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पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों को राहत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अहम फैसला

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गृह विभाग ने होने वाली पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। भर्ती में सामान्य के साथ सभी वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी गई है। बीते दिनों कुछ विधायकों और एक मंत्री ने मुख्यमंत्री से सिपाही भर्ती में आयु सीमा में छूट की मांग रखी थी। अभ्यर्थियों के हित में यह फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 32,679 पदों पर पुलिस भर्ती में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने यूपी पुलिस व जेल विभाग की सीधी भर्ती में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी है। इसका लाभ आरक्षी नागरिक पुलिस के साथ पीएसी, विशेष सुरक्षा बल, महिला बटालियन व जेल वार्डर के सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को मिलेगा। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रारंभ हैं। इस छूट का शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर प्रस्तावित सीधी भर्ती-2025 के लिए अधिकतम आयु सीमा में एकमुश्त तीन वर्ष का शिथिलीकरण प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। लाखों युवाओं को होगा लाभ सीधी भर्ती-2025 के अंतर्गत कुल 32,679 पदों को भरे जाने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शासनादेश के अनुसार आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष/महिला), आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस (पुरुष), आरक्षी विशेष सुरक्षा बल (पुरुष), महिला बटालियन हेतु महिला आरक्षी, आरक्षी घुड़सवार पुलिस (पुरुष) तथा जेल वार्डर (पुरुष एवं महिला) पदों पर भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित होने वाले सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को यह आयु शिथिलीकरण एक बार के लिए प्रदान किया जाएगा। सरकार का यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली-1992 के नियम-3 के आलोक में लिया गया है। फैसला 31 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञप्ति के अनुक्रम में 5 जनवरी 2026 को जारी शासनादेश के माध्यम से लागू किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा जो आयु सीमा के कारण अब तक भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे। युवाओं के हित में योगी आदित्यनाथ सरकार योगी आदित्यनाथ रकार का यह कदम साफ संदेश देता है कि प्रदेश की सरकार युवाओं की वास्तविक समस्याओं को समझती है और समाधान के लिए ठोस फैसले लेने से पीछे नहीं हटती। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को न्यायसंगत अवसर देना, रोजगार के अधिक से अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और प्रशासनिक निर्णयों में संवेदनशीलता बनाए रखना योगी सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है। पुलिस भर्ती में आयु सीमा शिथिलीकरण का यह निर्णय न केवल लाखों युवाओं की उम्मीदों को नया बल देगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार में युवाओं का भविष्य नीति निर्धारण के केंद्र में है।  

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने टुंडली गांव में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का शिलान्यास किया

अंबाला हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज प्रात: अंबाला कैंट के गांव टुंडली में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का नींव पत्थर रखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टुंडली और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि नया भवन पहले से बड़ा और भव्य होगा तथा अधिक श्रद्धालु भवन में बैठ पाएंगे। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले अरदास में हिस्सा लिया और नींव पत्थर रखा। ”बोले सो निहाल” जयकारों के बीच श्रद्धापूर्वक गुरुद्वारे के भवन का नींव पत्थर रखा गया। इससे पहले, गांव टुंडली में पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह व अन्य ने उनका स्वागत किया। मंत्री अनिल विज को सिरोपा पहनाकर उन्हें सम्मानित भी किया गया। गुरुद्वारा बाज साहिब प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा बाज साहिब का वर्तमान भवन कई दशक पुराना है और छोटा है। अब नया भवन पहले से बड़ा और भव्य बनाया जा रहा है जिसकी आज शुरूआत की गई है। इस अवसर पर गांव टुंडली से बाबा बचित्तर सिंह, बलबीर सिंह, रघुबीर सिंह, लखविंद्र सिंह, अजैब सिंह, कुलबीर सिंह, नायब सिंह, धीर सिंह के अलावा जसबीर सिंह जस्सी, सुदर्शन सिंह सहगल, रणधीर सिंह, रामबाबू याद, डा. ऋषिपाल, गुरप्रीत सिंह, जसमेर सिंह, रोशन सिंह बरनाला, उधम सिंह, गुरविंद्र सिंह, तरविंद्र सिंह बंटी, गुरदीप सिंह जनेतपुर, बलदेव सिंह, शमशेर सिंह, लाल सिंह, पाल सिंह, बलकार सिंह, रतन सिंह टुंडली, चौड सिंह, कुलबीर सिंह आदि मौजूद रहे।

