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टी20 इंटरनेशनल में दीप्ति शर्मा की शानदार प्रदर्शन, भारतीय टीम की जीत में अहम योगदान

तिरुवनंतपुरम भारतीय टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने विमेंस टी20 इंटरनेशनल में एक नया इतिहास रच दिया है. दीप्ति ने विमेंस टी20 इंटरनेशनल में अपने 150 विकेट पूरे कर लिए हैं. यह उपलब्धि दीप्ति शर्मा ने शुक्रवार (26 दिसंबर) को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरेशनल स्टेडियम में श्रीलंका महिला टीम के खिलाफ हुए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में हासिल की. दीप्ति शर्मा भारत की ओर से टी20 इंटरनेशनल (मेन्स और वूमेन्स दोनों शामिल) में 150 विकेट लेने वाली पहली गेंदबाज हैं. भारत की ओर से पुरुष इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अब तक कोई गेंदबाज 150 विकेट के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है. भारत की ओर से मेन्स टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट अर्शदीप सिंह (110) ने झटके हैं. इसके बाद जसप्रीत बुमराह (103 विकेट) और हार्दिक पंड्या (101 विकेट) का नंबर आता है. इतना ही नहीं, दीप्ति शर्मा अब विमेंस टी20 इंटरनेशनल में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज भी बन गई हैं. श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल में दीप्ति ने 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए. दीप्ति ने अपना 150वां विकेट कविशा दिलहारी को आउट करके पूरा किया. इसके बाद तीसरा विकेट लेकर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मेगन शूट के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. दीप्ति शर्मा ने अब तक 131 विमेंस टी20 इंटरनेशनल मैचों की 128 पारियों में 151 विकेट लिए हैं. उनका गेंदबाजी औसत 18.73 और इकोनॉमी रेट 6.40 रहा है. वहीं ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाज़ मेगन शूट ने 123 विमेंस टी20 इंटरनेशनल मैचों में 151 विकेट 17.70 की औसत से हासिल किए हैं. महिला टी20 इंटरनेशनल में अब तक 150 से ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज सिर्फ यही दो खिलाड़ी हैं. दीप्ति शर्मा की यह उपलब्धि ना केवल उनके व्यक्तिगत करियर का बड़ा मुकाम है, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती मजबूती को भी दर्शाती है. अपनी निरंतरता, अनुशासन और मैच जिताऊ प्रदर्शन के दम पर दीप्ति आज टीम इंडिया की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो चुकी हैं.

मध्य क्षेत्र में अब तक 2 लाख 46 हजार 372 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने कराया पंजीयन

भोपाल  विगत 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 का लाभ लाखों बकायादार उपभोक्‍ता उठा रहे हैं। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षि‍तिज सिंघल ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में ही अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके सौ फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 का प्रथम चरण चल रहा है, जो‍कि 31 दिसंबर 2025 को समाप्‍त होगा। इस दौरान बकायादार उपभोक्‍ताओं को सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ मिल रहा है। हालांकि 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक दूसरा चरण चलेगा, लेकिन उसमें सरचार्ज माफी का प्रतिशत कम हो जाएगा, इसलिए प्रथम चरण में ही योजना में शामिल होकर अधिकतम लाभ उठाएं। अब तक मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 2 लाख 46 हजार 372 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 255 करोड़ 53 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 133 करोड़ 40 लाख का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया जमा राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के प्रथम चरण में सरचार्ज में 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ होगा जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कम होता जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक रहेगी, जिसमें 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय और अंतिम चरण में जो कि एक जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, इसमें 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। प्रथम चरण में एकमुश्‍त राशि जमा कराने पर अधिकतम लाभ होगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल हेतु portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के उपाय एप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  

सर्दियों के तूफान से अमेरिका में हवाई यातायात ठप, ग्रेट लेक्स से नॉर्थईस्ट तक असर

