samacharsecretary.com

बेल्जियम का दमदार प्रदर्शन, अमेरिका को 4-1 से हराकर FIFA वर्ल्ड कप से किया बाहर

सिएटल फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बेल्जियम ने शानदार खेल दिखाते हुए मेजबान अमेरिका को 4-1 से हरा दिया है। इस जीत के साथ ही बेल्जियम की टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। सिएटल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में बेल्जियम की टीम शुरू से अंत तक हावी रही और उन्होंने अमेरिका को मैच में वापस आने का कोई मौका ही नहीं दिया। अब क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम की टक्कर स्पेन से होगी। पहले हाफ में डी केटेलारे ने बेल्जियम के लिए दागे दो गोल मैच शुरू होते ही बेल्जियम ने अटैक करना शुरू कर दिया और 9वें मिनट में ही चार्ल्स डी केटेलारे ने गोल करके अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। इसके बाद 31वें मिनट में अमेरिका के मलिक टिलमैन ने एक गोल करके स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला दिया। लेकिन अमेरिका की यह खुशी सिर्फ दो मिनट ही टिक पाई, क्योंकि 33वें मिनट में डी केटेलारे ने अपना दूसरा गोल कर बेल्जियम को फिर से बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में भी बेल्जियम ने दागे दो गोल मैच के दूसरे हाफ में भी बेल्जियम का जलवा जारी रहा। 57वें मिनट में हांस वनाकेन ने टीम के लिए तीसरा गोल किया। इस गोल के बाद अमेरिका के लिए इस मैच में वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। इसके बाद मैच के आखिरी समय (इंजरी टाइम 90+3 मिनट) में रोमेलु लुकाकू ने चौथा गोल करके बेल्जियम को 4-1 से एक शानदार जीत दिला दी। इस जीत के साथ ही बेल्जियम ने मेजबान यूएसए को इस वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया। इस मैच के लिए फोलारिन बालोगुन से हटाया गया था बैन इस मैच में अमेरिकी टीम के लिए अच्छी बात यह थी कि उनके प्रमुख खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन की टीम में वापसी हो गई थी। रेड कार्ड मिलने की वजह से उन पर एक मैच का बैन (प्रतिबंध) लगा था, लेकिन फीफा ने एक विवादित फैसले में उनका यह बैन हटा दिया। इसके बाद भी अमेरिकी टीम अपने ही देश में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। बेल्जियम की टीम ने खासकर अमेरिका के डिफेंडर्स की गलतियों का पूरा फायदा उठाया। अब क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम का सामना स्पेन से होगा, जिसने अपने पिछले मैच (राउंड ऑफ-16) में पुर्तगाल को 1-0 से हराया था। पुर्तगाल की टीम इस वर्ल्ड कप में राउंड ऑफ 16 से बाहर हो गई। ट्रम्प के फोन के बाद अमेरिकी खिलाड़ी का रेड-कार्ड रद्द फीफा वर्ल्ड कप में अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड रद्द होने पर विवाद हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को फोन करने के बाद रेड कार्ड रद्द किया गया। इसके बाद बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मैच खेलने की परमीशन मिल गई। हालांकि, बालोगुन के खेलने के बाद भी अमेरिकी टीम बेल्जियम के खिलाफ 1-4 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर गई। फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहला मामला है, जब किसी राष्ट्राध्यक्ष ने रेड कार्ड रद्द करने की पैरवी की हो और फीफा ने इसे मान भी लिया हो। फीफा के इस फैसले का बेल्जियम फुटबॉल संघ और यूरोपियन फुटबॉल यूनियन ने विरोध किया है। 2018 वर्ल्ड कप के दौरान भी कुछ देशों के नेताओं ने रेफरी के फैसलों पर सार्वजनिक टिप्पणी की थी, लेकिन उन मामलों में फीफा ने अपने निर्णयों में कोई बदलाव नहीं किया था। 2002 वर्ल्ड कप में साउथ कोरिया के पक्ष में कुछ विवादित फैसलों पर राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा हुई थी, लेकिन तब भी किसी सजा या निर्णय को बदला नहीं गया था। बालोगुन को बोस्निया के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था 25 साल के बालोगुन को पिछले नॉकआउट मुकाबले में रेड कार्ड मिला था। नियमों के अनुसार उन्हें एक मैच का बैन झेलना चाहिए था। इसके बावजूद फीफा ने उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में खेलने की मंजूरी दे दी। बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने फीफा के इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की, जो खारिज हो गई। बालोगुन ने टूर्नामेंट में तीन गोल किए। ट्रम्प ने दखल देने की बात मानी प्री क्वार्टर फाइनल से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बालोगुन रेड कार्ड मामले में दखल देने की बात स्वीकार की। उन्होंने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा, 'मैंने ही फीफा से कहा था कि वे अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगाए गए एक मैच के बैन का रीव्यू करे। ट्रम्प ने कहा- ‘मैंने फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो से बात की। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह फाउल था।’ इसके बाद फीफा ने बालोगुन को बेल्जियम से मैच खेलने की अनुमति दे दी। इस पर ट्रम्प ने कहा- फीफा ने सही निर्णय लिया। अगर प्रतिबंध लागू किया जाता तो टूर्नामेंट पर बड़ा धब्बा लग जाता। फीफा बोला- नियमों के आधार पर फैसला लिया फीफा प्रेसिडेंट इन्फेंटिनो ने सोशल मीडिया पर कहा कि अनुशासन समिति ने पूरी स्वतंत्रता के साथ निर्णय लिया। हर मामले का मूल्यांकन संबंधित नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जाता है। हालांकि, इस फैसले ने विश्व कप के दौरान फीफा की पारदर्शिता और निर्णय प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फीफा हमेशा यह दावा करता रहा है कि उसके फैसले राजनीतिक प्रभाव से पूरी तरह स्वतंत्र होते हैं। ऐसे में विश्व कप के दौरान किसी देश के राष्ट्रपति की सार्वजनिक दखलअंदाजी और उसके बाद खिलाड़ी को मिली राहत ने खेल प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 1962 में गरिंचा का रेड कार्ड रद्द हुआ था यह वर्ल्ड कप के इतिहास में रेड कार्ड रद्द होने का दूसरा मामला है। पहला मामला 1962 में सामने आया था। तब ब्राजील के गरिंचा को सेमीफाइनल में चिली के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया था। हालांकि, गरिंचा ने फाइनल में हिस्सा लिया और चेकोस्लोवाकिया पर जीत हासिल की। उस समय रेड कार्ड के बाद खिलाड़ी पर प्रतिबंध नहीं लगता था, बल्कि अधिकारी सबूतों के आधार पर सजा तय करते थे। 1962 में फीफा की अनुशासनात्मक समिति का निर्णय राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों से घिरा हुआ था।

