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भगवंत सिंह मान का बड़ा ऐलान, सराभा गांव के विकास के लिए मिले 45 करोड़ रुपये

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर शहीदों के प्रति दिखाया सम्मान जो कि सिर्फ दिल में ही नहीं काम में भी होना चाहिए. आजादी के महावीर शहीद करतार सिंह सराभा के पैतृक गांव सराभा (लुधियाना )को पूरी तरह विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ने 45 करोड़ रूपये का बड़ा पैकेज घोषित किया है. यह एक सिर्फ सरकारी ऐलान ही नहीं, बल्कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि और उनके सपनों की आगे बढ़ा ने की कोशिश है. यह पैकेज गांव को ‘मॉडल विलेज’ बनाने और यहां आधुनिक सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए दिया जा रहा है. सरकार गांव में में चौड़ी सड़क बनाएगी ताकि हवाई अड्डे (हलवाड़ा एयरपोर्ट) तक पहुंचना आसान हों जाए. गांव में पीने का साफ पीना हो इसके लिए 3 करोड़ रूपये रखे गए है. खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव में इंडोर शूटिंग रेंज, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल ग्राउंड का निर्माण और सुधार भी कराया जायेगा. CM भगवंत सिंह मान ने बताया कि गांव की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षण अकादमी बनाई जाएगी, जिससे युवा आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन, पायलेट ट्रेनिंग आदि सीख सकेंगे. इसके लिए एक पुराना MiG-21 लड़ाकू विमान भी प्रदर्शनी और प्रशिक्षण के लिए रखा जायेगा.   पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सराभा सिर्फ पंजाब के नहीं, पूरे देश के लिए गर्व का विषय है. 19 साल की उम्र में उन्होंने जो बलिदान दिया, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है. इसलिए सराभा गांव को ऐसा विकसित किया जायेगा कि हर बच्चा यहां आकर शहीदों के इतिहास के सीख सके. मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इस विकास कार्य में सरकार का साथ दें और शहीदों की विरासत को आगे बढ़ाए.  

AI के जरिए कीर्ति सुरेश की छवि में छेड़छाड़, पोज़ बदलकर किया गलत प्रदर्शन

मुंबई  साउथ की फेमस एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'रिवॉल्वर रीटा' को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं. इस समय वो इसके प्रमोशन में जुटी हुई हैं. उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बारे में बात की है. उनके मुताबिक, उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल करके डीपफेक बनाए जा रहे हैं. यह बहुत खतरनाक है. उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षा की जरूरत पर बात की है. दरअसल एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश ने अपनी फिल्म 'रिवॉल्वर रीटा' के प्रमोशन के दौरान पत्रकारों से बात की. इस दौरान उन्होंने कहा, 'मैं अपनी फोटो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल करके किसी और कपड़े में बनाकर उसके वायरल होने से काफी हैरान थी. AI की तकनीक काफी खतरनाक है. क्या कहा कीर्ति सुरेश ने? फिल्मों के बारे में बात करते हुए एक्ट्रेस ने कीर्ति सुरेश ने कहा, 'पिछले समय की तुलना में सिनेमा में महिलाओं को अधिक महत्व मिल रहा है. कोरोना के बाद तमिल सिनेमा में कॉमेडी फिल्में कम हो गई हैं. AI के माध्यम से अच्छा भी है और बुरा भी. तकनीकी विकास ठीक है लेकिन इसमें सुधार की आवश्यकता है. एआई तकनीक ने अत्यधिक विकास किया है. मुझे मेरी एक फोटो देखकर सदमा लगा. मेरे मन में यह सवाल आया कि क्या वह सच में मैं ही हूं? वह इतनी वास्तविक लग रही थी. एआई एक खतरा है.'   एक्ट्रेस ने आगे कहा, 'जैसे-जैसे तकनीक बढ़ती है, कुछ चीजें नहीं बदलती हैं. ऐसी चीजें चोट पहुंचाती हैं. मैंने एक तस्वीर देखी जिसमें मैं और मेरे पति थे. वह बिल्कुल रियल लग रही थी. मुझे समझ नहीं आ रहा कि किस पर विश्वास करूं और किस पर नहीं.  इंसानों ने टेक्नोलॉजी बनाई लेकिन हम कंट्रोल खो रहे हैं. सोशल मीडिया पर मैं ड्रेस में अपनी फोटो देखकर हैरान रह जाती हूं और सोचती हूं कि क्या मैंने इसे कभी पहना भी था क्योंकि यह इतनी रियल लगी. 'हाल ही में मैंने एक मूवी पूजा के लिए जो ड्रेस पहनी थी, उसे गलत तरीके से, एक अलग एंगल से बदला गया था. एक सेकंड के लिए मैं हैरान थी और फिर मुझे एहसास हुआ कि मैंने इस तरह से पोज नहीं दिया था. यह निश्चित रूप से परेशान करने वाला है.' एंड्रिया जेरेमिया का भी आया रिएक्शन कीर्ति सुरेश के अलावा  साउथ सिनेमा की खूबसूरत एक्ट्रसेस में से एक एंड्रिया जेरेमिया, जो अपनी बोल्ड अदाओं के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने भी AI के खतरों पर बात की है. एक्ट्रेस ने कहा, 'यह टेक्नोलॉजी एंटरटेनमेंट सेक्टर से परे भी चुनौतियां पेश करती है. सिर्फ एक्टर्स ही नहीं, आम लोगों के लिए भी AI एक प्रॉब्लम बनता जा रहा है. AI को हमारे लिए काम करना चाहिए, न कि इसका उल्टा.'

