के चलते दिन का तापमान लगातार गिर रहा है। चंडीगढ़ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, आज और कल भी ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। जीटी रोड बेल्ट के जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। गुरुग्राम और फरीदाबाद के अलावा पानीपत, भिवानी और झज्जर में भी हल्की बारिश हुई है। सर्दी के मौसम की यह पहली बारिश मानी जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को हरियाणा के 17 जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इनमें सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, चरखीदादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक, कैथल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, करनाल, गुरुग्राम, पलवल और नूंह शामिल हैं। इसके अलावा राजस्थान से सटे 7 जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी हुई है। इनमें सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखीदादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और नूंह जिले शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को 8 जिलों में कोल्ड डे की स्थिति रही, जहां अधिकतम तापमान 5 डिग्री तक गिर गया और कई स्थानों पर तापमान 12 डिग्री या उससे नीचे दर्ज किया गया।

यूपी में नकाब-हिजाब, घूंघट पहने ग्राहकों से व्यापार पर रोक, लखनऊ के ज्वेलर्स ने लिया अहम निर्णय

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में नकाब-हिजाब, घूंघट, हेलमेट या मास्क लगाकर आने वालों से व्यापार नहीं करने की मुहिम तेज हो रही है। झांसी में इसे लेकर ज्वेलर्स ने तो अपनी दुकानों के बाहर पोस्टर तक लगा दिए थे। अब राजधानी लखनऊ में इसी तरह का फैसला लिया गया है। इसे सराफा व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम बताया है। पूरे प्रदेश के व्यापारियों से इस फैसले के पक्ष में एकजुट होने की अपील की गई है। कहा गया है कि चेहरा ढंककर आने वालों से कोई सराफा दुकानदार किसी भी तरह का लेनदेन या व्यापार नहीं करें। लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से इसे लागू करने का फैसला हुआ। इसका उद्देश्य दुकानों में होने वाली लूट, टप्पेबाजी और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाना है। सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया कड़ा फैसला ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष और लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। व्यापारियों का तर्क है कि हाल के दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके कारण सराफा की दुकानें अपराधियों के निशाने पर हैं। पिछले कुछ समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लूटमार और टप्पेबाजी की ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें अपराधी चेहरा ढंककर आए थे। इससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। हेलमेट और मास्क पर भी पाबंदी एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल नकाब-हिजाब तक सीमित नहीं है। किसी भी तरीके से चेहरा ढंककर आने वाले पुरुष या महिला ग्राहक, चाहे उन्होंने हेलमेट लगाया हो या मास्क, उन्हें दुकान में प्रवेश देने या व्यापार करने से पहले चेहरा दिखाने का अनुरोध किया जाएगा। मनीष कुमार वर्मा ने व्यापारियों का आह्वान किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर इस नियम को सख्ती से लागू करें ताकि सीसीटीवी कैमरों में हर आने वाले व्यक्ति की पहचान स्पष्ट हो सके। एसोसिएशन का मानना है कि इस मुहिम से न केवल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि संदिग्ध लोगों की पहचान भी आसान होगी। लखनऊ से शुरू हुई यह मुहिम अब धीरे-धीरे पूरे उत्तर प्रदेश में तेज होने लगी है, जिससे ज्वेलरी मार्केट में सुरक्षा का एक नया प्रोटोकॉल तैयार हो रहा है। अपराधियों को पकड़ने वाले पुलिसकर्मी सम्मानित बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के साथ-साथ उन पुलिस अधिकारियों का उत्साहवर्धन भी किया गया जो व्यापारियों की मदद कर रहे हैं। जानकीपुरम के 60 फिटा रोड स्थित ज्वैलर्स की दुकान से अंगूठी चोरी करने वाले युवक को तत्परता से पकड़ने के लिए जानकीपुरम थाना प्रभारी विनोद तिवारी को सम्मानित किया गया। व्यापारियों ने कहा कि पुलिस और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय ही अपराधों को रोक सकता है।  

गुरुग्राम में 3 प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण से जाम और गड्ढों की समस्या में होगी कमी

