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LG का नया OLED TV, मोबाइल जितनी पतली थिकनेस और शानदार फीचर्स, CES 2026 में हुआ लॉन्च

 नई दिल्ली  LG ने एक कमाल का OLED TV लॉन्च कर दिया है, जिसको लेकर कंपनी ने दावा किया है कि यह दुनिया का सबसे स्लिम OLED टीवी है. इसको कंपनी ने कंज्यूमर इलेक्ट्रोनिक शो (CES) 2026 के लिए लॉन्च किया है.  LG के इस मॉडल का नाम LG OLED evo W6 है, इसके लिए कंपनी ने LG के वॉलपेपर डिजाइन का यूज किया है, जिसको सबसे पहले साल 2017 में इंट्रोड्यूस्ड किया था. अब इस टेक्नोलॉजी को ट्रू वायरलेस कनेक्टिविटी के साथ मिलाकर बनाया गया है.  9mm थिकनेस के साथ आता है LG का यह लेटेस्ट टीवी 9mm थिकनेस के साथ आता है, जबकि सैमसंग गैलेक्सी एस 24 एफई की थिकनेस 8mm की है. ऐसे में कहा जा सकता है कि इस टीवी की थिकनेस करीब एक स्मार्टफोन के बराबर है.  पोर्ट्स के लिए अलग से जीरो कनेक्ट बॉक्स मिलेगा LG ने इस टीवी को लेकर एक अन्य दावा यह भी किया है कि यह कंपनी का सबसे एडवांस्ड पिक्चर इनोवेशन है. कंपनी ने इसको वायरलेस बनाने के लिए सभी पोर्ट्स को Zero Connect Box में शिफ्ट कर दिया है, जिसको टीवी से 10 मीटर तक रखा जा सकता है, जिसकी वजह से यह टीवी सभी वायर से दूर रहता है. न्यू डिस्प्ले सिस्टम का यूज किया गया है  LG के इस न्यू टीवी में न्यू डिस्प्ले सिस्टम का यूज किया गया है, जिसको रेडियंट कलर टेक्नोलॉजी का नाम दिया है. यह टेक्नोलॉजी ब्राइटनेस और कलर को बेहतर करती है, जिसकी वजह से रिफ्लेक्शन डाउन होता है.  पुराने OLED मॉडल की तुलना में कई गुना ज्यादा ब्राइट LG ने इसको लेकर एक अन्य दावा किया है कि पुराने OLED मॉडल की तुलना में 3.9 गुना ज्यादा ब्राइट हैं. इसके लिए कंपनी ने Brightness Booster Ultra फीचर का यूज किया है. LG टीवी के स्पेसिफिकेशन्स  LG के इस टीवी में 4K रेजोल्युशन और 165Hz रिफ्रेश रेट्स का सपोर्ट मिलेगा. इसमें 0.1ms पिक्सल रिस्पोंस टाइम मिलता है. इसमें एनवीडिया G-SYNC कंपेटेबिलिटी, AMD FreeSync प्रीमियम और ऑटो लो लेटेंसी का सपोर्ट मिलता है.  LG TV में यूज होने वाला प्रोसेसर  LG के इस लेटेस्ट टीवी में Alpha 11 AI Processor Gen3 प्रोसेसर का यूज किया गया है, जिसके साथ Neural Processing Unit (NPU) दिया है. यह पुराने वर्जन की तुलना में 5.6 गुना ज्यादा पावरफुल वर्जन है. यह टीवी webOS पर काम करता है. हालाकि कीमत को लेकर कोई जानकारी नहीं है.   

अनिल कपूर की आइकॉनिक फिल्म ‘नायक’ का सीक्वल तैयार, प्रोड्यूसर ने कहा- ‘जब समय आता है…’