कुराकाओ का FIFA में कमाल, छोटे देश ने बड़े मुकाबले में मारी बाजी

नई दिल्ली  कुराकाओ दक्षिणी कैरिबियन सागर में स्थित छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत द्वीप देश है. यह नीदरलैंड साम्राज्य का स्वायत्त देश है. रंगीन इमारतों और शानदार समुद्री तटों के लिए जाना जाने वाला यह द्वीप हाल ही में अपनी ऐतिहासिक खेल उपलब्धि के कारण अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में आया है. कुराकाओ पहले डच उपनिवेश था. अब यह संपन्न पर्यटन स्थल और ऑयल रिफाइनिंग सेंटर बन चुका है. यहां की फुटबॉल टीम ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वॉलिफाई किया है. कुराकाओ की आबादी महज 1,56,000 है. यह दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक है. इसकी आबादी दिल्ली के लाजपत नगर और नोएडा से भी कम है. इस छोटे से देश ने खेल के सबसे बड़े मंच पर अपनी जगह बनाकर सबको चौंका दिया है. यह कहानी सिर्फ एक खेल की जीत नहीं, बल्कि छोटे समुदायों के बड़े सपने और अटूट लगन की भी कहानी है. यह द्वीप वेनेजुएला के तट से केवल 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और भौगोलिक रूप से ‘एबीसी द्वीप समूह’ (रूबा, बोनेयर, कुराकाओ) का हिस्सा है. कुराकाओ चर्चा में क्यों है? कुराकाओ के चर्चा में आने का सबसे बड़ा कारण उनकी फुटबॉल टीम का फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के लिए क्वॉलिफाई करना है.     सबसे छोटा देश: अपनी 1.56 लाख की आबादी के साथ कुराकाओ फीफा विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई करने वाला इतिहास का सबसे छोटा देश बन गया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड आइसलैंड के नाम था, जिसकी आबादी 2018 में लगभग 3.5 लाख थी.     अभूतपूर्व उपलब्धि: यह उपलब्धि तब मिली, जब कॉनकाकाफ (CONCACAF) क्वॉलिफायर में कुराकाओ ने जमैका के खिलाफ 0-0 का स्ट्रेसफुल ड्रॉ खेला, जिससे वे ग्रुप बी में टॉप पर रहे और विश्व कप में अपनी जगह पक्की कर ली.     डच कनेक्शन: कुराकाओ की सफलता का बड़ा हिस्सा इसके डच प्रवासी खिलाड़ियों (Diaspora Players) को जाता है, जिनमें से ज्यादातर नीदरलैंड में जन्मे और पले-बढ़े हैं लेकिन कुराकाओई विरासत रखते हैं. इस स्ट्रैटेजी ने टीम को शानदार मजबूती दी है.     ट्रेनर की भूमिका: दिग्गज डच कोच डिक एडवोकाट (Dick Advocaat) ने टीम के बदलाव में बड़ी भूमिका निभाई. इससे ‘द ब्लू वेव’ (टीम का निकनेम) ने एक दशक में दुनिया की टॉप फुटबॉल टीम्स में जगह बना ली. कुराकाओ से जुड़े रोचक तथ्य कुराकाओ सिर्फ फुटबॉल ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति और अनूठी खासियत के लिए भी जाना जाता है:     राजधानी और वास्तुकला: इसकी राजधानी विलेमस्टैड (Willemstad) यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) है. यह अपने रंग-बिरंगे डच औपनिवेशिक वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें इमारतों को पेस्टल रंगों में रंगा गया है.     भाषा का मिश्रण: कुराकाओ में लोग औसतन 4 भाषाएं बोलते हैं! यहां की आधिकारिक भाषाएं- पापियामेंटू (Papiamentu), डच और अंग्रेजी हैं. पापियामेंटू एक अनूठी क्रियोल भाषा है, जो स्पैनिश, पुर्तगाली और डच भाषाओं का मिश्रण है.     झूले वाला पुल: यहां क्वीन एम्मा ब्रिज (Queen Emma Bridge) है, जिसे ‘झूलती बूढ़ी महिला’ (Swinging Old Lady) भी कहा जाता है. यह फ्लोटिंग पोंटून पुल है, जो जहाजों के गुजरने के लिए खुलता और बंद होता है.     हरिकेन से बचाव: यह द्वीप कैरिबियन के तूफान वाले बेल्ट के दक्षिण में स्थित है, जिसके कारण यह आमतौर पर बड़े तूफानों से बचा रहता है.  