गुरुग्राम  गुरुग्राम में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से लोगों को सड़कों पर गड्ढे और जाम से राहत दिलाने के लिए शहर की तीन सड़कों की मरम्मत करने के साथ ही इनकी चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबी तीन सड़कों की मरम्मत की जाएगी। इसका ठेका जारी कर काम शुरू कर दिया गया है, जो एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के गड्ढे भरने के साथ इन्हें चौड़ा किया जाएगा, जिससे कि लोगों को जाम से राहत मिल सके। इन सड़कों पर होगा काम पीडब्ल्यूडी के अनुसार 4.70 किलोमीटर गुरुग्राम-अलवर मार्ग से सोहना होते हुए दौला तक सड़क, 2.79 किलोमीटर सोहना से संपकी-नांगली तक नए सिरे सड़क सुधार होगा। इसके अलावा चार किलोमीटर तक गढ़ी बाजिदपुर से स्कूल तक जाने वाली सड़क निर्माण होगा। इस पर साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। मॉनसून से खराब हुई सड़कों की मरम्मत करना और गड्ढे भरना, यातायात की भीड़ को कम करना। सड़कों का चौड़ीकरण कर आवागमन को सुगम बनाना है। सड़कों पर गड्ढ़ों से वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा इन सड़कों का मरम्मत और निर्माण कार्य तेजी से शुरू होगा। इन सड़कों पर गड्ढे होने के साथ लोग परेशानी झेल रहे हैं। स्थानीय निवासियो ने कहा कि विभाग की ओर से अनदेखी के कारण सड़कों पर गड्ढे होने से हादसे हो रहे हैं। इस कारण वायु प्रदूषण भी बढ़ रहा है। प्रदूषण होने से भी लोगों को परेशानी रहती है। चरनदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, ''तीन सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम अलॉट कर दिया गया है। इस साल के अंत तक सड़कों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा। सड़क के चौड़ीकरण होने से लोगों को राहत मिलेगी। इन सड़कों पर जाम से भी राहत मिलेगी।'' दौलताबाद रोड चौड़ा करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी वहीं, द्वारका एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से जोड़ रही दौलताबाद रोड (सेक्टर-104 और सेक्टर-105 की विभाजित सड़क) को चौड़ा करने या एलिवेटिड बनाने की संभावनाओं को तलाशा जाएगा। शुक्रवार को शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में बैठक हुई। ढेसी ने अधिकारियों को गुरुग्राम रेलवे स्टेशन को जोड़ रही सड़कों में सुधार लाने के दिशा-निर्देश जारी किए। मौजूदा समय में दौलताबाद रोड की चौड़ाई 30 मीटर है। इसे पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने तैयार किया है। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की तरफ से तैयार गुरुग्राम-मानेसर विकास योजना के तहत इस रोड की चौड़ाई 84 मीटर प्रस्तावित है। मौजूदा रोड के दोनों तरफ घनी आबादी है। सूरत नगर, राजेंद्रा पार्क और लक्ष्मण विहार कॉलोनियां इसके दोनों तरफ विकसित हैं। सड़कों पर खामियां दूर करने के आदेश गुरुग्राम में सड़क सुरक्षा माह जनवरी-2026 के अंतर्गत शुक्रवार को डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन ने शहर के व्यस्त आर्टिमिस सिग्नल (रेड लाइट टी-पॉइंट) और आर्टिमिस आंबेडकर चौक का निरीक्षण किया। उन्होंने यातायात बाधाओं को समझा और सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए अधिकारियों को आदेश दिए। निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया कि शहर के प्रमुख चौराहों और ब्लाइंड स्पॉट्स पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने तकनीकी संसाधनों जैसे सीसीटीवी और अन्य निगरानी प्रणालियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. राजेश मोहन ने कहा कि यातायात निरीक्षक और जोनल अधिकारी सिविल अथॉरिटीज के साथ बेहतर तालमेल बिठाएं ताकि सड़कों की बनावट या संकेतों से जुड़ी खामियों को तुरंत दूर किया जा सके। डीसीपी ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल चालान काटना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि चालान प्रक्रिया के साथ-साथ वाहन चालकों के साथ जागरुकता गतिविधियों को भी प्रभावी रूप से चलाया जाए।