चार्ल्स डी केटेलेरे के दो गोल, बेल्जियम ने अमेरिका को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 की सहमेजबान टीम संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) का सफर निराशाजनक अंदाज में खत्म हो गया. 7 जुलाई (मंगलवार) को सिएटल के सिएटल स्टेडियम में आयोजित राउंड ऑफ 16 मुकाबले में बेल्जियम ने अमेरिकी टीम पर 4-1 से बड़ी जीत दर्ज की.   इस हार के साथ ही घरेलू दर्शकों के सामने वर्ल्ड कप में लंबा सफर तय करने का यूएसए का सपना टूट गया. बेल्जियम की जीत के सबसे बड़े हीरो चार्ल्स डी केटेलेरे रहे. उन्होंने अमेरिका की कमजोर डिफेंस का पूरा फायदा उठाते हुए दो गोल किए और एक अन्य गोल में असिस्ट किया. चार्ल्स डी केटेलेरे ने 9वें और 33वें मिनट में गोल किया. हालांकि इसी बीच मलिक टिलमैन (31वें मिनट) ने जरूर यूएसए के लिए एक गोल दागा. फिर 57वें मिनट में हंस वनाकेन ने गोल दागकर स्कोर बेल्जियम के पक्ष में 3-1 कर दिया. दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में रोमेलु लुकाकू ने गोल कर बेल्जियम की जीत पर मोहर लगा दी. इस शानदार जीत के साथ बेल्जियम ने क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जहां शनिवार को कैलिफोर्निया के इंगलवुड में उसका सामना स्पेन से होगा. अमेरिका के कोच का फूटा गुस्सा अपनी टीम के खराब प्रदर्शन और लगातार हो रही गलतियों से अमेरिका के कोच मौरिसियो पोचेतीनो बेहद निराश दिखाई दिए. अमेरिकी टीम के गोल खाने के बाद पोचेतीनो ने गुस्से में बेंच के सामने रखे एक रैक पर लात मार दी, जिससे पानी की चार बोतलें हवा में उड़ गईं. उनका यह रिएक्शन साफ बता रहा था कि वह अपनी टीम के प्रदर्शन से कितने नाराज थे. इस मैच के लिए अमेरिकी टीम को स्टार फॉरवर्ड फोलारिन बालोगुन की वापसी से बड़ी राहत मिली थी. बालोगुन पर रेड कार्ड के कारण एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन फीफा ने विवादास्पद फैसले में उनका निलंबन हटा दिया था. इसके बावजूद अमेरिकी टीम घरेलू मैदान पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी. खासतौर पर उसके डिफेंडर्स की गलतियों का बेल्जियम ने जमकर फायदा उठाया. पहले हाफ में यूएसए की रक्षापंक्ति की गलतियों के कारण बेल्जियम ने दो गोल दागे. इसके बाद दूसरे हाफ की शुरुआत में गोलकीपर मैट फ्रीज की बड़ी चूक ने अमेरिकी टीम की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया. मुकाबले में एक समय अमेरिका ने वापसी की उम्मीद जगाई थी. मलिक टिलमैन ने पहले हाफ के बीच में शानदार फ्री-किक पर गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया था. यह मौजूदा वर्ल्ड कप में फ्री-किक से उनका दूसरा गोल था. हालांकि अमेरिकी खिलाड़ियों और दर्शकों की खुशी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी. खेल दोबारा शुरू होने के महज 61 सेकंड बाद बेल्जियम ने एक और गोल दागकर फिर से बढ़त हासिल कर ली. यह गोल अमेरिकी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ और इसके बाद यूएसए मुकाबले में वापसी नहीं कर सका.

