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हरियाणा के छात्रों को राहत: 15 दिन का विंटर वेकेशन, 1 जनवरी से स्कूल रहेंगे बंद

अम्बाला  हरियाणा में कड़ाके की ठंड के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। Directorate School Education Haryana ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, एक जनवरी 2026 से पंद्रह जनवरी 2026 तक सभी विद्यालय बंद रहेंगे। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि सोलह जनवरी 2026 (शुक्रवार) से स्कूल पूर्व की भांति दोबारा खुलेंगे और नियमित कक्षाएं शुरू होंगी। इस आदेश को जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और सभी स्कूल मुखियाओं को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। क्या पूरी तरह बंद रहेंगे स्कूल निदेशालय ने यह भी साफ किया है कि शीतकालीन अवकाश के दौरान सीबीएसई, आईसीएसई सहित अन्य बोर्डों के नियमों के अनुसार दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए विद्यालय बुलाया जा सकता है। क्यों लिया गया फैसला शिक्षा विभाग के अनुसार, यह निर्णय लगातार गिरते तापमान और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि ठंड के मौसम में छात्रों के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।

AUS को डबल झटका! पैट कमिंस के लिए एशेज खत्म, T20 वर्ल्ड कप खेलना भी अनिश्चित

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया की टीम के कप्तान पैट कमिंस के लिए एशेज सीरीज 2025-26 समाप्त हो गई है। पहले दो टेस्ट मैचों में वे उपलब्ध नहीं थे, लेकिन तीसरे टेस्ट मैच में वे खेले। तीनों टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने जीतकर सीरीज पर कब्जा कर लिया है, लेकिन अब खबर है कि पैट कमिंस बाकी के दो मैचों में नहीं खेलेंगे। चौथे टेस्ट मैच से वे पहले ही बाहर कर दिए गए हैं। इसके पीछे का कारण उनकी चोट है, जिससे वे उबर गए हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म हेल्थ को देखते हुए उन्हें फिलहाल के लिए टेस्ट टीम से दूर रखा जा रहा है। हालांकि, एक खबर ऑस्ट्रेलिया के लिए 440 वोल्ट के करंट जैसी है, क्योंकि वे टी20 वर्ल्ड कप 2026 से भी बाहर हो सकते हैं।   दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप 2026 फरवरी-मार्च में भारत और श्रीलंका में होना है, लेकिन ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट की मानें तो ऑस्ट्रेलिया की टीम के सिलेक्टर और मेडिकल स्टाफ उनको इस मेगा इवेंट से दूर रहने की सलाह दे सकता है। बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम का ऐलान हो गया है, जिसमें पैट कमिंस नहीं हैं। हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने सिलेक्शन के कुछ घंटे बाद कहा कि कमिंस की सीरीज एक मैच के बाद खत्म हो गई, जिससे एशेज जीतने में मदद मिली। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल के बाद वेस्टइंडीज टूर पर पैट कमिंस को लम्बर स्ट्रेस रिएक्शन का पता चला था, लेकिन एक एग्रेसिव रिहैब प्रोग्राम के बाद उन्होंने एडिलेड में शानदार बॉलिंग की, जहां उन्होंने छह विकेट लिए और ऑस्ट्रेलिया को कप्तानी करते हुए 82 रन से जीत दिलाई। अब चौथे टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलिया के कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा, "वह ठीक हो गया है। वह बाकी सीरीज में कोई रोल नहीं निभाएगा और उसकी वापसी को लेकर हमने काफी समय से इस पर बात की थी।" उन्होंने आगे बताया, "हम कुछ रिस्क ले रहे थे और जिन लोगों ने उस पर रिपोर्ट किया था, वे उस रिबिल्ड से जुड़े रिस्क को समझेंगे। अब हम सीरीज जीत चुके हैं और यही हमारा गोल था। इसलिए, उसे और रिस्क में डालना और लंबे समय के लिए उसे खतरे में डालना कुछ ऐसा नहीं है जो हम करना चाहते हैं और पैट इसके साथ सच में कम्फर्टेबल है।" मैकडोनाल्ड ने आगे टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पैट कमिंस की भागेदारी को लेकर कहा कि यह मंगलवार को दूसरे सिलेक्टर्स के साथ बातचीत के बाद फैसला लिया जाएगा। नहीं खेले एक भी T20I मैच कमिंस ने 2024 के बीच में कैरिबियन और USA में हुए पिछले टी20 वर्ल्ड कप के बाद से ऑस्ट्रेलिया के लिए कोई T20I नहीं खेला है। भारत और श्रीलंका में होने वाले अगले एडिशन के तुरंत बाद IPL 2026 शुरू होगा, जहां कमिंस सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी करेंगे। ऐसे में कमिंस के T20 वर्ल्ड कप के चांस के बारे में मैकडोनाल्ड ने कहा, "यह एक असेसमेंट होगा। मुझे लगता है कि किसी समय उनका चेक-इन स्कैन होगा और उनकी पीठ की स्थिति के बारे में और जानकारी इकट्ठा की जाएगी। वर्ल्ड कप का इंतजार है, कि वह वहां होंगे या नहीं। मैं सच में नहीं कह सकता। अभी यह काफी धुंधला है। हमें उम्मीद है।"  

