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सचिन पायलट को राजस्थान भेजने की योजना, 2028 के CM फेस को लेकर क्यों शुरू हुई चर्चा?

जयपुर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस पार्टी सचिन पायलट को राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष बनाने वाली है। इस दौरान चर्चा यह भी है कि कांग्रेस साल 2028 में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए पायलट को सीएम फेस भी बनाने वाली है। इसकी चर्चा तब शुरू हुई, जब बीते दिनों सचिन पायलट और राहुल गांधी की दिल्ली में मुलाकात हुई। मुलाकात में राहुल गांधी और सचिन पायलट ने क्या बात की? आइए समझते हैं इस मुलाकात के मायने। राहुल गांधी से क्या बोले सचिन पायलट बीते दिनों दिल्ली में राहुल गांधी और सचिन पायलट की गुप्ती मीटिंग हुई। इस दौरान सचिन पायलट ने राजस्थान वापस जाने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी। सूत्रों के अनुसार, पायलट ने राहुल गांधी से कहा कि उन्हें अब दिल्ली की राजनीति से छुट्टी दी जाए और उनके गृह प्रदेश राजस्थान की जिम्मेदारी सौंप दी जाए। हालांकि, राहुल गांधी और कांग्रेस की तरफ से इस मामले पर अभी तक निर्णय नहीं हो पाया है। पायलट के लिए अब दोहरी चुनौती राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति के दो बड़े चेहरे हैं। कांग्रेस की धुरी पहले सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच ही घूमती थी, लेकिन अब इसमें एक और बड़ा नाम पिछले कुछ सालों में उभरकर सामने आया है। तीसरी धुरी का नाम है गोविंद सिंह डोटासरा, जो वर्तमान में राजस्थान कांग्रेस के मुखिया हैं। सचिन पायलट और गहलोत ग्रुप पहले से ही राजस्थान में अपनी धाक जमाए हुए है, अध्यक्ष बनने के बाद डोटासरा ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवा दी है। ऐसे में सचिन पायलट की राजस्थान वापसी आसान नहीं है। क्योंकि अशोक गहलोत ही सचिन पायलट के लिए चुनौती हैं, और अब तीसरा मोर्चा भी उनके सामने खड़ा हो गया है। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनावों में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच तकरार खुलकर सामने आई थी। इन चुनावों में सचिन पायलट चाहते थे कि उन्हें सीएम फेस बनाया जाए, और अशोक गहलोत खुद को सीएम फेस मानकर चल रहे थे। दोनों के बीच की तकरार का कांग्रेस को नुकसान भी हुआ। नतीजा यह रहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बुरी तरह हार हुई और भाजपा ने जीतकर अपनी मुख्यमंत्री बना लिया।

इंदौर कलेक्टर का RSS कार्यालय दौरा, जीतू पटवारी का आरोप – ‘शिवम वर्मा BJP कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे

इंदौर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इंदौर के कलेक्टर की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय कार्यालय जाने के लिए आलोचना की. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कलेक्टर शिवम वर्मा बीजेपी कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं. पटवारी ने दावा किया कि शिवम वर्मा, इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव के साथ बुधवार रात शहर की पंत वैद्य कॉलोनी में 'सुदर्शन' कार्यालय गए थे और RSS मालवा प्रांत प्रचारक राज मोहन सिंह के साथ भागीरथपुरा में खराब पानी की घटना सहित कई मुद्दों पर चर्चा की थी. इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. एक न्यूज एजेंसी ने बताया कि सांवेर में अपने साथियों को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा, "भार्गव, वर्मा को RSS ऑफिस ले गए. कलेक्टर ने दिखा दिया है कि वह प्रशासनिक अधिकारी नहीं हैं. वह बीजेपी सदस्य की तरह काम कर रहे हैं. अगर आप ड्यूटी पर रहते हुए राजनीतिक पार्टियों के ऑफिस जाएंगे, तो याद रखें, कांग्रेस कार्यकर्ता आपके काम करने के तरीके को सुधारेंगे." पटवारी ने आरोप लगाया, "कलेक्टर को अपने ऑफिस में काम करना चाहिए, चीफ सेक्रेटरी से मिलना चाहिए और मंत्रियों और अधिकारियों के साथ मामलों पर चर्चा करनी चाहिए. इंदौर में लोग मर रहे हैं, हर जगह खराब पानी है, और भ्रष्टाचार का स्तर अद्भुत और अकल्पनीय है. लेकिन कलेक्टर काम नहीं कर रहे हैं. वह बीजेपी के लिए अपनी हाजिरी लगाने RSS ऑफिस जा रहे हैं." बार-बार कोशिश करने के बावजूद कलेक्टर शिवम वर्मा से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका. बता दें कि सूबे की आर्थिक राजधानी इंदौर पिछले लगभग एक दशक से देश का सबसे साफ शहर है. लेकिन फिलहाल अपने भागीरथपुरा इलाके में पानी खराब होने से मौतों के कारण खबरों में है. स्थानीय निवासियों के दावों के बीच कि पानी खराब होने से 17 लोगों की मौत हुई है, मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को 18 प्रभावित परिवारों को मुआवजा बांटा. उधर, कांग्रेस नेता पटवारी ने खुद एक X पोस्ट में मरने वालों की संख्या 20 बताई थी.

