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जम्मू-कश्मीर: नरबल–तांगमर्ग हाईवे से गुजरने वाले वाहनों की कड़ी चेकिंग, जानिए क्या है वजह

बडगाम  SSP बडगाम के निर्देश पर, नए साल के जश्न से पहले पूरे जिले में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। SDPO मगाम, SHO मगाम, CRPF कंपनी कमांडर और असिस्टेंट कमांडेंट सिक्योरिटी के इंतजामों की निगरानी और उन्हें आसान बनाने के लिए जमीन पर मौजूद रहे। सड़कों की अच्छी तरह से जांच करने और किसी भी संदिग्ध चीज का पता लगाने के लिए खास टीमों ने स्निफ़र डॉग्स, DSMD, और HHMD जैसे मॉडर्न सर्विलांस टूल्स तैनात किए। मगाम इलाके में नरबल-तांगमर्ग हाईवे पर संदिग्ध लोगों और गाड़ियों की फिजिकल जांच की जा रही है। सुरक्षा के इन कड़े उपायों का मकसद जिले में शांति और बिना किसी घटना के नया साल मनाना है। 

ग्लोबल क्वालीफायर की तैयारी पूरी: विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के लिए आयरलैंड की टीम फाइनल

डबलिन क्रिकेट आयरलैंड ने आईसीसी महिला टी 20 वर्ल्ड कप ग्लोबल क्वालीफायर के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। गैबी लुईस को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि ओर्ला प्रेंडरगास्ट उप-कप्तान होंगी। यह टूर्नामेंट अगले साल 18 जनवरी से 1 फरवरी तक नेपाल के काठमांडू में खेला जाएगा। हाई परफॉर्मेंस के डायरेक्टर ग्रीम वेस्ट ने कहा, हाल ही में साउथ अफ्रीकी दौरा यह दिखाता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट कितना मुश्किल हो सकता है, लेकिन इस दौरे ने यह भी बताया कि हमारी टीम कैसे अनुभव से सीखकर खुद को ढाल सकती है और आगे बढ़ सकती है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज कौशल को निखारने और सुधार के लिए जरूरी क्षेत्रों की पहचान करने का एक मौका था। क्वालीफायर में टीम को उस अनुभव को मैदान पर अमल में लाना होगा। उन्होंने कहा, नेपाल का विकेट पारंपरिक रूप से धीमी गति के होते हैं, इसलिए हम टीम में तीन फ्रंटलाइन स्पिनर्स को ले रहे हैं। उम्मीद है कि वे इन परिस्थितियों में अहम भूमिका निभाएंगे। कोई भी खिलाड़ी गंभीर रूप से चोटिल नहीं है। उम्मीद है कि एमी हंटर हल्की चोट से पूरी तरह ठीक हो जाएंगी, जिसकी वजह से वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे से बाहर थीं। हम कोच और टीम को शुभकामनाएं देते हैं। उम्मीद करते हैं कि क्वालीफाइंग अभियान सफल होगा और जून 2026 में आयरलैंड एक बड़े इवेंट में फिर से हिस्सा लेगा। आयरिश टीम 6 जनवरी 2026 को दुबई में 6 दिवसीय कैंप में हिस्सा लेने के लिए रवाना होगी, जिसके बाद 12 जनवरी को नेपाल जाएगी। आयरलैंड की टीम नेपाल और जिम्बाब्वे के खिलाफ दो आधिकारिक वार्म-अप मैच खेलेगी। आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप ग्लोबल क्वालीफायर में बांग्लादेश, आयरलैंड, नीदरलैंड, नामीबिया, नेपाल, पापुआ न्यू गिनी, स्कॉटलैंड, थाईलैंड, यूएसए और जिम्बाब्वे की टीमें हिस्सा लेने जा रही हैं। इन टीमों को पांच-पांच के दो ग्रुप में बांटा गया है। आयरलैंड को ग्रुप ए में रखा गया है। सभी ग्रुप मुकाबलों के बाद, हर ग्रुप की टॉप तीन टीमें सुपर सिक्स स्टेज में पहुंचेंगी, और इस स्टेज से टॉप चार टीमें टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेंगी। टी20 वर्ल्ड कप क्वालीफायर के लिए आयरलैंड की टीम: गैबी लुईस (कप्तान), एवा कैनिंग, क्रिस्टीना कोल्टर रीली, अलाना डेलजेल, लौरा डेलानी, सारा फॉर्ब्स, एमी हंटर, अर्लीन केली, एमी मैगुइरे, जेन मैगुइरे, लारा मैकब्राइड, कारा मरे, लेह पॉल, ओर्ला प्रेंडरगास्ट, रेबेका स्टोकवेल। 

