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PM मोदी ने तुलसीदास की चौपाई से दिया सामाजिक समरसता का संदेश, कही कई महत्वपूर्ण बातें

अयोध्या  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के भव्य राम मंदिर पर धर्मध्वजा फहराई। इस मौके पर आरएसएस चीफ मोहन भागवत और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ थे। इसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को संबोधित भी किया और भगवान राम के मूल्यों और रामराज्य को वेलफेयर से जोड़ा। इस तरह उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर से देश को वेलफेयर का संदेश दिया। पीएम मोदी ने रामचरित मानस की पंक्ति दोहराते हुए कहा- नहीं दरिद्र, कोउ दुखी ना दीना। यह संदेश बताता है कि विकसित भारत की संकल्पना में कोई भी दुखी और दरिद्र नहीं रहना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे राम भेद से नहीं भाव से जुड़ते हैं। उन्हें वंश नहीं मूल्य प्रिय हैं। उन्हें शक्ति नहीं संयोग मान लगता है। पिछले 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, आदिवासी, वंचित, युवा और किसान समेत सभी वर्गों को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति और हर क्षेत्र सशक्त होगा तो देश राम राज्य की ओर बढ़ेगा। हमें आने वाले 1000 वर्षों के लिए भारत की नींव मजबूत करनी है। जो सिर्फ वर्तमान का सोचते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय करते हैं। इसलिए क्योंकि जब हम नहीं थे, यह देश तब भी था। हम जब नहीं रहेंगे, यह देश तब भी रहेगा। हम एक जीवंत समाज हैं और हमें दूरदर्शिता के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए भी हमें प्रभु राम से सीखना होगा। हमें उनके व्यक्तित्व को समझना होगा और उनके व्यवहार को आत्मसात करना होगा। हमें याद रखना होगा कि राम यानी आदर्श, मर्यादा, धर्म पथ पर चलने वाला व्यक्तित्व। राम यानी जनता के हित को सुरक्षित रखना। राम यानी ज्ञान और विवेक की पराकाष्ठा। राम यानी कोमलता में दृढ़ता। पीएम मोदी ने कहा कि यह धर्मध्वज दूर से ही रामलला की जन्मभूमि के दर्शन कराएगा। युगों-युगों तक प्रभु राम के आदर्शों और प्रेरणाओं को मानव मात्र तक पहुंचाएगा। मैं इस अद्वितीय अवसर की सभी को शुभकामनाएं देता हूं। मैं उन भक्तों को भी प्रणाम करता हूं, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग दिया। इसके अलावा सभी श्रम वीरों, योजनाकारों और अन्य लोगों का भी अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने मंदिर निर्माण में योगदान किया। सदियों की वेदना पर विराम लगा, अब 2047 का टारगेट पीएम मोदी ने कहा कि राम ध्वजा लहराने के साथ ही सदियों की वेदना विराम पा रही है। भगवान राम अयोध्या से युवराज के रूप में निकले थे और लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम बनकर। उनके साथ गुरु वशिष्ठ की शिक्षा थी तो माता शबरी का ममत्व भी था। निषादराज का साथ भी था, जो हमें स्मरण कराता है कि साधन से अहम साध्य होता है। अब एक बार फिर से समाज में उसी समरसता के भाव से सभी के विकास के लिए काम होगा। हम विकसित भारत का ऐसा ही सपना देखते हैं। गुलामी की मानसिकता ने राम को भी नकारा, मैकाले का असर व्यापक लॉर्ड मैकाले ने गुलामी की मानसिकता की नींव रखी थी। 2035 में उस घटना के 200 साल पूरे हो रहे हैं। हमें लक्ष्य लेकर चलना है कि भारत को गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे। दुर्भाग्य है कि मैकाने जो सोचा था, उसका प्रभाव कहीं व्यापक हुआ है। हमें आजादी तो मिली, लेकिन हीन भावना से मुक्ति नहीं मिली। एक विकार आ गया कि विदेशों की हर चीज अच्छी है और हमारे यहां की हर चीज में खोट ही खोट है। इस मानसिकता से हमें मुक्ति पानी है। कहा गया कि हमारा संविधान भी विदेश से प्रेरित है, लेकिन सच यह है कि भारत तो लोकतंत्र की जननी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह भी तो गुलामी की ही मानसिकता है कि एक वर्ग ने राम को नकारा है। त्रेता युग अयोध्या ने दुनिया को नीति दी और 21वीं सदी की अयोध्या दुनिया को विकास का मॉडल देगी।

