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फीफा वर्ल्ड कप 2026 में टिकटॉक की एंट्री, वीडियो कंटेंट पार्टनर घोषित

जिनेवा फुटबॉल की संचालन संस्था फीफा ने 11 जून से 19 जुलाई तक चलने वाले पुरुष फुटबॉल विश्व कप में सोशल मीडिया पर वीडियो कंटेंट के लिए ‘टिकटॉक’ को अपना प्रमुख प्लेटफॉर्म चुना है। इस साझेदारी के अंतर्गत ‘कंटेंट क्रिएटर्स’ को 48 टीम वाले विश्व कप में विशेष अनुमति मिलेगी। यह टूर्नामेंट 16 शहरों में आयोजित होगा। इनमें अमेरिका के 11, मेक्सिको के तीन और कनाडा के दो शहर शामिल हैं। फीफा ने बताया कि विश्व कप के प्रसारण अधिकार रखने वाले ब्रॉडकास्टर टिकटॉक ऐप पर बने एक विशेष ‘हब’ के जरिए 104 मैच के कुछ हिस्सों का लाइव प्रसारण कर सकेंगे। अमेरिका में टिकटॉक के 17 करोड़ से अधिक यूजर हैं। ⁠ फीफा ने कहा, ‘‘इसके अलावा बड़ी संख्या में क्रिएटर्स को फीफा के ‘आर्काइव’ फुटेज का इस्तेमाल और इन्हें साथ में बनाने का मौका भी मिलेगा।’’ फीफा ने इस करार की कीमत, निविदा प्रक्रिया या अन्य प्रतिस्पर्धी बोलीदाताओं का विवरण साझा नहीं किया। इससे पहले 2022 कतर विश्व कप में ‘यूट्यूब’ का एक सीमित प्रायोजन समझौता हुआ था जिसमें क्रिएटर्स को विशेष अनुमति मिली थी।  

कैदियों को मिल रही मोबाइल सुविधा पर हाई कोर्ट नाराज़, जेल व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

मुंबई बम्बई हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने कहा कि यह बात अंतरात्मा को झकझोर देने वाली है कि उत्तरी गोवा के कोलवाले स्थित केंद्रीय जेल के भीतर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बनाए गए थे। जज श्रीराम वी. शिरसाट ने हाल में एक आदेश में जेल परिसर में मोबाइल फोन और प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी का संज्ञान लिया। उन्होंने जेल अधिकारियों को मजबूत जैमर नेटवर्क स्थापित करने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालय ने चंदू पाटिल के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए, जो एक बच्चे की हत्या के आरोप में जेल में है। आरोप है कि पाटिल ने जेल से पीड़ित परिवार को फोन करके अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दी थी।   जज ने कहा, ‘जेल अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ त्वरित और व्यापक कड़े उपाय करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।’ आदेश में जेल प्रशासन से 20 जनवरी, 2026 को जवाब मांगा गया है। आदेश में कहा गया, ‘यह बात स्पष्ट है कि चार्जिंग पॉइंट वहां थे, वे क्यों लगाए गए हैं।’ अदालत ने कहा कि उसके पास ऐसे ही कई मामले आए हैं जिनमें मादक पदार्थों के अलावा मोबाइल फोन भी जेल परिसर में तस्करी करके लाए गए थे। हालांकि, न्यायाधीश ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि जेल के अंदर पहले भी मोबाइल फोन मिलने के बावजूद, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। अदालत ने दिए सख्त निर्देश न्यायाधीश ने कहा, ‘केवल एक कैदी के खिलाफ मोबाइल या प्रतिबंधित सामान रखने के आरोप में कार्रवाई करना कोई निर्णायक समाधान नहीं होगा, बल्कि मामले की तह तक जाना आवश्यक है।’ उच्च न्यायालय ने कहा कि वह इस धारणा पर आगे बढ़ रहा है कि जेल में सिग्नल जैमिंग सिस्टम स्थापित नहीं हैं। न्यायाधीश ने कहा कि अब समय आ गया है कि अधिकारी इस मुद्दे को गंभीरता से लें। अदालत ने कहा कि वह इस बात को समझने में असमर्थ है कि मोबाइल फोन इतनी आसानी से अंदर कैसे ले जाए जा सकते हैं, खासकर तब जब जेल अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करते हैं। जांच और निगरानी पर उठे सवाल जज ने पूछा, ‘क्या यह निरीक्षण सतही और दिखावा है या प्रवेश द्वार पर जानबूझकर ढिलाई बरती जाती है ताकि मोबाइल फोन बिना किसी रुकावट के जेल परिसर के अंदर पहुंच सकें?’ अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की घटनाएं नियमित अंतराल पर हो रही हैं, इसलिए कुछ जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इसने कहा, ‘कुछ कड़े कदम उठाना समय की मांग है।’ चंदू पाटिल का जिक्र करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि सिर्फ कारण बताओ नोटिस से काम नहीं चलेगा। न्यायालय ने कहा कि संबंधित तिथि और समय के कॉल डेटा रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और सेल टावर लोकेशन का पता लगाना जरूरी है। एससी के न्यायाधीश ने कहा, ‘इस तरह की गतिविधियों के लिए मामूली सजा से जेल के कैदियों का हौसला बढ़ता है। ’उच्च न्यायालय ने कहा कि जेल के उप अधीक्षक या अधीक्षक को यह सुनिश्चित करना होगा कि तत्काल मजबूत फोन जैमर या सेलुलर निरीक्षण प्रणाली स्थापित की जाए और इनका संचालन सख्ती से जेल परिसर तक ही सीमित रखा जाए ताकि आसपास के निवासियों पर इसका कोई प्रभाव न पड़े। इसने यह भी निर्देश दिया कि जांच बिंदुओं पर निरीक्षण मानदंडों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों की जवाबदेही तय करने के लिए अतिरिक्त नियम बनाए जाएं।  