आलू की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट से हाहाकार, हरियाणा के किसान संकट में; BKU ने CM सैनी को लिखा पत्र

चंडीगढ़  भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य की मंडियों में आलू के भाव में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सफेद आलू उत्पादक किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भावान्तर भरपाई योजना अब तक लागू नहीं की गई, जो किसानों के साथ अन्याय है।  भाकियू (चढ़ूनी) के अनुसार प्रदेश की अधिकांश मंडियों, विशेषकर पंचकुला, सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर, अंबाला और कुरुक्षेत्र की पिपली, शाहाबाद, बैबन आदि मंडियों में सफेद आलू के भाव लगातार गिर रहे हैं और यह भाव किसानों की उत्पादन लागत से काफी नीचे चले गए हैं। यूनियन ने बताया कि दूसरी ओर लाल आलू का भाव अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है, जिससे मंडियों का औसत/मॉडल के कारण भाव ऊपर दिखाया जा रहा है। इसका सीधा नुकसान सफेद आलू उत्पादक किसानों को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि इसी औसत के आधार पर उन्हें भावान्तर भरपाई योजना से बाहर किया जा रहा है।   भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने कहा कि जब सफेद आलू का वास्तविक दाम बेहद कम है, तो उसे लाल आलू के साथ जोड़कर औसत निकालना सरासर अन्याय है। यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि आलू की फसल मंडियों में आने के बावजूद पोर्टल पर किसानों द्वारा रजिस्टर्ड फसल का सत्यापन अभी तक पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण ई-खरीद पोर्टल पर कोटा जारी नहीं हो पा रहा और मंडियों में ऑनलाइन गेट पास नहीं कट रहे। इससे किसानों को मजबूरी में औने-पौने दामों पर फसल बेचनी पड़ रही है।  किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो सफेद आलू उत्पादक किसानों को भारी नुकसान होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभागों की होगी, साथ ही यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों की मांगों पर जल्दी निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन को आंदोलनात्मक रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

उड़ान भरता भारत: नवंबर में घरेलू हवाई यात्रियों ने छुआ डेढ़ करोड़ का आंकड़ा

नई दिल्ली  घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या इस साल नवंबर में सालाना आधार पर 6.92 प्रतिशत बढ़कर एक करोड़ 52 लाख 38 हजार पर पहुंच गई। यह पहली बार है जब किसी एक महीने में डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों ने हवाई यात्रा की है। इससे पहले अधिकतम आंकड़ा दिसंबर 2024 में दर्ज किया गया था जब एक करोड़ 49 लाख 28 हजार लोगों ने हवाई यात्रा की थी। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से नवंबर तक 11 महीने में कुल 15 करोड़ 26 लाख 35 हजार लोगों ने हवाई यात्रा की है। यह पिछले साल की समान अवधि से 4.26 प्रतिशत अधिक है। खास बात यह है कि नवंबर में यह रिकॉर्ड तब बना है जब इस साल दीपावली और छठ के पर्व अक्टूबर में ही समाप्त हो चुके थे, जब अमूमन मांग काफी अधिक होती है। आंकड़ों के अनुसार, भरी सीटों का अनुपात (पीएलएफ) के मामले अकासा एयर 93.8 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रही। इंडिगो 88.7 प्रतिशत के साथ दूसरे और स्पाइसजेट 87.7 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रही। एयर इंडिया समूह का पीएलएफ 87.5 प्रतिशत और इंडियावन एयर का 82.7 प्रतिशत रहा। यात्री संख्या के मामले में नवंबर में इंडिगो और अकासा की बाजार हिस्सेदारी घट गयी जबकि एयर इंडिया समूह (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) और स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि हुई। इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी अक्टूबर के 65.6 प्रतिशत के कम होकर 63.6 प्रतिशत रह गयी। एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी 26.7 प्रतिशत, अकासा की 4.7 प्रतिशत और स्पाइसजेट की 3.7 प्रतिशत रही। देश के छह मेट्रो शहरों दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में समय पर उड़ान भरने के मामले में अकासा एयर 72.2 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रही। एयर इंडिया समूह की 69.1 प्रतिशत उड़ानें, इंडिगो की 69 प्रतिशत, अलायंस एयर की 59 प्रतिशत और स्पाइसजेट की 48.4 प्रतिशत समय पर रवाना हुईं। समय पर उड़ानों को रवाना करने के मामले में 86.4 प्रतिशत के साथ चेन्नई एयरपोर्ट पहले स्थान पर रहा। इसके बाद क्रमशः बेंगलुरु एयरपोर्ट से 78.6 प्रतिशत, हैदराबाद से 75.5 प्रतिशत, कोलकाता से 74.4 प्रतिशत, दिल्ली से 62.2 प्रतिशत और मुंबई से 50.1 प्रतिशत उड़ानें समय पर रवाना हुईं।  