मुंबई         बॉलीवुड के 'एवरग्रीन' एक्टर अनिल कपूर ने यूं तो अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्में की हैं. लेकिन उनकी एक ऐसी फिल्म जिसे सबसे ज्यादा याद किया जाता है, वो है 'नायक'. साल 2001 में आई ये फिल्म कई लोगों को पसंद आई थी. इसकी कहानी ने आम जनता के दिल को इस तरह छुआ था कि ये फिल्म बाद में जाकर कल्ट साबित हुई.  'नायक' का बन रहा सीक्वल, कब होगा अनाउंस? 'नायक' फिल्म को तमिल डायरेक्टर शंकर ने बनाया था. ये उन्हीं की 1999 में आई तमिल फिल्म 'मुधलवन' का ऑफिशियल रीमेक थी. जिसमें रानी मुखर्जी, परेश रावल, अमरीश पुरी, जॉनी लीवर और सौरभ शुक्ला जैसे जाने-माने एक्टर्स शामिल थे. 'नायक' तब बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक ही चली थी. लेकिन अब इस फिल्म का 25 सालों बाद सीक्वल अनाउंस हुआ है.  प्रोड्यूसर दीपक मुकुट, जिन्होंने 'सनम तेरी कसम' जैसी हिट रोमांटिक फिल्म बनाई है, उन्होंने 'नायक 2' को कंफर्म किया है. उनके पास फिल्म के कॉपीराइट्स हैं. उनका खुलासा है कि वो इस फिल्म को अनिल कपूर के साथ मिलकर प्रोड्यूस करने वाले हैं, जो इसमें एक्टिंग भी करते नजर आएंगे.  HT को दिए इंटरव्यू में दीपक मुकुट ने कहा, 'अनिल कपूर और मैं मिलकर ये फिल्म बना रहे हैं. अभी इसके बारे में कुछ ज्यादा कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि अभी कई सारी बातचीत और चर्चाएं चल रही हैं. हां, नायक फिल्म का सीक्वल बनने वाला है और हम दोनों मिलकर इस फिल्म को प्रोड्यूस भी कर रहे हैं.' प्रोड्यूसर ने बॉम्बे टाइम्स को भी एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें वो बताते हैं कि फिल्म अभी स्क्रिप्टिंग स्टेज पर है. जैसे ही स्क्रिप्ट लॉक हो जाएगी, इसकी शूटिंग शुरू होगी. दीपक मुकुट का कहना है कि वो जल्द 'नायक 2' का सीक्वल ऑफिशियली अनाउंस करने वाले हैं. उन्होंने कहा, 'ये एक लीगेसी प्रोजेक्ट है. लगभग 25 साल हो गए हैं. हर फिल्म की अपना एक किस्मत होती है. जब उसका समय आता है, तो वो हो ही जाती है. और हमें लगा कि अब इसे करने का अच्छा समय है. हमारी आपस में समझ बनी हुई है और हम सब मिलकर इसे कर रहे हैं. इसके अलावा मैं ज्यादा कुछ नहीं बोल पाऊंगा.' बात करें अनिल कपूर के प्रोजेक्ट्स की, तो एक्टर जल्द यश राज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की अगली फिल्म 'अल्फा' में नजर आने वाले हैं. इसके अलावा वो 'सूबेदार' फिल्म में भी नजर आएंगे, जो अमेजन प्राइम वीडियो पर जल्द रिलीज होगी.

संभल में बिजली विभाग की छापेमारी, अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन सील