CM योगी ने प्रयागराज मंडल के 3194 विकास कार्यों को दी मंजूरी, परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

सीएम योगी ने प्रयागराज मंडल में प्रस्तावित 3194 कार्यों को दी स्वीकृति, चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की सावन में शिव भक्तों की सुविधा के लिए आए प्रस्ताव, कांवड़ पथ विकसित करने के निर्देश 15 अगस्त तक सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का सीएम ने दिया निर्देश मंडल से प्राप्त प्रस्तावों की क्रमवार समीक्षा करने और सभी जनप्रतिनिधियों से उनके महत्वपूर्ण सुझाव एवं फीडबैक लेने के सीएम ने दिए निर्देश प्रयागराज  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मंडल के विकास कार्यों की समीक्षा की। सीएम ने विकास कार्यों की परियोजनाओं को स्वीकृति देने के बाद 15 अगस्त तक सभी परियोजनाओं में निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सावन में कांवड़ यात्रियों के साथ-साथ सामान्य नागरिकों की सुविधा के लिए अलग कांवड़ पथ बनाने के निर्देश दिये। मंडल के 3194 विकास कार्य की परियोजनाओं को सीएम ने दी स्वीकृति संगम नगरी पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2026-27 के लिए मंडल के 3194 विकास कार्य की परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की है। इसमें प्रयागराज जनपद के 1168 प्रतापगढ़ के लिए 1,092 , फतेहपुर के लिए 521 कार्यों और कौशाम्बी में लगभग 313 विकास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी सभागार में लोक निर्माण विभाग के प्रयागराज मंडल के कार्यों की समीक्षा बैठक में इसका अनुमोदन किया गया। बैठक में सबसे पहले प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग ने गत वर्ष स्वीकृत परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति से अवगत कराते हुए वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा क्षेत्रवार प्रस्तावित विकास कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने मंडल की कुल 28 विधानसभा क्षेत्रों-प्रयागराज के 12, प्रतापगढ़ के 7, फतेहपुर के 6 तथा कौशाम्बी के 3 विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त प्रस्तावों की क्रमवार समीक्षा की तथा सभी जनप्रतिनिधियों से उनके सुझाव एवं फीडबैक लिया।   समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री की तरफ से वर्ष 2026-27 के लिए प्रयागराज जनपद में लगभग ₹9,668.27 करोड़ की लागत से प्रस्तावित 1,168 कार्यों, प्रतापगढ़ में लगभग ₹2,053.36 करोड़ की लागत के 1,092 कार्यों, फतेहपुर में लगभग ₹3,378.37 करोड़ की लागत के 521 कार्यों तथा कौशाम्बी में लगभग ₹915.13 करोड़ की लागत के 313 विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई। सावन में कांवड़ पथ विकसित करने के निर्देश सावन का महीना निकट है इसे देखते हुए शिव भक्तों की सुविधा के लिए समीक्षा के दौरान कांवड़ यात्रा के समय शास्त्री पुल पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से पुल के समानांतर कांवड़ पथ विकसित करने का प्रस्ताव बैठक में दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए, जिससे कांवड़ यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित होने के साथ-साथ सामान्य यातायात एवं व्यापारिक गतिविधियां भी निर्बाध रूप से संचालित रह सकें। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों की परियोजनाओं को लेकर न हो विलंब इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा क्षेत्रवार प्राप्त विकास प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें। स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का चयन किया जाए। जो निर्माण कार्य सबसे ज्यादा जरूरी हो उसका प्रस्ताव सबसे पहले दें। यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन या नया सुझाव देना हो तो उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि समय पर मंजूरी दी जा सके। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और सभी प्रक्रियाएं तय समय सीमा में पूरी हों।  सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त तक सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। साथ ही उन्होंने परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा ताकि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का आखिरी वर्ल्ड कप खत्म, स्पेन ने पुर्तगाल को बाहर का रास्ता दिखाया