IND vs NZ: 7 सीरीज, 37 साल की अदावत – भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ घर में शानदार ODI रिकॉर्ड

 नई दिल्ली साल 2026 में टीम इंडिया अपने अभियान की शुरुआत वनडे फॉर्मेट से करने जा रही है, जिसकी पहली सीरीज का पहला मैच 11 जनवरी से वडोदरा में है. खास बात यह है कि मुकाबले के लिए जिस कोटाम्बी स्टेडियम को चुना गया है, वहां पहली बार कोई पुरुष इंटरनेशनल मैच खेला जाएगा. इससे पहले वडोदरा में मेजबानी रिलायंस स्टेडियम करता रहा है, लेकिन अब शहर को नई इंटरनेशनल क्रिकेटिंग पहचान मिलने वाली है. दोनों देशों के बीच 50 ओवरों की द्विपक्षीय भिड़ंत का इतिहास दिसंबर 1988 से शुरू होता है. तब से लेकर अब तक कुल 7 बाइलेटरल ODI सीरीज खेली जा चुकी हैं और मजे की बात यह कि हर बार नतीजा एक ही रहा: भारत विजेता, न्यूजीलैंड पराजित. यानी 37 साल में कीवी टीम भारत के खिलाफ एक भी बाइलेटरल ODI सीरीज नहीं जीत पाई. न्यूजीलैंड की टीम पहली बार भारत की सरजमीं पर वनडे खेलने 1987 के वर्ल्ड कप के दौरान आई थी, लेकिन वह एक मल्टी-नेशन टूर्नामेंट था. असली द्विपक्षीय मुकाबला तो दिसंबर 1988 में शुरू हुआ, जब कीवी टीम पहली बार बाइलेटरल ODI सीरीज के लिए भारत पहुंची. भारत ने 4 मैचों की उस सीरीज में न्यूजीलैंड को 4-0 से साफ बहा दिया और घरेलू दबदबे की शुरुआत वहीं से हुई. जनवरी 2023 में न्यूजीलैंड आखिरी बार वनडे सीरीज खेलने भारत आया था, जहां टीम इंडिया ने क्लीन स्वीप कर दिया. दिलचस्प यह है कि कहानी की शुरुआत और अंत दोनों एक जैसे हैं. भारत ने 1988 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली बाइलेटरल ODI सीरीज खेली तो 4-0 से क्लीन स्वीप किया था, और 2023 में खेली गई आखिरी सीरीज में भी उसी अंदाज में क्लीन स्वीप (3-0), यानी शुरुआत भी सफाया… और अंत भी सफाया. हालाकि इतिहास का यह पक्ष भी याद रखना जरूरी है कि 2024 में टेस्ट फॉर्मेट में समीकरण बिल्कुल उलट थे. रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत को कीवी टीम के हाथों 0-3 से क्लीन स्वीप झेलना पड़ा था. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार था जब भारत को अपने घर में तीन या उससे अधिक मैचों की किसी टेस्ट सीरीज में सफाया झेलना पड़ा. ऐसे में भले ही मौजूदा मुकाबला वनडे फॉर्मेट का है, लेकिन उस टेस्ट सीरीज हार की चुभन टीम इंडिया को जरूर याद होगी. यानी वनडे में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का घरेलू रिकॉर्ड बेहद एकतरफा रहा है. अपनी सरजमीं पर टीम इंडिया ने कीवी टीम के खिलाफ अब तक 40 वनडे खेले हैं, जिनमें से 31 में जीत दर्ज की है, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा. न्यूजीलैंड सिर्फ 8 मैच जीत पाया है. यानी होम कंडीशंस में भी भारत का दबदबा लगभग चार दशकों से जस का तस बना हुआ है. ओवरऑल रिकॉर्ड में भी भारत आगे है. दोनों टीमों के बीच अब तक 120 वनडे खेले गए हैं, जिनमें भारत ने 62 और न्यूजीलैंड ने 50 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला टाई रहा और 7 मैच बिना नतीजे के समाप्त हुए. यानी कुल तस्वीर यह बताती है कि खासकर भारतीय सरजमीं पर ज्यादातर वनडे मुकाबलों में भारत का दबदबा रहा है और न्यूजीलैंड को कई बार सीरीज हार का सामना करना पड़ा है. भारत vs न्यूजीलैंड हेड टू हेड ODI (भारत में)  कुल मैच 40     भारत जीता 31     भारत हारा 8     बेनतीजा 1     भारत vs न्यूजीलैंड ओवरऑल हेड टू हेड ODI कुल मैच 120     भारत जीता 62     न्यूजीलैंड जीता 50     टाई 1     बेनतीजा 7     भारत vs न्यूजीलैंड ODI सीरीज के नतीजे (जब बाइलेटरल वनडे सीरीज भारत में हुई) 1988/89: भारत ने न्यूजीलैंड को 4-0 से हराया 1995/96: भारत ने सीरीज 3-2 से जीती 1999/00: भारत ने 3-2 से जीत दर्ज की 2010/11: भारत ने न्यूजीलैंड को 5-0 से क्लीन स्वीप किया 2016/17: भारत ने सीरीज 3-2 से जीती 2017/18: भारत ने 2-1 से जीत हासिल की 2023: भारत ने न्यूजीलैंड को 3-0 से हराया न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह और यशस्वी जायसवाल.  भारत vs न्यूजीलैंड वनडे सीरीज का शेड्यूल  11 जनवरी- पहला वनडे, वडोदरा  14 जनवरी- दूसरा वनडे, राजकोट  18 जनवरी- तीसरा वनडे, इंदौर  भारत vs न्यूजीलैंड टी20 सीरीज का शेड्यूल  21 जनवरी- पहला टी20, नागपुर  23 जनवरी- दूसरा टी20, रायपुर  25 जनवरी- तीसरा टी20, गुवाहाटी  28 जनवरी- चौथा टी20, विशाखापत्तनम  31 जनवरी- पांचवां टी20, तिरुवनंतपुरम

