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सांसद कंगना रनोट को लेकर मंडी में सियासी बवाल, युवा कांग्रेस ने चंदा अभियान चलाकर किया विरोध प्रदर्शन

मंडी हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस ने अपने 90 दिवसीय एजेंडे के तहत शनिवार को मंडी में सांसद कंगना रनोट के कथित बयानों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान युवा कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सांसद कंगना रनोट के निजी खर्चों को पूरा करने के नाम पर चंदा एकत्रित किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह प्रदर्शन युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं हिमाचल प्रदेश के सह प्रभारी ज्योतिष एचएम के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष निखिल ठाकुर और प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी भी मौजूद रहे। ज्योतिष एचएम ने बताया कि सांसद कंगना रनोट द्वारा हाल ही में दिए गए उस बयान के जवाब में यह चंदा अभियान शुरू किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सांसद के तौर पर मिलने वाले वेतन से उनके स्टाफ का खर्च भी पूरा नहीं हो पाता। कार्यक्रम के तहत युवा कांग्रेस ने मंडी शहर में रोष रैली भी निकाली। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए डीसी कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को अब तक केंद्र से कोई ठोस मदद नहीं मिली है, जिससे प्रदेश के युवाओं में भारी रोष है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनहित के मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है और योजनाओं के नाम बदलकर लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। युवा कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के हितों को नजरअंदाज करना बंद करे और आपदा प्रभावितों सहित आम जनता को तुरंत राहत प्रदान करे।

सोशल मीडिया यूजर्स सावधान! अप्रैल 2026 से आपकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखेगा ये विभाग

नई दिल्ली  1 अप्रैल 2026 से भारत में इनकम टैक्स नियमों में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नए नियमों के तहत इनकम टैक्स अधिकारियों को सिर्फ भौतिक संपत्तियों तक सीमित रहने की बजाय नागरिकों की डिजिटल गतिविधियों तक पहुंच बनाने का अधिकार मिलेगा। यह पहली बार होगा जब टैक्स अधिकारी औपचारिक रूप से डिजिटल दुनिया में भी जांच कर सकेंगे। दरअसल, यह बदलाव टैक्स चोरी रोकने और वित्तीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। अब सिर्फ कैश और ज्वेलरी नहीं, डिजिटल स्पेस भी रडार पर पहले इनकम टैक्स अधिकारियों को छापेमारी के दौरान घर, प्रॉपर्टी, नकदी, दस्तावेज और गहनों जैसी भौतिक चीजों की जांच की अनुमति थी। यह अधिकार इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 132 के तहत आता था। लेकिन नए प्रस्तावित नियमों के तहत अब अधिकारियों को वर्चुअल डिजिटल स्पेस तक पहुंच का अधिकार मिलेगा। इस डिजिटल स्पेस में शामिल होंगे: ईमेल अकाउंट, क्लाउड स्टोरेज , डिजिटल वॉलेट ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया प्रोफाइल और चैट्स, अन्य ऑनलाइन अकाउंट।  यानि Gmail, WhatsApp, Facebook और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी टैक्स जांच के दायरे में आ सकते हैं। सरकार ऐसा बदलाव क्यों कर रही है? सरकार का कहना है कि आज के समय में ज्यादातर वित्तीय लेनदेन ऑनलाइन हो चुके हैं।       बैंकिंग और निवेश     स्टॉक ट्रेडिंग     क्रिप्टो एसेट्स     ऑनलाइन खरीदारी इन सभी लेनदेन को फिजिकल जांच के जरिए पकड़ना अब प्रभावी नहीं रहा। इनकम टैक्स अधिकारियों का मानना है कि किसी व्यक्ति की पूरी वित्तीय गतिविधि डिजिटल फुटप्रिंट में छिपी होती है। डिजिटल डेटा तक पहुंच मिलने से टैक्स चोरी के मामलों को ज्यादा सटीक तरीके से पकड़ा जा सकेगा। क्या हर किसी का डेटा कभी भी चेक किया जा सकता है? सबसे बड़ा सवाल है प्राइवेसी का। सरकार ने स्पष्ट किया है कि टैक्स अधिकारी मनमाने तरीके से किसी का डिजिटल डेटा एक्सेस नहीं कर सकेंगे। जैसे पहले छापेमारी के लिए 'reason to believe' जरूरी होता था, वैसी ही शर्त अब डिजिटल अकाउंट्स पर भी लागू रहेगी। मतलब: जब तक किसी व्यक्ति के खिलाफ आय या वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी का ठोस आधार नहीं होगा, तब तक ईमेल, सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल अकाउंट्स को एक्सेस नहीं किया जा सकेगा। टैक्सपेयर्स के लिए इसका क्या मतलब है?     टैक्स से जुड़ी पारदर्शिता बढ़ेगी।     लोगों को अपनी डिजिटल गतिविधियों में सावधानी बरतनी होगी।     अगर आपकी इनकम और लेनदेन साफ-सुथरे और सही तरीके से घोषित हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं।  