न्यूयॉर्क  अमेरिका में कई एयरलाइंस ने देश के बड़े हिस्सों में गंभीर सर्दियों के तूफान की चेतावनी के कारण, हजारों फ्लाइट्स कैंसिल या लेट कर दी हैं. यह देश के अंदर पीक ट्रैवल सीज़न माना जाता है क्योंकि सर्दियों में लोगों छुट्टी होती है. एयरलाइंस ने  1,800 से ज़्यादा फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं. हज़ारों उड़ानों में देरी हुई है.  खतरनाक मौसम ग्रेट लेक्स से लेकर नॉर्थईस्ट तक फैल गया, जिससे बड़े एयरपोर्ट्स पर कामकाज बाधित हुआ है. फ़्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइट FlightAware के मुताबिक, पूरे अमेरिका में एयरलाइंस ने शुक्रवार को हज़ारों फ्लाइट्स रद्द या देरी से चलाईं. वेबसाइट ने बताया कि शाम 4:04 बजे ET तक कुल 1,802 फ्लाइट्स रद्द की गईं और 22,349 में देरी हुई. 'बर्फबारी का अनुमान…' नेशनल वेदर सर्विस ने आज विंटर स्टॉर्म डेविन के लिए चेतावनी जारी की है, जिससे शनिवार सुबह तक ग्रेट लेक्स से लेकर उत्तरी मिड-अटलांटिक और दक्षिणी न्यू इंग्लैंड तक खतरनाक यात्रा की स्थिति बन सकती है. नेशनल वेदर सर्विस के स्टॉर्म प्रेडिक्शन सेंटर ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर बताया, "अपस्टेट न्यूयॉर्क से लेकर न्यूयॉर्क सिटी और लॉन्ग आइलैंड सहित ट्राई-स्टेट एरिया तक, शुक्रवार देर रात तक 4-8 इंच बर्फबारी का अनुमान है." रॉयटर्स के मुताबिक, जॉन एफ. कैनेडी एयरपोर्ट, ला गार्डिया एयरपोर्ट और डेट्रॉइट मेट्रोपॉलिटन वेन काउंटी एयरपोर्ट जैसे संभावित प्रभावित इलाकों के एयरपोर्ट्स ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करके यात्रियों को संभावित देरी या कैंसलेशन के बारे में चेतावनी दी है. जेटब्लू एयरवेज ने 225 फ्लाइट्स कैंसिल की हैं, जो सभी एयरलाइंस में सबसे ज़्यादा हैं. इसके बाद डेल्टा एयरलाइन्स DAL.N ने 186 फ्लाइट्स, रिपब्लिक एयरवेज ने 155, अमेरिकन एयरलाइंस ने 96 और यूनाइटेड एयरलाइंस ने 82 फ्लाइट्स कैंसिल की हैं. शुक्रवार को पूरे नॉर्थईस्ट में बर्फ और सर्दियों के तूफान की चेतावनी जारी की गई, क्योंकि एक शक्तिशाली बर्फीला तूफान ईस्ट कोस्ट की ओर बढ़ रहा था, जिससे खतरनाक यात्रा और बड़े पैमाने पर रुकावट का खतरा था. मौसम विभाग ने दक्षिणी कनेक्टिकट के कुछ हिस्सों, उत्तर-पूर्वी न्यू जर्सी, पेन्सिलवेनिया के कुछ इलाकों और दक्षिण-पूर्वी न्यूयॉर्क में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी है, जहां 9 इंच तक बर्फ जम सकती है. यह अलर्ट शुक्रवार शाम 4 बजे से शनिवार दोपहर 1 बजे EST तक लागू रहेगा. नेशनल वेदर सर्विस ने देश के एक बड़े हिस्से में, वेस्ट कोस्ट से लेकर उत्तर-पूर्व और अलास्का तक, सर्दियों के तूफान की चेतावनी और सलाह जारी की है. कैलिफ़ोर्निया, नेवाडा, इडाहो, व्योमिंग, कोलोराडो, पेन्सिलवेनिया, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, अलास्का, कनेक्टिकट, वाशिंगटन, ओरेगन, मोंटाना, यूटा, मिनेसोटा, विस्कॉन्सिन, मिशिगन, ओहियो, वेस्ट वर्जीनिया, मैरीलैंड, वर्जीनिया, डेलावेयर और मैसाचुसेट्स के कुछ हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किए गए हैं. पश्चिम में भी भारी बर्फबारी की उम्मीद है. कैलिफ़ोर्निया के मोनो काउंटी में, मौसम विभाग ने कहा कि 8,000 फीट से ऊपर के इलाकों में 1 से 3 फीट तक बर्फबारी हो सकती है, जबकि इससे कम ऊंचाई पर और US-395 के किनारे 4 से 12 इंच बर्फबारी की उम्मीद है. ब्लूमबर्ग द्वारा बताए गए अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच रिकॉर्ड तादाद में अमेरिकियों के घर से करीब 50 मील दूर यात्रा करने की उम्मीद थी, जो पिछले साल की तुलना में करीब 2% की बढ़ोतरी है.  ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह खराब मौसम तब हो रहा है, जब ला नीना वापस आ रहा है, जो प्रशांत महासागर के पानी के ठंडा होने से जुड़ा एक क्लाइमेट पैटर्न है जो दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को बाधित कर सकता है और आपदाओं को ट्रिगर कर सकता है.