UP राजनीति में हलचल: SIR ड्राफ्ट लिस्ट जारी होते ही BJP एक्टिव, 4 करोड़ वोटर बनाने की तैयारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत जारी हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद भारतीय जनता पार्टी बेहद गंभीर हो गई है। भाजपा ने एक महीने में चार करोड़ नए मतदाता बनाने का लक्ष्य रखा है और मुख्यमंत्री इस अभियान को लेकर खासे सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश में मंगलवार को एसआईआर के तहत जारी ड्राफ्ट लिस्ट में बड़ी संख्या में वोटर कम होने के बाद भाजपा अब वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की मुहिम में लगी है। ड्राफ्ट लिस्ट में 2.89 करोड़ वोटर के नाम कटे हैं। भाजपा एक महीने में चार करोड़ नए वोटर बनाने की कोशिश में है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पूरे मंत्रिमंडल को दी वोटर लिस्ट में नए सदस्य जुड़वाने की जिम्मेदारी दी है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में मोर्चे पर जम जाने की जिम्मेदारी दी है। मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में जमीनी हकीकत जाननी होगी और ड्राफ्ट लिस्ट में मतदाताओं के नाम जुड़वाने का प्रयास करना होगा। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में सहयोगियों को जमीन पर उतरने के साथ पात्र और अपात्र लोगों की पड़ताल करने का निर्देश दिया है। मानना है कि सूची में अपात्र लोगों को पात्र बनने की प्रक्रिया से भी अवगत कराना सरकार की जिम्मेदारी है। पात्र लोगों की पड़ताल कर उनका नाम भी सूची में जारी कराया जाए। मंत्रियों को उनके प्रभार के जिलों में जिम्मा दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीर बताते हुए संगठन को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी ने विधायकों और सांसदों से वोटर लिस्ट सुधार पर पूरा ध्यान देने को कहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के सभी मंत्रियों, विधायकों, पार्टी के पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों के साथ वर्चुअल मीटिंग की और कहा कि एक महीने में हर विधानसभा में कम से कम एक लाख वोट बढ़ाया जाए, इस तरह कम से कम चार करोड़ नए वोटर बन जाएंगे। मीटिंग में कहा गया कि नई ड्राफ्ट लिस्ट के मुताबिक, यूपी में 46.23 लाख वोटर की मृत्यु हो चुकी है। पार्टी के मंत्री, विधायक, नेता, कार्यकर्ता इन सभी की दुबारा जांच करें और देखें कि इस लिस्ट में कोई गड़बड़ी तो नहीं है। वर्चुअल मीटिंग में सभी मंत्रियों को भी बूथ में बैठने को कहा गया है। उनके साथ इस बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी के सभी राज्य मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, एमएलसी, पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के बैठक में निर्देश दिया है कि वे पूरी तरह वोटर लिस्ट के काम में जुटें।  विधानसभा की सभी कमेटियों की बैठकें रद करने को कहा गया है, जिससे कि सभी मतदाता बनाने के काम में लगें। पार्टी का फोकस तीन प्रमुख वर्गों पर रखा गया है। पहला तो नए युवा मतदाता जो उम्र पूरी होने के बावजूद अब तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं। दूसरा, वे वे मतदाता जिनके नाम दस्तावेजों की कमी या तकनीकी त्रुटियों के कारण सूची से हट गए हैं। तीसरा, ऐसे मतदाता जिनका पता सत्यापन के दौरान नहीं मिल पाया या जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी। लखनऊ में सबसे ज्यादा कटे वोट लखनऊ में सबसे ज्यादा 30 फीसदी वोट कम हुआ है। यहां 12 लाख से अधिक वोट कटे हैं। लखनऊ में सभी नौ विधानसभा सीट पर वोटर ड्राफ्ट लिस्ट की फोटो कॉपी निकाली गई है और पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए वोटरों की तलाश कर रहे हैं। जिला अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी का कहना है कि जो लोग लखनऊ में रहते हैं, लेकिन वोटर लिस्ट में गांव में नाम लिखवाया है, उन्हें समझाया जा रहा है। बहुत सारे लोगों ने लापरवाही में फॉर्म जमा नहीं किए हैं। उनसे फॉर्म 6 भरवाया जा रहा है। लखनऊ कैंट क्षेत्र में पार्षद अपनी टीम के साथ घर-घर जाकर नए वोटरों को जोड़ने में जुटे हैं। उनकी टीम के पास ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की कॉपी है। ये घर-घर जाकर छूटे हुए वोटरों की तलाश कर रहे हैं। प्रदेश के कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में एसआइआर के तहत दो करोड़ 88 लाख 75 हजार 230 ऐसे हैं जो अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट हैं। 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जिनके रिकार्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं मिले हैं। अब इनको मतदाता बनाने का प्रयास होगा। चुनाव आयोग अब इन्हें नोटिस जारी करेगा।  

