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फूड सेफ्टी रेड में चौंकाने वाला खुलासा, जबलपुर की फैक्ट्री में पैरों से तैयार हो रहे थे फ्राइज

जबलपुर जबलपुर के नजदीकी ग्राम बघौड़ा में फ्राइम्स बनाने वाली जैनम फूड प्रोडक्ट्स फैक्ट्री में उस वक्त भगदड़ मच गई, जब खाद्य विभाग की टीम ने दबिश दी। अधिकारियों ने देखा कि कर्मचारियों द्वारा फ्राइम्स बनाने का पेस्ट कर्मचारी द्वारा पैरों से कुचला जा रहा है। साथ ही सूखते फ्राइम्स के आसपास कुत्ते घूम रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज में नियमों का उल्लंघन मिलने पर फैक्ट्री का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर फुटेज जब्त कर लिए गए। जिन्हें आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को भेजा गया। दरअसल, पनागर तहसील के ग्राम बघौड़ा में जैनम फूड प्रोडक्ट्स की फैक्ट्री है। जहां खाने-पीने की सामग्री बनाई जाती है। शनिवार को दोपहर फैक्ट्री में कर्मचारी फ्राइम्स का पेस्ट पैरों से कुचल रहा था। स्थानीय लोगों की सूचना पर खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा और फैक्ट्री संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की। खाद्य अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि इस फैक्ट्री में फ्राइम्स को खुले में सुखाया जा रहा था। जबकि इन्हें ऐसी जगह सुखाया जाना चाहिए जहां धूल न उड़ती हो। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कर्मचारी पैरों से ही फ्राइम्स को मिलाने का काम कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर फ्राइम्स सुखाए जा रहे थे, वहां धूल उड़ रही थी। आसपास आवारा कुत्ते भी घूमते नजर आए। कई बार फ्राइम्स पर चलने की स्थिति भी देखी गई, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद हानिकारक है।

मुख्यमंत्री ‘पुलिस मंथन’, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन– 2025 के समापन सत्र में हुए शामिल

