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स्टेडियम में किस्मत का छक्का! SA20 मैच के दौरान फैन ने पकड़ा 1.08 करोड़ का कैच

नई दिल्ली  क्रिकेट के मैदान पर फैंस मनोरंजन के लिए जाते हैं, मगर क्या कभी आपने किसी फैन को मैच के दौरान करोड़पति बनता देखा है? शायद नहीं, मगर ऐसा साउथ अफ्रीका में जारी SA20 लीग के दौरान हुआ है। शुक्रवार को डरबन सुपर जायंट्स और MI केप टाउन के बीच एक रिकॉर्डतोड़ मैच खेला गया था। इस मैच में दोनों टीमों ने मिलकर 449 रन बनाए थे। इसी मैच के दौरान एक लकी फैन करोड़पति बना था। इस मैच में रायन रिकेल्टन ने शानदार शतक बनाया था, मगर उनकी टीम को 15 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।   डरबन सुपर जायंट्स ने इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए रिकॉर्ड 232/5 का स्कोर बनाया – जो SA20 इतिहास का सबसे बड़ा टोटल है। इस स्कोर का पीछा करने उतरी MI केप टाउन की टीम के लिए रिकेल्टन ने 65 गेंदों में 113 रन बनाए, अपनी पारी में उन्होंने 11 छक्के और पांच चौके लगाए। इनमें से ही एक छक्का ऐसा था जिसने फैन को करोड़पति बना दिया। यह सिक्स उन्होंने पारी के 13वें ओवर की चौथी गेंद पर मारा था, स्टैंड में बैठे दर्शक ने एक हाथ से कैच कर लिया, जिससे उस फैन को SA20 के फैन-कैच इनिशिएटिव के तहत 2 मिलियन रैंड (लगभग 1.08 करोड़ रुपये) का इनाम मिला। इस मैच में खूब रन वर्षा देखने को मिली तथा कुल मिलाकर 449 रन बने, जिसमें 25 छक्के और 40 चौके शामिल हैं। रिकेलटन के 65 गेंदों पर पांच चौकों और 11 छक्कों की मदद से 113 रन बनाए लेकिन इसके बावजूद उनकी टीम 233 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सात विकेट पर 217 रन ही बना सकी। एमआई केपटाउन की तरफ से रिकेलटन के अलावा जैसन स्मिथ ने 41 रन का योगदान दिया। सुपर जायंट्स ने इससे पहले पांच विकेट पर 232 रन का रिकॉर्ड स्कोर बनाया था। उसकी तरफ से न्यूजीलैंड की सलामी जोड़ी डेवोन कॉनवे (33 गेंदों में 64 रन, सात चौके, दाे छक्के) और केन विलियमसन (25 गेंद पर 40 रन) ने पावरप्ले में दबदबा बनाते हुए सिर्फ 8.3 ओवर में 96 रन जोड़े। इसके बाद जोस बटलर (12 गेंदों में 20 रन) और हेनरिक क्लासेन (14 गेंदों में 22 रन) ने लय को बरकरार रखा। उनके अलावा एडेन मा्र्क्रम ने 17 गेंदों में 35 और इवान जोन्स ने 14 गेंदों में नाबाद 33 रन बनाए।  

हाईकोर्ट का मानवीय आदेश: नाबालिग रेप पीड़िता की डिलीवरी को मंजूरी, इलाज का खर्च सरकार देगी

