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हर किसान के खेत तक पहुँचेगा सिंचाई के लिए जल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य सिंचाई के रकबे में हो रही है निरंतर वृद्धि भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की किसानों की खुशहाली की परिकल्पना को साकार करते हुए मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा प्रदेश को दी गई तीन बड़ी परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हैक्टेयर तक करने में सफलता मिलेगी। साथ ही प्रदेश की अन्य निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाऍ भी लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होंगी। प्रदेश में गत दो वर्षों में सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। किसानों की तरक्की और खुशहाली हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि के अतिरिक्त पेयजल, उद्योगों, विद्युत उत्पादन आदि के लिए जल की उपलब्धता कराये जाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई के नदी जोड़ो अभियान के सपने को साकार करने का कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ। इस परियोजना से पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदल जाएगी। इस परियोजना से न केवल सिंचाई अपितु पेयजल एवं विद्युत उत्पादन का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की दूसरी महत्वपूर्ण पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना है। इससे प्रदेश के बड़े हिस्से में सिंचाई, पेयजल, उद्योगों आदि के लिए पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध हो सकेगा। प्रदेश में आकार ले रही तीसरी महत्वपूर्ण परियोजना तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना है, जो कि विश्व में अपने आप में एक अनूठा प्रयास है। इस परियोजना अंतर्गत वर्षा के दौरान ताप्ती नदी के अतिरिक्त जल को नियंत्रित तरीके से भू-जल भरण के लिए उपयोग किया जाकर भू-जल स्तर में वृद्धि की जाएगी। परियोजना के क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र राज्यों के मध्य सहमति बन चुकी है। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री मोदी की "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। सिंचाई प्रबंधन में मध्यप्रदेश देश में सर्वोच्च स्थान पर है। प्रदेश में सिंचाई के रकबे में निरंतर वृद्धि हो रही है। माइक्रो सिंचाई पद्धति में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। जल संरक्षण एवं संवर्धन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये म.प्र. को राष्ट्रीय जल अवार्ड भी मिला है। केन-बेतवा राष्ट्रीय परियोजना परियोजना की लागत 44 हजार 605 करोड़ रूपये है। इससे सिंचाई 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर में हो सकेगी। परियोजना से बुन्देलखण्ड के 10 जिले छतरपुर, पन्ना, दमोह, टीकमगढ, निवाडी, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा एवं सागर के लगभग 2 हजार ग्रामों के 7 लाख 25 हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। साथ ही 44 लाख आबादी को पेयजल मुहैया हो सकेगा। परियोजना से 103 मेगावॉट विद्युत (जल विद्युत) और 27 मेगावॉट सौर उर्जा का उत्पादन होगा। भू-जल की स्थिति में सुधार, औद्योगीकरण, पर्यटन एवं रोजगार के अवसर में भी वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने परियोजना का भूमि-पूजन पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसम्बर 2024 को किया। परियोजना का कार्य प्रांरभ हो चुका है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय परियोजना परियोजना की कुल लागत 72 हजार करोड़ रूपये है। इसमें मध्यप्रदेश का हिस्सा 35 हजार करोड़ रूपये का है। परियोजना से मालवा एवं चंबल क्षेत्र के 13 जिले गुना, शिवपुरी, मुरैना, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, देवास, इंदौर, आगर मालवा, शाजापुर, श्योपुर, ग्वालियर एवं भिण्ड में 6.16 लाख हेक्टेयर में नवीन सिंचाई एवं चंबल नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण से भिण्ड, मुरैना एवं श्योपुर के 3.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा हो सकेगी। साथ ही लगभग 2 हजार 94 ग्रामों की 40 लाख आबादी लाभान्वित होगी। मध्यप्रदेश की 19 सिंचाई परियोजनायें इसमें शामिल की गई हैं। मेगा तापी रीचार्ज परियोजना पारंपरिक जल भंडारण के स्थान पर भू-गर्भ जल पुनः भरण वाली इस परियोजना की कुल लागत 19 हजार 244 करोड़ रूपये है। इसे 10 मई 2025 को महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के मध्य राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्मित किये जाने की सहमति प्रदान की गई। परियोजना से बुरहानपुर एवं खण्डवा जिले की 1 लाख 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। अटल भू-जल योजना से भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के 06 जिलों सागर- दमोह छतरपुर- टीकमगढ़-पन्ना एवं निवाडी के 09 विकासखंडों की 670 ग्राम पंचायत क्षेत्रों में जन सहभागिता से जल सुरक्षा योजना तैयार करने हेतु भारत सरकार की सहायता से 314.44 करोड़ राशि की योजना 2020 से अक्टूबर 2025 तक क्रियान्वित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन सभी राष्ट्रीय एवं राज्यीय परियोजनाओं से प्रदेश में सिंचाई के रकबे को बढ़ाने और हर खेत तक पानी पहुँचाने में सफलता मिलेगी। राज्य सरकार ने सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना भी बनाई है, जिसे अमल में लाना शुरू कर दिया है।  