ड्यूटी निभाते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ पंजाब का जवान, CM मान ने शहादत को किया सलाम

फाजिल्का/चंडीगढ़ पंजाब के एक और सपूत ने देश की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी है। फाजिल्का के गांव झुग्गे गुलाब सिंह के आर्मी जवान राजिंदर सिंह मेघालय के शिलांग में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी बहादुर जवान की हिम्मत और लगन को सलाम किया है और इस घटना पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीद जवान राजिंदर सिंह के परिवार के साथ अपनी दिली हमदर्दी जताई और देश के प्रति बहादुर जवान की हिम्मत और लगन को भी सलाम किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुश्किल घड़ी में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। मान ने कहा कि परिवार को हर मुमकिन मदद दी जाएगी।   CM मान ने ट्वीट किया, "फाजिल्का जिले के गांव झुग्गे गुलाब सिंह के आर्मी जवान राजिंदर सिंह की मेघालय के शिलांग में ड्यूटी के दौरान शहादत की दुखद खबर मिली। हम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। बहादुर जवान की हिम्मत और देश के प्रति समर्पण को दिल से सलाम। सरकार इस मुश्किल समय में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। परिवार को हर मुमकिन मदद दी जाएगी।"

पंजाब की सियासत में तेज़ हुई हलचल, फरवरी में अमित शाह के दौरे की तैयारी; क्या है BJP का गेम प्लान?

चंडीगढ़  पंजाब जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव के नतीजों ने प्रदेश BJP समेत सेंट्रल लीडरशिप को पंजाब में पार्टी के हालातों के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर दिया है. चुनाव में BJP को ग्रामीण आंचल में ज्यादा रिस्पॉन्स नहीं मिला. इसी वजह से सेंट्रल लीडरशिप ने पंजाब पर फोकस करने के लिए पार्टी के पॉलिसी मेकर्स से सलाह करने की तैयारी के संकेत दे दिए है, वहीं कहा जा रहा है कि सेंट्रल लीडरशिप अब पंजाब के मुद्दों और समस्याओं पर पंजाब के नेताओं से राय लेगी. इस बारे में जल्द ही दिल्ली में एक मीटिंग हो सकती है. पार्टी पंजाब में सीनियर नेताओं को ऑब्जर्वर भी नियुक्त कर सकती है.  मालवा में रैली कर सकते हैं गृह मंत्री सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री शिवराज चौहान का फरवरी 2026 में पंजाब आने का कार्यक्रम बन रहा है, जिसे कुछ ही दिन में अंतिम रूप दिया जाएगा. इस दौरे के दौरान एक संभावित रैली मालवा में की जाएगी और इसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाने की योजना बनाई जा रही है. इस रैली में गृह मंत्री और कृषि मंत्री पंजाब के लिए कुछ घोषणाएं कर सकते हैं. खासकर रूरल बेल्ट को साधकर ग्रामीणों को खुश किया जा सकता है, क्योंकि BJP मान कर चल रही है कि ग्रामीणों में पार्टी के खिलाफ जितना गुस्सा था, उसको खत्म कर दिया गया है. अब उनको अपना बनाने की कवायद शुरू करनी है.   गठबंधन के लिए नेताओं से लेगे सलाह बेशक हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी पंजाब में जगह-जगह जाकर लोगों की नब्ज टटोल रहे हैं. रिपोर्ट BJP हाईकमान तक पहुंचा रहे हैं, वही दूसरे नेता जहां पंजाब के नेताओं से राज्य के मुद्दों पर रिपोर्ट लेंगे, वहीं भविष्य में किसी दूसरी पार्टी के साथ गठबंधन करने पर भी वर्करों से सलाह लेंगे. बेशक कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे कद्दावर नेता BJP हाइकमान के सामने अपना दृष्टिकोण पहले ही रख चुके है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के टकसाली वर्करों ने सेंट्रल लीडरशिप को चिट्ठी लिखकर सलाह दी है कि अगर BJP को पंजाब में सत्ता हासिल करनी है तो पंजाब के ज्वलंत मुद्दों, अधिकारों और समस्याओं पर सोचना होगा.   ग्रामीण इलाकों के वोट जीतने के लिए अकेले चुनाव मैदान में उतरने की बजाय गठबंधन करना भी जरूरी है. पंजाब में BJP के शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन पर दिल्ली समेत पंजाब के कई नेताओं की अलग-अलग राय है, लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान को लेना है. बताया जा रहा है कि BJP की सेंट्रल लीडरशिप ने साफ कर दिया है कि पंजाब में किसी भी पार्टी के साथ समझौते के बारे में कोई भी फैसला पंजाब यूनिट से सलाह-मशविरा करने के बाद ही लिया जाएगा. इसलिए BJP साल 2026 में पंजाब संगठन को एक्टिव करने का प्लान बनाने में जुटी है. पंजाब में पार्टी के सोशल मीडिया विंग को मजबूत किया जाएगा. गौरतलब है अगर राज्य में किसी पार्टी का सबसे मजबूत सोशल मीडिया विंग है तो वह सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी का है, लेकिन अब BJP भी राज्य में पार्टी के सोशल मीडिया विंग को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए अपनी अलग से रणनीति बनाने में जुटी हुई है.  