राजनीति के गलियारों में हलचल: यूपी विधानसभा में एक लिफ्ट में दिखे केशव मौर्य–शिवपाल यादव

लखनऊ  यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन के बाहर एक दिलचस्प सियासी संयोग देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल यादव एक ही लिफ्ट में साथ जाते नजर आए, जिसका वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है। इससे पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने सोमवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को विधानसभा में वंदेमातरम् पर विशेष चर्चा के दौरान कहा कि हम एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना से काम कर रहे हैं। वंदेमातरम् आजादी के आंदोलन का महामंत्र है। देश के दुश्मनों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो, आपरेशन सिंदूर हो, यही वंदेमातरम है। सपा सदस्यों की ओर इशारा करते हुए कहा कि ये जो विरोधी हैं, इनकी भी स्थिति एक ही गाड़ी में बैठकर जाने वाली हो जाएगी। वंदेमातरम विकसित भारत-विकसित यूपी का मंत्र विधानसभा में विशेष चर्चा में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वह देश की आजादी के आंदोलन में भाग लेने वाले महान क्रांतिकारियों को नमन करते हैं। जिन्होंने फांसी के फंदे को चूम लिया, उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग भारत माता की जय बोलते हैं, आजम का नाम लिए बिना बोले की एक सदस्य क्या बोलते थे, जो आज जेल में हैं। वंदेमातरम् सन्यासी विद्रोह की आग है, वंदेमातरम् भारत की शास्वत चेतना है, अंग्रेजों की पराधीनता से भारत को मुक्ति दिलाने का महामंत्र रहा है। वंदेमातरम् विकसित भारत- विकसित उत्तर प्रदेश का मंत्र होने वाला है। वंदेमातरम् का मतलब है, भारतमाता की जय। नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए, बिना भेदभाव सबका साथ- सबका विकास, हो रहा, यही वंदेमातरम् है। वंदे मातरम केवल गीत नहीं स्वतंत्रता का जयघोष है: शिवपाल वहीं सपा के वरिष्ठ विधायक शिवपाल यादव ने विधानसभा में संबोधन के दौरान वंदे मातरम् को लेकर कहा कि वह उस पवित्र उद्घोष को नमन करते हैं, जो केवल एक गीत नहीं बल्कि स्वतंत्रता का जयघोष है। शिवपाल यादव ने कहा कि वंदे मातरम् को बंकिमचंद्र ने अपने उपन्यास आनंद मठ में स्थान दिया था। उस दौर में जब बोलना भी विद्रोह माना जाता था, तब यह गीत आज़ादी का मशाल बनकर उभरा। उन्होंने कहा कि इस गीत में पूरे देश की आत्मा निहित है और इसे समग्र रूप से देखा जाना चाहिए। यदि वंदे मातरम् को किसी संप्रदाय विशेष के रूप में देखा जाएगा, तो यह उसकी महिमा का अपमान होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि कोई सच में वंदे मातरम को मानता है, तो उसे समाज में समान व्यवहार भी अपनाना चाहिए। शिवपाल यादव ने सदन में विभाजनकारी बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब तक विधानसभा में इस तरह की बातें होंगी, वह उनका विरोध करते रहेंगे।

शिवराज चौहान के काफिले में सुरक्षा लापरवाही, केंद्रीय मंत्री के आगे सड़क पर युवक बैठा

 खातेगांव  मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। उनके काफिले में एक युवक के घुसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। किसानों की समस्या को लेकर मंत्री से बात दरअसल सोमवार को शिवराज सिंह चौहान खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता रोहित बंडावाला अचानक शिवराज सिंह के काफिले के सामने आ गए और कार से उतरकर उनकी गाड़ी के सामने सड़क पर बैठ गए। ब्लैक शर्ट पहने और चश्मा लगाए रोहित बंडावाला किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज से बात करना चाहते थे। घटना के बाद युवक ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि पिछले दिनों ही शिवराज चौहान के भोपाल और दिल्ली स्थित बंगले की सुरक्षा बढ़ाई गई थी, इसके बाद इस तरह काफिले तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।अब इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में चूक हुई है? घटना के बाद रोहित बंडावाला ने सोशल मीडिया पर अपनी बात लिखी है। 

