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स्वेच्छानुदान मद से स्वामी आत्मानंद स्कूल मांझीगुडा को 10 कंप्यूटरों की सौगात

रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने स्वेच्छानुदान मद से बस्तर जिले के विकासखंड दरभा के सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा चिंगपाल को 10 कंप्यूटर प्रदान किए। इसके लिए राज्यपाल द्वारा पूर्व में स्वीकृति प्रदान की गई थी।        लोक भवन  में आज राज्यपाल ने विद्यालय के लिए कंप्यूटरों का औपचारिक रूप से हस्तांतरण किया। इन कंप्यूटरों के माध्यम से सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके ज्ञान और कौशल का विकास होगा।            इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उप सचिव सुश्री निधि साहू तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा (जिला बस्तर) के प्राचार्य उपस्थित थे।

चाणक्य नीति के 7 गुप्त नियम, चुपचाप मेहनत कर ऐसे पाएं बड़ी सफलता

इस दुनिया में दो तरह के लोग हैं, एक वो जो दिखावा करते हैं और दूसरे वो जो चुपचाप इतिहास लिखते हैं. चाणक्य कहते हैं कि अगर तुम अपनी तरक्की की बातें सबको बताओगे, तो लोग तुम्हारा रास्ता रोकने लगेंगे. इसलिए असली बुद्धिमान वहां है, जो बिना शोर मचाए अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल करता है. आज का जमाना शोर मचाने वालों के लिए नहीं, बल्कि साइलेंट अचीवर्स का है. यही चाणक्य नीति का वो गुप्त राज है. ये उन लोगों के लिए है जो लाइफ में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, आगे निकलना चाहते हैं. क्योंकि याद रखना, दुनिया तुम्हें तब तक सपोर्ट करती है, जब तक तुम उनके लेवल पर हो. जैसे ही तुम उनसे ऊपर जाने लगते हो, वहीं से जलन शुरू हो जाती है. तो सवाल यह है कि वो 7 काम कौन से हैं, जिन्हें अगर तुमने चुपचाप करना शुरू कर दिया, तो तुम हर उस इंसान से आगे निकल जाओगे जो आज तुमसे ज्यादा सफल दिख रहा है? खुद को मजबूत बनाओ मजबूती सिर्फ शरीर की नहीं होती, असली ताकत होती है मेंटल स्ट्रेंथ, इमोशनल कंट्रोल और डिसिप्लिन की. जब तुम रिएक्ट करना छोड़कर रिस्पॉन्ड करना सीख जाते हो, तभी असली बदलाव शुरू होता है. हर दिन 30 मिनट अकेले बैठो और खुद से पूछो कि मैं 1% बेहतर कैसे बन सकता हूं? लोगों को मत बताओ कि तुम क्या सीख रहे हो, सीधा रिजल्ट दिखाओ. अपना अगला कदम किसी को मत बताओ जो ज्यादा बोलते हैं, वो कम करते हैं. जो चुप रहते हैं, वही इतिहास बनाते हैं. जैसे ही तुम अपने प्लॉन किसी को बताते हो या तो वो तुम्हें रोकते हैं, या कॉपी कर लेते हैं. इसलिए चुप रहो और मेहनत करो. दूसरों से नहीं, खुद से मुकाबला करो सबसे बड़ी गलती क्या है? हम दूसरों को देखकर सोचते हैं और ऐसे में हम पीछे रह जाते हैं. लेकिन असली सवाल ये होना चाहिए कि मैं कल से कितना बेहतर हूं? हर दिन एक बुरी आदत कम करो और बस प्रोग्रेस ट्रैक करो. असफलता को पब्लिक मत करो, साइलेंटली बदलो जब तुम हारते हो, लोग मजाक उड़ाते हैं या बेकार सलाह देते हैं. लेकिन असली खिलाड़ी क्या करता है? चुप रहता है और वापसी की तैयारी करता है. असफलता को एनालाइज करो, सिस्टम बनाओ और साइलेंटली कमबैक करो. अपने काम का क्रेडिट मत मांगो जिसे खुद की तारीफ करनी पड़े यानी वो अभी शुरुआती लेवल पर है. और जिसकी तारीफ लोग खुद करें, वही असली खिलाड़ी है. तुम बस इतना करो कि काम में एक्सीलेंस दिखाओ. क्रेडिट अपने आप आएगा और जब आएगा, बड़ा आएगा. लोगों को अपने बदलाव से चौंकाओ, बातों से नहीं अगर सच में बदल रहे हो, तो बोलना बंद करो. जब तुम सच में बदलते हो, तो तुम्हारा एटीट्यूड, तुम्हारे फैसले, सब बदल जाते हैं. और फिर लोग खुद पूछते हैं कि, 'तू इतना बदल कैसे गया?' अपना अंत इतना मजबूत बनाओ कि शुरुआत लोग भूल जाएं दुनिया तुम्हारी शुरुआत नहीं याद रखती, लेकिन तुम्हारा अंजाम जरूर याद रखती है. विनर्स बार-बार शुरू नहीं करते बल्कि वो खत्म करते हैं. जब छोड़ने का मन करे, खुद से कहो कि अब रुकना नहीं है, अब खत्म करना है.