वेनेजुएला से ईरान तक ‘डीप स्टेट’ की गूंज, आखिर किसे कहते हैं डीप स्टेट

नई दिल्ली वेनेजुएला में फिलहाल अमेरिकी नियंत्रण है। वहां से उत्पादन होने वाले तेल पर भी अमेरिका का ही कब्जा है और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अगवा करके रखे गए हैं। उनके खिलाफ अमेरिकी अदालत में मुकदमा चल रहा है। इसी बीच ईरान में अयातुल्लाह खामेनेई के शासन के खिलाफ आंदोलन चल रहे हैं। सीरिया में सरकार बदल गई है और अब अमेरिका से उसके रिश्ते बेहतर हैं। बांग्लादेश में फिलहाल शेख हसीना निर्वासित हैं और वहां अंतरिम शासक के तौर पर मोहम्मद युनूस ने कमान संभाल रखी है। वहीं वेनेजुएला में चर्चा है कि अमेरिका अपने ही किसी करीबी को सत्ता पर बिठाएगा। इन देशों में जिस तरह से नाटकीय घटनाक्रम के तहत सत्ताओं का परिवर्तन हुआ है। उससे एक बार फिर से डीप स्टेट की चर्चा तेज है। आखिर क्या है यह डीप स्टेट…   डीप स्टेट का आशय उस स्थिति से होता है, जब किसी देश की शासन व्यवस्था में बाहरी तत्वों या उनसे प्रेरित लोगों की घुसपैठ हो जाए। इसके अलावा डीप स्टेट उस स्थिति को भी कहा जाता है, जब किसी अन्य ताकतवर देश से प्रेरित लोग स्थानीय जनता को सरकार के खिलाफ उकसा दें और सत्ता परिवर्तन की स्थिति पैदा करें। डीप स्टेट नाम से ही आशय है कि जिसकी जड़ें गहरी हों। आमतौर पर डीप स्टेट को अमेरिका से जोड़कर देखा जाता है, जो अकसर दुनिया के तमाम देशों में इसलिए भी सरकारें बदलवाना चाहता है कि वे उसके हित में काम करें। ईरान में फिलहाल रजा पहलवी का नाम चर्चा में है, जो निर्वासित क्राउन प्रिंस के तौर पर देश से बाहर हैं। अभी जो आंदोलन ईरान की सत्ता के खिलाफ चल रहे हैं, उनमें रजा पहलवी का नाम भी उछल रहा है। पहलवी के अमेरिका से करीबी संबंध रहे हैं। इसलिए ईरान को लेकर भी डीप स्टेट की चर्चा हो रही है। डीप स्टेट का आशय किसी देश की सत्ता, खुफिया एजेंसियों और सैन्य बलों को प्रभावित करने से है। अकसर ऐसा उदारवादी मूल्यों को बढ़ावा देने के नाम पर किया जाता है। यह प्रचार किया जाता है कि कैसे सरकार अभिव्यक्ति की आजादी को समाप्त कर रही है और कट्टरता बढ़ रही है। इसके अतिरिक्त भ्रष्टाचार जैसे मसले भी मुद्दा बना दिए जाते हैं। कैसे डीप स्टेट बदलता है नैरेटिव इस संबंध में स्टीफन किन्ज़र की पुस्तक Overthrow: America's Century of Regime Change from Hawaii to Iraq विस्तार से प्रकाश डालती है। डीप स्टेट के कारनामों में थिंक टैंक, एनजीओ और पक्षपाती मीडिया का भी इस प्रकार प्रयोग किया जाता है कि देश में नैरेटिव बदले। आम लोगों में सरकार के प्रति धारणा बदले और वह आंदोलन की शक्ल ले ले। अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है, जब पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन के पश्चात इमरान खान ने ऐसे ही आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि अमेरिका के इशारे पर मेरी सरकार के खिलाफ पूरा विपक्ष और सेना एकजुट हुए हैं। फिर जिस तरह से आसिम मुनीर की अमेरिका से करीबी दिखी है, उसने भी ऐसे संदेहों को बल दिया है।  