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों को पारिवारिक वातावरण देने समाज से किया आह्वान

रायपुर : 'उमंग' पोषण देखरेख कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन एवं कार्यशाला संपन्न मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों को पारिवारिक वातावरण देने समाज से किया आह्वान उमंग' पोषण देखरेख कार्यक्रम को मजबूत बनाने हेतु राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन और कार्यशाला सम्पन्न रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी रायपुर स्थित होटल मेरियट कोटयार्ड में “उमंग—पोषण देखरेख (Foster Care)” कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने हेतु राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन एवं कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पोषण देखरेख व्यवस्था को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और व्यापक बनाना था, ताकि संस्थागत देखरेख में रह रहे बच्चों को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। कार्यक्रम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि गरीबी, बीमारी, पारिवारिक संकट अथवा सामाजिक चुनौतियों के कारण कई बच्चे संस्थागत देखरेख में रह रहे हैं, जबकि किसी भी बालक का संपूर्ण विकास परिवार और समाज के बीच ही संभव है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विभाग ने महिलाओं एवं बच्चों के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए हैं। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 तथा यथा संशोधित नियम 2021 के अनुरूप राज्य में गैर संस्थागत देखरेख को बढ़ावा देने हेतु “उमंग” कार्यक्रम प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संदेश में कहा कि फॉस्टर केयर ऐसा मॉडल है जो संस्था के बाहर बच्चों को पारिवारिक वातावरण प्रदान करता है। इससे बच्चे भावनात्मक, सामाजिक और मानसिक रूप से विकसित होते हैं तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़ पाते हैं। उन्होंने समाज के सभी वर्गों, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों से मिशन वात्सल्य के तहत अधिक से अधिक बच्चों को पारिवारिक माहौल देने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य में वर्तमान में 11 जिलों के 51 बच्चे पोषण देखरेख योजना के अंतर्गत स्वीकृत हैं, जिनमें 30 बालक और 21 बालिकाएँ शामिल हैं। इन बच्चों को प्रतिमाह 4000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके लिए 90 से अधिक पोषक परिवार राज्य में पंजीकृत हैं। वर्ष 2024–25 में यूनिसेफ, CEAC और विभागीय सहयोग से रायपुर, धमतरी, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा, सरगुजा, रायगढ़, बस्तर और कोंडागांव जिलों में कार्यक्रम को और सुदृढ़ किया गया है, तथा आगामी वर्ष 2025–26 में इसे अन्य जिलों में विस्तार देने की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि दो वर्ष तक संस्थागत देखरेख में रह चुके बच्चों को पोषक परिवार में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। “उमंग” कार्यक्रम पर आधारित शिक्षात्मक फिल्म “I Am Home” का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसे Curley Street Media Private Limited द्वारा निर्मित किया जा रहा है। इस फिल्म का उद्देश्य समाज में फोस्टर केयर के प्रति जागरूकता को बढ़ाना है। कार्यशाला में यूनिसेफ, CEAC, राज्य परियोजना प्रबंधक (SPM), जिला अधिकारी, स्वयंसेवी संगठनों, बाल संरक्षण विशेषज्ञों और पोषक परिवारों ने भाग लिया। इस अवसर पर बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी,संचालक श्री पदुम सिंह एल्मा, यूनिसेफ की बाल संरक्षण विशेषज्ञ सुश्री चेतना देसाई, CEAC की निदेशक डॉ. वसुंधरा ,Curley Street Media Private Limited की प्रमुख सुश्री पवित्रा