आंबेडकरनगर में एसटीएफ एनकाउंटर, 25 मुकदमों वाला इनामी बदमाश आसिफ मारा गया

नॉएडा यूपी में एसटीएफ और बदमाशों के बीच एक बार फिर एनकाउंटर हुआ है। आम्बेडकरनगर के बेवाना थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह नोएडा एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख के इनामी बदमाश आसिफ उर्फ विक्की को मार गिराया गया। आसिफ मूल रूप से कानपुर नगर के धुरैया मरकरपुर का निवासी था और लंबे समय से पुलिस उसके पीछे पड़ी थी। पुलिस के अनुसार, मारे गए अपराधी पर हत्या, लूट, गैंगस्टर समेत 25 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे विभिन्न जनपदों में दर्ज थे। वह लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तलाश में था। एनकाउंटर में दोनों ओर से हुई फायरिंग में यूपी एसटीएफ के सिपाही ओमनाथ चौहान भी घायल हो गए हैं। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक .32 बोर की पिस्तौल, 12 बोर का देसी हथियार, भारी मात्रा में कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। बताया जाता है कि एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर बदमाश की घेराबंदी की थी। खुद को घिरा देख विक्की ने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किया। विक्की का लंबा आपराधिक इतिहास विक्की उर्फ आसिफ अली पर हत्या, डकैती और लूट की कई सनसनीखेज वारदातों के आरोप थे। वर्ष 2013 में सुल्तानपुर में साथियों के साथ घर में घुसकर डकैती के दौरान एक व्यक्ति की हत्या की। वर्ष 2014 में जौनपुर के शाहगंज में परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की और धारदार हथियार से हमला किया, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई। वर्ष 2015 में कौशांबी में दंपती की हत्या कर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। 2015 में ही मुजफ्फरनगर में कई घरों में सिलसिलेवार डकैतियां डालीं और महिलाओं पर जानलेवा हमला किया। वर्ष 2021 में कानपुर देहात के रसूलाबाद में घर में घुसकर तासीम की हत्या करने का भी आरोप था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ विभिन्न जनपदों में 25 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 25 हजार के इनामी का हाफ एनकाउंटर उधर, बहराइच में सोमवार की रात गोकशी के आरोपी व थाना कैसरगंज के 25 हजार के इनामी बदमाश अशरफ उर्फ टन्ने के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इस घटना में वांछित अपराधी के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस को उसके हरनी गांव की रोड से प्यारेपुर जाने वाले रास्ते में पुलिया पर बैठे होने की जानकारी मिली थी। सूचना पर थाना कैसरगंज की पुलिस टीम द्वारा पुलिया के नजदीक पहुंच कर घेरेबंदी की। पुलिस टीम से घिरता देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया। पुलिस ने फायर किया तो उसके दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी से उसके पास एक देशी तमंचा, कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ है।