हरियाणा के युवाओं के लिए जापान का बड़ा निवेश, नौकरी के नए अवसर मिलेंगे

चंडीगढ़ जापान अब हरियाणा में ऑटोमोबाइल, शिक्षा और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में निवेश बढ़ाएगा। जापान के प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सहयोग विभाग के साथ एमओयू करने में रुचि दिखाई है। जापान के मिजुहो बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं इंडिया हेड रयो मुराओ के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सिविल सचिवालय में मुलाकात की। इस दौरान आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा रणनीतिक निवेश के नए अवसरों की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियों और मजबूत ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पारिस्थितिकी तंत्र से प्रभावित होकर मिजुहो बैंक ने अपना कार्यालय दिल्ली से गुरुग्राम स्थानांतरित किया है। उन्होंने हरियाणा में अपने परिचालन और निवेश के दायरे को और विस्तार देने के लिए राज्य सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि हरियाणा पारदर्शी शासन, आधुनिक अवसंरचना और कुशल मानव संसाधन के साथ एक स्थिर एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर  नायब सिंह सैनी ने  रयो मुराओ को श्रीमद्भगवद्गीता की एक प्रति भेंट की। प्रदेश सरकार ने हरियाणा में विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया, विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ—साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार  पवन कुमार चौधरी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने विदेशी पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया है। यह विभाग लगातार विदेशी निवेशकों से संपर्क कर प्रदेश में निवेश के लिए आकृषित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की कूटनीति, द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर रहा है। विभाग ‘गो ग्लोबल अप्रोच’ के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री के विदेशी सहयोग विभाग के सलाहकार पवन कुमार चौधरी ने भी अपनी बात रखी।

