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मंत्री सारंग ने नरेला विधानसभा में विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को नरेला विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के विस्तार करते हुए विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। मंत्री श्री सारंग ने नरेला विधानसभा अंतर्गत 80 फीट रोड, अशोका गार्डन से भोपाल रेलवे स्टेशन तक, विवेकानंद चौराहे से ऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग तक, तथा सुभाष नगर से रायसेन रोड तक डामरीकरण एवं नवीनीकरण कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही वार्ड क्रमांक 71 में नेहरू स्कूल से सेठी नगर पुलिया तक सीसी रोड निर्माण तथा गुप्ता कॉलोनी की आंतरिक सड़कों में सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्त निर्देश मंत्री श्री सारंग ने मंच से ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि नरेला विधानसभा क्षेत्र में सभी विकास कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। खेल सुविधाओं को मिलेगा विस्तार मंत्री श्री सारंग ने बताया कि राजेंद्र नगर में इंडोर एवं आउटडोर सुविधाओं से युक्त आधुनिक स्टेडियम का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि अशोका गार्डन क्षेत्र में शीघ्र ही स्वीमिंग पूल का निर्माण किया जाएगा, जिससे युवाओं और आम नागरिकों को खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। नरेला विधानसभा के निरंतर विकास के लिये प्रतिबद्ध मंत्री श्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि नरेला विधानसभा का सर्वांगीण विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 के बाद नरेला विधानसभा में योजनाबद्ध, सतत और परिणामोन्मुखी विकास की नई दिशा तय की गई है। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आज नरेला विधानसभा में बेहतर और सुरक्षित सड़कें, सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, नाली एवं ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं सुलभ कराई गई हैं। इसके साथ ही सांदीपनी विद्यालय, अस्पताल, महाविद्यालय सहित शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना एवं विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षा और बेहतर जीवन गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है। इसी दृष्टिकोण के साथ नरेला विधानसभा के प्रत्येक वार्ड और कॉलोनी में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। क्षेत्रवासियों ने इन विकास कार्यों के लिये मंत्री श्री सारंग का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर निगम के अधिकारी, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासियों की उपस्थिति रही।  

बेलगावी शुगर मिल में बड़ा हादसा, बॉयलर विस्फोट में 6 श्रमिकों की जान गई

बेलगावी कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक दुखद हादसे ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। बैलहोंगल तालुका के मारकुंबी गांव स्थित इनामदार शुगर फैक्ट्री में बॉयलर में विस्फोट हो गया, जिसमें अब तक 6 मजदूरों की मौत हो चुकी है। शुरुआती रिपोर्टों में तीन मौतें बताई गई थीं। लेकिन, इलाज के दौरान तीन और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। यह हादसा दोपहर करीब ढाई बजे हुआ, जब फैक्ट्री के नंबर एक कंपार्टमेंट में दीवार की मरम्मत और रखरखाव का काम चल रहा था। अचानक वाल्व फेल होने से गर्म गुड़ का रस बाहर निकला और आसपास खड़े मजदूरों पर गिर गया, जिससे उन्हें गंभीर जलन हुई। पुलिस के अनुसार, यह एक पुरस्कार विजेता चीनी मिल है, जो विक्रम इनामदार, प्रभाकर कोरे और विजय मेटागुडी की साझेदारी में चल रही है। मृतकों में अक्षय चोपाडे (45 साल), दीपक मन्नोली (31 साल), सुदर्शन बनोशी (25 साल), भरतेश सरवाडे (27 साल), गुरु तम्मनावर (26 साल) और मंजुनाथ कजागार (28 साल) शामिल हैं। पहले अक्षय, दीपक और सुदर्शन की मौत हुई, जबकि अन्य घायलों की बाद में मौत हो गई। घायल मजदूरों को तुरंत बैलहोंगल सरकारी अस्पताल और बेलगावी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंच गए और मातम छा गया। दो शवों का पोस्टमॉर्टम एक निजी अस्पताल में शुरू हो चुका है। परिजनों का गुस्सा फैक्ट्री प्रबंधन पर है, क्योंकि हादसे के कई घंटे बीत जाने के बावजूद मालिकों की तरफ से कोई मुआवजे का ऐलान नहीं हुआ है और न ही कोई संवेदना व्यक्त की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेलगावी ग्रामीण एसपी ने घटना की पुष्टि की और कहा कि लापरवाही की आशंका पर गहन जांच की जा रही है। फैक्ट्री का संचालन फिलहाल रोक दिया गया है।