शिव पुराण में कलयुग का वर्णन, जानें कैसा होगा मानव जीवन का स्वरूप

जैसे जन्म के बाद मृत्यु निश्चित है, वैसे ही युगों का परिवर्तन भी अटल सत्य है. हिंदू धर्म ग्रंथों में समय को चार युगों में विभाजित किया गया है सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग और कलयुग. वर्तमान समय में हम कलयुग में जी रहे हैं. हमारे शास्त्रों में पहले ही बताया गया है कि कलियुग में मानव जीवन कैसा होगा. तो आइए जानते हैं कि शिव पुराण के अनुसार कलयुग का स्वरूप कैसा बताया गया है. कलयुग के बारे में क्या कहता है शिवपुराण शिवपुराण में कलयुग का विस्तृत वर्णन मुख्य रूप से विद्येश्वर संहिता के पहले और दूसरे अध्याय में मिलता है. इसमें सूत जी और ऋषियों के संवाद के माध्यम से कलयुग की शुरुआत और उसके अंत के बारे में विस्तार से बताया गया है. शिव पुराण के अनुसार, घोर कलयुग आने पर मनुष्य पुण्य कर्मों से दूर हो जाएगा और दुराचार में फंस जाएगा. लोग सत्य बोलने से मुंह मोड़ लेंगे. दूसरों की निंदा करने में लगे रहेंगे. पराए धन को हड़पने की इच्छा बढ़ेगी. मन पराई स्त्रियों में आसक्त रहेगा. लोग हिंसक प्रवृत्ति के हो जाएंगे और अपने शरीर को ही आत्मा मानने लगेंगे. मनुष्य नास्तिक, गुणहीन और पशु बुद्धि वाला हो जाएगा. माता-पिता के प्रति द्वेष बढ़ेगा. ब्राह्मण लोभ के कारण अपने धर्म से भटक जाएंगे और वेदों का ज्ञान बेचकर जीविका चलाएंगे. विद्या का उपयोग केवल धन कमाने के लिए किया जाएगा और लोग अहंकार में डूबे रहेंगे. वर्गों का होगा नाश शिवपुराण के मुताबिक, क्षत्रिय वर्ग भी अपने धर्म का त्याग कर देगा. उनमें शौर्य का अभाव होगा और वे गलत तरीकों से जीविका कमाएंगे. वैश्य वर्ग भी धर्म से भटक जाएगा और केवल धन कमाने पर ध्यान देगा, यहां तक कि व्यापार में भी धोखाधड़ी करेगा. शूद्र वर्ग अपने कर्म छोड़कर दूसरों के आचरण अपनाने लगेगा और बाहरी दिखावे में लगा रहेगा. समाज में हर व्यक्ति अपने धर्म और कर्तव्यों से भटक जाएगा. लोग कुटिल, स्वार्थी और दूसरों की निंदा करने वाले होंगे. यदि कोई धनवान होगा तो कुकर्मों में लिप्त रहेगा और विद्वान होने पर भी केवल वाद-विवाद में उलझा रहेगा. कलयुग में स्त्रियों का क्या होगा? कलयुग की स्त्रियों के बारे में भी बताया गया है कि वे सदाचार से दूर हो जाएंगी, पति का अपमान करेंगी और सास-ससुर का आदर नहीं करेंगी. वे अनुशासनहीन होंगी और पारिवारिक मूल्यों से दूर होती जाएंगी. आज के समय में हम देखते हैं कि शिव पुराण में कही गई कई बातें वास्तविकता में घटित होती दिखाई दे रही हैं. हालांकि, कलयुग के अभी केवल लगभग 5000 वर्ष ही बीते हैं और इसके समाप्त होने में अभी लाखों वर्ष बाकी हैं.