अयोध्या में ध्वजारोहण, राजनीति में हलचल: अखिलेश यादव ने दिया बड़ा संदेश

अयोध्या  अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को धर्मध्वजा फहरा दी। इस बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया जिसकी सियासी गलियारों में चर्चा होने लगी। अखिलेश यादव ने इस पोस्ट में इटावा में बन रहे श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने इशारों ही इशारों में अन्य मंदिरों के दर्शन और संकल्प पूर्ण करने की भी बात कही।   सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पोस्ट में लिखा-‘पूर्णता ही पूर्णता की ओर ले जाती है। ईश्वरीय प्रेरणा से इटावा में निर्माणाधीन ‘श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर’ के पूर्ण होने पर अन्य मंदिरों के दर्शन का संकल्प भी पूर्ण करेंगे। आस्था जीवन को सकारात्मकता और सद्भाव से भरने वाली ऊर्जा का ही नाम है। दर्शन के लिए ईश्वरीय इच्छा ही मार्ग बनाती है, वही बुलाती है। सच तो ये है कि हम सब तो ईश्वर के बनाएं मार्ग पर बस चलकर जाते हैं। आस्थावान रहें, सकारात्मक रहें।’ बता दें कि अयोध्या में पिछले साल हुई राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और अब ध्वजारोहण समारोह के दौरान समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच सियासत भी होती रही। राम मंदिर में दर्शन के लिए अब तक न जाने को लेकर भाजपा नेता सपा प्रमुख पर सवाल उठाते रहते हैं। इस बीच दो दिन पहले अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने ध्वजारोहण कार्यक्रम में न्योता न मिलने का आरोप लगाते हुए यह कहकर सबका ध्यान खींचा था कि उन्हें यदि न्योता मिला तो सारा काम धाम छोड़कर नंगे पांव मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। राम मंदिर में दर्शन के लिए जाने को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पिछले दिनों एक साक्षात्कार में अपना रुख स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद ही वह दर्शन करने जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि इटावा में श्री केदारेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण पूरा होने वाला है। जैसे ही मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा वहां के दर्शन करके परिवार के साथ दर्शन करने जाएंगे। इटावा में केदारेश्वर महादेव मंदिर इटावा सफारी पार्क के सामने बन रहा है।  

बंगाल में SIR को लेकर हंगामा: BJP कार्यकर्ताओं और BLOs में तीखी झड़प, माहौल गर्म

कोलकाता  कोलकाता में भाजपा कार्यकर्ताओं का पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सामने BLO के एक फोरम के प्रदर्शनकारियों से आमना-सामना हो गया। इस दौरान पुलिस ने बीच-बचाव किया। सीनियर अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। बीएलओ अधिकार रक्षा समिति के कई सदस्य सीईओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे। उनका आरोप था कि मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान उन पर काम का अत्यधिक बोझ है। मामला तब बिगड़ गया जब कोलकाता नगर निगम पार्षद सजल घोष के नेतृत्व में लगभग 50 भाजपा कार्यकर्ता रात 11 बजे मौके पर पहुंचे। सीईओ कार्यालय में बंद चुनाव आयोग के अधिकारियों को डराकर SIR को रोकने के तृणमूल कांग्रेस के कथित प्रयास के खिलाफ नारे लगाने लगे।   रिपोर्ट के मुताबिक, स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी बीएलओ ने जवाबी नारे लगाए। भाजपा पर पश्चिम बंगाल में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे BLO को आतंकित करने और भड़काने की कोशिश कर रहे थे, जो केवल सीईओ से मिलना चाहते थे। घोष ने दावा किया, ‘प्रदर्शनकारी बीएलओ नहीं हैं। वे तृणमूल समर्थित संगठनों के नेता हैं।’ एक-दूसरे पर जमकर किए कटाक्ष बीएलओ फोरम के सदस्यों ने आरोपों को खारिज कर दिया। जब दोनों समूह मीडियाकर्मियों के सामने एक-दूसरे पर कटाक्ष कर रहे थे, तभी उपायुक्त इंदिरा मुखर्जी के नेतृत्व में पुलिस बल उनके बीच खड़ा हो गया ताकि वे टकराव होने से रोक सकें। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल सोमवार रात करीब 11.40 बजे अपने कार्यालय से बाहर निकले। वे बीएलओ के धरने के कारण कार्यालय में ही थे। उन्होंने देर रात के घटनाक्रम पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। तनाव उस समय कम हुआ, जब उन्हें और निर्वाचन आयोग के अन्य अधिकारियों को पुलिस ने उनके आवासों तक पहुंचाया।  