SIR डेट बरकरार, यूपी में बड़ा एक्शन तय; 2.89 करोड़ नाम हटेंगे, 1.11 करोड़ मतदाताओं को नोटिस

लखनऊ  यूपी में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की तारीख शुक्रवार को खत्म हो गई। पहले दो बार एसआईआर की तारीख बढ़ाई जा चुकी है लेकिन तीसरी बार इसे नहीं बढ़ाया गया। अब गणना प्रपत्र भरकर जमा करने का कार्य पूर्ण हो गया है। अभी मतदाता सूची में 15.44 करोड़ नाम हैं और इसमें से अब 2.89 करोड़ नाम काटे जाएंगे। वहीं 1.11 करोड़ वोटरों को नोटिस भेजा जाएगा।   जिन 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे, उनमें 1.26 करोड़ स्थानांतरित, 46 लाख मृत, 23.70 लाख डुप्लीकेट, 83.73 लाख अनुपस्थित व 9.57 लाख अन्य श्रेणी के मतदाता हैं। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 31 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। ड्राफ्ट मतदाता सूची पर 31 दिसंबर से 30 जनवरी 2026 तक दावे व आपत्तियां ली जाएंगी। वहीं 31 दिसंबर से ही लेकर 21 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण में गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। फिर 28 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी। बीते 11 दिसंबर को एसआईआर की तारीख दूसरी बार दो हफ्ते बढ़ाकर 26 दिसंबर कर दी गई थी। चुनाव आयोग ने दो हफ्तों में उन मतदाताओं को ढंढ़ने का कार्य किया जो स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट, अनुपस्थित व अन्य श्रेणी में शामिल थे। सभी जिलों में बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) के साथ-साथ राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को बूथवार ऐसे मतदाताओं की सूची सौंपकर घर-घर जाकर फिर से सत्यापन कराया गया, जिससे कहीं कोई गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। शुक्रवार को दो हफ्ते का समय भी समाप्त हो गया और तीसरी बार एसआईआर की तारीख चुनाव आयोग ने बढ़ाना उचित नहीं समझा। 11 दिसंबर को कटने वाले मतदाताओं की संख्या 2.96 करोड़ थी, जिसमें से करीब सात लाख मतदाताओं को तलाश लिया गया। ऐसे में अब ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर आगे की प्रक्रिया यथावत की जाएगी। मैंपिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया यही नहीं वर्ष 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची में शामिल करीब 91 प्रतिशत लोगों का मिलान कर लिया गया है। ऐसे मतदाताओं का खुद उनके नाम से, माता-पिता, दादा-दादी या फिर नाना-नानी के नाम से मिलान किया गया है। अब मात्र नौ प्रतिशत लोगों को ही चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजी जाएगी। करीब 1.11 करोड़ लोगों के घर चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजी जाएगी। जिन्हें मतदाता होने की पहचान के रूप में दस्तावेज आयोग को देना होगा। फिलहाल शुद्ध मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। सभी जिलों के डीएम को आदेश दिए गए हैं कि वह ड्राफ्ट मतदाता सूची पूरी सावधानी के साथ जारी करें। आगे दावे व आपत्तियों के निस्तारण में भी पूरी पारदर्शिता बरती जाए। नए मतदाताओं का नाम जोड़ने का काम तेज यूपी में अभी तक करीब 11 लाख से अधिक लोग मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए फॉर्म भर चुके हैं। एक जनवरी 2026 को जिन युवाओं की आयु 18 वर्ष पूरी हो रही है वह भी फॉर्म भर सकते हैं। नए मतदाता को फॉर्म-6 भरवाया जा रहा है। यही नहीं सभी बीएलओ को पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 छपावाकर देने के निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से सभी डीएम को दिए गए हैं। फॉर्म के साथ घोषणा पत्र भी भरवाया जा रहा है।  