सुनील गावस्कर के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा, दिल्ली हाईकोर्ट ने विवादित कंटेंट हटाने को कहा

नई दिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर की पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की रक्षा के लिए एक अंतरिम रोक लगाई और सोशल मीडिया माध्यमों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को उनकी अनुमति के बिना उनके नाम और तस्वीर के इस्तेमाल वाले कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया। जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की सिंगल-जज बेंच ने मेटा और एक्स कॉर्प समेत प्लेटफॉर्म्स को यह आदेश दिया कि गावस्कर के बारे में गलत बयान वाले यूआरएल 72 घंटे के अंदर हटा दिए जाएं। दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ किया कि अगर उपभोक्ता तय समय के अंदर उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाने में असफल रहते हैं, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट तक एक्सेस को बंद करना होगा। जस्टिस अरोड़ा ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को गावस्कर के नाम पर बिना अनुमति के बेचे जा रहे उत्पादों की सूची हटाने का भी निर्देश दिया, और कहा कि अगर विक्रेता 72 घंटे के अंदर उल्लंघन करने वाले उत्पाद हटाने में फेल हो जाते हैं, तो प्लेटफॉर्म्स उन्हें डीलिस्ट कर देंगे। यह अंतरिम राहत गावस्कर को उस केस में मिली जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया और ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर बिना उनकी इजाजत के उनसे जुड़ी चीजों के खिलाफ इस्तेमाल के खिलाफ अपनी पर्सनैलिटी के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की थी। पूर्व क्रिकेटर ने आरोप लगाया कि कई सोशल मीडिया पेज उनके नाम से मनगढ़ंत बातें बता रहे थे, जबकि कई ऑनलाइन विक्रेता उनसे गलत तरीके से जुड़े नकली ऑटोग्राफ वाले आइटम और दूसरा सामान बेच रहे थे। पहले की सुनवाई में, जस्टिस अरोड़ा ने गावस्कर से गूगल, मेटा और एक्स को गलत यूआरएल देने को कहा था, साथ ही इंटरमीडियरी को एक हफ्ते के अंदर सूचना तकनीक नियम, 2021 के तहत उनके अनुरोध पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। गावस्कर का मामला उन हाई-प्रोफाइल पर्सनैलिटी की बढ़ती सूची में शामिल हो गया है जो दिल्ली हाई कोर्ट के सामने अपनी पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी के अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने गावस्कर के केस की अगली सुनवाई 22 मई, 2026 को तय की है।

भोपाल के कोलार में बड़ी स्वास्थ्य सौगात, CHC में बच्चों को चौबीसों घंटे इलाज और इनडोर सुविधा

