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पंजाब के DGP की बढ़ीं मुश्किलें? मोहनजीत शेरों मामले में आयोग ने मांगे सभी रिकॉर्ड, 14 अक्टूबर को पेशी

चंडीगढ़  राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने सिख युवक मोहनजीत सिंह शेरों से जुड़े कथित पुलिस हिरासत में उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को नई दिल्ली तलब किया है। इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी करते हुए आयोग ने पंजाब के डीजीपी को 14 अक्तूबर 2026 की दोपहर 12 बजे नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पंजाब पुलिस को इस पूरे मामले से जुड़े सभी प्रासंगिक रिकॉर्ड और दस्तावेज भी साथ लाने को कहा गया है। इस कार्रवाई की जानकारी भाजपा नेता दामन बाजवा और हरमनदेव सिंह बाजवा ने साझा की।  क्या है पूरा मामला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गांव शेरों में आयोजित 'लोक मिलनी' (जनसंवाद) कार्यक्रम के दौरान मोहनजीत सिंह शेरों ने विरोध स्वरूप काला कपड़ा दिखाया था और इलाके में बेधड़क चल रहे नशे के कारोबार का मुद्दा उठाया था। आरोप है कि इस घटना के बाद चार पुलिस अधिकारियों ने हिरासत के दौरान मोहनजीत सिंह के साथ बर्बरता की और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पंजाब पुलिस के सर्वोच्च अधिकारी को तलब किया है। 

Jharkhand News: झाप्रसे अधिकारियों की औपबंधिक वरीयता सूची जारी, दावे और आपत्तियों के बाद बनेगी अंतिम सूची

 रांची राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा (झाप्रसे) के अधिकारियों की बहुप्रतीक्षित और संशोधित औपबंधिक वरीयता सूची को जारी करते हुए अधिकारियों से आठ दिनों के भीतर आपत्ति मांगी है। हाई कोर्ट के स्तर से पूर्व में जारी न्यायादेशों और क्रमिक संशोधनों के आलोक में जारी इस सूची में राज्य गठन के बाद कैडर बंटवारे में झारखंड आए अधिकारियों की वरीयता सूची जारी की गई है। इनमें कई सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस सूची में झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित एवं नियुक्त अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सूची फिलहाल औपबंधिक है। संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यदि उन्हें सूची में अंकित किसी भी तथ्य, जन्मतिथि, योगदान तिथि या अन्य विवरण पर आपत्ति अथवा दावा करना हो, तो वे पूर्ण साक्ष्यों के साथ आवेदन विभाग को सौंप सकते हैं। सूची में दर्ज तथ्यों पर दावा या आपत्ति रखने वाले पदाधिकारी प्रकाशन की तिथि से आठ दिन के भीतर पूर्ण साक्ष्यों के साथ विभागीय सचिव को लिखित आवेदन दे सकते हैं, अथवा विभाग के ई-मेल डीओपीजेएचएआरकेएचएएनडी@जीमेल.काम के माध्यम से दे सकते हैं। विचार के बाद अंतिम सूची इस अवधि में प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों पर सम्यक विचार के बाद ही अंतिम वरीयता सूची प्रकाशित की जाएगी। कार्मिक विभाग ने बताया है कि यह प्रक्रिया बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के अधीन अंतिम संवर्ग विभाजन के बाद झारखंड को आवंटित झाप्रसे अधिकारियों की वरीयता निर्धारण से जुड़ी है। इससे पहले 24 नवंबर 2003 के विभागीय आदेश के तहत अधिकारियों की वरीयता तय की गई थी। संवर्ग विभाजन के बाद एकल और पारस्परिक आधार पर स्थानांतरण के फलस्वरूप झारखंड आए कर्मियों की वरीयता को लेकर कई कानूनी अड़चनें उत्पन्न हुईं और मामला न्यायालय तक पहुंचा। इसी वर्ष एक जुलाई को उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बाद राज्य सरकार को नियमों में संशोधन करना पड़ा। इस संशोधन में पारस्परिक स्थानांतरण और वरीयता दावों से संबंधित नए प्रावधान शामिल किए गए हैं। इन्हीं संशोधनों और न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में यह औपबंधिक सूची जारी की गई है।