अगस्त में बुध गोचर से चमकेगी इन 5 राशियों की किस्मत, मिलेंगे धन और करियर लाभ

 ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, संवाद, व्यापार और चतुरता का कारक माना जाता है. अगस्त 2026 का महीना ग्रहों के फेरबदल के लिहाज से बेहद खास होने वाला है. इस महीने की शुरुआत में ही एक बड़ा ज्योतिषीय घटनाक्रम होने जा रहा है.  5 अगस्त 2026 को बुध देव अपने मित्र चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे. बुध का यह गोचर 5 अगस्त से लेकर 22 अगस्त 2026 तक यानी कुल 18 दिनों तक रहेगा.  इसके बाद बुध सिंह राशि में प्रवेश कर जाएंगे. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कर्क राशि में बुध का आना 5 विशेष राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. इस दौरान इन राशियों को करियर, व्यापार और धन लाभ के बेहतरीन अवसर मिलेंगे. आइए जानते हैं उन भाग्यशाली राशियों के बारे में और साथ ही जानेंगे कि इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है. बुध के गोचर की पूरी टाइमलाइन ग्रहों के राजकुमार बुध की स्थिति को समझें तो वह 7 जुलाई 2026 को अपनी खुद की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे और 5 अगस्त तक वहीं रहेंगे.  इसके बाद 5 अगस्त को वह चंद्रमा की राशि कर्क में गोचर करेंगे, जहां वे 22 अगस्त तक विराजमान रहकर इन 5 राशियों को लाभ पहुंचाएंगे. इन 5 राशियों की खुलेगी किस्मत 1. मेष राशि (Aries): मेष राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर पारिवारिक जीवन में खुशियां लेकर आएगा. भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बनेंगे. यदि घर से जुड़ा कोई काम लंबे समय से अटका था, तो वह अब रफ्तार पकड़ेगा.  परिवार के सदस्यों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे . घर का माहौल शांतिपूर्ण रहेगा. व्यापार में भी मुनाफे के अच्छे योग हैं. 2. मिथुन राशि (Gemini): चूंकि बुध मिथुन राशि के स्वामी हैं, इसलिए कर्क राशि में उनका जाना आपके धन भाव को प्रभावित करेगा. रुके हुए धन की वापसी होगी और आर्थिक पक्ष मजबूत होगा. निवेश से लाभ मिलने की पूरी संभावना है. आपकी कम्युनिकेशन स्किल (बात करने की शैली) शानदार रहेगी, जिससे लोग आपकी तरफ आकर्षित होंगे. नौकरी और बिजनेस में नए व आकर्षक अवसर मिलेंगे. 3. कन्या राशि (Virgo): बुध का यह गोचर कन्या राशि के जातकों के लिए बेहद फलदायी रहने वाला है.  लंबे समय से रुके हुए कार्य अचानक से गति पकड़ेंगे. कार्यक्षेत्र में कोई बड़ा और नया अवसर हाथ लग सकता है.  इस अवधि में आपकी मुलाकात कुछ ऐसे प्रभावशाली नए लोगों से होगी, जो भविष्य में आपके करियर को चमकाने में मददगार साबित होंगे. आपकी दबी हुई इच्छाएं इस दौरान पूरी हो सकती हैं. 4. तुला राशि (Libra): तुला राशि के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में अपनी धाक जमाने का है.आपकी मेहनत का पूरा फल आपको मिलेगा. सीनियर्स और बॉस आपके काम की तारीफ करेंगे.  इस अवधि में पदोन्नति (प्रमोशन) या वेतन वृद्धि के मजबूत योग हैं.  किसी बड़े और प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको मिल सकती है, जिससे समाज और ऑफिस में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. 5. मकर राशि (Capricorn): मकर राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर निजी और व्यावसायिक दोनों जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा. जीवनसाथी के साथ चल रहे वैचारिक मतभेद दूर होंगे. यदि आप पार्टनरशिप (साझेदारी) में कोई व्यापार करते हैं, तो यह 18 दिन आपके लिए बंपर मुनाफा लेकर आ सकते हैं.  कोई बड़ी और फायदेमंद बिजनेस डील फाइनल हो सकती है. बुध गोचर के दौरान क्या करें और क्या न करें मंत्र जाप: नियमित रूप से 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें.  इससे बुद्धि तीक्ष्ण होती है. व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं.हर बुधवार को विघ्नहर्ता भगवान गणेश को दूर्वा (दूब घास) और मोदक या लड्डू का भोग लगाएं. बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं. इससे कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होता है.  बुध संवाद का कारक है, इसलिए इस दौरान किसी से भी फालतू की बहसबाजी या कड़वे वचनों का प्रयोग करने से बचें.  अपनी वाणी को मधुर रखें.  नौकरी या बिजनेस से जुड़े किसी भी जरूरी दस्तावेज (Paperwork) पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ और समझ लें. जल्दबाजी में कोई फैसला न लें.