विश्व कप 2026 की तैयारी में श्रीलंका की बड़ी चाल, भारतीय कोच की हुई एंट्री

नई दिल्‍ली टी20 विश्‍व कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है। 8 मार्च तक होने वाले इस टूर्नामेंट की मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्‍त रूप से करेगा। टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड में बड़ा कदम उठाया है। श्रीलंका क्रिकेट ने गुरुवार को पूर्व भारतीय बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर को अपना नया बल्लेबाजी कोच (कंसल्‍टेंट) नियुक्त किया है। राठौर टी20 विश्व कप 2026 की तैयारी में श्रीलंका की मदद करेंगे। राठौर 18 जनवरी से टीम का कार्यभार संभालेंगे और उनका कॉन्‍ट्रैक्‍ट टी20 विश्व कप के समापन के दो दिन बाद यानी 10 मार्च तक चलेगा।   श्रीलंका‍ क्रिकेट ने किया एलान श्रीलंका क्रिकेट ने घोषणा की है कि भारत के पूर्व बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर को श्रीलंका राष्ट्रीय टीम का बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। श्रीलंका क्रिकेट ने एक बयान में कहा, "उन्हें सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया गया है और उनका प्राइमरी फोकस टीम को आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप 2026 की तैयारी कराने पर होगा।" लंबे समय तक भारत के कोच रहे राहुल द्रविड़ जब भारतीय मेंस क्रिकेट टीम के हेड कोच थे, तो राठौर उस कोचिंग टीम का हिस्‍सा थे। उन्होंने सितंबर 2019 से जुलाई 2024 तक भारतीय टीम को निखारा। वह उस टीम का हिस्सा थे जब भारत वनडे विश्व कप 2023 और टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल में पहुंचा था। भारतीय टीम के बाद राठौर आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्‍थान रॉयल्‍स से जुड़े। फ्रेंचाइजी में वह बल्‍लेबाजी कोच की भूमिका निभाते हैं। पूर्व भारतीय क्रिकेटर राठौर ने अपने करियर में छह टेस्ट मैच और सात वनडे मैच खेले हैं। श्रीलंका की प्रारंभिक टीम दासुन शनाका (कप्तान), पथुम निसांका, कुसल मेंडिस, कामिल मिशारा, कुसल परेरा, धनंजय डी सिल्वा, निरोशन डिकवेला, जेनिथ लियानगे, चरिथ असलांका, कामिंडु मेंडिस, पवन रथनायके, सहान अराचिगे, वानिंदु हसरंगा, डुनिथ वेललागे, मिलन रथनायके, नुवान तुषारा, ईशान मलिंगा, दुष्मंथा चमीरा, प्रमोद मदुशन, मथीशा पथिराना, दिलशान मदुशंका, महेश थीक्षाना, दुशान हेमंथा, विजयकांत व्यासकांत, ट्रैवीन मैथ्यू। श्रीलंका का शेड्यूल     श्रीलंका बनाम आयरलैंड: 8 फरवरी     श्रीलंका बनाम ओमान: 12 फरवरी     ऑस्‍ट्रेलिया बनाम श्रीलंका: 16 फरवरी     श्रीलंका बनाम जिम्‍बाब्‍वे: 19 फरवरी  