नई दिल्ली पुर्तगाल के स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का फीफा वर्ल्ड कप जीतने का सपना अधूरा रह गया. स्पेन के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मुकाबले में पुर्तगाल को 0-1 से दिल तोड़ने वाली हार मिली. इसके साथ ही 41 साल के रोनाल्डो का वर्ल्ड कप सफर हमेशा के लिए खत्म हो गया. मैच के बाद निराश रोनाल्डो ने पुष्टि की कि यह उनके करियर का आखिरी वर्ल्ड कप था, लेकिन उन्होंने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने पर फिलहाल कोई फैसला नहीं किया है. 7 जुलाई (मंगलवार) को आर्लिंग्टन के डलास स्टेडियम में आयोजित यह मुकाबला बहुत देर तक बराबरी पर था, लेकिन दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में सब्स्टीट्यूट मिकेल मेरिनो ने गोल दागकर पुर्तगाल और रोनाल्डो का सपना तोड़ दिया. हार के बाद रोनाल्डो का दर्द साफ दिखाई दिया. उन्होंने स्वीकार किया कि आखिरी वर्ल्ड कप से इस तरह विदाई लेना उनके लिए बेहद दुखद है. क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा, 'इस तरह वर्ल्ड कप से बाहर होने का दुख है. मैंने अपना सबकुछ दिया. मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की और मैं साफ अंतरात्मा के साथ यहां से जा रहा हूं. हां, यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप था, लेकिन अब मेरे पास सोचने और अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका होगा. मैं जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करूंगा.' भावनाओं में नहीं बहना चाहता: रोनाल्डो स्पेन के खिलाफ हार के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए भी अपना आखिरी मुकाबला खेल लिया है. रोनाल्डो ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया. उन्होंने साफ किया कि वह हार की निराशा और भावनाओं में बहकर अपने भविष्य पर कोई फैसला नहीं करेंगे. क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा, 'मैं भावनाओं में बहकर कोई फैसला नहीं करता.' उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि भले ही उनका वर्ल्ड कप करियर खत्म हो गया हो, लेकिन वह पुर्तगाल के लिए कुछ समय और खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं. रोनाल्डो का मानना था कि पुर्तगाल ने स्पेन के खिलाफ कड़ा मुकाबला खेला और मैच किसी भी टीम के पक्ष में जा सकता था. क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने बताया, 'स्पेन थोड़ा भाग्यशाली रहा. यह ऐसा मुकाबला था, जो किसी भी टीम के पक्ष में जा सकता था.' रोनाल्डो ने अपने करियर में रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए छठी बार फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया. उन्होंने इस टूर्नामेंट में तीन गोल भी दागे, लेकिन वह अपनी टीम को खिताब तक नहीं पहुंचा सके. दो दशक के अपने शानदार वर्ल्ड कप करियर में क्रिस्टियानो रोनाल्डो कभी फाइनल तक नहीं पहुंच पाए. हार की निराशा के बावजूद रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए अपने योगदान पर गर्व जताया. उन्होंने याद दिलाया कि उनकी मौजूदगी में पुर्तगाल ने फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी सफलताएं हासिल कीं. क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा, 'मैंने पुर्तगाल के लिए तीन खिताब जीते हैं. क्रिस्टियानो रोनाल्डो से पहले पुर्तगाल ने एक भी खिताब नहीं जीता था. राष्ट्रीय टीम का सबसे बड़ा खिताब हमने 2016 में यूरोपियन चैम्पियनशिप के रूप में जीता था. सच कहूं तो मेरे लिए वह वर्ल्ड कप जितना ही महत्वपूर्ण है.' क्रिस्टियानो रोनाल्डो की कप्तानी में पुर्तगाल ने यूरो 2016 का खिताब जीतकर इतिहास रचा था. इसके बाद टीम ने 2019 और 2025 में यूईएफए नेशन्स लीग की ट्रॉफी भी अपने नाम की. रोनाल्डो ने क्लब और इंटरनेशनल फुटबॉल में लगभग हर बड़ी उपलब्धि हासिल की. पांच बार बैलन डी'ओर जीता, पुर्तगाल को तीन बड़े खिताब दिलाए और अनगिनत रिकॉर्ड अपने नाम किए. लेकिन वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उनके हाथों में नहीं आ सकी.

लखनऊ के काकराबाद में बनेगा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया कैंपस, विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव

भारतीय कला-संस्कृति को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच, भातखंडे के नए परिसर की रूपरेखा पर हुआ मंथन लखनऊ के काकराबाद में बनेगा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया कैंपस, विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव देश-विदेश के कलाकारों का नया ठिकाना बनेगा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नवीन परिसर 'नादाधीनम् जगत्' की अवधारणा पर बनेगा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया कैंपस परिसर सीएम योगी के विजन पर आगे बढ़ेगा भातखंडे, भारतीय संस्कृति को मिलेगा विश्वस्तरीय परिसर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत भारतीय संस्कृति, संगीत, लोक परंपराओं और प्रदर्शन कलाओं को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया परिसर एक ऐतिहासिक पहल बनने जा रहा है। राजधानी लखनऊ के काकराबाद में प्रस्तावित इस विश्वस्तरीय परिसर को केवल संगीत विश्वविद्यालय तक सीमित न रखकर भारतीय संस्कृति के समग्र केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसी उद्देश्य से सोमवार को अपर मुख्य सचिव, संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में देश के प्रतिष्ठित कलाकारों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने परिसर की रूपरेखा पर विस्तृत मंथन किया। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नया परिसर आने वाले सैकड़ों वर्षों के लिए भारत की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय ज्ञान परंपरा और प्रदर्शन कलाओं का सबसे बड़ा केंद्र बने। बैठक में विशेषज्ञों ने कहा कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को एक ही मंच पर समेटने वाला ऐसा संस्थान आज देश में नहीं है, जहां शास्त्रीय संगीत, नृत्य, रंगमंच, लोक एवं जनजातीय कलाएं, दृश्य एवं ललित कलाएं, साहित्य, दर्शन, योग, अध्यात्म, भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक कला शिक्षा का समन्वित अध्ययन एवं शोध हो सके। इसी दृष्टि से भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के नए परिसर को देश के पहले समग्र 'संस्कृति विश्वविद्यालय' के रूप में विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की गई। इसमें दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण, मौखिक परंपराओं के दस्तावेजीकरण, डिजिटल रिपॉजिटरी और भारतीय प्रदर्शन कलाओं के संग्रहालय जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में प्रस्तावित परिसर के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाओं पर भी सहमति बनी। नए परिसर में संगीत, नृत्य, रंगमंच, योग एवं अध्यात्म, दृश्य एवं ललित कला, साहित्य एवं दर्शन, फिल्म निर्माण तथा कला एवं सांस्कृतिक प्रबंधन जैसे विषयों के विशेष विद्यालय स्थापित किए जाने के सुझाव दिए गए। साथ ही ध्वनि-विज्ञान आधारित अभ्यास कक्ष, आधुनिक नृत्य स्टूडियो, संगीत एवं रिकॉर्डिंग स्टूडियो, एआई म्यूजिक लैब, विष्णु नारायण भातखंडे ग्रैंड ऑडिटोरियम, ब्लैक बॉक्स थिएटर, शास्त्रीय नृत्य थिएटर, रेसाइटल हॉल और मुक्ताकाशी मंच जैसी आधुनिक अधोसंरचनाओं का भी निर्माण करने का सुझाव दिया गाया। इसके अलावा सांस्कृतिक स्टार्टअप्स के लिए इनक्यूबेशन सेंटर, मीडिया एवं कंटेंट लैब तथा बौद्धिक संपदा (आईपी) सहायता केंद्र विकसित कर भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने की योजना रखी गई। बैठक में पद्ममालिनी अवस्थी ने परिसर को प्रकृति और भारतीय परंपरा के अनुरूप विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने व्यापक वृक्षारोपण, खुले एवं प्राकृतिक वातावरण, शिक्षकों के लिए आवासीय व्यवस्था, उत्तर भारतीय और कर्नाटक संगीत के समन्वय, उत्तर प्रदेश के पारंपरिक घरानों को संस्थान से जोड़ने, थिएटर कॉम्प्लेक्स, एग्जीबिशन हॉल, इंटरएक्टिव लर्निंग स्पेस तथा इंटीग्रेटेड नॉलेज सिस्टम पर आधारित विशेष लैब स्थापित करने का सुझाव दिया। वहीं प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने विश्वविद्यालय को संगीत संस्थान से आगे बढ़ाकर समग्र संस्कृति विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की आवश्यकता बताई। बैठक में पद्मप्रो. वामन केंद्रे सहित अन्य विशेषज्ञों ने लोक एवं जनजातीय कलाओं, थिएटर, परफॉर्मिंग आर्ट्स, विजुअल आर्ट्स और साहित्य को एकीकृत पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने डिजिटल आर्ट सेंटर की स्थापना, इसे सभी कलाओं के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने तथा देश-विदेश के प्रख्यात कलाकारों को नियमित रूप से आमंत्रित कर विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संवाद का केंद्र बनाने का सुझाव दिया। विशेषज्ञों ने कहा कि यह परिसर भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ नई पीढ़ी को वैश्विक स्तर की कला शिक्षा और शोध का अवसर भी उपलब्ध कराएगा। अपर मुख्य सचिव, संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास ऐसा विश्वस्तरीय संस्थान विकसित करने का अनूठा अवसर है, जो भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी की आवश्यकताओं के अनुरूप भी हो। उन्होंने कहा कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय को विश्व के अग्रणी प्रदर्शन कला संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करने का लक्ष्य है। इसके लिए ऐसा परिसर विकसित किया जाएगा, जिसकी वास्तुकला, शैक्षणिक उत्कृष्टता और सांस्कृतिक वातावरण स्वयं भारतीयता का अनुभव कराए। यहां आने वाला प्रत्येक विद्यार्थी, कलाकार और आगंतुक भारत की समृद्ध कलात्मक परंपराओं से जुड़ाव महसूस करे और भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार हो। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के नए परिसर के लिए राष्ट्रीय स्तर की आर्किटेक्चरल डिजाइन प्रतियोगिता आयोजित करने की भी योजना है, ताकि देश के श्रेष्ठ वास्तु विशेषज्ञ इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि परिसर की रूपरेखा में भारत के विभिन्न घरानों और सांस्कृतिक परंपराओं की भौगोलिक विविधता भी झलकनी चाहिए। साथ ही विश्वविद्यालय के शैक्षणिक दायरे को पारंपरिक प्रदर्शन कलाओं से आगे बढ़ाते हुए डिजिटल आर्ट्स, एनीमेशन, डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माण, वर्चुअल प्रोडक्शन, म्यूजिक टेक्नोलॉजी, अंतर्विषयक शोध, बौद्ध सांस्कृतिक दर्शन, सांस्कृतिक कूटनीति तथा भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों को भी शामिल करने पर जोर दिया गया, ताकि यह संस्थान राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सके। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का नया परिसर भारतीय संस्कृति, संगीत और प्रदर्शन कलाओं के समग्र विकास का एक विश्वस्तरीय केंद्र बनेगा। यहां परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय के साथ विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा, शोध और सृजन का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में कुलसचिव एस.पी. सिंह, पद्मभूषण पं. अजय चक्रवर्ती, प्रो. श्रुति बंदोपाध्याय, पद्मडॉ. शोवना नारायण, प्रो. अनुपम महाजन, पद्मविभूषण डॉ. सोनल मानसिंह, पद्मप्रो. वामन केंद्रे, प्रो. सिद्धार्थ सिंह तथा डॉ. वंदना सहगल सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

जेल में पंजाबी कैदी से बढ़ी नजदीकियां! जालंधर की लेडी अफसर पर प्रेम संबंध, फॉरेन ट्रिप और कॉस्मेटिक सर्जरी के आरोप

जालंधर  कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक पंजाबी मूल की पूर्व महिला जेल गार्ड को एक कैदी के साथ प्रेम संबंध बनाने और अपने पद का दुरुपयोग करने के मामले में अदालत ने दो साल की सशर्त सजा सुनाई है। सजा के तहत उसे निर्धारित अवधि तक घर में नजरबंद रहना होगा और अदालत की शर्तों का पालन करना होगा।  31 वर्षीय रमनदीप एबॉट्सफोर्ड की रहने वाली हैं। रमनदीप ने मार्च 2021 में नॉर्थ फ्रेजर प्रीट्रायल सेंटर में करेक्शनल ऑफिसर (जेल गार्ड) के रूप में नौकरी शुरू की थी। सितंबर 2021 से लगभग एक वर्ष तक उनका एक कैदी के साथ गुप्त प्रेम संबंध रहा। कैदी जेल के भीतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था। रमनदीप को इस बात की जानकारी थी और वह तलाशी अभियान से पहले कैदी को सतर्क कर देती थीं।  रमनदीप ने अदालत में कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि कैदी के पास मोबाइल कैसे पहुंचा, लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया।  24 जून को फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश दिबा माज्जुब ने कहा कि रमनदीप ने अपने कृत्य से जेल के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरे में डाला। अदालत ने माना कि आरोपी ने अपराध स्वीकार किया है, लेकिन यह केवल एक साधारण गलती नहीं बल्कि सार्वजनिक विश्वास का गंभीर उल्लंघन था।  पूरा मामला तब सामने आया, जब एक वरिष्ठ जेल अधिकारी के घर पर जानलेवा हमले की साजिश की जांच शुरू हुई। जांच एजेंसियों का आरोप है कि जालंधर मूल की महिला अधिकारी ने ही उस अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो कैदी तक पहुंचाई थी। इसके बाद कथित तौर पर उसी जानकारी के आधार पर अधिकारी की पहचान कर पूरी साजिश रची गई। यह मामला बाद में कनाडा पुलिस की प्रोजेक्ट साउथ जांच का अहम हिस्सा बना। 3 जुलाई को ऑन्टारियो सुपीरियर कोर्ट की अनुमति के बाद 563 पन्नों वाले ITO (इन्फॉर्मेशन टू ऑब्टेन) के कुछ हिस्से सार्वजनिक किए गए, जिनसे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। महिला अधिकारी पेड लीव पर हैं, जबकि कैदी अब भी जेल में बंद है। जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांटेड ड्रग तस्कर रॉयन वेडिंग के कथित ड्रग नेटवर्क से भी जोड़ा है। दोसांझ गांव की निशवंत, कैदी ड्राइवर के तौर पर कनाडा गया कनाडा पुलिस के मुताबिक निशवंत कौर दोसांझ का परिवार पंजाब के जालंधर जिले के दोसांझ कलां गांव से जुड़ा बताया जाता है। वह ब्रिटिश कोलंबिया के ऐबट्सफोर्ड में रहती हैं और टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में कॉर्पोरल थीं। 32 वर्षीय गुरप्रीत सिंह पंजाब से ट्रक ड्राइवर के रूप में कनाडा गया था। बाद में जांच एजेंसियों ने उसका नाम अमेरिका के वांछित ड्रग तस्कर रायन वेडिंग के कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क से जोड़ा। अक्टूबर 2024 से वह टोरंटो जेल में बंद है और अमेरिका प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का सामना कर रहा है। दोनों के बीच पहले से प्यार, जेल में देख फिर रिश्ते सक्रिय हुए ITO के मुताबिक गुरप्रीत के अक्टूबर 2024 में टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर पहुंचने से पहले से ही दोनों के बीच लंबे समय से निजी संबंध थे। गुरप्रीत के जेल पहुंचने के बाद निशवंत को पता चला तो उनके बीच का यह रिश्ता फिर से सक्रिय हो गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि निशवंत ने अपनी ड्यूटी उसी टावर और ब्लॉक में लगवा ली, जहां गुरप्रीत बंद था। अक्टूबर 2024 से 2025 तक दोनों के बीच लगातार निजी मुलाकातें होती रहीं। सेल के बाहर ज्यादा समय, यहीं से बढ़ा शक पुलिस के अनुसार निशवंत अक्सर गुरप्रीत की सेल के आसपास जरूरत से ज्यादा समय बिताती थीं। जेल सुपरवाइजरों ने यह भी नोटिस किया कि वह गुरप्रीत से मिलने के बाद उसके पूर्व सेलमेट से भी मिलती थीं। जांचकर्ताओं का कहना है कि इसी असामान्य गतिविधि के बाद दोनों पर निगरानी बढ़ाई गई। जेल के फोन के अलावा कथित अवैध मोबाइल से भी संपर्क ITO के मुताबिक दोनों जेल के आधिकारिक फोन सिस्टम के अलावा गुरप्रीत के पास मौजूद कथित अवैध मोबाइल फोन के जरिए भी लगातार संपर्क में थे। जांच के दौरान गुरप्रीत की कई बातचीत इंटरसेप्ट कर मॉनिटर की गई। जांच दस्तावेजों में दावा किया गया है कि निशवंत ने एक सहकर्मी को बताया था कि गुरप्रीत ने उन्हें महंगे गिफ्ट दिए, कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए पैसे दिए और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया। जांच अधिकारी डिटेक्टिव कांस्टेबल एंटोनियो डी ओनोफ्रियो ने लिखा कि गुरप्रीत का निशवंत पर इतना प्रभाव था कि यह एक जेल अधिकारी और कैदी के रिश्ते के लिहाज से बेहद असामान्य था। नंबर प्लेट से हत्या की साजिश तक में शामिल यॉर्क रीजनल पुलिस के मुताबिक जून 2025 में एक वरिष्ठ करेक्शनल अधिकारी की हत्या की साजिश रची गई। अधिकारी के घर पर मुंह ढके हमलावर ने हमला करने की कोशिश भी की। ITO में आरोप है कि गुरप्रीत ने जेल के बाहर मौजूद सहयोगियों के जरिए पूरी योजना बनाई, जबकि निशवंत ने कथित तौर पर 'इंटरनल फैसिलिटेटर' की भूमिका निभाई। पुलिस का दावा है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी की कार की नंबर प्लेट की फोटो लेकर गुरप्रीत तक पहुंचाई। बाद में इसी जानकारी के आधार पर वाहन का रिकॉर्ड निकाला गया और अधिकारी के घर की पहचान की गई। जांच एजेंसियों का कहना है कि इसी घटना के बाद प्रोजेक्ट साउथ जांच का दायरा बढ़ा। निशवंत की नाराजगी का बदला लिया इस मामले में सार्वजनिक किए गए अदालत दस्तावेजों में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि गुरप्रीत सिंह की वरिष्ठ जेल अधिकारी से क्या रंजिश थी। हालांकि पुलिस का दावा है कि निशवंत दोसांझ की उस अधिकारी से नाराजगी थी और उसी के बाद कथित साजिश रची गई। जांच में और भी कई नाम 563 पन्नों के ITO में निशवंत और गुरप्रीत के अलावा कई पुलिस अधिकारियों और सिविलियन के नाम भी जांच के दायरे में होने का उल्लेख है। एजेंसियां इनके बीच कथित संपर्क और सहयोग की भी जांच कर रही हैं। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टोरंटो साउथ डिटेंशन सेंटर में पहले भी कंट्राबैंड और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। इसी वजह से जेल पहले से जांच एजेंसियों की … Read more