खेल कोई भी हो, उसे खेलने वाला ही उसके महत्व को सही मायने में समझता है : मालती राय

महापौर श्रीमती राय ने 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2025–26 का किया उद्घाटन 5 जनवरी से 9 जनवरी तक चलने वाली स्पर्धा में अंडर-14 एवं 19 वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी ले रहे भाग, दिखाएंगे हुनर, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा स्पार्धा का आयोजन भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भोपाल जिले में 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग प्रतियोगिता 2025–26 का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता 5 जनवरी से 9 जनवरी तक चलेगी। सोमवार को महापौर श्रीमती मालती राय ने शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अंडर-14 एवं 19 वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल कोई भी हो, उसे खेलने वाला ही उसके महत्व को सही मायने में समझता है। भोपाल आए वि‍भिन्न राज्यों के खिलाड़ियों से मेरा आग्रह है कि वे प्रतियोगिता के साथ-साथ भोपाल शहर का भ्रमण भी करें। महापौर श्रीमती राय ने कहा कि भोपाल की पहचान झीलों की नगरी के रूप में है। खिलाड़ी बोट क्लब में जाकर शिकारा भ्रमण का आनंद लें। साथ ही राष्ट्रीय स्तर के बाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करें। उन्होंने भोपाल आए सभी खिलाड़ियों का स्वागत, वंदन और अभिनंदन किया। इससे पूर्व विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने अपने-अपने दल के साथ परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। 32 राज्यों के 1051 प्रतिभागी ले रहे भाग पर्धा में उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली, केरल, झारखंड, असम, बिहार, जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़, गोवा, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश सहित देश के 32 राज्यों के 880 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इनमें 433 बालक एवं 447 बालिका खिलाड़ी शामिल हैं। साथ ही 171 कोच भी शामिल हैं। इस प्रकार कुल 1051 प्रतिभागी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। तीन जगहों पर हो रही स्पर्धा 69वीं राष्ट्रीय स्तरीय शालेय क्रीड़ा राइफल शूटिंग स्पगर्धा का आयोजन 3 जगहों पर किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी, बिसनखेड़ी में पीप एवं पिस्ट्ल साइड, बाल भवन श्यामला हिल्सा में ओपन साइड एवं सरस्वती शि‍शु मंदि‍र शारदा विहार में केरवा डेम रोड में ओपन साइड स्पर्धा शामिल है।

पीएम की ओर से अजमेर दरगाह में चादर चढ़ाने पर नहीं लगेगी रोक, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली अजमेर में स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर सालाना उर्स के दौरान प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की ओर से चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले का अजमेर कोर्ट में चल रहे मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत फैसला नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियों का अजमेर की अदालत में दरगाह द्वारा शंकर मोचन महादेव मंदिर पर कथित "अवैध कब्जे" के संबंध में लंबित मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह याचिका विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने दायर की थी। याचिका में कहा गया कि भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1947 में पहली बार अजमेर शरीफ में चादर चढ़ाने की परंपरा शुरू की थी और इसके बाद हर साल यह परंपरा निभाई जाती रही, लेकिन यह प्रथा ना तो किसी कानून में लिखी है और ना ही यह संविधान के अनुरूप है। याचिका में यह भी दावा किया गया कि इस दरगाह के स्थान पर पहले एक प्राचीन शिव मंदिर था। इस विषय पर पहले ही अजमेर कोर्ट में एक मामला विचाराधीन है। ऐसे में याचिकाकर्ता का तर्क था कि पेंडिंग केस के दौरान चादर चढ़ाने की परंपरा उस मामले को प्रभावित कर सकती है। गौरतलब है कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 814वें उर्स पर 22 दिसंबर को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार की ओर से अजमेर दरगाह में चादर और फूल चढ़ाए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने सम्मान के प्रतीक के रूप में पवित्र दरगाह पर चादर चढ़ाई। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार की तरफ से अलग चादर चढ़ाई थी।