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का मास्टरप्लान तैयार, CWC बैठक में बनी रणनीति

नई दिल्ली  संसद का शीतकालीन सत्र खत्म होने के बाद कांग्रेस पार्टी नए सिरे से मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में लग गई है। शनिवार को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मनरेगा को खत्म करने, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से लोगों को मताधिकार से वंचित करने तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कृषि कानून को वापस लेने के लिए सरकार को बाध्य किया गया था उसी तरह मनरेगा की बहाली की रणनीति पर काम करने की जरूरत है।   कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार को हुई वर्किंग कमेटी की बैठक में खरगे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कि मोदी सरकार गरीबों का हक मार रही है और उन्हें संविधान प्रदत अधिकारों से वंचित कर तानाशाही कर रही है। ईडी जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष की छवि खराब की जा रही है और दलित, गरीब, आदिवासी वर्गों के साथ क्रूरता हो रही है और स्थिति से निपटने की रणनीति पर विचार करना आवश्यक हो गया है। मनरेगा समाप्त करना महात्मा गांधी का अपमान: खरगे कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह बैठक पार्टी के भविष्य की रणनीति पर विचार के लिए आयोजित की गई है क्योंकि इस समय लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों पर चारों तरफ गंभीर संकट छाया है। यह संकट सरकार की कार्यशैली ने पैदा किया है। संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण मनरेगा को खत्म कर दिया है, जिसने करोड़ों गरीबों और कमजोर तबके के लोगों को बेसहारा कर दिया है। मोदी सरकार का मनरेगा को समाप्त करना, राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का अपमान है और इस पर पार्टी नेता सोनिया गांधी ने भी गहरी चिंता हाल में व्यक्त की है। मनरेगा की विश्वभर में हुई तारीफ: खरगे खरगे ने मनरेगा को कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का ऐसा दूरदर्शी कदम बताया जिसे पूरे विश्व ने सराहा। देश के श्रम मंत्री के रूप में जब वह जी 20 देशों के श्रमिक सम्मेलनों में जाते थे तो अन्य देशों के प्रधानमंत्री और श्रम मंत्री इस योजना की बहुत तारीफ करते थे। उन्होंने कहा कि दो फरवरी 2006 को आंध्र प्रदेश के बंडलापल्ली में श्रीमती गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह ने मनरेगा की शुरुआत की थी। इस योजना ने ग्रामीण भारत का चेहरा बदला और यह विश्व का सबसे बड़ा ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम बना। इससे पलायन रुका, गांवों को अकाल, भूख, और शोषण से मुक्ति मिली। दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और भूमिहीन मज़दूरों को भरोसा मिला कि गरीबी की जंग में सरकार उनके साथ खड़ी है। इस कार्यक्रम से लोगों ने गरीबी से मुक्ति पाई, एक पूरी पीढ़ी मनरेगा की बदौलत स्कूल पहुँची, पढ़ी-लिखी और सम्मान से जी रही है। इस योजना का असर देख कर ही इसे राष्ट्रपिता के नाम पर समर्पित किया गया था। पर मोदी सरकार ने बिना किसी अध्ययन या मूल्यांकन के, राज्यों से या राजनीतिक दलों से सलाह-मशविरा के बिना इसे खत्म करके नया कानून थोप दिया। मनरेगा के लिए देशव्यापी आंदोलन की जरूरत: कांग्रेस अध्यक्ष कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "इस समय देशव्यापी आंदोलन की जरूरत है। इसका पुरजोर विरोध देश के हर कोने में होना चाहिए। क्योंकि इसके पहले जनवरी 2015 में जब मोदी सरकार ने कॉरपोरेट हितों में भूमि अधिग्रहण कानून बदला तो कांग्रेस के लोग सड़कों पर उतरे और सरकार को पीछे हटना पड़ा। फिर जून 2020 में लॉकडाउन के बीच सरकार अध्यादेश से तीन काले कृषि कानून थोप दिए। संसद में विपक्ष के विरोध के बाद भी कानून पास हो गया। इसके विरोध में आंदोलन कर रहे 700 से अधिक किसानों ने शहादत दी। सरकार ने कीलें बिछाईं, पानी की बौछारें चलाईं, उनका दमन किया।हम किसानों के हक में डटे रहे और नवंबर 2021 में प्रधानमंत्री को किसानों से माफ़ी माँगते हुए कानून वापस लेने पड़े।" उन्होंने कहा, "इन काले कानूनों के वापसी की भविष्यवाणी राहुल जी ने बहुत पहले कर दी थी और हाल में उन्होंने ये भी भविष्यवाणी की है कि मोदी सरकार को दोबारा मनरेगा बहाल करना होगा। पिछले 76 सालों में संविधान ने देश के नागरिकों को इतना सिखा दिया है कि कोई तानाशाह उनका अधिकार छीन नहीं सकता। अब हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि हम मनरेगा पर ठोस योजना बनाएं, राष्ट्रव्यापी, जन-आंदोलन खड़ा करें। यह लड़ाई हम जीतेंगे। इस कठिन हालत में देश भर के कमजोर लोग कांग्रेस की ओर देख रहे हैं।"  