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 16 साल की रेप पीड़िता गर्भवती को बच्चे को जन्म देने की इजाजत दी है। यही नहीं कोर्ट ने राज्य सरकार को डिलीवरी का खर्च वहन करने के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि पीड़िता ने आरोपी से शादी की है ऐसे में बिना उसकी सहमति के गर्भपात की अनुमति नहीं दी जा सकती। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकारी डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालेगी। कोर्ट ने बच्चे की डिलीवरी भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल में एक्सपर्ट मेडिकल टीम की देखरेख में करवाने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी 11 दिसंबर के आदेश की एक प्रति शुक्रवार को उपलब्ध हुई। इस मामले में एक जिला अदालत ने हाई कोर्ट को नाबालिग रेप पीड़िता के गर्भपात के बारे में लिखा था। हाई कोर्ट ने इसके बाद एक मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी थी। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता की उम्र 16 साल है और उसके पेट में पल रहा बच्चा 29 हफ्ते और 1 दिन का है। मेडिकल बोर्ड ने ये भी बताया कि पीड़िता से गर्भपात करवाने और न करवाने के बारे में भी पूछा गया और उसने बच्चे को जन्म देने का फैसला लिया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकारी डिलीवरी की जिम्मेदारी संभालेगी। माता-पिता ने छोड़ा साथ बाल कल्याण समिति (CWC) की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने कहा है कि उसने बच्चे के पिता (आरोपी) से शादी की है और वे बच्चे को जन्म देना चाहती है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि लड़की ने अपनी मर्जी से शादी की है और उसके पेरेंट्स बेटी को अपने साथ नहीं रखना चाहते। पेरेंट्स का कहना है कि उनका अपनी बेटी से अब कोई रिश्ता नहीं। बिना सहमति गर्भपात नहीं सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद कोर्ट ने ये सुनिश्चित किया कि पीड़िता की सहमति के बिना गर्भपात नहीं करवाया जा सकता। साथ ही कोर्ट ने बाल कल्याण समिति को निर्देश दिए कि जब तक लड़की 18 साल की नहीं हो जाती तब उसका ख्याल रखना होगा और साथ ही उसके बच्चे की सुरक्षा का भी ख्याल रखना होगा।  

नशा मुक्त पंजाब की ओर मजबूत कदम, मादक पदार्थों पर निर्णायक जीत का भरोसा : सीएम भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने राज्य में गहराई तक जड़े जमा चुके मादक पदार्थों और संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि पंजाब निर्णायक रूप से स्थिति को पलट रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में 85,418 मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी हुई है। इसके साथ ही एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस) अधिनियम के तहत अभूतपूर्व 88 प्रतिशत दोषसिद्धि दर और 1 जनवरी, 2025 से 916 गैंगस्टरों की गिरफ्तारी की गई है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि निरंतर प्रवर्तन, कड़ी जांच और शून्य राजनीतिक हस्तक्षेप जमीनी स्तर पर परिणाम दे रहे हैं, जो एक स्पष्ट जीत का संकेत है।  पंजाब में मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ चल रही लंबी लड़ाई में बयानबाजी से हटकर परिणामों की ओर रुख करें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को हुई बैठक में कहा कि उनकी सरकार आने के बाद से मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ 63,053 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2025 में नशा के खिलाफ अभियान शुरू होने के बाद से 30,144 एफआईआर दर्ज की गई हैं और पुलिस ने 40,302 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस तरह का पहला अभियान 1 मार्च 2025 को शुरू किया गया था और मादक पदार्थों पर काफी हद तक लगाम लगाने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों से निपटने के लिए प्रवर्तन, नशामुक्ति और रोकथाम के तीन सिद्धांतों पर आधारित एक बहुआयामी रणनीति तैयार की गई थी, जिसके परिणाम बेहद फलदायी रहे हैं। इस अभियान के तहत मादक पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की गई और तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। इसी तरह, पिछले साढ़े तीन वर्षों में 5119.94 किलोग्राम हेरोइन, 3,458.53 किलोग्राम अफीम, 5.82 किलोग्राम कोकीन, 82.04 किलोग्राम आइस और 4.98 करोड़ कैप्सूल के साथ-साथ 52.46 करोड़ रुपए की मादक पदार्थों की रकम बरामद की गई है। सीएम मान ने कहा कि राज्य ने 2022 से ही मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और प्रवर्तन, वित्तीय व्यवधान, प्रौद्योगिकी-आधारित पुलिसिंग, दोषसिद्धि सुनिश्चित करना, जनभागीदारी और मानवीय पुनर्वास को मिलाकर एक व्यापक, सतत और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) इस रणनीति को लागू करने में अग्रणी रही है। उन्होंने कहा कि 'सेफ पंजाब' व्हाट्सएप चैटबॉट एक प्रमुख नागरिक भागीदारी पहल के रूप में उभरा है, जिससे लगभग 30,000 उपयोगी सूचनाएं, 11,000 से अधिक एफआईआर और लगभग 14,000 गिरफ्तारियां हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने ड्रोन आधारित नशीले पदार्थों की तस्करी का मुकाबला करने की अपनी क्षमता को बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप हाल के वर्षों में सैकड़ों ड्रोन बरामद किए गए हैं और 2025 के दौरान अवरोधन में तीव्र वृद्धि हुई है। गुंडों के खिलाफ की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए सीएम मान ने कहा कि 1 जनवरी से लेकर 17 दिसंबर तक पंजाब पुलिस ने 916 गुंडों को गिरफ्तार किया है, 13 को मार गिराया है, 389 मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और 594 हथियार बरामद किए हैं, साथ ही 229 हथियार भी जब्त किए हैं।