जयपुर में ग्लोबल हैप्पीनेस फोरम, राज्यपाल ने कहा- विकास के साथ मानवीय मूल्यों पर भी दें ध्यान

जयपुर  राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि खुशी, कल्याण और स्वतंत्रता ही मानव विकास का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर के समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सभी मिलकर कार्य करे। उन्होंने कहा कि खुशी के लिए विवेक, समझदारी, ईमानदारी और नैतिकता ही सबसे महत्वपूर्ण है। यह सब गुण यदि समाज में व्याप्त हो जाएं तो सब ओर हैप्पीनेस का प्रसार हो सकता है। उन्होंने देश और समाज के लिए सबको चिंतन और मनन करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि इस समय में झूठ को सच बताने की होड़ मच रही है। पर, सजग रहेंगे सत्य सदा सत्य ही रहेगा। उन्होंने देश में 80 करोड़ लोगों को केंद्र सरकार मुफ्त अनाज प्रदान कर रही है। सभी के स्वास्थ्य की विश्व की सबसे बड़ी "आयुष्मान भारत" योजना चलाई जा रही है। देश तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है, यह बहुत से देशों को पच नहीं रहा है। उन्होंने सुशासन और पारदर्शिता के साथ भेदभाव मुक्त वातावरण के लिए कार्य करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि खुशहाली का पैमाना केवल धन-दौलत या भौतिक सुख-सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि यह मानसिक शांति, अच्छे स्वास्थ्य और मजबूत रिश्तों का एक गहरा अहसास है। उन्होंने कहा कि विकास का जो मॉडल पश्चिम के देशों ने अपनाया है, उसमें जीडीपी दर में वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय, आर्थिक प्रगति को ही मुख्य आधार बनाया है। किसी भी विकसित देश के लिए यह सब जरूरी है परन्तु इन—सबसे अधिक जरूरी है मानवीय मूल्य। राज्यपाल बागडे शनिवार को बिड़ला सभागार में वर्ल्ड हैप्पीनेस फाउंडेशन, इण्डिया चैप्टर, जयपुर द्वारा आयोजित"ग्लोबल हैप्पीनेस फोर्म एण्ड फैस्टिवल जयपुर 2026" में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत को गुलामी के दौर में भूखे मरने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा पद्धति को बर्बाद किया। हमारे गुरुकुल बंद करवा दिए। देश को गुलाम रखने के लिए उद्योग धंधे बंद कर लोगों को भूखे मरने की स्थितियां पैदा की। फिर भी अंग्रेजों के कहा कि हम भारत में समृद्धि ला रहे है। इसके जवाब में 1922 में महात्मा गांधी ने भाषण में बताया कि देश में भूखे मरने की स्थितियां आ रही है। इससे बचने के लिए हमें स्वदेशी पर जोर देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि प्रसन्नता की कुंजी यह है कि हम अपने पास जो हैं, उसमें संतोष का अनुभव करें। खुशी केवल पैसे से नहीं आ सकती। इसके लिए बहुत भाग दौड़ के साथ शरीर पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने एलेन मस्क को सर्वाधिक धनी बताते हुए कहा कि पैसा सब कुछ नहीं है। वह चाहते हैं कि उनकी कम्पनिया यहां स्थापित हो। वह चाहते हैं उनका बाजार भारत बने, पर यहां के लोग सब समझते हैं। राज्यपाल ने कहा कि ऐसी कोई वस्तु नहीं जो भारत में पैदा नहीं होती। इससे बहुत से देशों का बाजार बंद हो रहा है। अब वह नहीं चाहते भारत तेजी से विकसित हो। इसलिए देश को कमजोर करने के लिए बहुत से ताकते काम कर रही है। उन्होंने कहा कि टेलेंट तो भारत में तैयार होते हैं, विकसित देशों में नहीं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने व्यक्ति नहीं समग्रता के विकास पर सदा ध्यान दिया। इसी से व्यक्ति, परिवार, समाज का विकास हो सकता है। सभी की खुशहाली संभव है।  