धार्मिक उन्माद और जातिय विद्वेष फैलाने वालों के विरूद्ध पुलिस करे सख़्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री आतंकी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिये सख्त एक्शन लिया जाए  मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा एवं आतंकवाद निरोधक तंत्र तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के दिये निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन– 2025 के दूसरे दिन रविवार को समापन अवसर पर प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से सोशल मीडिया और साइबर क्राइम पर सख़्त निगरानी रखने के निर्देश दिये। उन्हाेंने सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था, जातीय एवं धार्मिक सौहार्द प्रभावित करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा। उन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की ओर से प्रदेश में बढ़ने वाली आतंकी गतिविधियों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सीमा सुरक्षा एवं आतंकवाद निरोधक तंत्र को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिये। साथ ही गो-तस्करी और धर्मांतरण के लिए चलाए जा रहे संगठित गिरोह पर सख्त कार्रवाई करने को कहा।        सोशल मीडिया और साइबर अपराध पर सख़्त निगरानी के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग, दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, साइबर अपराध एवं आतंकी नेटवर्क जैसी चुनौतियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस एवं इंटेलिजेंस तंत्र को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था, जातीय एवं धार्मिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट पर तत्काल संज्ञान लेकर त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जाति या धर्म के नाम पर समाज को विभाजित करने, पुलिस पर दबाव बनाने अथवा अराजकता फैलाने वाले तत्वों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। ऐसे पोस्ट, फेक अकाउंट एवं संगठित दुष्प्रचार अभियानों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व महापुरुषों के नाम का दुरुपयोग कर नए-नए संगठन बनाकर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस को ऐसे संगठनों की पृष्ठभूमि की गहन जांच कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने तथा कानून के दायरे में सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।   धार्मिक कन्वर्जन की घटनाओं पर विशेष सतर्कता मुख्यमंत्री ने धार्मिक कन्वर्जन को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि बलरामपुर जैसी घटनाएं संकेत हैं कि ऐसे प्रयास संगठित रूप से किए जा रहे हैं। पुलिस एवं इंटेलिजेंस को निर्देश दिए कि धार्मिक कन्वर्जन से जुड़ी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए, सोशल मीडिया के माध्यम से इंटेलिजेंस को और मजबूत किया जाए तथा ऐसी किसी भी घटना को प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी ढंग से रोका जाए। उन्होंने पुलिस के अब तक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में इंटेलिजेंस, लोकल इनपुट और तकनीकी निगरानी को और अधिक सक्रिय व प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। प्रदेश में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया की प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सीमा सुरक्षा एवं आतंकवाद निरोधक तंत्र को तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं नेपाल से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से उत्पन्न हो रही आतंकवादी गतिविधियों के नए आयामों का गहन विश्लेषण करते हुए सीमा निगरानी (सर्विलांस) को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने ‘अंतरराष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ की रोकथाम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल, तकनीकी विश्लेषण एवं आधुनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग को और मजबूत करने के निर्देश दिए।  नशीले पदार्थों की तस्करी एवं संगठित अपराध पर निरंतर करें सख़्त कार्रवाई मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी एवं संगठित अपराध के विरुद्ध पुलिस द्वारा की गई अब तक की कड़ी कार्रवाई की सराहना की। उन्हाेंने कहा कि इसे और अधिक प्रभावी व निर्णायक बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए विभागीय समन्वय एवं सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा अपराधी नेटवर्क का मनोबल तोड़ने के निर्देश दिए।  गो-तस्करी एवं अपराधी नेटवर्क के मास्टरमाइंड पर प्रहार की रणनीति मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गो-तस्करी के मामलों में केवल त्वरित गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क एवं उसके मास्टरमाइंड की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। इससे प्रदेश में ऐसे संगठित अपराधों के विरुद्ध कड़ा संदेश जाएगा और गो-तस्करी एवं उससे जुड़े अपराधों पर प्रभावी रोक सुनिश्चित हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इस तरह के मामलों में पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस मंथन कार्यक्रम के दूसरे दिन विभिन्न सत्रों में इन विषयों का किया गया प्रस्तुतिकरण पुलिस मंथन कार्यक्रम के तहत सत्र 8 में आपदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स (Disaster Management, Civil Defence and Home Guards), सत्र 9 में विशाल जनसमूह (भीड़) प्रबंधन (Large Crowd Management), सत्र 10 में खुफिया तंत्र एवं उभरती चुनौतियां जैसे सोशल मीडिया/एनजीओ तथा नेपाल सीमा (Intelligence and Emerging Challenges like Social Media/NGOs and Nepal Border), सत्र 11 में आतंकवाद-रोधी, मादक पदार्थ, गो-तस्करी एवं अन्य संगठित अपराध (Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes)आदि विषयों पर प्रस्तुतिकरण किया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार के एआईएफ फंड से मिली मजबूती, नेफेड के लिए करती हैं प्रोडक्ट तैयार

दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई करके अपने गांव लौटीं और गांव की ही महिलाओं को दे रहीं रोजगार किसानों को प्रशिक्षण देकर करवाती हैं प्राकृतिक और रसायन-मुक्त खेती लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और प्रेरणा से उत्तर प्रदेश की बेटियां न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बनाने को तैयार हैं। मिलेट्स आधारित ऑर्गेनिक फूड स्टार्टअप के जरिए यूपी की दो बेटियों ने ऐसा काम कर दिखाया है, जो प्रदेश की नई उद्यमशील शक्ति का प्रतीक बन रहा है। दिल्ली-एनसीआर में मजबूत पकड़ बनाने के बाद अब इनका लक्ष्य गल्फ कंट्रीज का बाजार है, जहां ऑर्गेनिक और मिलेट्स उत्पादों की धाक जमाने की पूरी तैयारी है। इसके लिए विशेष तौर पर किसानों को प्रशिक्षण देकर प्राकृतिक और रसायन-मुक्त खेती करवाई जा रही है। डीयू से लौटीं बेटियां, अपने गांव की महिलाओं को दिया रोजगार दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद पारंपरिक करियर की राह छोड़कर गांव लौटने वाली शिखा सिंह चौहान और सोम्या सिंह ने सामाजिक उद्यमिता का रास्ता चुना। किसानों और ग्रामीण महिलाओं को साथ लेकर उन्होंने ऑर्गेनिक और मिलेट्स आधारित खाद्य उत्पादों के क्षेत्र में कदम रखा। आज उनकी यूनिट में 15 से अधिक महिलाएं उत्पादन, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग का जिम्मा संभाल रही हैं। शिखा सिंह चौहान दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट और नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी गांधीनगर, गुजरात से फूड टेक्नोलॉजी में पोस्ट-ग्रेजुएट हैं। वहीं, सोम्या सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय से फूड टेक्नोलॉजी में बी.टेक हैं। महिला-नेतृत्व वाला एग्रीबिजनेस मॉडल हो रहा मजबूत सोम्या सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के सहयोग से प्रोसेसिंग और पैकेजिंग यूनिट का विस्तार हुआ। इससे न सिर्फ उत्पादन क्षमता बढ़ी, बल्कि महिला-नेतृत्व वाले एग्रीबिजनेस मॉडल को भी मजबूती मिली। यही कारण है कि दिल्ली-एनसीआर में ऑर्गेनिक फूड के बाजार में इनका ब्रांड तेजी से उभरा है। खेत से थाली तक पारदर्शी मॉडल सोहा ऑर्गेनिक्स की को-फाउंडर शिखा सिंह चौहान नागली वाजिदपुर, सेक्टर 130, गौतम बुद्ध नगर की रहने वाली हैं। जबकि उनकी पार्टनर सोम्या सिंह बागपत जिले की निवासी हैं। रासायनिक खाद्य पदार्थों और उनसे होने वाली समस्याओं से लोगों को बचाने के लिए उन्होंने मिलेट्स-ऑर्गेनिक फूड स्टार्टअप की शुरुआत की। यह स्टार्टअप फार्म-टू-फोर्क मॉडल पर काम करता है। छोटे किसानों से सीधे कच्चा माल खरीदा जाता है और उन्हें उचित मूल्य दिया जाता है। बिचौलियों के हटने से सप्लाई चेन पारदर्शी बनी है, वहीं उपभोक्ताओं को शुद्ध, रसायन-मुक्त और पोषण से भरपूर उत्पाद मिल रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर से नेफेड तक सप्लाई ऑर्गेनिक दालें, मसाले, घी, मिलेट पास्ता, मिलेट नूडल्स, मल्टीग्रेन और सत्तू चीला समेत तमाम तरह के उत्पाद यहां से सीधे मार्केट में जाते हैं। इसके बदले किसानों को उनका उचित मूल्य भी दिया जाता है। इसमें बड़े पैमाने पर बागपत से खांडसारी शुगर का उत्पाद लोगों के बीच पहुंचाया जाता है। वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ नेफेड (NAFED) को भी उत्पादों की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा सरकारी पोषण कार्यक्रमों के लिए विशेष उत्पाद विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है, जिससे कमजोर वर्गों तक सुरक्षित और पौष्टिक भोजन पहुंच सके। गल्फ कंट्रीज पर नजर, ‘मेड इन यूपी’ की तैयारी शिखा सिंह चौहान ने बताया कि ऑर्गेनिक और मिलेट्स उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए अब अगला लक्ष्य गल्फ देशों का बाजार है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग और क्वालिटी कंट्रोल पर खास फोकस किया जा रहा है, ताकि विदेशों में भी उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया जा सके। स्वास्थ्य, सततता और महिला सशक्तिकरण से निकली यूपी की बेटियों की सफलता की कहानी बताती है कि सही नीति, सरकारी सहयोग और दृढ़ संकल्प हो, तो हमारी बेटियां वैश्विक मंच पर भी परचम लहरा सकती हैं। मिलेट्स ऑर्गेनिक फूड स्टार्टअप के जरिए उभरती यह पहल न सिर्फ एक कारोबार है, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नई पहचान भी है।