कार खरीदारों को लगेगा ब्रेक! 2026 की शुरुआत में बढ़ेंगे गाड़ियों के दाम

नई दिल्ली  भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर में नए साल की शुरुआत के साथ ही कारों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। कई प्रमुख कार निर्माता कंपनियों ने जनवरी 2026 से अपनी गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की है। कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में इजाफा, लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत और संचालन व्यय में वृद्धि इस कदम के प्रमुख कारण हैं। यह बदलाव मास मार्केट कारों, इलेक्ट्रिक वाहनों और लग्जरी मॉडलों सभी पर लागू होगा। आइए जानते हैं कौन-कौन सी कंपनियां कीमत में बढ़ोतरी करने वाली हैं। मर्सिडीज-बेंज इंडिया मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने अपनी पूरी रेंज की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी ने कहा कि इनपुट कॉस्ट और मुद्रा विनिमय संबंधी दबाव इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण हैं। यह बढ़ोतरी एंट्री-लेवल सेडान, SUVs और हाई-परफॉर्मेंस मॉडल सभी को प्रभावित करेगी। यदि आप अभी इस कंपनी की कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो साल के अंत तक बुकिंग कर सकते हैं। निसान मोटर इंडिया निसान मोटर इंडिया ने जनवरी 2026 से अपनी पूरी लाइनअप में लगभग 3% तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसमें Magnite जैसे लोकप्रिय मॉडल भी शामिल हैं। कंपनी ने बताया कि निर्माण और सप्लाई चेन की लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाया जा रहा है। हालांकि, कुछ प्रभाव को आंतरिक रूप से कम करने की कोशिश की गई है। होंडा कार्स इंडिया होंडा इंडिया ने भी अपनी सभी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की है। कंपनी ने इनपुट और संचालन लागत में बढ़ोतरी को इस कदम का मुख्य कारण बताया है। हालांकि, होंडा ने अभी तक कीमतों में बढ़ोतरी की सटीक दर का खुलासा नहीं किया है।   एमजी मोटर इंडिया एमजी मोटर इंडिया कुछ चुनिंदा मॉडलों, जैसे कि Comet EV, Windsor EV और Hector रेंज, की कीमतों में लगभग 2% तक की बढ़ोतरी करेगी। कंपनी ने कहा कि कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत उत्पादन खर्च को प्रभावित कर रही है, जिसके चलते कीमतों में यह समायोजन किया जा रहा है। BYD इंडिया BYD इंडिया ने Sealion 7 इलेक्ट्रिक SUV की कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की है। हालांकि पूरे लाइनअप में समान बढ़ोतरी नहीं की गई है। कंपनी ने कहा कि बैटरी सोर्सिंग और इंपोर्ट से जुड़ी लागतों में इजाफा इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण हैं।  

पंचायत का फरमान: गांव की बेटी से विवाह करने पर भुगतना होगा अंजाम

फतेहाबाद गांव ब्राह्मणवाला में शुक्रवार को हुई पंचायत में पंचों ने अहम फैसला सुनाया है। पंचायत में निर्णय लिया गया है कि सामाजिक बुराई से गांव को बचाने के लिए लोगों को आगे आना होगा। पंचायत ने निर्णय लिया कि भविष्य में अगर गांव का कोई भी युवक गांव की ही युवती या बहू से शादी करेगा तो उसे गांव में नहीं रहने दिया जाएगा। पंचायत के फैसले के विरुद्ध वह फिर भी गांव में रहता है तो किसी भी अनहोनी के लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। गांव के सरपंच प्रतिनिधि जीवन सिंह ने बताया कि समाज का नैतिक पतन हो रहा है। इसी को देखते हुए पंचायत कर सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया है कि गांव की मर्यादा बनी रहे। पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि अक्सर देखा जा रहा है कि गांव के युवक गांव की ही बहू-बेटियों के साथ प्रेम प्रसंग व अन्य कारणों के साथ गुपचुप शादी कर रहे हैं, जिससे समाज में गलत विचारधारा पनप रही है। इसी के मद्देनजर ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि गांव का कोई भी युवक गांव की बहू-बेटी से शादी नहीं करेगा और ऐसा करने वाले व्यक्ति को अपनी पत्नी सहित गांव से बाहर रहना होगा। पंचायत के फैसले के विरुद्ध प्रेमी जोड़ों का सहयोग करने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। पंचायत में ग्रामीण जगतार सिंह, जग्गा सिंह, गुरतेज पाल सिंह, रेशम सिंह, हेमराज आदि मौजूद रहे।     