त्योहारों से पहले फूड सेफ्टी विभाग अलर्ट, मिलावटी खाद्य पदार्थों की होगी सख्त जांच

  नई दिल्ली फेस्टिव सीजन में मिलावटी मिठाई, मावा, दूध, मसाले और तेल बेचने वालों पर नकेल कसने के लिए फूड सेफ्टी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। खाने-पीने की चीजों के सैंपल की जांच में देरी रोकने के लिए विभाग सरकारी और प्राइवेट लैब को सूचीबद्ध कर रहा है। फूड सैंपलों की यहां होगी जांच इसके लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) से अधिसूचित और एनएबीएल से मान्यता प्राप्त लैब में भी फूड सैंपलों की जांच होगी। नई व्यवस्था के तहत लैब को सैपल मिलने के 2 से 5 दिनों में जांच रिपोर्ट देनी होगी। जांच में देरी की आशंका वहीं, गंभीर मामलों में 24 से 48 घंटे के भीतर शुरुआती रिपोर्ट देने का प्रावधान किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों के दौरान विशेष जांच अभियान, अचानक छापेमारी, नियमित निगरानी और लोगों की शिकायतों के आधार पर खाद्य पदार्थों के सैंपल लेता है। ऐसे समय में सैंपल की संख्या बढ़ने से जांच में देरी की आशंका रहती है। जांच का काम बांटने की योजना इससे मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थो की बिक्री पर समय रहते रोक लगाने में मुश्किल आती है। नई व्यवस्था में सरकारी और निजी लैब के बीच जांच का काम बांटने की योजना है। लैब को त्योहारों, आपात जांच अभियानों और जन शिकायतों से जुड़े सैंपल को प्राथमिकता देनी होगी, ताकि रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने और नियमानुसार कार्रवाई करने में देरी न हो। क्या कहता है विभाग का सर्कुलर विभाग के सर्कुलर के मुताबिक, दिल्ली में स्थित सूचीबद्ध लैब को विभाग की सूचना मिलने पर उसी दिन अपने खर्च पर सैंपल लेने की सुविधा भी देनी होगी। इससे सैंपल को लैब तक पहुंचाने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी। नामचीन रेस्टोरेंट के टॉयलेट में साफ कराए जा रहे थे बर्तन विभाग ने लैब को दिए ये निर्देश विभाग ने लैब को जांच के नतीजों की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। उसकी लिखित अनुमति के बिना जांच रिपोर्ट या संबंधित जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति अथवा खाद्य कारोबार संचालक के साथ साझा नहीं की जा सकेगी। असुरक्षित सैंपल की तुरत देनी होगी सूचना अगर कोई खाद्य पदार्थ मिलावटी, तय मानको से कम गुणवत्ता वाला या स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया जाता है, तो लैब को इसकी रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा आयुक्त को सीधे भेजनी होगी। रिपोर्ट की हार्ड कॉपी भेजने के साथ निर्धारित पोर्टल पर भी जांच के नतीजे अपलोड करना होगा। इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने एफएसएसएआई के फूड सेफ्टी कंप्लायंस सिस्टम (FoSCOS) और इन्फोलनेट (INFOLNET) पोर्टल का उल्लेख किया है। कम समय में सटीक रिपोर्ट देने वाली लैब को प्राथमिकता देने की व्यवस्था भी की गई है।  

संगीत और नाटक के जरिए दिखा पीएम मोदी का जीवन, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में हुआ विशेष आयोजन