हरमनप्रीत कौर का बड़ा बयान: WPL ने बदली टीम इंडिया की सोच, अब और खिताबों पर नजर

नई दिल्ली भारत और मुंबई इंडियंस की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा है कि भारत सिर्फ एक विश्व कप जीत से संतुष्ट नहीं है। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तान और भारतीय उपकप्तान स्मृति मंधाना ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य टी20 विश्व कप 2026 है और डब्ल्यूपीएल उस लक्ष्य तक पहुंचने का एक अहम रास्ता है।   दोनों ने डब्ल्यूपीएल 2026 के उद्घाटन मैच से पहले बताया कि आने वाला यह सीजन किस तरह वनडे चैंपियन को टी20 विश्व कप चैंपियन बनने में मदद कर सकता है। मंधाना ने कहा, 'अगर हम टी20 विश्व कप जीतते हैं, तो बहुत बढ़िया होगा। हमने वनडे विश्व कप जीता है, लेकिन टीम में अभी भी बहुत सी चीज़ें हैं, जिन पर हमें काम करना है। हम सच में ऐसा समय चाहते हैं, जब हम कह सकें कि 'हां हम दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम हैं।' मुझे लगता है कि हमें अभी भी बहुत सुधार करना है। मुझे पूरा भरोसा है कि डब्ल्यूपीएल इस अंतर को आने वाले सालों में कम करेगा। जब भी हम भारत के लिए खेलते हैं, हम हमेशा बात करते हैं कि हम सिर्फ़ एक या दो टूर्नामेंट के लिए नहीं, बल्कि पूरे साल दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम बनना चाहते हैं। मैं सोचती हूं कि हर डब्ल्यूपीएल हमें उस लक्ष्य के और करीब ले जा रहा है। स्मृति मंधाना ने आगे कहा, ‘वनडे विश्व कप जीते हुए डेढ़ महीना ही हुआ है और डब्ल्यूपीएल उसी लय को आगे बढ़ाएगा। डब्ल्यूपीएल में लौटना हमेशा रोमांचक रहता है क्योंकि घरेलू खिलाड़ी, विदेशी खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं और यह अनुभव महिला क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा है। तो मुझे भरोसा है कि डब्ल्यूपीएल उस मोमेंटम को आगे ले जाएगा, जो हमें विश्व कप ने दिया और उम्मीद है कि यह हमेशा ऐसे ही चलता रहे।’ वहीं हरमनप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें यह देखकर ख़ुशी है कि भारतीय टीम में आ रही युवा खिलाड़ी, सीनियर खिलाड़ियों के लक्ष्य से जुड़ी हुई हैं और इसका श्रेय डब्ल्यूपीएल को जाता है, जिसने ‘जीतने वाली सोच’ दी है। उन्होंने कहा, ‘हम सिर्फ़ एक विश्व कप से संतुष्ट नहीं हैं। हमारे पास इस साल और अगले दो-तीन साल में बहुत क्रिकेट है। हर बार जब हम मैदान पर जाते हैं, तो हम सबसे बेहतरीन माइंडसेट के साथ जाना चाहते हैं और वही माइंडसेट हमारे लिए सबसे जरूरी है।’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘अच्छी बात यह है कि सिर्फ़ हम ही नहीं, बल्कि बाक़ी खिलाड़ी भी यही सोचते और बोलते हैं कि हम हमेशा चैंपियन बनना चाहते हैं। इससे दिखता है कि डब्ल्यूपीएल ने हम पर कितना बड़ा असर डाला है।’ हरमनप्रीत ने यह भी समझाया कि यह टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को दबाव में खेलने के लिए कैसे तैयार करता है। उन्होंने कहा, ‘अब खिलाड़ी अपने कंफ़र्ट ज़ोन में नहीं हैं। वे बहुत मेहनत कर रहे हैं। वे विदेशी खिलाड़ियों के साथ और ख़िलाफ़ खेल रहे हैं, तो वे उनसे बहुत कुछ सीख रहे हैं। अब वह गैप नहीं है, जो पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में महसूस होता था। मुझे लगता है डब्ल्यूपीएल ने हमारी क्रिकेट पर बहुत बड़ा असर डाला है। टीम के तौर पर हमें ख़ुशी है कि हम बड़े लक्ष्य स्थापित कर रहे हैं।’ इंग्लैंड में टी20 विश्व कप शुरू होने में छह महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में मंधाना ने बताया कि डब्ल्यूपीएल उन खिलाड़ियों के लिए मौक़ा है जो अभी भारतीय टीम में नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘जब डब्ल्यूपीएल में नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आती हैं, तो यह बहुत रोमांचक होता है। मैं कभी नहीं कहूंगी कि दरवाजे बंद हैं और यहां से किसी को कुछ नहीं मिलेगा। अगर कोई खिलाड़ी बहुत शानदार प्रदर्शन करता है, तो टी20 विश्व कप का मौका जरूर बनता है। वह (हरमनप्रीत) भी इससे सहमत होंगी। लेकिन यह भी देखना होगा कि वह खिलाड़ी कहां फ़िट बैठती है। लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि अगर किसी ने डब्ल्यूपीएल में अच्छा खेला तो हमेशा मौक़ा रहता है।’  

ED बनाम ममता बनर्जी: CBI जांच को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा, आज अहम सुनवाई