ट्रैक्टर चोरों की दबंगई: रतलाम में ग्रामीणों पर की गोलीबारी, एक आरोपी पकड़ा गया

रतलाम, आलोट रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में लगातार चोरी की वारदातें बढ़ती ही जा रही हैं। रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि ग्राम अरवलिया सोलंकी में चार-पांच बदमाश एक किसान के घर के बाहर से ट्रैक्टर चुराकर ले जाने लगे। पता लगने पर ग्रामीणों ने चोरों का पीछा किया तो बदमाशों ने ग्रामीणों पर फायरिंग शुरू कर दी। ग्रामीणों ने एक बदमाश को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। उसके पांच साथी भागने में सफल हो गए। इस दौरान बदमाशों का एक देशी कट्टा और दो मोबाइल घटना स्थल पर ही गिर गए। ट्रैक्टर चुराकर ले जा रहा है बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि किसान पुरसिंह पुत्र बालू सिंह सोलंकी के घर के बाहर बीती रात ट्रैक्टर खड़ा था। रात्रि 1 बजे 4 अज्ञात व्यक्ति गांव में पहुंचे और पुरसिंह के घर का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। ट्रैक्टर को 500 मीटर धक्का देकर ले गए बदमाश इसके बाद बदमाश ट्रैक्टर को 500 मीटर दूर आगे धक्का देकर ले गए। इसके बाद जैसे तैसे ट्रैक्टर को स्टार्ट कर लिया। इसी बीच किसी ग्रामीण ने बदमाशों को ट्रेक्टर ले जाते देख अन्य लोगो को सूचना दी। करीब 2 किलोमीटर तक बदमाशों का पीछा कर ग्राम आंनदगढ़ में ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया तथा पकड़ने का प्रयास किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। इस दौरान 5 बदमाश भाग निकले। एक बदमाश को पकड़ लिया गया। ग्रामीणों ने पूछताछ की तो पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम ईश्वर सिंह निवासी ग्राम लाखाखेड़ी राजस्थान बताया है। सूचना मिलने पर ताल और आलोट की पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने पकड़े बदमाश को पुलिस को सौंप दिया। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण आलोट थाने पर पहुंचे और शेष बदमाशों को भी गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। भागने के दौरान गिरने से पकड़े गए बदमाश को चोट आई है उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसआई प्रमोद राठौड़ ने बताया कि ट्रैक्टर चला कर ले जा रहा है एक व्यक्ति को ग्रामीणों ने पड़कर सौंपा है, साथ में एक देसी कट्टा और दो मोबाइल भी दिए हैं। उनके साथियों की भी तलाश की जा रही है।

पीएम किसान योजना में सख्ती: किस्त पाने के लिए 5 जनवरी तक फार्मर रजिस्ट्री जरूरी, नहीं तो अटक सकता पैसा

कवर्धा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लाभ लेने वाले किसानों की फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 5 जनवरी 2026 तक जिले के शत-प्रतिशत लाभांवित किसानों की एग्रीस्टेक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से पूर्ण कराई जाए। योजना का लाभ मिलने में हो सकती है दिक्कत तय समय-सीमा के बाद किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान कलेक्टर ने योजना से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा करते हुए यह साफ किया कि फार्मर रजिस्ट्री अधूरी रहने की स्थिति में किसानों को भविष्य में योजना का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के हितों से सीधे जुड़ा विषय है। ऐसे में किसी भी पात्र किसान का पंजीयन छूटना प्रशासनिक विफलता मानी जाएगी। एग्रीस्टेक परियोजना पर फोकस कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टेक परियोजना के तहत किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना शासन की प्राथमिकता है। फार्मर रजिस्ट्री पूरी होने से न केवल योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिलेगा, बल्कि भविष्य में कृषि से जुड़ी अन्य योजनाओं और तकनीकी सुविधाओं का रास्ता भी खुलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को रजिस्ट्री के महत्व की जानकारी मौके पर जाकर दी जाए, ताकि भ्रम या तकनीकी कारणों से कोई किसान पीछे न रह जाए। बैठक में कलेक्टर ने कृषि, राजस्व और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। प्रगति रिपोर्ट की होगी निगरानी कलेक्टर ने संकेत दिए कि फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक अनुविभाग से अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट ली जाएगी और जहां लापरवाही सामने आएगी, वहां जवाबदेही तय की जाएगी। समीक्षा बैठक में डिप्टी कलेक्टर आरबी देवांगन, उपसंचालक कृषि अमित मोहंती, सभी अनुविभागीय अधिकारी कृषि, वर्कलोड एवं नजूल राजस्व निरीक्षक संतोष धुर्वे और लिपिक निखिल उपस्थित रहे।