रायपुर : इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में ‘नमो सेवा– अनकही कहानियां’ का जिला स्तरीय भव्य नाट्य मंचन 500 से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति में संगीत और नाट्य प्रस्तुति के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, सेवा-संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का किया गया चित्रण रायपुर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला मुख्यालय खैरागढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय परिसर-2 में ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ का जिला स्तरीय नाट्य मंचन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता रही। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने संगीत, अभिनय और भावपूर्ण संवादों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, सार्वजनिक सेवा के अनुभवों और राष्ट्र के प्रति समर्पण पर आधारित संगीतमय नाटक प्रस्तुत किया।  इस प्रस्तुति में भारतीय कला, संगीत और नाट्य परंपरा के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण के संदेश को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया।  इसके अतिरिक्त भारत के रंग’ की सांस्कृतिक भावभूमि पर आधारित वंदे मातरम की गौरव गाथा पर भरतनाट्यम , कथक की सामूहिक नृत्य प्रस्तुति दी गयी ।  जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए नाटक के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से सेवा भाव, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति जिम्मेदारी को प्रस्तुत किया। संगीत और अभिनय के समन्वय से तैयार इस प्रस्तुति ने सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का संदेश दिया। ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ के मंचन का प्रमुख उद्देश्य सेवा और समर्पण के विचारों को जनसामान्य तक पहुंचाना तथा समाज में सकारात्मक योगदान देने की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जनसेवा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जनभागीदारी, सामूहिक प्रयास और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों को केंद्र में रखकर विद्यार्थियों ने सेवा के व्यापक अर्थ को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह जिला स्तरीय कार्यक्रम सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सेवा के मूल्यों को प्रसारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को देश के सार्वजनिक जीवन, सामाजिक दायित्वों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों को समझने के साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने कला और संस्कृति की भूमिका को रेखांकित करते हुए यह संदेश दिया कि संगीत एवं नाट्य मंचन जनजागरूकता, सामाजिक सहभागिता और सकारात्मक विचारों के प्रसार के प्रभावी माध्यम हैं। इस अवसर पर बिसेसर साहू, घम्मन साहू, शशांक ताम्रकार, जैनेन्द्र जंघेल, श्रीमती नीलिमा गोस्वामी, श्रीमती गिरिजा चंद्राकर, विकेश गुप्ता, रामाधार रजक, भावेश कोचर, गोरेलाल वर्मा, श्रीमती वंदना टांडेकर, आयूब सोलंकी, रूपेंद्र रजक और लखन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

‘तरंग शक्ति-2026’ के समापन पर राजनाथ सिंह का संदेश, तेजस-आकाश से 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट तक तैयारी