भोपाल कोलार और आसपास के रहवासियों को अब बीमार बच्चों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलार में बच्चों के लिए 24 घंटे उपचार और भर्ती की सुविधा शुरू की जाएगी। यह निर्देश सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने मंगलवार को अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान दिए। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की मानिटरिंग के निर्देश डॉ. शर्मा ने प्रसूति वार्ड, ओपीडी, पोषण पुनर्वास केंद्र और न्यूबार्न स्टेबलाइजेशन यूनिट का जायजा लिया। उन्होंने संस्था प्रभारी को स्पष्ट किया कि अस्पताल में अब शिशु रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो चुकी है। इसलिए केवल डे-केयर (दिन में इलाज) तक सीमित न रहें, बल्कि जरूरत पड़ने पर बच्चों को वार्ड में भर्ती कर इलाज करें। उन्होंने निर्देश दिए कि केवल अति गंभीर स्थिति में ही बच्चों को हमीदिया या अन्य उच्च संस्थानों में रेफर किया जाए।   गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने भर्ती प्रसूता महिलाओं से भोजन और इलाज का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क (उच्च जोखिम) वाली गर्भवती महिलाओं की संभावित डिलीवरी डेट से पहले पूरी जांच की जाए, ताकि समय रहते जटिलताओं को रोका जा सके। हाल ही में पकड़ में आए अटेंडेंस फर्जीवाड़े के बाद सीएमएचओ ने कोलार अस्पताल के स्टाफ की बैठक में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक कहा कि डाक्टर से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ तक, सभी को ओपीडी समय पर आना होगा। उपस्थिति केवल 'सार्थक ऐप' के जरिए ही मान्य होगी और उसी आधार पर वेतन आहरित किया जाएगा। साथ ही मरीजों और परिजनों से व्यवहार में शालीनता बरतने की हिदायत दी गई। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।  

डिजिटल सिस्टम से धोखा: ‘सार्थक’ एप में चेहरे बदलकर हाजिरी, 600 किमी दूर बैठे डॉक्टरों पर कार्रवाई

भोपाल राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। मरीजों के इलाज के लिए तैनात धरती के भगवान ही अब तकनीक को चकमा देकर घर बैठे वेतन पाने की जुगत में लगे हैं। मामला गौतम नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का है, जहां तैनात चिकित्सक 'सार्थक एप' के जरिए सैकड़ों किलोमीटर दूर से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे थे। कारण बताओ नोटिस जारी सीएमएचओ कार्यालय द्वारा की गई एप की नियमित समीक्षा में यह गड़बड़ी पकड़ में आई। जांच में पाया गया कि डॉक्टर न केवल कार्यस्थल से नदारद थे, बल्कि तकनीक से छेड़छाड़ कर विभाग को गुमराह भी कर रहे थे। इस गंभीर लापरवाही पर सीएमएचओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।   लोकेशन 600 किमी दूर, फोटो में चेहरे बदले समीक्षा रिपोर्ट में दो बड़े मामले उजागर हुए हैं। पहला मामला मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, गौतम नगर का है। जहां पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव सिंह ने कार्यस्थल से 500 से 600 किलोमीटर की दूरी से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इतना ही नहीं उनकी नियमित अटेंडेंस भी क्लीनिक से करीब 11 किलोमीटर दूर से लगाई जा रही थी। दूसरा मामला मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, बाग मुगालिया का है जहां चिकित्सक डॉ. मिन्हाज के मामले में एप से छेड़छाड़ की बात सामने आई है। उनकी अटेंडेंस में अलग-अलग लोगों के चेहरे दिखाई दे रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से 'प्राक्सी अटेंडेंस' या तकनीकी हेराफेरी को दर्शाता है।   मरीजों की जान से खिलवाड़ इन चिकित्सकों की अनुपस्थिति का सीधा असर क्लीनिक आने वाले मरीजों पर पड़ रहा था। डॉक्टर के न मिलने से इलाज की प्राथमिकता प्रभावित हो रही थी। विभाग ने इसे शासकीय दायित्वों के विपरीत और अवैधानिक कृत्य माना है। यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो इन चिकित्सकों के खिलाफ निलंबन जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया भगवान महाकाल का अभिषेक

भोपाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंगलवार को प्रात:काल महाकाल मंदिर पहुंचकर महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। महाकाल की पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की जनता की सुख समृद्धि की कामना की। महाकाल मंदिर समिति की ओर से श्री नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का शॉल, श्रीफल, प्रसाद भेंट कर स्वागत अभिनंदन किया गया। बाबा महाकाल के दर्शन के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल अन्न क्षेत्र में भक्तजनों को प्रसाद वितरण कर स्वयं भी प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के प्रभारी श्री महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। 