रीवा-सतना में दृश्यता सिर्फ 50 मीटर, घने कोहरे और ठंड से बढ़ी यात्रा कठिनाई

भोपाल मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार सुबह रीवा और सतना में हालात इतने खराब रहे कि ‘ब्लाइंड मॉर्निंग’ जैसी स्थिति बन गई।  प्रदेश के कुछ जिलों में इन दिनों न्यूनतम तापमान में हल्की उछाल देखी जा रही है. इसमें मुख्य रूप से भोपाल संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. पिछले 24 घंटे की बात की जाए तो नरसिंहपुर जिले में शीतल दिन देखा गया. वहीं रीवा, सतना, छतरपुर और दतिया जैसे जिलों में शीतल दिन रहा. नर्मदापुरम के पचमढ़ी हिल स्टेशन में न्यूनतम तापमान सबसे कम 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस दौरान अधिकतम तापमान अपने निचले स्तर पर रिकॉर्ड हुआ. आगर-मालवा में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 13.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. बड़े जिलों की न्यूनतम तापमान की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. इसके अलावा जबलपुर में 9 डिग्री और ग्वालियर में 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और रीवा संभाग के जिलों में घने कोहरे और ठंड का अलर्ट है. कोहरे की वजह से मालवा एक्सप्रेस करीब 4 घंटे देरी से चली, जबकि शताब्दी, सचखंड, पंजाब मेल और झेलम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों पर भी असर देखा गया। रीवा और सतना के अलावा दमोह, खजुराहो, नौगांव, ग्वालियर, मुरैना और सीधी में भी सुबह घना कोहरा छाया रहा। इन जिलों में विजिबिलिटी 50 मीटर से 1 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं भोपाल, दतिया, इंदौर, राजगढ़, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, गुना, रायसेन, शिवपुरी, सागर, शाजापुर, भिंड और धार में भी कोहरे का असर देखा गया। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, वर्तमान समय में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में पश्चिम क्षेत्र में बना हुआ है. साथ ही सब ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम हवाएं उत्तर भारत के राज्यों में चल रही है. प्रदेश के उत्तर पूर्वी जिलों में ठंड के साह ही मध्यम से घने कोहरे और कड़ाके की ठंड की संभावना बनी हुई है. इसमें मुख्य रूप से ग्वालियर, रीवा और शहडोल संभाग के जिले शामिल है. इन जिलों में कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में मध्यम कोहरे का अलर्ट जारी किया है. इसमें मुख्य रूप से भिंड, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और मैहर में मध्यम कोहरे की चेतावनी जारी है. इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा, पारा 5 डिग्री से नीचे इससे पहले रविवार-सोमवार की रात में कई शहरों में पारे में गिरावट का दौर बना रहा। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल-इंदौर में 8.8 डिग्री, ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री रहा। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री पहुंच गया। रीवा में 5.6 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 5.9 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, बैतूल में 7.5 डिग्री, नौगांव में 7.6 डिग्री, खंडवा-सतना में 8 डिग्री, मंडला में 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन-उमरिया में 8.4 डिग्री, दमोह में 8.5 डिग्री, रायसेन में 8.8 डिग्री, सागर में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और दतिया में पारा 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। MP में इतना रहा तापमान… नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। दूसरी ओर, दिसंबर में इंदौर में पारा सबसे कम रहा। भोपाल में भी यह 5 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए दिसंबर में कैसी रहती है ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही हो रहा है। शुरुआत से अब तक कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर चुके हैं। इस वजह से एमपी में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का असर है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी     ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। कोहरे का असर भी इन जिलों में ज्यादा देखा जा रहा है। सागर और रीवा संभाग भी प्रभावित है।     भोपाल संभाग के सीहोर, रायसेन, राजगढ़ और विदिशा में ठंड का जोर है। राजगढ़ में पारा 4 डिग्री तक पहुंच चुका है।     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड है।     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस जिले का तापमान सबसे कम न्यूनतम तापमान: पचमढ़ी (नर्मदापुरम) – 4.6°C (सबसे कम), रीवा – 5.6°C, कल्याणपुर (शहडोल) – 5.9°C, राजगढ़/खजुराहो (छतरपुर) – 7°C, चित्रकूट (सतना) – 7.1°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान उज्जैन – 11.4°C ग्वालियर – 11.3°C जबलपुर – 9°C भोपाल – 8.8°C इंदौर – 8.8°C  