प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025: विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में हुआ सम्मान — मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्राइड ऑफ मध्यप्रदेश-2025 में सम्मानित विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों का म.प्र. में अभिनंदन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उद्योग, व्यवसाय सहित कला, साहित्य संगीत के क्षेत्र की विभूतियों का मध्यप्रदेश की धरती पर अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का समृद्ध अतीत है।भारत में विभिन्न शासन व्यवस्था में नवरत्न की परंपरा रही है और उन्हें सम्मानित करने की परम्परा भी रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राईड ऑफ मध्यप्रदेश : 2025 में विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति अर्जित करने वाली विभूतियों को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित अभिनंदन समारोह में सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र की खुशबू है कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रशासन की सुव्यवस्था कायम है। जनता के आशीर्वाद से प्रधानमंत्री मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण प्रतिमान गढ़े हैं। दशकों से लंबित समस्याओं का निराकरण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधोसंरचना निर्माण के क्षेत्र में कार्य करने वालों के अलावा अन्य क्षेत्रों में कार्य करने वालों की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण है। इन विभूतियों ने रोल मॉडल बनने के लिए अथक परिश्रम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार प्रगति के लिए सरलीकृत व्यवस्था और सुशासन स्थापित कर कार्य रही है। पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के कारण राज्य में उद्योग और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2028 तक प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र में 100 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करने का लक्ष्य है। डबल इंजन सरकार का यह संयोग विकास के क्षेत्र में अच्छी उपलब्धियां को सामने लाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान प्राप्त करने वाली विभूतियों को बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा खेल कमेंटेटर सुशील दोषी, क्रिकेटर जय प्रकाश यादव, फिल्म अभिनेता गोविंद नामदेव, मुकेश तिवारी सहित उद्योग, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों की हस्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में संपादक सतीश सिंह और सीईओ सुमित मोदी ने भी संबोधित किया और अतिथियों का स्वागत किया।  

एयर प्यूरीफायर पर टैक्स कम करने की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र से तलब किया विस्तृत जवाब