सीएम नीतीश का विकास पैकेज: डिफेंस कॉरिडोर से लेकर मेगा टेक सिटी तक, कई बड़े ऐलान

पटना  बिहार में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कई बड़े ऐलान किए हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमलोगों की प्राथमिकता रही है। सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है। अगले 5 वर्षों (2025-30) में हमलोगों ने 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मंगलवार को एक्स पर यह जानकारी देते हुए कहा कि नई सरकार के गठन के पश्चात् राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने एवं अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करने के लिए हमलोगों ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। बदलते बिहार के विकास की गति को बल देने हेतु बिहार में प्रौद्योगिकी और सेवा आधारित नवाचारों की न्यू ऐज इकोनॉमी के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।   इस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु इस क्षेत्र की बिहार से संबंध रखनेवाले अग्रणी उद्यमियों के सुझाव प्राप्त कर योजनाओं एवं नीतियों का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही बिहार को एक ‘वैश्विक- बैक एंड हब एवं ‘ग्लोबल वर्क प्लेस’ के रूप में विकसित एवं स्थापित करने हेतु महत्वपूर्ण विभागों तथा प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों एवं विशेषज्ञों के सहयोग से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि बिहार की जनसंख्या में युवाओं की भागीदारी काफी अधिक है। इसको सार्थक दिशा देने पर बिहार देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्य बन सकता है। बिहार के बड़ी संख्या में उपलब्ध युवा मानव संसाधन को ध्यान में रखते हुए बिहार को पूर्वी भारत के नए टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए बिहार में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी व फिनटेक सिटी की स्थापना की जाएगी एवं उद्योगों का जाल बिछाने हेतु वृहद कार्ययोजना तैयार कर योजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा। चालू होंगी बंद पड़ी चीनी मिलें सीएम नीतीश कुमार ने बताया है कि राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना एवं पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने हेतु नीति एवं कार्ययोजना बनाई गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी प्रमुख शहरों को बेहतर एवं सुंदर बनाने की योजना पर कार्य करने हेतु तैयारी एवं नई तकनीकों का उपयोग कर राज्य को अग्रणी बनाने हेतु बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना की जाएगी। उक्त सभी बिन्दुओं पर कार्ययोजना तैयार करने हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है। यह समिति राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने एवं युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन तथा अनुश्रवण का कार्य करेगी। आप सभी को पता है कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में औद्योगीकरण ने रफ्तार पकड़ी है। बिहार की नवनिर्वाचित नई सरकार दुगुनी ताकत से राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग लगाने हेतु कृतसंकल्पित है। इसके लिए औद्योगिक कॉरिडोर, उच्च गुणवत्ता की आधारभूत संरचना, हाई क्वालिटी पावर सप्लाई, जल प्रबंधन एवं कुशल मानव संसाधन आवश्यक है, जो अब बिहार में उपलब्ध हैं। राज्य में औद्योगिक विकास एवं अगले 5 वर्षों में युवाओं को नौकरी एवं रोजगार के लिए हमलोगों ने तेजी से काम शुरू कर दिया है और जो काम हमलोग शुरू करते हैं, उसे पूरा करते हैं।  