कोलकाता प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इसके जरिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की सीबीआई जांच का अनुरोध किया है। ED ने राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC तथा उसके निदेशक के खिलाफ कोलकाता में की गई छापेमारी के दौरान कथित तौर पर बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। याचिका में उसने यह भी अनुरोध किया है कि तलाशी के दौरान जिन सभी डिजिटल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और दस्तावेजों को 'अवैध और जबरन' तरीके से हटा लिया गया था। इन्हें तुरंत जब्त कर सील किया जाए, फॉरेंसिक रूप से सुरक्षित रखा जाये और फिर ED को सौंपा जाए। उच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई किए जाने की उम्मीद है। कोयला घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले के तहत गुरुवार को आई-पैक के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय और इसके संस्थापक तथा निदेशकों में से एक प्रतीक जैन के आवास पर तलाश अभियान चलाया गया। राज्य और दिल्ली में भी कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई थी। ED ने गुरुवार को एक प्रेस बयान में आरोप लगाया था कि बनर्जी छापेमारी के दौरान कोलकाता के लाउडन रोड स्थित जैन के आवास पर आईं और 'महत्वपूर्ण सबूत ले गईं' और आई-पैक के कार्यालय में भी उन्होंने ऐसा ही किया। ED ने याचिका में दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कोयले की कथित चोरी से प्राप्त हवाला राशि के लगभग 20 करोड़ रुपये आई-पैक तक पहुंचे। यह संगठन 2021 से टीएमसी और राज्य सरकार को राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसमें कहा गया है, 'जांच के दौरान मिले ठोस सबूतों से पता चलता है कि हवाला चैनलों के माध्यम से आई-पैक को कम से कम 20 करोड़ रुपये की आपराधिक आय हस्तांतरित की गई थी।' याचिका में कहा गया है, 'जांच को जारी रखते हुए और अपराध से प्राप्त धनराशि और उसके उपयोग का पता लगाने के लिए, कोयला तस्करी मामले के संबंध में आई-पैक और कुछ अन्य संस्थाओं के खिलाफ तलाश अभियान शुरू किया गया था।' इसमें कहा गया, 'पीएमएलए के तहत जारी तलाशी अभियान में हस्तक्षेप न करने के लिए (ED अधिकारियों द्वारा) स्पष्ट अनुरोध किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री ने परिसर में प्रवेश किया।' याचिका में कहा गया है, 'कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए, सुश्री ममता बनर्जी ने पुलिसकर्मियों की सहायता से अधिकृत अधिकारी के कब्जे से सभी डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ महत्वपूर्ण आपत्तिजनक दस्तावेजों को जबरन अपने कब्जे में ले लिया और दोपहर लगभग 12:15 बजे परिसर से चली गईं।' ED ने कहा कि उसके अधिकारियों को 'अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन नहीं करने दिया गया और उनके कामकाज में बाधा डाली गई।' एजेंसी ने उच्च न्यायालय से आग्रह किया कि वह जब्त किये गये डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों तक किसी भी प्रकार की पहुंच बनाये जाने, इन्हें मिटाने या छेड़छाड़ को रोकने के लिए अंतरिम आदेश पारित करे।  

रायपुर रेलवे स्टेशन पर हेल्दी वेटिंग लाउंज की शुरुआत, 30 रुपये में मिलेगा योग, मेडिटेशन और हेल्थ चेकअप

रायपुर  रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर पहली बार हेल्दी वेटिंग लाउंज की सुविधा यात्रियों को मिलने जा रही है. भारतीय रेलवे में नई, अभिनव गैर-किराया राजस्व विचार योजना (NINFRIS )के तहत इसकी प्लानिंग की गई है. गुरुवार को इस सुविधा का शुभारंभ यात्रियों ने किया. रायपुर से बड़ोदरा जा रहे यात्री चंद्रकांत बलावंत और उज्जैन जा रही 2 रेलयात्री ओजस्वी एवं आरुषि के हाथों इस लाउंज का शुभारंभ कराया गया. ट्रेन का इंतजार अब नहीं लगेगा बोरिंग रायपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी ने बताया "स्वस्थ वेटिंग लाउंज शुरू होने से यात्रियों को ट्रेनों का इंतजार करते समय आरामदायक सुविधा मिलेगी. जिससे यात्रियों को काफी फायदा मिलेगा.  हेल्दी फूड और स्वास्थ्य जांच लाउंज में मिलेट्स आधारित हेल्दी फूड, सामान्य स्वास्थ्य जांच (वजन, ब्लड प्रेशर), शुल्क आधारित एंबुलेंस सुविधा, मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट, लाइव ट्रेन इंफॉर्मेशन डिस्प्ले और फ्री हाई-स्पीड वाई-फाई भी उपलब्ध रहेगा। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग बाथरूम व टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। यात्रियों से कराया गया शुभारंभ यह सुविधा भारतीय रेलवे की नई और अभिनव गैर-किराया राजस्व योजना NINFRIS (न्यू, इनोवेटिव नॉन-फेयर रेवेन्यू आइडिया स्कीम) के तहत विकसित की गई है। इस अनूठी सुविधा का शुभारंभ रायपुर से बड़ोदरा जा रहे यात्री चंद्रकांत बलावंत और रायपुर से उज्जैन यात्रा कर रहीं ओजस्वी व आरुषि ने किया। शुल्क विवरण     वेटिंग लाउंज प्रवेश- 1 घंटे के लिए ₹30, 2 घंटे के लिए ₹60, 4 घंटे के लिए ₹80     योग और ध्यान क्षेत्र: ₹50 प्रति 30 मिनट     फिटनेस कॉर्नर: ₹50 प्रति 30 मिनट हेल्दी रिफ्रेशमेंट की बिक्री रेलवे प्रशासन द्वारा अनुमोदित सूची के अनुसार होगी, जो पूरी तरह FSSAI मानकों के अनुरूप रहेगी। अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर रायपुर रेल मंडल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.पी. काशीपथी, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी, वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक, मंडल वाणिज्य प्रबंधक राकेश सिंह, सहायक वाणिज्य प्रबंधक अविनाश कुमार आनंद सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताने वाले एसडीएम को हटाया, पंडितों से विवाद के कारण कार्रवाई