नई दिल्ली  एयर प्यूरीफायर पर लगाए गए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को कम करने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 दिनों में केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट से कहा कि एयर प्यूरीफायर पर जीएसटी कम करने या खत्म करने पर फैसला लेने के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की कोई भी बैठक सिर्फ आमने-सामने हो सकती है, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक नहीं कर सकते। जस्टिस विकास महाजन और जस्टिस विनोद कुमार की वेकेशन बेंच ने केंद्र सरकार को अपना काउंटर-एफिडेविट दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एन. वेंकटरमन ने एयर प्यूरीफायर को मेडिकल डिवाइस घोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका (पीआईएल) पर विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। जस्टिस महाजन की बेंच ने अपने आदेश में कहा, "केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एन. वेंकटरमन ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक अगर होनी है तो वह सिर्फ आमने-सामने ही संभव है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक नहीं हो सकती।" उन्होंने आगे कहा कि एक विस्तृत काउंटर एफिडेविट दाखिल करने की जरूरत है और याचिकाकर्ता को इसके बाद जवाब दाखिल करने की इजाजत दी। सुनवाई के दौरान वेंकटरमन ने वकील कपिल मदान द्वारा दायर जनहित याचिका की वैधता पर गंभीर आपत्ति जताई। यह तर्क देते हुए कि याचिका पक्षपातपूर्ण थी और सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति को प्रभावित करने वाले निर्देशों की मांग करने के बावजूद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पक्षकार बनाए बिना दायर की गई थी। केंद्र सरकार के कानून अधिकारी ने कहा, "कल हमारी एक आपातकाल बैठक हुई थी। हमें इस पीआईएल से चिंता है। हमें नहीं पता कि इस याचिका के पीछे कौन है। यह पीआईएल नहीं है। स्वास्थ्य विभाग तो पार्टी भी नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, "सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सहमत होना होगा। वित्त मंत्री सदस्य हैं। अगर किसी चीज पर वोटिंग होनी है तो वह सिर्फ आमने-सामने ही हो सकती है।" एन. वेंकटरमन ने आगे कहा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना जीएसटी में कमी का निर्देश देना "पैंडोरा बॉक्स" खोल सकता है। केंद्र सरकार के कानून अधिकारी ने कहा, "संसदीय समिति ने कुछ सिफारिश की है। एक प्रक्रिया है। हम अभी कुछ नहीं कह रहे हैं। या तो हम कम करेंगे या नहीं। संवैधानिक मुद्दा शामिल है," यह सुझाव देते हुए कि जनहित याचिका को जीएसटी काउंसिल के सामने एक प्रतिनिधित्व के रूप में माना जा सकता है। दूसरी ओर याचिकाकर्ता ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन पर संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों का हवाला देते हुए केंद्र की आपत्तियों का जवाब दिया और तर्क दिया कि एयर प्यूरीफायर पर गलत जीएसटी स्लैब के तहत टैक्स लगाया जा रहा है। वकील मदन ने कहा, नोटिफिकेशन को पढ़ने से यह साफ है कि वे एक अलग शेड्यूल के तहत आते हैं और उन पर गलत तरीके से टैक्स लगाया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि किसी भी देरी से राष्ट्रीय राजधानी में रहने वालों की परेशानी और बढ़ेगी, हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि काउंटर एफिडेविट मंगवाए बिना वह इस मामले में अंतिम निर्देश जारी नहीं कर सकता। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी।

आस्था का महासागर: सबरीमाला मंदिर में दर्शन करने पहुंचे 30 लाख से अधिक तीर्थयात्री

नई दिल्ली  सबरीमाला मंदिर में इस वर्ष दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 30 लाख को पार कर गई है जो पिछले वर्ष की तुलना में दो लाख से अधिक की कमी को दर्शाती है। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। 25 दिसंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 30,01,532 श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष (2024) 30 लाख का आंकड़ा 23 दिसंबर तक ही पार हो गया था जब 30,78,044 श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए थे। पिछले साल 25 दिसंबर तक कुल 32,49,756 श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके थे। वहीं 2023 में इस तारीख तक यह संख्या करीब 28.42 लाख थी।  हालांकि वर्ष की शुरुआत से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली लेकिन उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने 'वर्चुअल क्यू' (ऑनलाइन दर्शन) और मंदिर परिसर में जाकर दर्शन के लिए बुकिंग (स्पॉट बुकिंग) के लिए नियम कड़े कर दिए। एक दिन में सबसे अधिक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 19 नवंबर को दर्ज की गई थी जब मंदिर खुलने के चार दिन बाद 1,02,299 भक्तों ने दर्शन किये थे। सबसे कम भीड़ 12 दिसंबर को रही,जब 49,738 श्रद्धालु पहुंचे।  अधिकारियों के अनुसार छुट्टी होने के बावजूद रविवार के दिन पिछले वर्षों की तुलना में कम भीड़ रही। 21 दिसंबर, जो रविवार था, उस दिन 61,576 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अन्य दिनों में रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या 80,000 से अधिक रही। मंडला पूजा के मद्देनजर शुक्रवार और शनिवार (26 और 27 दिसंबर) को वर्चुअल क्यू के जरिए दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या घटाकर क्रमशः 30,000 और 35,000 कर दी गई है जबकि स्पॉट बुकिंग को 2,000 तक सीमित किया गया है।  ‘थंगा अंकी' जुलूस के चलते शुक्रवार सुबह से पंपा से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी नियंत्रित कर दी गई। सुबह नौ बजे तक 22,039 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। अधिकारियों ने बताया कि मंडला पूजा शनिवार को होगी। इस अवसर पर भगवान का स्वर्ण जड़ित वस्त्रों और आभूषणों से श्रृंगार किया जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10.10 बजे से 11.30 बजे के बीच है। सबरीमाला मंदिर शनिवार रात 11 बजे ‘हरिवरसनम' (भक्ति गीत) के बाद बंद हो जाएगा और 30 दिसंबर को मकरविलक्कु उत्सव के लिए फिर से खोला जाएगा। 