प्रधानमंत्री मोदी से मिले नीरज चोपड़ा, खेल और आने वाले लक्ष्यों को लेकर साझा किया विजन

नई दिल्ली दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस खास मुलाकात में नीरज के साथ उनकी पत्नी हिमानी मोर भी मौजूद रहीं। बातचीत के दौरान खेल और उससे जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई खास मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि 7 लोक कल्याण मार्ग पर नीरज चोपड़ा और उनकी पत्नी हिमानी मोर से मुलाकात हुई, जहां खेल समेत कई विषयों पर सार्थक बातचीत हुई। निजी जीवन में नई शुरुआत नीरज चोपड़ा ने इस साल की शुरुआत में पूर्व टेनिस खिलाड़ी हिमानी मोर से निजी समारोह में विवाह किया था। फिलहाल नीरज किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रहे हैं और आगामी सत्र की तैयारी पर ध्यान दे रहे हैं। मिला-जुला रहा नीरज का साल 2025 का साल नीरज चोपड़ा के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा। उन्होंने दोहा डायमंड लीग में पहली बार 90 मीटर से ज्यादा भाला फेंककर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। हालांकि फिटनेस समस्याओं के कारण वह विश्व चैंपियनशिप में अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके और आठवें स्थान पर रहे। कोच बदला, भविष्य पर नजर सत्र की शुरुआत में नीरज ने चेक गणराज्य के दिग्गज जान जेलेजनी को अपना नया कोच नियुक्त किया। जेलेजनी तीन ओलंपिक स्वर्ण पदकों के विजेता हैं और उनके नाम 98.48 मीटर का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है। नीरज ने बेंगलुरु में अपने नाम से आयोजित भाला फेंक प्रतियोगिता की मेजबानी की और खिताब भी जीता।  

एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाई बीजेपी, विधानसभा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आरोप

चंडीगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि विधानसभा के हालिया सत्र के दौरान भाजपा सरकार का रवैया पूरी तरह से जन-विरोधी और जनहित के मुद्दों से भागने वाला रहा। पूरे सत्र में सरकार ने विपक्ष के सवालों, प्रस्तावों और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस ने चंडीगढ़ के स्टेटस, अरावली में खनन, किसानों की समस्याएं, बेरोजगार युवाओं, भर्ती घोटालों, एमएसपी, धान घोटाला, मनरेगा, भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, खिलाड़ियों की मौतें, एसवाईएल जल विवाद और भाजपा नेताओं की हेट स्पीच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए विभिन्न प्रस्ताव दिए थे। लेकिन विधानसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि कांग्रेस का एक भी स्थगन प्रस्ताव, कार्य स्थगन प्रस्ताव या अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वोट चोरी जैसे गंभीर खुलासे के बाद बीजेपी के भीतर छटपटाहट साफ नजर आ रही है। इसीलिए विधानसभा में जानबूझकर इस मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी चुनाव सुधार पर चर्चा का प्रस्ताव लेकर आई। जबकि यह विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में ही नहीं आता। इसीलिए कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया। कांग्रेस वोट चोरी पर चर्चा के लिए अगले सत्र में विशेष प्रस्ताव लेकर आएगी। हुड्डा अपने आवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान हमने खेलों और खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान दिया। हमारी स्पोर्ट्स पॉलिसी की वजह से हरियाणा का नाम पूरे देश में चमका था, लेकिन मौजूदा सरकार ने उसे बर्बाद कर दिया। कांग्रेस ने 300 से अधिक स्टेडियम बनाए थे, लेकिन अब उनकी दुर्दशा हो रही है। प्रदेश के दो होनहार युवा खिलाड़ी हार्दिक और अमन की असमय मौत हुई, जो कि सरकारी लापरवाही का नतीजा थी। हम इस पर चर्चा के लिए प्रस्ताव लाए, लेकिन सरकार जवाब देना तक उचित नहीं समझा। अरावली के लिए कांग्रेस ने अल्पकालिक चर्चा का प्रस्ताव दिया, लेकिन इससे भी सरकार भाग गई। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में साफ है कि अरावली का विनाश हरियाणा पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालेगा। इससे प्रदूषण फैलेगा और हरियाणा के 'फेफड़ों' की तरह काम करने वाली यह पहाड़ियां नष्ट हो जाएंगी। इसपर हरियाणा सरकार का स्टैंड क्या है? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने इसे क्यों नहीं बचाया और अब रिव्यू पिटीशन क्यों नहीं दाखिल कर रही? सरकार ने इसका भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसी तरह, कांग्रेस के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव जलभराव, बढ़ते प्रदूषण, धान घोटाला और मनरेगा पर थे। मनरेगा की स्थिति इतनी खराब है कि 8 लाख लोग पंजीकृत हैं, लेकिन कुल 100 दिनों का रोजगार सिर्फ 2,100 लोगों को ही मिला। पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड देखें तो मनरेगा नियम के तहत मजदूरों को जो मुआवजा देना होता है, लेकिन एक भी व्यक्ति को मुआवजा नहीं दिया गया। नशे से होने वाली मौतें हरियाणा में पंजाब से भी ज्यादा हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर हमारे सभी साथियों ने पूरी तैयारी की थी, लेकिन चर्चा ही नहीं हुई। भाजपा मंत्रियों और विधायकों की हेट स्पीच पर भी कोई जवाब नहीं आया। कांग्रेस ने सरकार को चंडीगढ़ का स्टेटस स्पष्ट करने को कहा। क्योंकि रोज अखबारों में पढ़ने को मिलता है कि चंडीगढ़ का स्टेटस बदल रहा है। कांग्रेस ने मांग करी कि स्पष्ट करो – चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है या नहीं? पिछले स्पीकर ने कहा था कि हमने फैसला कर लिया है, अलग जमीन लेकर विधानसभा बनाई जाएगी। लेकिन अब खबर आई है कि गृह मंत्रालय ने इससे इंकार कर दिया है। अगर चंडीगढ़ हरियाणा की राजधानी है, तो हमारी जमीन लेने से कौन रोक सकता है? हुड्डा ने कहा किएसवाईएल के मामले में भी हरियाणा सरकार का स्टैंड स्पष्ट होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट का आदेश 2002 में आया था, जो फाइनल हो चुका है। पंजाब ने एग्रीमेंट टर्मिनेट किया, तो 2004 में हमने (जब मैं सांसद था) राष्ट्रपति रेफरेंस करवाया। 2016 में फैसला आया। उसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें मैं भी था। बैठक में फैसला हुआ कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने पीएम से मिलवाने जिम्मेवारी ली थी, लेकिन आज तक प्रधानमंत्री से मुलाकात नहीं हुई। सरकार ने सदन में वंदे मातरम पर चर्चा की। हमने पूछा कि इसका मकसद क्या है? वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत है, जिसे संविधान सभा ने 1950 में अपनाया। क्या आप इसे बदल सकते हैं? इसी तरह, इलेक्टोरल रिफॉर्म्स का मुद्दा उठाया, जो हरियाणा विधानसभा के डोमेन में ही नहीं है। संसद, विधानसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव इलेक्शन कमीशन की संवैधानिक बॉडी के अधीन हैं, यहां इसपर चर्चा हो ही नहीं सकती। यह सब बीजेपी अपनी विफलताएं छिपाने के लिए कर रही है। क्योंकि वो हरियाणा के हितों की रक्षा नहीं कर पा रही और अब कह रही हैं कि एसआईआर पर चर्चा को तैयार हैं। हमने कभी एसआईआर का विरोध नहीं किया, लेकिन हम रिफॉर्म चाहते हैं। जैसे कि चुनाव बैलेट पेपर पर हों या वीवीपैट की पर्ची वोटर को दी जाए, ताकि पता चले वोट कहां गई। ईवीएम से वीवीपैट तक रिफॉर्म होने चाहिए। हुड्डा ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में हरियाणा 18 राज्यों में 14वें नंबर पर है। स्टेट वाइज डेब्ट इंडेक्स में 18 में से 15वें स्थान पर। ब्याज भुगतान राजस्व प्राप्तियों का 23% है। कैपिटल एक्सपेंडिचर 2018-19 में 16.4% से घटकर 2022-23 में 9.7% रह गया। 