प्रदूषण को लेकर दिल्ली विधानसभा में हंगामा, ‘आप’ विधायकों ने किया विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में सोमवार को शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले आम आदमी पार्टी ने वायु प्रदूषण और खराब हवा को लेकर परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी के लोग पिछले कई महीनों से जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार समस्या को हल करने के बजाय आंकड़ों से छेड़छाड़ कर रही है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि पिछले चार महीनों से दिल्ली के लोग ठीक से सांस तक नहीं ले पा रहे हैं। दिल्ली के बच्चे घुटन महसूस कर रहे हैं और बुजुर्गों की जान खतरे में है। एम्स जैसे बड़े अस्पताल भी कह रहे हैं कि दिल्ली में रहना मुश्किल होता जा रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार क्या कर रही है? सरकार एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई मापने वाले मॉनिटरों में हेरफेर कर रही है।" आतिशी ने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक स्थिति छिपाकर लोगों को गुमराह कर रही है। इस बीच, दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने विधानसभा सत्र को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सत्र दिल्ली विधानसभा का एक महत्वपूर्ण सत्र है। मंत्री आशीष सूद ने आईएएनएस से बताया, "सरकार इस सत्र में अपनी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को सदन के सामने रखेगी। सरकार के कामकाज और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।" वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने पलटवार कर पूर्व सरकार पर निशाना साधा। भाजपा विधायक सूर्य प्रकाश खत्री ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को दिल्ली की जनता के सामने लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "सीएजी रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि पिछली सरकार की गलतियों और गड़बड़ियों का सच सामने आ सके। यह हमारी जिम्मेदारी है, नहीं तो दिल्ली की जनता कैसे जानेगी कि पिछले 11 वर्षों में उन्हें किस तरह की परेशानियों और धोखे का सामना करना पड़ा?" भाजपा विधायक चंदन कुमार चौधरी ने भी पूर्व सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार दिल्ली को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है, लेकिन पूर्व सरकार घोटालों में उलझी रही। आज पेश की जाने वाली सीएजी रिपोर्ट में उन घोटालों का पूरा ब्योरा सामने आएगा। दिल्ली विधानसभा के इस शीतकालीन सत्र में एक तरफ जहां 'आप' प्रदूषण को लेकर सरकार को घेर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा सीएजी रिपोर्ट के जरिए पूर्व सरकार की जवाबदेही तय करने की बात कर रही है।

एक बार फिर बाहर आया राम रहीम: रेप मामले में दोषी को 15वीं पैरोल, उठे सवाल

चंडीगढ़ रेप का आरोपी डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। राम रहीम को कोर्ट से 40 दिन की पैरोल मिली है, जिसकी शुरुआत सोमवार यानी आज से हो गई है। राम रहीम को 2017 से अपनी दो शिष्याओं से रेप करने के मामले में आरोपी ठहराया गया था और कोर्ट ने उसे 20 साल की सजा सुनाई थी। रेप जैसे घिनौने अपराध में सजा सुनाए जाने के बावजूद राम रहीम को कोर्ट से कई बार पैरोल मिल चुकी है। यह 15वीं बार है जब वो जेल से बाहर आया है। 2025 में तीन बार पैरोल पर जेल से बाहर आया इससे पहले अगस्त 2025 में वह 40 दिनों की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसके अलावा अप्रैल 2025 में भी राम रहीम को 21 दिन की पैरोल दी गई थी। 5 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों से ठीक पहले जनवरी 2025 में भी राम रहीम 30 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। इसी तरह 2024 में 5 अक्टूबर को हुए हरियाणा विधानसभा चुनावों से ठीक कुछ दिन पहले 1 अक्टूबर को राम रहीम 20 दिनों के लिए जेल से बाहर आया था। इससे 2 महीने पहले अगस्त 2024 में ही राम रहीम को 21 दिनों की पैरोल मिली थी।   पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भी मिली थी पैरोल इसके अलावा 2022 में पंजाब विधानसभा चुनावों से ठीक दो हफ्ते पहले 7 फरवरी को भी राम रहीम को जेल से तीन हफ्तों की छुट्टी मिली थी। इसके अलावा भी राम रहीम कई बार जमानत पर जेल से बाहर आ चुका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जैसे सिख संगठन कई बार राम रहीम को कोर्ट से मिलने वाली राहत की आलोचना कर चुके हैं। लेकिन सामाजिक संगठनों के विरोध के बावजूद राम रहीम को कोर्ट से राहत मिलती रही है और अब वह 15वीं बार फिर से जेल से बाहर आ गया है।   सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में रहेगा 40 दिन अब तक 14 बार जब भी वो जेल से बाहर आया है उसने अपना अधिकतर समय उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित अपने डेरा आश्रम में बिताया है। इस बार रोहतक की सुनारिया जेल से निकलकर वह सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय जाएगा। डेरा प्रवक्ता और वकील जितेंद्र खुराना ने बताया कि वह अगले 40 दिन यहीं बिताएगा। बता दें कि रेप के अलावा राम रहीम को 2019 में एक हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया गया था। यह मामला 16 साल पहले हुई एक पत्रकार की हत्या से जुड़ा था। इसमें राम रहीम के अलावा दो अन्य लोग दोषी पाए गए थे। 2024 में एक मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बरी किया इन दोनों मामलों के अलावा एक CBI कोर्ट ने राम रहीम और चार अन्य लोगों को एक अन्य हत्या के मामले में भी उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला 2002 में हुई रणजीत सिंह की हत्या से जुड़ा था, जो कि डेरा सच्चा सौदा के पूर्व मैनेजर थे। लेकिन 2024 में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट का मानना था कि इस मामले की जांच संदेहपूर्ण और अधूरी थी।  

ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनने की राह पर भारत, 11 वर्षों में 6 गुना बढ़ा प्रोडक्शन

नई दिल्ली केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि भारत पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम यानी डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लीकेशन, मटेरियल और इक्विपमेंट में आने वाले समय में बड़ा खिलाड़ी बनेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एप्पल ने 2025 में भारत से 50 अरब डॉलर मूल्य के मोबाइल फोन को शिप किया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया और हमारे उत्पादन केंद्रित अर्थव्यवस्था बनने की तरफ एक बड़ा मील का पत्थर है। वैष्णव ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बीते 11 वर्षों में छह गुना बढ़ा है। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 8 गुना बढ़ा है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स देश की ओर से किए जाने वाले शीर्ष तीन निर्यातों में शामिल हो गया है।" उन्होंने आगे कहा कि 46 कंपोनेंट निर्माण परियोजनाएं, लैपटॉप, सर्वर और ऑडियो डिवाइस निर्माताओं के जुड़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख चालक बन रहा है। केंद्रीय मंत्री के कहा कि इस वर्ष चार सेमीकंडक्टर संयंत्रों में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में अब कुल रोजगार की संख्या 25 लाख हैं, जिनमें से कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में एक ही स्थान पर 5,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। कुछ यूनिट्स में तो एक ही स्थान पर 40,000 तक कर्मचारी कार्यरत हैं। इससे पहले, केंद्र सरकार ने रविवार को डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (डीएलआई) के तहत भारतीय सेमीकंडक्टर यानी चिप बनाने वाले उद्योग को मजबूत करने के लिए 24 नए चिप डिजाइन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी। ये प्रोजेक्ट्स वीडियो निगरानी, ड्रोन का पता लगाने, एनर्जी मीटर, माइक्रोप्रोसेसर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, ब्रॉडबैंड और आईओटी सिस्टम ऑन-चिप्स (एसओसी) जैसे क्षेत्रों में हैं। सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन चिप बनाने की प्रक्रिया में सबसे ज्यादा मूल्य जोड़ने वाला हिस्सा है। यह आपूर्ति श्रृंखला में 50 प्रतिशत और फैबलेस सेगमेंट के माध्यम से वैश्विक सेमीकंडक्टर बिक्री में 30-35 प्रतिशत का योगदान देता है। सरकारी बयान में कहा गया कि डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) समर्थित योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। स्कीम के तहत अब तक 16 टेप-आउट, 6 एएसआईसी चिप्स, 10 पेटेंट और 1,000 से ज्यादा इंजीनियर शामिल हो चुके हैं। साथ ही निजी निवेश भी तीन गुना तक बढ़ा है।