अटल जी को सम्मान: हरियाणा के 87 शहरी निकायों में स्थापित होंगी प्रतिमाएं, नायब सैनी ने की घोषणा

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी राजनेता बताया। उन्होंने कहा वाजपेयी का जीवन ईमानदारी, लोकतांत्रिक मूल्यों और जन केंद्रित शासन का प्रतीक रहा। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि वे अपने विचारों में जितने दृढ़ थे, उतने ही अपने मूल्यों और सिद्धांतों में भी अडिग थे। मुख्यमंत्री नायव सैनी पंचकूला में राज्यस्तरीय सुशासन दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भले ही सरकारें आती-जाती रहीं, लेकिन वाजपेयी हमेशा अपने आदशों पर अटल रहे। सुशासन दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए नायब सैनी ने कहा कि राज्य के सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में कम से कम एक सार्वजनिक स्थल का नामकरण अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किया जाएगा। उनमें अटल की प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी। ताकि उनके लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता और पारदर्शी शासन के आदर्श समाज का मार्गदर्शन करते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सभी निकायों में एक ऐसे सामुदायिक भवन, पार्क, वाचनालय, सभागार, वृद्धाश्रम या व्यावसायिक स्थल को चिन्हित कर लिया गया है और अगले 6 माह में वाजपेयी की स्मृति में इस फैसले को लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और कार्यों से नई पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए उनके नाम पर अनेक संस्थाएं भी खोली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी कहते थे कि सरकारें आएंगी जाएंगी, पार्टियां बनेंगी बिगड़ेंगी, मगर यह देश रहना चाहिए। इसी भाव के साथ सुशासन दिवस पर उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा में शासन अब आदेश नहीं, सेवा है। प्रक्रिया नहीं, – परिणाम है और सत्ता नहीं, उत्तरदायित्व है।

धर्म-आस्था का वैश्विक इतिहास: 2025 में अयोध्या और काशी में रिकॉर्डतोड़ भीड़, उत्तर प्रदेश बना विश्व विजेता

अयोध्या  साल 2025 उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के विजन के चलते आज यूपी न केवल भारत का, बल्कि पूरी दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनकर उभरा है। अयोध्या में राम मंदिर की भव्यता और काशी विश्वनाथ धाम के दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं की संख्या में वो उछाल लाया है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन थी। रिकॉर्ड तोड़ आंकड़ों ने सबको चौंकाया पर्यटन विभाग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 2025 में उत्तर प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सभी दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर दर्शनार्थियों की संख्या करोड़ों में पहुंच गई है। यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए एक नई संजीवनी साबित हो रही है। अयोध्या: दुनिया की नई आध्यात्मिक राजधानी रामलला के विराजमान होने के बाद अयोध्या की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब यहां न केवल देश के कोने-कोने से, बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। हाई-टेक रेलवे स्टेशन, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और चौड़ी सड़कों ने श्रद्धालुओं की राह आसान कर दी है। 2025 में अयोध्या में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया है कि यह शहर अब दुनिया का प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन चुका है। काशी और मथुरा का कायाकल्प काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद बनारस की गलियों में अब आस्था का नया उत्साह दिखता है। गंगा आरती से लेकर मणिकर्णिका घाट तक, हर जगह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। वहीं, मथुरा-वृंदावन में भी 'बांके बिहारी कॉरिडोर' और अन्य विकास कार्यों के चलते भक्तों का रेला लगा हुआ है। ब्रज क्षेत्र में भी पर्यटन की अपार संभावनाओं ने स्थानीय रोजगार को पंख लगा दिए हैं।   बुनियादी ढांचे का बड़ा योगदान पर्यटन में इस ऐतिहासिक वृद्धि का मुख्य कारण यूपी का आधुनिक ढांचा है। कनेक्टिविटी एक्सप्रेसवे और नए हवाई अड्डों ने यात्रा का समय आधा कर दिया है। सुविधाएं तीर्थस्थलों पर बेहतर ठहरने की व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े इंतजामों ने पर्यटकों का भरोसा जीता है। डिजिटल दर्शन ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग और दर्शन की सुगम व्यवस्था ने भीड़ प्रबंधन को आसान बनाया है। अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिली नई दिशा धार्मिक पर्यटन के इस केंद्र बनने से उत्तर प्रदेश में होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार में भारी तेजी आई है। लाखों युवाओं को गाइड, होटल मैनेजमेंट और अन्य सेवाओं में रोजगार के अवसर मिले हैं। पर्यटन अब यूपी की 'ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' के लक्ष्य को पूरा करने का सबसे बड़ा इंजन बन गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साहिबजादों की शहादत को किया नमन