क्लासरूम से टीवी की हॉट सीट तक, विभा चौबे बनीं छत्तीसगढ़ की पहली महिला शिक्षिका केबीसी में

 सरगुजा  छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की एक साधारण-सी शिक्षिका ने अपनी मेहनत, ज्ञान और आत्मविश्वास के दम पर असाधारण मुकाम हासिल कर जिले ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है. सरगुजा जिले की रहने वाली शिक्षिका विभा चौबे देश के सबसे प्रतिष्ठित क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) की हॉट सीट तक पहुंचने वाली जिले की पहली महिला बन गई हैं. इतना ही नहीं, विभा चौबे छत्तीसगढ़ की पहली महिला शिक्षिका होंगी, जो KBC के मंच पर हॉट सीट पर बैठकर खेलती हुई नजर आएंगी. वर्षों की तैयारी, निरंतर प्रयास और ज्ञान के बल पर उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. विभा चौबे का KBC एपिसोड 31 जनवरी को प्रसारित किया जाएगा.  केबीसी की तैयारी सालों की मेहनत का नतीजा विभा चौबे ने बातचीत में बताया कि केबीसी में पहुंचने की तैयारी वह काफी समय से कर रही थीं. जैसे ही केबीसी के लिए रजिस्ट्रेशन लाइन खुलती है, तुरंत आवेदन करना होता है. इसके बाद आईबीआर कॉल और ऑडिशन जैसी कठिन प्रक्रियाओं से गुजरकर ही प्रतिभागी शो तक पहुंच पाते हैं. अमिताभ बच्चन से मुलाकात सादगी ने किया प्रभावित महानायक अमिताभ बच्चन से मुलाकात के अनुभव को साझा करते हुए विभा चौबे ने कहा कि वह पल उनके लिए बेहद खास और अविस्मरणीय था. उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन बिल्कुल एक सामान्य व्यक्ति की तरह मिलते हैं. उनसे मिलकर यह एहसास ही नहीं होता कि वह इतने बड़े सुपरस्टार हैं. वह प्रतिभागियों की पृष्ठभूमि, शहर और संस्कृति के बारे में जानने में गहरी रुचि रखते हैं और पूरे मन से बातचीत करते हैं. प्रतिभागियों को सहज बनाते हैं बिग बी विभा चौबे ने बताया कि अमिताभ बच्चन प्रतिभागियों को बेहद सहज महसूस कराते हैं, जिससे बिना झिझक खुलकर बातचीत हो पाती है। वह न सिर्फ प्रेरणा देते हैं, बल्कि उनके व्यवहार से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। 83 की उम्र में भी अनुशासन और ऊर्जा की मिसाल विभा ने कहा कि 83 वर्ष की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का अनुशासन और मेहनत काबिले-तारीफ है. वह सेट पर रोज 10 से 12 घंटे तक मौजूद रहते हैं, लेकिन उनके चेहरे पर कभी थकान नजर नहीं आती. विभा चौबे ने बताया कि उन्होंने कभी अमिताभ बच्चन को मोबाइल का इस्तेमाल करते नहीं देखा, वह पूरी तरह अपने काम और दर्शकों से जुड़े रहते हैं. शिक्षिका होने के साथ केबीसी की चुनौतीपूर्ण तैयारी एक शिक्षिका होने के नाते केबीसी की तैयारी आसान नहीं थी। विभा चौबे ने बताया कि परिवार, बच्चों, नौकरी और शहर से दूर पोस्टिंग के बावजूद उन्होंने अपने सपने को कभी छोड़ा नहीं. उनका मानना है कि जब किसी लक्ष्य को लेकर सच्चा जुनून हो, तो इंसान उसके लिए समय निकाल ही लेता है. पुराना सपना, लगातार प्रयास जानिए विभा चौबे ने बताया कि केबीसी शुरू होने के समय से ही उनका सपना था कि वे इस मंच पर पहुंचें. शुरुआती दौर में एसटीडी-पीसीओ से सवाल पूछे जाते थे, लेकिन कंप्यूटर की जानकारी न होने के कारण वह सही जवाब नहीं दे पाईं। इसके बावजूद उनका प्रयास लगातार जारी रहा. 2022 से 2024 तक नहीं मिला मौका विभा ने बताया कि 2022 में उन्हें आईबीआर कॉल आया, लेकिन ऑडिशन कॉल नहीं मिली. 2023 में भी मौका हाथ नहीं लगा. 2024 में फिर आईबीआर कॉल आया, लेकिन ऑडिशन तक बात नहीं बन सकी।लगातार तीन साल निराशा के बाद भी उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी. 2025 में पूरा हुआ सपना साकार आखिरकार 2025 में उन्हें ऑडिशन और शो में जाने का अवसर मिला. पहली कॉल आने का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उस खुशी को शब्दों में बयां करना मुश्किल है. पूरे परिवार में खुशी का माहौल था. 3 करोड़ में से चुना जाना बड़ी उपलब्धि विभा चौबे ने बताया कि इस साल करीब 3 करोड़ लोगों ने केबीसी के लिए रजिस्ट्रेशन किया था, जिनमें से बहुत कम लोगों को ही कॉल आती है. ऐसे में चुना जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. शो का अनुभव: बिना घबराहट के दिए जवाब शो के अनुभव पर उन्होंने बताया कि हॉट सीट पर बैठते समय उन्हें किसी तरह की घबराहट नहीं हुई, क्योंकि वह पूरी तैयारी के साथ गई थीं. उन्होंने तीनों लाइफलाइन का इस्तेमाल किया. 12 सवाल सही, 13वें पर किया क्विट जानिए कैसे विभा चौबे ने बताया कि उन्होंने कुल 12 सवालों के सही जवाब दिए और संदूक राउंड में 9 प्रश्नों के उत्तर सही दिए. एक सवाल चूकने के कारण अमिताभ बच्चन के साथ डिनर का मौका नहीं मिल सका. उन्होंने 13वें सवाल पर क्विट करने का फैसला किया. हॉट सीट पर दिल खोलकर बातचीत जानिए प्रसारण से पहले होने के कारण उन्होंने सवालों का खुलासा नहीं किया, लेकिन यह जरूर बताया कि हॉट सीट पर बैठकर अमिताभ बच्चन जी से दिल खोलकर बातचीत करने का अनुभव उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा.