 नलखेड़ा मध्यप्रदेश में खुद को सीएम का रिश्तेदार बताकर आगर मालवा के नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों से भिड़ना सुसनेर के एसडीएम को महंगा पड़ गया है। पंडितों के विरोध और आंदोलन के बाद कलेक्टर ने एक्शन लेते हुए सुसनेर एसडीएम को प्रभार से हटा दिया है। पंडितों ने आरोप लगाया था कि एसडीएम खुद को सीएम का रिश्तेदार बताते हुए उन्हें धमकाते हैं और अभद्र भाषा का प्रयोग भी करते हैं। इतना ही नहीं एसडीएम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पंडितों ने मंदिर में अनुष्ठान और हवन बंद कर दिए थे। पंडितों ने एसडीएम के खिलाफ खोला मोर्चा मां बगलामुखी मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के खिलाफ गुरुवार को मोर्चा खोल दिया था। मंदिर पहुंचे एसडीएम का घेराव करते हुए पंडितों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी और मंदिर में होने वाले अनुष्ठान और हवन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए थे। विरोध प्रदर्शन करने वाले पंडितों ने आरोप लगाया था कि मंदिर समिति से बिना कोई बातचीत किए एसडीएम सर्वेश यादव रोजाना नए-नए नियम बना देते हैं। इतना ही नहीं लंबे समय से मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले पंडितों को हटाने की धमकी भी देते हैं। अभद्र भाषा के इस्तेमाल का लगाया था आरोप पंडित एसोसिएशन अध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री ने बताया एसडीएम स्वयं को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाते हैं। पंडितों का कहना है कि मंदिर समिति को विश्वास में लिए बिना रोज नए-नए नियम लागू किए जा रहे हैं जिससे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया जाता है। अभा ब्राह्मण समाज प्रदेशाध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने मामले में कहा है कि ब्राह्मण समाज को लेकर जिस तरह से लगातार अधिकारियों द्वारा बयानबाजी की जा रही है इससे समाज बेहद व्यथित और आक्रोशित है। पंडितों ने मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरु किया और हवन-अनुष्ठान बंद किए तो बात वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। कुछ घंटों बाद ही कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम ने मां बगलामुखी मंदिर के प्रभार से एसडीएम सर्वेश यादव को हटा दिया। एसडीएम से मंदिर समिति का प्रभार लेते हुए डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई को सौंपा गया है। वहीं एसडीएम सर्वेश यादव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है।