टीम इंडिया संकट में, श्रेयस अय्यर की कप्तानी और ड्रेसिंग रूम पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप की मौजूदा चैम्पियन और दुनिया की नंबर-1 टी20 टीम भारत इन दिनों लगातार सवालों के घेरे में है. आयरलैंड दौरे पर लगातार दो हार के बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी मिली शिकस्त ने टीम की परेशानियां बढ़ा दी हैं. इन हारों ने सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि कप्तानी, ड्रेसिंग रूम के माहौल और टीम के भीतर तालमेल को लेकर भी बहस छेड़ दी है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ खराब क्रिकेट का नतीजा है या फिर नए कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ पर्याप्त बॉन्डिंग और तालमेल न बन पाना भी इसकी एक अहम वजह है? दरअसल, श्रेयस अय्यर की कप्तानी की कहानी सामान्य नहीं रही. उन्होंने ढाई साल से अधिक समय तक कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला था. इसके बाद उनकी टीम में वापसी हुई और वापसी के साथ ही उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई. भारतीय क्रिकेट में आमतौर पर कप्तान वही बनता है, जो लंबे समय से टीम का नियमित हिस्सा हो या उपकप्तान की भूमिका निभा रहा हो. इस बार चयनकर्ताओं और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने परंपरा से हटकर फैसला लिया.यही फैसला अब चर्चा के केंद्र में है. क्या ड्रेसिंग रूम में बना असहज माहौल? भारतीय टीम में हार्दिक पंड्या, शुभमन गिल, अक्षर पटेल और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ी हाल के वर्षों में नेतृत्व समूह का हिस्सा रहे हैं. ऐसे में अचानक लंबे समय तक टीम से बाहर रहे खिलाड़ी को कप्तान बना देना कुछ खिलाड़ियों के लिए चौंकाने वाला फैसला हो सकता है. क्रिकेट में भले ही खिलाड़ी सार्वजनिक तौर पर कुछ न कहें, लेकिन कप्तानी हर किसी का सपना होती है. ऐसे फैसले ड्रेसिंग रूम के माहौल और खिलाड़ियों की मानसिकता पर असर डाल सकते हैं. मिल ही नहीं पाया साथ काम करने का समय श्रेयस अय्यर के सामने सबसे बड़ी चुनौती कप्तानी संभालने से पहले ही खड़ी हो गई थी. अफगानिस्तान सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद भारतीय टीम इंग्लैंड रवाना हो गई. खिलाड़ियों को नए कप्तान के साथ समय बिताने, उनकी रणनीति समझने या टीम के भीतर तालमेल बनाने का लगभग कोई मौका नहीं मिला. विदेशी परिस्थितियों में सीमित अभ्यास और नए नेतृत्व के साथ कम समय ने मुश्किलें और बढ़ा दीं. यह भी पढ़ें: वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में दिखा दिया ट्रेलर, अब बस एक कमी दूर हुई तो इंग्लैंड पर टूट पड़ेंगे! कप्तानी का अनुभव, पर अंतरराष्ट्रीय चुनौती अलग यह कहना गलत होगा कि श्रेयस अय्यर को बिना उपलब्धियों के कप्तानी मिली है. आईपीएल 2024 में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब दिलाया और अगले सीजन पंजाब किंग्स को वर्षों बाद फाइनल तक पहुंचाया. उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों की काफी तारीफ हुई. यही वजह थी कि उन्हें टी20 टीम की कमान सौंपी गई. हालांकि फ्रेंचाइजी क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव अलग होता है. यहां सिर्फ कप्तान की रणनीति नहीं, बल्कि पूरे ड्रेसिंग रूम का भरोसा और तालमेल भी उतना ही अहम होता है. … अब जीत ही बदल सकती है कहानी लगातार हार के बाद श्रेयस अय्यर पर दबाव बढ़ना तय है. हालांकि उनके पास खुद को साबित करने का समय भी है. भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें भविष्य की योजना के तहत कप्तानी सौंपी है और फिलहाल उनके विकल्प भी सीमित हैं. ऐसे में ट्रेंट ब्रिज में होने वाला तीसरा टी20 मुकाबला श्रेयस के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है. अगर भारत जीत दर्ज करता है तो कप्तानी को लेकर उठ रहे सवाल कुछ समय के लिए शांत हो सकते हैं… लेकिन अगर हार का सिलसिला जारी रहा, तो यह बहस और तेज होगी कि क्या टीम से लंबे समय तक बाहर रहे खिलाड़ी को सीधे कप्तान बनाना सही फैसला था या फिर नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया कुछ और तरीके से होनी चाहिए थी.