यूपी में दो मदरसों की मान्यता रद्द, शमशुल हुदा का लंदन से वेतन-पेंशन लेने का मामला सामने

 लखनऊ लंदन में रह रहे मौलाना शमशुल हुदा से जुड़े उत्तर प्रदेश के दो मदरसों की मान्यता रद्द कर दी गई है. मदरसा शिक्षा परिषद ने संत कबीर नगर स्थित मदरसा कुलियातुल बनातिर रजबिया और आजमगढ़ के मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत की मान्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है. परिषद का कहना है कि जांच में इन मदरसों के संचालन और फंडिंग से जुड़े गंभीर अनियमित तथ्य सामने आए हैं. जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इन दोनों मदरसों से मौलाना शमशुल हुदा का सीधा संबंध रहा है. संत कबीर नगर का मदरसा स्वयं शमशुल हुदा द्वारा संचालित किया जा रहा था. वहीं आजमगढ़ के मदरसे में वह ब्रिटिश नागरिकता लेने के बावजूद लंबे समय तक वेतन और अन्य लाभ लेता रहा. इस पूरे प्रकरण ने प्रदेश में मदरसों की मान्यता, फंडिंग और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मौलाना शमशुल हुदा वर्ष 2007 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चला गया था और 2013 में उसने ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली थी. इसके बावजूद वर्ष 2017 तक वह आजमगढ़ के मदरसे में कागजी तौर पर सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत दिखाया गया और उसे नियमित वेतन का भुगतान किया गया. इतना ही नहीं, बाद में पेंशन का भुगतान भी किए जाने के तथ्य सामने आए हैं. शमशुल हुदा के खिलाफ जांच यूपी एटीएस की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी. एटीएस ने अपनी जांच में विदेशी फंडिंग की आशंका जताई थी और संदिग्ध तथा संभावित देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े संपर्कों की ओर इशारा किया था.  इस मामले में धोखाधड़ी, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन और अन्य गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. इसी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी शमशुल हुदा से जुड़ी फंडिंग की जांच शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मदरसों को मिलने वाले फंड का स्रोत क्या था और क्या इसका इस्तेमाल किसी संदिग्ध गतिविधि में किया गया. मदरसा शिक्षा परिषद ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन, गलत दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति और विदेशी नागरिक द्वारा वेतन व पेंशन लेने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी.   

बिलासपुर के कोनी-मोपका बाइपास के लिए 83 करोड़ की योजना, अब टू-लेन नहीं, बनेगा फोरलेन