मैच के बाद सेल्फी मांगना पड़ा भारी, रोहित शर्मा का गुस्सा कैमरे में कैद

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक फैन पर नाराज होते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में रोहित उंगली दिखाकर फैन को डांटते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो की पूरी कहानी सामने आने के बाद कई लोग रोहित के व्यवहार को सही ठहरा रहे हैं। दरअसल, रोहित शर्मा हाल ही में जामनगर में अपनी बेटी सैमी का जन्मदिन मनाने के बाद परिवार के साथ मुंबई लौटे थे। कलीना एयरपोर्ट पर उनके पहुंचते ही फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोग उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश करने लगे। सेल्फी के चक्कर में बिगड़ा माहौल वायरल वीडियो उसी दौरान का बताया जा रहा है। एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद रोहित शर्मा अपनी पत्नी और बेटी के साथ कार में बैठ गए। जब गाड़ी आगे बढ़ने लगी तो रोहित ने फैंस को देखकर कार का शीशा नीचे किया और उन्हें हाथ हिलाकर अलविदा कहा। इसी बीच दो बच्चे रोहित के पास पहुंचे और उनके साथ फोटो लेने लगे।   शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब दोनों बच्चों ने रोहित शर्मा का हाथ पकड़ लिया और उसे खींचने लगे। इस हरकत से रोहित असहज हो गए। उन्होंने तुरंत अपना हाथ पीछे खींचा और कार का शीशा ऊपर करने लगे। इसी दौरान वह उंगली दिखाकर बच्चों को कुछ समझाते और डांटते हुए नजर आए। फैंस ने किया रोहित का समर्थन वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई, लेकिन बड़ी संख्या में फैंस रोहित शर्मा के समर्थन में सामने आए। लोगों का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी या व्यक्ति की निजी सीमा होती है और इस तरह हाथ पकड़ना या खींचना गलत है। कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसी स्थिति में कोई भी व्यक्ति नाराज हो सकता है। 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज वर्कफ्रंट की बात करें तो रोहित शर्मा जल्द ही न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया से जुड़ेंगे। इस सीरीज में विराट कोहली भी खेलते नजर आएंगे। दोनों दिग्गज अब भारत के लिए केवल वनडे फॉर्मेट में ही खेलते हैं। फैंस में इस सीरीज को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। वडोदरा में होने वाले पहले वनडे मुकाबले की टिकटें ऑनलाइन बिक्री के कुछ ही मिनटों में बिक गईं, जो रोहित और विराट के जबरदस्त क्रेज को दर्शाता है।  

मुकुंदपुर टाइगर सफारी प्रबंधन पर उठे सवाल, मादा तेंदुआ की मौत से मचा हड़कंप

व्हाइट टाइगर सफारी में जश्न, जू सेंटर में सवाल: दो दिन बाद सामने आई तेंदुआ की मौत मुकुंदपुर टाइगर सफारी प्रबंधन पर उठे सवाल, मादा तेंदुआ की मौत से मचा हड़कंप  उम्र पूरी होने का दावा, लेकिन निगरानी पर सवाल: मुकुंदपुर जू सेंटर में तेंदुआ की मौत सतना  नए साल के आगमन पर जहां मार्तंड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी एवं जू सेंटर में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली और करीब 18 हजार सैलानी विभिन्न प्रजातियों के वन्य जीवों का दीदार करने पहुंचे, वहीं दूसरी ओर जू सेंटर से जुड़ी एक गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जू सेंटर में एक मादा तेंदुआ की मौत रहस्यमय परिस्थितियों में हो गई, जिसकी जानकारी प्रबंधन को दो दिन बाद लग पाई। इस घटना के सामने आने के बाद जू प्रबंधन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जू प्रबंधन से जुड़े सूत्रों के अनुसार मादा तेंदुआ की मौत करीब दो दिन पहले ही हो चुकी थी, लेकिन इसकी भनक प्रबंधन को सोमवार को लगी। हैरानी की बात यह है कि जू सेंटर में प्रत्येक जीव और प्राणी की नियमित निगरानी का दावा करने वाला प्रबंधन दो दिनों तक इस घटना से अनजान रहा। यह लापरवाही अपने आप में कई सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब जू सेंटर में बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे और सुरक्षा एवं देखरेख के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जाता रहा है। पहले इंकार अब कर रहे स्वीकार एसडीओ  इस पूरे मामले में उप वन मंडल अधिकारी रामेश्वर टेकाम को भी घटना की जानकारी समय पर नहीं मिल सकी, जो व्यवस्थागत चूक की ओर इशारा करती है। जू सेंटर के अधिकारियों का कहना है कि मृत मादा तेंदुआ की उम्र करीब 20 वर्ष थी, जो तेंदुए की औसत आयु के आसपास मानी जाती है। जानकारी के अनुसार तेंदुआ ने 2 जनवरी की तड़के करीब 3 बजकर 48 मिनट में अंतिम सांस ली। मुकुंदपुर में तैनात पशु चिकित्सक डॉ नितिन गुप्ता का कहना है कि मादा तेंदुआ ने अपनी प्राकृतिक आयु लगभग पूरी कर ली थी और मौत सामान्य प्रतीत होती है। पन्ना से आई थी मादा पन्ना नाम से ही जानते थे सब बताया गया कि मादा तेंदुआ को वर्ष 2020 में पन्ना से मुकुंदपुर लाया गया था और तब से वह जू सेंटर का हिस्सा थी। हालांकि मौत को सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से प्रबंधन को दो दिन तक इसकी जानकारी नहीं लग सकी और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, उसने जू सेंटर की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। हालांकि मामला आने के बाद प्रबंधन ने आधिकारिक प्रेस नोट जारी कर दिया गया। दबाएं रहा मामला  बहुप्रतीक्षित और प्रतिष्ठित मुकुंदपुर टाइगर सफारी, जो प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी पहचान बना चुका है, वहां इस तरह की लापरवाही सामने आना चिंताजनक है। वन्य जीव संरक्षण और उनकी देखरेख के दावों के बीच यह घटना व्यवस्थाओं की पोल खोलती नजर आ रही है। इसी मामले जू प्रबंधन को मामला दबाकर रखना।