जाधपुर राजस्थान की ऐतिहासिक और रणनीतिक सरजमीं जोधपुर एक बार फिर भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और अंतरराष्ट्रीय सामरिक संबंधों की नई मिसाल बनी है। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के दूसरे संस्करण के भव्य समापन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। भारतीय वायुसेना और दुनिया भर से आई मित्र देशों की वायुसेनाओं के जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आधुनिक दौर में सुरक्षा का मतलब केवल सीमा की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि नई तकनीकों और आत्मनिर्भरता के बल पर वैश्विक स्तर पर खुद को मजबूत बनाना भी है। जोधपुर के आसमान में गर्जते लड़ाकू विमानों की आवाज के बीच रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत लगातार अपने आसपास के क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की गतिविधियों पर बारीक नजर बनाए हुए है। उन्होंने जोधपुर की इस पावन भूमि से देश की थल, जल और नभ सेनाओं में हो रहे ऐतिहासिक बदलावों का जिक्र किया। अपने सम्बोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने भारत की सैन्य तैयारियों, स्वदेशी हथियारों, ड्रोन तकनीक, एआई और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की दिशा में तेजी से बढ़ रहे भारत के कदमों पर विस्तार से अपनी बात रखी। 1. संकट के समय स्वदेशी तकनीक ही असली ताकत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोधपुर में कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध और संकट के समय कोई भी देश लंबे समय तक युद्ध नहीं लड़ सकता, जब तक कि वह खुद अपने हथियार और महत्वपूर्ण तकनीक न बनाता हो। इसी कड़ी सोच ने भारत को रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' को अपनी राष्ट्रीय नीति बनाने के लिए प्रेरित किया है। 2. आत्मनिर्भरता का मतलब अकेलापन नहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि 'आत्मनिर्भर भारत' का मतलब दुनिया से अलग-थलग (Isolation) होना बिल्कुल नहीं है। इसका सीधा अर्थ देश के भीतर अपनी घरेलू क्षमता को इतना मजबूत बनाना है कि हम जटिल और अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों को खुद डिजाइन और विकसित कर सकें। 3. सशस्त्र बलों का बुनियादी रूपांतरण भारतीय सशस्त्र बल वर्तमान में संरचनात्मक (structurally), भौतिक (materially) और रणनीतिक (strategically) रूप से एक बुनियादी बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं, जो भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत सैन्य शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है। 4. ड्रोन और एआई ने बदला युद्ध का स्वरूप अनमैन्ड सिस्टम और ड्रोन तकनीक ने सैन्य ऑपरेशन्स की गति, पैमाने और प्रकृति को पूरी तरह बदल दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब युद्ध के दौरान फैसले लेने की प्रक्रिया को नया आकार दे रही है। 5. प्लेटफॉर्म की संख्या नहीं, फैसले लेने की स्पीड अहम राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य की सैन्य ताकत केवल इस बात पर निर्भर नहीं करेगी कि हमारे पास कितने फाइटर जेट या प्लेटफॉर्म हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करेगी कि हम कितनी तेजी से खतरों को भांपते हैं, समझते हैं, फैसले लेते हैं और एक्शन (Sensing, Understanding, Deciding, Acting) लेते हैं। 6. तेजस और आकाश प्रणाली का विशेष उल्लेख भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस' और मिसाइल डिफेंस सिस्टम 'आकाश' का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ये उपकरण भारत की स्वदेशी क्षमता और सैन्य आत्मनिर्भरता के सबसे बड़े प्रतीक बनकर उभरे हैं। 7. 5th जनरेशन फाइटर जेट और भविष्य की तैयारी रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत पांचवीं पीढ़ी (5th Generation) के लड़ाकू विमानों की तकनीक विकसित करने की दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है और बहुत जल्द भारत इस क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल करेगा। 8. स्पेक्ट्रम कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर पर जोर आधुनिक युद्ध अब केवल थल, जल और वायु तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्पेस, साइबर और सूचना क्षेत्र (Information Domain) की अहमियत बहुत अधिक बढ़ गई है, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स वॉरफेयर के लिए एब्सोल्यूट स्पेक्ट्रम कंट्रोल बेहद जरूरी है। 9. सह-विकास और सह-उत्पादन पर फोकस रक्षा अनुसंधान (R&D) से लेकर ट्रेनिंग और हथियारों के मेंटेनेंस तक, भारत अपने मित्र राष्ट्रों के साथ 'को-डेवलपमेंट' (Co-development) और 'को-प्रोडक्शन' (Co-production) पर विशेष जोर दे रहा है। साझा तकनीक और अनुभव से सभी देशों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी। 10. जोधपुर की धरा से मित्र देशों का आभार 'तरंग शक्ति-2026' के सफल आयोजन पर भारतीय वायुसेना और शामिल हुए सभी 8 देशों की वायुसेनाओं, उनके क्रू मेंबर्स और 32 देशों के पर्यवेक्षकों का अभिनंदन करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह अभ्यास आपसी विश्वास, साझा अनुभव और भावी रक्षा संबंधों को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।  

Haryana Metro Project: गुरुग्राम से जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत कॉरिडोर का प्रस्ताव, अगले सप्ताह अहम बैठक

 चंडीगढ़  हरियाणा में मेट्रो विस्तार और नमो भारत ट्रेन परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी अगले सप्ताह अहम बैठक करेंगे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से बुलाई जाने वाली इस बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ नमो भारत ट्रेन के प्रस्तावित कारिडोर पर चर्चा होगी। बैठक में परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता, निर्माण संबंधी बाधाओं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में गुरुग्राम के राजीव चौक से दिल्ली के यशो भूमि तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने पर भी चर्चा हो सकती है। ओल्ड गुरुग्राम से फरीदाबाद-पलवल तक मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हरियाणा में मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना के तहत ओल्ड गुरुग्राम से लेकर फरीदाबाद और पलवल तक नेटवर्क के विस्तार पर काम किया जा रहा है। गुरुग्राम में प्रस्तावित मेट्रो परियोजना के दो चरणों पर काम शुरू हो चुका है। आगामी बैठक में परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ उनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के उपायों पर चर्चा होगी। बावल से जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत कनेक्टिविटी की तैयारी नमो भारत परियोजना के तहत दिल्ली के सराय काले खां से हरियाणा के रेवाड़ी जिले के बावल तक कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम और फरीदाबाद के रास्ते नमो भारत कारिडोर को नोएडा के जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने का प्रस्ताव भी है। हरियाणा सरकार इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे चुकी है।  