‘किस्मत की चाबी’ ने मचाया सुरों का जादू, उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया राहु केतु के नए गाने का भव्य लॉन्च

उज्जैन राहु केतु के मेकर्स ने अपना नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ रिलीज़ कर दिया है और ये अब सभी प्लेटफॉर्म्स पर धूम मचा रहा है। पॉप स्टार राजा कुमारी और अभिनव शेखर की आवाज़ में, और संगीत व बोल भी अभिनव शेखर के है, ये ट्रैक जबरदस्त एनर्जी, जोश और दमदार सोशल मैसेज का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है, जहां संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सोच बदलने का जरिया बनता है। ये गाना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में लॉन्च किया गया, और सीधे जुड़ता है राज्य के नशा मुक्ति अभियान से, जो समाज, परिवार और युवाओं पर नशे के असर से लड़ने का मिशन है।  ‘किस्मत की चाबी’ इस सोच को ताकत देता है कि जागरूकता, सही समय पर कदम और मिलकर जिम्मेदारी निभाने से सच में बदलाव आ सकता है। पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे पर फिल्माया गया ये गाना राहु केतु की कहानी से एकदम घुलमिल जाता है, और एडिक्शन जैसे गंभीर मुद्दे को भावुक, समझने लायक और रिलेट करने जैसा बनाता है। ये गाना याद दिलाता है कि बदलाव की शुरुआत सोच से होती है और सही सपोर्ट, समझ और हौसला सब कुछ बदल सकता है। विपुल गर्ग द्वारा निर्देशित और ज़ी स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत ‘राहु केतु’ ज़ी स्टूडियोज और बीलाइव प्रोडक्शंस की फिल्म है, जो किस्मतों की टक्कर, ग्रहों की गड़बड़ी और मस्तीभरे हाहाकार के बीच जबरदस्त एंटरटेनमेंट का वादा करती है। राहु केतु 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

संघर्ष से सफलता तक: कुरुक्षेत्र के युवक ने दूसरे अटेम्प्ट में पाई AIR-6, राजस्थान न्याय सेवा में चयन

कुरुक्षेत्र हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि यहां के होनहार युवा भारत जांगड़ा ने राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर जज बनने का सपना साकार किया है। भारत जांगड़ा ने अपने दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया छठी रैंक प्राप्त कर न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। भारत जांगड़ा ने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई की, जहां उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा की तैयारी शुरू की। पहले अटेम्प्ट में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी रणनीति को और मजबूत किया। वे रोजाना 10 से 12 घंटे तक नियमित अध्ययन करते रहे, जिसका नतीजा दूसरे प्रयास में सफलता के रूप में सामने आया। भारत के पिता सोहन लाल जांगड़ा ने बताया कि भारत बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहा है। पढ़ाई के प्रति उसका लगाव इस कदर था कि उसे सोने के लिए भी टोकना पड़ता था। उन्होंने बताया कि वे जेल विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है। माता ममता जांगड़ा गृहिणी हैं। भारत जांगड़ा ने अपनी सफलता का श्रेय पूरे परिवार को दिया है। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में असफल होने के बाद वे काफी निराश हो गए थे, लेकिन दादा के भाई श्याम लाल जांगड़ा ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दोबारा प्रयास करने की सलाह दी, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है। भारत के दादा कंज्यूमर कोर्ट में सेवाएं दे चुके हैं, जबकि उनके चाचा गौरव जांगड़ा पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। भारत ने बताया कि बचपन में वे अपने दादा से अदालत में आने वाले लोगों के दुख-दर्द की कहानियां सुनते थे। तभी उनके मन में न्याय सेवा में जाने का संकल्प पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी और खुद को पूरी तरह पढ़ाई में झोंक दिया। भारत जांगड़ा ने कुरुक्षेत्र के एक संस्थागत स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। वे पहली कक्षा से ही मेधावी रहे और 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। चयन के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। जल्द ही भारत जांगड़ा राजस्थान के जोधपुर में प्रशिक्षण के लिए रवाना होंगे।