हजारों साल पुरानी संस्कृति का जीवंत प्रतीक है राखीगढ़ी महोत्सव: नायब सैनी

नारनौंद/हांसी  प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐतिहासिक गांव राखीगढ़ी में तीन दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव का शुभारंभ किया। उनके साथ पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हड़प्पा ज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया और म्यूजियम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने मॉक खुदाई, स्वयं सहायता समूह और सरकारी विभाग द्वारा लगाई गई स्टालों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कुश्ती दंगल का शुभारंभ किया और पहलवानों के दांव-पेंच देखे। सीएम ने कहा कि यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि हमारी प्राचीन सभ्यता और गौरवशाली जीवन का उत्सव है। मुख्यमंत्री ने बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर जोर दिया और पुरातत्व स्थलों पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि राखीगढ़ी म्यूजियम 22 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है और केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।   पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि राखीगढ़ी ऐतिहासिक महत्व का गांव है, जहां खुदाई में पहिए और स्विमिंग पूल के अवशेष मिले हैं। सरकार यहां रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देगी और भविष्य में कार्यक्रम और भव्य तरीके से आयोजित होंगे। म्यूजियम में प्रदर्शनी में हड़प्पा कालीन सभ्यता के अवशेष और छात्रों द्वारा बनाई गई मिट्टी की मूर्तियां प्रदर्शित की गईं। इस महोत्सव में देशभर के पर्यटक और इतिहास प्रेमी जुड़े। वहीं, विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित अग्रवाल तथा विभाग के निदेशक अमित खत्री ने शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध राखीगढ़ी स्थित पुरातत्व विभाग की विभिन्न साइटों का दौरा किया। सीएम ने पेश किया सरकार का रिपोर्ट कार्ड हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव के दौरान जनता से किए गए 217 संकल्पों में से अब तक 54 संकल्पों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इनमें महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल लाडो लक्ष्मी योजना भी शामिल है, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। दूसरे राज्य स्तरीय राखीगढ़ी महोत्सव के अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने सभी चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।   अब तक 10 लाख महिलाओं को मिला लाभ मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं से लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अधिक से अधिक पंजीकरण करवाने का आह्वान करते हुए कहा कि जो महिलाएं अभी तक योजना से नहीं जुड़ी हैं, वे शीघ्र अपना पंजीकरण एवं सत्यापन प्रक्रिया पूरी करवाएं। उन्होंने बताया कि पात्र महिलाओं को योजना के अंतर्गत 2100 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। सीएम सैनी ने जानकारी दी कि अब तक योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में दो किस्तें जारी की जा चुकी हैं तथा लगभग 10 लाख महिलाओं ने अपना पंजीकरण करवा लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला तक इस योजना का लाभ पहुंचे, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिले और वे समाज की मुख्यधारा में सशक्त भूमिका निभा सकें।