सुनवाई के दौरान वकील की आवाज बैठी, CJI का हल्का-फुल्का तंज— ‘दिल्ली की यही समस्या है’

नई दिल्ली  दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर पर चिंता लगातार बनी हुई है। अब आशंका जताई जा रही है कि राजधानी में राख का गुबार हालात और बिगाड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट में भी भारत के नए मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत भी ताजा स्थिति पर तंज कसते नजर आए। उन्होंने वकील के खांसने पर कहा कि पूरे दिल्ली का यही हाल है। CJI कांत ने सोमवार को ही पद भार संभाला है।   बार एंड बेंच के अनुसार, मंगलवार को अदालत में सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन एक केस पेश करने पहुंचे थे। इस दौरान वह अचानक गला साफ करने लगते हैं। वह न्यायाधीशों से कहते हैं, 'मुझे माफ कीजिएगा मीलॉर्ड, मेरी आवाज चली गई है।' इसपर सीजेआई ने जवाब दिया, 'हां अब दिल्ली के ऐसे ही हाल हैं।' दिल्ली प्रदूषण: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को घनी धुंध छाई रही और वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' बनी रही। इस बीच आशंका जताई जा रही है कि इथियोपिया में ज्वालामुखी फटने के बाद उठा राख का गुबार क्षेत्र में प्रदूषण को और बढ़ा सकता है। इथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित ढाल-ज्वालामुखी हायली गुब्बी रविवार को फट गया, जिससे राख का गुबार करीब 14 किलोमीटर (45,000 फुट) की ऊंचाई तक गया और लाल सागर की ओर पूर्व दिशा में फैलने लगा। मौसम विभाग ने क्या कहा IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, राख के गुबार चीन की ओर बढ़ रहे हैं और मंगलवार शाम साढ़े सात बजे तक भारत से दूर चले जाएंगे। विभाग ने बताया कि पूर्वानुमान मॉडल के मुताबिक मंगलवार को गुजरात, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा पर राख का कुछ प्रभाव देखा जा सकता है। दिल्ली का AQI केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी सुबह की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार को 360 रहा, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इससे पहले सोमवार को यह 382 दर्ज किया गया था। सीपीसीबी द्वारा विकसित समीर ऐप के अनुसार, रोहिणी निगरानी केन्द्र में वायु गुणवत्ता 416 दर्ज की गई जो 'गंभीर' की श्रेणी में आती है। अगले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता के ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बने रहने का अनुमान है।  

शहर में स्काईवॉक के काम के बीच, रायपुर में 27 नवंबर से वन-वे लागू

रायपुर  राजधानी के स्काई वॉक प्रोजेक्ट में अब काम और तेजी से आगे बढ़ेगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा गर्डर और स्लैब लान्चिंग के अगले चरण की तैयारी पूरी कर ली गई है, जिसके लिए विभाग ने कलेक्टर को ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति हेतु पत्र भेजा था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एकांकी मार्ग के आदेश जारी कर दिए हैं।     सोमवार से आदेश लागू होते ही रात की पाली में गर्डर और स्लैब इंस्टालेशन का काम लगातार जारी रहेगा।     शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक तथा शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक एक माह तक वन-वे होगा।     पहले 15 दिन में शास्त्री चौक से मल्टीलेवल पार्किंग तक जयस्तंभ चौक की ओर मार्ग वन वे होगा     अगले 15 दिन में शास्त्री चौक से मेकाहारा चौक तक वन-वे होगा। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वन-वे किए जाने के लिए बंद मार्ग को एंट्री एवं एग्जिट पर पर्याप्त संख्या में रिफ्लेक्टिव बेरिकेट्स लगाकर बंद करेंगे। वाहनों को परिवर्तित करने एवं यातायात संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में गार्ड्स की व्यवस्था करेंगे एवं बंद मार्ग के प्रारंभ एवं अंत में एकांकी मार्ग का सूचना बोर्ड लगाना होगा। समय सीमा पर काम करने आदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने निर्माण के अगले चरण में गर्डर और स्लैब लान्चिंग की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए विभाग ने ट्रैफिक ब्लॉक की अनुमति के लिए कलेक्टर को पत्र भेजा था। जिस पर कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह चरण तकनीकी रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इसमें 5 से 6 मीटर ऊंचाई पर भारी गर्डरों को क्रेन की मदद से स्थापित किया जाना है। ऐसे में सुरक्षा और यातायात दोनों की विशेष व्यवस्था जरूरी मानी जा रही है। ट्रैफिक ब्लाक की अनुमति मिलते ही गर्डर लान्चिंग और स्लैब इंस्टालेशन का कार्य लगातार रात्रिकालीन पाली में जारी रहेगा, जिससे परियोजना समयसीमा के भीतर पूर्ण की जा सके। 16 गर्डर लगाना बांकी परियोजना से जुड़े इंजीनियरों ने बताया कि स्काईवॉक में कुल 63 स्टील गर्डर और 25 प्रीकास्ट स्लैब लगाए जाने हैं। इनमें से 47 गर्डर का इंस्टालेशन पूरा किया जा चुका है, जबकि 16 गर्डर शेष हैं। इसी प्रकार 25 में से 19 स्लैब लगाए जा चुके हैं, और शेष 6 स्लैब का लान्चिंग कार्य इसी चरण में किया जाएगा। गर्डर का निर्माण हो चुका है पूरा भिलाई स्थित वर्कशाप में गर्डर का निर्माण पहले ही पूरा कर लिया गया है। अब इन्हें हैवी ट्रांसपोर्टर और क्रेन सिस्टम के माध्यम से साइट पर लाकर फिटिंग की जा रही है। पीडब्ल्यूडी द्वारा भेजे गए पत्र में स्काईवॉक क्षेत्र में ट्रैफिक ब्लॉक की अवधि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रस्तावित की गई है। शास्त्री चौक में रोटेटरी और एस्केलेटर की योजना पीडब्ल्यूडी की योजना के अनुसार, स्काईवाक का सेंटर का हिस्सा शास्त्री चौक पर विकसित किया जा रहा है, जहां चारों दिशाओं से आवागमन के लिए 5 मीटर चौड़ी रोटेटरी बनाई जाएगी। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 12 स्थानों पर एस्केलेटर और लिफ्ट लगाने की योजना है। रात्रिकालीन कार्य और सुरक्षा व्यवस्था कार्य की प्रकृति को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय तय किया है, ताकि यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। इस दौरान पुलिस और ट्रैफिक विभाग की संयुक्त टीम स्थल पर मौजूद रहेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य अवधि के दौरान सुरक्षा बैरिकेड, सिग्नलिंग लाइट और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी।  

DGP-IG सम्मेलन में सुरक्षा रणनीति तय, मॉडल-स्टेट के आधार पर गाइडलाइन तैयार, रिहर्सल 27 नवंबर