कलेक्टर नम्रता जैन ने प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को कार्यालयों का साफ सफाई करने के निर्देश

नारायणपुर :  जिले के आंगनबाड़ी केन्द्र स्कूल के सभी बच्चों का हृदय रोग जांच कराना सुनिश्चित करें – कलेक्टर नम्रता जैन कलेक्टर नम्रता जैन ने प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को कार्यालयों का साफ सफाई करने के निर्देश कलेक्टर नम्रता जैन जिले के सभी बच्चों के आधार कार्ड मिशन मोड़ में बनाए जाने के निर्देश बस्तर पंडूम का सफल आयोजन करने अधिकारियों किया गया निर्देशित नारायणपुर साप्ताहिक समय सीमा की बैठक कलेक्टर नम्रता जैन द्वारा जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लिया गया। उन्होंने समय सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समय सीमा में शीघ्र निराकरण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। कलेक्टर ने नियद नेल्लानार के कार्यों की समीक्षा करते हुए स्वीकृत निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। कलेक्टर ने आत्म समर्पित नक्सलियों को राज्य सरकार के पुनर्वास निति योजनाओं से लाभान्वित करने तथा जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने अपने जन्म दिवस पर आश्रम छात्रावास एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में न्योता भोज (आओ खुशियां बांटे) के तहत् अपने जन्म दिवस मनाने प्रेरित किया। बैठक में कलेक्टर जैन ने उपस्थित अधिकारियों को सूर्य घर योजना बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रत्येक माह के तीसरे शनिवार को कार्यालयों का साफ-साफ करने के निर्देश दिए। जिले के ऐजुकेशन हब को सुरक्षित महौल तैयार करनेे के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात करने निर्देशित किए। जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों में बैठक व्यवस्था और बर्तन खरीदी के लिए आंगनबाड़ी केन्द्रों का चिन्हाकिंत करने निर्देशित किया गया। जिले के बच्चों का आधार कार्ड मिशन मोड़ में बनाया जाएगा। गर्भवती माताओं का शतप्रतिशत स्वास्थ्य प्ररीक्षण कराने के निर्देश दिए। गर्भवती माताओं का प्रसव डिलीवरी डेट के पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने जनपद सीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में दिव्यांगता का सर्वे सुनिश्चित करने निर्देश दिए। जिले के आंगनबाड़ी केन्द्र, स्कूलों के सभी बच्चों का हृदय रोग जांच कराने के निर्देश दिए। बस्तर पंडूम का सफल आयोजन करने जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए, प्रथम चरण जनपद स्तर पर 10 से 20 जनवरी तक द्वितीय चरण जिला स्तर पर 24 से 29 जनवरी और तृतीय चरण संभाग स्तर पर 2 से 6 फरवरी तक आयोजित किए जाऐंगें। बैठक में कलेक्टर जैन ने नियद नेल्लानार अंतर्गत आने वाले ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, शिविर लगाकर राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड और श्रम कार्ड बनाने निर्देशित किया। प्रधानमंत्री जनमन योजनांतर्गत जिले के आत्म समर्पित नक्सली और नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्यों को शासकीय सेवा में नियुक्ति देने तथा पुनर्वास योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर जनदर्शन में दिए गए आवेदनांे का शीघ्र निराकरण करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्रों हेतु नियुक्त नोडल अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करने तथा धान उठाव एवं बारदाने की जानकारी लेने निर्देशित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनान्तर्गत जिले के बेरोजगार युवको को कौशल प्रशिक्षण प्रदाय कर रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर जैन ने बस्तर विकास प्राधिकरण के तहत् किए जाए रहे अधुरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने, जिले के विद्यार्थीयों का शतप्रतिशत जाति निवास एवं आय प्रमाण पत्र बनाने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया। राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए मसाहती एवं असर्वेक्षित ग्रामों के राजस्व सर्वेक्षण की प्रगति, गुड गवर्नेंस वीक ’’प्रशासन गांव की ओर’’ के आयोजन, अबुझमाड़ में लाल पानी की समस्याओं, अभियान चलाकर अगामी 60 दिवसों में अभिलेखों का विनिष्टीकरण और परीक्षा पे चर्चा 2026 के सफल आयोजन हेतु आवश्यक तैयारियां तथा ग्राम मोहन्दी, हिकपाड़, कस्तुरमेटा के नक्सल पीड़ित परिवार को गृह ग्राम में पुनः बसाने संबंधी समीक्षा कि गई। जिला अस्पताल में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण क साथ सुविधाएं उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु वार्षिक कार्य योजना राज्य कार्यालय को उपलब्ध कराने एवं सर्वश्रेष्ठ भारत-विकास के राजदूत के संबंध जानकारी ली गई। उन्होंने मोबाईल टॉवरो के स्थापना की प्रगति के संबंध के समीक्षा किया गया। विगत 5 वर्षों से प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा हेतु राजस्व वसूली करने जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी को निर्देश किया गया। बैठक में अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, डॉ. सुमित गर्ग, डिप्टी कलेक्टर डीके कोशले, सौरभ दीवान, तहसीलदार सौरभ चौरसिया, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल, सीएमएचओ डॉ. टीआर कुंवर, महिला एवं बाल विकास अधिकारी लुपेन्द्र महिलांग, जनपद सीईओ नारायणपुर सुनिल कुमार सोनपिपरे, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता संजय चौहान, आरईएस रमेश नेताम, ओरछा लोकेश चतुर्वेदी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जल संकट से स्थायी मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम : वेस्ट वॉटर बनेगा एडवांस यूपी की ताकत

आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण किया जाएगा सुनिश्चित वेस्ट वॉटर का आर्थिक संसाधन के रूप में किया जाएगा इस्तेमाल तीन चरणों में लागू की जाएगी योजना : नगरपालिका, इंडस्ट्री, कृषि के साथ किया जाएगा गैर-पेय घरेलू उपयोग वेस्ट वॉटर से बनेगा विकास का नया मॉडल, पर्यावरण संरक्षण के साथ बढ़ेगी जल उपलब्धता लखनऊ उत्तर प्रदेश को जल सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में अग्रणी बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। योगी सरकार ने यह स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत और 2035 तक 100 प्रतिशत वेस्ट वॉटर का सुरक्षित पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। जिसके जरिए कृषि से लेकर इंडस्ट्री तक में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए व्यापक नीति, चरणबद्ध कार्ययोजना और मजबूत क्रियान्वयन तंत्र तैयार किया गया है। यह पहल न सिर्फ जल संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ जल प्रबंधन की मजबूत नींव भी रखेगी। वेस्ट वॉटर बनेगा विकास का संसाधन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत अब वेस्ट वॉटर को बोझ नहीं, बल्कि आर्थिक संसाधन के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा तैयार की जा रही नीति के तहत उपचारित जल का उपयोग नगर निकायों के कार्यों, इंडस्ट्री, कृषि एवं गैर-पेय घरेलू उपयोग में किया जाएगा। इससे भूजल पर दबाव कम होगा और पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा। वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट का रोडमैप तैयार : तीन चरणों में लागू होगी योजना राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक जोगिन्दर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नदियों के संरक्षण को लेकर अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। इसी के साथ योगी सरकार ने वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। पहला चरण (2025–2030) : जहां एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और संग्रहण की सुविधा पहले से मौजूद है, वहां 50 फीसदी वेस्ट वॉटर के पुन: उपयोग का लक्ष्य तय किया गया है। दूसरा चरण (2030–2035) : इन क्षेत्रों में क्षमता विस्तार कर 100 फीसदी वेस्ट वॉटर के पुन: उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा। तीसरा चरण (2045 तक) : जहां अभी उपचार और संग्रहण की व्यवस्था नहीं है, वहां चरणबद्ध ढंग से 30 फीसदी, फिर 50 फीसदी और अंततः 100 फीसदी वेस्ट वॉटर के उपयोग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। प्रदेश के लिए दूरगामी फायदे लेकर आएगी योजना योगी सरकार की इस नीति का मूल उद्देश्य जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करना, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देना और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास सुनिश्चित करना है। यह योजना न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि आर्थिक रूप से भी राज्य के लिए दूरगामी फायदे लेकर आएगी। योगी सरकार अब वेस्ट वॉटर को विकास के संसाधन में बदलेगी राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक जोगिन्दर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार जल संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभर रहा है। योगी सरकार अब वेस्ट वॉटर को विकास के संसाधन में बदलने जा रही है। शहरी, ग्रामीण व गैर-पेय उपयोग के लिए अलग-अलग प्लानिंग सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शहरी, ग्रामीण व गैर-पेय उपयोग के लिए अलग-अलग योजना बनाई जा रही है। जल संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश जल प्रबंधन का मॉडल बनने जा रहा है।