स्मार्टफोन बंद, कीपैड फोन ही इस्तेमाल कर सकेंगी महिलाएं: जालोर पंचायत की नई नीति

 जालोर राजस्थान के जालोर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ग्राम पंचायत ने महिलाओं और लड़कियों के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। 26 जनवरी से प्रभावी होने वाले इस फैसले के तहत, 15 गांवों की बहुएं और लड़कियां अब कैमरा वाले यानी स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी। सिर्फ कीपैड फोन चलाने की होगी इजाजत रविवार को जालोर के गाजीपुर गांव में चौधरी समुदाय की एक बड़ी बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता सुजनाराम चौधरी ने की। इस पंचायत में फैसला लिया गया कि गांव की बहुओं और लड़कियों को अब केवल साधारण कीपैड वाले फोन का ही उपयोग करने की अनुमति होगी। इतना ही नहीं, उन्हें किसी भी शादी-ब्याह, सामाजिक कार्यक्रम या पड़ोस के घर में भी मोबाइल ले जाने की मनाही होगी। पढ़ाई के लिए भी लागू रहेंगे सख्त नियम पंचायत ने स्कूली छात्राओं के लिए भी नियम तय किए हैं। जो लड़कियां पढ़ाई के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करती हैं, उन्हें केवल घर पर ही फोन इस्तेमाल करने की छूट होगी। स्कूल जाने वाली लड़कियां किसी भी बाहरी कार्यक्रम या पड़ोसी के घर में मोबाइल फोन साथ नहीं ले जा पाएंगी। पंच हिम्मतराम ने इस फैसले की सार्वजनिक घोषणा की है। आंखों की रोशनी और बच्चों का दिया हवाला जब पंचायत के इस फैसले पर विरोध की बात उठी, तो सुजनाराम चौधरी ने अजीब तर्क दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि बच्चे अक्सर घर की महिलाओं का फोन इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी आंखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने तर्क दिया कि महिलाएं काम के चक्कर में बच्चों का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें मोबाइल दे देती हैं, जो गलत है। 15 गांवों पर लागू होगा यह फैसला यह पाबंदी किसी एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि 14 पट्टियों (उप-मंडलों) के अंतर्गत आने वाले 15 गांवों पर इसे लागू करने की तैयारी है। आगामी गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से समुदाय की सभी महिलाओं और बेटियों को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

सर्दियों की छुट्टियों का शेड्यूल जारी, राज्यों के स्कूलों में छुट्टियों की लिस्ट देखें

नई दिल्ली कड़कती ठंड की शुरुआत के साथ ही बच्चों को स्कूल भेजना किसी बड़े टास्क से कम नहीं होता है. उत्तर भारत में तो सर्दी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू भी कर दिया है. तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है. दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है. बढ़ते AQI से खतरा मंडरा रहा है और सर्द हवाएं भी घर से निकलना मुश्किल कर रही हैं. ऐसे में बच्चों समेत अभिभावक और शिक्षकों को स्कूल की छुट्टी का इंतजार है जो बस अब खत्म होने जा रहा है. देश के अलग-अलग राज्यों में स्कूल की छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है. आइए लिस्ट के जरिए जानते हैं कि किस राज्य में कब से सर्दियों की छुट्टियां होंगी? सर्दियों की छुट्टी से सिर्फ छात्रों की मौज नहीं सर्दियों की छुट्टी का मतलब ये नहीं है कि सिर्फ स्कूल के बच्चों के लिए है बल्कि अभिभावक और शिक्षकों के लिए भी एक ब्रेक टाइम होता है. बच्चों के साथ समय बिताने के लिए माता-पिता को भी टाइम मिलता है और हॉलिडे ट्रिप प्लान कर सकते हैं. जबकि, शिक्षकों के लिए भी एक रेस्ट टाइम होता है जो सर्दियों की छुट्टी में अपना समय आराम के साथ गुजार सकते हैं. भारत में कब से है स्कूलों में सर्दियों की छुट्टी? आमतौर पर हर साल दिसंबर के आखिरी सप्ताह से लेकर जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह तक सर्दियों की छुट्टी रहती है. लगभग 10 से 15 दिनों के लिए स्कूलों को बंद किया जाता है. सर्दियों से बच्चों की सुरक्षा के लिए उत्तरी भारत में स्कूलों की छुट्टी का लगभग सभी राज्यों द्वारा ऐलान कर दिया गया है. राज्यवार सर्दियों की छुट्टियों की तारीखों की लिस्ट उत्तर प्रदेश:– 20 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक पंजाब:- 22 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक मध्य प्रदेश:- 23 दिसंबर 2025 से छुट्टियों की आखिरी तारीख हर जिले में तारीख अलग-अलग हो सकती है. ओडिशा:- 23 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक हिमाचल प्रदेश:- 31 दिसंबर 2025 से छुट्टियों की आखिरी तारीख सभी जिलों में अलग-अलग हो सकती है. दिल्ली:– 1 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक हरियाणा:- 1 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक जम्मू-कश्मीर:- 22 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक देश के सभी केंद्रीय विद्यालयों में सर्दियों की छुट्टियां 23 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक रहेगी। स्कूलों में सर्दियों की लास्ट डेट के कंफर्मेशन के लिए स्कूल प्रशासन से भी संपर्क कर सकते हैं. 