बिहार में पेंशनधारियों के लिए बड़ी खबर, सिवान के 3.31 लाख लाभार्थियों को मिला पेंशन का पैसा

सिवान  जिले के तीन लाख 31 हजार 744 पेंशनधारियों के बैंक खातों में सितंबर माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि भेजी गई। शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए पेंशन राशि हस्तांतरित की। इसके तहत जिले के लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 37.61 करोड़ रुपये भेजे गए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभागार में किया गया, जहां बड़ी संख्या में पेंशनधारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपेंद्र यादव, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक मिनहाजुद्दीन, आइसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता की भी विस्तृत जानकारी दी गई। छह योजनाओं के लाभार्थियों को मिली पेंशन की राशि सहायक निदेशक ने बताया कि जिले में छह सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत राशि का हस्तांतरण किया गया। इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 64 हजार 227 लाभार्थियों को सात करोड़ छह लाख 49 हजार 700 रूपये और मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के एक लाख 86 हजार 282 लाभार्थियों को 20 करोड़ 49 लाख 10 हजार 200 रुपये भेजे गए। इसी प्रकार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 10 हजार 494 लाभार्थियों को एक करोड़ 15 लाख 42 हजार 400 रुपये तथा लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 40 हजार 528 लाभार्थियों को चार करोड़ 45 लाख 80 हजार 800 रुपये दिए गए। वहीं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तजन पेंशन योजना के तीन हजार 114 लाभार्थियों के खातों में 34 लाख 25 हजार 400 रुपये और बिहार निःशक्तजन पेंशन योजना के 27099 लाभार्थियों को दो करोड़ 98 लाख आठ हजार 900 रुपये हस्तांतरित किए गए। बैंक खाते और आधार विवरण अपडेट रखने की अपील बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। जिलाधिकारी ने सभी पेंशनधारियों से अपने बैंक खातों और आधार से संबंधित विवरण अद्यतन रखने की अपील की है, ताकि पेंशन राशि के हस्तांतरण में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

गमाडा का बड़ा प्लान: भूमि अधिग्रहण और विकास के लिए जुटाए जाएंगे ₹15 हजार करोड़, कंसल्टेंसी फीस पर विवाद