रायपुर  रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस तीन दिवसीय बैठक में शामिल होंगे। सम्मेलन से पहले 26 और 27 नवंबर को रिहर्सल रखी गई है। आज मंगलवार को SPG की टीम रायपुर पहुंच रही है, जो कार्यक्रम स्थल और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेगी। इसके लिए नया रायपुर पूरी तरह सील रहेगा। उससे पहले सिविल लाइंस स्थित C-4 डायल 112 कंट्रोल रूम में अधिकारियों की बैठक होगी। सम्मेलन में देशभर के डीजीपी और आईजी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मसलों पर चर्चा करेंगे। साइबर सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति, ड्रग्स नियंत्रण और सीमा प्रबंधन प्रमुख एजेंडा होंगे। पहले दिन 2, दूसरे दिन 4 और तीसरे दिन 2 सत्र होंगे। अमित शाह तीनों दिन मौजूद रहेंगे, जबकि प्रधानमंत्री मोदी दो दिन शामिल हो सकते हैं। सभी राज्य अपराध नियंत्रण और सुरक्षा उपायों पर प्रेजेंटेशन देंगे। एक मॉडल स्टेट के आधार पर कॉमन गाइडलाइन तैयार की जाएगी। उद्घाटन सत्र में अमित शाह और समापन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह का बंगला अस्थायी PMO के रूप में उपयोग होगा। VVIP सुरक्षा के लिए शहर में कारकेड व्यवस्था वहीं पीएम मोदी और कई VVIP 28–29 नवंबर को रायपुर पहुंचेंगे. जिसके चलते VVIP सुरक्षा के लिए शहर में कारकेड की व्यवस्था की गई है. अफसरों के लिए विशेष बस सेवा तैयार किया गया है. 27 नवंबर से एयरपोर्ट पर अफसरों और मेहमानों के स्वागत के खास इंतजाम होंगे. सुबह वीवीआईपी आगमन, शाम को वापसी, आम जनता की आवाजाही पर न्यूनतम असर रहेगा. रूट डायवर्जन, होटल व्यवस्था और उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए सभी विभाग अलर्ट पर है. कॉन्फ्रेंस में सभी राज्य प्रेजेंटेशन देंगे कॉन्फ्रेंस में सभी राज्य अपराध नियंत्रण संबंधी प्रयासों पर प्रजेंटेशन देंगे। एक मॉडल स्टेट चुनकर कॉमन गाइडलाइन जारी हो सकेगी। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह का बंगला अस्थाई PMO बनेगा। 2024 में भुवनेश्वर में हुआ था सम्मेलन पिछले साल 2024 में DGP-IG कॉन्फ्रेंस ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। इसमें पीएम मोदी ने हिस्सा लिया था। छत्तीसगढ़ पहली बार इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ऐसे होगी ठहरने की व्यवस्था प्रधानमंत्री एम-1 केंद्रीय गृहमंत्री एम-11 में ठहरेंगे। नए सर्किट हाउस में एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनों केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के ठहरने की व्यवस्था की गई है। सर्किट हाउस में 6 सूइट और 22 कमरे बुक किए गए हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे बुक हैं। यहां 33 राज्यों से आने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी समेत 75 पुलिस अधिकारी ठहरेंगे। एक महीने में पीएम मोदी का दूसरा दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक महीने में यह दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा होगा। इससे पहले, 1 नवंबर को वे राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में बच्चों से मुलाकात की। आदिवासी संग्रहालय का उद्घाटन किया और राज्योत्सव में हिस्सा लिया था। आज से SPG संभालेगी मोर्चा DGP-IG कॉन्फ्रेंस में SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कार्यक्रम स्थलों में तैनात होगी. SPG की टीम मंगलवार को रायपुर पहुंचेगी. कार्यक्रम से एसपीजी के अधिकारी कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण करेंगे. कार्यक्रम के मद्देनजर नया रायपुर सील रहेगा.  कॉन्फ्रेंस में जुटेंगे साढ़े पांच सौ अफसर साथ ही रुकने वाले स्थानों की सुरक्षा के लिए जवानों की तैनाती की जाएगी. राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल की 5 कंपनी को ड्यूटी में उपलब्ध कराया जाएगा. 28 से 30 नवंबर तक होने वाले सम्मेलन स्थल पर सीआरपीएफ के जवानों के साथ ही आईबी की टीम तैनात रहेगी. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी के जिम्मे रहेगी. केंद्रीय फोर्स के जवान सहयोगी की भूमिका में रहेंगे. पिछले वर्ष 2024 में यह सम्मेलन ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था। छत्तीसगढ़ पहली बार इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जो राज्य के लिए एक उपलब्धि मानी जा रही है। अतिथियों के ठहरने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री एम-1 और गृह मंत्री एम-11 में रुकेंगे। नए सर्किट हाउस में NSA अजीत डोभाल, डिप्टी NSA अनीश दयाल सिंह, IB चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के लिए 6 सूइट और 22 कमरे बुक किए गए हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे आरक्षित हैं, जहां 33 राज्यों से आने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी सहित 75 वरिष्ठ अधिकारी ठहरेंगे। प्रधानमंत्री मोदी एक महीने में दूसरी बार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। इससे पहले वे 1 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सम्मेलन की सुरक्षा एडीजी दीपांशु काबरा और आईजी अमरेश मिश्रा की कमान में रहेगी। केंद्रीय फोर्स, इंटेलिजेंस एजेंसियों और राज्य पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी इनके पास होगी। सम्मेलन में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी और आईजी प्रतिनिधि शामिल होंगे।  