संभल   जहां संभल में बीते दिन रविवार को मस्जिद से लेकर मदरसे पर सुबह से लेकर शाम तक कार्रवाई चली तो आज संभल में पुलिस और प्रशासन ने बिजली चोरी के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू किया है. राय सत्ती थाना क्षेत्र में आज सुबह 5 बजे से व्यापक छापेमारी की जा रही है. इस कार्रवाई में बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं. डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके विश्नोई की अगुवाई में भारी पुलिस बल तैनात है. प्रशासन का कहना है कि छापेमारी के दायरे में धार्मिक स्थल भी आ सकते हैं और बिजली चोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस मामले से जुड़ी पल-पल की अपडेट पढ़ने के लिए लाइव से जुड़े रहे… बिजली चोरी करके कई ई-रिक्शा बैटरी को किया जा रहा चार्ज, JE ने पकड़ा संभल में बिजली विभाग की टीम ने राय सत्ती इलाके में अवैध रूप से चल रहे ई रिक्शा बैटरी चार्जिंग स्टेशन को पकड़ा है. जहां पर अवैध रूप से बिजली चोरी करके कई ई-रिक्शा बैटरी चार्जिंग की जा रही थी. बिजली विभाग ने इस जगह से कई चार्जिंग इक्विपमेंट बरामद करते हुए इसे सील कर दिया. बिजली विभाग के JE दीपक कुमार से बातचीत करते हुए न्यूज18 इंडिया ने पूरी जानकारी ली है. यह घर किसका है इसके बारे में बिजली विभाग को भी जानकारी नहीं मिल पाई थी लेकिन उनका कहना था कि उन्होंने यहां पर बाहर से एक बिजली के पोल से आई हुई बड़ी केबल को पकड़ा था जो एक बड़े हॉल के कमरे से आ रही थी और यहां पर ई रिक्शा को गुपचुप तरीके से चार्ज किया जा रहा है. हम इसे सील कर रहे हैं.  संभल में बिजली चोरी पर सख्त कार्रवाई, डीएम बोले- डेढ़ करोड़ का लाइन लास रोका गया संभल में बिजली चोरी के मामले को लेकर डीएम ने बताया कि रायसत्ती और सराय तरीन में छापेमारी के दौरान कई अवैध कनेक्शन पकड़े गए. पिछले एक साल में संभल प्रशासन ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये के लाइन लास को रोकने में सफलता हासिल की है. अभियान में मुस्तफा मस्जिद में बिजली चोरी पकड़ी गई, वहीं कुछ ई-रिक्शे अवैध रूप से चार्जिंग कर रहे थे. इसके अलावा डेरी में भी अवैध कनेक्शन का खुलासा हुआ. सांसद बर्क के इलाके रायसत्ती-नखासा में बिजली चोरी पर प्रशासन ने मारा छापा संभल में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. सांसद जियाउर्रहमान बर्क के ग्रहक्षेत्र रायसत्ती और नखासा से शुरू हुए अभियान में डीएम और एसपी के नेतृत्व में अधिकारी और कर्मचारी घर-घर और दुकानों में बिजली चोरी की जांच कर रहे हैं. अब कार्रवाई सराय तरीन इलाके में भी पहुंच चुकी है, जहां नबाबखेल मोहल्ले में टीमें सक्रिय हैं और प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है.  रायसत्ती और सराय तरीन के बाद अब किन इलाकों में होगी छापेमारी, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन और बिजली विभाग की कार्रवाई जारी है. बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया कि आज रायसत्ती इलाके में दूध के एक बड़े कारोबार के परिसर में अवैध कनेक्शन पकड़ा गया. इसके अलावा सराय तरीन और अन्य क्षेत्रों में भी टीमों ने सर्च ऑपरेशन किया. इस अभियान में डीएम और एसपी की मौजूदगी रही, और सात टीमों ने मिलकर छापेमारी की. अभी कुछ इलाके और हैं जिन्हें चिन्हित किया जाना है. उन्होंने कहा कि आज तीन से चार प्रमुख क्षेत्रों में सर्च किया गया और अब तक 5-6 घरों में अवैध बिजली कनेक्शन पाए गए हैं. हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया कि पिछले एक साल में चलाए गए अभियान के चलते लोगों में जागरूकता बढ़ी है. अब लोग मीटर और स्मार्ट मीटर लगवा रहे हैं और बिजली का बिल समय पर भर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि बिजली चोरी पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और इससे बिजली के सही उपयोग में काफी सुधार आएगा. : सराय तरीन में बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई, डीएम-एसपी की मौजूदगी में हो रही चेकिंग राय सत्ती के बाद अब सराय तरीन इलाके में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है. डीएम और एसपी की मौजूदगी में बिजली विभाग की टीमें घर-घर जाकर बिजली चोरी की जांच कर रही हैं. करीब 60-70 गाड़ियों से अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं. सराय तरीन के नबाबखेल मोहल्ले में चल रही इस चेकिंग से इलाके में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों ने बताया कि अवैध कनेक्शन और कटिया डालकर बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की इस पैनी नजर के चलते इलाके के लोग भी पुलिस और बिजली विभाग की कार्रवाई को गंभीरता से देख रहे हैं.  