7-सीटर किआ कैरेंस की GST कटौती से कीमतों में राहत, बेस मॉडल अब 14.32 लाख रुपए में

मुंबई  किआ की पॉपुलर 7-सीटर कैरेंस की कीमतों में भी नए GST से कटौती हुई है। इसके एंट्री से लेकर टॉप वैरिएंट तक सभी को खरीदना सस्ता हुआ है। यही वजह है कि एक्स-शोरूम कीमतें कम होने का असर आर्मी कैंटीन पर मिलने वाली कारों पर भी पड़ा है। कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट यानी CSD पर जवानों से 18% की जगह सिर्फ 14% GST ही लिया जाता है। Cars24 के मुताबिक, किआ कैरेंस की CSD पर शुरुआती कीमत सिर्फ 14.32 लाख रुपए है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 12.77 लाख रुपए है। वैरिएंट के आधार पर कैरेंस पर करीब 2 लाख रुपए का टैक्स बच रहा है। भारत में इसका सीधा मुकाबला मारुति अर्टिगा, टोयोटा इनोवा जैसे मॉडल से होता है। कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट (CSD) पर स्विफ्ट की कीमतों के बारे में जानने से पहले CSD के बारे में समझते हैं। दरअसल, CSD रक्षा मंत्रालय के तहत भारत सरकार का एकमात्र स्वामित्व वाला उद्यम है। भारत में अहमदाबाद, बागडोगरा, दिल्ली, जयपुर, कोलकाता और मुंबई जैसे शहरों में 34 CSD डिपो हैं। यह भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा संचालित है। भारतीय आबादी के एक चुनिंदा हिस्से को भोजन, चिकित्सा वस्तुओं, घरेलू आवश्यकताओं और यहां तक ​​कि कारों को अफॉर्डेबल कीमतों के साथ बेचते हैं। CSD से कार खरीदने के लिए एलिजेबल ग्राहकों में सर्विंग और रिटायर्ड सशस्त्र बल कर्मी, सैन्य कर्मियों की विधवाएं और भूतपूर्व सैनिक और डिफेंस सिविलियन शामिल हैं। किआ कैरेंस की CSD और एक्स-शोरूम कीमतें वैरिएंट                                                                          CSD प्राइस कैरेंस डी1.5 सीआरडीआई वीजीटी प्रीमियम विकल्प एमटी    ₹10.94 लाख कैरेंस डी1.5 सीआरडीआई वीजीटी प्रेस्टीज आईएमटी            ₹13.11 लाख कैरेंस डी1.5 प्रेस्टीज एमटी 7 सीटर                                    ₹14.32 लाख किआ कैरेंस क्लाविस के फीचर्स, स्पेसिफिकेशंस और सेफ्टी इसमें 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ जोड़े गए 6MT ट्रांसमिशन अलग से मिलेगा। अन्य 6iMT और 7DCT के ट्रांसमिशन ऑप्शन कैरेंस के समान ही हैं। 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 160 PS और 253 Nm जनरेट करता है। अन्य इंजन विकल्प, 115 PS, 1.5-लीटर NA पेट्रोल (6MT) और 116 PS, 1.5-लीटर डीजल (6MT / 6AT) कैरेंस के समान ही हैं। बात करें इसके वैरिएंट की तो इसमें 7 ऑप्शन मिलेंगे, जिसमें HTE, HTE(O), HTK, HTK+, HTK+(O), HTX और HTX(O) शामिल हैं। इसमें 6-सीट और 7-सीट लेआउट में खरीद पाएंगे। 