गरियाबंद: मुख्यमंत्री 7 जनवरी को नवनिर्मित श्रीरामजानकी मंदिर में धर्मध्वजा स्थापित करेंगे

गरियाबंद : मुख्यमंत्री सिरकट्टी में 7 जनवरी को करेंगे नवनिर्मित श्रीरामजानकी मंदिर में धर्मध्वजा की स्थापना गरियाबंद चतुर्भुज सिरकट्टी पावन धाम स्थित नव निर्मित भव्य श्रीरामजानकी मंदिर में 51 कुंडीय श्रीराम चरित मानस महायज्ञ का भव्य आयोजन 6 से 12 जनवरी तक किया जा रहा है। इसी क्रम में 7 जनवरी  को दोपहर 12 बजे धर्मध्वजा स्थापना एवं कलश पूजन का पावन कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर नवनिर्मित मंदिर में धर्मध्वज की स्थापना करेंगे। कलेक्टर बीएस उईके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, पुलिस अधीक्षक वेद व्रत सिरमौर ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र चंद्राकर, एसडीपीओ सुनिशा सिंहा जी ने कार्यक्रम स्थल का  निरीक्षण किया इस दौरान पार्किंग व्यवस्था, हेलीपेड निर्माण स्थल निरीक्षण एवं चयन, मेले की तैयारी,सुरक्षात्मक दृष्टि से दुकानों का आबंटन, आगंतुकों के आवाजाही का नियंत्रण, भंडारा, गौशाला सहित मंचीय स्थल का जायजा लिया । यह मंदिर हजारों श्रद्धालुओं के दान दाताओं के फल स्वरूप 10 सालों में निर्मित हुई है जो कि अयोध्या के राम मंदिर के तर्ज पर बनाया गया है जिसमें लगभग 9 करोड़ रु की लागत से राजस्थान के कारीगर तैयार किए है। इस धार्मिक अनुष्ठान में अनेक आमंत्रित संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी, जिनमें संत 108 रामगोपाल दास जी महाराज (देवरघटा, शिवरीनारायण), पूज्य संत 108 महंत सरजू शरण महाराज (राघवेन्द्र आश्रम, अयोध्या), पूज्य संत रामनारायण शरण महाराज (अयोध्या) तथा पूज्य संत उदयनाथ बाबा महाराज (कांडशर आश्रम, देवभोग) प्रमुख हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे। वहीं आत्मीय अतिथि के रूप में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। आयोजनकर्ता एवं आश्रम के मुख्य पीठाधीश महामण्डलेश्वर संत गोवर्धन शरण व्यास, महंत सिरकट्टी आश्रम कुटेना एवं आश्रम परिवार हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से इस पावन अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर धर्मलाभ ले सकते है।