बिलासपुर  मोपका-सेंदरी बाइपास की जर्जर सड़क की किस्मत बदलने वाली है। शासन से पहले ही 58 करोड़ की मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट को भविष्य की जरूरतों और बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए फोरलेन बनाने का निर्णय लिया गया है। लोक निर्माण विभाग ने 83 करोड़ रुपये का नया संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है, जो शहर की यातायात व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सड़क मरम्मत और चौड़ीकरण का प्रस्ताव मोपका-सेंदरी बाइपास को लेकर पूर्व में केवल सड़क मरम्मत और चौड़ीकरण का प्रस्ताव था। लेकिन बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए इसमें बड़े बदलाव का सुझाव दिया। विधायक की पहल पर अब इसे कंक्रीट फोरलेन सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। यह मार्ग मोपका से चिल्हाटी होते हुए सीधे एनएच-49 से जुड़ जाएगा, जिससे बिलासपुर एक बड़े रिंग रोड नेटवर्क का हिस्सा बन जाएगा। प्रोजेक्ट को फोरलेन बनाने के पीछे सबसे बड़ा तर्क बिलासपुर-सीपत फोरलेन का निर्माण है। राज्य शासन ने बिलासपुर-सीपत फोरलेन को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है और इसका काम जल्द शुरू होने वाला है। चूंकि सीपत रोड से भारी ट्रैफिक का दबाव रहेगा, ऐसे में सेंदरी-मोपका बाइपास का भी फोरलेन होना तकनीकी और व्यावहारिक रूप से अनिवार्य हो गया है। इन दोनों सड़कों के आपस में जुड़ने से पूरे क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। फोरलेन बनने से बढ़ेगी सुविधा, हजारों राहगीरों को होगा सीधा लाभ बाइपास के फोरलेन होने और एनएच-49 से सीधे जुड़ाव के कारण रायगढ़, जांजगीर, अकलतरा और पड़ोसी राज्य ओडिशा जाने वाले वाहनों को बिलासपुर शहर के भीतर घुसने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा बैमा नगोई, खमतराई, बिरकोना, सेलर व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से भारी वाहन सीधे चिल्हाटी मार्ग से निकल सकेंगे, जिससे नेहरू चौक से गोल बाजार होते हुए गांधी चौक तक लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और यात्रा के समय में कम से कम 30 से 40 मिनट की बचत होगी। कनेक्टिविटी का नया हब बनेगा चिल्हाटी नए प्रस्ताव के तहत सड़क को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह एनएच-130 को मोपका के जरिए एनएच-49 से जोड़ देगा। इससे बिलासपुर के चारों ओर एक मजबूत ट्रांसपोर्ट कारिडोर तैयार होगा। कांक्रीट रोड होने के कारण भारी वाहनों के दबाव से सड़क जल्दी खराब नहीं होगी और धूल व प्रदूषण से स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी। बिलासपुर-सीपत मार्ग भी होगा फोरलेन राज्य शासन ने बिलासपुर से सीपत तक के लगभग 19 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन बनाने की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए मंजूरी दे दी है। सीपत में एनटीपीसी का बड़ा संयंत्र होने और आगे कोरबा जिले की सीमा को जोड़ने के कारण इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बना रहता है। वर्तमान में यह सड़क टू लेन होने के कारण दुर्घटनाओं का केंद्र बनी रहती है। मार्ग के फोरलेन बनने से न केवल औद्योगिक यातायात को सुगमता मिलेगी, बल्कि सेंदरी-मोपका बाइपास के साथ मिलकर यह पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बदल देगा।

महिलाओं की सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे आगे, देखें टॉप 10 शहरों की पूरी लिस्ट

नई दिल्ली महिलाओं की सुरक्षा और करियर के बेहतर अवसरों के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे आगे निकलकर सामने आए हैं। यह जानकारी वर्कप्लेस कल्चर कंसल्टिंग फर्म अवतार ग्रुप की हालिया रिपोर्ट में सामने आई है। ‘टॉप सिटीज फॉर वीमेन इन इंडिया (TCWI)’ के चौथे संस्करण में देश के 125 शहरों की महिलाओं को शामिल किया गया। इस अध्ययन में महिलाओं से उनकी सुरक्षा, कार्यस्थल के माहौल और करियर में आगे बढ़ने के अवसरों को लेकर सवाल किए गए। इन्हीं मानकों के आधार पर शहरों को रैंकिंग दी गई। यह रिपोर्ट एक लॉन्गिट्यूडिनल इन्क्लूजन इंडेक्स के रूप में तैयार की गई है, जो यह आंकलन करती है कि कौन-से शहर महिलाओं की भागीदारी, सुरक्षा और प्रोफेशनल ग्रोथ को लगातार बेहतर बना रहे हैं। बेंगलुरु फिर बना नंबर-1 रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु ने 53.29 CIS स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया है। यहां महिलाओं को करियर ग्रोथ के बेहतर मौके, मजबूत इंडस्ट्री सपोर्ट और अपेक्षाकृत सुरक्षित माहौल मिलता है। यही वजह है कि यह शहर लगातार दूसरे साल भी इस सूची में शीर्ष पर बना हुआ है। चेन्नई दूसरे स्थान पर कायम महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से चेन्नई ने दूसरा स्थान बरकरार रखा है। यह शहर साल 2024 में भी दूसरे नंबर पर था और 2025 में भी अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रहा। टॉप 10 में ये शहर शामिल रिपोर्ट के मुताबिक, तीसरे स्थान पर पुणे और चौथे पर हैदराबाद रहा। मुंबई, जो 2024 में तीसरे स्थान पर थी, 2025 में फिसलकर पांचवें नंबर पर पहुंच गई। टॉप 10 सुरक्षित शहरों की सूची में इसके बाद गुरुग्राम, कोलकाता, अहमदाबाद, त्रिवेंद्रम और कोयंबटूर शामिल है। 