जो रूट का टेस्ट क्रिकेट में 41वां शतक, सिडनी में किया रिकी पोंटिंग का रिकॉर्ड तोड़ने का दावा

 सिडनी इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज 2025-26 के पांचवें एवं आखिरी मुकाबले में जबरदस्त प्रदर्शन किया है. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे इस टेस्ट मैच दूसरे दिन (5 जनवरी) रूट ने शतकीय पारी खेली. रूट ने इंग्लैंड की पहली पारी में 15 चौकों की मदद से 242 गेंदों पर 160 रन बनाए. रूट ने इस दौरान 146 गेंदों पर शतक पूरा किया. रूट के टेस्ट करियर का ये 41वां शतक रहा. जो रूट अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. रूट ने ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली. पोंटिंग ने भी टेस्ट क्रिकेट में 41 शतक जड़े थे. जैक्स कैलिस और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ही इन दोनों से ज्यादा टेस्ट लगा पाए थे. इस फॉर्मेट में कैलिस ने 45 और सचिन ने 51 शतक लगाए. रूट ने बता दिया है कि मौजूदा दौर के वो बेस्ट टेस्ट बल्लेबाज हैं. एक्टिव बल्लेबाजों में स्टीव स्मिथ (36) और केन विलियमसन (33) तो रूट से काफी पीछे हैं. पहले दिन का खेल जल्दी समाप्त होने के बाद जो रूट 72 रन बनाकर नाबाद लौटे थे. दूसरे दिन उन्होंने बेहतर गेंदबाजी और असमान उछाल वाली पिच के बावजूद बिना किसी परेशानी के अपनी पारी को आगे बढ़ाया. दूसरे छोर पर हैरी ब्रूक (84), बेन स्टोक्स (0) और जेमी स्मिथ (46) के विकेट गिरे, लेकिन रूट ने संयम बनाए रखा और यादगार पारी खेलने में कामयाब रहे. टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक शतक 51- सचिन तेंदुलकर (भारत) 45- जैक्स कैलिस (साउथ अफ्रीका) 41- रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया) 41- जो रूट (इंग्लैंड) 38- कुमार संगकारा (श्रीलंका) यह ऑस्ट्रेलियाई धरती पर जो रूट का दूसरा टेस्ट शतक रहा. ये दोनों शतक उन्होंने मौजूदा सीरीज में बनाए हैं. हैरानी की बात यह है कि इससे पहले तक ऑस्ट्रेलिया में खेले गए 14 टेस्ट मैचों में वह एक भी शतक नहीं लगा पाए थे.  2021 से लेकर अब तक रूट टेस्ट क्रिकेट में 24 शतक जड़ चुके हैं. पांच मैचों की एशेज सीरीज में इंग्लैंड फिलहाल 3-1 से पीछे है, लेकिन सिडनी टेस्ट में जीत से टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप 2025-27 में 12 अहम अंक मिल सकते हैं. इंग्लैंड इस समय नौ टीमों की तालिका में सातवें स्थान पर है. 2021 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक शतक 24- जो रूट (इंग्लैंड) 10- स्टीव स्मिथ (ऑस्ट्रेलिया) 10- केन विलियमसन (न्यूजीलैंड) 10- हैरी ब्रूक (इंग्लैंड) 10- शुभमन गिल (भारत) इंग्लैंड के लिए विदेशी एशेज सीरीज में सर्वाधिक शतक (1994-95 से) 3- माइकल वॉन (2002/03) 3- एलिस्टेयर कुक (2010/11) 2- जोनाथन ट्रॉट (2010/11) 2- जो रूट (2025/26)  

हरियाणा को मिलेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन: जींद से सोनीपत का सफर 2 सप्ताह में शुरू

चंडीगढ़ देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का किराया तय हो गया है। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 2 सप्ताह बाद चलेगी। जींद जंक्शन से दो स्टेशनों का सफर जहां मात्र 5 रुपए में होगा, वहीं इसका सोनीपत तक का एकतरफ का किराया 25 रुपए लगेगा। बताया जा रहा है कि ट्रेन से सोनीपत जाने में 2 घंटे से ज्यादा समय लगता है, वहीं हाइड्रोजन ट्रेन मात्र एक घंटे में ही ये सफर तय करेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन 26 जनवरी से पहले करने की तैयारी है। रेलवे फिलहाल 20 व 21 जनवरी को इस ट्रेन को चलाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि इसके संचालन डेट फाइनल नहीं हुई है। जानें इस ट्रेन के फायदे यह हाइड्रोजन ट्रेन 'मेक इन इंडिया' का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है। यह ट्रेन एक साथ 2500 यात्रियों को ले जा सकती है। यह 2400 किलोवाट वाली दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन है। इसकी अधिकतम गति 140 किमी प्रति घंटा है। 360 किलो हाइड्रोजन में यह 180 किमी का सफर तय करेगी। जहाँ डीजल ट्रेन 1 किमी के लिए 4.5 लीटर ईंधन लेती है, वहीं यह मात्र 2 किलो हाइड्रोजन में उतनी ही दूरी तय करेगी।