नाइट क्लब बना रणक्षेत्र: रीवा में कर्मचारी पर खुलेआम गोलियों की बौछार

रीवा रीवा शहर शहर के बीचों-बीच स्थित एक नाइट क्लब में सरेआम गोलियां बरसाई गईं। इस पूरी वारदात का रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी बेखौफ होकर फायरिंग करता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत पडरा मोहल्ला स्थित 'नाइट क्लब बीयर बार' की है। बीती की रात करीब 12 बजे जब शहर सो रहा था, तब इस नाइट क्लब में गोलियों की तड़तड़ाहट से दहशत फैल गई। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के मालिक एलवी सिंह ने नशे की हालत में बार के एक कर्मचारी जमुना सिंह बघेल पर जानलेवा हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक आरोपी एलवी सिंह ने कर्मचारी पर एक के बाद एक तीन राउंड फायर किए। इनमें से दो गोलियां जमुना सिंह के पेट में जा धंसीं और शरीर को चीरते हुए बाहर निकल गईं। गंभीर रूप से घायल कर्मचारी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।   वीडियो में गोली चलाता दिखा आरोपी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी किस तरह बिना किसी डर के दनादन गोलियां चला रहा है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सीएसपी राजीव पाठक, सिविल लाइन थाना प्रभारी पुष्पेंद्र मिश्रा और गुढ़ थाना प्रभारी शैल यादव की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई शहर के अलग-अलग इलाके में दविश दी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। पुलिस आरोपी से कर रही है पूछताछ आरोपी के परिजनों ने पुलिस टीम का कड़ा विरोध किया और उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कड़ी घेराबंदी कर मुख्य आरोपी एलवी सिंह को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने परिजनों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी जब्त कर ली है। सिविल लाइन थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि विवाद के असली कारणों का पता लगाया जा सके। प्राथमिक तौर पर यह मामला नशे में धुत होकर किए गए विवाद का लग रहा है। इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था और नाइट क्लबों में सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज को मुख्य सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली के जंतर-मंतर में उन्नाव रेप पीड़िता का धरना, नारेबाज़ी के दौरान बिगड़ी मां की तबीयत

नई दिल्ली  उन्नाव रेप केस में हाई कोर्ट के फैसले के बाद से फिर एक बार राजनीति गरमा गई है। आज दिल्ली के जंतर-मंतर में रेप पीड़िता प्रदर्शन करने पहुंची हैं। उनके साथ उनकी मां भी हैं। हालांकि इस दौरान एक भीड़ के बीच एक व्यक्ति भाजपा जिंदाबाद के नारे लगा रहा था। इसे लेकर पीड़िता की मां ने विरोध किया। इसके बाद उनकी मां बेहोश हो गईं। उन्नाव रेप पीड़िता की मां ने इस दौरान आरोपी कुलदीप सेंगर के लिए फांसी की भी मांग की थी। भीड़ में कुलदीप सेंगर के समर्थन वाले भी पहुंचे दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन उग्र होते देख पीड़िता की मां को प्रदर्शन स्थल से इधर उधर भी भेजा गया। इस दौरान कुछ लोग हाथों में तख्तियां लिए कुलदीप सेंगर के समर्थन में पहुंचे हैं। भीड़ से एक शख्स को भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाते भी देखा गया है। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और मीडिया का जमावड़ा भी देखा जा रहा है। अगर सीबीआई ने पहले… पीड़िता के ये आरोप सीबीआई (CBI) की ओर से कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करने के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जाने पर, पीड़िता ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि मुझे सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि वह मुझे न्याय देगा। मैं हर महिला की आवाज उठा रही हूं। उसने कहा, "अगर सीबीआई ने यह कदम पहले उठाया होता, तो मुझे न्याय मिल गया होता। कुलदीप सेंगर की जमानत खारिज हो जाती क्योंकि उसने मेरे साथ बलात्कार किया था।" पीड़िता ने भावुक होकर बताया, "मेरे पिता की हत्या कर दी गई। मेरे परिवार के सदस्यों को मार दिया गया।" उसने आरोप लगाया कि उसके परिवार के सदस्यों और गवाहों की सुरक्षा हटा दी गई है। पीड़िता ने आगे बताया, “मेरे पति को उनकी नौकरी से निकाल दिया गया। मेरे बच्चे घर पर भी सुरक्षित नहीं हैं।”