स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक प्रगति: गांव-ढाणी तक मिल रहा बेहतर इलाज, दो वर्षों में मजबूत हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर — भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा और संवेदना से जुड़ा क्षेत्र है। विगत दो वर्षों में राज्य सरकार ने अपने बजट में स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आगे भी स्वास्थ्य के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाया है। इससे गांव-ढाणी तक प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण निःशुल्क उपचार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बजट पूर्व संवाद का उद्देश्य यही है कि इस क्षेत्र के विशेषज्ञों के सुझावों से एक ऐसा बजट बने, जिससे प्रदेश की 8 करोड़ से अधिक जनता को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और राजस्थान स्वास्थ्य में सिरमौर बने। शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार ‘पहला सुख निरोगी काया’ अर्थात् स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ा सुख होता है। इसी अवधारणा के साथ प्रदेश में लागू की गई मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना अब पूरे देश के लिए मिसाल बन गई है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब तक 37 लाख मरीजों को 7 हजार 300 करोड़ रुपये का कैशलेस इलाज उपलब्ध करवाया गया है। इसी तरह, मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना के तहत औषधियां, सर्जिकल एवं सूचर्स उपलब्ध करवाने में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। जिला चिकित्सालयों में बुजुर्गों के लिए रामाश्रय वार्ड खोले हैं, जहां उन्हें सम्मान के साथ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। चिकित्सा सेवा का क्षेत्र, दायित्वों को निष्ठा और ईमानदारी से निभाए स्वास्थ्यकर्मी मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सेवा का क्षेत्र है। हर रोगी को संवेदनशीलता के साथ अच्छा उपचार मिले और जीवन रक्षा का उद्देश्य फलीभूत हो। यही इस क्षेत्र की महानता है। चिकित्सकों एवं इस क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी को चाहिए कि वे अपने दायित्वों को निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाए। राज्य सरकार ऐसे सेवाभावी कार्मिकों के सम्मान में कोई कमी नहीं रखेगी। लेकिन जनता के पैसे का दुरूपयोग करने वाले एवं स्वास्थ्य योजनाओं में अनियमितता करने वाले कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि प्रदेश को प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 7 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं और 15 नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। साथ ही, भीलवाड़ा, धौलपुर, प्रतापगढ़, नाथद्वारा एवं बूंदी में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की गई है। हमारा प्रयास है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिले। इस दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। 8 हजार 700 चिकित्सा संस्थान आयुष्मान आरोग्य मंदिर में परिवर्तित मुख्यमंत्री ने कहा कि निचले स्तर तक चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। विगत दो वर्षों में 7 उप जिला अस्पताल, 2 सैटेलाइट अस्पताल, 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कुल 14 संस्थानों का जिला चिकित्सालयों में क्रमोन्नयन तथा 7 नवीन सैटेलाइट अस्पतालों की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि 129 उप स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में क्रमोन्नयन किया है। करीब 8 हजार 700 चिकित्सा संस्थानों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में परिवर्तित किया गया एवं 412 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित किए गए। उन्होंने कहा कि बालोतरा में नवीन जिला आयुर्वेद चिकित्सालय और ब्यावर, दूदू, डीग, डीडवाना-कुचामन और अनूपगढ़ में जिला आयुष चिकित्सालय शुरू किए गए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बैठक में उपस्थित प्रतिभागियों के सुझावों को गंभीरता के साथ सुना। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों को आगामी बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी एवं आईएलबीएस हॉस्पिटल, नारायणा हृदयालय ग्रुप, महावीर विकलांग सेवा समिति, इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन, यूनीसेफ, महात्मा गांधी हॉस्पिटल, आईएमए राजस्थान, एसएमएस मेडिकल कॉलेज एवं आरयूएचएस के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से जुड़े संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