टाइगर रिज़र्व सफारी के लिए धोखाधड़ी से बचने के लिए करें MPOnline.gov.in से बुकिंग

भोपाल  वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के टाइगर रिजर्व में सफारी टिकटों की बुकिंग केवलMPOnline के माध्यम से ही अधिकृत है। इसके अलावा किसी भी निजी वेबसाइट, मोबाइल ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म को सफारी बुकिंग की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे किसी भी प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही बुकिंग अवैध है। विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अत्यंत सतर्क रहें और केवल अधिकृत MPOnline पोर्टल के माध्यम से ही सफारी बुकिंग करें। विभाग की अपील है कि यदि किसी पर्यटक ने इन अनधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सफारी बुक कराई है और वह धोखाधड़ी का शिकार हुआ है, इससे किसी प्रकार का नुकसान हुआ है अथवा बुकिंग संबंधी कोई अन्य शिकायत है, तो वह तत्काल संबंधित कार्यालय को इसकी सूचना दे। शिकायतों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिये राज्य साइबर पुलिस सेल को भेजा जाएगा। विभाग इस प्रकार की अनियमित और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के लिए तत्पर है। मध्यप्रदेश के टाइगर रिज़र्व में सफारी बुकिंग के लिये कुछ वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलते जुलते भ्रामक नामों से सेवाएं देने का दावा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश वन विभाग ने चेतावनी दी है कि ये वेबसाइट्स अनधिकृत हैं। इनसे बुकिंग कराने पर पर्यटकों को धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। विभाग ने कहा है कि पर्यटकों के हितों की सुरक्षा और पारदर्शी, सुरक्षित एवं वैधानिक सफारी बुकिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

जश्न में सुरक्षा का भरोसा: न्यू ईयर पर नशे में लोगों को घर छोड़ेगी पुलिस

बेंगलुरु  नववर्ष की पूर्व संध्या (न्यू ईयर ईव) पर होने वाले जश्न के दौरान कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कर्नाटक सरकार ने कड़े और संवेदनशील कदम उठाने का ऐलान किया है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि अत्यधिक नशे में धुत, चलने-फिरने या होश में न रहने की हालत में पाए जाने वाले लोगों को पुलिस उनके घर तक छोड़ने की व्यवस्था करेगी।   15 जगहों पर बनाए गए ‘रेस्टिंग प्वाइंट’ गृह मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सरकार ने ऐसे लोगों के लिए राज्य में 15 स्थानों पर अस्थायी विश्राम केंद्र (रेस्टिंग प्वाइंट) बनाए हैं। यहां नशे की हालत सामान्य होने तक उन्हें रखा जाएगा, जिसके बाद सुरक्षित रूप से घर भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा सभी के लिए नहीं होगी, बल्कि केवल उन्हीं लोगों के लिए है जो अत्यधिक नशे में हैं, चल नहीं पा रहे हैं या बेहोशी की हालत में पहुंच गए हैं। इन शहरों में ज्यादा सतर्कता जी परमेश्वर ने कहा कि इस तरह की घटनाएं मुख्य रूप से बेंगलुरु, मैसूरु, हुबली, बेलगावी और मंगलुरु में सामने आती हैं। खासकर बेंगलुरु में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आए लोग नववर्ष का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतरते हैं, जिससे भीड़ और अव्यवस्था की आशंका बढ़ जाती है। महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जश्न के दौरान किसी महिला की हालत क्या हो सकती है, यह कहना मुश्किल होता है। कोई बेहोशी की स्थिति में हो सकती है और ऐसे समय में किसी भी तरह का दुरुपयोग हो सकता है। इसी कारण राज्य के सभी 30 जिलों को अलर्ट पर रखा गया है और पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बार और पब को सख्त निर्देश सरकार ने बार और पब संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। भीड़ के कारण धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी की स्थिति न बने, इसके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। खासतौर पर अधिक भीड़ वाले इलाकों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती, 160 चेकिंग पॉइंट ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों को लेकर जी परमेश्वर ने कहा कि पुलिस ने 160 स्थानों की पहचान की है, जहां सघन जांच होगी। तय सीमा से अधिक शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर उसी तरह मामले दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक नशे की हालत में वाहन चलाने से न केवल चालक की जान को खतरा होता है, बल्कि दूसरों की जान भी जा सकती है। यदि दो दिनों तक स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाए, तो कई जानें बचाई जा सकती हैं। बॉडी कैमरा और कमांड सेंटर से सीधा कनेक्शन भीड़भाड़ और संभावित असामाजिक या आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए पुलिस को बॉडी कैमरा पहनने के निर्देश दिए गए हैं। ये कैमरे सीधे कमांड सेंटर से जुड़े रहेंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त बल तैनात किया जा सके। बेंगलुरु में 20,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात इससे पहले कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में की गई सुरक्षा तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि नववर्ष 2026 के स्वागत के लिए शहर में 20,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और ट्रैफिक व भीड़ पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही असुरक्षित ड्राइविंग और अन्य जोखिमों को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। कुल मिलाकर, कर्नाटक सरकार का यह कदम नववर्ष के जश्न को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दुर्घटनारहित बनाने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