हाईकोर्ट ने यासीन मछली को नहीं दी जमानत, विधानसभा में फर्जी पास लगाने का मामला

भोपाल /जबलपुर  भोपाल के गैंगस्टर यासीन अहमद मछली को फर्जी विधानसभा एंट्री पास मामले में हाईकोर्ट से झटका लगा है. उच्च न्यायालय ने अपराध की गंभीरता तथा अपीलकर्ता के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया है. हाईकोर्ट जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ये फैसला सुनाया. भोपाल के गैंगस्टर यासीम अहमद मछली की तरफ से निजी वाहन में फर्जी विधानसभा एंट्री पास का उपयोग किये जाने के मामले में अरेरा थाने में धारा 318(4), 319(2), 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमें में जमानत के लिए आवेदन किया था. अपीलकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि क्राइम ब्रांच ने उसे 23 जुलाई 2025 को एक अन्य अपराध में हिरासत में लिया था. इस अपराध में वह 1 अगस्त 2025 से अभिरक्षा में है. दरअसल भोपाल पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने जमानत याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। आरोपी मछली विधानसभा का फर्जी पत्रकार पार्किंग पास निजी वाहन में इस्तेमाल करता था, जिस पर भोपाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने कहा कि यह मामला सीधे विधानसभा की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। भोपाल के अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 131/2025 से संबंधित है। अभियोजन के मुताबिक, 25 जुलाई 2025 को प्राप्त शिकायत के बाद जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि दिसंबर 2024 के विधानसभा सत्र के लिए पत्रकार गौरव शर्मा के नाम से जारी पार्किंग पास क्रमांक 433 को आरोपी यासीन अहमद उर्फ मछली ने कथित रूप से छेड़छाड़ कर अपनी निजी कार (एमपी 04 जेड एल 0999) में लगा लिया। जबकि यह पास किसी अन्य वाहन के लिए वैध रूप से जारी किया गया था। अपीलकर्ता ने कहा, विधानसभा में एंट्री के लिए नहीं किया इस पास का इस्तेमाल शिकायतकर्ता के अनुसार अगस्त 2024 तक उसने अपनी गाड़ी पर इस पास का इस्तेमाल किया था. अपीलकर्ता ने विधानसभा में एंट्री के लिए इस पास का इस्तेमाल नहीं किया है. अपीलकर्ता का अपराधिक रिकॉर्ड है परंतु वह अधिकांश मामलों में दोषमुक्त हो गया है. शासन की तरफ से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए बताया गया कि विधानसभा ऑफिस ने ब्रेकिंग न्यूज के एडिटर गौरव शर्मा के वाहन नंबर एमपी-04-टीबी-3950 लिए “जर्नलिस्ट” विधानसभा पार्किंग पास नंबर 433 जारी किया था. अपीलकर्ता फर्जी पास का उपयोग अपने वाहन क्रमांक एमपी 04-डेजएल 0999 में कर रहा था. आवेदक एक क्रिमिनल हिस्ट्रीशीटर है और वह पास वाली गाड़ी का इस्तेमाल गैर-कानूनी कामों के लिए कर रहा था. कोर्ट ने कहा, जुर्म की गंभीरता और आवेदक के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए नहीं दी जा सकती जमानत आवेदक ने जाली पास बनाकर अपनी गाड़ी पर लगाया है, जिसका इस्तेमाल सिर्फ विधानसभा में एंट्री के लिए किया जाता था. यह विधानसभा के विधायकों और मंत्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा था. एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि जुर्म की गंभीरता और आवेदक के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता है. शासन की तरफ से अधिवक्ता सीएम तिवारी ने पैरवी की.

सीएम डॉ. मोहन यादव सीधी में 213 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे उद्घाटन, 714 परियोजनाओं का शिलान्यास

सीधी  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले के बहरी में 201 करोड़ 64 लाख रुपये की लागत वाले कुल 209 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के हितग्राहियों के लिए प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 68 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। ये कार्य अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत हैं। इन कार्यों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा 133 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत वाले 30 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया जाएगा। यह कार्य पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क) के अंतर्गत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एक बगिया मां के नाम" योजना में 505 हितग्राहियों को 11 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम से शासन की योजनाओं की जानकारी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेगी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। इन 714 कार्यों में से 6801.40 लाख रुपए की लागत वाले 179 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। वहीं, 13362.67 लाख रुपए की अनुमानित लागत वाले 30 नए विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा, 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत 505 लाभार्थियों को 1158.11 लाख रुपए की राशि वितरित कर लाभान्वित किया जाएगा। 179 परियोजनाओं से विकास को बढ़ावा मिलेगा लोकार्पित किए जाने वाले 179 कार्यों में अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलेगा। शिलान्यास किए जाने वाले 30 विकास कार्य पंचायत और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग और लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क संभाग) के अंतर्गत आते हैं। लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित समारोह के दौरान विभिन्न विभागों के लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाना और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करना है।