भारतीय परिवारों का 55% लोन खपत के लिए, संपत्ति सृजन में नहीं हो रही वृद्धि

इंदौर  भारतीय परिवारों पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है। लोग लाइफस्टाइल खर्चों के लिए जमकर कर्ज ले रहे हैं। पर्सनल लोन अब मोबाइल पर एक क्लिक से ही मिल जाता है। नौकरीपेशा लोगों को बैंक प्री अप्रूव्ड पर्सनल लोन ऑफर कर देते हैं। कार लोन भी प्री-अप्रूव्ड ही मिल जाता है। लोन लेना आसान होन से लोगों पर कर्ज तेजी से बढ़ रहा है। कर्ज मार्च 2025 के आखिर तक बढ़कर, जीडीपी के 41.3% पर पहुंच गया है। यह 5 साल के औसत 38.3% से काफी ज्यादा है और पिछले तीन साल से लगातार बढ़ रहा है। खपत से जुड़ा कर्ज तेजी से बढ़ रहा परिवारों के कर्ज में हुई वृद्धि में खपत से जुड़े कर्ज ने अहम भूमिका निभाई है। यानी भारतीय परिवार संपत्ति सृजन के लिए नहीं, बल्कि अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए ज्यादातर कर्ज ले रहे हैं। RBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के अनुसार, कर्ज में बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय लोगों पर कर्ज ज्यादातर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम है। भारतीय परिवारों की उधारी में ज्यादातर गैर-आवास खुदरा ऋण यानी क्रेडिट कार्ड कर्ज, पर्सनल लोन और ऑटो लोन आदि शामिल हैं। इन कर्जों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा परिवारों की कुल उधारी में पर्सनल लोन, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड कर्ज की हिस्सेदारी 55.3% है। इसकी हिस्सेदारी पिछले 5 साल में लगातार बढ़ी है। 2020 में इसकी हिस्सेदारी 43% थी। खपत से लोन की वृद्धि दर लगातार होम लोन, कृषि और बिजनेस लोन को पीछे छोड़ रही है। यानी भारतीय परिवारों की ओर से लिए गए लोन में खपत के मकसद से लिए गए कर्ज का हिस्सा सबसे ज्यादा है। उसके बाद संपत्ति सृजन और उत्पादन के उद्देश्य का स्थान आता है। कुल कर्ज में होम लोन की हिस्सेदारी 28.6% और कृषि व बिजनेस लोन की हिस्सेदारी 16.1% है। क्या है ग्रॉस डिस्पोजेबल इनकम? ग्रॉस डिस्पोजेबल इनकम (GDI) का मतलब वह आय है, जो देश के निवासियों के पास सही मायने में खर्च करने या बचाने के लिए उपलब्ध है। कर्ज के साथ बचत भी बढ़ी रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवारों की वित्तीय बचत वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में सुधर कर जीडीपी का 7.6%, हो गई है। लोगों को बढ़ती महंगाई से थोड़ी राहत मिलने के कारण भारतीय परिवारों की बचत में इजाफा हुआ है, जो 2022-23 में कई वर्षों के निचले स्तर पर आ गई थी। परिवारों की देनदारियां बढ़ने के बावजूद घरेलू सकल वित्तीय बचत बढ़कर 11.2% हो गई।