सीमा पार कर मेघालय से भारत पहुंचे हादी के कातिल, बांग्लादेश पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा

ढाका  ढाका महानगर पुलिस ने दावा किया है कि बांग्लादेश के चर्चित छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मुख्य संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत के मेघालय राज्य में प्रवेश कर चुके हैं। पुलिस का कहना है कि हमलावर मयमनसिंह शहर की हलुआघाट सीमा के जरिए अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए और अब वे मेघालय के तुरा शहर में छिपे हो सकते हैं।   ढाका पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त एसएन नजमुल इस्लाम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख के बारे में यह दावा किया है। उनका कहना है कि बताया कि ने स्थानीय साथियों की मदद से दोनों ने सीमा पार की। पुलिस के अनुसार, दोनों संदिग्धों को सीमा पार करने के बाद पुर्ती नाम के एक व्यक्ति ने रिसीव किया। इसके बाद 'समी' नाम के एक टैक्सी ड्राइवर ने उन्हें मेघालय के तुरा शहर तक पहुंचाया। बांग्लादेशी अधिकारियों का दावा है कि इन संदिग्धों की मदद करने वाले दोनों व्यक्तियों को भारतीय अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। फिलहाल, बांग्लादेश सरकार औपचारिक और अनौपचारिक माध्यमों से भारत के संपर्क में है ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया जा सके। कौन थे शरीफ उस्मान हादी? 32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के कट्टरपंथी संगठन 'इंकलाब मंच' के प्रवक्ता और एक प्रमुख छात्र नेता थे। वह शेख हसीना सरकार के खिलाफ पिछले साल हुए 'जुलाई विद्रोह' के मुख्य चेहरों में से एक थे। हादी आगामी फरवरी 2026 में होने वाले संसदीय चुनावों में ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। वह भारत की क्षेत्रीय नीतियों और शेख हसीना सरकार के साथ भारत के संबंधों के मुखर आलोचक माने जाते थे। उस्मान हादी पर 12 दिसंबर को मध्य ढाका के बिजयनगर इलाके में उस समय हमला हुआ, जब वे चुनाव प्रचार कर रहे थे। मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनके सिर में गोली मारी थी। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। हादी की मौत की खबर फैलते ही पूरे बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने 'प्रोथोम आलो' और 'द डेली स्टार' जैसे प्रमुख समाचार पत्रों के दफ्तरों को निशाना बनाया और आगजनी की। ढाका के छायानाट भवन और उदीची शिल्पी गोष्ठी जैसे सांस्कृतिक संगठनों में भी तोड़फोड़ की गई। हादी के समर्थकों ने इस हत्या के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने का आरोप लगाते हुए भारतीय उच्चायोग को बंद करने तक की मांग की। फिलहाल बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर इन हत्यारों को पकड़ने का भारी दबाव है। इंकलाब मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे पूरे देश में और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।  

जो रूट ने रचा इतिहास, सबसे कम पारियों में 22000 रन; टॉप-2 में भारतीय बल्लेबाज़ों का दबदबा