दतिया में अनुपयोगी एंबुलेंस का नया रूप, अस्पताल आने वाले परिजनों के लिए रैन बसेरा तैयार

दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े नवाचार के लिए जाने जाते हैं। इस बार जिला अस्पताल में उन्होंने ऐसा काम करवाया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। वर्षों से कबाड़ में पड़ी अनुपयोगी एंबुलेंस को उन्होंने रैन बसेरा के रूप में विकसित करवा दिया है। अब अस्पताल आने वाले लोगों को एक नया ठिकाना मिला जाएगा। खुले आसमान के नीचे सोते थे परिजन दरअसल, दतिया अस्पताल परिसर में उपचार के दौरान मरीजों के परिजन अक्सर ठंडी रातों में खुले आसमान के नीचे या फर्श पर सोने को मजबूर रहते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कबाड़ संसाधनों के रचनात्मक उपयोग का यह अनूठा मॉडल तैयार किया है। मरम्मत और आवश्यक सुधार के बाद तैयार की गई प्रत्येक एंबुलेंस में चार लोगों के आराम से सोने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अंदर साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया गया है, जिससे परिजनों को सम्मानजनक आवासीय सुविधा मिल सके। अनुपयोगी एंबुलेंस बनी रैन बसेरा फिलहाल एक एंबुलेंस को पूरी तरह रैन बसेरा के रूप में तैयार कर लिया गया है, जबकि तीन से चार अतिरिक्त एंबुलेंसों को भी जल्द ही इसी उद्देश्य से विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। यह पहल न केवल कम लागत में अधिक लाभ देने वाली है, बल्कि प्रशासन की संवेदनशील सोच और सेवा भावना का भी परिचायक है। इस संबंध में कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने बताया कि प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि अनुपयोगी या कबाड़ हो चुके संसाधनों का जनहित में रचनात्मक उपयोग किया जाए, ताकि आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था खासतौर पर उन गरीब और दूर-दराज से आने वाले परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनेगी, जिनके पास ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं होती। दतिया प्रशासन की यह पहल अस्पताल आने वाले सैकड़ों मरीजों के परिजनों के लिए सहारा बनेगी और मानवीय शासन, संवेदनशील प्रशासन और संसाधनों के सदुपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

IAS नागार्जुन बी. गौड़ा के नेतृत्व में खंडवा में जल संरक्षण की मिसाल, साइकिल पर पानी ढोने वाले बच्चे की कहानी