अंतरिक्ष स्टेशन पर खोजा गया कैंसर का नया इलाज, पेम्ब्रोलिजुमाब का इंजेक्शन बनेगा क्रांतिकारी

 नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर की गई वैज्ञानिक रिसर्च ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. नासा और दवा कंपनी मर्क की टीम ने मिलकर स्पेस में प्रोटीन क्रिस्टल ग्रोथ की स्टडी की, जिससे कैंसर की एक प्रमुख दवा का नया रूप विकसित हुआ. अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने सितंबर 2025 में इस नए इंजेक्शन को मंजूरी दे दी है. अब मरीजों को 2 घंटे लंबी इन्फ्यूजन की जगह सिर्फ 1-2 मिनट का इंजेक्शन लगेगा. यह खबर कैंसर मरीजों के लिए राहत भरी है, क्योंकि इलाज आसान, तेज और सस्ता हो गया है. क्या है यह नया इलाज? यह नया इलाज कंपनी मर्क की दवा पेम्ब्रोलिजुमाब (Pembrolizumab) का सबक्यूटेनियस इंजेक्शन रूप है. यह दवा इम्यूनोथेरेपी की श्रेणी में आती है. कुछ खास तरह के कैंसर (जैसे मेलानोमा, लंग कैंसर आदि) के इलाज में इस्तेमाल होती है. पहले यह दवा कैसे दी जाती थी?     मरीज को अस्पताल या क्लिनिक जाना पड़ता था.     नस में इन्फ्यूजन (IV ड्रिप) से दवा दी जाती थी.     इसमें 1-2 घंटे लगते थे.     बाद में इसे 30 मिनट तक कम किया गया था. अब नया तरीका     त्वचा के नीचे (सबक्यूटेनियस) सिर्फ एक इंजेक्शन.     लगाने में 1 से 2 मिनट लगते हैं.     हर तीन हफ्ते में एक बार.     मरीज का समय बचता है. अस्पताल का खर्च कम होता है. जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है. स्पेस स्टेशन की रिसर्च ने कैसे मदद की? अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी) बहुत कम होता है – इसे माइक्रोग्रेविटी कहते हैं. पृथ्वी पर ग्रेविटी की वजह से क्रिस्टल बनाते समय कई समस्याएं आती हैं, जैसे क्रिस्टल छोटे, असमान या कम गुणवत्ता वाले बनते हैं. लेकिन स्पेस में…     क्रिस्टल बड़े, एकसमान और ज्यादा परफेक्ट बनते हैं.     इससे वैज्ञानिक दवा के अणुओं की संरचना को बेहतर समझ पाते हैं. मर्क कंपनी 2014 से ISS पर प्रयोग कर रही है. उन्होंने मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (लैब में बनी प्रोटीन जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है) के क्रिस्टल स्पेस में उगाए. इन क्रिस्टल से पता चला कि दवा के कणों का सबसे अच्छा आकार और संरचना क्या होनी चाहिए, ताकि वे आसानी से घुलकर इंजेक्शन के रूप में दिए जा सकें. यह रिसर्च ISS नेशनल लेबोरेटरी के सपोर्ट से हुई. नासा स्पेस स्टेशन को निजी कंपनियों और वैज्ञानिकों के लिए खुला रखता है, ताकि माइक्रोग्रेविटी का फायदा उठाकर नई खोजें हों. स्पेस रिसर्च के फायदे क्या हैं?     पृथ्वी पर दवाओं का विकास तेज और बेहतर होता है.     कैंसर जैसे जटिल रोगों का इलाज आसान बनता है.     अंतरिक्ष यात्री के लिए लंबी स्पेस मिशन (चंद्रमा और मंगल) की तैयारी भी होती है.     कॉमर्शियल स्पेस इकोनॉमी बढ़ती है – निजी कंपनियां स्पेस में निवेश करती हैं. नासा का कहना है कि स्पेस स्टेशन पर किया गया काम न सिर्फ अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत सुधारता है, बल्कि पृथ्वी पर लाखों लोगों की जिंदगी बेहतर बनाता है. यह उदाहरण दिखाता है कि अंतरिक्ष की खोजें कैसे आम लोगों तक पहुंच रही हैं. भविष्य में स्पेस रिसर्च से और भी कई नई दवाएं और इलाज सामने आ सकते हैं. कैंसर मरीजों के लिए यह नया इंजेक्शन एक बड़ी उम्मीद है.  