बिहार सरकार की बड़ी घोषणा: अब हाईवे और बड़े पुलों पर देना होगा टोल, जारी हुई नई नियमावली

पटना बिहार में स्टेट हाईवे, बड़े पुलों, बाइपास और सुरंगों पर टोल टैक्स लगेगा। इसको लेकर राज्य में बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली 2026 की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी गई। इसके साथ ही राज्य का टोल टैक्स नीति प्रदेश में लागू हो गई। दो लेन से अधिक तथा चार लेन से कम के स्टेट हाईवे पर तय राशि का 60 प्रतिशत टोल टैक्स लगेगा। चार लेन तथा इससे अधिक चौड़ी सड़कों पर तय राशि का सौ प्रतिशत टोल टैक्स लगेगा। इसी प्रकार मध्यवर्ती लेन (5.5 मीटर चौड़ी) सड़क पर 50 प्रतिशत टैक्स लगेगा। अब इसी नीति के आधार पर टोल टैक्स वसूली की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसको लेकर पथ निर्माण विभाग उन पथों और पुलों का चयन कर रहा है, जिसपर टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। विभाग एक आकलन कर लेगा कि किस पथ से कितने वाहन गुजरते हैं। इसके बाद टोट टैक्स की जिम्मेदारी देने के लिए निजी एजेंसी का चयन किया जाएगा। इन एजेंसियों के चयन के लिए निविदा कुछ दिनों में जारी की जाएगी। इसके बाद टोल वसूली निजी एजेंसी के माध्यम से शुरू हो जाएगी। यदि वाहन मालिक निर्धारित शुक्ल का भुगतान नहीं करता है तो उस पर तिगुना जुर्माना लगेगा। पुल पर निर्धारण अलग पुल पर टोल टैक्स का निर्धारण उसकी लंबाई में दस गुना जोड़कर किया जाएगा। यानी कोई 50 किमी सड़क है, उसमें पांच किमी लंबा पुल और 45 किमी सड़क का हिस्सा है तो उस पर कुल टोल टैक्स 45 प्लस 50 अर्थात 95 किमी पर तय होगा। दोपहिया, तिपहिया, ट्रैक्टरों और कंबाइन हार्वेस्टरों और पशु-चलित वाहन पर कर नहीं लगेगा। सर्विस रोड होगा तो यह छूट नहीं मिलेगी। वाहनों से टोल टैक्स की निर्धारित दर गाड़ी में लगे फास्ट टैग या अन्य स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के माध्यम से ही कटेगी। विशिष्ट श्रेणियों के लिए छूट एवं पात्र उपयोगकर्ताओं के लिए रियायती पास एवं बहु-यात्रा रियायतों का भी प्रावधान किया गया है। इसमें बिना फास्ट टैग वाले वाहनों के मामलों में अधिक शुल्क और अधिक भारयुक्त वाहनों के मामले में भी अधिक शुल्क लेने के प्रावधान किए गए हैं। इस तरह लगेंगे शुल्क ● वैन, कार, जीप समेत जैसे अन्य हल्के वाहनों पर 1.25 रुपये प्रति किमी। ● छोटे व्यावसायिक वाहनों (मिनी बस-माल वाहन) पर 2 रुपये प्रति किमी। ● बस और ट्रक, जो दो धुरी वाले हैं, उनपपर 4.25 रुपये प्रति किमी। ● तीन धुरी वाले वाणिज्यिक वाहन पर 4.60 रुपये प्रति किमी। ● भारी निर्माण मशीनरी या उर्थ मूविंग उपस्कर, छह धुरी वाले से 6.65 6.65 रुपये प्रति किमी। ● विशाल आकार के वाहन (सात या अधिक धुरी वाले) से 8.10 रुपये प्रति किमी।

राजस्थान में अगले चार दिन भारी बारिश के आसार, आठ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