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4458 रुपए जारी, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4458 रुपए जारी भोपाल भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए मॉडल रेट प्रतिदिन जारी किया जा रहा है। सोमवार 5 जनवरी को 4458 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए, 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23 एवं 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए, 29 नवंबर को 4240 रुपए और 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी किया गया था। इसी तरह 1 दिसंबर को 4239 रुपए, 2 दिसंबर को 4235 रुपए, 3 दिसंबर को 4240 रुपए, 4 दिसंबर को 4235 रुपए, 5 दिसंबर को 4230 रुपए, 6 दिसंबर को 4217 रुपए, 7 दिसंबर को 4222 रुपए, 8 दिसंबर को 4219 रुपए, 9 दिसंबर को 4217 रुपए और 10 दिसंबर को 4210 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। इसी प्रकार 11 दिसंबर को 4207 रुपए, 12 दिसंबर को 4202 रुपए, 13 दिसंबर को 4204 रुपए, 14 दिसंबर को 4208 रुपए, 15 दिसंबर को 4208 रुपए, 16 दिसंबर को 4209 रुपए, 17 दिसंबर को 4205 रुपए, 18 दिसंबर को 4195 रुपए, 19 दिसंबर को 4201 रुपए, 20 दिसंबर को 4191 रुपए, 21 दिसंबर को 4193 रुपए, 22 दिसंबर को 4194 रुपए, 23 दिसंबर को 4209 रुपए और 24 दिसंबर को 4213 रुपए, 25 दिसंबर को 4235 रुपए, 26 दिसंबर को 4257 रुपए, 27 और 28 दिसंबर को 4271 रुपए, 29 दिसंबर को 4267 रुपए, 30 दिसंबर को 4296 रुपए, 31 दिसंबर को 4345 रुपए, 1 जनवरी को 4380 रुपए, 2 जनवरी को 4432 रुपए, 3 जनवरी को 4439 रुपए और 4 जनवरी को 4459 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी। भावांतर राशि का भुगतान भावांतर राशि का भुगतान विक्रय दिनांक से 15 दिवस के भीतर किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जा रहा है जो कि मॉडल रेट गणना पर निर्भर है। दिनांक 24 अक्टूबर 2025 से 6 नवंबर 2025 तक लगभग 1.33 लाख पंजीकृत किसानों को 233 करोड़ का प्रथम भुगतान 13 नवंबर, 2025 को किया गया। इसके बाद 7 नवंबर 2025 से 17 नवंबर 2025 तक लगभग 1.34 लाख पंजीकृत किसानों को 249 करोड़ का द्वितीय भुगतान  26 नवंबर, 2025 को किया गया। तृतीय चरण में 17 नवंबर 2025 से 19 दिसंबर 2025 तक विक्रय करने वाले लगभग 3.77 लाख पंजीकृत किसानों को 810 करोड़ का भुगतान 28 दिसंबर, 2025 को किया गया। इस प्रकार अभी तक 6.54 लाख पंजीकृत किसानों को भावांतर की 1292 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया है।