Navratri 2026: कब हैं चैत्र, शारदीय और गुप्त नवरात्र? जानें तिथियाँ और घटस्थापना का मुहूर्त

इंदौर  Navratri 2026 Dates: नवरात्र देवी दुर्गा को समर्पित सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्वों में से एक माना जाता है. इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं. हर साल भक्त चैत्र नवरात्र, शारदीय नवरात्र और दो गुप्त नवरात्र की तिथियों का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि इनका विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में चारों नवरात्र शुभ समय पर पड़ रही हैं, जिससे भक्तों को साधना, व्रत और देवी पूजा के कई अवसर मिलेंगे. इस नए वर्ष में श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से घटस्थापना कर सकते हैं और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त कर सकते हैं. यहां नवरात्र 2026 का पूरा कैलेंडर दिया गया है, जिसमें सभी नवरात्र की तिथियां और घटस्थापना का सही मुहूर्त शामिल है.  चैत्र नवरात्र 2026 तिथियां और घटस्थापना का मुहूर्त  द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्र 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक समाप्त होंगे. चैत्र नवरात्र के पहले दिन का घटस्थापना मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. 19 मार्च, प्रतिपदा तिथि- घटस्थापना, मां शैलपुत्री 20 मार्च, द्वितीया तिथि- मां ब्रह्मचारिणी 21 मार्च, तृतीया तिथि- मां चंद्रघंटा 22 मार्च, चतुर्थी तिथि- मां कुष्मांडा 23 मार्च, पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता 24 मार्च, षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी 25 मार्च- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि 26 मार्च, अष्टमी तिथि- मां महागौरी, रामनवमी 27 मार्च, नवमी तिथि- मां सिद्धिदात्री, व्रत का पारण शारदीय नवरात्र 2026 तिथियां और घटस्थापना का मुहूर्त  द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 20 अक्टूबर 2026 तक समाप्त होगी. शारदीय नवरात्र के पहले दिन का घटस्थापना मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा.  11 अक्टूबर, प्रतिपदा तिथि- घटस्थापना, मां शैलपुत्री 12 अक्टूबर, द्वितीया तिथि- मां ब्रह्मचारिणी 13 अक्टूबर, तृतीया तिथि- मां चंद्रघंटा 14 अक्टूबर, चतुर्थी तिथि- मां कुष्मांडा 15 अक्टूबर, पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता 16 अक्टूबर, षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी 17 अक्टूबर- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि 18 अक्टूबर, अष्टमी तिथि- सप्तमी तिथि ही रहेगी 19 अक्टूबर, महाअष्टमी- मां महागौरी 20 अक्टूबर, महानवमी- मां सिद्धिदात्री, व्रत का पारण, विजयादशमी  माघ गुप्त नवरात्र 2026  गुप्त नवरात्र का विशेष आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व होता है. इस दौरान साधक और भक्त दस महाविद्याओं की विधि-विधान से पूजा और साधना करते हैं. साल 2026 में इसकी शुरुआत 19 जनवरी 2026 से होगी और समापन 27 जनवरी 2026 को होगा.  आषाढ़ गुप्त नवरात्र 2026    साल 2026 की दूसरी गुप्त नवरात्र आषाढ़ मास में शुरू होगी. इसकी शुरुआत 15 जुलाई 2026 से होगी और इसका समापन 23 जुलाई 2026 को होगा. इसका घटस्थापना मुहूर्त सुबह 5 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 39 मिनट तक रहेगा.

पीएमश्री योजना में प्रदेश के 799 विद्यालयों का किया है चयन

विद्यालय बनेंगे गुणवत्तापूर्ण एवं भविष्यगामी शिक्षा के केंद्र भोपाल विद्यार्थियों को बेहतर,आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 799 शासकीय विद्यालयों का चयन किया गया है। स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा अब इन विद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप आदर्श, आधुनिक एवं समावेशी शैक्षणिक संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इ‍ससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं प्रेरणादायी अध्ययन वातावरण प्राप्त हो सके। पीएमश्री योजना से मध्यप्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और समावेशन का एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। ये विद्यालय विद्यार्थियों को न केवल वर्तमान की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है, बल्कि उन्हें भविष्य के सक्षम नागरिक के रूप में विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में विद्यालयों के ढांचागत उन्नयन के लि‍ए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों एवं अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से विद्यालयों का शैक्षणिक परिवेश निरंतर बेहतर हो रहा है। हरित विद्यालय संकल्पना के अंतर्गत सोलर पैनल की स्थापना, स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता संबंधी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता भी बढ़ रही है। आईसीटी लैब, डिजिटल पुस्तकालय एवं नवाचार को दिया जा रहा है बढ़ावा स्टेम (एसटीईएम) शिक्षा एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में सभी उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक पीएमश्री विद्यालयों में आईसीटी लैब, इंटरैक्टिव पैनल तथा डिजिटल पुस्तकालय विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 458 अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की जा रही है, जिससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार एवं तकनीकी दक्षता को बढ़ावा मिल रहा है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए पीएमश्री विद्यालयों में आउटडोर एवं इनडोर खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। योग, खेल एवं संगीत के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। साथ ही गणित एवं विज्ञान सर्किल गतिविधियां, कैरियर मार्गदर्शन, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, समर कैंप तथा बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। पीएमश्री विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का हो रहा संचालन राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के प्रावधानों के अनुरूप विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। प्रदेश के 663 में से 650 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक पीएमश्री विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्राप्त हो रहे हैं और उनका भविष्य अधिक सुदृढ़ बन रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी से निगरानी विद्यालय प्रशासन एवं नेतृत्व को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पीएमश्री विद्यालयों के प्राचार्यों को आईआईएम इंदौर, आईआईएम रायपुर एवं टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़, मुंबई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली एवं अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों की बेहतर तैयारी के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का भी संचालन किया जा रहा है।

राष्ट्रीय युवा दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ

देश में पहली बार आधुनिक तकनीक से 4K वॉटर प्रोजेक्शन से होगा ऐतिहासिक इवेंट शुभारंभ समारोह में दिखेगी भोपाल के बड़े तालाब की भव्यता होगा आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को बड़े तालाब स्थित वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी पहुँचकर खेलो एमपी यूथ गेम्स की लॉन्चिंग तैयारियों का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम में अधिक से अधिक खेल प्रेमियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तथा सुरक्षा, तकनीकी एवं व्यवस्थागत सभी इंतजाम पूर्णतः पुख्ता हों। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि स्वामी विवेकानंद की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ 12 जनवरी को खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ किया जाएगा। यह शुभारंभ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शाम 6 बजे बड़े तालाब से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार लॉन्चिंग इवेंट के दौरान दर्शकों को 4K वॉटर प्रोजेक्शन देखने को मिलेगा। यह वॉटर प्रोजेक्शन दर्शकों को एक इमर्सिव और सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगा, जो अब तक राज्य स्तर के किसी भी खेल आयोजन में देखने को नहीं मिला है। देश में पहली बार फ्लोटिंग स्टेज पर ऐतिहासिक लॉन्चिंग देश में पहली बार किसी राज्य स्तरीय यूथ स्पोर्ट्स इवेंट की लॉन्चिंग फ्लोटिंग स्टेज पर की जाएगी, जहाँ 4K वॉटर प्रोजेक्शन इस ऐतिहासिक समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। भोपाल के बड़े तालाब की प्राकृतिक भव्यता के बीच जल-परदे पर अत्याधुनिक 4K तकनीक के माध्यम से खेलो एमपी यूथ गेम्स की थीम, लोगो, विज़ुअल स्टोरी और खेल भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रस्तुति के साथ हाई-क्वालिटी विजुअल डिस्प्ले, टॉर्च लाइटिंग के माध्यम से आकर्षक फायर वर्क तथा 20 फीट ऊँची ‘लार्जर दैन लाइफ’ जर्सी जैसे विशेष आकर्षण समारोह की भव्यता को बढ़ायेंगे। आधुनिक तकनीक और खेल संस्कृति के इस अद्वितीय संगम के माध्यम से यह शुभारंभ समारोह मध्यप्रदेश की नवाचार क्षमता, खेल प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा। लोगो, मैस्कॉट, एंथम और जर्सी का होगा अनावरण मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा खेलो एमपी यूथ गेम्स के लोगो, मैस्कॉट, एंथम एवं आधिकारिक जर्सी का भव्य लोकार्पण किया जाएगा। यह क्षण खेलो एमपी यूथ गेम्स की पहचान और भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा। इस अवसर पर प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ खेल प्रशासक भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। शुभारंभ समारोह में दिखेगी भोपाल के तालाबों की भव्यता मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स का शुभारंभ समारोह विशेष रूप से आकर्षक एवं यादगार बनाया गया है। इस अवसर पर ताल-तलैयों की नगरी भोपाल के ऐतिहासिक तालाबों की भव्यता दिखेगी। शुभारंभ समारोह के माध्यम से एमपी की पहचान केवल खेलों के राज्य के रूप में ही नहीं, बल्कि संस्कृति, सौंदर्य और युवाशक्ति के केंद्र के रूप में भी देश के सामने प्रस्तुत की जाएगी। यह आयोजन खिलाड़ियों, दर्शकों और आमजन के लिए प्रेरणादायी एवं उत्साहवर्धक अनुभव सिद्ध होगा। देश में पहली बार खेल विभाग और सभी खेल संघ मिलकर करेंगे आयोजन मंत्री श्री सारंग ने कहा कि यह देश में पहली बार हो रहा है, जब खेल विभाग के साथ सभी मान्यता प्राप्त खेल संघ मिलकर समन्वित रूप से यूथ गेम्स का आयोजन एवं संचालन कर रहे हैं। यह पहल खेल विभाग का एक ऐतिहासिक और नवाचारी कदम है। खेलो एमपी यूथ गेम्स केवल एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भविष्य की राज्य टीम चयन प्रक्रिया का सशक्त, व्यवस्थित और पारदर्शी मंच बनेगा। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही हो सकेगी, जिससे उन्हें आगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने का सशक्त अवसर प्राप्त होगा। 28 खेलों के लिये चरणबद्ध चयन प्रक्रिया खेलो एमपी यूथ गेम्स की चयन प्रक्रिया ब्लॉक स्तर से प्रारंभ की जाएगी। इसके अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएँ 12 से 16 जनवरी 2026, जिला स्तरीय प्रतियोगिताएँ 16 से 20 जनवरी 2026, संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ 21 से 25 जनवरी 2026 तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ 28 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएँगी। यूथ गेम्स के अंतर्गत कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी। खेल संघों के साथ बेहतर एवं प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा समन्वय अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार खेल आयोजन मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिताओं का आयोजन इस सिद्धांत पर किया जाएगा कि जिन खेलों की परंपरा एवं लोकप्रियता जिस क्षेत्र में है, वहीं संबंधित खेलों का आयोजन किया जाए। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएँ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर एवं नर्मदापुरम में प्रस्तावित हैं। ब्लॉक स्तर से प्रारंभ होने वाली इस चयन प्रक्रिया में जिला स्तर पर प्रदेश के 313 विकासखंडों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतियोगिताओं में भाग लेंगी। पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को किया शामिल मंत्री श्री सारंग ने बताया कि यूथ गेम्स में पहली बार पारंपरिक एवं लोकप्रिय खेलों को विशेष स्थान दिया गया है। इस क्रम में पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रो बॉल को भी प्रतियोगिता में शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीधी जिले को देंगे विकास कार्यों की सौगात