खंडवा  राष्ट्रीय जल पुरस्कार मिलने से मध्यप्रदेश के खंडवा जिले का नाम रोशन हुआ है। यह सफलता सिर्फ एक सरकारी योजना का नतीजा नहीं, बल्कि जिला पंचायत सीईओ IAS डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा के व्यक्तिगत संघर्ष और बचपन के अनुभवों का परिणाम है। कर्नाटक के सूखाग्रस्त तिप्तूर से आए नागार्जुन गौड़ा ने पानी की किल्लत को करीब से देखा है, जिसने उन्हें जल संरक्षण को अपना मिशन बनाने के लिए प्रेरित किया। कौन हैं नागार्जुन गौड़ा IAS नागार्जुन गौड़ा का जन्म 5 मई 1992 को कर्नाटक के तुमकुरु जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था। उनके माता-पिता शिक्षक हैं। उनके गांव में पानी की कमी एक बड़ी समस्या थी, जिसे उन्होंने बचपन में खुद झेला। यही अनुभव उन्हें जल संरक्षण के प्रति समर्पित करने का कारण बना। नतीजा यह निकला कि खंडवा को 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला' घोषित किया गया और 2 करोड़ रुपये का राष्ट्रीय जल पुरस्कार मिला। यह पुरस्कार केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के वर्षा जल संचयन कार्यक्रम के तहत दिया गया। 18 नवंबर 2025 को दिल्ली में राष्ट्रपति से पुरस्कार लेते हुए IAS नागार्जुन गौड़ा ने कहा था, 'जब जल संचय, जन भागीदारी योजना शुरू हुई, तो यह मेरे लिए व्यक्तिगत हो गया।' पानी के लिए करना पड़ता था संघर्ष नागार्जुन गौड़ा बताते हैं कि उन्हें अपने बचपन में पानी के लिए बोरवेल से कुछ बाल्टी पानी लाने के लिए साइकिल से लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। वे कहते हैं, “कभी-कभी मैं उस बोरवेल के लीवर को 10 मिनट तक खींचता था, तब जाकर एक-दो बाल्टी पानी मिल पाता था।” उन्होंने चित्रदुर्ग जैसे सूखे इलाकों का भी जिक्र किया, जो दशकों से सूखे की मार झेल रहे हैं। पत्नी भी हैं आईएएस डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद नागार्जुन गौड़ा ने UPSC की परीक्षा दी और 2019 बैच के IAS अधिकारी बने। उनकी पत्नी सृष्टि जयंत देशमुख ने भी UPSC में अच्छी रैंक हासिल की थी। बाद में नागार्जुन गौड़ा का कैडर मध्य प्रदेश ट्रांसफर हो गया। खंडवा में जिला पंचायत सीईओ के पद पर रहते हुए, नागार्जुन गौड़ा ने 'जल संचय, जन भागीदारी' (JSJB) अभियान को एक बड़े आंदोलन का रूप दिया। इस अभियान में गांव के कर्मचारियों से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक, सभी ने मिलकर किसानों, स्कूलों और आम लोगों को वर्षा जल संचयन अपनाने के लिए प्रेरित किया। जिले में 1.25 लाख से अधिक काम इस अभियान के कारण खंडवा जिले में 1.25 लाख से अधिक जल संरक्षण के काम हुए, जिनमें रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, रिचार्ज पिट और ट्रेंच जैसे 40 हजार से ज्यादा काम शामिल थे। इसी मेहनत के दम पर खंडवा को राष्ट्रीय जल पुरस्कार मिला। एआई तस्वीरों को लेकर विवाद हालांकि, हाल ही में यह पुरस्कार AI-जनरेटेड तस्वीरों को लेकर विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर IAS नागार्जुन गौड़ा को ट्रोल भी किया जा रहा है। इस पर उन्होंने और खंडवा जिला प्रशासन ने सफाई दी है कि JSJB पोर्टल और ‘कैच द रेन' (CTR) पोर्टल अलग-अलग हैं। खंडवा जिला प्रशासन के अनुसार, JSJB अवार्ड के मूल्यांकन में केवल असली तस्वीरों का ही इस्तेमाल हुआ था, जबकि CTR पोर्टल पर कुछ AI तस्वीरें शैक्षणिक उद्देश्य से अपलोड की गई थीं, जिनका राष्ट्रीय जल अवार्ड से कोई लेना-देना नहीं है। एक मीडिया रिपोर्ट में गलत खबरें छापी गई थीं, जिसका खंडवा जिला प्रशासन ने खंडन किया है।  