देशभर के नामी अस्पताल आयुष्मान आरोग्य योजना से जुड़े, राजस्थान के मरीजों को मिलेगा फ्री ट्रीटमेंट

जयपुर राजस्थान के लाखों परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब प्रदेश के नागरिकों को राजस्थान से बाहर देश के नामी अस्पतालों में भी निःशुल्क और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने लगी है। योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश में 7,100 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया जा चुका है, जबकि दूसरे राज्यों में भी 15 दिनों के भीतर करीब 350 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ लिया है।  पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 37 लाख से अधिक मरीजों को 7,100 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है। इनमें करीब ढाई लाख ऐसे गंभीर रोगी शामिल हैं, जो जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहे थे। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत राजस्थान के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार दिया जा रहा है। योजना में लगभग 2,200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य बीमारियों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग और अंग प्रत्यारोपण जैसी महंगी और गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल है।   मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के बाद योजना का दायरा और बढ़ा है। अब देशभर के 30 हजार से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना के नेटवर्क में शामिल हो चुके हैं। इससे राजस्थान के नागरिकों को प्रदेश के बाहर भी उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिल सकेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 19 दिसंबर से इंटर स्टेट आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी की सुविधा लागू कर दी है। इससे पहले इनबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत दूसरे राज्यों के मरीजों को राजस्थान में इलाज की सुविधा दी जा रही थी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को मजबूरी में गुजरात, दिल्ली जैसे राज्यों में जाना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता था। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर एम्पैनल्ड अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करवा सकेंगे।  इस योजना के तहत तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली में 184, गुजरात में 2,067, हरियाणा में 1,366, मध्य प्रदेश में 1,622, महाराष्ट्र में 1,709, पंजाब में 823 और उत्तर प्रदेश में 6,182 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें दिल्ली और भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनऊ का केजीएमयू, गुजरात का यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी और गुजरात कैंसर एंड रिसर्च सेंटर जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यह योजना अब केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर में प्रदेशवासियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत गारंटी बन चुकी है।  

मुख्यमंत्री ने किया 31वें आईईएस- डिजिआना इंटरप्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ

पत्रकार साथियों की कलम की बाउंसर, शब्दों की गुगली और रिपोर्टर्स का रन रेट लोकतंत्र में लगाता है चार चांद: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि पत्रकार साथियों की कलम की बाउंसर, शब्दों की गुगली और रिपोर्टर्स का रन रेट लोकतंत्र में चार चांद लगाता है। हमारा मध्यप्रदेश हमेशा से दमदार खिलाड़ियों और मजबूत पत्रकारों की धरती रहा है। देश हित में पत्रकारिता को दिशा देने वाले प्रदेश के पत्रकारों ने दिल्ली तक को गौरवान्वित किया है। पंडित माखनलाल चतुर्वेदी और भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जैसे कई पत्रकारों का साहित्य और पत्रकारिता में योगदान अनुकरणीय और वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को भोपाल खेल पत्रकार संघ द्वारा ओल्ड कैंपियन ग्राउंड पर आयोजित 31वें आईईएस- डिजिआना इंटरप्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल खेल पत्रकार संघ लगातार तीन दशक से इंटर प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट का निरंतर आयोजन कर रहा है। इस आयोजन में क्रिकेट मैच के साथ- साथ आत्मीयता की भी वर्षा होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं भी इस क्रिकेट टूर्नामेंट में आने की हैट्रिक लगा रहे हैं। क्रिकेट टूर्नामेंट को निरंतरता देने संस्था का प्रयास सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पूर्व विधायक श्री ध्रुव नारायण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार श्री मृगेंद्र सिंह, श्री विजय दास, श्री तेजेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष श्री रवीन्द्र यति, समाजिक कार्यकर्ता श्री राहुल कोठारी सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी, अधिकारी, पत्रकार और खेल प्रेमी उपस्थित थे।  