हैरी ब्रूक नाइट क्लब विवाद में घिरे, माफी के पीछे की पूरी कहानी आई सामने

नई दिल्ली  एशेज 2025-26 खत्म होने के तुरंत बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने नाइट क्लंब कांड को लेकर माफी मांगी है। यह कांड ऑस्ट्रेलिया में नहीं बल्कि न्यूजीलैंड में हुआ था। ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले इंग्लैंड की टीम न्यूजीलैंड दौरे पर गई थी। टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, वेलिंगटन वनडे से एक रात पहले एक क्लब में एंट्री न मिलने पर इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान और बाउंसर के बीच झगड़ा हुआ था। यह घटना ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड की 4-1 से एशेज हार के बाद सामने आई, यह दौरा टीम के कल्चर की आलोचनाओं से घिरा रहा, जिसमें नूसा में ब्रेक के दौरान ज्यादा शराब पीने के दावे भी शामिल थे। हैरी ब्रूक ने अपनी गलती मान ली है, उनपर लगभग 30,000 पाउंड का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें आखिरी चेतावनी दी गई है।   ब्रूक ने एक बयान में कहा, "मैं अपने एक्शन के लिए माफी मांगना चाहता हूं। मैं पूरी तरह से मानता हूं कि मेरा व्यवहार गलत था और इससे मुझे और इंग्लैंड टीम दोनों को शर्मिंदगी हुई। इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करना सबसे बड़ा सम्मान है, जिसे मैं गंभीरता से लेता हूं और मैं अपने टीम के साथियों, कोचों और समर्थकों को निराश करने के लिए बहुत दुखी हूं। मैंने इससे मिले सबक पर विचार किया है, जो मुझे जिम्मेदारी, प्रोफेशनलिज्म और अपने देश का प्रतिनिधित्व करने वालों से अपेक्षित मानकों के बारे में सिखाते हैं। मैं इस गलती से सीखने और भविष्य में मैदान के अंदर और बाहर अपने कामों से भरोसा फिर से बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूं। मैं बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं और यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करूंगा कि ऐसा दोबारा न हो।" ECB ने कहा, "हमें इस घटना की जानकारी है और इसे एक फॉर्मल और कॉन्फिडेंशियल ECB डिसिप्लिनरी प्रोसेस के जरिए सुलझा लिया गया है। इसमें शामिल खिलाड़ी ने माफी मांगी है और माना है कि इस मौके पर उनका व्यवहार उम्मीदों के मुताबिक नहीं था।" घटना वाली रात, ब्रूक और उनके इंग्लैंड टीम के साथी जैकब बेथेल को भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में शराब पीते हुए देखा गया था। चौथे एशेज टेस्ट से पहले, इंग्लैंड के क्रिकेट डायरेक्टर रॉब की ने बताया कि उन्होंने न्यूजीलैंड में उनके बर्ताव के बारे में ब्रूक और बेथेल से बात की थी। सोशल मीडिया पर वीडियो का जिक्र करते हुए की ने कहा, "मुझे नहीं लगा कि यह फॉर्मल चेतावनी देने लायक था, लेकिन शायद इनफॉर्मल चेतावनी देने लायक था।"  

महाभियोग विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, जस्टिस वर्मा की याचिका पर फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर लोकसभा अध्यक्ष द्वारा जांच कमेटी बनाने की मंजूरी देने में प्रक्रियागत खामियों का आरोप लगाया है। दो दिनों की सुनवाई के बाद जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने गुरुवार (8 जनवरी) को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। हालांकि, बेंच ने जस्टिस वर्मा को पार्लियामेंट्री कमेटी के सामने अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय बढ़ाने से मना कर दिया है। उन्हें 12 जनवरी को संसदीय समिति के सामने जवाब देना है।   इस याचिका में जस्टिस वर्मा ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए बनाई गई पार्लियामेंट्री कमेटी की वैधता को चुनौती दी है। उनका कहना है कि उन्हें हटाने का प्रस्ताव राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। जस्टिस वर्मा ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि जब संसद के दोनों सदनों में एक ही दिन (महाभियोग का) प्रस्ताव दिया जाता है, तो प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए एक जॉइंट-कमेटी बनाने के लिए यह जरूरी है कि वह प्रस्ताव दोनों सदनों में स्वीकार किया जाए। अपने मामले में जस्टिस वर्मा ने तर्क दिया है कि राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन ने चूंकि उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, इस वजह से जजेज इन्क्वायरी एक्ट के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित जांच कमेटी अस्थिर हो गई है। एक दिन पहले SC ने उठाए थे सवाल एक दिन पहले यानी बुधवार को शीर्ष अदालत ने इस धारणा पर सवाल उठाए थे कि अगर संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव खारिज हो जाए, और उसी दिन लोकसभा में वही प्रस्ताव स्वीकार किया गया हो तो क्या उसे कैसे विफल मान लिया जाए? शीर्ष अदालत ने इस विचार पर संदेह जताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के महाभियोग के लिए लोकसभा द्वारा स्वीकार किए गए प्रस्ताव को विफल माना जाना चाहिए। क्या है मामला? बता दें कि पिछले साल 14 मार्च 2025 को दिल्ली में जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास पर आग लगी थी। आग बुझाने के दौरान दमकल विभाग को वहां से बड़ी मात्रा में अधजले नोट (कैश) बरामद हुए थे। इस घटना के बाद उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे। इसे देखते हुए उनका तबादला दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एक आंतरिक समिति बनाई, जिसने जांच में पाया कि जस्टिस वर्मा का उस नकदी पर 'नियंत्रण' था और उन्हें कदाचार (misconduct) का दोषी पाया गया। CJI ने की थी महाभियोग शुरू करने की सिफारिश इसके बाद, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को उन्हें पद से हटाने के लिए महाभियोग शुरू करने की सिफारिश की थी। इस बीच, जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया जुलाई 2025 में शुरू हुई, जब लोकसभा के 140 से अधिक सांसदों ने उन्हें हटाने के लिए प्रस्ताव दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 अगस्त 2025 को एक जांच समिति का गठन किया। 50 सांसदों ने राज्यसभा में भी ऐसा ही प्रस्ताव दिया था।  