बंगाली मजदूरों पर कथित उत्पीड़न को लेकर ममता बनर्जी का केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर तीखा हमला

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों के साथ हो रहे कथित अत्याचारों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाली बोलने वाले प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों पर हो रहे हमलों और परेशानियों की वह निंदा करती हैं। साथ ही, ममता सरकार दबे-कुचले, डरे-सहमे और परेशान बंगाली भाषी प्रवासी परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "हम भाजपा शासित हर राज्य में बंगाली बोलने वाले लोगों पर हुए क्रूर अत्याचार और परेशानी की कड़ी निंदा करते हैं। हम दबे-कुचले, डरे-सहमे और परेशान बंगाली बोलने वाले प्रवासी परिवारों के साथ खड़े हैं, हम उन परिवारों को हर मुमकिन मदद देंगे।  इंसान की जान की कोई कीमत नहीं होती, लेकिन अगर मौत होती है, तो हमने पैसे का मुआवजा देने का वादा किया है।" ओडिशा में हुई हालिया घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा शासित राज्य ओडिशा में जंगीपुर इलाके के कुछ प्रवासी मजदूरों पर कई तरह के अत्याचार हुए हैं। यह बहुत दुख की बात है कि 24 दिसंबर को जंगीपुर के सुती इलाके के एक युवा प्रवासी मजदूर की संबलपुर में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मुर्शिदाबाद में प्रवासी मजदूर डर के मारे ओडिशा से घर लौट रहे हैं। इस दिल दहला देने वाली घटना में, हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं, और मृतक के परिवार को हमारी तरफ से आर्थिक मदद भी उन तक पहुंचेगी। सीएम ममता ने एक्स पोस्ट में आगे लिखा, "भाजपा शासित राज्यों में हुई इन सभी घटनाओं में हम दोषियों की निंदा करते हैं और पीड़ितों को हर मुमकिन मदद का वादा करते हैं। बंगाली बोलना कोई जुर्म नहीं हो सकता।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने ज्वेल राणा की मौत के मामले में सुती पुलिस स्टेशन में पहले ही जीरो FIR दर्ज कर ली है और 6 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। मेरी राज्य पुलिस टीम जांच के लिए ओडिशा गई है।