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ का उत्सव, राजनाथ सिंह–योगी आदित्यनाथ ने टेका माथा

अयोध्या केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। उसके बाद राजनाथ सिंह सीएम योगी हनुमानगढ़ी के लिए रवाना हुए। राजनाथ सिंह करीब 1 बजे अंगद टीला पर संबोधित करेंगे। रामलला मंदिर में की पूजा अर्चना हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी राम मंदिर पहुंचे। दोनो नेताओं ने प्रतिष्ठा द्वादशी और राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की पूजा की। सीएम और रक्षा मंत्री यज्ञशाला में चल रहे अनुष्ठान में शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण करेंगे। इधर, प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश और दुनिया के कोने-कोने से आए श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर रहे हैं। जिसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा एवं स्वयंसेवकों की तैनाती की है।

भोपाल में शिवराज सिंह चौहान का बयान: MNREGA भ्रष्टाचार का पर्याय, G RAM G बिल में ऊर्जा देखी

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित निवास पर 'जी रामजी' बिल को लेकर विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने मनरेगा को भ्रष्टाचार का पर्याय कहते हुए पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। इस दौरान उन्होंने जी रामजी बिल की विषेशताएं बताते हुए कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। बता दें कि, पंजाब विधानसभा ने अभी-अभी विशेष सत्र आयोजित कर केंद्र सरकार की जी राम जी योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा- '20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार-बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इसपर सालभर से विचार चल रहा था। ‘मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी’ शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इस पर सालभर से विचार चल रहा था।  प्रशासनिक व्यय बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मनरेगा न विकास के लिए कारगर थी और न मजदूरों के लिए उपयोगी थी। पैसे का उपयोग गांव के सुनियोजित विकास में नहीं हो रहा था। इसलिए विकसित भारत के लिए जी राम जी योजना लाए हैं। अब मजदूर को रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 120 दिन की गई है। इसके लिए वित्तीय प्रावधान भी किए जा रहे हैं। आगे जरूरत के हिसाब से बजट भी बढ़ेगा। सहायक स्टाफ की तनख्वाह नहीं मिलने की शिकायत मिलती थी। इसलिए प्रशासनिक व्यय 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है।  G RAM G में रहेगी पारदर्शिता उन्होंने G RAM G के फायदे बताते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता रहेगी। खेती में बुवाई और कटाई के समय इस योजना के काम को राज्य स्थगित कर सकेंगे। संसद में विपक्ष ने जबरन का लल्ला किया। फिर भी दृढ़ता के साथ मैंने अपनी बात रखी। पंजाब में एक दिन का विधानसभा का सत्र हो रहा है। जिसमें इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है। इस संवैधानिक संसद व्यवस्था के खिलाफ है। यह अमर्यादित, अंधविरोध, अमर्यादित है।  ‘पंजाब में बहुत करप्शन’  शिवराज सिंह ने पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। उन्होंने कहा कि आधे से अधिक गांव का ऑडिट ही नहीं हुआ। भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की। मजदूर कह रहे हैं उन्हें भुगतान ही नहीं मिलता।  अमित शाह और सीएम मोहन की तारीफ की शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के बयान ‘मंत्री को ही योजना के बारे में जानकारी नहीं’ पर कहा कि स्वर्गीय पीएम हों या राहुल बाबा, कल्पना लोक में रहते हैं। देश में तो रहते ही नहीं। अमित शाह और सीएम डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम तेज गति से काम कर रहे हैं। मुझसे अधिक ऊर्जा है। इसी तेज गति से काम करते हैं। मेरी शुभकामना है। संघ को लेकर आए दिग्विजयसिंह के बयान पर उन्होंने कहा कि अपने बुद्धि और विवेक से काम करना चाहिए।