अमेरिका लगाएगा 500% टैरिफ? ट्रंप के फैसले पर भारत सरकार ने दिया सख्त जवाब

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने वाले बिल को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद भारत पर भी और टैरिफ लगाए जाने का खतरा मंडराने लगा है। बिल को पेश किए जाने के मामले में भारत ने अब अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत सरकार ने साफ किया है कि बदलते ग्लोबल मार्केट हालात के बीच वह अपने 1.4 अरब लोगों के लिए किफायती ऊर्जा हासिल करने की जरूरत से निर्देशित है।   प्रस्तावित कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि नई दिल्ली को बिल के बारे में पता है और वह घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रही है। जायसवाल ने एक साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, "हमें प्रस्तावित बिल के बारे में पता है। हम घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं।" ऊर्जा सोर्सिंग पर भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दोहराते हुए, जायसवाल ने इस बात पर जोर दिया कि नई दिल्ली के फैसले ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों और बाजार की वास्तविकताओं से तय होते हैं। बयान में कहा गया है, "ऊर्जा सोर्सिंग के बड़े सवाल पर हमारा रुख जगजाहिर है। इस कोशिश में, हम ग्लोबल मार्केट की बदलती गतिशीलता और अपने 1.4 अरब लोगों के लिए अलग-अलग सोर्स से सस्ती ऊर्जा हासिल करने की जरूरत से निर्देशित होते हैं ताकि ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों को पूरा किया जा सके।" विदेश मंत्रालय का जवाब अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के उस बयान के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाइपार्टीशन रूस प्रतिबंध बिल को हरी झंडी दे दी है। बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में, ग्राहम ने कहा कि यह कदम यूक्रेन के लिए चल रही शांति वार्ता के बीच आया है और संकेत दिया कि अगले हफ्ते इस पर दोनों पार्टियों के बीच वोटिंग होगी। ग्राहम ने अपनी पोस्ट में क्या कहा? ग्राहम ने अपनी पोस्ट में कहा था, "राष्ट्रपति ट्रंप के साथ आज कई मुद्दों पर बहुत अच्छी मीटिंग के बाद, उन्होंने बाइपार्टीशन रूस प्रतिबंध बिल को हरी झंडी दे दी है, जिस पर मैं महीनों से सीनेटर ब्लुमेंथल और कई अन्य लोगों के साथ काम कर रहा था। यह सही समय पर आया है, क्योंकि यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है और पुतिन सिर्फ बातें कर रहे हैं, और निर्दोष लोगों को मारना जारी रखे हुए हैं। यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों को सजा देने की अनुमति देगा जो सस्ता रूसी तेल खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को बढ़ावा दे रहे हैं।"  

स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: टॉर्च जलाकर कराया गया प्रसव, सरकारी अस्पताल में महिला ने तोड़ा दम

चंडीगढ़ पंजाब में बेहतरीन स्वस्थ्य सेवाओं का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी सरकार के इन दावों की पोल खुल गई है। गुरदासपुर जिले के काला कालावाली गांव की एक महिला की सिविल अस्पताल में प्रसव के दौरान मौत हो गई। रुपिंदर कौर नाम की महिला को प्रसव के लिए एक जनवरी को कस्बा कादियां के सरकारी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान ऑपरेशन थिएटर की लाइट चली गई। अस्पताल में जेनरेटर का कोई प्रबंध नहीं था, जिसके बाद डॉक्टरों ने मोबाइल फोन की टॉर्च जला कर प्रसव कराया। इसके बाद से रुपिंदर कौर अस्पताल में ही भर्ती रही और आज उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बटाला के गांधी चौक में शव रखकर अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।   संक्रमण से लगातार बिगड़ती गई हालत परिजनों ने बताया कि रुपिंदर कौर को प्रसव के लिए एक जनवरी को हॉस्पिटल में भर्ती किया था। अस्पताल में जेनरेटर का कोई प्रबंध नहीं था, जिसके बाद डॉक्टरों ने मोबाइल फोन की रोशनी में प्रसव कराया। इससे महिला को संक्रमण हो गया और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। अस्पताल प्रशासन ने परिवार को महिला की बिगड़ती हालत के बारे में गलत जानकारी दी और केवल ग्लूकोज लगाकर रखा। आज महिला की हालत देर रात ज्यादा खराब हो गई, तो उसे हायर सेंट रेफर कर दिया गया। परिजन उसे अमृतसर लेकर जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। कैंसर मरीज के ऑपरेशन दौरान गुल हुई थी बिजली, भड़का हाईकोर्ट पिछले साल जनवरी में पटियाला स्थित राजिंदरा अस्पताल की अचानक बिजली चली गई जब डॉक्टर एक कैंसर मरीज का ऑपरेशन कर रहे थे। इसी दौरान वेंटिलेटर मशीन बंद हो गई। गुस्साए डॉक्टरों ने इसका वीडियो बना लिया। डॉक्टरों का कहना है कि ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह लाइट गई है। अस्पताल को इमरजेंसी हॉट लाइन से जुड़ा होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इस घटना पर काफी बवाल मचा और पंजाब के सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह को सफाई देनी पड़ी। यह मामला हाई कोर्ट तक पहुँच गया था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को कड़ी फटकार लगाई और राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