जयपुर प्रदेश में मॉनसून सक्रिय है.  जयपुर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर संभाग में कई जगहों पर जमकर बरसात हुई. आज प्रदेश में बांसवाड़ा, बारां, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, सलूंबर, उदयपुर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.  31 जिलों में आंधी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.  राजधानी जयपुर में सोमवार को दिन भर की उमस के बाद देर शाम हल्की बरसात हुई.  इस दौरान सीकर के श्रीमाधोपुर में सर्वाधिक 75 मिमी बरसात दर्ज की गई. सड़कों पर भरा पानी बार‍िश होने से सड़कों पर पानी भर गया. जयपुर के मानसरोवर में सड़क धंस गईं, ज‍िसकी वजह से लंबा जाम लग गया. जाम से न‍िकलने के ल‍िए भार मशक्‍कत करनी पड़ी.   सक्रिय रहेगा मॉनसून मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक डॉ राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक राजस्थान में मॉनसून सक्रिय रहेगा. इस दौरान दक्षिण पूर्वी जिलों में भारी बारिश की संभावना भी है. पूर्वी भारत में बना डिप्रेशन अब दक्षिण-पूर्वी झारखंड और उत्तरी उड़ीसा के आसपास पहुंच गया है, जिसका असर राजस्थान में भी देखने को मिलेगा. भारी से अति भारी बारिश का अनुमान 6 से 9 जुलाई के बीच उदयपुर और कोटा संभाग सहित दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश हो सकती है.  वहीं जयपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी मेघगर्जन के साथ मध्यम से तेज बारिश की संभावना है.   10 जुलाई के बाद बारिश में कमी की संभावना पश्चिमी राजस्थान में भी 7 और 8 जुलाई को बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं.  लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है.  हालांकि, 10 जुलाई के बाद भारी बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है.

रीवा लौटते समय दर्दनाक सड़क हादसा, पूर्व विधायक के परिवार के 5 सदस्यों की जान गई

 मैहर  मैहर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर  देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। नादन थाना क्षेत्र के ग्राम रीघरा के पास रात करीब एक बजे हुए इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। तेज रफ्तार से चल रही एक्सयूवी कार सामने चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें सवार लोग कार के अंदर ही फंस गए। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग किसी रिश्तेदार के यहां से जन्मदिन मनाकर वापस मैहर लौट रहे थे। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान अंकुर पटेल, मृदुन पटेल, विशेष पटेल, हरिशंकर पटेल तथा एक अन्य परिजन के रूप में हुई है। संजीव कुमार पटेल की हालत चिंताजनक बताई जा रही है सभी मृतक पूर्व विधायक स्वर्गीय लालजी पटेल के परिवार से जुड़े बताए जा रहे हैं। हादसे में संजीव कुमार पटेल गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल भी अस्पताल पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।  

CM योगी आज प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी दौरे पर, कई विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी दौरे पर प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास व जनसभा को करेंगे संबोधित सीएम योगी सुल्तानपुर में पीडब्ल्यूडी कार्यों की समीक्षा बैठक के साथ 819 करोड़ की परियोजनाओं की देंगे सौगात वाराणसी में विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद करेंगे बाबा कालभैरव और काशी विश्वनाथ के दर्शन करेंगे लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार 7 जुलाई को प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री पहले प्रतापगढ़ पहुंचेंगे, जहां राजकीय इंटर कॉलेज में 384 करोड़ रुपए से अधिक की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।  प्रतापगढ़ दौरे के बाद मुख्यमंत्री सुल्तानपुर पहुंचेंगे, जहां कलेक्ट्रेट सभागार में वह अयोध्या मंडल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा व नये कार्यों की कार्य योजना के संबंध में बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री सुल्तानपुर व इसौली विधानसभा क्षेत्रों में 819 करोड़ रुपए से अधिक की 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। सीएम यहां विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को चेक/प्रशस्ति पत्र प्रदान करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। सुल्तानपुर दौरे के बाद मुख्यमंत्री वाराणसी के सर्किट हाउस पहुंचेंगे, जहां वाराणसी के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद वह पहले कालभैरव मंदिर में और इसके बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन/पूजन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु' के बेटे के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। सीएम सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे।