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जयपुर घूमने जा रहे हैं तो ध्यान दें! आमेर और चारदीवारी में बदलेगा ट्रैफिक प्लान, पार्किंग की भी व्यवस्था

जयपुर  टूरिस्ट सीजन में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही और यातायात के दबाव को देखते हुए जयपुर यातायात पुलिस ने 10 और 11 अक्टूबर को चारदीवारी और आमेर क्षेत्र में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इसके तहत वाहनों के रूट में बदलाव किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए पुरातत्व विभाग की ओर से परियों का बाग पार्किंग भी शुरू की जाएगी। आमेर से जयपुर आने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना होगा। वहीं, चारदीवारी क्षेत्र में मालवाहक वाहनों के प्रवेश का समय भी तय किया गया है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और पर्यटकों को परेशानी का सामना न करना पड़े आमेर किला ट्रैफिक डायवर्जन: जयपुर पुलिस ने जारी किया नया प्लान आमेर से जयपुर आने वाले वाहन आमेर तिराहा, दिल्ली रोड, गलता गेट चौराहा और ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा होकर गुजरेंगे। दिल्ली रोड की तरफ से आने वाले पर्यटक आमेर तिराहा से धोबीघाट चौराहा, रामगढ़ मोड़ और आमेर रोड होते हुए आमेर फोर्ट पहुंच सकेंगे। जयगढ़ टी-पॉइंट से रामगढ़ मोड़ की ओर ट्रैफिक बंद रहेगा। जयगढ़ से वाहन केवल आमेर की ओर जा सकेंगे। आमेर से रामगढ़ मोड़ और आमेर तिराहा से आमेर गांधी चौक की तरफ प्रवेश निषेध रहेगा। जयपुर चारदीवारी ट्रैफिक अपडेट: पर्यटकों के लिए पार्किंग और नए रूट बड़ी पर्यटक बसें रामनिवास बाग में होंगी पार्कः बड़ी टूरिस्ट बसों को रामनिवास बाग सैटेलाइट पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। व्यापारियों से अपने वाहन जेडीए भूमिगत पार्किंग (रामनिवास बाग), चौगान स्टेडियम पार्किंग या आतिया मार्केट के अंदर पार्क करने की अपील की गई है। रात 11 से सुबह 7 बजे तक मालवाहक वाहनों को प्रवेशः चारदीवारी क्षेत्र में मालवाहक वाहनों को रात 11 बजे से सुबह 7 बजे तक ही प्रवेश मिलेगा। सुभाष चौक से आने-जाने का रूट बदलेगाः बड़ी चौपड़ से सुभाष चौक की ओर दोनों तरफ से वाहनों का संचालन होगा। वहीं, सुभाष चौक से बड़ी चौपड़ की ओर आने वाले यातायात को चार दरवाजा और घोड़ा निकास रोड होते हुए रामगंज चौपड़ की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। गणगौरी बाजार में भी बदलावः बांदरवाल गेट से आने वाले वाहन नगर परिषद की मोरी और शार्दुल सिंह की नाल से होते हुए गणगौरी बाजार जा सकेंगे। गणगौरी बाजार से शार्दुल सिंह की नाल होते हुए सिटी पैलेस की ओर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।  

Voter List Update: फॉर्म-6 से जुड़ी बड़ी बाध्यता खत्म, नए मतदाताओं के लिए आवेदन प्रक्रिया हुई आसान

 इटावा  मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने की प्रक्रिया अब पहले की तरह आसान हो जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा की बाध्यता समाप्त कर दी है। इससे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के इच्छुक लोगों को फॉर्म संख्या-6 के साथ अलग से घोषणा पत्र भरने की जरूरत नहीं होगी। अब पात्र नागरिक पूर्व की भांति ऑनलाइन या बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे। एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ा गया था। इसमें आवेदक से केवल उसकी व्यक्तिगत जानकारी ही नहीं, बल्कि माता-पिता और परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित विवरण भी मांगे जाते थे। इस व्यवस्था को लेकर राजनीतिक दलों ने सवाल उठाए थे। घोषणा पत्र की अनिवार्यता और उसमें मांगी जा रही जानकारियों को लेकर विवाद बढ़ने के बाद निर्वाचन आयोग ने एसआइआर की प्रक्रिया पूरी हो चुके राज्यों में इसे हटाने का निर्णय लिया। आयोग के इस कदम से नए मतदाताओं को आवेदन करते समय अतिरिक्त जानकारी जुटाने की परेशानी से राहत मिलेगी। अतिरिक्त घोषणा पत्र में आवेदक के माता-पिता अथवा अभिभावक से संबंधित विवरण भरने का प्राविधान था। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के पुराने मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी भी मांगी जाती थी। आवेदक या संबंधित परिजन का नाम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं, इसकी जानकारी देनी होती थी। यदि नाम दर्ज था तो संबंधित विधानसभा क्षेत्र, मतदेय स्थल (बूथ), भाग संख्या और मतदाता सूची में क्रम संख्या जैसी जानकारियां उपलब्ध करानी पड़ सकती थीं। माता-पिता अथवा अन्य संबंधित परिजन का मतदाता पहचान पत्र नंबर उपलब्ध होने पर उसका विवरण भी मांगा जाता था। इस अतिरिक्त प्रक्रिया के चलते ऐसे युवाओं और नए आवेदकों को परेशानी हो रही थी, जिनके पास अपने माता-पिता या परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड की पूरी जानकारी नहीं थी। अब सामान्य प्रक्रिया से होगा आवेदन उप जिला निर्वाचन अधिकारी अपर जिला अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या निर्धारित पात्रता के तहत नए मतदाता बनने वाले नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए किया जाता है। आवेदन में नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर, परिवार के सदस्य से संबंधित उपलब्ध विवरण और निर्धारित पहचान एवं आयु संबंधी दस्तावेजों की जानकारी देनी होती है। आवेदन की जांच और आवश्यक सत्यापन के बाद पात्र आवेदक का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाता है। आवेदन ऑनलाइन निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित बीएलओ की मदद से ऑफलाइन फार्म भी जमा किया जा सकता है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में हुए बदलाव और अन्य निर्वाचन संबंधी जानकारियों से राजनीतिक दलों को अवगत कराया जा रहा है।

अखिलेश को योगी की खुली चुनौती, अयोध्या में चेलों से क्यों लड़ना, आमने-सामने हो मुकाबला

बलरामपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दी। कहा कि अखिलेश यादव अयोध्या से नामांकन करें, वह भी वहीं से चुनाव मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'लड़ाई चेलों से क्यों? लड़ाई तो आमने-सामने होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि अयोध्या उनकी आस्था की स्थली है और वहां हो रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए वह लगातार जाते हैं। अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में चुनावी मुकाबला भी आमने-सामने हो जाए। मुख्यमंत्री बलरामपुर के रेहरा बाजार विकासखंड के बिलरिया गांव में 803 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे।   मुख्यमंत्री योगी ने सपा अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि सपा के बबुआ अभी से बौखला गए हैं। अभी तो विकास की शुरुआत हुई है, आगे बहुत कुछ होना बाकी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में अयोध्या को तीन-चार घंटे बिजली मिलती थी। विकास में बाधाएं खड़ी की जाती थीं। आज वही अयोध्या रामराज्य के नए उदाहरण के रूप में त्रेतायुग का स्मरण करा रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में 80 प्रतिशत सीटों पर भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए जीतेगा। विपक्ष के हिस्से अधिकतम 20 प्रतिशत सीटें ही आएंगी।   सीमावर्ती क्षेत्र में छांगुर जैसे लोगों को नहीं पनपने देंगे मुख्यमंत्री योगी ने सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी और अवैध गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां किसी छांगुर जैसे व्यक्ति को पनपने नहीं दिया जाएगा। किसी को डेमोग्राफी बदलने की छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार में यह क्षेत्र तस्करी और अपराधियों की गतिविधियों का केंद्र बन गया था। अब वही क्षेत्र विकास की नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।   माफिया को संरक्षण देने वालों पर बरसे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में माफिया और अपराधियों को संरक्षण मिलता था। अपराधियों के हौसले बुलंद थे और आम नागरिक भय के माहौल में रहते थे। अब प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी माफिया को कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जाएगी। बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए जेल या जहन्नुम के अलावा तीसरा रास्ता नहीं है।   सपा का पीडीए परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी सपा पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उसका पीडीए वास्तव में 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है। इसका दूसरा अर्थ 'प्रदेश डुबाऊ अलायंस' भी है। राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने दलितों, पिछड़ों और अन्य वर्गों की उपेक्षा की। एक सीट परिवार के सदस्य को दी गई, जबकि दूसरी धनबल के आधार पर बांटी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के एजेंडे में परिवार के बाहर किसी के लिए स्थान नहीं है।   जीत पर पुरुषार्थ, हार पर ईवीएम को दोष मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव जीतने पर ये दल इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, जबकि हारने पर ईवीएम को दोष देते हैं। चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हैं और न्यायालय पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर भ्रष्टाचार, दंगों और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। कहा कि प्रदेश में अब कोई दंगा नहीं कर सकता।   आपदा और वन्यजीव संघर्ष में 24 घंटे में मुआवजा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि अथवा पशुहानि होने पर भी अगले 24 घंटे में मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।   बलरामपुर में दस हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में बलरामपुर के लिए दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की धनराशि भेजी गई है। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का सत्र शुरू हो चुका है। भवन तैयार होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। रिंग रोड, चीनी मिल विस्तार, थारू संग्रहालय और मथुरा घाट पुल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बलरामपुर को विकास के मामले में पिछड़ने नहीं दिया जाएगा।   लाभार्थियों को लैपटॉप, चेक और स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री योगी ने विभागीय प्रदर्शनियां देखीं और छात्रा के विज्ञान मॉडल की सराहना की। एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में विकास यादव और मोहम्मद शादाब को लैपटॉप दिए। किरण वर्मा और हिमांश यादव को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता से संबंधित चाबियां सौंपीं। अजय कुमार पाल, हसन रजा और गुफरान अंसारी को युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए। किसना देवी और ननका देवी को आवास स्वीकृति पत्र तथा गुड़िया वर्मा और पिंकी को आजीविका मिशन के तहत 45 लाख रुपये का चेक दिया।   जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं उपलब्धियां बलरामपुर विधायक पल्टूराम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश विकास के रास्ते पर है। उन्होंने 2027 में सभी 403 विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत का दावा करते हुए लोगों से योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान किया। उतरौला विधायक रामप्रताप वर्मा ने कहा कि 2017 से पहले व्यापारी और महिलाएं भय के माहौल में रहते थे। योगी सरकार ने अपराधियों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर प्रदेश में शिक्षा और विकास को गति दी है।   कार्यक्रम में ये रहे मौजूद जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, विधान परिषद सदस्य साकेत मिश्रा और अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू तथा उतरौला नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सविता गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

भुवनेश्वर कुमार की वापसी पर शमी का बड़ा बयान, चयनकर्ताओं पर साधा निशाना; रणजी ट्रॉफी पर फोकस

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम में 4 साल के लंबे इंतजार के बाद भुवनेश्वर कुमार की टी20 टीम में वापसी हुई है. दूसरी तरफ अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए अभी भी टीम इंडिया का दरवाजा दोबारा नहीं खुल पाया है. भुवी के कमबैक और खुद को लगातार नजरअंदाज किए जाने पर मोहम्मद शमी का गुस्सा फूट पड़ा है. उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में अपनी भड़ास निकाली है. मोहम्मद शमी इससे पहले भी अपनी बयानों से सुर्खियां बटोरने का काम करते रहे हैं. रेवस्पोर्ट्स से बातचीत करते हुए जब मोहम्मद शमी से भुवनेश्वर कुमार के चयन और खुद की टीम से चल रही लंबी दूरी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि भुवनेश्वर कुमार को भारत के लिए खेलने का मौका मिला और यह उनके लिए अच्छी बात है. लेकिन उनके चयन से मेरा कोई लेना-देना नहीं है. मुझे जहां भी खेलने का मौका मिलेगा, मैं अपना शत-प्रतिशत दूंगा. फिलहाल मेरा पूरा फोकस रणजी मैच पर है. इसके आगे शमी ने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले दो-तीन साल से मेरे साथ यही सब हो रहा है. शमी ने कहा कि मैं लगातार प्रदर्शन कर रहा हूं और बंगाल के लिए अपनी फिटनेस साबित कर चुका हूं. इसके बावजूद अगर मुझे दोबारा टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता है तो यह मेरा नुकसान नहीं है! क्यों हो रही है शमी और भुवी की चर्चा? 36 वर्षीय मोहम्मद शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला 2025 चैम्पियंस ट्रॉफी में खेला था. इसके बाद से फिटनेस समस्याओं और चयनकर्ताओं द्वारा युवा खिलाड़ियों को तरजीह दिए जाने के कारण वह लगातार बाहर चल रहे हैं.   दूसरी ओर आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर भुवनेश्वर कुमार की न्यूजीलैंड दौरे के लिए टी20 टीम में वापसी हो चुकी है. माना जा रहा है कि उन्हें वनडे वर्ल्ड कप 2027 की योजनाओं के तहत परखा जा रहा है. ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा सीरीज में फ्लैट पिचों पर भारतीय गेंदबाजों की हो रही धुलाई के बाद फैन्स और एक्सपर्ट्स लगातार अनुभवी गेंदबाजों की वकालत कर रहे हैं, जिससे शमी का यह दर्द खुलकर सामने आ गया है.

यूपी की मंडियों में 15 दिन चलेगा विशेष सफाई अभियान, कूड़ा निस्तारण से जल निकासी तक होंगे पुख्ता इंतजाम

प्रदेश की मंडियों में चलेगा 15 दिवसीय विशेष स्वच्छता अभियान, साफ-सफाई से बदलेगी तस्वीर किसानों की सुविधा और स्वच्छता पर योगी सरकार का फोकस, मंडियों में सफाई से लेकर जल निकासी तक होंगे पुख्ता इंतजाम ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ से चमकेंगी यूपी की मंडियां, कूड़ा निस्तारण और यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर लखनऊ,   योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडियों में साफ-सफाई की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसानों को स्वच्छ एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ संचालित करने का निर्देश दिया है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने अक्टूबर, 2026 में प्रदेश की सभी मंडी एवं उपमंडी स्थलों पर व्यापक स्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत मंडी परिसरों में जमा कूड़े, बंद नालियों, जलभराव वाले स्थानों, शौचालयों, नीलामी चबूतरों, दुकानों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी मंडियों में युद्धस्तर पर होगी साफ-सफाई इस अभियान के दौरान मंडी समितियों के अनुबंधित सफाई ठेकेदारों को अपने सभी सफाई कर्मियों को लगाकर युद्धस्तर पर सफाई कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी परिसर के प्रत्येक हिस्से की सफाई सुनिश्चित की जाएगी। विशेष रूप से नालियों में फंसे अपशिष्ट तथा पानी जमा होने वाले स्थानों को चिह्नित कर उनकी सफाई कराई जाएगी।     धान की आवक को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर  अक्टूबर माह में धान और अन्य कृषि उत्पादों की अधिक आवक तथा आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए मंडियों में यातायात और परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।  नीलामी चबूतरों, दुकानों और नालियों पर ज्यादा ध्यान इस अभियान के अंतर्गत मंडी परिसर में स्थित नीलामी चबूतरों के आसपास की नालियों में जमा कूड़े को हटाने तथा चबूतरों और उनसे संबंधित संरचनाओं की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्थानों पर नमी रहती है, वहां कूड़ा हटाने के बाद निर्देशानुसार चूना पाउडर अथवा गैमक्सीन का छिड़काव कराया जाएगा।  शौचालयों और किसान विश्राम गृहों में सुविधाओं पर रहेगा ध्यान मंडी परिसरों में बने शौचालयों, प्रसाधनों और यूरिनल की सफाई के साथ जलापूर्ति एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शौचालयों के आसपास जलभराव वाले स्थानों की विशेष सफाई कर वहां नियमित रूप से चूने का छिड़काव कराया जाएगा। कार्यालय भवनों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई तथा आवश्यक साज-सज्जा पर भी ध्यान दिया जाएगा। मंडी परिसरों में जहां नए सिविल, विद्युत अथवा मरम्मत संबंधी कार्य चल रहे हैं, उन स्थलों को अलग से चिह्नित किया जाएगा। निर्माण कार्य के बाद बची अनुपयोगी सामग्री और मलबे को भी अभियान के दौरान हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।

बिहार में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश, बेनीपट्टी में 131.2 मिमी वर्षा; तेज हवाओं की चेतावनी

पटना बिहार में मॉनसून की विदाई के बीच मौसम का मिजाज बदल गया है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में मौसम का हाल मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में बेगूसराय (तेघड़ा 120 मिमी) और मधुबनी (बेनीपट्टी 131.2 मिमी) जिलों में एक-दो स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा समस्तीपुर और सीतामढ़ी के कुछ इलाकों में भी मूसलाधार बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.2°C मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में और सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35.4°C भबुआ (कैमूर) में दर्ज किया गया। वहीं, पटना जिले में 59 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। आज के लिए भारी बारिश का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार राज्य के उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्व हिस्सों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। वहीं, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। कल कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग ने बताया कि कल राज्य के लगभग सभी जिलों (उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व) में मौसम शुष्क (साफ) रहने की संभावना है। कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।अगले 5 दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है।  

चंडीगढ़ में 150 करोड़ के डंपिंग ग्राउंड प्रोजेक्ट पर CBI की नजर, खंगाला जाएगा पूरा हिसाब-किताब

चंडीगढ़ शहर के डंपिंग ग्राउंड में कचरे के पहाड़ के साथ अब करोड़ों रुपये के खर्च का हिसाब भी जांच के दायरे में आ सकता है। पिछले पांच वर्षों में कचरे के प्रबंधन और निस्तारण पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। अब इस रकम के इस्तेमाल, कंपनियों को काम आवंटित करने की प्रक्रिया और भुगतान के तरीके को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत में टेंडर आवंटन में कथित अनियमितताओं और नियमों की अनदेखी के आरोप लगाए गए हैं। मामले में सीबीआइ की जांच का फोकस सरकारी धन के इस्तेमाल और ठेकों की प्रक्रिया पर रहने की संभावना है। अब सीबीआई रखेगी पैनी नजर शहर में प्रतिदिन सैकड़ों टन कचरा डंपिंग ग्राउंड पहुंचता है। इसके निस्तारण, सेग्रीगेशन और प्रबंधन के लिए नगर निगम ने अलग-अलग कंपनियों को काम सौंप रखा है। इसके अलावा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का संचालन भी निजी कंपनी के माध्यम से किया जा रहा है। इन कार्यों के लिए कंपनियों को प्रति टन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। ऐसे में जांच का अहम बिंदु यह होगा कि ठेके की शर्तों के मुताबिक वास्तव में कितना काम हुआ और उसके बदले कितनी रकम जारी की गई। नगर निगम में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विंग भी बनाया गया है, जिसकी जिम्मेदारी इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई है। अब सवाल यह है कि इस व्यवस्था के तहत ठेकों की निगरानी किस स्तर पर हुई, काम की गुणवत्ता और मात्रा का सत्यापन कैसे किया गया और भुगतान से पहले किन दस्तावेजों के आधार पर मंजूरी दी गई। सैनेटरी इंस्पेक्टर का रिश्वत मामला भी गरमाया नगर निगम के सैनिटरी इंस्पेक्टर के पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले के बाद डंपिंग ग्राउंड से जुड़े ठेकों और भुगतान व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, रिश्वत मामले और अन्य ठेकों में अनियमितताओं के आरोपों की अलग-अलग जांच और तथ्यों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी। एक ही काम के अलग-अलग रेट, भुगतान की जांच अहम डंपिंग ग्राउंड में कचरे के निस्तारण से जुड़े कार्यों में कथित गड़बड़ियों को लेकर सबसे बड़ा सवाल अलग-अलग कंपनियों को दिए गए रेट पर है। आरोप हैं कि एक ही प्रकार के काम के लिए अलग-अलग दरों पर ठेके आवंटित किए गए। यदि काम की प्रकृति, मात्रा, तकनीकी शर्तों और अन्य परिस्थितियों में अंतर नहीं था, तो दरों में इस अंतर का आधार क्या था? जांच में यह देखा जाना जरूरी होगा कि कंपनियों ने निर्धारित अवधि में कितना काम पूरा किया, कितनी मात्रा में कचरे का निस्तारण किया गया और भुगतान वास्तविक काम के अनुपात में हुआ या नहीं। इसके लिए टेंडर दस्तावेज, वर्क ऑर्डर, बिल, माप पुस्तिकाएं, निरीक्षण रिपोर्ट और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड अहम होंगे। यदि किसी कंपनी को किए गए काम से अधिक भुगतान हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए दस्तावेजी साक्ष्य जरूरी होंगे। बिना अनुभव वाली कंपनियों को ठेके देने पर सवाल नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया पर दूसरा सवाल उन कंपनियों को काम सौंपने को लेकर है, जिनके पास कथित तौर पर कचरा प्रबंधन या निस्तारण का पर्याप्त अनुभव नहीं था। आरोप हैं कि कुछ कंपनियां काम अधूरा छोड़कर चली गईं। इसके बाद निगम को संबंधित कंपनियों पर पेनल्टी लगाने की कार्रवाई करनी पड़ी। ऐसे मामलों में जांच का विषय होगा कि टेंडर की पात्रता शर्तें क्या थीं, कंपनियों ने अनुभव और तकनीकी क्षमता से संबंधित कौन से दस्तावेज जमा किए और चयन के समय उनका सत्यापन किया गया या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि काम अधूरा छोड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई हुई या नहीं और पेनल्टी की रकम वास्तव में वसूल की गई या नहीं। डंपिंग ग्राउंड में कचरे का लगातार जमा होना, उसके निस्तारण पर भारी खर्च और ठेकों को लेकर उठते सवाल नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हैं। यदि रिकॉर्ड की जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित अधिकारियों और कंपनियों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही होगी।

Bihar MLC Election: क्या आज सम्राट चौधरी गिराएंगे पहला विकेट? बागी नेताओं को सदस्यता जाने की चेतावनी

पटना बिहार में आठ एमएलसी सीटों के लिए हो रहे चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार के विरोध की कहानी कुछ ज्यादा प्रबल दिख रही है। स्थित यह है कि क्या महागठबंधन क्या एनडीए सभी को अपने अपनों का विरोध झेलना पड़ रहा है। कहीं दोस्ताना संघर्ष के नाम पर कही सीधे-सीधे। भारतीय जनता पार्टी को ऐसे ही संकट से गुजरना पड़ रहा है। और यह संकट दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में विशेष है तो दरभंगा शिक्षक क्षेत्र में अपरोक्ष रूप से जदयू उम्मीदवार पर खतरा मंडरा रहा है। लेकिन बीजेपी के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्शन लेने का कर दिया ऐलान। क्या किया ऐलान जानिए ! चार बजे तक वापस लें नामांकन राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में 8 सीटों पर हो रहे एमएलसी चुनाव को लेकर काफी गंभीरता के साथ कदम उठाया। इस दौरान 8 सीटों पर पार्टी के भीतर कोई पार्टी या गठबंधन विरोधी बाते न हो, सम्राट चौधरी ने एनडीए के तमाम सांसदों और विधायकों को कल की हुई बैठक के लिए आमंत्रित किया था। सूत्रों की माने तो इस बैठक में सम्मिलित रूप से 8 एमएलसी सीटों के लिए संदेश जारी हुए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पता चला कि दरभंगा स्नातक से भाजपा के उम्मीदवार सर्वेश सिंह को चुनाव में हराने के लिए भाजपा के ही एक नेता ने न केवल चुनाव लड़ने की घोषणा की बल्कि नामांकन भी दाखिल कर दी। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बीजेपी के विरोधी भाजपाई उम्मीदवार को सीधे सीधे आड़े हाथों लिया और निर्देश दिया कि नामांकन चार बजे तक वापस ले नहीं तो होगी कार्रवाई। कौन है भाजपा का विभीषण दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए की तरफ से भाजपा ने सर्वेश कुमार को उम्मीदवार घोषित कर एक बार फिर विश्वास किया है। ये भूमिहार समुदाय से आते हैं। इनकी पकड़ बेगूसराय जिला में सर्वाधिक है। पर इस बार के चुनाव में इन्हें भी भीतरघात का खतरा मंडरा रहा है। एक पुराने बीजेपी आदित्य झा ने खड़ा हो कर बीजेपी की मुश्किल बढ़ा दी है। दिल्ली भाजपा की राजनीति करने वाले आदित्य झा काफी धनवान है और बहुत पहले से ही इन्होंने स्नातक वोटर काफी बना रखा है। कहा जा रहा है कि ये सीएम सम्राट चौधरी के रडार पर आ गए हैं। सूत्र बताते है कि सम्राट चौधरी में साफ कहा कि विरोधी चार बजे तक नामांकन वापस लें ,नहीं भी पार्टी की और से आज करवाई होगी। दरभंगा पर दुर्भाग्य दरभंगा निर्वाचन क्षेत्र के ऊपर दुर्भाग्य छाया हुआ है। दरभंगा स्नातक क्षेत्र पर तो आमने सामने की लड़ाई नहीं पर पुराने बीजेपी नेता ने जदयू के उम्मीदवार घनश्याम राय को जन सुराज के उम्मीदवार सुरेश राय से टक्कर मिल रही है। ये सुरेश राय पुराने भाजपाई है। इनका तो भाजपा से संबंध है।  

राजस्थान में 8 देशों की वायुसेनाओं का शक्ति प्रदर्शन, 32 से अधिक देशों के सैन्य प्रतिनिधि बने गवाह

जयपुर राजस्थान की सामरिक और ऐतिहासिक धरा जोधपुर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सैन्य शक्ति का गवाह बनी है, जहां शनिवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष दौरे पर जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। एयरबेस पहुंचने पर भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने उनकी औपचारिक अगवानी की और भव्य स्वागत किया। रक्षा मंत्री ने यहां आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत की और युद्धाभ्यास में हिस्सा ले रही विभिन्न मित्र राष्ट्रों की वायुसेनाओं के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन से राजस्थान की सीमावर्ती सुरक्षा और भारतीय वायुसेना की वैश्विक साख को एक नया आयाम मिला है। जोधपुर एयरबेस पर 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे इस विशाल युद्धाभ्यास में दुनिया भर के 8 देशों की वायुसेनाएं एक साथ मिलकर अपनी हवाई मारक क्षमता और युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर रही हैं। इसके साथ ही विश्व के 32 से अधिक देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि इस अभ्यास के पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए हैं। एक साथ कई महाद्वीपों की वायुसेनाओं को एक ही मंच पर अभ्यास करते देख रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग तथा वैश्विक सैन्य समन्वय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। सारंग टीम के हैरतअंगेज हवाई करतब 'तरंग शक्ति-2026' युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध 'सारंग' हेलीकॉप्टर एरोबैटिक टीम ने आसमान में सांसें थाम देने वाले हैरतअंगेज करतब दिखाए। सारंग टीम के पायलटों की सटीकता और कौशल को देखकर वहां मौजूद देश-विदेश के सैन्य प्रतिनिधि और दर्शक दंग रह गए। लड़ाकू विमानों की गर्जना और हेलीकॉप्टरों के जटिल फॉर्मेशन ने पूरे जोधपुर एयरबेस के माहौल को देशभक्ति और सैन्य शक्ति के रोमांच से भर दिया। रक्षा मंत्री ने सारंग टीम के प्रदर्शन की सराहना की और विदेशी प्रतिनिधियों के सामने भारतीय वायुसेना के इस गौरवशाली प्रदर्शन को भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का बड़ा प्रमाण बताया। इस अभ्यास के जरिए भारतीय वायुसेना और मित्र देशों की वायुसेनाओं के बीच जटिल सामरिक परिदृश्यों में संयुक्त प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। 32 देशों के पर्यवेक्षक और मजबूत होता अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग जोधपुर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न रक्षा संस्कृतियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना, संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता विकसित करना और आधुनिक हवाई युद्ध रणनीतियों का आदान-प्रदान करना है। 32 से अधिक देशों के सैन्य पर्यवेक्षकों की मौजूदगी यह साबित करती है कि वैश्विक मंच पर भारत एक विश्वसनीय और शक्तिशाली रक्षा साझेदार के रूप में उभरा है। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विदेशी सैन्य अधिकारियों के साथ औपचारिक बातचीत की और वैश्विक शांति तथा रणनीतिक स्थिरता में संयुक्त अभ्यासों की भूमिका पर चर्चा की। निर्धारित कार्यक्रम के समापन के बाद रक्षा मंत्री दोपहर बाद जोधपुर एयरपोर्ट से विशेष विमान द्वारा वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

वाराणसी में त्योहारों पर घर लौटना होगा महंगा, फ्लाइट टिकट ₹35 हजार तक पहुंचा; ट्रेनें भी फुल

बाबतपुर हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए आगामी त्योहारी सीजन में यात्रा महंगी होगी। फ्लाइट का किराया इंटरनेशनल विमानों इतना हो गया है। दीपावली, छठ पर नवंबर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया दो से तीन गुना तक बढ़ गया है। अहमदाबाद और शारजाह से आने वाले विमानों में सीटें फुल हैं। लिहाजा यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे उन्हें ज्यादा किराया देना होगा, साथ ही समय भी अधिक लगेगा। एयरलाइंस कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों का दबाव और बढ़ेगा तो किराये में भी इजाफा हो जाएगा। बड़े शहरों में रहकर नौकरी करने वाले लोग त्योहारों पर घर जाते हैं। ट्रेनों में पहले से लंबी वेटिंग लिस्ट है तो कई गाड़ियों में रिग्रेट (नो रूम) की स्थिति बन गई है। हालांकि दिल्ली, आगरा समेत बिहार और झारखंड के कई शहरों के लिए लग्जरी बसें भी चलती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या के हिसाब से ये नाकाफी हैं। सामान्य दिनों में किराया बाबतपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इस समय विजयवाड़ा, कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, नवी मुंबई, गाजियाबाद, अहमदाबाद, चेन्नई,बेंगलुरु समेत अन्य शहरों के लिए विमान संचालित हो रहे हैं। गौर करें तो सामान्य दिनों में दिल्ली से आने के लिए हवाई किराया 4 से 5 हजार रुपये, मुंबई से 5 से 6 हजार रुपये, अहमदाबाद का 7 से 8 हजार रुपये, चेन्नई का 8 से 9 हजार रुपये और बेंगलुरु का 9 से 10 हजार होता है घरेलू, अंतरराष्ट्रीय विमानों से सफर महंगा चेन्नई से वाराणसी आने वाले विमान की 5 नवम्बर को सीटें फुल हैं। यात्रियों को 20 से 35 हजार खर्च कर कनेक्टिंग विमान का सहारा लेना पड़ेगा। अहमदाबाद से वाराणसी के विमानों में भी सीटें नहीं हैं। यहां से भी वापसी के लिए 21 से 28 हजार रुपये खर्चने होंगे। शारजाह से आने वाले एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान में भी यही स्थित है। इस अंतरराष्ट्रीय सफर के लिए कनेक्टिंग विमान से आने पर 22 से 24 हजार रुपये देने होंगे। शारजाह से दिल्ली पहुंचकर वाराणसी आ सकेंगे। वाराणसी का किराया कितना? बेंगलुरु से वाराणसी 15 से 22 हजार रुपये मुंबई से वाराणसी 13 से 18 हजार रुपये दिल्ली से वाराणसी 12 से 16 हजार रुपये कोलकाता से वाराणसी 8 से 11 हजार रुपये विजयवाड़ा से वाराणसी 11 से 14 हजार रुपये ट्रेनें भी फुल पैक दिवाली-छठ के समय दिल्ली, मुबंई, पुणे, बेंगलुरु से आने वाली ट्रेनें भी फुल पैक हैं। कई ट्रेनों में सीट देखने पर रिग्रेट (Regret) शो हो रहा है। यानी उस ट्रेन में कंफर्म सीट, RAC और वेटिंग लिस्ट की सीमा पूरी तरह से भर चुकी है। अब ऐसे में यात्रियों के पास तत्काल टिकट कराने का विकल्प बचता है।