चंडीगढ़  चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) को लेकर उठे विवादों के बीच ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) अब 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है।मोहाली और आसपास के क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण और विकास परियोजनाओं के लिए जुटाई जाने वाली इस बड़ी राशि में से 191.16 करोड़ रुपये गुजरात की कंपनी टिप्सन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को फीस के रूप में दिए जाएंगे। कंपनी को कुल जुटाई जाने वाली राशि का 1.27 प्रतिशत अरेंजर फीस मिलेगी। गमाडा ने अपनी 14 विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण और विकास कार्यों पर 17,686 करोड़ रुपये की जरूरत बताई है। 14 विकास परियोजनाओं की वित्तीय जरूरत को बनाया आधार गमाडा की फंड जुटाने की योजना ऐसे समय में सामने आई है, जब मोहाली क्षेत्र में जमीन और रियल एस्टेट परियोजनाओं को लेकर चेंज ऑफ लैंड यूज की प्रक्रिया चर्चा में है। हालांकि, प्रस्तावित 15 हजार करोड़ रुपये के फंड और सीएलयू विवादों के बीच किसी सीधे संबंध का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है। अथॉरिटी ने अपनी योजना के पीछे 14 विकास परियोजनाओं की वित्तीय जरूरत को आधार बनाया है। गमाडा के मुख्य प्रशासक की ओर से दिए गए विवरण के अनुसार, अथॉरिटी ने 14 विकास परियोजनाएं शुरू की हैं। इनके लिए चिह्नित जमीन का अधिग्रहण करने और उस पर विकास कार्य करवाने के लिए कुल 17,686 करोड़ रुपये की जरूरत है। इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई गई है। पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट, 1955 की धारा 51 के तहत जीमाडा कर्ज लेने, डिबेंचर जारी करने या बांड के माध्यम से धन जुटा सकता है। अथॉरिटी ने इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर फंड जुटाने की योजना को उचित ठहराया है। 191 करोड़ बतौर फीस दिए जाएंगे 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने की प्रक्रिया में गुजरात की कंपनी टिप्सन्स कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को 191.16 करोड़ रुपये अरेंजर फीस के रूप में दिए जाने हैं। यह सफलता आधारित फीस होगी और कुल प्रस्तावित राशि का 1.27 प्रतिशत है। जीमाडा ने इसके समर्थन में दूसरे राज्यों की संस्थाओं के उदाहरण दिए हैं, जिनमें हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी , आंध्र प्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कारपोरेशन और केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड शामिल हैं। इन संस्थाओं ने भी बुनियादी ढांचा विकास के लिए बांड के जरिये धन जुटाया है। जमीन अधिग्रहण के लिए राज्य के खजाने में पहले से जमा राशि भी इस योजना का महत्वपूर्ण पहलू है। राइट टू फेयर कंपनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट एक्ट, 2013 के तहत संबंधित विकास अथॉरिटियों ने राज्य के खजाने में 6,400 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। इसमें गमाडा की ओर से जमा कराई गई राशि 6,210 करोड़ रुपये है। ऐसे में एक तरफ जमीन अधिग्रहण के लिए हजारों करोड़ रुपये जमा हैं, वहीं दूसरी तरफ विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है

Bihar Makhana: अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया तक पहुंचा मिथिला मखाना, 5 साल में उत्पादन दोगुना करने की तैयारी

पटना  कृषि विभाग के अनुसार, राज्य सरकार कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से जीआई टैग प्राप्त मिथिला मखाना को अंतरराष्ट्रीय बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है। सिन्हा ने बताया कि सरकार वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए ‘मखाना से समृद्धि अभियान’ चला रही है। इसके तहत मखाना की खेती का रकबा दोगुना करने, उत्पादन बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिहार की हिस्सेदारी मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। मखाना का मार्केट तगड़ा उन्होंने कहा कि देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी करीब 80 से 85 प्रतिशत है। मंत्री के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 20 से अधिक देशों को 7,200 मीट्रिक टन से अधिक मखाना और उससे बने अन्य उत्पादों का निर्यात किया। इससे 2.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आय हुई। अमेरिका, पश्चिम एशिया और अफ्रीका सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय मखाना की मांग बढ़ रही है। 20 देशों तक पहुंचा मखाना उन्होंने बताया कि इस साल जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग प्राप्त मिथिला मखाना की खेप अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और ग्रीस पहुंची है। पहली बार बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) के बिहटा औद्योगिक क्षेत्र से जीआई टैग वाले मिथिला मखाना की 18 मीट्रिक टन की खेप समुद्री मार्ग से ऑस्ट्रेलिया भेजी गई। सिन्हा ने कहा कि मखाना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, जीआई टैग के जरिये उसकी पहचान मजबूत करने और किसानों की बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने से उनकी आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मंत्री ने दी पूरी जानकारी मंत्री के अनुसार, अभियान के तहत मखाना की खेती का रकबा वित्त वर्ष 2025-26 के 41 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 2030-31 तक 82 हजार हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। ध्यान रहे कि विदेशों में मखाना की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। अभी हाल में ग्रीस भेजा गया था। उसके अलावा पूर्णिया जिले के अलावा अन्य जिलों से भी मखाना विदेशों में भेजा जा रहा है। मखाना की खेती करने वाले किसानों की बल्ले- बल्ले है।