धर्मध्वजा की स्थापना से गदगद CM योगी, अयोध्या में बोले नए युग की शुरुआत का संदेश

अयोध्या  राम नगरी अयोध्या में धर्म ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हो गया. इस मौके पर मुख्य रूप से पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शामिल रहीं. ध्वजारोहण के बाद सीएम योगी बेहद खुश नजर आए. उन्होंने कार्यक्रम में आए हजारों लोगों को मंच से संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण एक नए युग का प्रारंभ है. सीएम योगी ने कहा कि यह मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और आत्मसम्मान का प्रतीक है. ध्वजारोहण यज्ञ की पूर्णाहूति नहीं, 'नए युग का शुभारंभ' है अयोध्या धाम में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज के आरोहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति में इस क्षण को 'नए युग का शुभारंभ' बताया. उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान व आत्मगौरव का प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने इस संघर्ष में योगदान देने वाले सभी संतों, योद्धाओं और श्रीरामभक्तों को नमन किया. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राम मंदिर पर फहराता केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य-न्याय व राष्ट्रधर्म का प्रतीक है. यह उस सत्य का उद्घोष है कि धर्म का प्रकाश अमर है और रामराज्य के मूल्य कालजयी हैं. संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता उन्होंने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता. आज भारत विकास और विरासत का बेहतरीन समन्वय देख रहा है, जहां बिना भेदभाव के 80 करोड़ लोगों को राशन और 50 करोड़ को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है, जो रामराज्य की उद्घोषणा है. मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 500 वर्षों में साम्राज्य बदले, लेकिन आस्था अडिग रही. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या अब संघर्ष से निकलकर 'उत्सवों की वैश्विक राजधानी' बन रही है.  बकौल मुख्यमंत्री योगी- रामलला की नगरी अब आस्था, आधुनिकता व अर्थव्यवस्था के नए युग में प्रवेश कर चुकी है. महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ यह देश की पहली सोलर सिटी के रूप में भी विकसित हो रही है. धर्म की ज्योति कभी बुझती नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि ये ध्वज इस बात का प्रमाण है कि धर्म की ज्योति कभी बुझती नहीं और रामराज्य के सिद्धांत अमर हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब करोड़ों भारतीयों के मन में जो विश्वास जागा था, आज उसी विश्वास का प्रतीक ये भव्य राम मंदिर बनकर खड़ा है.  