ऑस्ट्रेलिया  ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की एशेज सीरीज का चौथा मुकाबला इंग्लैंड ने चार विकेट से अपने नाम किया और शृंखला की पहली जीत दर्ज की। ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर इंग्लैंड ने लगभग 15 साल के बाद टेस्ट मैच में जीत हासिल की। सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में भले ही इंग्लैंड ने जीत हासिल की, लेकिन टीम के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। रूट ने इस मैच में पहली पारी में जहां शून्य पर आउट हुए, वहीं दूसरी पारी में 15 रनों का योगदान देकर पवेलियन लौटे। रूट ने इन 15 रनों की मदद से एक खास उपलब्धि हासिल कर ली है। उन्होंने वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जो रूट अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज 22000 हजार रन बनाने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं।   रूट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 501 पारियों में 22000 रन बनाने की उपलब्धि हासिल की है, वहीं ब्रायन लारा ने यह रिकॉर्ड 511 पारियों में अपने नाम किया था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम पारियों में 22000 रन बनाने का रिकॉर्ड भारतीय दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के नाम है, जिन्होंने 462 पारियों में यह मुकाम हासिल किया था। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन रमेश तेंदुलकर इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 493 अंतरराष्ट्रीय पारियों में 22000 हजार रन पूरे किए थे। इस सूची में टॉप-5 में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज रिकी पोटिंग पांचवें स्थान पर हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज 22000 रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज विराट कोहली- 462 पारियां सचिन तेंदुलकर- 493 पारियां जो रूट-501 पारियां ब्रायन लारा-511 पारियां रिकी पोंटिंग-514 पारियां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जो रूट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 22000 हजार रन बनाने वाले दुनिया के 9वें बल्लेबाज बने हैं। इससे पहले 8 बल्लेबाजों ने यह उपलब्धि हासिल की थी। रूट ने इंग्लैंड क्रिकेट के इतिहास में भी अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया है, क्योंकि इंग्लैंड के लंबे क्रिकेट इतिहास में वे पहले बल्लेबाज बने हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 22000 रन बनाने का कारनामा किया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 22000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची सचिन तेंदुलकर-34357 रन कुमार संगाकारा-28016 रन विराट कोहली-27975 रन रिकी पोंटिंग-27483 रन महेला जयवर्धने-25957 रन जैक कैलिस- 25534 रन राहुल द्रविड़-24208 रन ब्रायन लारा-22358 रन जो रूट- 22000 रन जो रूट के करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक कुल 380 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिसकी 501 पारियों में 50 की औसत से 22000 रन बनाए हैं। रूट ने अपने करियर में अब तक कुल 59 शतक और 114 अर्धशतक लगाए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर 262 रन है। उन्होंने अपने करियर में 162 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 40 शतकों और 66 अर्धशतकों की मदद से 13777 रन बनाए हैं। वनडे में 186 मैच खेले हैं, जिसमें 19 शतक और 43 अर्धशतक की मदद से 7330 रन बनाए हैं। 32 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की 30 पारियों में रूट ने 893 रन बनाए हैं।  

आंदोलन के अल्टिमेटम से जम्मू-कश्मीर में सियासी हलचल तेज, महबूबा मुफ्ती सहित कई नेताओं पर नजरबंदी

जम्मू कश्मीर  जम्मू कश्मीर में मौजूदा आरक्षण नीति के खिलाफ छात्रों के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए रविवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांफ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी सहित कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि महबूबा मुफ्ती, उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती, श्रीनगर से लोकसभा सदस्य रुहुल्लाह मेहदी, पीडीपी नेता वहीद पारा और श्रीनगर के पूर्व महापौर जुनैद मट्टू को उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया है। प्रशासन ने कदम इन नेताओं द्वारा उन छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त प्रकट किए जाने के बाद उठाया, जिन्होंने रविवार को गुपकर रोड पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। इन नेताओं ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा इस मुद्दे के समाधान के लिए एक समिति गठित किए जाने के एक साल पूरे होने के बावजूद कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलने पर छात्रों की ओर से आयोजित मार्च में शामिल होने की मंशा जताई थी। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पारा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नेताओं को घर में नजरबंद कर दिया गया है ताकि वे विरोध कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता न प्रकट कर सकें। मेहदी ने शनिवार रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि उनके आवास के बाहर सशस्त्र पुलिस तैनात की गई है। उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यह छात्रों के समर्थन में हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए की गई एक पूर्व-नियोजित कार्रवाई है?’’ पारा ने इसी के साथ जम्मू कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार पर आरक्षण मुद्दे को हल करने की कोई मंशा नहीं दिखाने का आरोप लगाया और कहा कि मौजूदा आरक्षण नीति अस्तित्व का मामला बन गई है।