स्मार्ट मीटरिंग और निगरानी से मजबूत हुई बिजली वितरण प्रणाली

15,26,801 डीटी मीटर स्वीकृत, 2,29,898 स्थापित, बिजली वितरण प्रणाली में तकनीकी मजबूती 25,224 फीडर मीटर  स्थापित, फीडर स्तर पर निगरानी से लाइन लॉस पर नियंत्रण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में जिस गति और स्तर पर तकनीकी परिवर्तन का साक्षी बन रहा है, वह न केवल प्रदेश का बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बनता जा रहा है। वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में स्मार्ट मीटरिंग के जरिए पारदर्शिता, दक्षता और उपभोक्ता हितों के संरक्षण का वर्ष साबित हुआ है। यूपी में अब तक लगभग 68,24,654 (68 लाख, 24 हजार, 654) स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अभी तक प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 3,20,187 सौर ऊर्जा इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। यही नहीं यूपी सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार को प्राथमिकता देते हुए उपभोक्ताओं के हितों को केंद्र में रखकर काम किया है। डिजिटल तकनीक आधारित ‘स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत न केवल बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है, बल्कि राजस्व संग्रहण में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्मार्ट मीटरिंग से पारदर्शिता और नियंत्रण उत्तर प्रदेश में 3,09,78,280 (3 करोड़, 9 लाख 78 हजार 280) स्मार्ट मीटर स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 68,24,654 (68 लाख 24 हजार 654) मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोग को डिजिटल रूप से ट्रैक करने और बिलिंग प्रक्रिया को सटीक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। स्मार्ट मीटरों से उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग, वास्तविक खपत का आकलन और बिजली चोरी पर अंकुश जैसे अनेक लाभ मिल रहे हैं। पहले जहां अनुमान आधारित बिलिंग से उपभोक्ताओं को शिकायतें रहती थीं, वहीं अब वास्तविक उपयोग के आधार पर पारदर्शी बिल मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार कहा है, “स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम न केवल तकनीकी सुधार है, बल्कि उपभोक्ता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक भी है।” डीटी मीटरों से बिजली वितरण में सुधार बिजली वितरण को और अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए योगी सरकार ने डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (डीटी) मीटरिंग पर विशेष ध्यान दिया है। अब तक 15,26,801 (15 लाख 26 हजार 801) डीटी मीटर स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 2,29,898 (2 लाख 29 हजार 898) मीटर स्थापित हो चुके हैं। यह व्यवस्था हर ट्रांसफॉर्मर पर बिजली के प्रवाह और खपत की निगरानी को सटीक बनाती है। डीटी मीटर से यह पता लगाना आसान होता है कि किन क्षेत्रों में बिजली की हानि सबसे अधिक है और कहां पर तकनीकी सुधार की आवश्यकता है? इस तकनीक के माध्यम से बिजली चोरी में कमी आई है और लाइन लॉस कम हो रहा है। फीडर मीटरिंग से मजबूत हुआ बिजली आपूर्ति नेटवर्क उत्तर प्रदेश में बिजली नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए 25,224 फीडर मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक फीडर स्तर पर बिजली आपूर्ति और उपभोग का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहे। फीडर मीटरिंग से आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और ग्रामीण व शहरी दोनों इलाकों में बिजली वितरण की विश्वसनीयता बढ़ी है। उपभोक्ताओं के हित में तकनीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का लक्ष्य केवल तकनीकी उन्नयन ही नहीं, उपभोक्ताओं के हितों को भी सशक्त बनाना है। स्मार्ट मीटर से अब उपभोक्ता अपने मोबाइल या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बिजली उपयोग का रियल टाइम डेटा देख सकते हैं। इससे बिलिंग विवाद घटे हैं और उपभोक्ता अपनी खपत पर खुद नियंत्रण रख पा रहे हैं। साथ ही भुगतान प्रणाली को भी ऑनलाइन और पारदर्शी बनाकर सरकार ने डिजिटल इंडिया के विजन को दृढ़ता प्रदान करने का काम किया है। बिजली बिल राहत योजना का उपभोक्ताओं को मिल रहा लाभ  बिजली बिल राहत योजना में 16 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। 1323 करोड़ की राजस्व धनराशि प्राप्त हुई। सबसे अधिक पूर्वांचल डिस्काम में 6 लाख से ज्यादा पंजीकरण हुआ है।

पढ़ाई को मिलेगी नई रफ्तार: छात्रों के लिए पंजाब सरकार ने जारी की करोड़ों की फंडिंग

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के वंचित और पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और शिक्षा के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार ऐतिहासिक कदम उठा रही है। यह बात सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही। इस संबंध में जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों के लिए चल रही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत अब तक 4.77 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है, ताकि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में 2 लाख 62 हजार 373 विद्यार्थियों ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत आवेदन किए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार की शैक्षणिक कल्याण योजनाएं विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के लिए 245 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है, जो शिक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता, संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। कैबिनेट मंत्री ने यह भी जानकारी साझा की कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 2 लाख 37 हजार 456 विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। डॉ. बलजीत कौर ने जोर देकर कहा कि मान सरकार के लिए शिक्षा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की मजबूत नींव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि कोई भी गरीब या वंचित पृष्ठभूमि से आने वाला विद्यार्थी केवल आर्थिक कारणों से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। उन्होंने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के माध्यम से राज्य सरकार उन विद्यार्थियों के सपनों को मजबूत सहारा दे रही है, जो शिक्षा को अपनी ताकत बनाकर अपने परिवारों और समाज का भविष्य बदलना चाहते हैं। सरकार हर उस बच्चे के साथ मजबूती से खड़ी है, जो आगे बढ़ने की इच्छा रखता है और शिक्षा के माध्यम से अपनी पहचान बनाना चाहता है। 

सरकारी कार्यालयों, सामुदायिक सभागारों, ग्राम पंचायत भवनों और ग्राम सभा स्थलों पर लगेंगे पोस्टर

विकसित भारत की संकल्पना साकार करने के लिए सीएम योगी ने अफसरों को दिए निर्देश लखनऊ उत्तर प्रदेश में रोजगार को लेकर योगी सरकार की सोच जमीन पर उतरती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत “विकसित भारत जी राम जी” योजना के जरिए गांव-गांव रोजगार, प्रशिक्षण और आजीविका के अवसर देने की ठोस पहल शुरू हो गई है। सरकार का लक्ष्य है कि हर परिवार तक काम की गारंटी पहुंचे और रोजगार की जानकारी गांव-गांव लोगों को चौपाल लगाकर दी जाए। सीएम योगी ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इस दिशा में प्रदेश भर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत सरकारी कार्यालयों, पंचायत भवनों, सामुदायिक केंद्रों और ग्राम सभाओं में पोस्टर, बैनर और वाल पेंटिंग के जरिए लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही चौपालों पर संवाद के जरिए सीधे आम लोगों को रोजगार संबंधित योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा सीधा लाभ इस अभियान के तहत रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम (VB-G RAM G) को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इसका मकसद सिर्फ योजना बनाना नहीं, बल्कि हर पात्र व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचाना है। इसके तहत चौपाल पर चर्चा के साथ घर-घर योजना की जानकारी दी जाएगी। गांव-गांव लगने वाली इन चौपालों में लोगों को रोजगार की योजनाओं, काम के अवसरों और अधिकारों के बारे में बताया जाएगा। अपनी जरूरतें और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे पोस्टर, बैनर और वाल पेंटिंग से योजना का प्रचार किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों, पंचायत भवनों, स्कूलों, सामुदायिक हॉल और सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार सामग्री लगाई जाएगी। जिससे कोई भी व्यक्ति इसकी जानकारी से अछूता न रहने पाए। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी संदेश से संबंधित लोगो लगाए जाएंगे। सभी तक जानकारी पहुंचाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार प्रसार का निर्णय लिया गया है। योगी सरकार का प्रयास है कि रोजगार से जुड़े फैसलों में आमजन की भागीदारी रहे। चौपालों के माध्यम से लोग अपनी जरूरतें और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में साबित होगा बड़ा कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अधिकारियों को स्पष्ट संदेश है कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांव मजबूत होंगे और हर हाथ को काम मिलेगा। इसी सोच के साथ प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि हर जरूरतमंद तक पहुंचें। यह अभियान न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।