वन्य जीव संरक्षण को बढ़ावा, छत्तीसगढ़ में नई गोद लेने की पहल शुरू

 रायपुर  प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण और प्राणी उद्यानों के बेहतर रखरखाव को लेकर वन विभाग ने एक नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। कर्नाटक और उत्तरप्रदेश की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी नागरिकों के साथ विभिन्न संस्थाएं और सामाजिक संगठन वन्य प्राणियों को गोद ले सकेंगे। इस योजना के माध्यम से वन्य प्राणियों की देखभाल, पोषण के साथ-साथ उनके आवास व स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही सरकार के स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। अनुमति मिलते ही योजना को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा। पहले चरण में राजधानी रायपुर स्थित जंगल सफारी और बिलासपुर के कानन पेंडारी चिड़ियाघर से कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद जरूरत और परिस्थितियों के अनुरूप राज्य के अन्य चिड़ियाघरों तथा संरक्षित क्षेत्रों में भी इसे विस्तारित किया जाएगा। वार्षिक दान दे सकेंगे योजना के तहत नागरिक या संस्थाएं किसी भी वन्य प्राणी के संरक्षण के लिए वार्षिक दान दे सकेंगे। इस दान की न्यूनतम राशि और गोद लेने की शर्तें योजना के औपचारिक लॉन्च के बाद सार्वजनिक की जाएगी। अनुमान है कि राशि प्राणी के आहार और सेवा-सुविधाओं की लागत के आधार पर तय होगी, जिसमें शेर, बाघ जैसे बड़े प्राणियों के लिए अधिक और हिरण, पक्षी आदि श्रेणियों के लिए अपेक्षाकृत कम दान निर्धारित किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसी भी प्राणी को गोद लेने का अर्थ केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना होगा, इसमें प्राणी के स्वामित्व या उसके अधिकारों का हस्तांतरण शामिल नहीं होगा। गोद लेने वालों को विशेष अवसर पर प्राणी दर्शन की अनुमति, देखभाल संबंधी गतिविधियों की जानकारी और विभाग के कार्यक्रमों में आमंत्रण जैसे प्रोत्साहन भी प्रदान किए जाएंगे। संबंधित बाड़े में होंगे नाम विशेष बात यह है कि दान देने वाले नागरिकों और संस्थाओं के नाम संबंधित प्राणी के बाड़े के बाहर और चिड़ियाघर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर पट्टिका के रूप में अंकित किए जाएंगे। इससे सामाजिक सहभागिता बढ़ेगी और वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी मजबूत होगी। वन विभाग का मानना है कि इस योजना के लागू होने से जहां संरक्षण कार्यों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। वहीं आम नागरिकों में वन्य जीवों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ेगा। विभाग को उम्मीद है कि राज्य के उद्योग, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और संवेदनशील नागरिक इस अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी करेंगे।

कलेक्टर की पहल और किसान की दानशीलता, दतिया में जल्द शुरू होगा बड़ा अस्पताल

दतिया    दतिया जिले में एक किसान ने उदारता दिखाई है। गांव में 30 साल पहले बना अस्पताल में अब लोगों के लिए छोटा पड़ रहा था। मरीजों की संख्या के हिसाब से अब अस्पताल में जगह नहीं थी। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े वहां पहुंचे और अस्पताल का निरीक्षण किया। गांव के लोगों ने विस्तार की बात कही तो कलेक्टर ने कहा कि यहां जमीन ही नहीं है। कलेक्टर ने जमीन देने की अपील की अस्पताल के पास ही खड़े होकर कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े वहां लोगों से बात करने लगे। बातचीत के दौरान उन्होंने किसानों से कहा कि यहां निर्माण के लिए जमीन ही नहीं है। अगर जमीन नहीं है तो विस्तार कैसे होगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर की अपील को सुना। इस बीच उन्हीं में से एक किसान ने उदारता दिखाई। किसान ने जमीन दान कर दी कलेक्टर स्वपनिल वानखेड़े की बातों को सुनकर मौके पर मौजूद एक किसान ने उदारता दिखाई। किसान ने तुरंत कलेक्टर से कहा कि अस्पताल निर्माण के लिए मैं दो-तीन बीघा जमीन दान दूंगा। इससे ज्यादा भी जरूरत पड़ी तो मैं देने के लिए तैयार हैं। किसान ने कहा कि सड़क किनारे भी हमारी जमीन है, वहां भी दे दूंगा। इसके साथ किसान ने कलेक्टर से कहा कि हमारे परिवार ने पहले भी जमीन दान में दी है। अस्पताल और स्कूल गांव में उसी जमीन पर बने हुए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सम्मानित करूंगा वहीं, मौके पर मौजूद दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने अधिकारी से कहा कि दान पत्र बन जाए तो स्थानीय स्तर पर एक कार्यक्रम आयोजित कर इन्हें सम्मानित करें। कलेक्टर ने यह भी कहा कि मैं भी इस कार्यक्रम में आऊंगा। गौरतलब है कि जमीन दान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांव में अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया शुरु होगी। इससे गांव और आसपास की महिलाओं को डिलीवरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कलेक्टर ने किसान से बात करते हुए वीडियो शेयर किया है।