7-सीट केवल टॉप-स्पेक HTX(O) वैरिएंट में उपलब्ध होगा। कैरेंस क्लाविस के डीजल वैरिएंट की सबसे अच्छी फ्यूल एफिशिएंसी होगी, जिसमें 6-स्पीड मैनुअल वर्जन 19.54kpl पर रेंज का सबसे अधिक माइलेज देता है। उसके बाद, 6-स्पीड ऑटोमैटिक 17.50kpl पर दूसरे स्थान पर है। कैरेंस क्लाविस की फ्यूल एफिशिएंसी स्पोर्टियर 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन का है, जो अपने 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक के लिए 16.66kpl का माइलेज देता है। जबकि, इसके 6-स्पीड मैनुअल और iMT ट्रांसमिशन दोनों 15.95kpl पर बराबर हैं। एंट्री-लेवल नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन अपने एकमात्र 6-स्पीड मैनुअल कॉन्फ़िगरेशन के लिए 15.34kpl माइलेज के साथ तीसरे स्थान पर है। हालांकि, इसका माइलेज मारुति अर्टिगा और मारुति XL6 से कम हैं। इसके फ्रंट फेसिया को स्लीक स्टार मैप LED DRLs के साथ इंटीग्रेटेड टर्न सिग्नल के साथ अपडेट किया गया है। साथ ही, आइस-क्यूब MFR LED हेडलैंप दिए हैं। कैरेंस क्लाविस में सैटिन क्रोम फिनिश में मजबूत फ्रंट और रियर स्किड प्लेट भी हैं। R17 क्रिस्टल कट डुअल-टोन एलॉय व्हील्स के साथ रोड प्रेजेंस को और भी बेहतर बनाया गया है। इसकी तुलना में कैरेंस MPV में R16 एलॉय व्हील्स का इस्तेमाल किया गया है। पीछे की तरफ, किआ क्लाविस में स्टार मैप LED कनेक्टेड टेल लैंप्स मिलते हैं। इंटीरियर की बात करें तो किआ क्लाविस में इंफोटेनमेंट और इंस्ट्रूमेंट कंसोल के लिए 26.62-इंच का डुअल पैनोरमिक डिस्प्ले पैनल मिलता है। इसकी तुलना में किआ कैरेंस 10.25-इंच टचस्क्रीन और उसी आकार के फुली डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर से लैस है। क्लाविस में एक और एक्स्ट्रा 4-वे पावर्ड ड्राइवर सीट है। किआ कनेक्ट सूट को रिमोट विंडो कंट्रोल, सराउंड व्यू मॉनिटर और मल्टीलिंगुअल VR कमांड के साथ फाइंड माई कार के साथ अपडेट किया गया है। किआ क्लाविस को 7DCT वैरिएंट के साथ 20 ऑटोनॉमस फीचर्स के साथ ADAS लेवल 2 मिलता है। इसमें ब्लाइंड स्पॉट कोलिजन वार्निंग, ब्लाइंड स्पॉट कोलिजन अवॉइडेंस असिस्ट, क्लस्टर में ब्लाइंड व्यू मॉनिटर, 360 डिग्री कैमरा, स्टॉप एंड गो के साथ स्मार्ट क्रूज कंट्रोल और ड्राइवर अटेंशन वॉर्निंग शामिल हैं। इसके अलावा, फ्रंट कोलिजन वार्निंग, फ्रंट कोलिजन अवॉइडेंस असिस्ट, लेन कीपिंग असिस्ट, लेन डिपार्चर वार्निंग, लेन फॉलोइंग असिस्ट, हाई बीम असिस्ट, रियर क्रॉस ट्रैफिक कोलिजन वार्निंग और अवॉइडेंस असिस्ट और सेफ एग्जिट वार्निंग भी शामिल हैं। इसमें 6-एयरबैग, ESC, VSM, BAS, HAC, DBC और ABS, फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर, ऑल व्हील डिस्क ब्रेक और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल हैं।