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पूरी हुई श्रीअन्न की खरीद

बाजरा की हुई 2.13 लाख मीट्रिक टन खरीद, ज्वार की खरीद रही 43,562 मीट्रिक टन और मक्का की खरीद रही 13,209 मीट्रिक टन ज्वार (मालदांडी) 3749, ज्वार (हाईब्रिड) 3699 रुपये, बाजरा 2775 और मक्का की 2400 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हुई खरीद लखनऊ खरीफ विपणन वर्ष (2025-26) में ‘श्रीअन्न’ के किसानों ने बाजार की बजाय सरकारी खरीद को प्राथमिकता दी। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष श्री अन्न (बाजरा, ज्वार व मक्का) की सरकारी खरीद अधिक रही। इसके एवज में किसानों को अधिक भुगतान भी किया गया। योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों की बदौलत किसानों का झुकाव सरकारी खरीद पर अधिक रहा। इस वर्ष बाजरा की खरीद 2.13 लाख, ज्वार की 43,562 व मक्का की 12,208 मीट्रिक टन रही। पहली अक्टूबर से शुरू हुई ‘श्रीअन्न’ की खरीद पूरी हो गई। बाजरा की खरीद 33, मक्का 25 व ज्वार की खरीद 11 जनपदों में हुई। ज्वार का न्यूनतम समर्थन मूल्य (मालदांडी) 3749, ज्वार (हाईब्रिड) 3699 रुपये, बाजरा का 2775 व मक्का का 2400 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया था। बाजरा (2025-26)- खरीद 33 जनपद में ही हुई 90513 किसानों ने पंजीकरण कराया 54,253 किसानों से 2.13 लाख मीट्रिक टन खरीद 598.04 करोड़ रुपये का किया गया भुगतान (2024-25) 19,030 किसानों से 1.01 लाख मीट्रिक टन खरीद हुई थी किसानों को किया गया था लगभग 268 करोड़ रुपये का भुगतान ज्वार- (2025-26)- 11 जनपदों में हुई खरीद 20307 किसानों ने पंजीकरण कराया 13,454 किसानों से 43,562 मीट्रिक टन खरीद 162 करोड़ रुपये का किया गया भुगतान मक्का- (2025-26)- 25 जनपदों में हुई खरीद 7106 किसानों ने पंजीकरण कराया 3445 किसानों से 13,209 मीट्रिक टन खरीद 31.96 करोड़ रुपये का किया गया भुगतान यह भी जानें 25 जनपदों में हुई मक्का खरीद   मक्का खरीद 25 जनपदों (बदायूं,  बुलंदशहर, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर-देहात, कन्नौज, औरैया, इटावा, बहराइच, गोंडा, बलिया, जौनपुर, फर्रुखाबाद, मीरजापुर, सोनभद्र, देवरिया व ललितपुर) में हुई।    बाजरा खरीद वाले 33 जनपद बदायूं,  बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली,  शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर नगर-देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई व उन्नाव समेत 33 जनपदों में बाजरा खरीद हुई।   11 जनपदों में चली ज्वार खरीद बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर व जालौन में ज्वार की खरीद चल रही।

दिन-रात बेखौफ फर्राटा भरती हैं ट्रेनर दीदी और 60 सहेलियां, सेफ मोबिलिटी से बन रहीं लखपति