सिख वीरों के बलिदान की गाथाओं को शामिल किया जायेगा शैक्षणिक पाठ्यक्रम में भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रथम गुरु गुरुनानक देव से लेकर 10वें गुरु तक सिख धर्म के सभी गुरु महाराज और उनके परिवारों ने देश की रक्षा के लिए कुर्बानियां दीं। भारतीय इतिहास में सिख वीरों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वीर बाल दिवस, 10वें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह के छोटे बेटों की असाधारण वीरता और शहादत की याद दिलाता है। साहिबजादा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत पर हर वर्ष वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की। बहुत छोटी उम्र में साहिबजादों ने अन्याय के सामने झुकने से इनकार कर दिया और धर्म व सच्चाई की रक्षा के लिए महान साहस दिखाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्चाई, हिम्मत और आत्मसम्मान सबसे बड़ी ताकत हैं। आज का दिन भारतीय युवाओं को वीरता, ईमानदारी और दृढ़ता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। सच्चाई और धर्म की रक्षा के लिए वीर साहिबजादों के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार गुरु गोविंद सिंह और सिख वीरों के बलिदान की गाथाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों की शहादत को समर्पित वीर बाल दिवस पर गुरुद्वारा हमीदिया रोड पहुंच कर माथा टेका तथा संगत को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुद्वारे में मौजूद बच्चों के साथ बैठकर कीर्तन का श्रवण किया और बच्चों को दुलार भी किया। गुरुद्वारा हमीदिया रोड के आयोजन में संपूर्ण व्यवस्थाओं का संचालन बच्चों ने किया। गुरुद्वारे में बच्चों द्वारा कीर्तन दरबार का संचालन किया गया और चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व के आयोजन के लिए राज्य सरकार द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रथम गुरु नानक देव जी की उज्जैन यात्रा और उज्जैन स्थित गुरुद्वारा इमली साहब का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख गुरुओं ने सदैव मानवता का मार्ग दिखाया है, उनके आदर्श हमारे लिए प्रेरणा के केंद्र रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "वीर बालक दिवस" पर पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचकर दशम गुरु साहिब श्री गुरु गोविंदसिंह के साहिबजादों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। संत सिपाहियों द्वारा अखाड़ा गत्तका प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि देश की आजादी में सिख वीरों ने कुर्बानियां दी हैं। वीर बाल दिवस के माध्यम से युवा पीढ़ी को धर्म और देश की रक्षा के लिए प्रेरणा मिलती है। भारत वीर साहिबजादों के बलिदान को सदैव याद रखेगा। अरेरा कॉलोनी गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष श्री पजिंदर सिंह ने ऐतिहासिक रूप से धर्म संस्कृति की रक्षा में सिख वीरों द्वारा दिए गए योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख धर्म गुरुओं ने मुगलों का मुकाबला करने के लिए सिख वीरों की फौज बनाई। गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की शुरुआत की। नामधारी सिखों ने गौमाता की रक्षा के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया। आजाद हिंद फौज की स्थापना में भी खालसा पंथ ने अहम भूमिका निभाई थी। इस अवसर पर सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष तथा वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, जिलाध्यक्ष श्री रवीन्द्र यती, वरिष्ठ समाजसेवी सुश्री नेहा बग्गा सहित समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।