IndiGo को बड़ा झटका: तुर्की से लीज पर लिए 5 विमानों की उड़ान पर DGCA ने एक्सटेंशन से किया इनकार

नई दिल्ली इंडिगो (IndiGo) की फ्लाइट कैंसिलेशन की वजह से बीते दिनों पूरे देश में हड़कंप का माहौल बना रहा था. अब इंडिगो का परिचालन कुछ हद तक सामान्य जरूर हुआ है, लेकिन विमानन नियामक की पैनी नजर उस पर बनी हुई है. सोमवार को इंडिगो द्वारा तुर्की से लिए गए एयरक्राफ्ट (Turkey Planes) के लीज ड्यूरेशन के बारे में एक सफाई दी गई, जिस पर DGCA ने एयरलाइन को इन प्लेन का इस्तेमाल करने के लिए मार्च 2026 तक का समय दिया है, लेकिन इसके साथ ही दो-टूक कह दिया है कि इसके बाद कोई एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा.  5 विमानों को मार्च तक उड़ाने की इजाजत पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एविएशन रेगुलेटर DGCA ने IndiGo को तुर्की से लीज पर लिए गए 5 नैरो बॉडी प्लेन B737 सिर्फ मार्च 2026 तक संचालित करने की इजाजत दी है. नियामक ने साफ किया है कि इन एयरक्राफ्ट का आखिरी एक्सटेंशन मार्च 2026 तक ही वैलिड है और एक सनसेट क्लॉज भी है कि इसे लेकर कोई भी एक्सटेंशन नहीं दिया जाएगा. एविएशन रेगुलेटर के अनुसार, तुर्की की कोरेंडन एयरलाइंस से लिए गए 5 बोइंग 737 प्लेन की लीज 31 मार्च 2026 को खत्म हो रही है. DGCA के एक सीनियर ऑफिशियल ने जानकारी देते हुए बताया है कि यह इस मामले में इंडिगो एयरलाइंस द्वारा दिए गए अंडरटेकिंग पर आधारित है, जिसमें उन्होंने आखिरी बार एक्सटेंशन मांगा था. इसके पीछे वजह ये थी कि उनके लॉन्ग रेंज एयरक्राफ्ट (A321-XLR) फरवरी 2026 तक डिलीवर होने वाले हैं. 15 विदेशी एयरक्राफ्ट, तुर्की के 7 IndiGo Airlines फिलहाल वेट/डैम्प लीज के आधार पर 15 विदेशी एयरक्राफ्ट संचालित करती है, जिनमें से 7 तुर्की के एयरक्राफ्ट शामिल हैं. इस साल अगस्त 2025 में DGCA ने इंडिगो को कुछ शर्तों के साथ टर्किश एयरलाइंस से लीज पर लिए गए दो बोइंग 777 एयरक्राफ्ट चलाने के लिए फरवरी 2026 तक छह महीने का एक्सटेंशन दिया था. यह कदम DGCA द्वारा मई में दिए गए तीन महीने से भी कम समय के बाद आया था. इंडिगो को टर्किश एयरलाइंस के एयरक्राफ्ट चलाने के लिए 31 अगस्त तक तीन महीने का एक बार का आखिरी एक्सटेंशन दिया गया था और कैरियर से आगे कोई एक्सटेंशन न मांगने के लिए भी कहा गया था. सबसे खास बात ये है कि यह फैसला तब आया जब तुर्की ने पाकिस्तान का साथ दिया था और मई में पड़ोसी देश में आतंकी कैंपों पर भारत के हमलों की निंदा की थी. 'वेट लीजिंग एक आम बात…' न सिर्फ इंडिगो, बल्कि SpiceJet जैसी एयरलाइंस के 17 विदेशी प्लेन ऑपरेशन में हैं, जिन्हें वेट/डैम्प लीज पर लिया गया है. DGCA के अधिकारी की मानें, तो ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री में एयरक्राफ्ट की वेट लीजिंग एक आम बात है. उन्होंने कहा कि इंजन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से एयरक्राफ्ट के ग्राउंडिंग और OEMs से ऑर्डर के हिसाब से एयरक्राफ्ट की डिलीवरी में देरी की वजह से कई भारतीय कैरियर यात्रियों को सर्विस देने के लिए एक स्टॉप गैप अरेंजमेंट के तौर पर विदेशी कंपनियों से वेट लीज का सहारा ले रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि यह लीजिंग दूसरे देशों के साथ बाइलेटरल सर्विस एग्रीमेंट के तहत भारतीय कैरियर को दिए गए अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए की जाती है.  

BMC चुनाव से पहले ठाकरे बंधुओं की रणनीति उलझी: गठबंधन की घोषणा टली, बढ़ी सियासी चुनौती