सीएम योगी के विजन से बदला यूपी का माहौल, महिला सशक्तिकरण को मिल रही नई रफ्तार आत्मनिर्भर बनीं गोरखपुर की मंशा देवी, दूसरे ब्लॉकों की महिलाओं को भी बनाया आत्मनिर्भर स्वयं सहायता समूह से जुड़कर एक वर्ष में मंशा देवी बनीं लखपति दीदी, अब 26 जनवरी को पीएम मोदी से करेंगीं मुलाक़ात लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हकीकत बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से गोरखपुर की मंशा देवी ने न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि 60 से अधिक महिलाओं को भी रोजगार और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा है। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर एक वर्ष में वे लखपति दीदी बन गई हैं। अब मंशादेवी 26 जनवरी को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। कभी सीमित आय में जीवन चलाने वाली मंशा देवी आज ई-रिक्शा ट्रेनर के रूप में दिन-रात बेखौफ फर्राटा भर रही हैं और दूसरी महिलाओं को भी आत्मविश्वास की चाबी थमा रही हैं। ऐसे बदली जिंदगी की दिशा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर समूह सखी के रूप में काम करने वाली मंशा देवी के पास पहले कोई विशेष आय का जरिया नहीं था। सेफ मोबिलिटी कार्यक्रम से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी की दिशा बदल गई। आज उनकी मासिक आय 20 से 30 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। जिससे साल भर में करीब ढाई से तीन लाख रुपए तक की आय होती है। सेफ मोबिलिटी कार्यक्रम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन के निर्देशन में डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स एवं आजीविका मिशन के बीच हुए एक अनुबंध के अन्तर्गत चल रहा है। सुरक्षित परिवहन के माहौल ने महिलाओं के लिए खोली नई राह मंशादेवी ने ब्रह्मपुर ब्लॉक सहित गोरखपुर जिले की 60 से अधिक महिलाओं को ड्राइविंग, लाइसेंस और उद्यमिता का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया है। सरकारी योजनाओं से मिले मजबूत वित्तीय सहयोग और सुरक्षित परिवहन के माहौल ने महिलाओं के लिए नई राह खोली है। सड़कों पर आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ ई-रिक्शा चलाती ये महिलाएं प्रदेश में बदले सामाजिक-आर्थिक वातावरण की गवाही दे रही हैं। गांव की दूसरी महिलाओं को भी ट्रेंड करना शुरु किया एक समय आय का कोई साधन नहीं था। तभी मंशा देवी को सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाई जा रही योजनाओं का पता चला। सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम के जरिए अब उन्हें स्थाई आय होने लगी है। अब मंशादेवी को प्रतिदिन 800 से हजार रुपए की आमदनी हो रही है। मंशा देवी ने अपने गांव की दूसरी महिलाओं को भी ट्रेंड करना शुरु किया। धीरे धीरे जिले के अन्य ब्लॉकों की करीब 60 महिलाओं को समूह से जोड़का ट्रेनिंग दी, जिसके जरिए अब सभी महिलाएं निश्चित आय से अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अपने साथ पूरे समाज को आगे बढ़ा सकती हैं ग्रामीण महिलाएं मंशा देवी को मुद्रा योजना से 1.25 लाख रुपए और ब्लॉक स्तर से एक लाख रुपए की सहायता मिली। जिसके बाद उनके काम ने रफ्तार पकड़ी। उनके समूह की 60 अन्य महिलाएं सुरक्षित माहौल में अब दिन-रात आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चला रही हैं। मोबिलिटी प्रोग्राम के जरिए महिला सुरक्षा, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। मंशा देवी की यह यात्रा समूह सखी से ई-रिक्शा ट्रेनर बनने तक इस बात का प्रमाण है कि सही नीति, प्रशिक्षण और अवसर मिलें तो ग्रामीण महिलाएं न केवल खुद को, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ा सकती हैं।

72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर बोले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

प्रधानमंत्री जी ने खिलाड़ियों में किया नई ऊर्जा का संचार, 2014 के बाद खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने बहाई नई गंगाः उप मुख्यमंत्री वाराणसी  उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार किया है। जिस देश में खिलाड़ी आगे होते हैं, वह देश सर्वोच्च शिखर की तरफ अग्रसर होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि मैदान में खेल भावना से खेलना चाहिए, क्योंकि मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी जीतता है और मैदान के बाहर गले मिलकर नई चुनौतियों के लिए फिर तैयार हो जाता है। 2014 के बाद खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने बहाई नई गंगा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश में खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने नई गंगा बहाई। सभी खेलों का कई गुना बजट बढ़ाया गया। पहले खेल में सिर्फ औपचारिकता होती थी। उप मुख्यमंत्री ने केंद्र-प्रदेश में विकास की योजनाओं का भी जिक्र किया और कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा, बोले-कांग्रेस सरकार में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भ्रष्टाचार का दाग लगा। अब पीएम मोदी खिलाड़ियों में जज्बा भरते हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स या किसी बड़ी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने और लौटकर आने वाले खिलाड़ियों से पीएम मोदी स्वयं बात करते हैं और दुनिया को संदेश देते हैं कि यह खिलाड़ी हमारे परिवार के सदस्य हैं। इनके सम्मान में कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को उच्च पदों पर दे रही सीधी तैनाती श्री पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार में भी खेल के बजट को कई गुना बढ़ाई गई। मेरठ में मेजर ध्यान चंद के नाम पर विश्वविद्यालय बनाया गया। प्रदेश सरकार द्वारा उच्च पदों पर खिलाड़ियों को सीधी तैनाती भी दी जा रही है। पूरी दुनिया में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों के चयन से ही देश की टीम बनेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत माता का परचम फहराएगी।