उत्तर भारत में ठंड का डबल अटैक: पंजाब-हरियाणा व चंडीगढ़ के कई इलाकों में घना कोहरा

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा इन दिनों तेज ठंड की चपेट में हैं। शनिवार को दोनों राज्यों के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले का बल्लोवाल सौंखड़ी राज्य में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब के अन्य इलाकों में लुधियाना में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री, अमृतसर में 5.1 डिग्री (सामान्य से दो डिग्री अधिक) और पटियाला में 7 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा पठानकोट, बठिंडा, फरीदकोट और गुरदासपुर में क्रमशः 5.4, 6, 4.9 और 5.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस रहा। उधर, हरियाणा में गुरुग्राम सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा के अन्य शहरों में अंबाला में न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री (सामान्य से तीन डिग्री अधिक), हिसार में 5 डिग्री और करनाल में 8 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से दो डिग्री अधिक) दर्ज किया गया। वहीं नारनौल, रोहतक, भिवानी और सिरसा में क्रमशः 5.5, 7.2, 6.5 और 7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

मैच से पहले टूटा टीम पर दुखों का पहाड़, कोच के अचानक निधन से क्रिकेट जगत सन्न

नई दिल्ली  क्रिकेट जगत उस समय सन्न पड़ गया, जब बांग्लादेश प्रीमियर लीग यानी बीपीएल के एक मैच से पहले एक टीम के असिस्टेंट कोच का निधन हो गया। बीपीएल टीम ढाका कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच महबूब अली जाकी का मैच शुरू होने से चंद मिनट पहले निधन हो गया। संभवतः उनको हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी जान चली गई। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के लिए भी सपोर्ट स्टाफ के तौर पर काम कर महबूब अली जाकी के निधन की पुष्टि खुद बोर्ड ने की है। बीपीएल टीम ने भी आधिकारिक तौर पर कोच जाकी के निधन का जानकारी दे दी है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीबी ने सोशल मीडिया पर बताया, "बोर्ड, BCB गेम डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के स्पेशलिस्ट पेस बॉलिंग कोच और बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) T20 2026 में ढाका कैपिटल्स के असिस्टेंट कोच महबूब अली ज़की (59) के निधन पर गहरा दुख जताता है। आज, 27 दिसंबर 2025 को सिलहट में दोपहर करीब 1:00 बजे उनका निधन हो गया। फास्ट बॉलिंग और बांग्लादेश क्रिकेट के विकास में महबूब अली जाकी के समर्पण और अमूल्य योगदान को बहुत सम्मान और आभार के साथ याद किया जाएगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस बहुत बड़े नुकसान की घड़ी में उनके परिवार, दोस्तों, सहकर्मियों और पूरी क्रिकेट बिरादरी के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है।" बांग्लादेश प्रीमियर लीग यानी बीपीएल 2026 की शुरुआत 26 दिसंबर से हुई है, लेकिन अगले ही दिन यानी 27 दिसंबर को एक बहुत बुरी खबर इस लीग से जुड़ी हुई सामने आई। ढाका कैपिटल्स टीम के असिस्टेंट कोच महबूब अली जाकी मैच से पहले मैदान पर गिर पड़े। महबूब अली जाकी मैच से पहले टीम को तैयारी करा रहे थे। इसी दौरान वह मैदान पर गिर पड़े। उनको मैदान पर सीपीआर दिया गया, लेकिन इसका फायदा नहीं हुआ। जल्द ही एंबुलेंस के जरिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बीपीएल 2026 का तीसरा लीग मैच ढाका कैपिटल्स वर्सेस राजशाही वॉरियर्स के बीच सिलहेट में खेला जाना था। एक बजे से ये मैच था। मैच के लिए तैयारी हो रही थी। इसी बीच कोच जाकी मैदान पर अचानक गिर पड़े और फिर उठ नहीं सके।