मुंबई  महाराष्ट्र में 288 नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव नतीजे 'ब्रांड ठाकरे' के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है. यही वजह है कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे आपसी दुश्मनी भुलाकर एक साथ मिलकर बीएमसी सहित 29 नगर निगम के चुनाव लड़ने का फैसला किया है, लेकिन अचानक एक मोड़ आ गया. उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की मनसे के गठबंधन का औपचारिक ऐलान मंगलवार को टल गया है. उद्धव ठाकरे भले ही 2019 में बीजेपी से अलग होकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो गए थे, लेकिन शिवसेना और 'ब्रांड ठाकरे' को बचाकर नहीं रख पाए. एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर उद्धव ठाकरे की सारी सियासत खत्म कर दी है. पहले विधानसभा की सियासी बाजी अपने नाम की और अब नगर परिषद व नगर पंचायत के चुनाव जीतकर उद्धव के लिए सियासी संकट खड़ा कर दिया है. महाराष्ट्र के 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत के लिए हुए चुनाव में 70 प्रतिशत से अधिक नगर अध्यक्ष बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति के जीतकर आए हैं. उद्धव ठाकरे की शिवसेना सिंगल डिजिट में सीमित रह गई तो राज ठाकरे की पार्टी का खाता नहीं खुला. अब बीएमसी सहित 29 नगर निगम का चुनाव 'ठाकरे ब्रांड' का फाइनल इम्तिहान उद्धव के लिए बन गया है. मुंबई के बीएमसी पर ठाकरे परिवार का करीब 30 साल कब्जा है, जिसको बचाने के लिए 20 साल का सियासी दुश्मनी को भुलाकर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने हाथ मिलाया है, लेकिन लगता है कि उसमें ग्रहण लग गया है.  बीएमसी चुनाव के लिए नामांकन शुरू बीएमसी सहित राज्य की 29 नगर निगम चुनाव के लिए मंगलवार से अधिसूचना जारी हो रही जिसके साथ नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. नामांकन पत्र भरने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर है. इसके बाद 31 दिसंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी जबकि 2 जनवरी 2026 तक नाम वापस लेने की अंतिम तारीख है. इसके बाद चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जाएगा. महाराष्ट्र में बीएमसी सहित सभी 29 नगर निगम के कुल 2869 पार्षद सीटों पर 15 जनवरी को मतदान होगा जबकि नतीजे 16 जनवरी को आएंगे. बीएमसी के अलावा, जिन नगर निगम में चुनाव है, उसमें नवी मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, उल्हासनगर, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, अमरावती, अकोला, लातूर, परभणी, चंद्रपुर, भिवंडी-निजामपुर, मालेगांव, पनवेल, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, सांगली-मिराज, कुपवाड, जलगांव, धुले, अहिल्यानगर, इचलकरंजी और जालना शामिल हैं. 'ठाकरे ब्रदर्स' के बीच गठबंधन पर सस्पेंस बीजेपी ने बीएमसी और बाकी के नगर निगम चुनाव एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है. बीजेपी ने अजित पवार के साथ 'फ्रेंडली फाइट' करने की प्लानिंग की है. महायुति की रणनीति को देखते हुए 'ठाकरे ब्रदर्स' ने 20 साल पुरानी राजनीतिक रंजिश को भुलाकर एक साथ आने का फैसला किया ताकि बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना की जोड़ी से दो-दो हाथ कर सकें. उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच बीएमसी सहित राज्य के बाकी नगर निगम चुनाव के लिए सीटों का बंटवारे पर सहमति बन गई थी. ऐसे में माना जा रहा था कि मंगलवार को शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के गठबंधन का औपचारिक ऐलान होना होगा.  शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के बीच गठबंधन का आधिकारिक ऐलान वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किए जाने की संभावना खी. इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा थे, लेकिन अचानक कैंसिल हो गई है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह है कि प्रेस कॉफ्रेंस को टालना पड़ा. सीट शेयरिंग तय हो गई थी, फिर क्या हुआ एमएनएस नेता नितिन सरदेसाई और बाला नांदगांवकर सोमवार देर शाम ‘मातोश्री’ पहुंचे, जहां उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर गठबंधन को अंतिम रूप दिया गया. सूत्रों के अनुसार, बीएमसी की कुल 227 सीटों में से शिवसेना (यूबीटी) 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं, राज ठाकरे की एमएनएस 60 से 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. इसके अलावा बची सीटें एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) और अन्य छोटे सहयोगी दलों को दिए जाने की संभावना है.  इस तरह सीट शेयरिंग का फॉर्मूला बन रहा था, लेकिन माना जा रहा है कि कांग्रेस को महाविकास अघाड़ी में शामिल करने को लेकर सहमति बनाई जा रही है. इसीलिए शिवसेना ने मंगलवार को होने वाली प्रेस कॉफ्रेंस को टाल दिया है.  कांग्रेस को साधने में जुटे संजय राउत महायुति के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में प्रदर्शन को देकते हुए उद्धव ठाकरे की शिवसेना अपना आखिरी किला बचाए रखने की हरसंभव कवायद में जुट गई है. एक तरफ राज ठाकरे के साथ हाथ मिलाने की प्लानिंग है तो दूसरी तरफ कांग्रेस को साथ लेने की कोशिश तेज कर दी है. शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से फोन पर बात की और आगामी बीएमसी चुनावों के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा की. संजय राउत लगातार राहुल गांधी के संपर्क में भी हैं, ताकि कांग्रेस को महा विकास आघाड़ी में बनाए रखा जा सके. शरद पवार की एनसीपी (एसपी) भी सभी दलों को एकजुट रखने के लिए सक्रिय मध्यस्थता कर रही है. विपक्षी गठबंधन में शामिल दलों का मानना है कि एकजुट रहकर ही महायुति को चुनौती दी जा सकती है. हालांकि, संजय राउत की असल चुनौती राज ठाकरे की मनसे के साथ कांग्रेस के साथ संबंधों को संतुलित करने की है. कांग्रेस ने राज ठाकरे के साथ मंच साझा करने से साफ इनकार किया है, क्योंकि मनसे की उत्तर भारतीयों और मुस्लिमों के खिलाफ आक्रामक छवि कांग्रेस के वैचारिक आधार से टकराती है. कांग्रेस को साथ लेने का रास्ता बनाया जा रहा है, जिसके चलते मंगलवार को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की होने वाली संयुक्त प्रेस कॉफ्रेंस को टाल दिया गया है.  उद्धव के लिए आखिरी किला बचाने का चैलेंज महाराष्ट्र की राजनीति में बीएमसी का नियंत्रण राज्य की सत्ता के समान माना जाता है. बीजेपी की पूरी कोशिश बीएमसी से ठाकरे परिवार के वर्चस्व को खत्म करना चाहती है, जबकि उद्धव ठाकरे के लिए यह चुनाव अपनी साख बचाने का आखिरी मौका है. महाराष्ट्र में पिछले पांच सालों के सियासी संग्राम में सबसे ज्यादा नुकसान तो ब्रांड ठाकरे को हुआ है, जिसके चलते … Read more