चलम, संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी, उप संचालक श्रीमती नीलम देवांगन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। विशेषज्ञों ने पोषण देखरेख कार्यक्रम की चुनौतियों, बेहतर क्रियान्वयन तथा भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में पोषक परिवारों, स्वयंसेवी संगठनों, जिला अधिकारियों एवं बाल संरक्षण विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। यह राज्य स्तरीय सम्मेलन गैर संस्थागत देखरेख प्रणाली को मजबूत करने और जरूरतमंद बच्चों के जीवन में नई आशा, सुरक्षा और अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट के विजेताओं से मिलकर दी शुभकामनाएँ

रायपुर : मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात कर दी बधाई ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बना छत्तीसगढ़ रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बनने वाले छत्तीसगढ़ के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री  साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में ऊँचा किया है और उनकी यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।  उल्लेखनीय है कि देहरादून में 12 से 16 नवंबर तक आयोजित 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ ने अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। यह विजय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और टीम की अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भव्य समापन समारोह में उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और वन मंत्री  सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की, जिसे छत्तीसगढ़ की ओर से आईएफएस मती शालिनी रैना एवं दल की नोडल अधिकारी ने ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में टीम की एकजुटता और उत्कृष्ट प्रदर्शन इस उपलब्धि की प्रमुख वजह रहा। इस वर्ष 253 सदस्यों की मजबूत टीम के साथ छत्तीसगढ़ ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 150 पदक और 578 अंक हासिल किए, जो पहले रनर-अप से 221 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त है। टीम ने 74 स्वर्ण, 34 रजत और 42 कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना सर्वांगीण प्रभुत्व स्थापित किया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया—जिनमें निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में पाँच स्वर्ण जीतकर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का खिताब प्राप्त किया। वहीं संगीता राजगोपालन ने बैडमिंटन और टेनिस में चार स्वर्ण एवं एक रजत जीतकर सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया। इसी प्रकार थोटा संकीर्तन ने पाँच स्वर्ण जीतकर महिला ओपन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनीं। सुखनंदन लाल ध्रुव और चारुलता गजपाल ने वेटरन श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। यह ऐतिहासिक सफलता वन मंत्री  केदार कश्यप के दूरदर्शी मार्गदर्शन और वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव के प्रेरक नेतृत्व का परिणाम है। उनके निरंतर सहयोग, दिशा और प्रोत्साहन ने टीम को हर बार नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ वन विभाग की यह विजय केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है। राज्य ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि उसकी खेल परंपरा, मेहनत और जज़्बा उसे लगातार चैंपियन बनाए रखते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन  संजय वास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष  रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वन बल प्रमुख  व्ही. निवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे। 5954

केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गा दास उइके ने जनजातीय गौरव दिवस की तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जनजातीय गौरव दिवस 2025 के उपलक्ष्य में सरगुजा जिले के अंबिकापुर में 20 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम की अंतिम तैयारियों का जायजा लेने बुधवार को केन्द्रीय राज्यमंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार श्री दुर्गा दास उइके, राज्य सरकार के आदिमजाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप के साथ कार्यक्रम स्थल पी जी कॉलेज ग्राउण्ड पहुंचे। इस दौरान मंच व्यवस्था, अतिथियों एवं आमजनों हेतु बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, स्टॉल, शिल्पग्राम सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। उन्होंने यातायात नियंत्रण, पार्किंग, वीआईपी मूवमेंट, मीडिया प्रबंधन, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा एवं आपात सेवाओं से संबंधित व्यवस्थाओं के सम्बंध में भी जानकारी ली।  सभी मंत्रियों ने कार्यक्रम स्थल का मुआयना किया और शिल्पग्राम का भी अवलोकन किया । सभी ने शिल्प ग्राम में जनजातीय शिल्प कला, परम्परागत जड़ी-बूटियों से इलाज, हथकरघा से बनी साड़ी और कपड़े सहित बांसकला से बनी कलात्मक वस्तुओं का अवलोकन कर तारीफ़ की। इस दौरान सभी मंत्रियों ने आस पास से आए जनजातीय शिल्पकारों एवं कलाकारों से भी मुलाकात की।

राम लला दर्शन योजना के तहत कोंडागांव से अयोध्या धाम के लिए तीर्थयात्रियों का जत्था रवाना

रायपुर राम लला दर्शन योजना के अंतर्गत कोंडागांव जिले से 51 श्रद्धालुओं का एक दल अयोध्या धाम के लिए मंगलवार की रात रवाना हुआ। श्रद्धालुओं के इस दल को कोंडागांव नगर के अंबेडकर चौक से रात्रि 9 बजे नगरपालिका अध्यक्ष  नरपति पटेल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर  पटेल ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह योजना प्रदेशवासियों को अध्यात्मिक सशक्तिकरण और रामभक्ति से जोड़ने का एक ऐतिहासिक प्रयास है, जो मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की दूरदृष्टि और जनकल्याणकारी सोच का परिणाम है। श्रद्धालुओं का यह जत्था बस द्वारा राजनांदगांव तक की यात्रा करेगा, इसके पश्चात ट्रेन से अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान करेगा। जत्थे में शामिल श्रद्धालु प्रभु राम के दर्शन को लेकर अत्यंत उत्साहित और भावविभोर नजर आए। इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष  जसकेतू उसेण्डी, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष  टोमेन्द्र ठाकुर,  मनोज जैन,  दीपेश अरोरा,  कुलवंत चहल, पार्षद  हर्ष ढिल्लन सहित उप संचालक पंचायत  बलराम मोरे, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा राम लला दर्शन योजना के माध्यम से राज्य के हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा कराने की पहल की गई है। योजना का उद्देश्य नागरिकों को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है।

हरियाणा में अजब कारनामा: मंत्री ने खोली सड़क, लेकिन निर्माण करना ही भूल गए अधिकारी