सभी सरकारी दस्तावेज होंगे ऑनलाइन, हरियाणा सरकार ने विभागों को दिए निर्देश

चंडीगढ़  हरियाणा में दस्तावेजों के डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने को लेकर सरकार ने सभी विभागों से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। प्रदेश में सभी कानूनों, नियमों, सरकारी आदेश, सर्कुलर, अधिसूचनाओं, नीतियों और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों का केंद्रीकृत ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार किया जाना है। ताकि सभी दस्तावेज विभागवार, विषयवार और अंतिम अपडेट की तारीख के साथ ऑनलाइन उपलब्ध हो जाए और आसानी से सर्च किए जा सके। मुख्य सचिव ने भेजा रिमाइंडर मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी प्रशासनिक सचिवों को रिमाइंडर जारी कर कहा है कि नौ जून को दिए गए निर्देशों के बावजूद कई विभागों से अब तक कार्रवाई रिपोर्ट नहीं मिली है। विभागों से कहा गया है कि बिना और देरी किए एक्शन टेकन रिपोर्ट निर्धारित ई-मेल पर भेजी जाए, ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके। साथ ही सभी विभागों को अपने-अपने कानूनों, नियमों और अन्य दस्तावेजों की संपादन योग्य डिजिटल कॉपी तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी बताना होगा कि कौन-से नियम या कानून अप्रासंगिक हो चुके हैं और किनमें संशोधन, सरलीकरण या निरस्तीकरण की जरूरत है। विभागों की छह बिंदुओं पर समीक्षा सरकार नियामकीय सुधार के तहत सभी विभागों के नियमों की छह बिंदुओं पर समीक्षा करा रही है। इसमें अनावश्यक लाइसेंस खत्म करना, पुराने और अप्रासंगिक नियम हटाना, जोखिम आधारित निरीक्षण व्यवस्था लागू करना तथा प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है।  

साइबर अपराध पर हरियाणा पुलिस की सख्ती, 31% धनवापसी के साथ जांच में बड़ी सफलता

चंडीगढ़ हरियाणा में साइबर अपराधियों से निपटने में सख्ती और जागरूकता अभियान का असर दिखने लगा है। विशेषकर हाट स्पाट नूंह में साइबर ठगों का नेटवर्क तोड़ने में खासी सफलता मिली है। पिछले छह महीन में 14 हजार 139 अवैध आनलाइन सामग्री हटाई गई और 3947 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। डेढ़ साल के दौरान नूंह से 927 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि साइबर ठगी के मामलों में 31 प्रतिशत धन वापसी सुनिश्चित की है। यह राष्ट्रीय औसत 3.85 प्रतिशत से आठ गुना अधिक है। पिछले डेढ़ साल में 9100 पुलिस कर्मियों को साइबर जांच का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। 25 जून से ई-जीरो एफआईआर सुविधा लागू पुलिस अधीक्षक (साइबर) मयंक गुप्ता ने बताया कि साइबर अपराधियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण, नीति, अनुसंधान एवं विकास, डार्क वेब जांच तथा वर्चुअल डिजिटल एसेट से संबंधित विशेष प्रकोष्ठ स्थापित करने का प्रस्ताव है। 25 जून से ई-जीरो एफआइआर सुविधा लागू कर दी गई है। राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त एक लाख रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें स्वतः इलेक्ट्रानिक जीरो एफआइआर में परिवर्तित होकर संबंधित साइबर पुलिस थानों को चली जाती हैं। इससे ऐसे मामलों में त्वरित पंजीकरण और जांच सुनिश्चित हो रही है। इस दौरान गृह सचिव सुधीर राजपाल, पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल तथा गृह विभाग की अतिरिक्त सचिव डा. वंदना दिसोदिया ने भी अपनी बात रखी। नूंह में पकड़े सर्वाधिक साइबर अपराधी नूंह में सर्वाधिक साइबर अपराधी पकड़े गए हैं। पिछले डेढ़ साल में हरियाणा पुलिस ने 473 एफआइआर दर्ज करते हुए 927 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। आरोपितों से 751 मोबाइल फोन तथा 1442 सिम कार्ड जब्त किए। इसके अतिरिक्त 43 हजार 354 मोबाइल नंबर तथा उनसे जुड़े 5007 आइएमईआइ को ब्लाक किया गया। प्रदेश में साइबर अपराध जांच के दौरान फ्रीज किए गए बैंक खातों से संबंधित 533 शिकायतों में से 410 का निपटान किया जा चुका है। 675 पुलिसकर्मी साइबर अपराध की जांच में जुटे प्रदेश में 675 पुलिस कर्मी साइबर अपराध जांच में कार्यरत हैं। इसके अलावा 3742 अधिकारियों ने साइट्रेन पोर्टल के माध्यम से आनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त किया है। हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में 5390 पुलिस कर्मियों को विशेष आफलाइन प्रशिक्षण दिया गया। हरियाणा पुलिस के दो अधिकारी साइबर कमांडो के रूप में प्रशिक्षित किए गए हैं तथा 12 अन्य अधिकारी साइबर कमांडो प्रशिक्षण के अगले चरण के लिए पात्र घोषित किए गए हैं। समन्वय पोर्टल पर हरियाणा ने अन्य राज्यों से प्राप्त 8872 अनुरोधों में से 8,625 का निपटान कर 97 प्रतिशत से अधिक दक्षता दर्ज की है।

हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल, हर जिले में मेडिकल कॉलेज की योजना

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को दैनिक जागरण के यूफोरिया कार्यक्रम में राज्य की कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य व बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर दूरगामी कार्ययोजना स्पष्ट की। बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक वर्ष में बिहार में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की आधारशिला रख देंगे। सभी 534 ब्लाॅक में माॅडल स्कूल और 38 जिलों में खुलेंगे मेडिकल काॅलेज राज्य के 14 हजार से अधिक हाई स्कूलों में से सभी 534 ब्लाॅकों को चिन्हित कर वहां शानदार माॅडल स्कूल बनाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 में वोट मांगने से पहले बिहार के सभी 38 जिलों में सर्वसुविधायुक्त मेडिकल काॅलेज व अस्पताल बना दिए जाएं। इसके पहले कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री, कला संस्कृति मंत्री डाॅ. प्रमोद चंद्रवंशी, दैनिक जागरण बिहार के मुख्य महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी, राज्य संपादक आलोक मिश्रा, दैनिक जागरण बिहार के डिप्टी एडिटर अश्विनी कुमार सिंह आदि ने किया। 126 किमी लंबा मरीन ड्राइव बनेगा राज्य की समृद्धि में दैनिक जागरण की बड़ी भूमिका की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी माह से 213 नए डिग्री काॅलेज स्थापित करने का काम शुरू किया जा रहा है। राज्य में 126 किलोमीटर लंबा शानदार मरीन ड्राइव बनाने का काम किया जाएगा। उन्‍होंने कई अन्‍य बिंदुओं पर भी अपनी बातें रखीं। कला संस्कृति मंत्री डॉ प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि बिहार के सारे जिलाधिकारियों व एसपी को पत्र भी लिख दिया गया है।राज्य में कहीं भी किसी तरह से कोई फूहड़ गाने बजते हैं, उसको कड़ाई से बंद कराएं। इसमें किसी तरह की कोताही स्‍वीकार्य नहीं है।  

बाबा बैद्यनाथ से टांगीनाथ धाम तक, जानिए झारखंड के प्रमुख शिवालय

 रांची  भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना सावन शुरू होते ही झारखंड पूरी तरह शिवमय हो गया है। राज्य के प्रसिद्ध शिवालयों में सुबह से ही बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष गूंज रहे हैं। देवघऱ से लेकर रांची, गुमला और खूंटी तक लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। अगर आप भी इस सावन बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लेना चाहते हैं, तो झारखंड के इन प्रसिद्ध शिव मंदिरों की यात्रा आपकी आस्था को और मजबूत बना सकती है। बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। सावन के महीने में यहां लाखों कांवरिये और श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। हर साल आयोजित होने वाला श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है, इसलिए इसे मनोकामना लिंग भी कहा जाता है। बासुकीनाथ धाम, देवघर-दुमका मार्ग देवघर-दुमका मार्ग पर स्थित बासुकीनाथ धाम का धार्मिक महत्व बेहद खास है। मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद बासुकीनाथ में पूजा किए बिना यात्रा अधूरी मानी जाती है। सावन के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और पूरा मंदिर परिसर शिवभक्ति में डूबा रहता है। पहाड़ी मंदिर, रांची राजधानी रांची का प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर सावन में श्रद्धालुओं का प्रमुख आकर्षण बन जाता है। करीब 350 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए 468 सीढ़ियां चढ़़नी पड़ती है। सावन में रोजाना फूलों से बाबा का भव्य श्रृंगार होता है और सुबह तड़के से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं। आमरेश्वर धाम (अंगराबाड़ी), खूंटी खूंटी जिले में स्थित आमरेश्वर धाम, जिसे श्रद्धालु अंगराबाड़ी के नाम से भी जानते हैं, सावन में आस्था का बड़ा केंद्र बन जाता है। इस प्राचीन मंदिर को झारखंड का मिनी बाबा धाम कहा जाता है। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां जलाभिषेक करने और भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। टांगीनाथ धाम, गुमला गुमला जिले का टांगीनाथ धाम अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहां भगवान शिव के अनेक प्राचीन शिवलिंग और देवी-देवताओं की प्रतिमाएं मौजूद हैं। मान्यता है कि भगवान परशुराम का दिव्य फरसा आज भी यहां स्थापित है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। सावन में यहां विशेष पूजा और श्रावणी मेले का आयोजन होता है। क्यों खास है झारखंड का सावन? झारखंड में सावन केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक है। सुल्तानगंज से देवघर तक की कांवर यात्रा, लाखों श्रद्धालुओं की पदयात्रा और शिवालयों में होने वाले विशेष अनुष्ठान इस महीने को और भी खास बना देते हैं। अगर आप इस सावन आध्यात्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो झारखंड के ये शिव मंदिर आपकी सूची में जरूर होने चाहिए।