8 बार संवाद के बावजूद भारत का कड़ा रुख, पीएम मोदी–ट्रंप बातचीत पर अमेरिकी दावे की उड़ाई हवा

नई दिल्ली भारत सरकार ने अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर दिए गए बयान को गलत बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल आठ बार बातचीत की है। दरअसल, लुटनिक ने दावा किया था कि भारत के साथ व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया।   इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने लुटनिक की टिप्पणियों को गलत बताया और कहा कि दोनों पक्ष (भारत-अमेरिका) कई बार डील के करीब थे, फिर भी आपसी फायदे वाली डील में दिलचस्पी है। पीएम मोदी और ट्रंप ने 2025 के दौरान 8 बार बात की। इस तरह भारत सरकार ने अमेरिकी दावों की हवा निकाल दी और साफ कर दिया कि ट्रंप व मोदी के बीच बातचीत होती रही है। लुटनिक ने गुरुवार को एक ‘पॉडकास्ट’ में कहा कि उन्होंने मोदी से राष्ट्रपति को फोन करके समझौते को अंतिम रूप देने का अनुरोध किया था। हालांकि, भारत ऐसा करने में असहज महसूस कर रहा था, इसलिए मोदी ने फोन नहीं किया। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपीन और वियतनाम के साथ व्यापार समझौते किए हैं लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि भारत के साथ व्यापार समझौता इन देशों से पहले हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘…हमने इंडोनेशिया, फिलीपीन और वियतनाम के साथ कई समझौते किए और उनकी घोषणा भी कर दी। ये सभी समझौते इसलिए ऊंची दरों पर किए गए क्योंकि बातचीत के दौरान यह मान लिया गया था कि भारत पहले ही प्रक्रिया पूरी कर लेगा… लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नतीजतन, जिन देशों के साथ पहले समझौते हुए, वे महंगे या ऊंची दर पर तय हुए। फिर बाद में जब भारत ने संपर्क (फोन) किया और कहा, ‘‘ ठीक है, हम तैयार हैं’’ तो मैंने उनसे कहा ‘‘ किस बात के लिए तैयार हैं? ’’ दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर अब तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है। इस समझौते में अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर लगने वाले 50 प्रतिशत शुल्क के समाधान के लिए एक ढांचागत समझौता शामिल है। 'हग हग न रहा’, कांग्रेस का पीएम मोदी पर तंज पीएम मोदी के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं करने की वजह से भारत के साथ व्यापार समझौता नहीं हो पाने संबंधी अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के बयान के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर फिल्मी अंदाज में कटाक्ष किया। लुटनिक की टिप्पणियों का एक वीडियो पोस्ट करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘‘हग हग (आलिंगन आलिंगन) ना रहा, पोस्ट पोस्ट ना रहा।’’ मोदी पर निशाना साधते हुए फिल्मी अंदाज में रमेश ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘क्या से क्या हो गया, बेवफा तेरी दोस्ती में।’’