फरीदाबाद  हरियाणा के फरीदाबाद में प्रशासन की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है, जहां मंत्री से सड़क का उद्घाटन तक करा लिया गया, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। दरअसल बल्लभगढ़–तिगांव–मंझावली मार्ग की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए तिगांव में करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी रोड बननी थी। तीन अक्टूबर को इस रास्ते के निर्माण कार्य का शुभारंभ प्रदेश के राज्य मंत्री राजेश नागर द्वारा नारियल फोड़कर किया गया था। निर्माण कार्य के शुभारंभ के बाद के बाद से अधिकारियों ने यह भी दावा कर दिया था कि कुछ दिनों में काम शुरू हो जाएगा। हालांकि डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस देरी की वजह से रोजाना 30 हजार से अधिक वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि यह मार्ग दर्जनभर से अधिक गांवों को सीधे जोड़ता है। प्रस्तावित फिरनी को सीमेंटेड बनाया जाना है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग पांच करोड़ रुपये है।   सात मीटर सड़क चौड़ी की जा चुकी है इसके साथ ही, विभाग की ओर से पानी निकासी के लिए नाली बनाने की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि बल्लभगढ़ से तिगांव के सरकारी स्कूल तक सात मीटर सड़क को 16 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ा किया जा चुका है। मंत्री राजेश नागर की सिफारिश पर इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी थी, जबकि परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने अपने कोटे से इसके लिए बजट उपलब्ध कराया था। मंझावली पुल शुरू होते ही बढ़ेगा यातायात दबाव यमुना नदी पर मंझावली पुल का निर्माण पूरा हो चुका है। हरियाणा की ओर से सड़क भी बन गई है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सड़क बनना बाकी है। इसके पूरा होते ही ग्रेटर नोएडा तक आवागमन शुरू हो जाएगा। इससे तिगांव की मुख्य सड़क पर वाहनों का भार कई गुना बढ़ जाएगा। यदि फिरनी का चौड़ीकरण समय पर नहीं हुआ, तो यहां लगातार जाम की स्थिति बनी रह सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल भी किसी आयोजन जैसे शादी-ब्याह के समय सड़क पर लंबा जाम लग जाता है, और पुल चालू होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से समस्या और गंभीर हो जाएगी।

कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन आज दिल्ली में, मेजबानी करेंगे NSA अजीत डोभाल

नई दिल्ली  नई दिल्ली में हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने वाले कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की सातवीं बैठक आज होगी। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करेंगे। इस बैठक में मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शामिल होंगे।  सेशेल्स इस बार पर्यवेक्षक देश के तौर पर हिस्सा लेगा, जबकि मलेशिया को विशेष अतिथि के रूप में न्योता दिया गया है। इससे पहले छठी बैठक दिसंबर 2023 में मॉरीशस में हुई थी। इसके बाद अगस्त 2024 में श्रीलंका में सभी सदस्य देशों ने कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के औपचारिक संस्थापक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। इन देशों के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी लगातार संपर्क में रहते हैं और उनकी आखिरी बैठक जुलाई 2024 में ऑनलाइन हुई थी। कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन की शुरुआत इस मकसद से हुई थी कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा के मुद्दे पर सभी देश मिलकर काम करें। इस बार की बैठक में सदस्य देश पिछले ढाई साल में किए गए कामों की समीक्षा करेंगे और आगे की दिशा तय करेंगे। चर्चा के मुख्य विषय समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और उग्रवाद से मुकाबला, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर रोक, साइबर सुरक्षा, बिजली-पानी-पोर्ट जैसे अहम ढांचे की सुरक्षा, और प्राकृतिक आपदाओं में एक-दूसरे की तुरंत मदद करना रहेंगे। साथ ही 2026 के लिए नई कार्ययोजना और रोडमैप को मंजूरी दी जाएगी। भारत इस समूह में सबसे बड़ा और सक्रिय सदस्य है और लगातार कोशिश कर रहा है कि हिंद महासागर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पड़ोसी और द्वीपीय देश एक मजबूत मंच पर साथ आएं। गुरुवार की बैठक से इस दिशा में एक और ठोस कदम बढ़ने की उम्मीद है।

72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का समापन करेंगे सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

भोपाल  २० नवंबर २०२५ को भोपाल में अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में प्रातः १०.०० बजे सहकारिता सप्ताह के समापन के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में परिचालन दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने बाबत विषय पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के सहकारिता तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग संबोधित करेंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख सचिव सहकारिता  डी. पी.  आहूजा करेंगे । उक्त राज्य स्तरीय आयोजन में मध्यप्रदेश की सभी प्रादेशिक सहकारी संस्थाओं एवं सहकारी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे । उक्त जानकारी अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  मनोज गुप्ता ने दी ।