दुनिया को लोकतंत्र के सबक: चुनाव आयोग भारत मंडपम में सिखाएगा इलेक्शन मैनेजमेंट

नई दिल्ली भारत निर्वाचन आयोग (ECI) दुनिया के विभिन्न देशों के चुनाव प्रबंधन संस्थानों को अपने अनुभव साझा करने जा रहा है। आयोग 21 से 23 जनवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में पहला इंडिया इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IICDEM-2026) आयोजित करने जा रहा है। यह भारत द्वारा लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में आयोजित अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन होगा।   इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से पहले, चुनाव आयोग ने गुरुवार को दिल्ली में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में वैश्विक सम्मेलन में उनके नेतृत्व में संचालित होने वाले 36 थीमैटिक ग्रुप्स पर विस्तार से चर्चा की गई। आधिकारियों के अनुसार, ये थीम चुनाव प्रबंधन के सभी पहलुओं को कवर करती हैं और चुनाव प्रबंधन निकायों के समृद्ध एवं विविध अनुभवों पर आधारित ज्ञान के भंडार का विकास करने का उद्देश्य रखती हैं। ये 36 थीमैटिक ग्रुप्स राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के नेतृत्व में संचालित होंगे, जिनमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक विशेषज्ञ भी योगदान देंगे। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) द्वारा निर्वाचन आयोग के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक चुनावी चुनौतियों पर साझा समझ विकसित करना, सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं और नवाचारों का आदान-प्रदान करना तथा समाधानों का सह-निर्माण करना है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में यह सम्मेलन भारत के अंतरराष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल IDEA के 2026 के लिए काउंसिल ऑफ मेंबर स्टेट्स की अध्यक्षता ग्रहण करने के बाद आयोजित हो रहा है। सम्मेलन की थीम है- समावेशी, शांतिपूर्ण, लचीली और सतत दुनिया के लिए लोकतंत्र। सम्मेलन में विश्व भर के चुनाव प्रबंधन निकायों (ईएमबी) का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग लेंगे, साथ ही वैश्विक संगठनों, भारत में विदेशी मिशनों तथा चुनावी प्रक्रियाओं के शैक्षणिक एवं व्यावहारिक विशेषज्ञ भी उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन के कार्यक्रम में सामान्य एवं प्लेनरी सत्र शामिल होंगे, जैसे उद्घाटन सत्र, ईएमबी लीडर्स प्लेनरी, ईएमबी वर्किंग ग्रुप मीटिंग्स तथा ईसीआईनेट (निर्वाचन सहयोग के लिए एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म) का शुभारंभ। इसके अलावा थीमैटिक सत्र वैश्विक चुनावी थीम्स, मॉडल अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानकों तथा चुनावी प्रक्रियाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं एवं नवाचारों पर केंद्रित होंगे। सम्मेलन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु एवं डॉ. विवेक जोशी भाग लेने वाले ईएमबी प्रमुखों एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें आयोजित करेंगे। इसके अतिरिक्त, सम्मेलन में चार आईआईटी, छह आईआईएम, 12 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों तथा भारतीय जन संचार संस्थान जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी होगी। प्रतिभागियों को भारत की चुनावी व्यवस्था, प्रक्रियाओं एवं तकनीकी नवाचारों से परिचित कराया जाएगा, जो भारतीय चुनावों को विश्व की लोकतंत्रों में एक आदर्श बनाते हैं। बता दें कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत में वर्तमान समय में विपक्षी दल, विशेष रूप से कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं कि वह सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के माध्यम से लाखों-करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम काटकर वोट चोरी कर रहा है, जिससे अल्पसंख्यक, गरीब और विपक्षी समर्थक क्षेत्रों के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में ड्राफ्ट सूची से 2.89 करोड़ नाम हटाए जाने, पश्चिम बंगाल में प्रतिष्ठित हस्तियों जैसे अमर्त्य सेन और मोहम्मद शमी को नोटिस भेजे जाने, तथा असम, तमिलनाडु जैसे राज्यों में इसी तरह की शिकायतों के बाद विपक्ष इसे 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, जबकि चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को निराधार बताते हुए प्रक्रिया को मतदाता सूची की शुद्धता के लिए आवश्यक बता रहे हैं।  

सेवानिवृत्ति पर न्यायाधीश की दो टूक— ‘कर्तव्य के समय मौन भी गुनाह है’

मुंबई बॉम्बे हाईकोर्ट में बुधवार को जस्टिस महेश एस सोनक के लिए आयोजित विदाई समारोह में भावुक माहौल बन गया। जस्टिस सोनक ने इस दौरान वकीलों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका पर कई अहम बातें कहीं हैं। फेयरवेल के दौरान जस्टिस सोनक ने कहा कि जब बोलने की जिम्मेदारी हो और तब भी चुप रहा जाए, तो यह अपराध के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी चुप्पी को संस्थान के लिए भूलना और माफ करना बेहद कठिन होता है।   गौरतलब है कि जस्टिस सोनक इस सप्ताह के अंत में झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का पद संभालने जा रहे हैं। वह झारखंड हाईकोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस तारलोक सिंह चौहान के रिटायर होने के बाद यह जिम्मेदारी संभालेंगे। बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की प्रिंसिपल सीट के सेंट्रल कोर्टरूम में उनके लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। 'बार की चुप्पी को माफ करना बहुत मुश्किल' मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अपने संबोधन में जस्टिस सोनक ने कहा कि जजों को अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए तारीफ की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अमेरिकी न्यायविद ओलिवर वेंडेल होम्स का हवाला देते हुए कहा कि अक्सर लोग आलोचना से बचकर तारीफ में डूब जाना पसंद करते हैं, जबकि गलत रास्ते पर जाने वाले जज को सुधारना कहीं ज्यादा जरूरी और अहम होता है। जस्टिस सोनक ने आगे कहा कि इसी जगह पर बार की बड़ी जिम्मेदारी शुरू होती है। उन्होंने दोहराया कि जहां बोलना जरूरी हो, वहां चुप रहना अपराध है। उन्होंने कहा कि संस्थान अपने दुश्मनों के अपमान को तो भूल सकता है, लेकिन अपने असली रक्षक यानी बार की चुप्पी को भूलना और माफ करना बहुत मुश्किल होता है। कौन हैं जस्टिस सोनक? जस्टिस एम एस सोनक बॉम्बे हाईकोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज रहे हैं। उनका जन्म 28 नवंबर 1964 को हुआ था। उन्होंने गोवा के पणजी स्थित एमएस कॉलेज ऑफ लॉ से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद साल 1988 में उन्होंने वकालत शुरू की और बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच में प्रैक्टिस की। इस दौरान उन्होंने सिविल, संवैधानिक, लेबर, सर्विस, पर्यावरण और टैक्स से जुड़े मामलों की पैरवी की। वह राज्य सरकार और वैधानिक निगमों के स्पेशल काउंसल भी रहे। 21 जून 2013 को उन्हें एडिशनल जज नियुक्त किया गया। गोवा बेंच में वरिष्ठ प्रशासनिक जज रहते हुए उन्होंने सार्वजनिक रूप से लिविंग विल रजिस्टर कराई और अंगदान का संकल्प लिया। अहम फैसले पद पर रहते हुए जस्टिस सोनक ने कई अहम फैसले सुनाए। इन फैसलों में पोरवोरिम पुलिस स्टेशन के कांस्टेबलों द्वारा एक वकील पर कथित हमले के मामले में स्वत संज्ञान लेना भी शामिल है। वहीं पिछले साल जुलाई में जस्टिस सोनक की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि मुंबई का विकास जरूरी है, लेकिन यह ऐतिहासिक और विरासत वाली इमारतों की सुरक्षा को नजरअंदाज करके नहीं किया जा सकता।

तजिंदरपाल तूर बने भारतीय दल के कप्तान, एशियन इंडोर एथलेटिक्स में दिखेगा दम

नई दिल्ली गोला फेंक में दो बार के एशियन इंडोर चैंपियन, तजिंदरपाल सिंह तूर, चीन के तियानजिन में 6 से 8 फरवरी तक होने वाली 12वीं एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17 सदस्यों वाली भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे। टीम 3 फरवरी को कॉन्टिनेंटल इंडोर मीट के लिए रवाना होगी। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने गुरुवार को 17 सदस्यों वाली भारतीय टीम की घोषणा की। पंजाब के 31 साल के अंतरराष्ट्रीय गोला फेंक खिलाड़ी तूर का राष्ट्रीय आउटडोर रिकॉर्ड 21.77 मी है, जो 2023 में ओडिशा के भुवनेश्वर में बनाया गया था। दो बार के एशियन गेम्स चैंपियन तूर ने कजाकिस्तान के नूर-सुल्तान में 10वीं एशियन इंडोर चैंपियनशिप में गोला फेंक का खिताब भी जीता था। लंबी कूद में शाहनवाज खान और अनुभवी ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रवेल भी चीन में एशियन इंडोर चैंपियनशिप से अपना 2026 सीजन शुरू करेंगे। तेजस्विन शंकर (हेप्टाथलॉन) और मणिकांत होबलीधर (60मी) अगले महीने होने वाली एशियन इंडोर चैंपियनशिप के लिए पुरुषों की टीम में अहम नाम हैं। शीर्ष महिला स्प्रिंटर्स, नित्या गंधे और अभिनय राजराजन, तियानजिन में 60 मी डैश में हिस्सा लेंगी। मौमिता मंडल 60 मी हर्डल्स और महिलाओं की लंबी कूद में हिस्सा लेंगी। एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024, ईरान में 13 भारतीय एथलीटों (छह महिलाएं और सात पुरुष) ने हिस्सा लिया था। भारत ने इस इवेंट को चार मेडल के साथ खत्म किया था। इसमें तीन स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल था। तेहरान, ईरान में 11वीं एशियन इंडोर मीट में तूर का गोल्ड मेडल जीतने वाला प्रदर्शन 19.72 मी था। भारतीय एथलेटिक्स टीम: मणिकांत होबलीधर (60मी), तेजस शिरसे (60मी हर्डल्स), जे आदर्श राम (ऊंची कूद), सीवी अनुराग और शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप), समरदीप सिंह गिल, तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), और तेजस्विन शंकर (हेप्टाथलॉन)। महिलाएं: नित्या गंधे, अभिनय राजराजन (60 मी), मौमिता मंडल और प्रज्ञान प्रशांति साहू (60 मी हर्डल्स), पूजा (ऊंची कूद), एंसी सोजन और मौमिता मंडल (लंबी कूद), योगिता (गोला फेंक), और केए अनामिका (पेंटाथलॉन)।

ग्वालियर जिले में भीषण ठंड के कारण 9-10 जनवरी को छुट्टी, आदेश जारी

ग्वालियर  मध्यप्रदेश में शीतलहर और भीषण ठंड को देखते हुए कई जिलों के शासकीय और अशासकीय स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिए गए हैं। इसी बीच ग्वालियर में 9 और 10 जनवरी नर्सरी से लेकर कक्षा पांचवी तक के बच्चों के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किए गए हैं। इसके साथ ही कक्षा छठवीं से लेकर कक्षा बाहरवीं तक के लिए स्कूलों का समय 10.30 से 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने यह आदेश जारी किया है। सभी स्कूलों पर लागू रहेंगे आदेश जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने बताया कि यह आदेश अत्यधिक ठंड की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य, सुविधा, सुरक्षा एवं आवागमन को ध्यान में रखकर जारी किया गया है। यह आदेश ग्वालियर जिले में संचालित एमपी बोर्ड, सीबीएसई व आईसीएसई से संबद्ध सभी शासकीय एवं अशासकीय व शासन से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। इंदौर में स्कूलों के समय में बदलाव इंदौर में शीतलहर और तापमान में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए शासकीय/अशासकीय/सी.बी.एस.ई./आई.सी.एस.ई/ माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं समस्त बोर्ड से सबंद्ध विद्यालयों की कक्षा नर्सरी से कक्षा 8 वी तक, एवं आंगनवाडी के छात्र-छात्राओं हेतु 8 जनवरी से आगामी आदेश तक विद्यालय का संचालन प्रातः 09.30 बजे से पूर्व नहीं किया जाएगा। अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों यथा परीक्षा इत्यादि पूर्ववत संचालित रहेगी।

भोपाल में विचार, साहित्य और कला का उत्सव, 9-11 जनवरी को होगा भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल

विचार, साहित्य और कला के उत्सव के लिए सजेगा भोपाल भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल का 8वां संस्करण 9 से 11 जनवरी तक भोपाल झीलों की नगरी भोपाल एक बार फिर विचार, साहित्य, कला और संस्कृति के सशक्त संवाद का केंद्र बनने जा रही है। भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (बीएलएफ) 2026 का आठवां संस्करण 9 से 11 जनवरी तक भारत भवन में आयोजित किया जाएगा। इसकी जानकारी फेस्टिवल डायरेक्टर राघव चंद्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चंद्रा ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाला यह फेस्टिवल देश और विदेश के प्रतिष्ठित लेखकों, विचारकों, कलाकारों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाकर गहन वैचारिक संवाद और सांस्कृतिक सहभागिता को नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल भोपाल को एक सशक्त सांस्कृतिक एवं बौद्धिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। फेस्टिवल के दौरान लेखक संवाद, परिचर्चाएं, पुस्तकों का विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला प्रदर्शनियां तथा विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में भारत सहित विभिन्न देशों से आए प्रसिद्ध लेखक, राजनयिक, इतिहासकार, सैन्य अधिकारी, सांसद, कलाकार और शिक्षाविद भाग लेंगे। फेस्टिवल में लेखक संवाद, परिचर्चाएं, पुस्तक विमोचन, कला प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल होंगे। भारत और विदेश से लेखक, इतिहासकार, राजनयिक, सैन्य अधिकारी, कलाकार और शिक्षाविद इसमें सहभागिता करेंगे। समृद्ध बौद्धिक विमर्श का मंच फेस्टिवल के अंतर्गत भारत की सभ्यतागत यात्रा, वैश्विक राजनीति और संघर्ष, भारत-चीन संबंध, संवैधानिक मूल्य, तकनीकी शासन प्रणाली, पर्यावरणीय संकट, जनजातीय इतिहास, महिला नेतृत्व, सिनेमा एवं जन-संस्कृति तथा लोकतंत्र के भविष्य जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। इन सत्रों में प्रमुख वक्ताओं के रूप में विलियम डैलरिम्पल, अश्विन सांघी, नीरा चांधोके, साल्वातोरे बाबोनेस, गौतम मुखोपाध्याय, सैयद अकबरुद्दीन, सुजान चिनॉय, अशोक के. कंथा और प्रोबल दासगुप्ता सहभागिता करेंगे। ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर फेस्टिवल के अंतर्गत भारत भवन द्वारा ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर 2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 10 राज्यों से 60 से अधिक आदिवासी कलाकार भाग लेंगे। गोंड, बैगा, भील, पिथोरा, वारली और भारिया चित्रकला के साथ बांस, लकड़ी और लोहे के शिल्प प्रदर्शित किए जाएंगे। इस वर्ष गोंडना और मुरिया जैसी दुर्लभ कला परंपराओं पर विशेष ध्यान रहेगा। युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं की रचनात्मकता और सांस्कृतिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश स्कूल ऑफ ड्रामा द्वारा विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा ‘यंगरंग’ कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए कहानी-कथन, चित्रकला और कविता प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। फेस्टिवल में मंचीय और दृश्य कलाओं को समर्पित अनेक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें दास्तान-ए-गुरु दत्त, काव्यराग—जब कविता संगीत से मिलती है, शाम-ए-कलाम और दास्तान-ए-शंकर शामिल हैं। आधुनिक कला दीर्घा में पद्मश्री दुर्गा बाई व्याम की कलाकृतियों की विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।