बहरी में होगा लोकार्पण-शिलान्यास कार्यक्रम प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम भी होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को सीधी जिले के बहरी में आयोजित विभिन्न विभागों के हितग्राहियों के प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 201 करोड़ 64 लाख रुपये के 209 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 68 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 179 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 133 करोड़ 62 लाख रुपये लागत के 30 विकास कार्यों का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "एक बगिया मां के नाम'' योजना में 505 हितग्राहियों को 11 करोड़ 58 लाख रूपये की राशि से लाभान्वित करेंगे। विभिन्न विभागों के 179 कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा बहरी में अनुसूचित जाति विभाग, आदिवासी विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, जिला पंचायत वाटरशेड, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 179 विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। इन कार्यों पर 68 करोड एक लाख 40 हजार रुपये की लागत व्यय की गई है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना एवं ग्रामीण विकास को मजबूती मिलेगी। 30 विकास कार्यों का होगा शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना–वाटरशेड विकास), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीआईयू विभाग तथा लोक निर्माण विभाग (भवन/सड़क संभाग) के अंतर्गत कुल 30 विकास कार्यों का शिलान्यास किया जाएगा। इन कार्यों पर कुल 133 करोड़ 62 लाख 67 हजार रुपये की लागत अनुमानित है। प्रशिक्षण एवं हितग्राही उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित बहरी में विभिन्न विभागों के हितग्राहियों का प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित होगा। इससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों तक सीधे पहुँचेगी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल, स्थानीय सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक सिंहावल श्री विश्वामित्र पाठक, विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, विधायक धौहनी श्री कुंवर सिंह टेकाम, विधायक चुरहट श्री अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मंजू रामजी सिंह, पूर्व विधायक चुरहट श्री शरदेन्दु तिवारी तथा वरिष्ठ समाजसेवी श्री देवकुमार सिंह चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।